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- रायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू एवं नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 के राजस्व विभाग द्वारा बड़े बकायदारों पर कार्यवाही करते हुए सीलबंदी की कार्यवाही की गयी है .सीलबंद कार्यवाही के दौरान स्थल पर ही सम्बंधित 3 बड़े बकायादारों द्वारा 448325 /- के बकाये की राशि का तत्काल भुगतान कर दिया गया3 बड़े बकायादारों द्वारा तत्काल 448325/ का भुगतान सीलबंद की कार्यवाही के दौरान स्थल पर कर दिया गया एवं अन्य एक बड़े बकायादार एल शारदा के भनपुरी स्थित सम्बंधित प्रतिष्ठान को 217711/- बकाया अदा नहीं किये जाने के कारण तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की गयी.आज के नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग के सीलबंदी कार्रवाई अभियान में नगर पालिक निगम जोन 1 कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन मे जोन कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक श्री आशीष शर्मा, श्री संतोष साहू और सहायक राजस्व निरीक्षक अरविंद छेदइया की स्थल पर उपस्थिति रही.
- 0- कलेक्टर-एसपी और तेल कंपनियों को दिए अहम निर्देश0- आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, अफवाहों पर नियंत्रण और सख्त मॉनिटरिंग के निर्देशबिलासपुर. पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप संभागीय कमिश्नर श्री सुनील जैन एवं आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने मंथन सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेकर कलेक्टर पुलिस अधीक्षक तथा तेल कंपनियों के अधिकारियों, डीलरों एवं वितरकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।बैठक में कमिश्नर श्री सुनील जैन ने पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की । अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बिलासपुर सहित पूरे संभाग में इन वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। कमिश्नर श्री जैन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अफवाहों पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। आमजन तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी समय पर पहुंचाई जाए तथा सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर भ्रामक खबरों की सतत निगरानी रखते हुए उनका तत्काल खंडन किया जाए।कंट्रोल रूम सक्रिय रखें, 1800-233-3663 का व्यापक प्रचार करेंबैठक में निर्देश दिए गए कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1800-233-3663 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम को सक्रिय रखते हुए प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाईकमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर सहित आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने निर्देशित किया कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। दैनिक स्टॉक की निगरानी कर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में गैस और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानीआईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल के परिवहन पर कड़ी नजर रखी जाए तथा अवैध रूप से कंटेनरों में ईंधन बिक्री पर रोक लगाई जाए।बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि संभाग में पेट्रोलियम पदार्थों एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अंत में कमिश्नर एवं आईजी ने सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करते हुए आमजन को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- 0- सभापति सूर्यकान्त राठौड़ सभा संचालन हेतु सहयोग माँगा0- सत्ता पक्ष भाजपा की बैठक में महापौर मीनल चौबे की विशेष उपस्थिति रही0- पार्षदगण एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी ना करें, व्यक्तिगत आरोप लगने पर पार्षद उसका जवाब ना देंरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने सभापति कक्ष में नगर निगम सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी, प्रतिपक्ष कांग्रेस, निर्दलीय पार्षदों की पृथक - पृथक बैठक लेकर उनसे नगर निगम रायपुर की दिनांक 30 मार्च को प्रातः 11 बजे आहुत सामान्य सभा की बैठक के अच्छी तरह संचालन करने हेतु सहयोग माँगा.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने भाजपा, कांग्रेस, निर्दलीय पार्षदों को सुझाव दिया कि वे सामान्य सभा में एक - दूसरे पर व्यक्तिगत टीका - टिप्पणी ना करें और व्यक्तिगत आरोप लगने पर पार्षद उसका जवाब ना दें. ऐसे में जवाब देने हेतु महापौर और सम्बंधित विभाग के अध्यक्ष सक्षम हैँ. पार्षदगण नगर हित में खुलकर चर्चा सामान्य सभा में करें, किन्तु समय बर्बाद ना करें, काफी समय के बाद सामान्य सभा नगर निगम रायपुर में हो रही है, इसका जनहित में चर्चा करने नागरिकों के कल्याणार्थ समय का सामान्य सभा में पूर्ण सदुपयोग करें.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ द्वारा बुलाई गयी बैठक में सत्ता पक्ष भाजपा की बैठक में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की सभापति कक्ष में विशेष उपस्थिति रही. सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदगणों की उपस्थिति रही. कांग्रेस पार्षदों और निर्दलीय पार्षदों की पृथक - पृथक बैठक में उपस्थिति रही. सभी पार्षदों ने सभापति को सामान्य सभा का अच्छी तरह से संचालन करने सहयोग देने के प्रति बैठक में आश्वास्त किया.
- 0- स्वच्छ पेयजल निरन्तरता से उपलब्ध करवाने दिए निर्देश0- वाटर एटीएम मशीन को मरम्मत करवाकर पुनः प्रारम्भ करवाने और गन्दे पानी की सुगम निकासी के दिए निर्देश0- नगर निगम जोन 9 जल विभाग ने जोरा पानी टंकी की सफाई करवाईरायपुर. गन्दा पानी मिलने की शिकायत पर नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम जोन 9 अंतर्गत लभांडी में संकल्प सोसायटी फेस - 2 का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. आयुक्त ने रहवासियों को पेयजल टैंकरों से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने, वाटर एटीएम मशीन की मरम्मत करवाकर पुनः प्रारम्भ करवाने, गन्दे पानी के सुगम निकास हेतु नाला शीघ्र बनाने प्रस्ताव देने के नगर निगम जोन 9 अधिकारियों को निर्देश दिए. नगर निगम जोन 9 जल विभाग ने जोरा पानी टंकी की सफाई करवाई और पेयजल टैंकरों से स्वच्छ पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की. स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मेडिकल मोबाइल यूनिट से वहाँ शिविर लगाकर रहवासियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और आवश्यक चिकित्सक़ीय परामर्श दिया और आवश्यक दवाईयां उपलब्ध करवाई. आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा किये गए निरीक्षण में नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, उपअभियंता श्री आशुतोष पाण्डेय, रविप्रभात साहू, श्रीमती अंकिता जनार्दन की उपस्थिति रही.
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राजनांदगांव । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़ -छुईखदान-गण्डई जिला अंतर्गत जिला व विकासखंड स्तर पर विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए 17 अप्रैल 2026 आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। इसके अंतर्गत जिला व विकासखंड स्तर पर रिक्त विकासखंड परियोजना प्रबंधक के 2 पद, क्षेत्रीय समन्वयक के 9 पद, लेखापाल के 2 पद, कार्यालय सहायक सह डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के 2 पद, लेखा सह एमआईएस सहायक के 2 पद तथा भृत्य के 1 पद पर संविदा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित की गई है। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक निर्धारित प्रारूप में रजिस्टर्ड डाक व स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालय जिला पंचायत राजनांदगांव में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय जिला पंचायत राजनांदगांव के सूचना पटल एवं राजनांदगांव जिले की वेबसाईट का अवलोकन किया जा सकता है।
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- अवैध प्लाटिंग पर निर्माणाधीन रोड और पुल-पुलिया को जेसीबी से हटाया गया
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध प्लाटिंग एवं शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल एवं तहसीलदार राजनांदगांव श्री प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम सोमनी के खसरा नंबर 182 में अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की गई। टीम द्वारा अवैध प्लाटिंग स्थल पर निर्माण किए जा रहे रोड और पुल-पुलिया को बुलडोजर से हटाया गया। इस दौरान अवैध प्लाटिंग एवं अतिक्रमण करने वालों को भविष्य में शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण नहीं करने की हिदायत दी गई। जिले में अवैध प्लाटिंग करने वालों और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध निरंतर कार्रवाई किया जा रहा है। - रायपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए “ग्रीन एनेस्थीसिया” की पहल की जा रही है। इस पहल के तहत मरीजों को सुरक्षित उपचार प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण और चिकित्सकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाली एनेस्थीसिया गैसों के दुष्प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सिम्स द्वारा आधुनिक और पर्यावरण हितैषी तकनीकों को अपनाया जा रहा है।सर्जरी के दौरान उपयोग की जाने वाली गैसें, जैसे डेसफ्लुरेन और नाइट्रस ऑक्साइड, ग्रीनहाउस गैसों के रूप में जानी जाती हैं। इनका प्रभाव कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक होता है और ये लंबे समय तक वातावरण में बनी रहती हैं।हर वर्ष बड़ी संख्या में होने वाली सर्जरी से निकलने वाली ये गैसें ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एनेस्थीसिया का प्रभाव केवल मरीज तक सीमित नहीं रहता। जहां एक मरीज को ऑपरेशन के दौरान एक बार एनेस्थीसिया दिया जाता है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक दिनभर में 10 से 12 घंटे तक लगातार कई मरीजों को एनेस्थीसिया प्रदान करते हैं।इस दौरान वे बार-बार इन गैसों के संपर्क में आते हैं, जिससे लंबे समय में उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में ग्रीन एनेस्थीसिया चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।क्या है ग्रीन एनेस्थीसियाग्रीन एनेस्थीसिया एक ऐसी पद्धति है, जिसमें मरीज को सुरक्षित बेहोशी देने के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।सिम्स में अपनाए जा रहे प्रमुख उपायसिम्स में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं—टी.आई.वी.ए. (Total Intravenous Anesthesia)इस तकनीक में प्रोपोफोल, मिडाज़ोलम आदि दवाओं को इंट्रावेनस (रक्त शिरा द्वारा) दिया जाता है, जो बेहद प्रभावी एवं सुरक्षित माना जाता है। इससे गैसों के उपयोग में कमी आती है और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव भी कम होता है।लो फ्लो एनेस्थीसिया तकनीककम मात्रा में गैस देकर भी सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिससे गैस की खपत और प्रदूषण दोनों में कमी आती है।आधुनिक उपकरणों का उपयोगनई तकनीकों के माध्यम से गैस लीकेज को नियंत्रित कर ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रदूषण को कम किया जा रहा है।किफायती और प्रभावी प्रणालीयह पद्धति पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी (Cost Effective) साबित हो रही है।निश्चेतना में उपयोग होने वाली गैसों का अत्यधिक प्रयोग ग्लोबल वार्मिंग और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ग्रीन एनेस्थीसिया के माध्यम से इन दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सिम्स इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।ग्रीन एनेस्थीसिया सिम्स की एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है, जो यह दर्शाती है कि बेहतर इलाज के साथ पर्यावरण और मानव दोनों की सुरक्षा संभव है। यह प्रयास भविष्य में अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
- - कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति में पीएम-आशा योजना के तहत खरीदी व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण- किसानों के लिए खरीदी केंद्र में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए- धान की जगह दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलें लेने के लिए किसानों को किया प्रोत्साहित- पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की आय होगी अधिकराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण (पीएम-आशा) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के लिए तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया। जिले में पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर किसानों से दलहन-तिलहन की खरीदी शुरू कर दी गई है। कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति में चना विक्रय करने पहुंचे ग्राम दर्राबांधा के किसान श्री कमल नारायण साहू से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने धान को छोड़कर अन्य फसल लगाई है। दलहन-तिलहन फसलों में कम पानी का उपयोग होता है। किसान ने बताया कि चना का समर्थन मूल्य 5 हजार 875 रूपए प्रति क्विंटल है, जो ग्रीष्मकालीन धान के एमएसपी से कही अधिक है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। खरीदी केन्द्र में उपस्थित अन्य किसानों ने भी धान फसल छोड़कर अन्य फसल उत्पादन करने की बात कही।कलेक्टर ने खरीदी केंद्र में तौल मशीन, बारदाना उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण, भंडारण, परिवहन एवं किसानों के भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संचालित करें। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा करते हुए पीएम आशा योजना के तहत उनकी उपज का समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से होने वाले लाभ तथा समर्थन मूल्य की राशि समय पर मिलने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को बताया कि पीएम आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी से उन्हें अधिक आय प्राप्त होगी और फसल विविधिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने खरीदी केंद्रों की नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम-आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीदी को अधिक सुचारू, पारदर्शी तरीके से खरीदी करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने बताया कि पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीदी के लिए जिले के 15 सेवा सहकारी समितियों को रबी में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया है। साथ ही एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला कृषक उत्पादन सगठन सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। कलेक्टर ने किसानों को गर्मी के मौसम में धान जैसी अधिक पानी मांगने वाली फसलों के स्थान पर दलहन-तिलहन एवं कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दलहन तिलहन फसलों के रकबे को बढ़ाने तथा गर्मी मौसम में धान फसल के स्थान पर चना, सरसों एवं मसूर जैसे फसलों को लेने कहा। कलेक्टर ने कहा कि फसल चक्र सुधारने से कृषि की स्थिरता बढ़ेगी और गांवों में जल संरक्षण के प्रयास मजबूत होंगे। किसानों ने बताया कि खरीफ में धान फसल लेने के बाद रबी में चना फसल कटाई पश्चात मार्च-अप्रैल में मूंग उड़द की फसल जो 70-75 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। इसकी खेती करने से वे वर्ष में 3 फसल ले रहे है, जिससे उन्हें अधिक लाभ हो रहा है। किसान अब पीएम आशा के माध्यम से दलहन-तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से गर्मी धान को छोड़कर वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ रहे है।डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम दर्राबांधा के किसान श्री कमल नारायण साहू ने बताया कि 50 क्विंटल चना विक्रय करने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति खरीदी केन्द्र पहुंचे हैं। जिससे उन्हें 5 हजार 875 प्रति क्विंटल की दर से 2 लाख 93 हजार रूपए की आमदनी होगी। साथ ही उनके द्वारा खरीफ में भी 23 क्विंटल सोयाबीन पीएम आशा योजना के तहत विक्रय किया गया था। जिससे उन्हें 5300 प्रति क्विंटल की दर से लगभग 1 लाख 21 हजार 900 रूपए प्राप्त हुआ है। किसानों ने बताया कि पीएम आशा योजना के माध्यम से दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र में वृद्धि होगी तथा किसान अत्मनिर्भर बनेगें।उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा पीएम आशा योजना के तहत जिले के 15 सेवा सहकारी समितियों को रबी में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया है। साथ ही एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला कृषक उत्पादन संगठन सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। शासन द्वारा चना, मूसर के लिए 1 मार्च 2026 से लेकर 30 मई 2026 तक तथा सरसों फसल के लिए 15 फरवरी से 15 मई 2026 तक उपार्जन तिथि निर्धारित किया गया है। जिले के दलहन तिलहन का उत्पादन करने वाले किसानों को उनके उपज का उचित लाभ दिलाने के लिए चना फसल पर 5 हजार 875 रूपए, मसूर फसल पर 7 हजार रूपए तथा सरसों फसल पर 6 हजार 200 रूपए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। जिले में अब तक 661 किसानों ने 974 हेक्टेयर चना, 324 किसानों द्वारा 214 हेक्टेयर मसूर तथा 122 किसानों द्वारा 120 हेक्टेयर रकबे के सरसों फसल का उपार्जन हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। जिले में अब तक समर्थन मूल्य पर 238 क्विंटल चना, 265 क्विंटल मसूर का उपार्जन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर, सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अनंत सहित ग्रामीण एवं किसान उपस्थित थे।
- रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत शनिवार को चौथे दिन सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में कुश्ती प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत हुई। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से आए 144 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। प्रतियोगिता के शुरुआत के साथ ही पहले दिन खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। युवा पहलवानों ने अपनी तकनीक एवं रणनीति का जबरदस्त प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुष फ्रीस्टाइल सीनियर में 74 किलोग्राम भार वर्ग में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन एवं महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार ने विभिन्न पड़ाव में जीत हासिल कर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह बनाई। इसी प्रकार फ्रीस्टाइल सीनियर में 125 किलोग्राम भार वर्ग में तेलंगाना के बनोथ विनोदकुमार एवं महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलकार विजेता रहे, जिनके बीच आगे फ़ाइनल मुकाबला होगा।ग्रीको रोमन सीनियर 67 किलोग्राम भार वर्ग में गुजरात के वसावा मुकेश भाई एवं झारखंड के अंजीतकर मुंडा तथा 97 किलोग्राम भार वर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार एवं जम्मू-कश्मीर के शमा हुन के बीच आगे फ़ाइनल मुकाबले होंगे। विभिन्न राउंड्स में विजेता रहीं महिला सीनियर 50 किलोग्राम भार वर्ग में झारखण्ड की पूनम ओरांव एवं तेलंगाना की के. गीता के बीच फाइनल मुकाबले होंगे। महिला सीनियर 62 किलोग्राम भार वर्ग में असम की देबी दैमारी एवं हिमाचल की प्रियंका चौधरी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।
- रायपुर, ।छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने शनिवार को अम्बिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से रेसलिंग (कुश्ती) चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का जायजा लिया और तकनीकी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।निरीक्षण के दौरान संचालक श्रीमती सलाम ने गांधी स्टेडियम में तैयार किए गए अभ्यास स्थल, मुख्य प्रतियोगिता स्थल, भोजन व्यवस्था तथा मेडिकल यूनिट का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के ठहरने के लिए चिन्हित ग्रैंड बसंत और होटल मयूरा का भी दौरा किया। उन्होंने आवास स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ बनाए रखने के निर्देश दिए।श्रीमती सलाम ने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों से सीधे संवाद कर खेल सुविधाओं, आवास एवं भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से संचालक द्वारा तकनीकी स्टाफ एवं खेल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा खिलाड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री राम कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कोच एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा में किया स्वदेशी मेला का उद्घाटन-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वदेशी मेले में स्टॉलों का किया अवलोकनरायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य स्वदेशी मेला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने स्वदेशी मेला में लगे प्रदर्शनी एवं विक्रय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और उनके निर्माण एवं विशेषताओं के बारे में विस्तार से जाना। 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित इस मेले में स्वदेशी वस्तुओं के कई स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। भारतीय विपणन विकास केंद्र स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई द्वारा आयोजित यह मेला स्थानीय प्रतिभाओं और स्वदेशी उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मेले में लगे सभी स्टॉल भारत में निर्मित उत्पादों के हैं, जो स्वदेशी भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी जनसंख्या के अनुसार हमारा बाजार भी बहुत बड़ा है और यदि हम अपने ही बाजार का सही उपयोग करें, तो अपनी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल सरकार के माध्यम से नहीं, बल्कि समाज के माध्यम से संभव है। समाज एक बहुत बड़ी ताकत है और यदि समाज के लोगों में स्वदेशी अपनाने का भाव जागृत हो जाए, तो बड़े परिवर्तन संभव हैं। उपमुख्यमंत्री ने जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग अपने ही देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसी प्रकार हमें भी स्वदेशी को अपनाते हुए देश में निर्मित उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है कि किसी भी उत्पाद में भारत के नागरिक का श्रम और पसीना शामिल हो। ऐसे आयोजनों से स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण जवाबदेही के सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत सभापति श्री राम कुमार भट्ट, जिला पंचायत सदस्य श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री मनीराम साहू, मेला प्रमुख मार्गदर्शक श्री सुब्रत चाकी, संयोजक डॉ अतुल जैन, सह संयोजक श्री अमित बरडिया, श्री संदीप अग्रवाल, श्री शेखर बख्सी, श्री राघव साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।मेला के शुभारंभ अवसर पर बॉलीवुड की पार्श्व गायिका ऐश्वर्या पंडित ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने हिंदी गीतों की मधुर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। उल्लेखनीय है कि जिले में स्वदेशी मेला 27 मार्च से 2 अप्रैल तक संचालित किया जायेगा। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है, इसमें विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के लिए आयोजित प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान कर रही हैं। इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें सीखने, आगे बढ़ने और आत्मविश्वास विकसित करने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
- -समूह की 40 दीदियां मंडला, बिछिया, जबलपुर में रोजगारपरक गतिविधियों का करेंगी अवलोकनरायपुर। उपमुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल करते हुए जिला कबीरधाम में आयोजित अंतर्राज्यीय दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम के तहत समूह की महिलाओं के बस को हरी झंडी दिखाकर मंडला, बिछिया और जबलपुर के लिए रवाना किया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और इस तरह के भ्रमण से उन्हें नए अवसरों की समझ मिलती है। उपमुख्यमंत्री ने सभी समूह दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भ्रमण उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और वे सीखकर अपने क्षेत्र में स्वरोजगार के नए आयाम स्थापित करेंगी।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लोहारा एवं कवर्धा विकासखंड से कुल 40 स्वसहायता समूह की दीदियां शामिल हो रही हैं। यह भ्रमण कार्यक्रम महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। भ्रमण के दौरान महिलाएं विभिन्न स्थानों पर संचालित रोजगारपरक गतिविधियों का अवलोकन करेंगी, उनके कार्यप्रणाली को समझेंगी तथा अपने अनुभवों को साझा करेंगी। इस पहल से समूह की महिलाओं को नए अवसरों की जानकारी मिलेगी और वे अपने क्षेत्र में भी स्वरोजगार के नए आयाम स्थापित कर सकेंगी।
- -खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ को पहला स्वर्ण: मुख्यमंत्री श्री साय ने निकिता को दी बधाईरायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। निकिता ने महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में 160 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की और छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निकिता को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के अदम्य साहस, कठिन परिश्रम और सपनों की उड़ान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा, “शाबाश निकिता बिटिया… छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है।” उन्होंने विश्वास जताया कि निकिता की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
- -मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं।इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है।इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर सर्किट हाउस में मातृत्व वन का किया लोकार्पण-एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ा जनभावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश: लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक पौधे रोपितरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को जशपुर सर्किट हाउस परिसर में विकसित मातृत्व वन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृत्व वन न केवल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का एक सशक्त प्रतीक भी है और आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का केंद्र बनेगा।उल्लेखनीय है कि जशपुर मंडल द्वारा विकसित मातृत्व वन में लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया, जिससे प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास कर रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र के विस्तार में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेंगी।मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीताअशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में औषधीय उपयोग एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -हमारी सरकार हर बेटी के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए संकल्पित है - मुख्यमंत्रीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए, जहां 240 नवविवाहित जोड़ों का विवाह विधिवत सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय विवाह मंडप में पहुंचकर नवदंपतियों के बीच गए और उन्हें शुभाशीष प्रदान करते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान कर उनके माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के साथ ही समाज में एकता और समरसता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को राहत मिली है और बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंता काफी हद तक दूर हुई है। सामूहिक कन्या विवाह समारोह में विभिन्न समाजों के 240 जोड़ों ने एक साथ विवाह कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 35 हजार रुपए की राशि चेक के माध्यम से सीधे हितग्राही को दी जाती है, जबकि लगभग 7 हजार रुपए की वैवाहिक सामग्री एवं 8 हजार रुपए आयोजन व्यय के रूप में खर्च किए जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवदंपतियों को 35 हजार रुपए की राशि के चेक वितरित किए और उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से विवाह सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र एवं उपहार सामग्री भी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और योजना की सराहना की। यह आयोजन न केवल एक सामाजिक कार्यक्रम रहा, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी सोच और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बना।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशिकुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गति और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे निर्माण पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और मरीजों को यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित 6 मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों का ढलाई कार्य पूर्ण हो चुका है।अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू, पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर संचालित होगा। यह चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री भरत सिंह,श्री कृष्ण कुमार राय, श्री विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार कर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को संगठित प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात की और खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, कृष्णा राय, श्री विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर में 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉल इंडोर स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलों के विविध आयामों को विकसित कर युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे साहसिक खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और अनुशासन का विकास करते हैं।जिला प्रशासन और देशदेखा स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग समूह के सहयोग से जशपुर के इच्छुक खिलाड़ियों को पर्वतारोहण एवं क्लाइंबिंग से संबंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे इस क्षेत्र में अपने कौशल को विकसित कर सकें। वर्तमान में इस समूह में 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें से 5 मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉल के मास्टर ट्रेनर श्री रवि कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इंडोर स्टेडियम में आधुनिक पद्धति से और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सुविधा खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण में अभ्यास करने और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करेगी।प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर श्री रवि कुमार सिंह प्रोफेशनल क्लाइंबिंग गाइड इंस्टिट्यूट (PCGI), यूएस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण दल में तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर एवं प्रतीक नायक भी शामिल हैं, जो खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में राजस्व विभाग को प्राप्त 4 नवीन शासकीय वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन वाहनों के संचालन से शासकीय कार्यों में गति आएगी और आम जनता को अधिक बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवीन वाहनों के जुड़ने से विशेष रूप से राजस्व विभाग के फील्ड कार्यों में सुविधा बढ़ेगी। दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी, जिससे राजस्व संबंधी प्रकरणों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण कार्य, निरीक्षण एवं अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में भी इन वाहनों के माध्यम से तेजी आएगी, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंच सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक संसाधनों से सशक्त किया जाए, ताकि जनसेवा की गुणवत्ता और गति दोनों में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर स्थित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला की छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान करते हुए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के बल पर वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगी तथा देश का नाम रोशन करेंगी।उल्लेखनीय है कि जशपुर के इचकेला स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की बालिकाएँ क्रिकेट के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में इस समूह की 17 बालिकाएँ अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि लगभग 40 खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों के अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा, जिसमें विजेता टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। इसी प्रकार अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से शामिल थीं।इसके अतिरिक्त रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 में भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इन उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई के समर्पण और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना एक प्रेरणादायक उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।
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नगर निगम में 30 मार्च को प्रातः 11 बजे सामान्य सभा की बैठक निर्धारित 17 एजेंडों पर होगी
महापौर सभा में बजट प्रस्तुत करेंगी, महापौर का बजट पर अभिभाषण होगा
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम महापौर कक्ष में नगर निगम में सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों की बैठक लेकर नगर निगम सचिवालय द्वारा नगर निगम सामान्य सभा की दिनांक 30 मार्च सोमवार को प्रातः 11 बजे बुलाई गयी बैठक की तैयारी एजेंडावार चर्चा एवं विचार - विमर्श पार्षदों से करते हुए करवाई.
नगर निगम सामान्य सभा की बैठक में निर्धारित 17 विषयों के एजेंडों पर एजेंडावार चर्चा नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ के सभापतित्व में होगी.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा सामान्य सभा में रायपुर नगर पालिक निगम का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट चर्चा हेतु प्रस्तुत किया जायेगा. महापौर का सामान्य सभा में बजट पर अभिभाषण होगा. महापौर ने सामान्य सभा के सभी एजेंडों की एजेंडावार पुख्ता तैयारी करवाई और एक घण्टे की निर्धारित अवधि के प्रश्नकाल हेतु पार्षदों के प्रश्नों का उत्तर देने आवश्यक तैयारी करवाई. महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा बुलाई गयी भाजपा पार्षदों की तैयारी में नगर निगम के सभी एमआईसी सदस्य, सभी जोन अध्यक्षगण सभी भाजपा पार्षदगण की महापौर कक्ष में उपस्थिति रही. -
आवश्यकता एवं उपलब्ध स्टॉक के आधार पर उद्योगों को गैस आपूर्ति की जाएगी सुनिश्चित- नगर निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप
रायपुर/ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार आयुक्त नगर निगम रायपुर श्री विश्वदीप की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया संकट के परिप्रेक्ष्य में एलपीजी गैस आपूर्ति के संबंध में औद्योगिक संघों एवं प्रमुख औद्योगिक इकाइयों की बैठक आज कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर भी उपस्थित रहे।
बैठक में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने एलपीजी गैस आपूर्ति में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा व्यावसायिक उपयोग हेतु 70 प्रतिशत क्षमता के अनुसार गैस प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में व्यावसायिक उपयोग हेतु गैस की आपूर्ति हो रही है, जबकि औद्योगिक उपयोग हेतु गैस की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कई औद्योगिक इकाइयां पूर्णतः एलपीजी गैस पर निर्भर हैं, जिनमें प्लास्टिक कंटेनर निर्माण इकाइयां प्रमुख हैं। गैस आपूर्ति बाधित होने से कुछ इकाइयों के बंद होने की स्थिति निर्मित हो रही है, जबकि कुछ इकाइयां कम क्षमता पर संचालित हो रही हैं।
निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देशित किया कि वे गैस की अपनी आवश्यकता की जानकारी शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि समुचित निर्णय लिया जा सके। अपर कलेक्टर श्री राठौर ने बताया कि गैस विक्रय हेतु घरेलू एवं व्यावसायिक दो श्रेणियां निर्धारित हैं और औद्योगिक इकाइयों को व्यावसायिक श्रेणी के अंतर्गत ही गैस आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को उनकी आवश्यकता एवं उपलब्ध स्टॉक के आधार पर शासन के निर्देशानुसार गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायपुर श्री एम.एस. पैकरा, खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा, ऊर्जा एसोसिएशन से श्री नीरज अग्रवाल, कैट से श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ रोलिंग मिल एसोसिएशन से श्री नितिन कुमार, छत्तीसगढ़ प्लास्टिक निर्माता संघ से श्री संतोष जैन, चैंबर ऑफ कॉमर्स से श्री जितेन्द्र सरीन सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। -
दुर्ग/ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में दुर्ग जिले ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य कार्यालय द्वारा 19 मार्च 2026 को जारी रैंकिंग के अनुसार, जिले में 93.3 प्रतिशत आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 91.7 प्रतिशत किश्तें जारी कर दी गई हैं और 80.9 प्रतिशत आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही, मनरेगा मजदूरी भुगतान में भी जिला 88.5 प्रतिशत के औसत के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। कलेक्टर श्री अभिजित सिंह के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में योजना के सफल संचालन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में, आवास निर्माण पूर्ण होने पर जिला पंचायत धमधा के 95, दुर्ग के 65 और पाटन के 31 लाभार्थियों को तीसरी किश्त की राशि हस्तांतरित की गई है। इसके लिए कुल 116 लाख रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। इसके अतिरिक्त, 586 लाभार्थियों के लिए एफटीओ (फंड ट्रान्सफर ऑर्डर) के माध्यम से 259 लाख रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरण हेतु तैयार की गई है, जो आने वाले दिनों में उनके खातों में जमा कर दी जाएगी। जिले में आवास निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए हर सप्ताह 80 से अधिक नए आवासों की मंजूरी दी जा रही है और प्रति सप्ताह 200 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। फरवरी माह के लिए निर्धारित 831 आवास पूर्ण करने के लक्ष्य के विरुद्ध जिले ने 852 आवास पूर्ण कर लक्ष्य से अधिक सफलता प्राप्त की है। योजना के तहत निरंतर निधि हस्तांतरण से लाभार्थियों में उत्साह बढ़ा है, जिसके कारण वे अपने घरों का निर्माण कार्य शीघ्रता से पूरा कर रहे हैं। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में पारेषण क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में सौ करोड़ रूपए की लागत से लिटिया सेमरिया (धमधा) में 132 केवी के नए उपकेंद्र का निर्माण किया गया है, जिसकी कुल क्षमता 160 एमवीए है। इस उपकेंद्र का ऊर्जीकृतकरण ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा बटन दबाकर किया गया।
इस अवसर पर श्री शुक्ला ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश में पारेषण नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने हेतु योजनाबद्ध रूप से कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री संजय पटेल, श्री एस. सलेट, मुख्य अभियंता सर्वश्री एएम. परियल, अब्राहम वर्गीज, प्रसन्ना गोसावी, एडिशनल सीई पी.पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर, आरके मिश्रा, पीके गढ़ेवाल श्री राजेश तिवारी, श्री राजेंद्र कुमार मिश्रा, श्री एस.के. भुआर्य, कार्यपालन अभियंता श्री धर्मेंद्र भारती, श्री छगन शर्मा, श्री डी.के. साहू, श्रीमती बरखा दुबे, श्री एस. सिन्नी, श्री सिद्धार्थ भावसार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस क्षमता विस्तार से दुर्ग एवं धमधा विकासखंड के 150 से अधिक गांवों के विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। लिटिया–सेमरिया उपकेंद्र में 132/33 केवी के स्तर पर 40-40 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 100 करोड़ रुपए है। इस उपकेंद्र से 33 केवी के 6 फीडरों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
इस उपलब्धि से दुर्ग जिले के उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।



























