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- चंडीगढ़। सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (सीआरआरआईडी) के संस्थापक और मशहूर विद्वान रसपाल मल्होत्रा का मंगलवार को पंजाब के मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार एक सप्ताह तक कोविड-19 से संघर्ष करने के बाद मल्होत्रा का देहान्त हो गया। वह 84 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि मल्होत्रा को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था और आज तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। वह सीआरआरआईडी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पुष्पा गुजराल साइंस सोसायटी और ऐसे कई प्रतिष्ठित संस्थानों के संचालन मंडल के सदस्य थे। वह पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला और पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के सीनेट सदस्य भी थे। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मल्होत्रा को उत्कृष्ट विद्वान , कुशल प्रशासक और नेक इंसान बताया जिन्होंने उत्तरी क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास लाने में महती भूमिका निभायी। सिंह ने कहा कि पंजाब के ग्रामीण एवं औद्योगिक विकास में मल्होत्रा की उत्कृष्ट सेवाएं हमेशा के लिए सभी द्वारा याद रखी जाएंगी।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन के बीच मंगलवार को हुए शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के संबंधों को ‘‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी'' की ओर ले जाने के लिए महत्वाकांक्षी ‘‘रोडमैप 2030'' को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि यह रोडमैप लोगों के बीच संपर्क, व्यापार और अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में अगले 10 सालों तक गहरे और मजबूत आदान-प्रदान का रास्ता साफ करेगा। दोनों नेताओं ने कोविड-19 की ताजा स्थिति के साथ ही इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में जारी सहयोग और टीके को लेकर सफल साझेदारी पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर भारत को तत्परता से चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए जॉनसन का धन्यवाद किया जबकि ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने पिछले साल भर के दौरान ब्रिटेन और अन्य देशों तक दवाइयां और टीके की आपूर्ति के जरिए सहायता पहुंचाने के लिए भारत की भूमिका की सराहना की। दोनों नेताओं ने विश्व की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के बीच व्यापार की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए वाणिज्यिक भागीदारी की शुरुआत की और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। इस बीच, विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोदी-जॉनसन डिजिटल शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन और सह-विकास पर चर्चा हुई। मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री जॉनसन ने प्रधानमंत्री मोदी को सूचित किया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन में निवेश कर रहा है और ब्रिटेन में वह टीका बनाएगा।-file photo
- नयी दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत को अमेरिका, आयरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत समेत विभिन्न देशों की तरफ से मंगलवार को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्राप्त हुई। भारत को भेजी गई सहायता के तहत गुजरात की मुंद्रा बंदरगाह पर तरल मेडिकल ऑक्सीजन के सात टैंकर पहुंचे, जिनमें प्रत्येक में 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्विटर पर कहा, हमारी व्यापक सामरिक साझेदारी को और मजूबती देते हुए मुंद्रा बंदरगाह पर मेडिकल ऑक्सीजन वाले सात टैंकर पहुंचे। प्रत्येक में 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन है। भारत को तरल मेडिकल ऑक्सीजन की यह अपनी तरह की पहली खेप है। संयुक्त अरब अमीरात द्वारा उपलब्ध कराई गई सहायता के लिए आभार। इससे ऑक्सीजन की उपलब्धता में इजाफा होगा।'' वहीं, अमेरिका की तरफ से भारत को उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता की पांचवीं खेप विशेष विमान के जरिए दिल्ली लाई गई। इस खेप में 545 ऑक्सीजन सांद्रक भी शामिल हैं। आयरलैंड की तरफ से भेजी गई चिकित्सा आपूर्ति की दूसरी खेप में दो ऑक्सीजन उत्पादक, 548 ऑक्सीजन सांद्रक, 365 वेंटिलेटर समेत अन्य चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। बागची ने सहायता के लिए आयरलैंड का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन से 450 ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर भारतीय वायु सेना का विमान चेन्नई पहुंचा है।भारत को कुवैत की तरफ से प्राप्त चिकित्सा आपूर्ति में 282 ऑक्सीजन सिलेंडर, 60 ऑक्सीजन सांद्रक और वेंटिलेटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं। दुनियाभर के कम से कम 40 देशों ने भारत को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
- नई दिल्ली। सरकार ने मई 2021 में होने वाली जे ई ई की मुख्य परीक्षा कोविड-19 महामारी को देखते हुए स्थगित कर दी है। परीक्षा इस महीने के अंत में होनी थी। अप्रैल सत्र पहले ही स्थगित कर दिया गया था।शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक ट्वीट में कहा कि कोविड की वर्तमान स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे आगे की जानकारी के लिए एन टी ए की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
- दरभंगा-पटना। पद्मश्री सम्मान से सम्मानित वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा का बिहार के दरभंगा शहर के लहेरियासराय मुहल्ला स्थित उनके आवास पर मंगलवार को निधन हो गया। वर्मा के भांजे और वरिष्ठ पत्रकार प्रणव कुमार चौधरी ने बताया कि कल देर रात दिल का दौरा पडऩे के कारण उनके मामा का देहांत दरभंगा स्थित उनके आवास पर हो गया । उन्होंने बताया कि वह 78 साल के थे । दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव में जन्में वर्मा वर्ष 2005 में डीआरडीओ से सेवानिवृत्त होने के बाद अपने पैतृक जिले में रह रहे थे । राज्यपाल फागू चैहान ने रक्षा वैज्ञानिक पद्मश्री वर्मा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि देश के पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमान 'तेजस' के निर्माण में उनकी अहम भूमिका थी। वह पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी भी रहे थे। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ से सेवानिवृति के बाद वह समाज सेवा से जुड़े रहे। उनका निधन अत्यंत दुखद है। राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति एवं परिजनों को धैर्य, साहस एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वर्मा के निधन पर गहरी शोक जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना को अधिक मारक बनाने में डॉ. वर्मा का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि निधन से वैज्ञानिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
- पटना। बिहार सरकार ने राज्य में बढ़ते कोविड मामलों के मद्देनजर क 5 मई से इस महीने की 15 तारीख तक पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद यह फैसला किया गया है।लॉकडाउन के दौरान टीकाकरण केंद्र, बैंक और आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी। दिशानिर्देशों के अनुसार सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक निगम और सभी निजी तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। राशन की दुकानें, डेयरी, सब्जी तथा मीट की दुकानें सवेरे सात बजे से दिन में 11 बजे तक खुली रहेंगी। सवेरे नौ बजे से रात नौ बजे तक रेस्तरां से होम डिलीवरी हो सकेगी। विवाह समारोह में केवल 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। अंतिम संस्कार में केवल 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे।
- दतिया (मप्र)। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के जिगना थानांतर्गत ग्राम कामर में सोमवार को 27 वर्षीय युवक की कथित रूप से तीन लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी। पुलिस को संदेह है कि इस हत्या के पीछे आरोपियों एवं मृतक ज्ञान सिंह के बीच कोई पुरानी रंजिश थी।जिगना पुलिस थाना प्रभारी आशुतोष शर्मा ने बताया, ''मृतक का नाम ज्ञान सिंह पाल है, जो ग्राम कामर का रहने वाला है।'' उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह लगभग 11.00 बजे ज्ञान सिंह अपने छोटे भाई के साथ मोटरसाइकिल पर किसी काम के लिए जा रहा था। इसी बीच मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए आरोपी यशपाल, बल्लू एवं एक अन्य बदमाशों ने ज्ञान सिंह पर कट्टों से गोली चलानी शुरू कर दी । शर्मा ने बताया कि गोली लगने के कारण ज्ञान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका भाई अपनी जान बचाने के लिए भागा। उन्होंने कहा कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव में हवाई फायर करते हुए फरार हो गये।शर्मा ने बताया कि ज्ञान सिंह को तीन गोलियां सीने के बांयी तरह मारी गई । उन्होंने बताया कि इसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान सिंह के पिता और भाई की शिकायत पर यशपाल एवं बल्लू सहित तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया गया है। शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि इनमें से एक आरोपी यशपाल रिश्ते में ज्ञान सिंह का मामा है। शर्मा ने बताया कि आरोपी यशपाल ने अपने बहनोई आरोपी बबलू और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर संगीन अपराध को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि इससे लगता है कि इनके बीच कोई पुरानी रंजिश थी। उन्होंने कहा कि तीनों आरोपी फरार हैं। (फाइल फोटो)
- नयी दिल्ली। भारत में कोविड-19 की जानलेवा लहर के बीच सशस्त्र बल नागरिक प्रशासन की मदद के लिये अपने प्रमुख अड्डों से चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा कर्मियों को बुलाने जैसे कई कदम उठा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न भर्ती कार्यालयों, राष्ट्रीय कैडेट कोर में तैनात चिकित्सकों और पूर्व निर्धारित समय (अप्वाइंटमेंट) पर बुलाए जाने वाले कर्मियों को भी ज्यादा संक्रमण वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिये बुलाया जा रहा है। चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के एक और कदम के तहत रक्षा मंत्रालय ने 23 अप्रैल को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (एएफएमएस) में उन सभी शॉर्ट सर्विस कमीशन्ड चिकित्सकों को 31 दिसंबर तक सेवा विस्तार देने की घोषणा की थी जो सेवानिवृत्त होने वाले थे। मंत्रालय ने कहा, “इससे एएफएमएस में चिकित्सकों की संख्या 238 और बढ़ जाएगी।”अधिकारियों ने कहा कि सभी चिकित्सकों को पाठ्यक्रम रद्द कर दिये गए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाए जा रहे हैं कि सैन्य चिकित्सकों की सेवाएं पृथकवास केंद्रों में पर्यवेक्षण जैसे प्रशासनिक कामों में जाया न हों। file photo
- मुंबई । मध्य रेलवे ने नागपुर नगर निगम को कोविड-19 के मरीजों के लिए देखभाल केंद्र की स्थापना को लेकर 11 से अधिक पृथक-वास कोच सौंपे हैं। मध्य रेलवे (सीआर) ने एक विज्ञप्ति में बताया कि गैर वातानुकूलित 11 कोच का रैक और चिकित्सा कर्मियों के लिए एक अतिरिक्त कोच रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर जिला में अजनी अंतर्देशीय कंटेनर डिपो में खड़ा था। विज्ञप्ति के अनुसार, हर पृथक-वास कोच में 16 बेड हैं और हर कोच में दो कूपे हैं। इन 11 कोच में कुल 176 मरीजों को रखा जा सकता है। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘कोविड-19 के जिन मरीजों में लक्षण नहीं हैं या जिनमें हल्के लक्षण हैं उन्हें ऐसे कोच में रखा जायेगा। विज्ञप्ति के मुताबिक, कोच के आस पास 24 घंटे एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी ताकि किसी गंभीर स्थिति में या मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें कोविड-19 समर्पित अस्पतालों में ले जाया जा सके। प्रत्येक कोच में दो ऑक्सीजन सिलेंडर भी दिए गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा सामानों के लिए एक अतिरिक्त कोच की व्यवस्था की गयी है।-file photo
- जींद। हरियाणा के जींद जिले के गांव सुंदरपुरा चौक के निकट तेज रफ्तार बाइक ने दूसरी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे इस घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । जिले के नरवाना थाना पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर फरार दूसरे बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी। पुलिस ने बताया कि मरने वाले की पहचान सुभाष के रूप में की गयी है। पुलिस ने बताया कि वही गांव खरल के निकट तेजरफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे इस हादसे में मौके प र ही उसकी मौत हो गयी । उन्होंने बताया कि मरने वाले की पहचान सुरेंद्र के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि फरार कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। एम्स के निदेशक डा रणदीप गुलेरिया ने कोविड-19 के हल्के संक्रमण के मामलों में सीटी स्कैन कराए जाने को लेकर सोमवार को जनता को आगाह किया और कहा कि इसके दुष्प्रभाव होते हैं, ऐसे में इसके फायदे से अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हल्के संक्रमण के मामलों में सीटी स्कैन नहीं कराने पर जोर देते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि कई लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद सीटी स्कैन करा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आगाह कियाकि बिना जरूरत के सीटी स्कैन कराए जाने से नुकसान उठाना पड़ सकता है। डा गुलेरिया ने कहा, '' एक सीटी स्कैन 300 से 400 छाती एक्स-रे के समान है। आंकड़ों के मुताबिक, युवा अवस्था में बार-बार सीटी स्कैन कराने से बाद में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। खुद को बार-बार रेडिएशन के संपर्क में लाने से नुकसान हो सकता है। इसलिए ऑक्सीजन संतृप्ति (सेचुरेशन) स्तर सामान्य होने की दशा में हल्का संक्रमण होने पर सीटी स्कैन कराने का कोई औचित्य नहीं है।'' एम्स निदेशक ने सुझाव दिया कि अस्पताल में भर्ती होने एवं मध्यम संक्रमण होने की सूरत में सीटी स्कैन कराया जाना चाहिए।
- नयी दिल्ली। केन्द्र सरकार ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 मरीजों को दिये जा रहे ऑक्सीजन का, विशेष रूप से अस्पतालों में ‘विवेकपूर्ण तरीके' से उपयोग किया जाए और दावा किया कि देश में जीवन रक्षक गैस की कोई ‘कमी' नहीं है। कोविड-19 संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर गृह मंत्रालय के अवर सचिव पीयूष गोयल ने संवाददाताओं को बताया कि अस्पतालों और मरीजों तक जल्दी ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए उसके त्वरित उत्पादन और परिवहन की व्यवस्था के दिशा में काम हो रहा है। गोयल ने कहा, ‘‘सभी अस्पतालों के लिए बहुत आवश्यक है कि वे केन्द्र स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग करें। इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं और हमें उसका परिणाम भी मिल रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसकी लगातार निगरानी करने की जरुरत है, ताकि ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग हो।'' उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ‘‘देश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर परेशान ना हों।'' उन्होंने कहा, ‘‘देश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है और कम से कम समय में उसे अस्पतालों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर हम साथ मिलकर यह लड़ाई लडें तो, हमारी जीत को लेकर मुझे कोई संदेह नहीं है।'' गोयल स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल और एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की उपस्थिति में पत्रकारों से बात कर रहे थे। गोयल ने लोगों से अनुरोध किया और सहयोग मांगते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन की कोई ‘जमाखोरी या कालाबाजारी' ना हो ताकि वे उन मरीजों तक पहुंच सकें जो कोविड-19 के कारण सांस लेने के लिए जूझ रहें हैं। अधिकारी ने कहा कि देश में चिकित्सकीय ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ गया है। उन्होंने आंकड़ों के संदर्भ में कहा कि पिछले साल एक अगस्त को कुल उत्पादन 5,700 मीट्रिक टन था जो फिलहाल 9,000 मीट्रिक टन है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उत्पादन क्षमता में 125 प्रतिशत की वृद्धि है।'' उन्होंने दोहराया कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण चिकित्सकीय ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है, लेकिन देश में ऑक्सीजन ‘पर्याप्त' मात्रा में है और सरकार भविष्य की जररुतों को ध्यान में रखते हुए इसका आयात भी कर रही है। अधिकारी ने कहा कि तरल ऑक्सीजन के उत्पादन और आपूर्ति के लिए परंपरागत और गैर-परंपरागत दोनों स्रोतों को खंगाला जा रहा है।
- नयी दिल्ली ।कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत की मदद के लिये इटली ने सोमवार को विशेषज्ञों का एक दल, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और 20 वेंटिलेटर भेजे हैं। इतालवी वायु सेना का एक सी-130 विमान उपकरण और विशेषज्ञों के दल के साथ दिल्ली में उतरा।इतालवी दूतावास ने कहा कि दल में पिडमॉन्ट रीजन के मैक्सीमर्गेंजा समूह के लोग, लोम्बार्डी क्षेत्र से एक चिकित्सक और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। उसने कहा कि एक पूरे अस्पताल को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में सक्षम ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र को ग्रेटर नोएडा के आईटीबीपी अस्पताल में लगाया जाएगा। भारत में इटली के राजदूत विनसेंजो डी लुका ने हवाईअड्डे पर भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत यूगो अस्तूतो के साथ इस चिकित्सा प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। डी लुका ने कहा, “कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में इटली भारत के साथ है। यह एक वैश्विक चुनौती है जिससे हमें मिलकर लड़ना होगा। इटली द्वारा उपलब्ध कराए गए चिकित्सा दल और उपकरण इस भयावह वक्त में भारत में जिंदगी बचाने में योगदान देंगे।
- नयी दिल्ली। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में लोगों की मदद के लिए उनके संगठन द्वारा की गयी विभिन्न पहलों से अवगत कराया और उनसे कहा कि उसने सभी राज्यों से संपर्क करके उन्हें अस्पताल बिस्तरों, परिवहन और अन्य संबंधित चीजों की मदद की पेशकश की है। एक बयान के अनुसार, उन्होंने मोदी से कहा कि विभिन्न शहरों में नौसेना के अस्पतालों को नागरिकों के लिए खोला जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि नौसेना के चिकित्सा कर्मियों को देश में विभिन्न स्थानों पर कोविड-19 का प्रबंधन करने के लिए तैनात किया गया है तथा उसके अन्य कर्मियों को महामारी ड्यूटी के दौरान तैनाती के लिए नर्सिंग सहायक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सिंह ने मोदी को बताया कि नौसेना लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद कर रही है उन्होंने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि नौसेना बहरीन, कतर, कुवैत और सिंगापुर से ऑक्सीजन कंटेनर और अन्य आपूर्ति भारत ला रही है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में कोविड स्थिति से उत्पन्न संकट से निपटने के लिए जरूरी मानव संसाधनों की आवश्यकता की आज समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इससे कोविड मरीजों के उपचार के लिए जरूरी चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।बैठक में राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा- नीट स्नातकोत्तर परीक्षा कम से कम चार महीने तक स्थगित करने का फैसला किया गया। इससे कोविड ड्यूटी के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह परीक्षा इस वर्ष 31 अगस्त से पहले नहीं होगी। परीक्षा की तिथि घोषित किए जाने के बाद विद्यार्थियों को तैयारी के लिए कम से कम एक महीना दिया जाएगा।
- बेंगलुरु। कर्नाटक के चामराजनगर में जिला अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के चलते पिछले 24 घंटों में 24 मरीजों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में कोविड-19 के 23 मरीज भी हैं।चामराजनगर जिला अस्पताल में मातम पसरा हुआ है जहां खबर सुनने के बाद मृतकों के परिजन रोते-बिलखते नजर आए। मृतकों के परिवारों ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि यहां ऑक्सीजन की कमी थी और वहां नारेबाजी की। चामराजनगर जिला प्रभारी मंत्री एस सुरेश कुमार ने कहा कि उन्होंने घटना में जिला प्रशासन से मौत की ऑडिट रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। वह इस बात पर कायम रहे कि सभी मौतें ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई हैं।कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह कहना सही नहीं होगा कि सभी 24 मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई हैं। ये मौतें रविवार सुबह से आज सुबह तक हुई हैं। ऑक्सीजन की कमी रविवार देर रात 12:30 बजे से 2:30 के बीच हुई थी।"मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने भी जिला के उपायुक्त से घटना के बारे में सूचना प्राप्त की है। सुरेश कुमार ने कहा कि मौत की ऑडिट रिपोर्ट से पता चलेगा कि ये मरीज किस बीमारी से ग्रस्त थे, उन्हें कोई और गंभीर बीमारियां थी और उन्हें किसी स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा, "जितने भी लोगों की मौत हुई है जरूरी नहीं कि सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हो।" उन्होंने कहा कि 6 हजार लीटर तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन थी लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडरों की जरूरत थी। कुमार ने कहा, "ये सिलेंडर मैसुरु से आने वाले थे लेकिन कुछ समस्या हो गई।"उन्होंने कहा कि उन्होंने यह स्थिति राज्य के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के निजी सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रताप रेड्डी को भी समझाई जो राज्य में ऑक्सीजन आपूर्ति के प्रभारी हैं। कुमार ने कहा, "मैंने अधिकारियों को चामराजनगर जिले में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्थायी समाधान खोजने को भी कहा है। मैसुरू में जरूर ही समस्या है लेकिन मैसुरु से चामराजनगर और मांड्या में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।" मरीजों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए, मंत्री ने कहा कि वह स्थिति का जायजा लेने के लिए चामराजनगर जाएंगे।
- भोपाल/टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर का रविवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। बृजेन्द्र सिंह राठौर (63 वर्षीय) कोरोना वायरस से संक्रमित थे।मध्य प्रदेश कांग्रेस के महासचिव राजीव सिंह ने बताया, ‘‘निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर विधानसभा सीट से पार्टी विधायक बृजेन्द्र सिंह राठौर का रविवार शाम को भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।'' राजीव सिंह ने बताया कि राठौर कोरोना वायरस संक्रमित थे और उनका पहले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित एक अस्पताल में इलाज चला लेकिन, जब हालत गंभीर हो गई तो उन्हें वहां से करीब एक सप्ताह पहले एयर लिफ्ट कर भोपाल के एक निजी अस्पताल में लाया गया था। राजीव सिंह ने बताया कि राठौर की रविवार सुबह तबीयत और खराब हो गई व शाम को उनका निधन हो गया। पांच बार विधायक रहे बृजेन्द्र सिंह राठौर मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे।बृजेन्द्र सिंह राठौर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत टीकमगढ़ जिले के निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से की थी। उन्होंने वर्ष 1993 के चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निवाड़ी से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उसके बाद उन्होंने इसी सीट से वर्ष 1998 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एवं 2003 में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। परिसीमन के बाद पृथ्वीपुर सीट सृजित होने पर राठौर पृथ्वीपुर से 2008 के राज्य विधानसभा के लिए चुने गए, लेकिन 2013 के चुनाव में वह भाजपा की अनीता नायक से चुनाव हार गए थे। वह वर्ष 2018 के चुनाव में पृथ्वीपुर से फिर विधायक बने और तत्कालीन कमलनाथ की सरकार में मंत्री रहे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने बृजेंद्र सिंह राठौर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में चौहान ने कहा, ‘‘बृजेंद्र सिंह राठौर सच्चे जन-सेवक एवं नेक इंसान थे। वे स्वस्थ एवं स्वच्छ राजनीति के पक्षधर थे। उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।'' उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति तथा उनके परिवारजनों को इस असह्य दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करें। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर के दुखद निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक व व्यथित करने वाला है। वे मेरे बेहद प्रिय थे, सहज, सरल व्यक्तित्व के धनी व पार्टी के प्रति बेहद निष्ठावान व समर्पित थे। उनका निधन कांग्रेस परिवार व मेरे लिये व्यक्तिगत क्षति है।
- नयी दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने किसी वाहन के मालिक के पंजीकरण प्रमाणपत्र में किसी व्यक्ति को नामित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में कुछ बदलाव अधिसूचित किए हैं। इस तरह के बदलाव से मोटर वाहन वाहन मालिक के मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति के नाम से मोटर वाहन पंजीकृत करने या हस्तांतरित करने में आसानी होगी। वाहन मालिक अब वाहन के पंजीकरण के समय नामित व्यक्ति का नाम डाल सकते हैं या बाद में ऑनलाइन आवेदन के जरिए भी ऐसा कर सकते हैं। पुरानी प्रक्रिया जटिल है और पूरे देश में अलग-अलग तरह की है। अधिसूचित नियमों के तहत नामित व्यक्ति का उल्लेख किए जाने की स्थिति में वाहन मालिक को उस व्यक्ति की पहचान का प्रमाण जमा करना होगा। अधिसूचना में कहा गया, ''वाहन मालिक की मौत की स्थिति में, वाहन मालिक ने पंजीकरण के समय जिस व्यक्ति को नामित किया है या फिर जो वाहन का उत्तराधिकारी बनता हो, जो भी स्थिति हो, वाहन मालिक की मृत्यु से तीन महीने की अविधि के लिए वाहन का इस तरह से इस्तेमाल कर सकता है जैसे कि वह वाहन उसे हस्तांतरित किया गया हो। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि नामित व्यक्ति ने वाहन मालिक की मृत्यु के 30 दिन के भीतर पंजीकरण प्राधिकरण को उसकी मृत्यु की जानकारी दे दी हो और बता दिया हो कि वाहन का वह अब खुद इस्तेमाल करेगा।'' इसमें यह भी कहा गया है कि नामित व्यक्ति या वाहन का मालिकाना हक हासिल करने वाला व्यक्ति वाहन मालिक की मृत्यु के तीन महीने के भीतर वाहन के मालिकाना हक के हस्तांतरण के लिए पंजीकरण प्राधिकरण के पास फॉर्म 31 में आवेदन देगा। साथ ही तलाक या संपत्ति के बंटवारे जैसी स्थितियों में वाहन मालिक नामित व्यक्ति से जुड़ा बदलाव करने के लिए एक सहमत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के साथ नामांकन में बदलाव कर सकता है।
- इंदौर । मध्यप्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले में चिकित्सीय ऑक्सीजन की जल्द से जल्द आपूर्ति के लिए भारतीय वायु सेना का अभियान जारी है। इसके तहत रविवार को ऑक्सीजन के दो खाली टैंकरों को इंदौर से गुजरात के जामनगर पहुंचाया गया। स्थानीय देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया, "वायुसेना के बड़े मालवाहक और परिवहन विमानों में शुमार सी-17 ने अलग-अलग फेरों में चिकित्सीय आक्सीजन के दो खाली टैंकरों को इंदौर से जामनगर पहुंचाया। इनकी क्षमता 30-30 टन की है।" प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चिकित्सीय ऑक्सीजन टैंकर को सड़क मार्ग के जरिये इंदौर से जामनगर पहुंचने में आमतौर पर करीब 20 घंटे का समय लगता है, जबकि वायुसेना के विमान से यह गैस वाहन घंटे भर में वहां पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि जामनगर के एक संयंत्र से चिकित्सीय ऑक्सीजन भरवाने के बाद टैंकर सड़क मार्ग से इंदौर लौट रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि ऑक्सीजन से भरे टैंकर की ढुलाई सैन्य विमानों से नहीं की जाती क्योंकि इस गैस को ज्वलनशील माना जाता है और इससे जहाज को खतरा हो सकता है। इंदौर में महामारी के खिलाफ वायुसेना की मुहिम 23 अप्रैल से ऐसे वक्त शुरू हुई, जब जिले में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी से मरीज परेशान हो रहे हैं और कई लोगों को खुद सिलेंडर लेकर इस जीवनरक्षक गैस का इंतजाम करते देखा जा सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,14,493 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,155 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
- चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता पवन जिंदल के छोटे बेटे और उसके एक मित्र की गुड़गांव में रविवार को हुई सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी। गुड़गांव के डीएलएफ फेज-2 थाने के सहायक उपनिरीक्षक प्रवीण ने बताया कि हरियाणा में आरएसएस के नेता पवन जिंदल के पुत्र गौरव जिंदल (35) और उनके मित्र सावन (37) बीएमडब्ल्यू कार से यात्रा कर रहे थे, जो आज तड़के दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। उन्होंने फोन पर बताया, ‘‘कार में दो लोग गौरव जिंदल और सावन सवार थे। हम जांच कर रहे हैं कि दुर्घटना कैसे हुई, लेकिन कार खंभे से टकराने के बाद कई बार पलटी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी।'' उन्होंने कहा कि दुर्घटना गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ फेज-2 रैपिड मेट्रो स्टेशन के मेट्रो अंडरपास के पास हुई। दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस और दमकल विभाग के कर्मी वहां पहुंच गए।पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘गौरव जिंदल की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं सावन को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।'' उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्विटर के माध्यम से आरएसएस नेता पवन जिंदल के पुत्र की कार दुर्घटना में मौत पर शोक जताया।
- नई दिल्ली। ओडिसा में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण 14 दिन के राज्यव्यापी लॉकडाउन का फैसला किया गया है। लॉकडाउन बुधवार 5 मई से लागू होगा। राज्य के मुख्य सचिव सुरेश चंद्र मोहपात्र ने संवाददाताओं को बताया कि लॉकडाउन 19 मई सुबह पांच बजे तक लागू रहेगा। सप्ताहांत प्रतिबंध भी पहले की तरह जारी रहेंगे।वायरस के नये और अत्यधिक संक्रामक रूप के कारण रात्रि कफ्र्यू, सप्ताहांत बंदी और लॉकडाउन का दौर एक बार फिर लौट आया है। कोरोना की पहली लहर में जहां रोजाना चार से पांच हजार लोग संक्रमित हो रहे थे वहीं अब दैनिक संक्रमित लोगों की संख्या आठ से दस हजार तक पहुंच गई है। लॉकडाउन के दौरान सभी दिन सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक लोगों को अपने निवास के दायरे में पांच सौ मीटर तक गलियों और नुक्कड़ तक जाने की छूट होगी ताकि खाने-पीने की चीजें खरीदी जा सकें।
- नयी दिल्ली। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के पास 78 लाख से अधिक कोविड-19 रोधी टीके है तथा अगले तीन दिनों में 56 लाख से अधिक और टीके मिलेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। भारत सरकार ने अभी तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को करीब 16.54 करोड़ टीके निशुल्क उपलब्ध कराए हैं। इनमें से खराब हो चुके टीके समेत 15,76,32,631 टीकों की खपत हो चुकी है। कोविड-19 रोधी टीकाकरण का तीसरा चरण शनिवार को शुरू हुआ था। मंत्रालय ने कहा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास 78 लाख (78,60,779) से अधिक कोविड-19 रोधी टीके हैं। उन्हें अगले तीन दिनों में 56 लाख से अधिक और टीके मिलेंगे।File photo
- सिद्धार्थनगर । उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में रिश्तों और इंसानियत पर कोविड-19 का डर भारी पड़ गया। इस संक्रमण के कारण मृत एक व्यक्ति के शव का परिजन और अन्य ग्रामीणों द्वारा 18 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं किए जाने पर पुलिस ने मानवीयता दिखाते हुए अंत्येष्टि की। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने रविवार को बताया कि यह मामला जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के मल्हवार गांव का है, जहां कई दिन से बीमार 35 वर्षीय चंद्रशेखर चतुर्वेदी की 30 अप्रैल की रात नौ बजे मृत्यु हो गई, लेकिन कोरोना के डर के चलते 18 घंटे बीत जाने के बाद भी परिजनों के साथ-साथ गांव का कोई भी व्यक्ति शव को छूने या कंधा देने के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने बताया कि शनिवार को इसकी जानकारी जब पुलिस को हुई तो आनन फानन में त्रिलोकपुर थाना प्रभारी रणधीर कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और पुलिसकर्मियों ने शव को कंधा देकर धार्मिक रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया।
- नई दिल्ली। रेलवे ने 19 अप्रैल के बाद से अब तक देश भर में 813 टन मेडिकल ऑक्सीजन की ढुलाई की है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने शनिवार को यह जानकारी दी। शर्मा ने कहा कि 14 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा पूरी कर ली है जबकि 18 टैंकर में 342 टन मेडिकल ऑक्सीजन लेकर पांच और ऐसी ट्रेन सफर में हैं।उन्होंने कहा कि वर्तमान में दिल्ली के लिए छह ऑक्सीजन टैंकर, तेलंगाना के लिए पांच, उत्तर प्रदेश के लिए तीन और मध्य प्रदेश एवं हरियाणा के लिए दो-दो टैंकर रास्ते में हैं। शनिवार को पहली और दूसरी एक्सप्रेस ट्रेन पांच टैंकर में 79 टन मेडिकल ऑक्सीजन लेकर हरियाणा पहुंचीं। इसके अलावा, तीसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ओडिशा के अंगुल से दो टैंकर में 30.6 टन ऑक्सीजन लेकर हरियाणा के लिए रवाना हो चुकी है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में दूसरी एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार को बोकारो से 70.77 टन ऑक्सीजन लेकर जबलपुर और सागर पहुंची। तीसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस 22.19 टन मेडिकल ऑक्सीजन लेकर राउरकेला से रवाना हो चुकी है जो शनिवार रात तक जबलपुर पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आठवीं ऑकसीजन एक्सप्रेस के जरिए बोकारो से 44.88 टन मेडिकल ऑक्सीजन प्राप्त होगी। शर्मा ने कहा कि दिल्ली को जल्द ही दुर्गापुर से छह टैंकरों में लाई जा रही 120 टन ऑक्सीजन प्राप्त होगी। उन्होंने कहा, '' अब तक भारतीय रेलवे 813 टन से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन की ढुलाई कर चुका है, जिसमें महाराष्ट्र को 174 टन, उत्तर प्रदेश को 355 टन, मध्य प्रदेश को 134.77 टन, दिल्ली को 70 टन और हरियाणा को 79 टन ऑक्सीजन शामिल है।
- नई दिल्ली। स्पाइसहेल्थ ने शनिवार को कहा कि उसने दिल्ली, गुरुग्राम और मुंबई के जांच केंद्रों में आरटी-पीसीआर परीक्षण शुरू किए हैं और इसके लिए पहले से समय लेना जरूरी नहीं है। स्पाइसहेल्थ की प्रयोगशालाएं अभी तक इन शहरों में घर से लिए गए गए नमूनों का आरटी-पीसीआर परीक्षण कर रही थीं। आरटी-पीसीआर परीक्षण से पता चलता है कि कोई व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित है या नहीं। स्पाइसहेल्थ ने एक विज्ञप्ति में कहा कि दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर आरटी-पीसीआर परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें आजादपुर मंडी, द्वारका और रोहिणी शामिल हैं।





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