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- -प्राकृतिक धरोहरों पर बढ़ीं सुविधाएँ, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला नया संबलरायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कलकल ध्वनि, घने वनों की हरियाली और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण बस्तर अंचल अब पर्यटन विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएँ थीं, वहाँ अब चरणबद्ध तरीके से आधारभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य शासन और पर्यटन विभाग के समन्वित प्रयासों से बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा है।विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क को बेहतर किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, विश्राम शेड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। साथ ही, पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु सूचना केंद्र एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक व्यू-पॉइंट, सेल्फी जोन और सौंदर्यीकरण कार्यों से इन स्थलों की भव्यता और बढ़ी है। जगदलपुर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटकों को आवास, स्थानीय भ्रमण, गाइड सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और प्रचार-प्रसार के आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर पर्यटन सेवाओं को अधिक सुगम बनाया गया है।पर्यटन विकास का सबसे सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ा है। गाइड प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवा, साहसिक पर्यटन गतिविधियों और होम-स्टे योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय हस्तशिल्प, बेलमेटल कला, टेराकोटा और जनजातीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, हरित पट्टी विकास और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों से बस्तर की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक स्थलों से ही नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से भी है। बस्तर दशहरा, मड़ई महोत्सव और लोकनृत्य आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे देश-विदेश के पर्यटक बस्तर की अनूठी परंपराओं से परिचित हो रहे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा बस्तर के समग्र विकास हेतु दीर्घकालीन मास्टर प्लान के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में पहल जारी है।स्थानीय नागरिकों, पर्यटन व्यवसायियों और आगंतुकों ने इन विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि बस्तर आने वाले वर्षों में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। बस्तर का पर्यटन क्षेत्र अब नई ऊर्जा, नई सोच और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास की इस पहल से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।
- ई-गवर्नेंस को मजबूती देने जिला प्रशासन का ‘प्रोजेक्ट दक्ष (हम होंगे स्मार्ट)’रायपुर/ डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप शासकीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, दक्ष एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा “प्रोजेक्ट दक्ष (हम होंगे स्मार्ट)” की शुरुआत की गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को डिजिटल दक्षता से सुसज्जित करने हेतु सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 16 जुलाई 2025 से प्रारंभ किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 25-25 प्रतिभागियों के दो बैच नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।अब तक इस परियोजना के अंतर्गत कुल 132 बैचों में 2245 अधिकारी एवं कर्मचारी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर जारी है, जिससे अधिकाधिक अधिकारी-कर्मचारी डिजिटल टूल्स, ई-ऑफिस, ऑनलाइन प्रक्रियाओं एवं आधुनिक तकनीकी माध्यमों का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें।इसी कड़ी में आज आरंग एवं अभनपुर ब्लॉक से विभिन्न जनपदों के रोजगार सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया।प्रोजेक्ट दक्ष (हम होंगे स्मार्ट) का उद्देश्य शासकीय सेवाओं में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय प्रक्रिया एवं कार्यकुशलता को बढ़ावा देना है, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
- नमन हृदय रोग से पूर्ण रूप से स्वस्थ : माता-पिता ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारजिला प्रशासन की पहल रंग लाई, हृदय रोग से जूझ रहे नमन की लौटी मुस्कानरायपुर। नमन अब मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ लुका-छुपी, क्रिकेट जैसे खेल खेल रहा है और शरारतें भी कर रहा है। उसकी किलकारियां और हंसी अब फिर से सुनाई दे रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उसे किसी प्रकार की शारीरिक तकलीफ या सांस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। नमन पूर्ण रूप से स्वस्थ है और उसके माता-पिता विनोद एवं रोशनी के चेहरे पर अब चिंता का कोई भाव नहीं है।यह सब संभव हुआ है प्रोजेक्ट धड़कन के माध्यम से, जिसके अंतर्गत नमन के हृदय रोग का निःशुल्क उपचार किया गया। यह प्रोजेक्ट विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल और सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।नमन पीएम श्री आर.डी. तिवारी स्कूल में कक्षा चौथी का छात्र है और पढ़ाई में हमेशा से अच्छा रहा है। उसकी माता रोशनी बताती हैं कि नमन पढ़ाई में तो अच्छा था, लेकिन खेलते समय अक्सर हृदय में दर्द होने की शिकायत करता था। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समझा, लेकिन एक दिन स्कूल से लौटने के बाद नमन ने बताया कि खेलते समय उसे सीने में तेज दर्द हुआ। इसके बाद परिवार चिंतित हो गया और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच के बाद विशेषज्ञों ने हृदय की विस्तृत जांच की सलाह दी।प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर नमन को सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर ले जाकर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में उसके हृदय में छेद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने तत्परता से उपचार की प्रक्रिया शुरू की और जल्द ही ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की गई। नमन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। दो-तीन दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और आज वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहा है।नमन के पिता श्री विनोद कहते हैं कि जिला प्रशासन रायपुर का यह प्रोजेक्ट धड़कन, समाज के ऐसे बच्चों एवं परिजनों के लिए मददगार है जिन बच्चों को हार्ट के जन्मजात समस्या से गुजरना पड़ता हैं। मैं और मेरा पूरा परिवार इस संवेदनशील मदद के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति धन्यवाद देता हूं।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 3 बोरियाकला में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र खोखोपारा एवं अयोध्या नगर मठपुरैना में 130 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 एवं 17 बीरगांव में 129 बच्चों की स्क्रीनिंग, अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1,2,3 लमकेनी में 141 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र धर्म नगर, छत्तीसगढ़ नगर, सुदामा नगर में 167 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र गनियारी, मटियाडीह, पीकारीडीह में 128 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बाना में 138 बच्चों की स्क्रीनिंग, व पूरे जिले में आज कुल 967 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- 0 रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई: स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंटरायपुर। रायपुर प्रेस खेल मड़ई के अंतर्गत आयोजित स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबला जारी है। नेताजी सुभाष स्टेडियम में खेले गए तीसरे क्वार्टर फाइनल मैच में एस जर्नो इलेवन ने डीबी डिजिटल को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया । सेमीफाइनल में उनका मुकाबला 16 फरवरी को इलेक्ट्रानिक संयुक्त की टीम से होगा । आलराउंड प्रदर्शन करने वाले एस जर्नोस के लविंदर पाल सिंह मैन ऑफ द मैच रहे।डीबी डिजिटल पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 7 विकेट खोकर 94 रन ही बना पाई। टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही और ओपनर बल्लेबाज अंकुर शुक्ला 3 गेंद खेलकर बिना रन बनाए आउट हो गए, वहीं मोहित भी 13 रनों का योगदान देकर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद भी मैदान में उतरे दानिस अनवर 18 रन, दीपक 11,श्रीशंकर 5, राजेश 17,गनेश 5, तोपेस 14 एवं निरज 3 रन का व्यक्तिगत योगदान टीम को दे पाएं। एस जर्नोस की ओर से सार्थक बेहरा एवं टिकेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए। संदीप, अख्तर, लविंदर ने भी 1-1 विकेट लिए।95 रन के लक्ष्य को एस जर्नोस ने आसानी से 6.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जर्नोस की ओर से बल्लेबाजी करने उतरे ओपनर जोड़ी में संदीप इस बार ज्यादा कुछ कर नहीं पाए और 5 रन बनाकर आउट हो गए, वहीं अभिषेक भी 26 रनों का योगदान देकर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद उतरे लविंदर पाल लगातार दूसरे मैच में नॉट आउट अर्धशतकीय पारी खेलकर इस मैच को आसानी से जीत की ओर ले गए। लविंदर का साथ देने उतरे अख्तर भी 1 रन बनाकर नॉट आउट रहे।मैच में शानदार आलराउंड प्रदर्शन के लिए एस जर्नोस के लविंदर पाल को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया, साथ ही दोनों टीमों को ट्रॉफी भी प्रदान की गई।आज मैच के दौरान मुख्यअतिथि धरसींवा के विधायक व छालीवुड के सुपर स्टार अनुज शर्मा थे । विशेष अतिथि वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी और सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष धरमचंद भंसाली थे । एसोसिएशन के सचिव और कोषाध्यक्ष भी इस अवसर पर उपस्थित थे । अतिथियों ने प्रेस क्लब के खेल आयोजन की भूरी भूरी प्रशंसा की।दौरान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू व भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार खेल मड़ई के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर व अख्तर हुसैन, राजेंद्र निगम सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और खेलप्रेमी मौजूद थे। मैच अंपायर वैदुर्य निगम व अनुराग और स्कोरर पी. रामाराव नायडू व महेंद्र सिंह रहे।रविवार 15 फरवरी को सुबह 7.30 बजे टूर्नामेंट का चौंथा क्वार्टर फाइनल मैच विस्तार न्यूज और पत्रिका के बीच खेला जाएगा। विजेता टीम सेमीफाइनल में 17 फरवरी को आईबीसी 24 के साथ भिड़ेगी ।
- - ट्रांसमिशन कंपनी के 1700 कर्मचारियों के लिए उन्नत बैंक सुविधाएंरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी एवं बैंक आफ महाराष्ट्र के बीच ट्रांसमिशन कंपनी के नियमित कर्मचारियों के लिए उन्नत सैलरी पैकेज (gov pride salary savings scheme) हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन श्री आरके शुक्ला और बैंक आफ महाराष्ट्र के जोनल मैनेजर श्री वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कंपनी के नियमित कर्मचारियों को बैंकिंग की व्यापक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से प्रबंधन द्वारा यह एमओयू किया गया। इस योजना से ट्रांसमिशन कंपनी के नियमित 1700 कर्मचारियों को अब न केवल बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी बल्कि व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, हवाई दुर्घटना बीमा, स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर, टर्म इंश्योरेंस, गोल्डन आवर कैशलेस ट्रीटमेंट, बालिका विवाह लाभ, बच्चों की उच्च शिक्षा लाभ जैसे अतिरिक्त सुविधाएं भी प्राप्त किए जा सकेंगे।नियमित कर्मचारियों को इस ‘‘गवर्नमेंट प्राइड सेविंग्स सैलरी स्कीम’’खाते से जोड़ कर उन्हें एक ही छत के नीचे उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं दिया जाएगा। कंपनी के कर्मचारियों को चार श्रेणियों जैसे सिल्वर(30,000-60,000), गोल्ड(60,000-1,00,000), प्लेनिटनम(1,00,000-1,50,000) एवं डायमंड(1,50,000 से उपर) वेतनभोगियों को श्रेणी अनुसार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रूपये तक का टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ 25 लाख रूपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर एवं हवाई दुर्घटना बीमा में 1 करोड़ रूपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य बीमा पर टाॅप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर उपलब्ध होंगी।इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक वित्त श्री एमएस चैहान, अतिरिक्त महाप्रबंधक वित्त श्री मुकेश कश्यप, उपमहाप्रबंधक वित्त सुश्री अनिका मैरी खलखो, प्रबंधक वित्त श्री भूषण साहू एवं बैंक आफ महाराष्ट्र से आए जोनल मैनेजर श्री वेंकटेश एवं मुख्य प्रबंधक श्री राहुल बिकरवार उपस्थित थे।
- - महिला भजन मंडली की सदस्यों ने प्रस्तुत किए सुमधुर लयबद्ध भजन- दासबोध का परायण करने के साथ ही करुणाष्टक का किया गया पाठरायपुर। तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में माघ कृष्ण नवमीं पर दास नवमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर तात्यापारा की भजन मंडली ने मराठी भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। वहीं दासबोध का परायण और करुणाष्टक के पाठ ने आयोजन को भक्तिमय कर दिया।बताते चले कि छत्रपति शिवाजी महाराज के गुरु समर्थ रामदास स्वामी की पुण्यतिथि (माघ कृष्ण नवमी) पर महाराष्ट्रीयन समाज की ओर से दास नवमी महोत्सव मनाया जाता है। स्वामी रामदास को 'दासबोध' के रचयिता के रूप में जाना जाता है। इस अवसर पर विशेष पूजा, कीर्तन और सत्संग का आयोजन होता है, जो भक्त के समर्पण को दर्शाता है। यह महोत्सव समर्थ रामदास स्वामी को याद करने और उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है।महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की समन्यवक आस्था काले ने बताया कि रामदास महोत्सव पर हनुमान मंदिर तात्यापारा में भजन राम नामावली पाठ हुआ। इस अवसर पर छाया भवालकर ने समर्थ रामदास स्वामीजी की जीवनी के बारे में बताते हुए कहा कि परमार्थ प्रसार के साथ ही राष्ट्र जागरण के लिए 1100 हनुमान मंदिर स्थापित किए।चारुशीला देव ने दासबोध की प्रासंगिकता पर कहा कि प्रपंच और परमार्थ दोनों का तालमेल रखकर कार्य करना चाहिए, आलस्य को त्यागकर कठिन परिश्रम से ही सफलता मिलती है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य मानव जीवन को कृतार्थ बना सकते हैं। प्रभा हिशीकर, निशा राहटगांवकर और तात्यापारा भजन समूह द्वारा दासनवमी उत्सव वर्षों से मनाया जाता है। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की आस्था काले और नमिता शेष भी उपस्थित थीं।इस अवसर पर तात्यापारा भजन मंडल की कुमुद कान्हे, अल्पना मोहदीवाले, अलका संत, ज्योति कान्हे ओर दासबोध अध्ययन वर्ग के सदस्य भी उपस्थित थे। हर मंगलवार शाम 6.30 बजे चारूशीला देव दासबोध अध्ययन वर्ग संचालित करतीं हैं, जिसमें समर्थ साहित्य का अध्ययन किया जाता है।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी से सौजन्य भेंट की।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से सौजन्य भेंट की।
- - नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सरकार की उपलब्धियों एवं आगामी रणनीतियों को लेकर पत्रकारों से हुए रूबरूरायपुर / उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है। गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।श्री शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है। गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।श्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं। इस अवसर पर एसीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, एडीजी श्री अमित कुमार, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री विवेकानंद, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, आईजी श्री ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का किया शुभारंभ-मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणा-सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले में 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रूपए की राशि के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है यह समारोह। इस महोत्सव से यहां की संस्कृति से देश-दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।विधायक श्री राम कुमार टोप्पो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक उत्सव का शुभारंभ नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम का महोत्सव है। मैनपाट महोत्सव जन-गौरव का उत्सव है, जहां प्रकृति ने स्वयं इस धरती को अद्भुत सौंदर्य से सजाया है। विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आज क्षेत्र के विकास हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से मैनपाट में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगात-मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
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- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल की विषय विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को दिए तकनीकी टिप्स
रायपुर। 12वीं केमिस्ट्री की तैयारी करते समय विद्यार्थियों को सबसे पहले ब्लूप्रिंट का ध्यान रखना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस यूनिट से कितने अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। ब्लूप्रिंट के अनुसार अध्ययन करने से तैयारी व्यवस्थित और प्रभावी बनती है। 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए रसायन शास्त्र विषय पर विशेष मार्गदर्शन सत्र में इस आशय के टिप्स केमिस्ट्री की शिक्षिका रीता संभरकर ने दिए।
रीता ने बताया कि केमिस्ट्री में थ्योरी के साथ- साथ रासायनिक समीकरण, अभिक्रियाएं, नामकरण और न्यूमेरिकल प्रश्नों का नियमित अभ्यास आवश्यक है। ऑर्गेनिक, इनऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री, तीनों भागों को संतुलित रूप से पढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि रोजाना निर्धारित समय पर अध्ययन करें और प्रत्येक यूनिट के लिए अलग-अलग समय तय करें।
कठिन अध्यायों के शॉर्ट नोट्स बनाएं और महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं और सूत्रों की अलग सूची तैयार करें। उन्होंने कहा कि नियमित रिवीजन, सैंपल पेपर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ की गई तैयारी से 12वीं केमिस्ट्री बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। -
रायपुर/ पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के बाल्य एवं शिशु रोग विभाग द्वारा सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष दवाई वितरण, आवश्यक जाँच तथा न्यूमोकोकल वैक्सीनेशन हेतु एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 16 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक विभाग के नियमित ओपीडी समयावधि में आयोजित किया जाएगा।
शिविर के दौरान सिकल सेल रोगियों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाएगा तथा आवश्यक स्वास्थ्य जाँच भी की जाएगी। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए न्यूमोकोकल वैक्सीन भी लगाई जाएगी, जो सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों की समुचित जांच कर परामर्श दिया जाएगा तथा अभिभावकों को रोग प्रबंधन, पोषण एवं संक्रमण से बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया अभिभावक, निर्धारित तिथियों में अपने बच्चों को शिविर में अवश्य लाएं, ताकि समय पर उपचार एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल सिकल सेल रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। -
बिलासपुर/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आज राज्य स्तरीय दल द्वारा बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत तखतपुर अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण किया गया। राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं डॉ. रूपेश राठौर, राज्य सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), रायपुर द्वारा ग्राम पंचायत खम्हरिया, देवरीखुर्द, लिदरी, जरौंधा, कुंआ एवं भरनी में सामुदायिक शौचालय, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) से संबंधित व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान स्वच्छाग्रहियों द्वारा किए जा रहे श्रमदान एवं जनजागरूकता प्रयासों की सराहना की गई। घर-घर कचरा संग्रहण कार्य से जुड़े स्वच्छाग्राही समूह के सदस्यों से संवाद कर स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
राज्य स्तरीय अधिकारियों ने ग्राम सरपंच को निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों को पहले समझाइश दी जाए तथा समझाने के बाद भी नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, स्वच्छता नियमों के उल्लंघन की सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत की टीम, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, ग्रामीणजन एवं स्वच्छाग्राही उपस्थित रहे। -
रायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त गन्दगी से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत पुराना फायर ब्रिगेड चौक के पास सड़क पर पड़ी गन्दगी को तत्काल कचरा उठवाकर सफाई करते हुए जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में स्वच्छता कायम करते हुए प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
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प्रशासनिक दक्षता सुदृढ़ करने बड़ा कदम
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, क्षमता निर्माण एवं परिणामोन्मुख प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए iGOT कर्मयोगी का संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आज संभागायुक्त कार्यालय, कोनी बिलासपुर स्थित चेतना सभा कक्ष में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर राज्य स्तर से सुश्री अंजू सिंह, अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं नोडल अधिकारी तथा मास्टर ट्रेनर (iGOT कर्मयोगी) द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण एवं विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को iGOT प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, भूमिका आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत द्वारा प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जारी निर्देशों की जानकारी साझा की गई। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री विकासशील के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक क्षमता निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस एवं नागरिक केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए iGOT कर्मयोगी कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। प्रशिक्षण में अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण प्रणाली, प्रशासनिक सुधारों तथा सेवा गुणवत्ता में वृद्धि के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं संभाग के अन्य जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। संबंधित जिलों के नामित नोडल अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता की।
संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म शासन-प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से मॉड्यूल पूर्ण कर अपने कार्य में नवाचार एवं दक्षता बढ़ाने का आह्वान किया। उनके मार्गदर्शन एवं सक्रिय पहल से बिलासपुर संभाग में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो सका।
उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भूमिका आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर प्रशासनिक क्षमता निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में सुशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल सिद्ध हो रहा है। - -जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों एवं वन प्रबंधन समितियों ने की सहभागिताबलौदाबाजार / बलौदाबाजार वन परिक्षेत्र अंतर्गत परिक्षेत्र स्तरीय वन अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन सोनबरसा वन विहार केंद्र में किया गया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों एवं वन प्रबंधन समितियों की सक्रिय सहभागिता रही।जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव ने वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, वहीं सरपंच श्रीमती रेणुका नायक ने भी वन अग्नि रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन वन प्रबंधन समिति धमनी के अध्यक्ष रामनारायण यादव द्वारा किया गया।जागरूकता के उद्देश्य से “जंगल के फूल” कला जत्था, धमनी के मिनेंद कुमार यादव एवं उनकी टीम द्वारा “जंगल बचाओ” विषय पर गीत एवं नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि जंगल और खेतों में आग न लगएं तथा वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें।कार्यशाला के समापन पर वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा कि जंगल हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं और इन्हें सुरक्षित रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने बताया कि वन अग्नि से न केवल पेड़-पौधों को क्षति पहुचती है, बल्कि वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, अनेक जीव-जन्तुओं की जान को खतरा होता है तथा प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित होता है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे वन अग्नि रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएँ और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि बलौदाबाजार वनमण्डल को इस अग्नि सीज़न में सुरक्षित रखा जा सके।कार्यशाला के दौरान वन अग्नि के प्रमुख कारणों, उससे होने वाली पर्यावरणीय एवं सामाजिक क्षति तथा रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों, वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं वन अमले को बताया गया कि मानवजनित लापरवाही, कृषि अवशेष जलाना, महुआ संग्रह के दौरान आग लगना, बीड़ी-सिगरेट के अवशेष फेंकना आदि कारणों से अधिकांश आग की घटनाएँ होती हैं, जिन्हें सामूहिक सतर्कता से रोका जा सकता है।वन विभाग द्वारा फायर सीज़न को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी भी साझा की गई। प्रत्येक परिक्षेत्र में समर्पित फायर कंट्रोल टीमों का गठन, वनमण्डलीय स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना, फायर लाइन कटाई, फायर वाचरों की तैनाती, स्ट्राइक फोर्स की सक्रियता तथा आधुनिक उपकरणों जैसे फायर ब्लोअर के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को फील्ड में ले जाकर अग्नि सुरक्षा उपकरणों का व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए धमनी एवं चिचिरदा वन प्रबंधन समितियों को सम्मानित किया गया। साथ ही लटुआ हाई स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा रंगोली एवं पेंटिंग के माध्यम से वन अग्नि सुरक्षा पर जनजागरूकता संदेश प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष एवं वन सभापति सुमन वर्मा, सरपंच लटुवा रेणुका गजेंद्र नायक, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक प्रखर नायक (परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार), प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल सुश्री सिमरन साहु,वन प्रबंधन समिति मोहतरा अध्यक्ष व सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर । भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड 13 से 15 फरवरी 2026 तक इंडियन पावर स्टेशन ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस (IPS 2026) का आयोजन करने जा रही है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन विद्युत क्षेत्र के विशेषज्ञों और पेशेवरों को संवाद, सीखने और सहयोग के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय तथा विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।यह वार्षिक सम्मेलन एनटीपीसी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो वर्ष 1982 में सिंगरौली में इसकी पहली थर्मल इकाई के वाणिज्यिक संचालन की स्मृति को चिह्नित करता है। यह उपलब्धि भारत के विद्युत क्षेत्र में परिचालन उत्कृष्टता की नींव रखने वाला ऐतिहासिक मील का पत्थर थी।वर्षों के दौरान IPS एक विश्वसनीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जहाँ नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, संयंत्र संचालक, निर्माता, शोधकर्ता और शिक्षाविद एकत्र होकर अनुभव साझा करते हैं, व्यावहारिक जानकारियों का आदान-प्रदान करते हैं और देश में विद्युत उत्पादन की दिशा तय करने के लिए सामूहिक रणनीति बनाते हैं।IPS 2026 का विषय ‘Optimising Thermal Generation with Quality & Reliability’ है, जो ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने में तापीय ऊर्जा की निरंतर महत्ता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से उस समय जब भारत स्वच्छ और विविधीकृत ऊर्जा मिश्रण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुणवत्ता और विश्वसनीयता भरोसेमंद बिजली आपूर्ति के मूल स्तंभ हैं, और यह सम्मेलन साझा सीख और व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से इन स्तंभों को और मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।तीन दिवसीय सम्मेलन में तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें क्षेत्र के विशेषज्ञ परिचालन चुनौतियों, बदलती आवश्यकताओं और उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में लचीला संयंत्र संचालन, सुरक्षा, एसेट प्रबंधन, जल एवं ईंधन प्रबंधन, डिजिटल अनुप्रयोग, दक्षता में सुधार तथा परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण समाधान जैसे नए ऊर्जा मार्गों की भूमिका शामिल है।IPS 2026 को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। कुल 466 से अधिक लेखकों ने तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं, जिनमें नवीनतम प्रगति, सर्वोत्तम प्रथाएँ और विद्युत उत्पादन के भविष्य को आकार देने वाले नवाचार शामिल हैं। विभिन्न संगठनों, OEMs, IPPs, सरकारी नियामक एवं वैधानिक निकायों, विश्वविद्यालयों, EPRI तथा अन्य प्रतिष्ठित शोध संस्थानों द्वारा चयनित 107 तकनीकी शोध-पत्र सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे।IPS 2026 का एक प्रमुख आकर्षण टेक्नो गैलेक्सी प्रदर्शनी होगी, जिसमें अनेक विक्रेताओं और निर्माताओं द्वारा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटलीकरण और रचनात्मक समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। यह मंच उद्योग हितधारकों को ऐसी नवाचार तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर देगा, जो पावर प्लांट संचालन में दक्षता, सुरक्षा और सततता को बढ़ावा देती हैं। प्रदर्शनी में एनटीपीसी के विभिन्न क्षेत्रीय मुख्यालयों द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए संयंत्रों के मॉडल और उनके प्रदर्शन की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।एनटीपीसी देश को ऊर्जा प्रदान करते हुए सस्टेनेबिलिटी और नवाचार को अपनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। IPS 2026 का उद्देश्य परिचालन उत्कृष्टता को सुदृढ़ करना, सहयोग को बढ़ावा देना और विश्वसनीय एवं जिम्मेदार विद्युत उत्पादन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।वर्तमान में एनटीपीसी की स्थापित क्षमता 87 गीगावॉट से अधिक है और 32 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी ने 2032 तक 149 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और सतत बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
- रायपुर। ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद फसल है l यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और आयुर्वेद में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार में मांग बहुत है। छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड जैसे संस्थानों द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर सीधे खरीद (Buy Back) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है lछत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के प्रयासों से राज्य के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। बोर्ड द्वारा संचालित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती योजना के अंतर्गत किसानों को ब्राम्ही की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ब्राम्ही एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी लागत कम और लाभ अधिक है। एक बार रोपण करने के बाद 3 से 4 वर्षों तक हर तीन माह में इसकी कटाई की जा सकती है। ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क संबंधी औषधियों तथा सौंदर्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। जहां धान की खेती में प्रति एकड़ लागत अधिक और मुनाफा सीमित होता है, वहीं ब्राम्ही की खेती में सालाना लागत लगभग 21 हजार रुपये तक आती है और एक वर्ष में लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन से किसानों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि किसान अब ब्राम्ही की खेती को लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।बोर्ड द्वारा किसानों को ब्राम्ही की रोपण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक लागत और कम हो गई है। साथ ही किसानों की उपज के विक्रय की समस्या को दूर करते हुए पहले से ही क्रय अनुबंध की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती। ब्राम्ही की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि अत्यंत उपयुक्त है। यह नमी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है, जहां अन्य फसलों में नुकसान की आशंका रहती है। इसी कारण अब किसान धीरे-धीरे धान के साथ वैकल्पिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक ब्राम्ही की खेती कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और निरंतर प्रयासों से औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, रोपण सामग्री और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।राज्य में औषधीय पौधों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ साथ छत्तीसगढ़ में उत्पादित ब्राम्ही और अन्य औषधीय पौधों की मांग भविष्य में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बढ़ेगी और राज्य औषधीय खेती के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। वन विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के किसान नई सोच के साथ खेती कर रहे हैं। ब्राम्ही की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है।
- - जाँच एवं न्यूमोकोकल टीकाकरण शिविर का आयोजन 16 से 23 फरवरी तक बाल्य एवं शिशु रोग विभाग की ओपीडी मेंरायपुर ।पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के बाल्य एवं शिशु रोग विभाग द्वारा सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष दवाई वितरण, आवश्यक जाँच तथा न्यूमोकोकल (Pneumococcal) वैक्सीनेशन हेतु एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 16 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक विभाग के नियमित ओपीडी समयावधि में आयोजित किया जाएगा।शिविर के दौरान सिकल सेल रोगियों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाएगा तथा आवश्यक स्वास्थ्य जाँच भी की जाएगी। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए न्यूमोकोकल वैक्सीन भी लगाई जाएगी, जो सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों की समुचित जांच कर परामर्श दिया जाएगा तथा अभिभावकों को रोग प्रबंधन, पोषण एवं संक्रमण से बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया अभिभावक, निर्धारित तिथियों में अपने बच्चों को शिविर में अवश्य लाएं, ताकि समय पर उपचार एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल सिकल सेल रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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नारायणपुर :- नक्सल विरोधी अभियान के तहत दिनांक 12 फरवरी को ओएंगर के जंगल पहाड़ क्षेत्र में संयुक्त सर्च ऑपरेशन संचालित किया गया। यह अभियान 29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस एवं नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया।अभियान का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट श्री विकास पाचर द्वारा किया गया। विश्वसनीय सूचना के आधार पर संयुक्त बलों ने क्षेत्र में सघन तलाशी एवं क्षेत्र प्रभुत्व अभियान चलाया।कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में गहन सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एवं हथियार बरामद करने में सफलता मिली।
बरामद सामग्री का विवरण:1. 175 मीटर इंडस्ट्रियल प्राइमा कॉर्ड (लगभग 3.5 रोल)2. 10 मीटर सेफ्टी फ्यूज3. 10 रोल इलेक्ट्रिक वायर4. 01 नग IED मैकेनिज्म5. 01 देशी तमंचा (पिस्टल)6. 02 स्टील कंटेनर7. 01 नग 5 फीट लंबा भारी बोरिंग पाइपप्राथमिक आकलन के अनुसार उक्त सामग्री का उपयोग आईईडी तैयार करने एवं सुरक्षा बलों को क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से किया जाना था। सुरक्षा बलों की सतर्कता, कुशल रणनीति एवं त्वरित कार्रवाई के कारण नक्सलियों की इस साजिश को विफल कर दिया गया।बरामद सभी सामग्री को विधिवत सुरक्षित कर निष्क्रियकरण/आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। भविष्य में इस प्रकार के सर्च अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा , ताकि किसी भी प्रकार की शेष नक्सली गतिविधि को पूर्णतः समाप्त किया जा सके।29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस एवं नारायणपुर पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल सुरक्षा बलों को दें। - -चौकी चिखली पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, हथियार लहराकर लोगों को डरा-धमका रहे थे आरोपीराजनांदगांव। चौकी चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने हथियार लहराकर लोगों में दहशत फैलाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपितों के कब्जे से दो पिस्टल, दो देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। सभी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट व धारा 111 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस के अनुसार जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 12 फरवरी 2026 को शंकरपुर क्षेत्र से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति इंदिरा मैदान कालीस्थान के पास पिस्टल व कट्टा दिखाकर लोगों को डरा-धमका रहे हैं। सूचना पर चौकी चिखली प्रभारी ने टीम के साथ घेराबंदी कर मौके से चार संदिग्धों को पकड़ा।पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने अपने नाम शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली, दिगंबर साहू उर्फ छोटे, सेवक कश्यप उर्फ डाला और गुंजन वर्मा उर्फ शिवा बताए। तलाशी के दौरान शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली के कब्जे से एक पिस्टल व जिंदा कारतूस तथा दिगंबर साहू उर्फ छोटे के कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद हुआ। चारों के विरुद्ध विधिवत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।विवेचना के दौरान शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली ने अपने अन्य साथियों के साथ मध्य प्रदेश क्षेत्र से हथियार खरीदकर क्षेत्र में रौब जमाने एवं बिक्री करने की बात कबूल की। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दुर्ग में दबिश देकर विक्की देशमुख उर्फ मोनू के कब्जे से एक देशी कट्टा जब्त किया। वहीं राजनांदगांव आने की सूचना पर उमेश साहू और जतीनदास माणिकपुरी को मोहारा पुल के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया, जहां जतीनदास माणिकपुरी के कब्जे से एक पिस्टल बरामद हुई।प्रकरण में सभी सातों आरोपितों को अवैध रूप से हथियार रखने एवं लोगों को भयभीत करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न थानों में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।गिरफ्तार आरोपित:शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली, निवासी शंकरपुर वार्ड नं. 09, चौकी चिखली, जिला राजनांदगांवदिगंबर साहू उर्फ छोटे, निवासी पेंड्री, जिला राजनांदगांवसेवक कश्यप उर्फ डाला, निवासी शंकरपुर, जिला राजनांदगांवगुंजन वर्मा उर्फ शिवा, निवासी शंकरपुर, जिला राजनांदगांवविक्की देशमुख उर्फ मोनू, निवासी चंद्रखुरी, जिला दुर्गजतीनदास माणिकपुरी, निवासी गोकुल वाटिका, थाना कोतवाली, जिला धमतरीउमेश साहू उर्फ बटाल, निवासी गोकुलपुर, थाना कोतवाली, जिला धमतरी
- -नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना से किसानों की आय बढ़ेगी - कलेक्टर-महासमुंद जिले में किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगामहासमुंद / पाम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार भारत सरकार द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना के संबंध में आज कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर में उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, योगेश्वर चंद्राकर, आर एल शर्मा, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में अंचल के किसान उपस्थित थे।कार्यशाला में कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि पाम ऑयल की खेती सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारे यहाँ धान की खेती सर्वाधिक होती है। और धान की फसल के लिए पानी की आवश्यकता बड़ी मात्रा में होती है इसलिए बदलते समय के साथ हमें ऐसी फसलों की ओर रूख करना होगा जिसमें पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाकर बेहतर फसल ले सकें। परंपरागत खेती के अलावा फल, सब्जियों एवं मछली पालन जैसे ढेरों विकल्प हैं जिसके माध्यम से आज किसान अधिक से अधिक लाभ ले सकते हैं। भारत सरकार की भी यही मंशा है कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो। पाम ऑयल के ऊपर आज हमारा देश दूसरे देशों पर निर्भर है, उसी निर्भरता को कम करने के लिए यह योजना लायी गई है। साथ ही इस खेती से जुड़े सवालों पर किसानों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसानों को पहले इस खेती से जुड़े कृषकों के खेतों का भ्रमण कराया जाएगा ताकि इस खेती से जुड़ी शंकाओं एवं तकनीकी पहलुओं पर किसानों को स्पष्टता हो सके।जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि हम धान की खेती करते हैं लेकिन देखने में यहाँ आता है कि सब्ज़ी एवं अन्य फसलों में फायदा ज़्यादा है। विदेशों से बच्चे बड़ी बड़ी नौकरी छोड़कर युवा अपने देश लौटकर खेती करते हैं लेकिन शायद ही कोई परंपरागत धान की खेती नहीं करता है, हर कोई नगदी फसल ही लेते हैं। उन्होंने बताया कि हम आज तो तेल खाते हैं उसमें से एक बड़ा हिस्सा बाहर से आता है, तो इसमें सरकार की मंशा यह है कि खाद्यान्न तेल का आयात कम हो और इसमें हमारी आत्मनिर्भरता कम हो। इसलिए पाम ऑयल की खेती को सरकार इस योजना के माध्यम से बढ़ावा देना चाह रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें इस फसल को अपनी प्राथमिकता में रखना चाहिए।कृषक की जुबानीकिसान सिदार चंद्राकर जिन्होंने ख़ुद 32 एकड़ में पाम ऑयल की खेती की है उन्होंने इसकी खेती के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाम ऑयल कीट और बीमारियों, श्रम आवश्यकताओं, उपज के विपणन के मामले में सभी बाधाओं से मुक्त फसल है और उपज के चरण से ही नियमित मासिक आय प्रदान करता है। साथ ही अपने अनुभवों एवं लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि पाम ऑयल के उत्पादन की सीमा 4-5 साल तक की है, और बढ़ते उत्पादन के चरम तक पहुंचने के लिए 2-3 साल की अतिरिक्त अवधि की आवश्यकता पड़ती है। इसलिए, यह सुझाव दिया गया था कि किसान शुरुआती वर्षों में सब्जियों के साथ अंतर फसलों पर स्विच कर सकते हैं।इसके अलावा कार्यशाला में अधिकतम उपज प्राप्त करने में बाधाओं का कारण बनने वाले कारक, सब्सिडी एवं बाज़ार की उपलब्धता, अनुचित अंतर-फसल पद्धतियां, अपर्याप्त, असामयिक वितरण, उर्वरकों के उपयोग, अपर्याप्त सिंचाई, तकनीकी ज्ञान की कमी आदि, पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।उल्लेखनीय है कि योजना के तहत पहले केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा (60ः40 के अनुपात में) अनुदान दिए जा रहे हैं। इसके तहत 1.30 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर के अनुदान के साथ अब राज्य सरकार द्वारा राशि 69,620 रूपए का अतिरिक्त अनुदान चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 से देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत रख-रखाव के लिए 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के इकाई लगत पर 5250 रुपये का अनुदान पूर्व से दिया जा रहा था, जिसके अतिरिक्त अब 1500 रुपये टॉप अप के रूप में राज्य शासन द्वारा अनुदान प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह अंतरवर्तीय फसल लेने पर 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के इकाई लगत पर 5250 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान पूर्व से दिया जा रहा था, जिसके अतिरिक्त अब 5000 रुपये प्रति हेक्टेयर टॉप अप के रूप में अनुदान प्रदाय किया जाएगा।
- -कलेक्टर श्री लंगेह ने की विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की समीक्षामहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय रिव्यु समिति की संयुक्त बैठक गुरुवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित हुआ। बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग, वित्तीय एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, आरबीआई के प्रतिनिधि श्री दीपेश तिवारी, नाबार्ड के प्रबंधक श्री प्रियव्रत साहू, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे एवं जिले के अन्य बैंकों के प्रतिनिधि एवं शासकीय अधिकारी मौजूद थे।बैठक के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने शैक्षिक ऋण, एसएमआई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) वित्त पोषण तथा मुद्रा ऋण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित बैंकों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को आवश्यकता अनुसार आसान और सरलीकृत तरीके से ऋण उपलब्ध कराएं तथा किसानों को केसीसी लोन, छोटे व्यवसायियों के लिए मुद्रा एवं शासकीय विभागों द्वारा संचालित लोन को अविलंब स्वीकृति दें। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत डेयरी एवं मत्स्य पालन से संबंधित ऋण प्रकरणों की स्वीकृति पर चर्चा करते हुए मत्स्य पालन, डेयरी एवं पशुपालन गतिविधियों को विशेष महत्व देने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि बैंक आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय साक्षरता शिविर का सतत आयोजन करें तथा उनका प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित करें। लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताएं ताकि उनकी जमा पूंजी बैंकों में सुरक्षित रहे। साथ ही कहा कि बैंक किसी भी तरह के फ्रॉड गतिविधियों में संलिप्त न हो और न ही बिना नियमानुसार कोई भी प्रकरण स्वीकृत करें। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्र केसीसी खातों के शत-प्रतिशत कवरेज के निर्देश दिए गए। साथ ही भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संचालित “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान की तीन माह की समीक्षा भी की गई।बैठक में भारतीय स्टेट बैंक की बिछिया शाखा को तहसील बसना के ग्राम भंवरपुर में स्थानांतरित किए जाने संबंधी अनुमोदन प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। जिला स्तरीय रिव्यु समिति की बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनाएवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। नाबार्ड द्वारा आकांक्षी जिलों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पात्र प्रधानमंत्री जनधन योजना खाताधारकों के नामांकन को बढ़ाने हेतु विशेष पहल पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना एवं बचत खातों में आधार एवं मोबाइल सीडिंग, रूपे कार्ड वितरण की प्रगति तथा मुद्रा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।बैठक में एनयूएलएम, एनआरएलएम, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बैंक ऋण लिंकेज, पीएमईजीपी, सीएमईजीपी, अंत्यावसायी एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचाया जाए तथा लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बैंकों से संबंधित जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे ने विभिन्न आंकड़ों के माध्यम से बैंकों के प्रगति की जानकारी प्रस्तुत किया।
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मोहला । आंगनबाड़ी केंद्र मोहला-बी, सेक्टर मोहला की नन्ही बच्ची हिमांशी कोवाची कभी अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित की गई थी। प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में उसका वजन मात्र 9.2 किलोग्राम पाया गया, जो उसकी आयु के अनुरूप अत्यंत कम था और उसके शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा था।
नन्ही बच्ची हिमांशी की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत कर विशेष निगरानी में रखा गया। हिमांशी की मां श्रीमती कनक कोवाची ने इस चुनौती को जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया और डाइट कैलेंडर का नियमित पालन सुनिश्चित किया। उन्होंने बच्चे के आहार में विविधता लाते हुए दाल, हरी सब्जियां, अंडा, दूध जैसे पोषक तत्वों को शामिल किया, साथ ही समय पर पूरक आहार देना और स्वच्छता बनाए रखना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यशोदा कृषक ने भी निरंतर गृह भ्रमण कर परिवार को मार्गदर्शन दिया, नियमित टेक होम राशन का वितरण किया, मासिक वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की। लगातार 16 सप्ताह तक चली इस समन्वित देखभाल और पोषण प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम सामने आया हिमांशी का वजन 9.2 किलोग्राम से बढ़कर 11.50 किलोग्राम हो गया, उसकी सक्रियता और भूख में स्पष्ट सुधार हुआ और वह अति गंभीर कुपोषण श्रेणी से निकलकर सामान्य श्रेणी में आ गई। यह कहानी दर्शाती है कि जब समय पर पहचान, मां की सजगता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सतत निगरानी और टीएचआर जैसे पोषण कार्यक्रम एक साथ प्रभावी रूप से लागू होते हैं तो कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर भी सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है।



























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