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-निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के दिए सख्त निर्देश
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने 'मॉर्निंग विजिट' के तहत शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख विकास परियोजनाओं का धरातलीय निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण कार्यों को समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी।आयुक्त ने गोठान की व्यवस्थाओं को देखा और मवेशियों के लिए चारे-पानी के समुचित प्रबंध सहित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए तैयार हो रहे निर्माणाधीन स्विमिंग पूल, हॉर्स राइडिंग, स्केटिंग ट्रैक सहित नालंदा परिसर का निरीक्षण कर गुणवत्ता युक्त कार्य के साथ निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा। शहर की लाइफलाइन 77 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न स्थलों के सैंपल परीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कचांदुर में बन रहे निर्माणाधीन एसटीपी का बारीकी से निरीक्षण किया गया, यह शासन की महत्वपूर्ण बड़ी योजना में से है। इस ट्रीटमेन्ट प्लांट के निर्माण पश्चात् कोसानाला एवं तेलहा नाला के अपशिष्ट जल का उपचार कर औद्योगिक, कृषि, बागवानी एवं अन्य कार्य हेतु उपयोग किया जाएगा।खुर्सीपार स्थित एसएलआरएम सेंटर का भी जायजा लिया गया, जहां कचरा प्रबंधन को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त डी. के. कोसरिया, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल एवं सुनील जैन, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता फत्ते लाल साहू, श्वेता वर्मा, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, अशोक देवांगन, चंदन निर्मल, विनय शर्मा सहित निगम के अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। - रायपुर ।प्रेस क्लब में स्वदेश ज्योति के मैनेजिंग एडिटर श्री अक्षत शर्मा का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने उन्हें प्रेस क्लब का पारंपरिक गमछा पहनाकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में स्वदेश में अलग-अलग समय पर कार्य कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों ने श्री अक्षत शर्मा की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ पत्रकारों ने स्वदेश में उनके साथ काम करने के दौरान की यादों को साझा किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा।संवाद कार्यक्रम के दौरान श्री अक्षत शर्मा ने वर्तमान पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रयोग और उसके प्रभावों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एआई पत्रकारिता के लिए एक उपयोगी तकनीक साबित हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही इसके दुरुपयोग और पत्रकारों की रचनात्मकता व बौद्धिक क्षमता पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग पत्रकारिता को मजबूत बनाने के लिए होना चाहिए, न कि पत्रकारों की सोच और विश्लेषण क्षमता का विकल्प बनने के लिए। पत्रकारिता में मानवीय संवेदनाओं, तथ्यों की पड़ताल और निष्पक्ष दृष्टिकोण का महत्व हमेशा बना रहेगा।इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा समाधान भी है और उतनी ही बड़ी चुनौती भी। उन्होंने कहा कि एआई जहां पत्रकारों के कार्य को अधिक तेज, प्रभावी और शोधपरक बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर यह पत्रकारों के पारंपरिक कार्य और रोजगार के स्वरूप में तकनीकी हस्तक्षेप के कारण नई चुनौतियां भी पैदा कर रहा है। इसलिए पत्रकारों को तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखते हुए अपनी मौलिकता और विश्वसनीयता बनाए रखनी होगी।कार्यक्रम का संचालन संवादात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें पत्रकारों ने पत्रकारिता के भविष्य, तकनीक और मीडिया की बदलती भूमिका पर खुलकर विचार साझा किए।इस अवसर पर प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, नरेंद्र बंगाले , चंद्रकांत दौंड, प्रहलाद दमाहे, प्रत्यूष शर्मा, जावेद खान, रमेश पाण्डेय पंकज चौहान, विनय घाटगे, विजय मिश्रा ,मनोज देवांगन, लवकुश शुक्ला , हेमन्त डोंगरे, आशीष झा, देवेंद्र सिन्हा, लवलेश द्विवेदी विक्रम साहू ,सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
- -महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथेरेपी सेंटर की डॉक्टर काले ने सुझाए सुरक्षित जीवन के लिए सावधानियांरायपुर। आमतौर पर 40 की उम्र के बाद शरीर में जकड़न और हाथ-पैर में दर्द की शिकायत ज्यादातर लोगों को रहती है। बार-बार पीठ में दर्द, उठने- बैठने पर जोड़ों में दर्द, सुबह उठने पर शरीर में अड़कन जैसी समस्या अगर लंबे समय से बनी हुई है, तो आपको त्वरित एक अच्छे फिजियोथेपिस्ट से मिलना चाहिए। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल की फिजियोथेरेपी सेंटर में अपनी सेवाएं दे रहीं डाॅ. अंकिता काले ने कहीं।डाॅ. काले ने आगे कहा कि शरीर में लगातार दर्द, अकड़न या चलने-फिरने में दिक्कत होना रोज़मर्रा की मामूली परेशानी नहीं है। ये इस बात के शुरुआती संकेत हो सकते हैं कि आपके शरीर को पेशेवर देखभाल की ज़रूरत है। आमतौर पर ज्यादातर लोग गुगल या चैट जीपीटी की मदद से पूछ लेते हैं, लेकिन रोज आ रही शारीरिक तकलीफ इस बात का संकेत है कि आपको फिजियो कराने की जरूरत है। शुरुआती उपचार से दर्द कम करने, चलने-फिरने में सुधार करने और दीर्घकालिक समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है। कई लोग फिजियोथेरेपिस्ट से मिलने में बहुत देर कर देते हैं, जिससे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।फिजियोथेरेपिस्ट की ज़रूरत के संकेत:-0. गतिविधि के बाद कभी- कभार होने वाला दर्द आम बात है, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय तक रहने वाला दर्द स्पष्ट संकेत है कि कुछ गड़बड़ है। तीव्र दर्द आमतौर पर आराम करने से ठीक हो जाता है, लेकिन लगातार दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों की समस्या या तंत्रिका संबंधी परेशानी का संकेत हो सकता है।0. बार-बार होने वाले पीठ या गर्दन का दर्द फिजियोथेरेपिस्ट की आवश्यकता का एक सबसे आम संकेत है। गलत मुद्रा, लंबे समय तक बैठे रहना, मांसपेशियों में असंतुलन और कमजोर कोर मांसपेशियां अक्सर बार-बार होने वाले दर्द का कारण बनती है।0. चलते या खड़े होते समय घुटनों या कूल्हों में होने वाले दर्द को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। जोड़ों में अकड़न, घुटनों या कूल्हों में दर्द गठिया, आसपास की मांसपेशियों की कमजोरी या गलत चलने- फिरने के तरीके के कारण हो सकता है।0. सुबह के समय होने वाली अकड़न, खासकर अगर यह कुछ मिनटों से अधिक समय तक बनी रहे, तो मांसपेशियों में जकड़न या गतिशीलता में कमी का संकेत हो सकती है।0. खेल चोट, लिगामेंट की चोट या गिरने के बाद लगातार होने वाला दर्द अक्सर अपूर्ण उपचार का संकेत देता है। इससे घाव के निशान और कमजोरी विकसित हो सकती है, जिससे दोबारा चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।0. बैठने, चलने, सीढ़ियाँ चढ़ने या रोज़मर्रा के काम करने में दर्द होता है, तो यह इस बात का प्रबल संकेत है कि आपको फिजियोथेरेपी की आवश्यकता है।0. कंधे, बांह या पैर को स्वतंत्र रूप से हिलाने में कठिनाई जैसे कि कंधे में अकड़न या फ्रोजन शोल्डर, जोड़ों या मांसपेशियों की गति में प्रतिबंध का संकेत देती है।0. सुन्नपन, झुनझुनी या जलन जैसी संवेदनाएं अक्सर तंत्रिका दर्द, साइटिका या तंत्रिका संपीड़न का संकेत देती हैं।0. संतुलन बिगड़ने और बार-बार गिरने की समस्या कमजोर कोर मांसपेशियों, खराब समन्वय या वेस्टिबुलर समस्याओं के कारण हो सकती है।0. सर्जरी या लंबे समय तक बिस्तर पर आराम करने के बाद, मांसपेशियों का कमजोर होना और जोड़ों में अकड़न होना आम बात है।
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-कोलकाता में आयोजित 17वें सीएससी स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के कृषि नवाचार की सराहना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार का बना मॉडल
रायपुर / कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। कार्यक्रम में जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे नवाचारों की सराहना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री दिलीप घोष थे।कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी श्री जयंत नाहटा ने PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन“ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं के विस्तार तथा PACS को ’वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की एक अभिनव पहल है।उन्होंने कहा कि भविष्य में PACS के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त होगा।कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव तथा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित थे। -
-217 मामलों की सुनवाई की गई
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव श्री विजय कुमार होता के मार्गदर्शन में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं तालुक स्तर पर आयोजित विशेष लोक अदालत में न्यायालय में लंबित, धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के प्री-लिटिगेशन के प्रकरणों को निराकरण के लिए चिन्हित किया गया। विशेष लोक अदालत के लिए कुल 9 खंडपीठों का गठन किया गया। विशेष लोक अदालत में 217 मामलों की सुनवाई की गई। जिसमें 3 मामले प्री-लिटिगेशन के थे। विशेष लोक अदालत के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 45 लाख 40 हजार 53 रूपए के 38 मामलों का सफलतापूर्वक निपटान किया गया। विशेष लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य मामले, धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले अर्थात् चेक से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई। - बिलासपुर । छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के चिकित्सकों ने आपसी समन्वय, त्वरित निर्णय और विशेषज्ञ उपचार से चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल 15 वर्षीय किशोर की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। सिरगिट्टी निवासी किशोर पर 11 जुलाई 2026 की शाम लगभग 8:30 बजे चाकू से हमला किया गया था। गंभीर अवस्था में उसे रात लगभग 9 बजे सिम्स के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया इसकी जानकारी डीन डॉ रमणेश मूर्ति को प्राप्त होने पर तत्काल निर्देश पर उपचार प्रारंभ किया गया।चिकित्सकों के अनुसार चाकू का वार पेट और छाती के महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंच गया था। चोट इतनी गंभीर थी कि पेट की दीवार क्षतिग्रस्त होकर छोटी आंतें बाहर निकल आई थीं तथा दाहिनी ओर छाती में लगी गहरी चोट के कारण फेफड़ों पर दबाव बन गया था, जिससे मरीज को सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। आंतों में कई स्थानों पर छेद होने से पेरिटोनाइटिस, सेप्सिस और अत्यधिक रक्तस्राव जैसी जानलेवा जटिलताओं का खतरा उत्पन्न हो गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रत्येक मिनट मरीज के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सर्जरी विभाग को तत्काल सक्रिय किया गया। वरिष्ठ सर्जन डॉ. बृजेश पटेल के निर्देशन में आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। शल्य चिकित्सा टीम में डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह, डॉ. शुभा एक्का, डॉ. रवि राजवाड़े एवं पी.जी. रेजिडेंट डॉ. कुणाल शामिल रहे। ऑपरेशन थिएटर में ओ.टी. सिस्टर अंजिता ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।ऑपरेशन के दौरान छोटी आंतों में कई स्थानों पर हुए छेदों की सफलतापूर्वक मरम्मत की गई तथा पेट की गुहा में जमा रक्त को निकालकर आंतरिक रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने और शीघ्र शल्य चिकित्सा किए जाने के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी।शल्य चिकित्सा के पश्चात मरीज को एनेस्थीसिया विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती किया गया, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति के नेतृत्व में सहायक प्रोफेसर डॉ. अपर्णा मिश्रा एवं पी.जी. रेजिडेंट्स की टीम ने 24 घंटे निगरानी रखते हुए वेंटिलेटरी सपोर्ट, संक्रमण नियंत्रण एवं दर्द प्रबंधन किया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर मरीज को सर्जरी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्तमान में उसकी स्थिति स्थिर है तथा वह खतरे से बाहर है।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि चाकू लगने जैसे गंभीर ट्रॉमा मामलों में 'गोल्डन ऑवर' के भीतर उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक होता है। सिम्स के इमरजेंसी, सर्जरी एवं एनेस्थीसिया विभागों के समन्वित प्रयासों तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के कारण एक और गंभीर मरीज का जीवन बचाया जा सका है। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस सफलता पर पूरी चिकित्सा टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता, अनुशासित कार्यप्रणाली एवं टीम भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिम्स चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण रोगी सेवा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी मरीजों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
- रायपुर.। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासन, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लगातार करीब 14 घंटे तक चली चर्चा के बाद शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के साथ पांच दिवसीय मानसून सत्र का समापन भी हो गया। सत्ता पक्ष ने किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कथित विफलताओं को लेकर कांग्रेस के 136 सूत्री ''आरोपपत्र'' को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कुल 17 विधायकों ने चर्चा में भाग लिया जो शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुई और देर रात करीब ढाई बजे समाप्त हुई। कांग्रेस ने 136 सूत्री ''आरोपपत्र'' पेश करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। चर्चा का जवाब देते हुए साय ने अविश्वास प्रस्ताव को ''खोखला, निराधार और राजनीतिक नौटंकी'' करार दिया।उन्होंने कहा कि यदि ''झूठ और भ्रष्टाचार'' में पीएचडी का कोई पाठ्यक्रम होता, तो कांग्रेस के सदस्य उसमें विशेषज्ञ होते। साय ने सवाल किया कि क्या यह प्रस्ताव उन तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासियों के खिलाफ है, जिन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता सौंपी और बाद में लोकसभा तथा स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ''शायद वे यह पचा नहीं पा रहे हैं कि एक गांव के आदिवासी किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है।'' साय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कटाक्षा करते हुए दावा किया कि ''राजा'' (भूपेश बघेल) और ''महाराजा'' (टीएस सिंह देव) के बीच नेतृत्व को लेकर चली खींचतान और आपसी गुटबाजी से राज्य का शासन प्रभावित हुआ। साय ने कहा कि उनकी सरकार की कथनी और करनी में समानता है। उन्होंने 25 लाख किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, लंबित बोनस के रूप में 3,716 करोड़ रुपये के भुगतान, सिंचाई क्षमता दोगुनी करने तथा 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति देने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बस्तर से माओवादियों को पूरी तरह हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राज्य सुरक्षा बलों को श्रेय दिया। प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि राज्य को एक ''अदृश्य शक्ति'' चला रही है।'' बघेल ने कानून-व्यवस्था और पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा) के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जहां नक्सलवाद कम हुआ है, वहीं अब ''भू-माफिया'' बस्तर की खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं। बघेल ने कहा, ''नक्सली भले ही चले गए हों, लेकिन भू-माफिया आ गए हैं। इसलिए बस्तर के लोग चिंतित हैं।''इससे पहले चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि सरकार ने सत्ता में अपने 135 सप्ताह पूरे कर लिए हैं और 136वें सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। इसलिए विपक्ष ने सरकार की कथित विफलताओं का दस्तावेजीकरण करते हुए 136 सूत्री ''आरोपपत्र'' तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार आबकारी, कोयला और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटालों सहित कई मामलों में घिरी रही। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
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-प्रभावित परिवारों तक बिना विलंब राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। - -मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से बचें, मानव बुद्धि ही सर्वाेच्च है: राज्यपाल श्री डेकारायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है। आज जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके समय में सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई होती थी, तथा मेहनत और लगन ही सफलता का आधार थी। आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस युग में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अपनी मौलिक सोच और अध्ययन की आदत को बनाए रखना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने आज रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण 2026 के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे निर्मल और अमूल्य होती है, जिसे जीवनभर संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह हानिकारक है। मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक अध्ययन और उपयोगी कार्यों तक सीमित होना चाहिए।उन्होंने कहा कि आज के समय में गूगल और एआई उपयोगी साधन हैं, लेकिन वे मानव बुद्धि का विकल्प नहीं बन सकते। जीवन में गूगल इफेक्ट नहीं होना चाहिए। सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रतिभा और रुचि को पहचानें तथा उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर बच्चा आईआईटी या मेडिकल के क्षेत्र में ही जाए, यह आवश्यक नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यार्थियों की विविध प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए अनेक नए पाठ्यक्रम और विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। आज प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और नवाचार के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपने बड़े रखें। व्यक्ति किस पृष्ठभूमि से आता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और संकल्प ही उसका भविष्य तय करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल सफल व्यक्ति ही खुश हो, यह आवश्यक नहीं है, बल्कि संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रहता है। परिवार, पड़ोसियों और मित्रों के साथ सौहार्द एवं शांति से जीवन जीना ही सच्ची सफलता है।राज्यपाल ने कहा कि आज यहां सम्मानित होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उसके माता-पिता के त्याग और गुरुजनों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरों से न करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशिष्ट होता है। उसे अंधी प्रतिस्पर्धा में धकेलने के बजाय उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। जब बच्चा अपनी पसंद के क्षेत्र में कार्य करता है, तभी उसकी उत्कृष्ट प्रतिभा निखरकर सामने आती है।उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे चलकर आत्मनिर्भर भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, विधायक तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। प्रत्येक विद्यार्थी का एक स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए और उस लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। शिक्षा पर जितना अधिक ध्यान दिया जाएगा, भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम के प्रारंभ में पीएसवाय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संघ के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अंत में मुख्य योजना समन्वयक पीएसवाय श्रीमती शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक श्री जगदीश बर्मन, पीएसवाय के पदाधिकारी, प्रदेश के सभी संभागों से आए जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, सम्मानित विद्यार्थी, उनके अभिभावक उपस्थित थे।
- -24 घंटे, सातों दिन संचालित व्यवस्था, 8 हजार अधिकारी शिकायतों के समयबद्ध समाधान में जुटे-एक माह में ही जनता के भरोसे का सबसे सशक्त माध्यम बनी सीएम हेल्पलाइन, 42 हजार से अधिक शिकायतों का हुआ समाधानरायपुर / मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने अपने संचालन के पहले ही महीने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 13 जुलाई 2026 तक इसके माध्यम से 42 हजार 653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इनमें 13 हजार 600 शिकायतकर्ताओं ने समाधान से संतुष्ट होकर स्वयं सकारात्मक अभिमत के साथ अपने प्रकरण बंद कराए।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आमजन और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का अधिकाधिक उपयोग करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि हर जरूरतमंद नागरिक तक इस व्यवस्था का लाभ पहुँच सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। हेल्पलाइन चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है। इसके लिए समर्पित कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन तैनात हैं, जो लगातार शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुँचाते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग आठ हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को अपनी समस्या लेकर कार्यालय-दर-कार्यालय भटकना न पड़े। अब केवल एक फोन कॉल के माध्यम से शिकायत दर्ज होती है, उसकी सतत मॉनिटरिंग होती है और निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है तथा प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था सुशासन को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दायरा और अधिक व्यापक किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक भी त्वरित और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएँ पहुँच सकें।विभागवार आँकड़े बताते हैं कि ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों से संबंधित शिकायतें सर्वाधिक प्राप्त हुईं। वहीं समाधान के मामले में भी इन विभागों ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए क्रमशः 3,066, 2,530 और 1,314 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया। महज एक माह में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 ने यह साबित कर दिया है कि जब शासन संवेदनशीलता, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तब सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है। "समस्या तुंहर, समाधान हमर" की भावना के साथ संचालित यह पहल आज विकसित छत्तीसगढ़ के जन-केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन मॉडल की मजबूत पहचान बन चुकी है।
- महासमुंद / जिले में खरीफ मौसम के दौरान धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत जिले में लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कृषि उपसंचालक श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापाली के किसान श्री फागू लाल कैवर्त और श्री नंदकुमार कैवर्त इस बदलाव के साक्षी हैं। दोनों किसानों ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत धान के स्थान पर 0.40-0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में 1 जुलाई 2026 को मूंगफली की बुवाई की।इन किसानों का कहना है कि मूंगफली की खेती में धान की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है। साथ ही इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण लाभ की संभावना अधिक रहती है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने समय पर बुवाई कर वैज्ञानिक विधियों को अपनाया है, जिससे अच्छी उपज की उम्मीद है।कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मूंगफली जैसी तिलहनी फसलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।किसान फागू लाल और नंदकुमार द्वारा की जा रही मूंगफली की खेती क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए उदाहरण बन रहा है। यदि अधिक किसान धान के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को अपनाते हैं, तो इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बन सकेगी।
- -कठिन चुनौतियों के बीच अपने सपनों को कर रही साकार-संभाग स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाईरायपुर। कठिन परिस्थितियाँ अक्सर जीवन की राह को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, उचित मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। कोंडागांव जिला प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कोंडागांव में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद, बालिकागृह की शिवबती ने अपने संघर्ष और प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिखाया है।श्रवण दिव्यांग शिवबती का बचपन अनेक कठिनाइयों से भरा रहा। बीमारी के कारण उन्होंने कम उम्र में अपनी माँ को खो दिया और कुछ समय बाद नक्सली हिंसा में पिता का साया भी सिर से उठ गया। माता-पिता के निधन के बाद उनके चाचा ने उन्हें बालिकागृह में प्रवेश दिलाया। जीवन की इन विषम परिस्थितियों के बावजूद शिवबती ने हार मानने के बजाय अपने सपनों को नई दिशा देने का संकल्प लिया।बालिकागृह में उन्हें सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संरक्षण और अपनी प्रतिभा को निखारने के अवसर मिले।तीरंदाजी में रुचि को देखते हुए उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण दिलाया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बहतराई (बिलासपुर) में हुआ, जहाँ उन्होंने एक वर्ष तक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल कोष निधि से बालिकागृह की बालिकाओं के लिए इंडियन एवं रिकर्व तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। समय पर मिले संसाधनों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और शिवबती की अथक मेहनत ने उनके सपनों को नई उड़ान दी।वर्तमान में बालिकागृह कोण्डागांव में रहकर नियमित अभ्यास कर रही शिवबती ने जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया। उनकी यह उपलब्धि संघर्ष, आत्मविश्वास और अवसरों की शक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है। शिवबती की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे विपरीत परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। आज शिवबती न केवल बालिकागृह की गौरव हैं, बल्कि उन हजारों बच्चों, विशेषकर दिव्यांग बेटियों के लिए प्रेरणा हैं जो चुनौतियों के बीच भी अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखती हैं। कोंडागांव जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद एवं बालिकागृह कोण्डागांव परिवार ने शिवबती की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं और विश्वास व्यक्त किया है कि शिवबती आने वाले समय में राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करेंगी।
- -कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देश पर प्रवर्तन कार्रवाई को मिली गति-किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कठोर और रिकॉर्ड कार्रवाईरायपुर । कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरकों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा है। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत चालू खरीफ सीजन के दौरान विभाग द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाई छत्तीसगढ़ देश के लिए मिसाल बना है। वर्ष 2025 की तुलना में कुल कार्रवाई में 10.25 गुना वृद्धि दर्ज करते हुए विभाग ने 44 से बढ़ाकर 451 मामलों में कार्रवाई की है।बता दें कि कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की गुणवत्ता, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर राज्यभर में सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप अमानक उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगा है तथा कृषि आदानों की पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हुई हैं।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाई के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गड़बड़ी सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा विभागों के प्रति बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कि तुलना में इस खरीफ सीजन में न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरणों की संख्या 4 से बढ़कर 56 हो गई, जबकि जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 98 तक पहुंच गई। इसी प्रकार लाइसेंस निलंबन के मामलों में 3 से बढ़कर 97, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 10 तथा विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई 33 से बढ़कर 183 हो गई। इसके अतिरिक्त पहली बार 7 एफआईआर भी दर्ज कराई गईं, जो विभाग की कड़ी निगरानी एवं शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती हैं।कृषि मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक ही उपलब्ध हों। विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित निरीक्षण, नमूना परीक्षण, शिकायतों का त्वरित निराकरण तथा दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है।कृषि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़ाना भी है। विभाग द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन, सतत निगरानी तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि वातावरण विकसित किया जा रहा है।
- रायपुर ।प्रदेश में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत विशेष पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत कार्ड एवं 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचकर अपना पंजीयन करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कर निःशुल्क कार्ड बनाए जा रहे हैं तथा हितग्राहियों को योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी और सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर के निर्देशन में सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में 75 विशेष पंजीयन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 439 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, जिनमें 392 आयुष्मान भारत कार्ड तथा 47 आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए गए। इस प्रकार कुल 439 पात्र नागरिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से लाभान्वित हुए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विशेष अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार एवं वरिष्ठ नागरिक को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके।यह विशेष पंजीयन अभियान 18 जुलाई 2026 को भी प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में जारी रहेगा। जिन पात्र हितग्राहियों का अभी तक आयुष्मान भारत कार्ड नहीं बन पाया है अथवा 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान वय वंदन कार्ड शेष है, वे अपने आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ निकटतम विशेष शिविर में पहुंचकर निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाकर समय पर अपना आयुष्मान भारत कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनवाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त किया जा सके।
- -’नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत, शिक्षा के महत्व का दिया गया संदेश’रायपुर। जशपुर जिले में शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक स्वागत कर उन्हें नई पुस्तकों, स्कूल यूनिफॉर्म तथा शुभकामनाओं के साथ शिक्षा के नए सफर की शुरुआत कराई गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री सालिक साय थे। विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका परिषद जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार भगत, जनपद पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें नई पुस्तकें एवं स्कूल यूनिफॉर्म वितरित की गई।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत सेजस हिंदी माध्यम स्कूल तथा महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की छात्राओं ने शिक्षा आधारित आकर्षक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।मुख्य अतिथि श्री सालिक साय ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में शिक्षा को सफलता का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री अरविंद कुमार भगत ने शिक्षा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि श्री गंगाराम भगत ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ माता-पिता एवं गुरुओं का सम्मान करने का आह्वान किया।जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रवेश उत्सव का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा नवमी की छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
- -छत्तीसगढ़ के 41 पदाधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण, नेतृत्व एवं संगठनात्मक दक्षता होगी और सुदृढ़रायपुर। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय मुख्यालय के तत्वावधान में 10 से 14 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र, कुर्सियांग (दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल) में आयोजित पाँच दिवसीय बेसिक कमिश्नर कोर्स सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ से राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा सहित जिला मुख्य आयुक्त, सहायक जिला मुख्य आयुक्त एवं संगठन के अन्य पदाधिकारी कुल 41 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य कमिश्नरों के नेतृत्व कौशल, संगठनात्मक क्षमता, प्रशिक्षण प्रबंधन तथा स्काउट-गाइड गतिविधियों के प्रभावी संचालन को मजबूत करना था। प्रशिक्षण के दौरान नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना, निर्णय क्षमता और व्यावहारिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को स्काउटिंग के सिद्धांत, संगठन संचालन, कार्यक्रम नियोजन, संचार कौशल, समस्या समाधान, टीम वर्क और सेवा भावना से जुड़े विषयों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक सत्र ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे प्रतिभागियों के व्यक्तित्व और संगठनात्मक दक्षता में सकारात्मक वृद्धि हुई।राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक रहा। इससे स्काउटिंग के प्रति समझ और गहरी हुई है तथा नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संगठनात्मक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ में स्काउटिंग गतिविधियों को नई दिशा और गति दी जाएगी।समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के सरल, प्रभावी और प्रेरणादायी मार्गदर्शन की सराहना की। सभी ने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्काउटिंग को अधिक प्रभावी,अनुशासित और जनसेवा उन्मुख बनाने में करेंगे। साथ ही ऐसे प्रशिक्षणों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर भी बल दिया।प्रशिक्षण में शिविर संचालक श्री अशोक देशमुख, सहायक प्रशिक्षण संचालक डॉ. पूनम सिंह साहू, श्रीमती सरिता पाण्डेय, राष्ट्रीय पर्यवेक्षक श्री एस.एस. राय सहित राज्य के 41 पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- -सूरजपुर के राकेश कुमार को कुछ ही घंटों में मिला निवास प्रमाणपत्र, सेवा सेतु व्यवस्था से बढ़ा आमजन का भरोसारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित सेवा सेतु केंद्र प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए त्वरित और भरोसेमंद सेवाओं का माध्यम बनकर उभरा है। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को जाति, आय, निवास, जन्म सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाणपत्र एवं अन्य राजस्व सेवाएं समयबद्ध, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और लोगों को निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ मिल रहा है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवा सेतु केंद्रों के प्रभावी संचालन से आम नागरिकों को त्वरित राहत मिल रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण सूरजपुर जिले से सामने आया है, जहां भटगांव तहसील के ग्राम किशोरनगर निवासी श्री राकेश कुमार लंबे समय से निवास प्रमाणपत्र नहीं बनने के कारण परेशान थे। प्रमाणपत्र के अभाव में उनकी शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।सेवा सेतु केंद्र की जानकारी मिलने पर उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर उनका निवास प्रमाणपत्र जारी कर दिया। श्री राकेश कुमार ने बताया कि पहले निवास प्रमाणपत्र बनवाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है और इससे सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी हुई हैं।सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। यह पहल न केवल समयबद्ध सेवाओं की गारंटी दे रही है, बल्कि शासन और आमजन के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है। प्रदेशभर में सेवा सेतु केंद्र सुशासन की अवधारणा को व्यवहारिक रूप देते हुए नागरिकों को सहज, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन का अनुभव करा रहे हैं।
- -22 जुलाई से 05 अगस्त 2026 तक कर सकते है आवेदनदंतेवाड़ा । शिक्षा के अधिकार (आरटीई) धारा 12 के तहत दंतेवाड़ा जिले के अंतर्गत संचालित निजी स्कूलों के प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीट, बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) परिवारों, अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, अनाथ, दिव्यांग, एचआईवी पॉजिटिव तथा मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के लिए आरक्षित रखी गयी है। जिसमें सत्र 26-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु जिला स्तर पर शालावार आरटीई की रिक्त सीटों की प्रकटीकरण 17 जुलाई से 21 जुलाई, पत्र आवेदकों (पालकों) द्वारा आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 से शुरू हो जायेंगे। तथा नोडल प्राचार्य द्वारा प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण, सत्यापन 25 जुलाई से 7 अगस्त तक किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन आप आरटीई के वेबसाइट http:eduportal.cg.nic.in/RTE/ पर जाकर भर सकते है। यदि आपके आसपास ऐसे परिवार है, हो तो आप उन तक इस योजना की जानकारी पहुँचाए, ताकि उनको इस योजना का लाभ मिल सकें।इस संबंध में सभी पालकों से आग्रह किया गया है कि सभी सम्बन्धित दस्तावेज जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा जिस वर्ग में आते हैं उससे संबंधित प्रमाण पत्र जैसे बीपीएल सर्वे सूची या जाति प्रमाण पत्र या मेडिकल प्रमाण पत्र आदि आवेदन करने से पूर्व तैयार करके अपने पास रखें। शिक्षा के अधिकार धारा 12 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए पालकगण इंडस एक्शन के हेल्पलाइन नंबर 011-411-32689 में मिस कॉल कर सकते है। इससे संबंधित उनकेे किसी भी समस्या का समाधान इस हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से किया जायेगा।
- दंतेवाड़ा, । छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल द्वारा योग शिविर कर आयुष विभाग के अधिकारी कर्मचारी के साथ बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर जे आर नेताम ने बताया की अब योग आयोग अपने मूल विभाग में आ गया है जिससे योग और आयुष के अन्य सुविधाओं से उपचार विधि को प्रभावी रूप से योजना बना कर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों और जन सामान्य को लाभ पहुंचाया जाएगा। सुबह 6 बजे से एक दिवसीय योग शिविर इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया जिसमे स्वयं योग आयोग अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने योग की कक्षा का संचालन किया तथा अंत में संकल्प कर योग को अपनाने हेतु प्रेरित किया।आयुष विभाग के अधिकारी कर्मचारी के बैठक के बाद आयुष पॉलीक्लीनिक दंतेवाड़ा और जिला अस्पताल के आयुष विंग का भ्रमण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा आयुष के कार्यों की सराहना करते हुए और अच्छे से मिलकर काम कर अच्छा नतीजा दिखाने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान जिले के योग चिकित्सक डॉक्टर संतोष बर्मन, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जगदम्बा पंडा,डॉक्टर जितेंद्र शर्मा,डॉक्टर भागीरथ भूआर्या, डॉक्टर रविंद्र सिंह, डॉक्टर एंजेला मिंज के साथ ही सभी कर्मचारी उपस्थित थे। योग शिविर के बाद आयुष विभाग दंतेवाड़ा की ओर से सभी प्रतिभागी को काढ़ा, अंकुरित आहार वितरण किया गया।
- - ठोस अपशिष्ट पृथक्करण और ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ पर दिया गया जोरदंतेवाड़ा । नगर पंचायत बारसूर द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनस्वास्थ्य संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता अपनाने, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करने तथा जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इस अभियान के दौरान भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार संचालित ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ के तहत भी लोगों को स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा साफ-सफाई के महत्व की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता की आदतें अपनाकर डायरिया सहित कई संक्रामक बीमारियों की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है।इस अवसर पर नगर पंचायत की टीम एवं स्वच्छता दीदियों ने बाजार क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में जनसंपर्क कर लोगों को गीले, सूखे, सैनिटरी तथा विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट को अलग-अलग डस्टबिन में संग्रहित करने की जानकारी दी। नागरिकों को बताया गया कि बचा हुआ भोजन, सब्जियों के छिलके और अन्य जैविक कचरे को हरे डस्टबिन, कागज, प्लास्टिक, गत्ता एवं अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को नीले डस्टबिन, मास्क, डायपर एवं सैनिटरी पैड जैसे अपशिष्ट को लाल डस्टबिन तथा कांच, ई-वेस्ट, बैटरी एवं रसायन युक्त अपशिष्ट को पीले डस्टबिन में डालकर स्वच्छता दीदियों को सौंपें।इस अभियान के दौरान प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने तथा उसके स्थान पर कपड़े, कागज और जूट के थैलों जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील भी की गई। मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का निर्माण, परिवहन, आपूर्ति एवं उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके पालन में सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। नगर पंचायत ने नागरिकों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित शिकायतों के लिए निदान-1100 तथा व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 8519009090 का उपयोग करने की अपील की। साथ ही बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षद अपने-अपने वार्डों में लीड फैसिलिटेटर के रूप में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जन-जागरूकता अभियान में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, अध्यक्ष, पार्षदगण, वार्ड नोडल एवं स्वच्छता दीदियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त बारसूर के निर्माण का संदेश दिया गया।
- दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा का शुक्रवार को बचेली स्थित एनएमडीसी विश्राम गृह में आगमन हुआ। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संतोष कुमार आदित्य, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव एवं पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह ने उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर गरिमापूर्ण एवं आत्मीय स्वागत किया। मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में जिला पुलिस बल द्वारा आकर्षक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। आगमन के दौरान प्रशासन एवं न्यायपालिका के अधिकारियों ने उनका अभिनंदन करते हुए जिले में स्वागत किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एम. भार्गव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अपूर्वा दांगी, एनएमडीसी मुख्य महाप्रबंधक श्री कोड़ली श्रीधर, एसडीएम श्री राजीव जेम्स कुजूर सहित न्यायालय एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दंतेवाड़ा । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दंतेवाड़ा द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाइवलीहुड कॉलेज, दंतेवाड़ा में रोजगार मेले का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रोजगार मेले में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए 250 से अधिक शिक्षित एवं रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न निजी कंपनियों के समक्ष साक्षात्कार दिया। मेले में विभिन्न निजी संस्थानों ने अलग-अलग पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की। एक्सिस बैंक द्वारा फील्ड ऑफिसर एवं रिलेशनशिप मैनेजर, श्रम इन द्वारा इलेक्ट्रीशियन तथा अग्रवाल मार्ट द्वारा सेल्स बॉय, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं सोशल मीडिया ऑपरेटर सहित कई पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। नियोजकों ने उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता एवं कार्यकुशलता के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।साक्षात्कार प्रक्रिया के उपरांत विभिन्न कंपनियों द्वारा कुल 36 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद संबंधित कंपनियों द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों को जिला स्तरीय कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।रोजगार मेले के दौरान युवाओं को निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों, रोजगार पंजीयन, आवश्यक कौशल विकास तथा प्लेसमेंट संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र ने जिले के युवाओं से रोजगार कार्यालय में नियमित रूप से पंजीयन एवं अपनी जानकारी अद्यतन कराने के साथ-साथ रोजगार मेलों, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्लेसमेंट गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
- -बेहतर परिणाम से उत्साहित किसान बोले- आधुनिक तकनीक से खेती बन रही अधिक लाभकारीरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों के खेतों में दिखाई देने लगा है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी प्रगतिशील किसान श्री रामदुलारी साहू भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया का सफल प्रयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। शुरुआती सफलता से उत्साहित होकर अब वे आगामी फसल सीजन में लगभग पांच एकड़ भूमि पर नैनो यूरिया का उपयोग करने की तैयारी कर रहे हैं।श्री साहू ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में पहले लगभग दो एकड़ भूमि पर नैनो यूरिया का प्रयोग किया था। इसके उपयोग से फसल की बढ़वार बेहतर हुई, पौधे अधिक स्वस्थ दिखाई दिए तथा पोषक तत्वों का प्रभावी उपयोग होने से फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। सकारात्मक परिणामों ने उनका विश्वास और मजबूत किया, जिसके बाद उन्होंने आगामी सीजन में बड़े रकबे में नैनो यूरिया अपनाने का निर्णय लिया।उन्होंने बताया कि पारंपरिक यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया का उपयोग अधिक सुविधाजनक है। इसकी छोटी बोतल को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है, जिससे परिवहन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। साथ ही इसका छिड़काव भी सरल है, जिससे किसानों के समय और श्रम दोनों की बचत होती है। श्री रामदुलारी साहू का कहना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है।
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महासमुंद / छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के नियम-7 के अंतर्गत खनिज शाखा महासमुंद द्वारा एमएसटीसी पोर्टल पर महासमुंद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पासीद स्थित महानदी के खसरा क्रमांक-01 का भाग, रकबा 4.80 हेक्टेयर की रेत खदान के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया 17 जून 2026 को आयोजित की गई थी। उक्त रेत खदान के लिए प्रस्तावित लॉटरी प्रक्रिया अपरिहार्य कारणों से संपन्न नहीं हो सकी थी।
अब इस रेत खदान के लिए निविदा में भाग लेने वाले सभी संबंधित बोलीदाताओं को सूचित किया गया है कि इलेक्ट्राॅनिक नीलामी के माध्यम से लाॅटरी के द्वारा अधिमानी बोलीदाता की चयन प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 को प्रातः 11ः00 बजे संपन्न की जाएगी। खनिज शाखा ने सभी पात्र एवं संबंधित बोलीदाताओं से निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होने कहा है। - -कलेक्टर नदी-नाले पार कर बाइक से पहुंचीं कोहकापार-आजादी के बाद पहली बार गांव में गूंजी बच्चों की किलकारी, पहले ही दिन 21 बच्चों का हुआ दाखिलारायपुर । दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और शिक्षा की एक नई इबारत लिखी गई है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘स्कूल केइंता’ (स्कूल चलो) अभियान के तहत नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम कोहकापार में आजादी के बाद पहली बार प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत हुई है। शिक्षा की यह अलख जगाने के लिए जिले की कलेक्टर स्वयं संकीर्ण रास्तों, नदी-नालों, पहाड़ों और घने जंगलों को पार करते हुए बाइक से 100 किलोमीटर दूर इस अंतिम गांव तक पहुंचीं और गांव की पहली प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया।पारंपरिक मुकुट पहनाकर हुआ नौनिहालों का स्वागतकलेक्टर ने गांव के घोटूल में संचालित होने वाली इस नई कक्षा का फीता काटा और स्वयं बच्चों की क्लास लेकर उन्हें पढ़ाया। शाला के पहले ही दिन गांव के 21 बच्चों का नामांकन (11 छात्राएं और 10 छात्र) हुआ। कलेक्टर ने सभी बच्चों का पारंपरिक रूप से मुकुट पहनाकर स्वागत किया और उन्हें स्कूल बैग व पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य और समग्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। बच्चे नियमित स्कूल आएं और मन लगाकर अपने सपनों को साकार करें।कलेक्टर ने बताया कि ‘स्कूल केइंता’ अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के उन बच्चों को खोजा जा रहा है, जो या तो कभी स्कूल नहीं गए या फिर बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके थे। घर-घर किए गए शैक्षणिक सर्वेक्षण के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक जिले के 2,000 से अधिक बच्चों को विभिन्न शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में दाखिला दिलाया जा चुका है। कोहकापार में स्कूल खुलना इस अभियान की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। स्कूल के शुभारंभ के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ “माड़ संवाद” किया। उन्होंने गांव में राशन, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और पोषण स्तर की समीक्षा की। ग्राम पंचायत के सरपंच मनु ध्रुव ने बताया कि 25 परिवारों और करीब 128 की आबादी वाले इस गांव में नल-जल योजना, बिजली और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए प्रेरित किया, ताकि शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने दुर्गम क्षेत्र में जाकर सर्वे करने वाले स्कूल समन्वयक खेमा अंगारे के प्रयासों की विशेष सराहना की।







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