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- रायपुर, // सांसदों की कार्यशाला में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सबसे पीछे बैठकर सहभागी बनना वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायी दृश्य रहा है। यह उनकी विनम्रता, समर्पण और अंत्योदय की भावना का सजीव उदाहरण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नेतृत्व का अर्थ केवल पद की ऊँचाई नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा की भावना को सर्वोपरि रखना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर पोस्ट कर यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी की यह सादगी, सहजता और कार्य के प्रति समर्पण सभी जनप्रतिनिधियों के लिए अनुपम प्रेरणा है। प्रधानमंत्री जी न केवल एक महान नेता हैं, बल्कि एक सच्चे कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करते हैं, जिनके लिए देश और समाज का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के सरगुजा और रायगढ़ के सांसदों का इस कार्यशाला में प्रधानमंत्री जी के साथ सम्मिलित होना मात्र संयोग नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री जी की छत्तीसगढ़ के प्रति आत्मीयता और उनके सर्वसमावेशी नेतृत्व का प्रतीक है। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री जी के लिए देश का हर कोना, हर जनपद और हर नागरिक समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की कार्यशैली हमें यह सिखाती है कि सच्ची सेवा ही सबसे बड़ा सम्मान है और राष्ट्र के लिए समर्पण ही किसी भी जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता का सर्वोच्च धर्म होना चाहिए।
- रायपुर। लिली चौक पुरानी बस्ती निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर मनसुखलाल चंदेल का सोमवार, 8 सितंबर की दोपहर में आकस्मिक निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मारवाड़ी शमशान घाट में किया गया। वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के छोटे भाई, श्री खिलेंद्र चंदेल के बड़े भाई तथा कृतिका, यूथिका और तन्मय चंदेल के पिता थे> उनके अंतिम संस्कार में विधायक रायपुर उत्तर श्री पुरंदर मिश्रा सहित परिवार,मित्र, समाज के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
- - पॉक्सो के केस को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता से निराकरण करने की जरूरत- बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता एवं संवेदीकरण की आवश्यकता- शासकीय बालक एवं बालिका संपे्रक्षण गृह में बच्चों की देखरेख एवं सुरक्षा के संबंध में ली जानकारीराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी तथा जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स व सखी संचालन समिति की बैठक ली। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि संपे्रक्षण गृह में बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड होना चाहिए। उन्होंने शासकीय बालक एवं बालिका संपे्रक्षण गृह में बच्चों की देखरेख एवं सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पॉक्सो के केस को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता से निराकरण करने की जरूरत है। किशोर न्याय बोर्ड, दत्तक ग्रहण एजेंसी, बाल विवाह मुक्त पंचायतों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता एवं संवेदीकरण की जरूरत है। उन्होंने चाईल्ड हेल्पलाईन के लिए विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क बनाने के लिए कहा। उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर के संबंध में जानकारी ली तथा प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय मेडिकल कालेज के समीप कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए पालना घर, बाल तस्करी, गुमशुदा बच्चे, एक युद्ध नशे के विरूद्ध के संबंध में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नाबालिग बच्चों से जुड़े छोटे प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने कहा कि बाल विवाह को कम करने के लिए विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है। इसके लिए जनसामान्य में व्यवहार परिवर्तन एवं जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशा खोरी, हिंसा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने बाल तस्करी, एक युद्ध नशे के विरूद्ध एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर पुलिस विभाग से समन्वय करते हुए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि छोटे अपराधिक प्रकरणों में विवेचक एवं गवाही महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने की जरूरत है।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक हास्पिटल में पालना शिशु केन्द्र स्थापित किया जाना है और इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने एक युद्ध नशे के विरूद्ध अभिान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए प्रहरी क्लब का गठन किया जाना है तथा इस क्लब को सक्रिय करते हुए बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता लाने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बालिका सुरक्षा माह, किशोर न्याय बोर्ड में दर्ज प्रकरण, चाईल्ड लाईन के प्रकरण, शासकीय बाल संप्रेक्षण के भवन निर्माण हेतु भूमि आबंटन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर बाल सुरक्षा अधिकारी श्री चंद्र किशोर लाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - हॉकी, योगा एवं गतका खेल में सभी संभागों से खिलाड़ी होंगे शामिलराजनांदगांव । स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित एवं जिला शिक्षा विभाग राजनांदगांव द्वारा आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 12 सितम्बर 2025 तक राजनांदगांव शहर में किया जाएगा। प्रतियोगिता का शुभारंभ 9 सितम्बर 2025 को सुबह 10 बजे अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम राजनांदगांव में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री मधुसूदन यादव उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उपाध्यक्ष कृषि ऊपज मंडी समिति राजनांदगांव श्री कोमल सिंह राजपूत द्वारा की जाएगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में समाज सेवी श्री सौरभ कोठारी, श्री प्रशांत गुप्ता, श्री सुमीत सिंह भाटिया उपस्थित रहेंगे।उल्लेखनीय है कि 25वीं राज्य स्तरीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता में हॉकी (बालक व बालिका 19 वर्ष), योगा (बालक व बालिका 14,17,19 वर्ष) एवं गतका (बालक / बालिका 17,19 वर्ष) खेलों का आयोजन होगा। प्रतियोगिता में बस्तर, बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर एवं मेजबान दुर्ग के लगभग 650 प्रतिभागी, अधिकारी, कोच, मैनेजर शामिल होंगे। प्रतियोगिता में खेलों का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडिमय एवं दिग्विजय स्टेडियम में किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा खेल प्रेमी जनता से प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करने की अपील की गई है।
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राजनांदगांव । राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन 9 एवं 10 अक्टूबर 2025 को रायपुर में किया गया है। रोजगार मेला में 33 से अधिक निजी कंपनियों द्वारा 6605 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। रोजगार मेला में शामिल होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को रोजगार विभाग के पोर्टल www.erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाईन पंजीयन कराना अनिवार्य है।
रोजगार कार्यालय में यदि आवेदक पहले से पंजीकृत नहीं हैं, तो पोर्टल पर दिए गए नहीं विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद मोबाईल पर आए ओटीपी के जरिए अपना नाम और जिला भरकर सत्यापन करें। आपको एक आईडी और पासवर्ड मिलेगा, जिसे पहली बार लॉगइन करने के बाद बदलना जरूरी होगा। लॉग इन करने के बाद अपनी प्रोफाईल पूर्ण करें और अपनी योग्यता के अनुसार रिक्तियों का चयन कर आवेदन जमा करें। रोजगार पंजीयन के लिए आपके पास आधार नंबर, आधार से लिंक मोबाईल नंबर और योग्यता से संबंधित जानकारी होनी चाहिए। रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला में ऑनलाईन आवेदन करने के दौरान किसी भी समस्या के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव में कार्यालयीन समय में जाकर या दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर की जा रही है। इस पहल से जहां अतिशेष शिक्षकों का समायोजन हुआ है, वहीं शाला विहीन और एकल शिक्षकीय शालाओं में पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित हुई है।महासमुंद जिले में भी निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण के तहत काउंसलिंग प्रक्रिया से कुल 703 शिक्षकों का समायोजन किया गया है। इसमें बसना विकासखंड से 126, सरायपाली से 152, पिथौरा से 139, महासमुंद से 211 और बागबाहरा से 75 शिक्षक शामिल हैं।इस प्रक्रिया के तहत बसना विकासखंड के हाई स्कूल संतपाली में गणित विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई, वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्गापाली को भौतिकी विषय के शिक्षक मिले। शिक्षकों की नियुक्ति से इन विद्यालयों में पढ़ाई सुचारू रूप से प्रारंभ हो गई है।विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी होने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों में हर्ष का माहौल है। उनका कहना है कि सरकार के इस निर्णय से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और वे अब नियमित रूप से विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
- -पीएम सूर्यघर योजना की स्टेट सब्सिडी हिग्राहियों के खाते में अंतरित-हर जिले के लिए सूर्य रथ रवाना-सूर्यघर व कुसुम योजना के हितग्राहियों को किया सम्मानितरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बटन दबाकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 618 हितग्राहियों को स्टेट सब्सिडी राशि 1.85 करोड़ रूपए उनके बैंक खातों में अंतरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के किसान और आम बिजली उपभोक्ता सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादक बन रहे हैं, वे बिजली उत्पादन कर ऊर्जादाता हो गए हैं। 2027 तक छत्तीसगढ़ के छह लाख घरों में सोलर रूफटाप संयंत्र लगाने का लक्ष्य है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सौर ऊर्जा जागरूकता अभियान एवं प्रोत्साहन समारोह में पीएम सूर्यघर योजना के प्रचार के लिए सूर्यरथ को भी हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी सहित ऊर्जा सचिव व पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ श्री राजेश कुमार राणा, पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशकगण श्री भीमसिंह कंवर (वितरण), श्री एसके कटियार (उत्पादन), श्री राजेश कुमार शुक्ला (पारेषण), निदेशक श्री आरए पाठक एवं नेशनल सोलर एनर्जी फाउंडेशन आफ इंडिया के उपाध्यक्ष श्री सुमन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे।कार्यक्रम में प्रदेशभर के पीएम सूर्यघर व पीएम कुसुम के योजना के लाभार्थियों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपने घर की छतों पर और खेतों में सोलर रूपटाफ प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन आरंभ कर दिया है। उन्होंने स्टेट सब्सिडी के रूप में प्रति व्यक्ति 1 से 3 केवी तक 15 से 30 हजार रुपए की राशि दी गई। पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों को लेटर आफ अवार्ड प्रदान किया। इसमें सौर ऊर्जा लगाने वाले वेंडरों को भी सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की है। केंद्र सरकार इस योजना में तीन किलो वाट संयंत्र के लिए 78 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान कर रही थी, अब डबल इंजन की सरकार ने डबल सब्सिडी देते हुए इसमें 30 हजार रुपए और जोड़ दिया है। इस तरह अब विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों में सोलर प्लांट लगाना आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब देश के 18 हजार गांव अंधेरे में थे, उन्होंने सौभाग्य हर घर बिजली योजना लागू की और हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सीएसपीडीसीएल एवं एनआईटी के रिसर्च ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ तथा ‘एग्रीवोल्टाइक्स पर फार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया।ऊर्जा सचिव व पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने समारोह में बताया कि सौर ऊर्जा को सुलभ बनाने और हरित ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि उपभोक्ताओं को बिजली की दर से राहत के लिए किसी शासकीय योजना पर आश्रित रहना न पड़े। वह स्वयं अपने छत पर रूफटाफ सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन कर ऊर्जादाता बने। नेट मीटरिंग के माध्यम से वह बिजली बेच भी सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2027 तक देशभर में एक करोड़ रूफटाफ सोलर प्लांट लगाने का संकल्प रखा है। छत्तीसगढ़ में 2027 तक छह लाख घरो में सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य है। सोलर प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार ने उदारता दिखाते हुए उपभोक्ताओं के लिए भारी सब्सिडी की घोषणा की है। अब तीन किलोवाट तक एक लाख आठ हजार रुपए की सब्सिडी उपभोक्ताओं को मिलेगी। इस योजना में 1800 करोड़ रूपए खर्च होंगे।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के 8 क्षेत्रीय कार्यालयों से अधिकारी यहां उपस्थित हैं। रजत जयंती वर्ष पर प्रदेशभर में छह लाख घरों में सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य मार्च 2027 तक पूरा करने का संकल्प ले रहे हैं। उन्होंने पीएम कुसुम योजना को किसानों के लिए उपयोगी बताया।इस अवसर पर पॉवर कंपनी के कार्यपालक निदेशकगण सर्वश्री वीके साय, संजय पटेल, केएस मनोठिया, एमएस चौहान, संदीप मोदी, एसके गजपाल, एके अंबस्थ, शिरीष शैलेट, संजय खंडेलवाल, एम जामुलकर, संजीव सिंह सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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- पीएम आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को आवास उपलब्ध कराना- महापौर श्रीमती मीनल चौबे
-आवेदन प्रकिया में पारदर्शिता और शुद्धता अनिवार्य -आयुक्त विश्वदीपरायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राही आवेदनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु आज सोमवार 8 सितम्बर 2025 को नगर पालिक निगम के मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर सीएससी/चॉइस सेंटर/मोजस्क जनसुविधा केन्द्र संचालकों की बैठक आयोजित की गई।बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आवेदनों के समय भूमि दस्तावेज स्पष्ट एवं सही हों, सभी दस्तावेज़ पूर्ण और पठनीय रूप से अपलोड किए जाएँ।नगर पालिक निगम के अधिकारियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि कुछ केन्द्रों से अपूर्ण एवं गलत दस्तावेज़ अपलोड किए जा रहे हैं और लाभार्थियों का पता भी सही दर्ज नहीं किया जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियाँ पाए जाने पर संबंधित केन्द्रों पर कार्यवाही की जाएगी।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि *"प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को आवास उपलब्ध कराना है। आयुक्त श्री विश्वदीप ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुद्धता अनिवार्य है। सभी केन्द्र संचालक लाभार्थियों की सहायता जिम्मेदारी और गंभीरता से करें।"बैठक में सभी संचालकों को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ कार्य करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । -

-चंद्रग्रहण केवल एक खगोलीय घटना, इसका कोर्ई दुष्प्रभाव नहीं- डॉ. दिनेश मिश्र
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने चंद्रग्रहण में रविशंकर विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ चंद्रग्रहण जैसी खगोलीय घटना पर चर्चा की , टेलीस्कोप, ग्रहण पर आधारित स्वलिखित किताबें वितरित की और छात्रों से संवाद किया।.डॉ. दिनेश मिश्र ने रविशंकर विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ एन के चक्रधारी से मिलकर वहां छात्रों से मुलाकात की. जहां टेलीस्कोप से ग्रहण देखने की तैयारियां की गई थीं। साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए ग्रहण को स्क्रीन पर भी देखा जा रहा था ।डॉ एन के चक्रधारी ने ग्रहण की खगोलीय प्रक्रिया को छात्रों को समझाया। वहीं डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है। पर प्रारंभ में यह माना जा रहा था कि चंद्रग्रहण राहू-केतू के चंद्रमा को निगलने से होता है, जिससे धीरे-धीरे विभिन्न अंधविश्वास व मान्यताएँ जुड़ती चली गईं, लेकिन बाद में विज्ञान ने यह सिद्ध किया कि चंद्रग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है तब उसका एक किनारा जिस पर छाया पडऩे लगती है ,काला होना शुरू हो जाता है जिसे स्पर्श कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा छाया में आ जाता है तब पूर्णग्रहण हो जाता है।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि कुछ लोगों ने इस चंद्र ग्रहण के रंग को लेकर इसे खूनी चंद्र ग्रहण कहा और इसके दुष्प्रभाव की आशंका जाहिर की , पर यह सब आशंकाएं और भविष्यवाणियां सही नहीं हैं.। वास्तव में चंद्र ग्रहण में पूर्णता के दौरान चंद्रमा का लाल रंग पृथ्वी के किनारे के चारों ओर वायुमंडल से होकर गुजरने वाले सूर्य के प्रकाश के कारण होता है।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि चंद्रग्रहण का कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसे लेकर तरह-तरह के भ्रम व अंधविश्वास हैं। लेकिन लोगों को इन अंधविश्वासों में नहीं पडऩा चाहिए तथा ग्रहण को देखा जा सकता है तथा वैज्ञानिक इसका अध्ययन भी करते हैं। भारत के महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने आज से करीब 1500 वर्ष पहले 499 ईस्वी में यह सिद्ध कर दिया था कि चन्द्रग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है जो कि चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया पडऩ़ेे से होती है। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभट्टीय के गोलाध्याय में इस बात का वर्णन किया है। इसके बाद भी चन्द्रग्रहण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न भ्रम एवं अंधविश्वास कायम है।डॉ. मिश्र ने कहा कि यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। सभी नागरिकों को इसे बिना किसी डर या संशय के देखना चाहिए। चंद्रग्रहण देखना पूर्णत: सुरक्षित है। डॉ. मिश्र ने कहा जब चंद्रग्रहण होने वाला होता है तब विभिन्न भविष्यवाणियाँ सामने आने लगती हैं जिससे आम लोग संशय में पड़ जाते हैं जबकि चंद्रग्रहण में खाने-पीने, बाहर निकलने की बंदिशों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण से खाद्य वस्तुएँ अशुद्ध नहीं होती तथा उनका सेवन करना उतना ही सुरक्षित है जितना किसी सामान्य दिन या रात में भोजन करना। इस धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चंद्रग्रहण हानिकारक होता है तथा ग्रहण की वजह से स्नान करना कोई जरूरी नहीं है अर्थात् इस प्रकार की आवश्यकता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है तथा ग्रहण का अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव पडऩे की मान्यता भी काल्पनिक है। यह सब बातें केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी पुस्तिका में भी दर्शायी गयी है।डॉ. दिनेश मिश्रनेत्र विशेषज्ञअध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समितिनयापारा, फूल चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़) -
-महादेवघाट के पास बने विसर्जन कुण्ड में छोटी -बड़ी गणेश मूर्तियों का श्रद्धापूर्ण विसर्जन
रायपुर। स्वच्छ गणेशोत्सव अभियान 2025 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण के दिशा - निर्देश अनुसार रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा महादेवघाट खारून नदी के समीप विसर्जन कुण्ड में इको फ्रेंडली श्रीगणेश उत्सव के अंतर्गत खारून नदी के पास विसर्जन कुण्ड तैयार किया है. जिसमें आज लगातार तीसरे दिन दिनांक 8 सितम्बर 2025 को भी सुबह से श्रीगणेश भक्तों का संगम बना रहा और आज 8 सितम्बर को दोपहर 2 बजे तक श्रीगणेश की 3993 छोटी मूर्तियों और 1431 बड़ी मूर्तियों का विसर्जन श्रीगणेश के भक्तजन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा - अर्चना करके और विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश से अगले वर्ष जल्दी आने की विनम्र प्रार्थना करते हुए कर चुके हैँ. श्रीगणेश की मूर्तियों का श्रद्धा और भक्ति के साथ विसर्जन कुण्ड में विसर्जन का सिलसिला लगातार तीसरे दिन जारी रहा और इस हेतु महादेवघाट के पास नगर निगम रायपुर का विसर्जन कुण्ड प्रथम पूज्य देव श्रीगणपति के भक्तों का संगम बना हुआ है.प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में और रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशन में रायपुर नगर निगम द्वारा रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के दिशा - निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यातायात विभाग, विद्युत पावर कम्पनी, अग्निशमन विभाग, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, पीएचई विभाग संस्कृत कॉलेज के सहयोग से 10 पंडितों, 5 क्रेन वाहनों, 80 गोताखोरों, नावों की प्रशासनिक व्यवस्था देने सहित सभी विभागों, रायपुर नगर निगम की मुख्यालय और जोनों की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर 24 घण्टे 8-8 घण्टे की 3 पालियों में दिनांक 6 सितम्बर 2025 को सुबह 6 बजे से दिनांक 12 सितम्बर 2025 को सुबह 6 बजे तक के लिए प्रशासनिक ड्यूटी लगाई गई है.वहीं बूढ़ातालाब, तेलीबाँधा तालाब, कंकाली तालाब सहित लगभग 3 दर्जन मुख्य विभिन्न तालाबों में नगर निगम रायपुर द्वारा श्रीगणेश भक्तों की सुविधा हेतु अस्थायी विसर्जन कुण्ड रखवाये गए, जहां लगातार तीन दिन पहुंचकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन पहुंचकर श्रीगणेश की छोटी मूर्तियों का श्रद्धापूर्ण विसर्जन किया. बड़ी संख्या में विभिन्न तालाबों में मोहल्लों से बच्चों और महिलाओं ने तालाबों के अस्थाई विसर्जन कुण्ड में श्रीगणेश की छोटी मूर्तियीं का विसर्जन कर गणपति बप्पा को नम आँखों से विदाई देकर पूजा, अर्चना, आरती सहित भगवान से अगले वर्ष जल्दी आने की विनम्र प्रार्थना की. विभिन्न तालाबों में पहुंचकर बड़ी संख्या में श्रीगणेश भक्तों ने श्रद्धापूर्ण विसर्जन इको फ्रेंडली अस्थाई विसर्जन कुण्ड में किया और खारून नदी और तालाबों को सुरक्षित रखने के अभियान में सम्मिलित हुए. नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा महादेवघाट के समीप विसर्जन कुण्ड, विभिन्न तालाबों के अस्थाई विसर्जन कुण्ड, विसर्जन कुण्ड पहुंचमार्गो की विशेष सफाई गैंग लगाकर सफाई करवाकर स्वच्छता कायम करते हुए स्वच्छ गणेशोत्सव अभियान 2025 के अंतर्गत स्वच्छ विसर्जन कुण्ड का सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया गया. -
बिलासपुर। बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 989.1 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 919.9 मि.मी. से 69.2 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 1241 मि.मी. तखतपुर तहसील में और सबसे कम बारिश 758.4 मि.मी. कोटा में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिलासपुर तहसील में 1171.5 मि.मी., बिल्हा तहसील में 919.5 मि.मी., मस्तूरी में 887.5 मि.मी.,सीपत में 924.5 मि.मी., बोदरी में 916.9 मि.मी., बेलगहना में 1161 मि.मी., बेलतरा में 927 मि.मी., रतनपुर में 977.9 मि.मी., सकरी में 1099 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 884.5 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।
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बिलासपुर, /एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर शहरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 258 वायरलेस कॉलोनी तारबहार, 225 सोनकर मोहल्ला दयालबंद, 170 नयापारा गणेशनगर, 154 संजय नगर चांटीडीह में सहायिका पद के लिए प्राप्त आवेदनों के जांच उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक तैयार कर जारी कर दिये गये। जिसके विरूद्ध दावा आपत्ति 8 सितंबर से 17 सितम्बर 2025 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर शहरी में कार्यालयीन समय में प्रस्तुत किये जा सकते है। निर्धारित तिथि व समय उपरांत प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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-झांकियों का पुुष्प वर्षा से किया जाएगा स्वागत
रायपुर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में राजधानी शहर रायपुर में आज निकलने वाली श्रीगणेश मूर्ति विसर्जन की चल झंकियों का पुष्पवर्षा से स्वागत किया जायेगा।महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों सहित श्रीगणेश मूर्ति विसर्जन चल झंकियों का स्वागत नगर निगम रायपुर के मंच से जयस्तम्भ चौक के किनारे शहीद वीर नारायण सिंह के प्रतिमा स्थल के समीप से पुष्पवर्षा करके करेंगी.आज आयुक्त श्री विश्वदीप ने विसर्जन चल झांकी रूट की प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर की उपस्थिति में प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और मंच व्यवस्था के सम्बन्ध में अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव सहित नगर निगम जोन 4 के अन्य सम्बंधित अधिकारियों को तैयारियों की प्रगति के सम्बन्ध में स्थल पर कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए तत्काल मंच का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। -
रायपुर। जोन 7 अंतर्गत स्वामी आत्मानंद वार्ड अंतर्गत करबला तालाब सौंदर्यीकरण योजना का कार्य प्रगति पर है। इसके अंतर्गत निर्देशानुसार करबला तालाब सौंदर्यीकरण योजना में चबूतरा और बाउंड्रीवाल को तोडक़र नया बनवाया गया है और जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देश पर गुणवत्ता बनाये रखने प्रतिदिन कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे करबला तालाब सौंदर्यीकरण योजना की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग कर सम्बंधित ठेकेदार को इस सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दे रहे हैँ.
करबला तालाब सौंदर्यीकरण हेतु 1करोड़ 44 लाख रूपये की लागत से रिटेनिंग वाल निर्माण का कार्य निरन्तर बारिश से तालाब किनारे मिट्टी गीली और नमीयुक्त होने के चलते व्यवहारिक तौर पर धीमी गति से चल रहा है, जिसमें मानसून के तत्काल पश्चात गति लाई जाएगी. तालाब की मिट्टी गीली और नमीयुक्त होने के कारण विद्युत पोल शिफ्टिंग और सन एंड सन द्वारा तालाब किनारे बड़ी मात्रा में डाली गयी मिट्टी को हटाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है. जिसमें मानसून पश्चात गति लायी जाएगी और कार्य को तेजी से पूर्ण किया जायेगा। - -श्रम मंत्री श्री देवांगन रहेंगे मौजूदरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल मंगलवार 09 सितंबर दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास सिविल लाईन में श्रम विभाग द्वारा आयोजित अटल उत्कृष्ठ शिक्षा योजना का शुभारंभ करेंगे। राज्य के श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12 वीं तक निःशुल्क अध्ययन हेतु प्रवेशित बच्चों को सम्मान पत्र वितरण करेंगे। इस मौके श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन,एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है।
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-मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दियारायपुर । बीते दिनों ग्राम में घटित कथित एक संवेदनशील घटना के बाद जागे ग्राम कुरूद के निवासयिोंं ने ग्रामीण सभा आहूत कर ग्रामीण व्यवस्था के तहत असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया व इस दिशा में कवायत शुरू कर दी है । इस अवसर पर आमंत्रित मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव ने ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया ।ज्ञातव्य हो कि ग्राम कुरूद अब नगरपालिका मंदिर हसौद का अंग बन गया है और यहां 3 वार्ड हंै । ग्रामीणों के अनुसार ग्रामवासियों की चुप्पी के चलते ग्राम में असामाजिक तत्व हावी हो चले हैं और अवैध शराब बिक्री व सार्वजनिक स्थलों पर पीने - पिलाने के खेल के साथ गांजा व नशीली गोलियां बेचे जाने की शिकायत आम हो चली है जिसके चलते ग्राम का वातावरण अशांत हो चला है और इसका सबसे बुरा असर महिलाओं व नौनिहालों पर पड़ रहा है । बीते दिनों जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर ग्राम में घटित एक संवेदनशील घटना के चलते की गयी पुलिस की कार्यवाही के चलते दोनों पक्ष के गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अभी तक नहीं हो पाई है । इस घटना व पुलिस की कार्यवाही के बाद फिलहाल तो असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगा हुई है और लिप्त तत्व दुबके हुए हैं पर शराब को इस घटना की मूल वजह मानते हुये ग्राम के कतिपय जागरूक युवाओं ने ग्राम में चल रही संपूर्ण असामाजिक गतिविधियों पर ग्रामीण व्यवस्था के तहत स्थायी रूप से रोक लगाने की दिशा में प्रयास शुरू करने का निर्णय लिया और ग्रामीण सभा की बैठक आहूत की । बैठक में लगभग हजार के आसपास ग्रामीण मौजूद थे , खासकर महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही । सभा में सर्वप्रथम ग्राम प्रमुखों ने विचार रखे व असामाजिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की प्रतिबद्धता दिखायी ।नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने ग्रामीणों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुये पालिका द्वारा हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुये पूरे पालिका क्षेत्र में इस अभियान को चलाने की आवश्यकता प्रतिपादित की । उपाध्यक्ष ओमप्रकाश यादव ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस की कार्यवाही के दौरान उनके समर्थन में किसी भी ग्रामवासी व राजनीतिक नेतृत्व को हस्तक्षेप न करने का आव्हान किया । वार्ड पार्षद श्रीमती मंजू ललित कश्यप ने इन गतिविधियों से सबसे ज्यादा पीडि़त महिलाओं को अपने व नौनिहालों के भविष्य को देखते हुए इसके खिलाफ सर्वाधिक मुखर होने का आव्हान किया व पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया ।अभी तक बिना शराब बांटे सरपंच व जनपद सदस्य का चुनाव जीतने का दावा करने वाले गुजरा निवासी कवि संजय शर्मा ने सिर्फ बैठकों से सफलता न मिलने की बात कहते हुए खासकर पुरुष वर्ग से आग्रह किया कि वे अपने नहीं वरन् अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुये असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने सामने आएं अन्यथा छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढिय़ा ही परदेशी हो जायेंगे ।क्षेत्र में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने ग्राम कुरूद से काफी पुराना रिश्ता होने की बात कहते हुए कहा कि मोनेट इस्पात को भूमि आबंटन व उसके द्वारा फैलाये जा रहे प्रदूषण के खिलाफ वर्षों पूर्व किये गये आंदोलन के दौरान काफी खट्टा -मीठा अनुभव मिला था, लेकिन अब ग्रामीण ग्रामहित के इस अभियान में एकजुट रहें व व्यक्तिगत स्वार्थवश खलल न डालें । ग्रामीणों की भारी उपस्थित के मद्देनजर उन्होंने कहा कि मौजूद ग्रामीण यदि सचमुच असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने प्रतिबद्ध हैं तो फिर प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी । मौजूद थाना प्रभारी से उन्होंने इस सार्वजनिक मंच से आग्रह किया कि पुलिस प्रशासन के प्रति जनविश्वास की कमी को देखते हुये इसे दूर करने हरसंभव प्रयास करें ताकि आमजन भी बेखौफ असामाजिक गतिविधियों की सूचना पहुंचा सके। श्री यादव ने श्री शर्मा द्वारा ध्यानाकृष्ट कराई गई खामियों के परिप्रेक्ष्य में आमजनों से भी जानकारी सीधे व्यक्तिगत रूप से उन्हें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया । ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इन पर रोक लगाने का निर्णय लिया जिसके अनुसार असामाजिक गतिविधियों पर लिप्त रहने वालों सहित उनके सहयोगियों को ग्रामीण व्यवस्था के तहत दंडित करने व इसकी जानकारी देने वालों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया व हर वार्ड में निगरानी हेतु समिति बनाने का निर्णय लिया ।बैठक का संचालन ओंकार पटेल ( बिट्टु ) ने किया । बैठक के अंत में संजय शर्मा ने उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलायी । बैठक में प्रमुख रूप से पार्षद राकेश मिश्रा व सागर पटेल, शोभा साहू , नारायण ध्रुव , विजय पटेल , विष्णु मार्कंडेय , ललित कश्यप , मनोरमा देवांगन , मधु वर्मा , पद्मिनी पटेल , सीमा साहू , शीतल पटेल , रुक्मिणी पटेल , जामिन पटेल , संतोषी पटेल , देवकी यादव , भारती धीवर , शशि यादव , शैल सिन्हा, भगवती यादव , पवन बाई सहित सभी समाजों के प्रमुख आदि मौजूद रहे । - -पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण-मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक जागरूकता के लिए सूर्य रथ को दिखाई हरी झंडी-मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानितरायपुर। प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानितमुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया।मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानितमुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें।मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं। इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था। उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र श्री प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ तथा ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया।इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन श्री भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ श्री राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष श्री सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे।
- -खेल में कोई नहीं हारता, या तो जीतता है या कुछ सीखता है : उप मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने एथलेटिक्स प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान-तीन दिवसीय प्रतियोगिता का किया समापनबिलासपुर, /उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बहतराई स्टेडियम में छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 22 वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को संघ की ओर से पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला ने की। विशेष अतिथि के रूप में महापौर श्रीमती पूजा विधानी उपस्थित थीं।गौरतलब है कि पूरे राज्य से आए लगभग डेढ़ हजार खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों ने तीन दिनी प्रतियोगिता में खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का आयोजन 5 से 7 सितम्बर तक छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ और जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से बहतराई में किया गया। इसमें एथलेटिक्स की 17 खेलों में 138 विधाओं में प्रतिस्पर्धा आयोजित की गई। बालक और बालिका दोनों वर्ग के खिलाड़ी इसमें शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रतियोगिता में हिस्सेदारी के लिए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सबने खेल भावना के अनुरूप बेहतर खेल का प्रदर्शन किया है। वास्तव में खेल में कोई हारता ही नहीं है। या तो वह जीतता है या आगे के लिए कुछ सीखता तो जरूर है। खेलों में भागीदारी बड़ी बात होती है। श्री साव ने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने से प्रतिभा में निखार आता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और उन्हें बुनियादी सुविधाएं देने के लिए वचनबद्ध है।हमने खेलों में बंद पड़े राज्य अलंकरण सम्मान फिर से शुरू किया है। बस्तर ओलंपिक जारी रहेगा। आगे अब सरगुजा ओलंपिक शुरू करने की भी योजना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सोच के अनुरूप सांसद खेल महोत्सव भी शुरू किया गया है। इससे खिलाड़ियों में नया उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने खेल प्रतियोगिता कराने के लिए आयोजन समिति को बधाई दी।विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि खेल मंत्री का प्रभार मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का खेल संबंधी यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है। उन्होंने बिलासपुर के संपूर्ण खेल बिरादरी की ओर से उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जोश के साथ खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया है। ये खिलाड़ी आगे चलकर बेहतरीन प्रदर्शन के जरिए छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करेंगे। कलेक्टर संजय अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम अमितकुमार, ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी अजीत लकड़ा, एथलेटिक्स संघ के महासचिव अमरनाथ सिंह, जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, रामदेव कुमावत, जिला खेल अधिकारी श्री एक्का सहित एथलेटिक्स संघ के पदाधिकारी और खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन स्थित रायपुर की पहली महिला विधायक एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती रजनी ताई उपासने के निवास पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रजनी ताई उपासने के योगदानों का पुण्य स्मरण किया तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी, श्री संतोष शर्मा, श्री जगदीश उपासने सहित परिजन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि रजनी ताई का निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह प्रेरणादायी है। अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हितों और रायपुर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सादगी, ईमानदारी और समाज से गहरे जुड़ाव के कारण उन्हें विशिष्ट पहचान मिली। वे महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर सक्रिय रहीं। श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उल्लेखनीय है कि रायपुर की पहली महिला विधायक और समाजसेवी श्रीमती रजनी ताई उपासने का हाल ही में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1977 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रचते हुए रायपुर की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। उस दौर में जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, ऐसे समय में जनता का विश्वास जीतना उनके साहस और संघर्ष का प्रतीक था।
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रायपुर ।प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा अस्पताल पहुँचकर साहू परिवार से मुलाकात की और घायल युवक का हालचाल जाना। उन्होंने घायल युवक के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
रायपुर के एक स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती बलौदा बाजार निवासी एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नंदू साहू के सुपुत्र हाल ही में करंट लगने से घायल हो गए थे। इस हादसे में उनके पैर फ्रैक्चर हो गया था। इलाज के बाद अब उनकी स्थिति पहले से काफी बेहतर बताई जा रही है। मंत्री श्री वर्मा ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि बेहतर उपचार करें और मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर घर लौटे। - -प्रभुदयाल ने छत पर लगवाया 3 किलोवाट का सोलर संयंत्ररायपुर।, पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए एक प्रभावी एवं लाभकारी योजना साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य के नागरिको को न केवल सस्ती और सतत् बिजली मिल रही है, बल्कि लोग बिजली के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। योजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करते हुए घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराना है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। सक्ति जिले के ग्राम दतौद निवासी श्री प्रभुदयाल चंद्रा ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित कराया गया है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा श्री चंद्रा को 78 हजार रुपये की अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की गई है। इस समन्वित सहयोग से नागरिकों पर वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आई है तथा सौर ऊर्जा को अपनाने हेतु प्रोत्साहन मिला है। श्री चंद्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि यह योजना हर परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक घर की छत पर यह सौर पैनल दिखाई देगा, जिससे महंगे बिजली बिल की चिंता समाप्त हो जाएगी। शासन की इस पहल से प्रदेश में हर वर्ग के नागरिक को सस्ती, सुलभ और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन कायम रखने में भी सहयोग मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन, विभागीय सहायता और वित्तीय अनुदान की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल विद्युत खपत में कमी आई है, बल्कि उपभोक्ताओं की आय में अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि भी हो रही है।
- रायपुर। गरीबी और कठिनाइयों से जूझ रही सुकमा जिले के गादीरास पंचायत निवासी श्रीमती मुन्नीबाई पेद्दी पति श्री पेंटा पेद्दी की ज़िंदगी में प्रधानमंत्री आवास योजना ने नई रोशनी भर दी है। पहले जहां उनका परिवार मिट्टी की कमजोर झोपड़ी में रहता था, वहीं अब वे अपने दो कमरों के पक्के मकान में गरिमा और सुरक्षा के साथ जीवन जी रही हैं।मुन्नी बाई, जो परिवार की मुखिया हैं, मेहनत-मजदूरी और खेती-किसानी से बच्चों का पालन-पोषण करती रही हैं। पुराने कच्चे घर में हर मौसम उनके लिए चुनौती था। बरसात में टपकती छत, गर्मी में तपता टीन, और सर्दियों में कड़कड़ाती ठंड। बच्चों को कई बार बरसात में भीगकर बीमार होना पड़ता था।वर्ष 2024-25 में जब सरपंच ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी और आवेदन करवाया, तब उनकी उम्मीदों को नए पंख मिले। योजना के तहत स्वीकृत राशि से उन्होंने एक पक्का मकान तैयार कराया, जिसमें रसोईघर, शौचालय और बिजली की सुविधा भी है। खुशी से झूमती हुई मुन्नी बाई कहती हैं पहले हमारा घर सिर्फ बारिश और धूप से बचाव के लिए था, अब ये हमारे आत्मसम्मान की पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद कि उन्होंने हमें पीएम आवास बनवाने के लिए राशि प्रदान की। यह कहानी सिर्फ मुन्नी बाई की नहीं, बल्कि सुकमा जैसे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में निवासरत हजारों परिवारों की कहानी है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ने कच्चे घर से पक्के घर तक का सफर तय कराया है। जिला प्रशासन का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व की नींव रखना है।
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रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार की महत्त्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के जोन-9 द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट-13 के माध्यम से सड्डू स्थित शासकीय प्रयास बालक छात्रावास में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में हॉस्टल में निवासरत 70 छात्रों के साथ-साथ रसोइयों एवं अन्य कर्मचारियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया।यह शिविर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन और महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप तथा नोडल अधिकारी श्रीमती कृष्णा खटीक के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। आयोजन की निगरानी एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर श्री खेमेश कोशले द्वारा की गई।स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली मोबाइल मेडिकल यूनिट-13 की टीम डॉ. ध्यानु राम (चिकित्सक)थानेश्वरी देवांगन (फार्मासिस्ट) अंजलि सिंह (नर्स) अजीत कुमार (लैब टेक्नीशियन) का सहयोग रहा।टीम द्वारा मौके पर स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, तथा आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही छात्रों एवं स्टाफ को स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श भी प्रदान किया गया।यह स्वास्थ्य शिविर नगर पालिक निगम रायपुर की 'जनस्वास्थ्य सेवा' के अंतर्गत चलाए जा रहे जनहितैषी कार्यक्रमों की एक कड़ी है, जिसका उद्देश्य हर वर्ग तक निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। -
रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़नदस्ता और नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा दिनांक 8 सितम्बर 2025 की रात्रि में राजधानी शहर रायपुर के विभिन्न मुख्य मार्गो से निकलने जा रही श्रीगणेश मूर्ति विसर्जन चल झांकी के निर्धारित रूट मार्ग में सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती, अवधियापारा, अमीनपारा, बैजनाथपारा मार्ग में स्थित विभिन्न पुराने /जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी कर जर्जर / पुराने भवनों की तत्काल मरम्मत करवाने अथवा उन्हें हटाने के निर्देश दिए हैँ और 8 सितम्बर को रात्रि में निकलने वाली श्रीगणेश विसर्जन चल झांकी रूट मार्ग पर स्थित सभी पुराने/ जर्जर भवनों में स्टीकर लगाकर पुराने / जर्जर भवन से उचित दूरी बनाये रखने और उसके नीचे खड़े ना होने की नगर निवेश विभाग ने नागरिकों से अपील की है.
- 0- कलश यात्रा के बाद महाराष्ट्र मंडल में श्रीमद् भागवत कथा शुरू, प्रतिदिनि शाम चार बजे सेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन धर्मसभा विद्वतसंघ श्रीश्री जगतगुरु शंकराचार्य पीठम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मचारी निरंजनानंद आचार्य वेदमूर्ति धनंजय शास्त्री वैद्य ने भागवत के महत्व का समझाया। उन्होंने कहा कि देवताओं को भी दुर्लभ, ईश्वर की भक्ति और मोक्ष इस कलयुग में हमें श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण करने मात्र से प्राप्त होता है। अपने मरणासन्न अवस्था पर राजा परीक्षित को महर्षि वेदव्यास के पुत्र शुकदेव ने श्रीमद् भागवत की कथा पहली बार सुनाई।आचार्य शास्त्री के संक्षिप्त कथा सुनाने से पहले महाराष्ट्र मंडल की महिलाओं ने पीले व भगवा धारण कर कलश यात्रा निकाली, जो स्वामी आत्मानंद सरोवर के तट पर स्थित शीतला माता मंदिर में दर्शन- पूजन कर लौटी। तत्पश्चात चंद्रग्रहण का सूतक शुरू होने से पहले आचार्य शास्त्री ने संक्षिप्त कथा का वाचन किया। उन्होंने कहा कि मरणासन्न राजा परीक्षित ने शुकदेव से पूछा कि मृत्यु के निकट खड़े व्यक्ति को क्या करना चाहिए, जिसके उत्तर में शुकदेव ने उन्हें भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने, उनकी लीलाओं का श्रवण करने और भक्ति का अभ्यास करने का उपदेश दिया। इससे अंततः राजा को शांति, मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति हुई।आचार्य धनंजय शास्त्री के अनुसार जब शुकदेव जी महाराज राजा परीक्षित को कथा सुना रहे थे, तब इंद्र अमृत कलश लेकर उनके पास आए। उन्होंने कहा कि यह कथा हमें सुनाएं। इस पर शुकदेव जी बोले की यह मरणासन्न अवस्था में हैं, इन्हें भागवत कथा का श्रवण करना अधिक जरूरी है। तब इंद्र बोले हम परीक्षित के लिए अमृत कलश लेकर आए है। तब शुकदेव जी बोले मैं राजा परीक्षित को ज्ञानामृत दे रहा हूं। जिससे उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी यह अमृत कलश से अधिक महत्वपूर्ण है। इस तरह राजा परीक्षित ने ज्ञानामृत पाने के लिए अमृत का त्याग कर दिया।शीतला मंदिर तक निकली कलश यात्रश्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ होने के पूर्व बाजे-गाजे के साथ भव्य कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा की प्रथम पंक्ति में अजय- मेघा पोतदार श्रीमद् भागवत कथा को सिर पर उठाकर मंदिर तक पहुंचे। वहां से पूजा- अर्चना कर कलश यात्रा वापस कथा स्थल पर लौटी। तदोपरांत मुख्य यजमान शचिंद्र और डा. शुचिता देशमुख ने श्रीमद् भागवत और श्री बालमुकुंद की आरती की। कलशयात्रा में शामिल 51 महिलाएं जैसे ही कलश लेकर वापस आयोजन स्थल लौटीं, तो मंडल से सचिव आचार्य चेतन दंडवते ने सभी महिलाओं के चरण पखारे।




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