- Home
- छत्तीसगढ़
- -24 घंटे, सातों दिन संचालित व्यवस्था, 8 हजार अधिकारी शिकायतों के समयबद्ध समाधान में जुटे-एक माह में ही जनता के भरोसे का सबसे सशक्त माध्यम बनी सीएम हेल्पलाइन, 42 हजार से अधिक शिकायतों का हुआ समाधानरायपुर / मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने अपने संचालन के पहले ही महीने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 13 जुलाई 2026 तक इसके माध्यम से 42 हजार 653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इनमें 13 हजार 600 शिकायतकर्ताओं ने समाधान से संतुष्ट होकर स्वयं सकारात्मक अभिमत के साथ अपने प्रकरण बंद कराए।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आमजन और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का अधिकाधिक उपयोग करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि हर जरूरतमंद नागरिक तक इस व्यवस्था का लाभ पहुँच सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। हेल्पलाइन चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है। इसके लिए समर्पित कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन तैनात हैं, जो लगातार शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुँचाते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग आठ हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को अपनी समस्या लेकर कार्यालय-दर-कार्यालय भटकना न पड़े। अब केवल एक फोन कॉल के माध्यम से शिकायत दर्ज होती है, उसकी सतत मॉनिटरिंग होती है और निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है तथा प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था सुशासन को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दायरा और अधिक व्यापक किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक भी त्वरित और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएँ पहुँच सकें।विभागवार आँकड़े बताते हैं कि ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों से संबंधित शिकायतें सर्वाधिक प्राप्त हुईं। वहीं समाधान के मामले में भी इन विभागों ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए क्रमशः 3,066, 2,530 और 1,314 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया। महज एक माह में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 ने यह साबित कर दिया है कि जब शासन संवेदनशीलता, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तब सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है। "समस्या तुंहर, समाधान हमर" की भावना के साथ संचालित यह पहल आज विकसित छत्तीसगढ़ के जन-केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन मॉडल की मजबूत पहचान बन चुकी है।
- महासमुंद / जिले में खरीफ मौसम के दौरान धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत जिले में लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कृषि उपसंचालक श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापाली के किसान श्री फागू लाल कैवर्त और श्री नंदकुमार कैवर्त इस बदलाव के साक्षी हैं। दोनों किसानों ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत धान के स्थान पर 0.40-0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में 1 जुलाई 2026 को मूंगफली की बुवाई की।इन किसानों का कहना है कि मूंगफली की खेती में धान की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है। साथ ही इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण लाभ की संभावना अधिक रहती है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने समय पर बुवाई कर वैज्ञानिक विधियों को अपनाया है, जिससे अच्छी उपज की उम्मीद है।कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मूंगफली जैसी तिलहनी फसलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।किसान फागू लाल और नंदकुमार द्वारा की जा रही मूंगफली की खेती क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए उदाहरण बन रहा है। यदि अधिक किसान धान के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को अपनाते हैं, तो इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बन सकेगी।
- -कठिन चुनौतियों के बीच अपने सपनों को कर रही साकार-संभाग स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाईरायपुर। कठिन परिस्थितियाँ अक्सर जीवन की राह को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, उचित मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। कोंडागांव जिला प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कोंडागांव में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद, बालिकागृह की शिवबती ने अपने संघर्ष और प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिखाया है।श्रवण दिव्यांग शिवबती का बचपन अनेक कठिनाइयों से भरा रहा। बीमारी के कारण उन्होंने कम उम्र में अपनी माँ को खो दिया और कुछ समय बाद नक्सली हिंसा में पिता का साया भी सिर से उठ गया। माता-पिता के निधन के बाद उनके चाचा ने उन्हें बालिकागृह में प्रवेश दिलाया। जीवन की इन विषम परिस्थितियों के बावजूद शिवबती ने हार मानने के बजाय अपने सपनों को नई दिशा देने का संकल्प लिया।बालिकागृह में उन्हें सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संरक्षण और अपनी प्रतिभा को निखारने के अवसर मिले।तीरंदाजी में रुचि को देखते हुए उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण दिलाया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बहतराई (बिलासपुर) में हुआ, जहाँ उन्होंने एक वर्ष तक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल कोष निधि से बालिकागृह की बालिकाओं के लिए इंडियन एवं रिकर्व तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। समय पर मिले संसाधनों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और शिवबती की अथक मेहनत ने उनके सपनों को नई उड़ान दी।वर्तमान में बालिकागृह कोण्डागांव में रहकर नियमित अभ्यास कर रही शिवबती ने जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया। उनकी यह उपलब्धि संघर्ष, आत्मविश्वास और अवसरों की शक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है। शिवबती की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे विपरीत परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। आज शिवबती न केवल बालिकागृह की गौरव हैं, बल्कि उन हजारों बच्चों, विशेषकर दिव्यांग बेटियों के लिए प्रेरणा हैं जो चुनौतियों के बीच भी अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखती हैं। कोंडागांव जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद एवं बालिकागृह कोण्डागांव परिवार ने शिवबती की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं और विश्वास व्यक्त किया है कि शिवबती आने वाले समय में राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करेंगी।
- -कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देश पर प्रवर्तन कार्रवाई को मिली गति-किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कठोर और रिकॉर्ड कार्रवाईरायपुर । कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरकों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा है। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत चालू खरीफ सीजन के दौरान विभाग द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाई छत्तीसगढ़ देश के लिए मिसाल बना है। वर्ष 2025 की तुलना में कुल कार्रवाई में 10.25 गुना वृद्धि दर्ज करते हुए विभाग ने 44 से बढ़ाकर 451 मामलों में कार्रवाई की है।बता दें कि कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की गुणवत्ता, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर राज्यभर में सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप अमानक उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगा है तथा कृषि आदानों की पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हुई हैं।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाई के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गड़बड़ी सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा विभागों के प्रति बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कि तुलना में इस खरीफ सीजन में न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरणों की संख्या 4 से बढ़कर 56 हो गई, जबकि जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 98 तक पहुंच गई। इसी प्रकार लाइसेंस निलंबन के मामलों में 3 से बढ़कर 97, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 10 तथा विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई 33 से बढ़कर 183 हो गई। इसके अतिरिक्त पहली बार 7 एफआईआर भी दर्ज कराई गईं, जो विभाग की कड़ी निगरानी एवं शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती हैं।कृषि मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक ही उपलब्ध हों। विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित निरीक्षण, नमूना परीक्षण, शिकायतों का त्वरित निराकरण तथा दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है।कृषि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़ाना भी है। विभाग द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन, सतत निगरानी तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि वातावरण विकसित किया जा रहा है।
- रायपुर ।प्रदेश में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत विशेष पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत कार्ड एवं 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचकर अपना पंजीयन करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कर निःशुल्क कार्ड बनाए जा रहे हैं तथा हितग्राहियों को योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी और सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर के निर्देशन में सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में 75 विशेष पंजीयन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 439 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, जिनमें 392 आयुष्मान भारत कार्ड तथा 47 आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए गए। इस प्रकार कुल 439 पात्र नागरिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से लाभान्वित हुए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विशेष अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार एवं वरिष्ठ नागरिक को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके।यह विशेष पंजीयन अभियान 18 जुलाई 2026 को भी प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में जारी रहेगा। जिन पात्र हितग्राहियों का अभी तक आयुष्मान भारत कार्ड नहीं बन पाया है अथवा 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान वय वंदन कार्ड शेष है, वे अपने आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ निकटतम विशेष शिविर में पहुंचकर निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाकर समय पर अपना आयुष्मान भारत कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनवाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त किया जा सके।
- -’नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत, शिक्षा के महत्व का दिया गया संदेश’रायपुर। जशपुर जिले में शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक स्वागत कर उन्हें नई पुस्तकों, स्कूल यूनिफॉर्म तथा शुभकामनाओं के साथ शिक्षा के नए सफर की शुरुआत कराई गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री सालिक साय थे। विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका परिषद जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार भगत, जनपद पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें नई पुस्तकें एवं स्कूल यूनिफॉर्म वितरित की गई।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत सेजस हिंदी माध्यम स्कूल तथा महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की छात्राओं ने शिक्षा आधारित आकर्षक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।मुख्य अतिथि श्री सालिक साय ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में शिक्षा को सफलता का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री अरविंद कुमार भगत ने शिक्षा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि श्री गंगाराम भगत ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ माता-पिता एवं गुरुओं का सम्मान करने का आह्वान किया।जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रवेश उत्सव का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा नवमी की छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
- -छत्तीसगढ़ के 41 पदाधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण, नेतृत्व एवं संगठनात्मक दक्षता होगी और सुदृढ़रायपुर। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय मुख्यालय के तत्वावधान में 10 से 14 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र, कुर्सियांग (दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल) में आयोजित पाँच दिवसीय बेसिक कमिश्नर कोर्स सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ से राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा सहित जिला मुख्य आयुक्त, सहायक जिला मुख्य आयुक्त एवं संगठन के अन्य पदाधिकारी कुल 41 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य कमिश्नरों के नेतृत्व कौशल, संगठनात्मक क्षमता, प्रशिक्षण प्रबंधन तथा स्काउट-गाइड गतिविधियों के प्रभावी संचालन को मजबूत करना था। प्रशिक्षण के दौरान नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना, निर्णय क्षमता और व्यावहारिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को स्काउटिंग के सिद्धांत, संगठन संचालन, कार्यक्रम नियोजन, संचार कौशल, समस्या समाधान, टीम वर्क और सेवा भावना से जुड़े विषयों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक सत्र ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे प्रतिभागियों के व्यक्तित्व और संगठनात्मक दक्षता में सकारात्मक वृद्धि हुई।राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक रहा। इससे स्काउटिंग के प्रति समझ और गहरी हुई है तथा नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संगठनात्मक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ में स्काउटिंग गतिविधियों को नई दिशा और गति दी जाएगी।समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के सरल, प्रभावी और प्रेरणादायी मार्गदर्शन की सराहना की। सभी ने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्काउटिंग को अधिक प्रभावी,अनुशासित और जनसेवा उन्मुख बनाने में करेंगे। साथ ही ऐसे प्रशिक्षणों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर भी बल दिया।प्रशिक्षण में शिविर संचालक श्री अशोक देशमुख, सहायक प्रशिक्षण संचालक डॉ. पूनम सिंह साहू, श्रीमती सरिता पाण्डेय, राष्ट्रीय पर्यवेक्षक श्री एस.एस. राय सहित राज्य के 41 पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- -सूरजपुर के राकेश कुमार को कुछ ही घंटों में मिला निवास प्रमाणपत्र, सेवा सेतु व्यवस्था से बढ़ा आमजन का भरोसारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित सेवा सेतु केंद्र प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए त्वरित और भरोसेमंद सेवाओं का माध्यम बनकर उभरा है। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को जाति, आय, निवास, जन्म सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाणपत्र एवं अन्य राजस्व सेवाएं समयबद्ध, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और लोगों को निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ मिल रहा है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवा सेतु केंद्रों के प्रभावी संचालन से आम नागरिकों को त्वरित राहत मिल रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण सूरजपुर जिले से सामने आया है, जहां भटगांव तहसील के ग्राम किशोरनगर निवासी श्री राकेश कुमार लंबे समय से निवास प्रमाणपत्र नहीं बनने के कारण परेशान थे। प्रमाणपत्र के अभाव में उनकी शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।सेवा सेतु केंद्र की जानकारी मिलने पर उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर उनका निवास प्रमाणपत्र जारी कर दिया। श्री राकेश कुमार ने बताया कि पहले निवास प्रमाणपत्र बनवाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है और इससे सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी हुई हैं।सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। यह पहल न केवल समयबद्ध सेवाओं की गारंटी दे रही है, बल्कि शासन और आमजन के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है। प्रदेशभर में सेवा सेतु केंद्र सुशासन की अवधारणा को व्यवहारिक रूप देते हुए नागरिकों को सहज, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन का अनुभव करा रहे हैं।
- -22 जुलाई से 05 अगस्त 2026 तक कर सकते है आवेदनदंतेवाड़ा । शिक्षा के अधिकार (आरटीई) धारा 12 के तहत दंतेवाड़ा जिले के अंतर्गत संचालित निजी स्कूलों के प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीट, बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) परिवारों, अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, अनाथ, दिव्यांग, एचआईवी पॉजिटिव तथा मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के लिए आरक्षित रखी गयी है। जिसमें सत्र 26-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु जिला स्तर पर शालावार आरटीई की रिक्त सीटों की प्रकटीकरण 17 जुलाई से 21 जुलाई, पत्र आवेदकों (पालकों) द्वारा आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 से शुरू हो जायेंगे। तथा नोडल प्राचार्य द्वारा प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण, सत्यापन 25 जुलाई से 7 अगस्त तक किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन आप आरटीई के वेबसाइट http:eduportal.cg.nic.in/RTE/ पर जाकर भर सकते है। यदि आपके आसपास ऐसे परिवार है, हो तो आप उन तक इस योजना की जानकारी पहुँचाए, ताकि उनको इस योजना का लाभ मिल सकें।इस संबंध में सभी पालकों से आग्रह किया गया है कि सभी सम्बन्धित दस्तावेज जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा जिस वर्ग में आते हैं उससे संबंधित प्रमाण पत्र जैसे बीपीएल सर्वे सूची या जाति प्रमाण पत्र या मेडिकल प्रमाण पत्र आदि आवेदन करने से पूर्व तैयार करके अपने पास रखें। शिक्षा के अधिकार धारा 12 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए पालकगण इंडस एक्शन के हेल्पलाइन नंबर 011-411-32689 में मिस कॉल कर सकते है। इससे संबंधित उनकेे किसी भी समस्या का समाधान इस हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से किया जायेगा।
- दंतेवाड़ा, । छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल द्वारा योग शिविर कर आयुष विभाग के अधिकारी कर्मचारी के साथ बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर जे आर नेताम ने बताया की अब योग आयोग अपने मूल विभाग में आ गया है जिससे योग और आयुष के अन्य सुविधाओं से उपचार विधि को प्रभावी रूप से योजना बना कर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों और जन सामान्य को लाभ पहुंचाया जाएगा। सुबह 6 बजे से एक दिवसीय योग शिविर इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया जिसमे स्वयं योग आयोग अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने योग की कक्षा का संचालन किया तथा अंत में संकल्प कर योग को अपनाने हेतु प्रेरित किया।आयुष विभाग के अधिकारी कर्मचारी के बैठक के बाद आयुष पॉलीक्लीनिक दंतेवाड़ा और जिला अस्पताल के आयुष विंग का भ्रमण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा आयुष के कार्यों की सराहना करते हुए और अच्छे से मिलकर काम कर अच्छा नतीजा दिखाने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान जिले के योग चिकित्सक डॉक्टर संतोष बर्मन, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जगदम्बा पंडा,डॉक्टर जितेंद्र शर्मा,डॉक्टर भागीरथ भूआर्या, डॉक्टर रविंद्र सिंह, डॉक्टर एंजेला मिंज के साथ ही सभी कर्मचारी उपस्थित थे। योग शिविर के बाद आयुष विभाग दंतेवाड़ा की ओर से सभी प्रतिभागी को काढ़ा, अंकुरित आहार वितरण किया गया।
- - ठोस अपशिष्ट पृथक्करण और ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ पर दिया गया जोरदंतेवाड़ा । नगर पंचायत बारसूर द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनस्वास्थ्य संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता अपनाने, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करने तथा जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इस अभियान के दौरान भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार संचालित ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ के तहत भी लोगों को स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा साफ-सफाई के महत्व की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता की आदतें अपनाकर डायरिया सहित कई संक्रामक बीमारियों की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है।इस अवसर पर नगर पंचायत की टीम एवं स्वच्छता दीदियों ने बाजार क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में जनसंपर्क कर लोगों को गीले, सूखे, सैनिटरी तथा विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट को अलग-अलग डस्टबिन में संग्रहित करने की जानकारी दी। नागरिकों को बताया गया कि बचा हुआ भोजन, सब्जियों के छिलके और अन्य जैविक कचरे को हरे डस्टबिन, कागज, प्लास्टिक, गत्ता एवं अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को नीले डस्टबिन, मास्क, डायपर एवं सैनिटरी पैड जैसे अपशिष्ट को लाल डस्टबिन तथा कांच, ई-वेस्ट, बैटरी एवं रसायन युक्त अपशिष्ट को पीले डस्टबिन में डालकर स्वच्छता दीदियों को सौंपें।इस अभियान के दौरान प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने तथा उसके स्थान पर कपड़े, कागज और जूट के थैलों जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील भी की गई। मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का निर्माण, परिवहन, आपूर्ति एवं उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके पालन में सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। नगर पंचायत ने नागरिकों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित शिकायतों के लिए निदान-1100 तथा व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 8519009090 का उपयोग करने की अपील की। साथ ही बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षद अपने-अपने वार्डों में लीड फैसिलिटेटर के रूप में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जन-जागरूकता अभियान में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, अध्यक्ष, पार्षदगण, वार्ड नोडल एवं स्वच्छता दीदियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त बारसूर के निर्माण का संदेश दिया गया।
- दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा का शुक्रवार को बचेली स्थित एनएमडीसी विश्राम गृह में आगमन हुआ। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संतोष कुमार आदित्य, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव एवं पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह ने उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर गरिमापूर्ण एवं आत्मीय स्वागत किया। मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में जिला पुलिस बल द्वारा आकर्षक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। आगमन के दौरान प्रशासन एवं न्यायपालिका के अधिकारियों ने उनका अभिनंदन करते हुए जिले में स्वागत किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एम. भार्गव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अपूर्वा दांगी, एनएमडीसी मुख्य महाप्रबंधक श्री कोड़ली श्रीधर, एसडीएम श्री राजीव जेम्स कुजूर सहित न्यायालय एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दंतेवाड़ा । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दंतेवाड़ा द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाइवलीहुड कॉलेज, दंतेवाड़ा में रोजगार मेले का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रोजगार मेले में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए 250 से अधिक शिक्षित एवं रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न निजी कंपनियों के समक्ष साक्षात्कार दिया। मेले में विभिन्न निजी संस्थानों ने अलग-अलग पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की। एक्सिस बैंक द्वारा फील्ड ऑफिसर एवं रिलेशनशिप मैनेजर, श्रम इन द्वारा इलेक्ट्रीशियन तथा अग्रवाल मार्ट द्वारा सेल्स बॉय, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं सोशल मीडिया ऑपरेटर सहित कई पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। नियोजकों ने उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता एवं कार्यकुशलता के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।साक्षात्कार प्रक्रिया के उपरांत विभिन्न कंपनियों द्वारा कुल 36 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद संबंधित कंपनियों द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों को जिला स्तरीय कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।रोजगार मेले के दौरान युवाओं को निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों, रोजगार पंजीयन, आवश्यक कौशल विकास तथा प्लेसमेंट संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र ने जिले के युवाओं से रोजगार कार्यालय में नियमित रूप से पंजीयन एवं अपनी जानकारी अद्यतन कराने के साथ-साथ रोजगार मेलों, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्लेसमेंट गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
- -बेहतर परिणाम से उत्साहित किसान बोले- आधुनिक तकनीक से खेती बन रही अधिक लाभकारीरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों के खेतों में दिखाई देने लगा है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी प्रगतिशील किसान श्री रामदुलारी साहू भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया का सफल प्रयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। शुरुआती सफलता से उत्साहित होकर अब वे आगामी फसल सीजन में लगभग पांच एकड़ भूमि पर नैनो यूरिया का उपयोग करने की तैयारी कर रहे हैं।श्री साहू ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में पहले लगभग दो एकड़ भूमि पर नैनो यूरिया का प्रयोग किया था। इसके उपयोग से फसल की बढ़वार बेहतर हुई, पौधे अधिक स्वस्थ दिखाई दिए तथा पोषक तत्वों का प्रभावी उपयोग होने से फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। सकारात्मक परिणामों ने उनका विश्वास और मजबूत किया, जिसके बाद उन्होंने आगामी सीजन में बड़े रकबे में नैनो यूरिया अपनाने का निर्णय लिया।उन्होंने बताया कि पारंपरिक यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया का उपयोग अधिक सुविधाजनक है। इसकी छोटी बोतल को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है, जिससे परिवहन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। साथ ही इसका छिड़काव भी सरल है, जिससे किसानों के समय और श्रम दोनों की बचत होती है। श्री रामदुलारी साहू का कहना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है।
-
महासमुंद / छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के नियम-7 के अंतर्गत खनिज शाखा महासमुंद द्वारा एमएसटीसी पोर्टल पर महासमुंद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पासीद स्थित महानदी के खसरा क्रमांक-01 का भाग, रकबा 4.80 हेक्टेयर की रेत खदान के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया 17 जून 2026 को आयोजित की गई थी। उक्त रेत खदान के लिए प्रस्तावित लॉटरी प्रक्रिया अपरिहार्य कारणों से संपन्न नहीं हो सकी थी।
अब इस रेत खदान के लिए निविदा में भाग लेने वाले सभी संबंधित बोलीदाताओं को सूचित किया गया है कि इलेक्ट्राॅनिक नीलामी के माध्यम से लाॅटरी के द्वारा अधिमानी बोलीदाता की चयन प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 को प्रातः 11ः00 बजे संपन्न की जाएगी। खनिज शाखा ने सभी पात्र एवं संबंधित बोलीदाताओं से निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होने कहा है। - -कलेक्टर नदी-नाले पार कर बाइक से पहुंचीं कोहकापार-आजादी के बाद पहली बार गांव में गूंजी बच्चों की किलकारी, पहले ही दिन 21 बच्चों का हुआ दाखिलारायपुर । दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और शिक्षा की एक नई इबारत लिखी गई है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘स्कूल केइंता’ (स्कूल चलो) अभियान के तहत नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम कोहकापार में आजादी के बाद पहली बार प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत हुई है। शिक्षा की यह अलख जगाने के लिए जिले की कलेक्टर स्वयं संकीर्ण रास्तों, नदी-नालों, पहाड़ों और घने जंगलों को पार करते हुए बाइक से 100 किलोमीटर दूर इस अंतिम गांव तक पहुंचीं और गांव की पहली प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया।पारंपरिक मुकुट पहनाकर हुआ नौनिहालों का स्वागतकलेक्टर ने गांव के घोटूल में संचालित होने वाली इस नई कक्षा का फीता काटा और स्वयं बच्चों की क्लास लेकर उन्हें पढ़ाया। शाला के पहले ही दिन गांव के 21 बच्चों का नामांकन (11 छात्राएं और 10 छात्र) हुआ। कलेक्टर ने सभी बच्चों का पारंपरिक रूप से मुकुट पहनाकर स्वागत किया और उन्हें स्कूल बैग व पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य और समग्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। बच्चे नियमित स्कूल आएं और मन लगाकर अपने सपनों को साकार करें।कलेक्टर ने बताया कि ‘स्कूल केइंता’ अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के उन बच्चों को खोजा जा रहा है, जो या तो कभी स्कूल नहीं गए या फिर बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके थे। घर-घर किए गए शैक्षणिक सर्वेक्षण के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक जिले के 2,000 से अधिक बच्चों को विभिन्न शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में दाखिला दिलाया जा चुका है। कोहकापार में स्कूल खुलना इस अभियान की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। स्कूल के शुभारंभ के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ “माड़ संवाद” किया। उन्होंने गांव में राशन, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और पोषण स्तर की समीक्षा की। ग्राम पंचायत के सरपंच मनु ध्रुव ने बताया कि 25 परिवारों और करीब 128 की आबादी वाले इस गांव में नल-जल योजना, बिजली और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए प्रेरित किया, ताकि शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने दुर्गम क्षेत्र में जाकर सर्वे करने वाले स्कूल समन्वयक खेमा अंगारे के प्रयासों की विशेष सराहना की।
- -सुकमा में बारिश की संभावना, किसानों से ‘मौसम सीजी’ और ‘मेघदूत’ ऐप से जुड़ने की अपीलरायपुर । किसानों की फसलों को बदलते मौसम से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सुकमा जिला प्रशासन ने विशेष कृषि सलाह जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, जगदलपुर से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 जुलाई तक जिले में हल्की बारिश, घने बादल और 3 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने की संभावना है। इसे देखते हुए किसानों को खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है।किसानों को उन्नत किस्म के बीजों का उपयोग करने और बीजोपचार के बाद ही बुआई करने की सलाह दी गई है। धान की सीधी बुआई का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में लेही पद्धति अपनाने को कहा गया है। मक्का की फसल को इल्लियों और अन्य कीटों से बचाने के लिए खेतों में ‘टी’ आकार के बांस लगाने की सलाह दी गई है। इन पर पक्षी बैठकर खेतों में मौजूद कीटों को खाते हैं, जिससे प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रण में मदद मिलती है।अरहर, मूंगफली और अन्य दलहनी-तिलहनी फसलों के बीजों को फफूंदनाशक और जैव उर्वरक से उपचारित कर बुआई करने की सलाह दी गई है। इससे फसलों की बेहतर वृद्धि और उत्पादन में मदद मिलती है।जिला प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान खेतों में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या खरपतवारनाशक का छिड़काव न करें। बारिश के कारण दवाओं का प्रभाव कम हो सकता है और फसल को नुकसान भी हो सकता है।मौसम की स्थिति को देखते हुए पशुपालकों को अपने पशुओं को गीले और पानी भरे स्थानों पर चराने से बचने की सलाह दी गई है। पशुओं को सुरक्षित और सूखे बाड़े में रखने, समय-समय पर कृमिनाशक दवा देने और खुरपका-मुंहपका जैसे रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण कराने की अपील की गई है।दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं को संतुलित आहार, हरा चारा और खनिज मिश्रण देने की भी सलाह दी गई है।जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से ‘मौसम सीजी’ और ‘मेघदूत’ ऐप पर पंजीकरण कराने की अपील की है। इन ऐप के माध्यम से मौसम का पूर्वानुमान और कृषि संबंधी महत्वपूर्ण सलाह सीधे मोबाइल फोन पर प्राप्त की जा सकती है। बदलते मौसम के बीच जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी जानकारी पर लगातार नजर रखें और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही खेती से जुड़े कार्य करें। समय पर सही जानकारी और सावधानी बरतकर फसलों को मौसम से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
- -जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, 3 दिन में बिजली और 45 दिन में वनाधिकार पट्टे का भरोसा-ग्रामीण से खुद 108 पर फोन करवाकर परखी एंबुलेंस सेवा की तत्परतारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जनसेवा के संकल्प को साकार करते हुए सुकमा जिला प्रशासन लगातार दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने शुक्रवार को दो नदियां पार कर सुदूर वनांचल के ग्राम गुमोड़ी, कोंडासावली और तारलागुड़ा का दौरा किया।अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जमीन पर बैठकर जनचौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी ली गई तथा कई समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश मौके पर ही दिए गए। गुमोड़ी में कलेक्टर ने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, तेन्दूपत्ता भुगतान, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उनके जमीन संबंधी दस्तावेज गुम हो गए हैं। इस पर कलेक्टर ने गांव में विशेष राजस्व शिविर लगाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए।ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर कलेक्टर ने बिजली, सड़क और पुलिया निर्माण के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्राथमिक शाला के निरीक्षण के दौरान बच्चों ने कलेक्टर को गिनती और एबीसीडी सुनाई। बच्चों की उत्साहपूर्ण प्रस्तुति से प्रभावित होकर उन्होंने स्कूल परिसर में पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवाल और नए रसोईघर के निर्माण को मंजूरी दी।इसके बाद कलेक्टर और सीईओ कोंडासावली पहुंचे। यहां आम के पेड़ के नीचे ग्रामीणों से चर्चा के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनना जारी रखा। बिजली कनेक्शन से जुड़ी शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को 3 दिन के भीतर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, वनाधिकार पट्टे की मांग पर उन्होंने पात्र हितग्राहियों के लिए शिविर आयोजित कर 45 दिन के भीतर वनाधिकार पट्टे उपलब्ध कराने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।उप स्वास्थ्य केंद्र कोंडासावली के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने एंबुलेंस वाहन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य केंद्र को बेहतर बनाने के लिए खिड़की-दरवाजों पर पर्दे, मुख्य मार्ग से स्वास्थ्य केंद्र तक पेवर ब्लॉक रैंप, योग शेड और सोकपिट निर्माण के निर्देश भी दिए गए l इससे दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं अधिक आसानी से उपलब्ध होंगी और आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। तारलागुड़ा में निर्माणाधीन सुशासन परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एक ग्रामीण से स्वयं 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करवाकर व्यवस्था की तत्परता परखी। फोन पर आवश्यक जानकारी लेने के बाद एंबुलेंस भेजने की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने ग्रामीणों से आपातकाल में 108 सेवा का उपयोग करने की अपील की।इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के दो हितग्राहियों ने खाते में राशि जमा नहीं होने की समस्या बताई। जांच में बैंक खाते में तकनीकी कारणों से होल्ड की जानकारी सामने आई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समस्या का निराकरण कर हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।बारिश के बीच भी कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनका समाधान करने के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सुशासन परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद वे दोबारा गांव पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि सुकमा में शासन और प्रशासन अब दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक सीधे पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। इससे ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास और सुशासन की भावना और मजबूत हो रही है।
- -शासकीय सहयोग से बढ़ा उत्पादन, आय और आत्मविश्वास-संबलपुरी साड़ियों की बुनाई से मिल रही नई पहचानरायपुर। ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्रामीण भारत में बुनकरों—विशेषकर महिलाओं—को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। यह समिति कच्चे माल की खरीद, कौशल प्रशिक्षण और तैयार उत्पादों के विपणन की सुविधा प्रदान करके बुनकरों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाती है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (हाथकरघा प्रभाग) की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। धमतरी जिले के ग्राम नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक हस्तकला के संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बन गई है। नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति सरकारी सहयोग और बुनकरों की मेहनत से यह समिति न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार का माध्यम बनी है, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना रही है। ग्राम नारी में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी। ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस कला को अपनाया। अपनी विशिष्ट इकत डिज़ाइन, आकर्षक रंगों और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण संबलपुरी साड़ियों की बाजार में अच्छी मांग है। गांव की महिलाओं ने इस चुनौतीपूर्ण कला को सीखकर पारंपरिक हुनर को आय का स्थायी स्रोत बना लिया।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम के तहत समिति को नियमित धागा उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही समितियों के सुचारु संचालन के लिए सेवा प्रभार के रूप में आर्थिक सहायता, नवीन बुनाई प्रशिक्षण और आधुनिक करघों का वितरण भी किया गया है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है और बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार हो रहे हैं।वर्तमान में ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति प्रतिमाह लगभग 300 से 400 संबलपुरी साड़ियों का उत्पादन कर रही है। इनकी बिक्री मुख्यतः ओडिशा के विभिन्न बाजारों में होती है। समिति का मासिक कारोबार अब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गया है।इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गांव की महिलाओं को मिला है। पहले महिलाएं शासकीय वस्त्र उत्पादन से प्रतिदिन 300 से 350 रुपये कमाती थीं, अब उनकी दैनिक आय 550 से 600 रुपये तक बढ़ गई है। कौशल उन्नयन के माध्यम से भविष्य में आय को 1,000 से 1,200 रुपये प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामूहिक निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी मिला है।ग्राम नारी की यह सफलता बताती है कि शासन की योजनाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और स्थानीय मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं। यदि समिति को ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुंच का अवसर मिले, तो यह छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
- -मासिक सहायता से शुरू किया स्वरोजगार और बनी आत्मनिर्भररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना जिले की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता अब केवल घरेलू जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार का मजबूत आधार बन रही है। मुंगेली जिले के विकासखंड पथरिया के ग्राम जरेली-जुनवानी निवासी श्रीमती शांति बाई ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रुपये की राशि का सदुपयोग करते हुए अपने गांव में जनरल स्टोर की शुरुआत की। आज उनकी छोटी-सी दुकान परिवार की नियमित आय का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।शांति बाई ने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और इससे उन्हें स्वरोजगार शुरू करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने धीरे-धीरे दुकान में आवश्यक घरेलू सामान रखना शुरू किया। समय के साथ इस स्वरोजगार से वे आत्मनिर्भरत की ओर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले परिवार की आय सीमित थी, लेकिन अब दुकान से होने वाली अतिरिक्त आमदनी से घरेलू खर्चों को पूरा करने, बच्चों की आवश्यकताओं और भविष्य के लिए बचत करने में भी सहायता मिल रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब उन्हें आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शांति बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दे रही है। उन्होंने अन्य महिलाओं को योजना के तहत से मिलने वाली राशि का उपयोग स्वरोजगार और आय बढ़ाने वाले कार्यों में करने की समझाइश दी है।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के० विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में 18 जुलाई (शनिवार) को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 (चेक बाउंस प्रकरण) से संबंधित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर शीघ्र, सरल एवं प्रभावी निराकरण कर पक्षकारों को दीर्घकालीन न्यायिक प्रक्रिया से राहत प्रदान करना है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने ऐसे सभी चेक धारकों, चेक जारीकर्ताओं, पक्षकारों तथा संबंधित अधिवक्ताओं से अपील की है कि जिनके धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं, वे अपने अधिवक्ता के माध्यम से अथवा संबंधित न्यायालय से संपर्क कर विशेष लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाएं तथा आपसी समझौते के माध्यम से अपने विवाद का स्थायी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त करें। उक्त संंबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सम्पूर्ण दुर्ग जिले में विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार भी किया गया है। विशेष लोक अदालत को सफल बनाने हेतु मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत तथा आकांक्षा राठौर एवं अंजली सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम द्वारा संबंधित अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों से निरंतर संपर्क स्थापित कर, आपसी संवाद एवं समझौते के लिए प्रेरित करते हुए अधिकाधिक प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण के उद्देश्य से अथक एवं सराहनीय प्रयास किए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विश्वास व्यक्त किया है कि इन प्रयासों से विशेष लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण संभव होगा। विशेष लोक अदालत में समझौते के आधार पर प्रकरणों का निराकरण होने से पक्षकारों के समय, धन एवं श्रम की बचत होती है, आपसी संबंधों में सुधार होता है तथा विवाद का शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान संभव हो पाता है। लोक अदालत में पारित निर्णय दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होता है तथा उसका विधिक महत्व न्यायालय के निर्णय के समान होता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित चेक बाउंस प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें तथा न्याय सुलभ, त्वरित एवं सरल बनाने की इस पहल में सहभागी बनें।
- -प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने बालोद सहित अन्य स्टेशनों के लोकार्पण पर प्रधानमंत्री मोदी व रेल मंत्री वैष्णव का जताया आभाररायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के लगभग 3 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आधुनिक पुनर्विकास और आकर्षक स्वरूप में तैयार होने तथा शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन पुनर्विकसित स्टेशनों के भव्य लोकार्पण कार्यक्रम को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल का अभूतपूर्व आधुनिकीकरण हो रहा है।भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ को बुनियादी ढाँचे और सुगमता के क्षेत्र में लगातार नई सौगातें मिल रही हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के 3 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कर नया व आकर्षक रूप दिया गया है, जिसमें बालोद रेलवे स्टेशन भी प्रमुखता से शामिल है। बालोद एवं अन्य रेलवे स्टेशनों का यह नया स्वरूप न केवल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करेगा बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी एक नई गति देगा। उन्होंने कहा कि बालोद रेलवे स्टेशन को जिस आकर्षक और भव्य ढंग से पुनर्विकसित किया गया है, वह क्षेत्र की जनता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। रेलवे स्टेशनों का यह कायाकल्प नए भारत की बदलती तस्वीर और छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊँचाई देने के लिए प्रदेश महामंत्री श्री जैन ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।
- -हाई रिस्क प्रेगनेंसी महिलाओं के गृहभेंट, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी और सेल्फ आधार पर दिया गया विशेष फोकसरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली । बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य एवं क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में हाई रिस्क प्रेगनेंसी HRP महिलाओं के गृहभेंट पर विशेष जोर दिया गया। सीईओ ने निर्देशित किया कि HRP महिलाओं के घरों का भ्रमण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम एवं मितानिन द्वारा संयुक्त रूप से किया जाए। गृहभेंट के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक परामर्श देकर समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। पोषण पुनर्वास केंद्र NRC में संदर्भित बच्चों के संबंध में अभिभावकों की समुचित काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए। उन्हें यह स्पष्ट किया जाए कि उपचार एवं पोषण प्रबंधन हेतु बच्चों को लगभग 15 दिनों तक NRC में रहना अनिवार्य है।जिले में कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि आगामी माह तक कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में सेल्फ आधार की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर निर्धारित लक्ष्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रथम तिमाही में जन्मे बच्चों की जानकारी लेते हुए सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जन्म पंजीयन, टीकाकरण, पोषण सेवाओं एवं अन्य विभागीय योजनाओं से शत-प्रतिशत बच्चों को लाभान्वित किया जाए। बैठक के समापन में जिला पंचायत सीईओ ने श्री बिश्वरंजन ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, सभी परियोजना अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत किचन गार्डन बनाने के दिए निर्देश, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोररायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने शिक्षा विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय योजनाओं, छात्र-हित से जुड़े कार्यक्रमों एवं पोषण संबंधी कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने किचन गार्डन एवं शाला पोषण वाटिका की प्रगति की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय स्कूलों में शत-प्रतिशत किचन गार्डन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को ताजे फल-सब्जी उपलब्ध होंगे और पोषण स्तर में सुधार होगा।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना मध्यान्ह भोजन, न्योता भोजन एवं प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्र में मध्यान्ह भोजन से जुड़े बच्चों की संख्या में वृद्धि की जाए ताकि सभी बच्चों को निर्धारित मानक के अनुसार पौष्टिक भोजन मिल सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्वच्छता, मेन्यू की विविधता और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही भोजन पकाने एवं परोसने में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर ने ली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली । इसमें स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गई।बैठक में सीईओ ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के परिपालन की एक-एक कर समीक्षा की। सभी नोडल अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सभी शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ स्वास्थ्य की एंट्री जननी पोर्टल में 7 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शत-प्रतिशत हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी मातृ एवं शिशु मृत्यु प्रकरणों का अनिवार्य रूप से ऑडिट किया जाए। BMO स्वयं जाकर प्रकरणों का अवलोकन करेंगे।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं ANM द्वारा संयुक्त रूप से HRP महिलाओं के घरों का भ्रमण कर स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी परामर्श देने के निर्देश दिए गए।पूर्ण टीकाकरण का डाटा यू-विन पोर्टल से लिया जाएगा। शेष बचे हुए बच्चों एवं बैकलॉग को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में HPV Vaccination का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने को कहा गया।NCD पोर्टल में एंट्री की गति बढ़ाकर लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए निजी चिकित्सालयों का सहयोग लेने को कहा गया। NTCP के तहत स्कूलों में तंबाकू निषेध संबंधी जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए।आयुष्मान मेला, स्वास्थ्य शिविर एवं टेलीमेडिसिन सेवाओं की उपलब्धि पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सभी निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पैकेज दरों की सूची का QR कोड बनाकर प्रदर्शित न करने पर नाराजगी व्यक्त की गई और इसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथलेश चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



























.jpg)