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- नयी दिल्ली। फ्रांस की कंपनी पैथस्टोर ने भारत में 299 रुपये में कोविड-19 आरटी-पीसीआर परीक्षण शुरू किया है। इससे देशभर में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी। पैथस्टोर ने मंगलवार को बयान में कहा कि कंपनी के बेहद सस्ते आरटी-पीसीआर टेस्ट से पर्यटन, उद्योग और खुदरा क्षेत्रों में कामकाज में मदद मिलेगी। पैथस्टोर की मूल कंपनी जेनस्टोर के वैश्विक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुभव अनुषा ने कहा, ‘‘समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के समक्ष उच्च गुणवत्ता के कोविड-19 के इलाज में सबसे बड़ी अड़चन लागत की आ रही है।'' अनुषा ने कहा कि पैथस्टोर आगामी एक से तीन माह के दौरान सभी प्रमुख कोविड-19 प्रभावित राज्यों तक विस्तार करेगी । कंपनी आरटी-पीसीऔर सैंपल जुटाने के लिए 2,000 से अधिक चिकित्सा प्रतिनिधियों को तैनात करेगी। कंपनी ने गुरुग्राम में एक बड़ा आरटी-पीसीआर और जैव सुरक्षा स्तर-तीन जांच लैब स्थापित की है। यहां एक दिन में एक लाख नमुनों की जांच हो सकती है।
- मुंबई। देश में कोविड-19 संक्रमण के घटते मामलों के साथ घरेलू हवाई यात्री यातायात जून में वृद्धि के रास्ते पर आ गया। पिछले महीने स्थानीय मार्गों पर करीब 30 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की जबकि इससे पूर्व मई में यह संख्या 20 लाख थी। क्रेडिट रेटिंग इक्रा ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि हालांकि जून में कुछ पुनरूद्धार देखा गया, लेकिन मांग अभी भी कम है। इसका कारण महामारी की दूसरी लहर है जिससे लोग केवल जरूरी होने पर ही यात्रा कर रहे हैं। माह-दर-माह आधार पर जून में घरेलू यात्री यातायात इससे पूर्व मई के मुकाबले करीब 42 प्रतिशत अधिक रहा। हालांकि सालाना आधार पर घरेलू यात्रियों की संख्या में 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। सरकार ने एयरलाइंस को पांच जुलाई से क्षमता बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने की अनुमति दी है जो 31 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। इस साल जून में घरेलू यात्री यातयात करीब 29-30 लाख रहा। जबकि मई में यह करीब 19.8 लाख था।सरकारी आदेश में मई में एयरलाइंस की क्षमता को 80 प्रतिशत से कम कर 50 प्रतिशत कर दिया गया था।इक्रा की उपाध्यक्ष किजंल शाह ने कहा कि प्रति उड़ान यात्री संख्या जून 2021 में 94 थी जो इससे पूर्व मई महीने में 77 थी। उन्होंने कहा कि जून में कुछ पुनरूद्धार देखा गया, लेकिन मांग पर दबाव बना हुआ है। इसका कारण महामारी की दूसरी लहर है। इससे लोग सतर्कता बरत रहे हैं और जरूरी होने पर ही यात्रा कर रहे हैं। शाह के अनुसार संक्रमण की दर में कमी के बावजूद विभिन्न राज्यों में पाबंदियां अभी भी हैं। इससे छुट्टी मनाने और कारोबारी उद्देश्य से यात्रा में कटौती की गयी है।
- नयी दिल्ली। इमेजिंग टेक्नोलॉजी फर्म फुजीफिल्म इंडिया ने कोजी वाडा को अपना नया प्रबंध निदेशक बनाया है। फुजीफिल्म इंडिया प्राइवेट लि. ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि ये नियुक्ति 29 जून से प्रभावी है। वाडा ने हारुतो इवाता की जगह ली है जो सिंगापुर में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रबंध निदेशक बना दिए गए हैं। वाडा भारत में फुजीफिल्म के संचालन और व्यापार रणनीति का नेतृत्व करेंगे। बयान में कहा गया है कि वाडा 2001 से फुजीफिल्म से जुड़े हुए हैं।वह अभी महाप्रबंधक के रूप में भारत में कंपनी के चिकित्सा क्षेत्र के व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
- नयी दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को एक ‘व्यवस्थित योजना' के तहत बाजार से सूचीबद्धता समाप्त करने की योजना बना रही अनुषंगी कंपनियों के लिये मानक प्रक्रिया जारी की है। यह प्रक्रिया उन अनुषंगी कंपनियों के मामले में जारी की गई है जिनकी सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी और सूचीबद्ध अनुषंगी कंपनियां ‘‘एक जैसे व्यवसाय'' में हैं। नियामक ने कहा है कि बहुत सारी सूचीबद्ध कंपनियां हैं जिनकी सूचीबद्ध अनुषंगी कंपनियां भी उसी व्यवसाय में हैं और दोनों कंपनियों के शेयरों की बाजार में अच्छी पूछ है। ऐसे में दोनों- सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी और सूचीबद्ध अनुषंगी के मिलने से उनको सामंज्य का अच्छा खासा लाभ मिलने की संभावना होती है। सेबी ने ऐसे में ‘एक जैसे व्यवसाय' को परिभाषित करते हुये कहा है कि सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी और सूचीबद्ध अनुषंगी का कम से कम 50 प्रतिशत राजस्व ‘एक जैसे व्यवसाय' से आना चाहिये। इसके अलावा सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी और सूचीबद्ध अनुषंगी की कम से कम 50 प्रतिशत वास्तविक संपत्ति ‘उसी व्यवसाय' में निवेश होनी चाहिये। इसके अलावा दोनो कंपनियों की प्रधान आर्थिक गतिविधि राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी) कोड के तहत एक ही समूह में होनी चाहिये। सेबी ने कहा है कि सूचीबद्ध कंपनी का नाम बदलने के मामले में पिछले एक साल के दौरान नये तरीके से और एकीकृत आधार पर की गई गणना में एक पूरे साल के दौरान कम से कम 50 प्रतिशत राजस्व उन्ही गतिविधियों से कमाया हुआ होना चाहिये जो उसके नये नाम में संकेत मिलते हैं। बाजार नियामक ने कहा है कि सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी और सूचीबद्ध अनुषंगी को एक जैसे व्यवसाय में होने को लेकर स्व- प्रमाणन देना होगा। इसके बाद इसे सेबी पंजीकृत मर्चेंट बैंकर और सांविधिक आडीटर से प्रमाणित कराना होगा। सेबी ने जून में सूचीबद्धता समाप्त करने संबंधी नियमन 2021 को अधिसूचित किया था। इसमें राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से मंजूरी प्राप्त व्यवस्था के तहत किसी सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी की सूचीबद्ध अनुषंगी को सूचीबद्धता समाप्त करने के लिये रिवर्स बुक बिल्डिंग प्रक्रिया से छूट दिये जाने का प्रावधान किया गया था। योजना के प्रभावी होने के बाद सूचीबद्ध अनुषंगी, सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी बन जायेगी।
- नयी दिल्ली। देश में नियुक्ति दर में हल्का सुधार हुआ है। अप्रैल में यह 10 प्रतिशत थी जो मई में बढ़कर 35 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि, पेशेवरों को जोड़ने वाले मंच लिंक्डइन के आंकड़े के अनुसार कोविड-19 की दूसरी महामारी से पेशेवर आर्थिक अनिश्चितता के कारण ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लिंक्डइन पर भारत में नियुक्ति दर इस साल मार्च में 50 प्रतिशत थी जो अप्रैल 2021 में घटकर 10 प्रतिशत पर आ गयी। हालांकि, स्थानीय स्तर पर लगायी गयी पाबंदियों में ढील के साथ मई में इसमें कुछ सुधार आया और यह 35 प्रतिशत रही।'' हालांकि, कामकाजी महिलाएं और युवा पेशेवर अभी भी आर्थिक उथल-पुथल से काफी प्रभावित हैं।लिंक्डइन के अनुसार, कामकाजी महिलाओं में कामकाजी पुरुषों की तुलना में भरोसा चार गुना कम हुआ है। वहीं नये स्नातकों को नौकरी खोजने में लगने वाला औसत समय 2 से बढ़कर 3 महीने हो गया है।'' लिंक्डइन पर वित्त, कॉरपोरेट सेवा, विनिर्माण, स्वास्थ्य और हार्डवेयर तथा नेटवर्किंग जैसे कुछ प्रमुख उद्योग सक्रियता से नियुक्ति कर रहे हैं। दूसरी तरफ, जिन उद्योगों में नियुक्ति में कमी आयी है, उनमें उपभोक्ता सामान, मीडिया एवं संचार, वाहन, विपणन और विज्ञापन उद्योग शामिल हैं। लिंक्डइन के आंकड़े के अनुसार 2020 में महामारी के बीच, विशेषीकृत इंजीनियरिंग, कृत्रिम मेधा, साइबर सुरक्षा और डेटा साइंस क्षेत्रों में नियुक्ति को लेकर मांग बढ़ी थी। करीब एक साल बाद आईटी क्षेत्र में मांग में वृद्धि जारी है। इस क्षेत्र में एप्लिकेशन डेवलपर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और एसएपी (सिस्टम एप्लीकेशन एंड प्रोडक्ट्स) विशेषज्ञों की मांग ज्यादा है।
- नयी दिल्ली। टाटा पावर के शेयरधारकों ने कंपनी के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन की निदेशक के पद पर फिर से नियुक्ति को मंजूरी दे दी। कंपनी ने बीएसई को भेजी सूचना में यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि उसकी मंगलवार को हुई वार्षिक आमसभा में शेयरधारकों ने एन चंद्रशेखरन की निदेशक के रूप में पुन: नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। चंद्रशेखरन को 11 फरवरी, 2017 को कंपनी का गैर-स्वतंत्र, गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। इससे पहले आमसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी सतत वृद्धि के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर अग्रसर है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, पारेषण और वितरण कारोबार में वृद्धि के विभिन्न विकल्पों का आकलन करती रहेगी। उन्होंने कहा कि वृद्धि हासिल करने के लिये टाटा पावर की नवीकरणीय ऊर्जा और वितरण कारोबार पर ध्यान देते हुये स्पष्ट योजना है। कंपनी आने वाले कुछ साल में अतिरिक्त क्षमता जोड़ते हुये 15 गीगावाट तक पहुंचने की योजना बना रही है।
- मुंबई। बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर मंगलवार को विराम लगा और दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। किसी सकारात्मक संकेत के अभाव में रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटी और वाहन शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट आयी। कारोबारियों के अनुसार रुपये की विनिमय दर में गिरावट और कमजोर वैश्विक रुख से भी घरेलू बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स में शुरूआत सकारात्मक रही और कारोबार बढ़ने के साथ बाजार में तेजी रही। लेकिन कारोबार समाप्त होने से पहले बिकवाली से सेंसेक्स 18.82 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,861.18 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 16.10 अंक यानी 0.1 प्रतिशत टूटकर 15,818.25 अंक पर बंद हुआ।सेंसेक्स के शेयरों में 2.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में टेक महिंद्रा का शेयर रहा। इसके अलावा टीसीएस, मारुति, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इन्फोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी गिरावट दर्ज की गयी। दूसरी तरफ, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, कोटक बैंक और इंडसइंड बैंक समेत अन्य शेयर लाभ में रहे। इनमें 3.22 प्रतिशत तक की तेजी आयी। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 11 लाभ में जबकि 19 नुकसान में रहे।जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार में तेजी वित्तीय शेयरों की अगुवाई में हुई है। जून तिमाही के लिये कारोबारी सूचना के अनुसार प्रमुख बैंकों और एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) की वित्तीय गतिविधियों में सुधार दिखा है। इससे दूसरी लहर के प्रभाव को लेकर चिंता कम हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कारोबार समाप्त होने से पहले मुनाफावसली से बाजार नीचे आ गया। वैश्विक स्तर पर, तेल के दाम में तेजी आयी। इसका कारण वैश्विक मांग बढ़ने के बावजूद तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के उत्पादन बढ़ाने को लेकर बातचीत रद्द करना है।'' इस बीच, जीएसटी संग्रह जून में आठ महीने में पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से कम रहा। इसका कारण कोरोना वायरस महामारी से कारोबारी गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आधिकारिक आंकड़े के अनुसार माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जून में घटकर 92,849 करोड़ रुपये पर आ गया। यह 10 महीने अगस्त 2020 के बाद सबसे कम जीएसटी संग्रह है। एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई और हांगकांग नुकसान में जबकि सोल और तोक्यो लाभ में रहें।यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। इस बीच, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 24 पैसे टूटकर 74.55 पर बंद हुई। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.39 प्रतिशत बढ़त के साथ 77.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे।
- नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में मजबूती के अनुरूप दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 389 रुपये बढ़कर 46 हजार 762 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46 हजार 373 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।चांदी भी 397 रुपये की तेजी के साथ 69 हजार 105 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 68 हजार 708 रुपये था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के साथ 1,806 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी 26.63 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ''डॉलर के कमजोर होने से सर्राफा में लिवाली बढऩे से बहुमूल्य धातुओं में तेजी रही।''-
- नयी दिल्ली। चीनी मोबाइल फोन कंपनी शाओमी ने अपने 'एमआई' ब्रांड के साथ भारत के मिड एवं प्रीमियम स्मार्ट फोन वर्ग में पिछली कुछ तिमाहियों में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है और 20,000 से 45,000 रुपए के वर्ग में 14 से 15 प्रतिशत बाजार पर कब्जा कर लिया है। शाओमी इंडिया के प्रबंध निदेशक मनु जैन ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी ने महंगे उपकरणों की मांग के जोर पकड़ने के साथ अपने 'एमआई' और 'रेडमी' ब्रांड को अलग-अलग वर्गों में पेश करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "उद्योग के औसत बिक्री मूल्यों (एएसपी) में लगातार वृद्धि हो रही है। हमने जब 2014-15 में शुरुआत की थी, बाजार का एएसपी 6,000 से 7,000 रुपए हुआ करता था। 2019 में यह बढ़कर 12,000 रुपए हो गया और अब करीब 13,000 से 15,000 रुपए है। इसका मतलब है कि ज्यादा से ज्यादा लोग 20,000 रुपए और उससे अधिक के महंगे उपकरण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार ने सोमवार को उपभोक्ता संरक्षण (ई-वाणिज्य) नियम, 2020 में प्रस्तावित संशोधन पर लोगों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने की समयसीमा बढ़ाकर पांच अगस्त कर दी। इससे पहले, ई-वाणिज्यि नियम के मसौदे पर टिप्पणी के लिये अंतिम तिथि छह जुलाई थी।सरकारी नोटिस में कहा गया है, ‘ई-वाणिज्य नियमों के मसौदे पर टिप्पणियों/सुझावों की प्राप्ति के लिए समय सीमा बढ़ाने का निर्णय किया गया है। प्रस्तावित संशोधन पर विचार/टिप्पणियां/सुझाव 5 अगस्त, 2021 तक भेजे जा सकते हैं।' उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने तीन जुलाई को एक बैठक आयोजित की थी। बैठक में, कई ई-वाणिज्यक कंपनियों ने सरकार से अनुरोध किया था कि वह सुझाव देने की समयसीमा छह जुलाई से आगे बढ़ाए। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने ई-वाणिज्य नियमों पर मसौदा 21 जून को जारी किया था। इसमें ई-वाणिज्य मंचों पर सीमित अवधि में भारी छूट देकर धोखाधड़ी कर सामानों की बिक्री और माल और सेवाओं की गलत जानकारी देकर सामान और सेवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, उपभोक्ता संरक्षण (ई-वाणिज्यि) नियम, 2020 में मुख्य अनुपालन अधिकारी/शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति समेत अन्य संशोधन के प्रस्ताव किये गये हैं।
- नयी दिल्ली। डिजिटल वित्तीय सेवा मंच पेटीएम ने सोमवार को पोस्टपेड मिनी की पेशकश की, जिसके जरिए ग्राहक अपने मासिक खर्च के लिए 250 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का कर्ज तुरंत पा सकते हैं। पेटीएम ने एक विज्ञप्ति में बताया कि यह पेशकश उसकी ‘बाय नाउ, पे लेटर' सेवा का विस्तार है, जिसकी मदद से कम कीमत वाला ऋण तुरंत पाया जा सकता है। पोस्टपेड मिनी को आदित्य बिरला फाइनेंस लिमिटेड के साथ भागीदारी में पेश किया गया है और 30 दिन तक की अवधि के लिये कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। कंपनी ने बताया कि इस पहल के तहत मोबाइल और डीटीएच रिचार्ज, गैस सिलेंडर बुकिंग, बिजली और पानी के बिल जैसे खर्चों के लिये यह कर्ज दिया जाएगा।
- नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में मजबूती के रुख और रुपये के मूल्य में गिरावट के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 69 रुपये बढ़कर 46 हजार 408 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46 हजार 339 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।चांदी भी 251 रुपये की तेजी के साथ 69 हजार 35 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 68 हजार 784 रुपये था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के साथ 1,793 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी 26.60 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ''डॉलर इंडेक्स में गिरावट के कारण सोमवार को सोने में लिवाली बढ़ गई।''
- नई दिल्ली। इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा स्टील का 30 जून को समाप्त तिमाही में एकीकृत आधार पर कच्चे इस्पात का उत्पादन 43 प्रतिशत बढ़कर 79.4 लाख टन पर पहुंच गया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी का उत्पादन 55.3 लाख टन रहा था।टाटा स्टील ने रविवार को जारी बयान में कहा कि अप्रैल-जून की अवधि में एकीकृत आधार पर कंपनी की बिक्री 35 प्रतिशत बढ़कर 71.4 लाख टन पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 53.3 लाख टन थी। भारत में कंपनी का उत्पादन तिमाही के दौरान 55 प्रतिशत बढ़कर 46.2 लाख टन पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 29.9 लाख टन रहा था। टाटा स्टील की आपूर्ति 42 प्रतिशत बढ़कर 29.3 लाख टन से 41.5 लाख टन हो गई। समीक्षाधीन तिमाही में टाटा स्टील यूरोप का इस्पात उत्पादन 27 प्रतिशत बढ़कर 27.3 लाख टन पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 21.5 लाख टन था। इस दौरान कंपनी की आपूर्ति 19 प्रतिशत बढ़कर 19.8 लाख टन से 23.6 लाख टन पर पहुंच गई। टाटा स्टील दक्षिण-पूर्व एशिया का उत्पादन 49 प्रतिशत बढ़कर 3.9 लाख टन से 5.9 लाख टन हो गया। इस दौरान आपूर्ति 50 प्रतिशत बढ़कर 4.2 लाख टन से 6.3 लाख टन पर पहुंच गई।
- नई दिल्ली। सेबी ने आईएलएंडएफएस सेक्योरिटीज सर्विसेज लिमिटेड (आईएसएसएल), अलायड फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एएफएसपीएल) और तीन अन्य लोगों पर 32 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना, इन तीन कंपनियों की म्यूचुअल फंड इकाइयों के कथित धोखाधड़ी के साथ किए गए हस्तांतरण के सिलसिले में लगाया गया है। इसके अलावा पूंजी बाजार नियामक ने उनके खिलाफ कई निर्देश भी जारी किए।सेबी ने दो जुलाई को आईएसएसएल; आईएफएसपीएल और उसके तीन निदेशकों के खिलाफ दो अलग-अलग आदेश जारी किए। नियामक ने 20 फरवरी, 2017 से आठ फरवरी, 2019 के बीच मामले की विस्तृत जांच करने के बाद ऐसा किया। आईएसएसएल मामले में मंजूरी देने वाला सदस्य है जबकि आईएफएसपीएल डिपॉजिटरी प्रतिभागी है।सेबी ने आईएसएसएल पर 26 करोड़ रू का जुर्माना लगाते और कुछ निर्देश जारी करते हुए कहा कि उसका आदेश उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किसी भी आदेश के अधीन होगा। सेबी ने साथ ही आईएसएसएल पर दो साल के लिए कोई नया ग्राहक हासिल करने पर रोक लगा दी है। यह कुछ शर्तों के अधीन होगा। सेबी के आदेश के मुताबिक एएफएसपीएल पर तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही उसके प्रबंध निदेशक अवनीश कुमार मिश्रा पर तीन करोड़ रुपए, उसके दो निर्देशकों - हिमांशु अरोड़ा पर 14 लाख रुपए और जितेंद्र तिवारी पर सात लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
- नयी दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 65,176.78 करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और एचडीएफसी बैंक रहे। समीक्षाधीन सप्ताह में सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल) के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। बीते सप्ताह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 20,400.27 करोड़ रुपये घटकर 12,30,138.03 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक के बाजार मूल्यांकन में 18,113.03 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 8,18,313.66 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी का बाजार मूल्यांकन 5,837.3 करोड़ रुपये घटकर 4,46,941.10 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का 5,762.02 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,43,404.75 करोड़ रुपये रह गया। बजाज फाइनेंस लि. की बाजार हैसियत 4,614.48 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 3,62,047.96 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक की 3,748.34 करोड़ रुपये के नुकसान से 3,78,894.38 करोड़ रुपये रह गई। कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार पूंजीकरण 3,697.15 करोड़ रुपये घटकर 3,40,237.26 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का 3,004.19 करोड़ रुपये के नुकसान से 6,67,911.74 करोड़ रुपये रह गया। इस रुख के उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 15,785.21 करोड़ रुपये बढ़कर 13,49,794.23 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 9,245.63 करोड़ रुपये बढ़कर 5,84,695.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस तथा कोटक महिंद्रा बैंक का स्थान रहा। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 440.37 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
- नई दिल्ली। किसी मान्य शेयर बाजार या जिंस एक्सचेंज से कारोबार के दौरान किसी भी मूल्य (50 लाख रुपये से अधिक अधिक मूल्य के भी) के शेयरों या जिंसों की खरीद करने वाली कंपनियों को लेनदेन को लेकर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नहीं करनी होगी। आयकर विभाग ने यह बात कही है।आयकर विभाग ने एक जुलाई से स्रोत पर कर कटौती का प्रावधान लागू किया है। यह 10 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली कंपनियों पर लागू होगा। इस तरह की इकाइयों को एक वित्त वर्ष किसी निवासी से 50 लाख रुपये से अधिक की वस्तुओं की खरीद के भुगतान पर 0.1 प्रतिशत का टीडीएस काटने की जरूरत होती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि यह प्रावधान स्टॉक एक्सचेंजों के जरिये शेयरों या जिंसों के लेनदेन पर लागू नहीं होगा। आयकर विभाग ने कहा कि उसे इस तरह के ज्ञापन मिले हैं कि कुछ एक्सचेंजों और समाशोधन निगमों के जरिये लेनदेन में आयकर कानून की धारा 194 क्यू के तहत टीडीएस के प्रावधानों के क्रियान्वयन में व्यावहारिक दिक्कतें होती हैं। कई बार इस तरह के लेनदेन में खरीदार और विक्रेता के बीच एक-दूसरे से अनुबंध नहीं होता। सीबीडीटी की ओर से 30 जून को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, ''इस तरह की कठिनाइयों को दूर करने के लिए कानून की धारा 194 क्यू ऐसे मामलों में लागू नहीं होगी जिनमें प्रतिभूतियों और जिंसों का लेनदेन मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों या समाशोधन निगमों के जरिये हुआ है। कंपनियों द्वारा टीडीएस काटने संबंधित धारा 194 क्यू को 2021-22 के बजट में पेश किया गया था। यह प्रावधान एक जुलाई, 2021 से लागू हुआ है।
- मुंबई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (बीपीसीएल) को पिछले दो दशक में 80 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट प्राप्त हुए हैं, जबकि उसे 53 से अधिक मामलों में स्वीकृति की प्रतीक्षा है। इसमें एक पेटेंट की इस सूची में कच्चे तेल की परख करने वाला सबसे तेज और सबसे सस्ता उपकरण बीपीमार्क भी शामिल है। कंपनी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित उसके अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) केंद्र ने अकेले 18 पेटेंट पिछले 12 महीनों में प्राप्त किये हैं। बीपीसीएल का आर एंड डी बजट 80 से 100 करोड़ रुपये वार्षिक का है। बीपीसीएल के निदेशक (रिफाइनरी और मार्केटिंग) अरुण कुमार सिंह ने रविवार को कहा, ‘‘पिछले दो दशक में हमने 80 पेटेंट हासिल किये हैं तथा 53 मामलों में अभी स्वीकृति मिलनी बाकी है। जुलाई 2020 से लेकर अबतक हमने 18 पेटेंट अपने नाम किये हैं।'' उन्होंने कहा कि केंद्र के सबसे प्रसिद्ध पेटेंट नवाचारों में से एक बीपीमार्क है। जो कच्चे तेल की उन्नत परख के लिए एक उपकरण है। यह पारंपरिक परख तरीकों के मुकाबले बेहद कम समय में कच्चे तेल की विशेषता और मूल्यांकन करता है। पुरानी प्रक्रिया में कच्चे तेल की परख में कम से कम एक महीना लगता है। सिंह ने कहा कि कंपनी का नया पेटेंट आवेदन अधिक लौ प्रदान करने वाले एलपीजी गैस स्टोव (भारतीय पेटेंट कार्यालय में चार पेटेंट के आवेदन और चार डिजाइन पंजीकरण के आवेदन) के लिए है। ये स्टोव मौजूदा स्टोव की गैस-से ताप के संबंध में 68 प्रतिशत दक्षता के मुकाबले छह प्रतिशत अधिक ताप प्रदान करते है। इस नवाचार से हर परिवार को भोजन पकाने में औसतन सालाना एक एलपीजी सिलेंडर की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इस उच्च दक्षता वाले एलपीजी स्टोव 'भारत हाई स्टार' को रविवार को अनुसंधान एवं विकास केंद्र की 20वीं वर्षगांठ के मौके पर पेश किया गया। इस स्टोव की दक्षता 74 प्रतिशत है तथा इसका आग निकालने वाला हिस्सा बेहतर लौ प्रदान करता है। सिंह ने कहा कि यदि यह गैस स्टोव सभी घरों में पंहुचा दिया जाता है तो इससे सालाना 17 लाख टन एलपीजी यानी सात हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। उन्होंने कहा कि एलपीजी की खपत सालाना लगभग 2.8 करोड़ टन है और मांग औसतन छह प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। इसके जल्द ही तीन करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना है।
- नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय के तहत एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (सीपीएसयू) और भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने फ्लाई ऐश की 100 फीसदी उपयोगिता की दिशा में अपने प्रयास के तहत मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों के नामित बंदरगाहों से फ्लाई ऐश की बिक्री के लिए रुचि-प्रपत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट, ईओआई) आमंत्रित की है। निविदा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 जुलाई 2021 को शुरू की गई है और यह 25 जुलाई 2021 को बंद हो जाएगी।फ्लाई ऐश की टिकाऊ उपयोगिता एनटीपीसी की प्रमुख चिंताओं में से एक है और कंपनी इसके पूर्ण उपयोगिता के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित कर रही है। फ्लाई ऐश कोयले से बिजली उत्पादन में प्राप्त होने वाला एक उप उत्पाद है। एनटीपीसी स्टेशनों से उत्पन्न फ्लाई ऐश सीमेंट, कंक्रीट, कंक्रीट उत्पादों, सेलुलर कंक्रीट उत्पादों के निर्माण और ईंटों/ब्लॉकों/टाइलों के लिए आदर्श है। एनटीपीसी लिमिटेड ने देशभर में फ्लाई ऐश की आपूर्ति के लिए सीमेंट निर्माताओं के साथ सहभागिता की है। यह विद्युत उत्पादक कंपनी सस्ते व पर्यावरण अनुकूल तरीके से फ्लाई ऐश के परिवहन के लिए भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क का लाभ उठा रही है।भवन निर्माण में फ्लाई ऐश ईंटों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एनटीपीसी ने अपने कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों में फ्लाई ऐश ईंट निर्माण संयंत्र स्थापित किए हैं। विशेष रूप से इन ईंटों का उपयोग संयंत्रों के साथ-साथ टाउनशिप निर्माण गतिविधियों में किया जा रहा है। एनटीपीसी अपने फ्लाई ऐश ईंट संयंत्रों में वार्षिक तौर पर औसतन 6 करोड़ फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण कर रही है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप, एनटीपीसी स्टेशन उत्पादित कुल फ्लाई ऐश का कम से कम 20 फीसदी हिस्सा ईंट/ब्लॉक/टाइल्स निर्माताओं को देने के लिए रिजर्व में रखते हैं और उन्हें नि:शुल्क फ्लाई ऐश आवंटित कर रहे हैं। एनटीपीसी के स्टेशनों में उत्पादित कुल फ्लाई ऐश का लगभग 9 फीसदी फ्लाई ऐश ईंटों/ब्लॉकों और टाइल निर्माण इकाइयों में सालाना उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, साल 2020-21 के दौरान लगभग 15 एनटीपीसी स्टेशनों ने विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए फ्लाई ऐश की आपूर्ति की है और इसका उपयोग लगभग 20 मिलियन टन से अधिक हो गया है। वहीं पिछले पांच वर्षों में देश में फ्लाई ऐश की उपयोगिता में 80 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
- लंदन। ब्रिटेन की चौथी सबसे बड़ी सुपरमार्किट श्रृंखला मोरीसंस का फोरट्रेस इन्वेस्टमेंट के नेतृत्व वाला समूह 8.7 अरब डालर (6.3 अरब पाउंड) में अधिग्रहण करेगा। मोरीसंस ने अधिग्रहण के लिये निवेश समूह की इस बोली को स्वीकार कर लिया है। यह सौदा ऐसे समय आया है जब निवेश कंपनी ब्रिटेन में निवेश के अवसर तलाश रही थी। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद यह पेशकश की गई है। इससे पहले पिछले महीने ही मोरीसंस ने न्यूयार्क स्थित क्लेटॉन, डुबिलियर एण्ड राइस की 5.5 अरब पाउंड की पेशकश को खारिज कर दिया था। उसने कहा कि बोली में कंपनी का मूल्यांकन कम रखा गया है। नये सौदे में न्यूयार्क स्थित फोरट्रेस की अगुवाई वाले निवेश समूह ने मोरोसंस के प्रत्येक शेयर के लिये 254 पेंस देने पर सहमति जताई है जो कि इससे पहले क्लेटोन डुबिलियर की बोली के प्रति शेयर मूल्य से 42 प्रतिशत अधिक है। खरीदारों के नये समूह में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और कोच रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट्स भी शामिल है। मोरीसंस के चेयरमैन एंड्रयू हिगींसन ने कहा, ‘‘हमने फोरट्रेस की पेशकश को सावधानी पूर्वक देखा, कारोबार के लिये उनकी योजना और एक अलग पहचान रखने वाली ब्रिटेन की खाद्य निर्माता और शॉपकीपर कंपनी के मालिक के तौर पर उनकी समग्र अनुकूलता पर गौर किया ...।'' मोरीसंस के ब्रिटेन में 497 स्टोर और 339 गैस स्टेशन है। कंपनी में कुल एक लाख दस हजार के करीब कर्मचारी हैं।
- नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक कार, बाइक्स के बाद अब इलेक्टिक साइकिलों की डिमांड बढ़ गई है। कई कंपनियों ने इलेक्टिक साइकिल लांच की है, जिसकी कीमत मोटरबाइक्स से काफी कम है।नाहक मोटर्स ने हाल ही में अपनी इलेक्ट्रिक साइकिलों को भारत में लॉन्च किया था। अब कंपनी ने इनकी डिलीवरी भी शुरू कर दी है। भारतीय बाजार में गरूड़ इलेक्ट्रिक साइकिल की कीमत 31 हजार 999 रुपये है। वहीं, जिप्पी इलेक्ट्रिक साइकिल की कीमत 33 हजार 499 रुपये है। कंपनी ने इस महीने से ऑनलाईन प्री-बुकिंग शुरू कर दी है, जो 11 जुलाई तक जारी रहेगी।क्या है खासियतजिप्पी और गरूड़ इलेक्ट्रिक साइकिल में ग्राहकों को रिमुवेबल बैटरी, एलसीडी डिस्प्ले और पैडल सेंसर टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स मिलेंगे।इन इलेक्ट्रिक साइकिल को ग्राहक कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रीबुक कर सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट पर दिए फॉर्म को भर कर ग्राहक 2,999 रुपये की टोकन राशि देकर इसे बुक कर सकते हैं। बुक की गई इलेक्ट्रिक साइकिल 13 जुलाई तक डिस्पैच कर दी जाएगी। कंपनी के मुताबिक इन इलेक्ट्रिक साइकिलों की 15 अगस्त तक ग्राहकों को होम डिलीवरी कर दी जाएगी।कंपनी के मुताबिक जिप्पी और गरूड़ इलेक्ट्रिक साइकिलों को खासतौर पर भारतीय कंडीशन को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इन इलेक्ट्रिक साइकिलों में लिथियम-आयन बैटरी दी गई है, जिसे फुल चार्ज होने में करीब 3 घंटे लगते हैं। इसका चार्जर घर में मौजूद आम पावर सॉकेट में आसानी से फिट हो जाता है। एक बार पूरी तरह से चार्ज होने के बाद ये इलेक्ट्रिक साइकिलें 40 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती हैं।10 पैसे प्रति किमी का खर्च आएगाजिप्पी और गरूड इलेक्ट्रिक साइकिलों में एलॉय स्टील फ्रेम दिए गए हैं। कंपनी का दावा है कि इन इलेक्ट्रिक साइकिलों पर ग्राहकों को भारी बचत होगी। कंपनी के दावे के मुताबिक इन इलेक्ट्रिक साइकलों को चलाने में ग्राहकों को करीब 10 पैसे प्रति किलोमीटर की लागत आएगी। इन इलेक्ट्रिक साइकिलों को बैटरी और पैडल दोनों से चलाया जा सकता है। यानी, बैटरी खत्म होने पर आप इन्हें साधारण साइकिल की तरह चला सकते हैं।
- नयी दिल्ली। दंतमंजन सहित रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं बनाने वाली कंपनी कोलगेट-पामोलिव इंडिया लिमिटेड (सीपीआईएल) ने कहा कि वह अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और प्रमुख प्राथमिकताओं पर निरंतर ध्यान देते हुए चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है। कंपनी ने शनिवार को शेयर बाजार को बताया कि उसे मुंह की देखभाल संबंधी उत्पादों की श्रेणी में प्रबल प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इस क्षेत्र में बेहतर अवसर के आकार को देखते हुए उद्योग के लिए इसका दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। कंपनी ने अपने वार्षिक परिणाम जारी करते हुए कहा कि बाजार में चुनौतीपूर्ण स्थिति और प्रतिकूल व्यापक आर्थिक रुख के जारी रहने की उम्मीद है। कोलगेट ने इसके अलावा कहा कि वह अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति, चुनौतीपूर्ण वातावरण में संचालन के अनुभव और अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं पर लगातार ध्यान देते हुए आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह तैयार है। कोलगेट प्रमुख तौर पर निजी इस्तेमाल के मुंह और दांतों की देखभाल श्रेणी में उत्पाद बेचती है। उसने कहा कि कहा कि चुनौतीपूर्ण व्यवसाय और प्रतिस्पर्धी माहौल के बावजूद 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष में उसके टूथपेस्ट और टूथब्रश दोनों श्रेणियों में अपने अच्छे प्रदर्शन की स्थिति को बरकरार रखा है। उल्लेखनीय है कि कंपनी का ओरल केयर व्यवसाय का उसके बिक्री कारोबार में 90 प्रतिशत से अधिक का योगदान है। कंपनी ने खुदरा विक्रेताओं के लिए सीपीआईएल के साझेदार वितरकों को अपने ऑर्डर भेजने के लिए डिजीऑर्डर ऐप पेश किया है, जिसे अब तक 1.25 लाख ग्राहकों ने प्ले स्टोर से डाउनलोड भी कर लिया है।
- नई दिल्ली। सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 251 रुपये बढ़कर 46 हजार 615 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसकी वजह मजबूत वैश्विक रुख और रुपये की कीमत में आई गिरावट रही। यह जानकारी एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने दी है। इससे पहले के ट्रेड में सोना 46 हजार 364 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि दूसरी ओर चांदी के हाजिर भाव में शुक्रवार को 256 रुपये की गिरावट दिखी और यह 68 हजार 458 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इससे पहले के ट्रेड में चांदी 68 हजार 714 रुपये प्रति किलो पर थी।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़कर 1,778 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। वहीं चांदी की कीमत 26.03 डॉलर प्रति औंस पर फ्लैट थी। सोने और चांदी की वैश्विक कीमतों का असर, घरेलू बाजार में इन बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। शुक्रवार को ओपनिंग ट्रेड में रुपये में 20 पैसे की गिरावट आई और यह 74.75 प्रति डॉलर पर आ गया।वायदा कारोबार में सोने का हालशुक्रवार को वायदा कारोबार में सोना 350 रुपये चढ़कर 47 हजार 389 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट्स 350 रुपये की तेजी के साथ 47 हजार 389 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। इस दौरान 10,648 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने खुदरा और थोक व्यापार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों-एमएसएमई के दायरे में लाने का फैसला किया है। सरकार ने खुदरा और थोक व्यापार को एमएसएमई के रूप में शामिल कर उन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्र में ऋण प्रदान करने के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इस निर्णय से ढाई करोड़ खुदरा और थोक व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमई को मजबूती देने और उन्हें आर्थिक विकास का माध्?यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन संशोधित नियमों के तहत खुदरा और थोक व्यापारी अब उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
- नई दिल्ली। भारत में ओप्पो रेनो 6 अपनी नई सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि ये स्मार्टफोन भारतीय बाजार में 14 जुलाई को लांच होगा। ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी और ओप्पो रेनो 6 फोन फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध होंगे। आइये देखें इस स्मार्ट फोन में क्या होगी खासियत।इन दोनों स्मार्टफोन को चीन में लॉन्च किया जा चुका है और उम्मीद है कि भारत में भी इसे लगभग इसी कीमत के साथ लॉन्च किया जाएगा। चीन में ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी की कीमत करीब 39 हजार 800 रुपये है। जबकि ओप्पो रेनो 6 करीब 31 हजार 800 रुपये की कीमत में चीन में लॉन्च किया गया है।क्या है खासियतओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी में 6.55 इंच फुल-एचडी+ ओएलईडी डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 1200 प्रोसेसर का यूज किया गया है। फोन में 12 डीबी रैम और 256 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। फोटोग्राफी के लिए फोन में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी कैमरा 64 मेगापिक्सल का है, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर, दो 2 मेगापिक्सल के सेंसर दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। पावर के लिए इसमें 4,500 एमएएच की बैटरी दी गई है, जो 65 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है।वहीं ओप्पो रेनो 6 स्मार्टफोन में 6.43 इंच का फुल एचडी+ होल-पंच एएमओएलईडी डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 90 हट्र्ज़ रिफ्रेश रेट है. ये फोन एंड्रॉयड 11 बेस्ड कलरअओएस 11 पर काम करता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 900 प्रोसेसर का यूज किया गया है। फोन में 12 जीबी रैम और 256 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। फोन की कीमत भारत में 30 हजार रुपये के आस-पास हो सकती है। फोटोग्राफी के लिए इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी कैमरा 64 मेगापिक्सल का है। इसके अलावा सेकेंडरी कैमरा 8 मेगापिक्सल का और 2 मेगापिक्सल का तीसरा लेंस दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। पावर के लिए इसमें 4,300 एमएएच की बैटरी दी गई है, जो 65 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है।
- मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने निर्यातकों को माल लदान से पहले और बाद की अवधि के लिए दिए जाने वाले निर्यात रिण पर ब्याज सब्सिडी की अवधि तीन महीने बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 तक कर दी है। बैंक के इस निर्णय से निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी। इस योजना को अप्रैल में 30 जून 2021 तक के लिए बढ़ाया गया था। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘भारत सरकार ने निर्यात माल लदान से पहले और लदान के बाद में दिये जाने वाले रुपया निर्यात रिण पर ब्याज योजना की अवधि के विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह योजना इसी आकार और आधार के साथ तीन महीने यानी 30 सितंबर 2021 तक लागू रहेगी।'' इसमें कहा गया है कि योजना का विस्तार एक जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2021 तक किया गया है।निर्यातकों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (फियो) के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘इससे देश के चिन्हित निर्यात क्षेत्रों को अंतराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा, क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और वे निर्यात बढ़ा सकेंगे।'' उन्होंने इसके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का आभार जताया। उन्होंने उनसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए ब्याज सहायता योजना का विस्तार करने की अपील भी की। फियो अध्यक्ष ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र की इकाइयां अब भी मुनासिफ दर पर कारोबार के लिए कर्ज के अभाव का सामना कर रही हैं।






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