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समूह की अन्य दीदियों को भी मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
बिलासपुर/बिल्हा ब्लॉक के ग्राम बसहा की रहने वाली श्रीमती सविता कश्यप आज बिहान योजना से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। वे ’’राधे-राधे महिला स्व सहायता समूह’’ की सक्रिय सदस्य हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हुए और उन्होंने अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती सविता कश्यप को ’’आरएफ एवं सीआईएफ ऋण’’ की सुविधा प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने में किया। समूह के माध्यम से वे अब ’’आचार, पापड़, बड़ी और बिजौरी’’ जैसे विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में विक्रय कर उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। पहले जहां घरेलू कार्यों तक ही उनकी गतिविधियां सीमित थीं, वहीं अब वे अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। अपने उत्पादों की गुणवत्ता और मेहनत के कारण उन्हें ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
श्रीमती सविता कश्यप बताती हैं कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह की बैठकों और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें नई जानकारी एवं अनुभव प्राप्त होते हैं। समूह की अन्य दीदियों के साथ मिलकर काम करने से उन्हें उत्पादन, विक्रय और आजीविका गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने का अवसर मिल रहा है। बिहान योजना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्रीमती सविता कश्यप की यह कहानी बताती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और आवश्यक आर्थिक सहायता मिले, तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी कायम कर सकती हैं। -
यातायात प्रबंधन सुदृढ़ करने के निर्देश
कोटपा अधिनियम और नशा मुक्ति के तहत अभियान चलाने पर भी दिया गया जोर
रायपुर। कलेक्टरेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं NCORD की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने हेतु विस्तृत चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर सड़क संरचना, रोड डिवाइडर, नाली-ड्रेनेज सिस्टम, विद्युत पोल, स्ट्रीट फर्नीचर एवं अन्य तकनीकी खामियों के कारण यातायात प्रवाह बाधित होकर जाम एवं दुर्घटना की स्थिति निर्मित होती है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। जिले में यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही स्कूल एवं कॉलेजों के पास कोटपा अधिनियम के तहत गुटखा-तंबाकू बेचने वाली दुकानों को सील करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन निर्णयों से जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर नशा मुक्ति के खिलाफ विभिन्न बस्तियों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और टीम प्रहरी के माध्यम से बाजारों में लगने वाले अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए।
बैठक के प्रमुख एजेंडा --
संकेतक बोर्ड एवं डिवाइडर : वीआईपी रोड पर नो पार्किंग, धीरे चलें, गतिसीमा, रॉन्ग साइड न चलें, सावधान क्रॉसिंग जैसे संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। श्रीराम मंदिर तिराहा से मंदिर तक बने अस्थायी डिवाइडर को स्थायी रूप दिया जाएगा। तेलीबांधा चौक से किंग्सवे होटल रोड तक डिवाइडर एवं तेलगानी नाका क्षेत्र में स्थित गैरेज के विस्थापन पर चर्चा की गई। 2. सर्विस रोड एवं निर्माण : सर्विस रोड का चौड़ीकरण, नए सर्विस रोड निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों पर चर्चा की गई। 3. सात चौराहों पर सिग्नल : यातायात सुगमता के लिए निम्न 7 चौराहों पर सिग्नल लगाने की आवश्यकता बताई गई: द्रोणाचार्य स्कूल चौक - केनाल लिंकिंग रोड, राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र - कमल होटल के पास चौक - पुराना धमतरी रोड, बोरियाकला तिराहा के पास - अनुपम गार्डन चौक - जी.ई. रोड, धुप्पड़ पेट्रोल पंप के पास - एम्स गेट नंबर 4 के सामने चौक - जी.ई. रोड - मंडी गेट तिराहा - पंडरी कपड़ा मार्केट के आगे - पंडरी थाना के सामने दुबे कॉलोनी तिराहा - व्यास तालाब तिराहा - रायपुर-बिलासपुर मार्ग, खमतराई थाना क्षेत्र शामिल है।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, डीसीपी ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा, एसीपी ट्रैफिक श्री सतीश ठाकुर, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। -
व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ग्राम स्तर पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा के लिए आज संभागीय आयुक्त कार्यालय, रायपुर के सभागार में संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार जिलों के संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संभागायुक्त श्री धावड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए तथ्यात्मक, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होने तथा L1 स्तर पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने के कारण प्रकरणों के L2 एवं L3 स्तर तक एस्केलेट होने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए। ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित अधिकारी समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
संभागायुक्त ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामों में सहज एवं दृष्टिगोचर स्थानों पर वॉल पेंटिंग, सूचना पट्ट एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए हेल्पलाइन की जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि आमजन को शिकायत एवं समस्या दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त सफलता की कहानियों, सकारात्मक समाचारों एवं Positive News/Impact Analysis का नियमित प्रकाशन एवं प्रसारण कराने के निर्देश दिए गए। हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की समस्याओं के निराकरण तथा शासन की उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यप्रणाली से उत्पन्न सकारात्मक परिणामों को जनसामान्य तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
जिला स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, जनचौपाल, जनदर्शन एवं अन्य जनसंपर्क कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नागरिकों को इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने ग्राम स्तर पर सहायता केंद्र/कियोस्क आदि की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि अशिक्षित अथवा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से अनभिज्ञ नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने में सहायता मिल सके। इसके लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र, CSC एवं अन्य डिजिटल सेवा केंद्रों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
साथ ही, ग्राम सचिवों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की आवेदन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं शिकायत दर्ज कराने के संबंध में आमजन को आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
आगामी ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए गए। ग्रामवासियों को हेल्पलाइन की उपयोगिता, आवेदन प्रक्रिया तथा शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्रदान करने को कहा गया।
जिले के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली समय-सीमा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए। साथ ही, निर्देशों के पालन एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण के साथ-साथ इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। -
एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने आंगनबाड़ी में बच्चों संग मनाया अपना जन्मदिन
रायपुर/ “प्रोजेक्ट आओ, बाँटें खुशियाँ” के तहत रायपुर जिले में जन्मदिन को खुशियों की सौगात बनाने की अनोखी पहल जारी है। इसी क्रम में एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने आज अपने जन्मदिन को एक यादगार दिवस में बदल दिया।
श्रीमती पैकरा ने अपना जन्मदिन आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 4 ग्राम परसदा, सेक्टर मंदिर हसौद में बच्चों के बीच न्योता भोज का आयोजन कर मनाया। उन्होंने बच्चों के साथ केक काटा तथा पौष्टिक भोजन भी परोसा। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को कलर पेंसिल और चॉकलेट्स उपहारस्वरूप दिए, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।
बच्चों की मुस्कुराहटें, उनकी चहकती आंखें और खिलखिलाहटों से भरा यह पल न केवल स्नेह और अपनत्व का प्रतीक था, बल्कि यह संदेश भी था कि खुशियाँ तब और बढ़ती हैं, जब उन्हें बांटा जाता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह अभिनव पहल कर्मचारियों को यह प्रेरणा देती है कि वे अपनी व्यक्तिगत खुशियाँ समाज के सबसे प्यारे और कोमल वर्ग बच्चों के साथ साझा करें। -
छात्रावास-आश्रम पोर्टल में पारदर्शिता हेतु पहल
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, छात्रावास-आश्रम प्रबंधन प्रणाली पोर्टल (https://hmstribal.cg.nic.in) पर प्रवेशित समस्त छात्र-छात्राओं की जानकारी अब पोर्टल के होम पेज पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। नागरिक एवं अभिभावक पोर्टल के लिंक https://hmstribal.cg.nic.in पर जाकर "विद्यार्थी उपस्थिति रिपोर्ट" मेनू के माध्यम से प्रवेशित विद्यार्थियों का ब्योरा देख सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं विशिष्ट संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की जानकारी के साथ-साथ उनकी प्रतिमाह की उपस्थिति रिपोर्ट भी अगले माह की 10 तारीख तक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शासन की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति तथा जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना' (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे विद्यार्थियों की जानकारी भी इसी पोर्टल के "नया क्या है" टैब पर उपलब्ध करा दी गई है। -
- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया शौर्य वाटिका का भूमिपूजन, करीब 79 लाख के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
दुर्ग/ जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही शौर्य वाटिका में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।
करीब 79 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है।
उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।
उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर श्री सांसद विजय बघेल, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक रामू राम चक्रधर, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे। -
-कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग ने बानबरद में अवैध देशी मदिरा की जब्त
दुर्ग/ विगत दिवस कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त अवैध शराब बिक्री की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के परिपालन में तथा प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग जिला-दुर्ग की संयुक्त टीम ने त्वरित दबिश देकर बानबरद (अहिवारा) में छापेमारी की। कार्रवाही के दौरान आरोपी जगतू धीवर (निवासी बानबरद) के कब्जे से 22 नग पाव देशी मदिरा मसाला (कुल 3.960 बल्क लीटर, बाजार मूल्य 2200 रुपये) जब्त की गई। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) का उल्लंघन पाए जाने पर आबकारी वृत्त धमधा में आरोपी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस जांच टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री पंकज कुजूर तथा आबकारी उप निरीक्षक श्री हरीश पटेल, श्री अरविंद साहू एवं श्रीमती कीर्ति ठाकुर शामिल थे। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग ने 22 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस सूची में संयुक्त संचालक से लेकर सहायक ग्रेड-3 तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। जिनमे एक संयुक्त संचालक, 4 उप संचालक, 5 सहायक संचालक, 7 सहायक सूचना अधिकारी के अलावा एक सहायक ग्रेड-1, 2 सहायक ग्रेड-2 और 2 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी के नाम शामिल हैं l

- -हर-घर जल के लिए कलेक्टर व्यक्तिगत रूचि लें : मुख्य सचिव-पूर्ण योजनाओं को करायें भौतिक सत्यापनरायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रदेश में जल-जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की। मुख्य सचिव ने जिलों के कलेक्टरों से उनके जिले के जल-जीवन मिशन के कार्यों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे जल-जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुचांने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर काम करें। लोगों के घरों में नलों से पानी मिल इसके लिए चलायी जा रही स्कीमों को तहत पूर्ण करायें। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन करायें और पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं के लंबित भुगतान शीघ्र करायें। मुख्य सचिव ने साफ कहा है जल जीवन मिशन के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित योजनाओं एवं क्रेडा संबंधित नल-जल योजनाओं के कार्यों के संबंध में विचार विमर्श किया गया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की कार्यवाही शीघ्रता से करने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टरों को स्त्रोत समस्यामूलक योजनाओं के कार्यों को स्थानीय निधि से पूर्ण कराने कहा गया है।मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जहां सब इंजीनियरों की कमी है वहां पर दूसरे विभागों के इंजीनियरों से जल-जीवन मिशन के कार्यों को कराने के लिए कार्यवाही करें। कॉन्फ्रेंस में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके।बैठक में 55 एलपीसीडी 7 दिवसों से कम जल प्रदाय की जा रही स्कीमों की जानकारी अधिकारियों से ली गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित छत्तीसगढ़ निवास में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मुलाकात की। उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्री किरण सिंह देव से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
- -नगरीय निकायों के प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी-नालंदा परिसरों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश-बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत तथा टेंडर हो चुके कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने कहा-लोगों की समस्याओं के संवेदनशीलता से निराकरण और समन्वय से कार्य करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने जांजगीर जिला मुख्यालय में अपने चारों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर दोनों जिलों में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों जिलों में संचालित विभागीय योजनाओं, विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी दी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। उन्होंने कार्य प्रारंभ करने में देरी तथा कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने जांजगीर एवं सक्ती में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए इन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।श्री साव ने 15वें वित्त आयोग एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने तथा जल आवर्धन योजना के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण को प्रभावी बनाने, एनर्जी बिल ऑडिट कराने तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि एवं पीएम आवास योजना सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए।लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुके कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं प्रगतिरत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सड़कों पर बने गड्ढों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की स्थिति बेहतर होने से नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए श्री साव ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण एवं हैंडओवर की जा चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन एवं नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक रूप से बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल गतिविधियों के आयोजन से बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे। खेलों से बच्चों एवं युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने तथा खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं सहयोग की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता एवं सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं एवं कार्यों के निराकरण की उम्मीद लेकर कार्यालय आते हैं। उनके प्रति सकारात्मक एवं सहयोगात्मक रवैया रखें, ताकि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें और कार्यालयीन कार्यों के लिए बेहतर वातावरण निर्मित हो।जांजगीर-चांपा के कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, सक्ती के कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो और जिला पंचायत के सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम सहित लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
- - विभागीय कार्यों की समीक्षा की, अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन फील्ड में रहने के दिए निर्देश-ठेकेदारों के कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग कर निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित कराने कहारायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बिलासपुर परिक्षेत्र के विभागीय एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने और सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में विभागीय अभियंताओं से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्णता विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सड़कों और पुलों के नए प्रस्ताव तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों और बढ़ते यातायात को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे।श्री बंसल ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करने तथा प्राक्कलन से लेकर निविदा की प्रक्रिया तक सभी कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को अपने जिले के कलेक्टरों से बेहतर समन्वय रखने को कहा, ताकि निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों तथा कार्यस्थलों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो और काम की गति बनी रहे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन फील्ड में रहकर निर्माण कार्यों की कड़ी मॉनिटरिंग और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों के कार्यों पर लगातार नजर रखने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़कों और भवनों के निर्माण के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता की जांच करने को कहा, ताकि मजबूत और टिकाऊ निर्माण हो सके।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ऐसे नए कार्यों जिनकी निविदा हो चुकी है, उन्हें अक्टूबर तक शुरू करने को कहा। उन्होंने काम शुरू होने के बाद उसकी गति और गुणवत्ता दोनों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और पुलों के रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़कें साफ-सुथरी, सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने बरसात में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और पुलों की तत्काल मरम्मत करने को कहा, ताकि लोगों की आवाजाही बाधित न हो। श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को एसडीएम से मिलकर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए अधिग्रहित भूमि के नामांतरण की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन के नए और पुराने प्रकरणों के नामांतरण की कार्यवाही एक माह में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने जमा पद के पूर्ण कार्यों को तत्काल संबंधित विभागों को हैंडओवर करने को कहा।विभागीय सचिव ने बैठक में विश्रामगृहों और सर्किट-हाउसों के संचालन एवं रखरखाव की भी जानकारी ली। उन्होंने विभाग के भवनों में बेहतर साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ ही पूरे परिसर को व्यवस्थित रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग की उप सचिव सुश्री अंशिका पाण्डेय, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और श्री जी.एस. मंडावी तथा अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत सहित बिलासपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
- -बहनों के प्यार से महकेगी भाइयों की कलाई : वन मंत्री केदार कश्यपरायपुर ।खस की जड़ों से बनी अनोखी और पर्यावरण-कल अनुकूल राखियां पानी की एक बूंद पड़ते ही अपनी प्राकृतिक और सोंधी खुशबू बिखेरने लगती हैं। ये राखियां पूरी तरह प्राकृतिक, हाथ से बनी और बायोडिग्रेडेबल होती हैं, जो त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं।इस रक्षाबंधन भाइयों की कलाई पर बंधने वाली राखियां सिर्फ बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक नहीं होंगी, बल्कि अपनी खुशबू से एक अनोखा एहसास भी कराएंगी। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक औषधीय एवं सुगंधित पौधों से जुड़ी स्थानीय प्रतिभा और हुनर को बढ़ावा देते हुए खस से विशेष राखियों का निर्माण किया जा रहा है। इन राखियों की खासियत यह है कि पानी की बूंद पड़ने, नमी आने या गीली होने पर इनमें से मनमोहक खुशबू निकलती है। यानी अब भाइयों की कलाई महकेगी बहन के प्यार से।वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप वन संपदा और पारंपरिक औषधीय पौधों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। इसी संवेदनशील पहल को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा खस जैसी सुगंधित वनस्पति के उपयोग से राखियों को नया स्वरूप दिया जा रहा है।बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा महिला स्व सहायता समूह, नारी जिला धमतरी की 10 महिलाओं द्वारा 1000 तैयार की गई है। ये राखियां परंपरागत भावनाओं को आधुनिक सोच से जोड़ने का सुंदर उदाहरण हैं। इनमें छत्तीसगढ़ की वन संपदा, स्थानीय हुनर और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खुशबू एक साथ महसूस की जा सकती है।खस से बनी इन राखियों की सबसे खास विशेषता उनकी प्राकृतिक खुशबू है। सामान्य राखियां जहां केवल कलाई की शोभा बढ़ाती हैं, वहीं ये विशेष राखियां नमी के संपर्क में आने पर अपनी सुगंध बिखेरती हैं। बारिश के मौसम में या हाथ धोते समय पानी की बूंद पड़ने पर राखी से उठती खुशबू भाई को बहन के स्नेह का अनोखा एहसास कराएगी।इन राखियों का निर्माण केवल रक्षाबंधन के त्योहार को खास बनाने की पहल नहीं है, बल्कि यह वन आधारित उत्पादों को बाजार से जोड़ने और स्थानीय हुनर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खस जैसी उपयोगी वनस्पतियों से तैयार उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।इस नवाचार के संदर्भ में वन मंत्री श्री केदार कश्यप कहते हैं कि सचमुच ! इस रक्षाबंधन में बहनों का प्यार बांधेगा राखी, और महकेगी भाइयों की कलाई। इस बार जब बहन अपने भाई की कलाई पर खस से बनी यह राखी बांधेगी, तो उसके साथ सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ा स्नेह भी बंधेगा। पानी की बूंद के साथ जब राखी महकेगी, तो भाई को बहन के प्यार और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की खुशबू एक साथ महसूस होगी।
- -200 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से हुई सकारात्मक चर्चा-बलौदाबाजार के औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का जल्द होगा विस्ताररायपुर / छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति के साथ-साथ श्रमिकों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार के विशाल सीमेंट, पावर एंड स्टील प्लांटस, सहित अनेक लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र तथा अन्य संस्थानों में दिन-रात पसीना बहाने वाले हजारों मजदूरों की वर्षों पुरानी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा एक बड़ी पहल हुई है।सीमेंट, पावर एवं स्टील फैक्ट्रियों की बहुलता वाले बलौदाबाजार जिले में अब तक गंभीर बीमारियों और हादसों के वक्त श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे बड़े जिलों की ओर रुख करना पड़ता था और आपातकालीन स्थितियों में यह दूरी जानलेवा साबित होती थी। इस बड़ी व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की पहल पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में आज चर्चा हुई।मुलाकात के दौरान बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले सर्व सुविधायुक्त ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने इस संवेदनशील जनहित मुद्दे पर बेहद गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है, जिससे जल्द ही क्षेत्र की जनता को एक आधुनिक अस्पताल की सौगात मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।बलौदाबाजार जिले में वर्तमान में 17,942 पंजीकृत कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत 18,308 बीमित व्यक्तियों को सीधा लाभ मिल रहा है। बीमितों की यह अधिक संख्या स्पष्ट करती है कि इस सुरक्षा चक्र का लाभ न केवल श्रमिकों, बल्कि उनके पूरे परिवार तक पहुंच रहा है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 31 मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में 15,66,430 कर्मचारी ईएसआईसी में दर्ज हैं, जिनमें 6,27,260 बीमित पुरुष और 79,237 बीमित महिलाएं शामिल हैं। राज्य में ईएसआईसी के तहत कुल 37,283 नियोजक पंजीकृत हैं, जिनमें से 13,426 सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रहे हैं।कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की यह व्यवस्था श्रमिकों को सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि बीमारी, मातृत्व और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान आर्थिक संबल भी प्रदान करती है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सार्थक पहल पर बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले अस्पताल के निर्माण से न केवल समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, बल्कि पूरे प्रदेश के संगठित श्रमिक वर्ग में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत होगी।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद सभी निकायों को राशि आबंटन के आदेश जारी-वेतन व सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के साथ ही मरम्मत, संधारण कार्यों तथा अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों से निपटने में मिलेगी सहायतारायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के 158 नगरीय निकायों में विभिन्न मदों में कुल 74 करोड़ 88 लाख 17 हजार रुपए आबंटित किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने सभी निकायों को राशि आबंटन के आदेश जारी कर दिए हैं।नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 10 नगर निगमों को कुल 45 करोड़ 7 लाख 90 हजार रुपए आबंटित किए हैं। वहीं 48 नगर पालिकाओं को कुल 18 करोड़ 60 लाख 34 हजार रुपए तथा 100 नगर पंचायतों को कुल 11 करोड़ 19 लाख 92 हजार रुपए आबंटित किए गए हैं। विभाग द्वारा निकायों को अनिवार्य निधि, राजस्व वसूली, चुंगी क्षतिपूर्ति, उत्पाद कर, बार लाइसेंस तथा मुद्रांक मद के अंतर्गत यह राशि आबंटित की गई है। विभाग द्वारा जारी इस राशि से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर वेतन भुगतान तथा सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के साथ ही मरम्मत, संधारण कार्यों तथा अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों से निपटने में भी सहायता मिलेगी।
- प्राकृतिक मिट्टी से मूर्तियां बनाएं- महापौर मीनल चौबे एवं सभापति सूर्यकान्त राठौड़ एवं संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी की सभी मूर्तिकारों, कलाकारों से विनम्र अपीलरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ एवं नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने समस्त मूर्तिकारों एवं कलाकारों से श्री गणेशोत्सव हेतु भगवान श्री गणेश की प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी ) की मूर्तियां नहीं बनाने एवं निर्धारित मानकों के अनुसार प्राकृतिक मिट्टी से गणपति बप्पा की मूर्तियां बनाने की विनम्र अपील रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग की ओर से की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ एवं संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने समस्त मूर्तिकारों और कलाकारों को मूर्ति निर्माण के सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( एनजीटी ) द्वारा मूर्तियों के निर्माण के सम्बन्ध में जारी सभी निर्दशों का शत - प्रतिशत कड़ाई के साथ समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पालन करने कहा है.
- तस्वीरों की ताकत को सांसद संतोष पांडे ने सराहाविश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’रायपुर। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। शुभारंभ संध्या पर फोटो जर्नलिस्ट साथियों ने कैमरे के आकार का केक काटकर विश्व फोटोग्राफी दिवस की खुशियां साझा कीं।विश्व फोटोग्राफी दिवस पर यह अनोखा कैमरे नुमा येकेक होटल सेलिब्रेशन के संचालक कवलजीत हीरा जी द्वारा प्रेस क्लब को प्रदान किया गया थाइस अवसर पर भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता एवं राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे तथा भाजपा मीडिया विभाग के संयोजक हेमंत पाणिग्राही विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने रायपुर प्रेस क्लब की आर्ट गैलरी में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो जर्नलिस्टों से उनके अनुभवों तथा तस्वीरों के पीछे की कहानियां जानीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद संतोष पांडे ने कहा कि तस्वीर की अपनी अलग ताकत होती है। कई बार कैमरे से निकली एक तस्वीर वह बात कह देती है, जिसे शब्दों में व्यक्त करने के लिए पूरी लेखनी भी कम पड़ सकती है। उन्होंने तस्वीर को सहज और सर्वग्राही माध्यम बताते हुए कहा कि इसे पढ़ने के लिए किसी विशेष भाषा या साक्षरता की आवश्यकता नहीं होती। फोटो जर्नलिस्टों के कार्य को चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने उनके योगदान की सराहना की।भाजपा मीडिया विभाग के संयोजक हेमंत पाणिग्राही ने अपने पत्रकारिता जीवन की एक तस्वीर का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि किस तरह एक तस्वीर ने आम लोगों की समस्या को सामने लाने के साथ ही संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई का रास्ता भी बनाया। उन्होंने कहा कि किसी खबर की प्रमाणिकता का प्राथमिक साक्ष्य उसकी तस्वीर होती है। तस्वीर खबर को जीवंत बनाती है और कई बार बिना कुछ कहे पूरी कहानी बयां कर देती है।चार कैटेगरी में सजी तस्वीरों की दुनिया‘दृश्य संवाद 2026’ में फोटो प्रदर्शनी को चार कैटेगरी में विभाजित किया गया है। प्रेस क्लब के फोटो जर्नलिस्ट सदस्यों की तस्वीरों के लिए प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा तथा समाचार एवं जनसरोकार जैसी श्रेणियां रखी गई हैं। वहीं पेशेवर और शौकिया फोटोग्राफरों के लिए ओपन कैटेगरी में भी तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।प्रदर्शनी में शामिल उत्कृष्ट तस्वीरों का चयन कर प्रतिभागियों को बाद में पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े उपस्थित रहे।फोटो जर्नलिस्टों की ओर से फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के संयोजक दीपक पांडे, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा ,वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी,, प्रदीप डडसेना, राजकुमार चतुर्वेदी, रुपेश यादव,, नरेंद्र बंगाले ,सुधीर सागर, रमन हलवाई, किशन लोखंडे, मनोज देवांगन विजय देवांगन, पंकज चौहान, हीरा मानिकपुरी, त्रिलोचन मानिकपुरी, हेमंत गोस्वामी, जय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट के साथ वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र निगम उपस्थित रहे।‘दृश्य संवाद 2026’ फोटो प्रदर्शनी तीन दिनों तक आर्ट गैलरी में आम लोगों के लिए खुली रहेगी। आम दर्शक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं।
- -सुदूर ग्राम कड़ेनार में शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का मिला लाभकोंडागांव। माओवाद मुक्त होने के बाद अब कोंडागांव जिले के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंच रही है। जिले के सुदूर अंचल में स्थित ग्राम कड़ेनार में कभी माओवाद के प्रभाव के कारण पहुंचना कठिन था, लेकिन अब सुरक्षा और प्रशासनिक पहुंच बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और आवश्यक शासकीय सेवाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।इसी क्रम में ग्राम कड़ेनार में दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कड़ेनार सहित आश्रित ग्राम मदोड़ा, बेचा एवं कीलम के ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उनके गांव के समीप ही उपलब्ध कराया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को शासकीय सेवाओं के लिए जिला एवं विकासखंड मुख्यालय तक आने-जाने की कठिनाई से राहत दिलाना तथा एक ही स्थान पर अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा।शिविर में आधार सेवा के अंतर्गत 18 लोगों के नवीन आधार कार्ड बनाए गए तथा 24 लोगों का बायोमेट्रिक अपडेट किया गया। पंचायत विभाग द्वारा 72 नए जॉब कार्ड बनाए गए और 41 जॉब कार्ड का ई-केवाईसी किया गया। श्रम विभाग द्वारा 62 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 33 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। डाक विभाग द्वारा 12 बैंक खाता खोले गए और नये खाता खोलने हेतु 32 लोगों से आवेदन प्राप्त किए गए।इसी प्रकार राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीणों से जाति प्रमाण पत्र के 72 और निवास प्रमाण पत्र के 35 आवेदन लिए गए। खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए 144 आवेदन तथा 05 नवीन राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन प्राप्त किए गए। साथ ही बिहान के तहत 11 व्यक्तिगत खाता, 01 सामूहिक खाता और 05 नये समूह का गठन किया गया। इस तरह शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हुईं और उन्हें शासकीय योजनाओं से जुड़ने में सुविधा मिली।दिव्यांगजनों को मिला सहायक उपकरणों का सहाराशिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा 08 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इनमें 02 व्हीलचेयर, 02 बैसाखी और 04 छड़ी शामिल हैं। सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को दैनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी। हितग्राहियों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन उपकरणों से उनकी दैनिक गतिविधियां अधिक सुगम होंगी।शिविर से लाभान्वित ग्रामीण शारदा कोर्राम ने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन पाया था, लेकिन गांव में आयोजित शिविर में आसानी से उनका कार्ड बन गया। अब आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आयुष्मान योजना के तहत निर्धारित सीमा तक निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।ग्राम कड़ेनार में आयोजित यह शिविर शासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत जिले के अंतिम छोर पर निवासरत प्रत्येक व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। गांव के समीप ही विभिन्न सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को समय और श्रम की बचत हुई तथा योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया भी सरल और सुगम बनी।इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री अविनाश भोई के निर्देशन में जनपद पंचायत कोण्डागांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उत्तम महोबिया, तहसीलदार श्री विजय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे बहुविभागीय शिविरों के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है।
- -वनौषधियों से महिलाओं को रोजगार की मिलेगी नई राह-मानव-हाथी द्वंद्व रोकने सामुदायिक भागीदारी पर जोररायपुर। आजीविका से जोड़ना आर्थिक सशक्तिकरण की मुख्य धुरी है। इससे व्यक्तियों और परिवारों को नियमित आय मिलती है, गरीबी कम होती है और समाज में उनका आत्मसम्मान बढ़ता है। यह कदम देश के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने कोरबा प्रवास के दौरान यह बात कहा है कि वन केवल पर्यावरण संरक्षण का आधार नहीं, बल्कि वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आजीविका का भी महत्वपूर्ण साधन हैं।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि वन संसाधनों का संरक्षण करते हुए उनका स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन किया जाए, तो महिलाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम में वन विभाग के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और समय पर सूचना व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।वन मंत्री श्री कश्यप अपने कोरबा प्रवास के दौरान पाली विकासखंड के ग्राम डोंगानाला स्थित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र पहुंचे। उन्होंने यहां हरि बोल स्व-सहायता समूह की महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और वनौषधियों के संग्रहण, प्रसंस्करण तथा उनसे तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने समूह द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।श्री कश्यप ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वनौषधियों और अन्य वन उत्पादों का उचित प्रसंस्करण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है। इससे वन आधारित उत्पादों को बेहतर मूल्य मिलेगा और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को वन आधारित आजीविका से जोड़ना आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महिलाओं की मेहनत, स्थानीय संसाधनों का ज्ञान और समूह के रूप में काम करने की क्षमता को उचित सहयोग मिले, तो ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की नई मिसालें तैयार की जा सकती हैं।वन मंत्री श्री कश्यप ने पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हाथी मित्र दल के सदस्यों से क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों, ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी आवाजाही और मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट प्रदान की। इससे वन क्षेत्रों में निगरानी, गश्त और हाथियों की गतिविधियों की समय पर सूचना देने की व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।वन मंत्री श्री कश्यप ने आमजनों का अवगत कराया कि मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, वन प्रबंधन समितियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी मिलने से ग्रामीणों को सतर्क किया जा सकता है और संभावित घटनाओं को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने हाथी मित्र दल और वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों को ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ हाथियों के संरक्षण को भी प्राथमिकता देने तथा लगातार निगरानी और समन्वय के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्थानीय वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण वन और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उनके स्थानीय अनुभव और सहयोग से वन विभाग की संरक्षण गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण, वन आधारित आजीविका और वन्यजीव सुरक्षा सहित इन तीनों क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय को साथ लेकर आगे बढ़ना ही स्थायी विकास का मजबूत आधार है।इस अवसर पर विधायक श्री प्रेमचंद पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन प्रबंधन समितियों के सदस्य, हाथी मित्र दल के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- रायपुर । बस्तर जो कभी नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता था, आज बदलाव और विकास की कहानी लिख रहा है। बस्तर जिले के ग्राम पंचायत नेतानार में स्थापित शहीद वीर गुंढाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र ग्रामीणों खासकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और हुनर को निखारने का नया माध्यम बन रहा है।ग्राम पंचायत नेतानार के सीआरपीएफ कैम्प में संचालित सेवा डेरा में जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना ने सिलाई मशीन प्रशिक्षण, ढेकी से चावल निर्माण एवं इमली चपाती निर्माण जैसी गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान महिला समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए सीईओ श्री खन्ना ने कहा कि महिलाओं के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में प्रेरणादायक हैं और इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के लिए उत्पादन (प्रोडक्शन) यूनिट स्थापित करने की पहल करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और नियमित आय के बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही समूह आधारित उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और उत्पादों के विपणन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत कामानार में स्थित कैंप परिसर के सेवा डेरा का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों एवं स्व-सहायता समूह की दीदियों से ‘सेवा डेरा’ की स्थापना को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा इसकी कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सेवा डेरा के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।निरीक्षण के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इमली प्रसंस्करण इकाई एवं महुआ लड्डू प्रसंस्करण इकाई स्थापित किए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बताया कि इन इकाइयों की स्थापना से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस पर श्री खन्ना ने प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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-टी सहदेव
भिलाई नगर। रुआबांधा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप एवं प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यालय के सेवानिवृत्त व्याख्याता कुबेर राम देशमुख ने बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्र राकेश साहू को पांच हजार रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की। देशमुख ने अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर अपनी दिवंगत पत्नी ईश्वरी देवी की स्मृति में विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्कॉलरशिप देने की घोषणा की थी।उनकी घोषणा के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को 51 हजार रुपये तथा 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को पांच हजार रुपये प्रदान किए जाने हैं। घोषणा के बाद से अब तक विद्यालय का कोई भी विद्यार्थी प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने में सफल नहीं हो पाया है, लेकिन 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने इस प्रोत्साहन योजना का लाभ जरूर उठाया है। पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर देशमुख ने विद्यालय की होनहार छात्राओं वर्षा, यामिनी और शारदा को पांच-पांच हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की थी। तीनों छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिशिर टमोटिया एवं ममता टमोटिया ने आठ वर्ष पूर्व की गई घोषणा पर अमल करते हुए इस वर्ष प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले 20 विद्यार्थियों को 42 हजार रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की है। यह राशि उन्होंने दिवंगत लक्ष्मीनारायण अग्रवाल एवं दिवंगत निर्मला अग्रवाल की स्मृति में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी है। इसी क्रम में विद्यालय के व्याख्याता आरके साहू ने वाणिज्य समूह के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप पांच हजार रुपये प्रदान किए। वहीं विद्यालय की प्राचार्या दीप्ति गुप्ता ने त्रैमासिक एवं छमाही परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया। - रायपुर / मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत रायपुर जिले के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी, जोरा में आयोजित होगा।इस योजना के तहत जिले में निवास करने वाले 18 से 45 वर्ष आयु के इच्छुक युवक-युवतियां अपनी रुचि के अनुसार रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, योगा इंस्ट्रक्टर, होम हेल्थ एड, रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव तथा सोलर पीवी इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) जैसे पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को संबंधित कार्य का तकनीकी ज्ञान देने के साथ-साथ कंप्यूटर स्किल, कम्युनिकेशन स्किल और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं एवं 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।इच्छुक युवक-युवतियां अधिक जानकारी एवं प्रशिक्षण के लिए कार्यालयीन नंबर 0771-2443066 तथा मोबाइल नंबर 9109321845 और 9399791163 पर संपर्क कर सकते हैं और इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाकर अपने कौशल को और बेहतर बनाकर रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं
- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम राजस्व विभाग द्वारा सभी दस जोन क्षेत्रों में रायपुर नगर निगम के हित में बकाया राजस्व वसूली अभियान प्रतिदिन नियमित तेज गति से सभी जोन कमिश्नरों एवं उपायुक्त राजस्व डॉ अंजलि शर्मा के मार्गनिर्देशन में सभी सहायक राजस्व अधिकारियों के नेतृत्व में चलाया जा रहा है. सघन बकाया राजस्व वसूली अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 2 राजस्व विभाग द्वारा इंदिरा गाँधी वार्ड क्रमांक 27 अंतर्गत धीरज चौहान एवं राजेश चौहान के घरों में अवैध नल कनेक्शन को काटने की कार्रवाई नगर निगम जोन 2 जल विभाग की टीम के साथ मिलकर अभियानपूर्वक की गयी. जोन 2 की टीम द्वारा वार्ड 35 क्षेत्र में देवी सिंह, पीला सिंह के घरों में अवैध नल कनेक्शन को काटने की कार्रवाई जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के निर्देश पर जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा एवं अन्य सम्बंधित जोन 2 राजस्व विभाग कर्मचारियों की उपस्थिति में की गयी.वहीं नगर निगम जोन 3 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 12 क्षेत्र में शंकर नगर क्षेत्र में बकायादार द्वारा नगर निगम को बकाया राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर सम्बंधित बकायादार के घर का नल कनेक्शन जोन 3 जल विभाग की टीम के साथ मिलकर जोन क्रमांक 3 राजस्व विभाग की टीम द्वारा तत्काल विच्छेद कर दिया गया.नगर निगम जोन 3 राजस्व विभाग को जोन क्षेत्र अंतर्गत बकायादार विवेक कुमार गुप्ता पर बकाया अदा नहीं करने पर कार्रवाई की गयी. कार्रवाई के दौरान सम्बंधित बकायादार ने सम्पूर्ण बकाया राशि,1 लाख 10 हजार रूपये नगर निगम रायपुर को अदा करने के लिए सोमवार दिनांक 24 अगस्त 2026 तक का समय देने का लिखित अनुरोध किया है, उन्हें सोमवार 24 अगस्त तक सम्पूर्ण बकाया राशि अदा करने समय नगर निगम जोन 3 राजस्व विभाग की ओर से जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के निर्देश पर जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मंकुराम धीवर द्वारा स्थल पर दे दिया गया है.
- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के आदेशानुसार और उपायुक्त राजस्व डॉ अंजलि शर्मा एवं नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग द्वारा 2 बड़े बकायादारों वार्ड, 5 अंतर्गत भनपुरी के शरफुद्दीन पर 134233 रू और दयाराम शर्मा पर 196219 रू इस प्रकार दो बड़े बकायादारों पर कुल 330452/-रूपये का बकाया होने और बकाया राशि रायपुर नगर पालिक निगम को अदा नहीं किये जाने पर उनके सम्बंधित संस्थानों में तत्काल सीलबंदी की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई प्रक्रिया के अंतर्गत की गयी एवं 1 अन्य बकायादार वल्ली ताई मुर्राभट्ठी द्वारा स्थल में ही सीलबंदी कार्रवाई के दौरान 224654/- रूपये के बकाये का तत्काल भुगतान नगर निगम जोन 1 राजस्व विभाग को कर दिया गया.आज नगर पालिक निगम रायपुर जोन 1 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 1 क्षेत्र अंतर्गत सभी 7 वार्डो में बड़े बकायादारों पर कार्रवाई हेतु अभियान चलाया गया. यह अभियान कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी.आज नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग की सीलबंदी कार्रवाई के दौरान स्थल पर नगर पालिक निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन में कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक श्री आशीष शर्मा, श्री संतोष साहू और सहायक राजस्व निरीक्षक धनेश यादव की उपस्थिति रही.
- रायपुर- रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, जोन 4 कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री नीतीश झा, जोन 4 सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर और नगर निवेश उड़न दस्ता प्रभारी श्री तसव्वुर अली सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता और नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा राजधानी शहर रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत मालवीय मार्ग एवं शास्त्री मार्केट मुख्य मार्ग में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत बाजार क्षेत्र में प्रमुख मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करने व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी सम्बंधित दुकानदारों को एक बार पुनः स्पष्ट समझाइश दी गयी कि वे सड़क पर कब्जा ना करें, अन्यथा की स्थिति में सड़क पर रखे उनके सामानों की यातायात जाम की समस्या दूर करने जनहित में सख्तीपूर्वक जब्ती कर ली जाएगी, अन्यथा की स्थिति में सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार इसके लिए स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत मालवीय मार्ग एवं शास्त्री बाजार मुख्य मार्ग के दोनों ओर के ठेला संचालकों द्वारा मुख्य बाजार के सड़क मार्ग पर किये गए कब्जोँ पर सम्बंधित ठेला संचालकों पर भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी चेतावनी देते हुए कुल 15000 रूपये का ई चालान करने की कार्रवाई की गयी।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे अतिक्रमणरोधी अभियान से राजधानी शहर रायपुर के भिन्न मुख्य बाजार क्षेत्रों के विभिन्न प्रमुख मार्गो का यातायात निरन्तरता से सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों एवं राहगीरों को यातायात जाम की समस्या से त्वरित राहत मिल रही है।




























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