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- -राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में स्वच्छता फीडबैक देकर सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की अपील कीरायपुर - राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, सभी जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने समस्त नगरवासियों को सम्पूर्ण जगत के मार्गदर्शक माने जाने वाले श्री गुरू देव के प्रति श्रद्धा सहित कृतज्ञता ज्ञापित करने के प्रति समर्पित गुरू पूर्णिमा दिनांक 29 जुलाई बुधवार के अवसर की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुये समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य क्षेत्र में सुख, समृद्धि हरियाली और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा शक्ति प्रदान करने श्री गुरूदेव के दिव्य श्रीचरणों में सामूहिक विनम्र प्रार्थना की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों,एल्डरमैनों ने कहा है कि गुरू पूर्णिमा का अवसर सम्पूर्ण जगत के मार्गदर्शक माने जाने वाले श्री गुरूदेव के प्रति पूरी तरह से समर्पित एक श्रेष्ठ सुअवसर माना जाता है. वैदिक मान्यताओं के अनुसार जीवन में श्री गुरूदेव की कृपा एवं आशीर्वाद व्यक्ति के लिए सद्गति प्राप्त करने आवश्यक मानी जाती है. सद्गुरू कबीर ने मानव जीवन में श्री गुरूदेव के विशेष महत्व पर जगप्रसिद्ध दोहे में प्रकाश डाला है. संत कबीरदास कहते हैँ - गुरू गोविंद दोउ खडे, काके लागू पाय, बलिहारी गुरू आपकी, गोविन्द दियो बताए गुरु पूर्णिमा का यह अवसर प्राचीन काल से ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर माना जाता रहा है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने समस्त नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2025- 26 में रायपुर शहर को देश में प्रथम स्वच्छ रैंकिंग दिलवाने अधिक से अधिक संख्या में स्वच्छता एप में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करने का सामूहिक संकल्प लेने की पुनः विनम्र अपील की है.
- रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 अंतर्गत अमलीडीह में मेडिशाइन हॉस्पिटल के समीप स्थित कबाड़ी दुकान ओम ट्रेडर्स की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया.स्वच्छता व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान गन्दगी पायी गयी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का उल्लंघन पाया गया. इस पर प्राप्त जनशिकायत स्थल पर पूरी तरह सही मिलने पर जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा द्वारा स्थल पर स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा एवं श्री अनिल झा सहित स्वच्छता दीदियों की उपस्थिति में अमलीडीह क्षेत्र में स्थित कबाड़ी दुकान ओम ट्रेडर्स के सम्बंधित संचालक को भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल 15 हजार रूपये का ई जुर्माना किया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित निदान किया गया.
- -राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने राष्ट्रमंडल खेलों में जीता रजत पदकबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को बधाई दी है। राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 53 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ज्ञानेश्वरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीत कर भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी का नाम रोशन किया है। उनकी शानदार सफलता से राज्य के खिलाड़ी प्रेरणा लेंगे और आगे बढ़ेंगे।
- -विशेष प्रोजेक्ट से नक्सल पीडि़त परिवार को मिला पक्का घर, बदली जिंदगी की दिशारायपुर। कभी बारिश की हर रात डर और असुरक्षा लेकर आती थी। जंगल के बीच बनी कच्ची झोपड़ी की टपकती छत के नीचे एक परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंता में जी रहा था। नक्सल हिंसा में परिवार के मुखिया मोहम्मद निमजनी की हत्या के बाद उनकी पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों के सामने जीवनयापन की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई थी।झारखंड सीमा से लगे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत चुनचुना का यह परिवार लंबे समय तक अभाव, भय और अनिश्चितता के बीच जीवन गुजारता रहा। दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण परिस्थितियां और भी कठिन थीं। बरसात में झोपड़ी की छत से लगातार पानी टपकता था और बच्चों को रातभर सूखी जगह तलाशनी पड़ती थी। परिवार के मन में बस एक ही सपना थाकृएक सुरक्षित पक्का घर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित विशेष प्रोजेक्ट के तहत नक्सल पीडि़त एवं आत्मसमर्पित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की पहल इस परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हुई। प्रशासन ने परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवास स्वीकृत किया और ग्राम पंचायत के सहयोग से निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। धीरे-धीरे ईंटें जुड़ती गईं और वर्षों पुराना सपना साकार हो गया।जहां कभी जर्जर झोपड़ी थी, वहां आज मजबूत दीवारों और पक्की छत वाला सुरक्षित घर खड़ा है। अब परिवार को बारिश का भय नहीं सताता, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान है और वे अपने भविष्य को लेकर नए सपने देख पा रहे हैं।परिवार के बच्चों का कहना है कि उन्हें कभी विश्वास नहीं था कि उनका भी पक्का घर होगा। पिता के निधन के बाद उन्हें लगा था कि जीवन संघर्षों में ही बीत जाएगा, लेकिन अब अपने घर का दरवाजा बंद करते समय उन्हें सुरक्षा और सम्मान का एहसास होता है। यह केवल एक आवास निर्माण की कहानी नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन और प्रशासन द्वारा कठिन परिस्थितियों में जी रहे परिवारों के जीवन में भरोसा और सम्मान लौटाने का उदाहरण है। जिस क्षेत्र में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां आज विकास और पुनर्वास की पहल नई उम्मीद जगा रही है।
- -अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जीे ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में ग्राम पंचायत दर्राभांठा की पंच श्रीमती हीरा बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि वे वार्ड क्र 4 की पंच है। उन्हें 10 माह से मानदेय की राशि नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को ग्राम सभा की बैठक में गांव की समस्या एवं काम की चर्चा के दौरान उन्होंने सरपंच से अपने मानदेय नहीं मिलने की शिकायत की तो सरपंच ने आश्वासन दिया कि आपका पैसा आपको मिल जाएगा लेकिन अभी तक मुझे मानदेय नहीं मिला है। जबकि गांव के अन्य पंचों को मानदेय मिल चुका है। तखतपुर तहसील के ग्राम परसाकापा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि गांव के ही आदित्य यादव द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से पक्का मकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है। साथ ही सार्वजनिक हैंडपंप से मात्र ही कुछ फीट की दूरी पर सेप्टिक टैंक का निर्माण किया जा रहा है। सेप्टिक टैंक बनाए जाने से पेयजल स्रोत दूषित होने तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न होने की आशंका है। ग्रामीणों ने अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाकर कार्रवाई करने की मांग की है। रतनपुर निवासी अनिकेत कुमार बारे ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा रतनपुर द्वारा वर्ष 2024 से लगातार आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनका ऋण स्वीकृत नहीं किया गया, जिससे समय और आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने मामले की जांच कर ऋण स्वीकृत कराने की मांग की है। सकरी तहसील अंतर्गत बेलमुण्डी निवासी मेघनाथ सूर्यवंशी ने बताया कि सूरज जैन नामक व्यक्ति द्वारा कोयले की राख अपने खेत में डाला गया जो बारिश में बह कर मेरे निजी भूमि पर आ गया है और मेरे खेत पर एक फीट से दो फीट राख का जमाव हो गया है। जिस कारण खेत की फसल नष्ट हो गई है। इस मामले पर श्री सूर्यवंशी ने उचित कार्यवाही की मांग की है।मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम लोहर्सी निवासी उषा दुबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2.0 की स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्र होने के बावजूद नाम न जोड़े जाने के संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सभी पात्रता एवं मानदंड पूरा करती है। ग्राम धूमा निवासी कमल प्रसाद मिश्रा ने भूमि रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर बंटाकन नम्बर विलोपित करने संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि के रिकॉर्ड में बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए संशोधन कर दिया गया, जिससे भूमि संबंधी अभिलेख प्रभावित हुए हैं। उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रिकार्ड दुरूस्त करने की मांग की है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने एवं समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
- -अपराजिता महिला सहायता केंद्र ने एक वर्ष में 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं का कराया सफल पुनर्वासरायपुर । समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ, निराश्रित एवं बेसहारा महिलाओं के उपचार, देखभाल और पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा पुनर्वास की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे सामान्य जीवन की मुख्यधारा से पुनः जुड़ रही हैं।जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के दौरान केंद्र ने 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया। इनमें रायपुर, दुर्ग, बालोद तथा कबीरधाम (कवर्धा) जिलों की महिलाएं शामिल थीं। जिन महिलाओं का तत्काल पारिवारिक पुनर्वास संभव नहीं था, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में पुनर्वासित किया गया।केंद्र में महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार, दवाइयां, मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग, योग, प्राणायाम, मनोरंजक गतिविधियां, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा आत्मविश्वास बढ़ाने वाले कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है। वर्तमान में केंद्र में लगभग 80 महिला हितग्राहियों की देखभाल एवं उपचार किया जा रहा है।इसी क्रम में 08 महिलाओं के स्वास्थय में उल्लेखनीय सुधार होने पर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री अरविंद गेडाम के मार्गदर्शन में केंद्र की प्रभारी अधीक्षक श्रीमती शिखा वर्मा ने नारी निकेतन, रायपुर की अधीक्षिका श्रीमती रेखा मीना से समन्वय स्थापित किया।14 जुलाई 2026 को आयोजित संयुक्त बैठक में प्रत्येक महिला की स्वास्थय स्थिति, मानसिक अवस्था, काउंसिलिंग प्रतिवेदन तथा पुनर्वास की उपयुक्तता पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णय एवं चिकित्सकीय अभिमत के आधार पर 20 जुलाई 2026 को सभी 08 महिलाओं को नारी निकेतन, रायपुर स्थानांतरित कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया गया।महिला हितग्राहियों के मानसिक एवं सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए संस्था में प्रतिवर्ष “विश्व मानसिक स्वास्थय दिवस” मनाया जाता है। इसके साथ ही दीपावली, होली, रक्षाबंधन, नववर्ष तथा अन्य प्रमुख राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्व भी पारिवारिक वातावरण में उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं। साथ ही संस्था में महिलाओं को केवल चिकित्सकीय सुविधाएँ ही नहीं, बल्कि योग एवं प्राणायाम, संगीत, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, खेलकूद, बागवानी, स्वच्छता, दैनिक जीवन कौशल तथा आत्मनिर्भरता विकसित करने वाले विभिन्न प्रशिक्षण भी नियमित रूप से प्रदान किए जाते हैं। इन आयोजनों एवं गतिविधियों से महिला हितग्राहियों में आत्मीयता, सामाजिक सहभागिता एवं जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।आज “अपराजिता महिला सहायता केन्द्र” समाज कल्याण विभाग की पुनर्वास आधारित सेवाओं का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। संस्था ने यह सिद्ध किया है कि यदि मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं को समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल, उचित परामर्श एवं पुनर्वास का अवसर मिले, तो वे पुनः सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकती हैं।
- -अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ मंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकरायपुर ।छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष व वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के किसानों को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री श्री कश्यप ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी पारदर्शिता और समय पर पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के संबंध में विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। सहकारिता व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इसे मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी बैंकों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं अधिकारियों से आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश का सहकारिता क्षेत्र अधिक सशक्त और जनहितैषी बन सके।
- -मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में हो रहा अध्ययनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रभावी नेतृत्व में वन विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य की समृद्ध जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना शुरू की गई है।'एथ्नोबॉटनी ऑफ छत्तीसगढ़' (Ethnobotany of Chhattisgarh) नामक इस अध्ययन का उद्देश्य स्थानीय समुदायों द्वारा औषधीय एवं अन्य उपयोगी पौधों के पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण करना, उसके वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढि़यों के लिए इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखना है।शोध परियोजना के प्रथम चरण में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम ने बस्तर संभाग का दौरा किया। टीम में टी.डी.यू. बेंगलुरु के एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. के. रवि कुमार, प्रोफेसर डॉ. अब्दुल करीम तथा जनजातीय औषधि विशेषज्ञ डॉ. देवयानी शर्मा शामिल हैं।वैज्ञानिकों ने बीजापुर जिले के भोपालपटनम, उसूर, भैरमगढ़ और बीजापुर सहित कई क्षेत्रों का भ्रमण कर पारंपरिक वैद्यों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और उनके पारंपरिक उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र कीं। पौधों की सही पहचान के लिए विशेषज्ञों ने वैद्यों के साथ जंगलों का भी भ्रमण किया।शोध दल स्थानीय समुदायों के दैनिक जीवन, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं, पारंपरिक त्योहारों तथा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक अवसरों में पेड़-पौधों की भूमिका का अध्ययन कर रहा है। साथ ही यह भी जाना जा रहा है कि स्थानीय लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था में वनस्पतियों का कितना महत्वपूर्ण योगदान है।बीजापुर के बाद वैज्ञानिकों की टीम ने दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर जिलों का भी दौरा किया। इस दौरान पारंपरिक वैद्यों और ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय ज्ञान, अनुभव और उपयोगी जानकारियों का संग्रह किया गया।शोध परियोजना के प्रथम चरण में बस्तर संभाग से महत्वपूर्ण जानकारियां और प्रारंभिक आंकड़े एकत्र किए गए हैं। आगामी चरणों में इस अध्ययन का विस्तार राज्य के अन्य संभागों में भी किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक ज्ञान, औषधीय पौधों और जैव विविधता का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।यह शोध परियोजना राज्य की जैव विविधता, जनजातीय पारंपरिक ज्ञान और औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय ज्ञान को वैज्ञानिक आधार मिलेगा, जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की पीढि़यों के लिए इस अमूल्य विरासत को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।
- -उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ-छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे-राज्य में खेलों और खिलाडि़यों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथनरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाडि़यों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाडि़यों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडि़यों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाडि़यों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाडि़यों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।श्री साव ने श्विजन टू विक्ट्रीश् थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में श्नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोजश् सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाडि़यों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाडि़यों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाडि़यों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाडि़यों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाडि़यों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाडि़यों को मिलेगा। कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान, ओलंपियन श्री जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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-टेकारी में असामाजिक तत्वों पर नजर
रायपुर। शासन - प्रशासन से गुहार पर गुहार के बाद भी असामाजिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगने से जहां क्षुब्ध मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम नारा के ग्रामीणों ने बैठक आयोजित कर इस पर शिकंजा कसने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है वहीं नजदीकी ग्राम टेकारी में ग्रामीण व्यवस्था के तहत इस पर रोक लगाने का निर्णय ले लिप्त तत्वों को इससे तौबा करने की आग्रह के बाद विध्नसंतोषी तत्वों पर गुपचुप तरीके से निगरानी रखा जा रहा है ।ग्रामीण सूत्रों के अनुसार मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्रामों में असामाजिक तत्व हावी हो चले हैं । गुहार पर गुहार के बाद भी शासन - प्रशासन इस पर प्रभावी रोक लगा पाने में सफल नहीं हो पा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है । अवैध शराब व गांजा सहित नशीली गोलियां बिकने व जुआ की भी शिकायत क्षेत्र में है । छुटपुट चोरी की घटनाओं की भी शिकायत है । इन सब के मद्देनजर आक्रोशित क्षेत्र के कई ग्रामों के ग्रामीणों ने ग्रामीण व्यवस्था के तहत इस पर शिकंजा कसने का निर्णय ले इस पर अमल करना शुरू कर दिया है जिसमें ग्राम नारा व टेकारी भी शामिल हो गया है । बीते दिनों ग्राम नारा में हुये ग्रामीणों की बैठक में इन असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने का सर्वसम्मत निर्णय ले इन गतिविधियों में लिप्त पाये जाने वाले असामाजिक तत्वों को ग्रामीण व्यवस्था के तहत दंडित करने व लिप्त तत्वों की जानकारी देने वालों को समुचित पुरस्कार देने का भी निर्णय लिया है । बैठक में फसल बचाने हेतु कारगर व्यवस्था करने व ग्राम में किये गये अवैध कब्जों को भी हटाने का फैसला किया गया है । निर्णय के बाद फिलहाल ग्राम में असामाजिक तत्वों के दुबक जाने की जानकारी ग्रामवासी देते हैं । इधर ग्राम टेकारी में बीते माह आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने व सार्वजनिक स्थलों में पीने -पिलाने पर प्रतिबंध का निर्णय ले लिप्त तत्वों को स्वेच्छा से तौबा कर लेने का आग्रह किया था व दूकानों से पियक्कड़ों को सरलता से पानी पाऊच व डिस्पोजल गिलास मिलने से सार्वजनिक स्थलों में पीने -पिलाने का माहौल बने रहने की हालात को देखते हुये दूकानदारों से सिर्फ उनके सामने ही पानी व कोल्डड्रिंक पीने वालों को इन्हें मुहैय्या कराने का अनुरोध किया था । ग्रामीणों के अनुसार इस अनुरोध का असर तो हुआ है पर अपेक्षित नहीं । अभी भी करीबन 30 प्रतिशत सुधार बाकी है । ग्रामीणों के अनुसार अभी भी मुट्ठी में गिने जाने लायक विध्नसंतोषी तत्व जहां चोरी - छिपे शराब व गांजा ला गुपचुप तरीके से पियक्कड़ों को उपलब्ध करा रहे हैं वहीं कतिपय पियक्कड़ चोरी - छिपे खेल मैदान , तालाब पार , सहकारी गोदाम व दुकानों के ओट में पीने -पिलाने का दौर जारी रखे हुये हैं वहीं कतिपय दूकानदार चोरी - छिपे इन्हें पानी पाऊच व डिस्पोजल उपलब्ध करा रहे हैं । इनके अनुसार इन सभी गतिविधियों की जानकारी ग्राम प्रमुखों को दी जा रही है और वे ग्रामीण व्यवस्था के साथ - साथ आबकारी व पुलिसिया कार्यवाही कराने उचित मौके की तलाश में हैं । ग्रामीणों के अनुसार आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज व खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौली व मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया में खुले आम अवैध शराब बिक्री होने से असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने वाले इन ग्रामों सहित नजदीकी ग्राम अमेरी व संकरी का वातावरण अशांत बना रहता है । - बिलासपुर. उद्यानिकी फसल उत्पादन कर रहे किसानों के लिए टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद के लिये खरीफ वर्ष 2026-27 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी के द्वारा संचालित की जा रही है। उप संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 31 जुलाई 2026 तक निकटतम लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या भारतीय कृषि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकते है।योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया जा सकता है। इस हेतु बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री थानेश्वर साहू मो0न0 99071-22727, तखतपुर के उद्यान विकास अधिकारी श्री जैनेन्द्र कुमार पैकरा 6265981957, कोटा के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री रामनाथ सिंह नेताम 7828815637, मस्तूरी की प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्रीमती निशा चंदेल 7000441324 एवं बिल्हा के प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्री राकेश कुमार सेन्ड्रे 7000181970 से संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।चयनित उद्यानिकी फसलों खरीफ के लिए किसानों द्वारा द्वेय प्रीमियम दर बीमित राशि का 5 प्रतिशत है। बिलासपुर जिले में खरीफ मौसम के फसलों हेतु 200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। टमाटर फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपए एवं किसान देय प्रीमियम राशि 6 हजार, बैगन के लिए बीमित राशि 77 हजार रुपए एवं प्रीमियम राशि 3 हजार 850 रुपए, मिर्च के बीमित राशि 68 हजार रूपए एवं प्रीमियम राशि 3 हजार 400 रूपए, अदरक के लिए बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रूपए एवं प्रीमियम 7500 रूपए, केला के लिए बीमित राशि 85 हजार एवं प्रीमियम राशि 4 हजार 250, पपीता के लिए बीमित राशि 87 हजार एवं प्रीमियम राशि 4 हजार 350 और अमरूद के लिए बीमित राशि 45 हजार एवं प्रीमियम राशि 2 हजार 250 रुपए निर्धारित है।किसानों के हानि का मूल्यांकन अधिसूचित क्षेत्र में स्थापित स्वचलित मौसम केंद्र से प्राप्त 4 आवरित जोखिमों जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक या बेमौसम वर्षा, वायु गति, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम के प्रमाणित आंकड़ों एवं अधिसूचित टर्मशीट के अनुसार दावा गणना की जाएगी। दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। खरीफ मौसम के टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक फसल हेतु ओलावृष्टि हवाएं की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं. 18004190344 पर तथा टोटल शिकायत निवारण पोर्टल या लिखित रुप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व एवं संबंधित क्षेत्र के उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करना होगा। संबंधित संस्था/विभाग 48 घंटा के भीतर कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे। ऋणी किसान जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।जरूरी दस्तावेज - नवीनतम आधारकार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र, बी 1, पी 2 की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो। फसल बुआई प्रमाण पत्र, किसान का वैद्य मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा अथवा कास्तकार का घोषणा पत्र।
- बिलासपुर. जिला पंचायत की बैठक 30 जुलाई 2026 को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दोपहर 3 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं 16 वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्ययोजना के निर्माण पर चर्चा की जाएगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन तथा अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत AHP घटक के सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया 493 व 1120 के हितग्राहियों और बच्चों के साथ निबंध लेखन, पेंटिंग, क्विज़ आदि स्वतंत्रता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में IEC गतिविधियों का आयोजन - किया गया। जिसमें महापौर परिषद सदस्य संदीप निरंकारी, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह और प्रधानमंत्री आवास योजना के उप अभियंता दीपक देवांगन, CLTC आदित्य ठाकुर, किरण चतुर्वेदी, लिपिक नरेश ढाकुलकर एवं डोमेश पाली उपस्थित रहे।
- 0- नवजात को मिला नया जीवन, रोहित और काजल के घर लौटी मुस्कान0- गंभीर हालत में भर्ती नवजात को जिला अस्पताल एसएनसीयू में मिला सतर्क और समयबद्ध उपचार, अब स्वस्थ होकर मां का दूध पी रहा हैरायपुर. कुछ दिन पहले तक रायपुर निवासी रोहित और काजल की आंखों में अपने नवजात बच्चे को लेकर चिंता और डर था। सांस लेने में तकलीफ और पीलिया से जूझ रहे उनके मासूम की हालत गंभीर थी। माता-पिता अपने बच्चे के स्वस्थ को लेकर बेहद चिंतित थे, लेकिन जिला अस्पताल कालीबाड़ी की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में मिले विशेषज्ञ उपचार और समर्पित स्वास्थय सेवाओं की बदौलत उनका बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और मां का दूध भी पी रहा है।पेशे से वाहन चालक बच्चे के पिता श्री रोहित राजपूत ने बताया कि जन्म के बाद उनके नवजात को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल (एमसीएच) कालीबाड़ी स्थित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) के चिकित्सकों की टीम ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल भर्ती कर उसका समुचित उपचार प्रारंभ किया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर मरीज को जिला अस्पताल (एमसीएच) कालीबाड़ी में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी. के. सिन्हा ने बताया कि जांच में पाया गया कि बच्चा एन्सेफैलोपैथी और सांस लेने में तकलीफ से ग्रसित था। बच्चे के एस. बिलिरुबिन स्तर से कोलेस्टैटिक पीलिया की संभावना सामने आई, जिसके बाद आवश्यक जांचें कर प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार प्रारंभ किया गया। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की निरंतर निगरानी, अस्पताल में मौजूद सुविधाओं एवं समर्पित प्रयासों से बच्चे की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा।भर्ती के 11वें दिन नवजात ने मां का दूध लेना शुरू कर दिया, जो उसके स्वास्थ्य में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत था। उपचार के सकारात्मक परिणामों के बाद 21 जुलाई को बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में सफलतापूर्वक डिस्चार्ज कर दिया गया।आज रोहित और काजल अपने स्वस्थ बच्चे को गोद में लेकर बेहद खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला अस्पताल कालीबाड़ी की एसएनसीयू टीम, चिकित्सकों एवं स्वास्थयकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क उपचार ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया है।
- दुर्ग. राज्य शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ मौसम में फसल बीमा कराने हेतु 31 जुलाई 2026 तक समय सीमा तय किया गया है। उद्यानिकी फसलाें की खेती कर रहे किसानाें को विपरीत मौसम जैसे कम तापमान, अधिक तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, कीट व्याधियो का प्रकोप, लगातार अवर्षा की स्थिति निर्मित होना ओला वृष्टि आदि से होने वाले नुकसान से बचाने पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा लागू की गई है। खरीफ वर्ष 2026 में दुर्ग जिले अन्तर्गत बीमा कराने वाले कृषकों को अधिसूचित फसल के अनुसार निर्धारित कुल बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम जो भी कम हो राशि कृषक अंश के रूप में ऋणि एवं अऋणि दोनो प्रकार के कृषको को जमा करने होंगें। अऋणि कृषक फसल लगाने का स्वघोषित प्रमाण पत्र, नक्शा खसरा, आधार कार्ड अपने बैंक पासबुक की छाया प्रति जिसमें आईएफएससी कोड इत्यादि का उल्लेख हो, जमा कर बीमा करा सकते है।योजना के अंतर्गत ऋणी कृषकों के लिये विकल्प चयन के आधार पर क्रियान्वित होगी। ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नही होना चाहते, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 07 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नही करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिये स्वीकृत/नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इस मामले में बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की चूक/त्रुटि होने पर संबंधित बैंक किसानांे के स्वीकार्य दावो के भुगतान करने के लिये उत्तरदायी होगा।मुख्य/मूल कवरेज अंतर्गत फसल टमाटर हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 1,20,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 6,000 रूपए। फसल बैंगन हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 77,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 3850 रूपए। फसल मिर्च हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 68,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 3400 रूपए। फसल अदरक हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 1,50,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 7500 रूपए। फसल केला हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 85,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 4,250 रूपए। फसल पपीता हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 87,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 4,350 रूपए। फसल अमरूद हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 45,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 2,250 रूपए निर्धारित है। अतिरिक्त/एड-ऑन-कवरेज अंतर्गत फसल मिर्च हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 22,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 1100 रूपए। फसल केला हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 80,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 4,000 रूपए। फसल पपीता हेतु प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 38,000 रूपए, किसान देय प्रीमियम राशि 1900 रूपए निर्धारित है।इसके अलावा फसल केला के लिए ओलावृष्टि हेतु दिनांक 1 जनवरी 2027 से 31 मई 2027, चक्रवाती हवाएं हेतु दिनांक 1 मार्च 2027 से 31 मई 2027, फसल पपीता के लिए ओलावृष्टि हेतु दिनांक 1 जनवरी 2027 से 30 अप्रैल 2027, चक्रवाति हवाएं हेतु दिनांक 1 मार्च 2027 से 31 मई 2027, फसल मिर्च के लिए ओलावृष्टि हेतु दिनांक 1 जनवरी 2027 से 31 मार्च 2027 जोखिम अवधि निर्धारित है।उद्यानिकी फसलों के बीमा हेतु इच्छुक कृषक च्वाइस सेंटर/ भारतीय कृषि बीमा कम्पनी के प्रतिनिधी/ लोक सेवा केन्द्र/ बैंक शाखा/ सहकारी समिति /ऑनलाइन पंजीयन/ विकासखंड में स्थापित विभागीय शासकीय उद्यान रोपणी विकासखंड दुर्ग (श्री रविश कुमार साहू, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी,मो. नं 9993146452), विकासखंड धमधा (श्री कमलेश सिन्हा, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, मो. नं 9340113341) एवं वि.ख. पाटन (श्रीमती सुरभि श्रीवास्तव, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, मो. नं 9011648203) में संपर्क कर सकते है।
- दुर्ग. शासन की महत्वकांक्षी पहल सेवा सेतु से जरूरतमंदों को प्रमाण पत्र बनाने की राह आसान कर दी है। दुर्ग निवासी सुश्री हिरामन पिता स्वर्गीय राम बगस आर्थिक रूप से साधारण परिवार से हैं। सुश्री हिरामन को आगे की पढ़ाई और रोजगार के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। लंबे समय से प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पिता की मृत्यु के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के अभाव में उनका कार्य पूरा नहीं हो पा रहा था।इसी दौरान उन्हें सेवा सेतु के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के बाद सेवा सेतु प्रबंधक ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर आवेदन की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन और समन्वय किया। संबंधित विभाग द्वारा आवेदन का परीक्षण कर 30 जून 2026 को उनका ओबीसी जाति प्रमाण पत्र अनुमोदित कर जारी कर दिया गया।जाति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद सुश्री हिरामन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहती है कि अब उन्हें आवश्यक दस्तावेज बनवाने तथा भविष्य में अपने परिवार के शैक्षणिक एवं अन्य सरकारी कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अब स्वयं के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अपने भाई-बहनों का भी जाति प्रमाण पत्र बना पाउंगी। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित, पारदर्शी और जनहितैषी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
- 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह का बालोद जिले में भव्य एवं गरिमामय ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने हेतु जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने जिला मुख्यालय बालोद के अलावा जिले के सभी विकासखण्ड एवं अन्य सभी स्थानों पर कार्यक्रम के गरिमा के अनुरूप बेहतर कार्यक्रम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित होने वाली वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन की तैयारियों की भी समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य महिलाओं एवं सभी वर्गों के लोगों के द्वारा ’एक पेड़ महतारी (मां) के नाम’ से पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए ’एक पेड़ महतारी (मां) के नाम’ से पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित कर इस अभियान को सफल बनाने अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन से जुड़े तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को उनके विभाग से जुड़े दायित्वों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यालयों में ध्वजारोहण के पश्चात जिला मुख्यालय बालोद में सुबह 09 बजे आयोजित होने वाले जिला स्तरीय समारोह में अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित की जाने वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की भी समीक्षा की। उन्होंने आयोजन के दौरान संस्कृति और देशभक्तिपूर्ण, सभ्य, शालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने स्वंतत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के अधिकारी-कर्मचारियों का चयन कर उन्हें सम्मानित करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के विभिन्न विभागों को सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के द्वारा सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के शत प्रतिशत निराकरण किए जाने पर प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी। बैठक में उन्होंने जिले में सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे अपने-अपने कार्यालय स्थल में पहुँचने के बाद अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसका शत प्रतिशत पालन नही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की भी चेतावनी दी। इस मौके पर उन्होंने जिले में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में खाद, बीज की भण्डारण एवं उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कृषि, सहकारिता, बीज विकास निगम एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके जिले के शत प्रतिशत बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु टीकाकरण के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने टीबी उन्मुलन के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने जिले में अब तक किए गए कुल सैम्पल जांच एवं अन्य कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निक्षय मित्र बनकर टीबी के मरीजों को पूर्णतः स्वस्थ बनाने हेतु अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
- 0- स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर संचालन जारीबालोद. बालोद विकासखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करहीभदर में स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर संचालन किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करहीभदर के प्रभारी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करहीभदर में एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं और उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक दवाइयों और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
- 0- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाने के संबंध में की गई चर्चाबालोद. ’मिशन 80-95’ 2026 के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय कचांदुर में अलग-अलग पालियों में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समीक्षा बैठक में बालोद, गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के स्कूलों में बोर्ड परीक्षा 2026 में कक्षा 10वीं में 65 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 77 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों तथा कम परीक्षा परिणाम वाले विषय शिक्षक शामिल हुए। जिला शिक्षा अधिकारी बालोद ने समीक्षा बैठक में 10वीं एवं 12वीं की पाठ्यक्रम योजनाएं, प्राचार्यों द्वारा अवलोकित कक्षाओं के नोट्स एवं प्रदाय मार्गदर्शन का विवरण, शाला में आयोजित समीक्षा बैठकों का विवरण, कक्षा 9वीं, 11वीं के रेड जोन, ऑरेंज जोन विद्यार्थियों की प्रगति, माह जुलाई में 10वीं 12वीं का पूर्ण पाठ्यक्रम का इकाईवार विवरण तथा मासिक परीक्षा की तैयारी के संबंध में बिंदुवार आवश्यक परिचर्चा की गई। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए वार्षिक कार्य योजना, मासिक कार्य योजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन, पाठयक्रम-पाठ्य योजना का निर्माण, परिशिष्ट 1,2,3,4 के विभिन्न पैरामीटर पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि परिशिष्ट 02 में प्राचार्य द्वारा शिक्षकों का माॅनिटरिंग तथा प्रति दिवस न्यूनतम 02 कालखंडों का अवलोकन व सुधारात्मक सुझाव व परिशिष्ट 2 के आधार पर ही समस्त शिक्षकों का सीआर लिखा जाएगा। परिशिष्ट 03 में कुल 10 पैरामीटर हैं जिसमें कुल 100 अंक निर्धारित हैं। परिशिष्ट 03 के आधार पर जिला स्तरीय मानीटरिंग टीम द्वारा प्राचार्यों का मानिटरिंग किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक मासिक मूल्यांकन के पश्चात अनिवार्य रूप से पालक टीचर मीटिंग का आयोजन किया जाना है। परिशिष्ट 04 के तहत प्राचार्यों का ग्रेडिंग किया जाएगा, जिसमें ए, बी, सी तथा डी तथा चार ग्रेड तय किया गया है। जिसमें ग्रेड ए 80 से 100, बी 79 से 60, सी 59 से 50 तथा ग्रेड डी 50 से कम अंक है। लगातार 02 माह तक सी या डी ग्रेड में आता है तो संबंधित प्राचार्यों के लिए जिला मानिटरिंग टीम द्वारा 20 से 50 योजना तैयार कर राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त गतिविधियों व कार्यवाही को अनिवार्य रूप से पंजियों में संधारित किया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पियर लर्निंग, शिक्षक संप्रेषण कौशल पर बल देते हुए नवाचार गतिविधियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही पिछले वर्ष 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विषय शिक्षकों को अनिवार्यतः कारण बताओ नोटिश जारी करने तथा जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। समीक्षा बैठक में जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक श्री आर आर क्रिदत्त एवं सहायक परियोजना समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं परीक्षा विभाग के प्रभारीगण उपस्थित थे।
- 0- केटीयूजेएम एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला, विद्यार्थियों को मेडिटेशन और सकारात्मक चिंतन का संदेशरायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में "आत्म-नियंत्रण से अंतःशक्ति का जागरण" विषय पर प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आत्म-नियंत्रण, सकारात्मक चिंतन, मानसिक संतुलन तथा मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्तित्व विकास और आंतरिक शक्ति के महत्व से अवगत कराया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने कहा कि 21वीं सदी के प्रत्येक युवा, पत्रकार और शिक्षक के लिए आत्म-नियंत्रण से अंतःशक्ति का जागरण ही जीवन का मूल मंत्र है। आज तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सोशल मीडिया और सूचना के अनंत साधनों के बावजूद व्यक्ति के भीतर अशांति, तुलना, चिंता और नकारात्मकता बढ़ रही है। ऐसे समय में पत्रकारिता शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र, संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।प्रो. दयाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्मिक शक्ति के विकास के लिए तीन सरल सूत्र देता है- संकल्पों पर नियंत्रण, वाणी पर नियंत्रण तथा समय और आदतों पर नियंत्रण। उन्होंने कहा कि भविष्य के मीडिया कर्मियों को टीआरपी की प्रतिस्पर्धा, फेक न्यूज का प्रलोभन, नकारात्मकता और अहंकार जैसी चार बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इन चुनौतियों पर विजय केवल आत्म-नियंत्रण और आंतरिक शक्तियों के जागरण से ही संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं को पहचानने, अपनी क्षमताओं का विकास करने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा नियमित मेडिटेशन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।मुख्य वक्ता ब्रह्मकुमारी ज्योति दीदी ने कहा कि क्रोध का प्रमुख कारण दूसरों से अत्यधिक अपेक्षाएं रखना है। यदि किसी भी परिस्थिति में स्वयं से यह प्रश्न किया जाए कि क्रोध करने से मुझे क्या लाभ होगा? तो मन स्वतः शांत होने लगता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक इनर मास्टरी तभी संभव है जब व्यक्ति स्वयं का आत्मनिरीक्षण करें और अपने विचारों पर नियंत्रण स्थापित करें।उन्होंने अवचेतन मन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने पर बल देते हुए कहा कि प्रतिदिन एवं प्रत्येक घंटे कुछ क्षण निकालकर "मैं शांतचित्त आत्मा हूँ", "मैं शक्तिशाली हूँ", "मैं खुशकिस्मत हूँ", "मैं सफलता का सितारा हूँ" जैसे सकारात्मक संकल्प दोहराने चाहिए। इससे आत्मा रूपी ऊर्जा निरंतर सशक्त बनी रहती है।ब्रह्मकुमारी भावना दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए मेडिटेशन अत्यंत आवश्यक है। यह व्यक्ति को तनावमुक्त रखने के साथ-साथ विपरीत परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।ब्रह्मकुमारी तारिका दीदी ने कहा कि व्यक्ति को सबसे पहले अपने भीतर झांकने की आदत विकसित करनी चाहिए। हमारी सोच ही हमारे व्यक्तित्व और आभामंडल (ऑरा) का निर्माण करती है। यदि नकारात्मक विचारों को सकारात्मक सोच में परिवर्तित कर लिया जाए तो जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः मिलने लगता है।कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि मेडिटेशन केवल मानसिक शांति ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। कार्यक्रम के संयोजक व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र शर्मा ने आभार व्यक्त किया। अतिथियों का परिचय डॉ. नीति ताम्रकार ने दिया और संचालन डॉ. चैताली पाण्डेय ने किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के समस्त, प्राध्यापक, अतिथि प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर. विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सर्विलांस इकाई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में नगर निगम के फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष हेपेटाइटिस जांच एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ हेपेटाइटिस संक्रमण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था।शिविर में नगर निगम के 142 फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों का निःशुल्क हेपेटाइटिस ‘बी’ एवं ‘सी’ की जांच की गई। संक्रमण के जोखिम को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को समय पर जांच, उपचार तथा बचाव संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ऐसे अभियान संक्रमण की शीघ्र पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान सफाई कर्मचारियों को हेपेटाइटिस संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव एवं समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हेपेटाइटिस ‘बी’ के टीकाकरण के प्रति भी उन्हें जागरूक किया गया, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य सफाई मित्रों के बीच हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाना, समय पर जांच कराकर उन्हें निःशुल्क उपचार सेवाओं से जोड़ना तथा समाज के अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ फ्रंटलाइन कर्मचारी ही स्वच्छ और स्वस्थ शहर की मजबूत नींव हैं, इसलिए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन लगातार किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी (एनवीएचसीपी) डॉ. प्रमोद तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी, जिला प्रबंधक (आईडीएसपी) श्री श्याम मोहन दुबे, डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट श्री पंकज सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- अभियान को सफल बनाने हेतु युद्ध स्तर पर तैयारियां, जनप्रतिनिधियों, गणमान्यजनों सहित सभी वर्गों के लोगों ने की अभियान की सराहनाबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों के फलस्वरूप बालोद जिले में 30 जुलाई को महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर एक साथ वृहद वृक्षारोपण अभियान का नया कीर्तिमान जुड़ने वाला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं जिलेे के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए जा रहे महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के दौरान जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाएं एवं समाज के सभी वर्गों के द्वारा एक साथ वृहद पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। बालोद जिले में एक साथ वृहद वृक्षारोपण के इस इस महत्वपूर्ण अभियान के साथ-साथ जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और कड़ी जुड़ने वाली है। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में पर्यावरण भयावह संकट को दृष्टिगत रखते हुए समय रहते सचेत होकर उसके रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने हेतु बालोद जिला प्रशासन की इस अभिनव प्रयासों की जिले के जनप्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्ध लोगों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों सहित सभी वर्गों के लोगों ने इस महत्वपूर्ण अभियान की भूरी-भूरी सराहना की है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने हेतु युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों से महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों को निःशुल्क पौधा वितरण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों से पौधे प्राप्त करने के पश्चात महतारी वंदन योजना से लाभान्वित एवं अन्य सभी महिलाओं द्वारा भी अपने घरों, बाड़ियों, खेत-खलिहानों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर गड्ढों की खुदाई एवं अन्य सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही है।जिला प्रशासन की इस अभिनव एवं महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हुए संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने सभी जिले वासियों से अपने घरों एवं बाड़ियों, खेत-खलिहानों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में भागीदारी सुनिश्चित करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी भी है। छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया ने जिला प्रशासन के वृहद वृक्षारोपण के इस पुनीत कार्य को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने संपूर्ण जिले वासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कैच र रैन अभियान के अंतर्गत जल संचयन के लक्ष्य में वृद्धि करने अनिवार्य रूप से पौधरोपण के संरक्षण एवं संवर्धन में अपने अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिला प्रशासन की इस वृहद वृक्षारोपण की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाओं एवं सभी जिले वासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर जल संचयन के लक्ष्य में वृद्धि करने हेतु अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील की है। इसी तरह जिला प्रशासन की इस अभियान की सराहना समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ-साथ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों ने भी की है। इस अभियान की सराहना करते हुए महतारी वंदन योजना से लाभान्वित बालोद विकासखण्ड के ग्राम चिरईगोड़ी निवासी श्रीमती फेकन बाई एवं श्रीमती कला बाई ने बालोद जिला प्रशासन द्वारा महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत को उनके जैसे महतारी वंदन योजना से लाभान्वित पूरे प्रदेश के अनेक हितग्राहियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बताया। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाओं को भी 30 जुलाई को सुबह 11 बजे अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील की है। इसी तरह जिला प्रशासन की इस महत्वपूर्ण अभियान की सराहना जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती दीपा बाई ने भी की है। उन्होंने कहा कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से इस योजना से लाभान्वित हम महिलाओं को पौधरोपण करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इससे हम सभी महिलाएं अत्यंत गौरवान्वित एवं सम्मानित महसूस कर रहे हैं।उन्होंने जिले के सभी महिलाओं से 30 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण के कार्य में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने को कहा हैै। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला निवासी श्रीमती पूर्णिमा साहू ने भी जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के नाम को शामिल करने पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे हम सभी महिलाएं अत्यंत प्रसन्नचित एवं उत्साहित होकर गौरव का अनुभव कर रहे हैं। श्रीमती पूर्णिमा बाई ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के सभी हितग्राहियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन तथा बालोद जिले को स्वच्छ, संुदर बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
- दुर्ग. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई ने 23 जुलाई, 2026 को लगभग 600 नए छात्रों के बैच का स्वागत किया। कैंपस लाइफ में आसानी से ढलने में मदद के लिए, स्टूडेंट मेंटरशिप प्रोग्राम (SMP) 24 से 27 जुलाई तक चार दिन का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित कर रहा है। नए छात्रों और उनके माता-पिता के लिए एक इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया, जिसमें डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश और सीनियर फैकल्टी सदस्यों—जिनमें डीन प्रो. सौम्या गंगोपाध्याय, प्रो. संतोष बिस्वास, डॉ. सुधानवा पात्रा और डॉ. कुलदीप कटारिया के साथ-साथ SMP फैकल्टी-इन-चार्ज डॉ. प्रवीण कुमार शामिल थे—ने कैंपस की सुविधाओं, एकेडमिक सपोर्ट और स्टूडेंट लाइफ के बारे में अहम जानकारी दी। इस ओरिएंटेशन का मकसद नए छात्रों को संस्थान में मौजूद एकेडमिक, रिसर्च और एक्स्ट्रा-करिकुलर मौकों से परिचित कराना है।नए छात्रों के बैच को संबोधित करते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश ने छात्रों को आगाह किया कि वे एडमिशन को ही आखिरी मंज़िल न समझें। उन्होंने कहा, " भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में पहुँचना माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुँचने जैसा है—यह अभी शिखर नहीं है।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए लगातार अनुशासन, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की ज़रूरत होती है।प्रोफ़ेसर प्रकाश ने छात्रों से अपनी शिक्षा का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर समाज की भलाई के लिए करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि असल दुनिया की सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए छात्रों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने छात्रों को इनक्यूबेशन की ओर बढ़ने और देश के लिए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें समाज की ज़रूरतों को पूरा करना चाहिए और "राष्ट्र प्रथम" की सोच अपनानी चाहिए। उन्हें नौकरी खोजने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनना चाहिए। संस्थान के बढ़ते रिसर्च और डेवलपमेंट के दायरे पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने नए छात्रों को उभरते हुए क्षेत्रों में प्रैक्टिकल स्किल सीखने, R&D प्रोजेक्ट्स में शामिल होने और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े काम करने के लिए प्रेरित किया।कैंपस कल्चर के महत्व को बताते हुए, डायरेक्टर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई को एक मिलनसार और एक-दूसरे का साथ देने वाला परिवार बताया जो सामूहिक तरक्की के लिए समर्पित है। उन्होंने नए छात्रों को सर्वांगीण व्यक्तिगत विकास के लिए हॉस्टल की ज़िंदगी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सबसे ज़रूरी बात यह है कि उन्होंने कहा कि कामयाबी से ज़्यादा अहमियत हमेशा चरित्र की होनी चाहिए और छात्रों को सहानुभूति और ईमानदारी को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने सीखने के लिए एक समावेशी माहौल बनाने पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ज्ञान हासिल करने में भाषा कभी भी रुकावट नहीं बननी चाहिए।
- 0- श्रीमती यमुना साहू ने जताया मुख्यमंत्री का आभाररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में आरंग ब्लॉक के ग्राम पंचायत खमतराई निवासी श्रीमती यमुना साहू एवं उनके पति को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा प्राप्त हुई।श्रीमती साहू को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी, जिसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत खमतराई में स्थित अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र में सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन का समयबद्ध परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के दो दिन के भीतर उन्हें विवाह प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। श्रीमती साहू ने इस जनहितकारी सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- अब तक 1 लाख 53 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला उमरपोटी में 106 बच्चों, अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला चांदी में 151 बच्चों, आरंग टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला खूटेरी में 85 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1, 2 एवं 3 रानीसागर में 166 बच्चों, आरंग टीम सी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला कुरूद में 76 बच्चों, धरसींवा टीम ए द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला सिलतरा में 320 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भरतनारा में 122 बच्चों, तिल्दा टीम ए द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पचरी में 147 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कोटा में 143 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 रायपुर में 226 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला सरोना में 141 बच्चों, अर्बन टीम सी द्वारा प्राथमिक शाला अमलीडीह में 90 बच्चों तथा अर्बन टीम डी द्वारा साजेस हायर सेकेंडरी स्कूल तिलक नगर में 237 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 2010 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें एक संदिग्ध हृदय रोग का प्रकरण चिन्हित हुआ।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में 1 लाख 54 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।

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