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- रायपुर - आज छत्तीसगढ़ राज्य के प्रणेता प्रथम दृष्टा डॉ खूबचंद बघेल की जयन्ती पर उन्हें सादर नमन करने रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 4 के सहयोग से राजधानी शहर के जीई मार्ग के किनारे नवीन मार्केट फूल चौक के समीप स्थित उनके मूर्ति स्थल के समक्ष पुष्पांजलि आयोजन रखा गया.संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रदेश के राजस्व मन्त्री श्री टंकराम वर्मा ने डॉ खूबचंद बघेल को जयन्ती पर सादर नमन किया. प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विधायक श्री धरमलाल कौशिक, रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, ब्राम्हणपारा वार्ड पार्षद श्री अजय साहू, एल्डरमैन श्री राजू राघवानी सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, आमजनों ने डॉ खूबचंद बघेल का जयन्ती पर सादर नमन किया.
- -जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ और विकसित रायपुर : विधायक राजेश मूणत एवं महापौर मीनल चौबे ने दिलाई स्वच्छता की शपथ-विकास की सौगात के साथ स्वच्छता का संकल्प : नागरिकों ने लिया नाली में कचरा नहीं डालने का प्रणरायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक-16 में आज विकास और जनजागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। क्षेत्र में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जनसंकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में रायपुर पश्चिम के विधायक श्री राजेश मूणत एवं रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।इस अवसर पर गायत्री प्रज्ञा पीठ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, खमतराई बाजार स्थित आंगनबाड़ी एवं प्रथम तल पर जिम भवन निर्माण, तथा सतनाम भवन के समीप ग्रंथालय एवं योग कक्ष निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।इन कार्यों से क्षेत्र में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण तब आया जब गायत्री मंदिर परिसर में उपस्थित सैकड़ों नागरिकों ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने शपथ ली कि वे अपने घरों का कचरा नालियों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेंकेंगे, बल्कि नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था का उपयोग करते हुए निर्धारित वाहन को ही अपना कचरा सौंपेंगे। साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि विकास केवल भवनों और सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं होता, बल्कि नागरिकों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता का भाव विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।उन्होंने कहा कि "सरकार और नगर निगम अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं, लेकिन शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नागरिकों की होती है। यदि हम अपने घर का कचरा नालियों में डालेंगे, तो जलभराव, गंदगी और बीमारियों की समस्या कभी समाप्त नहीं होगी।"श्री मूणत ने कहा कि स्वच्छता एक आदत है, कोई एक दिन का अभियान नहीं। प्रत्येक परिवार यदि यह संकल्प ले कि वह कचरा केवल निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी को ही देगा, तो रायपुर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।उन्होंने कहा कि रायपुर पश्चिम में विकास कार्यों के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जाएंगे, क्योंकि जनभागीदारी के बिना कोई भी विकास स्थायी नहीं हो सकता।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों से स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। अब आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक नागरिक इसका पूरी जिम्मेदारी के साथ उपयोग करे।उन्होंने कहा कि "नाली में फेंका गया कचरा केवल नालियों को ही जाम नहीं करता, बल्कि पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करता है। स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नगर निगम के साथ सहभागी बने।"महापौर ने कहा कि नगर निगम स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ रायपुर के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। नागरिकों का सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है और इसी सामूहिक सहभागिता से रायपुर स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर में स्वच्छता का संकल्प दोहराते हुए अपने घरों एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का वचन दिया।
- दुर्ग / जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत जामगांव (एम) के स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विधालय में 20 जुलाई को राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव सत्र 2026-27 का आयोजन किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारी का आज कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मंच, बैठक व्यवस्था, ग्रीन रूम, सामग्री वितरण स्टॉल और स्कूल में लैब एवं अन्य तैयारी का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर एडीएम श्री वीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के ईई श्री भट्टाचार्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर की गई विस्तृत चर्चाबालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी की अध्यक्षता में 17 जुलाई 2026 को जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपसंचालक पंचायत, सर्व सहायक परियोजना अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्रामीण यंत्री की सेवा के अनुभाग्य अधिकारी, कार्यकम अधिकारी, वीबीजी राम जी सर्व, उपअभियंता, तकनीकी सहायक, सर्व शाखा प्रभारी जनपद पंचायत एवं करारोपण अधिकारी की उपस्थिति में उक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रवंशी ने संबंधित अधिकारियों को वीबी-जी राम जी योजना अंतर्गत प्रथामिकता के आधार पर नवीन कार्यों की स्वीकृति हेतु प्रधानमंत्री आवास के कार्य, स्कूल में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड निर्माण, डिफंक्ट बोरवेल में रिचार्ज शाफ्ट एवं आंगनबाड़ी के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव युक्तधारा के माध्यम से प्रेषित करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक धरसा चिन्हांकन कर जानकारी प्रेषित करने निर्देशित किया गया। मनरेगा अंतर्गत पूर्व वर्ष के प्रगतिरत कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण यथाशीघ्र पूर्ण करते हुए ऑनलाईन एमआईएस में सीसी अपलोड करने निर्देश दिए गए। समस्त पूर्ण कार्यों का स्टेज 02 जियो टैगिंग शीघ्र पूर्ण करने संबंधी निर्देश दिए गए। सामाजिक अंकेक्षण अंतर्गत समस्त लंबित प्रकरणों में शीघ्र वसूली करते हुए एमआईएस पोर्टल में इंद्राज करने संबंधी निर्देश दिए गए, वृक्षारोपण के कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान देते हुए कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए साथ ही अभिसरण अंतर्गत पूर्ण हुए उत्कृष्ट कार्यों की सफलता की कहानी 02 दिवस में प्रेषित करने निर्देशित किया गया।बैठक में सीईओ श्री चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में स्वीकृत, अपूर्ण एवं निर्माणाधीन आवासो के संबंध में विकासखण्डवार एवं नोडलवार समीक्षा करते हुए समस्त निर्माणाधीन आवासो को एक विशेष कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने तथा अप्रारंभ आवासो के लाभार्थियो से संपर्क एवं समन्वय कर यथाशीघ्र प्रारंभ कर आवासो को पूर्ण कराने प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्वीकृति पश्चात् प्रथम किश्त अंतरण हेतु शेष 79 लाभार्थियो के बैंक खातों का केवायसी पूर्ण कर एफटीओ के माध्यम से यथाशीघ्र प्रथम किश्त जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना, अनुमति, स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए नोडल अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए तथा योजनान्तर्गत लक्ष्य अनुरूप प्रति-दिवस आवास पूर्णता की प्रगति नगण्य होने से नाराजगी जाहिर करते हुए जनपद पंचायत में कार्यरत अमलो को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। योजनान्तर्गत ग्रामसभा द्वारा चिन्हांकित निरस्त योग्य आवासो की ग्रामसभा प्रस्ताव एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजो को प्राप्त दावा-आपत्ति के निराकरण पश्चात् नियमानुसार जिला स्तरीय अपीलीय समिति के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करने निर्देश दिए। साथ ही आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड प्रतीक्षा सूची का ग्रामसभा द्वारा सार्वजनिक वाचन एवं अवलोकन, सत्यापन पश्चात् आमंत्रित दावा-आपत्ति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सिस्टम जनरेटेड प्रतीक्षा सूची में नाम जोड़ने, काटने, पात्र, अपात्र, अवलोकन, सत्यापन के नाम पर अनूचित राशि की मांग अथवा वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही करने निर्देश दिए।बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत मॉडल सीएलएफ के नियम अनुसार संचालन एवं समय-सीमा में इसके एमपीआर भरने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही जिलें में संचालित ग्राम सिवनी में सीएमसी सेंटर में कैलेंडर बनाकर ट्रेनिंग के संचालन हेतु आदेशित किया गया। वित्तीय समावेशन अंतर्गत बैंक एसजी बैंक क्रेडिट लिंकेज के 60% प्रकरण 25 जुलाई तक प्रेषित करते हुए वितरति प्रकरणों के समय-सीमा में ऋण वापसी एनपीए निराकरण करने निर्देशित किया गया। जनपद पचायत डौण्डी एवं गुरूर में कम प्रकरण प्रेषित करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 25 जुलाई के पूर्व 60 प्रतिशत प्रकरण बैंक में प्रेषित करने कहा गया साथ ही वूमेन लीड इंटरप्राइज लोन के प्रकरण भी 25 जुलाई के पूर्व 60 प्रतिशत प्रेषण एवं 50 वितरण हेतु निर्देशित किया गया। डौण्डी ब्लाक में सीएफ के नियमित ट्रांजक्शन एंट्री नहीं करने साथ ही ग्राम संगठन एवं एसएचजी के भी नियमित ट्रांजक्शन एंट्री के निर्देश दिए गए।लखपति दीदी पहल के तहत आगामी 03 वर्ष के प्रदाय लक्ष्य अनुसार विकासखंड स्तर पर अभिसरण समिति की बैठक आयोजित कर लखति बनाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार करते हुए समय सीमा में लक्ष्य पूर्ति तथा लखपति ग्राम की संख्या बढ़ाई जाने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही बेस्ट प्रैक्टिसेज तैयार करने हेतु आदेशित किया गया। जिले के स्व-सहायता समूह को सामाजिक सराकारों से जोड़ते हुए नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा जीआरसी सेंटर के माध्यम से नशा मुक्ति जन जागरूकता अभियान प्रत्येक गांव में आयोजित करने के निर्देश दिय गए। स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित सामग्रियों के बेहतर ब्रांडिंग पैकेजिंग एवं प्रत्येक विकासखं डमें 01 से 02 बेहतर इकाई जैसे सेनेटरी पैड, महुआ लड्डू इकाई के यथाशीघ्र स्थापना एवं इसके मानक पूर्ण संचालन हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। राज्य शासन के मनसानुरूप सूर्य घर योजना में जिले के वेंडर के रूप में चिन्हित सीएफ के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा संख्या में सूर्य घर योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगाए जाने हेतु एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर कार्य किया जाना है। इसके पहले चरण में ग्राम नारागांव विकासखंड गुरूर में शतप्रतिशत परिवारों के घर में सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल बनाए जाने हेतु अभियान स्वरूप कार्य करने निर्देशित किया गया।बैठक में स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण अंतर्गत सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष हेतु लक्षित ग्राम पंचायतों में 07 दिवस के भीतर नियमानुसार कचरा संग्रहण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।पर्यटन स्थल एवं एन.जी.टी. हेतु लक्षित ग्राम पंचायतों में जन-जागरूकता संबंधित गतिविधियों आयोजित कराने एवंस्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के समन्वयकों कों स्कूलों में प्रचार-प्रसार संबधी गतिविधि आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने सभी स्वीकृत कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने को निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, क्षमता विकास योजना और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की गई साथ ही जर्जर ग्राम पंचायत भवनों, पंचायत विहीन ग्राम पंचायतों को चिन्हांकित करने निर्देशित किया गया एवं स्वास्थ्य केंद्रों एवं अटल डिजिटल सुविधा निर्माण के संबंध में निर्देश दिए। इसी तरह डिजिटलीकरण एवं पोर्टल प्रबंधन समर्थ पोर्टल पर करदाताओं का पंजीयन, डिम और कर संग्रहण की स्थिति की समीक्षा करते हुए ग्राम संपदा ऐप के माध्यम से शत प्रतिशत जियो टैगिंग के निर्देश दिए गए। योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवता के साथ समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने एवं जिले में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु चर्चा की गई । बैठक में राज्य संपरीक्षा विभाग के ऑडिट प्रतिवेदन के निराकरण, अविवादित नामांतरण, बंटवारा और जिला एवं जनपद स्तर पर गठित समितियों की नियमित बैठक करने के निर्देश दिए गए। आगामी कार्ययोजना बैठक में पंचायत स्तर पर आय वृद्धि, ग्राम सभाओं में जनभागीदारी बढ़ाने और उन पंचायतों की पहचान करने निर्देशित किया गया साथ ही ग्रामीण सचिवालय की तैयारी के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
- -नेत्रदान संकल्प अभियान से मिलेगी दो जरूरतमंदों को नई रोशनीरायपुर / सामाजिक संस्था ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा ने समाज में एक नई पहल की शुरुआत करते हुए नेत्रदान महादान अभियान का बीड़ा उठाया है। संस्था ने आज महिला सशक्तिकरण पर आयोजित एक संगोष्ठी सह बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि वह नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाएगी और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान से जोड़ेगी।संस्था पहले ही सफलतापूर्वक चिकित्सा उपकरण बैंक का संचालन कर रही है और अब नेत्रदान के क्षेत्र में योगदान देकर दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने का संकल्प लिया है। संस्थाप्रमुख सुषमा तिवारी , सचिव ममता शर्मा और संरक्षक अजय शर्मा के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर, सलाहकार सुमन शर्मा, ममता बड़गैया सरिता विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित रहे।संस्था ने जनता से अपील की है कि नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार को इस इच्छा से अवगत कराएँ। आपका यह निर्णय किसी के जीवन में उजाला, आत्मनिर्भरता और नई उम्मीद ला सकता है। संस्था ने स्पष्ट किया कि नेत्रदान किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है, न ही इससे अंतिम संस्कार में कोई बाधा आती है, और मृतक के चेहरे की बनावट भी प्रभावित नहीं होती।संस्था के संरक्षक अजय शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत संस्था विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। साथ ही, नेत्रदान संकल्प-पत्र भरवाने और इच्छुक लोगों का पंजीकरण कराने में सहयोग किया जाएगा। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक एवं सही जानकारी लोगों तक पहुँचाना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। संस्था ने नेत्रदान करने वाले परिवारों का सार्वजनिक सम्मान कर समाज को प्रेरित करने का भी संकल्प लिया है।ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा संस्था के इस सराहनीय प्रयास से जरूरतमंदों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद जगी है।
- -रायगढ़ में स्व-सहायता समूह की दीदियों ने तैयार कीं अनोखी बीज राखियां-भाई की कलाई पर प्यार, धरती मां को उपहार की थीम पर बिहान की अभिनव पहलरायपुर / रक्षाबंधन पर केवल भाई-बहन का प्रेम ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश भी दिया जा सकता है। पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें अपनी रक्षा का वचन देना और मिट्टी से बने इको-फ्रेंडली पौधे वाली राखियों का इस्तेमाल पर्यावरण को हरा-भरा रखने में मदद करता है।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्व-सहायता समूहों की दीदियां इस बार रक्षाबंधन के पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला पंचायत रायगढ़ और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सहयोग से जिले भर में पर्यावरण-अनुकूल बीज राखियां तैयार की जा रही हैं। इन राखियों की सबसे विशेष बात यह है कि इन्हें धान, मक्का, भुट्टा, सेमी, करेला और बरबटी जैसे विभिन्न देसी बीजों से बेहद आकर्षक ढंग से बनाया जा रहा है। यदि त्योहार के बाद यह राखी मिट्टी में मिल जाती है या बाहर फेंक दी जाती है, तो इसमें लगे बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेंगे। इससे भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस अभियान को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। धरमजयगढ़ के ग्राम दुलियामुड़ा-कोयलार में कृष्णा स्व-सहायता समूह की सक्रिय महिला कविता राठिया ने आकर्षक बीज राखियां तैयार कर मिसाल पेश की है। रायगढ़ के बैसपाली, जुनवानी, लोइंग, गोपालपुर, संबलपुरी, लैलूंगा, तमनार के लिबरा गांव (जननी समूह), घरघोड़ा के बड़ेगुमड़ा (गायत्री समूह) और पुसौर के पुटकापुरी क्लस्टर सहित जिले भर की कृषि सखियां और महिलाएं इस कार्य में जुटी हुई हैं। रायगढ़ जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कल यानी 20 जुलाई को जिले के सभी सात विकासखंडों से एक-एक सर्वश्रेष्ठ बीज राखी का चयन किया जाएगा। चयन का आधार राखी की आकर्षक डिज़ाइन, देसी बीजों का उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जैसी खूबियों को बनाया जाएगा।प्रतियोगिता में चुनी जाने वाली सातों विकासखंडों की विजेता दीदियों को 27 जुलाई को एक विशेष गरिमामय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ये दीदियां स्वयं कलेक्टर सहित जिले के शीर्ष अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई हुई बीज राखी बांधेंगी। बिहान की दीदियों द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब केवल एक प्रतियोगिता न रहकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है।
- -कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा के 15 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण से आत्मसमर्पित युवाओं को मिला आजीविका का नया आधाररायपुर / कभी हाथों में हथियार उठाने वाले 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने अब खेती, पशुपालन और कृषि आधारित स्वरोजगार को अपने भविष्य का आधार बनाने का संकल्प लिया है। सुकमा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा और कृषि विभाग द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण ने इन युवाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। 22 जून से 14 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में युवाओं को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित व्यवसायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आत्मसमर्पित युवाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना था। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, हांडी दवा, थ्री-जी दवा और मछली टॉनिक तैयार करने की जानकारी दी। इसके साथ ही नाडेप खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। युवाओं ने फलदार पौधों का रोपण, नीलहरित काई उत्पादन, कृषि यंत्रों का उपयोग, सब्जी नर्सरी तैयार करना, धान की कतारबद्ध बुवाई और गर्मी में गहरी जुताई जैसी तकनीकें भी सीखीं। प्रशिक्षण में युवाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, ऑयस्टर मशरूम उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी दी गई। इन गतिविधियों से युवा अपनी रुचि और संसाधनों के अनुसार स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। प्रशिक्षणार्थियों को दंतेवाड़ा जिले का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। मैलावाड़ा में उन्होंने धान की एसआरआई पद्धति और भूमगादी में प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इससे प्रशिक्षणार्थियों को सीखी गई तकनीकों को खेतों में लागू करने का व्यावहारिक अनुभव मिला। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर उप संचालक कृषि श्री पी.आर. बघेल, सहायक संचालक कृषि श्री सुधीर कुजूर और कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री एच.एस. तोमर सहित वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेती, पशुपालन और कृषि आधारित व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से आत्मसमर्पित युवा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ सकते हैं। प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि उन्हें खेती और स्वरोजगार की नई तकनीकों की जानकारी मिली है। अब वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर अपने गांव में आजीविका के साधन विकसित करेंगे। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन में बदलाव की एक नई शुरुआत है। हथियार छोड़कर अब ये युवा खेती और स्वरोजगार के माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
- -13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की मजबूत संभावनारायपुर/ सुकमा जिले के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 की क्वालिफाइंग कटऑफ पार कर जिले का नाम रोशन किया है। इनमें से 13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश लेने की प्रबल संभावना है।सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण परिवारों से आने वाले इन विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी आसान नहीं थी। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर उनके लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया।यहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क कोचिंग, नियमित मार्गदर्शन और परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से NEET-UG जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि के लिए वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और शुभकामनाएं दी है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन की शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल नेतृत्व तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी. आर. मण्डावी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया।प्रशिक्षण प्रदाता संस्था ‘कैंप एकेडमी’ के अनुभवी शिक्षकों सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और राजनीश पटेल ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं, विषयवार मार्गदर्शन और परीक्षा की रणनीति के माध्यम से तैयार किया। ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों की इस सफलता से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उत्साह बढ़ा है। दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि सही मार्गदर्शन, बेहतर अवसर और निरंतर मेहनत मिले, तो सुदूर गांवों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।जिला प्रशासन ने NEET-UG 2026 में सफल सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर की यह उपलब्धि सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव की प्रेरणादायक कहानी है। कभी कठिन परिस्थितियों से जूझने वाले इस जिले के विद्यार्थी आज डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और उसे पूरा करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। यह सफलता सुकमा के युवाओं के नए आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।
- -करीब 4 हजार संगा्रहक परिवारों को मिलेगा बोनस का लाभरायपुर / छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की गीदम प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति ने तेंदूपत्ता विक्रय में 38 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया है। 16 जुलाई 2026 को आयोजित ऑनलाइन निविदा में गीदम समिति के तेंदूपत्ते को 10,909 प्रति मानक बोरा तक का ऐतिहासिक मूल्य प्राप्त हुआ है। दंतेवाड़ा जिले की प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति गीदम ने तेंदूपत्ता विक्रय में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित ऑनलाइन निविदा में समिति का तेंदूपत्ता 10 हजार 609 रुपये और 10 हजार 909 रुपये प्रति मानक बोरा की रिकॉर्ड दर पर बिका। यह गीदम समिति के 38 वर्षों के इतिहास में तेंदूपत्ता विक्रय की सबसे अधिक कीमत है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे वनाश्रित परिवारों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली का लाभ अब सीधे तेंदूपत्ता संग्रहकों तक पहुंच रहा है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता रिकॉर्ड दर पर बिकने से समिति को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इसका लाभ बोनस के रूप में समिति से जुड़े करीब 4 हजार तेंदूपत्ता संग्रहक परिवारों को मिलेगा। इससे वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण, बोनस, छात्रवृत्ति, बीमा और अन्य लघु वनोपज योजनाओं में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से संग्रहकों के बैंक खातों में राशि सीधे जमा की जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध हुई है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए मुख्य वन संरक्षक, दंतेवाड़ा वनमंडलाधिकारी, जिला लघु वनोपज सहकारी संघ, समिति के पदाधिकारियों, फड़ मुंशियों और सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से गीदम समिति ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लघु वनोपज के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी तेंदूपत्ता और अन्य लघु वनोपज से जुड़े परिवारों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।
- -12 दिनों में शुरू हुई प्रमनाथ मिर्रे की दिव्यांग पेंशन, परिवार ने जताया आभाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और जरूरतमंद नागरिकों के लिए यह व्यवस्था राहत, विश्वास और सुशासन का प्रतीक बन रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से लंबे समय से लंबित मामलों का भी समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी प्रमनाथ मिर्रे का मामला इसका एक प्रेरक उदाहरण है। दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करने के बावजूद उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हो पा रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।जब अन्य प्रयास सफल नहीं हुए, तब उनके पुत्र प्रताप मिर्रे ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने प्रकरण को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की गईं और मात्र 12 दिनों के भीतर शिकायत का निराकरण कर प्रमनाथ मिर्रे की दिव्यांग पेंशन प्रारंभ कर दी गई।पेंशन शुरू होने के बाद प्रमनाथ मिर्रे और उनके परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति हार्दिक आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए वे लंबे समय से प्रयासरत थे, वह सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से कुछ ही दिनों में पूरा हो गया।परिवार का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं भरोसेमंद व्यवस्था बनकर सामने आई है। इससे आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच मिला है, जहां शिकायतों का त्वरित और संवेदनशील तरीके से निराकरण किया जाता है। प्रमनाथ मिर्रे की यह सफलता की कहानी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।
- महासमुंद / महिला एवं बाल विकास विभाग महासमुंद के अंतर्गत संचालित महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) महासमुंद द्वारा शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखनपुर में शाला त्यागी बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बैग, कॉपी एवं पेन का वितरण किया गया।कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, नियमित विद्यालय आने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर अध्ययन करने हेतु प्रेरित किया गया। महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम ने कहा कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा का अधिकार है और शिक्षा ही उनके आत्मनिर्भर एवं सशक्त जीवन की आधारशिला है। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं ने शैक्षणिक सामग्री प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की तथा अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बताया गया कि शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विभाग लगातार जागरूकता एवं सहयोगात्मक गतिविधियाँ संचालित कर रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्राम प्रमुख सरपंच एवं स्कूल समिति के अध्यक्ष सदस्य एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
- -छात्रों ने पत्र लेखन के माध्यम से दिया जल संरक्षण का संदेशबालोद। जिला प्रशासन बालोद द्वारा 'जल संचय-जनभागीदारी 2.0' एवं 'कैच द रैन 2026' अभियान के तहत जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर पहल की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत 18 जुलाई को सुबह 10 बजे बालोद, गुरुर, गुंडरदेही, डौंडीलोहारा एवं डौंडी विकासखंड के 1048 विद्यालयों में एक ही समय में 'पत्र लेखन' गतिविधि का आयोजन किया गया।इस आयोजन के माध्यम से लगभग 29,367 विद्यार्थियों ने अपने पालकों, मित्रों और आम नागरिकों को पत्र लिखकर जल की महत्ता, इसके संरक्षण, सदुपयोग एवं पुन: उपयोग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। जल संरक्षण के इस अनूठे अभियान में विद्यार्थियों के साथ 2,105 शिक्षक, 1,471 पालक, 1053 शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, 1351 जनप्रतिनिधियो एवं 2150 आम नागरिको सहित कुल 37,497 लोगों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। जिला प्रशासन के इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा के जल को व्यर्थ बहने से बचाकर उसे संचित करना है। सभी प्रतिभागियों ने 'जहां वर्षा हो, जब वर्षा हो—वहीं जल संचयन' के मंत्र को आत्मसात करते हुए भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए एकजुट होकर जल संरक्षण के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव करेंगे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धनदुर्ग। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत जामगांव (एम) स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में 20 जुलाई को राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन करेंगे।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय लगभग एक घंटे तक विद्यार्थियों के बीच रहेंगे। वे नवप्रवेशी विद्यार्थियों को तिलक लगाकर नवीन शिक्षण सत्र की शुभकामनाएं देंगे तथा उनके साथ संवाद भी करेंगे।जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया जाएगा। साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, नए शैक्षणिक सत्र के शैक्षणिक कैलेंडर का विमोचन तथा विद्यालय में स्थापित एस्ट्रोनॉमी लैब का मुख्यमंत्री द्वारा अवलोकन भी किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विद्यार्थियों के साथ न्योता भोज में सहभागिता कर उनके साथ भोजन करेंगे। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और सशक्त करने का संदेश दिया जाएगा।
- -सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच हुआ ऐतिहासिक एमओयू-क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान एवं वैज्ञानिक विकास को मिलेगी नई दिशारायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "क्रिटिकल मिनरल मिशन" एवं "आत्मनिर्भर भारत" के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, सतत एवं मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के मध्य शनिवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद, तथा प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति मिलेगी।एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री पंकज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य एवं देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी एवं खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का तालमेल राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक श्री यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा सेवा प्रदाता के रूप में निगम की सफल पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों की अपार संभावनाओं तथा उनके वैज्ञानिक एवं समावेशी दोहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस श्री प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक श्री पंकज कुलश्रेष्ठ तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा सतत खनन को नई दिशा देगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में हासिल यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को विकास का आधार बना रही है। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा का सुनियोजित उपयोग कर राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन दिया उन्होंने एमओयू को खनिज क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में राज्य के खनिज विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 मितानिनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मितानिनों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। कलेक्टर ने डोंगरगांव विकासखंड से शारदा सिन्हा, चितरेखा देवांगन, फलिता साहू एवं देवकी वर्मा, छुरिया विकासखंड से पुनम साहू , राधामनी एवं सुलोचना साहू, डोंगरगढ़ विकासखंड से दिलेश्वरी गोंड, कामता वर्मा एवं डोमन, घुमका से उत्तरा देवांगन, रजनी एवं मांगतीन को सम्मानित किया। मितानिनों द्वारा किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से संबंधित एचपीवी वैक्सीन, हाईरिस्क गर्भवती माता, संस्थागत प्रसव, शिशु एवं मातृ मृत्यु ,टीवी एवं कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत, कैंसर के मरीजों की पहचान, फाइलेरिया की दवा तथा स्कूलों में किशोरी बालिकाओं की समस्या समाधान हेतु की गई गतिविधियों में सहयोग, आयरन फोलिक एसिड की दवा, मानसिक मरीजों को मेडिकल कॉलेज ले जाना, शून्य से 5 वर्ष के कुपोषित बच्चों को कुपोषण मुक्त के लिए एनआरसी में भेजना,12 सप्ताह पहले गर्भवती माता का पंजीयन, पूर्ण टीकाकरण सहित अन्य कार्य में सराहनीय योगदान के लिए उत्कृष्ट मितानिन के रूप में चयन किया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, डीपीएम श्री संदीप ताम्रकार, श्री अनिल श्रीवास्तव, डीसी श्री सुकून दास मानिकपुरी सहित मितानिन प्रशिक्षक एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे।
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रायपुर। इंदिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026–27 हेतु बी.टेक. (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक. (खाद्य प्रौद्योगिकी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए संचालित ऑनलाइन यूजी काउंसिलिंग-2026 के प्रथम चरण हेतु ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026, रात्रि 11:00 बजे निर्धारित है। काउंसिलिंग में वे अभ्यर्थी पात्र हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं गणित तथा अंग्रेजी विषय सहित) उत्तीर्ण की हो तथा पी.ई.टी.-2026, जेईई-मेन्स-2026 अथवा 12वीं (गणित समूह) के आधार पर प्रवेश के इच्छुक हों। छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के पात्र अभ्यर्थी भी ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। अन्य राज्य के अभ्यर्थियों को प्रवेश विश्वविद्यालय के प्रवेश नियम-2026 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग उपरांत उपलब्ध रिक्त सीटों के विरुद्ध दिनांक 30 जुलाई 2026 को आयोजित काउंसिलिंग के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।ऑनलाइन पंजीकृत अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची 23 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी तथा 24 जुलाई 2026 से 30 जुलाई 2026 तक निर्धारित कार्यक्रमानुसार सीट आवंटन, दस्तावेज सत्यापन एवं प्रवेश की कार्यवाही संपन्न की जाएगी अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि अंतिम समय की तकनीकी असुविधा से बचने हेतु अपना ऑनलाइन पंजीयन समय रहते पूर्ण करें। प्रवेश संबंधी विज्ञापन, काउंसिलिंग समय-सारणी, दिशा-निर्देश, सीटों का विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर उपलब्ध है।
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- शासकीय योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश
राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने शनिवार को जनपद पंचायत छुरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत महाराजपुर, खोभा एवं केशोटोला का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत महाराजपुर में पूर्व माध्यमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र तथा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पूर्ण एवं निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों से संवाद कर विभिन्न शासकीय योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी ली। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही पूर्व माध्यमिक शाला में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का अवलोकन कर विद्यालय परिसर में निर्मित प्रार्थना शेड का भी निरीक्षण किया।
सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत खोभा में आवास पारा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन आवासों तथा निर्माणाधीन रिचार्ज शाफ्ट का निरीक्षण किया। महिला स्वसहायता समूह द्वारा संचालित दुकान का अवलोकन करते हुए समूह की महिलाओं से उनकी आय एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सरपंच, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में सूर्य सभा का आयोजन किया गया। सीईओ जिला पंचायत ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह योजना बिजली व्यय में बचत के साथ-साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत केशोटोला में नवाचार एवं श्रमदान से विकसित की जा रही आवास वाटिका का निरीक्षण किया तथा इसके बेहतर विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायत परिसर में संचालित सी-मार्ट का भी अवलोकन किया तथा महिला स्व-सहायता समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदी की। उन्होंने कहा कि महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से ग्रामीण आजीविका सशक्त होगी। निरीक्षण के दौरान सीईओ जनपद पंचायत छुरिया श्री होरीलाल साहू, एसडीओ (आरईएस) श्री जीपी लरिया सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। - -देशभर के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, ट्रैवल एजेंट्स और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं पर हुई विशेष चर्चारायपुर । देश के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी (FAITH) द्वारा होटल ताज, नई दिल्ली में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए राष्ट्रीय पर्यटन परिदृश्य में प्रदेश की सशक्त पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन में देशभर से आए पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंट्स, विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों, ट्रैवल मीडिया तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, जनजातीय एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय जनजातीय जीवन, घने वन, जलप्रपातों, पुरातात्विक धरोहरों, वन्यजीव संपदा और आध्यात्मिक स्थलों के कारण देश के सबसे विशिष्ट पर्यटन गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।पैनल चर्चा के दौरान प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार, नई पर्यटन नीतियों, निजी निवेश की संभावनाओं, सामुदायिक सहभागिता, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज पर्यटन तथा सतत पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। साथ ही देश-विदेश से आए टूर ऑपरेटरों एवं पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन अनुभवों से रूबरू होने का आमंत्रण दिया गया।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रदेश नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन का एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की अनूठी संस्कृति, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों का अनुभव करें तथा राज्य को अपने पर्यटन परिपथों में प्रमुख स्थान दें।छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, निवेश अनुकूल वातावरण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट एवं पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विभिन्न राज्यों, ट्रैवल एजेंसियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से साझेदारी बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटन व्यवसाय की नई संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रस्तुति को उपस्थित प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सराहा तथा राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक और जनजातीय पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रभावी प्रचार-प्रसार और साझेदारी के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की यह प्रभावशाली भागीदारी देश के पर्यटन मानचित्र पर राज्य की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए निवेश आकर्षित करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जुड़ने तथा "अनदेखा भारत" के रूप में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- दुर्ग। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान दुर्ग जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से मुलाकात कर लोकतंत्र, विधानसभा की कार्यप्रणाली एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका से जुड़े विषयों पर संवाद किये।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का सदन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी पाठशाला भी है। यहां आकर विद्यार्थी लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से समझते हैं और संविधान के प्रति सम्मान तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।उन्होंने बताया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पाऊवारा, कोड़िया, चंदखुरी सहित दुर्ग जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही देखी तथा अनेक विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधानसभा की कार्यप्रणाली, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों तथा जनसेवा के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों को व्यवहारिक शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक संस्थाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की भावना को मजबूत करते हैं।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सीखने की उत्सुकता अत्यंत प्रेरणादायी है। प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें विश्वास है कि विधानसभा का यह अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- - कार्यकारिणी सहित समितियों के पदाधिकारियों व महिला केंद्रों की संयोजिका, सह संयोजिकाओं का भी होगा शपथ ग्रहणरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की नई कार्यकारिणी (2026-28) का शपथ ग्रहण समारोह रविवार, 26 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया है। समारोह में अध्यक्ष अजय मधुकर काले और उनके नेतृत्व में 14 सदस्यीय कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण होगा। पहले ही सभी कार्यकारिणी सदस्यों को उनके प्रकल्प सहित अन्य कार्यभार सौंपे जा चुके हैं।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 17 समिति और 17 महिला केंद्रों के पदाधिकारी भी समारोह में शपथ ग्रहण करेंगे। पहली बार महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति गठित की गई है। इस समिति के समन्वयक अभिषेक विद्याधर बक्षी के नेतृत्व में सभी पदाधिकारी भी शपथ लेंगे। इनके अलावा भी कुछ समितियों को नई जिम्मेदारियों व कार्यक्रमों के साथ गढ़ा गया है, तो कुछ समितियों को दो नए भागों में बांटकर नई जिम्मेदारियां व कार्यक्रम भी सौंपे गए हैं। इन तमाम समितियों के पदाधिकारी भी इस समारोह में शपथ लेंगे।
- -70 लाख माताओं का आशीर्वाद और किसानों का विश्वास हमारी सरकार की शक्ति : मुख्यमंत्री श्री साय-विपक्ष का आरोप पत्र तथ्यहीन, हमारी ढाई साल की उपलब्धियां ही उसका जवाब : मुख्यमंत्री-मोदी की गारंटी का अर्थ है गारंटी पूरी होने की गारंटी : मुख्यमंत्री श्री साय-विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव महज औपचारिकता, इसमें न तथ्य हैं और न दम : मुख्यमंत्री-नक्सलवाद की समाप्ति हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि, अब बस्तर को बनाएंगे देश का सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता द्वारा दिए गए जनादेश, किसानों के विश्वास, माताओं-बहनों के आशीर्वाद और गरीबों के अधिकारों के विरुद्ध है। जनता के प्रचंड विश्वास और सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह तथ्यहीन, दिशाहीन और निष्प्रभावी सिद्ध हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों की बातें प्रारंभ से सुन रहे हैं और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तथ्यों तथा आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के प्रत्येक आरोप का प्रभावी उत्तर दिया है। विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव महज एक औपचारिकता है, जिसमें न कोई ठोस तथ्य है, न विश्वसनीय आधार और न ही कोई दम है।मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर यह अविश्वास प्रस्ताव किसके विरुद्ध लाया गया है। क्या यह वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटें देकर सरकार बनाने वाली छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विरुद्ध है? क्या यह लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 11 में से 10 सीटों पर भाजपा को विजय दिलाने वाले मतदाताओं के विरुद्ध है? अथवा सभी नगर निगमों और 70 प्रतिशत से अधिक नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों में भाजपा को जनादेश देने वाली जनता के प्रति अविश्वास है?उन्होंने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उन किसानों के विरुद्ध भी प्रतीत होता है, जिन्हें हमारी सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दे रही है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 144 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की और अंतर की राशि किसानों के खातों में एकमुश्त अंतरित की। पिछली सरकार किसानों को राशि के लिए पूरे वर्ष इंतजार कराती थी और चार किश्तों में भुगतान करने के बाद भी अंतिम किश्त तक नहीं दे पाई।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सत्ता संभालने के केवल 12 दिनों के भीतर 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया 3716 करोड़ रुपये का धान बोनस प्रदान किया। यह बोनस पूर्ववर्ती सरकार के जनघोषणा पत्र में शामिल होने के बावजूद पांच वर्षों तक किसानों को नहीं दिया गया था। भाजपा सरकार ने किसानों का वर्षों पुराना अधिकार उन्हें तत्काल लौटाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक महीने के प्रथम सप्ताह में आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन पांच वर्षों में एक रुपया भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के साथ 70 लाख माताओं-बहनों का आशीर्वाद हो, उसका विपक्ष के तथ्यहीन आरोप कुछ नहीं बिगाड़ सकते।मुख्यमंत्री ने शास्त्रों की उक्ति—“सत्यमेव जयते नानृतं, सत्येन पन्था विततो देवयानः” का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य की हमेशा विजय होती है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। विपक्ष कितना भी भ्रम और असत्य फैलाने का प्रयास कर ले, प्रदेश की जनता सच्चाई और सरकार के कार्यों को भलीभांति जानती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि असत्य बोलने और भ्रष्टाचार करने में पीएचडी होती, तो विपक्ष में बैठे कई लोग उसके विशेषज्ञ होते।श्री साय ने कहा कि शायद विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा है कि एक छोटे से गांव के आदिवासी किसान का बेटा आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद पर बैठकर प्रदेश की सेवा कर रहा है। कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति और आदिवासी समाज का दशकों तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासी समाज को वास्तविक सम्मान, अधिकार और विकास के अवसर दिए।उन्होंने कहा कि श्रद्धेय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के समग्र विकास के लिए केंद्र में अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया। आज आदिवासी समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के रूप में विराजमान हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। कांग्रेस ने लंबे शासनकाल के बावजूद इन समुदायों की बुनियादी आवश्यकताओं और विकास की चिंता नहीं की।श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का ऐतिहासिक कार्य भी श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। वर्ष 2003 में भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मजबूत सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू की, जिसकी पूरे देश में सराहना हुई। इसी संवेदनशील व्यवस्था के कारण वे जन-जन में “चाउर वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय हुए।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन पांच वर्ष का पूरा कार्यकाल ढाई-ढाई वर्ष की कुर्सी की खींचतान में निकल गया। कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र के 36 वादों में से एक भी वादा शत-प्रतिशत पूरा नहीं किया। उसके शासन में प्रदेश में यह धारणा बन गई थी कि कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा, जिसे कांग्रेस सरकार ने ठगा न हो।उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता को जो वचन दिए, उन्हें “मोदी की गारंटी” का नाम दिया गया। मोदी की गारंटी का अर्थ है—गारंटी पूरी होने की गारंटी। हमारी सरकार ने मात्र ढाई वर्षों में अपने अधिकांश प्रमुख वादों को धरातल पर उतार दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के कारण 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास से वंचित रखा। केंद्र सरकार के बार-बार आग्रह और पत्राचार के बावजूद गरीबों के मकान स्वीकृत नहीं किए गए। हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ लेने के अगले ही दिन, 14 दिसंबर को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की।उन्होंने बताया कि बीते ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1600 मकान बनाए जा रहे हैं। सरकार पूर्ववर्ती शासन द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्यों को भी बिना किसी भेदभाव के पूरा कर रही है। गरीबों के सिर पर पक्की छत देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की ढाई वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सलवाद की समाप्ति है। कभी ऐसा प्रतीत होता था कि इस समस्या का समाधान संभव नहीं होगा, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हुआ है।उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने केंद्र के साथ आवश्यक समन्वय नहीं किया, जिसके कारण देश में बचा अधिकांश नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में केंद्रित रहा। हमारी सरकार ने सुरक्षा और विकास की समन्वित रणनीति अपनाई। अब बस्तर में शांति लौट रही है और विकास की नई शुरुआत हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर संभाग को देश का सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प व्यक्त किया है और राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से 5 लाख 60 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष एकमुश्त 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सरकार लगातार दो वर्षों से इस योजना का लाभ प्रदान कर रही है।किसानों के लिए खाद की उपलब्धता पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद के लक्ष्य के विरुद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है। अब तक 7.27 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित किया जा चुका है। राज्य की मांग पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने अतिरिक्त 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया है।सिंचाई क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों में केवल 9667 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ाई थी, जबकि हमारी सरकार ने ढाई वर्ष में 19 हजार 500 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का विस्तार किया है। कांग्रेस शासन में पांच वर्षों में सिंचाई योजनाओं के लिए 5794 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्ष में ही 11 हजार 107 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की हैं। सिंचाई के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को लगातार दो वर्षों में उत्कृष्ट राज्य का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत—जी राम जी योजना प्रदेश में 1 जुलाई से लागू हो चुकी है। ग्रामीण रोजगार का बजट 4 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6 हजार करोड़ रुपये किया गया है। योजना में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान का प्रावधान है। निर्धारित समय पर मजदूरी नहीं मिलने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश की 6 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। एक लाख रुपये तक का बैंकिंग लेन-देन भी गांव में ही संभव हो रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर शोरूम खोले जाएंगे। इसके लिए राज्य बजट में प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ेगी।महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अतिरिक्त रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण का कार्य फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा जा रहा है। कुछ जिलों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं से यह रोजगार छीनकर निजी हाथों में दे दिया था।उन्होंने बताया कि प्रदेश की 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क में बड़ी रियायत दी जा रही है। ये निर्णय महिलाओं को केवल सहायता प्राप्त करने वाली हितग्राही नहीं, बल्कि संपत्ति की स्वामी और आर्थिक निर्णयों की भागीदार बना रहे हैं।भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार में शराब दुकानों में दो-दो कैश काउंटर चलने की चर्चा पूरे प्रदेश में थी। एक काउंटर का पैसा सरकारी खजाने में जाता था और दूसरे काउंटर की राशि कहां जाती थी, यह प्रदेश की जनता जानती है। पिछली सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के बजाय दिल्ली दरबार के लिए एटीएम बनकर रह गई थी।मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 सीटों से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि इस वर्ष इसी छात्रावास के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। आदिवासी युवाओं को देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचाने के लिए सरकार हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है।कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार 16 जिलों से बढ़ाकर सभी 33 जिलों में किया गया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ढाई वर्षों में 9 साइबर थाने खोले गए हैं और 5 नए साइबर थाने प्रारंभ किए जाएंगे। इसके विपरीत पिछली सरकार पांच वर्षों में केवल पांच साइबर थाने खोल पाई थी।युवाओं के रोजगार और पारदर्शी भर्ती के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के समान पदों के लिए सात श्रेणियों में संयुक्त भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। भर्ती परीक्षाएं अब नियमित रूप से हर वर्ष होंगी, जिससे युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों में पुलिस विभाग में 4174 पदों पर भर्ती की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ढाई वर्षों में ही 7 हजार युवाओं की भर्ती कर चुकी है। आने वाले समय में पुलिस विभाग के 7 हजार अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है और प्रकरण के दोषी जेल में हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सेतु योजना के अंतर्गत प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। इसके लिए छह क्लस्टर बनाए गए हैं और प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे युवाओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।श्री साय ने बताया कि प्रदेश में निफ्ट, नाइलिट और फोरेंसिक यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। पिछली सरकार के पांच वर्षों में केवल 8673 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 22 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग के माध्यम से 42 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र का कार्य प्रारंभ हो चुका है। ऊर्जा क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को रियायती बिजली से मुफ्त बिजली की ओर ले जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 70 हजार से अधिक घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और प्रतिदिन 500 से अधिक घर इस योजना से जुड़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में 78 हजार 898 सिंचाई पंपों का ऊर्जीकरण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में ही 1 लाख 2 हजार 845 पंपों का ऊर्जीकरण कर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया है। किसानों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी 9145 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 14 हजार 198 करोड़ रुपये की गई है। यह अन्नदाताओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास निधि में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था बनाई थी, लेकिन पिछली सरकार के समय इस जनकल्याणकारी निधि को भी कमीशनखोरी का माध्यम बना दिया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिला, आदिवासी और श्रमिक सहित समाज के प्रत्येक वर्ग का विश्वास सरकार के साथ है। विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव प्रदेश की जनता द्वारा बार-बार दिए गए प्रचंड जनादेश और सरकार की उपलब्धियों को नकारने का असफल प्रयास है।उन्होंने कहा कि जनता ने वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार के विश्वासघात और कुशासन का हिसाब कर उसे सत्ता से उखाड़ फेंका। अब वही विपक्ष तथ्यहीन आरोपों के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता भ्रम और असत्य की राजनीति को पहचान चुकी है। सत्य, विकास और जनविश्वास के मार्ग पर चलते हुए हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प अवश्य पूरा करेगी।
- -कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव खारिज होना उसकी राजनीतिक दुर्दशा और दिशाहीनता का सबसे बड़ा प्रमाणरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के औंधे मुँह गिरने पर कहा है कि इस प्रस्ताव का खारिज होना इस बात का स्पष्ट और जीवन्त परिचायक है कि कांग्रेस पर से न सिर्फ सदन का, बल्कि छत्तीसगढ़ की देवतुल्य जनता-जनार्दन का विश्वास भी पूरी तरह खत्म हो चुका है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कांग्रेस की राजनीतिक दुर्दशा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है, जहाँ उसके पास न तो कोई दिशा है और न ही कोई नेतृत्व। बिना किसी ठोस तथ्य, तर्क और आधार के लाया गया यह अविश्वास प्रस्ताव दरअसल भाजपा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और उसके मानसिक दिवालियेपन का हताश प्रदर्शन था। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भारी बहुमत से भाजपा को सेवा का मौका दिया है। मात्र कुछ ही महीनों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारा है। कांग्रेस इस जन-हितैषी विकास को पचा नहीं पा रही है। श्री देव ने कहा कि कांग्रेस आज पूरी तरह बिखर चुकी है। सदन में उनके पास सरकार को घेरने का कोई वास्तविक मुद्दा नहीं था। यह अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ मीडिया की सुर्खियाँ बटोरने और अपनी अंदरूनी कलह को छिपाने का एक असफल ड्रामा था।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस का प्रस्ताव का ध्वस्त होना यह सिद्ध करता है कि सत्य और सुशासन के सामने झूठ की राजनीति कभी टिक नहीं सकती। जनता का आशीर्वाद भाजपा सरकार के साथ है और रहेगा। कांग्रेस को अब नकारात्मक राजनीति छोड़कर आत्मचिंतन करना चाहिए। जो दल खुद अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं का विश्वास खो चुका हो, वह जनता के विश्वास की बात कैसे कर सकता है? छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के पाँच साल के कुशासन, भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी को भूली नहीं है और यही वजह है कि आज कांग्रेस राजनीतिक हाशिए पर जा पहुँची है। श्री देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बिना रुके, बिना थके छत्तीसगढ़ के विकास और जन-कल्याण के संकल्प को पूरा करती रहेगी।
- - महाराष्ट्र मंडल में दो दिवसीय कार्यशाला शुरू, भारतीय विद्या पारंगत पुणे के मोहिते ने छत्रपति शिवाजी पर दी अहम जानकारीरायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज की स्थापना के लिए अपने राज्याभिषेक के बाद सन् 1676 से 1678 तक दक्षिण विजय के लिए ऐसी स्ट्रटीजिक डेप्थ (सामरिक गहराई) बनाई कि इन दो सालों में मराठा साम्राज्य तुंगभद्रा नदी से कावेरी तक फैल गया। अभियान की शुरुआत में शिवाजी महाराज के पास 50 किले थे, लेकिन इन दो सालों में शिवाजी महाराज ने 360 किलों में जीत हासिल की। सभी किले युद्ध में नहीं जीते गए, बल्कि कुछ किले रणनीति के साथ मराठा साम्राज्य में शामिल किए गए। महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में ‘हिंदवी स्वराज्य से साम्राज्य तक’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन भारतीय विद्या पारंगण पुणे से पहुंचे विक्रम सिंह मोहिते ने इस आशय की जानकारी दी।मोहिते ने कहा कि छत्रपति शिवाजी का दक्षिण दिग्विजय (1676-1678), उनके जीवन की सबसे लंबी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विजय यात्रा थी। राज्याभिषेक के बाद स्वराज्य का विस्तार करने और मुगलों के खिलाफ अंतिम लड़ाई के लिए मजबूत आर्थिक-भौगोलिक आधार तैयार करने के लिए यह अभियान चलाया गया। इस महाअभियान की शुरुआत सन् 1676 को हुई। दक्षिण की ओर बढ़ते हुए, उन्होंने गोलकुंडा के सुल्तान कुतुबशाह के साथ एक ऐतिहासिक मैत्री संधि की। सुल्तान ने मराठों की बढ़ती ताकत से भयभीत होकर उन्हें भारी धन और तोपखाने की मदद दी।विक्रम सिंह मोहिते ने आगे बताया कि दक्षिण दिग्विजय अभियान के दौरान मराठा सेना आगे बढ़ते हुए कर्नाटक और तमिलनाडु के विस्तृत क्षेत्रों को अपने कब्जे में लिया। उन्होंने आदिलशाह से जींजी और वेल्लोर के अभेद्य किलों को जीत लिया। इससे मराठा साम्राज्य का राजकोष कई गुना बढ़ गया और दक्षिण में मुगलों के विस्तार को रोकने के लिए एक मजबूत मराठा सत्ता स्थापित हो गई। मोहिते ने समझाया कि राजा अपनी सल्तनत का होता लेकिन महाराजा तो राजाजों का भी राजा होता है। इसी तरह छत्रपति शिवाजी महाराजा थे।मोहिते के अनुसार उनका राज्याभिषेक हुआ था लेकिन असल में वह राज्य का नहीं राजा का अभिषेक हुआ था, अनेकानेक दायित्व व कर्त्तव्य बोध के साथ। वहीं शिवाजी महाराज छत्रपति थे। छत्रपति का आशय राजा के सर पर छत्र का होना है लेकिन शिवाजी के संदर्भ में छत्रपति का मतलब प्रजा को अपनी छत्रछाया में लेने वाला होता है अर्थात सही मायनों में शिवाजी छत्रपति व महाराजा थे जिनका राजा अभिषेक हुआ था।कार्यशाला के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महानगर प्रचारक मनोज कश्यप ने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हिंदुस्तानी है, सनातनी है। यहीं शिवाजी जैसे पराक्रमी महाराज भी हैं, जिन्होंने हिंदवी स्वराज की स्थापना की। उनके बारे में जितनी भी जानकारी हासिल करो, कम है। ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने वाले हर व्यक्ति को कॉपी-पेन लेकर बैठना चाहिए क्योंकि यहां ऐसी- ऐसी जानकारी और तथ्य बताए- दिखाए जाएंगे, जिसे आप दोबारा आसानी से देख, सुन या ढूंढ नहीं पाएंगे। इस तरह महाराष्ट्र मंडल में यह आयोजन प्रशंसनीय है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को हमारे पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। ताकि अपने शुरुआती शैक्षणिक जीवन में ही बच्चे शिवाजी महाराज के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल कर उनसे प्रेरित हो सकें। महाराष्ट्र मंडल गत चार वर्षों 19 फरवरी को शिवाजी जयंती और 6 जून को शिवाजी राज्याभिषेक दिवस समारोह का धूमधाम से आयोजन कर रहा है। वहीं प्रति माह 19 तारीख को शिवाजी महाराज की महाआरती के अभियान को भी अब चार साल होने को आए हैं। काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज से संबंधित कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब हमने अलग से छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति गठित की है, जो सिर्फ शिवाजी महाराज से संबंधित कार्यक्रम ही आयोजित करेगी। यह कार्यशाला भी इसी नवगठित समिति ने आयोजित की है। इसमें बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों के साथ- साथ हर आयु के लोग भी उपस्थित हैं। कार्यक्रम का संचालन छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के पुरुष अध्यक्ष गणेशा जाधव पाटिल और महिला प्रमुख रीना रितेश बाबर ने किया। समिति के समन्वयक अभिषेक बक्षी ने आभार प्रदर्शन किया।
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-निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के दिए सख्त निर्देश
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने 'मॉर्निंग विजिट' के तहत शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख विकास परियोजनाओं का धरातलीय निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण कार्यों को समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी।आयुक्त ने गोठान की व्यवस्थाओं को देखा और मवेशियों के लिए चारे-पानी के समुचित प्रबंध सहित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए तैयार हो रहे निर्माणाधीन स्विमिंग पूल, हॉर्स राइडिंग, स्केटिंग ट्रैक सहित नालंदा परिसर का निरीक्षण कर गुणवत्ता युक्त कार्य के साथ निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा। शहर की लाइफलाइन 77 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न स्थलों के सैंपल परीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कचांदुर में बन रहे निर्माणाधीन एसटीपी का बारीकी से निरीक्षण किया गया, यह शासन की महत्वपूर्ण बड़ी योजना में से है। इस ट्रीटमेन्ट प्लांट के निर्माण पश्चात् कोसानाला एवं तेलहा नाला के अपशिष्ट जल का उपचार कर औद्योगिक, कृषि, बागवानी एवं अन्य कार्य हेतु उपयोग किया जाएगा।खुर्सीपार स्थित एसएलआरएम सेंटर का भी जायजा लिया गया, जहां कचरा प्रबंधन को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त डी. के. कोसरिया, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल एवं सुनील जैन, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता फत्ते लाल साहू, श्वेता वर्मा, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, अशोक देवांगन, चंदन निर्मल, विनय शर्मा सहित निगम के अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। - रायपुर ।प्रेस क्लब में स्वदेश ज्योति के मैनेजिंग एडिटर श्री अक्षत शर्मा का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने उन्हें प्रेस क्लब का पारंपरिक गमछा पहनाकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में स्वदेश में अलग-अलग समय पर कार्य कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों ने श्री अक्षत शर्मा की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ पत्रकारों ने स्वदेश में उनके साथ काम करने के दौरान की यादों को साझा किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा।संवाद कार्यक्रम के दौरान श्री अक्षत शर्मा ने वर्तमान पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रयोग और उसके प्रभावों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एआई पत्रकारिता के लिए एक उपयोगी तकनीक साबित हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही इसके दुरुपयोग और पत्रकारों की रचनात्मकता व बौद्धिक क्षमता पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग पत्रकारिता को मजबूत बनाने के लिए होना चाहिए, न कि पत्रकारों की सोच और विश्लेषण क्षमता का विकल्प बनने के लिए। पत्रकारिता में मानवीय संवेदनाओं, तथ्यों की पड़ताल और निष्पक्ष दृष्टिकोण का महत्व हमेशा बना रहेगा।इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा समाधान भी है और उतनी ही बड़ी चुनौती भी। उन्होंने कहा कि एआई जहां पत्रकारों के कार्य को अधिक तेज, प्रभावी और शोधपरक बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर यह पत्रकारों के पारंपरिक कार्य और रोजगार के स्वरूप में तकनीकी हस्तक्षेप के कारण नई चुनौतियां भी पैदा कर रहा है। इसलिए पत्रकारों को तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखते हुए अपनी मौलिकता और विश्वसनीयता बनाए रखनी होगी।कार्यक्रम का संचालन संवादात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें पत्रकारों ने पत्रकारिता के भविष्य, तकनीक और मीडिया की बदलती भूमिका पर खुलकर विचार साझा किए।इस अवसर पर प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, नरेंद्र बंगाले , चंद्रकांत दौंड, प्रहलाद दमाहे, प्रत्यूष शर्मा, जावेद खान, रमेश पाण्डेय पंकज चौहान, विनय घाटगे, विजय मिश्रा ,मनोज देवांगन, लवकुश शुक्ला , हेमन्त डोंगरे, आशीष झा, देवेंद्र सिन्हा, लवलेश द्विवेदी विक्रम साहू ,सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।








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