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-कलेक्टर ने किया सहकारिता विस्तार अधिकारी को निलंबित
दुर्ग, / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के अंतर्गत श्री प्रजय सोनी सहकारिता विस्तार अधिकारी धमधा कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री सोनी का मुख्यालय कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री सोनी को नियमानुसार जीवन निर्वह भत्ता देय होगा। ज्ञात हो कि सेवा सहकारी समिति मर्यादित ठेंगाभांट पंजीयन क्रमांक 613 के उपार्जन केन्द्र ठेंगाभांट में धान खरीदी के दौरान अनियमितता की जांच तहसीलदार धमधा द्वारा किया गया। जांच प्रतिवेदन अनुसार श्री प्रजय सोनी सहकारिता विस्तार अधिकारी धमधा के द्वारा शासन के महत्वपूर्ण कार्य समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन विपणन वर्ष 2025-26 उपार्जन केन्द्रों के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का कार्य संपादित किया जाना था। सेवा सहकारी समिति मर्यादित ठेंगाभांट पंजीयन क्रमांक 613 उपार्जन केन्द्र ठेंगाभांट के जांच में 682 बैग अनाधिकृत रूप से भंडारित पाया गया। उक्त प्रकरण में किसानों ने अपने शपथपूर्वक लिखित कथनों में बताया है कि उक्त धान को किसानों के द्वारा प्रदान किये गये धान के बाद शेष लिमिट में श्री प्रजय सोनी एवं समिति के कर्मचारियों/पदाधिकारियों के साथ मिलकर समायोजन कराया जा रहा था। इस प्रकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित ठेंगाभांट के उपार्जन केन्द्र ठेंगाभांट में धान खरीदी के दौरान घोर अनियमितता के प्रकरण में श्री प्रजय सोनी का समिति के कर्मचारियों/पदाधिकारियों के साथ संलिप्तता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होना पाया गया। श्री सोनी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल संहिता आचरण नियम 1965 के नियम 03 का स्पष्ट उल्लंघन है।प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने बुधवार 28 जनवरी को श्री प्रयज सोनी सहकारिता विस्तार अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। -
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम में प्राप्त स्वच्छता सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही और जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत लालपुर फल बाजार क्षेत्र के सामने मार्ग का जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा और स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा द्वारा प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया. वहाँ नाले पर अवैध बड़े पाटे बनाये जाने और ठेला लगाए जाने सहित नाला सफाई अवरुद्ध होने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही मिली. इस पर स्वास्थ्य अधिकारी एवं जोन 10 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन 10 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से अभियान चलाकर नाले पर कब्जा कर बनाये गए लगभग 12 बड़े आकार के अवैध पाटों को तोड़ा और नाले को कब्जामुक्त कर सफाई करवाकर प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान अवैध फल ठेलों का कब्जा नाले से हटाकर किया.
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में 17 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित कर राज्यभर में लागू कर दिया गया है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती दरों पर व्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनी रूप से स्वीकृत कॉलोनियों में आवास उपलब्ध कराना है।इस नियम के लागू होने से राज्य में अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। इससे न केवल आम लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी बल्कि शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को भी रोका जा सकेगा। शासन द्वारा कॉलोनी विकास से जुड़े नियमों में व्यावहारिक ढील दी गई है, जिससे किफायती आवास परियोजनाओं को बढ़ावा मिल सके।नए प्रावधानों के तहत कॉलोनी विकास के लिए न्यूनतम भूमि सीमा, सड़कों की चौड़ाई तथा सामुदायिक उपयोग के लिए निर्धारित भूमि में छूट प्रदान की गई है। इससे डेवलपर्स को आसानी से परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा और नागरिकों को नियोजित कॉलोनियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नियमों में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए डेवलपर्स को नक्शा स्वीकृति के समय घोषित सुविधाओं जैसे उद्यान, क्लब आदि का निर्माण अनिवार्य किया गया है, जिससे आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।इस नियम के अंतर्गत कृषि भूमि पर भी कॉलोनी विकास की अनुमति दी गई है, जिससे भूमि की उपलब्धता बढ़ेगी और भू-स्वामियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सुनियोजित कॉलोनियों के विकास के माध्यम से शहरी विकास को गति मिलेगी और राज्य सरकार के “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करने में सहायता मिलेगी।किफायती जन आवास योजना के तहत अनुमोदन हेतु इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन जिला दुर्ग एवं बेमेतरा क्षेत्र के लिए कार्यालय, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, दुर्ग जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) में प्रस्तुत किया जाना है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी कार्यालयीन दिवस एवं समय पर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर प्राप्त की जा सकती है।
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- स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने पुलिस सहायता केन्द्र बोरसी के प्रवेश द्वार में फीता काटकर किया शुभारंभ
दुर्ग/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पाेरेशन के माध्यम से निर्मित विभिन्न पुलिस भवनों एवं आवासों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत नई पुलिस लाइन दुर्ग में 36 अराजपत्रित अधिकारियों एवं 48 प्रधान आरक्षक/आरक्षकों के नवनिर्मित आवास गृह, दुर्ग में नवनिर्मित ट्रांजिट हॉस्टल, थाना पद्मनाभपुर एवं थाना पुलगांव के नवनिर्मित भवन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय धमधा का उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन समारोह के दौरान दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बोरसी स्थित पुलिस सहायता केन्द्र के प्रवेश द्वार में फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल एवं उनके परिवारों की सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पुलिस परिवारों की मांग पर सर्व-सुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण, हाईमास्ट लाइट की स्थापना तथा पुलिस आवासों के मरम्मत कार्य कराए जाने का आश्वासन दिया।
जिला दण्डाधिकारी दुर्ग श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि जब आम नागरिक रात्रि में विश्राम करते हैं, तब पुलिस बल समाज की सुरक्षा के लिए निरंतर ड्यूटी पर तैनात रहता है। नवनिर्मित आवासों एवं भवनों से पुलिस कर्मियों की कार्यक्षमता के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार होगा।
कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) दुर्ग श्री सुखनंदन राठौर, पुलिस हाउसिंग कॉर्पाेरेशन के एसडीओ श्री नवीन वर्मा तथा श्री सुरेन्द्र कौशिक, पार्षद श्रीमती लोकेश्वरी ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। -
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका 29 जनवरी 2026 को अंजोरा (दुर्ग) प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल श्री डेका 29 जनवरी 2026 को पूर्वान्ह 10.15 बजे लोक भवन रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11.30 बजे अंजोरा (दुर्ग) पहुंचेंगे। वे यहां पर वासुदेव चन्द्राकर कामधेनू विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे। राज्यपाल श्री डेका अपरान्ह 2.45 बजे सड़क मार्ग द्वारा लोक भवन रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
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- किसानों को 1,06,651.63 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान
- उपज का वाजिब दाम मिलने से किसान हुए खुश
दुर्ग/ दुर्ग जिले में पंजीकृत 113623 किसानों में से अब तक 100705 किसान धान बेच चुके हैं। जिले में 5,10,341.72 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को 1,06,651.63 लाख रूपए भुगतान किया जा चुका है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 100705 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,94,997.14 मे. टन धान का डीओ/टीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,83,531.42 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 61219 कृषकों ने 2,880.49 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 14,67,750 बारदाने उपलब्ध है। - -छत्तीसगढ़ में साई का रीजनल सेंटर, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस तथा रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर स्वीकृत करने का किया अनुरोध-लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय केन्द्र एवं खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर बिलासपुर में 2 अतिरिक्त खेलों की स्वीकृति का भी किया आग्रहबिलासपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर राज्य में खेलों के प्रशिक्षण तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने राज्य शासन के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मांडविया को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेलो इंडिया योजनांतर्गत कुल 23 अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। उन्होंने इनकी स्वीकृति का आग्रह किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने डॉ. मांडविया से राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केन्द्र, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) प्रारंभ करने, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर के क्षेत्रीय केन्द्र, खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर बिलासपुर में दो अतिरिक्त खेलों की स्वीकृति तथा रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर भी स्वीकृत करने का अनुरोध किया।श्री साव ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. मांडविया को बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रतिभा विद्यमान है। राज्य में वर्तमान कोचिंग और खेल विज्ञान अधोसंरचना राष्ट्रीय मानकों से नीचे है, जिनकी वजह से खिलाड़ियों के व्यवस्थित विकास के अवसर सीमित हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य एवं जिला स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती है।राज्य शासन ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स इत्यादि के लिए भी उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थाओं से राज्य के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिन्टन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग कैनाईंग, बास्केटबॉल, वालीबॉल जैसे खेलों का सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।
- -65 खदानों मे थी स्पर्धा, 7 श्रेणियों में अग्रणीरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गारे पेलमा खदान तीन को सर्वश्रेष्ठ खदान संचालन के क्षेत्र मे विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत 7 पुरस्कारों से नवाजा गया है।जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस. के. कटियार एवं उनकी टीम ने छत्तीसगढ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डाॅ रोहित यादव(आईएएस) को यह ट्रौफियां सौंपा। डाॅ रोहित यादव ने उत्पादन कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि “विद्युत कर्मियों की प्रतिबद्धता और कौशल के बूते इस मुकाम तक पहुंचा गया है। आगे भी उत्कृष्टता बनाने हेतु सभी संकल्पित रहे।उल्लेखनीय है कि सीएसपीजीसीएल बिजली उत्पादन के अतिरिक्त कोयला खदान संचालन का कार्य भी उत्कृष्टता के साथ कर रही है।यह कार्य परंपरा से हटकर है। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीनस्थ महानिदेशालय खान सुरक्षा द्वारा वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 में गारे पेलमा खदान तीन को इन मापदंडों पर उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन के लिए 7 पुरस्कार प्राप्त हुए। ओवरआल ग्रुप ई (उत्पादन क्षमता 3 मिलियन टन से 5 मिलियन टन तक) की क्षेणी में गारे पेलमा खदान तीन पिछले पांच वर्षों से खदान संचालन में सुरक्षा संबंधी मापदण्डों के पालन मे उम्दा प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर रहा हैं।बैकुंठपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 65 खानों के कामकाज का मूल्यांकन किया गया जिसमें स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी के खदान को ओवरआल ग्रुप ई (उत्पादन क्षमता 3 मिलियन टन से 5 मिलियन टन तक) की क्षेणी में प्रथम साथ ही सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान,एक्सप्लोसिव (विस्फोटक) , इलुमिनेशन(मांइस में लाइट व्यवस्था) मे भी प्रथम पुरस्कार एवं माईन वर्किंग,डंप मैनेजमेंट,रिक्लेमेशन एवं अफाॅरेस्टेशन , सर्वेक्षण श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला है । समग्र प्रदर्शन साथ गारे पेलमा खदान द्वारा कुल 7 पुरस्कार हासिल किए गए। कार्यक्रम में सक्रिय भागिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर स्टाॅल भी लगाए गए।प्रबंध निदेशक जनरेशन श्री एस. के. कटियार द्वारा अध्यक्ष डाॅ रोहित यादव को खदान संबंधी एवं पुरस्कार विवरण की जानकारियां दी गई। श्री कटियार ने कहा कि यह हमारी कंपनी के लिए बहुत ही गर्व का विषय है। हमारी खदान सुरक्षा नियमों के सभी मापदंडों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है तथा 500-500 मेगावाट एबीवीटीपीएस मड़वा परियोजना का कोयले की आपूर्ति निर्बाध रूप से कर प्रदेश को सतत् विद्युत आपूर्ति किया जाने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है। हमारी टीम सुरक्षित ,कुशल एवं सटीक संचालन के लिए तत्पर है।मुख्य अभियंता सिविल परियोजना एक श्री देवेन्द्र नाथ ने समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में कंपनी की ओर से प्रतिनिधि करते हुए पुरस्कार ग्रहण किया।
- दुर्ग /एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग-ग्रामीण दुर्ग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र ननकठ्ठी-04 के एक रिक्त सहायिका पद हेतु नियुक्ति किया जाना है। पात्र इच्छुक आवेदिका 12 फरवरी 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग-ग्रामीण जिला दुर्ग में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- -प्रत्येक विधानसभा में ढाई ढाई करोड़ से होंगे कार्य-महापौर मीनल चौबे ने पार्षदों की बैठक ले कर अधिकारियों को पार्षदों की अनुशंसा से कार्य करने के निर्देश दिए.रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के वार्डों के अंदर सड़क मार्गो में आवश्यकता अनुसार कार्य होगा .आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड पार्षदों से चर्चा कर वार्डों की व्यवहारिक मांग और आवश्यकता के अनुसार वार्डों में नए सड़क डामरीकरण विकास कार्य शीघ्र करवाए जाने जनहित को प्राथमिकता बनाकर प्रस्ताव देने कहा है. 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के वार्डो हेतु सड़क डामरीकरण कार्य हेतु 2 करोड़ 50 लाख रूपये और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्डो हेतु 2 करोड़ 50 लाख रूपये स्वीकृत किये गए हैं. महापौर ने वार्ड पार्षदों को जनहित में वार्डों के ऐसे सड़क मार्गो पर सड़क डामरीकरण के नए विकास कार्य करवाने का सुझाव दिया है, जिसका वांछित लाभ वार्डवासी नागरिकों को लम्बे समय तक प्राप्त हो सके. महापौर ने अधिकारियों को सड़क डामरीकरण के नए विकास कार्य तय समयसीमा के भीतर उच्च स्तरीय गुणवत्ता बनाये रखकर किया जाना सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया है, ताकि इससे वार्डों के सड़क मार्गो की दशा सुधर सके और इसका पूर्ण लाभ रहवासी आमजनों को आवागमन सुगम बनने से प्राप्त हो सके.महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा ली गयी बैठक में नगर निगम लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, डॉ. अनामिका सिंह, श्री नंदकिशोर साहू, श्री खेम कुमार सेन, श्री भोलाराम साहू, जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड पार्षदगण, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री इमरान खान, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा जूनियर एवं अन्य सम्बंधित अभियंतागण की उपस्थिति रही.
- - अरपा पैरी के धार की भावपूर्ण प्रस्तुति ने मोहा मनदुर्ग / छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (संचार एवं टेलिमेटरी) कार्यालय परिसर, भिलाई-3 में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षाेल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। अधीक्षण अभियंता श्रीमती पुष्पा पिल्लई द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर श्रीमती पदमाशा तिवारी ने शायराना अंदाज में प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में “राष्ट्रप्रथम” की भावना पर बल देते हुए सभी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कार्यालयीन कर्मियों द्वारा छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” की मधुर और भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति में श्रीमती रमया, बबीता, केसरी ओमीन एवं रानी ने सहभागिता निभाई। राजकीय गीत की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन कार्यालय सहायक श्रेणी-01 श्री भूपेंद्र सिन्हा द्वारा किया गया।
- - महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर बाल वाचनालय में देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों से सराबोर रहा गणतंत्र पर्वरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बाल वाचनालय व उद्यान में रानी पद्मावती स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां गणतंत्र दिवस पर्व को देशभक्तिपूर्ण बना दिया। मासूमों की ‘फिर भी दिल हैं हिंदुस्तानी...’ की शानदार प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी। वहीं ‘संकल्प बोल के, हम तो निकल पड़े, हर द्वार खोल के, गगन कहे, विजय भव...’ गीत के साथ बच्चों ने गणतंत्र पर्व के उत्साह को दोगुना कर दिया।इससे पूर्व शंकर नगर वार्ड के पार्षद राजेश गुप्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकल्प प्रबुद्ध परिषद प्रज्ञा प्रवाह के प्रांत सह संयोजक आदित्य तामस्कर ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। तत्पश्चात राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत गाया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आदित्य तामस्कर ने बच्चों से पूछा कि घर पहुंचने पर जूते कहा उतारते हो, बैग कहा रखते हो, ड्रेस कहा रखते हो। बच्चों ने सभी के लिए एक निश्चित स्थान होने की बात एक साथ कही। उन्होंने कहा कि यह नियम घर के बड़ों ने इसलिए बनाए हैं कि आपके अंदर अनुशासन आए। यही अनुशासन हमें आगे चलकर बहुत काम आता है।पार्षद राजेश गुप्ता ने कहा कि आज हम संविधान के लागू होने का दिवस मना रहे हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि घर से गाड़ी में अपने परिजनों के साथ निकलते समय उन्हें हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन करने के लिए टोकना शुरू करें। यह नियम हमारी सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं है।इस अवसर पर शुभदा गिजरे और शंकर नगर बाल वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक ने गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पहुंची मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी कार्यों के साथ मंडल के नए प्रकल्प सियान गुड़ी की जानकारी दी। इस अवसर पर युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, श्याम दलाल, मधुरा भागवत, शुभम् पुराणिक समेत मंडल के अनेक सभासद, रानी पद्मावती स्कूल का स्टाफ व आमजन उपस्थित रहे।
- -पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत कीरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत संवर्धन तीनों क्षेत्रों में समन्वित प्रगति का मॉडल स्थापित किया है।पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जापर्यटन विभाग- निवेश, रोजगार और वैश्विक पहचान की ओर तेज़ कदमछत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से निजी निवेश के नए द्वार खुले। राज्य और देश के प्रमुख शहरों में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक निजी निवेश सुनिश्चित किया गया। इससे पर्यटन अधोसंरचना, होटल, रिसॉर्ट और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रामलला दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के साथ हुए समझौते के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में लगभग 42 हजार 500 श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों से अयोध्या दर्शन कराया गया। यह योजना धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। राज्य में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई होम-स्टे नीति लागू की गई। 500 नए होम-स्टे विकसित करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने 24 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 को अधिसूचित किया है। यह नीति राज्य भर में नए होम-स्टे के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पंूजी निवेश सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो ग्रामीण और समुदाय आधारित पर्यटन का समर्थन करती है, इसके लिए राज्य सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है।फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर- 350 करोड़ की परियोजनाडॉ. रोहित यादव ने बताया कि भारत सरकार की राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत एकीकृत फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर के विकास की मंजूरी मिली है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 350 करोड़ रूपए है। भूमि पूजन 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुई है। यह छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी।भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर परियोजनासंचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। एक जनवरी 2026 को भारत के पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया। भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है।मयाली-बगीचा विकास, सिरपुर एकीकृत विकास का मास्टर प्लान तैयारभारत सरकार ने जशपुर में मयाली-बगीचा सर्किट अंर्तगत तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर किए हैं। इस परियोजना का भूमिपूजन 25 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा किया गया था। सिरपुर एकीकृत विकास सिरपुर को एक विश्व विरासत स्थल में बदलने के लिए एक मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है।चित्रकोट ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंटचित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर पर पुनर्विकसित करना है। इस परियोजना हेतु पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार से 250 करोड़ रूपए की फंडिंग अपेक्षित है।छत्तीसगढ़ पर्यटन का राष्ट्रव्यापी प्रचारपर्यटन सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पेन, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों में आयोजित वैश्विक यात्रा कार्यक्रमों में भाग लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन का देश-विदेश मे भी प्रचार-प्रसार किया, जिससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर भी जगह मिली। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने फिक्की जैसी संस्थाओं के साथ भी भागीदारी की है, जिससे देश के प्रमुख प्रचार मंचों और कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। यूनिवर्सल ट्रैवल कॉन्क्लेव जैसी प्रसिद्ध यात्रा प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।राज्य में पर्यटन से संबंधित व्यवसायों के पंजीकरण में तेजी से वृद्धिछत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 तक टूर ऑपरेटर व ट्रेवल ऑपरेटरों की संख्या मात्र 30 थी, वर्तमान में यह संख्या 300 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 15 होटल छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत है, जिसकी और अधिक बढ़ने की संभावना है। रिसॉर्टस और मोटल की परिचालन दक्षता और रणनीतिक प्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का वित्तीय लाभ वित्त वर्ष 2024-25 में जहां 2 करोड़ रूपए था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लाभ पांच गुना बढ़कर 10 करोड़ रूपए हो गया है।छत्तीसगढ़ पर्यटन से स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार, 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्यसचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति 2026 के तहत अगले पांच वर्षों में 350 करोड़ रूपए. से अधिक के निवेश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल लीजकम डेवलपमेंट मॉडल के तहत 17 पर्यटन संपत्तियों को निजी भागीदारी से आउटसोर्स कर 200 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित करने की योजना बना रही है, जिससे सैकड़ों स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्यभर में 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य है। इसी तरह चित्रकोट में टेंट सिटी के विकास की योजना है, जिसके तहत चित्रकोट फॉल्स के पास साहसिक गतिविधियों के साथ कम से कम 50 लक्जरी टेंट लगाए जाएंगे। फिक्की के सहयोग से छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट नामक एक वार्षिक फ्लैगशिप कार्यक्रम स्थापित किया जाएगा। यह आयोजन बीटूबी पर्यटन को बढ़ावा देने पर केन्द्रित होगा, जिसके तहत भारतीय राज्यों के 200 से अधिक टूर ऑपरेटरों को आकर्षित करने योजना है।संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की उपलब्धियांसंस्कृति एवं पुरातत्त्व के संचालक श्री विवके आचार्य ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के कलाकारों, साहित्यकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है, जिससे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने बताया कि चिन्हारी पोर्टल मंे पंजीकृत 141 कलाकारों एवं साहित्यकारों को वित्तीय वर्ष-2024-25 में लगभग 34 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 130 कलाकारों को लगभग 31 लाख रूपए की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई। इसी तरह कलाकार कल्याण कोष योजना के अंर्तगत कलाकारों और साहित्यकारों अथवा उनके परिवार के सदस्यों की बीमारी, दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 08 अर्थाभाव ग्रस्त साहित्यकारों/कलाकारों को 2 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 44 प्रकरणों हेतु 14 लाख रूपए स्वीकृत किया गया है। राज्य शासन छत्तीसगढ़ के कलाकारों एवं साहित्यकारों के प्रत्येक सुख-दुख मेें साथी है, तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ राज्य के कलाकारों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।बस्तर पंडुमछत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए किया जा रहा है। यह उत्सव तीन चरणों में 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक चलेगा। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्य यंत्र, वेश-भूषा-आभूषण, पूजा पद्धति, हस्तशिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय, पारंपरिक व्यंजन, क्षेत्रीय साहित्य, वन-आधारित औषधीय ज्ञान, पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी।पुरातत्व क्षेत्र की उपलब्धियांछत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर पूर्व स्थित ग्राम रीवां (रीवांगढ़) में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन ने प्रदेश के प्राचीन इतिहास को लेकर नई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है। संस्कृति विभाग के पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा कराए जा रहे इस उत्खनन में वैज्ञानिक ए.एम.एस. रेडियोकार्बन (कार्बन-14) डेटिंग के माध्यम से यह प्रमाणित हुआ है कि इस क्षेत्र में मानव सभ्यता उत्तर वैदिक काल यानी 800 ईसा पूर्व से भी पहले विकसित हो चुकी थी।भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केन्द्र, राज्य अभिलेखागार, राजकीय मानव संग्रहालय एवं स्वामी विवेकानंद स्मारक संग्रहालय की स्थापना की योजना है।
- -मुख्यमंत्री ने सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा की-मुख्यमंत्री श्री साय को कुमारी अंकिता प्रजापति और श्री दुर्गेश चक्रधारी ने भेंट की उनकी पेंटिंगरायपुर, /छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय राज्य स्तरीय महाअधिवेशन का शुभारंभ आज नवागांव, अभनपुर में भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर कुम्भकार समाज की परंपरागत कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। श्री साय ने समाज के विकास हेतु सर्व सुविधायुक्त भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतीक चिन्ह के रूप में कुम्हार समाज की कला एवं संस्कृति को दर्शाता हुआ चाक गढ़ता कुम्हार भेंट किया गया, जो कुम्भकारी कला की पहचान और श्रम-साधना का प्रतीक है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के महाअधिवेशन, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन की शुरुआत महाराष्ट्र के दिवंगत उप राष्ट्रपति स्वर्गीय अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की और ईश्वर से उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने परिचय सम्मेलन में शामिल युवक-युवतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मेलन समाज के बेटा-बेटियों को योग्य जीवन-साथी चुनने का सशक्त मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने समाजजनों से अपील की कि वे अपने समाज के प्रत्येक बेटा-बेटी को शिक्षा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि एक सफल, संस्कारित और जिम्मेदार मानव जीवन जीने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है और इन 25 वर्षों में प्रदेश ने सड़क, बिजली, पानी, खाद्यान्न, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव को डामर सड़कों से जोड़ा गया है। प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि हुई है तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की उपलब्धता भी अब व्यापक स्तर पर हो गई है, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर दिया है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ तेज़ी से किया जा रहा है और किसानों को बोनस राशि चार किश्तों में नहीं, बल्कि एकमुश्त उनके खातों में अंतरित की जा रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में सुरक्षाबलों ने साहस और दृढ़ता के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है और 31 मार्च 2026 तक देश से इसके पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब विकास की नई यात्रा शुरू हो चुकी है और सुरक्षा कैंपों की स्थापना से क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल बना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इस नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और नया रायपुर में कई उद्योगों की शुरुआत भी हो चुकी है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।महाअधिवेशन के अंतर्गत आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के लगभग 300 युवक-युवतियों का पंजीयन किया गया। इसके साथ ही समाज की आंतरिक गतिविधियों से संबंधित बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिनमें सामाजिक संगठन, शिक्षा, रोजगार, कला संरक्षण और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श हुआ।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय को समाज के युवा, कुमारी अंकिता प्रजापति एवं श्री दुर्गेश चक्रधारी ने, उनकी पेंटिंग भेंट की।कार्यक्रम में विधायक श्री इंद्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री नंदकुमार चक्रधारी, उपाध्यक्ष श्री आत्माराम प्रजापति, महामंत्री श्री हेमलाल कौशिक, श्री सूरज कुम्भकार सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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- धान बिक्री की राशि से बनाएंगे नया घर
- ग्राम जंगलेसर के किसान देवल ने धान उपार्जन केन्द्र कन्हारपुरी में अंतिम टोकन में 133 क्विंटल धान का किया विक्रय
- ऑनलाईन टोकन काफी सुविधाजनक
- धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने से धान बिक्री करना हुआ आसान
राजनांदगांव । राज्य शासन द्वारा धान खरीदी नीति के माध्यम से जिले के किसानों का डिजिटल एवं बायोमेट्रिक प्रणाली से पारदर्शी, सरल और सुचारू तरीके से धान खरीदी की जा रही है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदी की जा रही है। जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, उनके उन्नति के राहे खुल गए है। शासन-प्रशासन द्वारा धान खरीदी केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं और पारदर्शी खरीदी पर जिले के किसान बहुत खुश है।
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर के किसान श्री देवल साहू आज धान खरीदी केन्द्र कन्हारपुरी में अपने अंतिम टोकन के माध्यम से 133 क्विंटल धान बिक्री किया। किसान श्री देवल साहू ने पारदर्शी, सरल और सुचारू तरीके से पूरा धान बिक्री होने पर खुशी जाहिर की। किसान श्री देवल ने कहा कि समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना से किसानों के लिए उन्नति का राह खोल दिया है। खेती-किसानी कार्य से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में ऑनलाईन अंतिम टोकन कटने के बाद धान बिक्री किया है। पहले टोकन में धान बिक्री से उन्हें दो दिवस के भीतर एक मुश्त राशि मिली है। उन्होंने बताया कि उनके पास 40 एकड़ खेती जमीन है। जिसमें वे धान की फसल लिए थे। सोसायटी से खाद-बीज के लिए समय पर ऋण उपलब्ध होने से फसल का अच्छा उत्पादन हुआ है। किसान श्री देवल ने बताया कि इस वर्ष धान बिक्री की राशि से नया घर निर्माण करने सोच रहे है। उन्होंने कहा कि शासन की धान खरीदी नीति से किसानों के जीवन स्तर में परिवर्तन आया है। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से जीवन स्तर बढ़ा है।
किसान श्री देवल ने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब मोबाईल एप्प के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिली है, जो कि उनके लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है। धान खरीदी केन्द्र पहुंचते ही उनके धान की नमी जांच की गई और पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेकिंग करने सहित खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में सुविधा उपलब्ध है, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने से उनके धान की बिक्री आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। किसान श्री देवल ने किसानों की उपज का उचित मूल्य और धान उपार्जन केन्द्र में की गई बेहतर व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। - -राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारीराजनांदगांव । राजधानी रायपुर में जनसंपर्क विभाग एवं साहित्य अकादमी-रायपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव के बहुरंगी विमर्शमयी वातावरण में राजनांदगांव जिले ने भी रेखांकनीय भागीदारी निभाकर यहां कि सृजनधर्मी परम्पराओं का सफल निर्वाहन किया। 23 से 25 जनवरी 2026 तक अटल नगर नया रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित इस साहित्योत्सव में एक ओर विशाल पंडालों में अलग अलग विषयों पर ख्यातिनाम लेखकों, साहित्यकारों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा विमर्श होते रहे, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ लोकसंस्कृति, पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक, पारम्परिक व्यंजन के स्टॉल जनमानस के आकर्षण का केन्द्र रहे। संस्कारधानी राजनांदगांव के रचनाकारों ने इसमें शिरकत कर उत्सव का न केवल आनंद उठाया बल्कि संस्कारधानी का प्रतिनिधित्व भी किया।त्रिवेणी परिसर की विशाल झांकी रही राजनांदगांव के साहित्य वैभव के साथ स्वागत-बिंदुराजनांदगांव की साहित्यिक विरासत के प्रकाश स्तंभ त्रिवेणी परिसर स्थित मुक्तिबोध स्मारक व संग्रहालय पर केंद्रित विशाल झांकी पूरे उत्सव में आकर्षण का केंद्र रही। जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाई गई यह कृति प्रवेश द्वार पर राजनांदगांव के साहित्य वैभव के साथ स्वागत-बिंदु थी। एक विशाल किताब के आकार में बनी इस झांकी के एक भाग में चित्रित मुक्तिबोध संग्रहालय और उसके दूसरे भाग में लिखे विवरण ने हजारों आने वाले को प्रेरित किया।प्रथम दिवस गोष्ठी में राजनांदगांव पर की कई चर्चासाहित्यकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र विषय पर दिया वक्तव्यसाहित्य उत्सव के प्रथम दिन राजनांदगांव के प्रख्यात इतिहासकार व साहित्यकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा को छत्तीसगढ़ के साहित्यिक अवदान पर केन्द्रित एक महत्वपूर्ण सत्र में अभिभाषण हेतु आमंत्रित किया गया था। डॉ. शर्मा ने हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र विषय पर श्याम लाल चतुर्वेदी पंडाल में अपना वक्तव्य दिया। इस सत्र में उन्होंने सूत्रधार की महती भूमिका भी निभाई। सत्र में कहानीकार डॉ. सरला शर्मा, कवि माणिक विश्वकर्मा, आलोचक डॉ. मनिकेतन प्रधान व छंद विशेषज्ञ अरूण कुमार निगम ने सहभागिता की। संस्कारधानी के डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने अपने वक्तव्य में राजनांदगांव के साहित्यिक योगदान के अलावा यहां के साहित्य सेवियों पर चर्चा कर पूरे पंडाल के समक्ष राजनांदगांव की मजबूत नींव का रहस्य बताया। अपने प्रवर्तन विषय हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी भाषाओं के प्रति उदार रही है। छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ हिंदी भाषा और साहित्य में छतीसगढ़ और उसमें भी राजनांदगांव का योगदान उल्लेखनीय है। राजनांदगांव साहित्य की तीन अलग-अलग धाराओं के संगम के कारण हिंदी साहित्य की त्रिवेणी है। यह डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, श्री गजानन माधव मुक्तिबोध एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की प्रिय कर्मस्थली रही। श्री गजानन माधव मुक्तिबोध ने अपने जीवन का स्वर्णिम सृजन राजनांदगांव में ही कर पाए, क्योंकि यहां उनको उनके अनुकूल परिस्थितियां मिलीं। इसी प्रकार बिलासपुर में लोचन प्रसाद पाण्डेय ने छायावाद का प्रवर्तन किया। वे छायावाद के प्रवर्तक हैं। इसी श्रृंखला में हिंदी की पहली कहानी लिखने की प्रेरणा भी इसी धरती से माधवराव सप्रे को मिली। छतीसगढ़ का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष उल्लेखनीय है।दूसरे दिन किया काव्यपाठदूसरे दिन राजनांदगांव जिले के आमंत्रित कवियों ने सुरजीत नवदीप मंडप के मंच पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कवियों हेतु सरस काव्य पाठ कर प्रशंसा बटोरी। इस कवि सम्मेलन का संयोजन डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने किया था। संस्कारधानी राजनांदगांव के साहित्यकारों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के मंच संचालन में राजनांदगांव के दर्जनभर कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मुग्ध किया। काव्य पाठ करने वालो में डॉ. शंकर मुनि राय, अब्दुस्सलाम कौसर, प्रभात तिवारी, शत्रुघ्न सिंह राजपूत, नीलम तिवारी, डा. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. नीलम तिवारी, वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, अनुराग सक्सेना, ओमप्रकाश साहू अंकुर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राज कुमार चौधरी रौना, डॉ. इकबाल खान, डी.आर.सिन्हा, फक़ीर साहू शामिल थे। इस महती आयोजन में राजनांदगांव से अखिलेश तिवारी, डॉ. प्रवीण साव, सचिन निषाद, जितेंद्र कुमार पटेल, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, हेमलाल सहारे, लखन लाल कलामे, जसवंत मंडावी, चंचल साहू, लीलाधर सिन्हा सम्मिलित हुए।सम्मेलन के तीसरे दिन भी नगर के रचनाकारों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दिन आत्माराम कोसा, अखिलेश मिश्रा, मैन सिंह मौलिक, प्रभास गुप्ता आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई। राजनांदगांव जिले की भागीदारी पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त कर आयोजन को सफल करने हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- - मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल, पीजीएन, कलेक्टर जनदर्शन में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा- बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिगत बच्चों के परीक्षा की तैयारी अच्छे से होनी चाहिए- धान खरीदी के शेष दिनों में टोकन एवं समुचित व्यवस्था करने के दिए निर्देश- कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठकराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल, पीजीएन, कलेक्टर जनदर्शन में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की तथा शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिगत बच्चों के परीक्षा की तैयारी अच्छे से होनी चाहिए। अच्छे परिणाम के लिए बच्चों को सतत मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि गणित, अंग्रेजी, विज्ञान विषय पर ध्यान देते हुए पढ़ाई कराएं। उन्होंने नीट ऑनलाईन कोचिंग से अधिक से अधिक पंजीयन कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के शेष दिनों में किसानों को कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए। धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए टोकन एवं अन्य व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने धान के उठाव में प्रगति लाने के निर्देश दिए। धान की एण्ट्री, भौतिक सत्यापन तथा निरीक्षण का कार्य लगातार करने के लिए कहा। कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों से कहा कि समय पर टेंडर करते हुए निर्धारित समय में कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करें।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सभी अधिकारियों से कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए फिल्ड विजिट करें तथा किए जा रहे कार्यों की मानिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि किसानों को मत्स्य पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर दें और उन्हें मत्स्य पालन हेतु शासन की अन्य योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शासन की महती योजना है। इसके लिए अधिक से अधिक जनमानस को जागरूक करें एवं लाभान्वित करें। उन्होंने यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने एवं सड़क दुर्घटना से सावधानी के लिए जनसामान्य को जागरूक करने कहा। उन्होंने रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने पर जांच करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सभी एसडीएम एवं तहसीलदार वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
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- अब तक जिले में 120320 पंजीकृत किसानों से 1431 करोड़ 24 लाख 85 हजार रूपए मूल्य का 6028832.80 क्विंटल धान की खरीदी
- अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1811737.50 क्विंटल धान का उठाव
राजनांदगांव । जिले में धान खरीदी अभियान से किसानों में हर्ष का माहौल है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 120320 पंजीकृत किसानों से 1431 करोड़ 24 लाख 85 हजार रूपए मूल्य का 6028832.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1811737.50 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। - - नवसाक्षरों एवं उल्लास साक्षरता केन्द्र के शिक्षार्थियों द्वारा साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने विषयक स्टॉल लगाए गएराजनांदगांव । उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में नवसाक्षरों द्वारा उल्लास मेला का आयोजन किया गया। मेले में नवसाक्षरों एवं उल्लास साक्षरता केन्द्र के शिक्षार्थियों द्वारा साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने वाले स्टॉल लगाए गए। स्टॉल में साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने वाले विभिन्न विषयों को प्रदर्शित करने वाले सामग्री के माध्यम से ज्ञानवर्धक संदेश दिया गया। साथ ही उल्लास मेला में मूल्यांकन आंकलन परीक्षा के सफल शिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्रीमती रश्मि सिंह ने बताया कि उल्लास मेला उपभोक्ता अधिकार एवं जीवन कौशल पर आधारित रहा था। उपभोक्ता अधिकार अंतर्गत सुरक्षा का अधिकार, सूचित होने का अधिकार, चुनने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, निवारण का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार तथा जीवन कौशल अंतर्गत वित्तीय विकास, जीवन कौशल, डिजिटल जीवन कौशल, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कौशल, चुनावी साक्षरता पर केन्द्रित था। उल्लास मेला का मुख्य उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना, स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना, करके सीखने की अवधारणा की गहरी समझ विकसित करना, एक स्थान में बहुत सारी अवधारणाओं की समझ, भाषा के शब्दों में मात्राओं की बारीकियां सीखने का अवसर एवं गणित की छुटी हुई अवधारणाओं को पुन: सीखने का अवसर प्रदान करना था। कार्यक्रम में नवसाक्षरों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया। नवसाक्षरों द्वारा जीवन कौशल अंतर्गत वित्तीय जीवन कौशल, डिजिटल जीवन कौशल, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कौशल एवं चुनावी साक्षरता विषय पर स्टॉल लगाए गए थे। मेला में साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें रिंग फेंको वर्ण पहचानो, उंगली दौड़, पहचानों कौन, जोड़ मशीन, आओ घटाएं, मेरी घड़ी तुम्हारा समय, जोड़ी बनाओ, चित्र देखो कहानी बनाओ सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से नवसाक्षरों का उत्साहवर्धन किया गया। एफएलएन एवं टीएलएम उपयोग कर गतिविधियां की गई। मेले में क्षेत्रीय एवं ग्राम के जनप्रतिनधि ग्रामवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिक सहित प्राचार्य, प्रधान पाठक, संकुल समन्वयक की उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुशंसा अनुरूप उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के वार्ड में 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों का चिन्हांकन कर उन्हें स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा पठान-पठान कराया गया। इसके उपरांत मूल्यांकन आंकलन परीक्षा ली गई। परीक्षा में सफल शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नोएडा नई दिल्ली द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जो किन्हीं कारणों से पढऩे-लिखने से वंचित हुए, ऐसे लोगों के लिए उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम अंतर्गत साक्षरता के विभिन्न घटकों के माध्यम से उन्हें संख्यात्मक ज्ञान, जीवन कौशल एवं दैनिक उपयोग में काम आने वाली जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। उल्लास मेला का उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और नवसाक्षरों को स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना है। करके सीखने की अवधारणा एक स्थान में बहुत सारी अवधारणाओं की समझ भाषा के शब्दों में मात्राओं की बारीकियां सीखने का अवसर गणित के छूटे हुए अवधारणा को पुन: सीखने का अवसर प्रदान करना, शिक्षार्थियों असाक्षरों को कक्षा में आने के लिए प्रेरित करना है।
- बलौदाबाजार / राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा मंगलवार को जिले के सिमगा विकासखंड के ग्राम पंचायत भैंसा में आयोजित विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने 24 लाख 50 हजार रुपये लागत के चार विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जिसमें 5 लाख रुपये के सांस्कृतिक भवन व 4 लाख 50 हजार रुपये के फ़ूड ग्रेन स्टोरेज बिल्डिंग का लोकार्पण एवं 10 लाख रुपये के सामुदायिक भवन व 5 लाख रुपये के सीसी रोड का भूमिपूजन शामिल है।इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार शहर से लेकर गांव के विकास के लिये संकल्पित है। अब छत्तीसगढ़ में चहूंमुखी विकास हो रहा है जिससे शांति व समृद्धि दिखाई दे रहा है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये में खरीदी की जा रही है। उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा का भी ध्यान दिया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिये महतारी वंदन जैसे महत्वपूर्ण योजना लागू किया गया है जिसमें हर महीने एक हजार रुपया सीधे हितग्राही के बैक खाता में जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी ने गरीबों का पक्के मकान के सपने को साकार करने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना लागू किया है और अब हर पात्र हितग्राही का पक्का मकान बन रहा है । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने 18 लाख पीएम आवास मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने हम सबको अपनी भागीदारी निभानी होगी। भारत के साथ छत्तीसगढ़ भी विकसित प्रदेश बनेगा।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि,ग्राम सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार /कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार जिले में आम जनता की समस्याओं के समाधान और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करने हेतु संपर्क केंद्र के माध्यम से प्रतिदिन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत आने वाली 10 ग्राम पंचायतों से सीधा संवाद किया गया।पलारी ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोनारी और कोसमंदा, सिमगा ब्लॉक के ग्राम पंचायत नेवारी और फुलवारी, बलौदाबाजार ब्लॉक के ग्राम पंचायत भरसेला (नया) और गिनदोला तथा कसडोल ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुड़पार (ब), पाड़ादाह, कुशभाठा और छतवन के सरपंच, सचिव सहित ग्रामीणों से चर्चा की गई।संवाद के दौरान विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं और जल जीवन मिशन की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और उन्हें जल संचयन के बारे में बताते हुए जल के महत्व के प्रति जागरूक किया। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति और तकनीकी सुधारों से जुड़ी कुछ समस्याएं भी सामने रखीं, जिन्हें अधिकारियों ने ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान हेतु आश्वस्त किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर की इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना और ग्रामीणों की शिकायतों का बिना किसी देरी के निराकरण सुनिश्चित करना है, तथा शासन की सभी योजनाओं का लाभ आमजनों तक शत प्रतिशत पहुंचाना है।
- -150867 किसानों से 742443 मेट्रिक टन धान खरीदी,धान खरीदी के एवज में 1601 करोड़ का भुगतानबलौदाबाजार / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में समर्थन मूल्य में धान खरीदी जिले में सुचारु रूप से संचालित है। अब तक जिले के 90 प्रतिशत किसानों ने धान विक्रय कर लिया है एवं शेष किसानों से धान खरीदी सभी 166 उपार्जन केंद्रों में जारी है।जिला खाद्य अधिकारी से प्राप्त जानकानके अनुसार अब तक 150867 किसानों से 742443 मेट्रिक टन धान खरीदी हुईं है जिसके एवज़ में किसानों को 1601 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।धान खरीदी हेतु जिले के कुल 167120 किसानों ने पंजीयन कराया है जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत किसान धान बेच चुके है।अब तक 279255 मेट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है जो जारी डीओ का 70.66 प्रतिशत है। इसके साथ ही 123867 किसानों से लगभग 7105 हेक्टेयर रकबा समर्पण कराया गया है।ज्ञातव्य है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में विगत 15 नवम्बर 2025 से 166 उपार्जन केन्द्र के माध्यम से समर्थन मूल्य में सुचारु रूप से धान खरीदी का कार्य संचालित है। पारदर्शी व्यवस्था हेतु उपार्जन केंद्रवार नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए हैं जिनके द्वारा हर सप्ताह केन्द्र का जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया जा रहा है इसके साथ ही अवैध धान पर संयुक्त टीम द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है।सभी खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
- बलौदाबाजार / जिला रेड क्रॉस सोसायटी बलौदा बाजार एवं पंथ श्री गृंधमुनि नाम साहेब स्मृति सेवा समिति दामाखेड़ा के सयुंक्त तत्वावधान में 28 जनवरी को को एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 58 यूनिट रक्तदान से प्राप्त हुआ।बताया गया कि रक्तदान महादान है और मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। रक्तदान किसी के लिए जीवन का उपहा साबित हो सकता है।रक्तदान के बाद शरीर तेजी से नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, जिससे स्फूर्ति आती है।18 से 65 वर्ष आयु के बीच जिनका वजन वजन कम से कम 45-50 किलो हो, हीमोग्लोबिन स्तर 12.5% से अधिक हो तथा किसी गंभीर संक्रामक बीमारी से ग्रसित न हो वे रक्तदान कर सकते है।
- बलौदाबाजार /शासन के मंशानुरूप जिले में पारदर्शी धान खरीदी हेतु जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिले में अवैध धान के भंडारण और परिवहन के विरुद्ध सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने 350 कट्टा अवैध धान जब्त किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील पलारी दो अलग अलग प्रकरणों में 216 कट्टा अवैध धान जब्त कर उपार्जन केन्द्र रोहांसी के सुपुर्द दिया गया। ग्राम बोहारडीह में अश्वनी कुमार साहू के पास से 26 कट्टा तथा कसडोल के ग्राम रिकोखुर्द में पवन कुमार साहू पिता गजाधर द्वारा 108 कट्टा धान का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया। संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए धान को वाहन सहित जब्त कर लिया और उसे रिकोखुर्द के कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया। जिला प्रशासन शासन की मंशानुरूप पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बिचौलियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाए हुए है। शासन के दिशा-निर्देशों के तहत जिले भर में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
- बिलासपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सुगम, पारदर्शी एवं सर्वसुविधायुक्त धान खरीदी व्यवस्था से किसान संतुष्ट हैं। उपार्जन केंद्रों में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है तथा उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो रहा है। धान खरीदी की इस प्रक्रिया के लिए किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।जिले के ग्राम सेंदरी के आदर्श धान खरीदी केंद्र पहुंचे ग्राम रमतला के युवा किसान श्री धरम लाल ने शासन की धान खरीदी व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने बताया कि वे लगभग 4 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले छोटे किसान हैं और आज अपनी उपज का 17 क्विंटल धान बेचने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया प्रत्येक स्तर पर सरल, सुव्यवस्थित और बिना किसी समस्या के पूरी हुई। किसान श्री धरम लाल ने बताया कि समिति से टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बहुत आसान थी और उन्हें टोकन भी आसानी से मिल गया और धान बेचने के बाद भुगतान भी शीघ्रता से हो रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें भटकना नहीं पड़ता और सभी कार्य उपार्जन केंद्र पर ही सहजता से संपन्न हो जाती हैं। इस केंद्र में किसानों की सुविधा के सभी इंतजाम हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा प्रदान किया जा रहा सर्वाधिक समर्थन मूल्य किसानों के लिए आर्थिक संबल बना है, जिससे उन्हें यह भरोसा मिल है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि पहले धान विक्रय को लेकर मन में असमंजस और चिंता रहती थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यह डर पूरी तरह खत्म हो गया है। अब किसान समय पर धान विक्रय कर निश्चिंत होकर अपने घर लौट रहे हैं। इस सशक्त और भरोसेमंद व्यवस्था का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व को जाता है, जिनकी पहल से किसानों को सुलभ, पारदर्शी और मजबूत धान खरीदी प्रणाली मिली है जिससे वे आसानी से अपनी उपज बेच रहे हैं और उसका मूल्य भी शीघ्रता से प्राप्त कर रहे हैं।



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