जीएसटी के नए नियम एक नवंबर से लागू, छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को पंजीकरण में मिलेगी आसानी
नयी दिल्ली. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनाने, रिफंड में तेजी लाने और आपूर्ति के बाद दी जाने वाली छूट के नियमों को सरल करने सहित कई सुधार एक नवंबर से लागू होंगे। जीएसटी परिषद की आठ अक्टूबर को हुई 57वीं बैठक में जीएसटी प्रक्रियाओं में कई सुधारों को मंजूरी दी गई थी। इनमें मुख्य रूप से पंजीकरण, रिटर्न और रिफंड से जुड़े बदलाव शामिल हैं। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के जरिये लागू किए जाने वाले ये फैसले एक नवंबर, 2026 से चरणबद्ध तरीके से प्रभावी होंगे। नए नियमों के तहत कई राज्यों में सामान बेचने वाले छोटे ई-कॉमर्स विक्रेता संबंधित राज्य में ई-कॉमर्स मंच के गोदाम को अपना मुख्य कारोबारी स्थल घोषित कर सकेंगे। इसके लिए विक्रेता को कम-से-कम एक राज्य में वास्तविक उपस्थिति रखनी होगी। वहां भौतिक सत्यापन और आधार प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद अन्य राज्यों में ई-कॉमर्स मंच की सहमति से पंजीकरण कराया जा सकेगा। इस व्यवस्था से करीब 9.5 लाख छोटे विक्रेताओं को फायदा होने की संभावना है। इसके लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट की सीमा 2.5 लाख रुपये प्रति माह तक होगी। जीएसटी विभाग ने एक नवंबर से पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों और सूचनाओं को भी स्पष्ट किया है। जीएसटी पोर्टल पर आवेदन के लिए आसान प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी।

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