- Home
- छत्तीसगढ़
- भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः संकल्पितभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी योजना की अभूतपूर्व उपलब्धियों पर जताया आभाररायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) और 'लखपति दीदी' योजना के तहत मिल रही युगान्तरकारी सफलताओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति गहरा आभार व धन्यवाद प्रकट किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। 'हर गरीब को पक्का घर' देने के प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को राज्य में जिस तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है, वह बेहद सराहनीय है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय और राज्यांश राशि जारी करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का रिकॉर्ड गति से निर्माण होना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 10.60 लाख से अधिक आवास सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन की सरकार गरीबों के कल्याण के लिए पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से कार्य कर रही है। श्री देव ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराने का साय सरकार का यह प्रयास अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय कदम है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ में रोजाना 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 8,46,931 नए आवासों की बड़ी स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 10 हजार से अधिक बहनें 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। श्री देव ने कहा कि राज्य में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं और सरकार ने 10 लाख बहनों को इस श्रेणी में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही 'लखपति दीदी' योजना की सराहना करते हुए श्री देव ने कहा कि आवास निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े हजारों समूहों के माध्यम से अकेले निर्माण क्षेत्र से ही 10 हजार से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः संकल्पित है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने इन शानदार उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त कर्मठ जनता, हितग्राही परिवारों और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर मातृशक्ति को बधाई दी है। श्री देव ने विश्वास जताया कि साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के नित नए मापदण्ड स्थापित करता रहेगा।
- 0- भंडारण एवं वितरण में अनियमितता मिलने पर दो कृषि केंद्रों पर कार्रवाई, एक प्रतिष्ठान सीलबंदजांजगीर। किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले में निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 2638 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त किए हैं।उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चांपा स्थित थोक विक्रेता मेसर्स दिशा सेल्स में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए 1150 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल), 428 बोरी एसएसपी (दानेदार), 630 बोरी एसएसपी (पाउडर) तथा 98 बोरी जिंकेटेड एसएसपी सहित कुल 2306 बोरी उर्वरकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त किया गया।इसी प्रकार विकासखंड बलौदा के ग्राम पिसौद स्थित राजकुमार साहू कृषि केंद्र में छापामार कार्रवाई के दौरान 98 बोरी यूरिया, 94 बोरी जिंकेटेड एसएसपी, 70 बोरी ट्रिपल सुपर फॉस्फेट तथा 70 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल) का अवैध भंडारण पाया गया। इस पर 332 बोरी उर्वरक जब्त कर विक्रय प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया।कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा, उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले के सभी सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- 0- डोंगनाला का हरिबोल स्वयं सहायता समूह बना महिला सशक्तिकरण का प्रेरक मॉडल0- हर्बल उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनीं 12 आदिवासी महिलाएं0- करोड़ों का कारोबार कर रची सफलता की नई इबारतकोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोरबा जिले के कटघोरा वन प्रभाग अंतर्गत डोंगनाला की आदिवासी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। डोंगनाला का हरिबोल स्वयं सहायता समूह आज हर्बल उद्यमों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का एक आदर्श बनकर उभरा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप 12 आदिवासी महिलाओं से गठित इस समूह की सदस्य पहले दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर थीं। सीमित रोजगार और अस्थिर आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन शासन की वन धन विकास केंद्र योजना से जुड़ने के बाद इन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया।स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औषधीय पौधों और लघु वनोपज की संभावनाओं को देखते हुए महिलाओं को संगठित किया गया। उन्हें आयुर्वेद विशेषज्ञों तथा छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा हर्बल प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद समूह ने त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, हर्बल फेस पैक, हर्बल हेयर पाउडर और टूथ पाउडर जैसे गुणवत्तापूर्ण हर्बल उत्पाद तैयार करना शुरू किया। गुणवत्ता और प्रभावशीलता के कारण इन उत्पादों की स्थानीय तथा संस्थागत बाजारों में अच्छी मांग बनी।समूह को उस समय बड़ी सफलता मिली जब उन्हें आयुष विभाग से बड़ा ऑर्डर प्राप्त हुआ। इस ऑर्डर से समूह को लगभग 20 लाख रुपए का लाभ हुआ। इससे समूह की विश्वसनीयता बढ़ी और नए बाजारों के द्वार खुले। वित्तीय वर्ष 2024-25 में समूह ने लगभग 38.90 लाख रुपए का लाभ और कमीशन अर्जित किया। इससे सदस्यों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया।वर्ष 2020 से मार्च 2026 तक वीडीवीके डोंगनाला ने लगभग 26.11 करोड़ रूपए की संचयी बिक्री दर्ज की है। यह उपलब्धि समूह की निरंतर मेहनत, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और प्रभावी विपणन रणनीति का परिणाम है।इस पहल से समूह की प्रत्येक सदस्य की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1.7 लाख रुपए हो गई है। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति भी बढ़ी है।हर्बल प्रसंस्करण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए समूह को ट्रायफेड (ज्त्प्थ्म्क्) तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।हरिबोल स्वयं सहायता समूह की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं, कौशल विकास, संस्थागत सहयोग और बाजार उपलब्धता के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। डोंगनाला की यह सफलता आज पूरे प्रदेश और देश के स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई।
- कोरबा। आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने, किसी भी प्रकार की कालाबाजारी और अनियमितता रोकने जिला प्रशासन द्वारा ये कार्यवाही की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए विभाग ने विशेष सतर्कता अपनाई है। 29 मई को 18 दुकानों की जांच की गई, जिनमें 6 दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। एक दुकान पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया एवं सिद्धी विनायक ट्रेड्स, सिरली (पाली) से 56 बोरी यूरिया जप्त की गई। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक कोरबा जिले के 115 सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा 5 निजी दुकानों पर 21 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। सिरली (पाली) स्थित सिद्धी विनायक ट्रेड्स से अवैध रूप से भंडारित 56 बोरी यूरिया की जप्ती की गई।कोरबा जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है या बिल देने से मना करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित विकासखंड कृषि अधिकारी या जिला स्तर के कंट्रोल रूम में दर्ज कराए। किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण एवं कठोर निगरानी अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।
- 0- मुख्यमंत्री के निर्देश पर वनांचल की बैगा महिलाओं का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशनखैरागढ़। सुशासन तिहार के अंतर्गत 4 मई 2026 को खैरागढ़- छुई खदान- गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के दूरस्थ वनांचल एवं बैगा जनजातीय ग्राम सरौधी में आयोजित मुख्यमंत्री चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया। इस दौरान ग्राम कुम्ही की हरेलिया बाई गोंड एवं ग्राम सरौधी की मनमत बाई बैगा ने आंखों में मोतियाबिंद की समस्या बताते हुए उपचार की मांग रखी, जिस पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में जिला कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। नेत्र सहायक अधिकारी नरेंद्र निषाद ने बैगा जनजातीय क्षेत्र में नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की जांच की, जिसमें दोनों महिलाओं सहित कुल 6 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई।सभी मरीजों को आदि आरोग्य रथ के माध्यम से निःशुल्क उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण किया गया। उपचार के बाद मरीजों को सुरक्षित पुनः उनके गांव तक पहुंचाया गया। वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी विनय रामटेके ने ऑपरेशन उपरांत मरीजों का फॉलोअप करते हुए उन्हें दवाइयों के नियमित सेवन, आंखों की साफ-सफाई तथा धूल-धुएं से बचाव संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए।स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि आंखों या अन्य किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में निकटतम उप स्वास्थ्य केंद्र, मितानिन अथवा स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल सूचना दें, ताकि समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। यह पहल दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रही है।
- महासमुन्द. जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील कृषक श्री रतिराम पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए अपनी आय में अच्छी वृद्धि की है। कृषक श्री पटेल बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी एवं मसाला फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया।वर्ष 2025-26 में श्री पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया फसल का उत्पादन किया। विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान किया गया। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी आई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।श्री रतिराम पटेल बताते हैं कि पूर्व में धान की खेती से उन्हें कुल लाभ सीमित ही मिलता था। वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्हें लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा कुल लाभ लगभग 50,000 रुपए तक पहुंच गया। श्री रतिराम पटेल की सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान तथा उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।
- 0- लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया आदेश, अब प्रदेश में एक ही परीक्षा से होगी भर्तीरायपुर। छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में चल रही संविदा भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में जिलों के स्तर पर शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के लिए की जा रही संविदा भर्ती की कार्यवाही अब रोक दी गई है।पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग ने निर्णय लिया है कि केंद्रीकृत परीक्षा: अब इन पदों के लिए भर्ती जिला स्तर के बजाय संचालनालय द्वारा आयोजित 'केंद्रीकृत परीक्षा' के माध्यम से की जाएगी। इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के लिए योग्यता सूची (Merit List) तैयार की जाएगी, जिसे बाद में संबंधित जिलों को प्रेषित किया जाएगा।इस नई केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही अलग से जारी किए जाएंगे। संचालक, लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय समितियों को इस आदेश का तत्काल पालन करने के निर्देश दिए हैं।
- 0-जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने किया प्रेरित0- जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण ही सुशासन की पहचान - मंत्री श्री नेतामरायपुर। सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने एवं आमजनों की समस्या का त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत विजयनगर में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान शिविर में विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्टालों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन, 05 गर्भवती माताओं के गोदभराई की रश्म की गई। साथ विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया।शिविर में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और यही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने एग्रीस्टेक में किसानों को पंजीयन कराने की बात कही उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में कई महत्वपूर्ण योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है उन्होंने एग्रीस्टेक में अवश्य रूप से पंजीयन करने की बात कही।मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। मंत्री श्री नेताम ने किसानों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने तथा दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढि़यों के लिए भी उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत की। जिनका संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही शेष आवेदनों को निराकरण किया जा रहा है।आम जनता की सहूलियत के लिए आयोजित किए जा रहे सुशासन शिविर अब सिर्फ समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रह गया हैं, बल्कि ग्रामीणजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रहा है।रामचन्द्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे सुशासन शिविर में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण, नील हरित शैवाल, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किया गया।शिविर में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर के साथ-साथ सोख्ता गड्ढा, जैविक खेती के लिए नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जीवंत मॉडलों ने ग्रामीणों को आकर्षित किया।शिविर में जल संरक्षण की एक और बेहद आसान और असरदार तकनीक 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर, सोख्ता गड्ढा का सजीव मॉडल बनाकर लोगों को जागरूक किया गया। जो अतिरिक्त पानी या बारिश के जल को संरक्षण का बेहतर तरीका है। शिविर में बने इस मॉडल को देखकर कई ग्रामीणों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की बात कही।कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की जानकारी दी गई।। शिविर में एक छोटा तालाबनुमा ढांचा बनाकर इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की विधि दिखाई गई। साथ ही हरी खाद और संतुलित उर्वरक के सम्बंध में भी बताया गया। किसानों को बताया गया कि धान की फसल के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाला जैव उर्वरक है। इसके इस्तेमाल से न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और फसल की पैदावार सुधरती है, खेती की लागत कम करने का यह तरीका मौजूद किसानों को बेहद पसंद आया।पर्यावरण को साफ-सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए शिविर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का भी सजीव प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि कैसे वे अपने घरों के गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। अलग-अलग रंगों के डस्टबिन के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद बनाने और सूखे या खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।????
- 0- प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया व 1 -1 बोरी डीएपी-एमओपी विक्रय केंद्रों में ले सकेंगे किसानबलौदाबाजार. खरीफ वर्ष 2026-27 हेतु खेती के लिये जिले के सहकारी समितियो में खाद एवं बीज़ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान समितियों से उर्वरक और बीज़ का अग्रिम उठाव तेजी से कर रहे हैं। इस वर्ष समितियो में उर्वरक भण्डारण हेतु 58350 मेट्रिक टन का लक्ष्य हैं जिसके विरुद्ध 24299 मेट्रिक टन भण्डारण एवं समितियो के द्वारा 4102 मेट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है।समितियों में 20197 मेट्रिक टन खाद शेष है।बीज भण्डारण लक्ष्य 32690 क्विंटल के विरुद्ध 6593 क्विंटल भण्डारण एवं 3338 क्विंटल वितरण किया गया है।किसानों को खेती किसानी में दिक्कत न हो इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा ट्रेक्टर में आवश्यकता अनुसार डीजल देने पेट्रोल पम्प को निर्देशित नहीं किया गया है। इसके साथ ही ट्रेक्टर के लिये डिब्बा या जरिकेन में भी डीजल ले सकते हैं।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में सतत कृषि विकास के लिए वैज्ञानिकों के एकीकृत पोषक प्रबंधन के सुझाव के अनुसार किसानों को रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद और हरी खाद का उपयोग करने की सलाह दी गई है। खरीफ 2026 में भूमि धारिता के आधार पर किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80% मात्रा तथा डीएपी की 60% मात्रा ही वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। शेष 20% यूरिया और 40% डीएपी वैकल्पिक उर्वरकों (एनपीके) या नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को नैनो उर्वरक लेने के लिए किसी भी स्थिति में बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की अनुशंसा के आधार पर चार्ट तैयार कर सभी विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया है। इसमें नैनो उर्वरक न लेने पर प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया, एवं 1 -1बोरी डीएपी व एमओपी देने का प्रावधान है।
- 0- जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न योजना के तहत हितग्राहियों को बांटे सामग्री व चेकबलौदाबाजार. राज्य शासन के निर्देशानुसार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित रूप से सेवाओं क़ी उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत शनिवार को विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत दतरेंगी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दतरेंगी सहित 15 ग्राम पंचायत के लोग शामिल हुए। शिविर में प्राप्त 1299 आवेदनों में से 385 का मौक़े पर ही निराकरण किया गया।शिविर में विभिन्न योजना अंतर्गत लगभग 254 हितग्राहियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सामग्री व चेक वितरित किया । इसमें खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा जॉब कार्ड, पीएम आवास योजना अंतर्गत आवास क़ी चाबी, मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स, उद्यानिक़ी विभाग द्वारा हितग्राहियों को फलदार पौधे,खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को स्पोर्ट्स किट शामिल हैं। शिविर में विभागीय स्टॉल के साथ ही स्वस्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैम्प लगाया गया जिसमें ग्रामीणों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व दवा का लाभ उठाया।
- बलौदाबाजार. अवैध रूप से संचालित संचालित क्लिनिको की जिला प्रसाशन द्वारा सख़्ती से जांच व निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व की संयुक्त टीम के द्वारा शनिवार को बलौदाबाजार के रिसदा क्षेत्र में संचालित क्लिनिको की जांच की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के मार्गदर्शन में रिसदा क्षेत्र में संचालित अवैध क्लीनिकों पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ नवदीप बांधे तथा तहसीलदार निवेश कोरेटी की संयुक्त टीम ने छापा मारा।क्षेत्र में सूरज भोंसले द्वारा संचालित ऋषभ क्लीनिक को वैध लाइसेंस न होने पर भी संचालित किया जाना पाया गया जिसे पंचनामा बना कर सील कर दिया गया । इस क्लीनिक की शिकायत भी प्रशासन को प्राप्त हुई थी।इसीतरह सूरज प्रकाश साहू द्वारा संचालित कबीर क्लीनिक की जांच की गई जिसमें संचालक के पास दस्तावेज अपूर्ण पाए गए और कोई डॉक्टर भी उपस्थित नहीं थे जिस पर उसका पंचनामा तैयार कर क्लीनिक बन्द करने की नोटिस देते हुए समझाईश दी गई कि नियमानुसार नर्सिंग होम एक्ट के तहत आवेदन देकर क्लीनिक का पंजीकरण उपरांत ही वह क्लीनिक संचलित किया जाय। कार्यवाही के दौरान सरपंच गंगाराम साहू एवं रिसदा के फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे।
- 0- राष्ट्रीय आम महोत्सव में उमड़ी आम प्रेमियों की भीड़0- शेफ आकांक्षा राय के द्वारा निर्मित आम के व्यंजनों ने मन मोह लियारायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव में आमों की सुगंध और स्वाद से रायपुर शहर सराबोर हो गया है। महोत्सव के दूसरे दिन बड़ी संख्या में आम प्रेमी एवं दर्शक पहुँचे। आगंतुकों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित आम की विभिन्न दुर्लभ, लोकप्रिय एवं उन्नत किस्मों का अवलोकन कर उनकी विशेषताओं, स्वाद, रंग, आकार एवं उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त की। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राॅय द्वारा आम प्रेमियों को आमों के विभिन्न व्यंजनों की रेसिपी सिखाई गई। उनके द्वारा बनाये गए आमों के विभिन्न व्यंजनों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। आम महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादक कृषक द्वारा आम की विविध किस्मों के फलों का विक्रय किया जा रहा है। विक्रय स्टॉलों पर भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। आगंतुकों ने अपनी पसंदीदा किस्मों के आमों की खरीदारी की। अल्फांसों, केसर, दशहरी, फज़ली और अरूणिमा किस्मों की अधिक मांग रही। महोत्सव में आम की विविधता, स्वाद और कृषि नवाचारों को करीब से जानने का अवसर मिलने से दर्शकों में विशेष उत्साह देखा गया। यह आयोजन आम उत्पादकों, उद्यमियों एवं आम प्रेमियों के लिए ज्ञान, व्यापार और स्वाद का एक अनूठा मंच बनकर उभर रहा है।विशेषज्ञों ने आम उत्पादन एवं प्रबंधन के सिखाए गुरइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के द्वितीय दिवस तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कृषकों ने भाग लिया। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने आम की खेती से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। कृषकों के साथ आम उत्पादन, पौध रोपण की वैज्ञानिक विधियों, उन्नत किस्मों के चयन, कीट एवं रोग प्रबंधन, पोषण प्रबंधन तथा बागवानी की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विशेषज्ञों ने समाधान प्रस्तुत करते हुए व्यावहारिक सुझाव भी दिए। तकनीकी सत्र में आम उत्पादन की लागत कम करने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ाने तथा बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। इस संवादात्मक सत्र से कृषकों को आम उत्पादन से जुड़ी नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई, जो भविष्य में उनकी आय वृद्धि और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक होगी।मैंगो व्यंजन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरणइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी विभाग एवं प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा आयोजित आम महोत्सव में आम के बने व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक एवं मुख्य वक्ता प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राय द्वारा आम के विभिन्न व्यंजनों की रेसिपी बताई गई। मुख्य अतिथि श्रीमती ममता चंदेल अध्यक्ष, जय हरीतिमा लेडिस क्लब रायपुर द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। व्यंजन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार शंपा यादव, द्वितीय पुरस्कार अंशिका नायक तथा तृतीय पुरस्कार सान्वी नायडू को प्राप्त हुआ।
- भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (सेल) की सेवा से मई माह 2026 में कुल 101 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, जिसमें खदान बिरादरी के 10 सदस्यों सहित 17 कार्यपालक व 74 गैर-कार्यपालक शामिल हैं।कार्यपालकों हेतु विदाई समारोह का आयोजन इस्पात भवन स्थित निदेशक प्रभारी सभागार में किया गया। निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने कार्यपालकों को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान किया तथा उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री प्रबीर कुमार सरकार, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री तुषार कांत उपस्थित रहे।निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों से आत्मीय संवाद कर संयंत्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उनके अनुभव और सुझाव आमंत्रित किए, जिन पर निदेशक प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशकों ने विस्तार से चर्चा की। सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों ने अपने कार्यकाल की यात्रा साझा करते हुए अनुभवों एवं विचारों को व्यक्त किया। अंत में कार्यपालक निदेशकों ने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों को जीवन के नए पड़ाव के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं।30 मई को भिलाई निवास में आयोजित समारोह में संयंत्र के गैर-कार्यपालकों को भावभीनी विदाई दी गई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, महाप्रबंधक (आई एंड एस) सुश्री के. सुपर्णा, उप महाप्रबंधक ( मानव संसाधन- मिल्स) श्री प्रताप शेखर नायक और उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन-एससीसीए) श्री राजेंद्र प्रसाद ने कार्मिकों को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान किया। संयंत्र प्रबंधन ने विदा होने वाले इस्पात बिरादरी के सदस्यों के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।
- 0- तीन दिवसीय निःशुल्क योग एवं पंचकर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर कोहका में शुरूभिलाई नगर। स्वामी रामदेव के शिष्य एवं पतंजलि योग समिति के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव के सानिध्य में तीन दिवसीय निशुल्क योग एवं पंचकर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ शनिवार की सुबह हुआ। मनसा कॉलेज कोहका में आयोजित इस शिविर के पहले दिन लगभग 600 से 700 शिविरार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।अपने उद्बोधन में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में उपयोगी सरल घरेलू औषधियों एवं स्वास्थ्यवर्धक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, निरोग और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योग और आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने पतंजलि योगपीठ के उन समर्पित कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया जो योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यकर्ता भविष्य के निरोग, सशक्त और संस्कारित भारत के वास्तविक निर्माता हैं।कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन अनूप बंसल (सह राज्य प्रभारी, भारत स्वाभिमान न्यास), जयंत विष्णु भारती (राज्य प्रभारी, युवा भारत) तथा नरेंद्र पटेल (जिला प्रभारी, पतंजलि योग समिति) द्वारा किया जा रहा है।शिविर के उद्घाटन अवसर पर राकेश दुबे (सदस्य, योग आयोग), छविराम साहू (राज्य प्रभारी, भारतीय शिक्षा बोर्ड), मनसा कॉलेज के डायरेक्टर संजीव सक्सेना और मेजर सिंह (सेक्रेटरी, योगासन इंडिया) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।शिविर की व्यवस्था एवं संचालन में तिजऊ राम साहू, बिसेन, राजेश तिवारी, शंभू कुशवाहा, शत्रुघ्न साहू, बलवंत सिंह, सुमन भारती, अनामिका पुरी, सुधा सोनी, श्री पाटिल, जागेश्वर साहू, विमला राय, बसंत वर्मा और आर.पी. शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का विशिष्ट सहयोग है। शिविर आगामी 1 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा एवं पंचकर्म से संबंधित व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- 0- कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्जदुर्ग। दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार द्वारा व्यापारी के आधार कार्ड और बैंक खाते में उनके पिता का नाम बदलकर खुद को उनका पुत्र बताने और संपत्ति हड़पने का षडयंत्र रचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोहन नगर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी मुकेश लालवानी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार पद्मनाभपुर निवासी फल व्यवसायी कैलाश माखीजा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग की अदालत में परिवाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उनका रिश्तेदार मुकेश लालवानी, जो वर्तमान में कृषि उपज मंडी दुर्ग में फल व्यवसाय करता है, ने स्वयं को उनका पुत्र बताकर विभिन्न दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। परिवाद में कहा गया है कि आरोपी के पिता श्रीचंद लालवानी की मृत्यु के बाद मानवीय आधार पर उसे अपने साथ रखा गया था। बाद में आरोपी व्यवसाय में सहयोग करने लगा, लेकिन उस पर लाखों रुपये के गबन और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगे, जिसके बाद उसे व्यवसाय से अलग कर दिया गया।आवेदक ने आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ खुद को उनका पुत्र बताते हुए आधार कार्ड, बैंक खाता और अन्य दस्तावेज तैयार करा लिए। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने कभी भी आरोपी को कानूनी रूप से गोद नहीं लिया।जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने राजनांदगांव नगर निगम के जन्म रिकॉर्ड और शैक्षणिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि आरोपी का वास्तविक नाम मुकेश लालवानी है तथा उसके पिता का नाम श्रीचंद लालवानी दर्ज है। इसके बावजूद आरोपी द्वारा कथित रूप से स्वयं को "मुकेश माखीजा" बताकर दस्तावेज तैयार किए गए।परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में आपत्ति जताई और दस्तावेजों को सही कराने की बात कही तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।मामले में पूर्व में थाना मोहन नगर एवं पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी शिकायत दी गई थी। कार्रवाई नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के निर्देश पर मोहन नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 468 और 471 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है तथा जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- 0-जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारीमोहला। मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के तत्वावधान में मुख्यमंत्री सहायता हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित उक्त प्रशिक्षण में कलेक्टर तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, डिप्टी कलेक्टर समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी राकेश कुमार गोलछा तथा अंशुल वर्मा तथा विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ राकेश सिंह ने प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों को हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण की प्रक्रिया, ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए सुशासन की दिशा में हेल्पलाइन की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा भी किया गया।दूसरी ओर अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारियों को विभागीय कार्यप्रणाली में प्रभावी रूप से लागू करने तथा आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सहायता हेल्पलाइन 1076 को शासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि शिकायतों के त्वरित निराकरण से आमजन का शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक संवेदनशील, जवाबदेह एवं परिणाममूलक बनाना है।
- कोंडागांव। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब जरूरतमंद लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है। इसका सकारात्मक उदाहरण कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम सोड़मा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में देखने को मिला, जहां ग्राम सोड़मा निवासी श्रीमती सनबती बाई और ग्राम जैतपुरी निवासी श्रीमती कुमारी मानिकपुरी को मौके पर ही नया राशन कार्ड प्रदान किया गया।दोनों हितग्राहियों ने बताया कि राशन कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला चावल एवं अन्य आवश्यक खाद्यान्न प्राप्त नहीं हो पा रहा था। सुशासन तिहार के तहत गांव में आयोजित शिविर में उन्होंने अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका राशन कार्ड बनाया गया और वितरित किया गया।राशन कार्ड मिलने के बाद अब दोनों परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही आयुष्मान भारत योजना सहित शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल सकेगा। श्रीमती सनबती बाई और श्रीमती कुमारी मानिकपुरी ने अपनी समस्या के त्वरित समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
- गौरेला पेंड्रा मरवाही. जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन नगर पालिका परिषद पेंड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में आकांक्षी विकासखंड गौरेला के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा जाति के बालक और बालिकाओं को विशेष अवसर दिया गया है। बैगा परिवार मुखिया से मान मनौव्वल करके उनके गांव से स्वीमिंगपूल तक लाया गया है। जो प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों पालियों में तैराकी के खेल कौशल से रूबरू व पारंगत हो रहे हैं।राष्ट्रीय स्तर के पदक प्राप्त खिलाड़ी प्रशिक्षकों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यों तों तैराकी खेल को सीखने के लिए ज्यादा समय चाहिए, लगातार अभ्यास से ही इस विधा को सीखा जा सकता है, दूरस्थ अंचल से आकर सभी विधा को नहीं सीखा जा सकता। इसमें फ्रीस्टाइल, बैक स्ट्रोक, बटर स्ट्रोक, ब्रेस्ट स्ट्रोक, मिडले आदि को इतने कम समय पर नहीं सीखा जा सकता। लेकिन ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति के खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। शिविर में रह कर बैगा बच्चों ने बहुत कुछ सीखा है। यों तो ईन बैगा बच्चों को जंगल पहाड़ नदी-नालों से रोज पाला पड़ता है लेकिन तरणताल में और नदी में बहुत अंतर होता है जिसे ये खिलाड़ी नजदीक से अनुभव लेकर प्रफुल्लित हैं। शिविर को सफल बनाने में दिनेश सिंह दाऊ प्रभारी अधिकारी, टीम के सदस्य सोमेश्वर सिंह धुर्वे, राजेन्द्र केंवट और न्यासा पैकरा लगातार लगे हुए हैं।
- 0- समय-समय पर कराएं आधार अद्यतन, अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पर प्रशासन की अपीलमोहला। आधार केवल 12 अंकों की संख्या नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की विशिष्ट पहचान है। वर्तमान समय में आधार हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग सेवाएं, पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान योजना, गैस सब्सिडी, मोबाइल सिम सत्यापन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं में आधार की महत्वपूर्ण भूमिका है।आधार से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय समय-समय पर आधार अद्यतन कराना है। यदि किसी नागरिक ने पिछले 10 वर्षों के भीतर अपना आधार अपडेट नहीं कराया है, तो आधार निष्क्रिय होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार माता-पिता के बायोमेट्रिक के आधार पर बनाया जाता है। बच्चा जब 5 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेता है, तब उसका बायोमेट्रिक अद्यतन कराना अनिवार्य होता है। इसी प्रकार 15 से 17 वर्ष की आयु के दौरान भी बायोमेट्रिक अपडेट आवश्यक है। समय के साथ व्यक्ति की आंखों, उंगलियों के निशान एवं चेहरे की बनावट में परिवर्तन होता है, इसलिए आधार का बायोमेट्रिक अद्यतन समय-समय पर कराया जाना जरूरी है, ताकि हितग्राही विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) 5 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर तथा 15 से 17 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर कराया जाना आवश्यक है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा 30 सितंबर 2026 तक बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को निःशुल्क किए जाने की घोषणा की गई है। इसके पश्चात बायोमेट्रिक अपडेट कराने पर निर्धारित शुल्क देय होगा।जिला प्रशासन ने नागरिकों एवं पालकों से अपील की है कि वे समय रहते आधार अद्यतन एवं बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी शासकीय सेवा एवं योजना का लाभ लेने में असुविधा न हो।
- 0- विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी गई जानकारीमोहला। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी द्वारा बैंकर्स के सहयोग से रैंप योजना के अंतर्गत विकासखंड मानपुर में बैंकर्स-उद्यमी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा पीएमएफएमई एवं पीएमईजीपी योजनाओं के हितग्राहियों ने भाग लिया।कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए उद्यमियों को वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना तथा सीजीटीएमएसई के लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान प्रतिभागियों को बैंक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने अपने व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को साझा किया। बैंक अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। कार्यक्रम के दौरान कई ऋण प्रस्तावों पर प्रारंभिक कार्यवाही भी की गई। साथ ही सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नए एवं भावी उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि स्वरोजगार केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार प्रदाता बनने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक युवाओं एवं महिलाओं से शासन की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री राम कुमार गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम उद्यमिता क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भावी उद्यमियों को उचित मार्गदर्शन और सही दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही तथा सभी बैंक अधिकारियों और उपस्थित उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
- 0- एक माह में बैंकों ने स्वीकृत किए लगभग 49 करोड़ रुपए के ऋण, स्वरोजगार और उद्यमिता को मिला बढ़ावामोहला। सुशासन तिहार 2026 के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले के सभी बैंकों द्वारा शुक्रवार को आरसेटी भवन मानपुर में जिला स्तरीय मेगा क्रेडिट कैंप का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, एसडीएम मानपुर श्री अमित योगी, सीईओ जनपद पंचायत मानपुर श्री मोहम्मद हनीस, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री आर.के. गुप्ता, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारंभ में बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर एवं लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्री के.एम. सिंह ने मेगा क्रेडिट कैंप के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सुशासन तिहार के दौरान इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को बैंक ऋण योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने जानकारी दी कि सुशासन तिहार 2026 के दौरान 1 मई से 28 मई 2026 तक जिले के विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 48 करोड़ 99 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत लगभग 39 करोड़ रुपये, स्वयं सहायता समूहों को सवा करोड़ रुपये, पीएमईजीपी योजना में 25 लाख रुपये, व्यक्तिगत ऋण के रूप में 5 करोड़ रुपये, मुद्रा योजना के तहत 3 करोड़ रुपये तथा एंटरप्राइज फाइनेंस के अंतर्गत 15 लाख रुपये के ऋण शामिल हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के स्थानीय उत्पादों एवं संसाधनों पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर ने अपने सहज एवं छत्तीसगढ़िया अंदाज में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वरोजगार एवं व्यवसाय के लिए बैंक ऋण का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का समुचित उपयोग कर लोग आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर ने मेगा क्रेडिट कैंप के सफल आयोजन के लिए जिले के सभी बैंकरों एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। मेगा क्रेडिट कैंप के माध्यम से जिले में वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
- महासमुंद. जिले में खाद भंडारण और वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। अब किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट चुके है। सहकारी समिति से किसान खाद का उठाव कर रहें हैं। उप संचालक कृषि, से प्राप्त जानकारी अनुसार सहकारी समिति में यूरिया 9589 टन, डीएपी 4128 टन, एमओपी 1887 टन, एसएसपी 5616 टन, एनपीके 3005 टन कुल 24225 टन उर्वरको का भण्डारण किया जा चुका है इसके अतिरिक्त जिला विपणन अधिकारी महासमुन्द के भण्डारण गृह में यूरिया 5931 टन, डीएपी 572 टन, एमओपी 795 टन, एसएसपी 1328 टन, एनपीके 90 टन कुल 8716 टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है।पूरे प्रदेश में कृषकों को खरीफ सीजन भर खाद की आपूर्ति कि जा सकें इस हेतु कृषि भूमि के रकबे वार अलग से व्यवस्था कि गई है जिसमें कृषक (2.5 एकड़ से कम) को एक मुश्त खाद वितरण, सीमांत कृषकों (2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक) को दो किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) खाद वितरण एवं दीर्घ कृषक (2.5 एकड़ से अधिक) को तीन किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) उर्वरको का वितरण निजी एवं सहकारी दोनो क्षेत्रो में किया जावेगा। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी व अधिक मूल्य पर उर्वरको के विक्रय पर अंकुश लगाने हेतु जिले भर में कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा सतत् निगरानी का कार्य किया जा रहा है। जिले में अनियमित रूप से यूरिया वितरण करने पर 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिवस के लिये निलंबित किया जा चुका है एवं 4 फर्मों पर एफ.आई.आर. करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा तीन फर्मों के यहां पॉस एवं भौतिक स्टॉक में अंतर के कारण उर्वरक जप्ती की कार्यवाही की गई है।--
- बालोद. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज जिला मुख्यालय बालोद स्थित राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन के निवास स्थल पहुंचे। वहाँ उन्होंने श्री जैन की भाभी स्वर्गीय लक्ष्मी देवी जैन के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
- 0- 31 मई को मतदान दलों को किया जाएगा रवाना, सभी 15 मतदान केंद्रों पर महिला अधिकारी निभाएंगी दायित्व0- नगर पंचायत पलारी में पहली बार होगा निर्वाचन, सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा मतदानबालोद. बालोद जिले के नगर पंचायत पलारी में नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत अध्यक्ष और 15 पार्षदों के चुनाव के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार का निर्वाचन बेहद खास होने जा रहा है, क्योंकि पूरे नगर पंचायत में मतदान संपन्न कराने की कमान पूरी तरह से महिला मतदान कर्मियों के हाथों में सौंपी गई है।निर्वाचन को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों में 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। खास बात यह है कि सभी केंद्रों के लिए पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदान अधिकारी क्रमांक 1, 2 और 3 के पदों पर केवल महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। चुनाव कार्य के लिए कुल 15 मुख्य मतदान दल गठित किए गए हैं, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3 अतिरिक्त (रिजर्व) मतदान दलों को भी तैयार रखा गया है।नगर पंचायत पलारी में 01 जून को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान सम्पन्न होगा। पलारी नगर पंचायत में इस बार कुल 3,766 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिसमें 1,912 महिला मतदाता और 1854 पुरुष मतदाता शामिल हैं। सुरक्षा और सुव्यवस्थित मॉनिटरिंग के लिए पूरे 15 मतदान केंद्रों को 2 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। दोनों ही सेक्टरों में कानून व्यवस्था और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए दो सेक्टर ऑफिसर तैनात किए गए हैं।निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 31 मई 2026 को प्रातः 8:00 बजे से स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से मतदान सामग्री का वितरण शुरू किया जाएगा। सामग्री प्राप्त करने के बाद, प्रशासन द्वारा तैयार किए गए विशेष रूट चार्ट के अनुसार सभी मतदान दल अपने-अपने निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए बसों और वाहनों के माध्यम से रवाना होंगे। प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण और भारी संख्या में मतदान करने की अपील की है।
- -ग्रामीण और शहरी अंचलों में सुचारू उत्पाद आवाजाही के लिए मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैनातरायपुर ।देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) शामिल हैं—ने छत्तीसगढ़ राज्य में ईंधन की मांग में आए भारी उछाल के बीच अपने परिचालन और लॉजिस्टिक्स तालमेल को मजबूत किया है। इंडियन ऑयल के रायपुर मंडल कार्यालय के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड (DRSH) एवं छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री नितिन चव्हाण द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 मई से 28 मई 2026 की अवधि के दौरान राज्य में हाई-स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा बिक्री में व्यापक विकास देखा गया है, जिसमें विशेष रूप से 4 प्रमुख जिलों—बालोद (40.6%), बस्तर (35.2%), कोरिया (34.0%) और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (30.3%)—ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की शानदार विकास दर हासिल की है। इसके साथ ही, 7 अन्य जिलों, जिनमें सक्ती (29%), राजनांदगांव (26.9%), सूरजपुर (23.5%), दुर्ग (23.5%), रायपुर (22.6%), कोंडागांव (20.9%) और कांकेर (20.3%) शामिल हैं, ने डीजल की बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत के बीच जोरदार वृद्धि दर्ज की है, जबकि महासमुंद, बलौदाबाजार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बीजापुर, सुकमा, सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर और धमतरी सहित 11 जिलों में यह वृद्धि 10 से 20 प्रतिशत के दायरे में रही है; वहीं जांजगीर (13.1%), कांकेर (12.8%) और रायपुर (12.1%) जैसे जिलों में पेट्रोल की खुदरा बिक्री में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।ईंधन की मांग में इस निरंतर वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण स्थानीय और आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें मुख्य रूप से ग्रामीण कृषि क्षेत्रों में चल रही सीजन की चरम जुताई, बुवाई और कटाई से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) और अन्य निजी तेल आपूर्तिकर्ताओं के बीच कीमतों में मौजूद स्पष्ट अंतर की वजह से भारी वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं का रुझान बड़े पैमाने पर पीएसयू (PSU) आउटलेट्स की तरफ हुआ है, जिसने खुदरा मांग को नई ऊंचाई दी है। पेट्रोलियम उत्पादों के इस उच्च उठाव के बावजूद, बिक्री के ये मजबूत आंकड़े प्रमाणित करते हैं कि बिना किसी बड़े व्यवधान या स्थानीय किल्लत के पूरे छत्तीसगढ़ संभाग में ऑटोमोटिव ईंधन की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सफलतापूर्वक कायम रखी गई है।इस भारी लॉजिस्टिक्स आवश्यकता को पूरा करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों और खुदरा काउंटरों के अपने व्यापक देशव्यापी नेटवर्क के माध्यम से निरंतर आपूर्ति चक्र चला रही हैं। बाजारों में उत्पादों की सुचारू आवाजाही और समय पर पुनः आपूर्ति (रेपलीनिशमेंट) सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों की समर्पित आपूर्ति टीमें, परिवहन नेटवर्क और terminal संचालन इकाइयां चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के साथ मिलकर चौबीसों घंटे (24x7) काम कर रही हैं। तेल उद्योग इस संबंध में राज्य प्रशासन के साथ निरंतर सीधा और कड़ा समन्वय बनाए हुए है। तेल उद्योग के नेतृत्व ने समस्त उपभोक्ताओं को पुनः आश्वस्त किया है कि देश और राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देते हुए अपना सामान्य खरीदारी व्यवहार बनाए रखें, घबराहट में आकर अनावश्यक भंडारण (पैनिक बाइंग) से बचें और सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों व तेल कंपनियों के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।



























