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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद देश भर के राजनीतिक नेताओं और सरकारों ने ईंधन बचाने के उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद कई नेताओं ने ईंधन बचाने और ऊर्जा बचत प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो यात्रा, इलेक्ट्रिक वाहनों और काफिले का आकार घटाने जैसे विकल्पों को चुना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को प्रधानमंत्री के ईंधन उपयोग कम करने के आह्वान के अनुरूप अपने-अपने आवासों से काफी छोटे काफिले के साथ रवाना हुए।उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से ईंधन बचाने और ऊर्जा कुशल प्रथाओं को अपनाकर प्रधानमंत्री के संदेश का पालन करने का आग्रह किया। यूपी सरकार ने आधिकारिक काफिलों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया और अधिकारियों को जहां भी संभव हो, घर से काम करने और वर्चुअल बैठकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने की अपील की और साप्ताहिक “वाहन निषेध दिवस” मनाने के विचार को बढ़ावा दिया।इस बीच, पीएम मोदी की अपील के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी। मध्य प्रदेश सरकार ने वाहन रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है और मंत्रियों और अधिकारियों को वाहनों का कम से कम उपयोग करने और बड़े औपचारिक जुलूसों से बचने का निर्देश दिया है।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घोषणा की कि सरकार द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए कम से कम वाहनों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह कैबिनेट मंत्रियों, भाजपा विधायकों, जन प्रतिनिधियों, दिल्ली सरकार के अधिकारियों और सभी विभागों के साथ मिलकर कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगी और आधिकारिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या कम करेंगी। इस घोषणा के बाद, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद और कपिल मिश्रा दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हुए अपने कार्यालयों तक गए।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को काफिले के वाहनों का कम से कम उपयोग करने और अनावश्यक वाहनों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया, विशेषकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए। उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सभी विभागों में इसी तरह की प्रक्रियाओं को लागू करने का निर्देश दिया।महाराष्ट्र में, सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी विमानों के उपयोग हेतु मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय से पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी है। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय अपने साथियों के साथ मुंबई से चिपलुन तक ट्रेन से यात्रा की। भाजपा विधायक ने कहा कि राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए, वे पेट्रोल की खपत कम करने के लिए भविष्य में भी मुंबई में लोकल ट्रेनों से ही यात्रा करेंगे।गुजरात में, राज्यपाल ने घोषणा की कि ईंधन संरक्षण पहल के तहत वे राज्य के भीतर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज के बजाय ट्रेनों, राज्य परिवहन बसों और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों का उपयोग करेंगे। राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकारी काफिलों का आकार कम किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम की गई और अब काफिले में सिर्फ़ 3 गाड़ियां रहेंगी। वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा कम करने और ईंधन बचाने की अपील के बाद अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी।बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। बिहार के कई मंत्रियों और सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने भी ईंधन बचाने की इस पहल का समर्थन किया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने घोषणा की कि उन्होंने अपने वाहनों की संख्या आधी कर दी है और वे केवल आवश्यकता पड़ने पर ही आधिकारिक यात्रा करेंगे। बिहार के भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने भी इस पहल का समर्थन किया और विश्वास जताया कि बिहार भर के लोग प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करेंगे।राजनीतिक नेताओं की यह राष्ट्रव्यापी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। -
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को मेट्रो से यात्रा की और कहा कि यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ईंधन की खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लागू करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है।
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी मेट्रो यात्रा का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सभी मंत्रियों ने दृढ़ संकल्प के साथ इसका कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। मैं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करुंगा या केवल आवश्यकता पड़ने पर एक सरकारी वाहन का उपयोग करुंगा। आज सुबह दिल्ली मेट्रो की यात्रा।”मंत्री का यह बयान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ईंधन के उपयोग को कम करने और मंत्रियों, विधायकों व सरकारी अधिकारियों के बीच सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल की घोषणा के एक दिन बाद आया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल बचाने और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।”उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण अपील को ध्यान में रखते हुए, विभागीय कार्यों के लिए वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया गया है। मैं, मेरे सभी मंत्रिमंडल सहयोगी, भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक, जन प्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी और सभी विभाग आवश्यकतानुसार न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे और कार पूलिंग तथा सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।”ऊर्जा संरक्षण को राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “पूरी प्रतिबद्धता” के साथ काम कर रही है।रेखा गुप्ता ने कहा, “मैं दिल्ली के सभी निवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रधानमंत्री के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में शामिल हों।” ये अपीलें प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में भाजपा द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक बैठक में दिए गए भाषण के बाद की गई हैं, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को देखते हुए नागरिकों से ईंधन बचाने के उपाय अपनाने का आग्रह किया था। - नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपने संदेश में पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, “एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता । न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि शक्ति और सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक होते हैं। केवल क्षमता होना पर्याप्त नहीं, उसे कार्यरूप देने वाली शक्ति भी आवश्यक है; और शक्ति भी तभी सार्थक होती है जब उसके पीछे समर्थ आधार हो। जैसे शिव और शक्ति का अस्तित्व परस्पर अविभाज्य माना गया है, वैसे ही सामर्थ्य और ऊर्जा के समन्वय से ही सृजन, प्रगति और सफलता संभव होती है।गौरतलब है कि 13 मई 1998 का दिन भारत के इतिहास में बहुत अहम माना जाता है। इस दिन राजस्थान के पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत भारत ने दो और सफल परमाणु परीक्षण किए, जिन्हें शक्ति-IV और शक्ति-V नाम दिया गया। ये परीक्षण 11 मई 1998 को हुए पहले तीन परीक्षणों की शृंखला का ही आगे का हिस्सा थे।इन परीक्षणों का उद्देश्य भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को और मजबूत करना था। यह भी बताया गया कि ये सभी परीक्षण भूमिगत तरीके से किए गए और पूरी तरह नियंत्रित थे, जिससे किसी तरह की रेडियोएक्टिविटी बाहर नहीं फैली। इन परीक्षणों से मिले आंकड़ों का इस्तेमाल कंप्यूटर सिमुलेशन और भविष्य की परमाणु तकनीक को बेहतर बनाने में किया गया।इस पूरे अभियान का नेतृत्व तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। इन सफल परीक्षणों के बाद भारत को दुनिया में एक परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में पहचान मिली।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए शक्ति और सामर्थ्य के सामंजस्य का महत्व बताया। उन्होंने वर्ष 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों को भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक भी बताया।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा यह संदेशइस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि 11 मई 1998 को हुए परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को भारत की इच्छाशक्ति का परिचय कराया था। परीक्षणों के बाद पूरी दुनिया ने भारत पर दबाव बनाया, लेकिन भारत ने दिखा दिया कि कोई भी ताकत उसे झुका नहीं सकती।पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित किया साझाप्रधानमंत्री ने पोस्ट में संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। इसमें कहा गया है कि शक्ति और शक्तिमान एक-दूसरे पर आश्रित हैं तथा शिव के बिना शक्ति और शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं।प्रधानमंत्री ने लिखा:“एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”सुभाषित का अर्थइस सुभाषित का अर्थ है कि शक्ति और सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार शिव के बिना शक्ति अधूरी है और शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं, उसी प्रकार किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शक्ति और उसके सही उपयोग का संतुलन आवश्यक है। ( -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं' की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा अब नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के लिए लिया गया है। उसने कहा, ''केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एनटीए द्वारा तथ्यों को परखे जाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने तीन मई 2026 को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को भारत सरकार की मंजूरी से रद्द करने और अलग से अधिसूचित तिथियों पर परीक्षा पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है।'' नीट यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और अन्य देशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा लगभग 23 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गयी थी।
एजेंसी ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि 'वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं है।' उसने कहा, ''पुनः होने वाली परीक्षा की तिथियां और उनके लिए जारी किये जाने वाले प्रवेश पत्र की समय-सारणी अगले कुछ दिनों में एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से सूचित की जाएगी।'' एनटीए ने कहा कि सरकार ने परीक्षा से जुड़े आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। उसने कहा, ''एनटीए सीबीआई को पूरा सहयोग देगी और जांच के लिए आवश्यक सभी सामग्री, रिकॉर्ड और सहायता प्रदान करेगी।'' एनटीए ने कहा, ''यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में भरोसे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।'' एजेंसी ने स्वीकार किया कि परीक्षा को दोबारा आयोजित करने से परीक्षार्थियों और उनके परिवारों को 'वाकई बड़ी असुविधा' होगी। उसने कहा कि लेकिन परीक्षा प्रणाली में विश्वास को 'बड़ी और स्थायी क्षति' से बचाने के लिए यह निर्णय आवश्यक था। एनटीए के अनुसार, मई 2026 के सत्र में पंजीकृत उम्मीदवारों की जानकारी और चुने गए परीक्षा केंद्रों को पुनः आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल किया जाएगा। बयान में कहा गया है, ''नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।'' बयान के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा भुगतान की गई फीस वापस कर दी जाएगी और परीक्षा एनटीए के आंतरिक संसाधनों का उपयोग कर पुनः आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा की नयी तारीखें और संशोधित प्रवेश पत्र की समय सारणी की सूचना आने वाले दिनों में आधिकारिक चैनलों के माध्यम से दी जायेगी तथा परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों को सलाह है कि वे केवल एजेंसी द्वारा जारी की गई सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें। एनटीए ने रविवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया था कि प्रश्न पत्रों को 'जीपीएस-ट्रैकिंग' वाले वाहनों में ले जाया गया था, जिन पर विशिष्ट, 'ट्रेस' करने योग्य 'वॉटरमार्क' लगे थे तथा परीक्षा केंद्रों की निगरानी एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से एआई-सहायता प्राप्त सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से की गई थी। उसने कहा था, ''राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट (यूजी) 2026 से संबंधित कथित अनियमितताओं के संबंध में राजस्थान विशेष अभियान समूह द्वारा शुरू की गई कार्रवाई की जानकारी है। तीन मई, 2026 को परीक्षा निर्धारित समय पर और पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की गई थी।'' एजेंसी के अनुसार, कथित कदाचार से संबंधित सूचनाएं परीक्षा के चार दिन बाद सात मई की शाम को प्राप्त हुईं जिसे आठ मई की सुबह 'स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई' के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया। राजस्थान पुलिस के 'एसओजी' के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने सोमवार को कहा था कि जांच फिलहाल उस 'अनुमानित प्रश्नपत्र' पर केंद्रित है, जिसे परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के बीच कथित तौर पर वितरित किया गया था। बंसल ने कहा था, ''नीट परीक्षा को लेकर फैली विभिन्न गलतफहमियों के संबंध में, मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं: लगभग 410 प्रश्नों वाला एक अनुमानित प्रश्नपत्र (गेस पेपर) है। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 प्रश्न रसायन विज्ञान के प्रश्नपत्र में शामिल थे।'' हालांकि परीक्षा में रसायन विज्ञान के प्रश्नपत्र में 45 प्रश्न थे एवं परीक्षा में प्रश्नपत्रों के चार सेट का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा था, ''खबर है कि यह गेस पेपर विद्यार्थियों के बीच काफी पहले पहुंच गया था; यह वास्तविक परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक उन तक पहुंचने लगा था। हम अनुमानित प्रश्नपत्र के आधार पर जांच कर रहे हैं और यह सार्वजनिक रूप से भी उपलब्ध है।''
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गुवाहाटी। पूर्वोत्तर में भाजपा के तेजी से बढ़ने का व्यापक श्रेय पाने वाले हिमंत विश्व शर्मा का लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेना, न केवल नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि इस क्षेत्र में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक पैठ का भी संकेत देता है। कांग्रेस की ओर से तीखी आलोचना होने और अपनी पत्नी के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगने के बावजूद, शर्मा पूरे चुनाव में दृढ़ता से प्रचार करते रहे और असम में भाजपा को प्रभुत्व पाने में मदद की, जिससे क्षेत्र में सत्ताधारी राजग के पक्ष में राजनीतिक परिदृश्य को एक नया आकार मिला। राज्य की विकास यात्रा जारी रखने का संकल्प जताते हुए 57 वर्षीय नेता ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल 'ट्रेलर' था और दूसरे कार्यकाल में 'फिल्म' आएगी। हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में शर्मा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। वर्ष 2015 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री बनने तक का शर्मा का सफर लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक कौशल का परिणाम माना जाता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद 57 वर्षीय हिमंत शर्मा ने विकास कार्यों को गति देने, कल्याणकारी योजनाएं लागू करने और स्वदेशी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है। उनका कार्यकाल हालांकि कई विवादों से भी घिरा रहा है। विशेष रूप से बांग्लादेश मूल के बांग्ला भाषी मुसलमानों, जिन्हें राज्य में 'मियां' कहा जाता है, को लेकर शर्मा के बयानों और नीतियों ने व्यापक बहस को जन्म दिया है। अतिक्रमण हटाने के अभियान, बाल विवाह के खिलाफ सख्ती, बहुविवाह पर कार्रवाई, मवेशी संरक्षण कानून का पालन, सरकारी मदरसों को बंद या परिवर्तित करने जैसे उनके कदमों को विपक्ष ने सामाजिक ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला बताया। विवादों के बावजूद शर्मा अपने रुख पर कायम रहे। इस बीच, उनकी पत्नी से जुड़े आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ विवाद भी सुर्खियों में रहा, जिसका जिक्र उच्चतम न्यायालय के एक आदेश में भी हुआ। विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस ने उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के कारोबारी लेन-देन पर सवाल उठाए, हालांकि मुख्यमंत्री ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कभी पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले शर्मा अब भाजपा के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों में शामिल हैं और विभिन्न राज्यों में पार्टी के एजेंडे को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि, कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी भाषा और शैली एक संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। वर्ष 1996 में अपने पहले चुनाव में हार के बाद शर्मा 2001 से लगातार जालुकबारी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके हैं। वह 2001 से ही विभिन्न सरकारों में मंत्री रहे हैं और प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति के लिए जाने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया और तरुण गोगोई के मार्गदर्शन में उन्होंने कांग्रेस में तेजी से उभरते हुए महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। लेकिन बाद में तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई के साथ मतभेद बढ़ने के कारण 2015 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल के साथ मिलकर 2016 में असम में पार्टी की पहली सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालते हुए उन्होंने 2021 में मुख्यमंत्री पद संभाला। जोरहाट में जन्मे हिमंत विश्व शर्मा प्रसिद्ध कवि और उपन्यासकार कैलाश नाथ शर्मा तथा साहित्यकार मृणालिनी देवी के पुत्र हैं। हिमंत ने 1992 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की और इस विषय में पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की। उन्होंने 1995 में कानून की डिग्री प्राप्त की। गुवाहाटी उच्च न्यायालय में पांच वर्ष तक वकालत करने के बाद उन्होंने 2001 में राजनीति में प्रवेश किया। राजनीतिक दृढ़ता, संगठनात्मक कौशल और विवादों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने की क्षमता ने हिमंत विश्व शर्मा को न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की राजनीति में एक केंद्रीय चेहरा बना दिया है।
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गुवाहाटी। हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा क्षेत्र के वेटरनरी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में शर्मा को पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सर्वानंद सोनोवाल, पबित्रा मारगेरिटा ने, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा उप मुख्यमंत्रियों और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाग लिया। शर्मा की मां मृणालिनी देवी, पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा, पुत्र नंदिल विश्व शर्मा और पुत्री सुकन्या शर्मा भी इस दौरान मौजूद थे। शर्मा (57) असम में लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं। शर्मा के साथ शपथ लेने वाले चार विधायकों में भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, जबकि उनके सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं।
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मुंबई. महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने सोमवार को घोषणा की कि वह देश के सामने मौजूद कठिन परिस्थिति के मद्देनजर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने और खर्च पर संयम बरतने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए इस साल फ्रांस में होने वाले कान फिल्म महोत्सव में शामिल नहीं होंगे। यहां जारी एक बयान में शेलार ने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय खर्च में बचत का निर्णय लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यम से बैठकें आयोजित करने और संसाधनों का सीमित उपयोग सुनिश्चित करने पर अधिक जोर दिया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप यह निर्णय लिया गया।'' शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कान फिल्म महोत्सव में भाग लेने वाली मराठी फिल्मों के लिए आवश्यक समन्वय और समर्थन सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम जारी रखेगा। मंत्री ने कहा कि मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी आवश्यक होगा, वहां ऑनलाइन भाग लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अन्य उपायों के अलावा ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र लोगों को पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रहा है।
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गुवाहाटी. असम में मंगलवार को हिमंत विश्व शर्मा के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू होगा। खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य पूर्वाह्न 11 बजकर 40 मिनट पर शर्मा और नयी मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। भाजपा नीत गठबंधन के 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पहली बार सत्ता में आने के बाद से यह राज्य में राजग का लगातार तीसरा कार्यकाल होगा। राजग में भाजपा, असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) शामिल हैं। गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा ने अकेले 82 सीट जीतकर राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया, जबकि अगप और बीपीएफ को 10-10 सीट मिलीं। शर्मा के साथ ही मंत्रिपरिषद के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण करने की भी संभावना है, जिसमें सभी गठबंधन सहयोगियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद शर्मा द्वारा नयी सरकार के पहले 100 दिन की प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की उम्मीद है। इनमें भूमि अधिकारों और अतिक्रमण हटाने के अभियानों से संबंधित प्रतिबद्धताएं भी शामिल होंगी। यह प्रचंड चुनावी जीत 'पहचान, भूमि और सुरक्षा' के मुद्दों को उठाते हुए चलाए गए प्रचार अभियान के बाद मिली है। शर्मा पहले ही कह चुके हैं कि नयी सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी और असम को प्रगति की दिशा में ले जाएगी। उन्होंने सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में इसी बात को दोहराते हुए लिखा, ''असम की भूमि, पहचान और भविष्य पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। 1.5 लाख बीघा भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद, राजग असम के लोगों के लिए पांच लाख बीघा और भूमि वापस दिलाने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। क्योंकि हमारे लिए जाति, माटी, बेटी सर्वोपरि हैं।'' प्रदेश भाजपा के मीडिया संयोजक ध्रुवज्योति मारल ने बताया कि सभी 126 निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जा रहा है और इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''कार्यक्रम स्थल पर तीन मंच होंगे। शपथ ग्रहण समारोह मुख्य मंच पर होगा, जहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बैठेंगे। हमें उम्मीद है कि कम से कम छह केंद्रीय मंत्री, 20 मुख्यमंत्री और 23 उपमुख्यमंत्री उपस्थित हो सकते हैं।''
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चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को अपने पूर्ववर्ती एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से यहां अलवरपेट स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। विजय के नेतृत्व वाली सरकार को 13 मई तक सदन में विश्वास मत हासिल करना है, उससे कुछ दिन पहले दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई है। विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने और मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय ने पहली बार स्टालिन से मुलाकात की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह एक ''शिष्टाचार भेंट'' थी।
स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विजय द्वारा तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण बोझ होने के लिए द्रमुक की पूर्ववर्ती सरकार की कड़ी आलोचना करने के एक दिन बाद यह बैठक हुई है। विजय ने 'सत्ता के अनेक केंद्र' होने के लिये परोक्ष रूप से द्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह अपनी सरकार में एकमात्र "सत्ता का केंद्र" होंगे। द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने कर्ज के बोझ संबंधी विजय के बयान पर पलटवार किया था।
बाद में, विजय ने एमडीएमके संस्थापक वाइको से मुलाकात की।
विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट पर जीत हासिल की थी। विजय ने रविवार को यहां एक समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसी के साथ ही इस राज्य में लगभग 60 साल में पहली बार द्रमुक और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से इतर किसी दल की सरकार बनी है। टीवीके को समर्थन देने वाली कांग्रेस द्रमुक की पूर्व सहयोगी है। कांग्रेस के पांच विधायक हैं।
विजय के तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से इस्तीफे के बाद, टीवीके के पास विधानसभा में 107 सीट हैं और इसे कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और वाम दलों के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नयी सरकार को 13 मई तक विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने का निर्देश दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री विजय के आगमन पर उदयनिधि ने उनसे हाथ मिलाकर और गर्मजोशी से गले लगाकर उनका स्वागत किया। बाद में स्टालिन ने विजय को गले लगाया और उन्हें अपने घर के अंदर ले गये। विजय और स्टालिन ने एक-दूसरे को रेशमी शॉल और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।
बाद में विजय एमडीएमके संस्थापक वाइको के आवास पर गये और उनसे मुलाकात की। वाइको के बेटे दुरई वाइको ने विजय का स्वागत किया। वाइको ने विजय को सफेद रेशमी शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री ने भी वाइको को शॉल भेंट करके सम्मानित किया। बाद में, दोनों नेताओं को थोड़ी देर के लिए बातचीत करते हुए देखा गया और वाइको के आवास पर मौजूद लोगों ने विजय का अभिवादन किया। इस मौके पर वाइको ने कहा कि चुनाव के बाद विजय एक बड़े नेता के रूप में उभरे हैं और चुनाव से यह साबित हुआ कि लोग बदलाव चाहते थे। -
गुवाहाटी. असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने निर्वाचित मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को राज्य में अगली सरकार बनाने का रविवार को निमंत्रण दिया। एक बयान में यह जानकारी दी गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने लोक भवन में आचार्य से मुलाकात की और शर्मा के नेतृत्व में सरकार गठन का दावा पेश किया। लोक भवन ने बयान में कहा, "राज्यपाल ने डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को असम में नयी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।" बयान में यह भी कहा गया है कि आचार्य शर्मा को मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को आयोजित किए जाने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। असम में राजग की यह लगातार तीसरी सरकार होगी। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग ने पहली बार 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। पहली दफा 2021 में मुख्यमंत्री बने शर्मा लगातार दूसरी बार इस पद पर आसीन होने वाले राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी नेता होंगे। हालिया विधानसभा चुनाव में राजग ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। भाजपा ने 82 सीट जीतीं, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) और (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट) ने 10-10 सीट पर जीत हासिल की।
- नयी दिल्ली।वाइस एडमिरल संजय वात्सायन को पश्चिमी नौसेना कमान का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वात्सायन वर्तमान में नेवल स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और इस महत्वपूर्ण परिचालन कमान में वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का स्थान लेंगे। शनिवार को स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नामित किया गया। वे वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के 31 मई को सेवानिवृत्त होने के बाद शीर्ष पद का कार्यभार संभालेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि वाइस एडमिरल संजय वात्सायन को पश्चिमी नौसेना कमान का फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। पश्चिमी नौसेना कमान का मुख्यालय मुंबई में है। पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल वात्सायन ने एक जनवरी, 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वह तोपखाना और मिसाइल प्रणालियों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक लंबे अपने विशिष्ट करियर के दौरान विभिन्न पदों पर कार्य किया है।
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हैदराबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित तरीके से उपयोग करना समय की मांग है। तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर यहां हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है और पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। मोदी ने कहा कि पहले सरकार शत प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर केंद्रित थी और अब इसका ध्यान पाइपलाइन के जरिये गैस की किफायती आपूर्ति पर है, साथ ही साथ संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत दुनियाभर में जारी बड़े ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए दोहराया कि आयातित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से और केवल आवश्यकता होने पर ही किया जाना चाहिए। मोदी ने वित्तीय और भूराजनीतिक लाभों का उल्लेख करते हुए कहा, "आज के समय में यह भी आवश्यक है कि पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसे अन्य उत्पादों का बड़े संयम के साथ उपयोग किया जाए। हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।" रेड्डी की इस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कि विकास कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए, मोदी ने कहा कि वह भी राजनीति की बात नहीं करेंगे। तेलंगाना के प्रति केंद्र का समर्थन सुनिश्चित करते हुए, उन्होंने रेड्डी से विकास की यात्रा में उनके साथ जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं रेवंत जी से कहना चाहता हूं। मैं आपको उतना ही देने के लिए तैयार हूं जितना गुजरात को 10 साल के दौरान केंद्र ने दिया। लेकिन, मेरी जानकारी के अनुसार, मैं आपको बताना चाहता हूं। जैसे ही मैं ऐसा करूंगा, जो आप पा रहे हैं वह आधा रह जाएगा। आप वहां नहीं पहुंच पाएंगे जहां आप पहुंचना चाहते हैं। इसलिए बेहतर है कि आप मेरे साथ जुड़ जाएं।" मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग पार्टी की सरकार होना गलत नहीं है और राज्यों का विकास देश के विकास जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में तेजी से सुधार हो रहे हैं और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी तैयार कर रहा है। उन्होंने तेलंगाना के हर परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र उनके सपनों को साकार करने के लिए "और भी तेजी से काम करता रहेगा"। मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना हो गया है।
पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए रेलवे बजट 1,000 करोड़ रुपये से कम था। लेकिन आज केवल तेलंगाना के लिए रेलवे बजट 5,500 करोड़ रुपये है। इससे पहले, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि केंद्र को राज्य के विकास प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, जिसमें मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार, फ्यूचर सिटी प्रोजेक्ट और मुसी नहर का पुनरुद्धार शामिल है। समारोह के दौरान मोदी ने हैदराबाद में एचआईसीसी में डिजिटल माध्यम से तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया। इस अवसर पर तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और कई अन्य नेता हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एचआईसीसी) में उपस्थित रहे। मोदी ने हैदराबाद के राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व के केंद्र के रूप में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शुरू की गईं कई परियोजनाएं तेलंगाना को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से हजारों नौकरियां सृजित होंगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत बनेगी। मोदी ने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखीं जिसमें हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को चार लेन बनाना शामिल है। उन्होंने रेलवे की काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के विभिन्न खंडों, हैदराबाद में ग्रीनफील्ड पीओएल (पेट्रोलियम, तेल, लुब्रिकेंट्स) टर्मिनल, काजीपेट रेल अंडर रेल बाईपास और वारंगल में पीएम मित्र पार्क (काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क) का उद्घाटन भी किया। लगभग 1,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क भारत का पहला पूरी तरह से कार्यशील पीएम मित्र पार्क है। जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक औद्योगिक स्मार्ट सिटी बनेगा। उन्होंने कहा कि इसमें विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और उन्नत आईसीटी नेटवर्क होंगे, जो वैश्विक निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरकार इन परियोजनाओं में हजारों करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे तेलंगाना में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (पीएलआई) योजना के तहत लाभार्थियों की भागीदारी को रेखांकित करते हुए कहा, "यह टेक्सटाइल पार्क विशेष रूप से हमारी बहनों और बेटियों के लिए रोजगार सृजित करेगा।" -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारत में हर दिन मां को समर्पित है। शाह ने अपनी मां के चरणों को प्रतिदिन स्पर्श करने और निधन के बाद भी उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाने के अपने निजी अनुभव को याद करते हुए यह बात कही। शाह ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा लिखित दो पुस्तकों, 'द बेंच, द बार एंड द बिजार' और 'द लॉफुल एंड द ऑफुल' के विमोचन के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''मैं प्रतिदिन अपनी मां के चरणों को स्पर्श करता था और उनके निधन के बाद भी मैं प्रतिदिन उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाता हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारे देश में हर दिन मां को समर्पित है। ये पुस्तकें अपनी मां को समर्पित करने और इनका विमोचन 'मदर्स डे' पर करने के लिए अमित शाह ने तुषार मेहता की सराहना की। गृह मंत्री ने मेहता को न केवल भारत का सॉलिसिटर जनरल और एक ज्ञानी वकील बताया, बल्कि अपना मित्र भी बताया।
- हैदराबाद।. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है और उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपायों का सुझाव दिया। मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ''इसीलिए, वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेने होंगे।''उन्होंने कहा, ''इसीलिए, वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेने होंगे। उन्होंने कहा, ''हमने कोरोना काल में घर से काम करना, डिजिटल माध्यम से बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंस और कई अन्य तरीके विकसित किए हैं। हम इनके अभ्यस्त हो गए हैं। इस समय की आवश्यकता है कि हम इन तरीकों को फिर से शुरू करें।'' संकट के चलते विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मोदी ने एक वर्ष के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचानी होगी।" उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद्य तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। पश्चिम बंगाल में भारी बहुमत से भाजपा सरकार बनने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने तेलंगाना में बंगाल का उत्साह देखा। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल के लोगों ने तानाशाही मॉडल को पराजित किया।"जब उन्होंने 'अगली बार' का नारा लगाया, तो भीड़ ने 'भाजपा सरकार' कहकर जवाब दिया।तेलंगाना के शुरुआती योगदान को याद करते हुए मोदी ने कहा कि जब भाजपा के पास केवल दो सांसद थे, तब राज्य ने एक सांसद दिया था। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की सेवा करना नहीं है, बल्कि यह विभाजनकारी और नफरत की राजनीति का अड्डा बन गई है। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस वाम से भी अधिक वामपंथी हो गई है। यानी वह एक कट्टर माओवादी बन गई है। वह मुस्लिम लीग से भी अधिक 'मुस्लिम लीगी' हो गई है।'' मोदी ने दावा किया कि लोग अब कांग्रेस को 'एमएमसी – मुस्लिम लीग, माओवादी, कांग्रेस' कहते हैं।
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चेन्नई. तमिलनाडु में सी. जोसफ विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 'तमिल थाई वाझथु' (प्रार्थना) गीत को 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' के बाद तीसरे स्थान पर गाया गया जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य में सरकारी कार्यक्रमों के प्रारंभ में परंपरागत रूप से इस प्रार्थना गीत को गाया जाता है।
'तमिल थाई वाझथु' की तुलना में 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' को दी गई प्राथमिकता ने राज्य में विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने 'तमिल थाई वाझथु' को तीसरे स्थान पर रखने के फैसले की निंदा की है। वीरपांडियन की पार्टी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), वीसीके (विदुथलाई चिरूथईगल काची) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ मिलकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को सरकार बनाने में समर्थन दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि तमिल प्रार्थना पारंपरिक रूप से सरकारी समारोहों की शुरुआत में गाई जाती रही है और इसे उचित महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए।
पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने एक बयान में राज्य सरकार से सभी आधिकारिक कार्यक्रमों और समारोहों में 'तमिल थाई वाझथु' को उचित महत्व देने का भी आह्वान किया। वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने भी इस घटना की निंदा की।
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में 'तमिल थाई वाझथु' से पहले 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' गाया गया। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भव्य समारोह में विजय को पद की शपथ दिलाई।
इसी तरह, शोलावंदन विधानसभा क्षेत्र से चुने गए टीवीके विधायक एम.वी. करुपैया के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भी 'तमिल थाई वाझथु' को तीसरे स्थान पर रखा गया। -
टीवीके प्रमुख की मुख्य टीम को मंत्रिमंडल में मिली जगह
चेन्नई. सी जोसेफ विजय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में रविवार को यहां रंगारंग समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसी के साथ ही इस दक्षिणी राज्य में 60 साल में पहली बार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से इतर किसी दल की सरकार बनी। अभिनेता (51) से नेता बने विजय के पहले मंत्रिमंडल में युवा और अनुभवी दोनों तरह के नेता हैं। तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख की मुख्य टीम को भी इसमें जगह मिली है। विजय ने अपने पहले संबोधन में कहा कि वह किसी राजघराने से नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह झूठे वादे कर लोगों को धोखा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि एक नयी शासन व्यवस्था शुरू हुई है तथा वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष एवं सामाजिक न्याय का नया युग आरंभ हो रहा है। विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर और उनकी मां शोभा, शीर्ष अभिनेत्री तृषा तथा बड़ी संख्या में आमंत्रित लोग जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विजय ने सरकारी फाइलों पर पहली बार हस्ताक्षर करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल गठित करने को मंजूरी दी। राज्यपाल आर वी आर्लेकर ने विजय और उनके मंत्रिमंडल के नौ सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले मंत्रियों में द्रविड़ राजनीति के अनुभवी नेता के ए सेंगोट्टैयन और युवा चेहरे डॉ. टी के प्रभु तथा एस कीर्तना शामिल हैं। टीवीके कार्यकर्ताओं की लगातार गूंजती सीटियों के बीच विजय ने ईश्वर के नाम पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके मंत्रियों ने भी ईश्वर के नाम पर शपथ ली जो पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के अधिकतर मंत्रियों के शपथ ग्रहण से अलग रहा। टीवीके नेता आधव अर्जुन, एन आनंद, आर निर्मल कुमार, के जी अरुणराज और सेंगोट्टैयन ने मंत्री पद की शपथ ली। इन सभी को विजय की करीबी टीम का सदस्य माना जाता है। आमतौर पर सफेद कमीज और खाकी पतलून में नजर आने वाले विजय रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में अलग अंदाज में दिखे। उन्होंने सफेद कमीज और गहरे रंग की पतलून के साथ कोट पहना था। उनके अधिकतर मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी कमीज और पतलून में नजर आए। इस तरह टीवीके मंत्रिमंडल की पोशाक भी सामान्य परंपरा से अलग दिखी। इससे पहले तमिलनाडु में पुरुष नेता ऐसे अवसरों पर आम तौर पर सफेद धोती और सफेद कमीज पहने नजर आते रहे हैं। विजय के माता-पिता उनके बेटे को पहले ही चुनाव में राजनीतिक शिखर पर पहुंचते देख बेहद खुश और भावुक नजर आए। विजय ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के गठन के दो साल बाद यह चुनाव जीता। रविवार के शपथग्रहण समारोह के साथ ही द्रविड़ राजनीति के गढ़ तमिलनाडु में करीब 60 साल में पहली बार द्रमुक और अन्नाद्रमुक से इतर किसी दल की सरकार बनी। करीब एक घंटे तक चले कार्यक्रम के अंत में विजय ने मंच पर मौजूद राहुल गांधी और अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों एवं अन्य लोगों के साथ सेल्फी ली। कार्यक्रम के दौरान जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम उत्साह से सराबोर दिखा जहां हजारों लोग अपने 'थलपति' (कमांडर) को 'मुथलमाइचर' यानी मुख्यमंत्री बनते देखने के लिए एकत्र हुए थे। यहां हर तरफ कठिन संघर्ष के बाद मिली जीत के जश्न का माहौल था।
समारोह स्थल के भीतर माहौल बेहद उत्साहपूर्ण दिखा। सुबह से ही पहुंच रही भीड़ की भावनाओं को व्यक्त करते हुए एक समर्थक ने कहा, ''हम थलपति की वजह से बहुत खुश हैं।'' टीवीके के चुनाव चिह्न सीटी की आवाजें चारों ओर गूंज रही थीं, वहीं समर्थक अपने नेता के सत्ता में आने का जश्न मनाते हुए पीले रंग की प्रधानता वाले पार्टी के शॉल लहरा रहे थे। अभिनेत्री सनम शेट्टी ने पत्रकारों से कहा कि यह क्षण तमिलनाडु की राजनीति के लिए एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा, ''बहुमत हासिल करने और इतिहास रचने के बावजूद... राजनीतिक समीकरणों में बदलाव से भरा पिछला एक सप्ताह इतना कठिन रहा कि हम चैन से सो नहीं पाए। आज हम अपने प्रिय थलपति जोसेफ विजय के सुरक्षित हाथों में बेहतर तमिलनाडु के सपने के साथ चैन से सो पाएंगे।'' इस दिन का भावनात्मक महत्व विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर के आवास पर सबसे अधिक दिखाई दिया।
विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने नयी जिम्मेदारी को लेकर अपने बेटे पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, ''विजय इसे अच्छी तरह निभायेगा। मुझे उसपर पूरा विश्वास है।'' अभिनेत्री तृषा सहित फिल्म जगत की कई हस्तियां समारोह में शामिल हुईं। यह समारोह संयोग से मातृ दिवस के दिन हुआ और कई परिजनों तथा समर्थकों ने इसे ''तमिलनाडु के सच्चे बेटे'' के लिए एक अच्छी शुरुआत बताया। - चेन्नई. । तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण को लेकर उनके परिवार ने अत्यंत प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया। विजय के पिता एवं वरिष्ठ फिल्म निर्माता एस. ए. चंद्रशेखर के आवास से रवाना होते समय परिवार के सदस्यों ने इस अवसर को ''सपने के सच होने जैसा'' बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर इसलिए भी अधिक खास है, क्योंकि यह 'मदर्स डे' के दिन हो रहा है। विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने अपने बेटे की नयी भूमिका पर अपार विश्वास व्यक्त किया।उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''विजय इस जिम्मेदारी को बहुत अच्छी तरह निभाएंगे। मुझे उन पर पूरा भरोसा है।'' उन्होंने 'मदर्स डे' के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं भी दीं और इस राजनीतिक उपलब्धि को एक विशेष उपहार बताया। एस ए चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले तीन दिनों से समर्थक बेसब्री से इस पल का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज लोगों के लिए बहुत खुशी का दिन है और टीवीके नेता का राज्य की जनता से गहरा जुड़ाव है। सेंट ब्रिट्टो एकेडमी से विजय की पूर्व शिक्षिका विमला ने भी यही भावना व्यक्त की। उन्होंने विजय की सफलता का श्रेय उनके ''समर्पण और दृढ़ता'' के साथ-साथ लोगों के प्रति उनके सच्चे प्रेम को दिया। उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु के लोगों से मिले प्यार से हम बेहद खुश और भावुक हैं।''विजय की रिश्तेदार कीर्तना और पल्लवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस उपलब्धि पर गर्व जताया।कीर्तना ने कहा कि पूरा परिवार उनकी इस उपलब्धि पर ''बेहद गर्व'' महसूस कर रहा है और यह उनके पूरे परिवार के लिए सम्मान की बात है। परिवार की मित्र रूपा सारनाथन ने कहा कि 'मदर्स डे' पर इस सपने का पूरा होना ''सबसे बड़ा उपहार'' है।अभिनेता से नेता बने विजय अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनका चुनाव अभियान खासकर तमिलनाडु के युवा मतदाताओं के बीच काफी लोकप्रिय रहा। उनका मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
- अयोध्या।. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को कहा कि राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और 30 जून तक निर्माण कंपनियां 'लार्सन एंड टुब्रो' और 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' मंदिर परिसर से हट जाएंगी। मिश्र ने पत्रकारों से कहा हालांकि, मंदिर परिसर के रखरखाव के लिए 'एलएंडटी' की एक टीम स्थायी रूप से मंदिर परिसर में तैनात रहेगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो गया है और सभी उप-मंदिरों में भक्तों के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। मिश्र ने कहा कि सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए चार किलोमीटर लंबी 'हाई-टेक बाउंड्री वॉल' बनाई जा रही है, जिसे 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राम मंदिर ट्रस्ट का कार्यालय और एक अत्याधुनिक संग्रहालय अभी निर्माणाधीन हैं, जिसमें 20 गैलरी बनाई जा रही हैं। नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि संग्रहालय की एक विशेष गैलरी 'सेवेन डी' तकनीक पर आधारित होगी, जहां भक्तों को मंदिर दर्शन जैसा ही अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मंदिर को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए जल्द ही 'फैकेड लाइटिंग' का काम भी शुरू होगा।
- जामनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम ने पूरे देश के लोगों को राहत दी है, जिसका मतलब है कि राज्य के लोगों को पीड़ा बहुत अधिक थी। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके परिणाम चार मई को घोषित किए गए। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट जीतकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। तृणमूल कांग्रेस को मात्र 80 सीट मिलीं। गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचने के बाद एक अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी चुनाव का ऐसा प्रभाव शायद ही कभी महसूस किया गया हो। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है और बड़े-बड़े लोग इस पर विचार कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ''मैंने कई चुनाव लड़े हैं, कई जीते हैं। जीत-हार चलती रहती है। लेकिन पश्चिम बंगाल के चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद पूरे देश के लोगों ने राहत की सांस ली। इसका मतलब है कि बंगाल के लोगों ने बहुत कष्ट झेले हैं।'' उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में लगभग 300 भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई है।''गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके परिणाम विशेषज्ञों के लिए इस बात के लिए अध्ययन का विषय बन सकते हैं कि लोग बार-बार एक ही पार्टी को वोट क्यों देते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्थानीय निकाय चुनाव में शानदार जीत हासिल की, जिसके परिणाम पिछले महीने के अंत में घोषित किए गए थे। भाजपा ने सभी 15 नगर निगमों और 34 में से 33 जिला पंचायतों में जीत दर्ज की।
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र की ताकत संघर्ष में नहीं, बल्कि संस्थागत संतुलन और आपसी सम्मान में निहित है। तुषार मेहता की दो पुस्तकों ''द बेंच, द बार एंड द बिजार'' और ''द लॉफुल एंड द ऑफुल'' के विमोचन के अवसर पर शाह ने कहा कि लेखक ना केवल भारत के सॉलिसिटर जनरल और एक जानकार वकील हैं, बल्कि उनके मित्र भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की नींव मजबूत करने में संविधान और न्यायपालिका का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गृहमंत्री ने कहा, ''1947 से संसद और विधानसभाओं द्वारा लाये गए बदलाव बिना किसी संघर्ष के स्वीकार किए गए हैं, जो दर्शाता है कि हमारे देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है। इसे हासिल करने में अदालतों और संविधान की बड़ी भूमिका है।'' उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों को विश्वास है कि किसी भी अन्याय की स्थिति में संविधान उनकी रक्षा के लिए मौजूद है। उन्होंने कहा, ''यदि अधिकारों पर हमला होता है, तो न्याय के द्वार खुले हैं और यदि कहीं भी किसी कमजोर व्यक्ति की आवाज दबाई जाती है, तो अदालतें निश्चित रूप से उन आवाजों को सुनेंगी।'' शाह ने कहा कि आम आदमी का विश्वास, समाज का सुचारू संचालन और किसी राष्ट्र के चरित्र का प्रमाण एक मजबूत न्याय व्यवस्था में निहित है, विश्वास बनाए रखने में निहित है, जिसमें "एक समाज के रूप में हम काफी हद तक सफल रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी खामियां हों, कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक ठोस, समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से उन्हें दूर करना होगा। गृहमंत्री ने कहा, ''हमारे लोकतंत्र की सुंदरता यह है कि संविधान ने संस्थाओं का निर्माण टकराव के लिए नहीं, बल्कि एक-दूसरे को संतुलित करने के लिए किया है। कार्यपालिका निर्णय लेती है और न्यायपालिका न्यायिक समीक्षा करती है। हमारे संविधान निर्माताओं ने संवाद, मर्यादा और संतुलन को अत्यंत सूक्ष्मता से बनाए रखने की भावना से संविधान लिखा है।" उन्होंने कहा कि 76 वर्षों में शायद ही किसी अन्य देश ने ऐसे मूल्यों को संरक्षित करते हुए प्रगति की हो। उन्होंने कहा, ''यह हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि यहां, कुल मिलाकर, सभी संवैधानिक मर्यादाएं बरकरार हैं और हमने उन्हें परंपराओं के माध्यम से भी आगे बढ़ाया है।" शाह ने कहा, ''लोकतंत्र की शक्ति टकराव से नहीं, बल्कि संस्थागत संतुलन और आपसी सम्मान से आती है। जब मैं पारस्परिक सम्मान की बात करता हूं, तो हमारे संविधान ने कई जगहों पर इस भावना को स्वीकार किया है, जिसे हम सभी ने देखा भी है।" उन्होंने कहा कि इस भावना को और आगे ले जाना चाहिए, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन बनाए रखने की उस अच्छी प्रथा को मजबूती और बढ़ावा देना चाहिए जो 76 वर्षों में विकसित हुई है, और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मई सोमवार को सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में भाग लेंगे। इसके बाद, पीएम मोदी वडोदरा के लिए रवाना होंगे, जहां वे शाम लगभग 6 बजे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। वे दोनों अवसरों पर जनसभाओं को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। प्रधानमंत्री मोदी भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और भारत की अटूट आस्था और सभ्यतागत विरासत के प्रतीक पवित्र सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे। सोमनाथ अमृत महोत्सव पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।समारोहों के भाग के रूप में, प्रधानमंत्री कई शुभ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे विशेष महा पूजा, जिसके बाद कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगे। ये मंदिर के अभिषेक और ध्वजारोहण के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री इस अवसर पर सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व को याद करते हुए एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे। इसके बाद, वडोदरा में पीएम मोदी सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना में 1,000 लड़कों और 1,000 लड़कियों के लिए छात्रावास की सुविधा के साथ-साथ केंद्रीय भोजन कक्ष, पुस्तकालय और सभागार जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री सरदारधाम परिसर में स्वागत क्षेत्र, नागरिक सुविधाएं, भोजन क्षेत्र और ई-पुस्तकालय सहित विभिन्न सुविधाओं का भी दौरा करेंगे। -
मुंबई. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आधुनिक डाकघर डाक विभाग द्वारा विकसित की जा रही नयी कार्य संस्कृति को दर्शाते हैं, जिसमें तकनीक, दक्षता, पारदर्शिता और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने शुक्रवार को नवीनीकृत 'फ्यूचर-रेडी' अंधेरी रेलवे स्टेशन डाकघर के उद्घाटन के दौरान कहा कि विस्तारित सेवाएं, आधुनिक डिजिटल सुविधाएं और सहज नागरिक अनुभव भारत की डाक सेवाओं को नए दौर की जरूरतों के अनुरूप सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आधुनिक डाकघर डाक विभाग की नयी कार्य संस्कृति का प्रतिबिंब हैं, जहां तकनीक, दक्षता, पारदर्शिता और जनसुविधा को सबसे अधिक महत्व दिया जा रहा है।'' वर्ष 1932-33 में स्थापित अंधेरी रेलवे स्टेशन डाकघर को डाक विभाग की 'जन सेवा कनेक्ट' परियोजना के तहत आधुनिक और तकनीक-सक्षम सेवा केंद्र में बदल दिया गया है। नवीनीकृत डाकघर में बेहतर आधारभूत ढांचा, ग्राहकों के लिए उन्नत सुविधाएं, आधुनिक इंटीरियर और डिजिटल एकीकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि तेज, सहज और नागरिक-अनुकूल डाक सेवाएं प्रदान की जा सकें। इस नवीनीकरण का कार्य 'स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर', नयी दिल्ली के सहयोग से किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2025-26 के दौरान डाक विभाग के सकल डाक राजस्व में 16 प्रतिशत की स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई, जो देश में डाक सेवाओं के बढ़ते भरोसे और विस्तारित भूमिका को दर्शाती है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्थानीय विधायक अमीत साटम और महाराष्ट्र एवं गोवा सर्किल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल अमिताभ सिंह उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि डाक विभाग अब तक मानवीय भावनाओं का वाहक रहा है और यह सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, मैसेजिंग सेवाओं और ईमेल के दौर में बदलते समय के साथ खुद को ढालना और प्रासंगिक बनाए रखना बेहद जरूरी है तथा डाक विभाग ने यह काम सफलतापूर्वक किया है। -
कोलकाता. पिछले एक महीने से अधिक समय तक तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कड़वी सियासी जंग का अप्रत्याशित प्रतीक बन चुकी झालमुड़ी की शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्य की पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी धूम रही। भाजपा की राज्य इकाई ने मध्य कोलकाता के विशाल ब्रिगेड परेड ग्राउंड इलाके में झालमुड़ी के 20 स्टॉल लगाए, जबकि कई स्वतंत्र विक्रेता भी आयोजन स्थल के पास अच्छा कारोबार करते हुए देखे गए। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए सैकड़ों लोग मुरमुरे, हरी मिर्च और तरह-तरह के मसालों से बने इस स्वादिष्ट नाश्ते का स्वाद लेने के लिए स्टॉल पर उमड़ पड़े। कोलकाता के दक्षिणी इलाके टॉलीगंज से शपथ ग्रहण समारोह देखने आई मंजरी बसु ने कहा, ''चुनाव में हमारी शानदार जीत के कारण आज मुझे झालमुड़ी और भी ज्यादा पसंद आ रही है।'' उत्तर 24 परगना के बैरकपुर के मनीष यादव ने हाथ में झालमुड़ी का एक पैकेट पकड़े हुए कहा कि भाजपा की ऐतिहासिक जीत के कारण इस नास्ते का स्वाद मसालेदार के बजाय मीठा लग रहा है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान, जब प्रधानमंत्री ने अपने चुनाव प्रचार के चरम पर 19 अप्रैल को झाड़ग्राम में सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान से झालमुड़ी खरीद कर खाया, तब इस साधारण से नाश्ते ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। तब से, 'झालमुड़ी' राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी का दुकान पर रुकना 'सिर्फ एक नाटक' था और प्रधानमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि नाश्ता करने के बाद प्रतिद्वंद्वी पार्टी को मिर्ची लग रही है। मोदी ने कहा था कि भाजपा चार मई को जीत का जश्न मनाएगी और लोगों में मिठाई और झालमुड़ी बांटेगी। वहीं, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री को भेलपुरी भेजेंगी, जो दिल्ली में उपलब्ध है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 और 11 मई को कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात का दौरा करेंगे। इस दौरान वह हैदराबाद में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भी भाग लेंगे। दो आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि मोदी बेंगलुरु में 'द आर्ट ऑफ लिविंग' के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी भाग लेंगे और तेलंगाना में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री रविवार सुबह, बेंगलुरु में वर्षगांठ समारोह में भाग लेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। वह बेंगलुरु मे स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में नव-निर्मित ध्यान मंदिर का उद्घाटन करेंगे, जो आंतरिक शांति व समग्र कल्याण के लिए समर्पित एक ध्यान भवन है। मोदी 'आर्ट ऑफ लिविंग' की राष्ट्रव्यापी सेवा पहल भी शुरू करेंगे, जिनमें मानसिक कल्याण, ग्रामीण विकास, प्राकृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित पूरे वर्ष चलने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। इसके बाद वह हैदराबाद जाएंगे और लगभग 9,400 करोड़ रुपये मूल्य की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन व राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे और इसके बाद हैदराबाद में स्थित सिंधु अस्पताल राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक सड़क को चौड़ा करने से जुड़ी परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह हैदराबाद-पणजी आर्थिक कॉरिडोर का हिस्सा है और इसकी कुल परियोजना लागत 3,175 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना से यातायात को सुगम और सुरक्षित होगा, यात्रा समय लगभग एक घंटा 30 मिनट कम हो जाएगा और ईंधन खपत व वाहन रखरखाव लागत घटाएगी। यह राजमार्ग तेलंगाना और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी मजबूत बनाएगा और दोनों राज्यों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। मोदी सांगरेड्डी जिले में जहीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया का शिलान्यास भी करेंगे, जो हैदराबाद-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एचएनआईसी) के तहत राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। तेलंगाना में वह कई और परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री इसके बाद गुजरात के जामनगर पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री 11 मई को पूर्वाह्न 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे। बाद में वह वडोदरा जाएंगे, जहां वह शाम छह बजे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे और दोनों अवसरों पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ में प्रधानमंत्री सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे।
सोमनाथ अमृत महोत्सव, पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह इस अवसर पर सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व की स्मृति में एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे।

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