ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के रोजगार के अवसर और आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए नया समझौता
लंदन. ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के एक प्रमुख संगठन और लंदन मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय ने छात्रों के शैक्षणिक सफर, रोजगार के अवसरों, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और नीतिगत सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता किया है। 'नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स एंड एलुमनी यूनियन' (एनआईएसएयू) यूके ने बताया कि आमतौर पर लंदन मेट के नाम से लोकप्रिय इस विश्वविद्यालय के साथ पिछले सप्ताह हाउस ऑफ लॉर्ड्स परिसर में आयोजित एक समारोह में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। संगठन के अनुसार, इस साझेदारी के तहत दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों, नियोक्ताओं और नीति निर्माताओं को एक साथ लाने वाले 'ट्रिपल हेलिक्स मॉडल' पर काम किया जाएगा। लंदन मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर जूली हॉल ने कहा, ''लंदन मेट में हमारा उद्देश्य हमेशा स्पष्ट रहा है। हम शिक्षा के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमारी कोशिश है कि हमारे समुदाय, दृष्टिकोण और साझेदारियों में भी यह विविधता प्रतिबिंबित हो। मिलकर काम करने से हम ऐसे अवसर और रास्ते तैयार कर सकते हैं, जिनसे छात्रों को नए अनुभव हासिल करने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने और भविष्य के नेता, नवोन्मेषक तथा वैश्विक नागरिक बनने में मदद मिलेगी।'' इस साझेदारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंदन मेट में छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा ब्रिटेन और भारत के नियोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप हो। साथ ही, यह दोनों सरकारों के बीच भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) और 'विजन 2035' के तहत जारी प्रयासों से भी जुड़ी रहे। एनआईएसएयू की संस्थापक और अध्यक्ष सनम अरोड़ा ने कहा, ''व्यापार समझौता और विजन 2035 भारत-ब्रिटेन संबंधों की दिशा तय करते हैं। लेकिन इस रिश्ते को वास्तविक रूप देने का काम हर साल ब्रिटेन आने वाले हजारों भारतीय छात्र करते हैं।'' उन्होंने कहा, ''यह साझेदारी छात्रों की पूरी यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें भारत में किसी छात्र के ब्रिटेन में पढ़ाई करने का सपना देखने से लेकर उसके यहां पहुंचने, लंदन मेट में शिक्षा हासिल करने और इसके बाद अपना करियर बनाने तक के सभी चरण शामिल हैं।'' अरोड़ा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों में छात्रों की इस यात्रा को प्रभावित करने वाली तीन प्रमुख शक्तियों- विश्वविद्यालयों, नियोक्ताओं और नीति निर्माताओं- के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है, ताकि लंदन मेट से प्राप्त शिक्षा लंदन, भारत और अन्य देशों में रोजगार एवं करियर के नए अवसरों के द्वार खोल सके। एनआईएसएयू यूके ने कहा कि एमओयू का उद्देश्य भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई से लेकर रोजगार तक की पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इसके तहत लंदन मेट में दाखिला लेने के इच्छुक भारतीय छात्रों को ब्रिटेन में पढ़ाई के विकल्प पर विचार करने के शुरुआती चरण से लेकर उनके आगमन, शिक्षा, कल्याण, स्नातक की पढ़ाई पूरी करने और उसके बाद करियर बनाने तक सहायता प्रदान की जाएगी। वर्ष 2012 में स्थापित एनआईएसएयू ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने के साथ-साथ उनके हितों की रक्षा और उन्हें सहयोग देने का काम करता है।









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