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- -लोगों को बेहतर यातायात सुविधा दिलाने नारायणपुर से कस्तुरमेटा तक चलाई जाएगी बस-महिला एवं बाल विकास विभाग के वजन त्यौहार कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्रीरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्र कस्तुरमेटा में पहली बार पहुंच कर आमजनों की समस्याएं सुनी और निराकरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कस्तुरमेटा शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में पहुंच कर बच्चों और माताओं को आशीर्वाद दिया। श्री कश्यप ने गर्भवती माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण की उचित देखभाल हेतु विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया।मंत्री श्री कश्यप ने पुलिस जवानों की अफजाई करते हुए कहा कि नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों में 18 से अधिक पुलिस कैंप स्थापित किया गया है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि नारायणपुर से कस्तुरमेटा तक नियमित रूप से बस सेवा प्रारंभ की जाएगी। स्थानीय लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र सहित सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने के लिए भटकना नही पड़ेगा। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है।मंत्री श्री कश्यप ने शिविर में आए महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों से रोजगार की व्यवस्था और मनरेगा के माध्यम से कार्य के बारे में चर्चा किया। मंत्री श्री कश्यप ने ग्रामीणों के मांग पर कुतुल में पानी की समस्या को हल करने का भी भरोसा दिलाया। शिविर में पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी, तहसीलदार श्री चिराग रामटेके, श्री सौरभ कश्यप, जनपद सीईओ श्री मेघलाल मण्डावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश अनुसार राज्य में कुपोषण से मुक्त करने सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चे उत्साह से भाग ले रहे हैं। नवाचार गतिविधियों से बच्चों का उत्साह वर्धन किया जा रहा है। पोषण संबंधित देख-भाल के लिए पोषण माह का आयोजन राज्य के विभिन्न जिलों में किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान अंतर्गत बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही वजन त्यौहार, चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जा रही है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समूह बैठक में वजन त्यौहार के बारे में चर्चा की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं से चर्चा के दौरान शून्य से 06 साल तक के बच्चे, किशोरी बालिकाओं की खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में विशेषज्ञों के माध्यम से बताया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है। पोषण माह अभियान के तहत जशपुर जिले में करीब 4315 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लाभ जिले के 76 हजार से अधिक बच्चों को मिलेगा।
- -इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम मे होगा कार्यक्रम का आयोजनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह सम्मेलन राजधानी के इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम में आयोजित होगा।श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकांे एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
- -कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम होगा कार्यक्रमरायपुर / प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा मंगलवार 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन राजधानी के इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए संचालित 30 जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाईन प्राप्त आवेदन में से पात्र हितग्राहियों को योजना में प्रावधान अनुरूप सहायता राशि से लाभान्वित किया जाना है। साथ ही कार्यक्रम अंतर्गत श्रमिक हित में किये जा रहे विभाग के प्रयासों एवं सफलताओं को विभिन्न गतिविधियों के स्टालों के माध्यम से प्रदर्शित भी किया जा रहा है।
- रायपुर / मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत तारा बहरा, तहसील केल्हारी के निवासी श्री अरविन्द कुमार सिंह एक साधारण किसान थे। उनका जीवन भी अन्य ग्रामीण किसानों की तरह संघर्ष पूर्ण और चुनौतियों से भरा हुआ था। सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती के साधनों के माध्यम से आजीविका चलाने वाले अरविंद के लिए अपने परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था। फिर भी अरविन्द ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और हमेशा कुछ नया करने की कोशिश की। उनकी जिजीविषा और आत्मविश्वास ने उन्हें एक ऐसे रास्ते पर अग्रसर किया, जिसने न केवल उनके जीवन को बदल दिया, बल्कि उनके जैसे सैकड़ों किसानों के लिए एक नया मार्ग भी प्रशस्त किया। अरविन्द कुमार सिंह का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता खेती से जुड़े थे, और खेती ही उनके परिवार की मुख्य आजीविका का स्रोत था। अपने परिवार के अन्य सदस्यों की तरह अरविन्द भी बचपन से ही खेतों में काम करने लगे थे। उन्होंने अपने परिवार के साथ खेतों में मेहनत की और फसल उगाने के पारंपरिक तरीकों को सीखा। उनका परिवार खेती से होने वाली मामूली आय पर निर्भर था, जो अक्सर मौसम की अनिश्चितताओं, फसल की बर्बादी, और बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अपर्याप्त साबित होती थी। अरविन्द को यह अहसास हुआ कि पारंपरिक खेती से मिलने वाली आय उनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं थी, और उन्हें किसी वैकल्पिक आय स्रोत की तलाश करनी होगी। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अरविन्द ने पारंपरिक खेती के अतिरिक्त अन्य विकल्पों के बारे में सोचना शुरू किया। वे जानते थे कि कृषि के क्षेत्र में कुछ नया करना आसान नहीं होगा, लेकिन उनका दृढ़ निश्चय और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य की चाहत उन्हें नए रास्तों की खोज के लिए प्रेरित करती रही।मछली पालन की दिशा से पहली कदम में ही मिली सफलताइसी दौरान अरविंद को राज्य की मछली पालन योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने महसूस किया कि मछली पालन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने इसे एक नए अवसर के रूप में देखा, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार सकता था, बल्कि उनके जैसे अन्य किसानों के लिए भी एक नया रास्ता खोल सकता था। अरविन्द ने मछलीपालन के अपने विचार को मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का निर्णय लिया। उस समय छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार, के शासन में मछलीपालन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही थी। वहीं से अरविन्द ने भी अपने विचारों को स्थानीय प्रशासन और कृषि अधिकारियों के साथ साझा किया, जिन्होंने उनकी योजनाओं को समझा और उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया। सरकार की तरफ से उन्हें डबरी (तालाब) निर्माण के लिए 70,000 रुपए की सब्सिडी दी गई। इसके अलावा उन्हें मछली के बीज (अंडे) भी उपलब्ध कराए गए, जिससे वे मछली पालन के व्यवसाय को प्रारंभ कर सके।अरविन्द कुमार सिंह ने अपने मछलीपालन के प्रयासों को विस्तार देने के लिए 3 से 4 एकड़ भूमि में बड़े तालाबों का निर्माण किया, जिन्हें स्थानीय भाषा में श्डबरी श् कहा जाता है। इन तालाबों में उन्होंने मछली की कई किस्मों का पालन शुरू किया, जैसे कि कतला, रोहू, मृगल, पंगेसियस (कैटफिश), रूपचंदा, और कारी मछली उन्होंने तालाबों में स्वच्छ पानी, उचित ऑक्सीजन का स्तर, और मछलियों के लिए उचित भोजन की व्यवस्था की। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें मछलीपालन में शीघ्र ही सफलता दिलाई। अरविन्द की पहली सफलता ने उन्हें और अधिक तालाब बनाने और मछलीपालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मछलियों के प्रजनन और पालन-पोषण की नई तकनीकों को भी सीखा और अपने तालाबों में उनका सफलतापूर्वक उपयोग किया।मछली के बच्चों का उत्पादन और नवाचारअरविन्द ने केवल मछली पालन में ही नहीं, बल्कि मछलियों के बच्चों के उत्पादन में भी नवाचार किया। उन्होंने पांच छोटे तालाबों का निर्माण किया, जिन्हें विशेष रूप से मछली के बच्चों के पालन-पोषण के लिए तैयार किया गया था। इन तालाबों में उन्होंने कैटफिश (पंगेसियस) के बच्चों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया। इस नवाचार ने उन्हें न केवल छत्तीसगढ़ में, बल्कि पूरे क्षेत्र में पहचान दिलाई। अरविन्द इस तकनीक को अपनाने वाले शायद छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति थे। उनकी इस सफलता ने उन्हें मछलीपालन के क्षेत्र में एक अग्रणी के रूप में स्थापित किया और अन्य किसानों को भी मछलीपालन के लिए प्रेरित किया।आर्थिक लाभ और आत्मनिर्भरता की ओर कदमअरविन्द के मछली पालन व्यवसाय ने तेजी से सफलता प्राप्त की। उनके तालाबों में मछलियों की अच्छी उपज और उच्च गुणवत्ता के कारण, उन्होंने बाजार में मछलियों को बेचना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे सालाना लगभग 5 से 6 लाख रुपए की आय प्राप्त कर रहे हैं। उनकी आय में यह वृद्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित हुई, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर को भी सुधारने में सहायक रही। अब अरविन्द के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन था, और उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना शुरू किया। मछली पालन के क्षेत्र में अरविन्द केवल एक व्यवसायी नहीं थे, बल्कि वे मछलियों के पोषण और स्वास्थ्य लाभ के प्रति भी जागरूक थे। अरविन्द ने बताया कि मछलियों में प्रोटीन की भी भरपूर मात्रा होती है, जो हड्डियों, उपास्थि, त्वचा, और मांसपेशियों के विकास के लिए आवश्यक होती है। उन्होंने अपने ग्राहकों को मछलियों के इन फायदों के बारे में जागरूक करने की भी कोशिश की और उन्हें मछलियों के सेवन के लिए प्रेरित किया।अरविन्द कुमार सिंह की कहानी न केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी है, बल्कि यह एक संपूर्ण समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने दिखाया कि यदि सही दिशा में मेहनत की जाए और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो कोई भी किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है। उनकी इस यात्रा ने यह भी साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद, यदि व्यक्ति में जुनून और समर्पण है, तो वह असाधारण सफलता हासिल कर सकता है। आज अरविन्द न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि अपने गाँव और पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि किस प्रकार एक सामान्य किसान अपने सपनों को साकार कर सकता है और अपने परिवार और समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
- -ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को दिया धन्यवादरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बगिया में खोले गए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में लोगों की मांगों और समस्याओं का सामाधान का क्रम सतत रूप से जारी है। यहां पर आयोजित जनदर्शन में लोग बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचते हैं। उनके आवेदनों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से निराकरण किया जाता है। इसी कड़ी में ग्राम सोकोडिपा में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल यहां पर ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।हाथी विचरण क्षेत्र होने की वजह से बिजली की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों में भी निर्बाध रूप से जारी रहे इसके लिए कैंप कार्यालय के निर्देश पर समस्या आने पर तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने, ग्रिप चेंज, लाईन सुधारने का कार्य किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
- रायपुर, / 01 नवम्बर 2024 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के सर्वाेत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिए जाने वाले महाराजा प्रवीरचंद्र भजदेव एवं गुण्डाधूर सम्मान वर्ष 2024-25 हेतु 25 सितम्बर 2024 तक निर्धारित प्रारूप में अनुशंसाए आमंत्रित की गई है। महाराजा प्रवीरचद्र भंजदेव एंव गुण्डाधूर सम्मान प्रतिवर्ष एक-एक खिलाड़ी को दिया जाता है। प्रत्येक अलंकरण में 01 लाख रूपये नगद, अलंकरण फलक, प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।महाराजा प्रवीरचंद्र सम्मान उन पात्र खिलाडियों को दिए जाएंगे, जिन्होंने वर्ष 2023-24 (विगत वर्ष) में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कांस्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। यदि तीरंदाजी में उपरोक्त उपलब्धियों वाले खिलाडी किसी वर्ष नहीं मिले तो इस नियम के जारी होने वाले वर्ष को सम्मिलित करते हुए तीन वर्षों तक तीरंदाजी की राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता या राष्ट्रीय अंतरविश्वविद्यालयीन प्रतियोगिता में पदक प्राप्त खिलाड़ी को यह सम्मान देने हेतु चयन के लिए विचार में लिया जाएगा। यदि तीरदाजी में उपरोक्त उपलब्धियों वाले खिलाडी किसी वर्ष नहीं मिले तो उस वर्ष अन्य ऐसे खेल, जिन्हें भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय स्तर के खेल अलकरण हेतु विचार क्षेत्र में लेता है, ऐसे खिलाडियों को जिन्होंने विगत वर्ष की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कास्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो, इस सम्मान हेतु चयन के लिए विचार में लिए जाएंगे।गुण्डाघूर सम्मान ऐसे पात्र खिलाडियों को दिये जाऐंगे, जिन्होंने वर्ष 2023-24 (विगत वर्ष) में ऐसे खेल जिन्हें भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण हेतु विचार क्षेत्र में लेता है, ऐसे खिलाडियों को जिन्होंने विगत वर्ष की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कास्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। यह सम्मान पुरूष एवं महिला वर्ग के खिलाडियों के लिए सम्मिलित रूप से होगा अर्थात् उपलब्धियों की तुलना सम्मिलित रूप से की जाएगी। इस सम्मान के लिए उन खिलाडियों की उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी है या उपलब्धि वर्ष एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य की किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था में नियमित अध्ययनरत रहे हों या उपलब्धि वर्ष एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय/अर्द्धशासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रम में निरंतर कार्यरत रहे हों। सम्मान हेतु वर्ष की गणना 01 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। यदि चयन समिति की राय में किसी विशेष वर्ष में इस सम्मान को पाने योग्य प्रदर्शन नहीं होता है तो उस वर्ष सम्मान देने की आवश्यकता नहीं है। यह सम्मान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अन्य खेल पुरस्कारों के अलावा होगा जो खिलाडी को उसकी उपलब्धि के लिए दिया गया है, लेकिन महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव सम्मान अथवा गुण्डाधूर सम्मान से अलंकृत खिलाड़ी इस सम्मान के लिए पात्र नहीं होंगे। यह सम्मान किसी खिलाड़ी को उसके जीवनकाल में केवल एक बार ही दिया जाएगा। यदि किसी खिलाड़ी या दल को उपलब्धि वर्ष या सम्मान वर्ष में मान्यता प्राप्त खेल संगठन द्वारा राज्य या राष्ट्रीय चौम्पियनशिप से निष्कासित किया गया हो तो उसे संबंधित वर्ष के लिए यह सम्मान प्राप्त करने की पात्रता नहीं होगी। अनुशंसा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 सितम्बर, 2024 निर्धारित की गई है। विभागीय वेबसाईट http://sportsyw.cg.gov.in से आवेदन का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है। इस अवधि में अनुशंसा पत्र संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड रायपुर अथवा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला कार्यालय में कार्यालीयन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
- -मंत्री ने अभियंता आवासीय परिसर बनाने के लिए 30 लाख रूपए की घोषणा कीरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, कौशल विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज यहां नारायणपुर के घड़ी चौक में अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि अभियंता सर विश्वेश्वरैया ने अभियांत्रिकी क्षेत्र में देश को अलग पहचान दिए। श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर, राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, देश के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान को भुलाया नही जा सकता। श्री कश्यप ने कर्नाटक राज्य में स्थित कृष्णा राजसागर बांध को उनकी प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताया। भारत के प्रथम अभियंता सर विश्वेश्वरैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।वन मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा दुरस्त अंचल के जिलों को विकसित करने की दिशा में विशेष कार्य किए जा रहा है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता मनरेगा के कार्य करते हैं, वे बच्चे भी आईआईटी में चयनित होकर कामयाबी हासिल किए हैं। नारायणपुर को विकसित करने में हमारी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। अभियंताओं द्वारा आवासीय परिसर बनाए जाने की मांग करने पर मंत्री श्री कश्यप ने 30 लाख रुपए की घोषणा की।इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक श्री रूपसाय सलाम, कलेक्टर श्री बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, डीएफओ श्री सचिकानंदन के., एसडीएम श्री वासु जैन, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जे.एल.मानकर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता श्री एस. के वर्मा, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री विनय वर्मा सहित सभी विभागीय अभियंता मौजूद थे।
- -आदिवासी शक्तिपीठ में की पूजा-अर्चनारायपुर / कोरबा जिले के महाराणा प्रताप चौक स्थित विश्व के प्रथम आदिवासी शक्ति पीठ में छत्तीसगढ़ आदिवासी धनवार समाज द्वारा आयोजित करमा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के वरिष्ठ जनों के साथ शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना की। करमा देव का पूजन कर उन्होंने सभी लोगों को करमा महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रकृति पर्व करमा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। प्रकृति की रक्षा के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है। करमा संस्कृति एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज, प्रकृति का पूजक हैं। प्रकृति से प्रेम और पर्यावरण की रक्षा में समाज की अहम भूमिका है।इससे समाज में आपसी भाईचारा भी प्रगाढ़ होता है। प्रकृति के प्रति लोगों का यही प्रेम, सम्मान और समर्पण से एकजुटता भी बढ़ती है। अपनी संस्कृति और अपने धर्म की रक्षा के लिए हम सभी आदिकाल से पूजन करते आ रहे हैं। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री आदिवासी वर्ग से आते हैं। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पवन सिंह, बुटुल सिंह, ओम प्रकाश, महेश धनवार, लखन सिंह धनवार, बेरला बाई धनवार, कीर्तन धनवार, वीर साय धनवार, शिव नारायण कंवर, निर्मल सिंह राज, रामायण सिंह कंवर, सुमन सिंह नेताम, कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा, गुलजार सिंह राजपूत सहित अधिक संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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महासमुंद. जिले में ‘ट्रायल रन' के दौरान दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव करने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। रेलवे सुरक्षा बल (महासमुंद) के निरीक्षक प्रवीण सिंह धाकड़ ने बताया कि घटना शुक्रवार रात लगभग नौ बजे बागबाहरा रेलवे स्टेशन के करीब हुई, जब ट्रेन ‘ट्रायल रन' के दौरान विशाखापत्तनम से दुर्ग लौट रही थी। धाकड़ ने बताया कि ट्रेन ‘ट्रायल रन' के लिए दुर्ग से रवाना हुई और रायपुर से गुजरते हुए महासमुंद पहुंची थी। यह शुक्रवार सुबह 7.10 बजे आगे की यात्रा के लिए रवाना हुई थी। उन्होंने बताया कि वापसी में कुछ असामाजिक तत्वों ने बागबाहरा के पास चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके, जिससे तीन डिब्बों सी2, सी4 और सी9 की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में यात्रा कर रहे ट्रेन सुरक्षा दल ने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों के एक दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में बागबाहरा निवासी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि सभी पांचों बदमाश हैं और उन पर रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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-मांदर पर थाप देते हुए, करमा तिहार के उल्लास में झूमे मुख्यमंत्री
-मुख्यमंत्री करमा तिहार 2024 कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम में छ. ग. कंवर समाज युवा प्रभाग, रायपुर महानगर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत- करमा तिहार 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की देन है। प्रगति के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति का संरक्षण भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने पारम्परिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी बात है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का शुभारंभ किया जा रहा है। यह एक बहुत अच्छी परंपरा की शुरआत है। मुख्यमंत्री श्री साय करमा तिहार के उल्लास में शामिल होने से खुद को रोक नहीं पाए और मांदर पर थाप देते हुए 'हाय रे सरगुजा नाचे' गीत पर जमकर झूमे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज करमा तिहार मनाया जा रहा है । आदिवासी संस्कृति में कई तरह के करमा तिहार मनाये जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है। आज का त्योहार हमारी कुंवारी बेटियों का त्योहार है। इस करमा पर्व को मनाने का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को अच्छा वर और अच्छा घर मिले। भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करके बेटियां अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का त्योहार भी आता है, जिसमें शादी के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है तो वह उपवास रहकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। पुत्र-पुत्रियों के लंबे जीवन की कामना के साथ जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है। यह एक बहुत कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएं चौबीस घण्टे बिना अन्न-जल ग्रहण किये इस करमा पर्व को मनाती हैं। हमारी संस्कृति में कृषि कार्य से भी करमा पर्व जुड़ा है। एक त्योहार बाम्बा करमा भी होता है । बाम्बा एक प्रकार का कीट होता है जो धान के दाने में बीमारी पैदा करता है। इस करमा में नौजवान बेटे उपवास रहते हैं बाम्बा कीड़े को नदी में विसर्जित करते हैं। करमा तिहार प्रकृति से जुड़ा तिहार है। जब वर्षा नहीं होती तब पानी कर्मा मनाया जाता है। इस पर्व में करमा पूजा करके वर्षा के लिये प्रार्थना की जाती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हर साल राजधानी रायपुर में करमा त्योहार मनाया जाना चाहिए ।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आदिवासी संस्कृति को कभी भूलना नहीं है। हमें अपनी संस्कृति को जिंदा रखना है। ये नृत्य-गीत हमारे समाज को जोड़ के रखते हैं । प्रगति के साथ हमें इसे बरकरार रखना है। ये बहुत गर्व का विषय है कि आज आपका एक आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री है । कल ही हमारी सरकार को बने नौ माह पूर्ण हुए हैं। इन नौ महीनों में काफी कार्य हुआ है । 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है । धान का मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल हम दे रहे हैं। दो साल का बकाया बोनस भी हमने दिया है । महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1 हज़ार रुपये माताओं-बहनों के खाते में दिया जा रहा है। हमारे वनवासी भाइयों को हम तेंदूपत्ता की राशि प्रति मानक बोरा 4 हज़ार से बढ़ा कर 5500 रुपये दे रहे हैं। रामलला दर्शन योजना भी शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है। बड़ी संख्या में राज्य से श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने जा रहे हैं। पहली कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृत दी गयी ।मुख्यमंत्री श्री साय ने हिंदी दिवस के अवसर पर सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। इस साल से हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई होगी । जो विद्यार्थी हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहेंगे उनके लिए यह सुविधा होगी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी जो हिंदी माध्यम से पढ़ते हैं, उन्हें इससे लाभ होगा। पढ़ाई से जुड़ी सारी बारीकियां उन्हें अच्छे से समझ आएंगी । इसकी सारी व्यवस्था सरकार करेगी । कई बड़े और विकसित देशों के बच्चे मातृभाषा में पढ़ाई करके सफल होते हैं।आज हम 18 भाषाओं मे प्राथमिक शिक्षा दे रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री नंद कुमार साय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरवंश सिँह मिरी, महासचिव श्री नकुल चंद्रवंशी, श्री टूकेश कंवर, श्री तिमिरेन्दू शेखर सिंह कंवर सहित कंवर समाज से अनेक लोग उपस्थित थे।
- रायपुर । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अब्दुल जाहिद कुरेशी अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री रमेश चौहान के द्वारा केंद्रीय जेल रायपुर के निरीक्षण के दौरान किचन एवं भंडार कक्ष में निरीक्षण कर खाद्य सामग्रियों की गुणवक्ता में और सुधार करने की हिदायत दी गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा जेल बंदियों को दिए जाने वाले खाने का स्वयं चख कर गुणवत्ता एवं स्वाद के बारे में और बेहतर करने की सलाह जेलर को दी गई। निरीक्षण के दौरान जेल के कैदियों से मिलकर उनकी परेशानियों को सुने और जेल प्रशासन को कैदियों के साथ मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बेहतर भोजन एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया। जेल परिसर के अंदर निर्मित हॉस्पिटल में जाकर बंदी मरीज से बात कर एवं डॉक्टर को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए प्रोत्साहित किया और आवश्यकता होने पर रायपुर राजधानी में स्थित सरकारी मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में इलाज करवे जाने के लिए भी कहा गया। इसके अलावा 21 सितंबर 2024 को होने वाले नेशनल लोक अदालत में जिनका राजीनामा योग्य मामला चल रहा है उनको राजीनामा करने हेतु भी प्रोत्साहित किया गया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाने एवं जेल के बंदियों को परिवार के सदस्य की तरह होना बता कर उनकी प्रति हमारी जिम्मेदारी के बारे में बता उन्हे समाज के मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करना भी हमारी जिम्मेदारी है कहा।
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- मुख्यमंत्री द्वारा कांफ्रेंस में दिए निर्देशों पर तत्परता से अमल
-कलेक्टर एसपी ने ली पशुक्रूरता निवारण समिति की बैठकबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा कलेक्टर -एसपी कांफ्रेंस में दिए निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री अवनीश शरण और एसपी श्री रजनेश सिंह ने आज देर शाम अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने गौ-तस्करी के मामलों में प्रभावी नियंत्रण के लिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं । आवारा मवेशियों के प्रबंधन के लिए भी विचार -विमर्श किया गया।जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सड़क पर आवारा मवेशी मिलने पर संबंधित मवेशी के मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। पशु मालिक पर एफआईआर दर्ज किया जाएगा। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के बिंदु क्रमांक 4 के अनुसार यदि कोई अशक्त पशु को सड़क पर छोड़ता है तो उसके लिए दंड का प्रावधान है। इसी प्रकार यदि कोई वाहन चालक द्वारा मवेशी की सड़क दुर्घटना होती है तो वाहन चालक और वाहन मालिक पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वाहन भी राजसात कर लिया जाएगा। एसपी ने बताया कि ऐसी एक घटना में वाहन चालक पर एफआईआर दर्ज किया गया है और उनका वाहन राजसात कर लिया गया है। कलेक्टर ने पशु प्रबंधन के लिए लगाए जा रहे जनचौपाल में यह बात स्पष्ट रूप से पशुपालको को बताने कहा। उन्होंने पशुपालन विभाग को सख्त निर्देश दिए कि पशुओं की अवैध तस्करी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका लगातार निरीक्षण किया जाए। इसमें दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एनएच के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि एनएच पर किसी भी स्थिति में मवेशी ना दिखे। सतत रूप से इसकी निगरानी की जाए। उन्होंने नेशनल हाईवे से लगे प्रत्येक गांव में वॉलेंटियर नियुक्त करने कहा। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री आरपी चौहान, पशु पालन विभाग के अधिकारी, एनएच के अधिकारी, पशुपालक भी मौजूद थे। -
रायपुर - केन्द्र सरकार के आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं रायपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर के क्षेत्र में सभी जोनों के वार्डों में स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है. स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत महात्मा गाँधी जयन्ती दिनांक 2 अक्टूबर 2024 स्वच्छ भारत दिवस तक स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर विविध सकारात्मक गतिविधियां की जाएंगी. आज स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड नम्बर 38 क्षेत्र के अंतर्गत रामकुण्ड क्षेत्र में पहुंचकर रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने वार्ड पार्षद श्री दीपक जायसवाल, पूर्व पार्षद श्री ओंकार बैस, श्री कृष्णा यादव सहित रामकुण्ड बस्ती क्षेत्र के रहवासियों, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों, नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू एवं अन्य जोन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामूहिक स्वच्छता शपथ दिलवाई.
- रायपुर । आज रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के तहत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 38 के क्षेत्र में रामकुण्ड रावणपट्टी सहित विभिन्न 6 स्थानों में कुल लगभग 50 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन विकास कार्यो का श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर वार्ड नम्बर 38 के पार्षद श्री दीपक जायसवाल, जोन 7 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह , कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस सहित गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों की बडी संख्या में उपस्थिति के मध्य भूमिपूजन करते हुए कार्यारंभ करवाते हुए शानदार सौगात दी ।रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 38 में पार्षद श्री दीपक जायसवाल, पूर्व पार्षद श्री ओंकार बैस, श्री कृष्णा यादव एवं शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों सहित आमातालाब उद्यान में ओपन जिम निर्माण कार्य, आमातालाब हमर क्लीनिक के पास मुंडन चबूतरा निर्माण कार्य, रामकुण्ड सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य, आदिशक्ति सामुदायिक भवन में शौचालय निर्माण कार्य, बजरंग नगर गली नम्बर 3 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य,शासकीय प्राथमिक शाला रामकुण्ड में शौचालय मरम्मत, मैदान समतलीकरण निर्माण कार्य हेतु कुल लगभग 50 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से भूमिपूजन करते हुए कार्यारंभ करवाया । रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने जोन नम्बर 7 के जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता को शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 38 के क्षेत्र में स्वीकृति अनुसार सभी नवीन विकास कार्यो को स्थल पर तत्काल प्रारंभ करवाकर तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखकर प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैँ।
- रायपुर -। रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने शुक्रवार को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के तहत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 के अंतर्गत दानवीर भामाशाह वार्ड क्रमांक 26 के क्षेत्र में शुक्रवारी बाजार सहित 7 विभिन्न स्थानों में कुल 55 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन विकास कार्यो का श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर नगर निगम सभापति श्री प्रमोद दुबे, लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा, वार्ड 26 के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्री सुन्दर लाल जोगी , जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे , कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह सहित गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों की बडी संख्या में उपस्थिति के मध्य भूमिपूजन करते हुए कार्यारंभ करवाते हुए शानदार सौगात दी ।रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने दानवीर भामाशाह वार्ड क्रमांक 26 में पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्री सुन्दरलाल जोगी एवं वार्ड क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों सहित तुलसी नगर में लोकेश्वर ठाकुर के घर से जंघेल हेल्थ क्लब तक एवं चक्रधारी रिक्शा स्टेण्ड से लोकेश्वरी साहू के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रूपये में, शंकर होटल चौक से महादेव साहू के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रूपये में, ब्रम्हदेव मंदिर डीमरपारा से सहाड़ादेव मंदिर तक सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रूपये में, खालबाड़ा में स्थित रिक्त भूमि में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य हेतु 10 लाख रूपये में, मंगल बाजार स्थित प्राथमिक शाला भवन का उन्नयन कार्य हेतु 10 लाख रूपये में, कुंदरापारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य हेतु 10 लाख रूपये में, सीएसईबी स्टोर डिपो के गेट के बाजू में शेड निर्माण कार्य हेतु 10 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से भूमिपूजन करते हुए कार्यारंभ करवाया । रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने जोन 2 के जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता को दानवीर भामाशाह वार्ड क्रमांक 26 के क्षेत्र में स्वीकृति अनुसार सभी नवीन विकास कार्यो को स्थल पर तत्काल प्रारंभ करवाकर तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखकर प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी इंजीनियरों को अभियंता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंनेे कहा कि भारत के महान इंजीनियर भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के सम्मान में उनके जन्मदिन 15 सितम्बर को अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्वेश्वरैया जी ने अपनी असाधारण दृष्टि और प्रतिभा से भारत को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई ऊँचाई पर ले गए। उन्हें आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में याद किया जाता है। उनके इंजीनियरिंग के असाधारण कार्यों में से एक मैसूर का कृष्णराज सागर बांध है। इस बांध के बनने से सिंचाई क्षमता में विस्तार के साथ अनेक उद्योग विकसित हुए, जिसने कर्नाटक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और राज्य के निर्माण में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इंजीनियर्स अपनी दूरदृष्टि और कौशल से किसी राज्य के विकास को नए आयाम दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सर विश्वेश्वरैया जी की निष्ठा और समर्पण सबके लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेष रूप से मलयाली समुदाय के लोगों को ओणम पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। ओणम के अवसर पर जारी अपने शुभकामना संदेश में श्री साय ने कहा है कि ओणम केरल राज्य का मह्त्वपूर्ण त्यौहार है। छत्तीसगढ़ में मलयाली समुदाय द्वारा इसे उत्साह से मनाया जाता है। ओणम अच्छी फसल के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार हमारे जीवन में प्रकृति की महत्वपूर्ण भूमिका और मेहनती किसानों के महत्व की पुष्टि करता है। श्री साय ने प्रार्थना की है कि ओणम का त्यौहार समाज में खुशहाली लाए और सद्भाव बढ़े।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भुवनेश्वरी जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सबके सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि आदि शक्ति स्वरुपा मां भुवनेश्वरी देवी दस महाविद्याओं में से एक महा विद्या मानी जाती हैं। मान्यता है कि भुवनेश्वरी देवी की श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। श्री साय ने कहा कि भुवेनश्वरी देवी आदिशक्ति शाकंभरी नाम से प्रसिद्ध हुई हैं। पुत्र प्राप्ति के लिए लोग भुवनेश्वरी देवी की अराधना करते है। भक्तों को अभय एवं सिद्धि प्रदान करना इनका गुण है।
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- दोनों राज्यों के परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच सहमति
रायपुर / छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा यात्री सुविधा के विस्तार एवं सुगम यातायात हेतु 17 वर्षों के बाद दोनों राज्यों के विभागों की पहल पर विगत 11 सितम्बर, 2024 को मध्यप्रदेश के मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल में बैठक आयोजित की गई। मध्यप्रदेश राज्य की ओर से इस बैठक में श्री एस. एन. मिश्रा, अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से श्री एस. प्रकाश, सचिव, परिवहन विभाग सह परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ की उपस्थित में हुई।दोनों राज्यों के बीच परिवहन विभाग के विभिन्न मुद्दों पर छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश के मध्य वर्ष 2007 में हुए अंतर्राज्यीय पारस्परिक यातायात समझौता में अभिवृद्धि किये जाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा 34 नवीन मार्गों एवं मध्यप्रदेश राज्य द्वारा 19 नवीन मार्गों को जोड़ने पर सहमति बनी। इसके अलावा पारस्परिक करार के 81 मार्गों में 36 मार्गों में रिक्ति नहीं होने के कारण फेरा वृद्धि, सहमति मार्गों को पारस्परिक करार में शामिल करने, यातायात के आधुनिकीकरण, मुक्त जोन पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लेने, सहित संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण सहित अनेक महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर सहमति बनी। बैठक में लिये गये सभी निर्णयों पर कार्यवाही आगामी दिनों में वैधानिक प्रक्रिया अनुसार की जाएगी। इस बैठक में श्री सी.बी. चक्रवर्ती, सचिव, मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग, श्री डी.पी. गुप्ता, परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश, श्री डी. रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़, श्री उमेश जोगा, अपर परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश, श्री मनोज कुमार धु्रव, उप परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ एवं श्री एच. के. सिंह सचिव, राज्य परिवहन प्राधिकार मध्यप्रदेश सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। -
- 190 परीक्षा केन्द्र बनाये गये, परीक्षा में 62 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे
दुर्ग, / छत्तीसगढ़ व्यापम रायपुर द्वारा 15 सितम्बर 2024 को छात्रावास अधीक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई है। जिले में उक्त भर्ती परीक्षा हेतु प्रशिक्षण समन्वय केन्द्र शासकीय विश्वविद्यालय तामस्कर स्नातक महाविद्यालय में विगत दिवस आयोजित की गई। दुर्ग जिले में 190 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जिनमें लगभग 62000 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। इस परीक्षा के व्यवस्थित ढंग से संपन्न करने हेतु संबंधित केन्द्रों के केन्द्रोध्यक्षों, सहायक केन्द्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर डॉ. अवधेश श्रीवास्तव सहायक प्राध्यापक शासकीय दानवीर तुलाराम महाविद्यालय उतई, डॉ. सजयदास प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय वैशालीनगर, डॉ. एस.के. देशमुख सहायक प्राध्यापक शासकीय विश्वनाथ तामस्कर महाविद्यालय दुर्ग एवं सहायक समन्वयक डॉ. अभिनेष सुराना ने प्रशिक्षण दिया। साथ ही इस प्रशिक्षण में समन्वयक के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.ए. सिद्दकी, नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा उपस्थित थे। प्रशिक्षण चार पालियों में सपन्न हुआ जिसमें लगभग 800 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। -
-अंधविश्वास के कारण हुईं 4 हत्याएं
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने बलोदाबाजार के कसडोल के ग्राम छरछेद में जादू टोना, टोनही के संदेह में 2महिलाओं सहित 4 व्यक्तियों की निर्मम हत्या की कडी निंदा की है और आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है.डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कहा जादू टोने का कोई अस्तित्व नही हैं .ग्रामीणों को अंधविश्वास में पड़कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए.डॉ दिनेश मिश्र ने कहा पिछले कुछ दिनों में टोनही /डायन के सन्देह में हत्या मारपीट ,प्रताड़ना की घटनाएं सामने आयी हैं सिर्फ अंधविश्वास ,जादू टोने जैसी भ्रामक मान्यताओं पर भरोसा कर किसी निर्दोष महिला एवं उसके परिवार पर हमला करने की घटनाएं, अनुचित है,दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए.समिति प्रवास कर प्रताड़ित परिवारों से मिलेगी और ग्रामीणों को जागरूक करेगी .डॉ. मिश्र ने कहा हर व्यक्ति की बीमारी,समस्या और उसके कारण अलग-अलग होते हैं जिनका समाधान सही चिकिसकीय उपचार ,तर्कसंगत उपाय से किया जा सकता है. बीमारियाँ अलग अलग कारणों से होती हैं संक्रमण होने से ,दुर्घटना होने,कुपोषण से व्यक्ति बीमार होता है संक्रमण भी विभिन्न बैक्टीरिया, वायरस ,फंगस से होता है ,तथाकथित जादू टोने ,से कोई बीमार नही हो सकता ,क्योंकि जादू टोने जैसी काल्पनिक मान्यताओं का कोई अस्तित्व ही नहीं है,इस लिए तथाकथित जादू टोने से ना ही कोई व्यक्ति किसी को भी मार कर सकता है, न ही किसी को परेशानी में डाल सकता हैं और न ही किसी व्यक्ति का किसी प्रकार से फसल आदि का कोई नुकसान कर सकता है ,जादू टोने ,टोनही, डायन की मान्यता सिर्फ अंधविश्वास है. जिसका का कोई अस्तित्व नहीं है ,और इस प्रकार के शक या सन्देह में किसी भी महिला को प्रताड़ित करना उसके व उसके परिवार के साथ मारपीट करना ,अग्निपरीक्षा लेना,,उसको जान से मारना अनुचित,क्रूर और अपराधिक है .ग्रामीणों को इस प्रकार के अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए .डॉ मिश्र ने प्रशासन मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्यवाही की जाए तथा आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की अनुचित हरकत करने की चेष्टा ना कर सके.समिति इन सभी मामलों में ग्रामीणों से मिलेगी और जागरूक करेगी.डॉ. मिश्र ने कहा देश के अनेक प्रदेशों में डायन/ टोनही के सन्देह में प्रताडऩा की घटनाएँ आम है , जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई जादुई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है। जनजागरूकता के कार्यक्रमों से अंधविश्वास का निर्मूलन सम्भव है .डॉ .दिनेश मिश्र ,अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समितिMob.9827400859E-mail [email protected] -
-सीएम श्री साय के निर्देश पर पारेषण क्षमता में विकास का अभियान - आर.के.शुक्ला
रायपुर |छत्तीसगढ़ में विद्युत विकास का लाभ उपभोक्ताओं को शीघ्रता से प्रदान करने के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार उपकेन्द्रों के उन्नयन व क्रियाशील करने का अभियान छेड़ दिया गया है ,जिसके तहत 14 सितंबर को बलरामपुर जिले में लगभग 10 करोड़ की लागत से 2 अति उच्च दाब उपकेंद्रों में 40-40 एमवीए पाॅवर टांसफार्मर ऊर्जीकृत किये गए। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक ने आज बलरामपुर जिले में पहुंच कर राजपुर तथा बलरामपुर में पाॅवर ट्रांसफार्ममरों को ऊर्जीकृत किया । पहले वे राजपुर पहुंचे ,जहां 132/33केवी क्षमता के उपकेंद्र में 40 एमवीए क्षमता के पाॅवर ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया। इससे राजपुर, कुसमी,शंकरगढ़,बारियों,झिंगो,हस्ता,आदि 336गांवों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता बढ़ेगी। इस कार्य की लागत 4करोड़ 6 लाख रुपये है । इसके पश्चात श्री शुक्ला विभागीय अधिकारीगण के साथ बलरामपुर के 132/33 केवी क्षमता अति उच्चदाब उपकेंद्र बलरामपुर पहुंचे, जहां 40 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पाॅवर ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया । इस कार्य की लागत 4 करोड़ 98 लाख रुपए है। इसके ऊर्जीकृत होने से 240 गाँवों की विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा।लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी । इससे कृषि,उद्योग-धंधे तथा सामाजिक विकास के सूचकांकों में भी सुधार होगा। बलरामपुर जिले के विकास को गति मिलेगी वहीं प्रदेश स्तरीय पाॅवर ग्रिड को मजबूती मिलेगी । इस अवसर पर मुख्यअभियंतागण श्रीमती के.घाटे ,श्री शिरीष सैलट,अधीक्षण अभियंतागण श्री सी. एम. बाजपेयी,श्री पी.एस.नेताम ,श्री राजेन्द्र मिश्रा,श्री डी.एस.पटेल ,कार्यपालन अभियंतागण पीके अग्रवाल, एससी भगत, जीआर जायसवाल, रंजना खलखो,आई के साय, ललित भगत, बीसी टोप्पो आदि उपस्थित थे ।
- - निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने कांट्रेक्टर को दिए निर्देशदुर्ग, / दुर्ग संभाग के आयुक्त एवं हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज नगर के पोटिया वार्ड में विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के मैप का अवलोकन किया और कांट्रेक्टर को भवन निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री भूपेंद्र कुलदीप ने निर्माणाधीन भवन में प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया। इस अवसर पर एसडीएम श्री एच.एस. मिरी, तहसीलदार श्री पी.आर. सलाम, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
- -15 सितंबर की शाम 5 बजे तक अभ्यर्थी करा सकते हैं पंजीयनरायपुर, / नर्सिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की मांग को देखते हुए पंजीयन की अंतिम तारीख को तीन दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। पंजीयन के लिए अतिरिक्त समय मिलने से ज्यादा से ज्यादा छात्रों को प्रवेश मिलेगा। पंजीयन के लिए पूर्व में 12 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया था जिसे अब 15 सितंबर शाम 5 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है।बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग तथा पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन साइकेट्रिस्ट नर्सिंग में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी अपना पंजीयन करा सकते है। इसके साथ ही जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में पंजीयन करा लिया है वो आवेदन को निःशुल्क अनलॉक करके पुनः संस्था एवं विषय का चुनाव कर सकते हैं। काउंसलिंग, आवंटन एवं प्रवेश संबंधी समस्त जानकर संचालनालय चिकित्सा शिक्षा की वेबसाइट www.cgdme.in में उपलब्ध कराई जाएगी। file photo




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