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- उत्कृष्ट कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को सम्मानित भी कियारायपुर। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कृषि महाविद्यालय, रायपुर में विश्वविद्यालय स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में तिरंगा फहराया एवं परेड की सलामी ली। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर प्रदेेश का एक मात्र विश्वविद्यालय है जिसे शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के अंतर्गत 28वीं रैंक प्रदान किया गया है जो विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के छात्रों को कृषि की उच्च शिक्षा में अग्रसर करने के लिए देश के लगभग 70 से अधिक अग्रणी विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थाओं के साथ एक एम.ओ.यू. किया है। डाॅ. चंदेल ने बताया कि वर्तमान में 3 स्नातक उपाधि, 20 विषयों में स्नातकोत्तर उपाधि तथा 19 विषयों में पी.-एच.डी. की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों को विगत वर्ष राज्य सरकार, केन्द्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों तथा निजी संस्थानों में रोजगार प्राप्त हुआ है। डाॅ. चंदेल ने इस अवसर पर बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों द्वारा लगभग 33 शोध पत्र 8 से अधिक, 27 शोध पत्र 6-7 NAAS रेटिंग के साथ प्रकाशित किए गए। कुलपति डाॅ. चंदेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों से आव्हान किया कि वे विश्वविद्यालय के प्रगति के लिए पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ कार्य करें।कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने गणतंत्र दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट कार्य करने वाले गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आधुनिक कृषि अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी को किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल के अधिकारियों को भी छात्र हित में उत्कृष्ट कार्याें के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने इस अवसर पर महाविद्यालय के उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं, एन.सी.सी. के कैडेट्स एवं एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों को बी एवं सी सर्टिफिकेट प्रदान किये। कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय रायपुर के एन.सी.सी. कैडेट्स एवं छात्र-छात्राओं के बैंड समूह द्वारा आकर्षक प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस अवसर पर कुलसचिव डाॅ. कपिल देव दीपक सहित विश्वविद्यालय के संचालकगण, अधिष्ठातागण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पी.के. सांगोड़े द्वारा किया गया।कृषि विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में कुलसचिव ने किया ध्वजारोहणरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रशासनिक भवन में कुलसचिव डाॅ. कपिल देव दीपक ने राष्ट्रध्वज फहराया और झण्डे को सलामी दी। इस अवसर पर उप कुलसचिव (स्थापना) डॉ. श्रीकान्त चितले, ओ.एस.डी. स्थापना डॉ. यमन कुमार देवांगन, उप कुलसचिव (शैक्षणिक) डॉ. सी.पी. खरे, सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - सांस्कृतिक कार्यक्रम में के.पी.एस., झांकी में जिला पंचायत एवं शिक्षा विभाग और परेड में जिला पुलिस बल अव्वल रहा*दुर्ग/ 77 वां गणतंत्र दिवस समारोह दुर्ग जिले में पूरे हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में आयोजित 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्री साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने उल्लास एवं उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े।मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और एसपी श्री विजय अग्रवाल के साथ परेड का निरीक्षण किया और आम नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। परेड कमाण्डर रक्षित निरीक्षक श्री नीलकंठ वर्मा के नेतृत्व में जिला पुलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, एनसीसी जुनियर एवं सीनियर, के 10 प्लाटून द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट करते हुए सलामी मंच के सामने से गुजरे। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि राज्यमंत्री श्री साहू प्लाटून कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।इस मौके पर उन्होंने शहीद के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देश-भक्ति गीतों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दिये। समारोह के समापन पूर्व मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। समारोह में संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर, एसपी श्री विजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, श्रीमती सिल्ली थॉमस, एसडीएम श्री हितेश पिस्दा, श्री उत्तम ध्रुव, अध्यक्ष केन्द्रीय सहकारी बैंक मर्यादित श्री प्रितपाल बेलचंदन सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।समारोह में प्रथम स्थान प्राप्त झांकी में जिला पंचायत दुर्ग एवं शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिला पंचायत द्वारा जल शक्ति अभियान व विकसित भारत जी राम जी का प्रदर्शन किया गया। जल शक्ति अभियान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है। इस अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और हर घर नल से जल योजना पर ज़ोर दिया जा रहा है। जल सुरक्षा के बिना विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है। अभियान में जनभागीदारी को अहम बताया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित किया जा सके। शिक्षा विभाग द्वारा पीएमश्री स्कूल/उल्लास नवभारत साक्षरता एवं बालवाड़ी को प्रदर्शित किया गया। पीएम श्री स्कूल योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान और बालवाड़ी कार्यक्रम के तहत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर ज़ोर दिया गया।द्वितीय स्थान पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग एवं जेल विभाग को संयुक्त रूप से दिया गया। महिला बाल विकास विभाग के झांकी में बाल विवाह मुक्त अभियान को झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, शिक्षा को बढ़ावा और कड़े क़ानूनों के पालन पर ज़ोर दिया गया। पशु चिकित्सा विभाग के झांकी में गौधन योजना/पशु संरक्षण एवं टीकाकरण को प्रदर्शित किया गया, जिसमें गोधन योजना के अंतर्गत पशुओं के संरक्षण, गोवंश संवर्धन और नियमित टीकाकरण पर बल दिया गया। इस योजना के तहत पशुधन को सुरक्षित रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है। जेल विभाग द्वारा बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। तृतीय स्थान कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग को दिया गया। कृषि विभाग द्वारा कृषि उन्नती व जल संरक्षण को प्रदर्शित किया गया।सांस्कृतिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान के.पी.एस. नेहरू नगर भिलाई, द्वितीय विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग, तृतीय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बघेरा को मिला। सांत्वना पुरस्कार सेजेस दीपकनगर को मिला। परेड में सीनियर वर्ग में जिला पुलिस बल (पुरूष ) को प्रथम, सीमा सुरक्षा बल को द्वितीय और नगर सेना (महिला) को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसी प्रकार जूनियर वर्ग में प्रथम एनसीसी सीनियर(बालक), द्वितीय एनसीसी सीनियर (बालिका) एवं तृतीय एनसीसी जुनियर (बालक) को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन छ.ग.पर्यावरण संरक्षण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी डॉ.अनीता सावंत, विज्ञान विकास केन्द्र श्रीमती उर्मिला ओझा एवं एनसीसी अधिकारी श्रीमती ममता ध्रुव द्वारा किया गया।
- रायपुर। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ के प्रथम वृद्धाश्रम कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प रायपुर में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस मनाया गया । इस अवसर में कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार निगम ने ध्वजारोहण किया साथ ही उपस्थित सभी लोगो ने राष्ट्र गान किए । इस अवसर पर अपने संबोधन में राजेन्द्र कुमार निगम ने कहा कि अपना संविधान लागू होने के बाद से हम 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते रहे है । अपनी न्याय प्रणाली के अंतर्गत सामाजिक सद्भाव , भाईचारा निभाते हुए हमारे उद्योग , व्यापार एवं कृषि के गुणात्मक वृद्धि करते हुए कठिन परिश्रम से भारत आज विश्व की चौथी आर्थिक शक्ति बन गया है , और हम जल्दी ही तीसरी आर्थिक शक्ति बन जाएंगे । भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है । आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर हमे शपथ लेना चाहिए कि हम देश को एकता, प्रेम और शांति से जोड़े रखेंगे। परिषद के सचिव बिमल घोषाल ने भी लोगों से अच्छे आचरण करते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान देने के साथ संविधान को जानने और मानने की बात कही । गणतंत्र दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रम के संस्थापक पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. कुलदीप निगम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया गया। संस्था के सदस्य सीएसईबी से सेवानिवृत अभियंता श्री एस. सी. घर ने अपना जन्मदिन भी वृद्धजनों के बीच मनाया और बुजुर्गों को स्वल्पाहार के साथ मिष्ठान का विवरण किया गया। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर श्री राजू टाटीबंध वाले , श्रीमती पारुल चक्रवर्ती एवं वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्ग के साथ समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -वंदे मातरम गीत के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरिवर व्यू में आरपीएफ के बैंड ग्रुप ने दी अपनी प्रस्तुति,-देश भक्ति गीतों से सजी गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्यारायपुर। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वीं वर्षगांठ के अवसर पर बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। इस अवसर पर रिवर व्यू में रेलवे सुरक्षा बल के बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। टी आर यादव की अगुवाई में बैंड ग्रुप ने देश भक्ति गीतों की धुन पर इंस्ट्रूमेंट के ज़रिए अपनी शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत वंदे मातरम् गीत से की गई। देशभक्ति गीतों से सराबोर इस सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साह से भागीदारी की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि वन्देमातरम गीत आजादी शस्त्र है, वन्देमातरम गीत गाकर हमारे वीर सेनानियों ने हंसते हंसते देश के लिए अपना बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस आह्वान से नई पीढ़ी में चेतना का संचार हो रहा है। श्री साय ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे चेतना अभियान की सराहना की। इस अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा सामाजिक जागरूकता के लिए बनाई गई शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने चेतना थीम पर आधारित अभियान की संक्षिप्त जानकारी दी।कार्यक्रम में विधायक सर्व श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धर्मलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, सभापति श्री विनोद सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र स्वन्नी सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने किया ध्वजारोहणरायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षाेल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।ध्वजारोहण के पश्चात सचिव श्री दयानंद ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पदस्थ सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों से भेंट कर उन्हें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नन्हें बच्चों को टॉफियां बांटी और बच्चों ने भी उन्हें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री सुरक्षा के पुलिस अधीक्षक श्री हरीश राठौर सहित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सभी प्रकल्पों में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मंडल के सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर सुबह 7:30 बजे चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल भवन में और 7:45 बजे सखी निवास (कामकाजी महिला वसति गृह व छात्रावास) में अध्यक्ष अजय मधुकर काले राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे। समता काॅलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह- सियान गुड़ी परिसर में सुबह 8.15 को तिरंगा फहराया जाएगा।चेतन के अनुसार सुबह नौ बजे संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के पूर्व कुलपति व इंडिया टुडे के पूर्व कॉपी एडिटर जगदीश उपासने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपासने के प्रेरक उद्बोधन से बच्चे लाभान्वित होंगे। इसी तरह शंकर नगर बाल वाचनालय में मंडल के वरिष्ठ सभासद आदित्य तामस्कर झंडा फहराएंगे। यहां रानी पद्मावती नर्सरी स्कूल के बच्चों के रंगारंग देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे।
- - महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर केंद्र में हुआ हल्दी-कुंकू का आयोजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर महिला केंद्र की टीम ने 24 जनवरी को शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में संक्रांति हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। मनीषा भंडारकर ने संक्रांति पर्व की जानकारी दी। कविता लांजेवार, अमृता सोमण, लीना मुजूमदार और सपना काडू के 'उड़ी उड़ी जाए, झटपट फटाफट' जैसे मशहूर गानों पर शानदार डांस पेश कर पूरे माहौल में जोश भर दिया।केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि मराठी लोकगीत 'मन धावत्या' की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सास-बहू के खट्टे-मीठे रिश्तों पर आधारित लघु नाटक 'मरीमाय प्रसन्न' ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया। शिल्पा धोत्रे और देविका देशपांडे ने एकल नृत्य से सभी को प्रभावित किया।इस अवसर पर रोचक खेल का भी आयोजन किया गया। इसमें शिल्पा पत्की प्रथम और रैना पुराणिक द्वितीय रही। इसके बाद पारंपरिक 'उखाणे' का सत्र आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं ने चिट उठाकर अपनी बारी आने पर मजेदार और पारंपरिक अंदाज़ में उखाणे सुनाए, जिससे हंसी-ठिठोली का माहौल बना रहा। अंत में सभी महिलाओं को हल्दी-कुंकू लगाकर उपहार (वाण) वितरित किए गए।कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, शंकर नगर बाल वाचनलाय प्रभारी रेणुका पुराणिक, आयुषी विठालकर, स्मिता कोमजवार, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, संगीता राजिमवाले, वृषाली कुंटे, श्रुति मनोहर, वर्षा उरकुरकर, श्वेता डबली, वैशाली निमजे, प्रतिमा ठाकुर, नेहा फडणवीस, श्रद्धा विठालकर, सुनीता वंजारी, सुरेखा पाटिल, स्वाति जोशी, स्वाति कोरान्ने, अनुभा काले, अर्चना भंडारकर, अर्चना दशपुत्रे, मेधा कोतवालीवाले, लक्ष्मी जिल्लारे, तोशिका भुजबल, लता नांदेड़कर सहित अनेक सभासद उपस्थित थीं।
- -प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा और जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागितारायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक प्रसारण 'मन की बात' का रविवार को यहाँ स्थित कृषि महाविद्यालय के सभागार में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा, स्थानीय सांसद, विधायकगण, छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान मोर्चा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रसारण के बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री श्री मोदी इस मंच के माध्यम से देश के सुदूर क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को जनता के सामने लाते हैं। आज के संबोधन में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वच्छता, तालाबों और नदियों के संरक्षण, तथा देश में आधुनिक तकनीक के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के ग्रामीण विकास विजन पर भी विशेष चर्चा हुई। श्री देव ने बताया कि 'विकसित भारत जी-राम जी' संकल्प के तहत ग्राम पंचायतों में ही विकास की रूपरेखा तैयार करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 'मन की बात' से पूरा देश और दुनिया नई चीजों से अवगत होती है। चाहे वह स्वच्छता अभियान हो या जल संरक्षण, उनके विचार हमें एक बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा देते हैं। आज किसान मोर्चा और संगठन के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एक साथ बैठकर इस मार्गदर्शन को सुना।कार्यक्रम में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अमित साहू, अशोक बजाज, श्याम नारंग, शताब्दी पांडेय, किरण बघेल सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।क्षेत्रीय संगठन महामंत्री जम्वाल ने भाठागांव मंडल के बूथ में मन की बात सुनीक्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने रायपुर दक्षिण विधानसभा अंतर्गत भाजपा भाठागांव मंडल के बूथ क्रमांक-135 में मन की बात का श्रवण किया। इस अवसर पर भाजपा रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेशसिंह ठाकुर, विधायक सुनील सोनी, जिला संगठन प्रभारी रायपुर शहर राजेंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी सहित कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि विकसित भारत जी राम जी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम होगा। श्री नेताम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को समुचित रोजगार मिले, इसी संकल्पना को पूरा करने के लिए यह योजना लाई गई है।भाजपा किसान मोर्चा द्वारा रविवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कृषक सभागार में आयोजित वीबी-जी-राम-जी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री नेताम ने कहा कि कांग्रेस शासन काल में मनरेगा के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ और रोजगार के नाम पर लोगों से छलावा किया गया। जिन लोगों ने मनरेगा में काम किया, उनका भुगतान भी समय पर नहीं किया गया। विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 125 दिन की रोजगार के साथ ही 7 दिनों में भुगतान की सुविधा की गई है। भारत के समग्र विकास और देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इन योजनाओं का क्रियान्वयन किया है।भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गाँवों के सर्वांगीण विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है, जो देश के गाँवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने वाला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जहाँ 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। मजदूरी भुगतान अब सात दिनों के भीतर किया जाएगा। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा - जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2047 विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए लाया है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। कांग्रेस को इस योजना से इसीलिए पीड़ा हो रही है क्योंकि इस योजना में भगवान राम जी का नाम जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि विकसित गाँव से विकसित भारत की शुरुआत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को रोजगार मिले और उनका विकास हो, इस दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया। लोगों से काम लेने के बाद उनको समय पर भुगतान नहीं किया।इस दौरान भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, संजय श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अमित साहू, अशोक बजाज, श्याम नारंग, शताब्दी पांडेय, किरण बघेल, निरंजन सिन्हा, चंद्रहास चंद्राकर, शालिनी राजपूत, लक्ष्मी वर्मा, सुरेन्द्र पटनी, लक्ष्मी बघेल, नवीन अग्रवाल, श्याम नारंग, आलोक सिंह ठाकुर, राकेश तिवारी, ओमप्रकाश देवांगन वैभव वैष्णव, धीरज मिश्रा, देवेंद्र सिंह ठाकुर, राजेश साहू, मलिक नारायण साहू, महेश कौशल, प्रशांत सिंह ठाकुर, टीकाराम पटेल, देवेंद्र ठाकुर, अनिल अग्रवाल, रवीश गुप्ता, गोविंद साहू, विनय साहू, ओम प्रकाश साहू, सौरभ दुबे मौजूद रहे।
- रायपुर ।राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान करने की शपथ दिलाई।इस अवसर पर कुलपति श्री कावरे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का मतदान में भाग लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने तथा दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को धर्म, जाति, वर्ग, समुदाय एवं भाषा से ऊपर उठकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से मतदान करना चाहिए।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मंडावी, डॉ. राजेन्द्र मोहंती सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाई दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि 26 जनवरी वही खास दिन है, जब भारत का संविधान लागू हुआ था। यह दिन भारत को एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करने का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का त्योहार है, जो हमें याद दिलाता है कि हम सब बराबर हैं और देश के शासन में हमारी भी भागीदारी है। यह दिन देश की कई जातियों, संस्कृतियों और धर्मों को एकजुट होने का अवसर देता है। गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान के महत्व की याद दिलाता है, जो हमारे अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने संदेश में कहा कि हमारे पूर्वजों ने कड़ी मेहनत और पूरी जिम्मेदारी के साथ संविधान के रूप में सभी नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हुए उनके लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय व समता की राह तैयार की है। नागरिकों के लोकतंत्र में भरोसे और सक्रिय भागीदारी से ही देश-प्रदेश विकास की राह में आगे बढ़ सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भारत के संविधान को पवित्र ग्रंथ मानकर उसके सम्मान व गौरव की रक्षा करने के लिए अपनी प्रतिक्षण तत्परता और प्रतिबद्धता व्यक्त करती है।
- –संभागायुक्त श्री राठौर ने दिलाई मतदाता शपथदुर्ग /16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया। कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद विद्यार्थियों को मतदाता शपथ दिलाई।कार्यक्रम के दौरान नवीन मतदाताओं द्वारा अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से बैच लगाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री राठौर ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य देश में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाकर लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करे। एक-एक वोट देश की दिशा तय करता है, इसलिए जागरूक होकर ऐसे प्रतिनिधियों का चयन करें जो देश को विकास और प्रगति के पथ पर ले जाएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है तथा पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा रहा है। जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे फार्म-6 के माध्यम से ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं के साथ-साथ अपने मित्रों और पड़ोसियों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी बीएलओ को बधाई दी।उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह ने एसआईआर 2026 के दौरान शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करने वाले बीएलओ की सराहना की।विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर 2026) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 18 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से चयनित तीन-तीन बीएलओ को प्रशस्ति पत्र एवं 5000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।सम्मानित बीएलओ में विधानसभा क्षेत्र 62 पाटन से श्रीमती निर्मला बघेल, सुश्री चमेली साहू एवं श्री नेपाल यादव; 63 दुर्ग ग्रामीण से श्रीमती सुनीता चन्द्राकर, श्रीमती हिमानी देवांगन एवं श्रीमती जयन्ती; 64 दुर्ग शहर से श्रीमती मधु नामदेव, श्रीमती योगिता कनौजे एवं श्रीमती सरिता साहू; 65 भिलाई नगर से श्री खिलेश दास, श्रीमती सरस्वती साहू एवं श्रीमती यशोदा साहू; 66 वैशाली नगर से श्री अनुज श्रीवास्तव, श्री भागवती निर्मलकर एवं श्रीमती अंजना शर्मा तथा 67 अहिवारा से श्रीमती संतोषी साहू, श्रीमती सुशीला वर्मा एवं श्रीमती योगमाया वर्मा शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम श्री हितेश पिस्दा व श्री उत्तम ध्रुव सहित स्कूल, कॉलेज, एनसीसी, स्काउट-गाइड के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर जिला मुख्यालय दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में मुख्य समारोह आयोजित होगा। समारोह में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जिला स्तरीय मुख्य समारोह में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहण के पश्चात् परेड की सलामी लेंगे और परेड का निरीक्षण करेंगे। समारोह में 10 बजे शहीद परिवारों का सम्मान होगा। स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम व झाँकियों का प्रदर्शन होगा और पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
- दुर्ग, /राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत शासकीय चन्द्रशेखर आज़ाद हायर सेकेंडरी स्कूल, पंचशील नगर दुर्ग में जिला स्तरीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर एवं जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री अजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव तथा विशिष्ट अतिथि महापौर श्रीमती अलका बाघमार रहीं।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए समाज में बालिकाओं के महत्व को रेखांकित किया।कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए चम्मच बॉल, कुर्सी दौड़, बलून फुलाना जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। साथ ही थीम आधारित निबंध, पेंटिंग एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की कड़ी में साइबर एक्सपर्ट श्री आरिफ़ ख़ान द्वारा बच्चों एवं उपस्थित अभिभावकों को साइबर क्राइम की जानकारी दी गई तथा इससे बचाव के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों, किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की टेबलेट्स वितरित की गईं। साथ ही एनीमिया के लक्षण, कारण एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। इसके पश्चात बच्चों द्वारा तैयार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं एवं बाल विवाह विषय पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। इस दौरान अतिथियों द्वारा उपस्थित सभी को बाल विवाह मुक्त भारत/छत्तीसगढ़ हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, शाला परिवार के प्राचार्य , शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित थे।
- दुर्ग / जिले में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के पावन पर्व पर जिला प्रशासन द्वारा पंडित रविशंकर स्टेडियम में 'जिलाधीश एकादश' और 'नागरिक एकादश' के मध्य एक मैत्रीपूर्ण हॉकी और रस्सा-खींच मैच का भव्य आयोजन किया जाएगा। विगत 77 वर्षों की गरिमामयी विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए, यह आयोजन शाम 4:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें 'जिलाधीश एकादश' की टीम में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मैदान पर अपना दमखम दिखाएंगे। टीम की अगुवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विनोद के. कुजूर करेंगे, जिनके साथ दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर (आई.ए.एस.), पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य (आई.पी.एस.), और दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह (आई.ए.एस.) प्रमुख खिलाड़ी के रूप में शामिल होंगे। प्रशासनिक टीम की मजबूती बढ़ाते हुए इसमें पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल (आई.पी.एस.), सी.एस.पी. श्री हर्षित मेहर (आई.पी.एस.), और वनमण्डल अधिकारी श्री दीपेश कपिल (आई.एफ.एस.) भी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। टीम में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री बजरंग कुमार दुबे, और अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह सहित नगर निगम आयुक्त और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुखों को भी स्थान दिया गया है। कुल 26 शीर्ष अधिकारियों की यह सूची प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय और खेल भावना का संदेश देने के लिए तैयार की गई है। इस ऐतिहासिक आयोजन में जिलेवासियों को उपस्थित होने और खेल का आनंद लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग जिले में आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सहायक आयुक्त आबकारी श्री सीआर साहू के मार्गदर्शन में विभाग ने अवैध शराब के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की है।मिली जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को गश्त के दौरान आबकारी वृत्त धमधा की टीम को पथरिया क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर त्वरित और विधिवत कार्रवाई करते हुए टीम ने संदिग्ध स्थान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गोविन्द साहू (64 वर्ष), निवासी पथरिया को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 40 नग पाव देसी मदिरा मसाला (प्रत्येक 180 एम.एल.) बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 7.2 बल्क लीटर बताई जा रही है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 4,000 रुपये आँका गया है।आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) ख एवं 34(2) के तहत गैर-जमानती प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में विवेचना अधिकारी भोजराम रत्नाकर (आबकारी उपनिरीक्षक), मुख्य आरक्षक प्रलाद सिंह राजपूत और वाहन चालक दुर्गा प्रसाद साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- दुर्ग, / राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को रायपुर में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता जागरूकता एवं निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। इस क्रम में राज्य के दुर्ग जिले का चयन प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण श्रेणी के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सम्मान दुर्ग जिले को निर्वाचन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय परिसर, रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार में किया गया, जिसमें दुर्ग जिले की ओर से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने सम्मान ग्रहण किया। राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
- - पुराने और नए युग की पत्रकारिता, टीवी और अखबार में अंतर, और पत्रकारों के लिए सीखरायपुर । प्रेस क्लब में शुक्रवार को एक विशेष पत्रकारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रसार भारती के सलाहकार उमेश चतुर्वेदी (नई दिल्ली) और स्वदेश के संपादक जयप्रकाश मिश्रा पत्रकार साथियों से रूबरू हुए। दोनों अतिथियों ने पत्रकारिता के अपने पुराने अनुभव साझा किए और टीवी व अखबार की पत्रकारिता में अंतर को समझाया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु और संयुक्त सचिव निवेदिता साहू ,भूपेश जांगड़े के साथ सभी सदस्य उपस्थित थे।टीवी और सोशल मीडिया समाचार,तेजी और भूलने की समस्याउमेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीवी और सोशल मीडिया पर समाचार बहुत तेजी से फैलते हैं, लेकिन लोग उन्हें जल्दी भूल जाते हैं। उनका कहना था कि टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज में अधिकतर विज्ञापनों का कब्जा रहता है और वास्तविक समाचार का असर कम हो जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि टीवी पर लोग आधा-एक घंटा समाचार देखकर भूल जाते हैं, जबकि अखबार की खबरों को लोग काटकर सुरक्षित रखते हैं।अखबार की पत्रकारिता का महत्वचतुर्वेदी ने कहा कि अखबार में समाचार अधिक स्थायी और भरोसेमंद होते हैं। लोग अखबार की खबरों को पढक़र समझते हैं और उनके पास इसका रिकॉर्ड रहता है। उन्होंने पत्रकारों को यह सलाह दी कि समाचार लिखते समय हेडिंग और वलाइनर पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यही पाठकों का ध्यान आकर्षित करता है। अखबार में पत्रकारिता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह गहराई से खबर पेश करता है, जबकि टीवी और सोशल मीडिया केवल त्वरित और सतही जानकारी देते हैं।पुराने और नए युग की पत्रकारिताउमेश चतुर्वेदी ने पत्रकारिता के पुराने और नए युग की तुलना भी की। उन्होंने बताया कि पुराने समय में पत्रकारिता में खबरों की गहराई और जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था। वहीं, नए युग में तेजी, वायरल खबरें और डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता की प्रकृति बदल दी है। दोनों माध्यमों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।व्यक्तिगत अनुभव और सीखस्वदेश के संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पत्रकारिता केवल खबरें देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सचेत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और सतही या अफवाह पर आधारित खबरों से बचना चाहिए।सम्मान और प्रतीक चिन्हइस अवसर पर प्रेस क्लब ने दोनों अतिथियों को उनके योगदान और अनुभव साझा करने के लिए प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। पत्रकार साथियों ने उनके विचारों को ध्यान से सुना और उन्हें सीखने योग्य बताया।
- रायपुर। भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगाँठ के अवसर पर 26 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह 8.30 बजे और एकात्म परिसर में सुबह 09 बजे भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल तथा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे।
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रायपुर। बस्तर क्षेत्र में माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में गणतंत्र दिवस के अवसर पर पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। यह कदम 'लाल आतंक' के अंत की लड़ाई में मिली सफलता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है और शांति एवं विकास का संकेत देता है।
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने बताया कि इनमें से 13 गांव बीजापुर जिले में, 18 नारायणपुर में और 10 सुकमा में हैं। उन्होंने कहा, ''बस्तर मंडल के 41 गांवों में पहली बार 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ये गांव दशकों से ऐसे राष्ट्रीय समारोहों से दूर रहे थे, लेकिन अब देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक भावना में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इन स्थानों पर सुरक्षा शिविरों की स्थापना ने स्थानीय आबादी के बीच विश्वास, सुशासन और अपनेपन की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा, ''सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से यह सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाया है।
पिछले वर्ष 13 गांवों में 15 अगस्त को पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था। अब, इन 13 गांवों सहित कुल 54 गांव पहली बार गणतंत्र दिवस मनाएंगे।" सुंदरराज ने कहा कि अबूझमाड़, राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र आदि में बसवराजु, के रामचंद्र रेड्डी, सुधाकर, कट्टा सत्यनारायण रेड्डी और अन्य माओवादी कैडर को निष्क्रिय करने से क्षेत्र में चरमपंथी प्रभाव काफी कमजोर हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप भय और धमकी की जगह धीरे-धीरे शांति, विकास और प्रशासनिक संपर्क स्थापित हो रहे हैं। इस बीच, एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में गणतंत्र दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि राज्यपाल रमन डेका सोमवार सुबह रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों से 'गार्ड ऑफ ऑनर' (सलामी गारद) लेंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साई बिलासपुर जिले में तिरंगा फहराएंगे।
- -साहित्य सृजन कर रहे पूर्व अधिकारियों ने 'शासन और साहित्य' के अंतर्संबंधों पर रखी अपनी रायरायपुर।रायपुर साहित्य उत्सव के तीसरे दिन आज वर्तमान में साहित्य सृजन में लगे भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने 'शासन और साहित्य' के अंतर्संबंधों पर गहरा विमर्श किया। लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित यह सत्र मूर्धन्य छत्तीसगढ़ी साहित्यकार और पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री केयूर भूषण को समर्पित रहा। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह इस सत्र में सूत्रधार की भूमिका में थे।परिचर्चा में यह बात प्रमुखता से उभरी कि शासन और साहित्य एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। जहाँ शासन नीतियों के जरिए समाज को व्यवस्थित करता है, वहीं साहित्य मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखकर शासन को आइना दिखाने का काम करता है।परिचर्चा की शुरुआत करते हुए सूत्रधार रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में साहित्य सदैव शामिल रहता है और रायपुर साहित्य उत्सव का यह आयोजन इस बात का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य शासन के लिए दर्पण की तरह है जो व्यवस्था को सही रास्ता दिखाने और समाज में संवेदना जगाने का काम करता है।वरिष्ठ साहित्यकार और सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. सुशील त्रिवेदी ने शासन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन का मूल काम स्वतंत्रता, समता और न्याय की स्थापना करना है, जबकि साहित्य आम आदमी के संघर्ष और भावनाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने बेहद सारगर्भित बात कही कि जब 'स्वांत: सुखाय' के भाव से लिखा गया शब्द 'बहुजन सुखाय और बहुजन हिताय' बन जाता है, तब वह साहित्य बन जाता है। उन्होंने साहित्य को मनुष्य का 'स्थायी लोकतंत्र' करार दिया।चर्चा को आगे बढ़ाते हुए साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. संजय अलंग ने वैश्विक क्रांतियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि रूस और फ्रांस जैसी बड़ी क्रांतियां साहित्य की कोख से ही जन्मी हैं। शासन लगातार साहित्य से सीखता है और सत्ता में आने के बाद भी उसे साहित्य से ही दृष्टि मिलती है। डॉ. अलंग ने कहा कि चाहे शासन हो या साहित्य, यदि आप जनता के पक्ष में खड़े नहीं हैं, तो आप विपक्ष में खड़े हैं।साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. इंदिरा मिश्रा ने परिचर्चा में शासन की व्यावहारिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शासन सार्वभौमिक और सशक्त होता है, जिसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कभी-कभी कड़े निर्णय लेने पड़ते हैं। कई बार ऐसी रचनाओं पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है जो व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं।साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस श्री बी.के.एस. रे ने एक अच्छे प्रशासक की परिभाषा गढ़ते हुए कहा कि वही व्यक्ति सफल शासक है जो मनुष्यता को समझता है। उन्होंने साहित्यकारों को आह्वान किया कि यदि शासन कभी रास्ता भटक जाए, तो यह साहित्य का ही दायित्व है कि वह उसे सही मार्ग पर लाए।
- -एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में ग्राम केरे को किया जाएगा विकसित-होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के बीच एमओयूरायपुर / जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।
- -महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से बनाए उत्पाद मिलेंगे देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष रेयर प्लेनेट संस्था से हुआ ऐतिहासिक एमओयू-महिला स्वावलंबन को मिला नया बाजाररायपुर /वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूह—जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह—के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।इस महत्वपूर्ण समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाजार, उचित मूल्य तथा नियमित आय के अवसर प्राप्त होंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह पहल केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव रखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस और दूरगामी पहल है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लेनेट संस्था के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहनाकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की सराहना की।स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी एवं विधायक श्रीमती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का सशक्त प्रतीक बना।इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांडउल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की सजीव अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी एवं मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाजार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी।जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा सशक्त मंच विकसित हुआ है, जो जशपुर जिले के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाजार उपलब्ध करा रहा है।इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के राष्ट्रीय मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने कांसाबेल में किया स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ-शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगेरायपुर /जशपुर जिले के स्कूली बच्चे अब स्मार्ट क्लास रूम के जरिए पढ़ाई करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।अधिकारियों ने बताया कि एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन एसईसीएल एवं ईडूसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
- -शासन और साहित्य विषय पर पूर्व आईएएएस अधिकारियों के साथ सूत्रधार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की चर्चा-प्रेमचंद, शरद जोशी, सार्त्र और वाक्लाव हैवेल जैसे साहित्यकारों विचारकों के उद्दरणों के साथ सार्थक चर्चा का हुआ आयोजन-लाला जगदलपुरी मंडप में हुआ आयोजन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केयूर भूषण को किया गया नमनरायपुर, । शासन और साहित्य विषय पर आज लाला जगदलपुरी मंडप में दिलचस्प चर्चा हुई। सूत्रधार थे कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और अतिथि वक्ता थे पूर्व आईएएस अधिकारी श्री बीकेएस रे, श्रीमती इंदिरा मिश्रा, डॉ. सुशील त्रिवेदी और डॉ. संजय अलंग। साहित्य में गहरी दिलचस्पी रखने वाले और अपनी प्रशासनिक क्षमता से प्रदेश में पहचान छोड़ने वाले अधिकारियों ने सूत्र बताए कि किस तरह साहित्य शासन-प्रशासन को जनकल्याण के लिए लगातार सकारात्मक दिशा में लेकर जाता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि साहित्य समाज को जगाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि अगर साहित्य केवल प्रशंसा करता है तो वो कमजोर हो जाता है और शासन यदि केवल नियंत्रण करता है तो वो कठोर हो जाता है इसलिए लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि आलोचना को सुना जाए और संवेदना को नीति में बदला जाए। उन्होंने हिंदी साहित्य के इतिहास के प्रसंग बताते हुए कहा कि किस प्रकार वीरगाथा काल में कवियों ने राष्ट्रबोध जगाया और भक्तिकाल में उन्होंने वो मानक बताये जिससे शासन को चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साहित्य हमेशा केंद्र में रहा है और साहित्यकारों ने अपने प्रखर विचारों को हमेशा रखा। इस मौके पर डॉ. सुशील त्रिवेदी ने कहा कि साहित्य की शक्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वतंत्रता संग्राम में हमारे अनेक नेता साहित्यकार रहे। उस दौर में अंग्रेजों की आलोचना करने वाले साहित्यकारों की किताबों पर बैन लगाया गया। यह साहित्य की शक्ति है। उन्होंने दिनकर को उद्धृत करते हुए कहा कि जब राजनीति फिसलती है तो साहित्य उसे संभालता है। यह साहित्य की बड़ी शक्ति है। डॉ. संजय अलंग ने कहा कि साहित्यकार जो देखते हैं उसे लिख देते हैं यह आलोचना भी होती है और प्रशंसा भी होती है। नमक का दरोगा कहानी पढ़े तो ये ईमानदार अधिकारी की कहानी है और इस कहानी ने न जाने कितने लोगों के भीतर ईमानदारी के भाव भरे लेकिन सिस्टम में विसंगतियों को भी अनेक कहानियां अथवा निबंध सामने लाते हैं। उन्होंने शरद जोशी के लिखे व्यंग्य लेख जीप पर सवार इल्लियां का जिक्र किया। श्रीमती इंदिरा मिश्रा ने लेखिका तसलीमा नसरीन का जिक्र किया कि उन्होंने सच्चाई को सामने लाने की हिम्मत दिखाई और उन्हें निर्वासन सहना पड़ा। साहित्य सच को सामने लाता है और समाज को आइना दिखाता है। साहित्य संवेदनशीलता लाता है और जनकल्याणकारी शासन की नींव तैयार करता है। इस मौके पर बीकेएस रे ने कहा कि साहित्य हमारे मनोविज्ञान को बदलता है और एक संवेदनशील मनुष्य बेहतर प्रशासक बनता है। श्री रे ने फ्रांस के स्टूडेंट मूवमेंट का उदाहरण बताते हुए कहा कि नोबल पुरस्कार प्राप्त जीन पाल सार्त्र के नेतृत्व में हो रहे मूवमेंट को रोकने कैबिनेट के बैठक में चर्चा चली। जब किसी ने सार्त्र को गिरफ्तार करने की बात कही तो चार्ल्स डी गाव ने कहा कि हम इस सदी के वाल्तेयर को गिरफ्तार करने का जोखिम नहीं उठा सकते। यह साहित्य की शक्ति है। श्री रे ने वाक्लाव हैवल जैसे विचारकों के प्रमुख उद्दरणों को रखा और इसके माध्यम से अपनी बात कही। सूत्रधार डॉ. गौरव सिंह ने अंत में चर्चा के निष्कर्ष के रूप में कहा कि साहित्य संवेदनशीलता प्रदान करता है समझ प्रदान करता है इसलिए हर युग में वो केंद्र में रहा है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव जैसे आयोजनों से साहित्य के प्रति लोगों की जागरकूता बढ़ाने में मदद मिलती है।इस अवसर पर उप संचालक श्री सौरभ शर्मा ने शासकीय गमछा पहनाकर स्वागत किया एवं संयुक्त संचालक श्री हीरा देवांगन ने प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। साथ ही कुछ नवोदित साहित्यकारों के पुस्तक का विमोचन भी किया गया।















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