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- रायपुर। राज्य सरकार द्वारा कृषक कल्याण योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी से किसानों में नया उत्साह भर दिया है।उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं से आसानी से धान बेच रहे हैं। बलौदाबाजार के ग्राम अमेरा गांव के किसान श्यामलाल रात्रे भी इस फैसले से बेहद खुश हैं। श्यामलाल रात्रे ने बताया कि उनके पास 1.5 एकड़ कृषि भूमि है। उपार्जन केन्द्र कुल 75 कट्टा धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि बढ़े हुए मूल्य से उनकी आमदनी में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी, जिससे वे खेती के आवश्यक कार्यों के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर सकेंगे।किसान श्यामलाल ने जिले में लागू पारदर्शी खरीदी व्यवस्था की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोबाइल ऐप के माध्यम से समय पर टोकन उपलब्ध होना, बारदाना की सुगम उपलब्धता और खरीदी केंद्रों में बेहतर प्रबंधन ने पूरी प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बना दिया है। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को किसान हित में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि सुव्यवस्थित व्यवस्था और उच्च समर्थन मूल्य के कारण किसान बिना किसी परेशानी के सम्मानपूर्वक अपना धान बेच पा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खरीदी व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पंजीकृत किसान को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।--
- रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के ग्रामीण इलाकों में मूलभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार किए जा रहे कार्यों के सकारात्मक परिणाम अब तेजी से सामने आ रहे हैं। विशेषकर सड़क और पुल-पुलिया निर्माण ने दूरस्थ गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका गतिविधियों को नई गति दी है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के जोेंधरा में निर्मित पुल से जन जीवन आसान हो गया है। माकड़ी-हटवार पारा-गलीपारा मार्ग से जुड़े लगभग 10 किलोमीटर सड़क पर ग्राम जोंधरा में वृहद पुल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 3 करोड़ 95 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित 43 मीटर लंबा यह पुल क्षेत्र के आवागमन और विकास के लिए अहम आधार बना है।पुल निर्माण से पूर्व बरसात के मौसम में नदी-नाले उफान पर आ जाते थे, जिससे जोंधरा सहित आसपास के गांवों का संपर्क मार्ग कई दिनों तक बाधित रहता था। ग्रामीणों को स्कूल, बाजार, अस्पताल सहित दैनिक कार्यों के लिए आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब पुल बन जाने से वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सुनिश्चित हो गया है। ग्राम बुडरा की निवासी श्रीमती जयबती पोयाम ने खुशी जाहिर करते हुए बताया, “पुल के बन जाने से हम बहुत खुश हैं, क्योंकि अब बरसात में आने-जाने में आसानी होगी और एम्बुलेंस का भी आना-जाना संभव होगा। पहले पानी बढ़ने पर रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता था।”इस वृहद पुल का लाभ केवल ग्राम जोंधरा तक सीमित नहीं है, बल्कि बुडरा, धारली और राकशबेड़ा जैसे तीन प्रमुख गांवों को भी मिला है। विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को अब प्रतिदिन के कार्यों के लिए अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सकी है। इससे शिक्षा, कृषि-व्यापार और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, त्वरित भुगतान, ऑनलाइन टोकन, माइक्रो एटीएम सुविधा और उपार्जन केंद्रों में बेहतर व्यवस्थाओं ने किसानों को न केवल सुविधा प्रदान की है, बल्कि उनके मन में सरकार के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ किया है। बढ़े हुए समर्थन मूल्य ने इस विश्वास को और मजबूत किया है।कोरबा जिले के तालापार गांव के किसान श्री बसंत सोनी मात्र 45 डिसमिल भूमि पर खेती करने के बावजूद उन्होंने इस वर्ष 8 क्विंटल 80 किलोग्राम धान बक्साही उपार्जन केंद्र में विक्रय किया। श्री सोनी बताते हैं कि उन्हें 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अपनी उपज का सम्मानजनक मूल्य मिला, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्र में तौल व्यवस्था सुचारू है।वे बताते हैं कि त्वरित भुगतान से उन्हें समय पर आर्थिक संबल मिला है। श्री सोनी का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि किसानों के लिए बड़ी राहत है। बेहतर मूल्य मिलने से श्री सोनी अब अपनी अगली फसल में अधिक निवेश कर आधुनिक कृषि तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीजों का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। \--
- 0- डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टाधारी और छुटे हुए किसान करा सकेंगे पंजीयन0- कृषि मंत्री रामविचार के निर्देश पर हुई पंजीयन की तिथि में वृद्धिरायपुर। किसान अपने रकबे और फसल आदि के बारे में जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल में अब 15 दिसम्बर तक दर्ज करा सकेंगे। कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समिति लॉगिन की सुविधा के लिए सभी कलेक्टरों और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। साथ ही कैरीफारवर्ड, डूबान-वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन सुविधा के दृष्टिगत रखते हुए पंजीयन की तारीख को 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है।गौरतलब है कि कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम द्वारा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन को लेकर आ रही विभिन्न दिक्कतों के मद्देनजर विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से जारी पत्र में एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन और तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए तहसीलदारों एवं समितियों अंतर्गत कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की गई है। एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्या पर खाद्य विभाग, राजस्व विभाग, संचालनालय कृषि एवं एन.आई.सी. के समन्वय से सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए।गौरतलब है कि कुछ जिलों में पंजीयन विवरण में कुछ कृषकों के खसरों में एकीकृत किसान पोर्टल में फसल प्रविष्टि प्रदर्शित नहीं होने की जानकारी के साथ ही यह भी बताया गया था कि इसे सुधारने का विकल्प एकीकृत किसान पोर्टल के आईडी में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार पंजीकृत कृषकों के फौत होने के पश्चात उनके वारिसानों हेतु वारिसान पंजीयन का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा महाल ग्रामों के खसरें का डाटा एग्रीस्टैक से नही मिलने की समस्या आ रही थी। इस समस्या के निराकरण के लिए कृषि विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।--
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने राज्य के सांस्कृतिक एवं पर्यटन संवर्धन के लिए विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला की शुरूआत की है। इसी कड़ी में 09 दिसंबर को दंडामी लक्जरी रिसॉर्ट, चित्रकोट बस्तर में एक अनूठी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी एवं जनजातीय व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।इस प्रतियोगिता में बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागी शामिल हुए, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के समृद्ध खानपान परंपरा को जीवंत करते हुए मुठिया, फरा, बफौरी, अंगाकर रोटी, चीला, चौसेल, ठेठरी, खुरमी, दूध फरा, चांवल भजिया, उड़द दाल बड़ा, अरसा, नमकीन फरा, विभिन्न प्रकार की भाजी, कोदो व चापड़ा से संबंधित पारंपरिक व्यंजन जैसे चापड़ा चटनी, चांउर भारजा, आमट, मीठा बोबो आदि बनाए।प्रतियोगिता में मेन्द्रीघूमड़ के चन्दकी ग्रुप ने प्रथम स्थान हासिल कर 7000 रुपए का पुरस्कार जीता। द्धितीय स्थान पर उसड़ीबेड़ा के गीता कश्यप ग्रुप को 5000 रुपये तथा तृतीय स्थान पर घुरागांव के जागृति ग्रुप को 3000 रुपए की राशि प्रदान की गई। निर्णायक मंडल ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्रों से सम्मानित भी किया।प्रतियोगिता के निर्णायक लोहण्डीगुड़ा थाना प्रभारी श्री रवि बैगा, तहसीलदार श्री कैलाश पोयाम एवं नायाब तहसीलदार सुश्री खुशबु नेताम थे। इस अवसर पर दंडामी लक्जरी रिसॉर्ट के प्रबंधक श्री निमेष साहू सहित कर्मचारी गण श्री तरुण प्रकाश राव एवं चंदूलाल साहू उपस्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को संरक्षित कर राज्य पर्यटन को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगा।
- 0- पंथी नृत्य में सत के विरासत मुडीयाडीह ने प्रथम एवं सत के महिमा पिथौरा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया0- चित्रकला प्रतियोगिता में ऋतिक पहारिया, कविता लेखन में गुलशन साव बसना ने प्रथम स्थान प्राप्त कियामहासमुंद. जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद द्वारा जिला स्तरीय युवा महोत्सव 2025- 26 का आयोजन शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन एवं डॉ. भीम राव अम्बेडकर मंगल भवन खैरा महासमुंद में आयोजित किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिंहा, श्री येतराम साहू जिलाध्यक्ष, श्री देवी चंद राठी उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद महासमुंद, श्रीमती हुलसी चंद्राकर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पवन पटेल पूर्व पार्षद, राजू चंद्राकर, महेंद्र सिक्का, सरद मराठा, राहुल चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, रोशन बग्गा, विकास चंद्राकर, बालक राठी, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, आनंद साहू की उपस्थिति में किया गया।लोक गीत में प्रथम स्थान पी जी कॉलेज महासमुंद, द्वितीय स्थान फॉर्चून फाउंडेशन बागबाहरा एवं तृतीय स्थान आई टी आई महासमुंद ने प्राप्त किया। एकांकी नाटक में प्रथम स्थान एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग महासमुंद एवं द्वितीय स्थान आई टी आई महासमुंद ने प्राप्त किया।रॉक बैंड में प्रथम स्थान जावेद कुरैशी एवं साथी बागबाहरा (इरादे द बैंड) ने प्राप्त किया। कहानी लेखन में प्रथम स्थान रेशम लाल पटेल पिथौरा, द्वितीय स्थान सुषमा साहू महासमुंद एवं तृतीय स्थान हेमा साहू लाफिनखुर्द महासमुंद ने प्राप्त किया। कविता लेखन में प्रथम स्थान गुलशन साव बसना, द्वितीय स्थान सिंधु जगत एवं तीसरा स्थान ऋचा चंद्राकर ने प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ऋतिक पहारिया महासमुंद, द्वितीय स्थान कुलेश्वर साहू महासमुंद एवं तृतीय स्थान अजय कुमार ध्रुव पी जी कॉलेज महासमुंद ने प्राप्त किया।इसी तरह पंथी नृत्य में प्रथम स्थान सत्य के विरासत मुडीयाडीह बागबाहरा, द्वितीय स्थान सत के महिमा गड़बेड़ा पिथौरा, तृतीय स्थान महर्षि विद्या मंदिर महासमुंद ने प्राप्त किया। वाद विवाद में प्रथम स्थान नुसरत फातिमा एवं डिंपल डड़सेना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लोक नृत्य में प्रथम स्थान एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग महासमुंद ने प्राप्त किया। साइंस मेला में प्रथम स्थान गरिमा कन्नौजे पिथौरा, द्वितीय स्थान कु.परिणीता चंद्राकर एवं हिना साहू ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पारंपरिक वेशभूषा में प्रथम स्थान चांदनी साहू लाफिनखुर्द, द्वितीय स्थान हर्षिता दीवान आई टी आई महासमुंद, तीसरा स्थान श्रेया पाटकर आई टी आई महासमुंद ने प्राप्त किया। सुवा नृत्य में प्रथम स्थान आई टी आई महासमुंद ने प्राप्त किया।आयोजन को सफल बनाने में जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरें, माई भारत वसुंधरा साहू जिला युवा अधिकारी महासमुंद, दिलीप लहरे खेल अधिकारी पी जी कॉलेज महासमुंद, रोहित कोसरिया (देव दास बंजारे सम्मान राज्य अलंकरण से सम्मानित) सुरेन्द्र मानिकपुरी, अवनीश वाणी, वी के असगर, उमेश भारती गोस्वामी, डॉ. विकास अग्रवाल, चमन लाल चंद्राकर, अमित हिषिकर, द्रोपति साहू, अंकित भोई, सपना प्रधान, स्वाति बाला जगत, भागवत जगत भूमिल मंच संचालन सुरेंद्र मानिकपुरी, हिरेंद्र साहू ने एवं सभी का आभार व्यक्त खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे ने किया।--
- राजनांदगांव। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाता है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत विनिर्माण क्षेत्र (निर्माण कार्य) हेतु अधिकतम 3 लाख रूपए एवं सेवा क्षेत्र के लिए 1 लाख रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। बैंक द्वारा स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि का 35 प्रतिशत अनुदान राशि दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए 18 वर्ष से 45 वर्ष आयु वर्ग के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राही समूह एवं व्यक्ति कार्यालय छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड राजनांदगांव द्वारा जिला पंचायत राजनांदगांव में प्रस्तुत कर सकते है। आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता 5वीं उत्तीर्ण, सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित जाति व निवासी प्रमाण पत्र, सरपंच या नगर पंचायत अध्यक्ष से प्रमाणित अनापत्ति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो फोटो पासपोर्ट साइज, प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों प्रस्तुत करना होगा। कार्यालय द्वारा प्रस्तुत आवेदन को स्वीकृति के लिए संबंधित बैंक को प्रेषित किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए सहायक संचालक ग्रामोद्योग श्री डीआर रावटे के मोबाईल नंबर 9407786784 पर संपर्क किया जा सकता है।
- 0- छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के 6 विश्वविद्यालयों के साथ किया एमओयू0- देश का पहला पाठ्यक्रम:छात्रों को मिलेगी बाल अधिकार एवं संरक्षण की जानकारीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। किसानों के बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और सबके लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ सुशासन के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है और इसी उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना भी की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षक पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना, परित्यक्त बच्चों का पुनर्वास, और संवेदनशील मामलों का समाधान—ये सभी अत्यंत चुनौतीपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी।यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर “पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन”पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा।क्या है रक्षक पाठ्यक्रमप्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में अब तक ऐसा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था, जो युवाओं को बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस आवश्यकता को देखते हुए आयोग द्वारा “रक्षक – बाल अधिकार संरक्षण पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम” को विकसित किया गया है। इस पाठ्यक्रम से युवाओं को सैद्धांतिक एवं विधिक ज्ञान, विभागीय योजनाओं, संस्थाओं और प्रायोगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ, बाल संरक्षण इकाइयों आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध होगी।संवेदनशीलता, जागरूकता और बाल-अधिकारों की आत्मिक समझ विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम युवाओं को इस क्षेत्र में कुशल, समर्पित और प्रभावी मानव संसाधन के रूप में तैयार करेगा। आयोग द्वारा पाठ्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण, परामर्श और मार्गदर्शन की संपूर्ण सुविधा विश्वविद्यालयों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, ,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल,प्रो ए के श्रीवास्तव,संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा,आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी,श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।--
- राजनांदगांव । बाबा गुरू घासीदास जयंती पर 18 दिसम्बर को मद्य निषेद्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। मद्य निषेद्य दिवस पर समुदाय की सहभागिता से नशामुक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत शपथ कार्यक्रम, विभागों के समन्वय से नशापान के विरूद्ध समुचित कार्रवाई, नशापान के दुष्परिणामों की जानकारी देने सहित अन्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।--=
- दुर्ग. सांसद खेल महोत्सव 2025 में तृतीय चरण विधानसभा स्तर प्रतियोगिता 13 एवं 14 दिसम्बर 2025 समय-सारणी अनुसार सम्पन्न कराया जायेगा। दुर्ग लोकसभा में जिला दुर्ग / बेमेतरा को 09 विधानसभा (दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, वैशाली नगर, भिलाई, पाटन, अहिवारा, साजा, बेमेतरा एवं नवागढ़) क्षेत्रों में आयोजन किया जाना है। जिसमें क्लस्टर प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ी अपने-अपने विधानसभा में निर्धारित तिथि 13 एवं 14 दिसम्बर 2025 को प्रातः 9 बजे से आयोजन समिति द्वारा निर्धारित स्थलों पर सम्पन्न कराया जायेगा।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सफल आयोजन हेतु अधिकारियों को कार्य दायित्व सौंपे है। आयुक्त नगर पालिक निगम, अपने अधीनस्थ सभी क्लस्टरों की पंजीकृत विजेता प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय सारणी अनुसार प्रतियोगिता स्थल पर उपस्थित कराना सुनिश्चित करेंगे, एवं प्रतिभागी खिलाड़ी को प्रतियोगिता में सम्मिलित कराने हेतु सुरक्षित यातायात व्यवस्था करेंगे। विजेता प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय सारणी अनुसार सूचित करना सुनिश्चित करेंगे। तृतीय चरण विधानसभा की प्रतियोगिता स्थल चयनित स्थल में, अपने ग्राम पंचायत (विधानसभा क्षेत्र) अंतर्गत निर्धारित प्रतियोगिता स्थल के खेल मैदान निर्माण के लिए (चूना, रस्सी, व्हालीवाल पोल, नेट एवं व्हालीबॉल तथा खो-खो पोल) एवं आवश्यक खेल सामग्री संबंधित निर्णायक, खेल प्रभारी को उपलब्ध करावें। साथ ही समस्त आयोजन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने हुए। आयोजन स्थल पर पानी टैंकर, खेल मैदान में क्रीड़ागण निर्माण, साफ सफाई की व्यवस्था, एवं महिला खिलाड़ियों हेतु चेजिंग रूम व खिलाड़ियों एवं निणायकों व आफिसयल हेतु भोजन/स्वाल्पाहार व्यवस्था तथा साउण्ड सिस्टम, टेन्ट, कुर्सी, टेबल व्यवस्था कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अधिनस्थ अधिकारी/कर्मचारी एवं 04 कम्प्यूटर ऑपरेटर जो पूर्व पंजीकृत खिलाड़ी की सत्यापन कर उन्हें टोकन प्रदान करेंगे व विजेता प्रतिभागी को सांसद प्रतियोगिता के लिए अपलोड करेंगे। प्रतियोगिता आयोजन से पूर्व समस्त संबंधित कर्मचारी / आफिसयल की बैठक आहुत कर अपने स्तर पर निर्धारित तिथियों में दायित्व सौप कर तृतीय चरण की प्रतियोगिता को सफल बनायेंगे। प्रतियोगिता समाप्ति पश्चात अपना प्रतिवेदन में प्रतियोगिता परिणाम में दस्तावेजों के साथ निज सचिव सांसद लोकसभा को प्रेषित करते हुए एक प्रति अपने पास संधारित रखेंगे। आयोजन में प्रोटेस्ट या दावा आपत्ति के संबंध में नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए विवाद का निवारण करेंगे।अनुविभागीय अधिकारी (रा.), जिला दुर्ग/बेमेतरा मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज.प., सी.एम.ओ., स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी से बैठक समन्वय कर खेल आयोजन को सफल बनायेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी जिला दुर्ग सांसद खेल महोत्सव, विधानसभा स्तरीय, तृतीय चरण एवं अन्य चरणों में भी आयोजन स्थल में क्रीडागण निर्माण एवं निर्णयन का कार्य सम्पादित करेंगे। साथ ही आयोजक द्वारा उनके क्षेत्र में आने वाले विद्यालयों के व्यायाम शिक्षकों की सेवाएं मांग अनुसार उपलब्ध करायेंगे। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आयोजन हेतु प्रभारी नियुक्त कर विकासखण्ड के माध्यम से अपने अपने विकासखण्ड में प्रतियोगिता आयोजन में सहयोग करेंगे व क्रीडागणन स्थल पर आयोजन समिति के निर्देश पर खेल करायेंगे।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग/बेमेतरा, सांसद खेल महोत्सव विधानसभा /लोकसभा क्षेत्र स्तरीय प्रतियोगिता के समस्त आयोजन स्थलों पर प्राथमिक उपचार चिकित्सा दल के साथ एंबुलेंस व्यवस्था उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, दुर्ग/ भिलाई/धमधा/पाटन/बेरला/बेमेतरा/नवागढ़, जिला दुर्ग/बेमेतरा, प्रत्येक आयोजन स्तर पर महिला एवं पुरूष खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु आयोजन स्थल क्षेत्र के थाना प्रभारियों को प्रतियोगिता स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, कराना सुनिश्चित करेंगे।मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अपने अधीनस्थ सभी क्लस्टरों की पंजीकृत विजेता प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय सारणी अनुसार प्रतियोगिता स्थल पर उपस्थित कराना सुनिश्चित करेंगे, एवं प्रतिभागी खिलाड़ी को ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से प्रतियोगिता में सम्मिलित कराने हेतु सुरक्षित यातायात व्यवस्था करेंगे। विजेता प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय सारणी अनुसार सूचित करना सुनिश्चित करेंगे। तृतीय चरण विधानसभा की प्रतियोगिता स्थल चयनित स्थल में, अपने ग्राम पंचायत (विधानसभा क्षेत्र) अंतर्गत निर्धारित प्रतियोगिता स्थल के खेल मैदान निर्माण के लिए (चूना, रस्सी, व्हालीवाल पोल नेट एवं व्हालीबॉल तथा खो-खो पोल) एवं आवश्यक खेल सामग्री संबंधित निर्णायक, खेल प्रभारी को उपलब्ध करावें। साथ ही समस्त आयोजन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित एवं आयोजन स्थल पर पानी टैंकर, खेल मैदान में क्रीड़ागण निर्माण, साफ सफाई की व्यवस्था एवं महिला खिलाड़ियों हेतु चेजिंग रूम व खिलाड़ियों एवं निणायकों व आफिसयल हेतु भोजन/स्वाल्पाहार व्यवस्था तथा साउण्ड सिस्टम, टेन्ट, कुर्सी, टेबल व्यवस्था कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अधिनस्थ अधिकारी/कर्मचारी एवं 04 कम्प्यूटर ऑपरेटर जो पूर्व पंजीकृत खिलाड़ी की सत्यापन कर उन्हें टोकन प्रदान करेंगे व विजेता प्रतिभागी को सांसद प्रतियोगिता के लिए अपलोड करेंगे। प्रतियोगिता आयोजन से पूर्व समस्त संबंधित कर्मचारी /आफिसयल की बैठक आहुत कर अपने स्तर पर निर्धारित तिथियों में दायित्व सौप कर तृतीय चरण की प्रतियोगिता को सफल बनायेंगे। प्रतियोगिता समाप्ति पश्चात अपना प्रतिवेदन में प्रतियोगिता परिणाम में दस्तावेजों के साथ निज सचिव सांसद लोकसभा को प्रेषित करते हुए एक प्रति अपने पास संधारित रखेंगे। आयोजन में प्रोटेस्ट या दावा आपत्ति के संबंध में नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए। विवाद का निवारण करेंगे।मुख्य नगर पंचायत अधिकारी अपने अधीनस्थ नगर पंचायत क्षेत्र की पंजीकृत विजेता प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय सारणी अनुसार सूचित करना सुनिश्चित करेंगे एवं खिलाड़ियों को लाने ले जाने की व्यवस्था करें। तृतीय चरण विधानसभा की प्रतियोगिता स्थल चयनित स्थल में. अपने नगरीय निकाय अंतर्गत निर्धारित प्रतियोगिता स्थल के खेल मैदान निर्माण के लिए (चूना, रस्सी, व्हालीवाल पोल, नेट एवं व्हालीबॉल तथा खो-खो पोल) एवं आवश्यक खेल सामग्री संबंधित निर्णायक, खेल प्रभारी को उपलब्ध करावें। साथ ही समस्त आयोजन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना तथा खिलाड़ियों हेतु आयोजन स्थल पर पानी टैंकर, खेल मैदान साफ सफाई की व्यवस्था, खिलाड़ियों एवं निणायकों हेतु भोजन व्यवस्था / आफिसयल स्वाल्पाहार एवं माईक टेन्ट व्यवस्था कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अधिनस्थ अधिकारी/कर्मचारी एवं 04 कम्प्यूटर ऑपरेटर जो पूर्व पंजीकृत खिलाड़ी की सत्यापन कर उनहे टोकन प्रदान करेंगे व विजेता प्रतिभागी को सांसद प्रतियोगिता के लिए अपलोड करेंगे। प्रतियोगिता आयोजन से पूर्व समस्त संबंधित कर्मचारी/आफिसयल की बैठक आहुत कर अपने स्तर पर निर्धारित तिथियों में दायित्व सौप कर तृतीय चरण की प्रतियोगिता को सफल बनायेंगे। प्रतियोगिता समाप्ति पश्चात अपना प्रतिवेदन मै प्रतियोगिता परिणाम मै दस्तावेजों के साथ निज सचिव सांसद को प्रेषित करते हुए एक प्रति अपने पास संधारित रखेंगे। आयोजन में प्रोटेस्ट या दावा आपत्ति के संबंध में नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए। विवाद का निवारण करेंगे।विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अपने विकासखण्ड के अंतर्गत होने वाले आयोजन में आयोजन समिति के मांग अनुसार व्यायाम शिक्षक/ शिक्षक / कर्मचारी / कम्प्यूटर आपरेटर उपलब्ध कराते हुए तृतीय एवं अन्य चरणों की प्रतियोगिता में आयोजन समिति से समांजस्य स्थापित कर मॉनिटरिंग करेंगे। आयोजन हेतु यदि उनके अधिनस्थ आने वाले क्रीड़ागण एवं खेल मैदान की आवश्यकता करायेंगे।खण्ड स्त्रोत समन्वयक / सी.ए.सी अपने अधीनस्थ शास./अशास./ सेजस / अनु./पूर्व/हाई/हायर सकेण्डरी स्कूल दुर्ग जिला विद्यालय के पंजीकृत चयनित प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय-सारणी अनुसार सूचित कर सम्मिलित कराना सुनिश्चित करेगें।प्राचार्य/प्रधानपाठक, शास./अशास./ सेजस/ अनु./पूर्व/हाई / हायर सकेण्डरी स्कूल दुर्ग जिला अपने संस्था के पंजीकृत चयनित प्रतिभागी खिलाड़ियों को निर्धारित समय सारणी अनुसार सूचित कर आयोजन में प्रभारी शिक्षक शिक्षिका के साथ सुनिश्चित करेंगे तथा जिन व्यायाम शिक्षक/खेल जानकार शिक्षकों की डयूटी खेल मैदान निर्माण व खेल संचालन के लिए लगी है, उन्हें आवश्यक रूप से कार्यमुक्त करेंगे एवं आयोजन हेतु यदि विद्यालयों के अधिनस्थ खेल मैदान की आवश्यकता हो तो खेल मैदान उपलब्ध करायेंगे यदि बालिका महिला खिलाड़ियों हेतु चेंजिग रूम एवं बाथरूम की आवश्यकता हो विद्यालय परिसर की में उपयोग करने की व्यवस्था करेंगें।महाप्रबंधक शिक्षा भिलाई इस्पात संयंत्र, ओपके अधिनस्थ आने वाले क्रीडागण मैदान, हॉल एवं विद्यालयों के अधिनस्थ खेल मैदान की आवश्यकता हो तो खेल मैदान उपलब्ध करायेंगे यदि बालिका महिला खिलाड़ियों हेत चेंजिंग रूम एवं बाथरूम की आवश्यकता हो विद्यालय परिसर की में उपयोग करने की व्यवस्था करेंगे।विकासखण्ड क्रीडा प्रभारी (शिक्षा विभाग), अपने विकासखण्ड अंर्तगत होने वाले आयोजनों में व्यायाम शिक्षकों, शिक्षक कर्मचारियों की सेवाएं आवश्यकता विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध करते हुए क्रीडागण निर्माण एवं खेल प्रतियोगिता निर्णयन कार्य का निष्पादन कराना सुनिश्चित करते हुए सहायक नोडल के रूप में खेल संपादित कराते हुए आयोजन समिति के साथ समन्वय स्थापित कर आयोजन स्थल का निर्धारण करने में सहयोग करेंगे।--
- 0- समितियों से धान का उठाव शुरू0- किसानों को 27,402.59 लाख रूपए ऑनलाईन भुगतान0- 7929 किसानों ने किया 131.80 हेक्टेयर रकबा समर्पणदुर्ग. जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में अब तक 26075 किसानों से 1,36,322.68 मे. टन धान खरीदी हुई है जिसकी लागत राशि 32,328.87 लाख रूपए है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन के अंतर्गत किसानों को सहुलियतें मिल रही है और वे निर्धारित तिथि अनुसार धान बेचने उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। किसानों को धान बिक्री पश्चात् 27,402.59 लाख रूपए का ऑनलाईन भुगतान हो चुका है। उपार्जन केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों के लिए समुचित प्रबंध की गई है। धान खरीदी हेतु केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था है। अब तक 7929 किसानों ने 131.80 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया है। खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 6,16,435 मे. टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित है। जिले के समितियों में खरीदे गये धान का उठाव भी शुरू हो गया है। इस हेतु 16,411.60 मे. टन का डीओ/टीओ जारी हो चुका है। जिसमें से 5,150.00 मे. टन धान का उठाव हो चुका है।--
- 0- भोजटोला उपार्जन केंद्र में सरल और पारदर्शी प्रक्रिया की सराहनामोहला। राज्य शासन की पारदर्शी प्रक्रिया एवं उचित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की राशि ने किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य के साथ ही सुरक्षा और सम्मान दिलाया है। जिससे किसानों में उत्साह देखा जा रहा है।विकासखंड मोहला के ग्राम बंजारी निवासी किसान श्री उद्धव सिंह भोजटोला धान उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने 300 कट्टा धान को समर्थन मूल्य पर बेचा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूरी खरीदी प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और व्यवस्थित रही। टोकन प्राप्त करने से लेकर वजन, तौल, भुगतान में किसी प्रकार की कठिनाई नही हुई। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि से ट्रैक्टर एवं आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने की कार्ययोजना बना रहे हैं। जिससे कृषि कार्य को और अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाया जा सकें।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित किसान-केंद्रित नीतियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र में बेहतर प्रबंधन, माप-तौल, पर्याप्त बारदाना, सुव्यवस्थित परिसर एवं सहयोगी कर्मचारियों के कारण धान विक्रय काफी सरल हुआ हैं।--
- 0- ग्राम पंचायत कोर्रामटोला व धान उपार्जन केंद्र छछानपहरी में लोगों को किया गया जागरूकमोहला। विद्युत विभाग द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही लोगों को योजना के लाभ की जानकारी देने ग्राम पंचायतों एवं धान खरीदी केन्द्रों में शिविर लगाए जा रहें है। जिसके तहत ग्राम पंचायत कोर्रामटोला एवं धान उपार्जन केंद्र छछानपहरी, बांधाबाजार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।ग्राम पंचायत कोर्रामटोला में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में व्यापक जानकारी दी गई। इस दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को योजना के लाभ पात्रता तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों को बताया गया कि यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली लागत कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है।इसी प्रकार धान उपार्जन केंद्र छछानपहरी, बांधाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, उपभोक्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों को बताया गया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत उपभोक्ताओं को सोलर पैनल स्थापना में सहायता दी जाएगी, जिससे घरेलू बिजली खपत का बड़ा हिस्सा मुफ्त हो सकेगा।--
- 0- शासकीय कार्यालयों में 1 जनवरी से बायोमेट्रिक अटेन्डेन्सबिलासपुर/ जिला कलेक्टोरेट कार्यालय सहित सभी विभागीय कार्यालयों में आगामी 1 जनवरी से बायोमेट्रिक अटेन्टेन्स सिस्टम लागू होगा। ये सिस्टम सेलरी से जुड़ा रहेगा। कार्यालय पहुंचने में विलम्ब अथवा अनुपस्थित रहने पर आनुपातिक रूप से तनख्वाह की अपने आप कटौती हो जायेगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक टीएल बैठक में मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए अधिकारियों को इसकी तैयारी के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय में यह व्यवस्था सफलता पूर्वक लांच करने के बाद जिलों में भी 1 जनवरी से इसे प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा कि मोबाईल फोन पर आधारित एप्प के जरिए बायोमेट्रिक उपस्थिति ली जायेगी। कार्यालय अथवा इसके 100 मीटर की परिधि में यह एप्प क्रियाशील रहेगा। अपने घर अथवा अन्यत्र कहीं से भी अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अटैन्डेंस नहीं किया जा सकेगा। आमतौर पर शासकीय कर्मियों के निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने की शिकायत होती रहती है। इस नयी व्यवस्था से लोगों के समय पर पहुंचने और पारदर्शिता पूर्ण तरीके से कामकाज का निबटारा होगा। शाम को वापसी के दौरान भी उपस्थिति दर्ज कराना होगा।कलेक्टर ने बैठक में धान खरीदी की प्रगति की भी समीक्षा की। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को अपने प्रभार के खरीदी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारीकी से खरीदे गये स्टेकिंग का सत्यापन किया जाये। छापामार शैली में अचानक पहुंचकर देखा जाए। बारदाना की उपलब्धता भी देखें। खरीदे गये धान और केन्द्र में इसके उपलब्धता एवं मिलान होना चाहिए। संपूर्ण प्रक्रिया में किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं आने देना चाहिए। कलेक्टर ने अवैध उत्खनन के विरूद्ध कार्रवाई और तेजी से करने को कहा है। वनक्षेत्र में यदि अवैध खनन की रिपोटिंग होती है तो वन विभाग कठोर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने समय-सीमा निर्धारित की है। इस सीमा में कार्रवाई पूर्ण करें अन्यथा जिला स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी। कलेक्टर ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कोयला एवं राखड़ का परिवहन करने वाले वाहनों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने कहा है। कोई भी वाहन यदि बिना तिरपाल ढके राखड़ एवं कोयले का परिवहन करे तो आरटीओ एवं पर्यावरण विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें। कलेक्टर ने बंद हो चुकी शासकीय योजनाओं के बैंक खातों को बंद कर एक सप्ताह में इसमें जमा राशि को शासन के खजाने में जमा कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने गोधाम योजना की समीक्षा करते हुए और ज्यादा संख्या में गोधाम खोलने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने को कहा है। कलेक्टर ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति वितरण की भी समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने पीएम सूर्यघर बिजली योजना, सांसद खेल महोत्सव और यूथ फेस्टिवल की तैयारी की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अगव्राल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- गत रबी में किसानों को मिला 1.05 करोड बीमा भुगतान0- कलेक्टर ने रबी बीमा कराने किसानों से की अपील0- 31 दिसम्बर तक करा सकते हैं रबी फसलों का बीमाबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में चालू सीजन में रबी फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस माह की 31 तारीख तक बीमा आवेदन की अंतिम तारीख तय की गई है। बताया गया कि पिछले साल बीमित फसलों के एवज मंे 1 करोड़ 5 लाख रूपए की बीमा दावे का भुगतान लगभग 4 सौ किसानों को किया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मौसम की अनिश्चितता से फसल हानि से बचाने के लिए बीमा करा लेने की अपील किसानों से की है।उप संचालक कृषि ने बैठक में बताया कि बिलासपुर जिले में एचडीएफसी अर्गो जनरल इन्श्यूरेंस कम्पनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में चना, अलसी, राई सरसों, गेहूं सिंचित एवं गेहूं असिंचित को अधिसूचित किया गया है। रबी मौसम में इन फसलों की खेती करने वाले 88 गांव इस योजना के लिए चिन्हित किये गए हैं। उन्हें लगभग 3 सौ से 5 सौ रूपए की मात्र बीमा प्रीमियम पर 18 हजार से लेकर 32 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर तक की बीमा लाभ मिल सकता है। सीएससी अथवा बैंक से बीमा कराया जा सकता है। बताया गया कि इस साल लगभग ढाई हजार किसानों के 700 हेक्टेयर क्षेत्रफल को बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार उद्यानिकी विभाग को साग-सब्जी के लिए 150 हेक्टेयर क्षेत्र बीमा करने का लक्ष्य दिया गया है। ऋणि किसानों का बीमा अपने आप हो जायेगा। अऋणि किसानों को नवीनतम आधार कार्ड, बी1 पी2, बैंक खाता फोटोकापी, फसल बोआई प्रमाण पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने का घोषणा पत्र, मोबाईल नम्बर, बटाईदार/काश्तकार/साझेदार किसानों के लिए घोषणा पत्र देना होगा। इस अवसर पर, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त, अमित कुमार, लीड बैंक मैनेजर दिनेश उरांव, उप संचालक कृषि पीडी हथेश्वर, उप संचालक उद्यान श्री दीवान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।--
- बिलासपुर /अवैध रूप से संग्रहित 75 कट्टी (30 क्विंटल) धान मंगलवार को फिर से जब्त किया गया। संयुक्त जांच दल द्वारा ग्राम पचपेड़ी के गोलू गुप्ता के गोदाम से 75 कट्टी 30 क्विंटल धान जप्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। बिना कागजात के वे इसका व्यवसाय कर रहे थे। आशंका बनी हुई थी कि सांठगांठ करके आसपास की किसी सोसाइटी में इसे खपाते। इसके पहले कलेक्टर के निर्देश पर पकड़ लिए गए। जिला खाद्य अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। राजस्व विभाग के नेतृत्व में खाद्य और मंडी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- बिलासपुर /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवसर दर्ज करते हुए प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी के भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन 8 दिसंबर 2025 को दुधली, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री गजेन्द्र यादव, शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहे। भूमि पूजन विधिवत मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया।कार्यक्रम में श्री अमर बी. छेत्री, कार्यकारी निदेशक, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली,श्री इन्द्रजीत सिंह खालसा, राज्य मुख्य आयुक्त तथा राज्य सचिव श्री जितेन्द्र कुमार साहू सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अतिथियों ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के युवा विकास, अनुशासन, सेवा व राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बिलासपुर जिले से स्काउटर श्री देवब्रत मिश्रा, श्री संतोष कुमार त्रिपाठी, श्री भूपेन्द्र शर्मा तथा श्री महेन्द्र बाबू टंडन तथा गाइडर श्रीमती बीना यादव, डॉ. भारती दुबे, सुश्री लता यादव, श्रीमती कल्पना सिंह, श्रीमती लक्ष्मी बृजवासी एवं सुश्री निधि कश्यप की विशेष उपस्थिति रही। भूमि पूजन के साथ ही राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। आयोजन से देशभर के स्काउट-गाइड युवा एक मंच पर जुटेंगे, जिससे राष्ट्र निर्माण की दिशा में नई ऊर्जा व प्रेरणा का संचार होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
- राजनांदगांव। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मंगलवार को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजनांदगांव में नवनिर्मित बॉक्सिंग रिंग सेट एवं आर्चरी रेंज का शुभारंभ किया। मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बॉक्सिंग मैच को देखा और बॉक्सिंग खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार होने से युवा खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढऩे का अवसर मिलेगा। नई बॉक्सिंग रिंग और आर्चरी रेंज के तैयार होने से खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, सुरक्षित वातावरण और प्रतियोगी माहौल प्राप्त होगा। उन्होंने स्कूली बच्चों से अध्ययन-अध्यापन के संबंध में जानकारी ली और अच्छे से पढ़ाई करने कहा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, श्री भावेश बैद, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग श्री आरएल ठाकुर, उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय श्री आशुतोष चावरे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, एसडीएम श्री गौतम पाटिल, जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीष व्यौहारे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे, शिक्षक उपस्थित थे।
- 0- अधिकारियों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार को दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना।जनदर्शन में आज तखतपुर ब्लॉक के ग्राम भरारी निवासी श्रीमती शशिकला साहू ने अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। श्रीमती साहू ने बताया कि उनके पति स्व. श्री धर्मेन्द्र कुमार साहू प्राथमिक शाला कोसकट्टी में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। पूर्व में भी उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार कार्यवाही नहीं की गई। कलेक्टर ने उनका ज्ञापन डीईओ को सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। गतौरा के ग्रामीणों ने एनटीपीसी सीपत में पात्र भू विस्थापितों की चयन सूची जारी करने में विलंब की शिकायत की। उन्होंने बताया कि हम सभी आवेदकों की एक एकड़ से अधिक जमीन एनटीपीसी द्वारा अधिग्रहित की गई है। एनटीपीसी द्वारा अगस्त महीने में 250 भू विस्थापितों को तीन माह के भीतर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज तक चयन सूची जारी नहीं की गई है। कलेक्टर ने मामले को एसडीएम को सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ओमनगर निवासी दिव्यांगजन श्री शैलेन्द्र कुमार मसीह ने विकलांगता के आधार पर शासन की योजना के अंतर्गत पेंशन राशि प्रदान करने की गुहार लगाई।उन्होंने बताया कि उनका शरीर लकवाग्रस्त है जिसके कारण वे चलने फिरने में असमर्थ है। शारीरिक परिस्थतियों के कारण वे किसी भी प्रकार से आय करने में असमर्थ है। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उसलापुर निवासी शिव कुमारी बंजारे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए तीसरा किस्त ना मिल पाने की शिकायत की। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दर्रीघाट की सरपंच श्रीमती ललिता ने ग्राम दर्रीघाट अरपा पुराने पुल का डामरीकरण करवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत दर्रीघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पुराना पुल अत्यंत जर्जर हो गया है, जिसमें आवागमन में बहुत अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर ने पीडल्ब्यूडी विभाग के कार्यपालन अभियंता को मामले को सौंपा।
- दुर्ग. भिलाई नगर विधानसभा के सेक्टर-3, 4, 5, 6 एवं सेक्टर-7 के ऐसे बूथ जहां अपशेंट एवं शिफ्टेड की संख्या ज्यादा है। उक्त बुथों का कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने मंगलवार को स्वयं निरीक्षण किया। इस दौरान भिलाई नगर विधानसभा के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा एवं सुपरवाइजर, बूथ के बीएलओ एवं बीएलए भी उपस्थित थे।सेक्टर-07 के बूथ 21 के सड़क 35, 36 एवं बूथ 22 के सड़क 31, 33, 34 में कई बिल्डिंग जर्जर स्थिति में हो गए है और वहां आज दिनांक को कोई निवास नहीं करता जिससे वहां के पूर्व निवासी का जिनका वोटर के रूप में नाम आज भी जुड़ा है। निर्वाचन कार्य के इस गहन पुनरीक्षण के दौरान नाम विलोपित किया जाएगा। इसी प्रकार सेक्टर-6 के बूथ 47, 39, 44 में पूर्व समय में बीएसपी द्वारा कई बैंकों, दूरसंचार विभाग को आबंटित भूमि पर बने बिल्डिंग भी आज के समय में जर्जर स्थिति में पाए गए। जिससे वहां के पूर्व वोटर्स का नाम भी विलोपित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अपशेंट और शिफ्टेड वोटर्स की सूची का अवलोकन किया। इसी प्रकार सेक्टर-5 के बूथ 54, सेक्टर-4 के बूथ 67, सेक्टर-3 के बूथ 82 का निरीक्षण किया गया।--
- 0- अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई निरंतर रखे जारी0- महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के दिए निर्देश0- ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने के लिए कहा0- समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को आर्थिक दृष्टिकोण से आत्मनिर्भर बनाने के लिए करें कार्य0- ऐसे हॉस्पिटल जहां जनसामान्य को आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिल रहा उन पर कार्रवाई जारी रखने के दिए निर्देश0- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्नराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी अभियान अंतर्गत अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सभी एसडीएम ने अच्छा कार्य किया है। आगे भी इसी ऊर्जा को बनाए रखते हुए सक्रियतापूर्वक कार्य करना है। उन्होंने कहा कि किसानों के धान खरीदी के बाद रकबा समर्पण कार्य में गति लाएं। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत शहर तथा जिले के विकास के लिए सभी अधिकारी प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें। उन्होंने नगर निगम अंतर्गत नवनिर्मित और निर्माणाधीन कार्यों तथा शहर में किए गए नवाचार के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने शहर की सड़के, फ्लाई ओव्हर, डिवाईडर, जल प्रदाय, भविष्य की संभावनाओं के दृष्टिगत सिटी डेवलपमेंट प्लॉन, सौंदर्यीकरण एवं पौधरोपण की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उद्यानों की मरम्मत उद्योगों को करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए तथा भवन निर्माण की गुणवत्ता, सीसी रोड निर्माण, सड़कों की गुणवत्ता की स्थितियों की जांच करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों की गुणवत्ता के प्रति जवाबदेही तय होगी। उन्होंने जिला पंचायत अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास अंतर्गत पोट्ठ लईका पहल अंतर्गत बच्चों के सुपोषण के लिए अच्छे कार्य किए जा रहे हैं। पोषण पुर्नवास केन्द्रों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए कहा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने साप्ताहिक समय सीमा के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कहा कि आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें तथा न्यायसंगत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पैतृक संपत्ति में हिस्सा, स्वामित्व योजना, भू-बंटन प्रकरणों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि विगत एक सप्ताह में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अच्छा कार्य किया गया है। इसके साथ ही जिले में आयुष्मान वय वंदन कार्ड तथा आयुष्मान कार्ड बनाने में उपलब्धि हासिल की है। ऐसे हॉस्पिटल जहां जनसामान्य को आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिल रहा है, उन पर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को आगे बढ़ाएं तथा उन्होंने आर्थिक दृष्टिकोण से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करें। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बने एवं परिवर्तन दिखाई दें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक से अधिक सोलर पैनल लगवाने के लिए जनमानस को प्रेरित करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान सभी एसडीएम वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।
- दुर्ग. महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा छत्तीसगढ़ गाइडलाईन दरों को निर्धारण नियम 2000 के प्रावधानों के तहत उप जिला/जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त, स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाईन दर वर्ष 2025-26 को केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छ.ग. रायपुर द्वारा अनुमोदित किया जाकर 20 नवम्बर 2025 से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में लागू की गई है। नवीन गाइडलाईन को लेकर आमजन के मध्य भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। विगत 7-8 वर्षों से गाइडलाईन दरों में वृद्धि नहीं किये जाने के कारण सम्पत्ति के वास्तविक मूल्य एवं गाइडलाईन दर असंतुलित हो गया था जिसे संतुलित करने हेतु वार्डों के परिसीमन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित ग्राम/मुख्य मार्ग/अन्य मार्ग आदि को दृष्टि से मुख्य मार्ग/अन्य मार्ग तथा एक समान क्षेत्रों का सामुहिकरण करते हुए दरों को युक्तियुक्तकरण किया गया जिससे कि किसानों को उनकी भूमि का वास्तविक दर अनुसार मुआवजा मिल सके तथा आम जनता को वास्तविक मूल्य अनुसार हाऊसिंग लोन की राशि मिल सके।जिला पंजीयक सुश्री प्रियंका श्रीरंगे से मिली जानकारी अनुसार दुर्ग जिले में लागू नवीन गाइडलाईन दरों के विसंगति दूर करने हेतु कंडिकाओं का सरलीकरण कर नगरीय क्षेत्र, नगर निगम दुर्ग, भिलाई, भिलाई-3 चरोदा, रिसाली, उतई के अनेक वार्ड में 1020 कंडिकाये थी, जिन्हें युक्तियुक्तकरण कर 457 कंडिकाये रखी गई है। नगरीय क्षेत्रों के वार्डों की कंडिकाओं का युक्तियुक्तकरण अर्थात् विसंगति दूर किया जाकर अनावश्यक कंडिकाओं को मर्ज कर लगभग समान दर वाली कंडिकाओं के लिए एक समान दर का निर्धारण किया जाकर उसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि किया गया है। इसमें इस बात का ध्यान रखा गया है कि किसी भी रोड/वार्डों के आमने-सामने की दरों में समानता हो।पूर्व में प्रचलित बाजार मूल्य मार्गदर्शिका में एक ही वार्ड में विभिन्न कंडिकाओं में एक समान जगहों पर अलग-अलग दरें थी, जिससे नागरिकों एवं आमजनों को समझने में कठिनाई होती थी कि उनके अचल संपत्ति एवं दूसरे संपत्ति एक ही वार्ड में होने पर भी गाइडलाईन बाजार मूल्य अलग-अलग होते थे। जबकि वास्तविक बाजार मूल्य लगभग एक समान होते थे। जैसे-पूर्व प्रचलित गाइडलाईन 2019-20 में नगर पालिक निगम दुर्ग की तितुरडीह वार्ड क्रमांक 21 में कुल कंडिकाओं की संख्या-15 था, जबकि लागू नवीन गाइडलाईन 2025-26 में केवल 04 कंडिका रखा जाकर पुनर्रीक्षित एवं युक्तियुक्तरण/विसंगतियों को दूर कर रखा गया है। नगर निगम दुर्ग के वार्ड क्रमांक-27 पोलसाय पारा वार्ड की कंडिका क्रमांक (4) फरिश्ता काम्प्लेक्स से पुराना बस स्टैण्ड तक, स्टेशन रोड एवं वार्ड क्रमांक 28 कंडिका (4) फरिश्ता काम्प्लेक्स चौक से नया बस स्टैण्ड जाने वाली रोड की दोनों दर में असामान्य विसंगति थी। ओवरलेपिंग कंडिकाओं के मर्जर से विसंगति दूर कर एक समान दर रखा गया जिससे संपत्ति की विशिष्ट पहचान के साथ सही मूल्यांकन किया जा सकें। इसी आधार पर रोड/वार्डों के आमने-सामने की दरों को समान रखा गया है।इसी प्रकार नगर निगम भिलाई के वार्ड 01 में पूर्व में 22 कंडिकाएं थी जिसमें मुख्य मार्ग पर 10, 800 से 37,700 रूपए प्रति वर्गमीटर एवं मुख्य मार्ग के अंदर 22 भिन्न-भिन्न दरें थी वहीं स्मृति नगर में पूर्व में 09 कंडिका प्रचलित था जहां मुख्य मार्ग की दरे 23,000 से 30,200 रूपए प्रति वर्गमीटर था एवं मुख्य मार्ग के अंदर 09 भिन्न-भिन्न दरें 12,700 से 22,200 रूपए तक प्रचलित था। ये दोनों ही वार्ड मुख्य मार्ग जुनवानी के आमने-सामने स्थित है। इन्हीं दरों की विसंगतियों को दूर करने हेतु मुख्य मार्ग एवं मुख्य मार्ग अंदर एक समान दर रखा गया है।
- 0- जिला स्तर पर नोडल अधिकारी/सहायक अधिकारी नियुक्तदुर्ग. जिले में रबी 2025-26 हेतु फसल क्षेत्राच्छादन, बीज, उर्वरक, कल्चर, कीटनाशक एवं अन्य कृषि आदान सामग्रियों के मांग/भण्डारण/वितरण के साथ-साथ गुण नियंत्रण तथा निरीक्षण एवं कीट व्याधि नियंत्रण के संबंध में सतत निरागनी हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी/सहायक नियुक्त कर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। सहायक संचालक कृषि से मिली जानकारी अनुसार सहायक संचालक कृषि श्री सुमन कुमार कोर्राम को सतत निगरानी हेतु जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिनका मो. 7389368625 है।इसके अलावा सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्रीमती सत्यवती मो. 9691770113, कृषि विकास अधिकारी श्री अमित जोशी मो. 9907109662, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती संपदा लहरे मो. 9826129827, श्री अनिल चन्द्राकर मो. 8817592112, श्रीमती निशा सिंह मो. 9993942211, श्रीमती पूनम कंवर मो. 9926169876 और मुख्य लिपिक श्रीमती सुनिता लाउत्रे मो. 9977826088 को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर नियंत्रण कक्ष के दायित्व सौपी गई है। संबंधित अधिकारी संचालनालय कृषि छ.ग. रायपुर से प्राप्त लक्ष्य एवं निर्देशानुसार अधिनस्थ कार्यालयों से जानकारी/प्रगति संकलित कर समयावधि में वरिष्ठालय को प्रेषित कर नियमानुसार नियंत्रण कक्ष का संचालन करेंगे। कृषकगण मुख्यतः मोबाईल नंबर 9907109662 पर संपर्क करने के साथ-साथ उपरोक्त दिये गये मोबाईल नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।--
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बिलासपुर/ जिले में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई तथा चार अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार जिले के कोनी थाना क्षेत्र में रविवार रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में इशु रत्नाकर (26) और भास्कर राजपूत (22) की मौत हो गई और अभिषेक बघेल, शेखर चंद्रवंशी, श्याम सिंह राजपूत और इशु का भाई दिशु रत्नाकर घायल हो गए। कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि सक्ती जिले के खरकेना गांव का निवासी इशु बिलासपुर में रहकर लोक सेवा आयोग (पीएससी) की तैयारी कर रहा था। उन्होंने बताया कि रविवार रात इशु, उसका भाई दिशु और चार मित्र एक कार में सवार होकर भोजन करने के लिए रतनपुर की ओर जा रहे थे। कार इशु ही चला रहा था। थाना प्रभारी के अनुसार तुर्काडीह चौक के करीब कार अनियंत्रित होकर पलट गई। तेज रफ्तार के कारण कार चार बार पलटकर सड़क से दूर झाड़ियों में जा गिरी। उन्होंने बताया कि हादसे में इशु और भास्कर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और कार में फंसे शव व घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों को पहले छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में से तीन की हालत गंभीर है। अधिकारियों के मुताबिक घायल अभिषेक बघेल के बयान पर कोनी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया और मामले की जांच कर रही है।
- - सभी डीईओ एवं बीईओ शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फिल्ड में नियमित तौर पर करें स्कूलों का दौरा : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव- शिक्षा की गुणवत्ता का जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए असर- युक्तियुक्तकरण अंतर्गत शिक्षकों की स्थानांतरण के संबंध में की गहन समीक्षा-दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ाई पर विशेषतौर पर ध्यान देने की जरूरत- परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए सभी करें शिक्षक उत्कृष्ट कार्य-शिक्षकों को अध्यापन कार्य के लिए प्रशिक्षण देने की आवश्यकता- वर्ष भर की कार्य योजना के अनुरूप होना चाहिए अध्यापन कार्य- प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को अच्छी तरह याद होना चाहिए पहाड़ा- शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश तथा उनके अध्ययन की मानिटरिंग करने के दिए निर्देश- शिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अपने अनुभव किए साझाराजनांदगांव । स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग के दुर्ग संभाग स्तरीय अंतर्गत दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की समीक्षा बैठक ली। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी डीईओ एवं बीईओ शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फिल्ड में नियमित तौर पर स्कूलों का दौरा करें। उन्होंने कहा कि इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर अच्छा होना चाहिए। उन्होंने युक्तियुक्तकरण अंतर्गत शिक्षकों की स्थानांतरण के संबंध में गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों के अनुरूप जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण अंतर्गत अभी तक ड्यूटी ज्वांइन नहीं की है, उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ाई पर विशेषतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। जियो टैगिंग एवं शिक्षकों की उपस्थिति के माध्यम से नियमित अध्यापन के संबंध में मानिटरिंग होनी चाहिए। परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए सभी शिक्षक उत्कृष्ट कार्य करें। शिक्षक मेहनत करेंगे तो इसके बेहतरीन परिणाम प्राप्त होंगे। बच्चों को अभ्यास कराएं और उनकी पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल एवं व्यवस्था बनाएं। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि बच्चे शाला त्यागी नहीं हो तथा उनके पढऩे की अभिरूचि बनी रहे। शिक्षकों को अध्यापन कार्य के लिए प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। वर्ष भर की कार्य योजना के अनुरूप अध्यापन कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के संबंध में जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने राजनांदगांव में अपार आईडी निर्माण की प्रगति पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणामों के आधार पर जवाबदेही तय होगी तथा प्राथमिक कक्षाओं में भी बेहतर परिणामों के लिए सतत मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को पहाड़ा अच्छी तरह याद होना चाहिए।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के साथ ही शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्राईवेट टयूटर्स, शाला त्यागी बच्चों की स्थिति में सुधार होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश तथा उनके अध्ययन की मानिटरिंग करने के लिए कहा। उन्होंने सत्र 2024-25 के कक्षा दसवीं एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम एवं सत्र 2025-26 का लक्ष्य, कक्षा दसवीं एवं बारहवीं में प्रथम श्रेणी, 80 प्रतिशत से अधिक एवं 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संभावित संख्या, कक्षा तीसरी से पांचवीं तक 20 तक का पहाड़ा तथा कक्षा छठवीं से आठवीं तक 25 तक का पहाड़ा, कमजोर बच्चों के लिए बारह खड़ी लागू करने उपचारात्मक शिक्षण, भवन विहीन विद्यालयों की संख्या, मॉडल स्कूल बनाए जाने वाले विद्यालयों की संख्या, समग्र शिक्षा, पीएमश्री विद्यालय, पीएम ई-विद्या चैनल के उपयोग, आने वाले वर्षों में जिलों के लक्ष्य के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।सचिव स्कूल शिक्षा विभाग श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए शिक्षकों की ऑनलाईन उपस्थिति होनी चाहिए, ताकि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचे। स्कूलों में ड्राप आऊट में कमी लाने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। सभी बीईओ एवं डीईओ निरंतर दौरा करें। दसवीं एवं बारहवीं के परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करते हुए समेकित कार्ययोजना बनाकर परीक्षा परिणामों में सुधार लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रेरित करें। प्राचार्यों एवं बीईओ के वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कार्यों की सतत मानिटरिंग करें। कार्य योजना बनाकर पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्कूलों के निर्माणाधीन कार्यों में गति लाने के लिए कहा। संचालक लोक शिक्षण संचालनालय श्री ऋतुराज रघुवंशी ने कहा कि ऐसे बच्चे जिनका परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं रहा है, उनके लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गई है। ऐसे बच्चों को चिन्हांकित कर शनिवार बैगलैस डे के दिन उनकी शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाएं। सतत टेस्ट के माध्यम से बच्चों के अध्ययन का मूल्यांकन करते रहे। दूरस्थ क्षेत्र के बच्चे भी स्मार्ट क्लास से जुड़े। आयुक्त समग्र शिक्षा डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि शिक्षण कार्य योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए। ऐसे स्कूल जहां बच्चे पढ़ाई में कमजोर है, ऐसे स्कूलों का चिन्हांकन करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के परीक्षा परिणामों को बेहतर करने के लिए कक्षा नवमीं एवं ग्यारहवीं की पढ़ाई पर ध्यान देना होगा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बच्चों में पढ़ाई के प्रति अभिरूचि जागृत करने के लिए पढ़ाई का कोना एक पहल की जा रही है। जिसमें बच्चों के लिए अपने पढ़ाई के लिए एक विशेष स्थान होगा, ताकि घर में पढ़ाई का माहौल रहे। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के पहले पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को भी बच्चों को पढऩे के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को निरंतर अभ्यास कराते हुए उन्हें निर्धारित समय में प्रश्रपत्र पूर्ण करने के लिए अभ्यास कराया जा रहा है। उन्होंने जिले में नीट एवं जेर्ईई के लिए चलाए जा रहे ऑनलाईन कोचिंग के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान सभी ने शिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, संयुक्त संचालक शिक्षा दुर्ग बीएल ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव श्री प्रवास सिंह बघेल, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीष व्यौहारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



























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