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- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक प्रसारण 'मन की बात' का श्रवण किया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री यशवन्त जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक एवं गुजरात प्रदेश सह प्रभारी श्रीमती गोमती साय, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश मंत्री संध्या परगनिया, अमित साहू, सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।जनभागीदारी से राष्ट्र-निर्माण के संकल्प को रेखांकित करता संवाद : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 139वीं कड़ी ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि जब एक सामान्य नागरिक का सामूहिक संकल्प सशक्त नेतृत्व से जुड़ता है, तो वह देश में ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखता है। यह संबोधन केवल शासन की उपलब्धियों का लेखा-जोखा न होकर, राष्ट्र के जमीनी नवाचारों, सांस्कृतिक चेतना और जन-आंदोलनों को एक सूत्र में पिरोने वाला वैचारिक मंच बनकर उभरा है। श्री देव ने कहा कि इस कड़ी में देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में हो रहे मौन परंतु दूरगामी बदलावों को स्वर दिया गया। यह संवाद इस बात पर बल देता है कि भारत का वास्तविक सामर्थ्य उसकी 140 करोड़ जनता की सामूहिक इच्छाशक्ति और सकारात्मकता में निहित है।
- -महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं सदैव मानव समाज को सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना कर भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों को विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया। उनकी कालजयी रचना में सत्य, कर्तव्य, करुणा, न्याय और लोककल्याण का जो संदेश निहित है, वह आज भी समाज को सही दिशा दिखाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात कर समरस, संस्कारवान और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
- दुर्ग / दुर्ग जिले में जेल तिराहा से मिनीमाता चौक तथा महाराजा चौक से बोरसी रोड तक सड़क चौड़ीकरण के अंतर्गत विद्युत पोलों की शिफ्टिंग एवं ट्रांसफॉर्मर संबंधी कार्य किए जाएंगे।लोक निर्माण विभाग, विद्युत/यांत्रिकी संभाग दुर्ग के ए.ई. श्री अब्दुल वारिस से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त कार्यों के लिए 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्र 26 अक्टूबर को ऋषभ साउथ सिटी, रॉयल ग्रीन, रॉयल पार्क, यूटोपिया, डी-मार्ट, मनीष पेट्रोल पंप एवं आसपास के क्षेत्र। 27 अक्टूबर को महाराजा चौक, कलकत्ता स्वीट्स, मीनाक्षी नगर, केसरी नंदन हनुमान मंदिर, विश्वनाथ नगर, डल्लू ऑटो, साहू जलेबी, दुबे साहब ट्रांसफॉर्मर, पहराइवा बुटीक एवं आसपास के क्षेत्र। 28 अक्टूबर को न्यू आदर्श नगर, ज्योति ऑप्टिकल्स, जेमिनी हॉस्पिटल, कलर्स हॉस्पिटल एवं आसपास के क्षेत्र। 29 अक्टूबर को वाल्किन्स हॉस्पिटल, मालू मेडिकल, जाल तिराहा, तिरंगा भवन एवं आसपास के क्षेत्र। 30 अक्टूबर को ओल्ड बोरसी, केसरी नंदन हनुमान मंदिर, मीनाक्षी नगर एवं आसपास के क्षेत्र। 31 अक्टूबर को डोमिनोज, न्यू आदर्श नगर, आदर्श नगर, बिजोरा साहब एक्स-मेर, जुगनू डेरा के पीछे एवं आसपास के क्षेत्र शामिल है। नागरिकों से अनुरोध है कि निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में कर लें। प्रतिदिन कार्य पूर्ण होने पर विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
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कलेक्टर की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से मंथन सभाकक्ष में होगी बैठक
बिलासपुर/जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक समय-सीमा की बैठक के उपरांत होगी।
बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्ण एवं हस्तांतरित हर घर जल योजनाओं के भुगतान तथा चालित देयकों के भुगतान की स्वीकृति संबंधी विषय रखे जाएंगे। इसके साथ ही राज्योत्सव की थीम ‘नारी शक्ति–युवा उड़ान’ से संबंधित विभागीय मॉडल के प्राक्कलन की स्वीकृति और अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड बिलासपुर द्वारा समिति के सभी सदस्य अधिकारियों को निर्धारित समय एवं स्थान पर उपस्थित होने का अनुरोध किया गया है। -
छोटे किसानों का बचेगा गाड़ी किराया और समय, सरसेनी सहित बकरकुदा और मटिया के किसानों को मिलेगी सुविधा
जिले में 14 नए केंद्रों के साथ अब 154 उपार्जन केंद्रों में होगी धान खरीदी
बिलासपुर/धान की उपज बेचने के लिए गाड़ी किराए पर लेने और कई किलोमीटर दूर जाने की परेशानी से अब सरसेनी सहित बकरकुदा और मटिया के किसानों को राहत मिलेगी। मस्तूरी विकासखंड की ग्राम पंचायत सरसेनी में इस खरीफ सीजन से नया धान खरीदी केंद्र खोला जा रहा है। केंद्र से तीनों गांवों के 784 किसानों को नजदीक में ही धान बेचने की सुविधा मिलेगी। इनमें 766 पुराने और लगभग 18 नए पंजीकृत किसान शामिल हैं। क्षेत्र के अधिकांश किसान छोटे कृषक हैं, जिनके लिए परिवहन खर्च में कमी बड़ी राहत होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ ही धान बिक्री की सुविधा उनके नजदीक उपलब्ध कराने के लिए उपार्जन केंद्रों का विस्तार कर रही है। किसानों को धान का प्रति क्विंटल 3,100 रुपए मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता के साथ बिलासपुर जिले में 14 नए धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। जिले के 140 पुराने और 14 नए केंद्रों को मिलाकर अब कुल 154 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी। इससे किसानों की दूरी घटेगी और धान परिवहन में लगने वाले खर्च तथा समय की बचत होगी।
ग्राम पंचायत सरसेनी की सरपंच श्रीमती आंचल नारायण सोल्डे ने बताया कि सरसेनी के किसानों को अब तक धान बेचने के लिए लगभग आठ किलोमीटर दूर जैतपुर जाना पड़ता था। छोटे किसानों को अपनी सीमित उपज ले जाने के लिए भी गाड़ी किराए पर करनी पड़ती थी। सरसेनी में केंद्र खुलने से आसपास के गांवों के किसानों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।सरसेनी के किसान श्री मालिक राम कैवर्त ने बताया कि जैतपुर तक धान पहुंचाने में भाड़े के साथ काफी समय भी लगता था। गांव में ही खरीदी की सुविधा मिलने से अब धान बेचना आसान होगा। खेती की अन्य जरूरतों के लिए भी किसानों का समय बचेगा।
मटिया के किसान श्री राधेश्याम चंदेल ने बताया कि उन्हें धान बेचने के लिए जैतपुर तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। उपज पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था करना और उसका किराया देना छोटे किसानों के लिए खर्च का बड़ा कारण था। अब पास में ही खरीदी केंद्र खुलने से यह परेशानी कम होगी। उन्होंने इस सुविधा पर खुशी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया । नया धान खरीदी केंद्र सरसेनी सेवा सहकारी समिति मर्यादित के अधीन संचालित होगा। समिति का पंजीयन क्रमांक 805 तथा संबद्ध सहकारी बैंक शाखा मल्हार है। इस खरीफ सीजन में धान खरीदी लगभग 15 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। सरसेनी में नया केंद्र खुलने से क्षेत्र के किसानों के लिए अपनी मेहनत की उपज बेचना अधिक सुगम होगा। - - जीएसटी से कर प्रणाली हुई सरल और पारदर्शी, वैश्विक बाजार में भारतीय उद्यमियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी : वित्त मंत्री श्री चौधरी*- वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026 में हुए शामिल, कर विशेषज्ञों से किया संवाद- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कर प्रशासन और टैक्स प्रैक्टिस को मिलेगी नई दिशा, समिट में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर हुई चर्चा- प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्य, जीएसटी कानून और आधुनिक तकनीकों पर साझा किए अनुभवदुर्ग / वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) देश के आर्थिक इतिहास का सबसे बड़ा कर सुधार है। जीएसटी ने देश की जटिल अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाया है। इससे न केवल व्यापारियों और उद्यमियों को राहत मिली है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर प्रशासन तथा कर संबंधी सेवाओं को और अधिक सरल, सटीक एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।वित्त मंत्री श्री चौधरी शनिवार 24 अक्टूबर को दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित पृथ्वी पैलेस में टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव तथा जीएसटी अपीलीय अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष श्री संजय कुमार मिश्रा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कर विशेषज्ञ, अधिवक्ता और टैक्स प्रैक्टिशनर्स उपस्थित थे।जीएसटी ने समाप्त की अनेक करों की जटिलता, व्यापार और उद्योग को मिला नया अवसरवित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले देश में 17 प्रकार के अप्रत्यक्ष कर और 23 प्रकार के उपकर प्रचलित थे। अलग-अलग कर व्यवस्थाओं के कारण व्यापारियों को अनेक प्रक्रियागत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीएसटी ने इन करों को एकीकृत कर देश को एक साझा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था प्रदान की है। इससे कर अनुपालन की प्रक्रियाएं सरल हुई हैं, कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिली है।उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों से व्यापारियों पर कर अनुपालन का बोझ कम करने तथा कारोबार को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। भारतीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रतिस्पर्धा करने के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए आधुनिक, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी कर व्यवस्था आवश्यक है तथा जीएसटी इस दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्रदान कर रहा है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बदलेगी टैक्स प्रैक्टिस की कार्यप्रणालीवित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी परिवर्तन और नवाचार का है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है। कर प्रशासन, लेखांकन, विधिक अनुसंधान, दस्तावेजों के विश्लेषण और कर अनुपालन जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित तकनीकों का उपयोग नई संभावनाएं पैदा कर रहा है।उन्होंने कहा कि टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्य करदाताओं और शासन के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें बदलती तकनीकों और आधुनिक डिजिटल उपकरणों की जानकारी होना आवश्यक है। इस समिट में टैक्स प्रैक्टिशनर्स को एआई टूल्स के उपयोग से परिचित कराने के लिए तकनीकी सत्र आयोजित किए गए हैं। इससे कर विशेषज्ञों को अपने कार्यों में दक्षता बढ़ाने तथा करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।कानून की शिक्षा में जीएसटी को शामिल करने का सुझावकार्यक्रम के दौरान टैक्स बार काउंसिल के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेंद्र यादव के समक्ष विधि शिक्षा के पाठ्यक्रम में जीएसटी कानून को शामिल करने का सुझाव रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिवेश में जीएसटी का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। विधि के विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान ही अप्रत्यक्ष कर प्रणाली और जीएसटी कानून की व्यावहारिक जानकारी मिलने से उन्हें भविष्य में बेहतर व्यावसायिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।ज्ञान और तकनीक के समन्वय से मिलेगी सफलता : श्री संजय कुमार मिश्रासमिट को संबोधित करते हुए जीएसटी अपीलीय अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष श्री संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए कर्म के साथ ज्ञान का होना आवश्यक है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान के साथ किया गया कर्म लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के दौर में विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। कर एवं विधिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी इससे अछूते नहीं हैं। बदलते समय के साथ नई तकनीकों को समझना और उनका समुचित उपयोग करना आवश्यक है।प्रदेशभर के टैक्स विशेषज्ञों ने की सहभागिताछत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026 का आयोजन टैक्स बार काउंसिल के अध्यक्ष श्री विवेक सारस्वत एवं श्री गोपाल कृष्ण तवनिया के नेतृत्व में किया गया। एसोसिएशन के महासचिव श्री प्रभांक ठाकुर ने बताया कि संघ द्वारा अपने सदस्यों को कर कानूनों में होने वाले बदलावों, नवीन प्रावधानों और तकनीकी नवाचारों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न जिलों में समय-समय पर ऐसे आयोजन किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कर विशेषज्ञों को अपने ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि करने का अवसर मिलता है। समिट में जगदलपुर, अंबिकापुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जीएसटी कानून, कर अनुपालन, आधुनिक तकनीकों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
- -डायल 112 से सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एसडीआरएफ, पुलिस एवं अग्निशमन की टीम-जिला प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा हादसा, युद्धस्तर पर किया गया आग बुझाने का कार्यरायपुर / राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट में रोजबेस इम्पीरियो दुकान की चौथी मंजिल पर आग लगने की घटना सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं अग्निशमन दल की संयुक्त कार्रवाई से आग पर शीघ्र काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।डायल 112 के माध्यम से आगजनी की सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं अग्निशमन दल की गाड़ियां तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुंचते ही टीमों ने समन्वय के साथ युद्धस्तर पर आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। अग्निशमन दल के जवानों ने तत्परता से कार्य करते हुए आग पर काबू पा लिया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर एसडीएम श्री नभ सिंह एवं जिला सेनानी नगर सेना श्री पुष्पराज सिंह सहित संबंधित अधिकारियों ने बचाव दलों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आग बुझाने की कार्रवाई को सुचारू रूप से संचालित कराया।
- -मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी की कड़ी निंदा की-खड़गे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक हताशा में कांग्रेस अब भाषा की मर्यादा और भारतीय संस्कारों की सीमाएं भी लांघने लगी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते उनके दिवंगत पिता को निशाना बनाना कांग्रेस की गिरती राजनीतिक सोच और वैचारिक दिवालियेपन को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रति राजनीतिक द्वेष में कांग्रेस जिस स्तर तक उतर रही है, उसे पूरा देश देख रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता कांग्रेस की इस संस्कारहीन और ओछी राजनीति को भली-भांति पहचान चुकी है। जब-जब कांग्रेस ने ऐसी घृणित भाषा अपनाई है, जनता ने उसे करारा जवाब दिया है। इस बार भी जनता ऐसी राजनीति को न भूलेगी, न स्वीकार करेगी और समय आने पर अपने लोकतांत्रिक अधिकार से इसका जवाब देगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनीतिक विरोध की आड़ में इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी कांग्रेस की गिरी हुई सोच और संस्कारहीन राजनीति का खुला प्रमाण है। कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी टिप्पणी के लिए देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
- -पारंपरिक वैद्यों का ज्ञान अमूल्य विरासत, आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षण जरूरी : वन मंत्री श्री केदार कश्यप-पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण, औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर जोररायपुर / छत्तीसगढ़ में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और औषधीय ज्ञान के संरक्षण की दिशा में प्रदेश के 6 जिलों के 309 पारंपरिक वैद्यों को स्वैच्छिक प्रमाणन के अंतर्गत प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा कोण्डागांव में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वैद्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। बोर्ड ने 31 मार्च 2027 तक प्रदेश के एक हजार पारंपरिक वैद्यों के प्रमाणन का लक्ष्य रखा है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हमारी सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और वन्य औषधियों के संरक्षण हेतु पूरी तरह संकल्पित है। हमारी यह स्वास्थ्य परंपरा पूरे छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। पारंपरिक वैद्यों का ज्ञान औषधीय वनस्पतियों की पहचान और पीढ़ियों के अनुभवों पर आधारित है। इस ज्ञान का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कर इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए अधिकारियों को पंचायतों की उपलब्ध भूमि, घरों की बाड़ियों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर इनके रोपण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि स्थानीय वन उत्पादों, औषधीय पौधों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की बेहतर ब्रांडिंग, प्रसंस्करण और विपणन से ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने साल बीज सहित अन्य वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर कार्य करने और कोदो, कुटकी और रागी जैसे पारंपरिक अनाज के पोषण संबंधी महत्व को रेखांकित करते हुए इनके उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में पारंपरिक वैद्य तथा वन विभाग एवं औषधि पादप बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।
- - महाराष्ट्र मंडल के मराठी मेले में तीसरे दिन सर्वसमाज की संगोष्ठी में सर्वसम्मत विचार- बड़े पैमाने पर चलाया जाए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियानरायपुर। किसी जाति- धर्म, संप्रदाय की धर्मसभा, प्रवचन स्थल से यदि हमारे धर्मगुरु अथवा प्रवचनकर्ता रक्तदान, नेत्रदान अथवा देहदान का आह्वान करें, तो जागरूकता की दृष्टि से इसका लोगों पर सर्वाधिक असर पड़ेगा। इस आशय के विचार डॉ. मनीष शरण श्रीवास्तव ने व्यक्त किए। वे महाराष्ट्र मंडल के मराठी सोहळा (मेला) में तीसरे दिन आयोजित सर्वसमाज की संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि यदि धर्मसभा में व्यासपीठ से यह समझाया जाए कि नेत्रदान अथवा देहदान के बाद भी अंतिम क्रियाएं पूरी की जा सकती हैं और मौक्ष नहीं मिलने की बात पूरी तरह भ्रामक है। इससे बहुत पैमाने पर लोगों में इसे लेकर जागरूकता आएगी और वे इसके लिए तैयार होंगे। नाना पाटेकर को अपना रक्तदान समर्पित करने के बाद डॉ. श्रीवास्तन ने कहा कि नेत्रदान अब तो बेहद आसान हो गया है और फार्म भी नहीं भरना पड़ता। उन्होंने कहा कि देहदान को लेकर अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है, खासकर इसकी प्रक्रिया आसान बनाई जानी चाहिए।बढ़ते कदम के संयोजक इंदर डोडवानी ने कहा कि मरीजों व उनके परिजनों की सर्वाधिक भीड़ डॉ. आंबेडकर हॉस्पिटल में जुटती है इसलिए यहां न सिर्फ जागरूकता के सर्वाधिक कदम उठाए जाने चाहिए, बल्कि नेत्रदान व देहदान के लिए तत्पर टीम तैनात की जाने चाहिए, ताकि लोगों को इसके लिए परेशान न होना पड़े। इसी तरह नेत्रदान और देहदान करवाने वाले परिवारों का बड़े मंचों पर सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए। इससे लोग प्रोत्साहित व प्रेरित होंगे। कान्य कुब्ज समाज के राघवेंद्र मिश्र ने कहा कि रक्तदान आज भी समाज की बड़ी समस्या है। कई लोग अन्य समाज व साधारण रक्त दाताओं का रक्त लेने से मना कर देते हें। इसलिए रक्तदान, देहदान के लिए व्यापक प्रचार अभियान शुरू करना चाहिए।भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता व महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठ सभासद शताब्दी पांडे ने कहा कि रक्तदान को लेकर महिलाओं के भ्रम को दूर करने की जरूरत है। छत्तीसगढ़़ फिल्म इंडस्टी के निर्माता विजय कुमार साहू के अनुसार बड़े आयोजनों, समारोहों में नेत्रदान व देहदान को प्रमोट किया जाना चाहिए, इससे लोग अधिक प्रभावित होंगे। उज्जैन से पधारे रंगकर्मी प्रशांत सहस्त्रबुद्धे कहा कि नेत्रदान, देहदान को लेकर हो रही परेशानियों को पीएम फोरम में डालने से उसकी त्वरित सुनवाई होती है। हमें इसका लाभ लेना सीखना चाहिए।बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व महाराष्ट्र मंडल के पूर्व अध्यक्ष शेखर रावसाहेब अमीन ने कहा कि नेत्रदान व देहदान को लेकर मोटिवेशन व अवेयरनेस की कमी है। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से भी इस दिशा में बहुत अधिक काम करने की जरूरत है। तीनों दान के लिए जागरूकता अभियान में सबसे पहले युवाओं को जोडने की जरूरत है क्योंकि इसमें आमतौर पर 50 साल से अधिक आयु के लोग ही दिखाई देते हैं। डॉ. कमल वर्मा के मुताबिक जो वरिष्ठ नागरिक वृद्धाश्रम में रहते हैं या जिनके बच्चे अपने अभिभावकों को छोड़कर विदेशों में जा बसे हैं, ऐसे बुजुर्गों से देहदान कराने को लेकर फोकस किया जाना चाहिए। देहदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कानून को सरलीकृत भी किया जाना चाहिए।रोटरी क्लब मध्य रीजन के पूर्व गवर्नर, महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर के अनुसार अगर कहीं जरूरत से ज्यादा रक्त दान में मिल गया, तो वो उस खून का क्या करेंगे, क्या दूसरी जरूरतमंद संस्था अथवा अस्पताल को देंगे, इसकी मॉनिटरिंग कौन कर रहा है। इस भी ध्यान देने की जरूरत है। घर की महिला सदस्य के लिए खून इकट्ठा कर रहे परिवार से जब रक्तदान करने का आग्रह किया जाता है, तो वो उसे वहीं छोड़कर भाग जाता है। ऐसे देश में रक्तदान के लिए कितने अधिक और कहां- कहां जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।सीमेंट कंपनी के सेवानिवृत्त अधिकारी विनय काले ने कहा कि नुक्क्ड़ नाटक, चौपाल चर्चा जैसे माध्यमों से रक्तदान को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। देहदान को लेकर शहरों में भी लोगों को अवेयर करना होगा। प्रतिदिन रायपुर में सौ से अधिक लोगों की मौत होती है, इनमें से पांच शव भी दान वाले नहीं होते। जबकि प्रतिदिन देहदान और नेत्रदान करने वालों को अखबार कें माध्यम से भी भरपूर प्रचार- प्रचार व सम्मान मिलना चाहिए। संगोष्ठी में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। वहीं संचालन उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने किया। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, विक्रम हिशीकर, गणेशा जाधव पाटिल, श्याम दलाल, मंगल जाधव पाटिल सहित अनेक लोग संगोष्ठी में उपस्थित रहे।सर्वसमाज के सुझाव:- जिन अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में नेत्रदान और देहदान किया गया हो, वहां दान करने वालों के नाम उस पूरे दिनभर इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर हाईलाइट किए जाने चाहिए।:- कॉलेजों में प्रति वर्ष वार्षिकोत्सव के दौरान रक्तदान शिविर लगाकर युवाओं को जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए वहां दो सप्ताह पहले ही प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को शिविर के दिन बुलाना चाहिए।:- गांव- गांव में प्रचार- प्रसार करके रक्तदान को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि वहां रक्तदान वाली बसों को भेजकर ग्रामीणों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा सके।:- नेत्रदान व देहदान का फार्म भरने वालों को सार्वजनिक मंचों व सम्मानित किया जाना चाहिए और उनके ही माध्यम से भी इसे लेकर अभियान चलाना चाहिए।:- जो वरिष्ठ नागरिक वृद्धाश्रम में रहते हैं अथवा जिनके बच्चे विदेशों में जाकर बस गए हैं, उन्हें पहले ही नेत्रदान व देहदान के लिए सहमत कर फार्म भरवा लेना चाहिए।:- रायपुर में सबसे पहले देहदान करने वाले दुर्गा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य, शिक्षाविद और पूर्व मंत्री रणवीर सिंह शास्त्री की प्रतिमा लगाकर लोगों को इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।:- धार्मिक मान्यताओं के आधार पर देहदान व नेत्रदान करने से रोकने वालों को समझाना चाहिए कि दधीचि ने सृष्टि का पहला देहदान दिया था, तो ये कैसे अव्यवहारिक, असंगत, अधार्मिक हो सकता है।
- रायपुर। जीवन बीमा की पॉलिसी हासिल करने को लेकर चालबाजियों की कहानियां हमने कई फिल्मों व नाटकों में देखी है, लेकिन यह पहला नाटक है, जो शुरुआती दौर में आसान तो दिखाई देता है लेकिन है नहीं। जैसे- जैसे कहानी आगे बढ़ते जाती है वैसे- वैसे मंच पर पेचिदगियों बढ़ती जाती है और दो घंटे के दो अंकी नाटक के क्लाइमेक्स में रंगप्रेमी दर्शक बस सांसे थामे देखते ही रह जाती हैं।बात हो रही है मराठी नाटक ‘केस नंबर 99’ की, जिसका मंचन शनिवार शाम को महाराष्ट्र मंडल के मराठी सोहळा (मेला) में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर किया गया। इस रोमांचक, गंभीर और हास्य के साथ रहस्यमयी नाटक के लेखक योगेश सोमण और निर्देशक यशोवर्धन केलकर हैं। उज्जैन के नाटक ‘केस नंबर 99’ में यशोवर्धन केलकर और दिपाली केलकर ने पति- पत्नी की भूमिका में प्रभावित किया है। पुलिस इंस्पेक्टर के रोल में प्रशांत सहस्त्रबुद्धे बेहतरीन टि्वस्ट लाते हैं लेकिन नाटक का सस्पेंस कुछ और ही निकलता है।विशाल परिहार ने नाटक में विद्युत और ध्वनि संयोजन का निपूणता से काम किया। वहीं खुशाली केलकर ने वेशभूषा, रंगसज्जा व नेपथ्य में बखूबी जिम्मेदारी निभाई। संवेदनशील अभिनय और प्रभावी नेपथ्य वाले मराठी नाटक ‘केस नंबर 99’ को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक जुटे।
- -5 वाहन जब्त, 19 वाहनों के परमिट होंगे निरस्त, तैयार किए गए प्रकरणरायपुर / सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशभर में सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बीते दो दिनों में विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 364 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 4 लाख 81 हजार 300 रुपए समन शुल्क वसूला है। गंभीर उल्लंघन के मामलों में 5 वाहन जब्त किए गए हैं। वहीं, नियम विरुद्ध संचालन पाए जाने पर 19 मामलों में वाहन परमिट निरस्त करने के लिए प्रकरण तैयार किए गए हैं, जिनमें 17 मामले रायपुर जिले के हैं।परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश एवं अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला परिवहन कार्यालयों द्वारा 24 एवं 25 अक्टूबर को विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना परमिट संचालित 12 वाहन, बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के 10 वाहन, बिना बीमा के 3 वाहन और बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के 27 वाहन पाए गए। इसके अलावा अन्य नियमों के उल्लंघन के 312 मामलों सहित कुल 364 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने वाहन मालिकों और चालकों से वैध परमिट, फिटनेस, बीमा एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज रखने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- - 84.53 लाख की लागत से बन रही 1.080 किमी पक्की सड़क, मोंगरी से भाठापारा मार्ग पर वर्षों की कीचड़ व गड्ढों की परेशानी होगी दूरबालोद । ग्रामीण अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और बारहमासी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसी कड़ी में जिले के ग्राम पंचायत मोंगरी में वर्षों से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद मौके पर तीव्र गति से कार्य कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत मोंगरी से भाठापारा तक 1.080 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 84.53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इस पक्की सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है।ग्राम पंचायत मोंगरी के सरपंच श्री रोशन लाल सोनवानी ने बताया कि बाजार चैक से हाई स्कूल होते हुए जाने वाला यह मार्ग लंबे समय से अत्यधिक जर्जर और बदहाल था। बारिश के दिनों में रास्ते में दलदल और गड्ढों के कारण चलना बेहद जोखिमभरा हो जाता था। खराब सड़क के कारण स्कूल आते समय विद्यार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को आने-जाने में परेशानी होती थी। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में गर्भवती माताओं एवं गंभीर मरीजों को ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं था। ग्रामीणों की लगातार मांग को संज्ञान में लेते हुए शासन द्वारा 84.53 लाख रुपये की लागत से पक्की सड़क की स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, जिससे पूरे गांव में खुशी की लहर है।उपसरपंच श्री खिलेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि पूर्व में पक्की सड़क के अभाव में गांव के इस हिस्से में किसी भी चारपहिया वाहन या एंबुलेंस के आने में समस्या होती थी। उन्होंने कहा कि गांव में पहली बार व्यवस्थित ढंग से इतनी मजबूत सड़क का निर्माण होते देख ग्रामीण बेहद उत्साहित हैं। यह मार्ग बनने के बाद अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं गांव तक बिना किसी बाधा के सीधे पहुंच सकेंगी।वार्ड क्रमांक 12 के निवासी श्री बिसम्भर राम साहू ने बताया कि उनका घर इस सड़क के अंतिम छोर पर स्थित है। मार्ग न होने से दो प्रमुख वार्डों के निवासियों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी कष्ट का सामना करना पड़ता था। अब पक्की सड़क तैयार होने से मोहल्लेवासियों के साथ-साथ हाई स्कूल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सुगम आवागमन का सीधा लाभ मिलेगा। ग्राम पंचायत मोंगरी के सरपंच श्री गोवर्धन लाल सोनवानी, उपसरपंच श्री खिलेश्वर प्रसाद साहू तथा वार्डवासी श्री बिसम्भर राम साहू सहित ग्रामवासियों ने गांव की बरसों पुरानी मांग को पूरा कर 84.53 लाख रुपये की लागत से पक्की सड़क की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार किसानों से फसल सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपीलबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से मौसम में बदलाव होने तथा कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने संभावित खराब मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।किसानों की मेहनत से तैयार फसल को नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें और फसल की सुरक्षा के लिए समय रहते उचित कदम उठाएं।खेतों में पकी हुई फसल की कटाई कर ली गई है, तो उसे जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। खलिहान में रखी फसल को तिरपाल से अच्छी तरह ढंक कर रखें। बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी नालियां तैयार रखें, ताकि फसल को जलभराव से बचाया जा सके।27 से 29 अक्टूबर के दौरान फसल की कटाई, कड़ाई या अन्य कृषि कार्यों में सावधानी बरतें। फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करें। मंडियों में बिक्री के लिए रखी गई फसल को बारिश से बचाने के लिए ढककर रखें, ताकि उपज खराब न हो।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। मौसम संबंधी स्थानीय सूचनाओं के लिए रेडियो, टेलीविजन और मोबाइल के माध्यम से जारी होने वाले पूर्वानुमान पर ध्यान दें।यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसान इसकी सूचना 72 घंटे के भीतर फसल बीमा टोल-फ्री नंबर 14447 पर दें। फसल बीमा से संबंधित जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए समय पर सावधानी बरतें, ताकि उनकी मेहनत से तैयार फसल को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
- बालोद । वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत बघेली में सामुदायिक उपयोग हेतु परकोलेशन टैंक बघेली भाठा का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इस कार्य के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है, वहीं जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।वर्तमान में उक्त निर्माण कार्य में 90 श्रमिक नियोजित हैं। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार से पूर्व ग्रामीण श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से उन्हें परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने तथा त्योहार की तैयारियों में आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सहारा मिल रहा है तथा गांव की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।परकोलेशन टैंक वर्षा जल को एकत्रित कर उसे धीरे-धीरे भूमि के भीतर रिसने में सहायता करता है। इससे भूजल पुनर्भरण की संभावनाएं बढ़ती हैं तथा जल स्रोतों के संरक्षण में मदद मिलती है। इस संरचना से आसपास के क्षेत्र में मिट्टी की नमी बनाए रखने तथा कुओं एवं अन्य भूजल स्रोतों को लाभ पहुंचाने में सकारात्मक योगदान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने में भी यह कार्य उपयोगी सिद्ध होगा।ग्राम पंचायत बघेली में वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत संचालित परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य के सफल क्रियान्वयन में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं मैदानी अमले का महत्वपूर्ण योगदान है। इस कार्य के संचालन में श्री नितेश साहू एवं कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रतिज्ञा चंद्राकर के मार्गदर्शन एवं सहयोग से कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।वहीं, ग्राम पंचायत सचिव श्री टिकेश्वर देशमुख, सरपंच श्री रामेश्वर तेलासी एवं उपसरपंच श्री प्रमोद कुमार यादव द्वारा पंचायत स्तर पर कार्य के संचालन में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। रोजगार सहायक श्री नोखे राम बंजारे द्वारा श्रमिकों के नियोजन एवं रोजगार संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।निर्माण कार्य की तकनीकी देखरेख, निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कार्य संपादन तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने में तकनीकी सहायक श्रीमती पद्मा पाटिल की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं मैदानी अमले के समन्वय से कार्य को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने का प्रयास किया जा रहा है।शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत बघेली में परकोलेशन टैंक का निर्माण इसी उद्देश्य की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे वर्तमान में ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है और भविष्य में क्षेत्र की जल उपलब्धता को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की संभावना है।इस प्रकार वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत बघेली में संचालित यह कार्य रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के समन्वय का उदाहरण है, जो गांव को जल-सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
- बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण (अन्य फसलों की खेती) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ’कृषक उन्नति योजना’ के तहत आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। यदि किसान इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो 31 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। धान के स्थान पर अन्य फसल लेने पर खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर कोई अन्य खरीफ फसल लगाते हैं, तो उन किसान को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी। जो किसान पहले से ही दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती कर रहे हैं, उन्हें 10,000 रुपए प्रति एकड़ सहायता राशि प्रदान की जाएगी। किसानों को इस योजना की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से भेजी जाएगी।पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है, सभी किसान अपने क्षेत्र की निकटतम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी कृषकों से अपील की गई है कि वे बिना देर किए, 31 अक्टूबर से पहले अपनी सेवा सहकारी समिति में जाकर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं और योजना का पूरा लाभ उठाएं।
- रायपुर.। बैलाडीला बुल्स के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत के साथ न्यायधानी नाइट्स ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में न्यायधानी नाइट्स ने अपने तीनों मैच जीते हैं और वे पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। दूसरी ओर, बैलाडीला बुल्स अभी भी पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे की ओर है। टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता है।आज का मैच लीग की सबसे मजबूत डिफेंस (रक्षा पंक्ति) वाली दो टीमों के बीच मुकाबला था। लीग के बांकी मुकाबलों से इसमें अलग मैच देखने को मिला। फैंस आमतौर पर हाई-स्कोरिंग मैच देखने के आदी हैं, लेकिन इस मुकाबले में दोनों टीमों का डिफेंस बहुत मजबूत दिखा। कम से कम पहले क्वार्टर में तो यही देखने को मिला, जिसमें कोई गोल नहीं हुआ।सवाल बस यह था कि कौन सी टीम पहले गलती करेगी। और आखिरकार बैलाडीला ने गलती की। दूसरे क्वार्टर में उन्हें एक पेनल्टी कॉर्नर देना पड़ा, जिस पर चिराग ने आज की पहली ही ड्रैग-फ्लिक से गोल कर दिया। हाफ-टाइम के करीब, उन्होंने लगभग उसी तरह एक और गोल किया।बैलाडीला बुल्स ने वापसी की कोशिश की। जसकरण ने गेंद को डिफ्लेक्ट करके गोल में पहुंचा दिया, जिससे हाफ-टाइम तक स्कोर 2-1 हो गया और वे मैच में बने रहे । 2020 टोक्यो ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सुरेंद्र ने युवाओं को दिखा दिया कि पेनल्टी कॉर्नर बचाने के मामले में वे आज भी सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं।तीसरे क्वार्टर में एक अनावश्यक 'स्टिक चेक' की वजह से नाइट्स को पेनल्टी कॉर्नर देना पड़ा। इसके जवाब में अनुभवी सुरेंद्र गोलपोस्ट पर बिना हिले-डुले खड़े रहे और एक बेहद तेज ड्रैग-फ्लिक को अपनी स्टिक के बीचों-बीच रोक दिया। इसी बीच पूरे आत्मविश्वास के साथ खेल रहे चिराग ने क्वार्टर के अंत में अपनी हैट्रिक पूरी की और अपनी टीम की बढ़त को और बढ़ा दिया। मैच के अंत में जब बैलाडीला की वापसी की कोई उम्मीद नहीं बची थी, तब केतन कुशवाहा ने एक शानदार गोल (टोमाहॉक) करके अपनी टीम की बढ़त को और बढ़ा दिया। कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन डिफेंसिव प्रदर्शन था। चिराग को उनके शानदार खेल के लिए 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अब न्यायधानी अपना अगला मैच 27 अक्टूबर को चक्रधर चैंपियंस के खिलाफ खेलेगी, जबकि बैलाडीला बुल्स 26 अक्टूबर को संस्कारधानी स्ट्राइकर्स का सामना करेगी।
- -इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने जारी की मौसम आधारित कृषि सलाह-25 से 29 अक्टूबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना-किसानों को धान की कटाई रोकने, कटी फसलों को सुरक्षित रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह-चक्रवाती तूफान के मद्देनजर विभागीय मामलों को अलर्ट रहने मंत्री रामविचार नेताम के निर्देशरायपुर / बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।चक्रवाती तूफान के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।इसी प्रकार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई प्रारंभ कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रोग एवं कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया है।सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रभाव से तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला एवं लौकी जैसी फसलों के लिए सहारे की व्यवस्था करें। केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवकनाशकों के छिड़काव से बचें।पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे अथवा खुले स्थानों पर बांधने से बचें। पशुओं के लिए सूखे चारे एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर चक्रवाती तूफान और संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन एवं पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 27 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11.30 बजे से राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी।
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गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश, नागरिकों की सुविधा और यातायात व्यवस्था का रखें विशेष ध्यान
बिलासपुर। शहर में सड़क अधोसंरचना को बेहतर बनाने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे के साथ शहर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विभिन्न सड़क विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान नागरिकों को अनावश्यक असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
दयालबंद से दर्रीघाट तक सड़क मजबूतीकरण एवं फोरलेन निर्माण का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दयालबंद से दर्रीघाट तक सड़क मजबूतीकरण तथा लाल खदान ओवरब्रिज के आगे से दर्रीघाट तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में कलेक्टर ने सीएसईबी के पोल शिफ्टिंग कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर पोल शिफ्टिंग शीघ्र पूरी करने तथा इसके कारण सड़क निर्माण कार्य प्रभावित न होने देने को कहा।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने, यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने तथा दुर्घटनाओं की आशंका को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नौ करोड़ के सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा
इसके पश्चात कलेक्टर ने गुरुनानक चौक से स्मृति वन तथा स्मृति वन से शक्ति चौक तक लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण एवं लाइटिंग कार्यों का निरीक्षण किया।उन्होंने अधिकारियों एवं ठेकेदारों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएं, ताकि आम नागरिकों और वाहन चालकों को परेशानी न हो। सड़क पर धूल उड़ने से रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव करने तथा कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
डामरीकरण के संशोधित दरों एवं प्राक्कलन से संबंधित प्रक्रिया के कारण डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पाने की जानकारी पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शासन से संशोधित दरों के संबंध में आदेश प्राप्त होने तक अन्य शेष निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और डामरीकरण के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित रखी जाएं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है, ताकि प्रक्रिया पूर्ण होते ही डामरीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा सके।
अशोक नगर चौक से बिरकोना गौरव पथ का भी लिया जायजा
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से अशोक नगर चौक से बिरकोना तक बनाए जा रहे गौरव पथ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि डामरीकरण से पहले किए जाने वाले अन्य सभी आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएं, जिससे आगे की प्रक्रिया में विलंब न हो और सड़क निर्माण कार्य को गति मिल सके।
साइंस कॉलेज से शनिचरी रपटा सड़क निर्माण की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साइंस कॉलेज से शनिचरी रपटा तक लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने, गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में चल रहे सभी सड़क विकास कार्यों में विभागीय समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से तेजी लाई जाए। निर्माण कार्यों के दौरान नागरिकों की सुविधा, सड़क सुरक्षा, धूल नियंत्रण और सुचारु यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए। -
-पट्टा वितरण में पात्र हितग्राहियों की सूची में अपात्र लोगों के नाम आने पर गहन नाराजगी व्यक्त कर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजना से लाभान्वित करवाने कहा
रायपुर/पट्टा वितरण एवं पात्र हितग्राहियों की सूची में अपात्र व्यक्तियों के नाम शामिल होने की शिकायतों को लेकर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने गहन नाराजगी व्यक्त की है। रायपुर ग्रामीण विधायक ने पट्टा संबंधी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलवाना सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया है ।
रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने आज नगर निगम जोन 9 कार्यालय में नगर निगम जोन 9 अंतर्गत रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम के जोन 9 अंतर्गत वार्डों में और दीपावली पर्व के मद्देनजर पूरे राजधानी शहर में साफ - सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था में सुधार लाने विशेष ध्यान देने कहा है.
रायपुर ग्रामीण विधायक ने अधिकारियों को दीपावली पर्व के पूर्व सभी कॉलोनियों, मोहल्लों, वार्डों में नालियों, मार्गो, गलियों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैँ. रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने स्ट्रीट लाईट व्यवस्था सुधारने, बंद स्ट्रीट लाइटों को सुधारकर चालू करवाने और दीपावली पर्व के पूर्व प्रकाश व्यवस्था सुचारू बनाने अधिकारियों को निर्देशित किया है. रायपुर ग्रामीण विधायक ने बारिश के दौरान खराब हुए सड़क मार्गो की शीघ्र आवश्यक मरम्मत और सुधार करवाने के निर्देश दिए हैँ, ताकि वाहनचालकों और राहगीरों को आवागमन में किसी प्रकार की कोई असुविधा ना होने पाए और सड़क दुर्घटनाओं पर कारगर अंकुश लगाया जा सके.
रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कचना में प्रधानमंत्री आवास योजना आवासीय परिसर में सड़क और नाली के निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार गुणवत्ता में लाकर श्रेष्ठ गुणवत्ता से कार्य करवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है. रायपुर ग्रामीण विधायक ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने पर निगम मुख्यालय के सम्बंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगायी है. श्री मोतीलाल साहू ने अनेक स्थानों पर स्ट्रीट लाईट बंद होने की जानकारी पर गहन नाराजगी व्यक्त कर तत्काल व्यवस्था सुधार करवाने कहा है. रायपुर ग्रामीण विधायक ने रामकी कम्पनी के प्रतिनिधियों को क्षेत्र में अनुबंध अनुसार शत - प्रतिशत डोर टु डोर कचरा कलेक्शन कार्य व्यवस्थित तरीके से प्राथमिकता से सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया है.
रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू द्वारा ली गयी समीक्षा बैठक के दौरान जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, पार्षद श्रीमती प्रभा विश्वकर्मा, श्रीमती सावित्री धीवर, श्री देवदत्त द्विवेदी, श्री मोहन साहू सहित अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव सहित अन्य सम्बंधित निगम अधिकारियों की उपस्थिति रही. -
सभी नागरिकों से रायपुर शहर को स्वच्छ, सुन्दर, हरित बनाने सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित नगर पालिक निगम रायपुर के समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदों, एल्डरमैनों ने दिनांक 25 अक्टूबर 2026 रविवार को शरद पूर्णिमा पर्व के अवसर पर समस्त नगरवासियों को अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए सभी नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं शान्ति प्रदान करने की सामूहिक विनम्र प्रार्थना परमपिता परमेश्वर के दिव्य श्रीचरणों में की है. इसके साथ ही सभी नगरवासियों से रायपुर को छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी के अनुरूप स्वच्छ, सुन्दर, हरित राजधानी स्मार्ट सिटी बनाने संकल्प लेकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की है.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ एवं संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित रायपुर नगर पालिक निगम के सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने कहा है कि शरद पूर्णिमा पर्व के विशेष अवसर पर पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हर वर्ष अर्धरात्रि में चन्द्र किरणों से धरती पर अमृत बरसता है और इस दिन चन्द्र देव सहित देवताओं को खीर का प्रसाद भोग लगाने की प्राचीन काल से परम्परा रही है. अर्धरात्रि को विश्व भर में भगवान श्रीविष्णुजी के मंदिरों में विशेष पूजा, अर्चना, आरती की जाती है. शरद पूर्णिमा का पर्व प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर प्रदान करने वाला माना जाता है. -
शिवम सिटी सड्डू में नई सीसी रोड, नाली निर्माण कार्य शीघ्र कराया जायेगा
रायपुर/रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 के अंतर्गत महात्मा गाँधी वार्ड क्रमांक 8 के क्षेत्र के अंतर्गत अधोसंरचना मद से लगभग 75 लाख रूपये की लागत से शिवम सिटी सड्डू में नई सीसी रोड का निर्माण 40 लाख रूपये में और नई नालियों का निर्माण 25 लाख रूपये की लागत और शिवम सिटी सेक्टर - 3 क्षेत्र में गंदे पानी के सुगम निकास हेतु नई नालियों का शीघ्र निर्माण 9 लाख 85 हजार रूपये की लागत से करवाने श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर नगर निगम जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, पार्षद श्रीमती सावित्री धीवर, श्री मोहन साहू, श्री देवदत्त द्विवेदी सहित नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब एवं अन्य सम्बंधित जोन अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के मध्य नए विकास कार्यों का भूमिपूजन करते हुए नागरिकों को शानदार सौगात दी.
रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने जोन 9 जोन कमिश्नर और कार्यपालन अभियंता को तत्काल वार्ड क्रमांक 8 क्षेत्र अंतर्गत शिवम सिटी सड्डू में नई सीसी रोड और नई नालियों का निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाकर सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता सहित जनहित में जनसुविधा विस्तार की दृष्टि से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया. -
- बच्चों और बड़ों के लिए विविध खेलों का जोशीला आय़ोजन, सर्वाधिक समय तक शंख बजाकर आशियां बनी विजेता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में तीन दिवसीय मराठी सोहळा (मेले) के दूसरे दिन का शुभारंभ शंखनाद प्रतियोगिता के साथ हुआ। महिला सभासदों ने उत्साह के साथ शंखनाद किया। सबसे अधिक समय तक शंखनाद कर आशिता भिते विजेता रहीं। अनिता लांगे ने उप विजेता और मेघा पोतदार तीसरे स्थान पर रहीं।
संस्कृति समिति की प्रमुख गौरी क्षीरसागर ने बताया कि मराठी मेले के दूसरे दिन सुबह बच्चों और महिलाओं के लिए विविध खेलों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद प्रतियोगिता के साथ की गई। शंखनाद की ध्वनि से ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा हो। इसमें विभिन्न आयु के प्रतिभागियों ने जोशीले अंदाज में भाग लिया। शंखनाद स्पर्धा के तुरंत बाद हर शनिवार को महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से 17 महिला केंद्रों में आयोजित होने वाला हनुमान चालीसा का पाठ भी यहां संत ज्ञानेश्वर सभागृह में किया गया। यहां बच्चों के साथ महिलाओं ने सस्वर सामूहिक पाठ किया।
गौरी के अनुसार ‘टप्पा बाॅल’ और ‘करे कोई- भरे कोई’ खेल का आयोजन किया गया। इसमें ‘करे कोई- भरे कोई’ में आशिता भिते प्रथम, डॉ. शुचिता देशमुख द्वितीय और मीनाक्षी पिंपलापुरे तीसरे स्थान पर रहीं। इसके साथ ‘टप्पा बाॅल’ में भी महिलाओं ने उत्साह से भाग लिया। ‘टप्पा बाॅल’ में सबसे अधिक 130 अंक के साथ दिव्यांग बालिका विकास गृह की प्रभारी मालती मिश्रा प्रथम रहीं। वहीं 124 अंक के साथ सुरेखा पाटिल और अंजलि काले संयुक्त रुप से उप विजेता रहीं। वहीं बच्चों के लिए आयोजित ‘टप्पा बाॅल’ में अनुष्का अग्रवाल विजेता, कान्हा नागदेव उप विजेता और अन्वी राऊत तीसरे स्थान पर रहीं। - -झुनका भाकर, मुगौड़ी से लेकर वड़ा पाव तक स्वादिष्ट नाश्ते ने भी लोगों को बना रखा है दीवाना, स्टाल पर मिलेट्स के आयटम ने भी खींचा ध्यानरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के 92वें स्थापना दिवस पर धूमधाम से शुरू हुए तीन दिवसीय मराठी मेले में एक से एक स्टाल लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह दिवाली त्योहार से पहले जरूरी डेकोरेटिव सामानों की खरीदी होने वाले स्टाल हैं, जिसमें बेहतरीन डिजाइनर ड्रेस, महिलाओं के आर्टिफिशियल आर्नामेंट्स, घर सजाने के सैकड़ों साजो सामान, आकर्षक दीये, मोमबत्ती, आर्टिफिशियल फ्लावर सहित और भी बहुत कुछ। वहीं बच्चों से लेकर किशोर वय और युवाओं को परंपरागत व अत्याधुनिक स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल लुभा रहे हैं।स्टाल को लेकर उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि हफ्ते भर पहले ही महाराष्ट्र मंडल में मराठी मेले के स्टाल की बुकिंग शुरू होने के कुछ घंटों में खत्म हो गई। वैसे भी विविध उपयोगी सामग्रियों के स्टाल दो केटेगरी एसी वाले डायनिग हॉल एरिया में और नान एसी वाले स्टाल लॉन एरिया में लगाए गए हैं। इन स्टाल्स की विशेषता यही है कि यहां रेडिमेड नौवारी साड़ी लगभग हर राज्यों के पारंपरिक परिधान से लेकर ऐसे बहुत डिजाइनर वस्त्र उपलब्ध हैं, जो रायपुर के बाजारों में आसानी से उपलब्ध नहीं है।मेस प्रभारी चेतन दंडवते ने बताया कि झुनका- भाकर, वड़ा-पाव जैसी कई परंपरागत मराठी नाश्ते के साथ यहां दीपावली के व्यंजनों ने मराठी मेले में आए लोगों को खासा प्रभावित किया है। यही नहीं जनरल और स्पेशल नाश्ते की व्यवस्था भी स्टाल्स में है। इसके अलावा मिलेट्स आइटम ग्राहकों को लुभा रहे हैं। इधर बच्चों के लिए मनोरंजक गेम्स के स्टाल भी लगाए गए हैं। मिकी माउस, जंपिंग जैक में बच्चे खूब उछलकूद कर रहे हैं। साथ ही मराठी मेले में तीनों दिन नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर की विशेष व्यवस्था की गई है। इनमें एलोपैथिक, होमियोपैथी और आयुर्वेदिक विधा की मुफ्त जांच व परामर्श देने की प्रक्रिया जारी हैं।आकर्षित कर रही रंगोलीनृत्य- कला- क्राफ्ट समिति के पुरुष प्रभारी शेखर क्षीरसागर के साथ महिला प्रभारी अनिता लांगे, सोनाली कुलकुर्णी और श्रेया टल्लू की टीम ने कई घंटों की मेहतन के बाद आठ बाय आठ फीट की बेहद खूबसूरत रंगोली बनाई। महाराष्ट्र मंडल के 91 वर्ष पूरे होने से लेकर मराठी सोहळा तक का संदेश देती यह चटख रंगों वाली रंगोली मुख्य लॉबी में पहुंच रहे हर कला प्रेमी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।



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