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- -जीवन पटेल को खेती-किसानी के छोटे-छोटे खर्चों में मिल रही मददरायपुर । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने में निरंतर मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 06 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि तीन समान किस्तों में, प्रत्येक चार माह में 02 हजार रुपये के रूप में सीधे किसानों के खाते में अंतरित की जाती है। मुंगेली जिले के ग्राम सुरेठा निवासी किसान श्री जीवन पटेल ने पीएम किसान सम्मान निधि से मिल रही आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि खेती के दौरान किसानों को बीज, खाद, कृषि सामग्री सहित कई आवश्यकताओं के लिए समय-समय पर राशि की जरूरत होती है। ऐसे समय में पीएम किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि काफी उपयोगी साबित होती है।किसान श्री पटेल ने कहा कि चार माह में मिलने वाली 02 हजार रुपये की किस्त खेती-किसानी के छोटे-छोटे जरूरी खर्चों को पूरा करने में सहायक होती है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिलता है और खेती के कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में सुविधा होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी किसान हितैषी योजनाओं से किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि किसानों के लिए भरोसे का आधार बनी है। श्री जीवन पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित ऐसी योजनाएं खेती को मजबूत बनाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही हैं।
- -अब पानी के लिए नहीं जाना पड़ता दूर, बेलसरी के हर घर में पहुंचा नल का जलमुंगेेली । शासन की फ्लैगशिप योजना जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए मुंगेेली जिले में हर घर नल से जल पहुंचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मोहदंडा के आश्रित ग्राम बेलसरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में सुखद बदलाव ला दिया है। कभी गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से जूझने वाले इस गांव में अब हर घर नल से जल की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से गांव में राहत, सुविधा और खुशहाली का नया अध्याय शुरू हुआ है। लगभग 474 की आबादी वाले बेलसरी गांव में पहले ग्रामीण पेयजल के लिए 08 हैंडपंपों पर निर्भर थे। गर्मी के दिनों में जलस्तर नीचे चले जाने से कई हैंडपंप सूख जाते थे, जिससे पेयजल की समस्या और बढ़ जाती थी। खासकर महिलाओं को पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। पानी लाने में उनका कई घंटे का समय और श्रम खर्च होता था, जिससे घरेलू कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।ग्रामीणों की मांग पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पाइपलाइन का विस्तार कर घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। अब ग्रामीण परिवारों को अपने ही घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। पानी के लिए दूर जाने की मजबूरी खत्म होने से ग्रामीणों के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा दैनिक जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज हुआ है। गांव की महिला जयतरीन बाई ने बताया कि पहले पानी के लिए कई घंटे तक परेशान होना पड़ता था। कई बार दूसरे घरों में जाकर पानी लेना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। इसी तरह शांति बाई साहू, बैशाखा साहू एवं रामफूल साहू ने बताया कि घर तक नल का पानी पहुंचने से सबसे बड़ी राहत महिलाओं को मिली है। अब पानी भरने में लगने वाला समय बच रहा है और इस समय का उपयोग घर-परिवार, बच्चों की पढ़ाई तथा अन्य जरूरी कार्यों में किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।[19:57, 03/08/2026] Manjusha Sharma: 00000002
- -गांव के पास खुला फड़, 365 संग्राहकों को मिला सीधा आर्थिक लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की नई तेन्दूपत्ता संग्रहण नीति अबुझमाड़ के दूरस्थ गांवों के लिए राहत और रोजगार का नया माध्यम बन गई है। वर्ष 2026 में पहली बार असीमांकित क्षेत्रों में नए तेन्दूपत्ता फड़ खोले गए, जिससे ग्रामीणों को अपने गांव के पास ही तेन्दूपत्ता बेचने की सुविधा मिली।पहले ग्रामीणों को तेन्दूपत्ता बेचने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। अब गांव के पास फड़ खुलने से उनका समय, श्रम और खर्च बचा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। ग्रामीणों ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे उनकी आय बढ़ी है और काम करना पहले की तुलना में आसान हुआ है।राज्य शासन ने वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की है। इससे ग्रामीणों में तेन्दूपत्ता संग्रहण के प्रति उत्साह बढ़ा। ग्रामीणों की मांग पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार अबुझमाड़ क्षेत्र में नए फड़ खोलने की प्रक्रिया तेज की गई। वन विभाग ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ से अनुमति प्राप्त की और संग्रहण कार्य शुरू कराया।इस पहल के तहत कलमानार, ओकपाड़, कुतुल, निरामेटा, कोडकानार, कानागांव, कच्चापाल, टेकानार, बांहकेर और रायनार में कुल 10 नए तेन्दूपत्ता फड़ स्थापित किए गए। इन फड़ों के माध्यम से 22 गांवों के 365 संग्राहकों ने 161.254 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया।संग्राहकों को तेन्दूपत्ता के बदले 8 लाख 86 हजार 897 रुपये की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। समय पर और पारदर्शी भुगतान मिलने से ग्रामीणों का शासन पर भरोसा और मजबूत हुआ है।इस योजना से कलमानार, पिड़का, ब्रेहबेड़ा, कंदाड़ी, किशकाल, ओकपाड़, कुतुल, आलबेड़ा, निरामेटा, कोडकानार, कानागांव, कच्चापाल, ताड़ोकुर, टेकानार, नयापारा, मकसोली, हिकपुला, बांहकेर, झोरीगांव, रेंगाबेड़ा, कोकोड़ी और रायनार सहित कुल 22 गांवों के ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं।छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल केवल तेन्दूपत्ता संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को स्थानीय रोजगार, बेहतर आय और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अबुझमाड़ के ग्रामीणों के लिए यह पहल आत्मनिर्भरता और विकास की नई उम्मीद बनकर उभरी है।
- ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्यशाला आयोजित120 स्कूली विद्यार्थियों ने वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से सीखी कार्टून और कैरिकेचर की बारीकियांमुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप कार्टून कैनवास पर उभरी नए बस्तर की तस्वीररायपुर ।बस्तर की सकारात्मक छवि, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को रचनात्मक कला के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को जगदलपुर के एक निजी होटल में ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका ‘कार्टून वॉच’ द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में जिले के 10 विद्यालयों के 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि अपनी भावनाओं और विचारों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करना भी एक विशेष हुनर है। उन्होंने कहा कि कार्टून और कैरिकेचर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और विकास के सकारात्मक संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की सशक्त कला है। इस अवसर पर महापौर श्री संजय पांडेय एवं एमआईसी सदस्य श्री संग्राम सिंह, स्कूलों के शिक्षक एवं विद्यार्थीगण भी उपस्थित रहे। बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने भी कार्यशाला में पहुंचकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट श्री माधव जोशी और पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार श्री शुभम जिंदे ने लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्टून एवं कैरिकेचर निर्माण की तकनीकें सिखाईं। उन्होंने विद्यार्थियों को कला के सामाजिक महत्व, रचनात्मक संभावनाओं तथा रोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी। गौरतबल है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर विकास, विश्वास और नई संभावनाओं के साथ नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा जनजातीय संस्कृति जैसी धरोहरें बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिला रही हैं। ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्यशाला का उद्देश्य इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करना है। कार्यशाला में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मक प्रतिभा से कैनवास पर नए बस्तर की बदलते स्वरूप, विकास और खुशहाली की जीवंत तस्वीर उकेरी।‘कार्टून वॉच’ के संपादक श्री त्र्यंबक शर्मा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना और बस्तर की खूबियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ बस्तर की सकारात्मक पहचान को देशभर में स्थापित करने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। यह आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस अवसर पर कैरिकेचर कलाकार श्री शुभम जिंदे ने वनमंत्री और महापौर का कैरिकेचर बनाकर उनको भेंट की। कार्यशाला में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और इनाम प्राप्त किया।
- -बीजापुर के मेधावी विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित विद्यालयों में चयन, बेहतर शिक्षा से साकार हो रहे सपनेरायपुर। आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।जिला बीजापुर के विभिन्न विकासखंडों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का इस योजना के तहत चयन हुआ है। विकासखंड उसूर के ग्राम बसागुड़ा की छात्रा सान्वी संगम का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में हुआ है। वहीं विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम गुल्लागुड़ा की छात्रा परिधि कावटी, विकासखंड बीजापुर के ग्राम सागमेटा के छात्र देवांश जनगम तथा ग्राम गुल्लागुड़ा की छात्रा निहारिका नीकुरी का चयन हम एकेडमी, जगदलपुर में हुआ है। विकासखंड भैरमगढ़ के ग्राम छोटे गोगला के छात्र आदित्य कोरसा का चयन भी दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में हुआ है।चयनित विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बताया कि वे श्रमिक परिवार से हैं और सीमित आय के कारण बच्चों को अच्छे निजी विद्यालयों में पढ़ाना उनके लिए संभव नहीं था। श्रम विभाग में पंजीयन कराने के बाद उन्हें अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने आवेदन किया और बच्चों की प्रतिभा के आधार पर उनका चयन हो गया।अब इन बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएँ, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।कलेक्टर श्री विश्वदीप ने चयनित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने माता-पिता, समाज और देश का नाम रोशन करने तथा उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और बच्चों के चयन पर शुभकामनाएँ दीं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह श्रमिक परिवारों के बच्चों को समान अवसर देकर उनके सपनों को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम बन रही है। यह योजना सामाजिक समावेशन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -भिलाई में Vidyarambh 2.0 Orientation कार्यक्रम में बोले – डिग्री नहीं, स्किल, व्यक्तित्व और नवाचार तय करेंगे भविष्यरायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की प्रतिभा, कौशल और नवाचार की शक्ति से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि आज का युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जहाँ केवल डिग्री नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और स्किल सफलता की वास्तविक पहचान हैं। मंत्री श्री चौधरीसोमवार को भिलाई स्थित Rungta International Skills University द्वारा आयोजित Vidyarambh 2.0 Orientation कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर एवं लेखक श्री अंकुर वारिकू, रुंगटा समूह के अध्यक्ष श्री संतोष रुंगटा सहित शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और नवाचार आधारित नीतियों ने देश के युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध कराए हैं। आने वाला समय जेन-जी (Gen Z) का है और यही पीढ़ी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायगढ़ जिले के छोटे से गांव बायंग से लेकर भारतीय प्रशासनिक सेवा और फिर सार्वजनिक जीवन तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों में उनकी माता ने उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में अपनी माता की पेंशन संबंधी समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर कार्यालय जाने का अनुभव उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। उसी दिन उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया और स्वाध्याय, अनुशासन तथा निरंतर प्रयास के बल पर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।वित्त मंत्री ने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अपने भीतर नई-नई स्किल विकसित करनी होगी, बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा और जीवनभर सीखने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन, राजनीति, आधुनिक कृषि और निवेश जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में मिली सफलता का आधार निरंतर सीखना और स्वयं को समय के साथ विकसित करना रहा है।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिनाइयों को कभी अभिशाप न समझें। संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और बड़े लक्ष्य प्राप्त करने की क्षमता देता है। सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच के साथ करते हैं।मंत्री श्री चौधरी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से न करें, बल्कि उनकी मौलिक प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि दुनिया में असाधारण सफलता उन्हीं लोगों ने प्राप्त की है जिन्होंने पारंपरिक सोच से अलग हटकर नवाचार और रचनात्मकता का मार्ग चुना।कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे ज्ञान, कौशल, नवाचार और सकारात्मक सोच को अपनी ताकत बनाएंगे तो न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- -नगपुरा वर्षा जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन का बना अनुकरणीय मॉडल-प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत नगपुरा में जल संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल विकसित किया गया है, जहां लगभग 2 हजार जल अवशोषण ट्रेंच का निर्माण कर वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण की प्रभावी व्यवस्था की गई है। यह पहल अब प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के अंतर्गत विकसित आंवला एवं करौंदा बगीचे में वैज्ञानिक पद्धति से जल अवशोषण ट्रेंच तैयार किए गए हैं। पहले वर्षा ऋतु के दौरान अधिकांश पानी बहकर नालों के माध्यम से निकल जाता था, जिससे मिट्टी की नमी कम होती थी और पौधों की वृद्धि प्रभावित होती थी। ट्रेंच निर्माण के बाद अब वर्षा जल उसी स्थान पर रुककर धीरे-धीरे भूमि में समाहित हो रहा है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार के साथ बगीचे की उत्पादकता भी बढ़ रही है।तकनीकी सहायक सुश्री दीप्ति सिंह ने बताया कि प्रत्येक ट्रेंच की क्षमता लगभग 2 घन मीटर है। इस आधार पर एक बार की अच्छी वर्षा में लगभग 4 हजार घन मीटर जल का संरक्षण संभव है। यदि वर्षा ऋतु के दौरान ट्रेंच कई बार भरते हैं, तो अनुमानित 1.20 लाख घन मीटर वर्षा जल का भू-जल पुनर्भरण किया जा सकता है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि, मृदा संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा भविष्य में सिंचाई एवं पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। भूतपूर्व मनरेगा योजना अंतर्गत किए गए इस कार्य से बड़ी संख्या में स्थानीय श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी भी मजबूत हुई है। यह मॉडल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्राम पंचायत नगपुरा में विकसित यह मॉडल वर्षा जल के वैज्ञानिक प्रबंधन, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और 'मोर गांव मोर पानी' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- -शहीदांड में बनने वाले इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में अपनाई जाएंगी आधुनिक कृषि एवं प्रसंस्करण की सर्वाेत्तम तकनीकरायपुर । जशपुर जिले में कृषि को मूल्य संवर्धन आधारित व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा जिले के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित सह्याद्री फार्म्स का अध्ययन एवं प्रशिक्षण भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य बगीचा विकासखंड के शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस के प्रभावी संचालन के लिए देश के अग्रणी किसान-स्वामित्व वाले कृषि एवं प्रसंस्करण मॉडल का अध्ययन करना था।प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के सफल एफपीओ मॉडल, आधुनिक कृषि प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात प्रणाली का गहन अध्ययन किया। अधिकारियों ने जाना कि संगठित किसान मॉडल के माध्यम से उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित कर किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कैसे जोड़ा जा सकता है।भ्रमण के दौरान टीम ने अंगूर, अनार सहित विभिन्न उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के खेतों का निरीक्षण किया। यहां ड्रिप सिंचाई, वैज्ञानिक खेती, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और निर्यातोन्मुख उत्पादन प्रणाली की आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया। विशेषज्ञों ने वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और आधुनिक कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के अत्याधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन प्लांट का भी निरीक्षण किया। यहां अंगूर, अनार, केला, आम, स्वीट कॉर्न और टमाटर जैसे उत्पादों की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, धुलाई, पल्प निर्माण, एसेप्टिक पैकेजिंग, कोल्ड चेन, फ्रोजन स्टोरेज और निर्यात पैकेजिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने समझा कि प्राथमिक कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस जिले के किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों तथा कृषि उद्यमियों के लिए आधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, पैकेजिंग, संरक्षण और प्रसंस्करण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रस्तावित इकाई में टमाटर, आम, नाशपाती, कटहल, लीची और खीरा सहित विभिन्न कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।इस परियोजना से फसल उपरांत होने वाले नुकसान में कमी आएगी, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा एफपीओ को बड़े खरीदारों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और निर्यात बाजारों से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही यह केंद्र कृषि आधारित उद्यमिता, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क, प्रशिक्षण और क्षमता विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।जिला प्रशासन ने बताया कि सह्याद्री फार्म्स के अध्ययन से प्राप्त अनुभवों और सर्वाेत्तम कार्यप्रणालियों को शहीदांड के इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से एफपीओ सशक्तिकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क तथा किसानों के लिए दीर्घकालिक हैंडहोल्डिंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल जशपुर के आदिवासी किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने के साथ जिले में कृषि को मूल्य संवर्धन आधारित एग्री-बिजनेस के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर मिली आर्थिक राहतरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा के 13 पीड़ितों को पुनर्वास नीति के तहत कुल 32 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।यह सहायता उन नागरिकों के लिए स्वीकृत की गई है, जो नक्सली हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए हैं या स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे पीड़ितों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन और पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराना है।स्वीकृत सहायता राशि के अंतर्गत पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग में गंभीर रूप से घायल नंदू ओयाम और जिला कुंजाम, माओवादियों की मारपीट में घायल ईस्ता बोर्रा, बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल मितराम रावटे, आईईडी विस्फोट में घायल कोरसे संतोष, चिड़ेम कन्हैया और कविता कुड़ियम, माओवादियों की मारपीट से स्थायी रूप से दिव्यांग हुए इच्चामी सुदरू, तथा आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल या स्थायी रूप से दिव्यांग हुए राममूर्ति कारम, बबलू उर्फ मोहन कड़ती, गंगा कलमू, राजेश कुमार यादव और सोढ़ी मुकेश शामिल हैं।कलेक्टर श्री विश्वदीप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से शीघ्र संबंधित हितग्राहियों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों को राहत, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही है। यह पहल पीड़ित परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
- -मंत्री श्री यादव ने कहा समाज के लिए गर्व की बातरायपुर। राष्ट्रमंडल खेल 2026 के ग्लासगो में आयोजित महिला 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव से सोमवार को स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने अपने निवास में आत्मीय मुलाकात कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए और यादव समाज गर्व का विषय है। साथ मे आये परिवारजन को भी मंत्री यादव ने बधाई दी। उन्होंने कहा सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल कर प्रदेश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव प्रोत्साहन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा ज्ञानेश्वरी यादव को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति की घोषणा राज्य सरकार की खेल प्रतिभाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।श्री गजेंद्र यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी यादव भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी तथा प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगी।
- -वन विभाग की सतर्कता से बची संरक्षित वन्यप्राणी की जानरायपुर । वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप और उनके संवेदनशील पहल के अनुरूप छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के मोहला तहसील के ग्राम कुंजंटोला में वन विभाग की टीम ने दुर्लभ वन्यप्राणी पैंगोलिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।ग्राम कुंजंटोला निवासी श्री जयंत कुमार के घर में पैंगोलिन के घुसने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र अधिकारी श्री पंकज पटेल के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने पैंगोलिन को सुरक्षित पकड़कर आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। इस अभियान में डिप्टी रेंजर श्री महेंद्र बघेल और श्री शोभित राम यादव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, प्रशिक्षित टीम और वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील कार्यप्रणाली का अच्छा उदाहरण है। समय पर मिली सूचना और समन्वित प्रयासों के कारण एक दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यप्राणी को सुरक्षित बचाया जा सका।वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। लोगों की जागरूकता और सहयोग से वन्यजीवों का संरक्षण और भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत शेड्यूल-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है। इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार विशेष रूप से प्रतिबद्ध है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग वन्यजीव संरक्षण, त्वरित रेस्क्यू और जनजागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
- -समयबद्ध, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण निराकरण से बढ़ रहा आमजन का विश्वासरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 आज प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की सशक्त पहचान बन चुकी है। यह केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक समाधान का भरोसेमंद मंच बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जिससे नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में कोरबा जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से सभी विभागों के अधिकारियों को लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं। यही सतत मॉनिटरिंग और जवाबदेह कार्यप्रणाली जिले के बेहतर प्रदर्शन का आधार बनी है।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कोरबा जिले में अब तक 4,042 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 73.60 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जो राज्य के औसत 63.84 प्रतिशत से अधिक है। इसी प्रकार जिले में प्राप्त फीडबैक में 61.37 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जो राज्य के औसत 55.68 प्रतिशत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। इन आंकड़ों के पीछे अनेक ऐसे उदाहरण हैं, जहां मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें त्वरित राहत मिली।विकासखंड पाली के ग्राम पोलमी निवासी गौरीबाई के पास राशन कार्ड नहीं होने के कारण वे विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने संवेदनशीलता के साथ आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जनपद पंचायत पाली के माध्यम से उन्हें अंत्योदय राशन कार्ड उपलब्ध कराया। अब उन्हें खाद्यान्न सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सहजता से मिल रहा है। गौरीबाई ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का संतोषजनक समाधान कर दिया।कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र में सिद्धि विहार स्थित शांति विला गोदावरी निवास के आसपास आवारा कुत्तों की समस्या से परेशान श्रीमती वंदना यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के कुछ घंटों के भीतर ही नगर पालिका द्वारा संबंधित क्षेत्र में बंध्याकरण एवं टीकाकरण अभियान संचालित कर आवश्यक कार्रवाई की गई। समस्या के समाधान के बाद शिकायतकर्ता ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की तत्परता से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली।इसी प्रकार मोतीसागरपारा निवासी श्री शांतनु मिश्रा ने मोहल्ले की नाली में गाद जमा होने से जलभराव की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही नगर निगम की स्वच्छता टीम ने मौके पर पहुंचकर नाली की सफाई कर जल निकासी सुचारु कर दी। वहीं वार्ड क्रमांक 58 सरदार वल्लभभाई पटेल नगर स्थित खाली भूखंड में लंबे समय से जमा कचरे की शिकायत पर निगम की टीम ने जेसीबी एवं ट्रैक्टर की सहायता से पूरे क्षेत्र की सफाई कर आसपास के रहवासियों को राहत पहुंचाई।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने छोटी-छोटी लेकिन आमजन के दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित किया है। मोतीसागरपारा निवासी श्री कन्हैया लाल टेवानी ने मोहल्ले की खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत दर्ज कराई। अगले ही दिन संबंधित विभाग ने स्ट्रीट लाइट सुधारकर पुनः चालू कर दी। श्री टेवानी ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद अधिकारियों ने लगातार उनसे संपर्क कर समाधान की जानकारी ली, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ।इसी तरह पंपहाउस क्षेत्र निवासी श्री रामकुमार साहू ने अपने घर में लगातार हो रही विद्युत वोल्टेज (अप-डाउन) की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद विद्युत विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग एक घंटे के भीतर समस्या का निराकरण कर दिया। श्री साहू ने कहा कि अब आम नागरिकों की आवाज सीधे शासन तक पहुंच रही है और समस्याओं का त्वरित समाधान मिल रहा है।ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन, प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेह शासन की सशक्त कार्यप्रणाली का माध्यम बन चुकी है। पंचायत, राजस्व, नगरीय निकाय, बिजली, पेयजल, सड़क, खाद्य, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप तथा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में कोरबा जिला प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक शिकायत का केवल निस्तारण ही नहीं, बल्कि ऐसा समाधान हो जिससे शिकायतकर्ता पूर्णतः संतुष्ट हो। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से बढ़ता सकारात्मक फीडबैक इस बात का प्रमाण है कि शासन की जनहितैषी नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रही हैं और प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास निरंतर मजबूत हो रहा है।
- -पिता के सपने ने दी आगे बढ़ने की प्रेरणा, कॉमनवेल्थ गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट ज्ञानेश्वरी यादव ने साझा की अपने संघर्ष और सफलता की कहानी-उप मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी और उनके माता-पिता का किया सम्मानरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव की युवा खिलाड़ी सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव को सम्मानित किया। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव और ज्ञानेश्वरी ने इस दौरान प्रेस-कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित भारोत्तोलन संघ के पदाधिकारी एवं विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी भी इस दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज ऐतिहासिक और गौरव का पल है। हम छत्तीसगढ़ और भारत की बेटी ज्ञानेश्वरी का अभिनंदन कर रहे हैं, जिन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन किया है। ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि से खेलों के लिए एक नए वातावरण की शुरुआत छत्तीसगढ़ में होगी। मैं उनके पिता श्री दीपक यादव और माता श्रीमती दुर्गा यादव का भी हार्दिक अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने ऐसी होनहार बेटी को जन्म दिया जिन्होंने दुनिया में भारत और छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठा दिलाई। छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञानेश्वरी से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, ऐसी उम्मीद है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद से हम लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। खेलों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने हम बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजन लगातार कर रहे हैं। खेल अलंकरण और उत्कृष्ट खिलाड़ियों की घोषणा को हमने पुनः शुरू किया है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी लगातार काम हो रहे हैं। राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें अच्छा प्रशिक्षण दिलाने, उन्हें तराशने का और संवारने की जरूरत है। आने वाले समय में और भी प्रतियोगिताओं में भारत को पदक मिले, इसकी तैयारी हमने प्रारंभ कर दी है।ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता राजनांदगांव की वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ समय पहले विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर पहली बार उतरते समय वह काफी दबाव और घबराहट महसूस कर रही थीं। उस समय ऐसा लग रहा था कि यह एक ऐसा मुकाबला है, जिसका अनुभव पहले कभी नहीं हुआ। हालांकि उसी अनुभव ने उन्हें सिखाया कि बड़ी प्रतियोगिताओं का सामना कैसे करना है और मानसिक रूप से स्वयं को किस तरह तैयार करना है। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप से मिले अनुभव के बाद उन्होंने हर प्रतियोगिता के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करना सीखा। किसी भी बड़े मंच पर पहुंचकर उनका लक्ष्य अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन देना रहता है और यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके पिता का सपना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। शुरुआती दिनों में उनके पिता साइकिल से उन्हें जिम तक लेकर जाते थे। उसी दौरान उनके पिता ने उनसे कहा था कि वह स्वयं कभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच सके, लेकिन चाहते हैं कि उनकी बेटी भारत का प्रतिनिधित्व करे और तिरंगा ऊंचा लहराए।भावुक होते हुए ज्ञानेश्वरी ने कहा कि उनके पिता ने उनके लिए अथक मेहनत की है। उन्होंने बताया कि उनके खान-पान से लेकर प्रशिक्षण तक हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान उनके पिता ने रखा। परिवार के बेहतर भविष्य और उनकी तैयारी के लिए उनके पिता रात-रात भर मेहनत करते थे। आज उनकी हर उपलब्धि के पीछे उनके पिता का त्याग, समर्पण और संघर्ष ही सबसे बड़ी प्रेरणा है।ज्ञानेश्वरी ने कहा कि जीवन में आने वाली हर चुनौती ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया है। कठिन परिस्थितियों से मिले अनुभवों ने उन्हें न केवल बेहतर खिलाड़ी बनाया, बल्कि बड़े मंच पर आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का हौसला भी दिया।
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-मंत्री खुशवंत साहेब एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खिलाड़ियों, बच्चों और पूर्व प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया सम्मानित
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित वार्षिक खेल महोत्सव "खेल मड़ई-2026" का पुरस्कार वितरण समारोह मधुकर खेर स्मृति प्रेस क्लब भवन में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री खुशवंत साहेब तथा विशिष्ट अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल रहे। इस अवसर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेता, उपविजेता एवं सेमीफाइनलिस्ट खिलाड़ियों, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों तथा सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुलदीप निगम, स्व. रमेश नैयर, स्व. सत्येंद्र गुमाश्ता, स्व. देवेन्द्र कर एवं स्व. योगेश यदु के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
रायपुर प्रेस क्लब के वार्षिक खेल महोत्सव "खेल मड़ई-2026" के अंतर्गत इंटर प्रेस क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम एवं शतरंज प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 300 खिलाड़ियों एवं पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
स्व. कुलदीप निगम स्मृति इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता में 20 टीमों ने भाग लिया। इलेक्ट्रॉनिक संयुक्त (कप्तान- मोहन तिवारी) विजेता, विस्तार न्यूज इलेवन (कप्तान- ज्ञानेन्द्र तिवारी) उपविजेता रही, जबकि आईबीसी-24 (कप्तान- रामेश्वर मिश्रा) एवं एस जर्नो (कप्तान- लविन्दर सिंह) की टीमें सेमीफाइनलिस्ट रहीं। सभी विजेता, उपविजेता एवं सेमीफाइनलिस्ट टीमों को पुरस्कार वितरित किए गए।
स्व. देवेन्द्र कर स्मृति बैडमिंटन प्रतियोगिता के एकल वर्ग में रामेश्वर मिश्रा विजेता एवं चंदन साहू उपविजेता रहे। युगल वर्ग में सत्येंद्र कर-टीकम साहू की जोड़ी विजेता तथा चंदन साहू-सुशील अग्रवाल की जोड़ी उपविजेता रही। सभी विजेता, उपविजेता एवं सेमीफाइनलिस्ट खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
स्व. सत्येंद्र गुमाश्ता स्मृति टेबल टेनिस प्रतियोगिता के एकल वर्ग में विनोद कुमार विजेता एवं हितेश मेहता उपविजेता रहे। युगल वर्ग में विनोद कुमार-विजय मिश्रा की जोड़ी विजेता तथा लक्ष्मण लेखवानी-हितेश मेहता की जोड़ी उपविजेता रही। विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
स्व. रमेश नैयर स्मृति कैरम प्रतियोगिता के एकल वर्ग में पलाश तिवारी विजेता एवं दिनेश यदु उपविजेता रहे। युगल वर्ग में किशन लोखंडे-त्रिलोचन मानिकपुरी की जोड़ी विजेता तथा हिमांशु शर्मा-मो. अमीन की जोड़ी उपविजेता रही। सभी विजेताओं एवं उपविजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।
स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता में टीकम वर्मा विजेता एवं शिवम दुबे उपविजेता रहे। प्रतियोगिता के विजेता, उपविजेता एवं सेमीफाइनलिस्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
विशेष पहल के तहत पूर्व में आयोजित टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज एवं बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के लंबित पुरस्कारों का भी वितरण किया गया। इस क्रम में शतरंज प्रतियोगिता के विजेता संदीप तिवारी एवं उपविजेता गुड्डू बैरागी, बैडमिंटन एकल के विजेता सत्येंद्र कर एवं उपविजेता चंदन साहू, बैडमिंटन युगल के विजेता चंदन साहू-सुशील अग्रवाल तथा उपविजेता सत्येंद्र कर-विजय मिश्रा, टेबल टेनिस एकल के विजेता विकास शर्मा एवं उपविजेता विजय मिश्रा, टेबल टेनिस युगल के विजेता विजय मिश्रा-अनवर कुरैशी तथा उपविजेता हितेश मेहता-लक्ष्मण लेखवानी, कैरम एकल के विजेता रमन हलवाई एवं उपविजेता हितेश मेहता, तथा कैरम युगल के विजेता भीमराव चंद्रिकापुरे-सुखदेव बंजारे एवं उपविजेता अनिल पुसदकर-मुकेश वर्मा को मंत्री खुशवंत साहेब एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल के हाथों पुरस्कारों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। प्राथमिक वर्ग में आद्यांश शर्मा, झगिता साहू, वल्लवी कोडले एवं तनिष साहू, जूनियर वर्ग में रूही पाण्डेय, वंशिका निगम, इशिता साहू एवं आर्ची, ओपन वर्ग में भाव्या कोडले, आदित्य विक्रम सिंह, आरव बघेल एवं हिमांशु प्रसाद तथा स्पेशल कैटेगरी में ओम उपाध्याय को पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी बच्चों को भी प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि पत्रकारों के लिए खेल गतिविधियां शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ आपसी सौहार्द को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कम समय में सफल आयोजन तथा वर्तमान प्रतियोगिताओं के साथ-साथ पूर्व वर्षों के लंबित पुरस्कारों का वितरण किए जाने को रायपुर प्रेस क्लब की सराहनीय पहल बताया।
विशिष्ट अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों की स्मृति में आयोजित प्रतियोगिताएं पत्रकारिता के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। उन्होंने प्रेस क्लब से वरिष्ठ पत्रकारों के जीवन एवं योगदान पर आधारित प्रकाशन तैयार करने का भी सुझाव दिया।
समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित खेल आयोजन समिति के संयोजक विजय मिश्रा, एवं कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, संतोष साहू, चंदन साहू, नीरज मिश्रा, जाकिर घुड़सेना एवं संजीव सिन्हा उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम में मंच संचालन अमृता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रेस क्लब के सदस्य, वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार, खिलाड़ी, चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल बच्चे तथा उनके अभिभावकों ने सहभागिता की। समारोह का संचालन प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की 30 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि और आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति की घोषणाज्ञानेश्वरी की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव, बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्रीरायपुर / ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का आज मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ज्ञानेश्वरी को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए उन्हें 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प का सम्मान है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, कठोर परिश्रम और अनुशासन के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर ज्ञानेश्वरी ने न केवल देश के लिए पदक जीता, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपनी इस बेटी पर गर्व है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने उन्हें आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया है, ताकि उनकी उपलब्धि का सम्मान हो और प्रदेश के अन्य खिलाड़ी भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित हों।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लासगो रवाना होने से पहले उन्हें ज्ञानेश्वरी से मिलने का अवसर मिला था। उस समय उन्होंने उनके उज्ज्वल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी थीं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने के बाद उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से भी उन्हें बधाई दी थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और उत्सव का क्षण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग, आवश्यक संसाधन और हरसंभव प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तिरंगा लहराएं तथा देश और प्रदेश का नाम विश्वभर में रोशन करें। ज्ञानेश्वरी यादव जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां इस दिशा में नई पीढ़ी का आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें अवसर देना और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना सरकार की खेल नीति का महत्वपूर्ण आधार है। यही प्रयास आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।
- -आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन-राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक में 88.57 प्रतिशत अंक के साथ हासिल की बड़ी उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण एवं जनकेंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं का बना उत्कृष्ट मॉडलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। राज्य शासन की इसी जनकल्याणकारी सोच और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सतत सुधार के परिणामस्वरूप गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत 88.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है। यह उपलब्धि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, बेहतर प्रबंधन तथा जनकेंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।राष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन टीम द्वारा स्वास्थ्य संस्थान का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण, दवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन प्रबंधन, अधोसंरचना, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता सहित विभिन्न मानकों पर संस्थान का मूल्यांकन किया गया। सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी ने 88.57 प्रतिशत अंक अर्जित कर राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त किया।आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी में ग्रामीणों को नियमित रूप से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां प्रतिदिन बाह्य रोगी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाएं, गैर-संचारी रोगों की जांच एवं परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, टेलीमेडिसिन सुविधा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श, निःशुल्क औषधि वितरण तथा आवश्यक जांच सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही हैं। इन सुविधाओं के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है। गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले में अब तक चनाडोंगरी सहित 14 स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) से प्रमाणित हो चुकी हैं। शेष स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने के लिए आवश्यक सुधार एवं तैयारियां निरंतर जारी हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में प्रभावी प्रगति हो रही है।आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी को प्राप्त यह राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित हो रही सशक्त एवं जनोन्मुखी स्वास्थ्य व्यवस्था का भी सशक्त उदाहरण है।
- -लखनपुर स्थित निज निवास में आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिक- त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशरायपुर । प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे आम नागरिकों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याओं, मांगों और सुझावों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनदर्शन के दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं नगरीय क्षेत्रों से आए नागरिकों ने पेयजल, सड़क, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी समस्याएं एवं मांगें मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखीं। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की समस्या का समय पर समाधान हो। जनदर्शन आम नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है। हमारी प्राथमिकता है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े और उन्हें त्वरित, पारदर्शी तथा संवेदनशील प्रशासन मिले।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। इसी भावना के अनुरूप जनप्रतिनिधि और प्रशासन आम नागरिकों के बीच निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा जनसमस्याओं के समाधान में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वाेच्च महत्व दिया जाए।
- रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषि अभियांत्रिकी संकाय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026–27 में B.Tech. (कृषि अभियांत्रिकी) एवं B.Tech. (खाद्य प्रौद्योगिकी) पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु द्वितीय चरण ऑनलाइन काउंसिलिंग आयोजित की जा रही है। प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय के प्रवेश नियम–2026 के अनुसार संपन्न की जाएगी।द्वितीय चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग हेतु ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज अपलोड की प्रक्रिया दिनांक 01 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 (रात्रि 11:00 बजे तक) संचालित रहेगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर उपलब्ध ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से Sign Up कर Login करें तथा ऑनलाइन आवेदन पत्र (Application Form) भरकर निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करें। पात्र अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची 14 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।द्वितीय चरण की काउंसिलिंग PET–2026 के अभ्यर्थियों के लिए 17 अगस्त 2026, JEE-Mains–2026 के अभ्यर्थियों के लिए 18 अगस्त 2026, 12वीं (गणित समूह) के मेरिट अभ्यर्थियों के लिए 19 अगस्त 2026 तथा अन्य राज्य के पात्र अभ्यर्थियों के लिए 20 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र (SVCAET&RS), कृषि अभियांत्रिकी संकाय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित की जाएगी।अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन पंजीयन करने से पूर्व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विज्ञापन, प्रवेश विवरणिका, ऑनलाइन पंजीयन दिशा-निर्देश, ऑनलाइन काउंसिलिंग दिशा-निर्देश, शुल्क विवरण, प्रथम चरण की काउंसिलिंग के उपरांत रिक्त सीटों की स्थिति तथा प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें। काउंसिलिंग में सम्मिलित होते समय सभी आवश्यक मूल दस्तावेज, स्वप्रमाणित छायाप्रतियाँ तथा निर्धारित प्रवेश शुल्क साथ लाना अनिवार्य होगा।द्वितीय चरण ऑनलाइन काउंसिलिंग से संबंधित विज्ञापन, समय-सारणी, प्रवेश विवरणिका, रिक्त सीटों की स्थिति, शुल्क विवरण, ऑनलाइन पंजीयन दिशा-निर्देश, ऑनलाइन काउंसिलिंग दिशा-निर्देश तथा प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर Admission → UG Admissions → PET/JEE Mains/12th Second Round → Latest Notifications अनुभाग में उपलब्ध है।सभी इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीयन पूर्ण करें तथा नियत तिथि एवं समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित काउंसिलिंग में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया का लाभ उठाएँ।
- रायपुर । श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित पवित्र कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता की। श्रीमती राजवाड़े ने बीरपुर स्थित पासंग नाला से श्रद्धापूर्वक पवित्र जल ग्रहण कर कांवड़ यात्रा के साथ भगवान भोलेनाथ के मंदिर तक पदयात्रा की। मंदिर पहुंचकर उन्होंने सपरिवार भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना की।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना करते हुए देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़ पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का पावन पर्व है, जो समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को सुदृढ़ करता है।
- -युवाओं से नशामुक्त, संस्कारवान और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित जीवन अपनाने का किया आह्वानरायपुर । ब्रह्माकुमारीज़, अंबिकापुर द्वारा आयोजित ’नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता करते हुए युवाओं से नशामुक्त, अनुशासित और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का सबसे मजबूत आधार स्वस्थ, जागरूक, चरित्रवान और आत्मविश्वासी युवा है। जब युवा सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ केवल नशे के विरुद्ध जनजागरण का अभियान नहीं, बल्कि देश के भविष्य को सशक्त बनाने का राष्ट्रीय आंदोलन है। यह अभियान युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, आत्मअनुशासन, सकारात्मक विचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित कर राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम बन रहा है।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल आर्थिक विकास की नहीं, बल्कि ऐसे समाज के निर्माण की है, जहां युवा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त हों। नशा व्यक्ति की प्रतिभा, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति तीनों को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक युवा का यह दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करे।श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की युवा शक्ति विश्व की सबसे बड़ी ताकत है। यदि यह शक्ति सही दिशा में आगे बढ़ेगी तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल, अनुशासन, सेवा और संस्कार को अपने जीवन का आधार बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं की सहभागिता से ही संभव है।उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लंबे समय से आध्यात्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, सकारात्मक जीवनशैली तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। ऐसे अभियान समाज में नई चेतना का संचार करते हैं और युवाओं को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, कौशल संवर्धन, रोजगार, शिक्षा, खेल, संस्कृति तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में कर सकें।कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों ने ’नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ का संकल्प लेते हुए समाज में जनजागरण फैलाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा।इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के सदस्य, पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में युवा, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
- - 40 एमवीए के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण- लगभग 200 गांवों को मिलेगी बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्तिरायपुर । प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा पारेषण नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के 132/33 केवी उपकेंद्र सांकरा में स्थापित 40 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण सोमवार को प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर उपकेंद्र की रिक्त भूमि में पौधारोपण भी किया गया। उपकेंद्र में पहले से 40 एमवीए एवं 63 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। नए 40 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण के साथ उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 143 एमवीए हो गई है। यह कार्य मात्र एक माह 15 दिन में पूर्ण किया गया।प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को योजनाबद्ध ढंग से सुदृढ़ किया जा रहा है। आदिवासी, वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सांकरा उपकेंद्र में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।उपकेंद्र में गत वर्ष पीक लोड सीजन के दौरान लगभग 96 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड एवं लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही थी। अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर के चालू होने से इन समस्याओं से राहत मिलेगी तथा लगभग 200 गांवों में बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। यह क्षेत्र कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के साथ अन्य औद्योगिक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।सांकरा उपकेंद्र को 132 केवी सरायपाली तथा 132 केवी झलप पारेषण लाइनों से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती है तथा यहां से 33 केवी के 9 फीडरों के माध्यम से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की जाती है। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीश, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर.के. तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री विक्रम मंधान, कार्यपालन अभियंता श्री प्रशांत साहू, श्री विंध्याचल गुप्ता, श्री प्रदीप साहू, श्री गौरव रघुवंशी, सहायक अभियंता श्री राजेंद्र चौहान, सुश्री लता जगत, श्री नारायण प्रसाद लोधी, श्री अंकुर तथा श्री दीपक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हजारों श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा में हुए शामिल-उपमुख्यमंत्री ने बूढ़ा महादेव और बाबा भोरमदेव में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना कीरायपुर । श्रावण मास के प्रथम सोमवार को कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक पुरातात्विक, पर्यटन एवं जनआस्था के केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर के लिए पदयात्रा में भारी उत्साह और भक्तिभाव के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भोरमदेव पदयात्रा से पहले उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने हर-हर महादेव, बोल-बम के जयघोष के साथ भगवा ध्वज हाथों में लिए लगभग 18 किलोमीटर श्रद्धालुओं का भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ किया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष अवसर है। बाबा भोरमदेव पदयात्रा में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पावन यात्रा में शामिल होकर सभी श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का गौरव है। सरकार इस पवित्र धाम के संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा पदयात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिकारी, कर्मचारी स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।भोरमदेव पदयात्रा को लेकर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर पूरे 18 किलोमीटर तक पदयात्रा में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। जिले के विभिन्न संगठनों से लेकर अलग-अलग समाजिक संगठनों, ग्रामीणों ने पदयात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों का पुष्प गुच्छ, माला भेंट कर व तिलक लगाकर स्वागत और अभिनंदन किया। ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच के अलावा वन विभाग, इंजीनियर एसोसिएशन संघ, जिला प्रेस क्लब, ज्वाईन हैण्डस, ट्रक मालिक संघ, प्रायवेट स्कूल संघ और विभिन्न विभागों ने अलग-अलग स्थानों में स्टॉल लगाकर श्रद्धालु, पदयात्रियों कांवरियों के लिए चाय, कॉफी, नास्ता, जूस, शरबत, नीबू पानी, खीर-पूडी और फल वितरण किया।वर्ष 2008 से लगातार आयोजित हो रही बाबा भोरमदेव पदयात्रा में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लगभग 18 किलोमीटर की यह पदयात्रा पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर, कवर्धा से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकाली गई। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालु, कांवड़िये, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पूरे उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ पदयात्रा में शामिल हुए।इस वर्ष भोरमदेव पदयात्रा में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, नंदी और शिव परिवार पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे पदयात्रा मार्ग में भक्तिमय झांकियों, भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने झांकियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। भोरमदेव पदयात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समनापुर के समीप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जागरूकता स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।इस पदयात्रा में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, समाज सेवी संगठन, स्वामी विवेकानंद एकेडमी, स्कूली बच्चों से लेकर आमजन हजारों की संख्या में महिला-पुरूष व बच्चें श्रद्धालु के रूप में स्वस्फूर्त शामिल हुए।
- -सखी वन स्टॉप सेंटर दंतेवाड़ा ने परिवार से कराया सुरक्षित मिलनरायपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर संकट में फंसी महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहारा बनकर सामने आ रहा है। दंतेवाड़ा जिले में इसका एक संवेदनशील उदाहरण देखने को मिला, जहां बिहार की एक महिला को सुरक्षित आश्रय देकर उसके परिवार से मिलाया गया।बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली श्रीमती सविता देवी अपने मायके से ससुराल जाने के लिए मोतीपुर स्टेशन से ट्रेन में सवार हुई थीं। यात्रा के दौरान वह सो गईं और कई स्टेशनों को पार करते हुए छत्तीसगढ़ के किरंदुल (जिला दंतेवाड़ा) पहुंच गईं। वहां से वह पैदल निकल पड़ीं और भटकते-भटकते भांसी तक पहुंच गईं।स्थानीय लोगों ने उनकी स्थिति देखकर भांसी थाना को सूचना दी। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित रूप से सखी वन स्टॉप सेंटर, दंतेवाड़ा में अस्थायी आश्रय दिलाया।सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर और थाना काटी से संपर्क किया। महिला का नाम, पता और फोटो भेजकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि महिला मुजफ्फरपुर जिले की ही निवासी हैं।इसके बाद महिला के परिवार से संपर्क किया गया और उन्हें पूरी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही उनके पति दंतेवाड़ा पहुंचे और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद महिला को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया।महिला के पति ने बताया कि उनकी पत्नी की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है और वह पिछले करीब डेढ़ महीने से लापता थीं। परिवार ने उन्हें कई स्थानों पर खोजा, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। दंतेवाड़ा में पत्नी को सुरक्षित देखकर उन्हें बड़ी राहत मिली।उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर, दंतेवाड़ा और महिला एवं बाल विकास विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद ने उनके परिवार को फिर से एक कर दिया। यह घटना दर्शाती है कि सखी वन स्टॉप सेंटर केवल आश्रय देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसी महिलाओं को सुरक्षा, परामर्श, समन्वय और परिवार से पुनर्मिलन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध कराता है। यह योजना महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में सरकार की संवेदनशील पहल का प्रभावी उदाहरण है।
- -पांच दिवसीय संभागीय सरस मेला का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया उद्घाटन-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की दीदियों द्वारा बनाए गए सामग्रियां मिल रही है बहुत ही कम दरों पररायपुर । कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर चौरा में आयोजित पांच दिवसीय संभागीय सरस मेला का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान स्व-सहायता समूहों की लखपति दीदियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि संभागीय सरस मेला से ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को एक नई दिशा मिलती है तथा यह आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होता है। सरस मेला में स्वदेशी, प्राकृतिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी सह विक्रय हेतु संभागीय सरस मेला समूह की दीदियों के लिए सफलता के द्वार खोलेगा। संभागीय सरस मेला के उद्घाटन के दौरान अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग श्री बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री संतोष पटेल, श्री विदेशी राम धुर्वे, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक जिले के अधिकारी गण, स्व सहायता समूह की दीदियों सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।मेले में लगे स्टालों का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अवलोकन किया तथा महिला समूह से उनके उत्पादन के विषय में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान स्टॉल से खरीदी कर महिला समूह का हौसला बढ़ाया तथा उन्हें सफल व्यवसाय की शुभकामनाएं दी।संभागीय सरस मेला के संबंध में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि मेले का आयोजन सावन माह में किया गया है जो 06 अगस्त की शाम तक चलेगा। विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर की पावन एवं ऐतिहासिक धरा पर आयोजित यह मेला केवल खरीदारी का अवसर नहीं बल्कि ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 50 से अधिक स्टॉलों के द्वारा एक ही छत के नीचे ताज़े एवं पौष्टिक मिलेट उत्पाद, स्वादिष्ट घरेलू खाद्य सामग्री, वनोपज आधारित अन्य स्थानीय उत्पादन मिल रहा है। हस्तशिल्प एवं हथकरघा सामग्री बाँस एवं बेंत से बने आकर्षक उत्पाद,घरेलू सजावटी वस्तुएँ, पारंपरिक परिधान तथा अनेक प्रकार के अन्य उपयोगी स्वदेशी सामग्रियों का विशाल भंडार विक्रय के लिए उपलब्ध होगा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया की समूह की दीदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों को बाजार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से संभागीय सरस मेला का आयोजन हो रहा है। प्रत्येक खरीदी पर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वदेशी भारत का संकल्प होगा। जैविक खाद्य सामग्री, आकर्षक सजावट के सामान सहित अन्य उपयोगी वस्तु कम दर पर उपलब्ध है। सभी जिलेवासियों से अपील की जाती है कि वह सावन के इस पवित्र महीने में बाबा भोरमदेव के दर्शन के साथ ही संभागीय सरस मेला का लाभ उठाए।छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती तरुणा साहू के पंडवानी गायन ने सभी का मन मोह लिया। द्रोपदी चीर हरण सहित अन्य प्रसंगो की मार्मिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को उस काल खण्ड की याद दिला दी। इसी तरह स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल बोड़ला के बच्चों द्वारा शिव तांडव का नृत्य प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने सरस मेला में उपस्थित सभी लोगों का खूब मनोरंजन किया।उल्लेखनीय है कि संभागीय सरस मेला में दुर्ग संभाग के कबीरधाम सहित जिला दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी एवं खैरागढ़- छुईखदान- गंडई के अतिरिक्त अन्य ज़िलों की महिला स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा उत्पादित आकर्षक सामग्रियों की प्रदर्शनी सह विक्रय के लिए 50 स्टॉल गए हैं। इन स्टॉलों में विभिन्न जैविक खाद्य सामग्री जैसे हल्दी, मिर्ची, धनिया, कोदो- कुटकी, कटहल, आम, नीबू महुआ के आचार, पापड़, ब्लैक राइस के साथ अगरबत्ती, दोना-पत्तल,बैग, सिंगार के सामान, हैंड बैग सहित अनेको आकर्षक सामग्री महिला समूह द्वारा बनाये गए है।
- -प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना-धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध- राजेश अग्रवालरायपुर ।श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति, खुशहाली तथा प्रदेश की निरंतर उन्नति और समग्र विकास की मंगलकामना की।श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों के बीच मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर जल, दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, भस्म एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की तथा प्रदेश की समृद्धि एवं जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ भी आत्मीय संवाद किया और सभी को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सर्वाधिक पुण्यदायी और आध्यात्मिक महत्व वाला काल है। भगवान भोलेनाथ करुणा, त्याग, लोककल्याण, समानता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि का वास हो, किसानों की मेहनत रंग लाए, युवाओं को उज्ज्वल भविष्य मिले, समाज में भाईचारा और सद्भाव बना रहे तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करे, यही मेरी कामना है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर राज्य की अमूल्य पहचान है। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा, जिससे श्रावण मास के प्रथम सोमवार का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।


























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