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- 0- जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से तांदुला नदी अपने नए स्वरूप में दिखेगा0- जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के मध्य आज हुआ एमओयू0- तांदुला नदी के पुनरूद्धार से नदी पुर्नजीवन से संबंधित अनेक परियोजनाओं के लिए प्रशस्त होगा मार्गबालोद. जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से शीघ्र ही जिले की जीवन दायिनी तांदुला नदी का पुनरूद्धार होने से यह नदी अपने नए स्वरूप में प्रस्तुत होगा। इसके पुनरूद्धार कार्य हेतु जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन के मध्य औपचारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। जिला प्रशासन के विशेष पहल पर शुरू किए गए यह कार्य बालोद जिले में नदी पुर्नजीवन के लिए एक वैज्ञानिक सतत एवं सामुदायिक भागीदारी आधारित माडल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में आज संपन्न एमओयू के दौरान दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन सहित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के अधिकारीगण उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में बालोद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस पहल से जिले की जीवन दायिनी तांदुला नदी का शीघ्र ही कायाकल्प होने के साथ-साथ यह नदी धरती माता आम जनता की सेवा में अपनी स्वरूप में प्रस्तुत होने वाली है।संभाग आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने बालोद जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से जीवन दायिनी तांदुला नदी को सजाने, संवारने की दिशा में शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण कार्य की भूरी-भूरी सराहना की। श्री राठौर ने बालोद जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समयोचित प्रयास बताया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि इस परियोजना की सफलता न केवल बालोद जिले के लिए बल्कि भविष्य में समूचे छत्तीसगढ़ राज्य में नदी पुर्नजीवन से संबंधित अनेक परियोजनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। संभाग आयुक्त ने जिला प्रशासन बालोद एवं आईआईटी भिलाई को इस महत्वपूर्ण कार्य की सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इस परियोजना के व्यापक उद्देश्यों के संबंध में एक स्पष्ट दृष्टि प्रस्तुत की। उन्होंने वर्तमान में तांदुला नदी के समक्ष सेलेटेशन, प्रदूषण, जल प्रवाह में मौसमी अस्थिरता एवं पारिस्थितिक क्षरण जैसे मौजूद चुनौतियों के संबंध में प्रकाश डाला।इसके अलावा उन्होंने बालोद जिला प्रशासन की ओर से तांदुला जलाशय से हीरापुर एनीकट तक 03 किमी. के क्षेत्र तक के क्षेत्र को भविष्य में संतुलित स्वच्छ एवं पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ नदी तंत्र के रूप में विकसित करने की योजना के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर आईआईटी भिलाई की टीम के द्वारा इस बहुद्देश्यी परियोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। जिसके अंतर्गत निर्धारित समयावधि में इनके क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत योजना एवं प्रमुख फोकस क्षेत्रों के संबंध में जानकारी भी साझा की गई। इसके अलावा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, जल गुणवत्ता सुधार, जैव विविधता संरक्षण, जल प्रबंधन एवं सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी रेखांकित किया गया। जिसका बालोद जिला प्रशासन द्वारा भूरी-भूरी सराहना की गई।उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के अंतर्गत तांदुला जलाशय से हीरापुर एनीकट तक 03 किमी. के चयनित क्षेत्र के महत्वपूर्ण हिस्से को एक हाइड्रोलॉजिकली स्थिर एवं पारिस्थितिक रूप से समृद्ध नदी कॉरिडोर में परिवर्तित करने की योजना शामिल है। इसमें उन्नत तकनीकी सर्वेक्षण, प्रकृति-आधारित समाधान एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी को समाहित किया गया है। जिससे कि आम जनता को इस योजना का दीर्घकालिक परिणाम मिल सके। बालोद जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से शुरू किया गया यह पहल परियोजना अंचल के सतत विकास, पर्यावरणीय पुर्नस्थापना और जनभागीदारी के माध्यम से क्षेत्रीय विकास का एक प्रेरणादायी मॉडल बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके माध्यम से तांदुला नदी के जल को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के साथ-साथ नदी के जल कंुभियों का समुचित उपयोग के अलावा इस पूरे क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
- 0- स्वगणना प्रक्रिया की जानकारी देने के अलावा स्वगणना की जानकारी भरने के लिए किया गया प्रेरित0- जिले में द्वितीय चरण का प्रशिक्षण पूर्णबालोद.कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों के द्वारा बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायतों में आज 24 अप्रैल को आयेाजित विशेष ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों को जनगणना 2027 के कार्यों के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होेंने जनगणना के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी नागरिकों से जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना के राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने की अपील की गई। इस दौरान जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा विशेष ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को आॅनलाईन स्वगणना भरने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सभी को आॅनलाईन स्वगणना भरने के लिए प्रेरित भी किया गया। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है। इसके अंतर्गत आज डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बालोद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जमरूवा एवं ओरमा तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दुपेचरा में पहुँचकर जनगणना के कार्य का अवलोकन किया।
- 0- 'द टी-एक्सप्रेस’ से नई पहचान, 10 दिव्यांगों को मिला रोजगाररायपुर। कहते हैं, दृढ़ संकल्प और मेहनत के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। शांती नगर की निवासी श्रीमती गिरजा जलक्षत्री ने इस बात को सच साबित किया है। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की ऋण योजना से मिली सहायता ने उनके जीवन को नई दिशा दी। योजना से मिली राशि से न केवल उन्होंने व्यवसाय शुरू किया बल्कि उनके जैसे और दिव्यांगजनों को रोजगार देकर समाज में प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं।श्रीमती जलक्षत्री 60 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। उन्हें समाज कल्याण विभाग की योजना ‘‘छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम‘‘ के तहत इलेक्ट्रीकल एण्ड इलेक्ट्रानिक शॉप हेतु 06 जनवरी 2017 में 01 लाख 75 हजार रूपए ऋण स्वीकृत हुआ। जिसकी पूरी किश्त नियमित रूप से श्रीमती जलक्षत्री द्वारा चुका दी गई तथा नियमानुसार कुल ब्याज राशि पर उन्हें 25 प्रतिशत सब्सिडी भी प्राप्त हुई।योजना से मिले सहयोग से आगे बढ़ते हुए उन्हें पुनः 2 लाख 75 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ और उन्होंने “द टी-एक्सप्रेस” के नाम से कोर्ट परिसर रायपुर में चाय एवं स्वल्पाहार केंद्र की शुरुआत की। उनके इस व्यवसाय से 10 दिव्यांगजनों को आश्रय और रोजगार मिला है, जिससे वे और उनके परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
- 0- बेलदार सिवनी के प्रकाश धीवर ने 20 लोगों को दिया रोजगाररायपुर। रायपुर से लगभग 35 किमी दूर विकासखण्ड तिल्दा-नेवरा की ग्राम पंचायत बेलदार सिवनी निवासी श्री प्रकाश धीवर ने मछली पालन को आजीविका का मुख्य साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में प्रकाश ने मछली पालन विभाग से संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि ग्राम पंचायत के तालाबों को पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने समिति बनाकर ग्राम पंचायत सिवनी के तालाबों को शासन के नियमानुसार 10 वर्षीय पट्टे पर लिया तथा कुछ निजी तालाब लीज पर लेकर मछली पालन शुरू किया।श्री प्रकाश धीवर जय महामाया मछुआ सहकारी समिति बेलदार सिवनी के अध्यक्ष हैं, जिसमें 21 सदस्य हैं। वर्तमान में उनकी समिति के पास कुल 5 तालाब (8.835 हेक्टेयर) पट्टे पर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 22 से 25 टन मछली का उत्पादन होता है।प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत प्रकाश को 40 प्रतिशत अनुदान पर चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है। इस वाहन की मदद से वे रायपुर, खरोरा, तिल्दा व बलौदा बाजार जैसे बड़े मछली बाजारों में जीवित मछली बेचकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करते हैं। सभी स्रोतों से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 15 से 20 लाख रुपये की आय होती है।प्रकाश मछली पालन के लिए जिला सहकारी बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का केसीसी ऋण लेते हैं, जिसका उपयोग मछली बीज, चूना व जाल खरीदने में करते हैं। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर श्री प्रकाश धीवर आत्मनिर्भर मत्स्य कृषक बन गए हैं और साथ ही 15 से 20 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में सचिव श्री टेमन लाल देवांगन ने आंगनबाड़ी केंद्र 2 जवईबांधा, नर्सिंग ऑफिसर सुश्री कंचन लोधी ने आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी नगर, स्टॉफ नर्स सुश्री गीता बंजारे ने आंगनबाड़ी केंद्र त्रिमूर्ति नगर एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सुश्री स्वाती गुरुदान ने आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी नगर में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- अब तक 4500 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 265 बैचों में 4500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 37 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- -भारत को 2047 तक खेलों में भी अग्रणी बनाने होगा मंथन : अरुण सावबिलासपुर ।. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित चिंतन शिविर में शामिल होंगे। भारत सरकार द्वारा 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक आयोजित इस तीन दिवसीय चिंतन शिविर में केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया, विभिन्न राज्यों के खेल मंत्री तथा अधिकारी भारत को खेल शक्ति बनाने की कार्ययोजनाओं पर मंथन करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव चिंतन शिविर में शामिल होने शुक्रवार को सवेरे श्रीनगर के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में आने वाले समय में देश में खेलों के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों, खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के विषय में विचार-विमर्श किया जाएगा। सभी राज्यों के खेल मंत्री और अधिकारी केंद्र सरकार के साथ मंथन कर खेलों के विकास की योजनाएं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप 2047 तक भारत दुनिया में खेल के क्षेत्र में भी अग्रणी बने, इस लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है। आने वाले समय में इनके सकारात्मक परिणाम दिखेंगे।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष पत्रकार मोहन तिवारी के पिता दिलीप तिवारी के देहावसान पर गहन शोक व्यक्त किया है।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने स्व. तिवारी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एक परिवार के लिए पिता का साया उठना अपूरणीय क्षति है। स्व. तिवारी एक सरल, सहज और सेवाभावी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका मार्गदर्शन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायी रहा। श्री पाण्डेय ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
भाजपा मीडिया के समस्त प्रदेश प्रवक्ता एवं पैनलिस्ट गण ने भी स्व. तिवारी को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। -
मानव श्रृंखला के माध्यम से दिया गया जल संरक्षण का संदेश
बालोद/जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पेंडरवानी में “नीर चेतना अभियान 2026” अंतर्गत जल संरक्षण, जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने भारत का नक्शा एवं जेएसजेबी 2.0 का मानव श्रृंखला बनाकर जल बचाओ, जीवन बचाओ का संदेश दिया। कार्यक्रम में कुल 475 लोग शामिल हुए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने घरों में सोकपीट और रैन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण कराने को कहा। जिससे वर्षा जल का संचय कर भूजल स्तर में वृद्धि की जा सके। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। -
बालोद/जिले में वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। जिसके लिए जिला यूनियन वनमंडल बालोद द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। वनमण्डलाधिकारी एवं जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित बालोद के प्रबंध संचालक श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले के लगभग 25 हजार संग्राहकों के द्वारा तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाना है। जिन्हंें 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से ऑनलाइन भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। जिसके लिए 252 फड़ खोले जाएंगे। कलेक्टर द्वारा अन्य विभागों से 151 फड़ एवं वनमंडलाधिकारी द्वारा 101 विभागीय और अभिरक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा निगरानी के लिए जोनल अधिकारी और पोषक अधिकारियों की नियुक्तियां भी पूर्ण हो चुकी हैं।
प्रबंध संचालक ने बताया कि संग्रहण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ’शाखकर्तन कार्यशाला’ का आयोजन पूर्व में किया जा चुका है। फड़मुंशियों का अनुमोदन भी हो गया है। जब तक अच्छी गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त होंगे, तब तक संग्रहण केंद्र खुले रहेंगे ताकि संग्राहकों को अधिकतम लाभ मिल सके। संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा 21 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत की वन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। समिति के सदस्य स्वयं फड़ों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि संग्रहण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए इसी सप्ताह क्रेता, प्रबंधक और पोषक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पूरी व्यवस्था चाक-चैबंद है। संग्राहकों को सही समय पर उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और संग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी संपन्न कराना हमारा लक्ष्य है। -
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
बालोद/जिले में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत विभिन्न संकायों में प्रशिक्षण हेतु इच्छुक हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित की गई है। जिला परियोजना लाईवलीहुड कालेज के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि लाईवलीहुड कॉलेज बालोद में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत जिले के इच्छुक हितग्राहियों के लिए फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, सोलर पीवी इंस्टालर (सूर्यमित्र) एवं सिक्यूरिटी गार्ड संकाय अंतर्गत प्रशिक्षण का आयोजन लाईवलीहुड कॉलेज पाकुरभाट में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इच्छुक हितग्राही जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज (शास.आई.टी.आई. छात्रावास भवन) बालोद में कार्यालयीन समय में समस्त शैक्षणिक योग्यता, आधार कार्ड, जाति, निवासी प्रमाण पत्र की छायाप्रति एवं 02 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होकर आवेदन कर सकते है। इसके साथ ही प्रशिक्षण के संबंध में अधिक जानकारी मोबाईल नंबर 9098427492 पर भी सम्पर्क कर सकते है। -
बिलासपुर/ राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 50,044 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जन मन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके माध्यम से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है।
जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचैलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में तेजी आई।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14,973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13,762, कोटा में 11,205 और तखतपुर में 10,104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया। यह आंकड़े न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी साबित करते हैं।
इस सफलता के पीछे ‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें निर्माण कार्य में सक्रिय भागीदारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं। वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हुए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले ने कुल 1,03,873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है।
इस योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।
कलेक्टर संजय कुमार अग्रवाल ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50,000 से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की नींव हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। -
बैंकों को लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश
हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाया जाए: सीईओ
रायपुर/ पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सुचारु, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस कक्ष में साप्ताहिक समीक्षा की बैठक ली।
बैठक के दौरान सीईओ श्री बिश्वरंजन ने योजना की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए बैंकों को आवेदन सोर्सिंग बढ़ाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी अनावश्यक बाधा के समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आवेदन को बिना ठोस कारण के अस्वीकृत न किया जाए, तथा यदि किसी कारणवश आवेदन निरस्त किया जाता है तो संबंधित आवेदक को अस्वीकृति का स्पष्ट कारण अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए। सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि बैंक, सीएसपीडीसीएल एवं वेंडरों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने योजना की स्वीकृति, ऋण वितरण (डिस्बर्समेंट) एवं इंस्टॉलेशन की साप्ताहिक समीक्षा निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को लाभ प्राप्त करने एवं ऋण लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
इस अवसर पर एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - -आंगनबाड़ी संचालन समय में बदलाव: बच्चों की उपस्थिति सुबह 7 से 9 बजे तक सीमित-बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, निर्देशों के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई नहीं होगी: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेरायपुर / प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी।मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- -हितग्राहियों को 97 लाख रुपए से अधिक के चेक का हुआ वितरणरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 872 जरूरतमंद नागरिकों को कुल 97 लाख 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान एवं उपमुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान मद से स्वीकृत की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से जिले के जरूरतमंद नागरिकों के लिए स्वेच्छा अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया था। जिसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान मद से 402 हितग्राहियों को 45 लाख 25 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत की गई। वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने स्वेच्छा अनुदान मद से 470 हितग्राहियों के लिए 51 लाख 80 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस प्रकार कुल 872 हितग्राहियों को 97 लाख 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। सभी हितग्राहियों को उपमुख्यमंत्री कार्यालय कवर्धा में चेक के माध्यम से सहायता राशि का वितरण किया जा रहा है। चेक वितरण के दौरान श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री अमर कुर्रे, श्री ओमकार साहू एवं श्री लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए कठिन समय में एक मजबूत सहारा बनकर आई है। कई हितग्राहियों ने बताया कि वे लंबे समय से आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे, लेकिन अब उन्हें राहत मिली है। इस सहयोग से वे अपने जरूरी कार्यों को पूरा कर पाएंगे और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। हितग्राहियों ने यह भी कहा कि सरकार की यह पहल से उनमें नई उम्मीद जगी है और उन्हें विश्वास हुआ है कि शासन उनके साथ खड़ा है।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा साड़ी, शाल और गमछा का अवलोकन किया तथा राज्य के हाथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए नवाचार, डिज़ाइन विकास और मूल्य संवर्धन पर विशेष बल दिया।राज्यपाल ने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कोसा साड़ी एवं शाल में डॉबी और जैकार्ड तकनीक का उपयोग कर आधुनिक डिज़ाइन विकसित किए जाएं। साथ ही विभिन्न आयु वर्ग की पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पादों को आकर्षक एवं किफायती बनाया जाए, ताकि इनकी बाजार में मांग बढ़ सके।उन्होंने उत्तर-पूर्व के प्रसिद्ध रेशम क्षेत्र असम के सुवालकुची, विजयनगर और डेमाजी क्षेत्रों के सफल मॉडल का अध्ययन कर वहां के लोकप्रिय डिज़ाइनों को छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्रों में समाहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि इससे राज्य के बुनकरों को नई पहचान मिलेगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।राज्यपाल ने कोसा साड़ी को अधिक किफायती बनाने के लिए साड़ी की बॉडी और बॉर्डर को पृथक रूप से तैयार कर नई शैली की साड़ियों के निर्माण का सुझाव भी दिया। उन्होंने विशेष रंगों एवं धागोंकृएक्रेलिक, स्पन और टू-प्लाई यार्न का उपयोग कर आकर्षक मोटिफ और डिज़ाइन विकसित करने पर भी जोर दिया।उन्होंने आगामी एक माह में इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामोद्योग विभाग को राज्य की किसी एक बुनकर सहकारी समिति को गोद लेकर उसके समग्र विकास हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री श्याम धावड़े, राज्य हाथकरघा संघ के सचिव श्री एम. एम. जोशी, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बुनकर सेवा केंद्र रायगढ के उपनिदेशक श्री विजय सावनेरकर सहित तकनीकी विशेषज्ञों तथा डिज़ाइनर उपस्थित रहे।
- महासमुंद / महासमुन्द जिला अंतर्गत जिला खनिज न्यास संस्थान से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 320 आरओ फिल्टर महासमुन्द ब्लॉक में लगाया गया है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 282 एवं नगरीय क्षेत्र में 38 आंगनबाड़ी केन्द्र सम्मिलित है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत स्थापित 282 केन्द्रों में से 201 केन्द्रों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, एवं आरओ चालू स्थिति में है, शेष 81 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 38 केन्द्रों में गर्मी के कारण जलस्तर में कमी से पानी की उपलब्धता नहीं होने पर, 14 केन्द्रों में रनिंग वाटर उपलब्ध नहीं होने पर, 29 केन्द्रों में आरओ अन्य केन्द्रों में स्थानांतरित की जा रही है। शहरी क्षेत्र के 38 केन्द्रों में से 27 आंगनबाड़ी भवनों में नगर पालिका परिषद महासमुन्द के द्वारा मरम्मत एवं जिर्णाद्धार का कार्य किया जा रहा है। जिससे उक्त केन्द्रों के आर.ओ. फिल्टर चालू स्थिति में नहीं है। शेष 11 आंगनबाड़ी केन्द्रों में आरओ स्थापित एवं चालू स्थिति में है।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जटवार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सक्षम आंगनबाड़ी के तहत् जिले के 600 आंगनबाड़ी केन्द्रो में संचालनालय महिला एवं बाल विकास के माध्यम से वाटर फिल्टर प्रदाय प्रदाय किया गया है, जिसमें बागबाहरा 263, पिथौरा 112, बसना 112, सरायपाली 113 स्थापित किया गया है। सभी सक्षम 600 आंगनबाड़ी केन्द्रों में आर.ओ. चालू स्थिति में एवं पेयजल उपलब्ध है।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला खनिज न्यास संस्थान से 320 आंगनबाड़ी केन्द्रो में आरो फिल्टर स्थापित करने हेतु स्वीकृति प्रदान किया गया है। उक्त के तहत् पिथौरा ग्रामीण क्षेत्र में 152, बसना ग्रामीण क्षेत्र में 104 आर.ओ. स्थापित किया गया है। जिसमें सभी 284 में पेयजल व्यवस्था उपलब्ध है, शेष 36 आर.ओ. स्थापित किया जा रहा है। इस प्रकार जिले के 1793 के विरूद्ध 1240 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए जिला खनिज न्यास निधि/सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए आर.ओ. स्थापित करने की स्वीकृति प्राप्त है। जिसमें से 1204 आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्थापित किया जा चुका है। स्थापित 1204 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1106 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पानी उपलब्धता एवं आर.ओ. चालू स्थिति में है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। file photo
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आरंग। ग्राम टेकारी (कुंडा) निवासी डॉ. केजूराम वर्मा का शुक्रवार को 83 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। वे गणेश, ओंकार और रामकुमार वर्मा के पिता थे। उनका अंतिम संस्कार कल शनिवार को पूर्वाह्न 10 बजे टेकारी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' पर प्रदेश के सभी त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियो सहित समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। श्री देव ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएँ हमारे लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। महात्मा गांधी के 'ग्राम स्वराज' के सपने को साकार करने में इन संस्थाओं की भूमिका अतुलनीय है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पंचायतों को सीधे फंड आवंटित कर उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाया है, ताकि विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। इसी तरह राज्य की भाजपा सरकार के मार्गदर्शन में पंचायतें 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में प्रभावी भूमिका निभाएंगीं। श्री देव ने कहा कि पंचायतें केवल शासन की इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्थान और जन-आकांक्षाओं की पूर्ति का केंद्र हैं। आज के दिन हम पंचायतों को और अधिक पारदर्शी, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेते हैं। सभी पंचायत प्रतिनिधि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी निष्ठा के साथ जन-जन तक पहुँचाएँ और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने में अपना सक्रिय योगदान दें।
- -रोबोटिक तकनीक से अब आसान हुआ नी एवं हिप रिप्लेसमेंट: डॉ. प्रतीक धाबलियारायपुर 6। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ में एक विशेष हेल्थ टॉक का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को अमूल्य जीवन प्रदान किया है और इसी शरीर के माध्यम से हम समाज व मानव सेवा के कार्य कर पाते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शरीर का उचित ध्यान रखकर ही हम निरोगी जीवन जी सकते हैं।इस अवसर पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. प्रतीक धाबलिया ने बताया कि आधुनिक रोबोटिक तकनीक आधारित सर्जरी के माध्यम से घुटने एवं हिप रिप्लेसमेंट अब अधिक सटिक, सुरक्षित और आसान हो गया है। तकनीकों के उपयोग से मरीजों की रिकवरी पहले की तुलना में काफी तेज हो रही है।डॉ. धाबलिया ने यह भी बताया कि कस्टम-मेड इम्प्लांट्स और एडवांस सर्जिकल प्लानिंग के जरिए मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, जिससे वे जल्द ही सामान्य जीवन में लौट पा रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञ से समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री आरपी नामदेव, महाप्रबंधक श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचएल पंचारी, चिकित्सा सलाहकार डॉ. विवेक गोले, डा. इंदु साहू सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन का समापन किया गया।
- -सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्नरायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली। कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी श्री दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकरी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी।एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक श्री अभिजीत कौशिक, श्री उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
- -जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें-परिणाम के अनुरूप होगा हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन-प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिलों के अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देशरायपुर, / जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके। जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है।बैठक में अपर संचालक सर्वश्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।
- -आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालितमंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव-आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालितरायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़ेप्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।



















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