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बलरामपुर। जिले में मंगलवार तड़के एक जंगली हाथी के हमले में दंपति की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुंदी गांव में जंगली हाथी के हमले में जूठन गोड़ (65) और उनकी पत्नी सुंदरी बाई (55) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आज तड़के लगभग पांच बजे कुंदी गांव के बांधपारा मोहल्ले के निवासी जूठन और उनकी पत्नी सुंदरी बाई करीब के जंगल की ओर जा रहे थे तभी जंगली हाथी ने उनपर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि इस हमले में दोनों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों से इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि बाद में दल ने शवों को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम होने के बाद मृतकों के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी तथा औपचारिकता पूरी होने के बाद परिजनों को शेष 5.75 लाख रुपये दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि कल्याणपुर के जंगल में पांच हाथियों का दल विचरण कर रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक दशक से अधिक समय से मनुष्य और हाथी के बीच टकराव एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह समस्या मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी फैल गई है। राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मानव—हाथी टकराव की घटनाएं अधिक होती हैं। क्षेत्र के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में रविवार रात जंगली हाथी के हमले में दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले में 325 से अधिक लोगों की जान गई है।
- -मानकों पर आधारित प्रक्रिया से गुणवत्ता परीक्षण पश्चात ही स्वास्थ्य केन्द्रों को दवा का वितरणरायपुर Iसीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार फर्म Unicure India Ltd. द्वारा 18 मई 2026 को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड को सूचना प्रदान किया है। इसके अनुसार फर्म को मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा दिनांक 08 मई 2026 को दवा Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml -100 ml bottle के 3 बैचों को शासकीय प्रयोगशालाओं द्वारा गुणवत्ता परीक्षण में अमानक घोषित किये जाने के परिणाम स्वरुप “फर्म ब्लैकलिस्ट” किया गया है Iउक्त दवा के एक बैच का मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा पूर्व में ही Product blacklisting किये जाने के परिणामस्वरूप दवा Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml -100 ml bottle के दर अनुबंध को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड की निविदा नियमानुसार ब्लॉक कर सम्बंधित क्रयादेशों को निरस्त किये जाने की कार्यवाही की गयी थी Iफर्म Unicure India Ltd. द्वारा प्रेषित सूचना के साथ संलग्न ब्लैकलिस्टिंग आदेश में यह भी उल्लेखित है कि उक्त आदेश, पूर्व में क्रय की गयी या जारी किये जा चुके क्रयादेशों पर लागू नहीं होगा, बशर्ते वे गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों I उक्त फर्म द्वारा प्रदायित दवाओं का छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड के अनुबंधित NABL प्रयोगशालाओं से मानक गुणवत्तायुक्त प्रतिवेदन पाए जाने पर दवा का वितरण किया गया है Iफर्म Unicure India Ltd. द्वारा प्रेषित सूचना के साथ यह भी उल्लेखित किया गया है कि उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, मुख्य पीठ जबलपुर के समक्ष वाद प्रस्तुत किया गया है, जिसकी सुनवाई दिनांक 10 जून 2026 को नियत की गयी है I माननीय उच्च न्यायालय, म.प्र. द्वारा उक्त वाद पारित किये जाने वाले आदेशों के अधीन छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड में आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी Iब्लैकलिस्टिंग आदेश की सूचना प्राप्त होने के पश्चात उक्त फर्म से कोई नवीन दर अनुबंध एवं नवीन क्रयादेश जारी नहीं किया गया है जो छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड के गुणवत्ता पर केन्द्रित, दवा विनियामक मानकों पर आधारित प्रक्रिया है I छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड पुनः यह स्पष्ट करता है कि दवा क्रय एवं आपूर्ति की प्रक्रिया पूर्ण रूप से गुणवत्ता के मानकों पर आधारित है। निगम यह पुनः ज्ञापित करता है कि दवाओं को आम जनमानस के उपयोग हेतु वितरण के पूर्व एक विधिमान्य एवं मानकों पर आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत गुणवत्ता परीक्षण पश्चात ही स्वास्थ्य केन्द्रों को वितरित की जाती है
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बदली तस्वीर, ग्रामीणों को मिली आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधारायपुर / बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। वर्षों तक विकास से दूर रहे मयूरीपारा तक अब सड़क पहुंचने से लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही मुरूमीकरण और छह पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य जून माह में पूरा कर लिया जाएगा।ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने बताया कि लंबे समय तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बरसात के मौसम में नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था। अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं और लोगों को बड़ी राहत मिली है।सड़क बनने से स्कूली बच्चों का आवागमन आसान हुआ है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है। अब जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।
- -राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों और परिवहन मंत्री ने की समीक्षा-61 हजार चालान और 31 हजार से अधिक वाहनों की फिटनेस जांचरायपुर /छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी, बेहतर चालक प्रशिक्षण, वाहनों की वैज्ञानिक फिटनेस जांच और यातायात नियमों के प्रभावी पालन पर सरकार ने विशेष जोर दिया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक श्री अनुज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक वाहन फिटनेस केंद्रों, ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, एएनपीआर कैमरों और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। जनवरी से मई 2026 तक 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई, जबकि 61 हजार से अधिक चालान तकनीकी निगरानी तंत्र के माध्यम से जारी किए गए।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जवाबदेही है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग, प्रभावी प्रवर्तन और जन-जागरूकता के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने तथा जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों के पालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीक, प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और प्रभावी प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने तथा सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों में संचालित आधुनिक फिटनेस केंद्रों में जनवरी से मई 2026 के दौरान 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई है। सुरक्षित और कुशल ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक संचालित किए जा रहे हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ नए जिलों में इनके निर्माण की प्रक्रिया जारी है। बिलासपुर और जगदलपुर में क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र तथा 14 जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।प्र. देश में यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए 174 एएनपीआर कैमरे और सात लिडार आधारित स्पीड कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से जनवरी से मई 2026 तक 61 हजार से अधिक चालान जारी किए गए। वहीं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक 2 लाख 68 हजार 316 वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं।नवा रायपुर स्थित आईडीटीआर में वाहन चालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2025 में 15 हजार 779 तथा वर्ष 2026 में अप्रैल तक 4 हजार 64 वाहन चालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।यातायात नियमों के उल्लंघन पर जनवरी से अप्रैल 2026 तक 2.86 लाख वाहनों से 62.21 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। गंभीर उल्लंघनों के मामलों में वर्ष 2025-26 के दौरान 7 हजार 434 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं।
- -प्रगतिशील किसान पुरेंद्र कुमार यादव ने अपनाई आधुनिक तकनीक, धान की खेती में मिले उत्साहजनक परिणामरायपुर । कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग किसानों की आय और उत्पादकता में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। दुर्ग जिले के ग्राम डूंडेरा के प्रगतिशील किसान श्री पुरेंद्र कुमार यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने धान की खेती में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग कर न केवल उत्पादन में सुधार हासिल किया, बल्कि खेती की लागत में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की है।श्री यादव ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का प्रयोग किया। इसके परिणामस्वरूप फसल को संतुलित एवं प्रभावी पोषण मिला, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला। उनके अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल अधिक स्वस्थ और मजबूत दिखाई दी, जिसका सीधा लाभ उपज पर भी पड़ा।उन्होंने बताया कि पारंपरिक बोरा बंद उर्वरकों की तुलना में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग अधिक सुविधाजनक और किफायती साबित हुआ। अत्यंत कम मात्रा में उपयोग किए जाने वाले इन उर्वरकों से फसल को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से प्राप्त हुए, जिससे उर्वरक लागत में कमी आई। साथ ही परिवहन, भंडारण और श्रम संबंधी खर्चों में भी बचत हुई।धान की फसल में अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिलने पर श्री यादव बेहद उत्साहित हैं। उनका मानना है कि नैनो उर्वरक खेती को अधिक वैज्ञानिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे अन्य किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाने और खेती में नवाचार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।श्री पुरेंद्र कुमार यादव कहते हैं, “नैनो डीएपी और नैनो यूरिया आने वाले समय में किसानों के लिए भरोसेमंद साथी साबित होंगे। इससे खेती की लागत कम होती है, फसल को बेहतर पोषण मिलता है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। मैं सभी किसान भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे भी इन उन्नत उर्वरकों का उपयोग कर इसके लाभ प्राप्त करें।”उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिले में बढ़ते उपयोग के साथ किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। यह पहल खेती को पर्यावरण अनुकूल, संसाधन-संरक्षण आधारित और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- -कॉलोनियों से जुड़ी समस्याओं, नागरिक सुविधाओं एवं आवासीय परियोजनाओं के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा-मंत्री श्री चौधरी ने नियमित समय-समय पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के दिए निर्देशरायपुर /आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न आवासीय कॉलोनियों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रायपुर क्षेत्र की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपनी-अपनी कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों से मंत्री के समक्ष अवगत कराया।मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर व्यवहारिक एवं विधिसम्मत समाधान की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शहरी अधोसंरचना, पारदर्शी प्रशासन एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध है तथा आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।मंत्री श्री चौधरी ने आवास विभाग, नगरीय निकायों, रेरा, बिल्डर संगठनों तथा रहवासी कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समय-समय पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न पक्षों के बीच सतत संवाद स्थापित हो तथा समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।बैठक में कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास, सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद से समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है तथा जनसहभागिता से शहरी विकास को नई गति मिलेगी।बैठक के दौरान आवासीय समितियों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि संभवतः छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का प्रत्यक्ष संवाद आयोजित किया गया है। उन्होंने इसे राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक अनुकरणीय पहल बताया।बैठक में प्रतिनिधियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित परियोजनाओं के हस्तांतरण तथा संस्थागत सुधारों से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही आवासीय समितियों को सशक्त बनाने, "आवास मितान" डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने, सलाहकार समिति गठित करने तथा बड़े आवासीय परिसरों में मतदान सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही पार्थिव पैसिफिक, कुबेर सोसायटी, सिटी ऑफ ड्रीम्स, आनंदम वर्ल्ड सिटी, पाम बेलाजियो, साई वाटिका, अविनाश सनसिटी, मारुति लाइफस्टाइल, अविनाश सिग्नेचर होम्स, रालास एन्क्लेव, क्रेस्ट ग्रीन्स, सिंगापुर सिटी, सैफायर ग्रीन्स, लास विस्टास, जैनम हाइट्स, पार्थिवी प्रोविंस, बरसाना एन्क्लेव, गैलेक्सी आईलैंड, सृष्टि पैलाजो एवं क्रॉसविंड्स सहित विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात-पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयामरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा - सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी नई मजबूती-42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग श्री राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- जांजगीर-चांपा । जनपद पंचायत बम्हनीडीह के ग्राम पंचायत कुम्हारी कला निवासी श्री सुदेल राम यादव के लिए अपना पक्का घर होना कभी एक अधूरा सपना था। वर्षों तक कच्चे मकान में जीवन बिताने वाले सुदेल राम यादव और उनकी पत्नी बारिश, गर्मी और अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच अपने दिन गुजारते रहे। सीमित आय के कारण वे स्वयं पक्का घर बनवाने की कल्पना भी नहीं कर पाते थे। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। वर्ष 2025 में योजना के तहत उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति से उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। आज वे अपनी पत्नी के साथ अपने नए आशियाने में सुरक्षित और सम्मान पूर्वक जीवन बिता रहे हैं।घर निर्माण के दौरान मनरेगा के तहत उन्हें मजदूरी का लाभ भी मिला, जिससे आर्थिक संबल प्राप्त हुआ और घर बनाने का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सका। एक ओर उन्हें रोजगार मिला, तो दूसरी ओर अपने सपनों का घर भी साकार हो गया। श्री सुदेल राम यादव कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका भी अपना पक्का घर होगा। अब उन्हें और उनके परिवार को भविष्य की चिंता नहीं सताती। सुरक्षित छत मिलने से उनके जीवन में आत्मविश्वास और खुशियां दोनों बढ़ी हैं। श्री सुदेल राम यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- -कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दी बधाई, कहा- आयुष जिले के युवाओं के लिए रोल मॉडलरायपुर / रायपुर के होनहार युवा क्रिकेटर श्री आयुष पांडे के इंडिया ‘A’ टीम के श्रीलंका दौरे के लिए चयन होने पर आज कलेक्ट्रेट परिसर में उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आयुष को पुष्पगुच्छ, शॉल, प्रेरक पुस्तक एवं प्रतीकात्मक बल्ला भेंट कर शुभकामनाएं दीं।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि आयुष का इंडिया ‘A’ टीम में चयन छत्तीसगढ़ और रायपुर जिले के लिए गर्व और गौरव का विषय है। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आयुष जिले के युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। उन्हें जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए ताकि अन्य बच्चें और युवा भी उनसे प्रेरणा लेकर खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित हों।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर आयुष को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि आयुष भारतीय टीम के लिए खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।उल्लेखनीय है कि रायपुर के मोवा निवासी 22 वर्षीय आयुष बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा और अथक मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनका इंडिया ‘A’ टीम में चयन प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- जगदलपुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बकावंड में सत्र 2026-27 एवं 2027-28 के तहत विभिन्न ट्रेडों कोपा, फिटर, विद्युतकार, प्लम्बर एवं डीजल मैकेनिक में आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बकावंड से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 15 जून 2026 तक प्रवेश संबंधी आवेदन की प्रक्रिया पोर्टलhttps://cgiti.admissions.nic.in/में पूरी कर सकते हैं।
- रायपुर ।जांजगीर चांपा जिले में आकस्मिक आपदा से हुई मृत्यु के दो प्रकरणों में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत कुल 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। दोनों प्रकरणों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।जांजगीर-चांपा जिले के तहसील सारागांव अंतर्गत ग्राम चोरिया निवासी श्री दीपक कुमार की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री मनहरण लाल को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।इसी प्रकार तहसील शिवरीनारायण के ग्राम सलखन निवासी श्री अशोक कुमार कश्यप की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती लक्ष्मीनबाई को 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत स्वीकृत यह सहायता राशि प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
- -ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उभर रही नई पहचान, स्थानीय आजीविका को मिल रहा संबल-सफल होमस्टे मॉडल और आत्मीय मेजबानी से बढ़ रही केरे गांव की लोकप्रियतारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय से यह गांव प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।सोमवार को जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने विकासखंड जशपुर के ग्राम केरे में संचालित होमस्टे का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। गांव में वर्तमान में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन तथा पर्यटकों की बेहतर सेवा से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल की सफलता को और मजबूती प्रदान की है। पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें ताजा, पौष्टिक एवं घर में तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की सराहना की।प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं तथा ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।जिला प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।सकारात्मक अनुभवों, बेहतर व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ श्री लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -कोयला और रेत के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग का शिकंजा, 8 वाहन जप्त, कई प्रकरण दर्जरायपुर। कोयला और रेत के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग का शिकंजाप्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने सूरजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला एवं रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जप्त कर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सुशासन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प के अनुरूप तथा जिला प्रशासन के सतत निगरानी अभियान के तहत की गई।कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार खनिज विभाग, जिला स्तरीय टास्कफोर्स एवं खनिज अमले द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में 07 जून को तहसील सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से खनिज कोयला परिवहन करते हुए 06 मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया। इन वाहनों से लगभग 5 टन कोयला जप्त किया गया, जिसे पुलिस थाना सूरजपुर में सुरक्षार्थ रखा गया है।खनिज विभाग ने ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 03 टिपर वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की है।इसके अलावा 08 जून को राजापुर रेत खदान क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रेत परिवहन में लगे 02 और टिपर वाहनों को जप्त किया गया। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए जप्त वाहनों एवं खनिज सामग्री को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द किया गया है।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से खनिज अमला नियमित निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान संचालित कर रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- -स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा-किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश-दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहारायपुर ।जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें।खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं।समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
- सक्ती । जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बना रहे हैं। इसी कड़ी में सक्ती विकासखंड के ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान श्री गुलाबचंद राठौर ने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री राठौर ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया था, जिससे उन्हें संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए। उनके अनुसार पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया का परिवहन और उपयोग अधिक आसान है। इसकी छोटी शीशी को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है, जिससे समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च की बचत होती है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की समय पर उपलब्धता से फसलों को आवश्यक पोषण सही समय पर मिल जाता है, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ती है। साथ ही सेवा सहकारी समिति में इस वर्ष शासन के मानकों के अनुरूप यूरिया एवं डीएपी खाद भी उपलब्ध है, उन्हें भी शासन के मानक अनुरूप यूरिया डीएपी खाद प्राप्त हुआ है। श्री गुलाबचंद राठौर का कहना है कि नैनो यूरिया खेती की लागत को नियंत्रित करने, उर्वरक प्रबंधन को सरल बनाने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो उर्वरकों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर खेती को और अधिक समृद्ध बनाया जा सके।
- -एक कॉल पर घर पहुंच रही पशु चिकित्सा सेवा-1962 हेल्पलाइन से मिल रहा त्वरित उपचार, लाखों पशुओं तक पहुंची निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएंरायपुर । राज्य सरकार की पशुधन संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की पहल के तहत संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां पशुपालकों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाकर यह व्यवस्था न केवल पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक बन रही है।राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलों में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर और गांव के समीप ही निःशुल्क उपचार, टीकाकरण तथा तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा से उन क्षेत्रों के पशुपालकों को विशेष लाभ मिल रहा है, जहां स्थायी पशु चिकित्सालयों तक पहुंचना कठिन होता है।मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान, डिटिकिंग, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा आवश्यक औषधियों का वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक यूनिट में पशु चिकित्सक, पैरावेट एवं चालक-सह-अटेंडेंट की तैनाती की गई है तथा वाहनों में आधुनिक उपकरणों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।इसी क्रम में बलरामपुर जिले में अब तक 14 हजार 374 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से 1 लाख 67 हजार 176 पशुओं का उपचार, 1 लाख 38 हजार 892 पशुओं का टीकाकरण, 87 हजार 143 पशुओं को औषधि वितरण, 53 हजार 940 नमूनों की जांच, 12 हजार 758 बधियाकरण तथा 710 कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान की गई हैं। यह आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।पशुधन विकास विभाग द्वारा चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ पशुपालकों को पशुपालन की वैज्ञानिक पद्धतियों, मौसमी रोगों की रोकथाम, पशुओं के बेहतर रख-रखाव तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य लाभकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है।राज्य शासन द्वारा जारी 1962 टोल फ्री हेल्पलाइन पशुपालकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है। इस नंबर पर कॉल करते ही बीमार, घायल अथवा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। घर पहुंच सेवा के कारण पशुओं की मृत्यु दर में कमी आई है तथा दुग्ध, मांस और अंडा उत्पादन में वृद्धि के साथ पशुपालकों की आय में भी निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।वर्षा ऋतु को देखते हुए विभाग द्वारा पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने तथा आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे पशुओं को नहीं बांधने जैसी सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की यह अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन संरक्षण, पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।
- -प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने ग्राम पतराटोली में उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी का किया अवलोकन-राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ऑयल पाम, शेडनेट हाउस एवं अंतरवर्ती खेती से बढ़ा किसानों का मुनाफारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब जशपुर जिले के किसानों के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जशपुर विकासखंड के ग्राम पतराटोली के किसान श्री अनारथ साय इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिन्होंने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर संरक्षित एवं बहुफसली खेती अपनाई है और आर्थिक रूप से सशक्त बने हैं।जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जिले के भ्रमण के दौरान ग्राम पतराटोली पहुंचकर किसान श्री अनारथ साय के उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी आधारित कृषि मॉडल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऑयल पाम रोपण, संरक्षित खेती एवं अंतरवर्ती फसलों की जानकारी ली तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।किसान श्री अनारथ साय ने बताया कि उन्होंने उद्यानिकी विभाग की सहायता से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत एक एकड़ क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती अपनाई है। यहां ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है। इस परियोजना की कुल लागत 28 लाख 40 हजार रुपये है, जिसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा 14 लाख 20 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।प्रभारी सचिव ने संरक्षित खेती की तकनीकों, उत्पादन क्षमता एवं आय वृद्धि के संबंध में किसान से विस्तार से चर्चा की तथा उनकी नवाचार आधारित कृषि पद्धति की सराहना की।किसान ने यह भी बताया कि समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत उन्होंने दो हेक्टेयर क्षेत्र में आम एवं लीची का बगीचा विकसित किया है। इसके साथ ही बगीचे में उपलब्ध खाली स्थान का उपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती के रूप में स्ट्रॉबेरी, टमाटर एवं फूलगोभी की खेती भी की जा रही है, जिससे उन्हें वर्षभर अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किसान द्वारा अपनाई गई एकीकृत कृषि प्रणाली को अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि मुख्य फसलों के साथ अंतरवर्ती खेती अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन एवं निरंतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ उद्यानिकी और प्रक्षेत्र वानिकी का समन्वय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर अग्रसर हों तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकें।जशपुर जिले में संरक्षित खेती, फलोद्यान विकास और बहुफसली कृषि मॉडल किसानों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं और कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार जारी है अभियान-केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम की कार्रवाईरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई की गई है।खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने दिनांक 08 जून 2026 को औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन एवं मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत उत्खनन का मामला पाया। जांच के दौरान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चौन माउंटेन मशीनों को जप्त कर सील किया गया। साथ ही खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जप्त कर राजिम थाना में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम उपस्थित रही।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज साधन विभाग के सचिव ने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की जा रही है। विभागीय अमला एवं उड़नदस्ता दलों को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- -छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर आयुष को श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया-ए टीम में मिली है जगह-रणजी ट्रॉफी में लगा चुके हैं चार शतक, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे और सी.के. नायडू ट्रॉफी भी खेल चुके-सीसीपीएल में बिलासपुर बुल्स की कर रहे कप्तानीरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव से छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर और श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया-ए टीम में चुने गए आयुष पाण्डेय ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री श्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान श्री साव ने उन्हें भारतीय टीम में चयन पर बधाई दी। उन्होंने श्रीलंका में अच्छे प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आयुष के खेल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, क्षमता, मेहनत और प्रदर्शन से इंडिया-ए टीम में जगह बनाई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की ओर से रणजी ट्रॉफी में वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने अच्छे प्रदर्शन और दमखम से उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है।आयुष पाण्डेय छत्तीसगढ़ के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में से एक हैं। वे बाएं हाथ के आक्रामक ओपनर बैट्समैन हैं। वे रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े स्कोर कर चर्चा में आए हैं। उनमें नई गेंद को अच्छी तरह खेलने और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। आक्रामक बल्लेबाजी और कवर ड्राइव उनकी ताकत है।ध्रुव जुरेल की कप्तानी में दो टेस्ट मैच खेलने श्रीलंका जा रही 15 सदस्यीय भारतीय टीम में चयनकर्ताओं ने ओपनिंग बैट्समैन के रूप में आयुष पाण्डेय पर भरोसा जताया है। रायपुर के रहने वाले 23 साल के आयुष पिछले तीन सीजन से छत्तीसगढ़ के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। वे सेंट्रल जोन की टीम से दलीप ट्रॉफी खेल चुके हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी और सी.के. नायडू ट्रॉफी में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है।आयुष ने रणजी ट्रॉफी में एक दोहरा शतक सहित चार शतक लगाए हैं। उन्होंने 2024 में तमिलनाडु के खिलाफ अपना पहला रणजी शतक (124 रन) लगाया था। उन्होंने 2024-25 के सीजन में असम के विरुद्ध 211 रन की यादगार पारी खेली थी। वे रणजी मैचों में दिल्ली (161 रन) और मुंबई (117 रन) जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी शतक लगा चुके हैं। आयुष नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इन दिनों चल रहे सीसीपीएल (छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग) में बिलासपुर बुल्स की कप्तानी कर रहे हैं। वे लगातार चौथा सीजन खेल रहे हैं। वे टी-20 में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘रक्षा अलंकरण समारोह’ में छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है। विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होंने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश को उनके शौर्य और समर्पण पर गर्व है।
- फाइल फोटोरायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी। पूर्व में यह योजना जवाहर उत्कर्ष योजना के नाम से संचालित थी।विभाग द्वारा परीक्षा रविवार 05 जुलाई 2026 को दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक लिखित रूप में होगी। योजना में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि शनिवार 20 जून 2026 निर्धारित है।आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो। आवेदक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग का हो तथा उसके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र हो। आवेदक छत्तीसगढ़ में स्थित किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हो। कक्षा 4थी में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त होना अनिवार्य है। पिता/पालक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो। आय प्रमाण पत्र एवं पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना होगा। केवल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र पात्र हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों से कक्षा 4थी उत्तीर्ण छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र अपात्र रहेंगे।अधिक जानकारी और आवेदन फार्म विभागीय वेबसाइट http://www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी भरा हुआ आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर में 20 जून 2026 तक जमा कर सकते हैं।
- 0- योजना की सहायता से श्रीमती खेमीन कंवर ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्मरायपुर. एक स्वस्थ शिशु का जन्म उसकी माँ के उचित खान-पान पर निर्भर करता है, इसी कार्य में श्रीमती खेमीन कंवर की सहायता प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना ने की है।श्रीमती कंवर विकासखण्ड अभनपुर की ग्राम परसदा की निवासी हैं। उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ज़रिए इस योजना के बारे में पता चला एवं लाभ पाने हेतु आवेदन किया। इसके पश्चात् उन्हें योजना की प्रथम किश्त 3 हज़ार रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने गर्भावस्था के दौरान हरी सब्जी, चना-गुड़, मूंगफली, नारियल एवं फलों को अपने आहार में शामिल किया।श्रीमती कंवर को योजना की दूसरी किश्त 2 हज़ार रूपए प्राप्त हुए जिसका उपयोग उन्हेंने डिलीवरी हेतु किया। अपने स्वस्थ बच्चे को देखकर वे काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि योजना से प्राप्त राशि की सहायता से मेरे शारीरिक स्वास्थय में सुधार आया, जिससे मेरा बच्चा भी स्वस्थ है।
- 0- 1736 में से 1165 आवेदनों का त्वरित निराकरण, हितग्राहियों को मिले लाभरायपुर. आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण तथा शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 08 जून 2026 को अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा सोंठ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू उपस्थित रहे।शिविर में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहे और नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।शिविर के दौरान हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का त्वरित लाभ प्रदान किया गया। इसमें मनरेगा जॉबकार्ड, श्रमकार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम शामिल रहे।कृषि विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को साइकिल एवं ट्राईसिकल का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।शिविर में कुल 1736 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1165 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह, सीईओ जनपद श्री दीपक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा प्री.बीएड (B.Ed-26) एवं बीएससी नर्सिंग (BSCN-26) परीक्षा का आयोजन 11 जून 2026 (गुरूवार) को किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 12ः15 बजे तक जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में संचालित होगी।परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 11 जून 2026 को प्रातः 7ः00 बजे से जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा। यह परीक्षा जिले के 37 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी जिसमें कुल 2,782 परीक्षार्थी शामिल होंगे।परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।



























