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- 0- सर्वाधिक परिवारो को, सर्वाधिक मानव दिवस का रोजगार सहित सर्वाधिक दिव्यांगजनों को रोजगार मिलाकवर्धा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का बेहतर क्रियान्वयन कर कई उपलब्धियां हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए निरंतर समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 हजार 466 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिला है और वे आर्थिक रूप से लाभान्वित हुए है।सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों के मांग पर रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर निर्माण कार्य की स्वीकृति एवं सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो इन बातों पर विशेष ध्यान दिया। इसीलिए जिले के सभी क्षेत्रों में ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार मिला और हम प्रदेश में बेहतर कर पाए। आजीविका डबरी, नया तालाब निर्माण, कच्ची नाली निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण जैसे अनेक जल संरक्षण के कार्यो के साथ आजीविका के लिए कुकुट पालन शेड, पशुपालन शेड जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में प्रारंभ हुए नए कार्यों से जिले की उपलब्धि और बढ़ेगी तथा हमारे ग्रामीणों को और अधिक लाभ होना अपेक्षित है।मनरेगा योजना के पैरामीटर्स में जिले की उपलब्धि1) सर्वाधिक मानव दिवस रोजगार का सृजन- जिले के ग्रामीणों को 58 लाख 54 हजार 40 मानव दिवस का रोजगार मिला। जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।2) सर्वाधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार- जिले के 1 लाख 42 हजार 482 ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला, जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।3) सर्वाधिक दिव्यांग जनों को रोजगार- जिले में 2 हजार 538 दिव्यांग जनों को 58 हजार 493 मानव दिवस का रोजगार दिया गया। जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।4) ग्रामीण महिलाओं को भी मिला रोजगार का बेहतर अवसर- योजना अंतर्गत 1 लाख 30 हजार 160 महिलाएं पंजीकृत है और इन्हें 29 लाख 33 हजार 959 मानव दिवस का रोजगार मिला है। महिलाओं को रोजगार देने के मामले में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।5) 124 करोड़ 53 लाख से अधिक का मजदूरी भुगतान- मनरेगा में रोजगार पाने वाले जिले के ग्रामीणों को 124 करोड़ 53 लाख 46 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में जारी किया गया। मजदूरी भुगतान के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।--
- सक्ति. प्रधानमंत्री आवास योजना छत्तीसगढ़ राज्य में पक्के घर का सपना संजोने वाले लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसी कड़ी में सक्ति जिले के ग्राम पलाड़ी कला के निवासी सजन साहू के लिए पक्का घर कभी एक अधूरा सपना था, जो अब हकीकत में बदल चुका है। रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले सजन साहू वर्षों तक जर्जर कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे थे, जहां हर बारिश उनके लिए संकट लेकर आती थी। टपकती छत, भीगता सामान और गिरती दीवारों के बीच उनका परिवार लगातार असुरक्षा में जी रहा था। एक बार भारी बारिश के दौरान उनके घर की दीवार गिर जाने से स्थिति और भी भयावह हो गई थी। ऐसे कठिन दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में उम्मीद की किरण बनकर आई।योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद जैसे उनके जीवन में नया उत्साह भर गया। पहली किस्त प्राप्त होते ही उन्होंने घर निर्माण कार्य शुरू किया और धीरे-धीरे उनका सपना साकार होता गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उनका पक्का मकान समय पर पूर्ण हो सका। आज सजन साहू अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अब न उन्हें बारिश का डर सताता है और न ही घर गिरने की चिंता। उनका नया घर न केवल सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य की नींव भी है। भावुक होकर सजन साहू बताते हैं कि यह घर उनके लिए सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि उनके सपनों का साकार रूप है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई पहचान और सुरक्षित, खुशहाल जीवन दिया है।--
- 0- लगभग एक दर्जन ठेलों, गुमटियों को हटाया गया, सड़क से अनेक विभिन्न सामानों, फैशन पुतलों किया जप्त0- व्यवस्था सुधार कुछ आदतन अवैध कब्जाधारियों पर कानूनी कार्रवाई करने थाना में नामजद एफआईआर करवाने की तैयारीरायपुर. रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और यातायात एसपी श्री अजय कुमार के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला,सीएसपी, डीएसपी, नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता, की टीम द्वारा राजधानी शहर नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत जोन क्रमांक 4 क्षेत्र अंतर्गत मालवीय मार्ग और जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत पुरानी बस्ती मार्ग और लाखेनगर चौक में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत बाजार क्षेत्र में राजधानी शहर के प्रमुख मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करने व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी दुकानदारों को एक बार पुनः स्पष्ट हिदायत दी गयी है कि वे किसी भी हालत में सड़क पर कब्जा ना करें, अन्यथा की स्थिति में सड़क पर रखे उनके सभी सामानों की यातायात जाम की समस्या दूर करने जनहित में सख्तीपूर्वक तत्काल जब्ती कर ली जाएगी, इस स्थिति के निर्मित होने पर सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत जोन क्रमांक 4 अंतर्गत मालवीय मार्ग और जोन 5 अंतर्गत पुरानी बस्ती मार्ग और लाखेनगर चौक में लगभग एक दर्जन ठेलों को बाजार के प्रमुख मार्ग को कब्जामुक्त करने कड़ाई से व्यवस्था सुधारने हटाने की कार्रवाई की गयी, साथ ही पुरानी बस्ती मार्ग लाखेनगर चौक में सड़क पर कब्जा कर दुकानदारों द्वारा रखे गए फैशन के अनेक पुतलों को कड़ाई से व्यवस्था सुधार हेतु जप्त कर लिया गया, कुछ आदतन अवैध कब्जाधारियों पर व्यवस्था सुधार लाने पुलिस थाना में कानूनी कार्रवाई हेतु शीघ्र नामजद एफआईआर दर्ज करने की प्रशासनिक तैयारी की जा रही है ।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे अतिक्रमणरोधी अभियान से राजधानी शहर रायपुर के विभिन्न प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भिन्न मुख्य मार्गो का यातायात निरन्तर सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति सहित लगातार त्वरित राहत प्राप्त हो रही है।--
- -* कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ओडिशा और झारखंड क्रमशः 21 और 16 स्वर्ण के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे*-* पश्चिम बंगाल ने फाइनल में छत्तीसगढ़ को 1-0 से हराकर पुरुष फुटबॉल का स्वर्ण पदक जीता*-* झारखंड ने अंतिम दिन महिला रिकर्व व्यक्तिगत और पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किए*रायपुर / पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन झारखंड की कोमालिका बारी ने अपने मिक्स्ड टीम खिताब के बाद महिला रिकर्व तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा के अर्जुन खारा ने पुरुष रिकर्व वर्ग में स्वर्ण अपने नाम किया। हालांकि, इन उपलब्धियों के बावजूद अंतिम दिन कर्नाटक को पदक तालिका के शीर्ष स्थान से हटाया नहीं जा सका और वह उद्घाटन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शीर्ष पर बना रहा। मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी जनजातीय समुदाय की खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर नौवां स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ का आखिरी पदक पुरुष फुटबॉल में रजत के रूप में आया, जब वे फाइनल में पश्चिम बंगाल से 0-1 से हार गए।इस उद्घाटन संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 3,800 खिलाड़ियों ने नौ खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा की। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर थे, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) खेलों के रूप में शामिल थे।इन 106 स्वर्ण पदकों में से कर्नाटक ने 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। ओडिशा 21 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और 57 पदकों के साथ 50 से अधिक पदक जीतने वाला एकमात्र दल बना। झारखंड 16 स्वर्ण, 8 रजत और 11 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।ओवरऑल चैंपियन कर्नाटक ने पहले ही दिन से पदक तालिका में बढ़त बना ली थी, खासकर तैराकी में दबदबा बनाते हुए उन्होंने 15 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। इसके अलावा एथलेटिक्स में 5 और कुश्ती में 3 स्वर्ण पदक जोड़कर उन्होंने सुनिश्चित किया कि ओडिशा और झारखंड उनसे आगे न निकल सकें।कर्नाटक के मणिकांत एल 8 स्वर्ण और 1 रजत पदक के साथ खेलों के सबसे सफल खिलाड़ी रहे, जबकि उनके साथी धोनिश एन ने तैराकी में 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीते। महिला वर्ग में ओडिशा की तैराक अंजलि मुंडा ने 5 स्वर्ण पदक जीते, जबकि कर्नाटक की मेघांजलि ने 4 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक अपने नाम किए।ओडिशा एकमात्र ऐसा दल रहा जिसने सभी छह खेल विधाओं में कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जिसमें एथलेटिक्स में 8 और तैराकी में 7 स्वर्ण शामिल हैं। दूसरी ओर, झारखंड ने एथलेटिक्स में 9, कुश्ती में 4 और तीरंदाजी में 3 स्वर्ण पदक जीते, साथ ही बाकी तीन विधाओं में भी कम से कम एक पदक हासिल किया।फुटबॉल के अलावा, अंतिम दिन तीरंदाजी में चार स्वर्ण पदक दांव पर थे और यह स्पष्ट था कि ओडिशा, जो अंतिम से पहले दिन की प्रतियोगिताओं के बाद कर्नाटक से तीन स्वर्ण पदकों से पीछे था, अब शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर सकता क्योंकि वह तीरंदाजी में अधिकतम दो ही स्वर्ण जीत सकता था।अर्जुन खारा ने पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में अपने ही राज्य के सोमनाथ हेम्ब्रम को फाइनल में हराकर एक स्वर्ण पदक जीता, लेकिन पुरुष टीम फाइनल में ओडिशा को झारखंड के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।इसके बाद कोमालिका बारी ने गुजरात की भार्गवी भगोरा को व्यक्तिगत फाइनल में हराकर झारखंड के लिए एक और स्वर्ण पदक जोड़ा। नागालैंड ने महिला टीम फाइनल में झारखंड को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य पदकों के साथ 14वें स्थान पर रहा।कुल 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पदक तालिका में जगह बनाई, जिनमें से 20 ने कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जो देशभर में प्रतिभा के व्यापक प्रसार को दर्शाता है। महाराष्ट्र 6 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि अरुणाचल प्रदेश 6 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ शीर्ष पांच में शामिल रहा।परिणामतीरंदाजीमहिलारिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – कोमालिका बारी (झारखंड); रजत – भार्गवी भगोरा (गुजरात); कांस्य – रुओविनुओ थेउनुओ (नागालैंड)रिकर्व टीम: स्वर्ण – नागालैंड; रजत – झारखंड; कांस्य – मध्य प्रदेशपुरुषरिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – अर्जुन खारा (ओडिशा); रजत – सोमनाथ हेम्ब्रम (ओडिशा); कांस्य – पवन परमार (मध्य प्रदेश)रिकर्व टीम: स्वर्ण – झारखंड; रजत – ओडिशा; कांस्य – मेघालयफुटबॉलपुरुष: स्वर्ण – पश्चिम बंगाल; रजत – छत्तीसगढ़; कांस्य – अरुणाचल प्रदेश, गोवा
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कवर्धा ।कबीरधाम जिले के ग्राम चचेड़ी में हनुमान जयंती का पर्व इस बार भक्ति, उत्साह और आस्था की अद्भुत मिसाल बन गया। पूरे गांव में सुबह से ही “जय श्रीराम” और “बजरंगबली की जय” के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। गांव के हर घर में जैसे पर्व की खुशी झलक रही थी, तो वहीं आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आयोजित हनुमान कथा ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कथा वाचन का सौभाग्य प्राप्त हुआ विद्वान कथावाचक श्री झम्मन शास्त्री जी के श्रीमुख से, जिनकी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण शैली ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।कथा के दौरान हनुमान जी की वीरता, भक्ति और सेवा भावना के प्रसंगों ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। कई श्रद्धालु तो भक्ति में ऐसे लीन हो गए कि उनकी आंखों से आंसू तक छलक पड़े। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं बजरंगबली का आशीर्वाद इस आयोजन पर बरस रहा हो।कार्यक्रम के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें न केवल चचेड़ी गांव बल्कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि हर कोई संतुष्ट होकर लौटा।गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक, सभी ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे गांव में मानो उत्सव का माहौल बन गया था। लोगों का कहना था कि ऐसा भव्य और श्रद्धा से भरपूर आयोजन पहले कभी देखने को नहीं मिला।इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। चचेड़ी गांव में हनुमान जयंती का यह पर्व सच में एक यादगार अध्याय बन गया, जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है। - -फाइनल में मो. अमीन व हिमांशु शर्मा की जोड़ी को 34-10 से हराया- प्रेस क्लब खेल मड़ई-2ः स्व. रमेश नैयर स्मृति कैरम युगल प्रतियोगिता का समापनरायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. रमेश नैयर स्मृति कैरम युगल प्रतियोगिता का शुक्रवार को समापन हुआ। फाइनल में किशन लोखंडे व त्रिलोचन मानिकपुरी की जोड़ी ने मो. अमीन व हिमांशु शर्मा को 34-10 से हराकर खिताब पर कब्जा किया।छह दिन तक चली कैरम प्रतियोगिता के अंतिम दिन युगल का फाइनल मैच किशन लोखंडे व त्रिलोचन मानिकपुरी और मो. अमीन व हिमांशु शर्मा के बीच खेला गया। 10 राउंड तक चले मुकाबले में शुरू से ही किशन व त्रिलोचन की जोड़ी ने अंतिम समय तक बढ़त बनाए रखी। किशन व त्रिलोचन ने लगातार पहला व दूसरा राउंड जीतकर स्कोर 14-0 किया। तीसरे राउंड में अमीन व हिमांशु ने जीत हासिल कर स्कोर 14-2 किया। चौथे राउंड में किशन व त्रिलोचन ने जीत हासिल कर 24-2 की बढ़त बनाई। इसके बाद अमीन-हिमांशु की जोड़ी ने पांचवां राउंड जीतकर स्कोर 24-8 किया, लेकिन छठे राउंड में किशन- त्रिलोचन ने शानदार प्रदर्शन कर स्कोर 25-8 किया। अमीन-हिमांशु ने सातवां राउंड जीतकर स्कोर 25-10 पहुंचा दिया। इसके बाद किशन- त्रिलोचन ने लगातार तीन राउंड जीतकर फाइनल मैच 29-10 से अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान किशन-त्रिलोचन ने कई बेहतरीन स्ट्रोक लगाए।इसके पहले खेले गए सेमीफाइनल में अमीन-हिमांशु की जोड़ी ने बम्लेश्वर अरविंद सोनवानी व रूपेश यादव को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 29-23 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं अंतिम क्वार्टर फाइनल में अमीन-हिमांशु ने पलाश तिवारी व प्रदीप चंद्रवंशी को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। आज मैच के निर्णायक शंकर चंद्राकर, संतोष साहू जूनियर, लक्ष्मण लेखवानी, सुखनंदन बंजारे व विनय घाटगे रहे।
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*खेलो इंडिया हेतु खिलाडियों को प्रोत्साहित करने 20 लाख का स्वेच्छानुदान देने की घोषणा*
*5वीं अखिल भारतीय वालीबाल स्पर्धा का किया शुभारम्भ*रायपुर -आज रायपुर पश्चिम विधायक एवं प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री श्री राजेश मूणत ने रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 अंतर्गत माधव राव सप्रे वार्ड क्रमांक 69 के क्षेत्र महादेवघाट में विधायक निधि से 5 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवन का फीता काटकर लोकार्पण नगर निगम एमआईसी सदस्य श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, वार्ड 69 के पार्षद श्री महेन्द्र औसर, नगर निगम जोन 8 कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा सहित जोन 8 के अन्य सम्बंधित अधिकारियों, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों सहित करते हुए नगरवासियों को शानदार सौगात दी.रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने मंच से खेलो इंडिया अभियान हेतु खिलाडियों को प्रोत्साहित करने खेल सुविधायें देने 20 लाख रूपये का स्वेच्छानुदान विधायक निधि से देने की घोषणा की.रायपुर पश्चिम विधायक और प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री श्री राजेश मूणत ने महादेवघाट में 5वीं अखिल भारतीय वालीबाल स्पर्धा का नगर निगम एमआईसी सदस्य श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, वार्ड 69 के पार्षद श्री महेन्द्र औसर, जोन 8 कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा सहित आयोजक हटकेश्वर वालीबाल संघ और मास्टर एसोसिएशन के सैयद अनवर अली और मैक्सीन सहित अन्य पदाधिकारियों, खिलाडियों, खेलप्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति में किया. रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने मैदान में जाकर दोनों टीमों के खिलाडियों का परिचय प्राप्त किया और उन्हें अच्छा खेल प्रदर्शन करने प्रोत्साहित करते हुए आयोजन समिति पदाधिकारियों को 5वीं अखिल भारतीय वालीबाल स्पर्धा के सफल होने हेतु हार्दिक मंगलकामनायें दीं. -
*कला केंद्र रायपुर में तीन चरणों में आयोजन, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष फोकस*
रायपुर/ शहर के प्रतिष्ठित संस्थान कला केंद्र रायपुर द्वारा “समर कैंप 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की गर्मी की छुट्टियों को रचनात्मक, उपयोगी और ज्ञानवर्धक बनाना है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश पर कला केंद्र में समर कैंप के माध्यम से बच्चों को संगीत, नृत्य, चित्रकला, योग, शतरंज एवं स्पोकन इंग्लिश जैसी विविध गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बच्चों की प्रतिभा निखरेगी और उनमें आत्मविश्वास के साथ-साथ रचनात्मक सोच का विकास होगा।यह कैंप तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 15 अप्रैल से 30 अप्रैल, दूसरा चरण 01 मई से 15 मई तथा तीसरा चरण 16 मई से 30 मई तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी।कैंप में भाग लेने के लिए पंजीयन शुल्क 110 रुपए तथा प्रशिक्षण शुल्क 500 रुपए निर्धारित किया गया है। सीमित सीटों के कारण अभिभावकों से अपने बच्चों का पंजीयन शीघ्र कराने की अपील की गई है।यह समर कैंप जी.ई. रोड स्थित इंटरनेशनल स्विमिंग पूल के पीछे स्थित कला केंद्र परिसर में आयोजित किया जाएगा। अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए इच्छुक अभिभावक 9109029034 एवं 9669039034 पर संपर्क कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिलेवासियों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कला केंद्र रायपुर की शुरुआत की गई है। यह केंद्र बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहां संगीत, तबला, हारमोनियम सहित 24 विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जा रहा है। यह पहल न केवल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य कर रही है, बल्कि जिले में सांस्कृतिक समृद्धि को भी नई दिशा दे रही है। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में जिले में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। आगामी 06 अप्रैल 2026 से जिले के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में एचपीवी टीकाकरण उपलब्ध रहेगा। इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ नर्सों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाधिक होने वाला कैंसर सर्वाइकल कैंसर है, जिससे बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन अत्यंत प्रभावी है। यह वैक्सीन बालिकाओं को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण से बचाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि यह टीकाकरण 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए निर्धारित किया गया है तथा सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में शासकीय अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक टीकाकरण किया जाएगा। 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी बालिकाएं भी इस वैक्सीन के लिए पात्र होंगी। टीकाकरण के समय अभिभावकों को बालिका का फोटोयुक्त पहचान पत्र एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण अवश्य लगवाएं, जिससे उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। -
"मोर गांव मोर पानी महाभियान" बना जन आंदोलन, 32058 वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण*
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में जल संरक्षण की दिशा में संचालित मोर गांव मोर पानी महाभियान ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित आवासों में मात्र 15 दिनों के भीतर 32 हजार 058 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण कर दुर्ग जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के माध्यम से भूजल स्तर सुधारने की दिशा में बड़ी पहल सफल रही है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के अंतर्गत “एकेच गोठ, एकेच बानी, बूंद-बूंद बचाबो पानी 2.0” अभियान की शुरुआत 13 मार्च 2025 को की गई थी। अभियान के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों के घरों में मात्र दो घंटे के भीतर 1764 सोक पीट का निर्माण कर गोल्डन बुक में नाम दर्ज कराया गया। द्वितीय चरण में 08 दिसम्बर को 12 हजार 418 सोक पीट का निर्माण किया गया, जिससे कुल 14 हजार 182 सोक पीट का निर्माण स्वप्रेरणा से किया गया। इसके साथ ही मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत 23 हजार 889 कंटूर ट्रेंच एवं वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण भी पूर्ण किया गया है। मनरेगा के माध्यम से जल संचय कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए अब तक 32 हजार 058 संरचनाओं की एंट्री पोर्टल पर की जा चुकी है। इस अभियान में ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान किया, जिससे यह अभियान जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। प्रत्येक प्रधानमंत्री आवास में निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं से न केवल वर्तमान की जल आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि भविष्य के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी। अभियान के तहत विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसमें कम खर्च वाले 24 कार्य, 15 बोरवेल रिचार्ज, 03 चेकडेम, 5875 कंटूर ट्रेंच, 07 गली प्लग, 03 नाला बंड, 18 ओपन वेल रिचार्ज (डगवेल), 07 परक्यूलेशन तालाब, 537 रिचार्ज पीट, 05 रिचार्ज शाफ्ट, 817 रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, 6676 सोक पीट, 09 टैंक, 48 विलेज पॉण्ड तथा 18014 वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच कार्य शामिल हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर में सुधार और स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाकर इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, जिससे हर घर जल संचय के लक्ष्य को साकार किया जा सके। -
*दोनों महिला टीमों की खिलाडियों से मिलीं महापौर मीनल , किया उत्साहवर्धन*
*वालीबाल जैसे परम्परागत खेल की राष्ट्रीय स्पर्धा होने पर इसका खिलाडियों को समुचित लाभ भविष्य में होता है, उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शन निखार का सुअवसर मिलता है- महापौर मीनल चौबे*रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 अंतर्गत माधव राव सप्रे वार्ड क्रमांक 69 के क्षेत्र महादेवघाट में आज दिनांक 3 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 तक रायपुरा महादेवघाट में आयोजित की जा रही 5वीं अखिल भारतीय वालीबाल स्पर्धा में खिलाडियों को प्रोत्साहित करने पहुंची.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने 5वीं अखिल भारतीय वालीबाल स्पर्धा के आयोजक हटकेश्वर वालीबाल संघ और मास्टर एसोसिएशन के सैयद अनवर अली और मैक्सीन सहित अन्य पदाधिकारियों, खिलाडियों, खेलप्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति में मैदान में पहुंचकर दोनों महिला टीमों की खिलाडियों का परिचय प्राप्त किया और उन्हें अच्छा खेल प्रदर्शन करने हेतु शुभकामनायें देते हुए आयोजन समिति पदाधिकारियों को 5वीं अखिल भारतीय वालीबाल स्पर्धा के आयोजन हेतु सराहा और आयोजन के सफल होने हार्दिक मंगलकामनायें कीं. आयोजकों ने मंच पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे का आत्मीय स्वागत किया, महापौर ने वालीबाल की परम्परागत खेल स्पर्धा का राष्ट्र स्तरीय आयोजन रायपुर में करने हेतु आयोजन समिति के पदाधिकारियों को सराहा और कहा कि ऐसे राष्ट्रीय खेल आयोजन का भविष्य में समुचित लाभ वालीबाल जैसे परम्परागत खेल में खिलाडियों को मिलता है और इससे उनको अपनी प्रतिभा प्रदर्शन निखारन का सुअवसर प्राप्त होता है. - -प्रधानपाठक सहित सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के दिए निर्देशमुंगेली । कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में शासकीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली एवं शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने सतत निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे ने विकासखंड लोरमी के शासकीय प्राथमिक शाला पेंड्रीतालाब का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रातः लगभग 10 बजे विद्यालय परिसर तालाबंद पाया गया तथा कोई भी शिक्षक या स्टाफ उपस्थित नहीं मिला।इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी जाहिर की और प्रधानपाठक सहित सभी शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी जिले के विद्यालयों का औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
- महासमुंद / जिले में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम लागू की गई है। इस योजना के तहत रबी विपणन वर्ष 2026-27 में दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि रबी वर्ष 2026-27 में जिले में प्रमुख रूप से चना, मसूर एवं सरसों फसल का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किया गया है। उन्होंने बताया कि केवल पंजीकृत कृषकों को ही समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त होगा। जिले में उपार्जन कार्य हेतु कुल 6 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिर्रीपठारीमुड़ा बागबाहरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोमाखान, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिथौरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बसना तथा कृषि उपज मंडी सरायपाली शामिल हैं। इन सभी केंद्रों में खरीदी कार्य ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। उप संचालक कृषि ने बताया कि उपार्जन अवधि 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में किसानों से चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये प्रति क्विंटल एवं सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित दर पर खरीदी की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं संबंधित केंद्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचें तथा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- -खिलाडिय़ों ने भविष्य में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प दोहरायाजगदलपुर । जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्सÓ की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का समापन अत्यंत उत्साहजनक रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के उच्चाधिकारियों ने बस्तर अंचल के खिलाडिय़ों के बीच पहुँचकर केवल उनका मनोबल बढ़ाते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए सफलता के मंत्र भी दिए।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स समापन के पश्चात खिलाडिय़ों से रूबरू होते हुए कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि बस्तर के जनजातीय क्षेत्रों में नैसर्गिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य आपकी क्षमता को तराशना है। यहाँ से प्राप्त अनुभव आपकी नींव को मजबूत करेगा, जिससे आप आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतर सकेंगे।इस अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी ने खिलाडिय़ों के अनुशासन और जज्बे की सराहना की। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर जोर दिया कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि इस आयोजन से जो अनुभव का लाभ आपको मिला है, उसे अपनी शक्ति बनाएं और निरंतर अभ्यास के माध्यम से बस्तर की एक सकारात्मक पहचान पूरे देश में स्थापित करें।वहीं कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन खिलाडिय़ों को हर आवश्यक सुविधा और मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया जैसे मंच का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि बस्तर का नाम खेल जगत के मानचित्र पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाए। उन्होंने खिलाडिय़ों को लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्र स्तरीय आयोजन के माध्यम से जो तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ है, उसका लाभ उठाएं। पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने कहा कि खेल के मैदान पर दिखाया गया पराक्रम ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि आप सभी में देश का नाम रोशन करने की क्षमता है; बस इस अनुभव को अपनी सीख बनाकर मैदान में डटे रहें। अधिकारियों के इस आत्मीय मार्गदर्शन और शुभकामनाओं से उत्साहित होकर खिलाडिय़ों ने भी आने वाले समय में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प दोहराया। वहीं खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने भी खिलाडिय़ों को दक्ष बनाने के लिए समर्पण के साथ दायित्व निभाने की बात कही।
- दुर्ग । जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोहन नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री करते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नशीली कैप्सूल और नगदी बरामद की है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि आज मुखबिर से सूचना मिली थी कि आशा नगर खंडहर सुलभ के पास दो व्यक्ति प्रतिबंधित दवाइयों को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदेहियों को पकड़ लिया।आरोपी की पहचानशंभूराम साहू (63 वर्ष), निवासी शक्ति नगर दुर्गनंद कुमार यादव (25 वर्ष), निवासी श्रीनगर उरला दुर्गयह सामग्री हुई जब्त96 नग प्रतिबंधित स्पैमसो प्लस कैप्सूल (कीमत लगभग 38,400 रुपए )800 रुपए नगदकुल जब्ती:39,200 रुपएएनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाईमामले में थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत धारा 8, 22, 27(ए) एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।अवैध बिक्री के लिए कर रहे थे तलाशप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे थे।पुलिस टीम की सक्रियताइस कार्रवाई में मोहन नगर थाना पुलिस की त्वरित एवं सराहनीय भूमिका रही।पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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डौण्डीलोहारा।ग्राम जोगीभाट में बैठक के दौरान धारदार चाकू से युवक कुणाल देशमुख की हत्या के मामले में डौण्डीलोहारा पुलिस ने मात्र 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी सहित पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू और डंडा भी बरामद कर जप्त किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दिनांक 2 अप्रैल 2026 की रात करीब १० बजे शीतला मंदिर में गांव की बैठक में विवाद हुआ। आरोपी सोहन कुमार साहू, बेदलाल साहू, परमेश्वर देशमुख, टोमन लाल साहू और लोकनाथ यादव ने उप सरपंच डोमेन्द्र देशमुख के साथ मारपीट की। जब उनके भतीजे कुणाल देशमुख बचाव करने आए तो सोहन कुमार साहू ने धारदार चाकू से उनके सीने और पेट में कई वार कर दिए। कुणाल को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक ५७/२०२६ दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी सोहन कुमार साहू से चाकू और परमेश्वर देशमुख से डंडा बरामद किया गया। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को ०३ अप्रैल २०२६ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपी सोहन कुमार साहू (१९ वर्ष), परमेश्वर देशमुख (३० वर्ष), बेदलाल साहू (४० वर्ष), टोमन लाल साहू (४५ वर्ष) और लोकनाथ यादव (४३ वर्ष) सभी ग्राम जोगीभाट के निवासी हैं।
- -छत्तीसगढ़ की टीम ने मल्लखंभ में लहराया परचम, बालक-बालिका दोनों वर्गों में बने चैंपियनरायपुर। खेलो इंडिया ट्राईबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित डेमो खेल मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन शुक्रवार को हुआ। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने रोप मल्लखंभ, पोल मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ, पिरामिड मल्लखंभ में एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर वहां मौजूद दर्शकों द्वारा तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता के बाद विजेता टीम घोषित किया गया। आज हुई प्रतिस्पर्धा में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ विजेता घोषित की गई।विजेता टीमों को शनिवार को आयोजित मेडल सेरेमनी में मेडल प्रदान किया जाएगा।ये रहे चैंपियनमल्लखंभ प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। राज्यों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर जीत के लिए दमखम लगाया। छत्तीसगढ़ की टीम ने बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 124.35 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 118.35 अंक के साथ सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 86.95 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।वहीं बलिका वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 80.15 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 69.90 अंक के सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 49.80 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
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-कलेक्टर ने लाइवलीहुड कॉलेज में 32 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट वितरण किया
रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जिससे आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसी क्रम में जिला मुख्यालय सुकमा स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में 32 आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट प्रदान की गई। कार्यक्रम कलेक्टर श्री अमित कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर ने युवाओं से संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि आप सभी को स्थायी आजीविका, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मान मिले। आज दी जा रही मेसन किट केवल औजार नहीं, बल्कि आपके नए जीवन की मजबूत नींव है। निर्माण कार्यों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राजमिस्त्री का कार्य ऐसा कौशल है जिससे आप मेहनत और ईमानदारी के बल पर कुशल कारीगर बनकर आगे चलकर स्वरोजगार, ठेकेदारी और उद्यमिता की ओर भी बढ़ सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे और प्रशिक्षण व अनुशासन के साथ अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पुनर्वास का अर्थ केवल मुख्यधारा में लौटना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन को नई दिशा देना है। मेसन किट मिलने से युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकेंगे। - रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका के आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेडक्रास एवं एन सी सी के पदाधिकारियों ने भेंट की। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह एवं अनुपमा आनंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के दिशा-निर्देशन एवं सभापति संदीप दीवान (इंडिया रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा महासमुंद) के मार्गदर्शन तथा जिला संगठक डा अशोक गिरि गोस्वामी के नेतृत्व में भारतीय रेडक्रास सोसायटी ज़िला शाखा महासमुन्द अन्तर्गत पदाधिकारियों ने मुलाकात की। सभी ने रेडक्रास गीत गाकर राज्यपाल का स्वागत किया। रेडक्रॉस काउंसलर्स एवं वालेंटियर्स की टीम ने राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेस्ट हाउस परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- -जल संरक्षण के कार्यों को और गति दें, अधिक से अधिक पेड़ लगाकर संरक्षित करें-जैविक खेती को प्रोत्साहित करें, चांवल का वैल्यू एडिशन करेंमहासमुंद / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।राज्यपाल श्री डेका ने जल संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि विकासखंड में 218 डबरी स्वीकृत की गई हैं तथा बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं, राज्यपाल ने और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। कैंपा एवं मनरेगा मद से वृहत वृक्षारोपण करते हुए शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधरोपण किया गया है तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी हरित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने तथा धान के साथ उद्यानिकी फसलों के समावेश पर बल दिया। उन्होंने जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने तथा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी रोगियों की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम व्यक्तियों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने, रेडक्रॉस से जुड़ने तथा ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार हेतु जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने एम्स से समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।राज्यपाल श्री डेका ने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जाए तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाएं संचालित की जाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर लखपति दीदी बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में सरायपाली विधायक श्रीमती चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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*सरकारी योजना का सही उपयोग, खेती बनी फायदे का सौदा*
बिलासपुर/तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम बहतराई के किसान श्री हार्दिक कश्यप ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसान नई तकनीक अपनाने का साहस करे तो कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। पहले वे पारंपरिक तरीके से बैंगन की खेती करते थे, लेकिन मृदा जनित रोगों और कीटों के कारण उनकी फसल बार-बार खराब हो जाती थी, जिससे उन्हें मेहनत के अनुसार लाभ नहीं मिल पाता था और खेती में अनिश्चितता बनी रहती थी।इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी दी। हार्दिक कश्यप ने इस अवसर को पहचाना और ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्हें उन्नत पौधे, खाद एवं दवाओं पर अनुदान और आधुनिक खेती की पूरी तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने नई तकनीक के अनुसार खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे परिणाम सामने आने लगे। आज उनके खेत में बैंगन की फसल लहलहा रही है। मात्र 0.400 हेक्टेयर भूमि में उन्होंने लगभग 250 से 270 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया है। जहां पहले उनकी आय सीमित थी, वहीं अब वे 2.50 से 3 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। यह बदलाव न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रहा है।किसान हार्दिक कश्यप का मानना है कि खेती में बदलाव और नई तकनीकों को अपनाना ही सफलता की कुंजी है। वे अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। उनकी यह सफलता की कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है। - -लू के लक्षण और इससे बचाव के उपाय बताने आयोजित होंगे जन जागरूकता कार्यक्रम-’लू कार्य योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों को मिली जिम्मेदारियां-गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी सावधानियां-लू लगने पर तुरंत क्या करें?दुर्ग / ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2026 को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। जिसमें लू के लक्षण, लू से बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार और आवश्यक सांवधानियां संबंधी आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को लू के लक्षण, लू से बचाव, लू लगने पर प्रारंभिक उपचार हेतु जनसमुदाय में जागरूकता लाने व प्रशिक्षण देने हेतु निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से प्रभावित मरीजों का प्राथमिकता से परीक्षण करने के निर्देश भी दिये गये हैं। साथ ही जिले के संबंधित सभी विभागों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लू बचाव/उपाय के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।लक्षण- सिर से भारीपान और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना।बचाव के उपाय- लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी से ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतया नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाए। धूप से निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पीये और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। इसी प्रकार अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीयें। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श लिया जाए और उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जाए।लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार- बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगावें, अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावें जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवें, शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाए तथा मितानिन ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।क्या करें- जितना हो सके पर्याप्त पानी पीये, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहने। ओ.आर.एस. (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छांछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचे, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता) और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें।क्या न करें- गर्मी के दौरान बाहर न जाए, यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटो के दौरान बाहर जाने से बचे (विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच), नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढककर बाहर न जाए। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचे, खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचे जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचे, बासी खाना न खाए। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाए, घर पर रहे।अन्य सावधानियां- जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें-धूप से बचाव के लिए दिन में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोलें। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करे। पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं-उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/मतली या भटकाव/लगातार खांसी/सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। इन उपायों का उपयोग कर लू एवं हीटवेव के प्रभाव से बचा जा सकता है।वरिष्ठ नागरिकों और फील्ड स्टाफ के लिए निर्देशवृद्धजनों और धूप में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष रूप से गाइडलाइन जारी की गई है, ऐडवायजरी अनुसार जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं, उनकी नियमित जांच और देखभाल सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि किसी वृद्ध को असामान्य रूप से भूख कम लगना, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। समाज के हर वर्ग और व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना सौंपी गई है।जिला प्रशासन द्वारा ’लू कार्य योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है-नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को गर्मी के दौरान सार्वजनिक स्थलों, आश्रय स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, लू के दौरान बाहरी गतिविधियों और कार्यों पर प्रतिबंध के संबंध में विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। शहरी क्षेत्रों में ’ग्रीन कवर’ बढ़ाने हेतु छतों पर उद्यान और शहरी वन विकसित करने के प्रयासों को गति दी जाएगी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को ग्रामीण स्तर पर लू से बचाव का प्रशिक्षण आयोजित करने और समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावित मरीजों के लिए दवाओं व उपचार की विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। गंभीर स्थिति में सहायता के लिए महतारी एक्सप्रेस (108/104) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत विभाग को भीषण गर्मी और लू की अवधि के दौरान अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और पेयजल आपूर्ति केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग को जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों में शीतल पेयजल, ओ.आर.एस. और आइस पैक की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए शिक्षण संस्थानों के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वैच्छिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में ’प्याऊ’ घरों तथा शुद्ध पेयजल व छाछ की व्यवस्था करने को कहा गया है। पुलिस व यातायात कर्मियों को ड्यूटी के दौरान हल्के रंग की टोपी या छतरी का प्रयोग करने, सनग्लासेस पहनने और पर्याप्त पानी पीने के निर्देश दिए गए हैं। यथासंभव युवा कर्मियों को दिन की यातायात ड्यूटी में तैनात करने का सुझाव दिया गया है।श्रम एवं रोजगार विभाग को उद्योगों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के समय (दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे तक) बाहरी काम और लू से बचाने के लिए कार्यकालीन समय में परिवर्तन किया जाएगा। साथ ही, कार्यस्थलों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर मजदूरों के लिए ’आइस पैक’ (बर्फ की थैली) उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं को लू से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर कर्मचारियों और गौपालकों को सक्रिय किया गया है। पशुओं के लिए पर्याप्त छाया, चारा (भूसा, पानी) और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य अवधि में बदलाव किया जाएगा। कार्य स्थलों पर पीने का पानी और छाया (शेड) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी। परिवहन एवं पर्यटन विभाग द्वारा जिले के मुख्य बस स्टैंडों और टर्मिनलों पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के पर्यटन स्थलों और मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अस्थाई छाया, आश्रय स्थलों का निर्माण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। वन एवं अग्निशमन विभाग द्वारा जंगलों को आग से बचाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी। वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और जंगली जानवरों व पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन विभाग को आग की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति और संचार उपकरणों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राज्य और जिला स्तर पर लू की स्थिति की निगरानी के लिए एक ’डैश बोर्ड’ तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से एसएमएस और नेटवर्क के जरिए लोगों को समय-समय पर मौसम और बचाव के संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
- दुर्ग / जिले के पीएम श्री विद्यालय के शिक्षकों का प्रशिक्षण आईआईटी भिलाई में आयोजित किया गया। पांच दिन का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम टीचर्स को एक्सपीरिएंशियल लर्निंग और एनईपी 2020 के हिसाब से पढ़ाने का तरीका देने के लिए बनाया गया है। यह एक्टिविटी-बेस्ड, एक्सपीरिएंशियल और वोकेशनल लर्निंग पर फोकस करता है, जैसे विज़ुअल प्रोग्रामिंग, एनिमेशन, डेटा साइंस, मेक्ट्रोनिक्स, नेचुरल फार्मिंग, और आईआईटी भिलाई में बन रहे शिक्षा सारथी सॉफ्टवेयर पर ट्रेनिंग। टीचर्स को आईआईटी भिलाई की अलग-अलग लैब्स में जाने का मौका मिल रहा है, और उन्हें 21वीं सदी में पढ़ाने की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद करने के लिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी और टूल्स से इंट्रोड्यूस कराया जा रहा है। हम कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोऑर्डिनेशन, इमोशनल इंटेलिजेंस बनाना और रेजिलिएंस जैसी ज़रूरी स्किल्स पर फोकस कर रहे हैं। रीइन्फोर्समेंट लर्निंग और टीचर्स द्वारा पढ़ाने के तरीकों को शेयर करने को बढ़ावा दिया जाएगा।
- -मैदान में उतरकर देखेंगे योजनाओं का असर : मनोज कुमार पिंगुआ-आंकड़ों से आगे बढ़कर परिणाम दिखाएं अधिकारी : प्रभारी सचिव का सख्त संदेश-सड़क दुर्घटना रोकने में समाज की भागीदारी जरूरी : प्रभारी सचिव-मातृ-शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी ही असली उपलब्धि : श्री पिंगुआबिलासपुर /अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने गुरुवार को मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, डीएफओ नीरज सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने योजनाओं के क्रियान्वयन को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी जैसे ठोस परिणामों से होना चाहिए। उन्होंने आगामी बैठक में योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन करने तथा कृषि एवं उद्यानिकी के सफल हितग्राहियों से मिलकर उनकी सफलता की कहानी जानने की बात कही। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्ति पर सभी विभागों द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने जनहित में और बेहतर परिणाम देने हेतु उत्साह एवं गंभीरता से दायित्व निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।प्रभारी सचिव ने गृह विभाग की समीक्षा से बैठक की शुरुआत की। बैठक में एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने अपराध नियंत्रण एवं नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुमशुदा बच्चों की खोज हेतु चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान एवं ऑपरेशन तलाश में बिलासपुर जिला प्रदेश में क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहा है। प्रभारी सचिव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। टोल फ्री नंबर पर प्राप्त 46 शिकायतों में से 43 का निराकरण किया जा चुका है। धान खरीदी केंद्रों में से अधिकांश से धान का उठाव पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में गर्मी के मौसम में संभावित बीमारियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी गई। सीएमएचओ ने बताया कि जिले के 51 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। एचपीवी टीकाकरण अब जिला अस्पताल के साथ-साथ कल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी प्रारंभ किया जा रहा है।कृषि विभाग की समीक्षा में खाद-बीज की उपलब्धता तथा खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों के मद्देनज़र वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए। पीएचई विभाग को 143 चिन्हित समस्या-ग्रस्त गांवों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बर्ड फ्लू की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभारी सचिव ने बेसहारा पशुओं के लिए अधिक गोधाम खोलने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिले में 5 गोधन संचालित हैं। सड़क सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम अकेले पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। बिना हेलमेट वाहन चलाने या तेज गति से वाहन चलाने वालों को टोकना हर नागरिक का कर्तव्य है। महतारी वंदन योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 4.09 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है तथा सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में राष्ट्रीय जनगणना कार्य एवं राजस्व शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
- -विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों एवं आला अधिकारी हुए शिविर में शामिल-शिविर में राजस्व पखवाड़ा का किया गया शुभारंभबालोद। जिला प्रशासन द्वारा गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम अरमरीकला एवं आसपास के ग्रामीणों के लिए सौगातों भरा रहा। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविर की बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। इस मौके पर अतिथियों के द्वारा ग्राम अरमरीकला में आयोजित इस जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। अरमरीकला शिविर में आज अनेक हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत नवनिर्मित आवासों के आवासपूर्णता प्रमाण पत्र, मुकबधिर हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं दिव्यांग हितग्राहियों को छड़ी और इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान करने के अलावा मत्स्य विभाग के योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मछली जाल, आईस बाॅक्स प्रदान करने के साथ ही ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनओं से लाभान्वित किया गया। इस मौके पर शिविर में विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 1843 आवेदनों में से 1689 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान आयोजित राजस्व पखवाड़ा में ग्राम सांगली के 255 तथा ग्राम पिकरीपार के 125 सहित 380 लाभार्थियों को अधिकार अभिलेख (स्वामित्व कार्ड) का भी वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि शिविर में आयोजित राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत अरमरीकला शिविर में शामिल कुल 16 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से अविवादित बटवारा, नक्शा बटांकन, सीमांकन, भूअर्जन, त्रुटि सुधार आदि से संबंधित कुल 94 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत इसमें से 40 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले जनसमस्या निवारण शिविर की भाँति कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर ग्राम अरमरीकला पहुँचे। जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों के ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर एसडीएम श्री आरके सोनकर, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अरमरीकला शिविर में आज जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू, श्रीमती चंद्रिका गंजीर, श्रीमती कांति सोमेश्वरी एवं तेजराम साहू सहित जनपद सदस्य श्री नरेश कुमार साहू, डाॅ. हरिकृष्ण गंजीर, संध्या अजेन्द्र साहू, झालेन्द्र कुमार साहू, श्री तांसी देहारी, लता साहू एवं आशीष कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।शिविर में आज अतिथियों के द्वारा ग्राम भुलनडबरी निवासी श्रीमती परमुनी बाई को उनके पति श्री बिशेसर राम के तालाब में डुबने से मौत हो जाने के कारण आरबीसी 6-4 के तहत 04 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत ग्राम कुम्हारखान के श्रीमती ईश्वरी साहू एवं श्रीमती पार्वती बाई को अनुदान राशि के रूप में 01-01 लाख रूपए का डेमो चेक भी प्रदान किया गया। इसके अलावा मत्स्य विभाग के विभागीय योजना अंतर्गत पंजीकृत दो मछुवारा सहकारी समितियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण करने के अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को तालाब निर्माण की अनुमति एवं 01 स्व सहायता समूह को मछली पालन हेतु 10 वर्षीय पट्टा अनुमति प्रदान किया गया। इसी तरह कृषि विभाग के मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना अंतर्गत 05 कृषकों को प्रमाणपत्र वितरक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 03 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत 07 हितग्राहियों को रसोई गैस कन्नेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 04 हितग्राहियों को 12-12 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग के द्वारा 02 हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्राय सायकिल एवं 01 हितग्राही को सामान्य ट्राय सायकल, 07-07 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं छड़ी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अतिथियों के द्वारा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग के 03 बुजुर्गों को वय वंदन कार्ड भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही टीवी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 01 व्यक्ति को निक्षय पोषण किट प्रदान किया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा गुरूर विकासखण्ड के सफल कृषकों को उत्कृष्ट खेती के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने ग्राम अरमरीकला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के बेहतर आयोजन की सराहना की। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया। श्रीमती सिन्हा ने सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों को पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित कर आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजना से लाभान्वित कराने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने जिला प्रशासन द्वारा ग्राम अरमरीकला में बेहतरीन जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रशासनिक अमले को आम जनता के बीच भेजकर उनके मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल करने तथा उसका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने को कहा। इस दौरान श्रीमती चंद्राकर ने बाल विवाह को एक सामाजिक अभिशाप बताते हुए शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। संभागायुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री राठौर ने जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा आम जनता के राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु 01 अप्रैल से 15 जून तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। श्री राठौर ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप राजस्व पखवाड़ा के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा आम जनता से प्राप्त आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। संभागायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप वर्ष 2047 तक देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य को विकसित बनाने की दिशा में आम जनता का सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अरमरीकला में बेहतरीन जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन के लिए जिला प्रशासन की भूरी-भूरी भी सराहना की। इस दौरान संभागायुक्त श्री राठौर ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन कर जल संरक्षण के कार्य में महती भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ भी दिलाई। शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम अरमरीकला सहित आसपास के कुल 16 ग्राम पंचायतों की ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की सराहना करते हुए सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण की भी भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि ग्राम अरमरीकला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण के साथ-साथ राजस्व पखवाड़ा का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 01 अप्रैल से 15 जून तक आयोजित राजस्व पखवाड़ा के दौरान अविवादित बटवारा, नक्सल बटांकन, सीमांकन, भूअर्जन, त्रुटि सुधार आदि समस्याओं का समुचित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित शिविरों में राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु प्रस्तुत कर इसका समुचित लाभ उठाने की अपील की। शिविर को जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीत संजय साहू एवं अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।इस मौके पर अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार करने के अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनके गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। शिविर में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के स्टाॅल में चिकित्सकों के द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। अरमरीकला में आयोजित शिविर में राजस्व विभाग को प्राप्त 240 आवेदनों में से 240, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त 280 आवेदनों में से 280, तहसील कार्यालय गुरूर को प्राप्त 218 आवेदनों में 218, महिला बाल विकास विभाग को 44 में से 44, खाद्य विभाग को प्राप्त 36 आवेदनों में से 36, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 22 में से 21, कृषि विभाग को 06 में से 06, विद्युत विभाग को 15 में से 15, शिक्षा विभाग को 14 में से 14 आवेदन, श्रम विभाग को 17 में से 17 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया।



























