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- -उर्वरकों का 98 प्रतिशत भंडारण, किसानों को डीबीटी से हजारों करोड़ की सहायता, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति-कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय उपलब्धियों पर दी विस्तृत जानकारीरायपुर / छत्तीसगढ़ में कृषि को अधिक लाभकारी, तकनीक आधारित और किसान केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से आर्थिक सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा कृषि अधोसंरचना के विकास के माध्यम से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज संयुक्त रूप से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव, पशुधन विकास विभाग के श्री चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग संचालक श्री लोकेश चंद्राकर, मत्सय विभाग के संचालक श्री एनएस नाग, छत्तीसगढ़ राज्य मण्डी बोर्ड के एमडी श्री महेन्द्र सवन्नी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति के डॉ. विनित सक्सेना उपस्थित थे।कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज संयुक्त रूप से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि, खेती की लागत में कमी तथा कृषि को आधुनिक और टिकाऊ बनाना है। राज्य में कृषि एवं उससे जुड़े सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।प्रेसवार्ता में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए अप्रैल से सितंबर तक 15.55 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध 30 जुलाई 2026 तक 15.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 98 प्रतिशत है। किसानों द्वारा अब तक 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है तथा लगभग 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध है। यूरिया का लक्ष्य से अधिक 102 प्रतिशत भंडारण किया गया है, जबकि डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विभाग द्वारा कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अवैध भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। 30 जुलाई तक 5,466 निरीक्षण किए गए, जिनमें अनेक मामलों में एफआईआर, लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण तथा उर्वरक जब्ती जैसी कार्रवाई की गई।प्रदेश में खरीफ 2026 के लिए लगभग 4.95 लाख क्विंटल बीज की मांग के विरुद्ध 4.85 लाख क्विंटल प्रमाणित बीजों का भंडारण किया गया है, जो लगभग 98 प्रतिशत उपलब्धता को दर्शाता है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई। अब तक किसानों को 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। एग्रीस्टैक और ई-केवाईसी के माध्यम से योजना को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।इस वर्ष खरीफ में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है। प्रदेश में औसत वर्षा भी सामान्य से अधिक दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि राज्य में कृषि यंत्रीकरण के तहत अब तक 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों को भी आधुनिक उपकरणों का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 49,983 किसानों को लाभान्वित करते हुए लगभग 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार किया गया है तथा 147 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान प्रदान किया गया है।प्राकृतिक खेती को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में 57 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया है।मंत्री श्री राम विचार नेताम प्रेसवार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, आत्मनिर्भर दलहन मिशन तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स जैसी योजनाओं के माध्यम से दलहन एवं तिलहन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों को प्रमाणित बीज, प्रशिक्षण, फसल प्रदर्शन तथा अनुदान आधारित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 19,389 ग्रामों का जियो-रेफरेंसिंग पूरा किया जा चुका है तथा 36 लाख से अधिक किसानों का डिजिटल पंजीयन किया गया है। एग्रीस्टैक के माध्यम से पीएम-किसान, पीएम-आशा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है, जिससे किसानों को पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।बीते ढाई वर्षों में उद्यानिकी फसलों का कुल रकबा 8.42 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। फल, सब्जी, मसाला, पुष्प एवं औषधीय फसलों के क्षेत्र और उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। ऑयल पाम के क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत तथा बांस रोपण में 79 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में हाईटेक नर्सरियों, टिश्यू कल्चर लैब, ग्रीन हाउस, शेडनेट हाउस, पैक हाउस तथा कोल्ड स्टोरेज जैसी अधोसंरचनाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। आगामी वर्षों में बलरामपुर एवं जशपुर में इंटीग्रेटेड पैक हाउस तथा नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।पशुधन विकास विभाग के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में दूध, अंडा एवं मांस उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ और एनडीडीबी के बीच हुए समझौते के बाद दुग्ध उत्पादकों को अब प्रत्येक दस दिन में भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। दूध संकलन दर भी बढ़ाई गई है तथा नई दुग्ध समितियों, चिलिंग सेंटर और डेयरी अधोसंरचना का विस्तार किया गया है। मोबाइल वेटेरिनरी यूनिटों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। गौधाम योजना, गौशालाओं के अनुदान में वृद्धि तथा नए गौ-अभ्यारण्यों की स्थापना भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग ने ढाई वर्षों में जलक्षेत्र विकास, मत्स्य उत्पादन, केज कल्चर, बायोफ्लॉक, तालाब निर्माण और झींगा पालन जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया है। राज्य का मत्स्य उत्पादन लगभग 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन पहुंच गया है। प्रदेश आज देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों में शामिल हो चुका है।कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से प्रदेश की 21 मंडियां जुड़ चुकी हैं। ई-ट्रेडिंग के माध्यम से अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा मिला है। कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) के अंतर्गत प्रदेश ने 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। प्रदेश की मंडियों एवं उपमंडियों में किसानों की सुविधा के लिए 885 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य स्वीकृत एवं निर्मित किए गए हैं।राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था द्वारा बीज उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन साथी (ै।ज्भ्प्) पोर्टल से जोड़ा गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला कृषकों को बीज प्रमाणीकरण शुल्क पर शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिससे वर्ष 2025-26 में 7,510 किसानों को लाभ मिला। रायपुर स्थित बीज परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल मान्यता प्राप्त हुई है, जो छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की पहली एनएबीएल मान्यता प्राप्त शासकीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला है। वर्ष 2025-26 में यहां 15 हजार बीज नमूनों का सफल परीक्षण किया गया।प्रेसवार्ता के अंत में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने तथा आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, पर्याप्त उर्वरक, डिजिटल सेवाओं, आधुनिक तकनीक और प्रभावी योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ कृषि विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
- - इन्फर्टिलिटी, आईवीएफ एवं एआरटी की आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभवरायपुर । छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) एवं चिकित्सालय, बिलासपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा GENOVIA–ISAR के अंतर्गत इन्फर्टिलिटी, आईवीएफ (IV) एवं असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं मेडिकल छात्रों को प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा तकनीकी प्रगति से अवगत कराना था।कार्यक्रम में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमण जोगी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला की मुख्य समन्वयक डॉ. वेरोनिका रहीं, जिनके कुशल नेतृत्व एवं समन्वय से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यशाला में सिम्स की ओर से डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. सोमा वेंकट, डॉ. सौम्या दर्शन, डॉ. प्रतिभा सिंह एवं डॉ. प्राची तिवारी ने इन्फर्टिलिटी, आईवीएफ एवं एआरटी से जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए।बिलासपुर से डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. संगीता शर्मा, डॉ. गीतिका शर्मा एवं डॉ. इंदुबाला मिंज ने भी आधुनिक प्रजनन चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए।रायपुर से रायपुर मेडिकल कॉलेज की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल, डॉ. वेरोनिका एवं डॉ. मोनिका ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आधुनिक आईवीएफ, एआरटी, जटिल इन्फर्टिलिटी मामलों के प्रबंधन तथा नवीनतम उपचार पद्धतियों पर व्याख्यान दिए।कार्यशाला में सिम्स के स्नातकोत्तर (पीजी) रेजिडेंट्स, एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ-साथ अपोलो हॉस्पिटल एवं रेलवे हॉस्पिटल के डीएनबी विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर आधुनिक प्रजनन चिकित्सा से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमण जोगी ने कहा कि आज के समय में इन्फर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा एवं असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी के माध्यम से अधिकांश दंपत्तियों को सफल उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सकों और विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कौशल को अद्यतन रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स में नियमित रूप से इस प्रकार की वैज्ञानिक कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि चिकित्सकों को चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम तकनीकों एवं उपचार पद्धतियों का प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान एवं तकनीक से प्रशिक्षित चिकित्सक मरीजों को अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होते हैं।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सतत शैक्षणिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सिम्स का प्रयास है कि संस्थान में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के सहयोग से इस प्रकार के वैज्ञानिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएं, जिससे चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का लाभ मिले और प्रदेश की जनता को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया तथा इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
- -डिजिटल क्रांति का नया अध्याय- धमतरी के आमदी में अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का लोकार्पणरायपुर / डिजिटल शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण आज के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं, जिसमें आधुनिक ई-लाइब्रेरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने और डिजिटल शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। धमतरी जिले के नगर पंचायत आमदी में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ई-लाइब्रेरी का भव्य लोकार्पण प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा किया गया। यह ई-लाइब्रेरी क्षेत्र के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ज्ञान, तकनीक और अवसरों के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगी।आमदी की यह ई-लाइब्रेरी आधुनिक अध्ययन वातावरण और अत्याधुनिक तकनीकों का उत्कृष्ट संगम है, जहाँ युवाओं को हाई-स्पीड इंटरनेट एवं आधुनिक कंप्यूटर निर्बाध ऑनलाइन अध्ययन के लिए मिलेगी। इसी तरह विशाल डिजिटल लाइब्रेरी में हज़ारों ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और डिजिटल रीडिंग मटेरियल से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय परीक्षाओं की अद्यतन अध्ययन सामग्री यहां से मिलेंगी। शांत व सुव्यवस्थित माहौल में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम वातावरण बच्चों लिए लाभप्रद होगा।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञान ही विकसित समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। हमारी सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करना है। ई-लाइब्रेरी डिजिटल युग की महती आवश्यकता है, जो ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच अवसरों के अंतर को समाप्त करेगी ताकि युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपने ही क्षेत्र में ऐसी विश्वस्तरीय डिजिटल अध्ययन सुविधा मिलना उनके भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा।धमतरी ज़िले की लगभग सभी नगर पंचायतों में पुस्तकालय सुविधा विकसित की जा चुकी है। अब मेघा, सांकरा, बेलरगांव जैसी ग्राम पंचायतों की तर्ज पर अन्य सभी ग्राम पंचायतों तक भी पुस्तकालय सुविधाओं का विस्तार कर अध्ययन की संस्कृति को मजबूत किया जाएगा। लोकार्पण समारोह में धमतरी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, नगर पंचायत आमदी अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
- - कवर्धा जिले के सिल्हाटी में सोलर संयंत्र लगने के बाद भी 1.11 लाख का बिजली बिल आने की शिकायत जांच में गलत पाई गई- सीएसपीडीसीएल ने अफवाहों एवं भ्रामक खबरों से किया सावधानरायपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाने के बाद भी एक लाख 11 हजार रुपए का बिजली बिल आने की शिकायत की छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उच्चस्तरीय जांच कराई। जांच में पाया गया कि जिस उपभोक्ता ने शिकायत की थी, उसके नाम से न तो सोलर संयंत्र स्थापित है और न ही उसके घर स्मार्ट मीटर लगा है। संबंधित विद्युत कनेक्शन पर पुराना मीटर ही लगा हुआ है। वास्तविकता यह है कि उपभोक्ता के घर में विद्युत उपकरण अधिक होने के कारण बिजली की खपत भी अधिक है तथा उसने पिछले पांच माह से बिजली बिल जमा नहीं किया है। पावर कंपनी की जांच (फैक्ट चेक) में यह स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट मीटर अथवा सोलर संयंत्र से बिजली बिल नहीं बढ़ता है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम सिल्हाटी निवासी उपभोक्ता श्री तिलक राम चंद्रवंशी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। उन्होंने शिकायत की थी कि सोलर संयंत्र लगाने के बाद भी उनका बिजली बिल 1 लाख 11 हजार 650 आया है। इस संबंध में कुछ मीडिया माध्यमों में समाचार प्रकाशित हुए, जिनमें विभाग का पक्ष शामिल नहीं था।मामले की जांच के लिए पंडरिया के कार्यपालन अभियंता श्री के.के. झा एवं बोड़ला उपसंभाग के सहायक अभियंता श्री सुनील कुमार कंवर को जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच दल ने मौके पर पहुंचकर शिकायत का परीक्षण किया तथा अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन के अनुसार श्री तिलक राम चंद्रवंशी के बी.पी. क्रमांक 1002557014 पर पुराना मीटर लगा हुआ है। उक्त कनेक्शन पर न तो स्मार्ट मीटर लगाया गया है और न ही कोई रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित है।जांच में यह भी पाया गया कि श्री तिलक राम चंद्रवंशी के तीन भाइयों का संयुक्त परिवार है, जिसमें पूर्व से एक ही विद्युत कनेक्शन से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। पिछले तीन माह से इस परिसर में 8 किलोवाट से अधिक विद्युत भार का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही संबंधित उपभोक्ता द्वारा फरवरी 2026 से बिजली बिल जमा नहीं किया गया है। फलस्वरूप पांच माह की बकाया राशि वर्तमान बिल में सम्मिलित होकर प्रदर्शित हुई है। अतः यह कहना कि सोलर संयंत्र लगाने के कारण अधिक बिजली बिल आया है, पूर्णतः तथ्यहीन एवं भ्रामक है।जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि श्री तिलक राम चंद्रवंशी के भाई श्री विनोद चंद्रवंशी एवं श्री निकुंज चंद्रवंशी ने अपने-अपने नाम से नए विद्युत कनेक्शन लिए हैं। इन दोनों कनेक्शनों पर 16 जून 2026 को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3-3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इन कनेक्शनों का पहला बिजली बिल अभी जारी नहीं हुआ है। जुलाई माह की वास्तविक विद्युत खपत तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र से उत्पादित एवं ग्रिड में समायोजित ऊर्जा के आधार पर उनका प्रथम बिजली बिल जारी किया जाएगा।पावर कंपनी के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा शिकायत के संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय, टोल फ्री नंबर 1912 अथवा अधिकृत माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें, जिससे तथ्यों की सही जानकारी उपलब्ध हो सके।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज द्वारा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिताए दक्षता एत्वरित निस्तारण एवं संपूर्ण डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ई.ऑफिस प्रणाली का प्रदेशभर के सभी क्षेत्रीय ;रीजनलद्ध एवं संभागीय डिविजनद्ध कार्यालयों में 1 अगस्त से अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया हैं।ई.ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए कंपनी द्वारा जुलाई माह में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे माह प्रत्येक गुरुवार को दो पालियों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गएए जिनमें अधिकारी एवं कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ;टब्द्ध अथवा प्रशिक्षण कक्ष में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कियाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 1ए200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान फाइलों के डिजिटल संचालनए नोटशीट एवं पत्राचारए दस्तावेज प्रबंधन तथा ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ईआईटीसी से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेशभर में कुल 800 कार्यालय संचालित है। इन कार्यालयों के लिए अब तक लगभग 5000 आईडी बनाए गए है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीजमुख्यालय में नवम्बर 2025 से ई आफिस का क्रियान्वयन किया जा रहा हैं। जिसके अंतर्गत अब तक कंपनीवार अद्यतन रिपोर्ट अनुसार ट्रांसमिशन कंपनी में फाइल काउंट 4244 एवं आवक की संख्या 21 हजार 728 हैए डिस्ट्रीब्यूशन कंननी में फाइल काउंट 10 हजार 774 एवं आवक संख्या 22हजार 764ए इसी प्रकार जनरेशन में फाइल काउंट 7724 एवं आवक संख्या 32हजार791 है। पावर ट्रांसमिशन कंपनी की मुख्य अभियंता श्रीमती एचआर श्रीमती रश्मि वर्मा ने समस्त कार्यालयों में ई आफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने हेतु परिपत्र भी जारी किया है। ई.ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन से पेपरलेस कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगाए कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिताए उत्तरदायित्व एवं गति आएगी तथा फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सरलए सुरक्षित और समयबद्ध होगी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में आयोजित सेवानिवृत्ति विदाई समारोह में दो मुख्य अभियंताओं सहित सात अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में मुख्य अभियंता श्री राजेन्द्र कुमार साव एवं श्री आशुतोष देवांगन सहित सात अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री राजेन्द्र कुमार साव एवं श्री आशुतोष देवांगन ने अपने दीर्घ सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कंपनी प्रबंधन, वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों से प्राप्त सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।समारोह में कार्यपालक निदेशक श्री एम.एस. कंवर, श्री सी.एल. नेताम, श्री संदीप मोदी एवं श्री संजय शुक्ला सहित मुख्य अभियंता श्री गिरीश गुप्ता, श्री सुभाष शर्मा, श्री एच.एन. कोसरिया, श्री रोहित डहरवाल उपस्थित थे।इसी प्रकार छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा सेवा भवन में आयोजित समारोह में पाँच अधिकारी एवं कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री राजेश देवांगन (निज सचिव), श्री श्रीकांत तिवारी (निज सचिव), श्री अमरोज कुमार मसीह (वरिष्ठ पर्यवेक्षक, परीक्षण), श्री कमल नारायण वर्मा (सिविल परिचारक श्रेणी-एक) सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।ट्रांसमिशन कंपनी के समारोह में कार्यपालक निदेशक श्री के.एस. मनोठिया, श्री एम.एस. चौहान, श्री संजय पटेल एवं श्री वी.के. दीक्षित सहित मुख्य अभियंता श्री के.बी. पात्रे, श्री अब्राहम वर्गीस, श्रीमती रश्मि वर्मा एवं श्री प्रसन्ना गोसावी उपस्थित थे।
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-छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को बचाने और बढ़ावा देने की एक पहल
दुर्ग/ भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी का सांस्कृतिक कार्यक्रम ’प्रातिज्ञ’, 30 जुलाई 2026 को आईआईटी भिलाई कैंपस के नालंदा लेक्चर हॉल में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ’सेंटर फॉर स्टडीज़ ऑन कल्चर, लैंग्वेज एंड ट्रेडीशन्स’ (सीसीएलटी) की साझेदारी में आयोजित किया गया था। सीसीएलटी, आईआईटी भिलाई का एक रिसर्च सेंटर है जो सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और टिकाऊ विकास के क्षेत्रों में सामाजिक रूप से असरदार रिसर्च पर काम करता है। ’प्रातिज्ञ’ अकादमी का एक नियमित कार्यक्रम है, जिसमें संगीत, नृत्य, नाटक और लोक व आदिवासी कलाओं के जाने-माने कलाकार और विद्वान व्याख्यान-प्रदर्शन के ज़रिए अपने अनुभव साझा करते हैं। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाला ’प्रातिज्ञ’ का यह पहला संस्करण है।इस कार्यक्रम में राज्य की शास्त्रीय, लोक और आदिवासी नृत्य शैलियों के तीन जाने-माने कलाकारों ने व्याख्यान-प्रदर्शन दिएरू रायगढ़ घराने के मशहूर कथक गुरु और पद्म श्री व संगीत नाटक अकादमी रत्न फेलोशिप पाने वाले श्री रामलाल बारेठ; बैगा नृत्य गुरु और पद्म श्री व संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता श्री अर्जुन सिंह धुर्वे; और नाचा (लोक थिएटर) के कलाकार व संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता श्री काशीराम साहू। कार्यक्रम में पद्म श्री और बस्तर बैंड के संस्थापक श्री अनूप रंजन पांडे और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार विजेता श्री धनीराम कड़ामिया भी मौजूद थे। आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश ने स्वागत भाषण दिया और कलाकारों का सम्मान किया। अपने स्वागत भाषण में, प्रो. प्रकाश ने कहा कि ‘प्रातिज्ञ’ छत्तीसगढ़ की समृद्ध और विविध कलात्मक विरासत को बचाने और उसे आगे बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई स्कूल और कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों को कलाकारों से जोड़कर और इसे पाठ्यक्रम में शामिल करके समृद्ध संस्कृति और कला को बचाने और बढ़ावा देने की पहल कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘प्रातिज्ञ’ जैसे कार्यक्रम छात्रों को राज्य की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत के बारे में और जानने और सीखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और इन कलाओं को सीखने में उनकी रुचि जगाते हैं।इस कार्यक्रम में गुरुओं और उनके शिष्यों के व्याख्यान-प्रदर्शन शामिल थे। पहले हिस्से में श्री रामलाल बारेठ के शिष्यों ने कथक की प्रस्तुति दी, जिसके बाद श्री बारेठ ने व्याख्यान-प्रदर्शन दिया। इसमें उन्होंने रायगढ़ बंदिश और तराना की बारीकियों और खासियतों के बारे में बताया। उनके लेक्चर ने दर्शकों को उस्ताद से कथक के रायगढ़ घराने की अनोखी शैली को समझने का शानदार मौका दिया। श्री काशी राम साहू ने एक व्याख्यान-प्रदर्शन दिया जिसमें दिखाया गया कि कैसे श्नाचाश् कहानी सुनाने के ज़रिए सामाजिक मुद्दों पर बात करते हुए हास्य और व्यंग्य का मेल बिठाता है। छत्तीसगढ़ी बोली में श्री साहू की कॉमेडी स्केच की एकल प्रस्तुति ने श्नाचाश् के हल्के-फुल्के लेकिन व्यंग्यात्मक अंदाज़ को पेश किया। ‘प्रातिज्ञ’ के आखिरी हिस्से में श्री अर्जुन धुर्वे और उनके दल ने बैगा नृत्य का व्याख्यान-प्रदर्शन दिया। श्री धुर्वे ने बताया कि कैसे नृत्य और संगीत बैगा संस्कृति के रोज़मर्रा के जीवन और रीति-रिवाजों का अहम हिस्सा हैं। इस प्रदर्शन में बैगा समुदाय के अलग-अलग समारोहों के दौरान किए जाने वाले नृत्य और गीत शामिल थे, जिन्होंने बैगा संस्कृति के जीवंत रंगों और लय को दिखाया।कलाकारों को आईआईटी भिलाई के रजिस्ट्रार विंग कमांडर डॉ. जयेश चंद्र एस. पाई ने सम्मानित किया। संगीत नाटक अकादमी के श्री दीपक जोशी और सीसीएलटी के एसोसिएट हेड डॉ. अनुभव प्रधान ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। - रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के लाभांडी में छत्तीसगढ़ टेंट ओनर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने एक्सपो का अवलोकन कर टेंट एवं डेकोरेशन से जुड़े आधुनिक उत्पादों, आकर्षक डिज़ाइनों और नई तकनीकों की सराहना की। एक्सपो के शुभारंभ के मौके पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, टेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा देशभर से आए टेंट व्यवसायी एवं इससे जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि टेंट व्यवसाय आज तेजी से विकसित होकर एक सशक्त उद्योग के रूप में स्थापित हो रहा है। नई थीम और लगातार हो रहे नवाचार इस क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम समय में किसी भी स्थान का स्वरूप बदल देना टेंट व्यवसायियों की रचनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने एक्सपो की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन कई शहरों के व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर अनुभव साझा करने और व्यापार के नए अवसर तलाशने का अवसर देते हैं। यह एक्सपो टेंट उद्योग को बढ़ाने के साथ ही राज्य की आर्थिक गतिविधियों को और गति प्रदान करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ टेंट ओनर वेलफेयर एसोसिएशन को एक्सपों के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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-2,305 नए मोबाइल टावरों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र से मांगी मंजूरी
- केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुख्यमंत्री श्री साय ने की मुलाकात, प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर हुई विस्तृत चर्चा-577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र सरकार का आभार-मोबाइल नेटवर्क का विस्तार शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री श्री साय-489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी एनओसी जारी, शेष 88 स्थानों पर भी शीघ्र पूरी होगी प्रक्रिया-दूरस्थ और जनजातीय अंचलों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़कर समावेशी विकास को मिलेगी नई गति - मुख्यमंत्रीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में डिजिटल एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भौगोलिक दृष्टि से कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी आज केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता से इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तक सहज पहुंच मिल सकेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के अनेक दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्थापना डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगी। उन्होंने कहा कि इससे उन गांवों और बसाहटों तक भी विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक पर्याप्त संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित रहे एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार तथा केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुगम होगा और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को अपने गांव के निकट ही प्राप्त हो सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावरों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। कुल 577 स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और शीघ्र ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर आवश्यक अनुमति और भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां बीएसएनएल द्वारा मोबाइल टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य शासन संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहा है, ताकि टावरों की स्थापना में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत होने से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और डिजिटल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। इसी प्रकार टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से अधिक आसानी से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत नेटवर्क से बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाएं भी अधिक प्रभावी होंगी। ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों, आवेदनों और अन्य ऑनलाइन शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस प्रकार डिजिटल कनेक्टिविटी शासन को नागरिकों के और करीब लाने का माध्यम बनेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ अब डिजिटल कनेक्टिविटी को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षों तक भौगोलिक कठिनाइयों और अन्य चुनौतियों के कारण संचार सुविधाओं से वंचित रहे गांवों को मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ना वहां के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी से स्थानीय युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिलेगी। ग्रामीण उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों के लिए डिजिटल बाजारों तक पहुंच आसान होगी तथा किसानों को मौसम, कृषि तकनीक और बाजार से जुड़ी सूचनाएं समय पर मिल सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से डिजिटल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि तकनीक का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि सुदूर वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिलने से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को बड़ी गति मिलेगी। - - राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत गढ़ी सफलता की मिसालगरियाबंद। छुरा विकासखंड के ग्राम कसहीबाहरा (बेहरामाड़ा) निवासी श्री रामबरन वर्मा ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम योजना के माध्यम से खेती, किसानी में नई पहल की है। उन्होंने वर्ष 2025-26 में नेचर कृषि फार्म समूह का गठन कर ऑयल पाम की आधुनिक खेती अपनाई। श्री वर्मा के पास लगभग 20 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। वे पहले धान के साथ अन्य फसलें उगाई जाती थीं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से ऑयल पाम योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बोर खनन, फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई तथा रख-रखाव अनुदान जैसी सुविधाओं का लाभ उठाया। उन्होंने ड्रिप सिंचाई तकनीक के साथ ऑयल पाम का रोपण किया और अंतरवर्ती फसलों के रूप में आम, शहतूत एवं सब्जियों की खेती शुरू की। इससे भूमि का बेहतर उपयोग हुआ साथ ही उन्हें अधिक मुनाफा होने लगा।वर्तमान में उनके द्वारा समूह बनाकर लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में ऑयल पाम का रोपण किया जा चुका है। इसे देखते हुए आसपास के किसान भी प्रेरित होकर राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियेां ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। समूह के माध्यम से लगाए गए ऑयल पाम के रोपण जिले के किसानों के लिए मिसाल बन गई है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कबीरधाम जिले के विकासखण्ड-सहसपुर-लोहारा की सुतियापाट लिंक केनाल के जीर्णाेद्धार एवं सी.सी. लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 66 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं।योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों को करीब 4060 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
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बिलासपुर/ भारतीय सेना की रिकॉर्ड्स एवं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट द्वारा पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों की पेंशन, दस्तावेजीकरण और कल्याण संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 4 अगस्त 2026 को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, बिलासपुर में ‘मिशन निरंतर मिलाप 1.0 (चरण-IV) आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। इसमें बिलासपुर सहित जांजगीर-चांपा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कोरबा जिलों के पूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं उनके आश्रित भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान पेंशन, दस्तावेजों के अद्यतन, ईसीएचएस (ECHS), सेवा एवं कल्याण संबंधी विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। प्रतिभागियों से डिस्चार्ज बुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड तथा पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) सहित आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का अनुरोध किया गया है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ने सभी पात्र पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस विशेष पहल का लाभ उठाने की अपील की है। -
व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु दी आवश्यक दिशा-निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पथराटोला में आंगनबाड़ी केन्द्र एवं उपस्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को आंगनबाड़ी केन्द्र एवं उपस्वास्थ्य केन्द्र के व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आंगनबाड़ी केन्द्र में पहुँचकर नन्हें-मुन्हें बच्चों को अपना स्नेह एवं दुलार देते हुए आंगनबाड़ी केन्द्र में प्रतिदिन मिलने वाली भोजन एवं नाश्ता के अलावा पढ़ाई-लिखाई के संबंध में भी जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बच्चों को केला एवं खाद्य पदार्थों का वितरण भी किया। कलेक्टर श्रीमती के मधुर एवं मिश्रा के स्नेहिल व्यवहार से आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बच्चों की नियमित उपस्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन एवं नाश्ता आदि प्रदान करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र के रसोई कक्ष आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने ग्राम पथराटोला में आंगनबाड़ी केन्द्र के समीप स्थित उपस्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्वास्थ्य केन्द्र में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से अस्पताल की व्यवस्था के अलावा अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या एवं इलाज आदि की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों का समुचित इलाज एवं दवाइयों आदि उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। -
एक पेड़ महतारी के नाम’ अभियान के तहत 77 ग्राम पंचायतों में रोपे गए पौधे
बालोद/जिले के गुरूर विकासखंड के 77 ग्राम पंचायतों में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के अंतर्गत पंजीकृत सक्रिय 34,394 महिला श्रमिकों द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में घर-घर तथा पारा-मोहल्लों में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत गुरूर विकासखंड के 77 ग्राम पंचायतों एवं 120 आश्रित ग्रामों में कुल 34,394 पौधे रोपित किए गए। इसी क्रम में ग्राम पंचायत चिटौद में जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू की अध्यक्षता में पौधारोपण किया गया। जनपद कार्यालय से पौधे प्राप्त कर प्रत्येक महिला मजदूर को वितरण की कार्रवाई की गई है, जिसे महिलाओं के द्वारा अपने घरों, खेतों, बाड़ियों एवं उपयुक्त स्थलों पर लगाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है। साथ ही इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली गईं और संगठन की बैठकें लेकर ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर राजस्व अनुविभागीय अधिकारी गुरूर श्री रामकुमार सोनकर, जनपद सीईओ गुरूर श्री पन्नालाल धुर्वे, विकसित भारत-जीरामजी के कार्यक्रम अधिकारी श्री योगेश कुमार देवांगन, अतिरिक्त सीईओ श्री एन.के. बागडे, श्री आर.एल. सिरमौर, जनपद सदस्य श्रीमती संतोषी साहू, श्रीमती लता लक्ष्मीचंद साहू, श्री हेमंत कुमार साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री टुकेश्वर पांडेय, श्री संजय साहू, श्री लक्ष्मीचंद, श्री राकेश कुमार सिन्हा, ग्राम पंचायत चिटौद के सरपंच श्री तीरथ यादव, पंचायत सचिव श्री मनोज कुमार, ग्राम रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। - रायपुर ।शासन की डिजिटल पहल सेवा सेतु आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बना रही है। इसी सुविधा का लाभ उठाते हुए कोण्डागांव के बंधापारा निवासी श्री रेखलाल साहू ने अपने पुत्र मयंक साहू का निवास प्रमाण पत्र बिना अनावश्यक भागदौड़ के सहजता से बनवा लिया।श्री रेखलाल साहू ने बताया कि उनके बेटे मयंक के विद्यालय में प्रवेश एवं अन्य शासकीय कार्यों के लिए निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पहले ऐसे दस्तावेज़ बनवाने के लिए कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और श्रम दोनों अधिक लगते थे। इसी दौरान रेखलाल साहू को सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिली। उन्होंने निकट स्थित सेवा केंद्र में जाकर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निर्धारित समय-सीमा में मयंक का निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। प्रमाण पत्र मिलने के बाद विद्यालय में आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकीं और अन्य शासकीय कार्यों में भी सुविधा मिली।रेखलाल साहू ने बताया कि सेवा सेतु के कारण उन्हें न तो बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े और न ही अनावश्यक समय व्यर्थ हुआ। यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जिससे सरकारी सेवाएं अब लोगों के और अधिक करीब पहुंच गई हैं। अब सेवा सेतु ने दस्तावेज़ बनवाने की प्रक्रिया को आसान और भरोसेमंद बना दिया है। उन्होंने अन्य नागरिकों को भी इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए नागरिक हित में ऐसी जनहितकारी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- रायपुर।महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता तथा अस्पताल संचालन की स्थिति का जायजा लिया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ओपीडी, वार्ड, प्रसूति कक्ष, दवा वितरण केंद्र, पेयजल व्यवस्था एवं अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में पाई गई कमियों को तत्काल दूर किया जाए तथा मरीजों को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, दवाओं का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने तथा चिकित्सा उपकरणों के सुचारू संचालन के निर्देश दिए।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि "मेरे क्षेत्र की देवतुल्य जनता को बेहतर, सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।"उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन करने पर विशेष जोर दिया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण एवं अंचल क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए इन संस्थानों में सभी आवश्यक सुविधाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहना आवश्यक है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को नियमित निगरानी एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -आर.बी.सी. 6-4 के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायतारायपुर । जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि के पांच मामलों में प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के प्रावधानों के तहत कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक प्रकरण में मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाएगी।अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरसाबहार तहसील के ग्राम टाकमुण्डा निवासी स्वर्गीय अमर साय की मधुमक्खी के काटने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती कौशल्या बाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।इसी प्रकार फरसाबहार तहसील के ग्राम बारो निवासी स्वर्गीय मनसुखनी बाई की आग से झुलसने के बाद उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता श्री रामसाय राम को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।बगीचा तहसील के ग्राम नटकेला निवासी स्वर्गीय आकृति पैंकरा की बिच्छू के काटने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनके माता-पिता श्री बालमुकुन्द पैंकरा एवं श्रीमती कौशिल्या पैंकरा को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।इसी तरह बगीचा तहसील के ग्राम बुटंगा निवासी स्वर्गीय हीरामुनी बाई की स्टॉप डेम में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता श्री शिवचरण राम को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।वहीं, फरसाबहार तहसील के ग्राम जोरण्डाझरिया निवासी स्वर्गीय सुखसागर यादव की आंधी-तूफान के दौरान पेड़ की डाली गिरने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती दुती बाई को 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है।जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक जनहानि से प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता के साथ पूरी की जा रही हैं, ताकि संकट की घड़ी में पात्र परिवारों को शीघ्र आर्थिक संबल मिल सके।
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जिला मुख्यालय बालोद के पर्यावरण पार्क में किया गया वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, वनमण्डलाधिकारी, अपर कलेक्टर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों अधिकारी-कर्मचारियों महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों सहित आम नागरिकों ने किया पौधरोपणबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि आज का दिन संपूर्ण बालोद जिले वासियों के लिए ऐतिहासिक एवं अत्यंत गौरवमयी है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिले वासियों के द्वारा आज किया गया काम वास्तव में अतुलनीय है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के पर्यावरण पार्क में आयोजित पौधरोपण समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर आप सभी ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के अलावा हमारे माताओं एवं बहनों के प्रति भी सम्मान प्रकट करने का कार्य किया है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि आप सभी जिले वासियों का यह कार्य सदैव चीरस्मरीणय बनकर आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। जिला मुख्यालय बालोद के पर्यावरण पार्क में आज आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकात कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों, मितानिनों एवं आम नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर संपूर्ण जिले में आज वृहद पैमाने पर पौधरोपण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होने पर जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने पिछले वर्ष वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर संपूर्ण जिले में रोपे गए 01 लाख 74 हजार पौधों में से अधिकांश पौधे जीवित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने संपूर्ण जिले वासियों से रोपे गए सभी पौधों की देख-रेख हेतु समुचित उपाय करने की भी अपील की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी करने हेतु जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों के अलावा जिला प्रशासन, वन विभाग सहित जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों एवं संपूर्ण जिले वासियों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिले वासियों को पवित्र सावन माह के आगमन की भी बधाई दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिला प्रशासन के प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती चैधरी ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष प्रयासों से जिले में आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान सभी के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से सराहना की है। श्रीमती चैधरी ने कहा कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के कुशल नेतृत्व में बालोद जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय साय के वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर जल संचयन में भी वृद्धि के परिकल्पना को मूर्त रूप देने का कार्य किया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय है और आने वाली पीढ़ी को सदैव प्रेरणा देती रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि हम बालोदवासी आज रोपे गए पौधों का अपने बच्चे की तरह समुचित देखभाल करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने जिला प्रशासन के इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हेें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में डाॅ. पदम जैन, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो, उप वनमण्डलाधिकारी श्री एमसी डाहिरे, श्री किशोरी साहू सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों एवं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे। -
*महापौर मीनल चौबे के अनुरोध पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर नगर निगम को वार्डो में जलभराव की समस्या दूर करने आवश्यक नाली निर्माण कार्य सहित विकास कार्य तत्काल करवाने लगभग 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान करने की सहमति व्यक्त कर प्रस्ताव भेजने किया निर्देशित*
*महापौर मीनल एवं पार्षदों ने राशि तत्काल स्वीकृत करने पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया,अन्य विषयों पर पार्षदों ने विचार रखे, उपमुख्यमंत्री नेउन्हें किया आश्वस्त*रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम में सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी पार्षद दल के , नगर निगम रायपुर के समस्त पार्षदों ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव से सौजन्य भेंट कर राजधानी रायपुर शहर में विभिन्न मदों के अंतर्गत स्वीकृत एवं संचालित विकास कार्यों के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करते हुये उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।बैठक के दौरान महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम में जोन स्तर पर आयोजित बैठकों का उल्लेख करते हुए शहर में जलभराव एवं पेयजल व्यवस्था से संबंधित वार्ड स्तरीय आवश्यक कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने तत्काल सहमति व्यक्त करते हुए लगभग 10 करोड़ रूपये तक के आवश्यक विभागीय कार्य प्रस्ताव रायपुर नगर निगम में अविलम्ब तैयार कर उन्हें राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को तात्कालिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रशासनिक तौर पर भेजने के निर्देश दिए.महापौर श्रीमती मीनल चौबे के रायपुर नगर निगम को अतिरिक्त राशि देने तत्काल लगभग 10 करोड़ की राशि स्वीकृत करने प्रमुख रूप से स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड क्रमांक 44 में अम्बा मन्दिर एवं गद्दा लाईन के पास नाली निर्माण कार्य, भक्त माता कर्मा वार्ड क्रमांक 67 में कराके बार से कुशालपुर चौक तक नाली निर्माण कार्य, शहीद पंकज विक्रम वार्ड क्रमांक 58 में देवी लक्ष्मी हॉस्पिटल के पास नाली निर्माण कार्य, पण्डित मोतीलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 9 में श्मशानघाट में शेड निर्माण कार्य, रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 49 में श्रीराम मन्दिर के पास नाला निर्माण कार्य एवं अन्य वार्डो में विकास कार्यों हेतु नगर निगम रायपुर में तत्काल विभागीय कार्य प्रस्ताव बनाकर राशि स्वीकृति हेतु राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजने चर्चा में सहमति व्यक्त की गयी।बैठक में उपस्थित रायपुर नगर निगम के सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों एवं जनसमस्याओं से उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव को अवगत कराया।रायपुर नगर निगम भाजपा पार्षद दल के सचेतक एवं डीडी नगर वार्ड क्षेत्र के पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी ने रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था के केंद्रीयकरण को लागू करने से पूर्व इसकी विस्तृत समीक्षा एवं सभी पक्षों पर विचार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू एवं जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा ने रायपुर नगर निगम में जोनों के अधिकारों में हो रही कटौती के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का ध्यान आकृष्ट किया। वहीं जल विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने रायपुर शहर के लिए अतिरिक्त फिल्टरप्लांट एवं नई पानी टंकी की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।बैठक में रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेंद्र खोडियार, वार्ड पार्षद श्री प्रदीप वर्मा, श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, एल्डरमैन श्री मित्रसेन धीमान, श्री ऋषि साहू सहित रायपुर नगर निगम के अन्य जनप्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त करते हुए अपने सुझाव उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव को दिए ।उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव ने रायपुर नगर पालिक निगम के जनप्रतिनिधियों के सभी विचारों को गंभीरतापूर्वक सहृदयता से सुना तथा सभी उनकी सभी मांगों एवं सुझावों पर विभागीय स्तर पर आवश्यक चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लेने का उन्हें आश्वासन दिया। - -70 हजार से ज्यादा लोगों ने ली तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग, COTPA उल्लंघन पर 10.97 लाख रुपए जुर्मानारायपुर। तंबाकू के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चल रही मुहिम अब सिर्फ जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं रही है। राज्य में तंबाकू की रोकथाम से लेकर इसे छोड़ने के लिए काउंसलिंग, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने और कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई तक एक साथ काम किया जा रहा है। इसी समेकित प्रयास का असर है कि वर्ष 2025-26 में 70,440 लोगों ने तंबाकू छोड़ने के लिए काउंसलिंग ली, जबकि 6,563 लोगों को काउंसलिंग के साथ फार्माकोथेरेपी उपलब्ध कराई गई। युवाओं को तंबाकू से दूर रखने के लिए 4,577 नए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया, जिससे राज्य में ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़कर 14,948 हो गई है।अभियान का विशेष फोकस युवाओं को तंबाकू से दूर रखने पर रहा। Tobacco Free Educational Institution (ToFEI) अभियान के तहत वर्ष के दौरान 4,577 नए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया। पूर्व में घोषित 10,371 संस्थानों को मिलाकर राज्य में अब 14,948 शिक्षण संस्थान तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। इनमें शासकीय एवं निजी स्कूलों के साथ कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान शामिल हैं।तंबाकू नियंत्रण अभियान में कानून के प्रभावी पालन पर भी विशेष जोर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध के उल्लंघन पर वर्ष के दौरान 7,783 चालान कर 10,97,670 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को तंबाकू उत्पाद बेचने अथवा उनसे खरीदने के मामलों में 1,088 चालान तथा शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध 1,187 चालान किए गए।तंबाकू नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कृषि, शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग को भी जोड़ा गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण में 84 प्रतिभागियों, जबकि Tobacco Free Educational Institution से संबंधित प्रशिक्षण में 90 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिला स्तर पर भी वर्ष के दौरान 123 प्रशिक्षण गतिविधियों में 15,113 प्रतिभागियों की भागीदारी रही।तंबाकू सेवन से जुड़े मौखिक स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। इसके तहत 34 दंत चिकित्सकों को तंबाकू मुक्ति केंद्रों की सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया। वहीं वर्ष 2025-26 में मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 8,79,253 OPD सेवाएं और 3,60,263 दंत प्रक्रियाएं की गईं। कार्यक्रम के अनुसार OPD में 92 प्रतिशत उपलब्धि रही, जबकि दंत प्रक्रियाओं का निष्पादन निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत से अधिक रहा।तंबाकू नियंत्रण में जागरूकता, तंबाकू मुक्ति काउंसलिंग, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने और COTPA के प्रभावी क्रियान्वयन को एक साथ जोड़कर छत्तीसगढ़ ने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समेकित कार्यप्रणाली विकसित की है। यही समन्वित प्रयास राज्य की इस पहल को तंबाकू नियंत्रण की दिशा में एक प्रभावी कदम के रूप में सामने लाता है।
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महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को किया सख्त निर्देशित
*जोन कमिश्नर मानसून में किसी भी मुक्तिधाम परिसर में जलभराव की समस्या आने पर तत्काल जलभराव की समस्या दूर करने आवश्यक व्यवस्था वहाँ पहुंचकर करेंगे*रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोन कमिश्नरों को आज से प्रारम्भ सावन के पवित्र माह के दौरान शिव भक्त कावड़ियों की राजधानी शहर रायपुर में पवित्र कावड़ यात्रा के मार्गो में खुले में मांस का विक्रय तत्काल अपने - अपने जोन क्षेत्र के मार्गो में कड़ाई के साथ प्रतिबंधित करने के सख्त निर्देश दिए हैँ.आज ऑनलाइन बैठक लेकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजधानी शहर रायपुर के लाखेनगर चौक से महादेवघाट रायपुरा मार्ग के क्षेत्र का विशेष ध्यान प्रतिदिन सावन माह के दौरान सतत मॉनिटरिंग करते हुए रखने एवं खुले में मांस विक्रय करते पाए जाने पर सम्बंधित पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैँ.महापौर ने ऑनलाइन मीटिंग में जोन कमिश्नरों को जोन अंतर्गत किसी भी मुक्तिधाम परिसर में मानसून के दौरान जल का भराव होने पर तत्काल वहाँ पहुंचकर जलभराव की समस्या दूर करने त्वरित आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से करवाने स्पष्ट निर्देशित किया है. - -धमतरी में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक- बाढ़ आपदा से निपटने के दिए पुख्ता निर्देश-मंत्री ने हितग्राहियों को सौंपे स्वामित्व कार्ड और जाति प्रमाण पत्ररायपुर /छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष धमतरी में कल आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वामित्व कार्ड और भूमि डायवर्सन जैसे जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने 5 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड तथा 5 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र का वितरण भी किया।मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने संभावित बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाए। राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की सुरक्षा के लिए संसाधन और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित हो।बैठक के दौरान मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल का वितरण समय पर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। वहीं, कृषि विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून और बोआई के इस मौसम में किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ आम जनता तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में 200 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल, नेत्र एवं ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज का निर्माण प्रगति पर है। इसी तरह सड़क, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर, रेलवे, औद्योगिक पार्क और पर्यटन विकास के कार्यों को आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंदों को मिल रहा सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन-जशपुर के सुनील पांडेय की बदली जिंदगी, कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का प्रेरक सफररायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप गरीब और आवासविहीन परिवारों का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। यह योजना केवल एक मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार भी प्रदान कर रही है।जशपुर जिले के तपकरा निवासी सुनील पांडेय की कहानी इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल है। कभी उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के मौसम में टपकती छत, भीगता सामान और असुरक्षित वातावरण उनके लिए हर साल बड़ी परेशानी बन जाता था। परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का सपना आर्थिक अभाव के कारण अधूरा ही रह जाता था ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुनील पांडेय को पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त सहायता के माध्यम से उन्होंने अपना नया घर बनवाया। आज उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहा है।सुनील पांडेय बताते हैं कि पक्का घर मिलने के बाद उनके परिवार की सबसे बड़ी चिंता समाप्त हो गई है। अब बरसात का मौसम डर नहीं, बल्कि सुकून लेकर आता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल एक घर ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और नए विश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर भी दिया है।प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है। पक्के आवास के माध्यम से गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य का मजबूत आधार मिल रहा है, जिससे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिल रही है।
- -चार ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 8.44 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति-बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार को मिलेगा नया संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जशपुर जिले को एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान के अंतर्गत जिले के चार प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए कुल 8 करोड़ 44 लाख 68 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। शासन के इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में उत्साह और खुशी का माहौल है।राज्य शासन द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार बुलडेगा से रेचवाघाट पहुंच मार्ग (1.20 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 1 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस सड़क के निर्माण से ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा दैनिक आवागमन में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।इसी प्रकार खुंटापानी से सलियामुड़ा पहुंच मार्ग (3 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 3 करोड़ 46 लाख 67 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मार्ग कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क बनने से विद्यार्थियों को विद्यालय, मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तथा किसानों को कृषि उपज के परिवहन में बेहतर सुविधा मिलेगी।कोसमभावना से बनगांव पहुंच मार्ग (1.20 किलोमीटर) के निर्माण, जिसमें पुल-पुलिया का निर्माण भी शामिल है, के लिए 1 करोड़ 43 लाख 84 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान होगा और ग्रामीणों को पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त बुलडेगा मेन रोड से सुकबासुपारा होते हुए भिंजपुर पहुंच मार्ग (2.50 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 2 करोड़ 30 लाख 40 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के अनेक गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ग्रामीणों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों और मरीजों का आवागमन सुगम होगा तथा स्थानीय व्यापार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
- -संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा के 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत अम्बिकापुर होते हुए रायपुर पहुँचेगा पवित्र कलश-प्रदेश महामंत्री व जयंती कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने बताया : 31 जुलाई दिन को कलश पूजन का कार्यक्रम आयोजित कर कलश स्थापना की जाएगीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के निमित्त आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत वाराणसी से पवित्र माटी एवं जल लेकर निकला भाजपा का प्रतिनिधिमण्डल कल 31 जुलाई को राजधानी पहुँचेगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं संत रविदास जयंती कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने यह जानकारी दी।भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सोनी ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि संत रविदास के समरस समाज के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह पवित्र कलश अगले चरण में प्रदेश के सभी जिलों में जाएगा। श्री सोनी ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ने समाज से भेदभाव को मिटाकर बंधुत्व और समरसता का मार्ग दिखाया था। उनकी 650वीं जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर वाराणसी से लाई गई पवित्र माटी का स्वागत अभियान प्रदेश के प्रत्येक जिले में निरंतर चलाया जाएगा। श्री सोनी ने बताया कि अम्बिकापुर में भव्य स्वागत के पश्चात यह यात्रा जगह-जगह जन-अभिनंदन स्वीकार करते हुए बिलासपुर पहुँचेगी। बिलासपुर में रात्रि विश्राम के बाद कल 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे बंजारी माता मंदिर रायपुर पहुँचेगा एवं शहर की प्रमुख स्थानों से होते हुए दोपहर 1 बजे यह यात्रा राजधानी रायपुर स्थित श्री राम मंदिर पहुँचेगी जहाँ पूज्य साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति में पवित्र कलश, वाराणसी की माटी का विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया जाएगा। श्री राम मन्दिर में पूजन के पश्चात यह पवित्र कलश प्रदेश भाजपा के सभी संगठन जिलों में दर्शन एवं पूजन हेतु पहुँचाया जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश में समरसता और सद्भाव का वातावरण निर्मित हो सके।कलश वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय होंगे शामिलश्री सोनी ने बताया कि 31 जुलाई राम मंदिर में विशेष पूजा कार्यक्रम के पश्चात 4 अगस्त पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम में कलश वितरण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश के साधु-संत एवं विभिन्न समाजों के समाज प्रमुख उपस्थित रहेंगे। ये कलश प्रदेश के 36 संगठन जिला के जिलाध्यक्षों को सौंपे जाएंगे, जिसके बाद प्रदेश के 479 मण्डलों में कलश वितरण का कार्यक्रम होगा। श्री सोनी ने बताया कि पूरे प्रदेश में आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम का गठन किया गया है जो समरसता अभियान को जनअभियान बनाने में जुटी हुई है।












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