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- -60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को घर के नजदीक मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी-किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आसान होगी ऋण और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच-मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी, अंबाकछार और सीमाबाड़ी में मिनी स्टेडियम सहित अनेक विकास कार्यों की घोषणा कीरायपुर, / रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी और आसपास के करीब 60 गांवों के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक की नवीन शाखा एवं भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस शाखा के प्रारंभ होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने घर के नजदीक ही ऋण, बचत, बीमा तथा विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने नवीन शाखा के शुभारंभ पर क्षेत्रवासियों और भारतीय स्टेट बैंक की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं का गांवों तक विस्तार वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बैंक की शाखा खुलने से केवल आर्थिक लेन-देन की सुविधा ही नहीं बढ़ती, बल्कि किसानों, छोटे व्यापारियों, युवाओं और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक प्रगति के नए अवसर भी तैयार होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीणों को अब तक अपने बैंकिंग कार्यों के लिए लगभग पांच किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने से बोखी, सहसपुर, भगोरा, बनगांव, सीमाबाड़ी, मुंडाडीह और सरईटोली सहित आसपास के करीब 60 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीणों के समय और संसाधनों की बचत होने के साथ ही बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच और आसान होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि गांवों तक आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचे और समाज के अंतिम व्यक्ति को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा जाए। बैंक शाखा के माध्यम से किसानों को कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड, छोटे व्यापारियों एवं उद्यमियों को व्यवसाय के लिए ऋण तथा आम नागरिकों को गृह ऋण, वाहन ऋण और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शाखा के औपचारिक शुभारंभ से पहले ही लगभग 200 लोगों ने यहां अपने बैंक खाते खुलवा लिए हैं, जो क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं की आवश्यकता और ग्रामीणों के उत्साह को दर्शाता है।क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति, मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएंमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर पंडरीपानी सहित आसपास के क्षेत्रों में अधोसंरचना और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पंडरीपानी में मिनी स्टेडियम तथा पंडरीपानी बाजारपारा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही अंबाकछार और सीमाबाड़ी में भी मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को अभ्यास और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।मुख्यमंत्री ने हाथीबेड़ से कोतबा गांधी चौक तक लगभग सात किलोमीटर सड़क निर्माण की भी घोषणा की। इसके अलावा मेन रोड सिसरिंगा में 10 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड, हाईस्कूल मैदान में चेंजिंग रूम तथा हाईस्कूल प्रांगण के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने मूंगी दरबार में पुलिया निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा, खेल और सामुदायिक अधोसंरचना का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने और विकास को गति देने के लिए आवश्यक है।हितग्राहियों को मिला ऋण और बीमा योजनाओं का लाभकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न बैंकिंग एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र और बीमा दावा राशि के चेक प्रदान किए। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने के साथ ही बिजली के खर्च में बचत और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत नौ हितग्राहियों को 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख 90 हजार रुपये तक के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत दो हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुद्रा और विश्वकर्मा जैसी योजनाएं छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को आर्थिक संबल देकर उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत चार हितग्राहियों को दो-दो लाख रुपये की बीमा दावा राशि के चेक भी प्रदान किए गए। फरसाबहार विकासखंड की किसान श्रीमती लक्ष्मी बाई को किसान क्रेडिट कार्ड ऋण का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर जशपुर के प्रधान आरक्षक स्वर्गीय श्री राहुल राम प्रधान के परिवार को एक करोड़ रुपये की बीमा राशि का चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने से क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण रहा। ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि अब छोटे-बड़े बैंकिंग कार्यों के लिए फरसाबहार जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समय और आवागमन पर होने वाले खर्च की बचत होगी तथा किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सुविधा मिलेगी।इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- -“बुके नहीं, बुक भेंट करें” अभियानबिलासपुर।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल (IAS) एवं DIG/SSP श्री रजनेश सिंह (IPS) के मार्गदर्शन में आर्यन फ़िल्म टीम द्वारा “बुके नहीं, बुक भेंट करें” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य औपचारिक बुके की जगह किताबें, कॉपी-पेन एवं अध्ययन सामग्री भेंट कर शिक्षा और ज्ञान को प्रोत्साहित करना है।इसी क्रम में बिलासपुर DIG/SSP श्री रजनेश सिंह द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के लिए उपहार स्वरूप कॉपी, पेन एवं अध्ययन सामग्री आर्यन फ़िल्म टीम को प्रदान की गई। यह सामग्री आर्यन फ़िल्म की टीम द्वारा स्कूलों में पहुंचकर बहनों के बीच वितरित की जाएगी।इस अवसर पर आर्यन फ़िल्म की ओर से डायरेक्टर रामा नन्द तिवारी, श्री दिनेश चंदानी (होटल बंशीवाला), Mrs. Prantika Bhardwaj (SI), श्री उमा शंकर पाण्डेय (Ex Traffic SI), सनी मनीष भटेजा, जीतेन्द्र सिदार एवं रवि सहित टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
- -कोटवारी भूमि विक्रय रजिस्ट्री शून्य कराने 73 सिविल वाद दायरदुर्ग / जिले के 51 ग्रामों के कोटवारों द्वारा उसे ग्राम सेवक के रूप में सेवा करने की शर्त पर मिली भूमि को विक्रय कर देने का मामला आने के बाद कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर विक्रय शून्य घोषित कराने सिविल वाद दायर कराने की कार्यवाही हुई है। विक्रय हो चुके कोटवारी भूमि/सेवा भूमि के विक्रय निरस्त कराये जाने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश के बाद जिला कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ऐसे प्रकरणों की लगातार समीक्षा कर रजिस्ट्री शून्य घोषित कराने सिविल वाद दायर करने एवं ऐसे कोटवारों के विरुद्ध अनुशासिक् कार्यवाही करने के संबंधित तहसीलदारों को निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद जिले के 06 तहसीलों के कुल 51 ग्रामों के 107 खसरे के कुल 115.71 एकड़ (46.827 हैक्टेयर) कोटवारी भूमि विक्रय पाये जाने से विक्रय निरस्त कराने 73 सिविल वाद प्रकरण दायर कर दिए गए है। साथ ही कोटवारी भूमि विक्रय करने वाले ऐसे 29 कोटवार जो अभी कोटवार पद पर बने हुए है उनके विरुद्ध अनुशासक कार्यवाही करने संबंधित राजस्व न्यायालयों में प्रकरण दर्ज कर लिये गए है जहां उन कोटवारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई प्रारम्भ कर दी गई है। सुनवाई उपरांत उन कोटवारों के विरुद्ध नियमानुसार भू राजस्व संहिता के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।जिले के 06 तहसीलों जिसमें दुर्ग के 16 ग्रामों के 13.997 हैक्टेयर, धमधा तहसील के 05 ग्रामों के 5.760 हैक्टेयर, पाटन तहसील के 17 ग्रामों के 10.73 हैक्टेयर, भिलाई तीन तहसील के 3 ग्रामों के 5.610 हैक्टेयर, बोरी तहसील के 01 ग्राम के 0.280 हैक्टेयर तथा अहिवारा तहसील के 09 ग्रामों के 10.450 हैक्टेयर कोटवारी भूमि विक्रय होना प्रारंभिक जांच में पाया गया है जिसके विरुद्ध 73 सिविल वाद दायर हुए है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 183 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि ऐसा संव्यवहार, जिसके द्वारा कोई ग्राम सेवक अपनी सेवा भूमि में के अपने हित को विक्रय, दान, बंधक, उप पत्ते द्वारा या अन्यथा एक वर्ष से अनधिक कालावधि तक के उप पत्ते द्वारा के सिवाय अंतरित कर्म का प्रयत्न करता है, शून्य होगा।
- -बिहान और महतारी वंदन योजना से संवर रही महिलाओं की जिंदगी, त्यौहार से पहले मिला अग्रिम तोहफादुर्ग / प्रदेश की हर महिला आर्थिक रूप से सशक्त हो और उनके चेहरे पर मुस्कान रहे, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यही अरमान है। उनकी इसी दूरगामी सोच और संवेदनशीलता के कारण आज गाँव-गाँव की बहनें स्वावलंबन की नई मिसाल कायम कर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है दुर्ग जिले के ग्राम महमरा की निवासी श्रीमती पार्वती देवांगन की, जिन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सपनों को उड़ान दी, साथ ही अपने साथ गाँव की अन्य महिलाओं को जोड़कर उन्हें भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। श्रीमती पार्वती देवांगन बताती हैं कि बिहान के ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनके जीवन में एक नया मोड़ आया। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ आपसी परिचर्चा कर स्वरोजगार शुरू करने की योजना बनाई। परिवार की सहमति और बिहान योजना से मिले मार्गदर्शन के बाद उन्होंने गाँव की अन्य बहनों को अपने साथ जोड़ा और मसाला व बेसन उत्पादन का कार्य पूरी निष्ठा के साथ प्रारंभ किया। उनके द्वारा तैयार किए गए शुद्ध उत्पादों की मांग बाजार में तेजी से बढ़ने लगी, जिससे आज पार्वती बहन के साथ-साथ समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी हर महीने बेहतरीन और अच्छी आमदनी हासिल हो रही है।इसके साथ ही पार्वती बहन और उनसे जुड़ी बिहान समूह की सभी महिलाएं 'महतारी वंदन योजना' की भी नियमित हितग्राही हैं। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे हर बार अपने व्यवसाय में छोटे-मोटे सामान खरीदने और निवेश करने में करती हैं। लेकिन इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले विष्णु भैया द्वारा महतारी वंदन योजना की किस्त समय से पहले ही जारी कर देने से सभी बहनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। त्यौहार से ठीक पहले मिली इस अग्रिम सहायता राशि से वे बेहद खुश हैं और इस बार इस राशि का उपयोग रक्षाबंधन के त्यौहार की तैयारियों और परिवार के साथ खुशियाँ मनाने में करेंगी। अपनी इस सफलता और आर्थिक स्वावलंबन पर खुशी व्यक्त करते हुए पार्वती कहती हैं, "पहले परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन योजनाओं ने हमारे हाथों को हुनर और मन को आत्मविश्वास दिया है। महतारी वंदन योजना से त्यौहार से पहले मिली इस अग्रिम राशि ने हमारे रक्षाबंधन को और भी खास बना दिया है। हमारे विष्णु भैया ने एक सच्चे भाई की तरह प्रदेश की बहनों की चिंता की है, जिसकी बदौलत आज हम सभी बहनें अपने पैरों पर खड़ी हो पा रही हैं।" स्वावलंबी बनीं पार्वती देवांगन और उनसे जुड़ी महिलाएं आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
- -पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय-बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने उपहार भेंट कर जताया स्नेह-फरसाबहार और भेलवा में महतारी सदन निर्माण की घोषणा-महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए मिला आर्थिक संबल-मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए 3.23 करोड़ की स्वीकृतिरायपुर। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में बुधवार को इस पावन पर्व की यही भावना उस समय और जीवंत हो उठी, जब बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के साथ बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार के संकल्प की झलक दिखाई दी।ग्राम पंडरीपानी में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का भी अवसर है। छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और परिवार की समृद्धि से समाज एवं प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर ग्राम पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा।महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक कक्ष, प्रशिक्षण की सुविधा, रसोईघर और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को अपनी बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें उत्साह और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को अवसरों से जोड़ना और परिवार तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करना सरकार का व्यापक उद्देश्य है। महिला स्व-सहायता समूहों के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन की सुविधाओं को सरलता और पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अनेक शासकीय सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है।उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान हो, इसी सोच के साथ तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी आर्थिक और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक प्रदान किए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को ₹1.50-₹1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आर्थिक सहायता से समूहों को अपने स्वरोजगार और आजीविका संबंधी कार्यों का विस्तार करने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर सृजित होंगे।कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। इस अवसर पर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी तथा ग्राम तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने उपस्थित माताओं-बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, वहीं महतारी सदन के माध्यम से गांवों में महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण और गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है।श्रीमती गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
- -पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्तबालोद। खरीफ वर्ष 2026 अंतर्गत बीज उत्पादन कार्यक्रम हेतु कृषक पंजीयन प्रारंभ कर दी गई है। बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला के बीज प्रबंधक ने बताया कि बालोद जिले के ऐसे कृषक जिन्होंने बीज प्रक्रिया केंद्र, झलमला, बालोद अथवा जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खरीफ फसलों का बीज क्रय किया है, वे बीज उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत अपना पंजीयन करा सकते हैं।उन्होंने बताया कि पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। बीज उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत पंजीयन कराने वाले कृषकों को उत्पादित बीज का उपार्जन मूल्य सहकारी समिति में समर्थन मूल्य से अधिक प्राप्त होगा।उन्होंने बताया कि इच्छुक कृषक नियत तिथि तक बीज प्रक्रिया केंद्र, झलमला, बालोद कार्यालय में उपस्थित होकर निर्धारित पंजीयन शुल्क एवं आवश्यक दस्तावेज बीज क्रय की रसीद की छायाप्रति, आधार कार्ड की छायाप्रति, ऋण पुस्तिका, बी-1 की छायाप्रति एवं एग्रीस्टेक कृषक आईडी नंबर जमा कर अपना पंजीयन उपरांत इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
- बिलासपुर /पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना तोरवा, जिला बिलासपुर में दर्ज अपराध के फरार आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए 5 हजार रूपये के ईनाम की घोषणा की गई है। थाना तोरवा में दर्ज अपराध के आरोपी अर्जुन यादव, पिता बहोरिक यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी पंचायत भवन के पास महमंद, थाना तोरवा एवं आरोपी गोविंदा पासी, पिता जय सिंह पासी, उम्र 25 वर्ष, निवासी काली मंदिर के पास लालखदान तोरवा, थाना तोरवा जिला बिलासपुर (छ.ग.) के संबंध में सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा एवं पुरस्कार वितरण के संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर का निर्णय अंतिम होगा।इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर 07752-223330, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर बिलासपुर 9479193002, पुलिस नियंत्रण कक्ष, बिलासपुर 07752-228504, मो.नं. 9479193099, थाना प्रभारी, तोरवा मो.नं. 9479193021 पर संपर्क किया जा सकता है।
- दुर्ग / जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त को खेल दिवस का आयोजन किया जाएगा। 29 अगस्त को प्रातः 7.30 बजे सुराना कॉलेज मैदान दुर्ग से खिलाड़ियों की प्रदर्शन दौड़ आयोजन के पश्चात स्व. मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजली अर्पित की जाएगी। जिलों की टीमों के मध्य हॉकी मैच आयोजित किया जाएगा। खिलाड़ियों को स्वल्पाहार, अतिथियों का सम्मान एवं विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार दिया जाएगा।
- दुर्ग / मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत 29 सितम्बर से 03 अक्टूबर 2026 तक प्रयाग, काशी विश्वनाथ, हनुमान मंदिर की यात्रा हेतु दुर्ग जिले के 445 वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या 60 वर्ष के ऊपर) को उक्त यात्रा पर भेजा जाएगा।उप संचालक समाज कल्याण दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार तीर्थ दर्शन के लिए 333 ग्रामीण क्षेत्र व 112 शहरी क्षेत्र के यात्री को सम्मिलित करते हुए कुल 445 का कोटा निर्धारित की गई है। जिसमें 80 प्रतिशत हितग्राही बी.पी.एल. अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी एवं 20 प्रतिशत हितग्राही गरीबी रेखा के ऊपर (ए.पी.एल) के नागरिक होंगे, जो आयकर दाता न हो। इस हेतु आवेदक, संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों से आवेदन प्राप्त कर 10 सितम्बर 2026 तक स्वास्थ्य परीक्षण उपरान्त निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरान्त आवेदन प्रस्तुत करने पर स्वीकार्य नही किया जाएगा।
- दुर्ग / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अभिजीत सिंह द्वारा दुर्ग जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गो राजनांदगांव - पुलगांव - दुर्ग मुख्य मार्ग पर गंजपारा चौक से मालवीय नगर चौक तक, जेआरडी स्कूल से दुर्ग सेंट्रल जेल के मुख्य गेट तक, कब्रिस्तान से केंद्रीय विद्यालय, आरटीओ कार्यालय, खालसा स्कूल होते हुए मालवीय नगर चौक तक एवं सुराना कॉलेज से मानस भवन मार्ग से चर्च चौक तक इन सभी प्रमुख मार्गों पर अथवा उनके किनारे किसी भी राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक अथवा कर्मचारी संगठन आदि के द्वारा धरना / प्रदर्शन / रैली / सभा / जुलूस आदि का आयोजन अथवा इन स्थलों पर टेबल, कुर्सी, फर्नीचर, टेंट, शामियाना, माइक, साउंड सिस्टम आदि लगाना अथवा भीड़ एकत्रित करने को पूर्णत प्रतिबंधित किया गया है। इन सभी स्थलों पर लाउडस्पीकर अथवा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पुलिस / प्रशासन को छोड़कर) अथवा अन्य तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्रों का उपयोग भी प्रतिबंध रहेगा।विशेष परिस्थितियों में इस प्रकार के आयोजन की अनुमति देने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग शहर (SDM City) को अधिकृत किया गया है। ऐसी अनुमति के लिए आवेदन समस्त विवरण का उल्लेख करते हुए आयोजन तिथि से कम से कम एक सप्ताह पूर्व एसडीएम दुर्ग शहर को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। परिस्थितियों के आधार पर अनुमति विभिन्न शर्तों को निर्धारित करते हुए दी जाएगी तथा उनका पालन अनिवार्य होगा। यदि शर्तों का उल्लंघन पाया गया तो अनुमति स्वत: निरस्त मानी जाएगी जैसे कि कभी वह अनुमति जारी ही ना की गई हो। इस प्रकार जारी अनुमति भी पूर्णतः प्राविधिक होगी एवं किसी भी समय बिना कारण बताएं निरस्त की जा सकेगी।आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है एवं इसका उल्लंघन किए जाने की स्थिति में मौके पर लगाए गए टेंट, शामियाना, फर्नीचर, साउंड सिस्टम, लाउडस्पीकर, बैनर तथा अन्य सामग्री की ज़ब्ती की जाएगी एवं उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्था पदाधिकारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, 125 ,126, 285 तथा अन्य सुसंगत कानून एवं धाराओं के अंतर्गत अभियोजन संस्थित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि जिले के इन प्रमुख मार्गों पर विभिन्न शासकीय कार्यालय यथा जिला पंचायत, जीएसटी, वन विभाग, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, सेंट्रल जेल, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिवासी विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, पंजीयन कार्यालय, नगर निगम, जिला कलेक्टर कार्यालय, जिला न्यायालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित है। साथ ही उक्त मार्ग पर लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह भी स्थित हैं तथा दुर्ग का जिला अस्पताल भी इसी मार्ग पर स्थित है।विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक एवं कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर धरना प्रदर्शन जुलूस रैली आदि के आयोजन से बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित होने की घटनाएं हुई हैं। जिससे शैक्षणिक संस्थानों में अध्यनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ है तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा भी प्रभावित हुई है। साथ ही जिला अस्पताल जो दुर्ग का प्रमुख अस्पताल है तथा वहां पर संपूर्ण जिले एवं संपूर्ण संभाग के मरीज भर्ती होते हैं उनको भी असुविधाएं होती हैं। स्वास्थ्य लाभ में बाधा होती है तथा एंबुलेंस का आवागमन भी प्रभावित होता है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह तथा बैठक कक्ष में समय-समय पर महत्वपूर्ण व्यक्तियों का आगमन होता रहता है तथा अत्यंत महत्वपूर्ण बैठकों का भी आयोजन होता है। विभिन्न धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस आदि से न केवल बैठकों की व्यवस्था बाधित होती बल्कि अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसी मार्ग पर नगर निगम का बस स्टैंड भी है, जिनका आवागमन भी धरना प्रदर्शन रैली आदि से बाधित होता है, जिससे यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता था।उक्त समस्त विभागों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुख अधिकारियों एवं प्राचार्य के द्वारा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी से इस प्रकार के रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन आदि पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था जिसकी पुष्टि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के द्वारा भी की गई। जिसके आधार पर संज्ञान लेते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत उपरोक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जिला दंडाधिकारी दुर्ग के द्वारा जारी किया गया है।धरना प्रदर्शन हेतु नगर निगम दुर्ग के जल शोधन संयंत्र के सामने स्थित नगर निगम दुर्ग द्वारा निर्मित रिक्त परिसर तितुरडीह नजूल शीट क्रमांक 90 के प्लॉट नंबर 7/2 को नियत किया गया है। उक्त स्थल को धरना प्रदर्शन हेतु उपयुक्त पाया जाकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग, अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग, तथा नगर निगम दुर्ग द्वारा अनुशंसा की गई थी।उल्लेखनीय है कि रायपुर जिले में भी लगभग 4 वर्ष पूर्व शहर के सघन इलाके में लगातार होने वाले धरना प्रदर्शन को देखते हुए धरना प्रदर्शन स्थल के रूप में नया रायपुर स्थित तूता के मैदान को चिन्हित किया गया था। उसी तर्ज पर दुर्ग मुख्यालय स्थित उपरोक्त भूमि को धरना प्रदर्शन हेतु उपयुक्त पाया गया है जिसके आधार पर उक्त स्थल को समस्त प्रकार के धरना प्रदर्शन स्थल हेतु चिन्हित किया गया है। इस संबंध में विगत दिनों विभिन्न राजनीतिक सामाजिक संगठनों की भी बैठक आयोजित की गई थी जिसमें प्राप्त सुझावों के आधार पर उपरोक्त अनुसार कार्यवाही की गई है।
- -राखी से पहले मिली 31वीं किस्त, निशा की जिंदगी में आया खुशियों का त्योहाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राखी का रिश्ता, भरोसे का साथ को निभाते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले ही प्रदेश की बहनों के खातों में जारी कर दी है। ताकि हर बहन खुशी के साथ अपना त्योहार मना सके। इसी योजना ने ग्राम पल्लौद की श्रीमती निशा जांगड़े की जिंदगी बदल दी।पहले निशा मजदूरी करती थीं। अनियमित काम और कम आमदनी के कारण घर चलाना मुश्किल था। फिर महतारी वंदन से हर महीने मिलने वाले 1000 रुपये ने उन्हें हौसला दिया। निशा ने उसी राशि से अपने घर में ही एक छोटा सा फैंसी स्टोर शुरू किया। आज उनका स्टोर अच्छा चल रहा है और वे आत्मनिर्भर बन गई हैं।श्रीमती निशा जांगड़े कहती हैं कि मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था। महतारी वंदन के 1000 रुपये से मैंने घर में ही छोटा फैंसी स्टोर खोला। आज मेरी दुकान अच्छी चल रही है और मैं बहुत खुश हूं और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु भैया को दिल से धन्यवाद करती हूं। निशा जैसी लाखों बहनों के लिए महतारी वंदन आज महतारी वंदन योजना ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर परिवार और समाज में एक नई पहचान भी दी है। बहनों की तरक्की, परिवार की शान - विष्णु भैया का यही अभियान आज गांव-गांव में साकार हो रहा है।
- -वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को दिए जाएंगे पुरस्कार और सम्मान-मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ी व कोच चयनित-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरणरायपुर ।राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा। ????
- रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कांग्रेस पार्टी के अनुसूचित जनजाति विरोधी राजनीतिक चरित्र पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि कांग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, जबकि भाजपा ने आदिवासियों को वास्तविक सशक्तीकरण, सम्मान और शासन में सर्वोच्च नेतृत्व प्रदान किया है। श्री मरकाम ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की संवेदनशील सरकार में आदिवासी समाज का गौरव पूरे देश में बढ़ा है। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री मरकाम ने शीर्ष नेतृत्व और प्रतिनिधित्व की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में स्वयं आदिवासी समाज के सपूत कमान सम्भाल रहे हैं। साथ ही मंत्रिमण्डल में दो सशक्त कैबिनेट मंत्रियों सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों में अजजा वर्ग को भरपूर प्रतिनिधित्व देकर नीति-निर्माण के केंद्र में स्थापित किया गया है। इसी प्रकार बस्तर विकास प्राधिकरण और सरगुजा विकास प्राधिकरण पूरी सक्रियता के साथ दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के विस्तार में जुटे हैं। इन प्राधिकरणों के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तेजी से विकास कार्य स्वीकृत हो रहे हैं। आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का उल्लेख कर श्री मरकाम ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर में ऐतिहासिक वृद्धि कर संग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ पहुँचाया जा रहा है। लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन, वन-धन केंद्रों के विस्तार, चरण पादुका योजना और परम्परागत औषधीय ज्ञान के संरक्षण से आदिवासी भाई-बहनों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। वनांचलों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, उन्नत स्वास्थ्य शिविरों और स्थानीय स्वास्थ्य परम्पराओं को संस्थागत संरक्षण देकर अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। श्री मरकाम ने कहा कि कांग्रेस के पास आदिवासियों के उत्थान के नाम पर केवल खोखले वादे थे, जबकि भाजपा सरकार धरातल पर ठोस योजनाएँ लागू कर अजजा वर्ग का सर्वतोमुखी विकास सुनिश्चित कर रही है। आदिवासी समाज अब कांग्रेस के दोहरे चरित्र को भली-भाँति समझ चुका है और पूरी मजबूती के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है।
- -गायत्री परिवार का संदेश : भूल सुधारकर श्रेष्ठ जीवन की शुरुआतरायपुर:। परिवार और समाज की मुख्यधारा से दूर रहकर अपनी गलतियों का प्रायश्चित कर रहे बंदियों के जीवन में इस रक्षाबंधन आत्मिक उजियारा फैल गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, रायपुर के तत्वावधान में केंद्रीय जेल रायपुर में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायी रक्षाबंधन पर्व मनाया गया, जिसने पत्थर से दिल को भी पिघला दिया। बहनों के आंचल की छांव और ममता भरे अहसास ने जेल में बंद बंदियों में सलाखों के दर्द को कुछ पल के लिये भुला दिया। इस आत्मीय आयोजन के दौरान गायत्री परिवार की बहनों ने लगभग 200 बंदी भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। राखी बंधवाते ही कई बंदी भाइयों के सब्र का बांध टूट गया और उनकी आंखों से छलक आए आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि भाई-बहन का यह पवित्र बंधन हर दूरी और हर दीवार से बहुत ऊपर है।इस अवसर पर केवल रस्म अदायगी नहीं हुई, बल्कि बंदियों के मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान पर विशेष जोर दिया गया। गायत्री परिवार की ओर से सभी को सत्संकल्प का पाठ कराया गया। जिला समन्वयक श्री लच्छुराम निषाद ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि, “कानून की नजर में भले ही व्यक्ति अपराधी हो सकता है, लेकिन ईश्वर की नजर में हर आत्मा में सुधार की असीम संभावना होती है। जेल कोई अंत नहीं, बल्कि खुद को टटोलने और एक नया इंसान बनकर उभरने का स्वर्णिम अवसर है।” उन्होंने युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि सद्विचार, सदाचार और आत्मसंयम ही मनुष्य के सबसे बड़े आभूषण हैं।कार्यक्रम का सबसे मर्मस्पर्शी क्षण वह था जब गायत्री परिवार की बहन श्रीमती प्रेमलता चंद्राकर ने ममता और भाई-बहन के स्नेह से ओत-प्रोत भावुक गीत प्रस्तुत किया। सुरों की उस रागमय पुकार ने जेल के उस कठोर माहौल को पूरी तरह भावनात्मक बना दिया। अपनों से बिछड़ने का दर्द और बहनों का अहेतुकी प्रेम देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।जेल के भीतर इस सकारात्मक और पारिवारिक माहौल को तैयार करने में केंद्रीय जेल अधीक्षक श्री योगेश क्षत्रिय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके विशेष मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग से ही इस आध्यात्मिक अनुष्ठान को इतने अनुशासित और भव्य रूप में मूर्त रूप दिया जा सका।आयोजन को सफल बनाने में प्रोटोकॉल एवं मीडिया प्रभारी श्री अमित डोये, श्रीमती प्रेमलता चंद्राकर, श्रीमती अनोखी निषाद, श्रीमती कीर्ति चंद्रा, श्रीमती गीता शर्मा, श्रीमती द्रोपति यदु, कु. गायत्री शर्मा, श्रीमती उमा केशरवानी, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री घनश्याम केशरवानी, श्री उमेंद्र यदु एवं श्री देवेंद्र कुमार निषाद सहित समस्त गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएँ दीं।यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि गायत्री परिवार का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि पतितों और उपेक्षितों के जीवन में उजाला भरकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
- -बहनों के लिए भेंट का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक समयरायपुर / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 28 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल बहनों को ही बंदियों से मिलने और राखी बांधने के लिए जेल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।मुलाकात के लिए आने वाली बहनों के पास वैध पहचान-पत्र होना आवश्यक है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा कारणों से एक बंदी से मिलने और राखी बांधने के लिए अधिकतम 3 बहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बहनों को प्रति बंदी केवल 100 ग्राम मिठाई ले जाने की छूट होगी, जिसकी पहले जांच की जाएगी। मिठाई के अलावा अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल, पर्स, नकदी और किसी भी प्रकार का कीमती सामान जेल के भीतर ले जाना सख्त मना है। जेल परिसर में इन्हें जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे ये सामान साथ न लाएं।सुरक्षा के दृष्टिगत जेल प्रवेश से पहले महिला कर्मचारियों द्वारा तीन स्तरों पर तलाशी ली जा सकती है। केन्द्रीय जेल अधीक्षक ने सभी परिजनों से व्यवस्था बनाए रखने और तलाशी प्रक्रिया में जेल प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
- -’महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से बढ़ी खुशियां, महिलाओं को मिला आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का भरोसा’रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशियों और आर्थिक संबल की सौगात लेकर पहुंची है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में सहयोग करने का आत्मविश्वास दे रही है।जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम अवरीद निवासी श्रीमती धनेश्वरी धीवर के लिए भी महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारे का मजबूत आधार बनी है। योजना की 31वीं किस्त के रूप में 1,000 रुपये की राशि उनके बैंक खाते में पहुंची। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि ने उनके त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया।श्रीमती धनेश्वरी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में बेहद उपयोगी साबित होती है। अब छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे योजना से प्राप्त राशि का उपयोग राशन, घरेलू सामान और अपनी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से अपने निर्णय लेने और परिवार में सहयोगी भूमिका निभाने का आत्मविश्वास मिला है।उनके लिए योजना की 31वीं किस्त महज 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और अपनत्व का एहसास भी लेकर आई है। रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि पहुंचने पर धनेश्वरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “महतारी वंदन के किस्त रक्षाबंधन के पहिली मिल गे, हमर खुशी दुगुना हो गे। हमर विष्णु भैया बहिनी मन के जरूरत ला समझत हवंय। अब छोटे-छोटे जरूरत बर दूसर के ऊपर निर्भर नई रहना पड़य।”श्रीमती धनेश्वरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहभागी बनने का अवसर दिया है। उनके लिए यह योजना आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गई है। महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार तैयार कर रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त का मिलना महिलाओं के लिए “बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान” की भावना को और मजबूत कर रहा है। योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा यह नियमित आर्थिक संबल उनके वर्तमान को मजबूत करने के साथ बेहतर और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी आसान बना रहा है।
- रायपुर। मनेंद्रगढ़ , चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की अनीता सिंह आज अपने हुनर को आत्मनिर्भरता की नई पहचान दे रही हैं। बिहान योजना से जुड़े स्व-सहायता समूह के साथ उन्होंने रक्षाबंधन के लिए आकर्षक राखियां तैयार कीं, जिन्हें हसदेव ब्रांड के नाम से बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पहचान मिली।अनीता बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और घर की जिम्मेदारियों के साथ आय अर्जित करने का अवसर मिला है। वहीं महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि ने रक्षाबंधन की खुशियों को और बढ़ा दिया।अनीता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि “विष्णु भैया के नेतृत्व में महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं।” अनीता की यह सफलता कहानी प्रदेश की उन बहनों के बढ़ते आत्मविश्वास की तस्वीर है, जिनके चेहरों की खुशी और होठों की मुस्कान में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का सपना झलक रहा है।
- -भानुप्रतापपुर के छात्रों ने किया केटीयू का शैक्षणिक भ्रमणरायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर में शासकीय महर्षि वाल्मीकि कॉलेज, भानुप्रतापपुर के पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान बस्तर अंचल से आए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की उन्नत प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और कुलपति प्रो. मनोज दयाल से संवाद कर जनसंचार की बारीकियों को समझा।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि सकारात्मक और निष्पक्ष पत्रकारिता ही एक सशक्त व नए समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे मीडिया क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता को निखारें और समाचार पत्र, टीवी, रेडियो तथा डिजिटल मीडिया का नियमित तुलनात्मक अध्ययन करें।छात्रों ने विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो श्संवाद में अपने संदेश रिकॉर्ड किएभ्रमण में विद्यार्थियों ने केटीयू के टीवी स्टूडियो, कम्युनिटी रेडियो, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और निर्माणाधीन एआई व मीडिया रिसर्च लैब का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। महर्षि वाल्मीकि कॉलेज के शिक्षक श्रीदाम ढ़ाली के मार्गदर्शन में आए छात्रों ने विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो ”संवाद 98.2 एफएम” में अपने संदेश भी रिकॉर्ड किए। इस दौरान छात्रों ने जनसंचार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन व जनसंपर्क विभाग के प्राध्यापकों और शोधार्थियों से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के सृजनात्मक क्लबों व शोध पीठों की कार्यप्रणाली को समझा।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल, कुलसचिव सुनील शर्मा और सहायक कुलसचिव देव सिंह पाटिल सहित विभिन्न विभागाध्यक्षों से मार्गदर्शन प्राप्त कर इसे एक अत्यंत ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायक अनुभव बताया।
- -घमंडी के बच्चों को गांव में ही मिली शाला और जाति प्रमाण पत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले नारायणपुर में कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित ‘स्कूल केईन्ता’ ( School Keinta ) अभियान दूरस्थ और दुर्गम वनांचलों में शिक्षा की नई अलख जगा रहा है। इस अभिनव पहल के जरिए न केवल बच्चों तक शिक्षा पहुंच रही है, बल्कि उन्हें आवश्यक सरकारी दस्तावेजों से जोड़कर उनका भविष्य भी संवारा जा रहा है।हाल ही में संकुल केंद्र गारपा के तहत आने वाले ग्राम घमंडी की वैकल्पिक प्राथमिक शाला में नामांकित 22 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को शासकीय योजनाओं और आगे की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सकेगा।इससे पूर्व, घमंडी गांव के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए 10 किलोमीटर दूर कोड़ेनार पैदल जाना पड़ता था। ऊबड़-खाबड़ और कठिन रास्तों के कारण बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते थे। जिला प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए गांव में ही वैकल्पिक प्राथमिक शाला की शुरुआत की है। इस शाला में वर्तमान में 30 बच्चे अध्ययनरत हैं, जहां स्थानीय श्शिक्षा दूतश् कोसा राम वड्डे समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गौरतलब है कि ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान के तहत अत्यंत दुर्गम और भौगोलिक रूप से कटे क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचाने के लिए 34 नई वैकल्पिक शालाएं शुरू की गईं। इस अभियान के माध्यम से अब तक 2 हजार से अधिक बच्चों का सफल नामांकन कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ा गया है। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज स्थानीय स्तर पर तैयार कर वितरित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का यह कदम साबित करता है कि यदि नीयत और प्रयास सही हों, तो घने जंगलों और दुर्गम पहाडि़यों के बीच भी बच्चों के सपनों को उड़ान दी जा सकती है।
- -‘बिहान’ से मिला आर्थिक संबल, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं निरा राजवाड़े-मुनिता स्व-सहायता समूह को मिला ऋण, 10 वर्ष की लीज पर तालाब लेकर शुरू किया मछली पालनरायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं अपनी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आजीविका गतिविधियां शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।ऐसी ही प्रेरक कहानी लखनपुर विकासखंड की ग्राम पुहपुटरा की महिलाओं की, मुनिता स्व-सहायता समूह की सचिव श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर मछली पालन को आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने समूह को 1 लाख 20 हजार रुपए का ऋण लिया, और इसका उपयोग मछली पालन की गतिविधि शुरू करने में किया है।श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि समूह ने 10 वर्ष की लीज पर तालाब लिया है। इसी तालाब में समूह की महिलाएं मछली पालन कर रही हैं। समूह द्वारा ऋण राशि का उपयोग आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाने के लिए कर रही हैं। मछली पालन से आने वाले समय में आय प्राप्त होगी, और समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।उन्होंने बताया कि मछली पालन एक ऐसी गतिविधि है, जिसमें समूह की महिलाएं सामूहिक रूप से कार्य कर रही हैं। तालाब की देखरेख, मछली पालन से संबंधित कार्य और भविष्य में मछलियों की बिक्री के माध्यम से होने वाली आय से समूह की आजीविका को बढ़ाने की योजना है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिलेगा।निरा राजवाड़े बताती हैं कि पहले वे स्व-सहायता समूह से नहीं जुड़ी थीं। उस समय उनके पास नियमित रूप से कोई आजीविका गतिविधि नहीं थी। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिला।उन्होंने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं को अलग-अलग गतिविधियों से जुड़ने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का रास्ता मिला है। पहले जहां काम के अवसर सीमित थे, वहीं अब समूह के माध्यम से महिलाएं मिलकर आजीविका गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।मुनिता समूह की महिलाओं के लिए मछली पालन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समूह को मिले ऋण का उपयोग उत्पादन आधारित गतिविधि में किया जा रहा है। मछली पालन से प्राप्त होने वाली आय से समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहयोग मिलेगा।श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें अपने स्तर पर आर्थिक गतिविधि करने का अवसर मिला है। समूह के माध्यम से महिलाएं अब अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह की गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।श्रीमती निरा राजवाड़े ने ‘बिहान’ योजना के माध्यम से समूह को मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान से जुड़कर महिलाओं को संगठित होकर कार्य करने, ऋण प्राप्त करने और आजीविका गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला है।उन्होंने कहा कि मछली पालन के माध्यम से आगे चलकर समूह की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलने से परिवार में भी उनकी आर्थिक भूमिका मजबूत हुई है।निरा राजवाड़े ने कहा कि ‘बिहान’ से जुड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए स्वयं प्रयास कर रही हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया कह कर आभार व्यक्त किया।मुनिता स्व-सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सामूहिक प्रयास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और संस्थागत सहयोग के माध्यम से आजीविका संवर्धन का उदाहरण है। तालाब आधारित मछली पालन से समूह की महिलाएं नियमित आय के अवसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास कर रही हैं।
- -100 किलोलीटर जलागार और पाइपलाइन नेटवर्क से 436 परिवारों को मिला घरेलू नल कनेक्शनरायपुर । जल जीवन मिशन के माध्यम से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड छुईखदान के ग्राम कटंगी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों के दैनिक जीवन में सुविधाएं बढ़ी हैं। गांव में जलापूर्ति की बेहतर व्यवस्था होने से ग्रामीणों को अब घर के पास ही नल से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।ग्राम कटंगी में 100 किलोलीटर क्षमता के उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण कर पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है। इसके माध्यम से करीब दो हजार की आबादी वाले गांव के 436 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल के लिए दूर स्थित जलस्रोतों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हुई है और घर पर ही पानी की सुविधा उपलब्ध हो रही है।ग्राम कटंगी निवासी श्रीमती ललिता यादव ने बताया कि पहले परिवार की जरूरत के लिए पानी जुटाने में काफी समय और मेहनत लगती थी। घर में नल कनेक्शन मिलने के बाद पानी की व्यवस्था काफी आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि अब घर के पास ही पानी उपलब्ध हो जाता है, जिससे रोजमर्रा के काम समय पर पूरे करने में सुविधा होती है।श्रीमती ललिता यादव ने बताया कि नल से पानी मिलने का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को हुआ है। पहले पानी भरने और उसे घर तक लाने में काफी समय व्यतीत होता था। अब यह समय घरेलू कार्यों, बच्चों की देखभाल और अन्य जरूरी कामों में लग रहा है।जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से पहले ग्रामीण परिवार हैंडपंप एवं अन्य पारंपरिक जलस्रोतों पर निर्भर रहते थे। विशेषकर महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था के लिए काफी समय और श्रम लगाना पड़ता था। घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध होने से महिलाओं के श्रम और समय की बचत हो रही है। बच्चों को भी पानी लाने की जिम्मेदारी से राहत मिली है, जिससे वे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय दे पा रहे हैं।योजना के माध्यम से ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। जल स्रोतों की देखरेख, नियमित क्लोरीनेशन तथा पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने गांव में पेयजल की समस्या को कम करने के साथ उनके दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाया है। घर में नल से पानी मिलने से परिवारों को समय और श्रम की बचत हो रही है तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर भरोसा बढ़ा है। ग्राम कटंगी में जल जीवन मिशन के माध्यम से 100 किलोलीटर जलागार, पाइपलाइन नेटवर्क और 436 घरेलू नल कनेक्शनों की सुविधा ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है। योजना के जरिए गांव में “हर घर जल” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
- -महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि से चंचल दास के परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां हुईं दोगुनी-रक्षाबंधन से पहले मिली राशि से राखी, मिठाई और त्योहार की तैयारियां कर पा रहीं महिलाएं, मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभाररायपुर। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक खुशियों में भी सहारा बन रही है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरोली निवासी श्रीमती चंचल दास बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले वह घरेलू महिला थीं और परिवार की आजीविका उनके पति की कमाई पर निर्भर थी। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से अब उन्हें अपनी आवश्यकताओं और छोटे-छोटे त्योहारों की तैयारियों के लिए आर्थिक संबल मिल रहा है।श्रीमती चंचल दास ने बताया कि पहले परिवार की जरूरतें पति की आय से पूरी हो जाती थीं, लेकिन महतारी वंदन योजना शुरू होने के बाद महिलाओं के हाथ में भी नियमित रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध होने लगी है। इससे उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भरता का अनुभव हो रहा है। वे कहती हैं कि अब छोटे-छोटे त्योहार भी पहले की तुलना में अधिक खुशी और उत्साह के साथ मना पाती हैं।रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि मिलने से चंचल दास के परिवार में विशेष खुशी है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन 19 तारीख को है और उससे पहले महतारी वंदन योजना की ₹1,000 की राशि मिलने से उन्हें त्योहार की तैयारियां करने में सुविधा हुई। इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद पा रही हैं। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के लिए भी अपनी ओर से राखी भेजने की भावना व्यक्त की।श्रीमती चंचल दास ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। त्योहारों के समय इस सहायता का महत्व और अधिक महसूस होता है, क्योंकि महिलाएं अपनी पसंद से परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने के साथ त्योहार की खुशियों में भी योगदान दे पाती हैं।उन्होंने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना राशि मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली आर्थिक सहायता से इस बार रक्षाबंधन की तैयारियां उत्साह के साथ कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने से परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भी उनका आर्थिक योगदान बढ़ रहा है। चंचल दास की कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजना की राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनने के साथ उनके आत्मविश्वास और खुशियों को भी बढ़ाने में सहायक हो रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। ग्राम मुसवाडीही की ज्योति साहू, जो साहेब बंदगी स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं, इन प्रयासों से प्रेरित होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।ज्योति बताती हैं कि स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को पहचानने और आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर काम करने, नई चीजें सीखने और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। अब वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक रूप से भी योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।ज्योति कहती हैं कि “विष्णु भैयाष् की सरकार में हम बहनों के हुनर और मेहनत को सम्मान मिल रहा है। स्वसहायता समूह से जुड़कर हमें आगे बढ़ने का अवसर मिला है। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमें लगता है कि हम भी अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार को मजबूत बना सकती हैं।उन्होंने कहा कि श्साहेब बंदगीश् स्वसहायता समूह उनके लिए केवल एक समूह नहीं, बल्कि सीखने, आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का माध्यम है। समूह से जुड़ी महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करते हुए अपने हुनर को नई पहचान देने का प्रयास कर रही हैं।ज्योति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को अवसर और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे बढ़ने का विश्वास पैदा हुआ है। “बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान” की भावना के साथ ज्योति साहू जैसी ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर को ताकत बनाकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।
- -‘विष्णु भैया‘ की सरकार में ‘बिहान‘ से मिला स्वरोजगार का नया अवसर’रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत बिलासपुर के विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्वसहायता समूह की ‘लखपति दीदियां‘ आज स्वरोजगार की नई मिसाल पेश कर रही हैं। समूह की महिलाओं द्वारा ग्राम अकलतरी में संचालित बिलासा पशु आहार संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का निर्माण किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों की सहायता से तैयार किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण आहार से जहां पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर पशु आहार उपलब्ध हो रहा है, वहीं महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का नया जरिया मिला है।समूह की महिलाओं ने पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ते हुए पशु एवं पक्षी आहार निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा है। संयंत्र में उत्पादन को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर मशीन, फीड पैलेट मशीन तथा फीड क्रम्बल मशीन स्थापित की गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रक्रियाओं को सुगम बनाकर पशु एवं पक्षी आहार तैयार किया जा रहा है।‘बिहान‘ के माध्यम से महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में ‘जय भारत‘ महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने पशु आहार निर्माण को आजीविका का माध्यम बनाया है। समूह की महिलाएं संयंत्र के संचालन, पशु आहार निर्माण, पैकेजिंग और अन्य कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रही हैं।बिलासा पशु आहार संयंत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। पशुपालन एवं कुक्कुट पालन से जुड़े ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही पशु एवं पक्षी आहार मिलने से समय की बचत और परिवहन में सुविधा हो रही है। यह पहल अन्य स्वसहायता समूहों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।राखी के पर्व पर आत्मनिर्भरता की यह कहानी बहनों के बढ़ते आत्मविश्वास की तस्वीर पेश कर रही है। ‘विष्णु भैया‘ की सरकार में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास ग्रामीण परिवारों को नई मजबूती दे रहे हैं।
- -महतारी वंदन किस्त से रक्षाबंधन की तैयारी हुई आसान, परिवार की जरूरतों में करेंगी खर्चरायपुर। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि मिलने से महिलाओं में उत्साह है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की हितग्राही योगेश्वरी पांडेय के खाते में भी योजना की राशि पहुंची है। उन्होंने कहा कि त्योहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी। योगेश्वरी पांडेय ने कहा कि बहनों की तरक्की, परिवार की शान, विष्णु भैया का यही अभियान। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक रूप से काफी मददगार है। रक्षाबंधन के अवसर पर वे इस राशि से राखी और परिवार के लिए आवश्यक सामान की खरीदारी करेंगी। त्योहार के समय समय पर मिलने वाली यह सहायता परिवार के बजट को संभालने में भी सहयोग करती है।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की किस्त मिलने से मुझे बहुत खुशी हुई है। हमारे विष्णु भैया अपनी बहनों का ध्यान रखते हैं। इस राशि से मैं राखी और घर के लिए जरूरी सामान खरीद सकूंगी। इसके लिए विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद और रक्षाबंधन की बधाई।” योगेश्वरी पांडेय ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी खर्च कर पा रही हैं। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की खुशियों को बढ़ाने का काम किया है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ त्योहारों की तैयारियों में भी सहयोग प्रदान कर रही है।



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