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- नई दिल्ली। वेस्पा का नया स्कूटर एक सितंबर को लांच होने जा रहा है। पियाजियो ने भारत में इसे रेसिंग सिक्स्टीज नाम से लांच करने जा रही है।इस स्कूटर का मॉडल एसएक्सएल 150 जैसा ही है। कंपनी इसे मार्च में ही लांच करने वाली थी, लेकिन कोविड 19 के कारण इसकी लांचिंग में विलंब हो गया। अब यह एक सितंबर से भारतीय बाजार में उपलब्ध होगी। इस स्कूटर में कुछ अलग फीचर हैं जैसे कि इसमें यूएसबी चार्जर है। अंडर सीट लाइट भी लगाई गई है। इसका इंजन 150 सीसी का है। साथ में ऑटोमैटिक सीवीटी गियरबॉक्स भी उपलब्ध है। सुरक्षा के लिए इसके सामने वाले टायर में डिस्क ब्रेक दिया गया है। वहीं यियर साइड में ड्रम ब्रेक दिया गया है।भारत में बीएस-6 इंजन वाले एसएक्सएल 150 स्कूटर की कीमत 1.26 लाख रुपये है। लिमिटेड एडिशन वेस्पा रेसिंग सिक्स्टीज की कीमत इससे कुछ ज्यादा हो सकती है। इस स्कूटर का एक्स-शोरूम प्राइस 1.30 लाख रुपये हो सकता है।
- नई दिल्ली। सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल ने 1499 रुपये वाला एक नया प्रीपेड प्लान पेश किया है। यह एक साल की वैलिडिटी वाला प्लान है जिसमें ग्राहकों को डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। कंपनी ने इस प्लान की घोषणा बीएसएनल चेन्नई के ट्विटर अकाउंट पर की है। इस प्लान का नाम पीवी 1499 है। एक सितंबर से ये ग्राहकों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।बीएसएनएल के 1499 रुपये वाले प्लान में 365 दिन की वैलिडिटी मिलती है। इस दौरान ग्राहकों को कुल 24 जीबी इंटरनेट डेटा दिया जाता है। इसमें सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है साथ ही रोज 100 एसएमएस भी दिए जाते हैं।प्रमोशनल ऑफर के तहत शुरुआती 90 दिन में इस प्लॉन को लेने वाले ग्राहकों को 30 दिन की अतिरिक्त वैलिडिटी भी दी जाएगी। इस तरह ग्राहक 365 की जगह 395 दिनों की वैधता का आनंद ले पाएंगे। इस प्लान को ऐक्टिवेट करने के लिए ग्राहक बीएसएनएल वेबसाइट पर जा सकते हैं या फिर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 123 नंबर पर क्करु्रहृ क्चस्हृरु 499 एसएमएस कर सकते हैं।कंपनी ने 365 रुपये का एक दूसरा प्लान भी ऑफर करती है, जिसमें 365 दिन की वैलिडिटी मिलती है। इसमें ग्राहकों को सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। प्लान में रोज 2 जीबी डेटा और 100 एसएमएस भी दिए जाते हैं। हालांकि कॉलिंग, डेटा और एसएमएस की सुविधा सिर्फ शुरुआती 60 दिनों के लिए मिलेगी और फिर उसके बाद ग्राहकों को वाउचर्स का इस्तेमाल करना होगा।-----
- नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार, 3 सितंबर 2020 को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और एनबीएफसी के शीर्ष प्रबंधन के साथ बैंक ऋणों में कोविड-19 संबंधी दबाव की समाधान व्यवस्था पर अमल की समीक्षा करेंगी।समीक्षा के दौरान इस बात पर फोकस किया जाएगा कि आखिरकार किस तरह से कारोबारियों और परिवारों को व्यवहार्यता या लाभप्रदता के आधार पर पुनरुद्धार संबंधी व्यवस्था का सही ढंग से उपयोग करने में सक्षम बनाया जाए। इसी तरह समीक्षा के दौरान विभिन्न आवश्यक कदमों जैसे कि बैंक नीतियों को अंतिम रूप देने और कर्जदारों की पहचान करने के साथ-साथ उन मुद्दों पर चर्चा करने पर भी फोकस किया जाएगा जिन्हें सुचारू एवं शीघ्र कार्यान्वयन के लिए सुलझाना अत्यंत आवश्यक है।
- नई दिल्ली। देश के सबसे धनी कारोबारी मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली आरआईएल की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने शनिवार को फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की।कंपनी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) ने आज फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार के एकमुश्त 24 हजार 713 करोड़ रुपये के दाम में अधिग्रहण की घोषणा की। आरआरवीएल ने कहा कि इस अधिग्रहण योजना के तहत फ्यूचर समूह अपनी कुछ कंपनियों का विलय फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एफईएल) में कर रहा है। कंपनी ने बताया कि इस योजना के तहत फ्यूचर समूह के खुदार और थोक कारोबार को आरआरवीएल की पूर्णस्वमित्व वाली कंपनी रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड (आरआरएफएलएल) को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार आरआरवीएल को हस्तांतरित किया जाएगा।इस सौदे के जरिए रिलायंस रिटेल का अधिग्रहण करेगी, जो बिग बाजार की मालिक है और किराना सामान से लेकर सौंदर्य प्रसाधन और परिधान तक सभी तरह के उत्पादों की बिक्री करती है। इसके अलावा फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस का अधिग्रहण भी किया जाएगा। हालांकि, फ्यूचर समूह के वित्तीय एवं बीमा कारोबार इस सौदे का हिस्सा नहीं हैं। अंबानी की कंपनी ने फ्यूचर रिटेल और फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस में पूरी प्रवर्तक हिस्सेदारी खरीद ली है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्यूचर में अमेजन की हिस्सेदारी का क्या होता है। पिछले साल अगस्त में सिएटल स्थित अमेजन ने फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर फ्यूचर रिटेल में अप्रत्यक्ष रूप से 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी। यह साझेदारी इस साल जनवरी में गहरी हुई, जब अमेजन फ्यूचर रिटेल के स्टोर के लिए अधिकृत ऑनलाइन बिक्री चैनल बन गया। रिलायंस को फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अल्पसंख्यक शेयरधारकों से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए एक खुला प्रस्ताव देना पड़ सकता है। किशोर बियानी की अगुवाई वाले फ्यूचर समूह ने शेयर बाजार को दी जानकारी में इस सौदे की पुष्टि की है।फ्यूचर रिटेल 1,550 स्टोर का संचालन करता है और इसके प्रमुख ब्रांडों में बिग बाजार, एफबीबी, फूडहॉल, ईजीडे, हेरिटेज फ्रेश और डब्ल्यूएचस्मिथ हैं। फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन 354 स्टोर का संचालन करता है। रिलायंस और फ्यूचर रिटेल के इस सौदे से भारत के रिटेल सेक्टर में जंग तेज होगी। यहां अमेजन ने पहले ही 5.5 अरब अमरीकी डालर के निवेश का वादा किया है, जबकि वॉलमार्ट ने 2018 में 16 अरब अमरीकी डालर में ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीदा। विज्ञप्ति के मुताबिक आरआरएफएलएल विलय के बाद एफईएल में 6.09 प्रतिशत इक्विटी शेयर के अधिग्रहण के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगी। ये निवेश इक्विटी शेयरों के तरजीही निर्गम के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा 400 करोड़ रुपये तरजीही आधार पर जारी शेयर वारंट में लगाए। इन वारंट को शेयर में परिवर्तित करने और इनके बकाया तीन चौथाई मूल्य को चुकाने के बाद आरआरएफएलएल के पास एफईएल की और 7.05 प्रतिशत हिस्सेदारी आ जाएगी।रिलायंस रिलेट वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, हमें भारत में आधुनिक खुदरा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फ्यूचर समूह के प्रसिद्ध प्रारूपों और ब्रांडों के साथ ही उसके व्यावसायिक ईको सिस्टम (परिवेश) को संरक्षित करने की खुशी है। हमें उम्मीद है कि छोटे व्यापारियों और किराना स्टोरों और बड़े उपभोक्ता ब्रांडों के साथ सक्रिय सहयोग से खुदरा कारोबार की वृद्धि जारी रहेगी। हम देश भर में अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।विज्ञप्ति के मुताबिक इस अधिग्रहण के लिए सेबी, एनसीएलटी, सीसीआई, शेयरधारकों और अन्य मंजूरियां ली जानी हैं। फ्यूचर समूह के कारोबार के अधिग्रहण से रिलायंस रिटेल को खुदरा कारोबार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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नई दिल्ली। जीएसटी नेटवर्क ने शनिवार से स्वत: प्रारूपित इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) स्टेटमेंट ‘जीएसटीआर-2बी' देने की शुरुआत की, जिससे करदाताओं को आईटीसी देयता निर्धारित करने में मदद मिलेगी। जीएसटी नेटवर्क वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी पक्ष को संभालता है। जीएसटीएन ने एक बयान में कहा कि प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति द्वारा आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर प्रत्येक महीने जीएसटीआर-2बी को जीएसटी पोर्टल पर तैयार किया जा सकता है। बयान के मुताबिक उम्मीद है कि जीएसटीआर-2बी से रिटर्न तैयार करने में कम समय लगेगा, गलतियां कम होंगी और पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी। -
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात मौजूदा 11 अरब डॉलर से 16 गुना से अधिक बढ़कर 2025 तक 180 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है। एक उद्योग संगठन ने शनिवार को यह टिप्पणी की। इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईएससी) ने कहा कि यदि सरकार उद्योग जगत के सुझावों पर अमल करती है, तब यह हासिल कर पाना संभव है। संगठन ने सरकार को लक्ष्य प्राप्त करने के लिये एक खाका पेश किया है, जिसमें उसने कुछ नीतिगत हस्तक्षेप के साथ-साथ मोबाइल उत्पादन से परे मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजनाओं व प्रोत्साहनों पर ध्यान केंद्रित करने की सिफारिश की है। संगठन के चेयरमैन संदीप नरुला ने एक बयान में कहा, हमने ईएससी में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को आगे बढ़ाकर 2025 तक 180 अरब डॉलर पर पहुंचाने का एक खाका तैयार किया है। इसमें मोबाइल और एसेसरीज, कल पुर्जे तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर सामग्रियां शामिल हैं। यह स्तर सॉफ्टवेयर निर्यात के आसपास होगा। संगठन ने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन की मौजूदा योजनाएं सिर्फ मोबाइल फोन व कुछ संबद्ध विशिष्ट कल पुर्जों तक सीमित है। इसे पूरे इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र के लिये विस्तृत किया जाना चाहिये।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कृषि में आत्मनिर्भरता केवल खाद्यान्नों तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें गांवों की समुचित अर्थव्यवस्था भी शामिल है।वे आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उत्तरप्रदेश के झांसी में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के महाविद्यालय और प्रशासनिक भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उद्देश्य देश में कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करना, देश तथा दुनिया में इनका विपणन करना और किसानों को उद्यमी बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसान और कृषि, उद्योग का रूप लेकर आगे बढ़ेंगे तो निश्चित रूप से गांवों में रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर पैदा होंगे।श्री मोदी ने कहा कि स्कूल स्तर पर ही कृषि से संबंधित शिक्षा देना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में माध्यमिक स्तर पर कृषि को एक विषय के रूप में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को ड्रोन तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कृषि क्षेत्र में आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से संबंधित आधुनिक तकनीक पर लगातार काम करना होगा।श्री मोदी ने कहा कि 6 वर्ष पहले देश में केवल एक केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय था, लेकिन अब इनकी संख्या 3 हो गई है। इसके अलावा 3 और राष्ट्रीय संस्थान भी स्थापित किए जा रहे हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में सात सौ करोड़ रूपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है और लाखों कामगारों को रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत बुंदेलखंड में हजारों तालाबों की मरम्मत की गई है और नये तालाबों का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अटल भू-जल योजना के तहत भू-जल का स्तर बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस मार्ग और रक्षा गलियारा जैसी परियोजनाओं से इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।प्रधानमंत्री ने इसके बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें नये भवन के लिए बधाई दी।----
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नई दिल्ली। दवा कंपनी वॉकहार्ट ने जून में समाप्त चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 759.75 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ कमाया है। कंपनी को अपने 62 उत्पादों तथा बद्दी संयंत्र को डॉ. रेड्डीज लैब को स्थानांतरित करने पर जो प्राप्ति हुई है, उसकी वजह से वह मुनाफा कमाने में सफल रही है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की अप्रैल-जून की तिमाही में कंपनी को 36.88 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय 606.22 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 733.66 करोड़ रुपये रही थी। वॉकहार्ट ने तिमाही के दौरान भारतीय बाजार में नया रासायनिक तत्व (एनसीई) पेश किया है। इस उत्पाद को ‘एमरॉक ओ और एमरॉक' ब्रांड नाम से उतारा गया है। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसने अपना कुछ कारोबार डॉ. रेड्डीज लैब को स्थानांतरित किया। इससे उसे 1,483 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। - नई दिल्ली। सुपरबाइक बनाने वाली कंपनी कावासाकी मोटर्स इंडिया ने भारत में Kawasaki Vulcan S BS6 लॉन्च कर दी है। इसकी कीमत 5.79 लाख रुपये रखी गई है। यह कंपनी की पुरानी बाइक का बीएस 6 मॉडल है। बीएस4 मॉडल के मुकाबले नई बाइक 30 हजार रुपये महंगी है। इसमें बीएस 6 इंजन के अलावा नया मैटेलिक फ्लैट रॉ ग्रोस्टोन कलर भी दिया गया है।दरअसल यह एक मैटेलिक ग्रो कलर है जिसमें रेड और ब्लैक कलर का जगह-जगह इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ यही एक कलर ऑप्शन ही जिसमें अब बाइक उपलब्ध होगी। बाइक के स्टाइलिंग और फीचर्स पहले जैसे ही रखे गए हैं। कंपनी ने बाइक की बुकिंग पहले ही शुरू कर दी थी।649 सीसी का पैरलल-ट्विन लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 60 बीएसपी की पावर और 63 एनएम का टॉर्क जेनरेट करता है। इंजन के साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है। बाइक का वजन 235 किग्रा का है और इसका फ्यूल टैंक 14 लीटर का है। मोटरसाइकिल की सीट हाइट 705 एमएम की है। इस बाइक में कंपनी अलग-अलग सीट ऑप्शन भी ऑफर कर रही है।
- नई दिल्ली। जापान की कंपनी होंडा मोटर अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक अर्बन कार लेकर आई है। इसका नाम होंडा ई है। कंपनी का कहना है कि उसकी इलेक्ट्रिक कार में दमदार परफॉर्मेंस, कम्फर्ट और लेटेस्ट टेक्नॉलजी का बेजोड़ मेल है। होडा के मुताबिक, यह इलेक्ट्रिक कार सिर्फ 8.3 सेकंड्स में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है। कंपनी का कहना है कि होंडा ई शानदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस देती है।फुल चार्ज पर चलती है 200 किलोमीटर से ज्यादाहोंडा ई इलेक्ट्रिक कार फुल चार्ज करने के बाद 137 माइल्स (करीब 221 किलोमीटर) तक चलती है। यह कार प्लैटिनम वाइट पर्ल, मॉडर्न स्टील मैटेलिक, चार्ज येलो, क्रिस्टल ब्लू मैटेलिक और क्रिस्टल ब्लैक पर्ल इन 5 कलर ऑप्शन में आई है।होंडा की इस इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती कीमत 26 हजार 600 यूरो (करीब 23 लाख रुपये) है। वहीं, होंडा ई एडवांस वेरियंट की शुरुआती कीमत 25.40 लाख रुपये के करीब है।होंडा की इस इलेक्ट्रिक कार में ड्राइवर एसआरएस एयरबैग, कट ऑफ स्विच के साथ पैसेंजर एसआरएस एयरबैग दिए गए हैं। इसके अलावा, फ्रंट में साइड एयरबैग्स, फ्रंट और रियर में साइड कर्टन एयरबैग्स दिए गए हैं। कार में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम , इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन, हिल स्टार्ट असिस्ट, इमर्जेंसी स्टॉप सिग्नल, पार्किंग सेंसर, इंटेलीजें स्पीड लिमिटर जैसे फीचर्स दिए गए हैं।कार की चार्जिंग में लगता है इतना वक्तहोंडा की यह कार 16 इंच और 17 इंच वील्स ऑप्शन में आई है। कार में कोई सेंट्रल कंसोल नहीं है, इसलिए इसका इंटीरियर काफी चौड़ा फील होता है। कार में 171 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है। इसके अलावा, बैक सीट्स को फोल्ड करके आप लगेज और दूसरे बड़े आइटम्स के लिए ज्यादा जगह बना सकते हैं। अगर इस कार को चार्ज करने में लगने वाले समय की बात करें तो रैपिड चार्जिंग में यह 50 केडब्ल्यू चार्जर पर लो बैटरी वॉर्निंग इंडीकेटर से 80 प्रतिशत सिर्फ 31 मिनट में चार्ज हो जाती है। वहीं, पब्लिक चार्जिंग में लो चार्ज से 100 फीसदी चार्ज होने में करीब 246 मिनट लगते हैं। वहीं, घर में भी लो-चार्ज से फुल चार्ज (100 फीसदी) करने में 246 मिनट लगते हैं।---
- नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज भारत के टियर-2 शहरों पर विशेष ध्यान देने के साथ स्टार्टअप्स और सॉफ्टवेयर उत्पादों को और बढ़ावा देने के लिए चुनौती - नेक्सट जनरेशन स्टार्टअप चलैंज प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए तीन वर्षों की अवधि के लिए 95.03 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिन्हित क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग 300 स्टार्टअप्स की पहचान करना और उन्हें 25 लाख रुपये तक की प्रारंभिक राशि (सीड फंड) तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हैं।इस चुनौती प्रतियोगिता के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय निम्नलिखित कार्य क्षेत्रों में स्टार्टअप को आमंत्रित करेगा--आम जनता के लिए एडु-टेक, एग्री-टेक और फिन-टेक सॉल्यूशंस-आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और परिवहन प्रबंधन-बुनियादी ढांचा और दूरस्थ निगरानी-चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल, नैदानिक, रोकथाम तथा मनोचिकित्सकीय देखभाल-नौकरियां और कौशल, भाषाई उपकरण और प्रौद्योगिकियांचुनौती कार्यक्रम के माध्यम से चुने गए स्टार्टअप को देश भर में फैले सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्कों के माध्यम से सरकार की ओर से विभिन्न सहायता प्रदान की जायेंगी। उन्हें ऊष्मायन सुविधाएं (इनक्यूबेशन फैसिलिटी), मेंटरशिप, सुरक्षा परीक्षण सुविधाएं, वेंचर कैपिटलिस्ट फंडिंग तक पहुंच, उद्योग से जुडऩे के साथ-साथ कानूनी सलाह, मानव संसाधन (एचआर), आईपीआर और पेटेंट मामलों में सलाह दी जाएगी। 25 लाख रुपये तक की प्रारंभिक राशि (सीड फंड) के अलावा, स्टार्टअप को अग्रणी क्लाउड सेवा प्रदाताओं से क्लाउड क्रेडिट भी प्रदान किया जाएगा। उद्भावना के स्तर पर भी स्टार्ट-अप को प्री-इन्क्यूबेशन प्रोग्राम के तहत चुना जा सकता है और प्रस्तावित विचार के इर्द-गिर्द अपने बिजनेस प्लान और सॉल्यूशन को विकसित करने के लिए छह महीने तक के लिए सलाह दी जाती है। प्रत्येक इंटर्न (प्री-इनक्यूबेशन के तहत) को 6 महीने की अवधि तक के लिए 10 हजार रुपये/- प्रति माह दिए जाएंगे।
- नई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) स्टार्टअप और उद्यमियों के कुशल और प्रभावी मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिना थके काम जारी रखेगी और भारत को निवेश तथा संपत्ति अर्जित करने के सबसे आसान देशों में एक बनाएगी।अमिताभ कांत ने आगे कहा कि भारत के नागरिकों के लिए सुगमता के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण पर अब सरकार का फोकस होगा। उन्होंने कहा कि भारत में कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हुआ है, न सिर्फ विश्व बैंक के सूचकांक (कारोबार करने में सुगमता) के लिए, बल्कि भारत को आसान और सरल बनाने के लिए।उन्होंने कहा, सरकार में हम सभी एमएसएमई, व्यवसाय, स्टार्टअप और उद्यमियों के कुशल और प्रभावी मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिना थके काम जारी रखेंगे और भारत को निवेश तथा संपत्ति अर्जित करने के सबसे आसान देशों में एक बनाएंगे। अमिताभ कांत विश्व बैंक के उस फैसले पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें आंकड़ों के संग्रह में कई अनियमितताओं के बाद डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के प्रकाशन को रोक दिया गया था, जिसके आधार पर देशों को कारोबारी माहौल की रैंकिंग दी जाती है।विश्व बैंक ने गुरुवार को अपनी कारोबार सुगमता के बारे में जारी होने वाली डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के प्रकाशन को स्थगित रखने का फैसला किया था। यह फैसला पिछली कुछ रिपोर्टों में डेटा में बदलाव में हुई कई अनियमितताओं के बाद लिया गया है। विश्व बैंक ने एक बयान में कहा, अक्टूबर 2017 और 2019 में प्रकाशित डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2018 और डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2019 के डेटा में बदलाव के संबंध में कई अनियमितताएं सामने आयी हैं। ये बदलाव डूइंग बिजनेस के तरीके के साथ साम्य नहीं थे।उल्लेखनीय है कि भारत कारोबार सुगमता रिपोर्ट 2020 में 14 स्थानों की छलांग लगाकर 63वें पायदान पर पहुंच गया है। भारत ने पिछले पांच वर्षों (2014- 2019) में 79 स्थानों की छलांग लगायी है।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ब्याज दरों में आगे और कटौती के संकेत देते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए किए गए उपायों को जल्द नहीं हटाया जाएगा।आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज एक कार्यक्रम में कहा, चाहे दर में कटौती हो या फिर अन्य नीतिगत कदम, हमारे तरकश के तीर अभी खत्म नहीं हुए हैं। आरबीआई ने छह अगस्त को जारी नीतिगत समीक्षा में रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। केंद्रीय बैंक इससे पहले पिछली दो बैठकों में नीतिगत दर में 1.15 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। फिलहाल रेपो दर चार प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत और सीमांत स्थायी सुविधा (एमसीएफ) दर 4.25 प्रतिशत है।उन्होंने कहा कि महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढऩा होगा। केंद्रीय बैंक द्वारा पिछले दिनों घोषित राहत उपायों के बारे में दास ने कहा, किसी भी तरह से यह नहीं मानना चाहिए कि आरबीआई उपायों को जल्द हटा लेगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप और अन्य पहलुओं पर एक बार स्पष्टता होने के बाद आरबीआई मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि पर अपने पूर्वानुमान देना शुरू कर देगा।उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण सही दिशा में एक कदम है। दास ने कहा, बैंकों का आकार जरूरी है, लेकिन दक्षता इससे भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, बैंक तनाव का सामना करेंगे, यह जाहिर सी बात है, लेकिन अधिक महत्वपूर्ण यह है कि बैंक चुनौतियों के समक्ष किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं और उसका सामना करते हैं।---
- नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा है कि इस वर्ष की दो लाख 35 हजार करोड़ रुपए की समूची जीएसटी क्षतिपूर्ती राशि का वहन राज्यों को भारतीय रिजर्व बैंक के साथ सलाह से किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने आज जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।उन्होंने कहा कि एक बार व्यवस्था के बारे में जीएसटी परिषद में सहमति बन जाने के बाद बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के बाकी महीनों के भुगतान के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक के साथ सलाह मशवरे से, राज्यों को विशेष व्यवस्था के तहत भुगतान करने का एक अन्य विकल्प, न्यायसंगत ब्याजदर पर 97 हजार करोड़ रुपए देना है। उन्होंने कहा कि उपकर संग्रह के पांच वर्ष बाद इसका पूर्ण भुगतान किया जा सकता है।श्रीमती सीतारामन ने कहा कि राज्यों के सामने दो विकल्प रखे गए थे ताकि उन्हें ऋण के लिए ज्यादा मशक्कत न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि राज्?यों ने दोनों विकल्पों का ब्यौरा उपलब्ध कराने और विचार के लिए सात दिन का समय दिए जाने का अनुरोध किया है। ये विकल्प केवल इस वर्ष के लिए उपलब्ध रहेंगे। अप्रैल 2021 में परिषद समीक्षा करेगी और पांचवे वर्ष के बारे में फैसला करेगी। वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण जीएसटी संग्रह पर विपरित असर पड़ा है।----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क (सीबीआईसी) विभाग ने आज स्पष्ट किया कि जीएसटी के भुगतान में देरी पर ब्याज से संबंधित 25 अगस्त, 2020 की अधिसूचना संख्या 63/2020-केन्द्रीय कर संभावित रूप से कुछ तकनीक सीमाओं को देखते हुए जारी की गई है।हालांकि यह भरोसा दिलाया गया है कि जीएसटी परिषद की 39वीं बैठक के दौरान लिए गए फैसले के क्रम में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा पिछली अवधियों के लिए कोई वसूली नहीं की जाएगी। इससे जीएसटी परिषद द्वारा लिए गए फैसले के क्रम में करदाताओं को पूरी राहत सुनिश्चित की जाएगी।सीबीआईसी का स्पष्टीकरण 1 सितंबर, 2020 तक कुल देनदारी (नकद में कर देयता निर्वहन) पर जीएसटी के विलंबित भुगतान पर वसूले जा रहे ब्याज के संबंध में 25 अगस्त, 2020 की अधिसूचना के संबंध में सोशल मीडिया में आईं कुछ टिप्पणियों के क्रम में आया है।-----
- नई दिल्ली। नीति आयोग ने आज निर्यात तत्परता सूचकांक - ईपीआई 2020 जारी किया। ईपीआई का उद्देश्य चुनौतियों और अवसरों की पहचान करना, सरकारी नीतियों की कारगरता को बढ़ाना और सुविधाजनक नियामक ढांचे को प्रोत्साहन देना है । ईपीआई के चार स्तंभ, नीति, व्यापार और निर्यात से जुड़े विभिन्न पहलू और निर्यात प्रदर्शन हैं। इसमें निर्यात संवर्धन नीति, संस्थागत ढांचा, व्यापार, पर्यावरण, मूलभूत ढांचा और यातायात की व्यवस्था से जुड़े पहलू भी शामिल है।इस अवसर पर नीति आयोग उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि विश्व के बाजार में भारत एक मजबूत निर्यातक बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए ईपीआई सूचकांक विभिन्न राज्यों की क्षमता को आंकता है। डॉक्टर कुमार ने कहा कि उम्मीद है कि इस सूचकांक से मिलने वाले विस्तृत ब्यौरे का उपयोग कर सभी पक्षधर राष्ट्रीय और राज्यकीय स्तर दोनों पर निर्यात से जुड़ी प्रणाली को मजबूत कर पाएंगे।नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिताभ कांत ने कहा कि निर्यात तत्परता सूचकांक आंकड़ों पर आधारित एक प्रयास है जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख केंद्र बिंदुओं की पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्यात में लगातार वृद्धि के लिए किसी भी आर्थिक संस्थान के लिए आवश्यक तथ्यों के आधार पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का आकलन किया गया है।अभी जारी ईपीआई से पता लगा है कि निर्यात विविधता, यातायात संपर्क व्यवस्था और मूलभूत ढांचे के पैमाने पर अधिकांश भारतीय राज्यों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि ज्यादातर तटवर्ती राज्यों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है और गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त हुए हैं।नीति आयोग ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर भारत पर आधारित एक विकासशील देश बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से निर्यात बढ़ाने की जरूरत है। ईपीआई से महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है कि इस लक्ष्य को राज्य कैसे हासिल करें।
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नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारतीय रेलवे की अपनी खाली पड़ी जमीन पर 20,000 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की योजना है। इन संयंत्रों में देश में विनिर्मित सौर और पवन ऊर्जा उपकरणों का उपयोग किया जाएगा और उत्पादित बिजली का उपयोग रेलवे अपने नेटवर्क में करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे का नेटवर्क 100 प्रतिशत बिजली चालित होगा। इस लिहाज से यह दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क होगा। गोयल ने कहा, हमारी जो अधिशेष जमीन है, उसका बड़ा हिस्सा और ट्रैक के पास उपलब्ध भूमि का उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में किया जाएगा। भारत में बने सौर और पवन ऊर्जा उपकरणों का प्रयोग किया जहा रहा है। इन भूखंडों पर 20,000 मेगावाट नवीकरणीय बिजली उत्पादन करने की योजना है। यह बिजली हमारे पूरे नेटवर्क को चालाने के लिये पर्याप्त होगी। वह सीईईडब्ल्यू (काउंसिल ऑफ एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर) के स्वच्छ ऊर्जा पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रेलवे को इस तरह की बिजली के लिए बैटरी स्टोरेज के विस्तार या अन्य बिजली संग्रह के दूसरी प्रालियों की व्यवस्था करने की जरूरत होगी।
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नई दिल्ली। जीएसटी परिषद की गुरुवार 27 अगस्त को होने वाली बैठक हंगामेदार हो सकती है। विपक्षी दल शासित राज्य, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने के कारण राजस्व में हुए नुकसान की भरपाई के लिये केंद्र पर वादे के अनुसार क्षतिपूर्ति देने को लेकर दबाव बनाने को एकजुट दिखता हैं। सूत्रों के अनुसार जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये होगी। बैठक का एकमात्र एजेंडा--राज्यों के राजस्व में कमी की भरपाई है। बैठक में जिन विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, उनमें बाजार से कर्ज, उपकर की दर में वृद्धि या क्षतिपूर्ति उपकर के दायरे में आने वाले वस्तुओं की संख्या में वृद्धि, शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि कपड़ा और जूता-चप्पल जैसे कुछ उत्पादों पर उल्टा शुल्क ढांचा यानी तैयार उत्पादों के मुकाबले कच्चे माल पर अधिक दर से कराधान को ठीक करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। कोविड-19 संकट ने राज्यों की वित्तीय समस्याएं बढ़ा दी है। - मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने 2019-20 में 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई नहीं की। इस दौरान दो हजार के नोटों का प्रसार कम हुआ है। रिजर्व बैंक की 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।रिपोर्ट के अनुसार मार्च, 2018 के अंत तक चलन में मौजूद दो हजार के नोटों की संख्या 33 हजार 632 लाख थी, जो मार्च, 2019 के अंत तक घटकर 32 हजार 910 लाख पर आ गई। मार्च, 2020 के अंत तक चलन में मौजूद दो हजार के नोटों की संख्या और घटकर 27 हजार 398 लाख पर आ गई।रिपोर्ट के अनुसार, प्रचलन में कुल मुद्राओं में दो हजार के नोट का हिस्सा मार्च, 2020 के अंत तक घटकर 2.4 प्रतिशत रह गया। यह मार्च, 2019 के अंत तक तीन प्रतिशत तथा मार्च, 2018 के अंत तक 3.3 प्रतिशत था। मूल्य के हिसाब से भी दो हजार के नोटों की हिस्सेदारी घटी है। आंकड़ों के अनुसार मार्च, 2020 तक चलन में मौजूद कुल नोटों के मूल्य में दो हजार के नोट का हिस्सा घटकर 22.6 प्रतिशत रह गया। यह मार्च, 2019 के अंत तक 31.2 प्रतिशत और मार्च, 2018 के अंत तक 37.3 प्रतिशत था।रिपोर्ट के अनुसार, 2018 से तीन साल के दौरान 500 और 200 रुपये के नोटों के प्रसार में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। मूल्य और मात्रा दोनों के हिसाब से 500 और 200 रुपये के नोट का प्रसार बढ़ा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 में 2,000 के करेंसी नोट की छपाई के लिए कोई ऑर्डर नहीं दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लि. (बीआरबीएनएमपीएल) तथा सिक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एसपीएमसीआईएल) की ओर 2,000 के नोट की कोई नई आपूर्ति नहीं की गई। 2019-20 में बैंक नोटों के लिए ऑर्डर एक साल पहले की तुलना में 13.1 प्रतिशत कम थे।रिपोर्ट कहती है कि 2019-20 में बैंक नोटों की आपूर्ति भी इससे पिछले साल की तुलना में 23.3 प्रतिशत कम रही। इसकी मुख्य वजह कोविड-19 महामारी और उसके चलते लागू लॉकडाउन है। रिजर्व बैंक ने कहा कि 2019-20 में 500 के 1,463 करोड़ नोटों की छपाई का ऑर्डर दिया गया। इसमें से 1,200 करोड़ नोटों की आपूर्ति हुई। वहीं 2018-19 में 1,169 करोड़ नोटों की छपाई के ऑर्डर पर 1,147 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई।रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 में बीआरबीएनएमपीएल तथा एसपीएमसीआईएल को 100 के 330 करोड़ नोटों की छपाई का ऑर्डर दिया गया। इसी तरह 50 के 240 करोड़ नोटों, 200 के 205 करोड़ नोटों, 10 के 147 करोड़ नोटों और 20 के 125 करोड़ नोटों की छपाई का ऑर्डर दिया गया। इनमें से ज्यादातर की आपूर्ति वित्त वर्ष के दौरान की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019-20 में बैंकिंग क्षेत्र में पकड़े गए जाली नोटों (एफआईसीएन) में से 4.6 प्रतिशत रिजर्व बैंक के स्तर पर पकड़े गए। वहीं 95.4 प्रतिशत जाली नोटों का पता अन्य बैंकों के स्तर पर चला। कुल मिलाकर 2,96,695 जाली नोट पकड़े गए। यदि इससे पिछले वित्त वर्ष से तुलना की जाए, तो 10 के जाली नोटों में 144.6 प्रतिशत, 50 के जाली नोटों में 28.7 प्रतिशत, 200 के जाली नोटों में 151.2 प्रतिशत तथा 500 (महात्मा गांधी-नई श्रृंखला) के जाली नोटों में 37.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वहीं 20 के जाली नोटो में 37.7 प्रतिशत, 100 के जाली नोटो में 23.7 प्रतिशत तथा दो हजार के जाली नोटों में 22.1 प्रतिशत की कमी आई। बीते वित्त वर्ष में दो हजार के 17 हजार 20 जाली नोट पकड़े गए। यह आंकड़ा 2018-19 में 21 हजार 847 का रहा था।---
- नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक लिमिटेड (पीएनबी) ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) को सूचित किया है कि नीरव मोदी मामले में उसे वसूली की पहली किश्त के रूप में 3.25 मिलियन डॉलर (लगभग 24.33 करोड़ रुपये) की धनराशि प्राप्त हुई है।एमसीए ने विदेशी न्यायालय में कॉरपोरेट शासन (गवर्नेंस) मुकदमे की सुनवाई में प्रमुख भूमिका निभायी थी। यूएस चैप्टर 11 ट्रस्टी द्वारा देनदार की संपत्ति के परिसमापन पर, पीएनबी सहित असुरक्षित लेनदारों में वितरण के लिए 11.04 मिलियन डॉलर (लगभग 82.66 करोड़ रुपये) की राशि उपलब्ध है। आगे की वसूली अन्य खर्चों और अन्य दावेदारों के दावों के अंतिम फैसले के अधीन है।3.25 मिलियन डॉलर का पहला प्रत्यावर्तन, विदेश में कॉरपोरेट धोखाधड़ी के खिलाफ लड़ाई में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। मंत्रालय ने अपराधियों, यानी, नीरव मोदी/ मेहुल चोकसी द्वारा प्रवर्तित और/या नियंत्रित की गई संस्थाओं से धन की वसूली के लिए भी कार्रवाई शुरू की है।पंजाब नेशनल बैंक ने 2018 में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को सूचित किया था कि नीरव मोदी की तीन कंपनियों- मैसर्स फायरस्टार डायमंड, इंक; मैसर्स ए जाफ़ी, इंक; और मैसर्स फैंटेसी, इंक ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साउथर्न डिस्ट्रिक्ट, न्यूयॉर्क में चैप्टर 11 दिवालियापन संरक्षण के लिए आवेदन दाखिल किया है। पीएनबी ने कर्जदाताओं की संपत्ति में अपने दावों से धनराशि की प्राप्ति में मदद करने के लिए कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय से न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में दिवालियापन वाद में शामिल होने का अनुरोध किया था।साउथर्न डिस्ट्रिक्ट, न्यूयॉर्क के अमेरिकी दिवालियापन न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 26 जुलाई, 2018 में देनदार कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री से होने वाली आय में पीएनबी के दावों को मान्यता दी। इसने पीएनबी को अधिकृत किया कि वह शपथ के तहत पूछताछ के लिए नीरव मोदी, मिहिर भंसाली और राखी भंसाली को उपस्थिति-पत्र (सम्मन) जारी करे।इसके बाद, न्यूयॉर्क दिवालियापन अदालत द्वारा नियुक्त परीक्षक ने 24 अगस्त, 2018 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में धोखाधड़ी के तौर-तरीकों के बारे में बताया गया है, और किस तरह से अमेरिका में देनदार कंपनियों के कर्मचारियों ने धोखाधड़ी में भाग लिया था। धोखाधड़ी का एक प्रमुख तरीका यह था कि मुखौटा कंपनियां आपस में हीरों के राउंड-ट्रिपिंग में संलग्न थीं। ये मुखौटा कंपनियां वास्तव में, नीरव मोदी द्वारा प्रवर्तित (प्रमोट) थी और/या नियंत्रित की जाती थी।
- नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति ने देश में सरकार, विनियामक संस्थाओं और उद्योगों के बीच उत्कृष्ट सहयोग स्थापित करने का अनोखा अवसर प्रदान किया है। मंगलवार को भारतीय उद्योग परिसंघ -सी आई आई द्वारा आयोजित वर्चुअल समारोह में उद्योगपतियों और कारोबारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 से निपटने के लिए सरकार ने जो भी घोषणाएं की हैं, उनमें ढांचागत सुधार का तत्व भी शामिल है।श्रीमती सीतारामन ने कहा कि उद्योगों के सरोकारों को समझने के लिए सरकार उनके साथ संपर्क बनाए हुए है। सरकार द्वारा स्वीकृत विनिवेश प्रस्ताव योजना पर तेजी से अमल की आवश्यकता पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देश में बैंकों को पर्याप्त समर्थन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, रियल एस्टेट, आतिथ्य और एयर लाइंस जैसे कुछ क्षेत्रों पर महामारी का बहुत ज्यादा असर पड़ा है। श्रीमती सीतारामन ने बताया कि हालत सुधारने के लिए कदम उठाए गए हैं और आतिथ्य उद्योग बहुत जल्द मंदी के दौर से उबर जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में वस्तुओं और यात्रियों के निर्बाध आवागमन पर सरकार जिस तरह से जोर दे रही है, उससे अर्थव्यवस्था बहुत जल्द पटरी पर आ जाएगी।
- - कलेक्टर-एसपी ने किया लैब का उद्घाटन- दो घंटे में मिल जाएगी कोविड 19 जांच रिपोर्टरायगढ़। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फोर्टिस-ओपी जिंदल अस्पताल ने जिले सहित पूरे अंचल के लिए एक बड़ी सुविधा के रूप में ट्रू-नॉट लैबोरेटरी की स्थापना की है। इसका उद्घाटन कलेक्टर भीम सिंह एवं पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने किया। इस लैब मेें प्रतिदिन 40 लोगों की जांच की जा सकेगी।महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए एक तरफ देश एकजुटता का परिचय दे रहा है, तो वहीं इस कठिन दौर में जरूरतमंदों तक अधिक से अधिक सहायता पहुंचाने के लिए जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड और इससे संबद्ध सभी संस्थान पूरी प्रतिबद्धता से जुटे हुए हैं। रायगढ़ जिले में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए फोर्टिस-ओपी जिंदल अस्पताल ने इसकी जांच के लिए ट्रू-नॉट लैबोरेटरी की स्थापना अस्पताल परिसर में की है। मंगलवार को इसका उद्घाटन फिजिकल डिस्टेन्सिंग का ध्यान रखते हुए आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर भीम सिंह, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक जे.एल. उइके एवं जेएसपीएल के सीओओ-छत्तीसगढ़ दिनेश कुमार सरावगी द्वारा किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर भीम सिंह ने जेएसपीएल द्वारा कोविड-19 से बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि फोर्टिस-ओपी जिंदल अस्पताल द्वारा शुरू की गई इस सुविधा से पूरे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जिले में कोरोना से लडऩे के लिए पूरी तैयारी कर रखी है, लेकिन आगे की लड़ाई में निजी क्षेत्र के सहयोग की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि जेएसपीएल द्वारा कोरोना से बचाव के लिए जरूरी प्रोटोकॉल का अच्छी तरह पालन किया जा रहा है। यही वजह है कि क्षेत्र का सबसे बड़ा संयंत्र होने के बावजूद यहां संक्रमण नहीं फैल पाया। यह जेएसपीएल के अनुशासन से ही संभव हुआ। इससे दूसरे उद्योगों को भी सीख लेनी चाहिए कि किस तरह हम संक्रमण से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगे हमें इससे भी अधिक सतर्कता के साथ काम करना होगा।पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि फोर्टिस-ओपी जिंदल अस्पताल की पूरे क्षेत्र में अच्छी साख है। इस लैब की स्थापना भी एक नेक कदम है। यह इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी दुनिया ने कभी नहीं देखी। द्वितीय विश्वयुद्ध में भी ऐसा भय का वातावरण नहीं था। इस लड़ाई में सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेएसपीएल ने अपने संयंत्र और कैेंपस में कोरोना से बचाव के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं। हाल के दिनों में जिस तरह से संक्रमण की गति बढ़ी है, उसे देखते हुए हमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा। अभी तक जेएसपीएल प्रबंधन ने इस दिशा में शानदार काम किया है। आगे भी इसी तरह से कोरोना से बचाव के लिए सभी जरूरी उपायों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।जेएसपीएल के सीओओ-छत्तीसगढ़ दिनेश कुमार सरावगी ने कहा कि कोविड-19 महामारी से लडऩे के लिए चेयरमैन नवीन जिंदल के मार्गदर्शन में जेएसपीएल समूह लगातार केंद्र और राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हरसंभव मदद मुहैया कराने में जुटा हुआ है। कंपनी ने खाद्य सामग्री, राशन, मास्क, सैनेटाइजर सहित जरूरी वस्तुओं का वितरण पूरे क्षेत्र में किया। स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में भी कंपनी ने पूरी प्रतिबद्धता से हिस्सा लिया। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक रक्षासूत्र मास्क का, अभियान में भी कंपनी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभी कंपनी पूंजीपथरा स्थित ओपी जिंदल इंडस्ट्रियल पार्क में 200 बिस्तर के कोविड-19 अस्पताल के निर्माण में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग कर रही है। श्री सरावगी ने सभी कोरोना वारियर्स के योगदान की भी सराहना की।फोर्टिस-ओपी जिंदल अस्पताल के सीओओ डॉ. मेजर राजेश्वर भाटी ने कहा कि ट्रू-नॉट लैबोरेटरी में जांच के लिए नाक से सैम्पल लिया जाता है, जिसे नेजोफ्रेरिजियल स्वैब कहते हैं। इस विधि से दो घंटे के भीतर किसी भी व्यक्ति के कोविड-19 संक्रमित होने या न होने का पता लगाया जा सकता है। इस लैब में प्राथमिकता के अनुसार कंटेनमेंट जोन के निवासियों, हाईरिस्क प्राइमरी कांटेक्ट्स, गंभीर बीमारियों से पीडि़तों का परीक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर जेएसपीएल के वाइस प्रेसिडेंट संजीव चौहान सहित अस्पताल के डॉक्टर्स, स्टाफ एवं जेएसपीएल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डॉ. आर.ए. शर्मा ने किया।
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मुंबई। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने सोमवार को कहा कि उसने कोविड- 19 महामारी से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र में बिना किसी अड़चन के ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के लिये एक समर्पित ऋण गारंटी उत्पाद की शुरुआत की है। नाबार्ड की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह उत्पाद एनबीएफसी- सूक्ष्म वित्त संस्थानों को वित्त एवं आंशिक गारंटी कार्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें लघु एवं मध्यम आकार के सूक्ष्म वित्त संस्थानों को सामूहिक तौर पर दिये जाने वाले कर्ज पर आंशिक गारंटी उपलब्ध कराई जायेगी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि नाबार्ड ने विवृत्ति कैपिटल और उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक के साथ इस महीने की शुरुआत में एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता इस पहल को आगे बढ़ाने के लिये किया गया है। इसके तहत सूक्ष्म उद्यमों और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिये वित्तपोषण को सुगम बनाया जायेगा। नाबार्ड के चेयरमैन जी आर चिंताला ने कहा, आंशिक ऋण गारंटी सुविधा से लाखों परिवारों, कृषि कारोबारियों और व्यवसाय बाजारों को कोविड- 19 बाद के परिवेश में जरूरी वित्त सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में इससे 2,500 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण होगा और बाद में यह और बढ़ सकेगा। कार्यक्रम के तहत 28 राज्यों और 650 जिलों के 10 से अधिक परिवारों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। सामूहिक ऋण निर्गम के इस ढांचे में कर्जदाता बैंक को नाबार्ड की आंशिक ऋणसुरक्षा के तहत पर्याप्त सहारा प्राप्त होता है। पूंजी की लागत कम होती है क्योंकि इस तरह के कर्ज की रेटिंग ऊंची होती है और कर्जदाता बैंक को उसके प्राथमिक क्षेत्र के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलती है। इस कार्यक्रम के तहत पहले लेनदेन को आगे बढ़ाते हुये नाबार्ड और विवृत्ति ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ भागीदारी की हे। महामारी की शुरुआत के बाद से नाबार्उ विशेष नकदी सुविधाओं के तहत सूक्ष्म वित्त संस्थानों और गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों को 2,000 करोड़ रुपये वितरित कर चुका है।
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मुंबई। देश में खरीफ का रकबा बढऩे तथा देश भर में मानसून की अच्छी बारिश होने से कुल खरीफ फसल का उत्पादन इस वर्ष पांच से छह प्रतिशत बढऩे की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
क्रिसिल रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि 21 अगस्त की स्थिति के अनुसार देश में बरसात, दीर्घकालिक औसत से सात प्रतिशत अधिक रहा है। अच्छी बारिश होने से अधिकांश राज्यों में फसलों की बुवाई बेहतर रही है। क्रिसिल रिसर्च को उम्मीद है कि खरीफ सत्र 2020 में बुवाई के रकबे का दो तीन प्रतिशत बढ़कर 10.9 करोड़ हेक्टेयर होने सहित कृषि उत्पादन में 5-6 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त उत्पादकता भी दो से तीन प्रतिशत बढऩे से, बम्पर खरीफ उत्पादन होने के आसार हैं।
इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया कि बेहतर बरसात तथा पूर्वी और दक्षिणी दोनों राज्यों में प्रवासी मजदूरों की वापसी के कारण धान की खेती का रकबा बढऩा तय है। क्रिसिल रिसर्च के निदेशिका हेतल गांधी ने सोमवार को एक वेबिनार में कहा, प्रवाासी मजदूरों के वापस लौटने के कारण, पंजाब और हरियाणा में कई किसान धान की सीधी बुवाई कर रहे हैं, जिसकी उत्पादकता कम है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि इस कमी की भरपाई उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में धान के रकबे में हुई वृद्धि से होगी , जहां मजदूर वापस लौट गए हैं। इसके कारण पिछले साल के मुकाबले कुल धान उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वी राज्यों में कम लागत के कारण फसल की लाभप्रदता में सबसे अधिक वृद्धि देखी जा सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों को, कपास और मक्का की कीमतें कम होने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के खरीफ सत्र में अनुकूल फसल मिश्रण (मिले जुले फसलों की खेती) और अधिक मात्रा में सरकारी खरीद के कारण, उत्तरी क्षेत्र सबसे अधिक लाभ में रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, सब्जियों, कपास और मक्का का रकबा पिछले सत्र की तुलना में कम रहेगा क्योंकि कीमतों में गिरावट ने किसानों को हतोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संबंधित आपूर्ति में व्यवधानों की वजह से, किसानों ने टमाटर जैसे जल्दी खराब होने की संभावना वाले फसलों के स्थान पर भिंडी और बैंगन जैसे जल्द खराबी की कम संभावना वाले बागवानी उत्पादों का रुख किया है। इसके अलावा, गांधी ने कहा कि इस तरह की बम्पर खरीफ फसल होने की वजह से विभिन्न जिंसों की कीमतों में गिरावट का दबाव बनेगा।
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नई दिल्ली। पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने सोमवार को कहा कि उसने अपनी बैंकिंग सेवाओं को आधार से जुड़ी भुगतान प्रणाली के साथ एकीकृत किया है। इससे पेटीएम पेमेंट्स बैंक लि. (पीपीबीएल) के ग्राहक नकद निकासी, खाते की राशि की जानकारी और खाते का ब्योरा देश में किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान के व्यवसाय प्रतिनिधि (बिजनेस कॉरेस्पोंडेन्ट) के जरिये प्राप्त कर सकते हैं। पीपीबीएल ने एक बयान में कहा कि नकद जमा और दूसरे बैंकों में कोष हस्तांतरण की सुविधा भी जल्द शुरू होगी। इससे गांवों और छोटे शहरों के उन लोगों को लाभ होगा, जिनके पास बैंकों और एटीएम तक दूरी के कारण पहुंचना मुश्किल होता है। आधार युक्त भुगतान प्रणाली (एईपीएस) एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का मॉडल है। इसमें आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करके किसी भी बैंक के व्यवसाय संवाददाता के माध्यम से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) यानी छोटे एटीएम में ऑनलाइन अंतर-वित्तीय समावेशन लेनदेन की अनुमति मिल जाती है। एईपीएस माध्यम से लेन-देन के लिये केवल ग्राहकों के बैंककी पहचान (आईआईएन), आधार संख्या और अंगुलियों के निशान की जरूरत पड़ती है। बयान के अनुसार 10,000 से अधिक व्यवसाय प्रतिनिधियों से भागीदारी की है जो एईपीएस आधारित लेन-देन को सुगम बनाएंगे। बैंक की आने वाले समय में और व्यवसाय प्रतिनिधियों को जोडऩे की योजना है। पीपीबीएल ग्राहकों के लिये एईपीएस मुफ्त है। प्रति लेन-देन ग्राहक 10,000 रुपये की सीमा तय की गयी है। एक महीने में 10 लेन-देन के जरिये 50,000 रुपये तक नकद निकासी की जा सकती है।


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