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- -44 हैंडपंप तकनीशियनों को मिला नियुक्ति पत्र-छत्तीसगढ़ में पेयजल समस्याओं के निदान के लिए नया नंबर 1916 किया जारीरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से चयनित 44 नए हैंडपंप तकनीशियनों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। श्री साव ने नवनियुक्त तकनीशियनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्री साव ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पेयजल समस्याओं के निदान के लिए नया नंबर 1916 जारी किया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नवनियुक्त तकनीशियनों को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज से आपके नए जीवन की शुरुआत हो रही है, आप अपने सपनों को सच होते देख रहे हैं। घरवाले बेसब्री से आपकी राह देख रहे होंगे, आज आप शासकीय नौकरी की नियुक्ति पत्र लेकर घर लौटेंगे। यह आप सभी के लिए भावुक पल है। उन्होंने कहा कि यह आपकी मंज़िल नहीं है। आपको जीवन का पड़ाव मिला है। आपको बहुत दूर तक जाना है। जीवन के अनेक सोपान तय करना है। यहां से आपके लिए नई जिम्मेदारी, नई चुनौती, नया फील्ड एवं नया परिवेश मिलने वाला है।ऐसे में आपको ख़ुदको मानसिक रूप से तैयार करना है। श्री साव ने कहा कि शासकीय नौकरी, सपनों को साकार करने की दिशा में पहला कदम है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने समारोह में कहा कि 29 हजार से ज्यादा नल जल योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से 7000 से अधिक पूर्ण हो चुकी हैं। आप सभी विभाग के ग्राउंड रूट के हिस्से होंगे, इसलिए नए तकनीशियन फील्ड में प्रदेशवासियों की सेवा में पूरे समर्पण से कार्य करें। कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी ने भी सम्बोधित किया।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के प्रति सरकार प्रतिबद्धरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया।संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है।जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी श्री नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से श्री हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है।जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
- रायपुर ।राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट श्री हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, श्री गुरु बालकदास साहेब, सांसद श्री विजय बघेल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री इंद्रकुमार साहू, श्री मोतीलाल साहू, श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - संभागायुक्त ने पाटेकोहरा चेकपोस्ट में जांच के दौरान अवैध धान परिवहन करते ट्रक के जप्ती की कार्रवाई की- पाटेकोहरा बेरियर कार्यालय भवन की साफ-सफाई और व्यवस्थित करने के दिए निर्देश- संभागायुक्त ने धान उपार्जन केन्द्र लालूटोला का किया निरीक्षण- धान उपार्जन केन्द्र लालूटोला में किसानों से चर्चा कर सुविधाओं के संबंध में ली जानकारीराजनांदगांव । संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने अंतर्राज्यीय सीमा पाटेकोहरा बेरियर का औचक निरीक्षण किया। इसके साथ ही छुरिया विकासखंड के धान खरीदी केन्द्र लालूटोला का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव उपस्थित रहे। संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने पाटेकोहरा बेरियर में जांच के दौरान महाराष्ट्र राज्य से ट्रक के माध्यम से आ रहे अवैध धान को जप्त किया। उन्होंने पाटेकोहरा बेरियर के परिवहन विभाग द्वारा लिए जा रहे समझौता शुल्क की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को बेरियर के भवन की साफ-सफाई करने तथा कार्यालय को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त श्री राठौर ने छुरिया विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र लालूटोला का निरीक्षण किया। संभागायुक्त ने धान उपार्जन केन्द्र में किसानों से चर्चा कर उनसे मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने धान की गुणवत्ता, आद्र्रतामापी मशीन से धान की नमी और इलेक्ट्रानिक तौल मशीन के माध्यम से धान तौलाई का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों से ऑनलाईन टोकन, नाप तौल, कोचियों एवं बिचौलियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के समय स्वच्छ, सूखा एवं गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी होना चाहिए। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में मोटा, पतला, सरना धान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में भंडारण, पेयजल, प्रकाश सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। धान उपार्जन केन्द्र लालूटोला में 935 किसानों द्वारा 267.875 हेक्टेयर रकबा का समर्पण किया गया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, तहसीलदार छुरिया श्री विजय कोठारी, सहायक खाद्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व किसान उपस्थित थे।
- - अब तक जिले में 103607 पंजीकृत किसानों से 1234 करोड़ 62 लाख 62 हजार रूपए मूल्य का 5200539.60 क्विंटल धान की खरीदी- अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1691672.50 क्विंटल धान का उठावराजनांदगांव । जिले में धान खरीदी अभियान से किसानों में खुशी की लहर है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 103607 पंजीकृत किसानों से 1234 करोड़ 62 लाख 62 हजार रूपए मूल्य का 5200539.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1691672.50 क्विंटल धान का उठाव किया गया है।
- - विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय राजनांदगांव और छुरिया तथा जनपद पंचायत छुरिया कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। संभागायुक्त श्री राठौर ने विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के तहत प्राप्त दावा-आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के तहत प्राप्त दावा-आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।संभागायुक्त श्री एसएन राठौर ने तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान तहसील न्यायालय में दर्ज प्रकरणों, राजस्व लंबित मामलों तथा सुनवाई के लिए निर्धारित तैयार प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील कार्यालय में सुनवाई के लिए पहुंचे किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए। संभागायुक्त ने कहा कि त्रुटि-सुधार संबंधित प्रकरणों में संबंधित पक्षकारों को अनिवार्य रूप से नोटिस जारी किए जाएं, जिससे समयबद्ध रूप से सुनवाई एवं निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ समय-सीमा में किया जाना चाहिए। संभागायुक्त श्री राठौर ने छुरिया जनपद पंचायत कार्यालय का अवलोकन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित पेंशन प्रकरणों के ऑनलाईन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, तहसीलदार छुरिया श्री विजय कोठारी सहित अन्य अधिकारी व जनसामान्य उपस्थित थे।
- - श्री रामलला के दर्शन की वर्षों पुरानी इच्छा हुई पूरी- शासन की यह योजना पुण्य का कार्य- मुख्यमंत्री को नि:शुल्क तीर्थयात्रा के लिए दिया धन्यवादराजनांदगांव । श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत अयोध्या धाम की नि:शुल्क यात्रा राजनांदगांव शहर के ममता नगर निवासी श्रीमती सुशीला चंदेल के लिए यादगार रही। उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम पहुंचने पर बहुत खुशी एवं उल्लास की अनुभूति हुई। वहां पहुंचने पर श्री रामलला मंदिर एवं काशी विश्वनाथ मंदिर को देखकर और इन तीर्थ स्थलों पर पहुंचकर मन में शांति एवं आनंद महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि सरयू गंगा आरती में शामिल होने पर बहुत अच्छा लगा। श्रीमती सुशीला चंदेल ने कहा कि शासन की श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना से श्री रामलला के दर्शन की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई। उन्होंने अपनी यात्रा के रोचक अनुभव साझा करते हुए बताया कि श्री रामलला दर्शन आयोध्या धाम योजना के तहत 850 यात्री लाभान्वित हुए।श्रीमती सुशीला चंदेल बताया कि शासन द्वारा रेल्वे स्टेशन राजनांदगांव से अयोध्या धाम पहुंचने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। ट्रेन में भोजन एवं नाश्ते की बहुत अच्छी व्यवस्था रही। शासन द्वारा वहां रूकने तथा भ्रमण के लिए भी बहुत अच्छी व्यवस्था की गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल की अन्य प्रदेशों में भी सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों, जो अयोध्या धाम नहीं जा सकते उनके लिए श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना बहुत अच्छी है और यह एक पुण्य का कार्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को नि:शुल्क तीर्थयात्रा के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सभी तीर्थयात्रियों की अच्छी देखभाल की गई।
- - नागरिकों को दी जा रही सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएंराजनांदगांव । आयुष विभाग के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में आयुष विंग का संचालन किया जा रहा है। जिले में आयुष विंग द्वारा नागरिकों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का संचालन कर लाभान्वित किया जा रहा है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. शिल्पा मिश्रा ने बताया कि आयुष विंग में वात, पित्त और कफ जनित रोगों के निवारण हेतु आधुनिक संसाधनों के साथ पंचकर्म चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही ओपीडी सेवा के माध्यम से मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सलाह एवं आवश्यकतानुसार औषधियां उपलब्ध कराई जा रही है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आस्था मूक बधिर विद्यालय में प्रत्येक माह नियमित स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। वहीं शिविर में बच्चों का शारीरिक परीक्षण कर आयुर्वेद पद्धति से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए परामर्श एवं औषधियां वितरित की जाती हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत स्वस्थ संतति और मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु आयुर्वेदिक देखभाल के लिए सुप्रजा, गंभीर एवं असाध्य रोगों के पीडि़तों को दर्द निवारण एवं जीवन गुणवत्ता हेतु सहायता के लिए कारूण्य, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह बीमारियों की रोकथाम हेतु स्क्रीनिंग और उपचार के लिए एनसीडी, वृद्धावस्था जनित जोड़ों का दर्द एवं मांसपेशियों की समस्याओं के निवारण के लिए विशेष पंचकर्म एवं औषधि चिकित्सा का संचालन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिमाह बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और गुणवत्ता के लिए समीक्षा भी की जाती है।
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- फाइनल मुकाबला 18 जनवरी को
--खेल के माध्यम से सिक्ख युवाओं को नशे से दूर कर एकता और प्रतिभा को दिया जा रहा मंचरायपुर। रायपुर में ऑल इंडिया सिकलिगर सिख प्रीमियर लीग, यानी एस.पी.एल. का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित क्रिकेट प्रतियोगिता शहीदों के सरताज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है।गुरुद्वारा कलगीधर साहिब युवा सेवादार आमनाका रायपुर के तत्वावधान में आयोजित यह टूर्नामेंट 13 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक एमबीपीएल ग्राउंड, सरोना रोड, रायपुर में खेला जा रहा है।देशभर से आई विभिन्न टीमों की सहभागिता के चलते यह लीग राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप ले चुकी है। लीग मैचों के बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और 18 जनवरी को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा, जिसे लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।युवा खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर आकर्षक बैनर, मैच शेड्यूल डिस्प्ले और बेहतर व्यवस्थाएं इस प्रतियोगिता की भव्यता को दर्शाती हैं।कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, सिख समाज के गणमान्य प्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहकर आयोजन को सफल बना रहे हैं।गुरुद्वारा कलगीधर साहिब के प्रधान सरदार तिलक सिंह, सरदार रंधावा सिंह बावरी, हरपाल सिंह भामरा, रिंपी सिंह सहित आयोजन समिति के सदस्य और समाज की महिलाएं भी इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, शंकराचार्य कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर मनोज शर्मा, आनंद बैटरी वाले गुरदीप सिंह आनंद, छत्तीसगढ़ सिख संगठन के संस्थापक हरपाल सिंह भामरा और गुरबख्श सिंह साहनी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज को जोड़ने और युवाओं को नशे से दूर रख सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम है।आयोजकों का कहना है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि सिकलिगर सिख समाज के युवाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाना, आपसी भाईचारा मजबूत करना और गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान व आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। आने वाले दिनों में सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले और भी रोमांचक होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। -
*शहर के प्रमुख स्थानों पर खोले जाएं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र : सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल*
*जल जीवन मिशन की समस्याओं का जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर करें समाधान : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह*रायपुर। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न केंद्र एवं राज्य शासन की विकास योजनाओं की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाएं, ताकि आम नागरिकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां सुलभ हो सकें। उन्होंने रायपुर जिले में स्वीकृत नवीन प्रधानमंत्री सड़कों की संख्या, भेजे गए प्रस्तावों एवं शेष आवश्यक सड़कों की जानकारी भी मांगी।अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में आठ सड़कें स्वीकृत हुई हैं, जिनका विस्तृत विवरण बैठक में प्रस्तुत किया गया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि योजना से संबंधित समस्याओं का समाधान जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर किया जाए, जिससे नागरिकों को समय पर शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।बैठक में जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में कम से कम एक ऐसे तालाब का चयन किया जाए, जिसका अधिकतम उपयोग ग्रामीणों द्वारा किया जाता है, तथा उसका सौंदर्यीकरण कराया जाए। साथ ही जिले की जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जर्जर आंगनबाड़ी भवनों का शीघ्र निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्ष 2026-27 तक जिले में कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर अथवा भवनविहीन न रहे। इसके साथ ही स्कूलों में बाउंड्रीवॉल एवं शौचालयों की मरम्मत कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी जनप्रतिनिधियों को उनके-अपने क्षेत्रों में स्वीकृत एवं प्रगतिरत विकास कार्यों की नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।आवास से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि आवासीय भूमि पर निवासरत पात्र परिवारों की भूमि को आवासीय घोषित किया जाए तथा जिन पात्र हितग्राहियों को अब तक पट्टा प्रदान नहीं किया गया है, उन्हें शीघ्र पट्टा उपलब्ध कराया जाए।बैठक में उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित जिला स्तरीय अधिकारी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर। नियमों के विरुद्ध आपत्तिजनक एवं अश्लील प्रकृति के कार्यक्रम को अनुमति प्रदान किए जाने के मामले में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे द्वारा कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। जिला गरियाबंद में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर श्री तुलसीदास मरकाम (रा.प्र.से.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 05 जनवरी 2026 से 10 जनवरी 2026 के मध्य ग्राम उरमाल, थाना देवभोग, तहसील अमलीपदर, विकासखंड मैनपुर, जिला गरियाबंद में तथाकथित “ओपेरा (नृत्य, नाटक, संगीत)” कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक गतिविधियों के आयोजन की सूचना सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से संज्ञान में आई।मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारी को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रस्तुत स्पष्टीकरण की विधिवत जांच उपरांत उसे असंतोषजनक पाया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित अधिकारी द्वारा कार्यक्रम को अनुमति देते समय निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया तथा कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरती गई।उक्त कृत्यों को गंभीर प्रशासनिक कदाचार मानते हुए संभागायुक्त श्री महादेव कावरे द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डिप्टी कलेक्टर श्री तुलसीदास मरकाम (रा.प्र.से.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला कार्यालय बलौदाबाजार-भाटापारा निर्धारित किया गया है तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे। -
0- रायपुर में भव्य स्वागत के साथ कार्यक्रम की तैयारी को लेकर जुटे विभिन्न समाजों के प्रतिनिध
0- राजमाता जिजाऊ के जन्म स्थल सिंदखेड नासिक ने 12 फरवरी को शुरू होगी यात्रा0- जगन्नाथ पुरी में 19 फरवरी को यात्रा के समापन पर भव्यतम स्तर पर मनाई जाएगी शिवाजी महाराज जयंतीरायपुर। शिवाजी महाराज की मां राजमाता जिजाऊ बाई के जन्मस्थल सिंदखेड़ नासिक से निकली राष्ट्रीय गौरव यात्रा 16 फरवरी को रायपुर पहुंचेगी। यहां यात्रा का न केवल भव्य स्वागत किया जाएगा बल्कि बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, अनेक मंत्रियों सहित कई जनप्रतिनिधियों और समाज के पदाधिकारियों के बतौर विशेष आमंत्रित शामिल होने की संभावना है।राष्ट्रीय गौरव यात्रा के भव्य स्वागत और कार्यक्रम की तैयारी को लेकर महाराष्ट्र मंडल में अध्यक्ष अजय मधुकर काले की अगुवाई में शु्क्रवार की देर शाम एक अहम बैठक हुई। जिसमें मंडल के कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा मराठा समाज, कुनबी समाज, स्वर्णकार समाज सहित अनेक समाजों के पदाधिकारी शामिल हुए और आयोजन की तैयारी को लेकर अपने- अपने विचार रखे।बैठक में कुर्मी समाज व्यापार प्रकोष्ठ के धनंजय सिंह वर्मा ने बताया कि शिवाजी महाराज की मां राजमाता जिजाऊ बाई के जन्मस्थल सिंदखेड़ नासिक से 12 फरवरी को भव्य राष्ट्रीय गौरव यात्रा शुरू होगी। छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा के साथ बेहद आकर्षक रथ यात्रा का आकर्षण होगा। धनंजय के मुताबिक यात्रा अकोला, अमरावती, नागपुर, राजनांदगांव, दुर्ग- भिलाई होते हुए 16 फरवरी को राजधानी रायपुर पहुंचेगी। छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में गौरव यात्रा जोशीला स्वागत किया जाएगा। लेकिन स्वागत के साथ भव्य कार्यक्रम रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में शहर के तमाम समाजों के पदाधिकारियों के साथ सामाजिक जनों को भी आमंत्रित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ को पत्र भेजकर 19 फरवरी को स्वराज दिवस घोषित करने की मांग की है। इसके लिए ईमेल के माध्यम से वे लगातार पिटिशन अभियान भी चला रहे हैं और इसके लिए उन्होंने बैठक में शामिल विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि जैसे ही 19 फरवरी को राष्ट्रीय स्वराज दिवस की घोषणा होगी, वैसे ही छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त होगा। लोगों में शिवाजी महाराज की जीवनी और उनके पराक्रम को जानने की जिज्ञासा बढ़ेगी।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल कई वर्षों से 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती न केवल धूमधाम से तात्यापारा चौक स्थित शिवाजी प्रतिमा परिसर में मनाता रहा है, बल्कि इस दिन को स्वराज दिवस घोषित करने की हर स्तर पर मांग भी करता रहा है। काले ने कहा कि हम सभी समाज और संगठनों के लोग अभी से एकजुट होकर 16 फरवरी के कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए जुटेंगे, तो निश्चित ही यह आयोजन ऐतिहासिक व अविस्मरणीय होगा।काले ने कहा कि पिछले पांच सालों से हम महाराष्ट्र मंडल में हर महीने की 19 तारीख को शिवाजी महाराज की महाआरती करते आ रहे हैं। साथ ही उनके जीवन प्रसंगों पर चर्चा करते हैं। इस बार 19 जनवरी को शिवाजी महाराज की महाआरती के बाद आप सभी की उपस्थिति में हम सब 16 फरवरी के आयोजन की आपस में चर्चा कर तैयारियों की रूपरेखा सुनिश्चित करेंगे।बैठक में मराठा समाज के लोकेश पवार, शिशिर सुरोसे, शरद फडताड़े, कुनबी समाज के पंकज ब्राह्मणकर, तिरेला कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष ललित कांकडे, सारिका गेडे़कर प्रदेश अध्यक्ष कुनबी समाज महासंगठन छत्तीसगढ, निकेश तितिरमारे, मंडल सचिव चेतन दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, चिकित्सा सेवा समिति के अरविंद जोशी, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। -
*0सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड क्षेत्र में रहवासी नागरिकों को पीएम सूर्यघर योजना का अधिकाधिक संख्या में लाभ उठाने जागरूक बनाएं - महापौर की पार्षदों से विनम्र अपील0*
रायपुर - भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी की समाजहितकारी मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छग राज्य विद्युत पावर वितरण कम्पनी के माध्यम से संचालित अभिनव योजना पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाने की विनम्र अपील राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी वार्ड पार्षदों से की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के सभी पार्षदों से अपने - अपने घरों में सोलर पैनल छग विद्युत पावर वितरण कम्पनी के माध्यम से लगवाकर राष्ट्र हित में विद्युत की बचत करने का सकारात्मक सन्देश देने और अपने - अपने वार्ड क्षेत्र के सभी रहवासी नागरिकों को पीएम सूर्यघर योजना का अधिक से अधिक संख्या में व्यवस्था अंतर्गत अधिकतम लाभ लेने जागरूक बनाने की विनम्र अपील की है. -
इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2025 मिलने पर टोले ने टीम के साथ माना आभार
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद और बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले को उनके प्रतिष्ठान 'रसोई माड्युलर किचन और फर्निशिंग सोल्युशन' की विश्वसनीय सेवाओं के लिए इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। दुबई के हॉटल अल खुरई स्काय गार्डन में आयोजित सक्षम बिजनेस समिट एंड इंटरनेशनल अवार्ड फक्शन में यह पुरस्कार दिया गया।सुबोध टोले ने बताया कि यह ‘रसोई’ द्वारा डिज़ाइन किए गए उच्च गुणवत्ता वाले किचन इंटीरियर्स और फर्नीचर व ग्राहक संतुष्टि को विशेष ध्यान देने के लिए प्रदान किया गया है। ग्लोबल एकेडेमिक फोरम (जीएएफ), संयुक्त अरब अमीरात की अध्यक्ष रेबीका जे दाही ने रसाई के बेहतरीन परफार्मेंस के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।टोले के मुताबिक देवेंद्र नगर स्थित रसोई की शाखाएं जगदलपुर और संबलपुर में भी हैं। पिछले 25 वर्षों से गुणवत्ता, भरोसे साथ कार्य कर रही रसोई के लिए यह सम्मान हमारी टीम की मेहनत और ग्राहकों के विश्वास का प्रतीक है। टोले ने इस उपलब्धि के लिए ग्राहकों का आभार माना है। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले सहित कार्यकारिणी सदस्यों व विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों ने सुबोध टोले को इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। - -किसान तुंहर टोकन ऐप ने बचाया समय और श्रम – किसानों की सराहनारायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन व्यवस्था में की गई डिजिटल एवं पारदर्शी सुधार पहल का सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। सरगुजा जिले सहित राज्य के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में अपनाई गई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, सुव्यवस्थित तौल प्रक्रिया और आधारभूत सुविधाओं ने किसानों को धान विक्रय के लिए सहज और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराया है।सरगुजा के ग्राम पंचायत कंचनपुर के कृषक श्री कृष्ण कुमार राजवाड़े ने बताया कि उनके पास लगभग 260 क्विंटल धान है, जिसके लिए उन्होंने किसान तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि ऐप आधारित सुविधा से समिति कार्यालय में भीड़ और बार-बार जाने की जरूरत समाप्त हो गई है, जिससे समय की बचत के साथ धान विक्रय प्रक्रिया पूरी तरह सरल हो गई है।उन्होंने बताया कि उपार्जन तिथि पर नमना कला धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर तुरंत गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण कराया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। निर्धारित प्रक्रिया के सुचारु संचालन के कारण धान विक्रय बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ। किसानों के लिए केन्द्र में पेयजल, छायादार बैठने की सुविधा और समिति कर्मचारियों का सहयोग भी विशेष रूप से सराहनीय रहा।राज्य शासन के निर्णयानुसार इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल तय किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। श्री राजवाड़े ने कहा कि इस निर्णय से किसानों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि दर्ज की जा रही है।उन्होंने धान उपार्जन प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।श्री राजवाड़े ने कहा कि बेहतर मूल्य, डिजिटल सुविधा एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते खेती अब अधिक लाभकारी बन रही है और किसानों का विश्वास और मनोबल दोनों बढ़े हैं।
- -शिवराम वेक की आय में हुई अच्छी बढ़ोतरीरायपुर ।उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक तकनीक अपनाकर दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के ग्राम मड़से के प्रगतिशील कृषक श्री शिवराम वेक ने अपनी खेती को नई दिशा दी है। विभागीय मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने वर्ष 2024-25 में 1000 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। इसमें उन्होंने बरबट्टी की उन्नत किस्मों का उत्पादन शुरू किया, जिससे उन्हें अपेक्षा से अधिक उपज मिली।शेड नेट हाउसएक कृषि संरचना है जिसमें जालीदार नेट का उपयोग करके एक ढाँचा बनाया जाता है, जो पौधों को तेज़ धूप, कीटों, और अत्यधिक मौसम से बचाता है, साथ ही ज़रूरी नमी, हवा और सूरज की रोशनी को अंदर आने देता है, जिससे फसलों के लिए अनुकूल सूक्ष्म वातावरण बनता है, विशेषकर फूल, सब्जियां और नर्सरी पौधों के लिए यह फायदेमंद है, इसे नेट हाउस या छाया घर भी कहते हैं और यह कम लागत में बेहतर उत्पादन और पानी की बचत करता है।शेडनेट निर्माण से तापमान नियंत्रित हुआ, फसल को कीटों से सुरक्षा मिली और मिट्टी में नमी भी बनी रही। ड्रिप सिंचाई पद्धति का उपयोग करने से पानी की बचत हुई और पौधों को लगातार उचित नमी मिलती रही। इन नियंत्रित परिस्थितियों के कारण उत्पादन खुले खेत की तुलना में 35-40 प्रतिशत तक बढ़ गया। शेडनेट में तैयार हरी बरबट्टी स्थानीय बाजार में अच्छी कीमत पर बिकी, जिससे शिवराम वेक को नियमित नकद आय मिलने लगी।शेडनेट में सफलता मिलने के बाद शिवराम ने 0.20 हेक्टेयर खुले क्षेत्र में सेम की खेती शुरू की। गुणवत्ता वाले पौध, जैविक खाद, ट्रेलिस (मचान) विधि और मौसम अनुसार सिंचाई ने फसल को मजबूत बनाया। इसके परिणामस्वरूप सेम की फलन क्षमता बढ़ी और बाजार में अच्छी मांग मिलने से प्रति चक्र उन्हें 15,000 से 20,000 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।नई तकनीक अपनाने की उनकी इच्छाशक्ति और मेहनत ने उनकी खेती को लाभकारी बना दिया। अब वे अपनी सब्जियों को सीधे स्थानीय हाट-बाजार और थोक विक्रेताओं तक पहुँचाते हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई। शेडनेट और सब्जी उत्पादन से उनकी मासिक आय में लगभग 8-12 हजार रुपये की लगातार वृद्धि दर्ज की गई। आज शिवराम वेक गांव के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं। शासकीय योजनाओं और उद्यानिकी विभाग की तकनीकी सहायता से उन्होंने सिद्ध किया है कि आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकते हैं।
- -परम्परागत व्यवसाय़ से उठकर अब मार्केट के डिमांड आधारित व्यवसाय की ओर अग्रसर-150 आजीविका दुकान खोले जाएंगेमहासमुंद / महिला समूह परम्परागत व्यवसाय से उठकर अब बाजार आधारित मांग के अनुरूप अपना व्यवसाय का चयन कर रही है और बाजर में एक सशक्त प्रतिस्पर्धी के रूप में खुद की पहचान बना रही है। शुरूआती दिनों में महिला सदस्य घर से जुड़े व्यवसाय जैसे बड़ी, पापड़, आचार बनाकर विक्रय करती थी। लेकिन आज बदलते दौर में बाजार में बने रहने के लिए बाजार के मांग के अनुरूप उत्पाद का चयन करना आवश्यक हो गया है। जिला प्रशासन और बिहान के मार्गदर्शन से बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत खल्लारी क्लस्टर के भीमखोज में जय मां शीतला महिला समूह की सदस्य पद्मा साहू ने रेडिमेड कपड़े की दुकान फैशन जोन खोलकर बाजार में सीधे प्रवेश की है। आज उनका फैशन जोन दुकान केवल एक रेडीमेड कपड़ा दुकान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए सफलता का सशक्त उदाहरण बन चुका है। अभी प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार रुपए का विक्रय हो रहा है।भीमखोज के मुख्य सड़क में एक साज-सज्जा सहित फैशन जोन का शो रूम दिखाई देता है। जिनका संचालन महिला सदस्य पद्मा साहू कर रही है। दुकान में आधुनिक रेडीमेड परिधान के साथ-साथ साड़ी, फैंसी आइटम एवं कॉस्मेटिक सामग्री भी उपलब्ध है। सुसज्जित और व्यवस्थित दुकान किसी शो-रूम से कम नहीं दिखती, जिससे ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे बिहान योजना और आजीविका मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही है। पद्मा साहू को बिहान से समूह के रूप में 1 लाख रुपये तथा बाद में 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। व्यवसाय की शुरुआत उन्होंने 1.50 लाख रुपए के ऋण से की। समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्होंने व्यवसाय विस्तार के लिए 3 लाख रुपये का ऋण लिया, जिससे कारोबार और मजबूत हुआ। वर्तमान में उनकी दुकान से प्रतिदिन लगभग 5 हजार रुपए तक की बिक्री हो रही है। इस पूरे सफर में परिवार का निरंतर सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। हाल ही में यह दुकान आजीविका दुकान के अंतर्गत संचालित की जा रही है।श्रीमती पद्मा साहू ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अपनी खुद की इतनी अच्छी दुकान चला पाएगी। उन्होंने बताया कि बिहान योजना और आजीविका मिशन से मिली सहायता ने मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया। शुरुआत में डर था, लेकिन परिवार और समूह की दीदियों के सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ा। आज मैं दुकान की मदद से अपनी आजीविका के साथ अपने बच्चों और परिवार के भविष्य को भी बेहतर बना पा रही हूं। मैं चाहती हूं कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और आजीविका मजबूत हो।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जिले में ऐसी 150 आजीविका दुकान खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ेंगी और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। वर्तमान में 30 आजीविका दुकानों का संचालन किया जा रहा है।
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रायपुर। राजीव युवा उत्थान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य स्तरीय चयन परीक्षा के पश्चात दस्तावेज का सत्यापन नवा रायपुर स्थित इन्द्रवती भवन के तृतीय तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल क्रमांक 4 में 27 और 28 जनवरी को सबेरे 11 बजे से आयोजित की गई है।
गौरतलब है कि योजना के तहत संघ लोेक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं की दिल्ली में रहकर तैयारी करने की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसके लिए 28 दिसम्बर 2025 को प्राक्कलन परीक्षा आयोजित की गई थी। आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन हेतु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन नवा रायपुर अटल नगर स्थित इन्द्रावती भवन में किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन दिनांक 27 जनवरी 2026 को सबेरे 11 बजे से शाम 4 बजे तक तथा अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन 28 जनवरी को 11 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा का प्रवेश पत्र, कक्षा 10वीं एवं स्नातक की अंकसूची, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र एवं जाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आय प्रमाण-पत्र तथा सभी अभ्यर्थियों के लिए नोटरी द्वारा अभिप्रमाणित स्व-घोषणा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।सभी संबंधित अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आवश्यक अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। निर्धारित तिथि को अनुपस्थित रहने अथवा आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत न करने की स्थिति में अभ्यर्थिता पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। - -डबरी निर्माण और मछली पालन प्रशिक्षण से ग्रामीणों को मिला नया अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ नियद नेल्लानार क्षेत्रों में मनरेगा और मत्स्य पालन योजना के संयुक्त प्रयास से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इस सत्र में स्वीकृत 150 आजीविका डबरियों ने खेती को मजबूती दी है। साथ ही 30 चयनित ग्रामीणों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रदान किया जा रहा है।'नियद नेल्ला नार' छत्तीसगढ़ की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्रों (सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर) के ग्रामीणों को मनरेगा और अन्य योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जैसे मनरेगा के तहत तालाब निर्माण और मछली पालन प्रशिक्षण के ज़रिए ग्रामीणों की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे जल संरक्षण के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी विकसित कर सकें।कलेक्टर और जिला सीईओ के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र द्वारा दिए जा रहे इस प्रशिक्षण से अब वनांचल के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। इससे उनकी पारिवारिक आमदनी बढ़ेगी और वे बच्चों की शिक्षा तथा जीवन-स्तर सुधारने में सक्षम होंगे। आरसेटी सुकमा में आयोजित मत्स्य पालन प्रशिक्षण ने सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए स्वावलंबन का नया रास्ता खोला है। इसका प्रेरक उदाहरण कोंटा विकासखंड के पालेम निवासी श्री सोमारू हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मछली के जीवनचक्र, पालन तकनीक और देखभाल की सभी बारीकियाँ ध्यानपूर्वक सीखी और रेखाचित्रों के माध्यम से समझ भी विकसित की।श्री सोमारू का कहना है कि इस उन्नत और तकनीकी प्रशिक्षण से वे भविष्य में मछली पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में स्थापित कर पाएँगे। उन्होंने इस लाभदायक पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप को धन्यवाद दिया है। उनका मानना है कि यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- - छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में जीएसटी अनुपालन सुदृढ़ करने हेतु कार्यशाला का आयोजनरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों में जीएसटी कानून के विभिन्न पहलुओं पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून के तहत स्क्रूटनी एवं वाद-विवाद से बचाव के लिए सटीकता एवं सुदृढ़ रिकार्ड कीपिंग अत्यंत आवश्यक है। फाइलों का बेहतर दस्तावेजीकरण, समय पर रिटर्न दाखिला एवं नियमों के अनुरूप लेखा प्रबंधन से न केवल जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित होता है, बल्कि विवादों की स्थिति भी नहीं बनेंगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के वित्त संकाय ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया रायपुर शाखा के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन डंगनिया मुख्यालय स्थित सेवा भवन में किया। इसमें प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला जीएसटी लॉ के समुचित अनुपालन को सुनिश्चित करने एवं पावर कंपनियों में जीएसटी से संबंधित वाद-विवाद एवं प्रकरणों की बेहतर समझ विकसित करने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। जीएसटी जैसे जटिल कानून में समय-समय पर होने वाले संशोधनों की जानकारी अधिकारियों के लिए आवश्यक है, जिससे कार्य निष्पादन सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ किया जा सके।कार्यशाला का विषय जीएसटी से संबंधित मुकदमे एवं निराकरण प्रबंधन था, इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के तीनों वित्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता सीए श्री विकास गोलछा, चेयरमैन, आईसीएआई रायपुर शाखा रहे। उन्होंने विभिन्न पहलूओं को सरल तरीके से समझाया एवं अधिकारियों के प्रश्नों का निराकरण भी किया। र्यशाला में जीएसटी कानून की जटिलताओं, अनुपालन प्रक्रिया तथा समय-समय पर आने वाली कानूनी चुनौतियों के समुचित प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस. चौहान, जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री संदीप मोदी एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त) श्री जी.के. राठी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल-जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषितरायपुर, / छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है।प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है।प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं।जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है।उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है।मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा प्रधान मंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बिजली कर्मियों के लिए प्रभावी एवं सरल बनाने हेतु दिशा निर्देश जारी किया गया है। प्रबंधन ने पूर्व में भी पाॅवर कंपनी के नियमित अधिकारी कर्मचारियों को अपने आवासीय परिसरों में रूफटाॅप सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित करने एवं नवम्बर तक अनिवार्य रूप से पंजीयन करने के निर्देश दिये थे तथा पंजीयन न करने की स्थिति में बिजली बिल में विशेष रियायतों की सुविधा को दिसंबर माह से बंद करने का निर्णय लिया था। ताजा समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई जटिलता एवं समस्यों से जूझ रहे असमर्थ बिजली कर्मियों के लिए अनिवार्य स्थापना से छूट देने का निर्णय लिया गया।मानव संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ पाॅवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी द्वारा परिपत्र जारी करते हुए बताया गया है कि विशेष श्रेणियां हीे अनिवार्य स्थापना की छूट के पात्र रहेंगे।जिसके अंतर्गत यदि कर्मी कंपनी आवास या फ्लैट में निवासरत है एवं छत्तीसगढ़ में किसी भी स्थान पर उनका या पति-पत्नी के नाम पर आवास नही हंै। इसी तरह यदि कर्मचारी किराए के मकान में रह रहा है और संपूर्ण छत्तीसढ़ में पति-पत्नी के नाम पर स्वयं का घर नही हैं।इसके अलावा यदि कर्मचारी संयुक्त परिवार में निवासरत है और विद्युत कनेक्शन संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अथवा पति-पत्नी के नाम पर दर्ज नही हैं। तकनीकी एवं संरचनात्मक बाधाएं की वजह से भी कई बार सोलर पैनल लगवाने में रूकावट होती हैं। यदि निजी आवास की छत की बनावट सोलर पैनलों का भार सहने हेतु तकनीकी रूप से उपयुक्त नही है। बहुमंजिला इमारत या अपार्टमेंट में निवासरत अधिकारी-कर्मचारी के लिए जहां साझा छत की बाधा है और वर्चुअल नेट मीटरिंग या अन्य माध्यमों से भी स्थापना संभव नहीं है। इसी स्थिति में इन्हें विशेष श्रेणी में माना जाएगा और रूफटाॅप सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित करने की पात्रता से छूट रहेंगी।इस प्रक्रिया में अधिकारी-कर्मचारियों को घोषणा पत्र भर कर कार्यालय प्रमुख को प्रस्तुत करना होगा जिसके उपरांत सक्षम अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाएगा। प्रबंधन लगातार योजना के सुचारू संचालन हेतु लोन की सुविधा, सरल सुगम आनलाइन पंजीयन प्रक्रिया, हेल्प डेस्क एवं सब्सिडी प्रदान कर रही है।
- -26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन-व्यापक जनभागीदारी के साथ ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर कार्यक्रमों का होगा आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।
- -रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया निरीक्षण-23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजनरायपुर /छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का जायज़ा लेने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल, मुख्य मंच, साहित्यिक सत्रों के स्थल, फूड ज़ोन, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।'रायपुर साहित्य उत्सव' के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगंतुकों को सहज, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ उच्च गुणवत्ता की हों। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, विचार और संस्कृति से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नज़र आएँगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी।उत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें नई पीढ़ी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों एवं अन्य रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच उपलब्ध कराए जाएँगे, जहाँ वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है—अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जायेंगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करेगा।रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी।निरीक्षण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, प्रभावी और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा।
- -मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने छात्राओं को साइकिलें वितरित कींरायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां एवं लटोरी में आयोजित कार्यक्रमों में सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलें वितरित की। करवां स्कूल में 44 तो वहीं लटोरी स्कूल में 102 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे। ग्रामीण अंचलों में साइकिल उपलब्ध होने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और ड्रॉपआउट की समस्या में कमी आएगी।उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है।कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










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