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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए सघन जांच अभियान के तहत राजस्व विभाग की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार लाल बहादुर नगर श्री अमीय श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम खुबाटोला में इमारती लकड़ी का अवैध रूप से बिना दस्तावेज के परिवहन किया जा रहा था। जिसे जप्त कर कार्रवाई के लिए वन विभाग को सुपुर्द किया गया।
- - छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, सीबीएसई अगले दौर में पहुंचीराजनांदगांव । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 11 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित किया जा रहा है, जिनमें देश के 27 राज्य एवं 9 शैक्षणिक संस्थान सहित कुल 36 बास्केटबॉल बालक-बालिका 17 वर्ष की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के तीसरे एवं चौथे दिन खेले गये प्री-क्वार्टर व क्वार्टर फायनल मैचों में मेजबान छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, सीबीएसई, दिल्ली, पंजाब, सीबीएससीडब्लूएसओ, तमिलनाडू, चण्डीगढ़ की टीमों ने अपने मैच जीतकर प्रवेश किया। छत्तीसगढ़ के बालक व बालिकाओं की टीम सेमीफायनल में जगह बना ली है।दिग्विजय स्टेडियम एवं अन्य खेल मैदानों में खेली जा रही प्रतियोगिता के तीसरे दिन संध्या में प्री-क्वार्टर फायनल मैच खेले गए जिसमें बालिका वर्ग में उत्तर प्रदेश ने केवीएस को 49-41 अंकों से, केरल ने पश्चिम बंगाल को 52-36 अंकों से, सीबीएसई ने झारखण्ड को 45-15 अंकों से, मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 55-46 अंकों से, महाराष्ट्र ने हरियाणा को 54-43 अंकों से तथा बालक वर्ग में तमिलनाडू ने तेलंगाना को 89-49 अंकों से, दिल्ली ने चण्डीगढ़ को 64-29 अंकों से, केवीएस ने गुजरात को 60-48 अंकों से, मध्यप्रदेश ने उत्तर प्रदेश को 42-14 अंकों से, सीबीएससीडब्लूएसओ ने राजस्थान को 47-38 अंकों से, महाराष्ट्र ने संघर्षपूर्ण व रोमांचक मुकाबलें में सीआईएसई को 47-46 अंकों से हराकर क्वार्टर फायनल में जगह बनाई थी।
प्रतियोगिता के क्वार्टर फायनल मैच 14 जनवरी को सुबह खेला गया। जिसमें बालिका वर्ग में सीबीएसई ने मध्यप्रदेश को 45-20 अंकों से, महाराष्ट्र ने केरल को 54-28 अंकों से, दिल्ली ने उत्तर प्रदेश को 55-31 अंकों से, मेजबान छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने चण्डीगढ़ को 74-60 अंकों से हराकर सेमीफायनल में जगह बनाई। वही बालक वर्ग के सेमीफायनल दिल्ली ने महाराष्ट्र को 64-29 अंकों से, पंजाब ने कड़े मुकाबले में तमिलनाडु को 69-66 अंकों से, मेजबान छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश को 35-19 अंकों से पराजित किया। प्रतियोगिता का फायनल मैच 15 जनवरी को सुबह 7:35 बजे से दिग्विजय स्टेडियम में खेला जायेगा।
- -जल जीवन मिशन से आसान हुई ग्रामीणों का जीवन, परिवारों को मिला सुकून और सुविधारायपुर ।भारत सरकार के जल जीवन मिशन से ग्रामीण इलाकों में लोगों का जीवन आसान हो गया है। हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत अब घर-घर नल से जल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को पीने के स्वच्छ पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। पहले गांवों में पानी लाने के लिए लोगों को काफी दूर जाना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह काम बहुत मुश्किल होता था। पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगते थे, जिससे घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते थे और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था।जल जीवन मिशन की शुरुआत इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए की गई। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण लोगों का जीवन आसान और सम्मानजनक बनाना है। आज इस योजना से जिले के हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है।कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत खाम्ही की निवासी सतो बैगा भी इस योजना से बहुत लाभान्वित हुई हैं। वे बताती हैं कि पहले उन्हें पानी लाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। उम्र बढ़ने के साथ यह काम और भी कठिन हो गया था।सतो बैगा ने बताया कि पहले खाना बनाना, साफ-सफाई रखना और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना एक बड़ी समस्या थी। गर्मी और बारिश के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती थी। लेकिन अब उनके घर में नल से जल के बाद ये सभी दिक्कतें खत्म हो गई हैं।अब उनके घर में हर समय साफ पानी उपलब्ध रहता है। उन्हें न तो दूर जाना पड़ता है और न ही किसी पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हुआ है। वे बताती हैं कि अब समय बचता है, जिसे वे अपने घर और आराम के लिए उपयोग कर पाती हैं। सतो बैगा का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उन्हें सिर्फ पानी नहीं दिया, बल्कि चौन और सम्मान भरी जिंदगी भी दी है। अब पानी को लेकर रोज की चिंता पूरी तरह खत्म हो गई है।
- -ग्रामीण महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया अवसररायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार बनकर उभर रही है। योजना के अंतर्गत विकसित जलस्रोत जहां भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक हैं, वहीं स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं को रोजगार और आय सृजन के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।सरगुजा संभाग के अंबिकापुर के ग्राम पंचायत बरगंवा में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत निर्मित तालाब इसका सफल उदाहरण है। तालाब का उपयोग सरस्वती महिला स्व सहायता समूह द्वारा मछली पालन के लिए किया जा रहा है, जिससे समूह की महिलाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हुआ है और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना बनी है।ग्राम पंचायत बरगंवा की सरपंच श्रीमती संजिता सिंह ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण से गांव के जल स्तर में सकारात्मक सुधार दर्ज हुआ है। आसपास के कुओं एवं अन्य जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल एवं सिंचाई में सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि तालाब का प्रबंधन महिला स्व सहायता समूह को सौंपने से आजीविका संवर्धन का एक सशक्त माध्यम तैयार हुआ है।समूह की महिलाओं द्वारा तालाब में लगभग 4,000 मछली बीज डाले गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप यह गतिविधि भविष्य में आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगी। मछली पालन के जरिए महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे स्वयं के श्रम, कौशल और सहभागिता से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।सरपंच श्रीमती सिंह ने कहा कि अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण, पर्यावरणीय संवर्धन और ग्रामीण आजीविका सृजन का प्रभावी मॉडल साबित हो रही है। इससे गांवों में नए रोजगार सृजित हो रहे हैं और स्थानीय महिलाओं की सहभागिता के कारण सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिल रही है।महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों ने भी शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाब निर्माण और मछली पालन ने उन्हें सम्मानजनक और दीर्घकालिक आजीविका का अवसर दिया है। योजना से गांव में समग्र विकास की नई दिशा स्थापित हो रही है और महिलाएं आत्मविश्वास व सशक्तिकरण के साथ आगे बढ़ रही हैं।
- -डिजिटल टोकन प्रणाली से किसानों को मिल रही बड़ी सहूलियतरायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह किसान हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग, सुव्यवस्थित प्रबंधन और समयबद्ध प्रक्रिया के परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज बेचने में महत्वपूर्ण सुविधा मिल रही है।सरगुजा जिले के ग्राम करजी के लघु सीमांत कृषक श्री सूरज राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सरल और पारदर्शी है। उनके 166 क्विंटल धान की खरीदी के लिए उन्होंने घर बैठे ही “किसान तुहंर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन सुविधा से समिति कार्यालय में अनावश्यक भीड़ समाप्त हुई है और किसानों का मूल्यवान समय बच रहा है।टोकन तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें शीघ्रता से गेट पास उपलब्ध कराया गया। वहां धान की नमी का परीक्षण, बारदाना उपलब्धता और तौल प्रक्रिया बिना विलंब के संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि नयी प्रणाली से धान विक्रय पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित हो गया है।श्री राजवाड़े ने उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की भी प्रशंसा की। किसानों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, छायादार बैठने की जगह और समिति कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार उन्हें संतोषजनक लगा।राज्य शासन द्वारा इस वर्ष धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। किसान के अनुसार इस निर्णय ने राज्य के कृषकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर मूल्य मिलने से खेती को लाभदायक बनाया जा सका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।कृषक श्री राजवाड़े ने पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी प्रणाली के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान प्रबंधन से किसानों में सुरक्षा, सम्मान और भरोसे की भावना बढ़ी है।
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-अतुल्य दंतेवाड़ा बना पर्यटकों का नया स्वर्ग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बारसूर और मुचनार क्षेत्र तेजी से रोमांचक एडवेंचर, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ अभियान के तहत विकसित ये स्थल पर्यटकों को जिपलाइन, नाइट कैंपिंग जैसे अनुभव प्रदान कर रहे हैं। सुरक्षित और सुगम सुविधाओं ने इन्हें बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़कर एक आदर्श पर्यटन गंतव्य बना दिया है।बारसूर-मुचनार में जिले की सबसे लंबी जिपलाइन पर्यटकों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी है। ऊंचाई से जंगल और घाटियों के बीच सरकते हुए मिलने वाला यह रोमांच साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। पर्यटक बताते हैं कि हवा की तेज रफ्तार और हरियाली का नजारा उन्हें अविस्मरणीय क्षण प्रदान करता है। इसके अलावा, नाइट कैंपिंग की सुविधा रात के जंगल को जीवंत बना रही है। तारों भरी आकाशमंडल के नीचे टेंट में ठहरना, जंगल की शीतल हवाओं और पक्षियों की चहचहाहट का आनंद लेना पर्यटकों को प्रकृति के करीब ला रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए हैं, जिसमें प्रशिक्षित गाइड और आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं।बारसूर अपने 10वीं-11वीं शताब्दी के भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है, जहां नागर शैली के ये स्थापित धरोहरें इतिहास और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम प्रस्तुत करती हैं। भगवान शिव, विष्णु और गणेश के ये मंदिर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते हैं। धार्मिक पर्यटक यहां पूजा-अर्चना के साथ इतिहास से रूबरू हो रहे हैं। वहीं, सातधार नदी का कल-कल बहता जल और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह रही है। नदी किनारे पिकनिक, फोटोग्राफी और ध्यान के लिए उपयुक्त यह स्थान शांति की तलाश में आने वालों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हाल के दिनों में सैलानियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ के तहत सड़क, पार्किंग, शौचालय और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। यह अभियान स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और वन विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। आने वाले समय में ट्रेकिंग और बोटिंग जैसी नई गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। बारसूर-मुचनार न केवल रोमांच और शांति चाहने वालों के लिए बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक यात्रा के इच्छुक पर्यटकों के लिए भी आदर्श बन रहा है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान दे रहा है। - रेखा ठाकुर ने स्वरोजगार को बनाया नियमित आय का साधनरायपुर/ छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित सक्षम योजना राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा एवं एकल महिलाओं के लिए संबल बनकर उभरी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को मजबूती से निभा सकें। इसी क्रम में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखण्ड के ग्राम धरदेई निवासी श्रीमती रेखा ठाकुर को सक्षम योजना का लाभ दिया गया। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी उनके लिए कठिन हो गया था, जिससे वे मानसिक रूप से भी परेशान रहती थीं।सक्षम योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। इस सहायता से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदा और इससे स्वरोजगार की शुरुआत की, जिससे नियमित आय का साधन विकसित हुआ। धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा और परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति सहज होने लगी। योजना से मिली मदद ने केवल आर्थिक सशक्तिकरण ही नहीं किया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना भी उत्पन्न की। आज वे अपने निर्णय स्वयं ले रही हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं। गांव और समाज में उनकी पहचान एक आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में बन गई है। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना वास्तव में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। यह योजना न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दे रही है।
- कोण्डागांव/ कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश के मार्गदर्शन में यूनिसेफ राज्य कार्यालय छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षक द्वारा जिला कोण्डागांव किशोर न्याय बोर्ड में बाल संरक्षण प्रणालियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक देखभाल को शामिल करने हेतु दो दिवसीय पायलट प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण 08 जनवरी 2026 से 09 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सेवा प्रदाताओं, देखभालकर्ताओं एवं बाल संरक्षण अधिकारियों की क्षमता का मूल्यांकन करना, मदद करने के कौशल में सुधार लाना तथा हानिकारक व्यवहार को कम करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान रोल प्ले एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना, उन्हें खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करना, सक्रिय एवं ध्यानपूर्वक सुनने की क्षमता विकसित करना, समानुभूति की समझ बढ़ाना, आत्महत्या के जोखिम का आकलन एवं प्रबंधन करना तथा बच्चों की ताकतों और कठिनाइयों से निपटने के तरीकों को पहचानने में सहायता करना रहा। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सामाजिक मनोविज्ञान, सुरक्षा एवं संरक्षण को बच्चों के समग्र विकास की नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया।इस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को सही समझ, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग कोण्डागांव के अंतर्गत जिला महिला सशक्तिकरण, मिशन वात्सल्य, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति तथा बाल देखरेख संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- कोंडागांव/ कोंडागांव में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकाय की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार को विशेष वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में कोंडागांव के सीएमओ दिनेश डे ने राजस्व वसूली टीम के साथ 14 जनवरी को वसूली अभियान की कमान संभाली।इस दौरान सीएमओ दिनेश डे डोर-टू-डोर अभियान के तहत घरों में समेकित कर, संपत्ति कर एवं जल शुल्क की वसूली तथा दुकानों से किराया व प्रीमियम की वसूली के लिए निकले। उन्होंने बताया कि बड़े बकायादारों एवं दुकानदारों की सूची तैयार कर उसी के अनुरूप वसूली अभियान चलाया जा रहा है। जिन दुकानों का किराया और प्रीमियम बकाया है, उनके विरुद्ध दुकान निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा रही है। सीएमओ ने नगरवासियों से अपील की कि वे समस्त करों का भुगतान परिषद कोष में समय पर जमा करें। साथ ही घरों एवं दुकानों से निकलने वाले कचरे को स्वच्छता दीदी को सौंपें और यूजर चार्ज का भुगतान भी सुनिश्चित करें। उन्होंने जानकारी दी कि कोंडागांव नगर की कुल डिमांड लगभग चार करोड़ रुपये है, जिसकी वसूली की जानी है। इसमें डोर टू डोर यूजर चार्ज एवं अन्य लेन-देन को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त सभी मकान मालिकों एवं दुकानदारों को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बिल भी वितरित कर दिया गया है।
- एमसीबी/प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के अंतर्गत निवासी छरछा तहसील केल्हारी़ फुलकुवंर की पानी में डूबने से हुई मृत्यु के पश्चात उनके पति चीनीलाल को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार निवासी पाराडोल तहसील मनेन्द्रगढ़ में मंदीप सिंह की मृत्यु जहरीले सर्प के काटने के कारण हो गया था जिससे मृतक के पिता महेन्द्र सिंह को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता राशि पीड़ित परिवार को आपदा की कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने हेतु शासन द्वारा प्रदत्त राहत उपायों के अंतर्गत दी गई है। स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 के मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा।
- महासमुन्द/ राजस्व पटवारी संघ तहसील बसना के पत्रानुसार पटवारी श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा अवैध धान परिवहन की रोकथाम के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार श्री देवांगन, तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 20 तहसील बसना द्वारा 21 दिसंबर 2025 की रात्रि में ग्राम उमरिया क्षेत्र में ओड़िशा के वाहन से 420 कट्टा धान का अवैध परिवहन कराया जाता हुआ पाया गया था। इस घटना का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्रों में भी हुआ, जिससे शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हुई।उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना द्वारा 8 जनवरी 2026 को संबंधित पटवारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई थी। प्राप्त जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर यह स्पष्ट हुआ कि श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई है। फलस्वरूप, उनके कदाचरण, अनुशासनहीनता एवं शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही को देखते हुए छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग-एक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के उपनियम (1)(क) के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना श्री हरीशंकर पैंकरा द्वारा श्री लालकृष्ण देवांगन, पटवारी (तत्कालीन प.ह.नं.-20, वर्तमान प.ह.नं.-42 तहसील बसना) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना नियत किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा।
- -प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई, उद्योग का संचालन रोका गयारायपुर ।प्लांट से जहरीला पानी खेतों एवं नालों में बहाए जाने की शिकायत मिलने पर ग्राम भिलाई, तहसील आरंग स्थित औद्योगिक इकाई मेसर्स मोदी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का संयुक्त निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर के क्षेत्रीय कार्यालय एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया।निरीक्षण में यह पाया गया कि उद्योग द्वारा दूषित जल का निस्सारण किया जा रहा है तथा वायु प्रदूषण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उद्योग परिसर के बाहर दूषित जल का रिसाव पाए जाने पर दिनांक 14 नवंबर 2025 को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(क) के अंतर्गत नोटिस क्रमांक 5377 जारी किया गया था। बावजूद इसके उद्योग द्वारा अपेक्षित सुधारात्मक कार्यवाही नहीं की गई।निरीक्षण दिवस प्रदूषण मानकों के गंभीर उल्लंघन को दृष्टिगत रखते हुए उद्योग के विरुद्ध जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(क) एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत सख्त कार्रवाई की गई। इसके अंतर्गत उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए विद्युत विभाग के माध्यम से विद्युत आपूर्ति विच्छेद की कार्यवाही की गई है।यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से की गई है। संबंधित उद्योग को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि सभी पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किए बिना संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आसपास के क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। किसी भी उद्योग द्वारा प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल का निस्सारण पाए जाने पर जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस अवसर पर उद्योग की ओर से प्रतिनिधि श्री रजनीश प्रताप सिंह (प्रोडक्शन एंड) उपस्थित रहे। file photo
- रायपुर। सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. शंगीता के मार्गदर्शन व कलेक्टर रायपुर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार, प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर श्री राजेश शर्मा के नेतृत्व में आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई।प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने वार्ड क्रमांक 15, सुभाष वार्ड नेवरा, थाना तिल्दा क्षेत्र अंतर्गत निवासी आरोपी सूरज कुमार चौहान, पिता तिलकराम चौहान के रिहायशी मकान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से अवैध रूप से धारित कुल 8.10 बल्क लीटर देशी एवं विदेशी मदिरा बरामद की गई।जब्त मदिरा में 35 पाव देशी मदिरा मसाला ‘शोले’ तथा 10 पाव विदेशी मदिरा ‘जम्मू स्पेशल व्हिस्की’ शामिल है। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर द्वारा आयोजित मार्च–अप्रैल 2026 की हायर सेकण्डरी एवं हाईस्कूल परीक्षाओं की समय-सारणी जारी कर दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हायर सेकण्डरी की परीक्षाएं 16 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएंगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षाएं 17 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 7 अप्रैल 2026 तक संपन्न होंगी।छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा परीक्षा की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। परीक्षार्थी अपनी परीक्षा से संबंधित विस्तृत समय-सारणी एवं अन्य जानकारी के लिए अपने समीपस्थ अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त परीक्षा की समय-सारणी छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट www.sos.cg.nic.in पर भी उपलब्ध है, जिसे छात्र-छात्राएं डाउनलोड कर सकते हैं।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज टीम बी धरसीवां द्वारा अकोली के प्राथमिक व मिडिल स्कूल में 126 बच्चों का स्क्रीनिंग किया गया। अर्बन टीम डी द्वारा गोगांव के आंगन बाड़ी केंद्र में 131 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। अभनपुर टीम बी द्वारा सिवनी स्कूल में 176 बच्चों का स्क्रीनिंग किया गया । अर्बन टीम 2 द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र बोरियाखुर्द में 175 बच्चों की स्क्रीनिंग किया गया जिसमें कोई भी सस्पेक्टेड नहीं मिला। आरंग टीम बी द्वारा आंगन बाड़ी केंद्र अकोली खुर्द में 155 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। अर्बन टीम ए द्वारा आत्मानंद निवेदिता हाइर सेकेंडरी स्कूल में 205 बच्चों की स्क्रीनिंग किया गया।
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-कलेक्टर डॉ सिंह के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई
रायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के सख्त निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम द्वारा जनहित में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक-6 द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ मिलकर आज औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान संतोषी नगर स्थित राज ट्रेडर्स और भाठागांव चौक के पास स्थित दो पतंग दुकानों की जांच की गई। जांच में दोनों दुकानों से लगभग 8 बंडल प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया जिसे तत्काल जप्त कर लिया गया।कलेक्टर डॉ सिंह के निर्देशानुसार जनजीवन, पशु-पक्षियों एवं पर्यावरण की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। संबंधित दुकानदारों को भविष्य में चाइनीज मांझा का विक्रय या भंडारण न करने की सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - -सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाने टीम प्रहरी सक्रिय, टीम की लगातार कार्रवाईरायपुर ।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा जनहित एवं जन सुविधा की दृष्टि से संचालित टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।अभियान के तहत नगर निगम जोन क्रमांक-9 के महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक-32 अंतर्गत अवंति विहार मुख्य मार्ग, गौरव पथ एवं विजय नगर चौक क्षेत्र में सड़क किनारे लगाए गए अवैध ठेलों एवं गुमटियों को हटाया गया। यह कार्रवाई जोन-9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा के नेतृत्व में कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उप अभियंता श्री रवि प्रभात साहू सहित नगर निगम मुख्यालय के नगर निवेश उड़न दस्ता एवं जोन-9 नगर निवेश विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा राजधानी शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, आमजनों को मुख्य मार्गों पर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि संबंधित दुकानदारों को पूर्व में अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कदम उठाए गए।नगर निगम ने पुनः निगम क्षेत्र के सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण न करें तथा आम नागरिकों की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करें। टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत अतिक्रमण रोधी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- -मोहन तिवारी - अध्यक्ष, गौरव शर्मा- महासचिव , दिनेश कुमार यदु- कोषाध्यक्ष निर्वाचितरायपुर । रायपुर प्रेस क्लब के लिए संपन्न हुए मतदान के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। चुनाव शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हुआ, जिसमें पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर श्री मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष पद पर श्री दिनेश कुमार यदु, उपाध्यक्ष पद पर श्री दिलीप कुमार साहू और महासचिव पद पर श्री गौरव शर्मा निर्वाचित घोषित किए गए।संयुक्त सचिव पद पर सुश्री निवेदिता साहू और श्री भूपेश जांगड़े ने जीत हासिल की। निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन कुमार ठाकुर ने परिणाम की घोषणा की। इस दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री राकेश कुमार देवांगन , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री नंदकुमार चौबे उपस्थित रहे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाइयाँ दी गईं।
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- जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को संवेदनशीलतापूर्वक सुनी। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनमानस उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समाधान करें। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, आधार कार्ड बनवाने, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, पट्टा, भू-अर्जन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
- यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत सभी शासकीय एवं निजी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति गठन करना होगा अनिवार्य
- आंतरिक शिकायत समिति गठन नहीं किए जाने पर 50 हजार रूपए का लगेगा जुर्माना
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सभी विभागों को अपने-अपने विभाग के अधीन सभी कार्यालयों में एवं शासकीय विभागों से पंजीकृत निजी संस्थानों, निजी उद्योगों, दुकानों, अस्पताल एवं स्कूलों सहित सभी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति के गठन करने और सी-बॉक्स पोर्टल में जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने कार्यशाला में बताया कि यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत प्रत्येक शासकीय कार्यालय, हॉस्पिटल, स्कूल, हॉस्टल, कंपनी, दुकान, उद्योग सहित सभी शासकीय एवं निजी कार्यालयों जहां कर्मचारियों की संख्या 10 या 10 से अधिक है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है। आंतरिक शिकायत समिति गठन नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित को 50 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन शी-बॉक्स पोर्टल बनाया गया है, जिसमें सभी कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जानकारी अपलोड किया जाना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - राजनांदगांव । जिले में मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच, दवाई, उपचार के लिए विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत जिले के लक्ष्य के अनुरूप सभी उच्च जोखिम वाली 1775 गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया है। इस तरह जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत नि:शुल्क सोनोग्राफी की गई है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि इन सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा आवश्यक स्वास्थ्य सलाह दी जा रही है। प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती माताओं के घर प्रति दिवस मितानिनों द्वारा भ्रमण किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लॉक प्रोग्राम यूनिट द्वारा कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जा रही है। विकासखंड एवं शहरी क्षेत्र से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी सेंटर लाए जाने हेतु नि:शुल्क एम्बूलेंस सेवा उपलब्ध करायी जा रही है। आगामी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं का भी समस्त जांच एवं सोनोग्राफी नि:शुल्क किया जाएगा।
- - कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के दिए निर्देश- हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, सीएसआर एवं जीवनदीप समिति के सहयोग से नि:शुल्क की जा रही सोनोग्राफी- शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने पर शीघ्र तोडऩे की करें कार्रवाई- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्नराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के तहत प्राप्त दावा-आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों को झांकी सहित आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा प्रकरण का समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तहसीलदार को प्रकरण का नियमानुसार शीघ्र निराकरण कर हितग्राही को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि जनसामान्य के साथ अच्छा व्यवहार रखें और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलतपूर्वक निराकरण करें। उन्होंने निजी चिकित्सालयों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निजी चिकित्सालयों द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही और नियमों के उल्लघंन करने पर संबंधित चिकित्सालयों के विरूद्ध पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग का कार्य अनिवार्य रूप से किया जाए और इस कार्य को तेज गति से करने के निर्देश दिए। उनकी सोनोग्राफी, स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाईयों पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी मोबाईल के माध्यम से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्त निर्देश दिए।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सूर्यसभा का आयोजन प्रोत्साहित करने कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे अच्छे वेंडर्स का चयन करें जो संबंधित हितग्राही को शीघ्र सोलर पैनल स्टाल कर लाभान्वित करें, जिससे हितग्राही को शासन की योजना का शीघ्र लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम एलिम्को जबलपुर द्वारा राजनांदगांव जिले के वरिष्ठजनों को नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदाय करने के लिए मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। हितग्राहियों का शीघ्र चिन्हांकन कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने पर उसे शीघ्र तोडऩे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीजीएन पोर्टल, सीएम जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के प्रकरणों की गहन समीक्षा की तथा इसका शीघ्र निराकरण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए गोदाम सहित अन्य स्थानों में आग लगने की संभावना के संबंध में आवश्यक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी व्यवसायिक संस्थाओं की बैठक आयोजित कर सुरक्षा के इंतजाम रखने के लिए जागरूक करने कहा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जनमानस को अधिक से अधिक लाभन्वित करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूर्यसभा का आयोजन किया जा रहा है, इसे जारी रखें तथा योजना के संबंध में जनमानस को अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सभी एसडीएम एवं तहसीलदार वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
- - गेहूं, सरसों, चना एवं अलसी का बीमा कराने खुला दोबारा पोर्टलराजनांदगांव । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बीमा कराने हेतु पोर्टल को 9 दिन बाद दोबारा खोला गया हैं। कृषक 15 जनवरी 2026 तक बीमा करवा सकते हैं। अब तक जिले के 28 हजार 661 किसानों द्वारा 38 हजार 258 हेक्टेयर में लगी गेहूं, चना, सरसों एवं अलसी फसल का बीमा कराया है। पिछले साल की तुलना में अब तक 1283 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा किया जाना शेष हैं। गतवर्ष रबी 2024-25 में 39541 हेक्टेयर क्षेत्र रबी फसलों का बीमा हुआ था। असमायिक वर्षा एवं अन्य कारणों से फसलों की क्षति होने पर बीमा कंपनी द्वारा 33 करोड रूपए क्षतिपूर्ति के रूप में 20380 कृषकों को भुगतान किया गया था।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा लगातार मैदानी अधिकारियों के माध्यम से किसानों के बीच पहुंचकर फसलों का बीमा कराने के लिए कार्य किया जा रहा है। साथ ही समितियों द्वारा भी धान उपार्जन करने वाले केन्द्रों के माध्यम से किसानों को अपने फसलों को बीमा आवरण में लेने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। जिन किसानों द्वारा भी धान विक्रय नहीं किया गया है तथा बैंक के माध्यम से खरीफ अल्पकालीन ऋण को अद्यतन नहीं कराया गया है, ऐसे कृषकों का बीमा करने में बैंकों को व्यवहारिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में यदि किसान अपने ऋण को अद्यतन नहीं करा पाये है, वह अऋणी कृषक के रूप में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से अपने फसलों का बीमा करवा सकते है। इस वर्ष किसान द्वारा प्रीमियम राशि प्रति हेक्टेयर गेहूं सिंचित 690 रूपए प्रति हेक्टेयर, गेहूं असिंचित 405 रूपए प्रति हेक्टेयर, चना 645 रूपए प्रति हेक्टेयर, राई सरसो 375 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं अलसी 315 रूपए प्रति हेक्टेयर रखा गया है। उन्होंने जिले के कृषकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करते हुए शीघ्र ही बैंक शाखा, लोकसेवा केन्द्र में पहुंचकर फसलों का बीमा कराकर फसलों को सुरक्षित कर बीमा आवरण का लाभ लेने तथा ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश, बेमौसमी बारिश एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए अपील की है।
- -समय-सीमा की बैठक में शासन की प्राथमिकता व लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देशबिलासपुर, /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में भू-अर्जन की विस्तृत समीक्षा करते हुए भूमि संबंधी धोखाधड़ी रोकने के लिए मेटा डेटा आधारित रिकॉर्ड प्रणाली पर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशीलता से कार्य करने कहा। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में कलेक्टर ने सबसे पहले मिशन कर्मयोगी पोर्टल में सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पंजीयन कराने के निर्देश दिए। भू-अर्जन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन भूमि का अर्जन हो चुका है, उन्हें संबंधित विभाग के नाम पर दर्ज कराया जाए। यदि किसी शासकीय भूमि का नामांतरण निजी व्यक्ति के नाम पर पाया जाता है तो तत्काल विधिसम्मत सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि सरकारी जमीन किसी भी परिस्थिति में निजी हाथों में न जाने पाए। भूमि संबंधी धोखाधड़ी रोकने के लिए मेटा डेटा आधारित रिकॉर्ड प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। फर्जी मृत्य प्रमाण पत्र के माध्यम से भूमि हेराफेरी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज कराया जाए। सीमांकन से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र शीघ्रता से बनाने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगतिरत एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी ली गई, जिनमें प्रमुख रूप से स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट, स्वास्थ्य संस्थानों की शिफ्टिंग एवं प्रस्तावित परियोजनाओं, खेल एवं अधोसंरचना परियोजनाएं, एयरपोर्ट कैंटीन, न्यू ट्रांसपोर्ट नगर (सिलपहरी), केंद्रीय विश्वविद्यालय ट्रांजिट हॉस्टल, लोक निर्माण सड़क परियोजनाएं, प्रस्तावित हॉस्टल, पेयजल, सिंचाई एवं ड्रेनेज परियोजनाएं व प्रदूषण नियंत्रण, अरपा नदी संर्वद्धन परियोजना से संबंधित कार्ययोजना की जानकारी ली। कलेक्टर ने पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्वयं सोलर पैनल लगवाने व अन्य लोगों को इसके लिए प्रेरित करने कहा।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़ी सभी परियोजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। बैठक में दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। ई-समाधान पोर्टल पर लंबित मामलों, विभिन्न विभागों में अटकी परियोजनाओं तथा हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही जेम पोर्टल पर प्रशिक्षण की उपस्थिति, भंडार क्रय नियमों की जानकारी तथा विधानसभा के बजट सत्र हेतु प्रश्नों की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मल्हार महोत्सव व आगामी माघी मेले की तैयारियों के साथ ही गणतंत्र दिवस की तैयारियों पर चर्चा करते हुए सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनहित से जुड़े प्रत्येक कार्य को समय पर पूर्ण करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने जनदर्शन में आए प्रत्येक व्यक्ति से उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याओं को सुना।जनदर्शन में आज ग्राम पंचायत मिट्ठू नवागांव के ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायत में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लिए भवन निर्माण कराए जाने की मांग की। कलेक्टर ने डीईओ को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। लिंगियाडीह निवासी वृद्धा गुंजा धुरी ने शासन की योजनांतर्गत आवासीय मकान दिलाने की गुहार लगाई। वृद्धा गुंजा धुरी ने बताया कि उनके पति का देहांत हो चुका है। वे अत्यंत गरीब है और उनके पास आय का कोई साधन भी नहीं है। उन्होंने शहर में ही अटल आवास दिलाने की मांग की है, जिससे वे अपने परिवार के साथ अच्छे जीवन-यापन कर सके। कलेक्टर ने उनके आवेदन को नगर निगम आयुक्त को सौंपा। जनदर्शन में आए बिल्हा के ग्राम बोड़सरा निवासी अजय ने बताया कि वे अपना स्वयं का रोजगार करना चाहते है, उन्होंने कलेक्टर से शासन की योजना अंतर्गत लोन दिलाने की गुहार लगाई जिससे वे वेल्डिंग दुकान खोलकर अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर सके। कलेक्टर ने लीड बैंक ऑफिसर को मामले को सौंपा। कोटा के कुरदर निवासी हरिशचन्द्र मिरी ने लक्ष्मी प्रसाद द्वारा उनके जमीन पर किये गये अवैध कब्जे की शिकायत की। उन्होंने बताया कि लगभग 100 डिसमिल की जमीन उनके अलावा आनंदबाई और लक्ष्मी प्रसाद के नाम पर दर्ज है। लक्ष्मी प्रसाद के द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा कर खेती किया जा रहा है और जमीन बंटवारे को लेकर रोजाना वाद-विवाद हो रहा है। बिल्हा के ग्राम मदनपुर के ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी न मिलने की शिकायत कलेक्टर से की है। कलेक्टर ने एसडीएम कोटा को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी तरह जमीन के अवैध कब्जे, जमीन विवाद, नामांतरण, सीमांकन की शिकायत सहित शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जनदर्शन में आवेदन दिया गया।








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