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- -सारंगढ़ में गूंजे देशभक्ति के नारे-मंत्री टंक राम वर्मा की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रारायपुर / देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता के प्रति जनचेतना को सशक्त बनाने के लिए तिरंगा रैली में नागरिक बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा की अगुवाई में सारंगढ़ में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह यात्रा भारत माता चौक, नंदा चौक और अटल परिसर से होते हुए रानी लक्ष्मी बाई कॉम्प्लेक्स पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान हजारों स्कूली बच्चों के 'भारत माता की जय' और 'जय जवान, जय किसान' के ओजस्वी नारों से पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया।तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने नागरिकों से अपने-अपने घरों पर शान से तिरंगा लहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान है, जिसकी रक्षा के लिए लाखों देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका चक्र हमारे देश और प्रदेश की निरंतर प्रगति का प्रतीक है। जब बात तिरंगे की आती है, तो हम सभी जाति, पात और धर्म से ऊपर उठकर एक हो जाते हैं। उन्होंने झांसी की रानी, मंगल पांडे और भगत सिंह जैसे अमर बलिदानियों को नमन करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष,पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, पूर्व सैनिकगण, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक,गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
- -मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात-केन्द्रीय मंत्री ने डीपीआर तैयार करने अधिकारियों को दिए निर्देश-बायपास बनने से यातायात सुगम होने के साथ दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश-अंतर्राज्यीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावारायपुर /छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक श्री रामविचार नेताम ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मंत्री श्री गडकरी से इस दौरान बलरामपुर एवं रामानुजगंज शहरों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 पर बायपास मार्गों की स्वीकृति का आग्रह किया। श्री नेताम ने दोनों शहरों में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटनाओं की आशंका तथा अंतर्राज्यीय वाणिज्यिक गतिविधियों को देखते हुए 4-लेन बायपास निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया। केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने दोनों मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मंत्री श्री नेताम की मांग पर शीघ्र डीपीआर तैयार करने अधिकारियों को निर्देशित किया।मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग है। इस मार्ग से यात्री बसों, छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहनों, भारी मालवाहकों तथा आम नागरिकों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। प्रशासनिक एवं विशिष्टजनों का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के शहरी हिस्से में स्थित है। शहर के दोनों ओर घनी व्यावसायिक एवं आवासीय बसाहट होने के कारण छोटे वाहनों से लेकर भारी मालवाहकों तक का आवागमन शहर के भीतर से होता है। इससे आए दिन यातायात जाम की स्थिति निर्मित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।केंद्रीय मंत्री से बलरामपुर शहरी क्षेत्र के लिए लगभग ’’10 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास’’ को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। प्रस्तावित बायपास बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार रामानुजगंज शहर के लिए लगभग ’’8 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास’’ की मांग भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि रामानुजगंज अंतर्राज्यीय आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है। शहर के भीतर ही स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों, शासकीय एवं निजी वाहनों के साथ-साथ भारी व्यावसायिक एवं मालवाहक वाहनों का आवागमन होने से यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण एवं यातायात में संभावित वृद्धि के साथ आने वाले समय में शहरी क्षेत्र में यातायात संबंधी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में समय रहते बायपास का निर्माण शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नगरीय विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि बलरामपुर और रामानुजगंज में बायपास मार्गों का निर्माण केवल यातायात सुगमता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन को गति मिलेगी। भारी वाहनों को शहरों के बाहर से सुगम मार्ग उपलब्ध होने से परिवहन समय और यातायात दबाव में कमी आएगी। इसके साथ ही दोनों शहरों में व्यवस्थित नगरीय विकास, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और राजस्व वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि एनएच-343 के कॉरिडोर योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य के लिए क्रमशः 397.44 करोड़ रुपये और 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति पूर्व में प्रदान की जा चुकी है तथा संबंधित निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने इसी क्रम में बलरामपुर एवं रामानुजगंज के शहरी हिस्सों में बायपास निर्माण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया।केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने दोनों बायपास प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बायपास निर्माण से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ क्षेत्र के आर्थिक एवं नगरीय विकास को नई गति मिलेगी।
- -बिलासपुर में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल के लिए 5 एकड़ भूमि की स्वीकृतिरायपुर / प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से बिलासपुर जिले के पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बिलासपुर के ग्राम रहंगी (बिल्हा) में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना के लिए 5 एकड़ भूमि की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 100 करोड़ से ज्यादा की यह स्वास्थ्य परियोजना है।बिलासपुर जिले में लंबे समय से पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के उपचार के लिए ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना की मांग की जा रही थी। श्रमिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर बिलासपुर में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। श्रम मंत्री श्री देवांगन के प्रयासों को सफलता मिली। 30 जून 2026 को आयोजित ईएसआईसी कॉरपोरेशन की 198 वीं बोर्ड बैठक में बिलासपुर के रहंगी ग्राम में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना के लिए 5 एकड़ भूमि की स्वीकृति प्रदान की गई। अस्पताल के स्थापित होने से बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में ईएसआईसी से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारजनों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे श्रमिक परिवारों को उपचार के लिए दूरस्थ क्षेत्रों पर निर्भरता भी कम होगी।श्रमिक हितों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बिलासपुर में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना से जिले के हजारों पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
- भिलाई। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के जन्मदिवस के अवसर पर नगर पालिक निगम भिलाई एवं एक्सिस बैंक के संयुक्त तत्वावधान में कोसा नगर मैदान में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।इस अवसर पर विधायक ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भिलाई के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना तथा उनकी नियमित देखभाल करना हम सभी की जिम्मेदारी है।जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों में हरियाली एवं स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। नगर पालिक निगम भिलाई एवं एक्सिस बैंक के संयुक्त प्रयास से कोसा नगर मैदान में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।कार्यक्रम में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, एक्सिस बैंक के प्रतिनिधि, महिला स्व सहायता समूह की सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हुए भिलाई को स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बनाने में सहभागिता का संकल्प लिया।
- रायपुर ।वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकाली गई इस ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, निगम-मंडल-आयोग के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्काउट-गाइड, स्कूली छात्र-छात्राएं, एनसीसी स्वयंसेवक एवं नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। लगभग 1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा ने राजधानी के वातावरण को राष्ट्रभक्ति और एकता के भाव से भर दिया।तिरंगा यात्रा में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा के निर्देशन में स्काउट-गाइड दल ने 1500 मीटर लंबे तिरंगे की अगुवाई करते हुए अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कदम से कदम मिलाया। स्काउट-गाइड एवं रोवर-रेंजर की अनुशासित और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने तिरंगा यात्रा की गरिमा को और बढ़ाया। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। हाथों में तिरंगा और मन में राष्ट्रप्रेम का भाव लिए स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारियों की सहभागिता ने नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत किया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की इस सहभागिता ने युवाओं को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का संदेश दिया। 1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली यह भव्य तिरंगा यात्रा प्रदेशवासियों के लिए अविस्मरणीय और ऐतिहासिक पल रही। यह यात्रा केवल राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का आयोजन नहीं, बल्कि देशभक्ति के जज्बे, एकता और राष्ट्रीय गौरव की सामूहिक अभिव्यक्ति बनी। जिस तरह तिरंगा हजारों हाथों में शान से लहरा रहा था, उसी तरह लोगों के हृदय में देशभक्ति का ज्वार उमड़ता दिखाई दिया।
- - खेल मैदान से निकलता है आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ युवा - उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव- राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का हुआ समापनराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्य आतिथ्य में विगत दिवस दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं सांसद श्री संतोष पाण्डेय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। एलिगेंट कॉमर्स एवं आईटी कॉलेज राजनांदगांव तथा एनआरसीए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 125 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने प्रतियोगिता में शतरंज खेल रहे प्रतिभागियों के बीच पहुंचकर उनकी प्रतिस्पर्धा का अवलोकन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बच्चों का उत्साह देखकर प्रतिभागियों के साथ शतरंज खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। अतिथियों को अपने बीच पाकर प्रतिभागी बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता में 125 से अधिक बच्चों की सहभागिता उत्साहजनक है। दिग्विजय स्टेडियम में बास्केटबॉल, शतरंज, बैडमिंटन, क्रिकेट और फुटबॉल सहित विभिन्न खेल गतिविधियां एक साथ संचालित हो रही हैं। स्टेडियम निर्माण का उद्देश्य भी यही था कि एक ही परिसर में विभिन्न खेलों के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की शतरंज परंपरा को आगे बढ़ाने वाले खिलाडिय़ों की उपलब्धियां प्रेरणादायी हैं। आज प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे बच्चे शतरंज के क्षेत्र में आगे बढऩे की क्षमता रखते हैं। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जिस तरह वृक्षारोपण के समय एक छोटा सा पौधा दिखाई देता है, लेकिन समय के साथ वही विशाल बरगद का पेड़ बन जाता है, उसी तरह आज के ये बच्चे भविष्य में शतरंज की दुनिया में बड़े खिलाड़ी और मास्टर बन सकते हैं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास और उत्सुकता पैदा करना सबसे महत्वपूर्ण है। एक बार आत्मविश्वास और हिम्मत आ जाए तो दुनिया की कोई ताकत आगे बढऩे से नहीं रोक सकती। उन्होंने बच्चों से कहा कि प्रतियोगिता में हार से निराश होने की जरूरत नहीं है। हार को सीख के रूप में लेकर अगली प्रतियोगिता की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल में जीत और हार दोनों होती हैं, लेकिन लगातार प्रयास करते रहने से सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भीतर जब किसी खेल के प्रति उत्सुकता जागती है और वे प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं, तो उनमें सीखने और आगे बढऩे की ललक स्वत: विकसित होती है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों को केवल शुभकामनाएं और आशीर्वाद देने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि खेल के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए उन्हें जिस भी सहयोग की आवश्यकता होगी, उसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों, आयोजकों और उपस्थित नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में 125 बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें बड़ी संख्या में बालिकाओं की सहभागिता विशेष रूप से उत्साहजनक है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में सुबह से शाम तक लगातार खेल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं और मैदान में जाकर खेलना केवल खिलाड़ी बनाने तक सीमित नहीं है। खेल के मैदान से आत्मविश्वास, अनुशासित, स्वस्थ और सबको साथ लेकर चलने वाला युवा तैयार होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे और युवा को खेलों को करियर के रूप में अपनाना जरूरी नहीं है, लेकिन हर बच्चे को कम उम्र से ही किसी न किसी खेल से जरूर जुडऩा चाहिए। मैदान में जाकर खेलना और पसीना बहाना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जो खेलेगा, वही खिलेगा के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने बच्चों से खूब खेलने और आगे बढऩे का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में जूनियर खिलाडिय़ों का उत्साह और शतरंज के प्रति उनकी रूचि देखकर विश्वास होता है कि यहां से भविष्य में बड़े स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। उन्होंने राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।समापन समारोह में राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, दिग्विजय स्टेडियम के सचिव श्री रमेश पटेल, श्री योगेश बागड़ी, श्री राजेश खंडेलवाल, श्री राजेश गुप्ता, श्री सुनील अग्रवाल, श्री नंदकिशोर सोनी, श्री बलवीर बग्गा, श्री सुदेश चौरसिया, श्री राजेश बागड़ी, श्री अशोक जोशी, श्री देवेंद्र ठाकुर, श्री रामप्रसाद पाल, सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रतियोगिता के विजेता खिलाडिय़ों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।क्रमांक 58 -----------------
- राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी विश्व स्तनपान सप्ताह दिवस पर जिला चिकित्सालय परिसर बसंतपुर में आयोजित विशेष जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नवजात शिशुओं के समुचित पोषण एवं स्वस्थ्य भविष्य के लिए स्तनपान को बढ़ावा देने तथा इसके प्रति समाज को जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की माताओं एवं उनके परिजनों को मां के दूध के महत्व और शिशु के सही पोषण से संबंधित जानकारी दी गई। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी भ्रांतियों को दूर किया। कार्यक्रम में बताया गया कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद (पहले एक घंटे के भीतर) दिया जाने वाला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए पहला टीका होता है। यह नवजात शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करता है और उसे कई घातक बीमारियों से बचाता है। जीवन के शुरूआती 6 महीनों तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। माताओं को स्तनपान कराने के सही तरीके, मुद्रा (पोजीशन) और अपने खान-पान व पोषण का ध्यान रखने की सलाह दी। इस दौरान बताया गया कि मां का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना शिशु के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। साथ ही शासकीय नर्सिंग कालेज की छात्राओं द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह का महत्व पर आधारित एक प्रेरक नाट्य प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बसंल, मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ, अल्पना लूनिया, सिविल सर्जन सह अस्पताल मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, डॉ. माधुरी खुटें, डॉ. विक्रम बैद, डॉ. कमलेश जंघेल, डॉ. तरूण कोठारी, नर्सिंग कालेज के प्राचार्य श्रीमती ममता नायक, प्रसूति विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभागाध्यक्ष सहित विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिशु संरक्षण माह के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने कहा कि शिशु संरक्षण माह का आयोजन 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान 6 माह से 5 वर्ष के सभी बच्चों को टीकाकरण 17 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विटामिन ए एवं आईएफएससी सिरप पीलाई जाएगी। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत ने 6 माह से 5 वर्ष के सभी अभिभावकों से अपने बच्चों के समग्र शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास के लिए निर्धारित टीकाकरण सत्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर विटामिन ए एवं आईएफए सिरफ पिलाने की अपील की।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि शिशु संरक्षण माह के दौरान 6 मंगलवार एवं 6 शुक्रवार को विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाएंगा। जिनमें 95 हजार 443 बच्चों को आईएफए सिरप तथा 90 हजार 141 बच्चों को विटामिन ए का सिरप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विटामिन ए के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आंखों की सुरक्षा होती है तथा बाल मृत्यु दर में कमी आती हैं। इसके साथ ही दस्त, खसरा, रतौंधी जैसे रोग से बचाव के साथ कुपोषण की रोकथाम में भी मदद मिलती है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री अनिकेत साहू, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री विश्वास कुमार, डॉ. बीएल तुलावी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- - 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन- सीएम हेल्पलाईन के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने कहा- 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ का आयोजनराजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी कहा कि शासन के निर्देशानुसार 9 से 17 अगस्त 2026 तक तीन चरणों में हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग थीम पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाईन अंतर्गत निराकरण में जिला अग्रिम रहा है। आगे भी सीएम हेल्पलाईन के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ई-फाईल में लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि 18 अगस्त को नशा मुक्त भारत अंतर्गत राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों एवं युवाओं को ई-शपथ के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारी करने के लिए कहा। जिला पंचायत सीईओ ने सीएम जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, सुशासन तिहार, पीजी एवं पीजीएन पोर्टल के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक लाभान्वित करें। एग्रीस्टेक ने किसानों का पंजीयन बढ़ाने के लिए कहा। हाई रिस्क वाली गर्भवती माताओं की सोनोग्राफी निजी डायग्नोस्टिक सोनोग्राफी कराने कहा तथा समय पर रिपोर्ट देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि घुमका ब्लाक को 24 दिसम्बर तक टीबी मुक्त करने की दिशा में प्राथमिकता से कार्य करें और प्रगति लाएं। हाई कोर्ट के लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण करने के लिए कहा। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण, यूवीन पोर्टल, पोषण ट्रेकर, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री अनिकेत साहू, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री विश्वास कुमार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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मोहला । कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले में गुणवत्तापूर्ण संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित उच्च स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के लिए आवश्यक स्टाफ की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संभावित प्रसव के दृष्टिगत संस्थागत स्तर पर पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए। शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में निजी अस्पतालों की तुलना में संस्थागत प्रसव की कम संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने प्रत्येक गर्भवती महिला को उचित परामर्श एवं मार्गदर्शन देकर शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के लिए प्रेरित करने को कहा।
बैठक में जननी सुरक्षा पोर्टल में हितग्राहियों से संबंधित जानकारी की नियमित एवं समयबद्ध ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अनुपातिक उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों को दिए।
उन्होंने टीबी कार्यक्रम में ट्रूनेट जांच, पोषण पुनर्वास केंद्रों में कुपोषित बच्चों की उपस्थिति, मौसमी बीमारियों एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई, कुष्ठ रोग कार्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण सर्वे तथा गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
इसी तरह आयुष्मान भारत एवं वय वंदन योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के कार्ड निर्माण में तेजी लाने तथा शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की ऑनलाइन एंट्री में प्रगति लाने तथा कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडले एप के माध्यम से ऑनलाइन पोस्टमार्टम एवं एमएलसी कार्यों के संबंध में आगामी दिनों में जिले में प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों को देय भुगतान समय पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार एवं उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय खोबरागड़े, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राकेश वर्मा, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। -
- महतारी वंदन योजना से देवकी निषाद के जीवन में आया आर्थिक संबल
मोहला । महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल के साथ सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई राह खोल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त की राशि प्रदेश की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी दैनिक एवं पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
महतारी वंदन योजना से लाभान्वित ग्राम मोहला निवासी श्रीमती देवकी निषाद के लिए यह योजना आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। श्रीमती निषाद बताती हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा योजना शुरू किए जाने के बाद उन्होंने भी इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें प्रत्येक माह योजना की राशि समय पर उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। श्रीमती देवकी निषाद ने बताया कि पहले अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार से जुड़ी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें पति अथवा अन्य परिजनों पर आर्थिक रूप से निर्भर रहना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उनकी स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपनी आवश्यकताओं के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि हर माह समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा करने का भरोसा दिया है। इससे उनके आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई है तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भावना भी मजबूत हुई है। योजना की राशि परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोगी होने के साथ महिलाओं को अपने छोटे-बड़े निर्णयों में अधिक आत्मविश्वास के साथ भागीदारी करने का अवसर दे रही है।
श्रीमती निषाद ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वावलंबन का संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिलने वाली राशि उनके जैसे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। -
-कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने जिला कार्यालय से किया हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ
बिलासपुर /वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और देशभक्ति की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से आज जिला कार्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अभियान के प्रति जनभागीदारी का संदेश देते हुए सेल्फी भी ली।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने जिलेवासियों से हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागी बनने तथा अपने घरों में सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल हमारे देश की पहचान नहीं, बल्कि यह हमारे गौरव, एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। वंदे मातरम् की भावना के साथ हर नागरिक का जुड़ाव राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करता है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने भी हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता करते हुए अभियान को समर्थन दिया। जिला कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और जनदर्शन में पहुंचे नागरिकों ने भी हस्ताक्षर कर राष्ट्रप्रेम और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना के साथ अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जिले में वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जन भागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। -
-हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
बिलासपुर /‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। तिरंगा यात्रा में सेंटर के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। हाथों में तिरंगा लेकर निकले खिलाड़ियों ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।
तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के उत्साह से सराबोर नजर आया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ तिरंगा लहराते हुए राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।
खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करना तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना जागृत करना रहा। आयोजन के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करने का प्रयास किया गया। - महासमुंद / जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद द्वारा जिला स्तरीय स्वतंत्रता एवं तिरंगा दौड़ का आयोजन 14 अगस्त 2026 को स्थानीय मिनी स्टेडियम महासमुंद में सुबह 8 बजे से आयोजित किया जाएगां। स्वतंत्रता एवं तिरंगा दौड़ मिनी स्टेडियम से प्रारंभ होकर बरोंडा चैक, शास्त्री चैक, सतबहनीया चैक, गांधी चैक एवं नेहरू चैक होते हुए पुनः मिनी स्टेडियम में संपन्न होगी।खेल अधिकारी खेल युवा युवा कल्याण महासमुंद ने स्वतंत्रता एवं तिरंगा दौड़ में बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, महिला संगठन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, खेल संघ, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड, एनएसएस, रेड क्रॉस, पुलिस बल, वन विभाग और मीडिया प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने अपील किया हैं।
- महासमुन्द। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) योजना का संचालन आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, रायपुर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2025-26 तक जिला महासमुंद के महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति राशि का भुगतान किया गया है।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय ने बताया कि 06 जुलाई 2026 की स्थिति में असफल छात्रवृत्ति भुगतान के लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाना है। वर्षवार लंबित छात्रवृत्ति प्रकरणों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 363 प्रकरण वर्ष 2021-22 के है, वही 24 प्रकरण वर्ष 2022-23, 1 प्रकरण वर्ष 2023-24 और 97 प्रकरण वर्ष 2025-26 के हैं। इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग का वर्ष 2021-22 में 50 प्रकरण, 2022-23 में 05, 2023-24 में 02 एवं वर्ष 2025-26 में 16 प्रकरण लंबित है तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत वर्षवार लंबित छात्रवृत्ति प्रकरण में क्रमशः 234, 41, 16, 14 एवं 27 प्रकरण शामिल हैं।विभाग द्वारा लंबित छात्रवृत्ति प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्यार्थियों को अगले 7 दिवस के भीतर छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपनी छात्रवृत्ति आईडी के माध्यम से बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी अपडेट करने का अवसर दिया गया है। विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर बैंक संबंधी जानकारी में आवश्यक सुधार अवश्य कर लें। निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने तथा छात्रवृत्ति राशि जारी नहीं हो पाने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी।
- -हर घर तिरंगा अभियान और माय भारत पोर्टल पर युवा पंजीयन बढ़ाने के दिए निर्देशमहासमुन्द / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।बैठक में सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समारोह की तैयारियां समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने तथा समारोह को गरिमामय ढंग से आयोजित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में प्लास्टिक के तिरंगे के विक्रय पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी व्यवसायियों को प्लास्टिक के तिरंगे का विक्रय नहीं करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। 15 अगस्त को जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में नियमानुसार ध्वजारोहण करने तथा अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा गया।हर घर तिरंगा अभियान की समीक्षा करते हुए सीईओ ने कहा कि अभियान के तहत जिला मुख्यालय के साथ सभी विकासखंडों और ग्रामों में तिरंगा यात्रा एवं बाइक रैली का आयोजन किया जाए। आयोजित कार्यक्रमों के फोटो वीडियो संस्कृति विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने कहा। उन्होंने बाइक रैली के दौरान यातायात नियमों का पालन तथा हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। सीईओ ने बताया कि 13 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम का फुल ड्रेस रिहर्सल प्रातः 9 बजे किया जाएगा। वहीं 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन होगा, जिसके सफत संचालन के लिए खेल विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग की आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। इसी दिन विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर स्कूल-कॉलेजों में विभाजन के इतिहास से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों को देने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में माय भारत पोर्टल पर युवाओं के पंजीयन की भी समीक्षा की गई। जिले को 32 हजार पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक करीब 6 हजार युवाओं का पंजीयन हुआ है। एक दिन में ही 2069 युवाओं द्वारा पंजीयन किए जाने पर सीईओ ने पंजीयन की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्कूल कॉलेजों में प्राथमिकता से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं का पंजीयन कराने को कहा। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के सीएमओ को भी अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने बीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा सीईओ ने विभिन्न प्राधिकरणों के लंबित निर्माण कार्यों को पूर्ण करने, राजस्व प्रकरणों, न्यायालय के प्रकरणों का जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करने तथा सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
- -गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले 1,800 करोड़ रुपए के ऑर्डर-प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को 130 करोड़ रुपए की बचतरायपुर / छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही। राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को 130 करोड़ रुपए की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है। GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल 235 करोड़ रुपए की बचत हुई है।खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,935 करोड़ रुपए पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर 1,800 करोड़ रुपए हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
- -बैगा-गुनिया और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संभाली जागरूकता की कमान, गांवों में बदलने लगा मलेरिया से बचाव का व्यवहाररायपुर ।बस्तर में मलेरिया से जंग अब सिर्फ दवा और जांच की नहीं रही। जंगलों के बीच बसे गांवों में मच्छरदानी की आदत, बुखार पर तुरंत जांच और समय पर इलाज का संदेश धीरे-धीरे लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। कभी मलेरिया के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से लड़ने के साथ-साथ लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव को भी अभियान का केंद्र बनाया है। इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि पिछले 10 वर्षों में मलेरिया के मामलों में करीब 83 प्रतिशत की कमी आई है।बस्तर की इस तस्वीर को बदलने के पीछे वर्षों से चल रही वह मुहिम है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के साथ लोगों को बीमारी से बचाव का तरीका भी समझाया गया। खासकर संभाग की बड़ी जनजातीय आबादी तक पहुंचने के लिए स्थानीय भाषा, स्थानीय परंपराओं और समुदाय में प्रभाव रखने वाले लोगों को माध्यम बनाया गया। मकसद साफ रहा-मलेरिया से बचाव की बात ऐसी भाषा में कही जाए, जिसे गांव का हर परिवार आसानी से समझ सके और अपनी दिनचर्या में अपना सके।इसी सोच के साथ बैगा-गुनिया सिरहा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। गांवों में जिन लोगों की बात समुदाय सहजता से सुनता है, उन्हें मलेरिया से बचाव के उपायों से जोड़ा जा रहा है। इन सम्मेलनों में स्थानीय भाषा और संवाद शैली के जरिए मच्छरदानी के नियमित उपयोग, बुखार होने पर तत्काल जांच और डॉक्टर से उपचार लेने की जरूरत समझाई जाती है।यह संदेश खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि बुखार को मामूली समझकर घर पर इंतजार करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच होने से बीमारी की पहचान जल्दी होती है और उपचार शुरू किया जा सकता है। इसी तरह सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल मलेरिया से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है।स्वास्थ्य अमला अब मछरदानी के नियमित इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनें परिवारों से संपर्क कर यह देख रही हैं कि मच्छरदानी केवल घर में रखी न रहे, बल्कि रात में उसका इस्तेमाल भी हो।मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बुखार की निगरानी और जांच की व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया गया है। गांवों में लोगों को यह समझाया जा रहा है कि बुखार आने पर घरेलू उपचार के भरोसे रहने के बजाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें और जांच कराएं। इस तरह बचाव और उपचार दोनों को समुदाय के व्यवहार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
- -लहराया गया 92 फीट का तिरंगा-तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में उत्साह और उमंग से शामिल हुए जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज कांकेर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अप्रतिम उत्साह के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विधायक श्री आशाराम नेताम और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर घड़ी चौक, ऊपर-नीचे रोड, मस्जिद चौक, गांधी चौक होते हुए नवनिर्मित मिनी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने हाथ में राष्ट्र ध्वज लेकर उत्साह से भाग लिया। यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से की गई। नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल लोगों का स्वागत किया तथा देशभक्ति के नारे लगाए। नगरवासियों ने चॉकलेट व टॉफी बांटकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश पर वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर इस जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था।92 फीट तिरंगा बना आकर्षण का केंद्रतिरंगा यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने 92 फीट लंबा तथा 5 फीट चौड़ा तिरंगा का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों पर इसे लहराते हुए यात्रा निकाली गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेंट माइकल इंग्लिश स्कूल की बैंड टोली में शामिल छात्राओं ने राष्ट्रगीत की धुन पर वाद्य यंत्र बजाते हुए रैली में मार्चपास्ट किया। केंद्र शासन एवं राज्य शासन के निर्देश पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने एवं राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे लोगों में देश भक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो।कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी श्री निखिल राखेचा, श्री महेश जैन, श्री सतीश लाटिया, श्री राहुल टिकरिहा, श्री राजा देवनानी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष श्री उत्तम यादव, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री रमेश निषाद भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।
- -सेवानिवृत्त होने से पहले ही प्रकरण कर निराकृत करें-महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है।मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
- -109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी शहीदों और घटनाओं की पूरी जानकारी-लंबित मामलों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान-नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास और शहीद परिवारों को सहायता में तेजी लाने के निर्देशरायपुर / नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं तथा माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता एवं राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता से निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को कहा, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबित प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के उद्देश्य से स्कूलों, चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूर्ण कराया जाए।बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को निर्धारित सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी पुनर्वास केंद्रों में आवश्यक एवं उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं की लगातार निगरानी की जाए तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ वापस आ रहे स्थानीय निवासियों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी चर्चा की, जो दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों से समन्वय कर ऐसे युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में ससम्मान स्थान दिलाने, उन्हें सभी पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर उन्हें प्रारंभ कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को शीघ्र मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।बैठक में प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी नक्सल श्री विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली-महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहणरायपुर / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा। इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।
- -नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधा-उप मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से हुए रू-ब-रू, कहा वीर शहीदों की शहादत व उनके सपनों को संजोकर रखने की जिम्मेदारी आप सब कीरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिड़िया बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।श्री साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक श्री आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉलकांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मिनी स्टेडियम परिसर में रोपे नारियल के पौधेउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और विधायक श्री आशाराम नेताम ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नारियल के पौधे लगाए। अन्य अतिथियों ने भी परिसर में पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।
- -गलियों में पानी के बर्तनों का सफर थमा, अब हर सुबह नल की धार से शुरू होती है कहानीरायपुर। सुबह के वक्त अब सेवैयाकला की गलियों में पानी का बर्तन लिए महिलाओं की कतारें दिखाई नहीं देतीं। घरों के आंगन में लगे नल खुलते हैं और साफ पानी की धार बहने लगती है। बच्चों के हाथों में अब पानी से भरी बाल्टियां नहीं, स्कूल का बस्ता है। यह बदलाव अचानक नहीं आया। यह उस योजना का परिणाम है, जिसने पानी को सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और राहत से जोड़ दिया है।महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत टेका के आश्रित गांव सेवैयाकला ने इस साल जून में 'हर घर जल' का लक्ष्य हासिल कर लिया। जल जीवन मिशन के तहत अब गांव के सभी 185 घरों तक नियमित रूप से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गांववालों के लिए यह केवल एक सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आया ऐसा बदलाव है, जिसे वे हर सुबह महसूस करते हैं।गांव की देविका साहू मुस्कराते हुए कहती हैं, "पहले पानी लाना ही सबसे बड़ा काम था। गर्मी में तो कई बार आधा दिन इसी में निकल जाता था। अब नल खोलते ही पानी मिल जाता है। समय भी बचता है और चिंता भी खत्म हो गई है।" उनकी बात सुनते हुए आसपास खड़ी महिलाएं भी सहमति में सिर हिलाती हैं। गांव में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जिसकी दिनचर्या इस बदलाव से अछूती रही हो।दरअसल, पानी केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं होता। गांवों में यह महिलाओं के श्रम, बच्चों के समय और पूरे परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। सेवैयाकला में नल से जल पहुंचने के बाद यही बदलाव सबसे स्पष्ट दिखाई देता है। सुबह के जिन घंटों में पहले पानी की जद्दोजहद होती थी, अब वही समय बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और घरेलू कामों में लग रहा है।इस बदलाव के पीछे जल जीवन मिशन के तहत 81 लाख 52 हजार रुपए की लागत से तैयार की गई जलापूर्ति व्यवस्था है। गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी बनाई गई है। 3825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।सरपंच श्रीमती कमली बसंत और सचिव श्रीमती हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना को समय पर पूरा किया गया। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि गांव ने इसे केवल सरकारी योजना मानकर नहीं छोड़ा। इसके संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति बनाई गई है। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन-संधारण के लिए हर परिवार 60 रुपए प्रतिमाह दे रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में भी निर्बाध पानी मिलता रहे। गांव के मिथिलेश बसंत प्रतिदिन तय समय पर पंप संचालन कर पूरे गांव तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।सेवैयाकला की कहानी बताती है कि विकास केवल आंकड़ों में नहीं दिखता, वह लोगों की बदली हुई दिनचर्या में दिखाई देता है। जब किसी महिला को पानी के लिए कई किलोमीटर नहीं चलना पड़ता, जब बच्चे पानी ढोने की जगह समय पर स्कूल पहुंचते हैं और जब हर घर में बिना चिंता के स्वच्छ पानी उपलब्ध होता है, तभी किसी योजना की असली सफलता दिखाई देती है। आज सेवैयाकला में बहता पानी केवल नलों से नहीं आ रहा, बल्कि वह ग्रामीण जीवन में सुविधा, स्वास्थ्य और सम्मान का नया भरोसा भी लेकर आया है। जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलाव की जीवंत मिसाल है।
- कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में करीब 700 प्रतिभागियों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेशबिलासपुर/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को ‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम्’ अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से आज बिलासपुर में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। जिला पुलिस प्रशासन एवं एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह रैली पुलिस ग्राउंड से प्रारंभ होकर अग्रसेन चौक तक पहुंची। रैली में करीब 700 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। रैली में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा एनसीसी के अधिकारी शामिल हुए।जिला पुलिस बल के जवानों के साथ एनसीसी के छात्र-छात्रा कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक तथा स्काउट-गाइड के विभिन्न स्कूलों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। तिरंगा थामे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, पुलिस जवानों और स्वयंसेवकों की सहभागिता से शहर में देशभक्ति का माहौल बना रहा। रैली के माध्यम से नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। रैली के आयोजन एवं समन्वय में एनसीसी के कैप्टन श्री आशीष शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री रामगोपाल करियारे तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस प्रशासन, एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट-गाइड के समन्वित प्रयासों से आयोजित इस रैली ने जिले में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।


























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