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- -ग्राम पंचायत ककनी के 9 ग्रामीणों को मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायत ककनी, विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर में नागरिकों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराते हुए 9 ग्रामीणों को विवाह प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह पहल ग्रामीणों को शासन की सेवाएं उनके द्वार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे पहले विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को कई बार कार्यालयों से संपर्क करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब आवेदन प्रक्रिया सरल, ऑनलाइन एवं समयबद्ध होने से नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है।विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद हितग्राहियों को अब राशन कार्ड में नाम जोड़ने, जॉब कार्ड बनवाने, महतारी वंदन योजना का फॉर्म भरने, आधार कार्ड में नाम सुधरवाने, श्रमिक कार्ड का पंजीयन, वोटर कार्ड में संशोधन करवाने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी हुई है।यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- भिलाई। निगम आयुक्त एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 01, वार्ड क्रमांक 17 स्थित आकाशगंगा प्रतिष्ठान एवं सब्जी मंडी क्षेत्र में विशेष जांच व चालानी कार्रवाई अभियान चलाया गया।कार्रवाई के दौरान दुकानों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, प्रतिष्ठानों के आसपास गंदगी फैलाना तथा मंडी में अवैध रूप से दुकानों के सामने सामान रखकर सड़क बाधित करने वालों पर सख्त रुख अपनाते हुए कुल ₹4,200 का सड़क बाधा व जुर्माना शुल्क वसूला गया।जगन्नाथ नाश्ता सेंटर गंदगी व साफ-सफाई न रखने पर – 400 रुपए, राजेश चाय ठेला सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर – 100 रुपए,महादेव फर्नीचर, अवैध रूप से सड़क बाधित करने पर – 50 रुपए, मेवा लाल गुपचुप ठेला सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर –200 रुपए, श्री राम फर्नीचर सड़क बाधित करने पर – 50 रुपए, मोहन भाई सब्जी सेंटर सड़क बाधित करने पर – 200 रुपए, लाल मणि यादव (ड्राइवर) सड़क बाधा उत्पन्न करने पर – 200 रुपए, रज्जू पोल्ट्री फार्म अवैध रूप से वाहन खड़े कर सड़क बाधित करने पर – 3,000 रुपए कुल वसूल की गई राशि 4,200 रुपए है।कार्रवाई के दौरान पोल्ट्री फार्म मालिक द्वारा लिखित व मौखिक रूप से यह आश्वासन दिया गया कि दो दिनों के भीतर मंडी क्षेत्र में मुर्गियों से भरी गाड़ियां खड़ी करना बंद कर दिया जाएगा। निगम की टीम ने मंडी परिसर में सभी वाहन चालकों व व्यापारियों को सख्त समझाइश दी कि सड़क पर अवैध ढंग से वाहनों की पार्किंग न करें। भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर गाड़ियों को जब्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम भिलाई सभी व्यापारियों एवं नागरिकों से अपील करता है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करें, दुकानों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और सड़क पर अतिक्रमण या अवैध पार्किंग न करें।
- -हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशरायपुर / पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी एवं सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समीक्षा बैठक लेकर योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीएसपीडीसीएल के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कलेक्टर डॉ. सिंह ने बैंकों को आवेदन सोर्सिंग बढ़ाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी अनावश्यक बाधा के समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आवेदन को बिना ठोस कारण के अस्वीकृत नहीं किया जाए। यदि किसी कारणवश आवेदन निरस्त किया जाता है, तो संबंधित आवेदक को अस्वीकृति का स्पष्ट कारण अनिवार्य रूप से बताया जाए।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने बैंक, सीएसपीडीसीएल और वेंडरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए योजना की स्वीकृति, ऋण वितरण एवं सोलर इंस्टॉलेशन की साप्ताहिक समीक्षा निरंतर जारी रखने की बात कही।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत आम नागरिकों को लाभ प्राप्त करने एवं ऋण लेने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।बैठक में लीड बैंक मैनेजर श्री मोहम्मद मोफिज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -अब तक 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय हाई स्कूल कोलार में 131 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बोहारडीह में 48 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला धरमपुरा में 126 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा हाई स्कूल भुमिया में 336 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1, रायपुर में 250 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा बिन्नी बाई सोनकर, भाठागांव में 294 बच्चों तथा अर्बन टीम डी द्वारा हाई स्कूल तिलकनगर, गुढ़ियारी में 206 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 1391 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- -शिक्षण उत्सव 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर - सीईओ-संकुल स्कूल शिक्षक एवं बीईओ को किया गया सम्मानित-वीबी जीरामजी से स्कूलों में बनाए जाएंगे अतिरिक्त कक्ष एवं गर्ल्स टॉयलेटकेपीआई से होगा शिक्षकों का मूल्यांकनरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह समग्र शिक्षा अभियान और आचार्य विनोबा भावे फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित शिक्षण उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन और जिला शिक्षा अधिकारी श्री सतीश नायर उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर बढ़े रायपुर लिखे रायपुर के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले संकुल, विकासखण्ड, स्कूल और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर डॉ. सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है शिक्षक अपने स्कूलों में ऐसा कार्य करें कि उनके नाम और काम से पूरा स्कूल जाना जाए। उनके शिक्षण कार्य और उनके मार्गदर्शन पर बच्चों का भविष्य निर्भर करता है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि “जिस दिन शिक्षक अपने अंदर छिपे गुरु भाव को जागृत कर ले, उस दिन शिक्षा की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर बढ़े रायपुर लिखे रायपुर और प्रोजेक्ट उत्कर्ष की सराहना करते हुए कहा कि अब जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों का मूल्यांकन केपीआई (Key Performance Indicator) के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही एक अतिरिक्त पैरामीटर ‘पब्लिक ओपीनियन’ भी रखा जाएगा, जिसके तहत जिस क्षेत्र में स्कूल है वहां के नागरिकों से भी फीडबैक लिया जाएगा।कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं हो वहां वीबी जीरामजी के तहत गर्ल्स टॉयलेट के साथ-साथ रनिंग वॉटर की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायतों केे जिन स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष नहीं है वहां भी वीबी जीरामजी के तहत आवश्यकतानुसार कक्ष का निर्माण कराया जाएगा।कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इंग्लिश में केवल टीचर एक शब्द है, लेकिन हिन्दी में इसी शब्द के चार अलग शब्द है। जिसमें पहला शब्द अध्यापक जो केवल अध्यापन कराता है। दूसरा शब्द है शिक्षक जो अध्यापन के साथ-साथ शिक्षा भी देता है। तीसरा शब्द है आचार्य, जो पढ़ाता भी है शिक्षा भी देता है और आचरण पर भी नजर बनाए रखता है और चौथा शब्द है गुरू जो उसकी सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर काम करता है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने शिक्षकों को कहा कि बच्चियों एवं उनके पालकों में एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूकता लाएं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट धड़कन की तरह बच्चों के रक्त जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है जिसके माध्यम से बच्चों का सिकलसेल, सीबीसी, हीमोग्लोबिन, किडनी फंक्शन टेस्ट, लीवर फंक्शन टेस्ट एवं विटामिन डी और बी12 सहित अन्य जांच किया जाएगा। साथ ही जांच के पश्चात् बच्चे के ठीक होने तक लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ श्री बिश्वरंजन ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और भविष्य निर्माण में शिक्षक की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक कभी साधारण नहीं होता है। उन्होंने कहा कि अगर आज हम एक भवन बनाते हैं तो वह लगभग 50 साल तक सलामत रहेगा लेकिन अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जाए तो वह पीढ़ी दर पीढ़ी बच्चों तक पहुंचे और आगे बढ़ेगी। वह विद्यार्थियों का हमेशा पथ प्रदर्शक होता है एवं विद्यार्थी हमेशा अपने शिक्षक को देख कर ही सीखते हैं।कार्यक्रम में डीएमसी श्री अरूण कुमार शर्मा सहित सभी बीईओ एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।
- -1.08 लाख रुपये मिली सब्सिडी, बिजली बिल भी हुआ शून्यबिलासपुर /प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत के साथ अतिरिक्त आय का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। बिलासपुर शहर के तेलीपारा निवासी ’’श्री शैलेन्द्र साहू’’ इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपने घर का बिजली बिल शून्य करने में सफल हुए हैं, बल्कि सोलर संयंत्र से बची हुई बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।श्री साहू ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया। इसके लिए उन्हें 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे संयंत्र लगाने का खर्च काफी कम हो गया। सोलर सिस्टम शुरू होने के बाद उनके घर की बिजली की आवश्यकता पूरी तरह सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी और उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि घरेलू उपयोग के बाद बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के माध्यम से विद्युत वितरण कंपनी के ग्रिड में चली जाती है। इसके बदले श्री साहू को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। इस प्रकार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना उनके लिए दोहरा लाभ लेकर आई है, एक ओर बिजली बिल की बचत और दूसरी ओर अतिरिक्त आमदनी। श्री शैलेन्द्र साहू का कहना है कि पहले हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब बिजली खर्च लगभग समाप्त हो गया है। साथ ही अतिरिक्त बिजली बेचने से नियमित आय भी हो रही है। उन्होंने बताया कि योजना की आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही तथा सब्सिडी सीधे उनके खाते में प्राप्त हुई।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ उठाएं। यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का भी उत्कृष्ट माध्यम है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान और राज्य सरकार द्वारा 30000 तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
- -गुणवत्ता एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-अन्नपूर्णा' ग्रेन एटीएम से हितग्राहियों को त्वरित मिलेगा राशनबिलासपुर / पीडीएस सिस्टम को अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में बिलासपुर के सरकंडा में निर्माणाधीन 'अन्नपूर्णा' ग्रेन एटीएम का आज संचालक खाद्य, छत्तीसगढ़ शासन श्रीमती फरिहा आलम सिद्दीकी ने आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता तथा तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती सिद्दीकी ने कहा कि ग्रेन एटीएम शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक एवं गरिमापूर्ण तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा सभी आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के संचालन से हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मशीन के माध्यम से आसानी से प्राप्त होगा। जिस तरह से एटीएम बूथ से कभी भी पैसे निकालते हैं, उसी तरह इस बूथ से कभी भी पहुंचकर राशन निकाला जा सकता है। इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, समय की बचत होगी, मानव हस्तक्षेप कम होगा तथा खाद्यान्न वितरण में सटीकता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।निरीक्षण के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी श्री राजीव लोचन तिवारी, जिला प्रबंधक नान श्री नितिन दीवान, नगर निगम के अभियंता श्री रमनदीप छाबड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।संचालक खाद्य ने सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रेन एटीएम का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण कर आम नागरिकों को इसका लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- बिलासपुर । कृष्णा पब्लिक स्कूल, कोनी में स्काउट-गाइड विद्यार्थियों के लिए दीक्षा संस्कार कार्यक्रम एवं "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान के तहत वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्काउट-गाइड की गतिविधियों का प्रदर्शन किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक राज्य आयुक्त (स्काउट) विजय कुमार यादव थे। विशिष्ट अतिथियों में सहायक जिला आयुक्त (गाइड) आरती राय, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) महेंद्र बाबू टंडन, मुरली मोहन दास एवं विकास लहरे शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या रुनकी अम्बष्ट ने की, जबकि उप-प्रधानाचार्य रमन मिश्रा के निर्देशन में कार्यक्रम का संचालन संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि विजय कुमार यादव ने कहा कि स्काउट-गाइड बच्चों में चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मरक्षा और सेवा भावना का विकास करता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए प्रत्येक व्यक्ति से वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रणव शर्मा, नितेश लोनीया, एस. हेमलता, पदमा गुप्ता सहित स्काउट-गाइड टीम एवं विद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
- -सभी एजेंसियों एवं ठेकेदारों को उपस्थित रहने के निर्देशबिलासपुर / कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSM) के अध्यक्ष संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में 29 जुलाई को सवेरे 10 बजे कलेक्टोरेट के मंथन सभाकक्ष में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े सभी कार्यकारी एजेंसियों एवं ठेकेदारों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।पीएचई विभाग के ईई रूपेश धनंजय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार बैठक में मिशन के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसमें सीआईआरपी के तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्यों की प्रगति, पूर्ण हो चुकी 219 योजनाओं के भुगतान की स्थिति एवं लंबित प्रकरण, विद्युत, जल स्रोत एवं हर घर जल (HGJ) योजनाओं के हस्तांतरण से संबंधित विषयों के साथ तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं के निराकरण पर प्रमुख रूप से चर्चा होगी। सभी कार्यकारी एजेंसियों एवं ठेकेदारों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी योजनाओं की अद्यतन प्रगति, आवश्यक अभिलेखों तथा लंबित बिंदुओं की जानकारी के साथ स्वयं अथवा अधिकृत सक्षम प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहें।
- - महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद डॉ. ब्राह्मणे ने जोर देकर कहा- बारिश में बढ़ता है वात दोष, सावधान रहेंरायपुर। बारिश के दिनों में लोगों का स्वास्थ्य खराब होना आम बात है। ज्यादातर लोग सर्दी, खांसी, बुखार जैसी वायरल बीमारियों से पीड़ित होते हैं और डाॅक्टरी सलाह या तत्काल राहत पाने के लिए खुद ही एलोपैथिक मेडिसिन लेकर खा लेते हैं। उन लोगों को यह बिल्कुल एहसास नहीं होता है कि बारिश के मौसम में बीमार होने का सबसे बड़ा कारण खानपान में लापरवाही होता है। मानसून में ज्यादा वसायुक्त भोजन कहीं न कहीं बीमारियों को न्यौता देता है। वहीं आयुर्वेद के अनुसार बारिश के दिनों में लोगों में वात दोष की शिकायत बढ़ जाती है और पाचन शक्ति (अग्नि) कमजोर हो जाती है। इस समय शरीर में रोगों की आशंका अधिक रहती है। इसलिए आयुर्वेद में बारिश के मौसम में पंचकर्म, विशेषकर बस्ती कर्म के लिए अत्यंत उपयुक्त माना गया है। महाराष्ट्र मंडल की सभासद और जनरल फिजिशियन, आयुर्वेद तज्ञ, गर्भ संस्कार कोच डॉ. पपीता ब्राह्मणे ने सेहत को लेकर इस आशय कीमत जानकारी दी।डॉ. पपीता के अनुसार आमतौर पर लोग पंचकर्म के लिए तभी आते हैं, जब उनकी समस्या ज्यादा बड़ी या एलोपैथिक दवायों से मिली राहत से वे संतुष्ट नहीं होते। पंचकर्म आयुर्वेद की एक विशेष शोधन (डिटाॅक्सीफिकेशन) और शुद्धिकरण चिकित्सा है, जिसका उद्देश्य शरीर में संचित दोषों (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करना व विषैले पदार्थों (आम) को बाहर निकालना है। पंचकर्म केवल शरीर की सफाई ही नहीं करता, बल्कि रोगों की रोकथाम, उपचार तथा स्वास्थ्य संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।डॉ. पपीता ने बताया कि पंचकर्म के पांच प्रमुख प्रकार हैं, जैसे वमन यानी कफ दोष का शोधन, विरेचन मतलब पित्त दोष का शोधन, बस्ती से वात दोष का प्रमुख उपचार होता है। वहीं नस्य से नाक के माध्यम से सिर एवं गर्दन के रोगों का उपचार और रक्तमोक्षण के माध्यम से चयनित रोगियों के दूषित रक्त का शोधन किया जाता है। पंचकर्म वात दोष को संतुलित करता है। शरीर से विषैले तत्व (आम) बाहर निकालता है। जोड़ों एवं कमर के दर्द में लाभकारी। इम्युनिटी पावर बढ़ाता है और पाचन शक्ति में सुधार करता है।मानसून में हल्का व ताजा भोजन ही करें।डॉ. पपीता ब्राह्मणे ने कहा लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए बारिश के दिनों में अपने भोज्य पदार्थों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बारिश के दिनों में हल्का और ताज़ा भोजन करें। मूंग दाल की खिचड़ी, गरम सूप, पुराना चावल और गेहूँ, उबला या गुनगुना पानी, अदरक, जीरा, धनिया, हल्दी, काली मिर्च जैसे मसालों का सीमित उपयोग, मौसमी सब्जियां अच्छी तरह पका कर खाना चाहिए। इन दिनों बासी भोजन, तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन, ठंडे पेय एवं बर्फ, अत्यधिक दही (विशेषकर रात में), फास्ट फूड एवं जंक फूड, अधिक मिठाई एवं भारी भोजन से परहेज करना चाहिए।
- - मंडल के 225 पदाधिकारियों सहित कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाएंगे विधानसभाध्यक्षरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वर्ष 2026 – 28 के नए कार्यकाल की सर्वसम्मति से निर्वाचित व मनोनीन कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार, 26 जुलाई को शाम 5:30 बजे आयोजित किया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं को समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शपथ दिलाएंगे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के प्रबंध संचालक भीमसिंह कंवर होंगे। जबकि अध्यक्षता महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे।उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल भवन की छत पर लगाया गए 100 केवी के सोलर प्लांट का उद्घाटन भी विधानसभाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सीएसपीडीसीएल के जनरल मैनेजर भीमसिंह कंवर के साथ करेंगे। इस मौके पर विभिन्न समितियों और महिला केंद्रों के पदाधिकारियों के रंगबिरंगे परंपरागत व मराठी संस्कृति को दर्शाते ड्रेस कोड कार्यक्रम को खास बनाएंगे। साथ ही मुख्य अतिथि डॉ. रमन का प्रेरक संबोधन पदाधिकारियों के लिए दो साल तक मार्गदर्शन का काम करेगा।'अभंगवारी' दोपहर 3:30 बजे सेइधर प्रेम उपवंशी ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र मंडल के शपथ ग्रहण समारोह के पहले दोपहर 3:30 बजे से आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर ‘अभंगवारी’ का भक्तिमय कार्यक्रम होगा। इसमें मंडल से जुड़े विशेषज्ञ गायकों को श्रद्धालु श्रोता विट्ठल भगवान के भजनों व भाव गीत गाते हुए देखने का आनंद ले सकेंगे। मंडल में प्रतिवर्ष होने वाले इस परंपरागत संगीतमय आयोजन की आध्यात्मिक समिति के सदस्यों के साथ संगीतप्रेमी श्रोता भी बेसब्री से इंतजार करते हैं। अध्यक्ष अजय काले और सचिव चेतन दंडवते ने महाराष्ट्र मंडल के सभासदों सहित आमजनों से दोनों ही आयोजनों में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।
- - महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों को कार्यभार सौंपे जाने की विशेष बैठक में नए कार्यकाल के रोडमेप पर चर्चा भीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के नए कार्यकाल (2026-28) के पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से सचिव चेतन दंडवते ने अवगत कराया और कार्यभार सौंपा। छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आहूत बैठक में अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल की विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों और महिला केंद्रों की संयोजिकाओं, सह संयोजिकाओं की संख्या 225 से भी अधिक है। ऐसे में यदि सभी पदाधिकारियों ने समर्पण भाव से अपने दायित्वों का निवर्हन किया, तो किसी भी कार्यक्रम में दर्शकों की कमी महसूस ही नहीं होगी।काले ने कहा कि प्रत्येक समिति को न्यूनतम दर्शकों को कार्यक्रमों में लाने की जिम्मेदारी दी है। साथ ही छह माह में कम से कम 25 नए सभासदों को महाराष्ट्र मंडल से जोड़ने का टारगेट भी दिया गया है। नए लोग संस्था से जुडेंगे, तो नए विचारों के साथ नई योजनाओं पर भी चर्चा और प्लानिंग होगी। अध्यक्ष ने कहा कि जरूरी नहीं कि सारे कार्यक्रम आपके पसंद के हों। यदि ऐसा कोई आयोजन, जिसमें आपकी रुचि नहीं है, फिर भी ये नहीं भूलना चाहिए कि उसमें मंडल की ही नहीं, बल्कि पदाधिकारी के रूप में आपकी भी प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे कार्यकाल में सभी 17 समितियों का दायित्व है कि वे पूरी सक्रियता के साथ अपनी सकारात्मक उपस्थिति दर्ज कराएं और दूसरी समितियों के कार्यक्रमों को भी सफल बनाने की नैतिक जिम्मेदारी लें।काले ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह की गरिमा का विशेष ध्यान रखना है। हमें प्रयास करना है कि शपथ ग्रहण का प्रोटोकाल हमें फालो करना है, ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मंडल ने इस वर्ष जनवरी से सियान गुड़ी और पिछले महीने हाईटेक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन शुरू किया गया। महाराष्ट्र मंडल आगे गोशाला और गुरुकुल प्रारंभ करने की दिशा में भी कार्य करने जा रहा है।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि मंडल भवन के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 17 समिति और 17 महिला केंद्रों के पदाधिकारी भी शपथ ग्रहण करेंगे। पहली बार महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति गठित की गई है। इस समिति के समन्वयक अभिषेक बक्षी के नेतृत्व में सभी पदाधिकारी भी शपथ लेंगे। कार्यकारिणी के 14 सदस्यों के साथ अलग- अलग समिति और महिला केंद्रों की टीमें अपने- अपने समूहों में शपथ लेंगी।
- -केंद्रीय समिति में छत्तीसगढ़ को मिला अवसर, समिति में सांसद रूप कुमारी चौधरी एवं अनुराग सिंहदेव शामिलरायपुर। भारतीय जनता पार्टी आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'हर घर तिरंगा एवं तिरंगा यात्रा अभियान' (11 से 15 अगस्त) आयोजित करने जा रही है। अभियान के सुचारू संचालन, क्रियान्वयन एवं समन्वय हेतु प्रदेश स्तर पर समिति का गठन कर दायित्वों की घोषणा की गई है। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने यह जानकारी दी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के निर्देशानुसार प्रदेश स्तर पर अभियान के क्रियान्वयन हेतु गठित समिति में संयोजक यशवंत जैन, सह-संयोजक सतीश लाठिया सहित जितेन्द्र वर्मा, श्रीमती विभा अवस्थी व राहुल टिकरिहा सदस्य नियुक्त किए गए हैं। डॉ. मार्कण्डेय ने बताया कि इससे पहले इस अभियान की केंद्रीय समन्वय समिति मे छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव को शामिल किया गया है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि 'हर घर तिरंगा अभियान' के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुँचाने हेतु प्रदेशभर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- -प्रशासनिक सेवा संघ ने मुख्यमंत्री के नाम संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापनबिलासपुर । छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की जिला इकाई बिलासपुर ने संभागायुक्त श्री सुनील जैन से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में प्राकृतिक आपदा राहत, विशेषकर सर्पदंश जनित मृत्यु के आर्थिक सहायता प्रकरणों में राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को अनावश्यक रूप से आपराधिक जांच में शामिल किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई।संघ ने कहा कि यदि किसी प्रकरण में मिथ्या शपथपत्र, जाली हस्ताक्षर, फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कूटरचित दस्तावेज अथवा अन्य असत्य अभिलेखों के आधार पर न्यायालय से आदेश प्राप्त किए गए हैं, तो कार्रवाई का केंद्र वास्तविक दोषी व्यक्ति हों, न कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वैधानिक आदेश पारित करने वाले राजस्व न्यायालय के अधिकारी। ज्ञापन में कहा गया कि प्राकृतिक आपदा राहत प्रकरणों में राजस्व न्यायालय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेते हैं। ऐसे में यदि बाद में दस्तावेज फर्जी या कूटरचित पाए जाते हैं तो उनकी जवाबदेही दस्तावेज तैयार करने, प्रमाणित करने अथवा प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों की होनी चाहिए।संघ ने मांग की कि सर्पदंश राहत प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायालय को गुमराह करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 227 से 231 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन सुनिश्चित किया जाए तथा ऐसे मामलों को केवल सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि "Fraud upon the Court" (न्यायालय से छल) के रूप में देखा जाए।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों एवं राज्य शासन के 14 अक्टूबर 2024 के दिशानिर्देशों का भी अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए जिसमें राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को विधिक संरक्षण प्राप्त है। बिना प्रत्यक्ष एवं ठोस साक्ष्य के केवल न्यायिक आदेश पारित करने के आधार पर उनके विरुद्ध आपराधिक उत्तरदायित्व निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए।
संघ ने राज्य शासन से मांग की कि सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं कि प्राकृतिक आपदा राहत प्रकरणों की विवेचना के दौरान राजस्व न्यायालयों की न्यायिक स्वतंत्रता एवं विधिक संरक्षण का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिस, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के बीच समन्वित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर लागू किया जाए, ताकि राहत योजनाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी, अपर कलेक्टर डॉ.ज्योति पटेल, एसडीएम श्री मनीष साहू, श्री प्रवेश पैकरा, शिवकुमार कंवर,श्री नितिन तिवारी, डिप्टी कलेक्टर श्री गबेल सहित प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की संस्कृति समिति आषाढ़ी एकादशी पर भक्ति व भाव गीतों का संगीतमय कार्यक्रम 'अभंगवारी' रविवार, 26 जुलाई को दोपहर 03:30 बजे आयोजित कर रही है। समिति के पदाधिकारी प्रेम उपवंशी ने बताया कि संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित यह कार्यक्रम चंद्रशेखर सुरावधनीवार के मार्गदर्शन में हो रहा है। इसमें हमें हिना देशपांडे, कल्याणी देसाई, चैतन्य जोगलेकर, श्रीकांत कोरान्ने और अंजलि कान्हे की सुमधुर आवाज में विट्ठल भगवान के भजन व भावगीत सुनने को मिलेंगे। इन्हें तबले पर अनुराग सिंह और की- बोर्ड पर सत्या मुद्लियार का साथ मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन गौरी क्षीरसागर करेंगी। अध्यक्ष अजय काले और सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों, सभासदों सहित आमजनों से बड़ी संख्या में 'अभंगवारी' में शामिल होने का आग्रह किया है।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वर्ष 2026 – 28 के नए कार्यकाल की सर्वसम्मति से निर्वाचित व मनोनीन कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार, 26 जुलाई को शाम 5:30 बजे आयोजित किया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं को समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शपथ दिलाएंगे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि छत्तीसगढ़़ स्टेट पावर वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर होंगे। जबकि अध्यक्षता महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे। इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल भवन की छत पर लगाया गया 100 केवी के सोलर प्लांट का उद्घाटन भी डॉ. रमन सिंह, भीमसिंह कंवर के साथ करेंगे।
- -एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों का शत प्रतिशत पंजीयन कराने तथा खाद, बीज की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शुक्रवार 25 जुलाई को जनपद पंचायत कार्यालय गुरूर के सभाकक्ष में राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन के कार्य को अत्यंत आवश्यक बताते हुए राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्धारित समयावधि तक जिले के शत प्रतिशत कृषकों के प्रत्येक खातों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने मौजूदा खरीफ सीजन के मद्देनजर जिले में खाद, बीज की समुचित भण्डारण एवं वितरण के कार्यों की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा किसानों के लिए जिले में समुचित मात्रा में खाद एवं बीज का भण्डारण किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी कृषकों को पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज की उपब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्री आरके सोनकर, तहसीलदार श्री हेमंत पैकरा, नायब तहसीलदार श्री रमेश मण्डावी के अलावा कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों तथा खाताधारकों के संख्या के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए सभी कृषकों का शीघ्र पंजीयन कराने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि शासन के मंशानुरूप किसानों को शासकीय योजना का समुचित लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल में अपने प्रत्येक खातों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके अभाव में किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होगी। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को जिले के शत प्रतिशत कृषकों के प्रत्येक खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु कोटवारों के माध्यम से मुनादी तथा शिविर आदि के माध्यम से इसका समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को सहकारी समितियों में सतत संपर्क स्थापित कर किसानों को इसके संबंध में जानकारी भी प्रदान करने के निर्देश दिए।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए गुरूर विकासखण्ड में नक्शा बटांकन एवं स्वामित्व योजना के बेहतर कार्यों की सराहना भी की। इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अभिलेख दुरस्तीकरण तथा एसडीएम तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के कोर्ट में प्रकरणों के निराकरण के स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समायवधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए गुरूर ब्लाक में धान के रोपाई आदि के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने गन्ना फसल के क्षेत्राच्छान के संबंध में जानकारी लेते हुए इनके रकबा में बढ़ोतरी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। जिले में खाद, बीज की समुचित उपलब्धता के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में नैनो युरिया एवं नैनो डीएपी का भण्डारण किया गया है। उन्होंने किसानों को अन्य खाद के साथ नैनो युरिया एवं नैनो डीएपी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने अधिकारी-कर्मर्चारियों से बालोद जिले में 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होेंने कहा कि इस दौरान महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया गया है। इस मौके पर महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा पौधरोपण करने इच्छुक अन्य महिलाओं के द्वारा भी अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के इस पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
- दुर्ग। कारगिल विजय के अमर योद्धा एवं शहीद कौशल यादव की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भिलाई के हुडको स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद कौशल यादव के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए शहीद कौशल यादव द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और देश उनके अमूल्य योगदान का हमेशा ऋणी रहेगा।इस अवसर पर मंत्री श्री यादव ने शहीद कौशल यादव के परिजनों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके प्रति अपनी संवेदनाएँ और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है और सरकार उनके साथ सदैव खड़ी है।कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ आर्मी पब्लिक वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्य, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कारगिल के वीर सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
- -मरीजों के लिए अस्पताल में जल्द ही एसडीपी की सुविधाबिलासपुर /कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से अत्याधुनिक ब्लड सेंटर के संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त हो गया है। यह महत्पपूर्ण उपलब्धि जिला प्रशासन, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग के सतत सहयोग एवं मागदर्शन से प्राप्त हुई है।अस्पताल में स्थापित यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर एनटीपीसी सीपत द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत निर्मित किया गया है। आधुनिक उपकरणों और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार यह रक्त केंद्र प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सबसे उन्नत ब्लड सेंटर के रूप में स्थापित हुआ है। इसकी स्थापना एवं विकास में संचालक प्राध्यापक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा ब्लड बैंक के क्षेत्र में उनके 25 वर्षों के अनुभव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस ब्लड सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पहला ऐसा केंद्र बनेगा, जहां सिंगल डोनर प्लेटलेट तैयार करने और मरीजों को उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा डेंगू, कैंसर, बोन मैरो प्रत्यारोपण, थैलेसीमिया और गंभीर रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों के उपचार में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इससे मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सकेंगी और निजी संस्थानों पर उनकी निर्भरता कम होगी।अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस ब्लड सेंटर का उद्देश्य केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त और रक्त अवयव उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय ट्रांसफ्यूजन सेवाएं प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एसडीपी सुविधा की शुरुआत शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन बिलासपुर, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन तथा एनटीपीसी सीपत का आभार व्यक्त किया है। अस्पताल का मानना है कि यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर न केवल बिलासपुर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सुविधा सिद्ध होगा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगा।
- -महज 8 दिनों में सुधरा हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कानबिलासपुर /मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन बिलासपुर की सक्रिय पहल और विभागों की समयबद्ध कार्यवाही से लोगों को शीघ्र राहत मिल रही है। विकासखंड बिल्हा के ग्राम धमनी में खराब पड़े सार्वजनिक हैंडपंप की महज आठ दिनों में मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना इसका एक प्रेरक उदाहरण है।ग्राम धमनी निवासी श्री राहुल यादव ने 28 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले का सार्वजनिक हैंडपंप लगभग दो माह से खराब होने के कारण पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।विभाग के तकनीकी दल ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप का निरीक्षण किया और खराबी का परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ किया। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 6 जुलाई 2026 को हैंडपंप को पूरी तरह दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को फिर से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया।शिकायतकर्ता ग्रामीण श्री राहुल यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत के त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई कार्रवाई से पूरे मोहल्ले को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निराकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों की दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान कर उन्हें बेहतर और प्रभावी शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे का सशक्त सेतु बनकर सुशासन की अवधारणा को मजबूत कर रही है।
- -खोंगसरा आदिवासी छात्रावास के विद्यार्थियों को जल्द मिलेगी आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई आवासीय व्यवस्थाबिलासपु / जिले के खोंगसरा स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के विद्यार्थियों को शीघ्र ही नए और आधुनिक छात्रावास भवन की सुविधा मिलने जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए भवन को 15 अगस्त तक हर हाल में पूर्ण करने को कहा है, ताकि विद्यार्थियों को नए भवन में स्थानांतरित कर बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।उल्लेखनीय है कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 50 सीटर नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद छात्रावास का संचालन नए भवन में किया जाएगा। वर्तमान में छात्रावास में 24 विद्यार्थी निवासरत हैं, जिन्हें पुराने भवन के सुरक्षित कमरों में व्यवस्था कर उनकी सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।सहायक आयुक्त श्री संजय चंदेल ने बताया कि नए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। कार्य में तेजी लाकर इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भवन पूर्ण होते ही विद्यार्थियों को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में निर्माण कार्य मई-जून तक पूर्ण होने की संभावना को देखते हुए पुराने भवन में बड़े मरम्मत कार्य नहीं कराए गए थे। हालांकि निर्माण अवधि बढ़ने के बाद भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित कमरों में रखा गया है तथा नए भवन में शीघ्र स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रह रही है।नया छात्रावास शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर आवास, अध्ययन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- -कलेक्टर ने मलेरिया प्रभावित ग्रामों का किया निरीक्षण-स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण व्यवस्था की फील्ड पर समीक्षाबिलासपुर / जिले में मलेरिया की रोकथाम, समय पर उपचार तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने विकासखंड कोटा के मलेरिया प्रभावित ग्राम औरापानी, नवाडीह, मझगांव तथा उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मलेरिया नियंत्रण, कुपोषण उन्मूलन और नियमित स्वास्थ्य निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम औरापानी में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया के तीन तथा नवाडीह में एक संक्रमित बच्चा चिन्हित हुआ है। सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार कर बेहतर चिकित्सा के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। कलेक्टर ने उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव पहुंचकर भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्वे, समय पर जांच तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने ग्राम मझगांव एवं औरापानी के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि कोई बच्चा नियमित रूप से विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आ रहा है तो उसके घर जाकर कारण की जानकारी लें तथा आवश्यकता होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर उपचार की व्यवस्था कराएं। उन्होंने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार, विशेषकर स्थानीय पोषणयुक्त "तिरंगा भोजन" अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।आंगनबाड़ी केंद्र मझगांव के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचकर परिजनों से चर्चा की और बेहतर उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर ले जाने के लिए प्रेरित किया। परिजनों ने अगले दिन बच्चे को एनआरसी ले जाने की सहमति दी। कलेक्टर ने परिवार को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं बच्चों की समुचित देखभाल के प्रति जागरूक किया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी गांव में मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक उपचार एवं नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सभी विभागों को सतत निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।इस अवसर पर एसडीएम कोटा श्री प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, जिला मलेरिया अधिकारी, मलेरिया कंसल्टेंट, खंड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम कोटा, संबंधित सुपरवाइजर, सीएचओ, आरएचओ, मितानिन, ग्राम सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -नारायणपुर में मिनी राईस मिल से 4 लोगों को मिला रोजगाररायपुर ।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देश के बेरोजगार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों के लिए अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का एक प्रमुख साधन बना है, जिसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है।मन में यदि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और शासकीय योजनाओं का सही मार्गदर्शन कैसे किसी साधारण महिला के जीवन को बदलकर उसे उद्यमी बना सकता है, इसकी जीवंत मिसाल पेश की है नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर ने। 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (PMEGP) का सहारा लेकर उन्होंने न केवल मिनी राईस मिल स्थापित की, बल्कि खुद को स्वावलंबी बनाते हुए अपने साथ-साथ चार अन्य स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा है।नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की तुलेन्द्री ठाकुर वर्षों से अपने पति श्री गजेन्द्र ठाकुर के साथ कृषि कार्यों में हाथ बंटाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। सीमित आय के कारण दो बच्चों की उच्च शिक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ निभाना एक बड़ा संकट था। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नारायणपुर के अधिकारियों की सलाह और मार्गदर्शन से उन्होंने PMEGP योजना के तहत आवेदन किया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (शाखा नारायणपुर) द्वारा उनकी 5 लाख रूपए की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 50 हजार रुपए का स्वयं का अंशदान तथा 4.50 लाख रूपए का बैंक ऋण शामिल था।वित्तीय सहायता मिलने के बाद तुलेन्द्री ने अपने गाँव में मेसर्स ठाकुर मिनी राईस मिल की शुरुआत की। इस इकाई में सोलर पॉलिशर और आधुनिक आटा चक्की लगाई गई है। आज यह मिल आसपास के दर्जनों गाँवों के किसानों के लिए धान कुटाई, चावल पॉलिशिंग और गेहूँ पिसाई का एक प्रमुख व भरोसेमंद केंद्र बन चुकी है।राईस मिल के संचालन से क्षेत्र के 4 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। धान प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले कोंडा को तेल निर्माण उद्योग हेतु और भूसे को ईंट निर्माण के लिए बेचा जाता है। इससे मिलने वाली अतिरिक्त आय से मिल के संचालन व्यय का कुशलतापूर्वक प्रबंधन हो जाता है। मिल संचालन से तुलेन्द्री को वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 2.40 लाख रूपए का शुद्ध लाभ हो रहा है। वे बैंक ऋण की बड़ी राशि का नियमित भुगतान कर चुकी हैं तथा योजना के तहत 35 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का लाभ भी प्राप्त कर रही हैं।शुरुआत में मशीनों के संचालन का अनुभव न होने के बावजूद तुलेन्द्री ने अपनी सीखने की ललक और दृढ़ इच्छाशक्ति से व्यवसाय में दक्षता हासिल की। अपनी इस सफलता का श्रेय वे छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा यूनियन बैंक को देती हैं। श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर कहती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और शासकीय योजनाओं का सही लाभ मिले, तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बनने का सपना साकार कर सकती है।
- -सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत मड़ानार और मर्दापाल में 238 छात्राओं को मिली साइकिलेंरायपुर lसरस्वती साइकिल प्रदाय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक कल्याणकारी पहल हैl इस योजना के तहत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) परिवारों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है lछत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत कोण्डागांव जिले के मड़ानार और मर्दापाल में 238 छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मड़ानार में आयोजित कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मड़ानार, सोनाबाल और गोलावंड की 57 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। वहीं मर्दापाल में मर्दापाल, हसलनार, मटवाल, कांगा, नवागांव और खड़पड़ी की 181 छात्राओं को योजना का लाभ मिला।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शासन की सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना का उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। वन मंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। मंत्री श्री कश्यप ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के कारण देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि बस्तर के वीर सेनानियों का भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यार्थियों से उन्होंने देशभक्ति की भावना बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र तेजी से विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस परिवर्तन में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- - 1 वर्ष पूर्व मिले भटके हुए बालक का धीवर परिवार बिलासपुर में हुआ सफल फॉस्टर केयर प्लेसमेंटबालोद। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत प्रक्रियाओं को पूर्ण कर बालक समीर (बदला हुआ नाम) के पुर्नवास का आदेश (फॉस्टर केयर प्लेसमेंट) बिलासपुर जिले के रतनपुर के धीवर परिवार को अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा के द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने बालक और उसके भावी परिवार को शुभकामनाएँ एवं आर्शीवाद देते हुए उनके उज्जवल सुरक्षित एवं स्नेहपूर्ण भविष्य की कामना की।महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि विगत 01 वर्ष पूर्व समीर नाम का 09 वर्षीय बालक (बदला हुआ नाम) बालोद जिले के रेल्वे स्टेशन पर भटकता हुआ पाया गया। जिसे रेलवे पुलिस द्वारा तत्काल रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति जिला बालोद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति द्वारा तत्काल कानूनी प्रावधान अनुसार बालक के परिजनों को ढूंढने हेतु प्रयास किया गया। इस संबंध में राष्ट्रीय समाचार पत्र पत्रिकाओं में ज्ञापन प्रकाशित कराया गया। किन्तु नियत अवधि तक बालक के माता-पिता एवं उसके परिजनों के बारे में जानकारी नही मिलने पर बालक कल्याण समिति द्वारा बालक के सामाजिक विकास एवं बालक के पालन पोषण एवं देखरेख हेतु ऐसे इच्छुक परिवार (फास्टर फेमली) को ढूंढने का प्रयास किया गया। जो बालक को स्वयं के सामर्थ से बेहतर देखरेख एवं सुरक्षा प्रदान कर सके। विगत 04 माह के निरंतर प्रयासों के पश्चात उक्त बालक के पालन पोषण के लिए बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार ने अपनी सहमति प्रदान की।किशोर न्यास अधिनियम 2015 के तहत समस्त औपचारिकताओं को पूरा कर बालक कल्याण समिति जिला बालोद द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई बालोद तथा सीईएसी के सहयोग से उक्त बालक समीर (बदला हुआ नाम) का पालन पोषण हेतु धीवर परिवार रतनपुर, बिलासपुर में पुर्नवास किया गया। इस अवसर पर बालक की उज्ज्वल भविष्य की सुखद कामनाएँ करते हुए बालक को उपहार भी भेंट किया गया। जिससे बालक नए परिवार के साथ सहज आत्मीयता के साथ अपने नये जीवन की शुरूवात कर सके। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति बालोद के अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।









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