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- रायपुर । बलरामपुर जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत परिवहन में लगे 4 वाहनों और मिट्टी ईंट से भरे 2 वाहनों को जब्त किया है। जानकारी के अनुसार विकासखंड राजपुर के ग्राम गोपालपुर और ग्राम कर्रा क्षेत्र में खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान गोपालपुर क्षेत्र में एक रेत वाहन और एक मिट्टी ईंट वाहन अवैध परिवहन करते पाए गए, जबकि ग्राम कर्रा क्षेत्र में तीन रेत वाहन और एक मिट्टी ईंट वाहन बिना वैध अनुमति के खनिज परिवहन करते मिले। संयुक्त टीम ने सभी वाहनों को जब्त कर राजपुर थाना के सुपुर्द कर दिया है।
- - अमेरिका से भारत लाई जा रही दुर्लभ प्रतिमा’-’संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र, अमेरिका से भारत लाई जा रही दुर्लभ प्रतिमा’रायपुर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ लौटने की तैयारी में है। लगभग 19 करोड़ रुपये मूल्य की यह ऐतिहासिक प्रतिमा अमेरिका से भारत लाई जा रही है और राज्य सरकार इसे फिर से रायपुर स्थित संग्रहालय में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय पहल कर रही है।पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ वापस भेजने का आग्रह किया है। जानकारी के अनुसार प्रतिमा अभी भारत नहीं पहुंची है, लेकिन उसके भारत आगमन के बाद राज्य शासन उसे रायपुर लाने और पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाएगा। संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल प्रतिमा की रिसीविंग के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में हैं।बताया जा रहा है कि अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत को करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन और ऐतिहासिक कलाकृतियां लौटाई हैं। इन्हीं बहुमूल्य धरोहरों में महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई ‘अवलोकितेश्वर’ की यह दुर्लभ कांस्य प्रतिमा भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और चोरी हुई भारतीय धरोहरों की वापसी की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।’सिरपुर की गौरवशाली विरासत की प्रतीक है यह प्रतिमा’यह प्रतिमा वर्ष 1939 में महासमुंद जिले के विश्वविख्यात पुरातात्विक स्थल सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर परिसर के पास मिली थी। यह उस क्षेत्र में प्राप्त कांस्य प्रतिमाओं के एक बड़े भंडार का हिस्सा थी। बाद में इसे सुरक्षित संरक्षण के लिए रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में रखा गया था, लेकिन प्रतिमा चोरी हो गई और बाद में यह प्रतिमा अमेरिका पहुंच गई।इतिहासकारों के अनुसार प्रतिमा पर अंकित शिलालेख में ‘द्रौणग्रिदत्त’ नाम का उल्लेख मिलता है, जो प्राचीन श्रीपुर, वर्तमान सिरपुर, का निवासी था। इससे इस प्रतिमा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।अवलोकितेश्वर की यह कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ की समृद्ध बौद्ध परंपरा, प्राचीन शिल्पकला और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत प्रतीक है। सिरपुर, जो प्राचीन काल में बौद्ध संस्कृति, स्थापत्य और कला का प्रमुख केंद्र रहा है, वहां से प्राप्त यह प्रतिमा प्रदेश की ऐतिहासिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जाती है।’राज्य सरकार ने शुरू की औपचारिक पहल’संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह प्रतिमा केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि संस्कृति मंत्रालय एवं संबंधित एजेंसियों के माध्यम से सभी प्रशासनिक और औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ शासन को सौंपा जाए, ताकि इसे महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में सुरक्षित रूप से संरक्षित कर आमजन, शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के अवलोकन हेतु उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि विदेश पहुंच चुकी यह ऐतिहासिक धरोहर अब पुनः भारत लौट रही है, जो सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य शासन प्रतिमा के संरक्षण, सुरक्षा और प्रदर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, ताकि यह अमूल्य धरोहर अपने मूल स्थान और पहचान के अनुरूप सम्मान प्राप्त कर सके। अवलोकितेश्वर प्रतिमा की वापसी प्रदेश की खोई हुई सांस्कृतिक विरासत को पुनः स्थापित करने और सिरपुर की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
- -प्रदेशभर में जागरूकता शिविरों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को किया जा रहा जागरूकरायपुर। छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर महिलाओं को शासकीय योजनाओं, कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है।इसी क्रम में सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत दर्रीपारा आंगनबाड़ी केंद्र में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महिला सशक्तिकरण सेंटर की जेंडर विशेषज्ञ एवं वित्तीय साक्षरता समन्वयक ने ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों एवं अभिभावकों को भ्रूण हत्या रोकथाम, गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा से संरक्षण, बालिकाओं में लैंगिक समानता, बाल संरक्षण तथा महिला उत्पीड़न जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं महतारी वंदन ई-केवाईसी प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बाल विवाह एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए महिलाओं और किशोरियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। शिविर के दौरान हेल्पलाइन नंबर 112, 1098, 181 एवं 1930 के महत्व और उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित ब्रोशर वितरित कर व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेशभर में आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रम सामाजिक चेतना को मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहे हैं।
- -9 हाईवा और चैन माउंटेन मशीन जब्तरायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए केवई नदी क्षेत्र में छापामार अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने मौके से अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन और रेत परिवहन कर रहे 9 हाईवा वाहनों को जब्त कर लिया। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पंचायत घटई, तहसील भरतपुर स्थित केवई नदी क्षेत्र में जिला स्तरीय टास्क फोर्स, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित स्थल पर रेत खनन निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के विपरीत संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी हाईवा वाहन और मशीनरी को ग्राम पंचायत घटई की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ खनिज एवं विनियमन अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा हैं कि अवैध खनन एवं परिवहन के विरूद्ध कार्रवाई की यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनन, परिवहन या संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- -शासकीय आंकड़ों की गुणवत्ता, एकरूपता और उपयोगिता बढ़ाने पर दिया गया जोररायपुर ।आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन के तत्वावधान में आज “डेटा हार्मोनाइजेशन” विषय पर द्वितीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय आंकड़ों के संकलन, प्रबंधन और उपयोग में समन्वय स्थापित करते हुए उनकी गुणवत्ता, एकरूपता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना था। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के अपर संचालक श्री नारायण बुलीवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नीति निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और साक्ष्य-आधारित निर्णयों के लिए विभिन्न विभागों के आंकड़ों का मानकीकरण एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।कार्यशाला के दौरान कई तकनीकी एवं नीतिगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें डेटा हार्मोनाइजेशन की अवधारणा, आधिकारिक सांख्यिकी के संपूर्ण डेटा जीवन चक्र के प्रबंधन हेतु परिचालन दिशानिर्देश (मास्टर टूल किट), यूनिक आइडेंटिफायर्स एवं वर्गीकरण प्रणाली, तथा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी NMDS 2.0 दिशानिर्देशों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।इसके अलावा Statistical Quality Assessment Framework (SQAF) तथा CHiPS के अंतर्गत विकसित डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी साझा की गई। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को डेटा गुणवत्ता मूल्यांकन, मानकीकरण और डिजिटलीकरण की आधुनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।दोपहर सत्र में प्रतिभागियों के लिए एक इंटरैक्टिव अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच डेटा लिंकेज की संभावनाओं पर समूह चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संभावित डेटा एकीकरण बिंदुओं की पहचान की तथा भविष्य की कार्ययोजना और समय-सीमा पर सहमति व्यक्त की। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। यह कार्यशाला राज्य में डेटा आधारित सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
- -ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने मत्स्य पालन गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावारायपुर। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित सुशासन तिहार के तहत मछुआ समुदाय को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम कमलपुर में आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को मत्स्याखेट के लिए जाल वितरित किए गए।कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने मछुआ सहकारी समिति मर्यादित धनेशपुर के सदस्य श्री भरत सिंह एवं श्री दिलप्रताप को मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य शासन गांवों में रहने वाले किसानों एवं मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि संबंधित हितग्राही ग्राम के बांध को 10 वर्षीय लीज पर लेकर समिति के माध्यम से मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हैं। समिति द्वारा नियमित रूप से मत्स्य संवर्धन एवं मत्स्याखेट गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तथा समिति सदस्यों की आय में भी वृद्धि हो रही है।कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मत्स्य व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन द्वारा मछुआ समुदाय एवं मत्स्य सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर सृजित हो रहे हैं। हितग्राहियों ने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त जाल से मत्स्याखेट कार्य में सुविधा होगी तथा मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, मछुआ सहकारी समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- रायपुर। राज्य शासन ने नागरिकों को डिजिटल सेवाएं देने की व्यवस्था को बड़ा विस्तार देते हुए प्रदेश में संचालित सभी लोक सेवा केन्द्रों को उन्नत कर ”सेवा-सेतु केन्द्र” के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के साथ अब नागरिकों को 73 की जगह 442 प्रकार की डिजिटल नागरिक सेवाएं एकीकृत मंच पर उपलब्ध होंगी।73 से 442 तक पहुंचा सेवा विस्तारपहले लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से प्रमाण पत्र, पंजीयन, आवेदन और शासकीय योजनाओं से जुड़ी 73 सेवाएं दी जाती थीं। उन्नयन के बाद सेवा-सेतु केन्द्रों पर यह संख्या बढ़कर 442 हो गई है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही मंच पर त्वरित और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी।पूरे प्रदेश में एक समान पहचान और ब्रांडिंगराज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी सेवा-सेतु केन्द्रों की पहचान एक समान हो। इसके तहत हर केन्द्र के मुख्य द्वार पर नया बोर्ड और नाम पट्टिका लगाई जाएगी। सभी प्रचार सामग्री, पोर्टल और पावती पर अब ”लोक सेवा केन्द्र” के स्थान पर श्सेवा-सेतु केन्द्रश् शब्द और निर्धारित लोगो का उपयोग अनिवार्य होगा।सेवा प्रदाताओं को मिला ”सेवा-सेतु प्रबंधक” का पदनामपोर्टल संचालन के लिए अधिकृत सेवा प्रदाताओं को अब ”सेवा-सेतु प्रबंधक” कहा जाएगा। इससे नई व्यवस्था को संस्थागत पहचान और स्पष्टता मिलेगी।15 दिन में मांगी गई कार्यवाही रिपोर्टसभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर केन्द्रों के परिवर्तित स्वरूप, बोर्ड, नाम पट्टिका और अन्य सुधारों की कार्यवाही पूरी कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट भेजी जाए। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी को स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और वेबसाइटों पर सूचना प्रसारित करने की जिम्मेदारी दी गई है।डिजिटल सुशासन को मिलेगा नया बलराज्य शासन का मानना है कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को नई ऊंचाई देगा। सेवा-सेतु केन्द्र न केवल नाम परिवर्तन हैं, बल्कि नागरिक सेवाओं के विस्तार, तकनीकी सशक्तिकरण और सुशासन की नई कार्य संस्कृति की शुरुआत हैं। इससे ”डिजिटल इंडिया” की अवधारणा जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी।
- -ऑडिटोरियम भवन में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर एवं जनजातीय गरिमा उत्सव-शिविर में प्राप्त 87 आवेदनों में 65 का त्वरित निराकरण-हितग्राहीमूलक सामग्री का किया गया वितरणबलरामपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत नगरपालिका परिषद बलरामपुर के ऑडिटोरियम भवन में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित कुल 87 आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें से 65 आवेदनों का निराकरण किया गया, साथ ही शेष आवेदनों का भी शीघ्र निराकरण किया जाएगा। साथ ही जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान का शुभारंभ करते हुए जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले की थीम पर 18 से 25 मई तक आयोजित होने वाले अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की गई।शिविर में नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी सहित सभी वार्डों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधि, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री दीपक एक्का सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।शिविर में राजस्व विभाग, क्रेडा, कौशल विकास, खाद्य विभाग, नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आमजन की समस्याएं सुनी गईं तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। खाद्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन आयोजित कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को आमजन तक सरल एवं सुगम तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आमजनों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने प्रेरित किया। इस अवसर पर हितग्राही मूलक सामग्रियों का भी वितरण किया गया।
- -गृह मंत्री श्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन-अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार-नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्धरायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया ।श्री अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। श्री शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी । श्री अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुश्री विजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।गृह मंत्री श्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव श्री विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश-कहा ठेकेदारों को हर महीने करें भुगतान, गुणवत्ता सुनिश्चित करने कार्यों का बारीकी से निरीक्षण भी करेंरायपुर ।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज कोंडागांव में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव में सड़कों और पुलों के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाते हुए दी गई समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा। उन्होंने बरसात में सड़क संपर्क से कट जाने वाले गांवों के लिए बारहमासी सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए प्राथमिकता से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। कोंडागांव की कलेक्टर सुश्री नुपुर राशि पन्ना, वन मंडलाधिकारी श्रीमती दिव्या गौतम, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता भी श्री एम.एल. उरांव और श्री ज्ञानेश्वर कश्यप तथा अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी सहित तीनों जिलों के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने तीनों जिलों के विभागीय अधिकारियों को किसी भी ठेकेदार का भुगतान लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर हर महीने भुगतान करने को कहा। श्री बंसल ने ठेकेदारों से कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी अधिकारियों से साझा करने को कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित समाधान कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश ठेकेदारों को दिए।विभागीय सचिव ने बैठक में लोगों की जरूरतों और उपयोगिता के आधार पर नई सड़कों और पुलों के निर्माण के प्रस्ताव प्राथमिकता से भेजने के निर्देश दिए। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद दूरस्थ और पहुंच विहीन गांवों में सड़कों व पुल-पुलियों के निर्माण तेजी से होने चाहिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल द्रुतगामी सड़कों के निर्माण के लिए 15 अगस्त तक इस्टीमेट भेजने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सभी अधिकारियों को भवन, सड़क एवं पुल के कार्यों और उनकी प्रगति की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए भवनों में अच्छी गुणवत्ता के खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, सेनेटरी, नल और पेंट्स का उपयोग करने को कहा। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के कार्यों में तेजी लाने वन मंडलाधिकारी को जल्द से जल्द पेड़ों की कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने काम में ढिलाई बरतने वाले तथा गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदारों के प्रति सख्ती करने को कहा। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, डिग्रेड करने तथा टर्मिनेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालयों में रहने, फील्ड का नियमित दौरा कर कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर शासन का जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों का अच्छा रखरखाव सुनिश्चित करने भी कहा।निर्माणाधीन खड़कघाट पुल के कार्यों का किया निरीक्षणलोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने कोंडागांव में बैठक के बाद जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 44 करोड़ से अधिक की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। श्री बंसल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदार को पुल का काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर मशीनरी और मेन-पॉवर बढ़ाते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा।
- -3500 हेक्टेयर में हो रही नाशपाती की खेती, देश के कई राज्यों में है जशपुर की नाशपाती की मांग-एक एकड़ से किसानों को हो रही 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आयरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जशपुर जिले के किसान नाशपाती की खेती के माध्यम से उल्लेखनीय आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जशपुर आज राज्य के प्रमुख नाशपाती उत्पादक जिलों में शामिल हो चुका है।जशपुर जिले में लगभग 3,500 से अधिक किसान करीब 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है। इससे हजारों कृषक परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जिले की पहचान फल उत्पादन के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रही है।जशपुर की नाशपाती स्वाद, गुणवत्ता और आकर्षक आकार के कारण देश के विभिन्न राज्यों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई और गीधा जैसे क्षेत्रों से नाशपाती की खेप दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती है। फल को सावधानीपूर्वक कैरेट में पैक कर बाजारों तक पहुंचाया जाता है।नाशपाती की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। एक एकड़ क्षेत्र से किसानों को औसतन 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आधुनिक उद्यानिकी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।उद्यानिकी विभाग तथा नाबार्ड के सहयोग से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, पौधरोपण, बागवानी प्रबंधन और विपणन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत नाशपाती क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को अनुदान एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में उद्यानिकी आधारित कृषि को नई दिशा मिली है। नाशपाती की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जशपुर को राज्य के एक उभरते हुए फल उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।
- -प्रधानमंत्री के ऊर्जा और संसाधन बचत के आह्वान से प्रेरित होकर लिया फैसला-स्टाफ की गाड़ियों की संख्या में भी की भारी कटौतीरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रशासनिक तामझाम और वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर, मंत्री श्री वर्मा ने अपने शासकीय दौरों और आवागमन के दौरान मिलने वाले 'पायलट' और 'फॉलो' वाहनों के उपयोग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।मंत्री श्री वर्मा अपने पूरे स्टाफ के साथ बेहद सीमित और कम से कम गाड़ियों के काफिले में सफर करेंगे। राज्य स्तर पर उनके इस फैसले को सादगी और जनता के प्रति जवाबदेही के एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अपने इस बड़े फैसले पर बात करते हुए कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसे में देशहित से जुड़ी किसी भी पहल की शुरुआत हम जनप्रतिनिधियों को स्वयं से करनी चाहिए और समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से न केवल सरकारी और प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी ईंधन संरक्षण (Fuel Conservation) और ऊर्जा बचत के प्रति एक सकारात्मक जागरूकता पैदा होगी।मंत्री वर्मा के इस फैसले की विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि राजनेताओं द्वारा फिजूलखर्ची रोकने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की यह पहल वाकई प्रेरणादायी है, जो जमीन से जुड़े नेता की पहचान को और मजबूत करती है।
- -अब सभी 33 जिलों में लागू होगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अत्याधुनिक डायल 112 आपात सेवा-400 नए आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन और 60 राजमार्ग गश्ती वाहन किए गए रवाना-नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक जांच को मजबूती देने 32 आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाएं मैदान में उतारी गईं-पैनिक बटन, स्थान पहचान प्रणाली और डिजिटल माध्यमों के एकीकरण से महिला सुरक्षा व त्वरित सहायता को मिलेगा बलरायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में छत्तीसगढ़ की ‘अत्याधुनिक डायल 112’ आपातकालीन सेवा तथा आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य की आपातकालीन सहायता प्रणाली का विस्तार करना और नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को मजबूत करना है।वर्ष 2018 से संचालित डायल 112 आपात सेवा का दायरा बढ़ाते हुए इसे अब राज्य के सभी 33 जिलों में पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जो पहले केवल 16 जिलों तक सीमित थी। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाया गया है। सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकेगा।इसके साथ ही, आपातकालीन कॉल और आंकड़ों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित प्राथमिक नियंत्रण केंद्र के अतिरिक्त नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में वैकल्पिक बैकअप प्रणाली पर आधारित दूसरा नियंत्रण केंद्र भी सक्रिय किया गया है। यह केंद्र किसी भी तकनीकी समस्या या आपदा की स्थिति में स्वतः बैकअप के रूप में कार्य करेगा।राज्यव्यापी सेवा विस्तार के तहत आज कुल 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन तथा 60 नए राजमार्ग गश्ती वाहन विभिन्न जिलों के लिए रवाना किए गए। अब राज्य के नागरिक पारंपरिक दूरभाष कॉल के अलावा ‘112 इंडिया अनुप्रयोग’, संकट संकेत सेवा, लघु संदेश सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद प्रणाली, ईमेल, वेब अनुरोध तथा सामाजिक माध्यमों के जरिए भी आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकेंगे। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।नए आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 176 के प्रभावी क्रियान्वयन से सभी गंभीर अपराधों में, जिनमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा निर्धारित है, घटनास्थल पर फॉरेंसिक विज्ञान दल की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य किया गया है।आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह साक्ष्य आधारित बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाओं का गठन किया है, जिनमें से 32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन आज मैदानी कार्य के लिए रवाना की गईं। ये वैन घटनास्थल पर जांच करने वाले उपकरणों से सुसज्जित चलती-फिरती प्रयोगशालाएं हैं।इन मोबाइल फॉरेंसिक वैन में रक्त नमूना परीक्षण किट, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण उपकरण, सीसीटीवी दृश्य सामग्री निकालने की प्रणाली, अंतर्निहित जीपीएस, उच्च क्षमता वाले लैपटॉप, कंप्यूटर तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। साथ ही, रात अथवा कम रोशनी में साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए इनमें विशेष रात्रि दृष्टि कैमरे और अन्य उच्च क्षमता वाले कैमरे भी स्थापित किए गए हैं।इन वैन की सहायता से फॉरेंसिक विशेषज्ञ अपराध स्थल पर त्वरित रूप से पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को नष्ट होने से बचा सकेंगे तथा जैविक और डिजिटल नमूनों की प्राथमिक जांच मौके पर ही कर सकेंगे। इससे न्यायालय में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी। यह संयुक्त पहल छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण, वैज्ञानिक अनुसंधान प्रणाली के विस्तार तथा नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है
- -खनिज विभाग के लगातार कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन पर लग रही लगाम-प्रशासन की सक्रियता से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को मिल रहा कड़ा संदेशरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के तहत प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए रात्रिकालीन गश्त, सघन निगरानी, औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई।जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद श्री देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया। वहीं सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में संलग्न दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया।
- -मरीन ड्राइव, नया बस स्टैंड, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन और दूध डेयरी ऑक्सीजोन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा-गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशरायपुर / वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव, नए बस स्टैंड, किसान राइस मिल परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन तथा दूध डेयरी ऑक्सीजोन के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। श्री चौधरी ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से रायगढ़ शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। मरीन ड्राइव शहरवासियों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, नया बस स्टैंड यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, जबकि ऑक्सीजोन परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराएंगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर ने किया अवधी भाषा की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपि का अवलोकनखैरागढ़ । भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल “ज्ञान भारतम पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” के अंतर्गत जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य लगातार जारी है। कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रावल के मार्गदर्शन में जिले में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर ज्ञान भारतम ऐप के माध्यम से उनका पंजीयन किया जा रहा है।इसी क्रम में आज ठाकुरपारा खैरागढ़ निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक श्री गोपाल दीक्षित के पास सुरक्षित दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपि का अवलोकन कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रावल द्वारा किया गया। श्री दीक्षित ने जानकारी दी कि यह हस्तलिखित पांडुलिपि अवधी भाषा में लिखी गई है, जिसमें घोड़ों से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित है। उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में घोड़े यातायात एवं आवागमन का प्रमुख साधन हुआ करते थे, इसलिए यह ग्रंथ ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस दौरान श्री दीक्षित द्वारा सन 1925 ईस्वी के ब्रिटिशकालीन स्टाफ एवं तत्कालीन दीवान के हस्तलिखित पत्र भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर अधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए सराहना की।कलेक्टर श्री चंद्रावल ने कहा कि जिले में संरक्षित ऐसी दुर्लभ पांडुलिपियां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इनके संरक्षण एवं डिजिटलीकरण से आने वाली पीढ़ियों को इतिहास और परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री प्रेम कुमार पटेल, अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी श्री टांकेश्वर प्रसाद साहू, प्रभारी प्राचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार साखेद, प्रापपादक मंगलानंद झा सहित श्री गोपाल दीक्षित के पारिवारिक सदस्य उपस्थित रहे।
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-“OSOA” में किया छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व
रायपुर | रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि युवा कलाकार उत्तम साहू का चयन राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहल “वन स्टेट वन आर्टिस्ट (OSOA)” के लिए किया गया, जहाँ उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व किया।1 से 9 मई 2026 तक नशाला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस विशेष पहल में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 38 युवा लोक एवं पारंपरिक कलाकारों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक और लोक कला विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था।उत्तम साहू ने रायपुर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली टेराकोटा कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला परंपरा को देशभर के कलाकारों और दर्शकों तक पहुँचाया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के साथ collaborative artworks तैयार किए तथा कला कार्यशालाओं, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई।इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ से अन्य युवा कलाकारों का भी चयन हुआ, जिनमें:सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध लोक कला ढोकरा का प्रतिनिधित्व किया।युवा आर्टिस्ट प्रकाश गर्ग द्वारा परिकल्पित OSOA का उद्देश्य भारत की लोक कला परंपराओं को युवाओं के माध्यम से नई पहचान देना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाना है।पूर्ण रूप से प्रायोजित इस पहल ने युवा कलाकारों को अपनी लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, अन्य राज्यों की कला शैलियों को समझने तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया।उत्तम साहू का यह चयन और प्रतिनिधित्व रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा के लिए गर्व का विषय है तथा यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कलाकार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रहे हैं। - -पहुंचविहीन गांवों में बारहमासी आवाजाही के लिए पुलों व सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजने के दिए निर्देशरायपुर. ।. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज जिला मुख्यालय नारायणपुर में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर जिले में निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को कार्यों में तेजी लाते हुए पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण पूर्ण करने को कहा। कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और जगदलपुर परिक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नारायणपुर में बैठक के बाद कोंडागांव से नारायणपुर होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को इस महत्वाकांक्षी सड़क का काम समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे की क्षेत्रवासियों को इस सड़क का लाभ शीघ्र मिल सके।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने बैठक में नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन गांवों में बारहमासी आवाजाही के लिए पुलों व सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने इस साल के बजट में शामिल कार्यों के डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए जल्द से जल्द शासन को भेजने को कहा। विभागीय सचिव ने सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों से चर्चा कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति और भुगतान की स्थिति की भी जानकारी ली।
- -छत्तीसगढ़ में 60% से अधिक मकान सूचीकरण का कार्य पूरा-गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने रचा इतिहास, 100% लक्ष्य हासिल कर राज्य में बना नंबर-1 जिला-मुख्यमंत्री ने मैदानी टीमों को दी बधाई; बड़े शहरों और नगर निगमों के सुस्त प्रदर्शन पर जताई चिंता, गति बढ़ाने के दिए कड़े निर्देशरायपुर/छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य के सभी जिलों और नगर निगमों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।राज्य की इस प्रगति पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला- पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द से जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें। राज्य स्तर पर जिलों के प्रदर्शन को देखा जाए तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।GPM जिले के इस शानदार प्रदर्शन और 'शून्य पेंडेंसी' के मॉडल पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।राहत की बात यह है कि राज्य के अधिकांश जिलों में 'HLBs Not Started' (कार्य शुरू नहीं हुआ) का आंकड़ा शून्य है। इसका साफ मतलब है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए 'प्रगति पर' (In Progress) कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को सौंपी भूमि आबंटन आदेश की प्रति-गरीब और आदिवासी परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल-सुशासन तिहार के दौरान वनांचल क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई गतिरायपुर । रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गंवरघुटरी अब स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल और राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच के परिणामस्वरूप यहां 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण से धरमजयगढ़ सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों, विशेष रूप से आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी, तहसील धरमजयगढ़ की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार को प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ प्रदेश के वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष तौर पर उपस्थित थे।उल्लखेनीय है कि यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक बड़ा केंद्र बनेगा। वर्तमान में धरमजयगढ़ और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इससे वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर मजबूत होगा और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।अस्पताल का संचालन गरीबों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि का उपयोग केवल अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए तथा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण किया जाता रहे।राज्य शासन के इस फैसले का वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से न केवल बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
- -अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को मिलेगी बड़ी मजबूती-स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच, अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा-अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट से सशक्त होगी पुलिस विवेचनारायपुर /सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का विधिवत शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आज के समय में अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है। वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। रायगढ़ में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के शुभारंभ को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में एफएसएल लैब शुरू होने से अपराध जांच की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।उल्लेखनीय है कि अब तक पुलिस को ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच प्रक्रिया में समय लगता था और कई मामलों के निराकरण में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे। इससे विवेचना की समय-सीमा घटेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -शून्य हुआ बिजली बिलरायपुर । छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की एक नई और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। नारायणपुर जिले के एक जागरूक और प्रगतिशील विद्युत उपभोक्ता श्री राजमन नाग ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट (kW) क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर "पीएम सूर्य घर योजना" को अपनाते हुए क्षेत्र के लिए एक मिसाल पेश की है। उनकी इस पहल से न केवल उनका बिजली बिल नाममात्र का रह जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी नारायणपुर ने एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है।श्री राजमन नाग के घर पर इस सोलर सिस्टम की स्थापना नारायणपुर के अधिकृत वेंडर 'अरु सोलर सोलुसशन' द्वारा सफलतापूर्वक की गई। अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए श्री नाग ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में सरकारी तंत्र और वेंडर की भूमिका बेहद सराहनीय रही।विद्युत विभाग नारायणपुर के सहायक अभियंता श्री बिरेंद्र कोसले और वेंडर की टीम ने उन्हें योजना के हर पहलू और मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी बेहद सरल भाषा में दी। आवेदन करने से लेकर छत पर पैनल स्थापित होने तक, हर चरण में उन्हें पूरा तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग मिला, जिससे यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए बेहद आसान और बाधारहित रही। पीएम सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे हर महीने होने वाले भारी-भरकम बिजली बिल के खर्च से मुक्ति मिलती है और हम अपने घर के लिए खुद बिजली बनाकर आत्मनिर्भर बनते हैं। साथ ही, यह देश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर ले जाने का एक बेहतरीन जरिया है।राजमन नाग की इस सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने इसे पूरे राज्य के लिए एक रोल मॉडल के रूप में पेश किया है। प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आगे आएं और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं।विभाग का कहना है कि अपनी छतों पर सोलर सिस्टम लगाकर उपभोक्ता न केवल आर्थिक बचत कर सकते हैं, बल्कि देश के "हर घर सोलर" के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी भी निभा सकते हैं। नारायणपुर के राजमन नाग की यह कहानी साबित करती है कि अगर सही जानकारी और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो बस्तर का हर संभाग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।
- -सुशासन तिहार में मेधावी छात्रा कुसुम लता बिप्रे का सम्मान, टैबलेट देकर बढ़ाया उत्साहरायपुर / धमतरी जिले के छोटे से ग्राम कंडेल की बेटी कुमारी कुसुम लता बिप्रे ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल धमतरी जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा की नई मिसाल भी प्रस्तुत की है।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुसुम लता को मंच पर सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा आगे की पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा में सहयोग के उद्देश्य से टैबलेट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य सरकार उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाएं विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं और सरकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, परिवार के संस्कार और विद्यार्थियों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम है। साधारण परिवार से आने वाली कुसुम लता ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में आगे बढ़ने का संकल्प हो, तो परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।कुसुम लता ने बताया कि उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिवार के सहयोग के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है। ग्रामीण अंचल की अनेक बेटियां अब उन्हें अपनी प्रेरणा के रूप में देख रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राएं राज्य की अमूल्य पूंजी हैं। शासन उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों को यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान गांवों से भी शुरू होकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है और प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। इस अवसर पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबीरायपुर / “अपना पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और नए जीवन की मजबूत नींव होता है।” धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के दौरान यह भाव उस समय जीवंत हो उठा, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर उनके वर्षों पुराने सपनों को साकार किया। सुशासन तिहार में भाटगांव की हितग्राही श्रीमती कुमारी यादव एवं श्रीमती लता साहू को मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आवास की चाबी प्रदान की गई। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले इन परिवारों के लिए यह क्षण केवल एक सरकारी योजना का लाभ मिलने भर का नहीं था, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व से भरे नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गया।हितग्राही श्रीमती कुमारी यादव ने बताया कि बरसात के दिनों में उनका परिवार लगातार परेशानियों का सामना करता था। कच्चे घर की टपकती छत और कमजोर दीवारों के कारण बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय बनी रहती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है और बच्चों के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।इसी प्रकार श्रीमती लता साहू ने कहा कि पहले हर मौसम चिंता लेकर आता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई दिशा दी है।इस अवसर पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -अम्बेडकर चौक से रूद्री चौक तक फोरलेन, गौरवपथ और पेयजल इंटेकवेल निर्माण की बड़ी घोषणाएं-सुशासन तिहार बना जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्रीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 465 करोड़ रुपये की लागत के 102 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने 423 करोड़ 52 लाख 56 हजार रुपये लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन तथा 41 करोड़ 50 लाख 48 हजार रुपये से अधिक लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव में क्लस्टरवार शिविर लगाकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के साथ “बस्तर मुन्ने” और “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं तथा जरूरतमंदों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनसहभागिता का आह्वान किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर “ड्रीम कॉरिडोर” वीडियो एवं “मां अभियान” की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन धमतरी एवं लर्निंग जॉय बेंगलुरु के मध्य एमओयू किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरीवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने अम्बेडकर चौक धमतरी से रूद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण, धमतरी में पेयजल हेतु इंटेकवेल निर्माण, रानी दुर्गावती चौक से बिलाईमाता मंदिर तक गौरवपथ निर्माण, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।कार्यक्रम में सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।



























