गोंद के लड्डू खाकर दूर करें थकान और कमजोरी
घी और गोंद को मिलाकर बनाए गए स्वादिष्ट लड्डू शरीर की थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद करते हैं। जब भी आप शारीरिक या मानसिक तनाव से गुजर रहे हों, जैसे परीक्षा, काम की डेडलाइन होना, तब भी आप गोंद के लड्डू खा सकते हैं। गोंद फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं, शारीरिक कमजोरी और थकान से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसमें कैल्शियम और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाई जाती हैं। गोंद में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इसमें एंटी-एजिंग गुण भी पाए जाते हैं। यह प्रसव के बाद महिलाओं की रिकवरी के लिए भी एक अच्छा खाद्य पदार्थ माना जाता है। आइए जानते हैं गोंद के लड्डू कैसे बनते हैं, सेवन का सही तरीका, फायदे और अन्य जरूरी बातें।
साल 2021 में Nutrients नामक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, गोंद का सेवन करने वाले प्रतिभागियों में थकान कम हुई, बीपी कंट्रोल हुआ, डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ी, ब्लोटिंग में सुधार हुआ और कब्ज की समस्या भी दूर हुई।
गोंद के लड्डू थकान और कमजोरी मिटाने में कैसे मदद करते हैं?
गोंद में कार्ब्स होता है जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है। कुछ प्रकार के गोंद में घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। गोंद में मौजूद पॉलीसैकराइड शरीर के लिए ऊर्जा का स्रोत माने जाते हैं। बीमारी या शारीरिक कमजोरी के बाद अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए इन्हें डाइट में शामिल किया जा सकता है। गोंद में मौजूद फाइबर पानी सोखकर जेल जैसा बन सकता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है। गोंद के लड्डू खाकर संंतुष्टि महसूस होती है। प्रसव के बाद महिलाओं को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। गोंद के लड्डू उनकी डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।
कुछ प्रकार के गोंद में कैल्शियम जैसे खनिज पाए जाते हैं जिससे हड्डियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।
गोंद के लड्डू में कितनी कैलोरी होती है?
आमतौर पर एक गोंद के लड्डू में 140 से 150 कैलोरी हो सकती है। हालांकि, यह मात्रा इस्तेमाल किए गए घी, गोंद, और मेवों पर निर्भर करती है। ज्यादा घी और मीठा डालने से इसकी कैलोरी बढ़ सकती है।
एक्सपर्ट की सलाह: गोंद के लड्डू का सेवन कब और कितना करें?
गोंद के लड्डू को सुबह नाश्ते के साथ या दोपहर में स्नैक्स के रूप में खाया जा सकता है। इसे दूध के साथ भी ले सकते हैं। दिनभर में 1 से 2 छोटे लड्डू खा सकते हैं। इसे रोजाना खाने की जरूरत नहीं है। अपनी कैलोरी जरूरत और डाइट के अनुसार मात्रा तय करें।
गोंद के लड्डू बनाने की सही विधि और सामग्री
गोंद के लड्डू घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं-
सामग्रियां:
गोंद
आटा गेहूं या मल्टीग्रेन
देसी घी
बादाम, काजू, पिस्ता, मखाने
गुड़ या किशमिश
इलायची पाउडर
सूखा नारियल
विधि:
- सबसे पहले बर्तन में थोड़ा घी गर्म करें।
-इसमें खाने लायक गोंद को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालकर तलें।
-गोंद फूलकर हल्का और कुरकुरा हो जाए, तो निकाल लें।
-ठंडा होने पर गोंद को अच्छी तरह कूटकर दरदरा पीस लें।
-अब उसमें बादाम, काजू और मखाने को हल्का भून लें।
-बचा हुआ घी डालकर आटे को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें।
-आटा भुनने के बाद गैस बंद कर दें।
-इसमें पिसा हुआ गोंद, मेवे, किशमिश और इलायची पाउडर मिलाएं।
-मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लें।
-ठंडा होने पर इन्हें एयरटाइट डिब्बे में रखें।
-किन लोगों को गोंद के लड्डू का सेवन सीमित करना चाहिए?
गोंद के लड्डू पौष्टिक सामग्री से बनते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी, फैट की मात्रा भी अधिक हो सकती है। इसलिए कुछ लोगों को इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए जैसे-
- डायबिटिक मरीज,
-वेट लॉस करने वाले लोग,
-हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज,
-जिन लोगों को नट्स से एलर्जी हो या जिन लोगों को पाचन संबंधित समस्याएं हों।
-जिन लोगों को किडनी की बीमारी है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के बगैर लड्डू का सेवन नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष:
शरीर की थकान और कमजोरी को दूर करने के लिए गोंद के लड्डू का सेवन कर सकते हैं। एक गोंद के लड्डू में 140 से 150 कैलोरी हो सकती है। दिनभर में 1 से 2 छोटे लड्डू खा सकते हैं। गोंद के लड्डू को सुबह नाश्ते के साथ या दोपहर में स्नैक्स के रूप में खाया जा सकता है। इसे दूध के साथ भी ले सकते हैं। डायबिटिक मरीज, वेट लॉस करने वाले लोग, हाई कोलेस्ट्रॉल या किडनी के मरीज, नट्स से एलर्जी होने पर या पाचन समस्या होने पर गोंद के लड्डू का सेवन नहीं करना चाहिए।


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