’दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का 01 वर्ष पूरा
0- जिला एवं राज्य स्तरीय समारोह में गूंजा ’सफलता की कहानियों’ का स्वर
बालोद. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों एवं ’सफलता की कहानियां’ साझा करने के उद्देश्य से 01 वर्ष पूर्ण होने पर ’दीदी के गोठ’ नामक रेडियो कार्यक्रम के 12वें एपिसोड का प्रसारण बालोद जिले के 20 संकुल स्तरीय संगठनों, जनपद कार्यालयों एवं जिला कार्यालय में 09 जुलाई 2026 को दोपहर 02 बजे से किया गया। इसी क्रम में राज्य स्तरीय ’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम साइंस कालेज मैदान रायपुर में बालोद जिले से 150 महिलाएं सम्मिलित हुई। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा प्रदेश की सभी बिहान दीदियों को संबोधित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी सफलता की प्रेरणादायी कहानियां साझा की गई, जो अन्य समूहों के लिए मार्गदर्शक साबित हुई।
’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम के माध्यम से बिहान से जुड़ी दीदियों के कार्यों उनकी उपलब्धियों तथा आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी प्रदेशभर में प्रसारित होगी। यह पहल न केवल स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहित करेगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में और अधिक प्रेरणा भी प्रदान करेगी। जिले में उक्त कार्यक्रम जिला पंचायत के सीईओ श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। श्री चन्द्रवंशी ने बताया कि ’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं में गजब का आत्मविश्वास पैदा किया है।
रेडियों पर समूह के दीदीयों को आत्मनिर्भर बनते सुन अन्य गांव की महिलाए भी प्रेरित हो रही है। बालोद जिले में ’दीदी के गोठ’ का जिला स्तर कार्यक्रम समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केन्द्र सिवनी बालोद में किया गया। जिसमे सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू, जिला मिशन प्रबंधक जिला पंचायत बालोद श्री अजय कुमार सिंह एवं सहा. वि.वि अधिकारी श्री भारतेन्द्र नेताम उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में जिले से 130 महिलाएं, रेडियो के माध्यम से ’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का श्रवण किया गया। सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू ने बताया कि जनपद एवं क्लस्टर स्तर पर भी ’दीदी के गोठ’ के वार्षिक उत्सव का प्रसारण किया गया। जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में समूह के दीदियां उपस्थित रहीं। दीदी के गोठ बिहान की दीदीयों के अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानियों को रेडियो के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का एक अनूठा मंच है।













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