- Home
- देश
- नई दिल्ली। सरकार ने गैस की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए सख्ती बढ़ा दी है और देश भर में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत 3,000 से ज्यादा छापेमारी की गई है और 1,500 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भी देश भर में 1,500 से अधिक रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर अचानक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) किए हैं। यह जानकारी पश्चिम एशिया के हालात पर हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक के बाद जारी बयान में दी गई।सरकार ने कहा कि वह घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है, बुकिंग के अंतराल में बदलाव किया गया है और सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटा जा रहा है।बयान में कहा गया है कि राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद करने की सलाह दी गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, अफवाहों से बचें।सरकार ने लोगों को पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है और रोजमर्रा के जीवन में ऊर्जा की बचत करने की अपील की है। सरकार ने यह भी कहा कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कोई कमी नहीं है।घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले दिन में, मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क भी लगाया है, ताकि घरेलू स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसके अलावा घरेलू रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल का 50 प्रतिशत और डीजल का 30 प्रतिशत घरेलू बाजार में उपलब्ध कराएं, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।
- नई दिल्ली। भारतीय सेना अपने आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। खास तौर पर आर्टिलरी की ताकत को स्वदेशी तकनीक के जरिये बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय सेना के लिए स्वदेशी धनुष गन सिस्टम की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में सेना के लिए कई अहम फैसले लिए गए। उन फैसलों में से एक थलसेना के लिए 300 स्वदेशी आर्टिलरी गन सिस्टम की खरीद भी शामिल है।इस खरीद प्रक्रिया के पूरा होने के बाद भारतीय सेना के पास 15 से ज्यादा रेजिमेंट और हो जाएंगी। फिलहाल करीब 3 रेजिमेंट भारतीय सेना में शामिल हो चुकी हैं, जबकि 3 और रेजिमेंट आने वाले दिनों में शामिल हो जाएंगी। धनुष को देसी बोफोर्स भी कहा जाता है। 155 मिमी, 45 कैलिबर की धनुष तोप 40 किलोमीटर तक मार कर सकती है, जो कि बोफोर्स की 27 किलोमीटर की रेंज से ज्यादा है। इसका निर्माण गन कैरिज फैक्ट्री कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इसकी तैनाती की गई थी और इसका इस्तेमाल किया गया था।1999 में शुरू हुए सेना के आधुनिकीकरण योजना में आर्टिलरी तोपें सबसे अहम हिस्सा रही हैं, जिसमें साल 2027 तक 2800 तोपें भारतीय सेना में शामिल करने का लक्ष्य है। 155 मिमी की अलग-अलग कैलिबर की तोपें ली जानी हैं और इस दिशा में काम तेजी से जारी है। इस योजना के मुताबिक टोड तोपें, जिन्हें गाड़ियों के जरिए खींचा जाता है; ट्रक-माउंटेड गन, यानी गाड़ियों पर लगी तोपें; ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड और व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गन; तथा अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपें शामिल हैं। इन अल्ट्रा-लाइट तोपों को हेलीकॉप्टर के जरिए उन पहाड़ी इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है, जहां सड़कों के माध्यम से पहुंचना मुश्किल होता है। इनमें से 145 एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपें पहले ही शामिल की जा चुकी हैं। इसके अलावा 100 ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गन के-9 वज्र भी सेना में शामिल हैं।
-
वॉशिंगटन. नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग के एक उपन्यास, कृत्रिम मेधा (एआई) एवं ओपनएआई पर करेन हाओ के शोध और लेखिका अरुंधति रॉय के एक संस्मरण को अमेरिका के वार्षिक 'नेशनल बुक क्रिटिक्स सर्किल' पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। हान का उपन्यास 'वी डू नॉट पार्ट' कोरियाई मुख्यभूमि के दक्षिण में स्थित जेजू द्वीप में 1948-1949 के विद्रोह की कहानी है, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। इस उपन्यास का अनुवाद ई. येवोन और पैज अनियाह मॉरिस ने किया है। पुरस्कारों की कथा समिति की अध्यक्ष हीथर स्कॉट पार्टिंगटन ने इस उपन्यास के बारे में कहा कि इसकी कहानी ''एक असरदार और थाम लेने वाले सपने की तरह मन में बस जाती है।'' 'लाइफटाइम अचीवमेंट' श्रेणी का पुरस्कार लेखिका एवं पत्रकार फ्रांसेस फिट्जगेराल्ड को दिया गया, जिनकी वियतनाम युद्ध पर आधारित 1972 की पुस्तक 'फायर इन द लेक' काफी चर्चित है। 'नेशनल पब्लिक रेडियो' (एनपीआर) और 'पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सर्विस' (पीबीएस) को उन संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया गया जिन्होंने पुस्तक संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अरुंधति रॉय को उनकी कृति 'मदर मैरी कम्स टू मी' को आत्मकथा श्रेणी में पुरस्कृत किया गया।
इसके अलावा हाओ की 'एम्पायर ऑफ एआई : ड्रीम्स एंड नाइटमेयर्स इन सैम ऑल्टमैन्स ओपनएआई' ने गैर-काल्पनिक श्रेणी में पुरस्कार जीता। एलेक्स ग्रीन की 'ए परफेक्ट टर्माइल : वॉल्टर ई फर्नाल्ड एंड द स्ट्रगल टू केयर फॉर अमेरिकाज डिसेबल्ड' को जीवनी श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। केविन यंग की 'नाइट वॉच' ने कविता श्रेणी में पुरस्कार जीता। नीज सिनो द्वारा लिखित और नताशा लेहरर द्वारा अनुवादित 'सैड टाइगर' के लिए लेखक और अनुवादक दोनों को अनुवाद श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। 'नेशनल बुक क्रिटिक्स सर्किल' की स्थापना 1974 में न्यूयॉर्क में हुई थी और इसमें 850 से अधिक आलोचक एवं संपादक शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद के संबंध में रूस की कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ 445 करोड़ रुपये के अनुबंध पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय नौसेना के पी8आई 'लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम रिकोनिसेंस' विमान के रखरखाव के लिए बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक अलग अनुबंध किया गया है। मंत्रालय ने बताया, ''भारतीय सेना के लिए 445 करोड़ रुपये मूल्य की तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद को लेकर रूस की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।'' मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''ये अत्याधुनिक मिसाइलें विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ भारत की बहुस्तरीय हवाई रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।'' बयान में कहा गया कि ''100 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ 'बाय इंडियन' श्रेणी के तहत पी-8आई विमानों के निरीक्षण के लिए किया गया अनुबंध, एमआरओ (रखरखाव और मरम्मत) सुविधा पर बेड़े के डिपो-स्तरीय रखरखाव को सुनिश्चित करेगा।'' बोइंग पी-8आई, बहु-भूमिका वाला लंबी दूरी का समुद्री टोही पनडुब्बी रोधी विमान (एलआरएमआर एएसडब्ल्यू), हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के समुद्री निगरानी अभियानों का अभिन्न अंग है। भारतीय नौसेना वर्तमान में 12 पी-8आई विमानों का संचालन करती है।
-
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी होती है और आर्थिक नीतियों की वास्तविक कसौटी केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उनके परिणाम होते हैं। राष्ट्रपति भवन में उनसे मिलने आए भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा में आर्थिक योजना एवं उसके क्रियान्वयन की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। मुर्मू ने कहा कि टिकाऊ वृद्धि सुनिश्चित करने, महंगाई का प्रबंधन करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, असमानताओं को कम करने और जटिल आर्थिक माहौल में अर्थव्यवस्था का मार्गदर्शन करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, " साथ ही आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी होती है। आर्थिक नीति की वास्तविक कसौटी केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि उसके परिणामों में होती है। इसे खासकर सबसे कमजोर वर्गों के लोगों के जीवन में सुधार लाना चाहिए।'' राष्ट्रपति ने कहा कि अधिकारियों के कार्यों का मार्गदर्शन सहानुभूति की गहरी भावना और समावेशी तथा न्यायसंगत विकास के प्रति प्रतिबद्धता से होना चाहिए। मुर्मू ने आईईएस अधिकारियों से ईमानदारी एवं पेशेवर मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, '' सार्वजनिक सेवा में विश्वास आपकी सबसे मूल्यवान पूंजी है और इसे आपके निर्णयों तथा कार्यों के माध्यम से अर्जित एवं बनाए रखा जाना चाहिए।'' राष्ट्रपति ने उनसे मिलने आये केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) के अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का दृष्टिकोण ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती और विश्वसनीयता से गहराई से जुड़ा है। उन्होंने कहा, '' बिजली केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं है। यह औद्योगिक विकास, नवाचार, बेहतर जीवन स्तर और देश की समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति की प्रेरक शक्ति है।'' भारत की अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बिजली ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाना इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक एकीकरण जीवाश्म ईंधनों (कोयला आदि) पर निर्भरता कम करेगा और अधिक स्वच्छ तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बिजली क्षेत्र के निर्माण में मदद करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्था की ओर बदलाव प्रौद्योगिकी एवं परिचालन संबंधी चुनौतियां हैं, जिन्हें नवोन्मेषी सोच, प्रौद्योगिकी प्रगति और प्रभावी योजना के माध्यम से दूर किया जा सकता है। -
एक-दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना
नयी दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है और उन्हें एक-दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। चिकित्सकों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बुखार होने के बाद उन्हें मंगलवार रात करीब 10:22 बजे सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के अध्यक्ष अजय स्वरूप के अनुसार, गांधी के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और अब उनकी स्थिति ''काफी बेहतर'' है। स्वरूप ने कहा, ''उन्होंने (गांधी) नाश्ता भी किया है। हमें उम्मीद है कि उन्हें एक या दो दिन में छुट्टी दे दी जाएगी।'' चिकित्सकों ने बताया कि गांधी को ''सिस्टमिक इन्फेक्शन'' हुआ था और उन पर 'एंटीबायोटिक' दवाओं का अच्छा असर हो रहा है। वह वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम की देखरेख में हैं, जो उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि हालांकि उनकी स्थिति स्थिर है और गंभीर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें थोड़े समय के लिए स्वास्थ्य संबंधी निगरानी में रखे जाने की संभावना है। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को रामनवमी की हार्दिक बधाई व शुभकामना देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय चेतना के वे आदर्श हैं, जिनमें करुणा तथा कर्तव्य का अद्भुत संतुलन है। योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "धर्म, सत्य और मर्यादा के श्रेष्ठतम प्रतीक प्रभु श्री राम के पावन जन्मोत्सव 'श्री रामनवमी' की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई।" उन्होंने कहा, "प्रभु श्रीराम भारतीय चेतना के वे आदर्श हैं, जिनमें करुणा और कर्तव्य का अद्भुत संतुलन है। उनका जीवन स्मरण कराता है कि शक्ति का सौंदर्य मर्यादा में और विजय का अर्थ लोकमंगल में है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "रामनवमी का यह पावन दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम अपने आचरण में सत्य, व्यवहार में करुणा और समाज में समरसता को स्थान दें, यही 'रामत्व' का सच्चा उत्सव है।'' उन्होंने कहा, "प्रभु श्रीराम की कृपा से आप सभी के जीवन में शांति, संतुलन और सद्भाव बना रहे, यही मंगलकामना है। जय श्री राम।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 29 मार्च को दिन के ग्यारह बजे आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करेंगे। यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 132वीं कडी होगी। कार्यक्रम आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क, एआईआर न्यूज वेबसाइट और न्यूज ऑन एआईआर मोबाइल ऐप पर प्रसारित होगा।आकाशवाणी समाचार, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण होगा। आकाशवाणी से प्रसारण के तुरंत बाद मन की बात कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित होगा।
-
नई दिल्ली। श्रीनगर एयरपोर्ट पर रनवे के रखरखाव और विकास कार्य के कारण अप्रैल से उड़ानों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया गया है। श्रीनगर एयरपोर्ट के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जारी अपडेट के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक उड़ानों का ऑपरेशन समय शाम 5 बजे (1700 घंटे) तक सीमित रहेगा। वर्तमान में श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोजाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लगभग 60 उड़ानें (आगमन और प्रस्थान) संचालित होती हैं।
भारतीय वायु सेना द्वारा जारी एनओटीएएम के मुताबिक, रनवे के काम के चलते अप्रैल के पहले सप्ताह से यह समय सीमा लागू होगी। हालांकि उड़ानों का समय कम हो जाएगा, लेकिन डीजीसीए द्वारा मंजूर ग्रीष्मकालीन शेड्यूल के अनुसार उड़ानों की कुल संख्या बढ़ने की उम्मीद है। एयरलाइंस अब बदले हुए समय के अनुसार अपनी उड़ानों की योजना बना रही हैं और यात्रियों को इसी अनुसार सूचित किया जाएगा।भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल अस्थायी है और रनवे के बेहतर रखरखाव व आधुनिकीकरण के लिए जरूरी है। प्राधिकरण ने कहा कि सुरक्षित, कुशल और निर्बाध हवाई यात्रा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान से पहले एयरलाइंस या श्रीनगर एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप और सोशल मीडिया हैंडल से नवीनतम जानकारी जरूर ले लें। बिना पुष्टि वाली किसी भी खबर या अफवाह पर भरोसा न करें। कश्मीर घाटी में पर्यटन और व्यापार के लिए श्रीनगर एयरपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रीष्मकाल में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में उड़ानों के समय में यह बदलाव कई यात्रियों को प्रभावित करेगा। खासकर जो लोग शाम की उड़ानों पर निर्भर थे, उन्हें अब अपनी यात्रा की योजना पहले से बदलनी होगी। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि रनवे कार्य पूरा होने के बाद ऑपरेशन समय फिर से सामान्य हो जाएगा। इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस अतिरिक्त सुबह की उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला का सूर्य तिलक देखा। इस दौरान उन्होंने प्रभु श्री राम से देशवासियों के लिए आशीर्वाद की कामना की। प्रधानमंत्री ने रामनवमी के पावन अवसर पर मंदिर में आयोजित सूर्य तिलक संस्कार का अवलोकन किया। इस विशेष अनुष्ठान में सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक पर पड़ती हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था का विषय है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज सुबह अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में सूर्य तिलक संस्कार हुआ। प्रभु श्रीराम की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे।” -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।इससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो कि पहले 13 रुपए प्रति लीटर थी। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर शून्य हो गई है, जो कि पहले 10 रुपए प्रति लीटर थी।
वित्त मंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए।इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है। इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। कच्चे तेल की कीमत में भारी वृद्धि के कारण ओएमसी को ईंधन की रिटेल बिक्री पर बड़ा नुकसान हो रहा है। मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होने को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक अहम कदम बताया।पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय 140 करोड़ भारतीयों को वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करेगा।पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उठापटक के बावजूद, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करके प्रत्यक्ष मूल्य राहत सुनिश्चित की है। डीजल और एविएशन टरबाइन ईंधन पर रणनीतिक निर्यात शुल्क लगाकर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत की विकास गति निर्बाध बनी रहे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले के लिए नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते दुनिया के कई देश ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भारत सरकार का यह फैसला नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।उन्होंने कहा कि जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, वहीं भारत में एक्साइज ड्यूटी में कटौती सरकार की जन-केंद्रित और संवेदनशील नीति को दर्शाती है। गृह मंत्री ने संकेत दिया कि इस फैसले से आम लोगों को महंगाई के दबाव से कुछ राहत मिलेगी और ईंधन की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। -
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले को मोदी कैबिनेट ने सराहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अमित शाह ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करके एक समय पर और निर्णायक कदम उठाया है, जिससे नागरिकों को बहुत जरूरी राहत मिली है।
ऐसे समय में जब कई देश ईंधन की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हैं, यह कदम हमारी सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण और जन कल्याण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका नेतृत्व नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और लोगों के कल्याण के प्रति अटूट समर्पण से परिभाषित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में जारी ईंधन संकट के बीच, जिसने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करके एक समयोचित और नागरिक केंद्रित कदम उठाया है। जहां कई देश लगातार ईंधन की कीमतें बढ़ा रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय जन कल्याण के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल परिवारों और व्यवसायों को राहत प्रदान करता है, बल्कि एक ऐसी संवेदनशील शासन व्यवस्था को भी प्रदर्शित करता है जिसका उद्देश्य नागरिकों को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाना है।केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनियाभर में ईंधन की कमी से हाहाकार मचा हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में,मोदी सरकार का ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला नागरिकों के लिए बहुत जरूरी राहत लेकर आया है। जहां कई देशों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। वहीं मोदी सरकार का एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला उसके जन केंद्रित शासन और संवेदनशीलता से भरे निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाता है। इस फैसले के लिए पीएम मोदी को बधाई।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ऐसे समय में जब दुनिया पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे भारतीय नागरिकों को बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिली है। लोगों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। इस चुनौतीपूर्ण समय में, सरकार हर नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी परिवार को इन कठिन समय का बोझ न उठाना पड़े। -
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत का संतुलित और व्यावहारिक रुख उसके इजरायल के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। पिछले तीन दशकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार बढ़ी है। यह संबंध पहले सीमित कूटनीतिक बातचीत तक था, लेकिन अब यह मजबूत सुरक्षा और तकनीकी सहयोग में बदल चुका है।
अमेरिका के थिंक टैंक मिडिल ईस्ट फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद, क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं ने भारत और इजरायल के बीच रिश्तों को और मजबूत किया है। भारत के लिए इजरायल एक भरोसेमंद रक्षा और तकनीकी साझेदार साबित हुआ है। वहीं भारत ने अपनी व्यापक मिडिल ईस्ट पॉलिसी के तहत अरब देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए रखे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़कर खुफिया जानकारी साझा करने, मिसाइल सिस्टम, निगरानी तकनीक और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों तक पहुंच गया है। रक्षा नवाचार, साइबर सुरक्षा और उन्नत सैन्य तकनीक में अग्रणी होने के कारण इजरायल भारत के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में संयुक्त विकास और सह-उत्पादन इस रिश्ते में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस साझेदारी से दोनों देशों को फायदा हो रहा है। इजरायल अपने सहयोगियों का दायरा बढ़ा रहा है। वहीं भारत मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।अब सह-उत्पादन और तकनीक का आदान-प्रदान इस रिश्ते के मुख्य स्तंभ बन गए हैं। साथ ही खुफिया सहयोग, आतंकवाद-रोधी रणनीतियां और सीमा सुरक्षा तकनीक भी अहम भूमिका निभा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ भी व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में संबंध मजबूत किए हैं। रिपोर्ट में एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि इजरायल के साथ भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग रहा है और कठिन समय में इजरायल ने भारत का साथ दिया है। -
नई दिल्ली। नया वित्त वर्ष शुरू होने में कुछ ही दिन का समय शेष रह गया है। हर नए वित्त वर्ष के साथ कुछ न कुछ बदलाव जरूर होते हैं इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है, जिसके बारे में हम इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं। नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 एक अप्रैल से पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश इनकम टैक्स से जुड़े कानून और शब्दावली को सरल बनाना है।
नए इनकम टैक्स में असेसमेंट ईयर जैसे शब्दों को हटा दिया गया है और अब इसकी जगह टैक्स ईयर शब्द का उपयोग किया जाएगा। नए वित्त वर्ष के साथ ही न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपए तक की आय टैक्स छूट के दायरे में आ जाएगी। ऐसे में अगर आपकी आय 12 लाख रुपए तक है तो सेक्शन 87ए से आपकी पूरी आय टैक्स फ्री हो जाएगी।फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए को 1 अप्रैल से फॉर्म 130 और फॉर्म 131 से बदल दिया जाएगा। कर संबंधी नियमों का सुचारू रूप से पालन सुनिश्चित करने और कर दाखिल करने में स्पष्टता लाने के लिए इनके जारी करने की समयसीमा में संशोधन किया जा सकता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब पैन आवेदन के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में केवल आधार कार्ड को स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि इसके लिए कक्षा 10 का प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। यह नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। अगर रेलवे टिकट को ट्रेन के चलने से 8 से लेकर 24 घंटे के बीच में रद्द कर दिया जाता है तो कुल टिकट की कीमत का 50 प्रतिशत रिफंड के रूप में मिलेगा। अगर टिकट को ट्रेन के चलने के 24 से लेकर 72 घंटे के बीच में रद्द कर दिया जाता है तो कुल टिकट की कीमत का 25 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। अगर टिकट को ट्रेन के चलने के 72 घंटे से अधिक पहले रद्द किया जाता है, तो अधिकतम कैंसिलेशन शुल्क लागू होगा, हालांकि, पूर्ण टैक्स रिफंड नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में रिफंड भारतीय रेलवे के नियमों और शर्तों पर निर्भर करती है, जो परिवर्तन के अधीन हैं। -
नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार ने सभी विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी स्कूल के समय के दौरान रील या 'शॉर्ट वीडियो' न बनाएं। सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी गतिविधियों से शैक्षणिक कार्य, अनुशासन या संस्थानों की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को जारी एक परिपत्र में कहा कि निदेशालय को इस बात की जानकारी मिली है कि स्कूल परिसर में मनोरंजन के लिए 'शॉर्ट वीडियो' बनाए जा रहे हैं और विद्यालय प्रमुखों को कक्षा के समय के दौरान ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। निर्देश में इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षण प्रक्रिया को बाधित करने या विद्यार्थियों का ध्यान भटकाने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई जानी चाहिए, संस्थानों की मर्यादा व गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए और शिक्षा पर ही ध्यान केंद्रित रहना चाहिए। विभाग ने कहा हालांकि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति और शिक्षक की देखरेख में 'शैक्षणिक, सांस्कृतिक या जागरूकता संबंधी विषयों' से संबंधित सामग्री बनाई जा सकती है बशर्ते कि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई बाधा न आए और विद्यार्थियों की सुरक्षा व गोपनीयता का ध्यान रखा जाए। निर्देश में यह भी बताया गया कि विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अनुचित, गैर-शैक्षणिक या प्रचार सामग्री रिकॉर्ड नहीं की जानी चाहिए। विभाग ने कहा, "सभी विद्यालय प्रमुखों को इन निर्देशों को कर्मचारियों व विद्यार्थियों तक पहुंचाने और इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों के उल्लंघन पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी।" विभाग ने इस मामले को 'अत्यंत आवश्यक' बताया।
-
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को राम नवमी के अवसर पर एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिंदुत्व के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाती हुई दिखी, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल (टीएमसी) कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को धार्मिक विमर्श पर एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। राज्य की राजधानी कोलकाता और कई जिलों में राम नवमी के अवसर पर भगवा ध्वज लहरा रहे थे, भीड़ भरी सड़कों पर ''जय श्री राम'' के नारे गूंज रहे थे और सैकड़ों की संख्या में झांकियां निकाली गईं। कोलकाता शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी रैलियां निकाली गईं, जबकि हावड़ा, हुगली, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी इसी तरह की झांकी निकाली गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे, हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को मुस्तैद रखा गया था। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर में राम नवमी की झांकी में शामिल हुए, जो दक्षिण कोलकाता का वह निर्वाचन क्षेत्र है जहां वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा नेता शुभेंदु ने रैली में भाग लेते हुए कहा, ''राम नवमी हमारी सभ्यता और संस्कृति का उत्सव है। बंगाल भर के लोग बड़ी संख्या में श्रद्धा प्रदर्शित करने के लिए सड़कों पर एकत्र हो रहे हैं।'' कई भाजपा नेताओं और उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में झांकी में भाग लिया, जिससे यह धार्मिक उत्सव संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में तब्दील हो गया। भाजपा के लिए, राम नवमी पिछले एक दशक में बंगाल में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार में उसके वैचारिक सहयोगियों ने दो दिनों के उत्सव के दौरान लगभग दो करोड़ लोगों से संपर्क साधने के उद्देश्य से राज्य भर में कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को रेखांकित करता है। हालांकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भी इस उत्सव के जरिये अपना जनाधार बढ़ाने में कोई कसर छोड़ती नजर नहीं आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में, कई तृणमूल नेताओं ने राम नवमी कार्यक्रमों में भाग लेना या स्वयं स्थानीय झांकी का आयोजन करना शुरू कर दिया है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक भाजपा के हिंदुत्ववादी दृष्टिकोण का मुकाबला करने के लिए पार्टी (तृणमूल) के प्रयास के हिस्से के रूप में देखते हैं। तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष कई स्थानीय नेताओं के साथ उत्तरी कोलकाता में राम नवमी रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में कहा था, ''राम किसी राजनीतिक दल के नहीं हैं। वह सबके हैं।''
बनर्जी की इस टिप्पणी को हिंदू विमर्श पर भाजपा को एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। वामपंथी और कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर बंगाल में ''उत्तर भारतीय हिंदुत्व की राजनीति'' थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने तृणमूल की इस बात के लिए आलोचना की है कि वह भाजपा के विमर्श का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने के बजाय ''नरम हिंदुत्व'' का सहारा ले रही है। माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''राजनीति में धर्म का यह आक्रामक उपयोग बंगाल की समन्वयवादी परंपरा में नयी चीज है।'' बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी। -
कोल्लम (केरल) . दिग्गज अभिनेता एवं निर्देशक ई ए राजेंद्रन का बृहस्पतिवार को कोल्लम के पट्टत्तानम में निधन हो गया। फिल्म जगत के सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 71 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अभिनेता के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राजेंद्रन के परिवार में उनकी पत्नी संध्या राजेंद्रन और पुत्र दिव्यदर्शन हैं। फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने बताया कि राजेंद्रन पिछले कुछ महीनों से बीमार थे और उनका इलाज हो रहा था। अभिनेता का अंतिम संस्कार शुक्रवार को त्रिशूर के त्रिथल्लूर में किया जाएगा। राजेंद्रन अभिनेता मुकेश के बहनोई थे और प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक ओ माधवन के दामाद थे। माधवन की बेटी और मुकेश की बहन संध्या से शादी करने के बाद वे कोल्लम के पट्टत्तानम में ही बस गए थे। नयी दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्र रहे राजेंद्रन ने अपने करियर की शुरुआत रंगमंच कलाकार के रूप में की थी। उन्होंने 1981 में फिल्म 'ग्रीष्मन' से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की और उसके बाद 50 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी आखिरी फिल्म 2023 में जयराज द्वारा निर्देशित 'ओरु पेरुमकलियत्तम' थी।
-
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' के उपचार के लिए 'स्टेम सेल थेरेपी' को अवैध घोषित करते हुए एक परामर्श जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य महानगरों और टियर-2 शहरों में स्थित उन निजी क्लीनिकों के अवैध तौर-तरीकों पर अंकुश लगाना है, जो 'स्टेम सेल थेरेपी' के माध्यम से 'ऑटिज्म' और 'सेरेब्रल पाल्सी' का इलाज करने का दावा करते हैं। 'स्टेम सेल थेरेपी' एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जिसमें शरीर की खास कोशिकाओं का उपयोग बीमार या क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करने या बदलने के लिए किया जाता है। सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों और पंजीकृत चिकित्सकों को 25 मार्च को जारी परामर्श के अनुसार, 'स्टेम सेल थेरेपी' का उपयोग अब केवल 32 अनुमोदित रोगों के लिए किया जा सकता है, जिनमें 'एक्यूट मायलोइड ल्यूकेमिया', 'मल्टीपल स्केलैरोसिस', 'थैलेसीमिया', 'ऑस्टियोपेट्रोसिस', 'मल्टीपल मायलोमा', 'एप्लास्टिक एनीमिया/पैरोक्सिस्मल हीमोग्लोबिनुरिया', 'जर्म सेल ट्यूमर' और 'मायलोफाइब्रोसिस' शामिल हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की सिफारिशों के आधार पर यह परामर्श जारी किया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने 30 जनवरी को हुई सुनवाई में 'स्टेम सेल थेरेपी' के संबंध में फैसला सुनाया था जिसके बाद आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने 10 मार्च को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेथ को पत्र लिखकर 32 ऐसी बीमारियों की सूची साझा की, जिनमें स्टेम सेल थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। -
नयी दिल्ली. देशभर में बृहस्पतिवार को राम नवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर मंदिर रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजे हुए थे, जहां पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दे रही थी जबकि सड़कों पर भव्य शोभा यात्राओं ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कई राज्यों में विशेष पूजा-अर्चना और सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालु सुबह से ही बड़ी संख्या में मंदिरों में उमड़ पड़े। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। देश के विभिन्न हिस्सों में भगवान राम के जन्मोत्सव के मौके पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली गईं, जिनमें श्रद्धालु 'जय श्री राम' का उद्घोष करते हुए और भगवा झंडे लेकर उत्सव में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार को मुख्य उत्सव मनाया जायेगा,जहां राम जन्मभूमि मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक समारोह होगा। शुक्रवार को होने वाले उत्सवों से पहले सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं राज्य सरकार ने त्योहार के लिए दो दिन (बृहस्पतिवार और शुक्रवार) की छुट्टी की घोषणा की है। वाराणसी और मथुरा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के मंदिरों को भी सजाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में स्थित रघुनाथ मंदिर बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना, जब 36 वर्ष बाद इस सौ साल पुराने मंदिर में राम नवमी की पहली पूजा आयोजित की। इस खास अवसर पर न सिर्फ हिंदू श्रद्धालु जुटे, बल्कि उनके मुस्लिम पड़ोसी भी साथ खड़े नजर आए, जिससे माहौल भाईचारे और सौहार्द से भर उठा। राम नवमी के मौके पर शंकराचार्य मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा की गईं। पर्यटकों और सुरक्षा बलों ने भी स्थानीय हिंदू आबादी के साथ मिलकर उत्सव में हिस्सा लिया। इसी तरह, राजस्थान के जयपुर में सामुदायिक सद्भाव से भरपूर एक भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, क्योंकि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने मुस्लिम बहुल हसनपुरा क्षेत्र में एक शोभा यात्रा का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। स्थानीय निवासियों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर, पानी की बोतलें बांटकर और ''जय श्री राम'' के नारे लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गुजरात में रंगारंग शोभा यात्राओं से लेकर युवाओं द्वारा आयोजित अभिनव कार्यक्रमों में भक्तों ने राम नवमी को पूरे उत्साह के साथ मनाया। शहरों में 'जय श्री राम' के उद्घोष की गूंज सुनाई दी।
इस मौके पर राजकोट और वडोदरा सहित राज्य के कई शहरों में शोभा यात्राएं निकाली गयीं। सड़कें रंगारंग प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों और सामुदायिक भागीदारी से गुलजार हो उठीं। अहमदाबाद स्थित इस्कॉन मंदिर में सुबह 'श्री राम दरबार अभिषेक' और पारंपरिक '56 भोग' अर्पण के साथ एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सूरत में, लगभग 90 बाइकर्स डाभरी बीच पहुंचे, जहां 65 मोटरसाइकिलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया कि उनसे 'राम' शब्द लिखे होने का आभास हो सके। गोवा के मंदिरों में राम नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर विशेष प्रार्थनाओं, भजनों और अन्य अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। दक्षिण गोवा के पोंडा तालुका में स्थित श्री रामनाथ मंदिर में सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित होने लगे। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। उत्तरी गोवा के कोल्वाले स्थित श्री राम देवस्थान मंदिर में श्रद्धालुओं ने रामायण पाठ, भजन और प्रसाद वितरण में भाग लिया। दक्षिण गोवा के मडगांव जिले के कोम्बा इलाके में स्थित श्री दामोदर मंदिर में भी विशेष प्रार्थना आयोजित की गई। चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल में राम नवमी के मौके पर एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिंदुत्व के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाती हुई दिखी, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल (टीएमसी) कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को धार्मिक विमर्श पर एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। राज्य की राजधानी कोलकाता और कई जिलों में राम नवमी के अवसर पर भगवा ध्वज लहरा रहे थे, सड़कों पर ''जय श्री राम'' के नारे गूंज रहे थे और सैकड़ों की संख्या में झांकियां निकाली गईं। कोलकाता शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी रैलियां निकाली गईं, जबकि हावड़ा, हुगली, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी इसी तरह की झांकी निकाली गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे, हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को मुस्तैद रखा गया था। झारखंड और बिहार में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। झारखंड में राम नवमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए ड्रोन और त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकांश जिलों में शोभा यात्रा शुक्रवार को निकाली जाएंगी, जबकि संवेदनशील क्षेत्र हजारीबाग और जमशेदपुर में ये शोभा यात्रा शनिवार को निकाली जाएंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उम्मीद जताई कि बिहार में होने वाले उत्सवों में लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में, पहाड़गंज क्षेत्र में आयोजित शोभा यात्रा के कारण शाम को मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। शोभा यात्रा में लगभग 300 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राम नवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान राम के आदर्श न केवल भारत के लोगों के लिए, बल्कि अंनतकाल तक पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''देशभर के मेरे परिवारजनों को रामनवमी की असीम शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से हमें हर परिस्थिति का पूरे सामर्थ्य से सामना करने की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्श अनंतकाल तक भारतवासियों के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। - रायवरम (आंध्र प्रदेश) । आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में बृहस्पतिवार को एक निजी बस की एक ट्रक से टक्कर होने के बाद उसमें आग लग जाने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई तथा 23 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बस में आग लगने के कारण कई यात्री उसके भीतर फंस गए।मार्कापुरम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वी हर्षवर्धन राजू ने कहा, ''दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई और चालक सहित 23 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के संबंध में पूरी जानकारी एकत्र करने के प्रयास जारी हैं।'' मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।यह निजी यात्री बस तेलंगाना के जगित्याल से नेल्लोर जिले के कालीगिरि जा रही थी और इसमें करीब 35 यात्री सवार थे। दुर्घटना में ट्रक का चालक भी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को पर्याप्त चिकित्सकीय सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की व्यापक जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया।
-
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार से पहले मजबूरी के चलते आर्थिक सुधार किए जाते थे, लेकिन अब ''संकल्प और प्रतिबद्धता'' के साथ यह किया जा रहा है तथा देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वित्त विधेयक, 2026 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कि देश को विकसित बनाने और 140 करोड़ भारतीय नागरिकों की अकांक्षाआों को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान की। सीतारमण ने कहा, ''पहले की तरह मजबूरी में सुधार नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ सुधार किए जा रहे हैं।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि विश्वास आधारित कर व्यवस्था बनाने पर काम किया गया है ताकि ईमानदार करदाताओं को कठिनाई नहीं हो। सीतारमण ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने जीवनयापन की सुगमता (ईज ऑफ लिविंग) और कारोबार की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) का मजाक बनाया, लेकिन सरकार इन दोनों पहलुओं पर लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ''हम एमएसएमई, किसानों और सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बना रहे हैं क्योंकि ये देश के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। वित्त विधेयक इन्हें सशक्त बनाने का प्रावधान करता है।'' वित्त मंत्री का कहना था कि भारत को वैश्चिक व्यावसायिक केंद्र बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि इस वित्त विधेयक में मध्य वर्ग के लिए बहुत कुछ है।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने आम जनता की मदद के लिए 17 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमाशुल्क से छूट प्रदान की है। उन्होंने कहा कि उपकर और अधिभार के माध्यम से जितने राजस्व का संग्रह किया गया, उससे कहीं अधिक राज्यों को विभिन्न मद में भेजा गया। वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि 17 अरब डॉलर डेटा सेंटर के निवेश के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तेल बॉन्ड जारी किए और मोदी सरकार उसे आज तक भर रही है। वित्त मंत्री ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इन दोनों प्रदेशों की सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार महिला विरोधी है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है। - नयी दिल्ली है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की हालत स्थिर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अस्पताल के मुताबिक, उन्हें मंगलवार रात लगभग 10.22 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सर गंगाराम अस्पताल के प्रमुख डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और चिकित्सकों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल ने कहा कि चिकित्सक पेट और 'यूरिनरी ट्रैक्ट' में संभावित संक्रमण के बारे में जानने के लिए जांच कर रहे हैं और उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स दी गई हैं। सूत्रों ने पहले कहा था कि सोनिया गांधी संभवतः मौसम में बदलाव के कारण अस्वस्थ थीं और उन्हें देखभाल के लिए भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी हालत गंभीर नहीं है। file photo
- -छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का दौरा किया।कपूरथला। देश में स्वदेशी रेल निर्माण को एक नई गति देते हुए रेल कोच फैक्टरी, कपूरथला ने अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का सफल निर्माण किया है। उन्नत एवं पुनर्परिभाषित 16 कोचों वाली यह ट्रेन अंतिम चरण में है और चालू माह के अंत तक संचालन के लिए सौंपे जाने को तैयार है। यह उपलब्धि देश में आधुनिक ट्रेन निर्माण क्षमता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित पंजाब मीडिया दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने कोच निर्माण की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा और यह समझा कि किस प्रकार कच्चे स्टील से एक आधुनिक यात्री कोच तैयार किया जाता है।मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए उप महाप्रबंधक श्री अमन कुमार ने वंदे भारत कोचों के नवीनतम संस्करण में शामिल तकनीकी नवाचारों और सुधारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार वंदे भारत ट्रेन का निर्माण आरसीएफ कपूरथला में किया गया है, जिससे उत्पादन क्षमता का विस्तार हुआ है। इससे पहले इसका डिजाइन और निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई में किया गया था। यह पहल इंडियन रेलवेज की निर्माण क्षमता को और सुदृढ़ करेगी।उन्होंने बताया कि आरसीएफ कपूरथला प्रति वर्ष लगभग 2,200 से 2,300 कोचों का निर्माण करता है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार विभिन्न प्रकारों (वैरिएंट्स) में तैयार किए जाते हैं। वंदे भारत का मूल डिजाइन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में विकसित किया गया था, जिसे अब आरसीएफ कपूरथला और मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली जैसे उन्नत कारखानों के साथ साझा किया गया है, ताकि अनुभव और फीडबैक के आधार पर निरंतर सुधार किए जा सकें।उन्नत वंदे भारत कोचों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री कुमार ने बताया कि इसमें कवच (Train Collision Avoidance System) जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली, क्रैशवर्दी डिजाइन तथा उन्नत अग्नि पहचान एवं शमन प्रणाली लगाई गई है। विशेष रूप से, ट्रेन के शौचालयों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाए गए हैं, जो धुआं या आग की स्थिति का तुरंत पता लगाकर अलर्ट देते हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव होती है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति (डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा) तक चलने में सक्षम है और इसमें बेहतर त्वरण एवं मंदन क्षमता है। इसके अतिरिक्त, इसमें उन्नत हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग प्रणाली, आधुनिक इंटीरियर, एर्गोनोमिक सीटिंग, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, उन्नत शौचालय, पैंट्री व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली तथा स्वचालित दरवाजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।वर्ष 1988 में स्थापित रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला आज एक विकसित टाउनशिप के रूप में भी उभरी है, जहां लगभग 5,600 कर्मचारी कार्यरत हैं और लगभग 4,000 आवासीय क्वार्टर उपलब्ध हैं। परिसर में केंद्रीय विद्यालय एवं पंजाब सरकार के विद्यालयों सहित शैक्षणिक संस्थान, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, फुटबॉल स्टेडियम, स्विमिंग पूल तथा 18-होल गोल्फ कोर्स जैसी खेल सुविधाएं और बैंक सहित अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।भारतीय रेल में खेल और समग्र विकास को बढ़ावा देने की परंपरा के तहत वर्तमान में आरसीएफ परिसर में अखिल भारतीय अंतर-रेलवे महिला हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न रेलवे जोनों की टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे से जुड़े कई खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।वंदे भारत ट्रेन, जिसे पहले ट्रेन 18 के नाम से जाना जाता था, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित की गई थी और वर्ष 2019 में इसे देश की पहली इंजन रहित सेमी-हाई स्पीड ट्रेन के रूप में शुरू किया गया था। तब से इसमें लगातार सुधार करते हुए इसे और अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाया गया है।श्री अमन कुमार ने कहा कि आरसीएफ कपूरथला में वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण देश को उन्नत रेल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह भारतीय रेल की आधुनिकीकरण एवं यात्री-केंद्रित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना—संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
इस योजना के जरिए कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होगा। साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा को बढ़ावा दिया जाएगा।दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में इस योजना से आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन ऑपरेटरों की व्यवहार्यता और स्थिरता भी बढ़ेगी।संशोधित योजना के तहत 100 नए हवाई अड्डों को विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में 12,159 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कदम ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।योजना के तहत हवाई अड्डों के संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) के लिए तीन वर्षों तक प्रति हवाई अड्डे 3.06 करोड़ रुपए और प्रति हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रॉम 0.90 करोड़ रुपए प्रति वर्ष की सहायता दी जाएगी। इसके लिए कुल 2,577 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 15 करोड़ रुपए प्रति हेलीपैड की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इस पर कुल 3,661 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिससे अंतिम-मील कनेक्टिविटी मजबूत होगी । एयरलाइन ऑपरेटरों को व्यवहार्यता अंतर (वीजीएफ) के तहत 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे क्षेत्रीय मार्गों पर संचालन को बढ़ावा मिलेगा।योजना के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान खरीदे जाएंगे। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को मजबूती देगा।अक्टूबर 2016 में शुरू हुई उड़ान योजना के तहत 28 फरवरी 2026 तक 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और वाटर एयरोड्रॉम पर 663 मार्ग चालू किए जा चुके हैं। अब तक 341 लाख से अधिक उड़ानें संचालित की गई हैं और 162.47 लाख यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है।यह योजना न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं को भी मजबूत करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा।








.jpg)
.jpg)













.jpg)



