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भारत चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में पसंदीदा साझेदार के तौर पर उभर रहा

नयी दिल्ली.  भारत चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में एक पसंदीदा साझेदार के तौर पर उभर रहा है, जो सहयोगी देशों के साथ अपनी प्रौद्योगिकी, संस्थागत अनुभव और शानदार पद्धतियां साझा कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह बात कही। सूत्रों ने बताया कि भारत और इंडोनेशिया चुनाव प्रबंधन और विशिष्ट रूप से निर्मित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के निर्यात को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े लोकतंत्र इंडोनेशिया की आबादी लगभग 28.8 करोड़ है। उसने अपनी चुनाव प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए चुनाव प्रौद्योगिकी, प्रबंधन विशेषज्ञता और संस्थागत सहयोग के वास्ते भारत से संपर्क किया है। एक अधिकारी ने कहा कि जब दुनियाभर के लोकतांत्रिक देश चुनाव से जुड़ी भरोसेमंद विशेषज्ञता की तलाश कर रहे हैं, तो भारत उनकी पहली पसंद बनकर उभरा है। उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर भारत से ईवीएम हासिल करने की इंडोनेशिया की इच्छा का जिक्र किया। अधिकारी के मुताबिक, भारत का चुनाव मॉडल भूटान, नेपाल और नामीबिया से लेकर इंडोनेशिया तक एक वैश्विक मानक बन गया है। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चिली, फिजी, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका समेत 28 देशों की चुनाव प्रबंधन संस्थाओं और तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग समझौते किए हैं। अधिकारी के अनुसार, भारत और इंडोनेशिया के बीच होने वाला समझौता चुनाव प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन विकास, क्षमता निर्माण और शानदार पद्धतियों के आदान-प्रदान में सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के अधिकारियों ने भारतीय ईवीएम की डिजाइन, चुनाव निगरानी प्रणाली, मतदाता जागरूकता पहलों और लोकतांत्रिक शासन संबंधी डिजिटल टूल के अध्ययन के लिए पहले ही एक-दूसरे के देश का दौरा किया है। अधिकारियों ने कहा कि आज भारत की विशेषज्ञता केवल चुनाव कराने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह दुनियाभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में भी मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय ईवीएम ने अपनी विश्वसनीयता, सुरक्षा और इतने बड़े पैमाने पर चुनावों को कुशलतापूर्वक आयोजित करने की क्षमता के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान हासिल की है। अधिकारियों के मुताबिक, भूटान, भारत की तकनीकी मदद से अपनी विशिष्ट जरूरतों को पूरी करने के लिए निर्मित भारतीय ईवीएम को अपनाने वाला पहला देश था। उन्होंने बताया कि नेपाल को भी प्रायोगिक तौर पर इस्तेमाल के लिए विशिष्ट रूप से निर्मित ईवीएम और संस्थागत सहयोग प्रदान किया गया। अधिकारियों के अनुसार, नामीबिया में नयी दिल्ली ने पहली व्यावसायिक सफलता हासिल की, जहां आम चुनावों में भारत में बनी ईवीएम का इस्तेमाल किया गया और बाद में भारतीय वीवीपैट प्रणाली को भी अपनाया गया। अधिकारी ने बताया कि भारत का योगदान सिर्फ ईवीएम तक सीमित नहीं है, क्योंकि ईसीआई ने मेडागास्कर, म्यांमा, कंबोडिया, फिजी, भूटान, सिएरा लियोन और मंगोलिया जैसे देशों में चुनावों के लिए अमिट स्याही उपलब्ध कराई है, जिससे चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने में एक भरोसेमंद साथी के तौर पर देश की साख और मजबूत हुई है।

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