गीले कचरे के उपयोग हेतु बायो गैस प्लांट के लिए अटल नगर ग्राम कुरू में भूमि आबंटन
0- यह परियोजना नवीन स्थल पर स्थानांतरित की गई है
0- लगभग 80 से 90 प्रतिशत कूड़े का पुनःउपयोग किया जाता है
0- शेष बचा कूड़ा जो प्रसंस्करण योग्य नहीं है उसका संग्रहण सेनेटरी लैंडफिल में वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता है
रायपुर. रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 750 टन ठोस अपशिष्ट (Municipal Solid Waste) उत्पन्न होता है। उक्त अपशिष्ट का प्रसंस्करण नगर निगम द्वारा संचालित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र में वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है, सयंत्र में पप्रतिदिन 20 टन कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है जिसे फर्टिलाइजर कंपनी द्वारा क्रय किया जाता है तथा 200 टन आरडीएफ उत्पन्न हो रहा है जिसे सीमेंट प्लांट में ईधन के रूप में उपयोग हेतु भेजा जाता है। इस प्रकार लगभग 80 से 90 प्रतिशत कूड़े का पुनः उपयोग किया जाता है तथा शेष बचा कूड़ा जो प्रसंस्करण योग्य नहीं है उसका संग्रहण सेनेटरी लैंडफिल में वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता है।
शहर से निकलने वाले गीले कचरे के उपयोग हेतु नगर निगम रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित किया जा चुका है। जिसके अनुसार BPCL द्वारा CBG प्लांट का निर्माण तथा संचालन संधारण किया जावेगा इस हेतु पूर्व में ग्राम रावाभांटा में भूमि चिन्हांकित की गई थी, कालांतर नवा रायपुर अटल नगर में ग्राम कुर्रु मे भूमि आवंटन किया गया है। यह परियोजना निरस्त नहीं हुई है, बल्कि नवीन स्थल पर स्थानांतरित की गई है।
वर्तमान में नवा रायपुर अटल नगर में ग्राम कुर्रु मे स्थल पर बॉउंड्री वाल का कार्य प्रगतिरत है तथा मुख्य सयंत्र के संचालन संधारण हेतु एजेंसी का चयन कर कार्य आदेश जारी कर दिया गया है, सयंत्र के ड्राइंग एवं डिजाइन का कार्य प्रगति पर है उक्त सयंत्र में रायपुर, नया रायपुर एवं आस पास के ग्रामीण क्षेत्रो से उत्पन्न होने वाले 100 से 150 टन जैविक कूड़ा जिसमे गीला कचरा, गोबर और कृषि अपशिष्ट शामिल है जिसका उपयोग कर कम्प्रेस्ड बायो गैस का निर्माण किया जावेगा साथ ही साथ प्रक्रिया पूर्ण होने पर LFM प्राप्त होगा जिसे खेतो में खाद के रूप में उपयोग किया जावेगा ।












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