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- -धमतरी के पीपरछेड़ी समाधान शिविर में मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मौके पर किया जनसमस्याओं का त्वरित निराकरणरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं।इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।इस अवसर पर उनके साथ विधायक श्री ओंकार साहू, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
- - 'जनजाति गरिमा उत्सव' का शंखनाद-कलेक्टर ने कमान संभाली; 18 से 25 मई तक लगेंगे विशेष संतृप्तिकरण शिविर-अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा योजनाओं का लाभरायपुर ।छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी। इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।"कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।
- - ’जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ’-’अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ’रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।
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बिलासपुर में 2 पोकलेन, 1 जेसीबी मशीन सहित 20 वाहन जब्त
बिलासपुर / कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश एवं उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज अमले ने विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाकर 2 पोकलेन मशीन, 1 जेसीबी मशीन तथा 20 वाहनों को जब्त किया है।उप संचालक खनिज प्रशासन श्री किशोर गोलघाटे ने बताया कि ग्राम महमंद (सीपत क्षेत्र) में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान बिना वैध अभिवहन पास के रेत परिवहन करते पाए जाने पर दो हाईवा वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की गई। इनमें से एक वाहन को जांच चौकी लावर लाया गया, जबकि दूसरे वाहन का चालक वाहन को सड़क के बीच छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। वाहन मालिक को तत्काल सूचना दी गई, लेकिन उसके उपस्थित नहीं होने पर संबंधित वाहन स्वामी के खिलाफ थाना तोरवा में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।खनिज विभाग द्वारा 7 मई से 20 मई 2026 तक चकरभाठा, बोदरी, सकरी, बेलगहना, रतनखण्डी, करहीकछार, सलका, पोड़ी, महमंद, लालखदान, मंगला, मस्तूरी, चौरमट्टी एवं लखराम सहित विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध रेत परिवहन के 14, मुरूम के 1, चूनापत्थर के 2 तथा मिट्टी-ईंट के 3 प्रकरण दर्ज किए गए।कार्रवाई के तहत 12 हाईवा, 7 ट्रैक्टर और 1 माजदा वाहन जब्त कर थाना सकरी, चकरभाठा, कोटा, सरकण्डा तथा जांच चौकी लावर में सुरक्षित रखा गया है। वहीं स्वीकृत क्षेत्र के बाहर रेत उत्खनन करते पाए जाने पर ग्राम सोढ़खुर्द एवं करहीकछार से 2 पोकलेन मशीनें तथा मुरूम के अवैध उत्खनन में संलिप्त एक जेसीबी मशीन को चौरमट्टी क्षेत्र से जब्त किया गया है। खनिज विभाग ने बताया कि जिले में रेत, मुरूम एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम को भी लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - -आम की ढ़ाई सौ से अधिक देशी-विदेशी किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगाइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा राष्ट्रीय आम महोत्सवरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29, 30 एवं 31 मई को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 250 से अधिक देशी एवं विदेशी किस्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। इस अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित है। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते हैं । आम महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है। इस आयोजन में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं।आम महोत्सव के प्रथम दिवस 29 मई को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। सामान्यजनों के अवलोकनार्थ यह प्रदर्शनी तीनों दिन रात्रि: 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 30 मई को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पादों के प्रसंस्करण एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें । आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 31 मई को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक सुनाई जाएगी। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं।राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल ‘‘आम’’ जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों और विशिष्ट उत्पादों से आमजनों को अवगत कराना तथा आम उत्पादन को रोजगार के साधन के रूप में अपनाने की जानकारी नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। विदित हो कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विगत दो वर्षों से राष्ट्रीय आम महोत्सव का भव्य एवं सफल आयोजन किया जा रहा है जिसका बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
- *खरीफ सीजन के लिए समितियों में 28 हजार मी.टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध, अफवाहों से बचें कृषक*रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के मंशानुरूप कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आगामी खरीफ सीजन के लिए जिले की सहकारी समितियों में उर्वरक एवं बीजों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुरूप तत्काल उर्वरक एवं बीजों का उठाव करें।जिले को खरीफ 2026 के लिए यूरिया 34800, डीएपी 19000, पोटाश 4300, एसएसपी 5100 तथा एनपीके 12500 मीट्रिक टन सहित कुल 75700 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसके विरुद्ध अब तक यूरिया 14255, डीएपी 5083, पोटाश 1751, एसएसपी 2534 तथा एनपीके 4661 मीट्रिक टन कुल 28284 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण समितियों में किया जा चुका है।अब तक जिले में यूरिया 3638, डीएपी 1261, पोटाश 431, एसएसपी 611 तथा एनपीके 1563 मीट्रिक टन कुल 7504 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण कृषकों को किया जा चुका है। उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कार्य सतत रूप से जारी है। इसी प्रकार जिले की समितियों में 17252 क्विंटल धान का बीज भी उपलब्ध है।जिले की सभी समितियों में उर्वरक-बीजों की पर्याप्त उपलब्धता है और उठाव के अनुसार पुनः आगामी भंडारण भी किया जाएगा।विभाग ने किसानों से यूरिया तथा डीएपी के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करने की भी अपील की है।
- -महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह केंद्र की सरिता फड़के दो वर्षों के लिए बनीं संयोजिका, अर्चना, संध्या, प्रेरणा, शोभा और प्रिया सर्वसम्मत सह संयाजिकारायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह महिला केंद्र के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद मासिक बैठक में सरिता फड़के को सर्वसम्मति से नई संयोजिका बनाया गया। साथ ही अर्चना धर्माधिकारी, संध्या फुलझेले, प्रेरणा मोरे, शोभा सोनाये और प्रिया कड़ू को सह संयोजिका बनाया गया। इस दौरान महिलाओं ने मंडल के आगामी सेवाभावी कार्यों में सहभागिता बढ़ाने पर चर्चा की। वहीं महिलाओं ने हाऊजी के साथ अल्फाबेट वाला मजेदार गेम खेला। जिसे सभी ने खूब एंजॉय किया।महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि केंद्र की सभासद मेघा जोशी व प्रेरणा सप्रे ने बैठक आहूत की। इसमें विशेष रुप में वे स्वयं और उप प्रमुख अपर्णा देशमुख उपस्थित रहे। दोनों वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में संयोजिका और सह संयोजिकाओं का चयन किया गया। महिला उप प्रमुख अपर्णा देशमुख के अनुसार नई संयोजिका और सह संयोजिकाओं को मंडल के आगामी सेवाभावी कार्यों की जानकारी दी गई और उन्हें अपनी सहभागिता समर्पण भाव से निभाने को कहा गया।इस अवसर पर महिलाओं ने हाऊजी और ‘अल्फाबेट गेम’ खेला। अल्फाबेट के लिए सर्वप्रथम छह अल्फाबेट कागज की पर्ची में लिखा गया। इन अल्फाबेट्स को अलग- अलग नंबर दिया गया। डाइस फेंकने के बाद जितने अंक आए, उतनी पर्ची प्रतिभागी की ओर से निकाली गई। फिर पर्ची के नंबरों को जोड़ा गया। जिसका नंबर सबसे कम था, उसे विजेता घोषित किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रिया कडू विजेता रहीं, जबकि द्वितीय स्थान अर्चना धर्माधिकारी ने प्राप्त किया।इस अवसर पर महिलाओं ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया। बैठक में मेघा जोशी, प्रेरणा मोरे, प्रेरणा सप्रे, कामिनी पतंगीवार, संध्या फुलझेले, मनीषा कस्तूरे, नीता डुमरे, कविता शर्मा, रेणुका टोमे, प्रीति टोमे सहित कई महिला सभासद इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
- 22 मई को वार्षिक समारोह और छात्र संघ शपथ ग्रहण भी होगारायपुर। कृषि महाविद्यालय, रायपुर द्वारा महाविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर पर दिनांक 22 मई को दोपहर 02 बजे से वार्षिक समारोह, छात्र संघ शपथ ग्रहण, पूर्व अधिष्ठाता सम्मान तथा पूर्व छात्र सम्मान समारोह का भव्य आयोजन कृषक सभागार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल के मुख्य अतिथ्य में आयोजित महाविद्यालय स्थापना दिवस समारोह से होगी। इसके पश्चात नवगठित छात्र संघ के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें वे छात्र हित, अनुशासन एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे।इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के पूर्व अधिष्ठातों का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने अपने कार्यकाल में महाविद्यालय को शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले महाविद्यालय के पूर्व छात्रों (Alumni) का भी सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित वार्षिक समारोह में कृषि महाविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी, जो महाविद्यालय की प्रतिभा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक समृद्धि का परिचय देंगी। महाविद्यालय परिवार ने सभी प्राध्यापकों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों एवं अतिथियों से इस गरिमामय आयोजन में सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया है।
- रायपुर। जिला प्रशासन ने बुधवार देर शाम तहसीलदार श्री रामप्रसाद बघेल ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बीएनबी हाई स्कूल से कॉलेज मार्ग के बीच सरकारी जमीन पर बन रही तीन अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के दौरान अतिक्रमण के खिलाफ राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा को आमजनों द्वारा प्राप्त शिकायत किया गया था। इसके पश्चात उन्होंने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे।शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया, जिसमें सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने की पुष्टि हुई। तहसीलदार श्री बघेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन तीनों दुकानों को हटवाया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।विभागीय अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में तिल्दा-नेवरा शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा।
- बिलासपुर. आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को वर्ष 2026-27 में राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी को अपने विद्यालय में 20 जून 2026 तक आवेदन जमा करना होगा। प्रवेश के लिए 26 जुलाई 2026 रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है।योजना के तहत केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के ऐसे छात्र-छात्राएं आवेदन के पात्र होंगे, जो राज्य में संचालित मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हों तथा कक्षा 4वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किए हों। अभिभावकों की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही छात्र-छात्राएं ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत होना आवश्यक है। प्रवेश परीक्षा जिला एवं विकासखंड स्तर पर निर्धारित परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी। छात्र-छात्राएं केवल अपने मूल निवास जिले में ही आवेदन कर सकेंगे। अन्य जिले में किया गया आवेदन मान्य नहीं होगा। आवेदन पत्र का प्रारूप एवं नियमावली की जानकारी संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
- बिलासपुर. जिले के प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के मॉडल आंसर जारी कर दिये गये है। विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in से मॉडल उत्तर देखे जा सकते है। जारी मॉडल आंसर के संबंध में दावा आपत्ति आवेदक अपने गृह जिले के संबंधित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर 30 मई तक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत कर सकते है। बिना प्रमाण के दावा-आपत्ति अमान्य होगा एवं डाक द्वारा दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 0- बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री के करीब, नागरिकों से सतर्क रहने की अपीलबिलासपुर. जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति बिलासपुर ने नागरिकों के लिए लू से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की है। इन दिनों बिलासपुर में तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी संदेश में बताया गया है कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी, उल्टी-मितली, सिरदर्द तथा त्वचा का लाल और सूखा होना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं, शरीर को ठंडा करें तथा पानी या ओआरएस दें। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी अस्पताल में तत्काल उपचार कराएं।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे दिनभर पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। तरबूज, खीरा, ककड़ी, मौसमी फल एवं हरी सब्जियों का अधिक उपयोग करें। बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंककर रखें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें।विभाग ने यह भी कहा है कि खाली पेट धूप में न निकलें तथा चाय, कॉफी और अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। जिला स्वास्थ्य समिति ने नागरिकों से सतर्क रहते हुए गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने का आग्रह किया है। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 87706-64365 और 75870-38622 पर संपर्क किया जा सकता है।
- 0- निर्माण विभागों को अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले के सभी निर्माण विभागों से श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किए गए “ई-श्रम साथी ऐप (सीजी लेबर चौक)” में अधिक से अधिक पंजीयन कराने का अनुरोध किया गया है। इस ऐप के माध्यम से श्रमिकों को अब काम की तलाश में लेबर चौक अथवा चावड़ी में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी।श्रम विभाग द्वारा विकसित इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जिस भी व्यक्ति, संस्था अथवा ठेकेदार को श्रमिकों की आवश्यकता होगी, वे ऐप के माध्यम से सीधे श्रमिकों से संपर्क कर आवश्यकतानुसार कार्य पर बुला सकेंगे। इससे श्रमिकों को रोजगार के अवसर आसानी से उपलब्ध होंगे तथा समय और श्रम की बचत भी होगी।जिले के सभी निर्माण विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ ठेकेदारों को नियोक्ता के रूप में ऐप में पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करें। साथ ही निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का भी श्रमिक श्रेणी में पंजीयन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकें। श्रम विभाग के सहायक आयुक्त ज्योति मिश्रा ने कहा है कि यह पहल श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी तथा श्रमिकों को पारदर्शी और त्वरित रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक बनेगी।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा अंतर्गत ग्राम रामपुर के आंगनबाड़ी केंद्र रामपुर 1 में सहायिका के 1 रिक्त पद के लिए 5 जून तक ऑनलाइन आवेदन किये जा सकते है। ई-भर्ती ऑनलाईन लिंक http://aww.e-bharti.in में जाकर अनिवार्य दस्तावेजों की फाइल अपलोड कर आवेदन कर सकते है। नियत समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जाएंगे।
- बिलासपुर. ड्रीम इम्पीरिया आवासीय सहकारी समिति जगदम्बा कॉलोनी सरकण्डा की सदस्यता सूची का प्रकाशन किया गया है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति 27 मई तक सोसाइटी कार्यालय में सप्रमाण लिखित में प्रस्तुत किये जा सकते है। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 28 मई को किया जाएगा जिसमें सोसाइटी सदस्य उपस्थित हो सकते है।
- बालोद. जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत् धरती आबा में चयनित ग्रामों में आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड डौण्डी के 10 गांव बालोद विकासखण्ड के 02 गांव तथा डौण्डीलोहारा विकाखण्ड के 15 गांवों में गतिविधियों का आयोजन किया गया।इस दौरान शासकीय एवं गैर शासकीय संगठनों द्वारा पैदल यात्रा का आयोजन कर गांव की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करते हुए जागरुकता फैलाने के साथ-साथ वृक्षारोपण का भी कार्य किया गया। बालोद विकासखण्ड के ग्राम करहीभदर में शासन की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी कार्यक्रम ’सुशासन तिहार’ के तहत जनसमस्या शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 13 आयुष्मान कार्ड, 12 जॉब कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास हेतु प्राप्त 1502 आवेदनों का निराकरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम ओर योजनाओं के बारे में ट्रांजेक्ट वॉक के द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा जिले में सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न लाभार्थी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिससे किसी भी ग्रामीण को एक ही जगह सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराया जा सके।
- 0- राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सुशासन तिहार के दौरान राजस्व विभाग से संबंधित आवेदनों के निराकरण हेतु किए जा रहे कार्यवाही का किया अवलोकनबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करना राज्य शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होेंने शासन के मंशानुरूप जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन पोर्टल के माध्यम से सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा किए जा रहे कार्यवाही का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने तहसीलवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के अंतर्गत विवादित नामांतरण एवं अविवादित नामांतरण, विवादित खाता विभाजन, अविवादित खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, अवैध वृक्ष कटाई के अलावा ई-कोर्ट के प्रकरणों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राजस्व अधिकारियों से स्वामित्व योजना के अंतर्गत वितरित किये जाने वाले पट्टों, नक्शा बटांकन एवं डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आधार प्रविष्टि एवं जेंडर तथा डिजिटल किसान किताब वितरण हेतु खातों के डिजिटल हस्ताक्षर के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों के अलावा कृषि विभाग के उप संचालक से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन कार्य के प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में जनगणना 2027 के कार्यों की सराहना करते हुए इसके लिए उन्होंने जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
- 0- संघर्ष, मेहनत और हौसले से बनीं महिलाओं के लिए प्रेरणा, 4000 से अधिक लोगों को सिखाई ड्राइविंग और 500 से ज्यादा को दिलाया रोजगाररायपुर. यपुर की सड़कों पर आत्मविश्वास के साथ गाड़ी चलाती महिलाएं आज भले आम नजर आती हों, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं का स्टीयरिंग संभालना लोगों के लिए आश्चर्य की बात हुआ करता था। ऐसे दौर में एक महिला ने न सिर्फ खुद गाड़ी चलाना सीखा, बल्कि हजारों लोगों को आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाई। यह कहानी है रायपुर की श्रीमती सुखिया वर्मा की, जिन्होंने संघर्ष, मेहनत और हौसले से अपनी अलग पहचान बनाई।महतारी गौरव वर्ष के अवसर पर सुखिया जैसी महिलाओं की कहानी समाज को यह संदेश देती है कि अगर परिवार का साथ और आत्मविश्वास हो, तो महिलाएं हर चुनौती को पार कर सकती हैं।ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी सुखिया की शादी महज 22-23 साल की उम्र में हो गई थी। गांव में रहते हुए वे बैलगाड़ी चलाया करती थीं। उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही सफर उन्हें ड्राइविंग स्कूल चलाने तक पहुंचा देगा। शादी के बाद परिवार और खेती-किसानी के कामों के बीच उन्होंने ट्रैक्टर चलाना सीखा। ट्रैक्टर चलाते-चलाते उनके मन में गाड़ी चलाने और दूसरों को सिखाने का विचार आया।लेकिन यह राह आसान नहीं थी। उस दौर में महिलाओं का वाहन चलाना समाज में सहज रूप से स्वीकार नहीं किया जाता था। कई बार लोगों की बातें सुननी पड़ती थीं, लेकिन सुखिया ने हार नहीं मानी।उन्होंने शुरुआती दिनों में अस्पताल की एंबुलेंस भी चलाई। करीब चार वर्षों तक वे अस्पताल की गाड़ियों से मरीजों को लाने-ले जाने का काम करती रहीं। रात के दो बजे भी अगर मरीज को लाने के लिए फोन आता, तो वे बिना डरे निकल पड़ती थीं। लोगों की मदद करना उन्हें अपने काम से और ज्यादा जोड़ता गया।विद्या ड्राइविंग स्कूल शुरू करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तब उन्होंने अपने खेत की जमीन गिरवी रखकर मारुति 800 खरीदी। यही छोटी सी गाड़ी उनके बड़े सपनों का आधार बनी। और उन्होंने सड़कों पर गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण देना शुरू किया। उनका मानना है कि मैदान वगेरह की जगह सीधे सड़क पर गाड़ी चलाने से डर जल्दी खत्म होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।सुखिया मानती हैं कि महिलाओं के लिए ड्राइविंग आना आत्मनिर्भरता की एक अहम सीढ़ी है, वे महिलाओं को घर से बाहर आकर ड्राइविंग सीखने के लिए प्रोत्साहित भी करती हैं, और यदि कोई महिला ज़रूरतमंद निकली तो उसे बिना ट्रेनिंग की फीस लिए केवल फ्यूल के खर्चे पर भी गाड़ी चलाना सिखाती हैं।आज सुखिया 4000 से अधिक महिलाओं और पुरुषों को गाड़ी चलाना सिखा चुकी हैं। वे बताती हैं कि जब सीखने वाले लोग बाद में खुश होकर उनसे मिलने आते हैं और बताते हैं कि उन्हें नौकरी मिल गई या अब वे आत्मनिर्भर हो गए हैं, तो उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती है।सुखिया के माध्यम से अब तक 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। कई महिलाएं और पुरुष आज अलग-अलग जगहों पर ड्राइवर का काम कर रहे हैं। कुछ लोगों ने खुद का वाहन चलाकर अपना रोजगार भी शुरू किया है।ड्राइविंग स्कूल से हुई कमाई से सुखिया ने अपने परिवार को संभाला। अपनी तीनों बेटियों की शादी की और घर की जिम्मेदारियां निभाईं। वे मानती हैं कि उनकी इस यात्रा में परिवार का सहयोग सबसे बड़ी ताकत रहा। उनके पति, बच्चों और ससुर ने हर कदम पर उनका साथ दिया। यही वजह है कि कठिन परिस्थितियों में भी वे कभी रुकी नहीं।आज सुखिया की कहानी सिर्फ एक महिला की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो कुछ नया करना चाहती हैं, लेकिन परिस्थितियों या समाज के डर से पीछे हट जाती हैं।बैलगाड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज हजारों लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की मिसाल बन चुका है। महतारी गौरव वर्ष में सुखिया जैसी महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि हौसले और मेहनत के आगे कोई रास्ता मुश्किल नहीं होता।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में व्यायाम शिक्षक श्री लोकेश्वर साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र-09 मंदिरहसौद, एएनएम (आरएचओ) सुश्री पद्मिनी यदु ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-3 निसदा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- प्रगणकों को तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाईरायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जनगणना कार्य के तहत विभिन्न जोन में कार्यरत प्रगणकों की समीक्षा बैठक ली।बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देशित किया कि जनगणना का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय-सीमा में जिन प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किया जाएगा, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर. जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में “बिहान” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है। यह कहानी है अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पिपरौद निवासी श्रीमती सपना मंडल की, जो आज आत्मनिर्भर महिला उद्यमी बन चुकी हैं। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।श्रीमती मंडल पहले गृहणी थीं एवं मजदूरी का कार्य करती थीं। उन्होंने बताया कि एक दिन उनके गांव में बिहान योजना की सीआरपी दीदियाँ पहुंचीं, घर-घर जाकर सर्वे किया तथा महिलाओं को समूह से जुड़ने के लाभों की जानकारी दी। इसके बाद वे स्वयं समूह से जुड़ीं और वर्तमान में ग्राम संगठन में सचिव के पद पर हैं।समूह से जुड़ने के बाद उन्हें एमसीपी के तहत 60 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने कृषि कार्य में किया। इसके बाद आईएफसी के तहत उन्हें मुर्गी के चूजे प्राप्त हुए एवं स्वयं की कुछ राशि जोड़कर उन्होंने मुर्गी पालन की आजीविका गतिविधि का कार्य शुरू किया।श्रीमती मंडल ने बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लिया और मुर्गी पालन व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में उनके पास लगभग 1500 मुर्गियाँ हैं। इस व्यवसाय से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और अब उन्हें मजदूरी के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। श्रीमती मंडल ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने 1 लाख 40 हजार रुपये की मुर्गियों का विक्रय किया है एवं कृषि कार्य से 1 लाख 24 हज़ार की आय अर्जित कर चुकी हैं।
- 0- नियमित जांच और उपचार से बच्चों के स्वास्थय में आ रहा सुधाररायपुर. बच्चों के बेहतर स्वास्थय और पोषण के लिए शासन लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आरंग विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका नियमित परीक्षण और समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की लगातार निगरानी की जाती है। जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण के लक्षण दिखाई देते हैं, उनकी समय-समय पर जांच की जाती है और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में रेफर किया जाता है, जहां विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को विशेष देखभाल, पोषाहार और चिकित्सकीय उपचार मिलता है, साथ ही बच्चों के पालकों को सही पोषण एवं देखभाल के बारे में मार्गदर्शन भी दिया जाता है।योजना के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। जो बच्चे पहले कमजोर और बीमार रहते थे, उनके स्वास्थय और वजन में लगातार सुधार हो रहा है। बच्चे अब पहले की अपेक्षा अधिक सक्रिय और स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके परिवारों के चेहरे पर भी राहत और खुशी नजर आने लगी है। यह पहल न केवल बच्चों को नया जीवन दे रही है, बल्कि पालकों में भी जागरूकता बढ़ा रही है कि सही समय पर उपचार और पोषण कितना जरूरी है।
- 0- महंगे राशन और परेशानियों से जूझ रहे परिवार को मिली राहत, मठपुरैना जनसमस्या निवारण शिविर में 19 हितग्राहियों को मिला राशन कार्डरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब आमजन के जीवन में बदलाव की कहानी लिख रहा है। गांवों सहित नगरीय निकायों में लग रहे जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को राहत और संतोष मिल रहा है। इसी क्रम में रायपुर निगम क्षेत्र जोन 6 के मठपुरैना सामुदायिक भवन में आयोजित सुशासन शिविर एक परिवार के लिए खुशियों की सौगात बनकर आया। चंद्रशेखर वार्ड निवासी श्रीमती नेहा पटेल को लंबे इंतजार के बाद उनका नया राशन कार्ड प्राप्त हुआ, जिससे उनके जीवन में बड़ी राहत आई।नेहा शहर के निजी शोरूम में कार्य करती है तथा पति के साथ बच्चों का पालन पोषण कर रही है। उन्होंने बताया कि राशनकार्ड के अभाव में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्हें महंगे दामों पर बाजार से राशन खरीदना पड़ता था। नेहा बताया कि शिविर में मैंने आकर आवेदन किया, जिस पर खाद्य विभाग की टीम ने प्राथमिकता के आधार पर आवेदन का निराकरण कर शिविर में मात्र 15 मिनट में ही राशन कार्ड प्रदान किया। जैसे ही नेहा के हाथों में राशन कार्ड मिला, उनके चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया।सुशासन तिहार आमजनों की समस्या के समाधान का सशक्त माध्यम बन गया है। मठपुरैना सामुदायिक भवन में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 19 लोगों का राशन कार्ड बनाकर दिया गया। राशन कार्ड पाकर हितग्राहियों के चेहरे में खुशी और सुकून दिखाई दे रही थी।नेहा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाला अभियान साबित हो रहा है।सुशासन तिहार के ऐसे शिविर अब सिर्फ प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनते जा रहे हैं, जो लंबे समय से अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान हो रहे थे।
- 0- प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को दिया धन्यवादरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। रायपुर के गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में गोवर्धन नगर भनपुरी निवासी श्रीमती सुनीती साहू को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पक्के मकान के निर्माण हेतु अनुज्ञा पत्र प्रदान किया गया।श्रीमती साहू आलू-प्याज का व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करती हैं। उन्होंने कहा कि पहले मैं किराए के मकान में निवासरत थी, लेकिन अब सुशासन तिहार में मुझे पक्का मकान बनवाने हेतु अनुज्ञा पत्र मिला है। अब मैं अपना पक्का मकान बनवा पाऊंगी, जिससे मैं बहुत खुश हूँ। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद करती हूँ।
- रायपुर. प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थय और पोषण का बेहतर ध्यान रख सकें। जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत नगर पंचायत समोदा निवासी श्रीमती भारती साहू ने भी इस योजना का लाभ लेकर सुरक्षित मातृत्व का सुख प्राप्त किया है।श्रीमती साहू की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थय संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी मिली।श्रीमती साहू ने अपने पति से चर्चा की और गर्भावस्था के तीसरे माह में योजना के तहत आवेदन किया। आंगनबाड़ी केंद्र समोदा केंद्र क्रमांक-04 में उनका आवेदन लिया गया तथा आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूर्ण की गई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रथम किस्त के रूप में 3000 रुपए तथा द्वितीय किस्त के रूप में 2000 रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।इस सहायता राशि से श्रीमती साहू को गर्भावस्था के दौरान पोषणयुक्त आहार एवं स्वास्थय संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में मदद मिली। नियमित देखभाल और बेहतर पोषण के कारण उनका प्रसव सुरक्षित रहा तथा स्वस्थ शिशु का जन्म हुआ।श्रीमती साहू ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की वित्तीय सहायता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और योजना के माध्यम से मिली सुविधाओं के लिए शासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पहले शिशु के जन्म पर 5000 रुपये की राशि दो किस्तों में दी जाती है एवं द्वितीय संतान बालिका होने पर 6000 की राशि एकमुक्त प्रदान की जाती है जिससे महिलाओ को गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान होंने वाली आर्थिक और शारीरिक परेशानी में सहायता मिलती है।



























