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- -अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध थाना बसना में एफआईआर दर्जमहासमुंद / जिले के बसना स्थित धान संग्रहण केंद्र गढ़फुलझर में 25 मई को आग लगने की घटना में लगभग 90 हजार रूपए की क्षति हुई है। मामले में धान संग्रहण केंद्र बसना के केंद्र प्रभारी द्वारा थाना बसना में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराया गया है। थाना बसना द्वारा मामले की जांच की जा रही है।केन्द्र प्रभारी ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खेत में लगाई गई आग तेज हवा के कारण फैलते हुए धान फड़ की बाउंड्री तक पहुंच गई, जिससे संग्रहण केंद्र के किनारे रखी अनुपयोगी सामग्री आग की चपेट में आ गई। इस घटना में लगभग 1 लाख 75 हजार नग अनुपयोगी एवं सड़ी-गली डनेज प्लास्टिक बोरियां जलकर नष्ट हो गईं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 हजार रुपए है। इसके अलावा लगभग 20 नग अनुपयोगी कैप कवर भी जल गए, जिनकी अनुमानित कीमत 10 हजार रुपए है। इस प्रकार कुल लगभग 90 हजार रुपए की क्षति हुई है।केन्द्र प्रभारी ने बताया कि आग लगने की सूचना दिन पाली में कार्यरत चौकीदार द्वारा दोपहर लगभग 3 बजे दी गई। प्रारंभिक स्तर पर कर्मचारियों द्वारा बोर से पानी का छिड़काव कर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। स्थिति को देखते हुए सरायपाली से दमकल वाहन बुलाया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खेतों में आग न लगाएं तथा सावधानी बरतें। ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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- 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ, समस्याओं का हुआ समाधान
- शिविर में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड एवं अधिकारी अभिलेख पत्र का किया गया वितरण
राजनांदगांव । राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु राजनांदगांव जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। आज जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ वनांचल ग्राम जोब के स्कूल परिसर में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत जोब जन समस्या निवारण शिविर में आसपास के 11 ग्राम पंचायत आमगांव छु, बम्हनीचारभाठा, बेंदाड़ी, भर्रीटोला पैरी, घोरतालाब, जैतगुडरा, झाड़ीखैरी, जोब, मरकाकसा, नादियाखुर्द और पंडरापानी के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्राम पंचायत जोब क्लस्टर शिविर में ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा मंच के माध्यम से ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए तथा मौके पर निराकरण किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्री संजय सिन्हा एवं अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित अन्य अतिथियों द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए सामग्री वितरण किया गया। शिविर में अतिथियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हितग्राहियों को पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। वहीं हितग्राहियों को नया राशन कार्ड, नया जॉब कार्ड, आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किए गए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। कृषि विभाग द्वारा हितग्राहियों को मूंग बीज वितरण किया गया। बिहान योजना के अंतर्गत 2 महिला स्वय सहायता समूहों को 6-6 लाख रूपए का ऋण वितरण किया गया। जोब क्लस्टर के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई तथा नन्हे बच्चों की माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और संवाद से समाधान के माध्यम से लोगों की समस्याओं का निराकरण करना है। उन्होंने कहा कि शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित हैं, जो सीमांकन, नामांतरण, पेंशन, राशन कार्ड, आवास एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में बीपी, शुगर, टीबी जैसी बीमारियों की जांच कराने कहा। साथ ही बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने कहा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के लिए पेड़ -पौधों का संरक्षण और वृक्षारोपण भविष्य की पीढिय़ों के लिए आवश्यक है। सभी को एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाने कहा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढिय़ों के लिए पेड़ और पानी बचाना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान कार्ड, जल जीवन मिशन एवं बिहान योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन महिलाओं, किसानों और जरूरतमंद परिवारों को लगातार लाभ पहुंचा रही है।
अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने कहा कि जिले में 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार अंतर्गत 62 शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से आवेदन में समस्या के साथ मोबाइल नंबर दर्ज करने कहा, ताकि संबंधित विभागों द्वारा निराकरण की जानकारी प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य गांव में ही लोगों को शासन की सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने किसानों से खरीफ फसल के लिए धान पंजीयन समय पर कराने तथा खाद, बीज एवं किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंनेे बताया कि शिविर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वास्थ्य जांच, पेंशन, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, स्वामित्व अधिकार पत्र एवं अन्य हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया जा रहा है। साथ ही साइबर ठगी से सावधान रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत श्री संजय सिन्हा, सरपंच जोब ने भी संबोधित किया। शिविर में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री प्रशांत ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मण्डावी, समाजसेवी श्री एमडी ठाकुर, एसडीएम श्री श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित 11 ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 1 पद की संविदा भर्ती वॉक इन के माध्यम से किया जाएगा। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक 2 जून 2026 तक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजनांदगांव (गुरूद्वारा के सामने) आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन पत्र का प्रारूप राजनांदगांव जिले की वेबसाईट से प्राप्त किया जा सकता है।
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- मिशन लाइफ की थीम क्लीन एनर्जी पर आधारित
- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए जनमानस को करें जागरूक
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय मिशन लाइफ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए। प्रशिक्षण में मिशन लाइफ के विभिन्न घटकों एवं गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष मिशन लाइफ की थीम क्लीन एनर्जी पर आधारित है। इसके तहत प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जिले में 15 मई से 4 जून 2026 तक अभियान चलाकर नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने मिशन लाईफ के विभिन्न घटकों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को दैनिक जीवन में अपनाने कहा। उन्होंने कहा कि मिशन लाईफ का उद्देश्य केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, इसे व्यवहार में भी उतारना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित कर अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के पूर्व आयोजित किए जाने वाले मिशन लाईफ प्री-कैम्पेन अंतर्गत अक्षय ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना एवं प्रचार-प्रसार, सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय तथा स्कूल-कॉलेजों में क्विज, निबंध, स्लोगन लेखन एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से यंग रिन्यूएबल एनर्जी एम्बेसडर तैयार करने निर्देशित किया। उन्होंने सेल्फी विथ सोलर अभियान, मिशन लाइफ शपथ, सोशल मीडिया पर गतिविधियों के प्रचार-प्रसार तथा 4 जून को जिले के प्रत्येक कार्यालय एवं जनसमुदाय के बीच मिशन लाइफ शपथ दिलाने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह द्वारा मिशन लाइफ अंतर्गत प्रस्तावित विभागवार गतिविधियों की प्रस्तुति दी गई तथा विभागों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। पंचायत विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार, जागरूकता शिविर एवं हितग्राही पंजीयन की जिम्मेदारी दी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की बैठकों में ऊर्जा बचत एवं सौर ऊर्जा पर चर्चा आयोजित करने कहा। शिक्षा विभाग को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा एवं मिशन लाइफ विषयक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर अधिकतम छात्र-छात्राओं का सहभागिता सुनिश्चित करने कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों एवं माताओं के लिए 5 ग्रीन हैबिट्स आधारित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा कृषि विभाग को किसानों के मध्य सौर ऊर्जा आधारित कृषि योजनाओं एवं सतत कृषि पद्धतियों के प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, प्लास्टिक उपयोग में कमी, स्वच्छता तथा हरित वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। प्रशिक्षण में सभी अधिकारियों ने मिशन लाइफ के उद्देश्यों को अपने कार्यों एवं जीवनशैली में शामिल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - -निःशुल्क आवासीय कोचिंग से संवरेगा वनांचल के होनहार प्रतिभाओं का भविष्य-मंत्री राजेश अग्रवाल ने बसों को दिखाई हरी झण्डी, कहा यह सफलता और राष्ट्र निर्माण तक की यात्रारायपुर। सरगुजा जिले के मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “ओजस्वी सरगुजा” योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की गई है। इस अभिनव योजना के तहत शासकीय विद्यालयों के 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु रायपुर भेजा गया है। जिला खनिज संस्थान न्यास के वित्तीय सहयोग से संचालित इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को रायपुर स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान एलेन कैरियर इंस्टिट्यूट में निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को संबोधित किया और तीन बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह ऐतिहासिक क्षण सरगुजा के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “ओजस्वी सरगुजा” जैसी दूरदर्शी परिकल्पना आज वास्तविक स्वरूप ले रही है। आज जिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई की तैयारी के लिए भेजा जा रहा है, वे आने वाले समय में डॉक्टर, इंजीनियर एवं राष्ट्र निर्माता बनकर न केवल अपने परिवार और जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। यह यात्रा केवल रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके सपनों, संघर्षों और सफलता की यात्रा है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के पांच विद्यार्थियों का चयन होना एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का संदेश है। सीमित संसाधनों एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा कभी परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। उन्होंने जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल की सराहना की।योजना के अंतर्गत कुल 55 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें जिला प्रशासन द्वारा मेरिट सूची एवं आरक्षण रोस्टर के आधार पर 50 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जबकि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के 5 अतिरिक्त विद्यार्थियों को भी अवसर प्रदान किया गया। चयनित विद्यार्थियों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 32, पीवीटीजी वर्ग के 5, अनुसूचित जाति वर्ग के 4, अन्य पिछड़ा वर्ग के 12 तथा सामान्य वर्ग के 2 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 36 विद्यार्थी नीट तथा 19 विद्यार्थी जेईई परीक्षा की तैयारी करेंगे। विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित विद्यार्थियों में 4 बालिकाएं नीट एवं 1 बालिका जेईई की तैयारी करेगी।कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि कोचिंग संस्थान का चयन “रुचि की अभिव्यक्ति” प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। कुल छह संस्थानों में से एलेन कैरियर इंस्टिट्यूट का चयन किया गया है, जहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। मंत्री श्री अग्रवाल ने एलेन प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ शैक्षणिक भ्रमण एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों का भी अवसर प्रदान किया जाए, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।विद्यार्थियों की आवास एवं भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को प्रतिमाह 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह ने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने तथा सफल होकर सरगुजा जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान कलेक्टर अजीत वसंत ने योजना की चयन प्रक्रिया, कोचिंग व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों एवं पालकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, जनप्रतिनिधि, चयनित विद्यार्थी एवं उनके पालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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- विश्व ऊदबिलाव दिवस पर विशेष
-छत्तीसगढ़ में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि-वन विभाग और विज्ञान सभा के संयुक्त प्रयासों से मिली सफलतारायपुर / विश्व ऊदबिलाव दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। गरियाबंद जिले के उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के जल स्रोतों में ऊदबिलाव (ओटर) की प्रमाणिक उपस्थिति दर्ज की गई है। यह सफलता प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त शोध प्रयासों से संभव हुई है।गरियाबंद वनमंडल के डीएफओ श्री वरुण जैन के सहयोग से लगाए गए कैमरा ट्रैप में ऊदबिलाव के स्पष्ट चित्र प्राप्त हुए हैं। इससे यह प्रमाणित हुआ है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का जलीय पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है और यह दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास बना हुआ है।ऊदबिलाव स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों में निवास करने वाला संवेदनशील वन्यजीव है। यह नदियों, तालाबों और अन्य मीठे जल स्रोतों की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण जैव संकेतक माना जाता है। इसकी उपस्थिति किसी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाती है।विश्वभर में ऊदबिलाव की 13 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से भारत में तीन यूरेशियन ऊदबिलाव, स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव और एशियाई स्मॉल-क्लॉड ऊदबिलाव प्रजातियां पाई जाती हैं। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ में इन तीनों प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है, जो राज्य की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है।हर वर्ष 27 मई को विश्व ऊदबिलाव दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऊदबिलाव प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और उनके सामने मौजूद खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करना है।प्राकृतिक आवास का नुकसान, जल स्रोतों का प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, अवैध शिकार एवं तस्करी और मानव-वन्यजीव संघर्ष आदि ऊदबिलाव के लिए प्रमुख खतरे हैं।छत्तीसगढ़ में ऊदबिलाव संरक्षण की दिशा में वर्ष 2021 से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसके बाद राज्य शासन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा को ऊदबिलाव पर शोध और संरक्षण अध्ययन का दायित्व सौंपा गया। छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के नेतृत्व में कोरबा, कांकेर, गरियाबंद और बस्तर संभाग में कैमरा ट्रैप एवं मैदानी अध्ययन के माध्यम से ऊदबिलाव की उपस्थिति, व्यवहार, आवास और प्रजनन संबंधी जानकारी संकलित की जा रही है। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की शोधकर्ता श्रीमती निधि सिंह के नेतृत्व में तैयार अध्ययन रिपोर्ट वन विभाग को सौंपी गई है। अध्ययन से राज्य के विभिन्न जिलों में ऊदबिलाव की उपस्थिति के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।वन विभाग और विज्ञान सभा द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव यह है कि अब स्थानीय मछुआरे और ग्रामीण ऊदबिलाव के संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील हुए हैं तथा कई क्षेत्रों से इनके रेस्क्यू की सूचना स्वयं लोगों द्वारा दी जा रही है।वन विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने आमजन से अपील की है कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक, कांच तथा अन्य अपशिष्ट न फैलाएं। जंगलों में आग लगने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें।विशेषज्ञों का मानना है कि ऊदबिलाव का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता से ही यह संभव है। स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित जल स्रोतों के संरक्षण से ही इस दुर्लभ वन्यजीव का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। - -बैम्बू राफ्टिंग, आमचो लाड़ी होमस्टे और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम दे रहा प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभवरायपुर। प्रकृति की अनुपम छटा, जनजातीय संस्कृति की आत्मीयता और रोमांच से सराबोर बस्तर अंचल का खूबसूरत ग्राम मांझीपाल आज छत्तीसगढ़ के सबसे तेजी से उभरते इको-टूरिज्म केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित यह मनोरम स्थल अपने घने जंगलों, स्वच्छ कांगेर नदी और ग्रामीण परिवेश की सादगी के कारण देश-विदेश के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा बस्तर में इको-टूरिज्म, ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गई विशेष पहल का ही परिणाम है कि आज मांझीपाल वैश्विक मानचित्र पर चमक रहा है। इस मॉडल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।मांझीपाल की सबसे बड़ी यूएसपी यहाँ बहने वाली निर्मल कांगेर नदी है। नदी की शांत जलधारा में स्थानीय आदिवासियों द्वारा तैयार पारंपरिक बांस की नावों पर होने वाली बैम्बू राफ्टिंग पर्यटकों को बेहद रोमांचित कर रही है। राफ्टिंग के दौरान सैलानी घने जंगलों की हरियाली, नदी के किनारों की प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ पक्षियों की चहचहाहट के बीच प्रकृति को बेहद करीब से महसूस करते हैं। यह गतिविधि केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तर के जनजातीय समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को भी जीवंत करती है।मांझीपाल में स्थित “आमचो लाड़ी” होमस्टे आज बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से समझने का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन गया है। अपनी अनूठी और आत्मीय मेजबानी, बस्तरिया व्यंजनों के स्वाद और पारंपरिक परिवेश के कारण यह होमस्टे विदेशी पर्यटकों के बीच भी तेजी से अपनी पैठ बना रहा है। आधुनिक शहरों की भागदौड़ से दूर यहाँ आने वाले पर्यटक स्थानीय रीति-रिवाजों को जीते हैं, जंगल का आनंद लेते हैं, बर्ड वॉचिंग (पक्षी अवलोकन) करते हैं और बस्तर के पारंपरिक जीवन के साथ आत्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं।राज्य सरकार की कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म (सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन) नीति का सीधा और सकारात्मक असर अब बस्तर के ग्रामीण अंचलों में देखने को मिल रहा है। मांझीपाल के पर्यटन हब बनने से स्थानीय आदिवासी युवाओं को प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड, राफ्टिंग संचालक, होमस्टे प्रबंधन और बस्तरिया हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) की बिक्री के जरिए सीधे तौर पर स्थायी रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल पलायन पर रोक लगी है, बल्कि जनजातीय परंपराओं और स्थानीय विरासत के संरक्षण को भी एक नई दिशा मिली है।पर्यटकों के लिए मांझीपाल पहुँचना बेहद सुगम और आसान है। यह खूबसूरत पर्यटन स्थल जिला मुख्यालय जगदलपुर से मात्र 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जगदलपुर से दरभा मार्ग होते हुए बेहतरीन पक्की सड़क द्वारा निजी वाहन या स्थानीय टैक्सी से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा भी जगदलपुर में ही स्थित है, जिससे देश के किसी भी कोने से यहाँ का आगमन सुलभ हो जाता है। प्रकृति संरक्षण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर पर्यटन मॉडल का बेहतरीन उदाहरण पेश करता मांझीपाल आज सिर्फ एक घूमने की जगह नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की एक नई और गौरवशाली पहचान बन चुका है।
- -सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का बेमिसालरायपुर / छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि 26 मई 2014 से शुरू हुआ यह 12 वर्षों का कार्यकाल देश के इतिहास में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प का जीवंत प्रतीक रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने अंत्योदय के लक्ष्य को साकार किया है। श्री चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं ने समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाया है। जनधन योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीबों, किसानों और माताओं-बहनों के जीवन को गरिमापूर्ण बनाया है। डिजिटल इंडिया अभियान ने युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं और देश में अभूतपूर्व पारदर्शिता सुनिश्चित की है।वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह कालखंड देश के नव-निर्माण और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने वाला रहा है। इन 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक पटल पर विकास, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अद्वितीय राष्ट्र-समर्पण, निरंतर जनता-सेवा और सुशासन के लिए उनका हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
- -श्री डेका से लोकभवन में दिल्ली के युवाओं ने किया संवादरायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में दिल्ली के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने संवाद किया। ये विद्यार्थी भारत सरकार के ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ अभियान के ‘‘युवा संगम‘‘ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर यह अनूठा कार्यक्रम पूरे भारत में लागू किया गया है। जिसमें सभी प्रदेशों के युवा अन्य प्रदेशों में जाकर वहां की संस्कृति को समझते हैं, खान-पान का जायका लेते है और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हैं। इस कड़ी में दिल्ली के विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत युवा छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कराया जा रहा है। भ्रमण के दूसरे दिन ये विद्यार्थी लोकभवन पहुंचे थे।राज्यपाल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि डिग्री लेकर निकलने के पश्चात हमें देश व समाज के बारे में सोचना चाहिए। जलवायु परिवर्तन और माइक्रो प्लास्टिक आज की सबसे बड़ी चुनौती हैं इससे निपटने के लिए युवाओं को सहयोग करना होगा।श्री डेका ने कहा कि हमारे जीवनशैली को आधुनिक बनाने में साइंस का महत्वपूर्ण योगदान है। इसका उपयोग मानवहित में होना चाहिए। आईआईटी जैसे संस्थान देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारे शिक्षा संस्थानों पर हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी है। इस तरह के मेल-जोल के कार्यक्रम से व्यक्तित्व का विकास होता है।श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि आप दिल्ली की हलचल भरी सड़कों से निकलकर छत्तीसगढ़ की हरी-भरी, वन-संपदा से समृद्ध, आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति से सराबोर भूमि पर पधारे हैं। यह केवल एक भौगोलिक यात्रा नहीं है। यह भारत की आत्मा को समझने की यात्रा है। यह एक भारत के संकल्प को श्रेष्ठ भारत के स्वप्न में रूपांतरित करने की यात्रा है। हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति यही है कि यहां एक ही धरती पर सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं। दर्जनों पर्व मनाए जाते हैं, असंख्य परंपराओं के बाद भी हम सब एक हैं। यही विविधता में एकता हमारे गणतंत्र की सच्ची पहचान है।कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका से दिल्ली के विद्यार्थियों का वैचारिक आदान-प्रदान हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र विवेक शुक्ला ने सफल राजनेता में क्या गुण होना चाहिए, इस पर प्रश्न किया। श्री डेका ने कहा कि सफल राजनेता में नेतृत्व क्षमता का होना जरूरी है। कुमारी रितिका ने कौशल पर आधारित प्रश्न किया। श्री डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में अच्छे कौशल की जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी कौशल उन्नयन पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक छात्रा के प्रश्न पर कहा कि सफलता के लिए शॉर्टकट नहीं होता तथा धैर्य नहीं खोना चाहिए। प्रत्येक स्तर पर मानसिक शांति के साथ निर्णाय लें। श्री डेका से विद्यार्थियों ने उनकी जीवन यात्रा से संबंधित प्रश्न भी पूछे। युवा विद्यार्थी जो देश की सेवा करना चाहते है उनके लिए श्री डेका ने कहा कि अपनी अंतर आत्मा की आवाज सुनकर कार्य करें।इस अवसर पर आई.आई.टी. भिलाई के डायरेक्टर श्री राजीव प्रकाश ने युवा संगम कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर राज्यपाल की विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू, आई.आई.टी. भिलाई के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, समन्वयक एवं अधिकारियों सहित दिल्ली राज्य से आये हुए युवा विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -मरम्मत के बाद 82 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बहाल होगीरायपुर / राज्य शासन ने सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी स्थित सूपाझरिया जलाशय योजना के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 15 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इस नहर जीर्णाेद्धार कार्य से ओड़गी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। शासन ने कार्य को स्वीकृत राशि और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से ड्रॉइंग-डिजाइन का अनुमोदन और तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा जारी की जाएगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भू-अर्जन स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाए और किसी अन्य मद की बचत राशि का उपयोग बिना पूर्व स्वीकृति के न हो। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है, तो निर्माण शासकीय भूमि पर ही कराया जाए। निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -राज्य सहकारी विकास समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, पैक्स समितियों को बहुआयामी बनाने पर जोर-हर ग्राम पंचायत में होगा सहकारी समिति का संचालन, दुग्ध, मत्स्य और लघु वनोपज से जोड़ी जाएंगी समितियां-शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्र के निर्माण में तेजी लाने के निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए। मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई। समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।
- -’काम में बेवजह देरी करने वाली एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई’-बिलासपुर में वर्किंग वुमेन हॉस्टल और मोबाइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश’रायपुर ।छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4ळ स्टेशन क्टछ मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला)मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (च्ीवजव ळमव.जंह) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (टब्) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।
- - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में मिली बड़ी सफलता- दुर्ग में 132 केवी का नया सब-स्टेशन किया गया ऊर्जीकृतरायपुर, । प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग की आपूर्ति करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी नई ट्रांसमिशन लाइनों के साथ ही नए सब-स्टेशन का निर्माण कर रही है। इसी कड़ी में ट्रांसमिशन कंपनी ने 132 केवी के एक और नए अतिउच्चदाब उपकेंद्र को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की। इस तरह प्रदेश में बीते एक साल में अतिउच्चदाब उपकेंद्रों की संख्या 135 से बढ़कर 141 हो गई है। एक साल के भीतर छह अतिउच्चदाब उपकेंद्रों को ऊर्जीकृत किया गया है। राज्य गठन के समय अतिउच्चदाब उपकेंद्रों की संख्या केवल 27 थी।ट्रांसमिशन कंपनी ने आज दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की, जिसमें पहला दुर्ग जिले के अंडा गांव में 132 केवी अतिउच्चदाब उपकेंद्र का निर्माण पूर्ण किया गया तथा दूसरा राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ स्थित 132 केवी अतिउच्चदाब उपकेंद्र में 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर इन्हें ऊर्जीकृत किया।श्री शुक्ला ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में प्रदेश में पारेषण नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।इसी के तहत ग्राम अंडा में 132/33 के.वी. के नए उपकेंद्र की स्थापना की गई है, जिसमें 40 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसकी अनुमानित लागत लगभग 30 करोड़ 50 लाख रुपए है। इस उपकेंद्र से 33 केवी के 5 फीडर से बिजली सप्लाई होगी। इस उपकेंद्र के निर्माण से मुख्य रुप से अंडा, विनायकपुर, चंद्रखुरी, तिरगाझोला, कुथरेल, हनोदा, अंजोरा, मोहंदीपाट, निकुम, आलबरस, सकरौद, खप्परवाड़ा, रिसामा, चिंगरी, परसदा, ओटेबंद एवं देवरी सहित लगभग 38 ग्रामों को लाभ मिलेगा।इसे साथ ही राजनांदगांव जिले के 132/33 केवी अतिउच्चदाब उपकेंद्र में 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किया गया। इससे वहां की क्षमता 40 एमवीए से बढ़कर 103 एमवीए हो गई है। इस सब-स्टेशन से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 33 केवी के पांच फीडर मंडला, भैयाटोला, अतरिया, मुढ़ीपार और सिविल लाइन राजनांदगांव को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक श्री केएस मनोठिया, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशकगण श्री शिरीष शैलेट राजनांदगांव, श्री संजय खंडेलवाल दुर्ग, ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता सर्व श्री अब्राहम वर्गीस, श्री संजय तिवारी, प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आरके तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री एस.के.भूआर्य, श्री एस कंवर, आर.के.मिश्रा, विक्रम मंधान, कार्यपालन अभियंता श्री छगन शर्मा, श्री सि़द्धार्थ भवसार, वीरेंद्र कुमार, श्री जेएल साहू, श्री एमआर शेरके, श्रीमती रूबी सारिका चंद्राकर, सहायक अभियंता भूषण वर्मा, प्रवीण शुक्ला एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार-कवर्धा को स्वच्छ, सुंदर और धूल-रहित बनाने के लिए योजनाबद्ध विकास कार्य जारीरायपुर। कवर्धा शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नगर के हृदय स्थल में नवनिर्मित “मित्र मिलन चौपाटी” का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक चौपाटी के प्रारंभ होने से नागरिकों को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। यह स्थल खानपान के साथ-साथ परिवारों और मित्रों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए एक प्रमुख आकर्षक केंद्र बनेगा। चौपाटी परिसर में रंग-रोगन, आधुनिक सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग, शुद्ध पेयजल और सर्वसुविधायुक्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मित्र मिलन चौपाटी शहर के परिवारों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य साबित होगी। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो छोटे फुटकर व्यवसायी पहले सड़कों और चौक-चौराहों पर असुरक्षित ढंग से गुमटी लगाकर व्यवसाय करने को मजबूर थे, उन्हें अब एक स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया गया है। इससे न केवल उनका स्वरोजगार सुरक्षित होगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा शहर तेजी से आधुनिकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शहर में जारी विभिन्न परियोजनाओं का विवरण साझा किया। पूर्ण हो चुके प्रमुख कार्यो में वीर स्तंभ चौक, शिवाजी चौक का सौंदर्यीकरण कार्य प्रमुख हैं। भोरमदेव कॉरिडोर और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी, भोजली तालाब पाथवे का चौड़ीकरण, हनुमंत वाटिका का निर्माण, ठाकुरदेव चौक से बस स्टैंड तक सुगम पहुंच मार्ग प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें नियमित रूप से इसकी कड़ाई से निगरानी कर रही है। बाईपास को जोड़ने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है।इसके साथ ही नालंदा लाइब्रेरी, शिव वाटिका, बूढ़ा महादेव परिसर उन्नयन, विशाल डोम निर्माण और पुराने अस्पताल परिसर के जीर्णाेद्धार का कार्य जारी है। बुजुर्गों के मनोरंजन और बैठक के लिए जल्द ही सियान सदन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसडीएम कार्यालय और शुगर फैक्ट्री परिसर में क्रमशः श्बलराम सदनश् एवं श्किसान सदनश् का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।श्री शर्मा ने बताया कि युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए भोरमदेव विद्यापीठ में पीएससी और व्यापम की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। साथ ही जिले के 50 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की जा चुकी है। उन्होंने नगर पालिका के सामने भी जल्द ही एक और नई चौपाटी शुरू करने की घोषणा की और शहर को धूल-रहित व स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा वासियों का वर्षों पुराना इंतजार आज समाप्त हुआ है। इस चौपाटी के बनने से फुटकर व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है और शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से अधिक सुगम व व्यवस्थित होगी। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य शहरवासी उपस्थित थे।
- -ई-श्रम और श्रमिक ऐप की जानकारी से जागरूक हो रहे ग्रामीण श्रमिक-राजमिस्त्री राजेश रवि ने कराया पंजीयन, अब मिल सकेगा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभरायपुर। प्रदेश में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित शिविर ग्रामीणों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए जागरूकता, सुविधा और शासन की योजनाओं तक आसान पहुंच का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में जिलेभर में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बरदर निवासी श्री राजेश रवि, जो राजमिस्त्री का कार्य करते हैं, सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें ई-श्रम कार्ड और श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी। शिविर में अधिकारियों द्वारा उन्हें ई-श्रम पोर्टल और श्रमिक ऐप के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन के बाद श्रमिकों को यूनिक ई-श्रम कार्ड जारी किया जाता है, जिसके माध्यम से वे सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।जानकारी मिलने के बाद श्री राजेश रवि ने शिविर स्थल पर ही अपना पंजीयन कराया। उन्होंने कहा कि श्रमिक ऐप के जरिए अब योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना, आवेदन की स्थिति देखना और जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान हो गई है। उन्होंने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले ऐसी जानकारी गांवों तक नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर श्रमिकों को जागरूक कर रहा है। सुशासन तिहार शिविरों में श्रम, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की समस्याएं सुनकर त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल को जनहितकारी बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की है।
- -’जशपुर की नाशपाती बन रही किसानों के जीवनयापन का मजबूत आधार’-’छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों में बढ़ रही जशपुर की नाशपाती की मांग’रायपुर। जशपुर जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फलोत्पादन के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण जिले में नाशपाती की खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है। विशेष रूप से सन्ना तहसील क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर नाशपाती की खेती कर बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं।जशपुर के करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना निवासी किसान श्री अनिल एक्का ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं नाबार्ड की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी लगभग 4 से 5 एकड़ निजी भूमि में नाशपाती का बाग विकसित किया है। योजनाओं के अंतर्गत उन्हें खेत में कुआं और मोटर पंप जैसी सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे खेती करना आसान हुआ।श्री एक्का ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर खेतों का निरीक्षण कर उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी एवं आवश्यक सलाह दी जाती है। आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के कारण उनके नाशपाती उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।जशपुर की नाशपाती अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी काफी पसंद की जा रही है। किसानों को स्थानीय बाजारों के अलावा बाहरी राज्यों में भी अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।फलोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे जिले के अन्य किसान भी नाशपाती सहित विभिन्न फल फसलों की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। किसान श्री अनिल एक्का ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और तकनीकी सहयोग के कारण उनकी खेती लाभकारी बनी है और आज नाशपाती की फसल उनके परिवार के जीवनयापन का मजबूत आधार बन चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जशपुर जिले की जलवायु नाशपाती, लीची और काजू जैसे फलोत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। प्रसन्नता की बात है कि उद्यानिकी विभाग और नाबार्ड की योजनाओं का लाभ उठाकर वनांचल के हमारे किसान भाई आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती कर रहे हैं। जशपुर की नाशपाती की मांग अब पड़ोसी राज्यों में भी बढ़ रही है, जो यह दर्शाता है कि हमारे ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाएं और संसाधन अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। शासन आगे भी किसानों को हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता रहेगा।
- -ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी जल उपलब्धतारायपुर । “मोर गांव मोर पानी महाभियान” के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से विभिन्न जल संरक्षण कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अब तक जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य संपादित किए गए हैं। इनमें समुदाय के लिए बोरवेल पुनर्भरण हेतु रेत फिल्टर एवं पुनर्भरण गड्ढा निर्माण के 202 कार्य, भू-जल संरक्षण के 26 कार्य तथा समुदाय के लिए तालाब निर्माण एवं पुनरुद्धार के 295 कार्य शामिल हैं।इसके अतिरिक्त सरकारी एवं पंचायत भवनों में छत पर वर्षा जल संचयन संरचनाओं के 102 कार्य पूर्ण किए गए हैं। साथ ही समुदाय के लिए मिनी अंतःश्रवण टैंक निर्माण के 25 कार्य एवं समुदाय के लिए गेबियन चेक डैम निर्माण के 34 कार्य भी किए गए हैं।व्यक्तिगत लाभार्थियों के अंतर्गत भी जल संरक्षण के साथ-साथ आजीविका संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अंतर्गत व्यक्तियों के लिए इरिगेशन ओपन वेल के 97 कार्य तथा कृषि तालाब निर्माण के 369 कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि के अवसर भी सुनिश्चित हो रहे हैं।जिले की ग्राम पंचायतों में “नवा तरिया आय का जरिया” अभियान के अंतर्गत नए तालाबों का निर्माण एवं पुराने जल स्रोतों का जीर्णाेद्धार किया जा रहा है। यह पहल न केवल जल संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि आजीविका संवर्धन का सशक्त माध्यम भी बन रही है, जिससे ग्रामीणों को मत्स्य पालन, सिंचाई एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।विशेष रूप से, ग्रामीणों द्वारा स्वप्रेरणा से अपने घरों में निजी सोख्ता गड्ढा (ैवंा च्पज) एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल का संरक्षण बढ़ रहा है और भू-जल स्तर में सुधार को बल मिल रहा है।कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में अधिकतम जल संग्रहण सुनिश्चित किया जा सके।इन प्रयासों से जिले में भू-जल स्तर में सुधार हो रहा है, किसानों को सिंचाई सुविधा में लाभ मिल रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण के इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जल के महत्व को समझते हुए उसके संरक्षण में सहयोग प्रदान करें।
- -’राज्यपाल श्री डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर मे सुधार लाने योजनाओं का लाभ उन तक प्राथमिकता से पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता तय कर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों की सड़कों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और यह जानें कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके विभाग अंतर्गत सबसे बेहतर कार्य कहां हो रहे हैं।बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान चलाने तथा लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जनजातीय समुदायों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय बच्चों के नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एम्स के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए।उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए राइस मिल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और डीएमएफ निधि के उपयोग का सुझाव दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने और पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण, फिश फार्मिंग और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में वन क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को सहकारिता के माध्यम से करने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने तथा मोबाइल टावर स्थापित कर इंटरनेट सुविधा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निजी कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय बाहुल्य गांवों को रोशन करने क लिए किए गए कार्याे की सराहना की।राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों क्षेत्रों के उन बच्चों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए जो स्कूल और विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और सुविधाओं का आकलन कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाए।राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उन कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए जिनकी वर्तमान समय में अधिक मांग है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को पीएम जनमन योजना के तहत प्राथमिकता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों की जीवनशैली और आवश्यकताओं को समझने के लिए तीन माह के भीतर विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं का सामूहिक योगदान आवश्यक है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने बैठक में की गई चर्चा पर कार्रवाई की रिपोर्ट अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।बैठक के दौरान राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर आधारित वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन सौंपा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास श्री सोनमणि बोरा, सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित थे।
- -महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति-बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।
- -’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक’-’मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा - जनसेवा के अनुभव समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं’रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- 0- 3923 निर्माण कार्यों से गांवों में बढ़ा रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को मिली नई गति0- 2418.86 लाख से अधिक के मजदूरी मूलक निर्माण कार्य स्वीकृतदुर्ग. जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित निर्माण कार्यों से हजारों परिवारों को आजीविका का सहारा मिल रहा है, वहीं जल संरक्षण एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी मजबूती मिल रही है। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन 68 हजार 641 श्रमिक मनरेगा कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में कुल 3923 निर्माण कार्य संचालित हैं तथा मांग के आधार पर प्रतिदिन नए श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद पंचायतवार देखें तो जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 1048 कार्यों में 15 हजार 227 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत 1687 कार्यों में 29 हजार 695 श्रमिक तथा जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत 1188 कार्यों में 23 हजार 719 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।कुल 24 करोड़ 12 लाख 53 हजार रुपये की मजदूरी राशि जनपद पंचायतों एवं क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से भुगतान की जा चुकी है। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत दुर्ग में 8 करोड़ 99 लाख 78 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 6 करोड़ 69 लाख 48 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 6 करोड़ 28 लाख 98 हजार रुपये की राशि संबंधित श्रमिकों के खातों में जमा की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 14 लाख 29 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया जा चुका है।ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में अमृत सरोवर निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक (डब्ल्यूएचटी), कच्ची सिंचाई नाली निर्माण एवं अन्य मजदूरी मूलक कार्य प्राथमिकता से संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से एक ओर ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं कृषि कार्यों के लिए स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है।कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारियों को लगातार रोजगार उपलब्ध कराने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं मैदानी अमले को श्रमिकों की मांग के अनुसार तत्काल कार्य उपलब्ध कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने हेतु बैंक खाते एवं आधार सत्यापन कार्य को भी प्राथमिकता से पूर्ण किया गया है। इससे मजदूरी राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है तथा भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनी है। इसके साथ ही श्रमिकों को अधिकतम 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी तकनीकी सहायकों को कार्यस्थलों पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने, सूचना बोर्ड लगाने एवं समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले में बड़े पैमाने पर मजदूरी मूलक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 73 निर्माण कार्यों हेतु 587.41 लाख रुपये, धमधा में 61 निर्माण कार्यों हेतु 475.17 लाख रुपये तथा पाटन में 154 निर्माण कार्यों हेतु 1356.28 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार जिले में कुल 288 निर्माण कार्यों के लिए 2418.86 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र एकादशी पर्व बुधवार, 27 मई को सुबह नौ बजे राहगीरों को मठा वितरित करेगा। केंद्र की ओर से सप्रे शाला बूढ़ापारा परिसर स्थित हनुमान मंदिर में मठा वितरित किया जाएगा।महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि मंडल के सेवाभावी कार्यों की श्रृंखला में वल्लभ नगर, शंकर नगर, चौबे काॅलोनी के बाद अब बूढ़ापारा केंद्र की महिलाएं आध्यात्मिक समिति के साथ मठा वितरण करेंगे। काले ने आगे कहा कि 25 मई से नौतपा शुरू हो गया है। ऐसे में सुबह से ही सड़कें सूनी हो जा रही हैं। बहुत जरूरी काम के साथ लोग घरों से बाहर निकल रहे है। ऐसे में राहगीरों, वाहन चालकों, पैदल चलने वालों को राहत से मंडल ने इस पुनीत कार्य का संकल्प लिया है।
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0- छत्रपति शिवाजी सभागृह में आयोजित वीर सावरकर जयंती पर बच्चों की फैंसी ड्रेस स्पर्धा होगी आकर्षण का केंद्र
रायपुर। नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में सोमवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से पद्मश्री प्राप्त करने के बाद डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले दंपती को महाराष्ट्र मंडल गुरुवार, 28 मई को शाम 06:30 बजे सम्मानित करने जा रहा है। मंडल के य.गो. जोगलेकर स्मृति छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित होने वाले विनायक दामोदर सावरकर जयंती समारोह में डॉ. गोडबोले दंपती सम्मानित किए जाएंगे। इस मौके पर डॉक्टर दंपती अपने 35 वर्षों से बस्तर के अबूझमाड़ में शोषित पीड़ित और बीमार आदिवासियों का नि:शुल्क इलाज करने से लेकर वहां इलाज को लेकर फैली भ्रांतियों और उन्हें दूर करने को लेकर किए गए भगीरथ प्रयास के बारे में चर्चा भी करेंगे।
उपाध्यक्ष गीता दलाल ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार को वीर सावरकर जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस मौके पर वीर सावरकर पर आमंत्रित किए गए लेख के आधार पर निर्णायक परिणाम तय कर विजेताओं, उप विजेताओं के नामों की घोषणा करेंगे, जिन्हें कार्यक्रम के दौरान ही पुरस्कृत व प्रोत्साहित भी किया जाएगा। प्रथम पुरस्कृत लेख का सामूहिक वाचन विजेता प्रतिभागी करेंगे। कार्यक्रम का सबसे रोचक सेगमेंट बच्चों की वीर सावरकर पर आधारित फैंसी ड्रेस स्पर्धा है। इसमें बच्चे विभिन्न परिधानों और स्टाइल वाले विनायक दामोदर सावरकर का भेष धारण कर मंच पर उतरेंगे।
मंडल की साहित्यिक समिति की प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि वीर सावरकर पर सोमवार तक पर्याप्त लेख मिल गए हैं। इधर वीर सावरकर फैंसी ड्रेस स्पर्धा को लेकर बच्चे खासे उत्साहित हैं और उनके अभिभावकों की ओर से भरपूर पूछताछ करने के बाद पंजीयन भी कराया गया है। कुमुद के अनुसार सावरकर जयंती समारोह में हमारे मुख्य अतिथि अथवा प्रमुख वक्ता 'वीर सावरकर की वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिकता' पर अपना संबोधन देंगे।
- 0- 19 होलसेल एवं 73 रिटेल मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 3 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारीरायपुर. उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर द्वारा जिले में वजन घटाने हेतु उपयोग की जा रही औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों की विशेष जांच कार्यवाही की गई। औषधि निरीक्षकों द्वारा संबंधित फर्मों से औषधियों के क्रय-विक्रय बिल, स्टॉक रजिस्टर, सप्लायर विवरण, बैच नंबर, एक्सपायरी विवरण तथा वैध अनुज्ञप्ति अभिलेखों का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना चिकित्सकीय परामर्श के विक्रय, संदिग्ध स्टॉक तथा अभिलेखों में विसंगतियों की विशेष रूप से जांच की गई।कार्यवाही के अंतर्गत कुल 19 होलसेल एवं 73 रिटेल मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में 03 फर्मों में अनियमितताएं पाई गईं। उक्त प्रकरणों में संबंधित फर्मों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों के अंतर्गत कारण बताओ सूचना नोटिस जारी किया गया है, साथ ही नियमानुसार जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित फर्मों को भविष्य में समस्त क्रय-विक्रय अभिलेख संधारित रखने तथा औषधियों का विक्रय निर्धारित नियमों के अनुसार करने हेतु कड़ी चेतावनी भी दी गई है। जांच कार्यवाही सतत जारी है तथा प्राप्त जवाब के आधार पर नियमानुसार आगामी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में असिस्टेंट टीचर साइंस श्री प्रकाश सोनी ने आंगनबाड़ी केंद्र कस्तूरबा एवं नर्सिंग ऑफिसर सुश्री भुवनेश्वरी साहू ने आँगनबाड़ी केंद्र भनपुरी बाजार चौक में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।

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