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- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात विनिर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) अपने संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए चालू वित्त वर्ष में 7,500 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करने की योजना बना रही है। यह पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी सेल विस्तार के दौर से गुजर रही है और लगभग एक लाख करोड़ रुपये के परिव्यय से ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में फैले अपने पांच एकीकृत संयंत्रों (आईएसपी) की संयुक्त दो करोड़ टन क्षमता को बढ़ाकर 2030 तक 3.5 करोड़ टन करने के लिए काम कर रही है।सेल के निदेशक (वित्त) अशोक कुमार पांडा ने कंपनी की निवेश योजनाओं पर कहा, “...पिछले साल पूंजीगत व्यय लगभग 6,000 करोड़ रुपये था। इस साल, हमने पूरे साल के लिए 7,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है, जो कि एक बड़ा लक्ष्य है।” कंपनी के निदेशक मंडल ने पूंजीगत व्यय को पहले ही मंजूरी दे दी है और सेल को भरोसा है कि वह इसे चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा कर लेगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में सेल पहले ही 1,642 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जो पहली तिमाही के लिए निर्धारित लक्ष्य से कहीं ज़्यादा है। विस्तार योजना का विवरण साझा करते हुए, पांडा ने बताया कि इस्को इस्पात संयंत्र (पश्चिम बंगाल) में निविदा प्रक्रिया चल रही है, जहां 45 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता का विस्तार करने की योजना है। इस संयंत्र की वर्तमान क्षमता 25 लाख टन है। दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (डीएसपी) में, उत्पादन को वर्तमान के 22 लाख टन सालाना से बढ़ाकर 30.9 लाख टन करने के लिए एक पुरानी विस्तार योजना पर काम चल रहा है, साथ ही एक नई योजना का विस्तार भी चल रहा है। अन्य संयंत्रों के लिए, विस्तार योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी), झारखंड में बोकारो इस्पात संयंत्र और ओडिशा में राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के विस्तार की योजनाओं पर इसके अनुसार काम किया जा रहा है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सुधार एक सतत और विकासमूलक प्रक्रिया है तथा सरकार समय-समय पर शासन की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक गतिशीलता पर गौर करने के लिए यह कवायद करती है ताकि इसे अधिक समावेशी बनाया जा सके। सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा अधिसूचित सिविल सेवा परीक्षा नियमों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि यूपीएससी, संबंधित सेवाओं के कैडर नियंत्रण प्राधिकरणों (सीसीए) और अन्य मंत्रालयों/विभागों सहित विभिन्न हितधारकों के परामर्श से डीओपीटी संबंधित नियमों को अंतिम रूप देता है। उन्होंने कहा, ‘‘सीएसई में सुधार एक सतत और विकासमूलक प्रक्रिया है। शासन की आवश्यकताओं की पूर्ति करने तथा सामाजिक गतिशीलता पर ध्यान देने के लिए सरकार, परीक्षा प्रक्रिया की प्रभावोत्पादकता बढ़ाने हेतु समय-समय पर ऐसी कवायद करती है ताकि इसे अधिकाधिक समावेशी बनाया जा सके।'' मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या सरकार को सिविल सेवा परीक्षाओं में सुधारों की आवश्यकता के बारे में सुझाव या अभ्यावेदन मिले हैं।
- नयी दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और मंडी के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके अजीत कुमार चतुर्वेदी को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। चतुर्वेदी वर्तमान में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें तीन वर्ष की अवधि के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "भारत की राष्ट्रपति ने बीएचयू के विजिटर की अपनी हैसियत से अजीत कुमार चतुर्वेदी को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए अथवा 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) के लिए होगी।" वायरलेस संचार प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ चतुर्वेदी ने क्रमशः 1986, 1988 और 1995 में आईआईटी कानपुर से बी.टेक., एम.टेक. और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनके शोध में संचार सिद्धांत और वायरलेस संचार शामिल हैं। वे 'वेवफॉर्म शेपिंग' और 'सिक्वेंस डिजाइन' में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं।
- नयी दिल्ली। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी बार्कलेज ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका की तरफ से भारत पर 25 प्रतिशत सीमा शुल्क और जुर्माना लगाए जाने से चालू वित्त वर्ष में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में 0.30 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। हालांकि, बार्कलेज ने कहा है कि घरेलू मांग पर आधारित भारतीय अर्थव्यवस्था पर इस शुल्क वृद्धि का व्यापक असर पड़ने की आशंका नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की थी कि एक अगस्त से भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 25 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया जाएगा।इसके साथ ही उन्होंने रूस से तेल एवं गैस खरीदने के दंडस्वरूप भारत पर जुर्माना लगाने की भी घोषणा की। बार्कलेज के मुताबिक, यह शुल्क वृद्धि एक अगस्त से लागू होती है तो भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर औसतन प्रभावी शुल्क दर व्यापार-भारित संदर्भ में बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो जाएगी। यह दर दो अप्रैल, 2025 से पहले की 2.7 प्रतिशत और उच्च शुल्क को 90 दिनों तक स्थगित रखे जाने की अवधि में लागू 11.6 प्रतिशत दर से कहीं अधिक है। इसके विपरीत भारत में अमेरिका से आयात होने वाले उत्पादों पर औसत शुल्क दर 11.6 प्रतिशत है।बार्कलेज ने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की अपेक्षाकृत बंद प्रकृति और घरेलू मांग पर निर्भरता इसे बड़े झटकों से बचाती है। हमारा मानना है कि 25 प्रतिशत शुल्क का प्रभाव सीमित रहेगा और जीडीपी वृद्धि पर संभावित प्रभाव 0.30 प्रतिशत तक रहेगा।'' इसी के साथ बार्कलेज ने उम्मीद जताई कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताओं के चलते अंतिम शुल्क दर आगे चलकर कम होकर 25 प्रतिशत से नीचे आ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो पिछले वर्ष के बराबर है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और एशियाई विकास बैंक ने क्रमशः 6.4 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है।
- नयी दिल्ली. भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (इस्मा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अक्टूबर से शुरू होने वाले वर्ष 2025-26 सत्र में भारत का चीनी उत्पादन 18 प्रतिशत बढ़कर 3.49 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जिसमें 20 लाख टन निर्यात की गुंजाइश है। अनुमानित उत्पादन में आगामी सत्र के दौरान एथनॉल उत्पादन के लिए चीनी का अपेक्षित उपयोग भी शामिल है।उद्योग निकाय ने कहा कि अगले सत्र के लिए अधिक चीनी उत्पादन अनुमान, वर्ष 2024-25 में एक साल पहले की तुलना में गन्ना उत्पादन में 42 प्रतिशत की वृद्धि के साथ एक करोड़ 32.6 लाख टन होने की संभावना है, जो बेहतर पैदावार और अच्छे मानसून के कारण रकबे में मामूली वृद्धि के कारण संभव है। चालू 2024-25 सत्र (अक्टूबर-सितंबर) में, चीनी उत्पादन 2.61 करोड़ टन होने का अनुमान है, और सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। इस्मा के अध्यक्ष गौतम गोयल ने पहला प्रारंभिक अनुमान जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगले सत्र में अधिक सकल चीनी उत्पादन की उम्मीद के साथ, 2025-26 सत्र में 20 लाख टन निर्यात की गुंजाइश है।'' गोयल ने कहा, ‘‘चीनी उत्पादन 3.49 करोड़ टन होने का अनुमान है, जिसमें और वृद्धि की संभावना है और वर्ष 2025-26 के सत्र में 20 लाख टन निर्यात की गुंजाइश है।'' उन्होंने कहा कि अगले सत्र में लगभग 50 लाख टन चीनी का उपयोग एथनॉल उत्पादन के लिए किया जा सकता है, जबकि चालू सत्र में यह 35 लाख टन है।एथनॉल के उपयोग के बाद, घरेलू खपत को पूरा करने के लिए तीन करोड़ टन ताज़ा चीनी और 52 लाख टन का शुरुआती स्टॉक उपलब्ध होगा, जो अगले सत्र में 2.85 करोड़ टन रहने का अनुमान है। गोयल ने कहा, ‘‘अगले सत्र में चीनी उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद को देखते हुए, सरकार को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए और अधिक चीनी को अन्यत्र भेजने और निर्यात के लिए अनुमति देनी चाहिए। अगर आप समय पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो इससे इस क्षेत्र के लिए समस्याएं पैदा होंगी।'' उन्होंने कहा कि उद्योग संगठन ने 20 लाख टन चीनी निर्यात के लिए ‘समय पर' अनुमति देने, एथनॉल के लिए अधिक मात्रा में इसका उपयोग करने, चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य में वृद्धि के साथ-साथ बी गुड़ शीरा और गन्ने के रस से बने एथनॉल की कीमतों में वृद्धि की मांग की है। अपने पहले अनुमान में, इस्मा ने शीर्ष उत्पादक राज्यों में 2025-26 सत्र में अधिक चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया जिसमें 2025-26 के सत्र में उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 2.5 लाख टन, महाराष्ट्र में एक करोड़ 32.6 लाख टन और कर्नाटक में 66.1 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।बेहतर पैदावार और अच्छे मानसून की वजह से खेती के बढ़े हुए रकबे के कारण गन्ने का उत्पादन 93.3 लाख टन से बढ़कर एक करोड़ 32.6 लाख टन होने का अनुमान है। अगले सत्र के पहले दो महीनों में मांग को पूरा करने के लिए कच्ची चीनी के आयात के बारे में, इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, ‘‘कच्ची चीनी के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारे पास 52 लाख टन का पर्याप्त अंतिम चीनी स्टॉक है।'' इस्मा ने कहा कि वह इस समय प्रारंभिक चीनी उत्पादन अनुमान जारी कर रहा है, हालांकि विभिन्न कारकों, विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून के अभी आधे समय में होने के कारण, शेष सत्र के लिए फसल उत्पादन का सटीक अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। फिलहाल, फसल अभी शुरुआती दौर में है और कई कारक इसकी अंतिम गुणवत्ता और उपज को प्रभावित करेंगे। फिर भी, इस्मा ने मौजूदा स्थिति के आधार पर पहला अनुमान जारी कर दिया है। अगला अनुमान सितंबर में जारी किया जाएगा।
- नयी दिल्ली. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अब तक स्वीकृत सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से प्रति वर्ष 24 अरब से अधिक चिप का उत्पादन होगा। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम जारी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और भारत सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमितेश सिन्हा ने जर्मनी की शोध संस्था फ्रौनहोफर-गेसेलशाफ्ट के एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने छह परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा एक वेफर फैब्रिकेशन संयंत्र और पांच पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टाटा फैब प्रति माह 50,000 वेफर्स का उत्पादन करेगी। अन्य पांच पैकेजिंग इकाइयां हर साल 24 अरब चिप का उत्पादन करेंगी। कई और प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है...।'' सिन्हा ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश बनने जा रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘हम एक दीर्घकालिक यात्रा के लिए यहां हैं। सेमीकंडक्टर कुछ वर्षों का कारोबार नहीं है। हम आप सभी को आश्वस्त करते हैं कि नीतियां जारी रहेंगी और पूरे परिवेश के विकास के लिए समर्थन प्रदान किया जाएगा।'' सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर परिवेश को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है।सिन्हा ने कहा, ‘‘दुर्लभ मृदा सामग्री और स्थायी चुंबक पुनर्चक्रण, ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं जहां आप फ्राउनहोफर के साथ तालमेल देख सकते हैं। सेमीकंडक्टर की बात करें तो, हम देख रहे हैं कि भारत ने कुछ प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है और कई अन्य को मंजूरी देने वाला है।'' उन्होंने जर्मन सेमीकंडक्टर कंपनियों से भारत में निर्माण गतिविधियों का समर्थन करने का अनुरोध किया।सिन्हा ने कहा कि जर्मनी के साथ सहयोग के कई अवसर हैं क्योंकि भारत उच्च प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में प्रवेश करना चाहता है।
- भुवनेश्वर/ ओडिशा सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए ओडिशा 17 सितंबर को ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राज्य भर में 75 लाख पौधे लगाएगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ‘‘ओडिशा के विकास के संबंध में प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता और जनता के प्रति उनकी सद्भावना को देखते हुए, ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 17 सितंबर को एक ही दिन में राज्य भर में 75 लाख पेड़ लगाए जाएंगे।यह प्रधानमंत्री को जनता का उपहार होगा।'' वर्ष 2023 में मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उद्देश्य बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसका दूसरा संस्करण पांच जून से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें ओडिशा ने इस वर्ष 7.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। माझी ने बताया कि ओडिशा ने पिछले वर्ष अपने लक्ष्य को पार कर लिया था और 6.72 करोड़ पौधे लगाए थे तथा अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया था।
- नयी दिल्ली. भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में असफल रहे 10 उम्मीदवारों ने ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' (ईवीएम) की जांच और सत्यापन के लिए आवेदन किया था, लेकिन ये मशीनें त्रुटिरहित पाई गईं। उम्मीदवारों ने ईवीएम (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और पेपर ट्रेल मशीनों) की जांच और सत्यापन के लिए आवेदन किया था। निर्वाचन आयोग ने कहा कि जांच की कवायद 10 विधानसभा क्षेत्रों में की गई और सभी मामलों में मशीनें ‘नैदानिक परीक्षण' में सफल रहीं और वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई अंतर नहीं पाया गया। आयोग ने आगे कहा, ‘‘यह कवायद एक बार फिर साबित करती है कि ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।''यह परीक्षण 10 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के दौरान इस्तेमाल की गई 48 बैलेट यूनिट, 31 कंट्रोल यूनिट और 31 पेपर-ट्रेल मशीनों पर किया गया। निर्माता कंपनी (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों ने प्रमाणित किया कि सभी मशीनें ‘डायग्नोस्टिक' (नैदानिक)परीक्षणों में सफल रहीं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात कर द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया। बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने फोन पर बात की और भारत तथा यूएई के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए पारस्परिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की। बयान के अनुसार, उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति का मूल्यांकन किया और दोनों देशों के लोगों के साझा लाभ के लिए सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। बयान में कहा गया है कि शेख मोहम्मद ने दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाले भारतीय प्रधानमंत्री बनने पर मोदी को हार्दिक बधाई दी और राष्ट्र की सेवा में उनकी निरंतर सफलता की कामना की।
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मुंबई. मुंबई की एक विशेष अदालत ने सितंबर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष न्यायाधीश ए के लाहोटी ने अभियोजन पक्ष के मामले और जांच में कई खामियों को उजागर किया और कहा कि आरोपी व्यक्ति संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं। मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोट उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गयी थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। न्यायाधीश ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि मामले को संदेह से परे साबित करने के लिए कोई ‘‘विश्वसनीय और ठोस'' सबूत नहीं है। अदालत ने कहा कि इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधान लागू नहीं होते। अदालत ने यह भी कहा कि यह साबित नहीं हुआ है कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल ठाकुर के नाम पर पंजीकृत थी, जैसा कि अभियोजन पक्ष ने दावा किया था। उसने कहा कि यह भी साबित नहीं हुआ है कि विस्फोट कथित तौर पर मोटरसाइकिल पर लगाए गए बम से हुआ था।
इससे पहले सुबह, जमानत पर रिहा सातों आरोपी दक्षिण मुंबई स्थित सत्र अदालत पहुंचे जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। इस मामले के आरोपियों में ठाकुर, पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। उन सभी पर यूएपीए और भारतीय दंड संहिता तथा शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आतंकवादी कृत्य करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष का दावा था कि विस्फोट दक्षिणपंथी चरमपंथियों द्वारा स्थानीय मुस्लिम समुदाय को आतंकित करने के इरादे से किया गया था। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की सराहना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने आतंकी नेटवर्कों को जड़ से उखाड़ फेंकने समेत राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सरकार का रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त किया। मोदी ने ‘एक्स' पर पोस्ट में, विदेश मंत्री एस जयशंकर के "असाधारण" भाषण की भी प्रशंसा की।
मोदी ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद को वैश्विक ध्यान का विषय बनाने के भारत के प्रयासों पर जोर दिया, ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश की उचित प्रतिक्रिया और सरकार द्वारा नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने के तरीके का उल्लेख किया। शाह के भाषण का लिंक पोस्ट करते हुए, उन्होंने कहा, "राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह का एक अभूतपूर्व भाषण। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवादी नेटवर्कों को जड़ से उखाड़ फेंकने और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर हमारी सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।" पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित चर्चा समाप्त होने पर बुधवार को शाह और जयशंकर दोनों ने सदन में भाषण दिया। मोदी ने बुधवार को कहा था कि राज्यसभा में सदन के नेता और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी विस्तार से बताया था कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने उद्देश्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले का पूरी दृढ़ता और संकल्प के साथ जवाब दिया। -
चेन्नई. तमिलनाडु में 49 वर्षीय एक फिजियोथेरेपिस्ट महिला और उसकी बेटी ने मजबूत इरादों से अपने सपनों को पूरा करने की एक अद्भुत मिसाल कायम की है। दोनों ने अपनी लगन और मेहनत से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पास कर ली। नीट की परीक्षा पास करने के बाद महिला को अपने गृह जिले के नज़दीकी सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट मिल गई जबकि बेटी भी चिकित्सा के क्षेत्र में अपना सफर शुरू करने के लिए तैयार है। अमुथवल्ली मणिवन्नन को अपने स्कूल के दिनों की तुलना में इस बार पाठ्यक्रम बहुत अलग और काफी कठिन लगा लेकिन फिर भी अपनी बेटी की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी तैयारी शुरू की। अमुथवल्ली ने उत्साहित होकर कहा, ‘‘अपनी बेटी को नीट की तैयारी करते देखकर मेरी महत्वाकांक्षा फिर से जागृत हो गई और वह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थी। मैंने उसकी किताबें लीं और परीक्षा की तैयारी की।'' केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की छात्रा एम. संयुक्ता ने कोचिंग क्लास ली और जिन किताबों का उसने गहन अध्ययन किया था, उनसे ही उसकी मां को भी मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता पेशे से अधिवक्ता थे और उनकी चिकित्सा में कोई रुचि नहीं थी लेकिन मेरी मां की पृष्ठभूमि चिकित्सा से जुड़ी होने के कारण वह आसानी से समझ गईं।'' तमिलनाडु मेडिकल प्रवेश के लिए 30 जुलाई को काउंसलिंग शुरू हुई और अमुथवल्ली अपनी बेटी के साथ पीडब्ल्यूडी (एक विशिष्ट स्तर तक की दिव्यांगता)श्रेणी आरक्षण के तहत काउंसलिंग में शामिल हुईं। उन्होंने अपने गृहनगर तेनकासी के पास विरुधुनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना पसंद किया। उन्हें नीट में 147 अंक प्राप्त किए। अमुथवल्ली ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन दशक पहले स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय ऐसा नहीं हो सका। इसके बजाय उन्हें फ़िज़ियोथेरेपी की पढ़ाई करनी पड़ी। पत्रकारों से बात करते हुए संयुक्ता ने कहा, ‘‘मैं अपनी मां के साथ एक ही कॉलेज में नहीं पढ़ना चाहती। मैं सामान्य कोटे में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हूं। मैं किसी अन्य जगह शायद राज्य से बाहर, पढ़ाई करना चाहती हूं।'' उसने नीट में 450 अंक प्राप्त किए हैं।
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नयी दिल्ली.। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को चार वर्षों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता को मंजूरी दे दी। इस कदम से संगठन को कर्ज देने के लिए और अधिक कोष जुटाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मंत्रिमंडल ने एक अच्छे वित्तीय मॉडल को और मजबूत करने के लिए, एनसीडीसी को चार वर्षों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी अनुदान सहायता को मंजूरी दी है।'' एनसीडीसी 8.25 लाख से ज्यादा सहकारी समितियों को कर्ज देता है, जिनके 29 करोड़ सदस्य हैं। कुल सदस्यों में से 94 प्रतिशत किसान हैं। मंत्री ने कहा कि इस वित्तीय सहायता से, एनसीडीसी आगे ऋण देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, एनसीडीसी की कर्ज वसूली दर 99.8 प्रतिशत है और उसका एनपीए (फंसा कर्ज) शून्य है।
- भुवनेश्वर.।ओडिशा में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब यह बात सामने आई कि चीनी ई-कॉमर्स मंच ‘अलीएक्सप्रेस' भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान बेच रहा है। राज्य की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने भगवान जगन्नाथ के चित्र को पायदान पर छापने और उत्पाद बेचने के कृत्य को ‘‘आपत्तिजनक'' बताते हुए इसकी आलोचना की और कंपनी से माफी मांगने को कहा। परिदा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महाप्रभु जगन्नाथ प्रत्येक ओडिया की आत्मा और भावनाओं से गहराई से जुड़े हैं। मैं चीनी ई-कॉमर्स मंच ‘अलीएक्सप्रेस' द्वारा महाप्रभु जगन्नाथ की छवि वाले पायदान बेचने की कड़ी निंदा करती हूं। कंपनी को तुरंत इस उत्पाद की बिक्री रोकनी चाहिए और इस आपत्तिजनक कृत्य के लिए भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।'' वहीं, ओडिशा की कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस की ‘एक्स' पर की गई पोस्ट के जवाब में, ‘अलीएक्सप्रेस' ने कहा कि यह उत्पाद हटा दिया गया है। फिरदौस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘अलीएक्सप्रेस पर भगवान जगन्नाथ की पवित्र छवि वाले पायदान बेचने के ईशनिंदापूर्ण कृत्य की कड़ी भर्त्सना करती हूं। यह लाखों भक्तों का घोर अपमान है और सांस्कृतिक एवं धार्मिक भावनाओं पर गंभीर हमला है। इस उत्पाद को बिक्री से हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जानी चाहिए।'' प्रख्यात रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने भी इस कृत्य की निंदा की।
- नयी दिल्ली. । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) के लिए बजटीय परिव्यय 1,920 करोड़ रुपये बढ़ाकर 6,520 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी। चालू वित्त वर्ष (2025-26) में प्रदान की जाने वाली बढ़ी हुई धनराशि का उपयोग 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों और 100 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया, “पीएमकेएसवाई का परिव्यय बढ़ाकर 6,520 करोड़ रुपये कर दिया गया है।” साल 2017 में शुरू पीएमकेएसवाई को 4,600 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। अब, मंत्रिमंडल ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए बजट घोषणा को लागू करने के लिए आवंटन में 1,920 करोड़ रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
- लखनऊ.। राजधानी लखनऊ के एक रेस्टोरेंट की लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण नौ कर्मचारियों समेत 10 लोग करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि राजधानी के इंदिरानगर थाना क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में मंगलवार/बुधवार की दरम्यानी रात को कुछ लोग दूसरी मंजिल से लिफ्ट में सवार हुए। बेसमेंट में पहुंचने के बाद लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। दरवाजा खोलने की शुरुआती कोशिशों के बाद कर्मचारियों ने आपातकालीन सेवा हेल्पलाइन पर फोन किया। मुख्य दमकल अधिकारी (सीएफओ) अंकुश मित्तल ने बताया कि बचाव उपकरणों से लैस एक दमकल गाड़ी मौके पर भेजी गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद बुधवार तड़के करीब तीन बजे दमकल टीम दरवाज़ा खोलने में कामयाब रही और लिफ्ट में फंसे नौ रेस्टोरेंट कर्मियों समेत 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस मामले में अभी तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है।
- मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में एक शख्स ने अपने 71 वर्षीय जिगरी दोस्त की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उसकी शव यात्रा में नम आंखों के बीच गाजे-बाजे के साथ नाचते हुए उसे विदा किया। चश्मदीदों ने यह जानकारी दी। भावुक करने वाली यह घटना मंदसौर के जवासिया गांव की है, जहां अंबालाल प्रजापति ने गम के माहौल में अपने जिगरी दोस्त सोहनलाल जैन को नाचते हुए अंतिम विदाई दी। घटना का वीडियो और सोहनलाल की ओर से लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है। उपयोगकर्ता इस घटना को दोस्ती की अनूठी मिसाल के रूप में पेश कर रहे हैं। प्रजापति (51) ने कहा कि सोहनलाल दो साल पहले कैंसर की चपेट में आ गए थे और उन्होंने रतलाम, मंदसौर से लेकर अहमदाबाद तक में इलाज करवाया, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गए। उन्होंने बताया कि वह और सोहनलाल एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त थे और गांव की प्रभात फेरी में साथ-साथ शामिल होते हुए उनका रिश्ता और भी मजबूत हो गया। प्रजापति ने कहा, “सोहनलाल मुझसे अक्सर कहा करते थे कि मैं मर जाऊं, तो रोना-धोना मत। मेरी अंतिम यात्रा में डांस करना। मैंने अपने मित्र की इच्छा के अनुसार उसकी अंतिम यात्रा में डांस किया।” उन्होंने भावुक लहजे में कहा, “दोस्ती निभानी थी और मैंने उसे अंतिम समय तक निभाई।”सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक उपयोगकर्ता ने यह वीडियो साझा करते हुए लिखा, “दोस्ती की मिसाल। अंतिम यात्रा में नाचा दोस्त, निभाया सोहनलाल से किया आखिरी वादा!”
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नई दिल्ली। राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े का 97 वर्ष की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में उनके अमूल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा।
पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका रहीं श्रद्धेय प्रमिला ताई मेढ़े के देहावसान से अत्यंत दुख हुआ है। उनका संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र सेवा को समर्पित रहा। महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में उनके अमूल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और प्रशंसकों को संबल प्रदान करे। ओम शांति!”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रमिला ताई मेढ़े के निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रमुख संचालिका श्रद्धेय प्रमिला ताई मेढ़े का निधन सभी समाजसेवियों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। प्रमिला ताई आजीवन राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति के सशक्तीकरण हेतु समर्पित रहीं। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय सेविका समिति जनकल्याण का पर्याय बनीं। उनके सेवा कार्य और समाज के उत्थान का संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणीय हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रमिला ताई मेढ़े को श्रद्धांजलि अर्पित की। संघ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर कुछ तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिसमें मोहन भागवत उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए दिखाई दे रहे हैं।संघ प्रमुख ने कहा, “राष्ट्र सेविका समिति की भूतपूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े के परलोक गमन से हम सभी लोगों के सर पर से एक मातृवत छत्र हट गया है। उनके निधन से लगभग समिति की स्थापना काल से आज तक की उनकी दीर्घ तपस्या की पूर्णता हो गई है। लक्ष्य की अचूक समझ व निष्ठा, कार्य वृद्धि के लिए सातत्यपूर्ण कठोर परिश्रम तथा व्यवहार में आत्मीयता का वे मूर्तीमंत उदाहरण थीं। राष्ट्र सेविका समिति के कार्ययज्ञ में अपनी जीवन समिधा अर्पित कर अंततोगत्वा उन्होंने मरणोपरांत देहदान संकल्प से अपने देह का भी समर्पण कर दिया। उनकी तपस्या के कारण उनकी सद्गति तो सुनिश्चित है। उनके बिना ध्येय पथ पर आगे बढ़ने का धैर्य हम सभी को मिले, यही ईश चरणों में प्रार्थना।” - नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महिला शाखा राष्ट्रीय सेविका समिति की पूर्व संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े का बृहस्पतिवार सुबह नागपुर में निधन हो गया। वह 97 साल की थीं। संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि मेढ़े पिछले तीन महीने से अस्वस्थ थीं और बीते 15 दिनों से उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। राष्ट्रीय सेविका समिति की ओर से जारी बयान के अनुसार, मेढ़े ने नागपुर स्थित देवी अहिल्या मंदिर (जहां वह रहती थीं) में सुबह नौ बजकर पांच मिनट पर अंतिम सांस ली। मेढ़े राष्ट्रीय सेविका समिति की चौथी संचालिका थीं।आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और राष्ट्रीय सेविका समिति की वर्तमान प्रमुख शांतक्का ने देवी अहिल्या मंदिर पहुंचकर मेढ़े को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से मेढ़े को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, ‘‘राष्ट्रीय सेविका समिति की पूर्व संचालिका प्रमिला ‘मौसी' मेढ़े जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। प्रमिला मौसी जी ने देश में राष्ट्रीय सेविका समिति के कार्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। उनका पूरा जीवन राष्ट्रभक्ति और नारी सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा।'' संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि लाखों स्वयंसेवकों ने एक मातृतुल्य महिला को खो दिया है, जिनके साथ वे अपने दिल की हर बात खुलकर साझा कर सकते थे। उन्होंने बताया कि मेढ़े की इच्छा के मुताबिक उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नागपुर को दान कर दिया जाएगा।
- नयी दिल्ली. भारतीय उद्योग जगत ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत शुल्क और जुर्माना लगाने की घोषणा पर निराशा जतायी। उद्योग मंडल फिक्की ने उम्मीद जताई कि यह एक ‘अस्थायी मामला' है और दोनों देश जल्द ही व्यापार समझौता कर लेंगे। फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा, ‘‘हालांकि यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका हमारे निर्यात पर स्पष्ट प्रभाव पड़ेगा, हमें उम्मीद है कि उच्च शुल्क लगाना एक अल्पकालिक मामला होगा और दोनों पक्षों के बीच एक स्थायी व्यापार समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले लेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘दोनों देश मिलकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं और हमें विश्वास है कि वर्तमान में चल रहे विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, जब अंतिम व्यापार समझौते की रूपरेखा सामने आएगी, तो हम दोनों देशों के लिए लाभकारी परिणाम देखेंगे।'' फिक्की अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भारत इस वर्ष का शुरुआत से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। हमारा मानना है कि अमेरिका की ओर से कुछ विशिष्ट मांगें की गई थीं, जो हमारे राष्ट्रीय हित में नहीं हैं और इसलिए भारत सरकार ने अमेरिका की उन मांगों को स्वीकार नहीं किया है।'' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर एक अगस्त से 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने रूस से सैन्य खरीद को लेकर शुल्क के ऊपर जुर्माना लगाने की भी घोषणा की है। हालांकि, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि भारतीय एमएसएमई पर कुछ समय के लिए प्रभाव तो पड़ सकता है, लेकिन यह एक अवसर भी है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक खरीदार चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों पर अपनी अत्यधिक निर्भरता से उत्पन्न जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में भारत सबसे विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभर रहा है।'' जैन ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारतीय उद्योग गुणवत्ता, अनुपालन और प्रतिस्पर्धी क्षमता के साथ आगे बढ़ें। आनंद राठी वेल्थ लि. के संयुक्त सीईओ फिरोज अजीज ने कहा, ‘‘ भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा अनुमान से अधिक है। बाजार 15 से 20 प्रतिशत शुल्क की उम्मीद कर रहा था। इस लिहाज से, यह पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं है।'' उन्होंने कहा, ‘‘रूस से हथियारों और ऊर्जा आयात से जुड़े अतिरिक्त जुर्माना अभी साफ नहीं है। इस पर नजर रखने की आवश्यकता है। तकनीकी दृष्टिकोण से, यह कदम निकट भविष्य में निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता पर असर डाल सकता है। अजीज ने कहा, ‘‘ हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में अभी भी सुधार की गुंजाइश है और यह अभी तक चिंताजनक स्थिति में नहीं है।''
- नयी दिल्ली. केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' (पीएम-एसजीएमबीवाई) के तहत 2026-27 तक देशभर के एक करोड़ घरों की छतों पर सौर संयंत्र (रूफटॉप सोलर प्लांट) लगाए जाएंगे। जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा के संवर्धन और विकास के लिए कई पहल की हैं और वह विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को लागू कर रही है। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘सरकार ने देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में 2026-27 तक एक करोड़ घरों में ‘रूफटॉप सोलर प्लांट' लगाने के लिए फरवरी, 2024 में पीएम-एसजीएमबीवाई शुरू की थी।'' मंत्री ने कहा कि सरकार देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना भी लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत, राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की मांग और प्रगति के आधार पर क्षमताएं आवंटित की जाती हैं। जोशी ने कहा कि जुलाई 2019 में ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) द्वारा 'हरित ऊर्जा से रोजगार वृद्धि को बढ़ावा' पर किए गए अध्ययन और अक्टूबर 2019 में टीईआरआई द्वारा इसके लाभ से संबंधित अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 13 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सूर्यमित्र, वायुमित्र और जल-ऊर्जा मित्र कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित लगभग 31,829 स्थानीय युवाओं और तकनीकी कर्मचारियों को रोजगार मिला। मंत्री ने बताया कि 30 जून तक मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा (5570 मेगावाट), पवन ऊर्जा (3195.15 मेगावाट), जैव ऊर्जा (155.46 मेगावाट) और पनबिजली (2358.71 मेगावाट) जैसे विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से कुल 11,279.39 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
- श्रीहरिकोटा. निसार उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने बुधवार को घोषणा की कि नासा के साथ अगला सहयोगी मिशन और ‘ब्लू बर्ड ब्लॉक 2' संचार उपग्रह का प्रक्षेपण चालू वित्त वर्ष के अंत तक इस अंतरिक्ष केंद्र से नियोजित नौ प्रमुख प्रक्षेपणों में शामिल हैं। यहां मिशन नियंत्रण केंद्र में उन्होंने कहा कि ये मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में क्रियान्वित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस वित्त वर्ष के अंत से पहले नौ बड़े प्रक्षेपणों की योजना बनाई गई है। अगला बड़ा प्रक्षेपण एलवीएम3-एम5 मिशन है, जहां एलवीएम3 रॉकेट एक संचार उपग्रह सीएमएस-02 को प्रक्षेपित करेगा।'' इसरो के आगामी महत्वपूर्ण अभियानों में नासा के साथ एक और सहयोग शामिल है। एक्सिओम-4 और आज के जीएसएलवी-एफ16/निसार मिशन के बाद, इस साझेदारी के तहत इसरो का एलवीएम-3 यान अमेरिका के लिए संचार उपग्रह ‘ब्लू बर्ड ब्लॉक2' का प्रक्षेपण करेगा। उन्होंने बिना विस्तार से बताए कहा, ‘‘अगला प्रक्षेपण ‘ब्लू बर्ड ब्लॉक2' उपग्रह का है, जो अमेरिका का एक संचार उपग्रह है। हम अपने एलवीएम-3 यान का उपयोग करके इस उपग्रह का प्रक्षेपण करने जा रहे हैं।'' नारायणन के अनुसार, इसके अलावा इसरो का विश्वसनीय पीएसएलवी-सी61 ‘ओशनसैट-3ए' को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है, जबकि जीएसएलवी-एफ18 ‘जीआईएसएटी-1ए' उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम कुछ एसएसएलवी (लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान) मिशन भी प्रक्षेपित करने की योजना बना रहे हैं।
- भुवनेश्वर. भारतीय रेलवे ने सात अगस्त से पुरी-राउरकेला-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस में डिब्बों की संख्या आठ से बढ़ाकर 16 करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पुरी-राउरकेला-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस में अब 12 एसी चेयर कार, दो एक्जीक्यूटिव चेयर कार और दो क्रू चेयर कार कोच होंगे। उन्होंने कहा कि यात्रियों से ट्रेन को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुरी-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस एक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है, जो पुरी को राउरकेला से जोड़ती है और 7.5 घंटे में 505 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलती है और पुरी से राउरकेला के लिए सुबह पांच बजे, राउरकेला से पुरी के लिए अपराह्न 2.10 बजे प्रस्थान करती है। पुरी-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस नौ स्टेशन पर रुकती है।
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ऑपरेशन सिंदूर दूसरी लीड शाह रास
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया और भाजपा सरकार पीओेके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) को वापस लाएगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कोई हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद ‘‘भगवा आतंकवाद'' विमर्श बनाने के लिए भी कांग्रेस पर निशाना साधा। शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आतंकवाद के बारे में भाजपा से सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है और सत्ता में रहते हुए उसने इस समस्या से निपटने के लिए कभी कोई ठोस नीति नहीं अपनाई। शाह ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर उच्च सदन में हुई विशेष चर्चा का जवाब दे रहे थे।
गृह मंत्री ने चीन से संबंधित विदेश नीति को लेकर सवाल उठाने के लिए भी कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि विपक्षी दल का चीन प्रेम 1960 के दशक से चला आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की प्राथमिकता देश की सुरक्षा नहीं है। उसका मकसद केवल वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति है... आतंकवाद ने भारत में जड़ें जमाईं, फैला और बढ़ा... इसका एकमात्र कारण कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति और कमजोर नीतियां हैं।'' शाह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' किसी के कहने पर नहीं रोका गया था, बल्कि जब पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर हो गया तो उसके ‘डीजीएमओ' ने फोन करके कहा, ‘‘बहुत हो गया...।'' उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि लोगों को धर्म के आधार पर मारा गया और यह उनके लिए बेहद दुखद है।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं इस सदन के माध्यम से आतंकवादियों से कहना चाहता हूँ... जम्मू-कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होगा। यह मोदी जी का संकल्प है।'' शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले तीन आतंकवादी ‘ऑपरेशन महादेव' के तहत मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं और इस हमले में उनकी संलिप्तता वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कर ली गई है। इसी के साथ शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने वोट बैंक और तुष्टीकरण की नीति के कारण पाकिस्तान एवं आतंकवादियों को बचाने का प्रयास कर रही है। शाह ने कहा, ‘‘मैं सदन के माध्यम से, ‘ऑपेरशन महादेव' की जानकारी पूरे देश को देना चाहता हूं। ‘ऑपेरशन महादेव' में सुलेमान, अफगान और जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी - सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए।'' गृह मंत्री के अनुसार, गत 22 अप्रैल को दिन में एक बजे पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला हुआ था और वह शाम 5.30 बजे श्रीनगर पहुंच गए थे तथा 23 अप्रैल को एक सुरक्षा बैठक की गई और इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई कि नृशंस हत्या करने वाले हत्यारे देश छोड़कर भागने न पाएं। उन्होंने बताया कि पूरी छानबीन एवं वैज्ञानिक तरीकों से यह पुष्टि की गई कि इन तीनों आतंकवादियों ने ही 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की जान ली थी। शाह ने कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के दो दिन पहले के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने उनके इस्तीफे की मांग की और प्रश्न किया कि सरकार के पास क्या सबूत हैं कि पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी थे। गृह मंत्री ने कहा कि वह इस सदन के माध्यम से चिदंबरम से पूछना चाहते हैं कि वह किसे बचाना चाहते थे, पाकिस्तान को, लश्कर-ए-तैयबा को या आतंकवादियों को। उन्होंने कहा, ‘‘देखिए महादेव क्या करता है? जिस दिन यह प्रश्न पूछा, उसी दिन तीनों आतंकवादी ढेर हो गए।'' उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने कांग्रेस की मानसिकता को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने वोट बैंक को बचाने के लिए पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा का बचाव करने से भी नहीं डरती है। शाह ने कांग्रेस के एक अन्य नेता पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान का उल्लेख किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार को ऑपरेशन का धार्मिक नाम रखने के अलावा कुछ नहीं आता। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को यह नहीं मालूम है कि शिवाजी महाराज ने मुगलों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी थी, उनकी सेना का युद्धघोष ‘‘हर हर महादेव'' ही था। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेनाओं की विभिन्न डिवीजन के युद्ध घोष देवी देवताओं के नाम पर हैं, जिसे भाजपा ने नहीं रखा।'' गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष पूछ रहा है कि आतंकवादी आज ही क्यों मारे गए? शाह ने जवाबी प्रश्न किया ‘‘आप आतंकवादियों को कितना जिंदा रखना चाहते हैं?'' वह जब अपना जवाब शुरू करने जा रहे थे, तभी कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों ने यह कहते हुए सदन से बहिर्गमन किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चर्चा का जवाब नहीं दिया जाना सदन का अपमान है। इस पर उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति में पहले ही सूचित कर दिया गया था कि चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नहीं, गृह मंत्री देंगे। चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था, किंतु उन्होंने भारत के रिहायशी इलाकों, सैन्य प्रतिष्ठानों पर ड्रोन से हमला किया। उन्होंने कहा कि सीमा के पास उनकी गोलीबारी से भारत के कुछ नागरिकों की जान गई। शाह ने कहा कि उन्होंने एक गुरुद्वारा और एक मंदिर तोड़ा, पर हमने कुछ नहीं कहा। फिर भारत ने तय किया कि वह जो हमला करेगा, वह पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को क्षीण करने के लिए होगा और इसीलिए उनके आठ एयर बेस और रडार तंत्र सहित कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। गृह मंत्री शाह ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूछते थे कि पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल आतंकवादी मारे गए या नहीं? शाह ने कहा कि न केवल इस हमले में बल्कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के शासन काल में जो आतंकवादी हमले हुए उनमें शामिल कई आतंकवादी भी ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए। उन्होंने कहा कि इस हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। -
भोपाल। मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद सेना और अन्य अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों से 27 स्कूली बच्चों सहित करीब 2,900 लोगों को बचाया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य में जारी भारी बारिश के बीच कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई जबकि शिवपुरी जिले में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि राहत और बचाव के लिए सेना बुलानी पड़ी है। गुना जिले में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जहां एक पुल ढह गया। अधिकारियों ने बताया कि गुना के कई गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, अशोकनगर, गुना और शिवपुरी समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे में आठ से नौ इंच तक बारिश होने का अनुमान जताया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने होमगार्ड मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और बारिश से बुरी तरह प्रभावित जिलों के कलेक्टर व अन्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है और जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में जिला एवं पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, आपदा प्रबंधन दल सब मिलजुल कर पूरी सजगता और सतर्कता से कार्य करें, राहत एवं बचाव दल पूरी तैयारी से रहें और जरूरतमंदों तक तत्काल सभी प्रकार की मदद पहुंचाई जाए।एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भारी वर्षा के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में गांव और घरों में पानी भर जाने जैसी परिस्थितियों के कारण अब तक 2900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।'' उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां भारी बारिश होने की सूचना और लोगों के बाढ़ के पानी में फंसे होने की जानकारी मिली है, वहां पूरी क्षमता से बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा नियंत्रण कक्ष से जिलों में जारी राहत एवं बचाव कार्यों का अवलोकन किया और आपदा बचाव दल में तैनात अधिकारियों से बात की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकालकर उनका जीवन बचाने में मदद करने वाले लोगों की सूची तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे साहसी, परोपकारी और मददगार लोगों को आगामी 15 अगस्त और अन्य अवसरों पर भी सम्मानित करेगी और इन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे। यादव ने कहा कि सभी जिलों को हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी और बचाव व राहत कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













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