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- 0- गर्मी में राहगीरों व श्रमिकों को मिलेगी राहतबिलासपुर. लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए रियल ग्रोथ पब्लिक उस्लापुर के स्काउट-गाइड के बच्चों द्वारा समाज सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए उस्लापुर ओवर ब्रिज के नीचे प्याऊ घर का शुभारंभ किया गया। इस व्यवस्था के माध्यम से राहगीरों, श्रमिकों और आमजन को निःशुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।कार्यक्रम का शुभारंभ वार्ड पार्षद राजेंद्र किरण टंडन द्वारा गया। इस अवसर पर जिला मुख्य आयुक्त श्री चन्द्रप्रकाश बाजपेयी, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) श्री महेन्द्र बाबू टंडन, चेयरमैन डी.के.जायसवाल, एकेडमिक डायरेक्टर श्रीमती दिलजीत कौर छाबड़ा, डायरेक्टर श्रीमती तनिष्का जायसवाल, उप प्राचार्या सुश्री ऊषा मिश्रा तथा शाला की गाइडर श्रीमती पुष्पा शर्मा सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।इस दौरान जिले के स्काउट्स-गाइड्स, रोवर-रेंजर एवं स्काउटर-गाइडर ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेवा कार्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में इस प्रकार की व्यवस्था आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करेगी। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि प्याऊ घर के माध्यम से प्रतिदिन राहगीरों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं नियमित रूप से यहां सेवा कार्य करते हुए लोगों को जल पिलाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने इस जनसेवा कार्य को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया और विद्यालय के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की।--
- भिलाईनगर| स्मृति नगर क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने सख्ती दिखाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। गम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशानुसार जोन क्रमांक 01, वार्ड क्रमांक 02 में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की कमी, सड़क बाधा उत्पन्न करने और अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) नहीं होने पर चालानी कार्रवाई की गई।अभियान के तहत तीन लोगों पर जुर्माना लगाया गया। विश्वनाथ डोसा सेंटर से ₹2000, ओम यादव से ₹500 तथा सुमित बाग से ₹1000 का चालान वसूला गया। इस प्रकार कुल ₹3500 की राशि निगम द्वारा वसूली गई। गर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही व्यापारियों से अपील की गई है कि वे आवश्यक लाइसेंस प्राप्त कर नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।--
- 0- बुढ़ी आँखों का सपना हुआ साकार: राम बाई की कहानी0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव के सुशासन में जिले में हजारों परिवारों को मिला पक्का मकानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन में प्रधानमंत्री आवास योजना से राज्य सहित रायपुर जिले में हजारों लोगों की जिंदगी बदली रही है। पक्की छत के नीचे लाखों लोग सुकून से रह रहे हैं।पहले जहां कच्चे मकान की टूटी-फूटी दीवारें और छत उनके परिवार की मुश्किलों की गवाह थीं। बरसात के मौसम में तो हालत और भी विकट हो जाती थी। घर के भीतर पानी भर जाना, सामान भीग जाता और रातें जागते हुए काटनी पड़ती थीं, आज वें पक्के छत के नीचे आराम से जीवनयापन कर रहे हैं।ऐसे ही सपना 62 वर्षीय श्रीमती राम बाई निषाद की आँखों में था, जो अब सच हो गया है। ग्राम पंचायत बेमता, तिल्दा की रहने वाली सुश्री राम बाई ने जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। पति के गुजर जाने के बाद, एक कच्चे घर में बेटे के साथ गुजर-बसर करना उनकी मजबूरी बन गई थी। टपकती छत, मिट्टी की दीवारें और हर मौसम में असुरक्षा का एहसास यही उनकी रोजमर्रा की सच्चाई थी।राम बाई कहती हैं, "बरसात में छत टपकती थी तो पूरी रात जागकर निकालनी पड़ती थी। सोचती थी, क्या कभी अपना पक्का घर देख पाऊंगी?" समय के साथ उनकी उम्मीदें भी जैसे धुंधली पड़ने लगी थीं। लेकिन फिर एक दिन ग्राम पंचायत से खबर आई प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका नाम स्वीकृत हो गया है।"मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ। लगा जैसे भगवान ने मेरी सुन ली," वे भावुक होकर बताती हैं। जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद कुछ ही दिनों में आवास की पहली किस्त उनके खाते में आ गई।उन्होंने एक कमरा और एक छोटा सा रसोईघर बनवाया। सीमित संसाधनों में बना यह घर उनके लिए किसी महल से कम नहीं था। जब घर बनकर तैयार हुआ और राम बाई ने पहली बार उसकी चौखट पर कदम रखा, तो उनकी आँखों से आंसू अपने आप बह निकले। राम बाई कहती है "अब डर नहीं लगता। ये घर मेरा है… मेरा अपना"आज राम बाई अपने पक्के घर में सुकून से रह रही हैं। उनकी बूढ़ी आँखों में अब नमी है, लेकिन ये आंसू तकलीफ के नहीं, खुशी और संतोष के हैं। वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं, "इस उम्र में मुझे जो सहारा मिला है, उसके लिए मैं दिल से धन्यवाद देती हूँ। अब मेरा जीवन सुरक्षित है।"--
- गरियाबंद । जिले के घने जंगलों के बीच बसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र साहेबिनकछार में अब स्पष्ट बदलाव दिखलाई पड़ रही है। काफी वर्षों तक वहॉ भय, अभाव और उपेक्षा झेलने वाले इस गांव में अब विकास की उम्मीद दिखने लगी है। 70 वर्षीय गिरधर सोरी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहने के कारण वे वर्षों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे। उनकी जिंदगी जैसे थम सी गई थी। लेकिन जैसे ही क्षेत्र नक्सल मुक्त हुआ और जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन गॉव में किया गया तो उनकी जिंदगी में एक नया मोड़ आया। शिविर के दौरान उन्हें व्हीलचेयर प्रदान किया गया। यह सिर्फ उनके लिए एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीने सहारा बन रहा है। जिससे उनके चेहरे पर स्पष्ट मुस्कान दिखलाई दे रही है।नक्सल मुक्त होने के बाद साहेबिनकछार में पहली बार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर श्री बीएस उईके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, शिकायतें और मांगें खुलकर रखीं। जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। साहेबिनकछार आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां न पक्की सड़क है और न ही नियमित बिजली सौर ऊर्जा के सहारे ही जीवन चल रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आवास और खाद्य आपूर्ति जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया जा रहा है।इसी प्रकार शिविर में 65 वर्षीय जुगसाय गोड को भी समाज कल्याण विभाग द्वारा चलने में सहारा देने के लिए छड़ी प्रदान की गई। यह छोटी सी मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
- 0- जिले के सभी विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड 25 अप्रैल तक घोषित किया जाएगामहासमुंद. कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत् महासमुंद जिले के समस्त विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड 25 अप्रैल 2026 तक घोषित किया जाएगा। डॉ. अनिल कुमार गोरियार, जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम ने बताया कि मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा महासमुंद जिले को वर्ष 2025-26 में 5000 मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया था। जिसके विरूद्ध महासमुंद जिले में 5450 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, खरोरा, महासमुंद में पदस्थ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार साहू 470, डॉ. मंजूषा चन्द्रसेन 536, डॉ. अनिल कुमार गोरियार 255, डॉ. रितू बजाज 275, डॉ. नेहा सिंह 44 मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया है।जिले में शासकीय अस्पताल, अनुबंधित अस्पताल एवं निजी अस्पताल मिलाकर कुल 5450 मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। यह जिले की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, इसके तहत् जिले के समस्त विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड’ 25 अप्रैल 2026 तक घोषित किया जाएगा। श्री अवधेश कुमार यादव, सहायक नोडल अधिकारी, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा महासमुंद जिले के समस्त प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारियों से समन्वय करेंगे।उन्होने बताया कि जिले के समस्त नेत्र सहायक अधिकारी ग्रामवार अपने क्षेत्र के चिन्हांकित मोतियाबिंद रोगियों एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन की सूची संधारित कर रखेंगे जिसे अंतिम सूची माना जाएगा। जिसके आधार पर ग्राम वार ’मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित ग्राम’ घोषित किया जाएगा। ग्रामवार समीक्षा कर जिस गांव के सभी मोतियाबिंद दृष्टिहीन रोगियों का ऑपरेशन पूरा हो गया है। उस गांव के सरपंच, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं नेत्र सहायक अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप के अनुसार “मोतियाबिंद दृष्टिहीन रहित ग्राम घोषित किया जाएगा। ग्राम की सूची का सेक्शन वार फिर सेक्टर वार चिन्हित करते हुए पुरे विकासखण्ड के समस्त सेक्टर के मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित हो जाने पर तहसीलदार एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप के अनुसार “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित विकासखण्ड घोषित किया जावेगा। यह 25 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। ग्राम, सेक्शन, सेक्टर एवं विकासखण्ड को ’मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त घोषित किया जाएगा। मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त होने की पुष्टि अन्य जिले की टीम द्वारा कराई जाएगी।--
- 0- गुपचुप ठेले से बढ़ाई आय, परिवार को मिला मजबूत सहारासक्ती। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। ग्रामीण अंचलों की महिलाएं इस योजना के जरिए आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम भूरसीडीह की निवासी श्रीमती प्रेम बाई पटेल इसकी प्रेरक उदाहरण हैं।श्रीमती प्रेम बाई पटेल को योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता की अब तक 26वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस नियमित सहयोग ने उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। उन्होंने प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए गुपचुप (पानीपुरी) का ठेला शुरू किया, जिसे वे गांव-गांव घूमकर संचालित करती हैं। इस छोटे व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका परिवार अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है।श्रीमती प्रेम बाई इस आय से घर की आवश्यक जरूरतों—जैसे राशन एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री—की पूर्ति कर रही हैं। साथ ही वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं। वे बताती हैं कि पहले जहां आर्थिक परेशानियां थीं, वहीं अब उनके जीवन में स्थिरता आई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वावलंबन की भावना विकसित हुई है।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने और महिलाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से यह योजना मार्च 2024 में प्रारंभ की गई थी। तब से अब तक प्रदेश की हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 26 किस्तों में कुल 16,881 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।श्रीमती प्रेम बाई पटेल ने इस योजना से हुए सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और अब वे सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।--
- 0- तालाब निर्माण से बढ़ी आय, स्वरोजगार की दिशा में बने प्रेरणा स्रोतरायपुर। जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहमेला के किसान श्री तोषण ध्रुव ने मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत की है।श्री तोषण ध्रुव ने अपने खेत की भूमि पर मत्स्य पालन हेतु एक तालाब एवं एक संवर्धन पोखर का निर्माण कराया है। मत्स्य पालन विभाग के प्रोत्साहन से शुरू किए गए इस कार्य से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जो पूर्व में पारंपरिक खेती से होने वाली आय से कहीं अधिक है।आर्थिक स्थिति में सुधार के बाद उन्होंने एक ट्रैक्टर भी क्रय किया है, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ी है। इसके साथ ही उन्होंने देशी मुर्गी पालन भी प्रारंभ किया है, जिससे अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित हुए हैं।श्री ध्रुव की सफलता यहीं नहीं रुकी, बल्कि उन्होंने अपने स्वयं के व्यय से 0.50 एकड़ भूमि में एक और संवर्धन पोखर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया है, जिससे भविष्य में आय में और वृद्धि होने की संभावना है।
- 0-समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल होंगे प्रदेशभर के वालंटियर्सरायपुर। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की राज्य शाखा रायपुर द्वारा 08 मई को वर्ल्ड रेड क्रॉस डे के अवसर पर राज्य स्तरीय विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस भवन, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य शाखा के चेयरमैन श्री टोमन साहू ने की।बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्व रेडक्रॉस दिवस पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।बैठक में रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जारी की गई। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) प्रशिक्षण, रक्तदान शिविरों का वृहद आयोजन तथा विभिन्न विशेष दिवसों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।कार्ययोजना में जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को मानवीय सेवा कार्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, काउंसलर प्रशिक्षण, एडवेंचर कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दिवसों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।बैठक में कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल, राष्ट्रीय प्रतिनिधि श्री युवराज देशमुख, डॉ. प्रदीप साहू, योगेश जैन, डॉ. अशोक गिरी गोस्वामी, श्री लिंगराज पटेल सहित रेडक्रॉस सोसायटी के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।.
- 0- ग्राम अड़सेना में 30 दिवसीय प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदमरायपुर। ग्रामीण बेरोजगारों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान रायपुर द्वारा तिल्दा विकासखंड के ग्राम अड़सेना में 30 दिवसीय निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रायोजन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं पुरुषों को तकनीकी दक्षता प्रदान कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राजमिस्त्री कार्य से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उद्यमिता विकास और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर सकें और पलायन की समस्या को कम किया जा सके।प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र के साथ राजमिस्त्री टूलकिट प्रदान किया गया। साथ ही वीबी-जी राम जी के तहत मानदेय उपलब्ध कराने एवं स्वरोजगार प्रारंभ करने के लिए ऋण आवेदन की सुविधा भी प्रदान की गई।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में , अभनपुर में 02, धरसीवां में 02, मंदिर हसौद में 01 आज दिनांक में कुल 05 प्रसुताओं को 20 पौधे भेंट किए गए। यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- बालोद. राज्य शासन के निर्देशानुसार सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को ’आई गोट मिशन कर्मयोगी’ अंतर्गत 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग कराना अनिवार्य है। उल्लेखनीय है कि ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया ई-एचआरएमएस पोर्टल के अलावा एमडीओ एडमिन के माध्यम से सीधे ऑनबोर्डिंग कर सकते हैं। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से इसकी प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञातव्य हो कि ’आई गोट मिशन कर्मयोगी’ का मुख्य उद्देश्य डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व कुशल बनाना है।--
- बालोद. राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में 04 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा।शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम महराजपुर, गिधवा, पिनकापार, मुजगहन, फुलसुंदरी, बहेराभाठा, चेबा नवागांव, जेवरतला, रानीतराई रोड, भरदा ट, हरदी, औरी, टटेंगा, नाहंदा पीपरखार ना, संबलपुर क, खामतराई, कुआगांव, मनकी सा एवं खपराभाट के ग्रामीण शामिल होंगे। शिविर के सफल आयोजन हेतु कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री पीयूष देवांगन (मोबाईल नंबर 9754976727) को नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव एवं जल संसाधन विभाग के श्री आशीष रूसिया को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- 0- अब तक 95 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1, 2 एवं 3 छछानपैरी में 171 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 कोसामखुटा में 105 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 3 एवं 4 सांकरा में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 किरना में 105 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 त्रिमूर्ति नगर में 101 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 8 एवं 10 उरला में 79 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा 3 में 87 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 677 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 95 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
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-सीजीपीएससी में रैंक 3, 29 व 37 हासिल कर बने महिला एवं बाल विकास विभाग में अधीक्षक
रायपुर । जिला प्रशासन द्वारा संचालित नालंदा परिसर लाइब्रेरी युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। अनुशासित माहौल, बेहतर अध्ययन सुविधाएं और सकारात्मक वातावरण के चलते यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों ने एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।नालंदा परिसर के तीन प्रतिभाशाली सदस्यों मिलन सिन्हा, भूपेंद्र कुमार एवं वागेश्वरी ठाकुर ने सीजीपीएससी परीक्षा 2026 में क्रमशः रैंक 3, 29 एवं 37 प्राप्त कर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बाल संरक्षण संस्थाओं में अधीक्षक पद पर चयनित होकर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।ग्राम केहका, जिला बेमेतरा निवासी मिलन सिन्हा (रैंक 3) ने अपनी सफलता का श्रेय नालंदा परिसर के अनुशासित वातावरण और निरंतर अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी उनके संघर्ष और सफलता के बीच एक मजबूत सेतु साबित हुई, जहां से उन्हें निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा मिली।रैंक 29 प्राप्त भूपेंद्र कुमार ने बताया कि नालंदा परिसर केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि अनुभव और सहयोग का केंद्र है, जहां साथी विद्यार्थियों के साथ मिलकर अध्ययन करने से निरंतर सुधार और आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं सरगुजा निवासी वागेश्वरी ठाकुर (रैंक 37) ने कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास के बल पर सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि कई बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और नालंदा परिसर के सकारात्मक वातावरण, सहयोगी स्टाफ एवं शांत अध्ययन व्यवस्था ने उन्हें सफलता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला प्रशासन की इस पहल ने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का मंच प्रदान किया है, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। नालंदा परिसर लाइब्रेरी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए समर्पित हैं। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- बिलासपुर / बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में नामांतरण प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। 17 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर जांच उपरांत यह कार्रवाई की गई।आयुक्त,छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार बिलासपुर वृत्त के एक आवास के नामांतरण संबंधी आवेदन का निराकरण लंबे समय तक लंबित रहा। जानकारी में सामने आया कि संबंधित आवेदक श्री तोरण साहू द्वारा 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, जिस पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने और 11 नवंबर 2025 को पत्र जारी एवं हस्ताक्षरित होने के बावजूद उसे आवेदक तक प्रेषित नहीं किया गया और फाइल में ही लंबित रखा गया। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए संबंधित अधिकारी एल.पी. बंजारे कार्यपालन अभियंता एवं प्रभारी संपदा अधिकारी एवं पूनम बंजारे वरिष्ठ सहायक/प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक) को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर अटैच कर दिया गया है। गृह निर्माण मंडल आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम नागरिकों के कार्यों में अनावश्यक देरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
- - धान, दहलन और तिलहन के बीज नई कीमतों पर उपलब्धदुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए विभिन्न फसलों के बीजों के विक्रय दरों का निर्धारण किया है। बीज प्रबंधक, रूआबांधा (जिला-दुर्ग) श्री एस.के. बेहरा से प्राप्त जानकारी अनुसार किसानों को इस वर्ष धान, दलहन और तिलहन के बीज नई कीमतों पर उपलब्ध होंगे। जिसमें धान मोटा की दर 3478, पतला धान 3919 से 3949 और सुगंधित धान की दर 4803 प्रति क्विंटल तय की गई है। इसी प्रकार कोदो-कुटकी 7245, रागी 7229, उड़द 14007 से 14351, मूंग 13390 से 14006, कुलथी 3893, सोयाबीन 9573 से 9805, मूंगफली 11816, तिल 20539 से 20557, रामतिल 12846, ढेंचा 22057 और अरहर 11369 से 13220 प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है। आधार बीजों का विक्रय दरें प्रमाणित बीजों की विक्रय दरों से 100 रूपए प्रति क्विंटल अधिक होंगी। गत वर्ष धान की मोटा दर 3550, पतला 4030 एवं सुगंधित धान 4650 प्रति क्विंटल थी। इसी प्रकार सोयाबीन 7400, अरहर 11800 से 12500 थी। उड़द और मूंग की दर क्रमशः 11300 से 11400 प्रति क्विंटल थी।
- - एनएमडीसी बचेली एवं किरंदुल में अब विद्युत आपूर्ति सुनिश्चितरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा दक्षिण बस्तर स्थित एनएमडीसी बचेली एवं किरंदुल के लिए रिकार्ड समय मे 132 केवी विद्युत प्रणाली की लाइन तैयार कर ऊर्जीकृत किया गया। जिसमें एनएमडीसी की विस्तार परियोजनाओं के लिए किरंदुल एवं बचेली हेतु विद्युत आपूर्ति होगी। इस कार्य में सीएसपीटीसीएल द्वारा पृथक-पृथक 132 केवी विद्युत प्रणाली की लाइन का चुनौतीपूर्ण कार्य रिकार्ड समय मे पूर्ण करने का कीर्तिमान रचा गया। इस कार्य से एनएमडीसी की मेगा परियोजनाओं किरदुल में स्क्रीनिंग प्लांट- lll एवं बचेली में स्लरी पाईप लाईन को विद्युत आपूर्ति लक्ष्य से पूर्व प्रारंभ की जा सकी। इस कठिन कार्य को समय पर पूर्ण करने हेतु ट्रांसमिशन कपनी के प्रबंध निदेशक श्री आर. के. शुक्ला ने टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी।132 केवी पारेषण प्रणाली के विस्तार हेतु किरंदुल में लगभग 1.86 किमी. एवं बचेली में लगभग 2.8 कि.मी. नयी लाइन की स्थापना की गई। यह कार्य रिकॉर्ड अवधि में पूर्ण किया गया जो यह दर्शाता है कि सुदुर दक्षिण बस्तर के इस क्षेत्र का वातावरण अब औद्योगिक विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। समय प्रबंधन की दृष्टि से पारेषण कंपनी ने इन कार्यों हेतु टॉवर सामग्री की विशेष व्यवस्था स्वयं की संचालित अन्य पूंजीगत परियोजनाओं से की है। उल्लेखनीय है पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने एनएमडीसी प्रबंधन के निर्धारित लक्ष्य समय से पूर्व ही 132 केवी पर विद्युत आपूर्ति का रिकार्ड बनाया।इस कार्य में किरंदुल एवं बचेली में कमशः 08 एवं 14 विशालकाय टॉवर की स्थापना कर एनएमडीसी को 132 केवी में विद्युत आपूर्ति की है, जिससे नगरनार स्थित स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा।यह कार्य कार्यपालक निदेशक लाइन श्री संजय पटेल एवं उनके अधीनस्थ मैदानी अमले द्वारा संचालित किया गया।
- -1 वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने पर अधिकारी-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएंबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि मेेरे 01 वर्ष के कार्यकाल के दौरान जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ जिले के सम्मानीय जनप्रतिनिधियों सहित संपूर्ण जिले वासियों के अमूल्य सहयोग के बदौलत बालोद जिले को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के आज 01 वर्ष के सफल कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान जिले के अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों एवं व्यवहारों की भूरी-भूरी सराहना की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।श्रीमती मिश्रा ने कहा कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों की महती भूमिका रही है। जिसके फलस्वरूप मेरे 01 वर्ष के कार्यकाल में बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होने के अलावा जल संचय, जनभागीदारी अभियान 1.0 के अंतर्गत जोन 02 में बेस्ट परफार्मिंग जिले के रूप में पूरे देश में प्रथम स्थान अर्जित करने में सफल रहा। इसके साथ ही 20 जुलाई 2025 को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी वर्गों के सहयोग से कुल 01 लाख 74 हजार पौधरोपण करने का कीर्तिमान भी हमें हासिल हुआ है। जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिले को नई पहचान मिली। इसके अलावा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड से सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि इन सारी उपलब्धियों के अलावा हमारे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन गोद अभियान के जिले में अंतर्गत गंभीर कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्य किया गया है। इसके अलावा उन्होेंने कार्यकाल के दौरान चल रहे नीर चेतना अभियान आदि के कार्यों की भी सराहना की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले को मिले इन सारी उपलब्धियों का श्रेय जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ संपूर्ण जिले वासियों को दी है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य का विषय है बालोद जिले में अधिकारी-कर्मचारियों का मुझे बेहतरीन टीम प्राप्त हुआ है। जिसके फलस्वरूप हमारा जिला आज इस मुकाम पर है। उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य करते हुए जिले में शासन के सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर बालोद जिले को प्रत्येक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
- रायपुर। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करने वाली कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष के खिलाफ प्रदेश की मातृशक्ति ने सोमवार को राजधानी रायपुर में हल्ला बोला । भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में आज राजधानी रायपुर के इनडोर स्टेडियम से जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। जन आक्रोश पदयात्रा में हजारों की संख्या में विभिन्न संगठनों से जुड़ीं प्रदेश की हर वर्ग और क्षेत्र से मातृशक्ति जन आक्रोश रैली में शामिल हुई।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी जन आक्रोश यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करके कांग्रेस और विपक्षी दलों ने साबित कर दिया कि वे महिला विरोधी हैं। कांग्रेस एवं उनके सहयोगी दल के नेताओं को यह पसंद नहीं है कि गांधी परिवार के अलावा कोई भी महिला लोकसभा एवं विधानसभा में नेतृत्व करें। देश की महिलाओं को लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम लाया गया था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उत्साह था। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस व विपक्षी दल के महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई। इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए सदन में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पेश किया ताकि देश की महिलाएँ 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ लोकसभा एवं विधानसभाओं में नेतृत्व करे और विकसित भारत 2047 की संकल्पना को पूरा करने में सहभागी बने लेकिन कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों को यह नागवार गुजरा और अपने महिला विरोधी चरित्र को एक बार फिर से उजागर करते हुए इस अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस ने इस अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी मातृशक्ति को केवल वोट बैंक समझती है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री (डॉ.) सरोज पाण्डेय ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने न केवल इसे पारित होने से रोका बल्कि देश की आधी आबादी महिलाओं के अधिकारों का विरोध कर उनका हक छीना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व विपक्षी दल के महिला विरोधी रवैये से देश की मातृशक्ति रुष्ट है। भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। महिलाओं को उनका हक और अधिकार दिलान के लिए भाजपा संकल्पित है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेण्डी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम सहित तीन विधेयक लोकसभा में लाए गए थे। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर देशभर की महिलाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा था। उन्हें तथा समाज के सभी वर्गों को विश्वास था कि यह विधेयक पारित हो जाएगा। लेकिन कांग्रेस के लोगों ने अपने मनगढ़ंत तर्कों व कुटिल सोच के साथ इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं का अपमान किया है।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध करके देश की महिलाओं का अपमान किया है और देश की महिलाएँ अपने इस अपमान को सदैव याद रखकर कांग्रेस को सबक सिखाएंगीं। जब-जब महिलाओं के हित और अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने सदैव महिलाओं को प्रताड़ित करने का काम ही किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांग्रेस पार्टी गद्दारी कर रही है और यही कांग्रेस की सोच है। कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि मातृशक्ति देश का नेतृत्व करें। वे महिलाओं को आज भी घर की चार दिवारी में कैद कर रखना चाहते है।महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह नजर आया। महिलाएँ अपने हितों को लेकर जागरूक हो चुकी है लेकिन एक ओर कांग्रेस है जो हमेशा महिलाओं को छलने का काम करती है। उन्हें कभी आगे बढ़ने का मौका कांग्रेस ने नहीं दिया। देश की महिलाएँ कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।कार्यक्रम का संचालन महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने किया एवं आभार प्रदर्शन महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने किया। जन आक्रोश पदयात्रा सुभाष स्टेडियम में संपन्न हुई। जन आक्रोश यात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब, सांसद लक्ष्मी वर्मा, कमलेश जांगड़े, पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर, विधायक धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, पुन्नू लाल मोहले, अनुज शर्मा, ईश्वर साहू, इंद्र कुमार साहू, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, हस्त शिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष शालिनी राजपूत, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन, प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडेय, डॉ किरण बघेल, सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी बहनें शामिल हुईं।
- -जनता की सुरक्षा हेतु प्रशासन सतर्क, शीतल जल केंद्र और कूलिंग शेल्टर शुरूरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में संभावित लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने एवं व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में लू चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा समन्वित कार्ययोजना लागू की जा रही है, जिससे जनहानि एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।कलेक्टर डॉ. सिंह ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील आबादी की पहचान कर विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अलर्ट प्रणाली के अनुसार रेड, ऑरेंज, येलो एवं सामान्य स्तर की चेतावनियों पर गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।जिले के सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, पार्क एवं सरकारी कार्यालयों में शीतल जल केंद्र (प्याऊ) स्थापित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को निर्बाध रखने तथा नगर निगम के माध्यम से टैंकरों द्वारा जल वितरण की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही श्रमिकों एवं राहगीरों के लिए छायादार अस्थायी विश्राम केंद्र (कूलिंग शेल्टर) बनाए जा रहे हैं।स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन हेतु आवश्यक दवाएं, आई.वी. फ्लूड्स, ओआरएस पैकेट एवं कूलिंग ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहें। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा एम्बुलेंस सेवाओं को भी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है।महिला एवं बाल विकास विभाग को गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में ओआरएस एवं पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टीएचआर वितरण के दौरान महिलाओं को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।इसके अतिरिक्त, बाजारों एवं प्रमुख स्थानों पर मिस्ट स्प्रे एवं वाटर स्प्रिंकलिंग की व्यवस्था, निर्माण स्थलों एवं ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष सतर्कता, तथा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं एवं स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
- -आवेदकों के मांगों एव समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद। संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में ग्राम रमतरा की तिलेश्वर ने आबादी भूमि दिलाने, ग्राम मोखा के लुकेश मंडावी ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने, ग्राम गहिरा नवागांव के लालाराम ने पीएम आवास हेतु भूमि दिलाने, ग्राम हल्दी की जयश्री बंजारे ने पेंशन दिलाने, ग्राम देवरीबंगला के रेखलाल ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने, ग्राम गुरेदा की कांतेश्वरी ने आबादी भूमि दिलाने, ग्राम परसदा डंग के ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने और ग्राम बघेली के कुशल सिंह ऋण पुस्तिका दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- -समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश-आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित कर आवेदकों को अनिवार्य रूप से सूचना देने को कहाबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में 01 मई से 10 जून के मध्य आयोजित की जाने वाली सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले में इसका सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में सुशासन तिहार के आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आवेदनों के निराकरण के पश्चात् आवेदकों को इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से देने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के आयोजन के संबंध में राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक शिविरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व अनुविभागीय अधिकारी अपने-अपने अनुविभाग के अंतर्गत आयोजित होने वाले सभी जनसमस्या निवारण शिविरों के नोडल अधिकारी होंगे। अनुविभाग के अंतर्गत आयोजित होने वाले जन समस्या निवारण शिविर राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के नियंत्रण एवं देखरेख में संपन्न होगा। कलेक्टर ने कहा कि अपने-अपने अनुविभाग में आयोजित होने वाले जनसमस्या निवारण शिविर के संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों की होगी। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 32 जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 23 एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 09 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। श्रीमती मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों को शिविर में प्राप्त नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि के प्रकरणों का त्वरित निराकरण के अलावा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों का भी तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने शिविर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना इत्यादि हितग्राहीमूलक योजनाओं का पात्रतानुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक अनुविभागों में 04 से 06 जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसका उन्होंने समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। जिससे कि आम जनता को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित होने वाले जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि, स्थल एवं अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त हो सके। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत बालोद जिले में पहला जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन सोमवार 04 मई को डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा।कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं अन्य गणमान्य जनों के शिविर में प्रवास के दौरान वे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कलेक्टर ने सुशासन तिहार के दौरान आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक एवं प्रेस वार्ता के आयोजन के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जिले में अपने प्रवास के दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी करेंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित होने वाली जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित की जाए। उन्होेंने सभी अधिकारियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्रता एवं शर्तों आदि की जानकारी भी अनिवार्य रूप से उल्लेख करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिविरों में संबंधित क्षेत्रों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। इसके आधार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने 11 मई को ’सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के आयोजन के संबंध में भी जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किए जाने की भी जानकारी दी। कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का ’आई गोट मिशन कर्मयोगी’ पोर्टल में आॅनबोर्डिंग के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित तिथि तक जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से आॅनबोर्डिंग कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भीषण गर्मी को देखते हुए राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों के समीप प्याऊ घर स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिलेवासियों के लिए पेयजल एवं निस्तारी हेतु समुचित मात्रा में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
- भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र के जयंती स्टेडियम के मुख्य द्वार के समीप नव विकसित खेल-थीम आधारित वाटिका का लोकार्पण कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने किया।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग द्वारा शहर में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ सौंदर्यीकरण कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। इस वाटिका में तीरंदाजी, हॉकी, क्रिकेट, तैराकी, मुक्केबाजी, जिम्नास्टिक, साइक्लिंग, बास्केटबॉल, कुश्ती, भाला फेंक, भारोत्तोलन और टेनिस सहित विभिन्न खेलों को कलात्मक रूप में दर्शाया गया है।इस अवसर पर नगर सेवा विभाग के महाप्रबंधक प्रभारी श्री ए. बी. श्रीनिवास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। परियोजना के सफल क्रियान्वयन में महाप्रबंधक (नगर सेवा विभाग–सिविल) श्री विष्णु पाठक, उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग) श्री राजेंद्र प्रसाद, सहायक महाप्रबंधक (नगर सेवा विभाग–सिविल) श्री सरोज झा और श्री विवेक गुप्ता की प्रमुख भूमिका रही। साथ ही वास्तुकार श्री वाई. उमाशंकर तथा श्री वी. वी. श्रीधर का विशेष योगदान उल्लेखनीय रहा।लोकार्पण समारोह में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री सौमिक डे, ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव श्री अंकुर मिश्रा, सेफी नॉमिनी श्री अखिलेश मिश्रा, उप महाप्रबंधक श्री राघवेंद्र गर्ग, सहायक महाप्रबंधक श्री रेमी थॉमस, श्री कमरुद्दीन सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- रायपुर।छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 के तहत संचालित स्व-गणना (Self Enumeration) अभियान में नागरिकों की भागीदारी तेज़ी से बढ़ रही है। जनगणना संचालन निदेशालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक कुल 32,548 नागरिक पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 23,526 नागरिकों ने अपनी गणना की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, जबकि 9,022 नागरिक वर्तमान में पंजीकरण कराकर डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया में संलग्न हैं।भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के समन्वय में संचालित इस प्रक्रिया का उद्देश्य सटीक, अद्यतन और विश्वसनीय सामाजिक-आर्थिक आंकड़े संकलित करना है। स्व-गणना की यह व्यवस्था नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा देती है, जिससे डेटा की प्रामाणिकता बढ़ती है और प्रशासनिक तंत्र पर भार कम होता है।प्रक्रिया के तहत नागरिकों को ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करना होता है, जिसके बाद वे परिवार की आधारभूत सुविधाओं और सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करते हैं। कार्य पूर्ण होने पर प्राप्त डिजिटल संदर्भ संख्या (CRN) भविष्य में सत्यापन हेतु अनिवार्य होगी।राज्य में इस अभियान के सुचारू संचालन के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया है। डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी हेल्पलाइन भी सक्रिय की गई है। जनगणना संचालन निदेशालय के निदेशक डॉ. कार्तिकेय गोयल ने नागरिकों से इस डिजिटल पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि राज्य के संतुलित विकास हेतु एक सशक्त आधार तैयार किया जा सके।
















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