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- 0- जहां बहता था पानी, वहीं अब बह रही है खुशहालीबिलासपुर. कभी हर बारिश के बाद ठरकपुर गांव का पानी नालों से बहकर दूर निकल जाता था। खेतों में नमी नहीं टिकती थी, कुएं और नलकूप सूख जाते थे, किसान एक फसल तक सीमित रहते थे लेकिन आज वही ठरकपुर गांव जल संरक्षण की ताकत से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई मिसाल बन चुका है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित सामुदायिक सीसी चेक डैम ने न केवल वर्षा जल को सहेजने का काम किया, बल्कि किसानों के जीवन में ऐसा सकारात्मक बदलाव लाया, जिसने खेती, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की।जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत ठरकपुर में वर्ष 2025-26 के दौरान 19.01 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से निर्मित सामुदायिक सीसी चेक डैम आज ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और कृषि समृद्धि का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। इस चेक डैम के निर्माण से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जहां पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर व्यर्थ चला जाता था, वहीं अब उसका संरक्षण होने से खेतों, कुओं और नलकूपों में वर्षभर पानी उपलब्ध रहने लगा है। इससे किसानों को सिंचाई, पशुपालन और आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। ठरकपुर गांव लंबे समय से जल संकट और मिट्टी कटाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। वर्षा का पानी तेजी से बह जाने के कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा था और रबी सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने मनरेगा के तहत नाले पर सीसी चेक डैम निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे स्थानीय ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।चेक डैम बनने के बाद वर्षा जल का संचयन होने लगा और पानी धीरे-धीरे जमीन में समाने लगा। इससे आसपास के कुओं और नलकूपों का जलस्तर बढ़ा तथा गांव में सिंचाई की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब किसान वर्ष में दो से तीन फसलें लेने लगे हैं। टमाटर, मिर्च जैसी नकदी फसलों का उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मिट्टी का कटाव कम होने से खेतों की उर्वरता भी बनी हुई है। जल उपलब्धता बढ़ने से पशुपालन को भी नई दिशा मिली है। वर्षभर नाले में पानी रहने से पशुओं के लिए पेयजल और चारे की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है, जिससे दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेती और पशुपालन दोनों पहले की तुलना में अधिक लाभकारी हो गए हैं। गांव के एक किसान बताते हैं, पहले हमारी खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी। चेक डैम बनने के बाद सिंचाई की सुविधा मिलने से अब हम टमाटर और मिर्च जैसी नकदी फसलें उगा रहे हैं। हमारी वार्षिक आय लगभग दोगुनी हो गई है और अब खेती लाभ का सौदा बन गई है। यह जल संरक्षण की संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गया है।
- 0- जल संसाधन विभाग ने जारी किया अलर्टबिलासपुर. आगामी वर्षाकाल के दौरान आवश्यकता होने पर मिनीमाता बांगो बांध माचाडोली से हसदेव नदी में जल प्रवाहित किया जाएगा। वर्तमान में मिनीमाता बांगो बांध में लगभग 59.42 प्रतिशत जल भराव है। वर्षाकाल में आगामी दिनों में अत्यधिक वर्षा के कारण यदि मिनीमाता बांगो बांध जलाशय का जल स्तर तेजी से बढ़ेगा, तो तत्कालीन परिस्थिति के अनुसार मिनीमाता बांगो बांध का जलद्वार खोलकर हसदेव नदी में जल प्रवाहित किया जा सकता है। अतः सर्वसाधारण एवं कार्य एजेंसियों को सूचित किया जाता है कि बांध से नीचे, हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जावें। बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान, ठेकेदार, औद्योगिक इकाईयों, संस्थानों आदि को भी सूचित किया जाता है कि वह अपनी परिसंपत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर कर लेवें। अकस्मात बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।बाढ़ क्षेत्रों में आने वाले संभावित ग्रामों में बांगो, चर्रा, पोंड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कल्मीपारा, सिलयारीपारा, जुनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमाड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेल गांव, झाबू, नवांगांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ा, कोडा, हथमार, झोरा, सिरकीकला आदि शामिल है।
- बिलासपुर. महालेखाकार, रायपुर के निर्देशानुसार सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए 27 से 29 जुलाई 2026 तक जिला कोषालय, बिलासपुर में विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5:30 बजे तक संचालित होगा।शिविर में जीपीएफ के ऋणात्मक शेष (निगेटिव बैलेंस), मिसिंग क्रेडिट तथा फुल/ पार्ट वांट क्रेडिट डेबिट से संबंधित लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर लंबित प्रकरणों का निराकरण कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री बसंत गुलेरी ने जिले के सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों सहित अनिवार्य रूप से शिविर में उपस्थित होकर अपने विभाग से संबंधित लंबित जीपीएफ प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस विशेष पहल का उद्देश्य कर्मचारियों के लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी ढंग से निस्तारण कर उन्हें समय पर लाभ उपलब्ध कराना है।
- 0- विद्युत तार से टकरा रही पेड़ की डालियां हटाईं, संभावित दुर्घटना टलीबिलासपुर. बिलासपुर के मंगला स्थित दीनदयाल कॉलोनी निवासी अक्षत सिंह ठाकुर की सतर्कता और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत से एक संभावित दुर्घटना टल गई। उनके घर के पास से गुजर रहे विद्युत तारों से पेड़ की बड़ी डालियां लगातार टकरा रही थीं, जिससे बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। साथ ही, शॉर्ट सर्किट और जन-धन की हानि का भी खतरा बना हुआ था।अक्षत सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए पहले संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों से मौखिक रूप से संपर्क किया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत दर्ज होने के बाद विद्युत विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विद्युत तारों से सटी पेड़ की डालियों की छंटाई कराई। इससे न केवल विद्युत आपूर्ति में आ रही बाधा दूर हुई, बल्कि संभावित दुर्घटना का खतरा भी समाप्त हो गया।अक्षत सिंह ठाकुर ने बताया कि विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। समय पर हुई कार्रवाई से उनकी समस्या का स्थायी समाधान हुआ और क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिली।
- बिलासपुर. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत रिक्त संविदा पदों द्वितीय एनएनएम, स्टॉफ नर्स एसएनसीयू एवं एनआरसी, काउंसलर, नर्सिंग ऑफिसर-एनयूएचएम एवं हाउस कीपिंग स्टॉफ की पात्रता सूची जा कर दी गई है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति निर्धारित प्रपत्र में 29 जुलाई 2026 तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बिलासपुर छ.ग. के नाम से कार्यालय के आवक जावक शाखा में जमा कर सकते है। अन्य किसी माध्यम से दावा आपत्ति आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। सूची एवं दावा आपत्ति का प्रारूप जिले की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है।
- बिलासपुर. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉक्टर खेमराज सोनवानी के मार्गदर्शन में एचआईवी/एड्स के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘कनेक्ट’ कार्यशाला का आयोजन बिलासपुर में किया गया। कार्यशाला का विषय“एचआईवी/एड्स के प्रति जन जागरूकता में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स की भूमिका” रहा। कार्यशाला में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और जनसंचार के क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करते हुए एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, नियंत्रण तथा जागरूकता संबंधी गतिविधियों में इंफ्लूएंसर्स की सहभागिता को आवश्यक बताया गया।विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, इसके फैलने के तरीकों, बचाव के उपायों तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व और ब्रेकफ्री इंडिया और एच आई वी से जुड़े एक्ट के विषय में विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करने के लिए सही एवं वैज्ञानिक जानकारी का व्यापक प्रसार आवश्यक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से युवाओं और आमजन तक प्रभावी संदेश पहुंचाकर संक्रमण के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहायक संचालक, युवा मामले,सहायक संचालक आईसी व सहायक संचालक डॉक्यूमेंटेशन पब्लिकेशन द्वारा प्रतिभागियों को एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई व सोशल मीडिया के माध्यम से जनहितकारी संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यशाला मेंजिले के नोडल अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सोशल मीडिया की प्रभावी भूमिका पर प्रकाश डाला।कार्यशाला में प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में संभाग के विभिन्न जिलों के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लिया और एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को ’एक पेड़ महतारी के नाम’ से पौधरोपण कर उनका समुचित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की0- महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 50 हजार महिलाओं को उपयुक्त स्थानों पर अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य की कामना के साथ पौध रोपण करने को कहाबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करने हेतु समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से जिले में अधिक से अधिक पौधरोपण करने हेतु गुरूवार 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस महती अभियान में जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु इस वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर गुरूवार 30 जुलाई को महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित बालोद जिले के लगभग 02 लाख 50 हजार हितग्राहियों को गुरूवार 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत ’एक पेड़ महतारी (मां)’ के नाम से पौधरोपण कर रोपे गए पौधों का समुचित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण एवं संर्वधन करना हम सबकी प्राथमिक जवाबदारी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जलशक्ति अभियान कार्यक्रम ’कैच द रैन’ के अंतर्गत वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर जल संचयन का जो लक्ष्य हमें दिया है। उसे पूरा करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के लगभग 02 लाख 50 हजार महिलाओं से गुरूवार 30 जुलाई को एक पेड़ महतारी मां के नाम से अनिवार्य रूप से पौध रोपण करने को कहा है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे जिला प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का एक हिस्सा है। इस अवसर पर उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा जिले के सभी मातृ शक्तियों एवं बालिकाओं से भी जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु चलाए जा रहे इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।इसके अंतर्गत उन्होंने जिले के सभी मातृ शक्तियों से अपने घर, बाड़ी एवं अपने खेत के आसपास के शासकीय भूमि, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन पर अपने मां के नाम पर या अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के नाम पर अनिवार्य रूप से पौधा लगाकर उनकी समुचित सुरक्षा लेने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि इस दौरान पौधरोपण हेतु सभी पौधे जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क आपके पंचायतों तक पहुँचाकर वितरित किए जाएंगे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पौधरोपण के दौरान पौधों के साथ अपनी फोटो सेल्फी लिंक पर अगर आप अपलोड करते है तो पर्यावरण की संरक्षण में किए गए योगदानों के लिए आपको एक प्रमाण पत्र भी प्राप्त होगा। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि आपका छोटा सा प्रयास पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनेगा।
- 0- सियान गुड़ी में वृद्धजनों से मिलने पहुंचे शिक्षा विभाग के रिटायर्ड अफसररायपुर। बचपन में हम अपने मां- बाप की सुना करते थे, युवा हुए तो जिम्मेदारियों का दौर चला। अब रिटायरमेंट के बाद बच्चे कहते हैं, बाबा... आप ये मत करो- वो मत करो, ऐसा करो- वैसा करो। मैं कहता हूं कि रिटायरमेंट के बाद अब मैं खुद के लिए जीना चाहता हूं। अब अपना समय समाजसेवा, सियान गुड़ी में आप लोगों के साथ मनोरंजन और यह जिंदगी अपने लिए जीना चाहता हूं। महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित और समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में वृद्धजनों से मिलने आए शिक्षा विभाग के रिटायर्ड अफसरों से महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक और सियान गुड़ी के प्रभारी श्याम सुंदर खंगन ने कहीं।श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि हम खुद को वृद्ध न समझें, जीवन का काफी लंबा समय नौकरी करने के बाद अब हमने नए जीवन की शुरूआत की है। जीवन का यह समय मेरी तरह सभी को समाज को देना चाहिए। हमने समाज से बहुत कुछ लिया है। हमारा पद और प्रतिष्ठा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसी समाज की देन है। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ सभासद विनोद कुमार शेष और रमेश भास्कर राव पालकर ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इस अवसर पर पालकर ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद सभी वृद्धजनों का स्वागत- सत्कार किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठजनों ने अपने विचार रखे और एक- दूसरे को समाजसेवा और सियान गुड़ी में आने के लिए प्रेरित किया।विनोद शेष ने कहा कि तात्यापारा का निवासी होने के कारण मैं तो बचपन से महाराष्ट्र मंडल से जुड़ा रहा। मंडल की सारी योजनाएं जनकल्याणकारी हैं। बात संत ज्ञानेश्वर स्कूल की हो या दिव्यांग बालिका विकास गृह की। मंडल से जुड़ा हर एक सदस्य समय- समय पर अपनी सेवाएं देता है। निःसंदेह सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए एक अच्छी योजना है। आप सभी लोगों को यहां आकर अपना समय व्यतीत करना चाहिए। मैं उम्र के इस पड़ाव में भी सप्ताह में चार दिन अपने गांव जाकर खेती- किसानी का काम देखता हूं। वहां भी सिर्फ कुर्सी पर नहीं बैठता, जरूरत पड़ने पर खेतों में भी उतरता हूं।छत्तीसगढ़ में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की प्रमुख नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता लीना मोहन एंटी ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल से मेरा बरसों पुराना नाता है। मैं रायपुर आने पर मंडल के कामकाजी महिला वसती गृह में निवास करती थी। उस समय भी वह लड़कियों और महिलाओं के लिए जितना सुरक्षित था, उतना ही सुरक्षित आज भी है। महाराष्ट्र मंडल अब अपने सेवाभावी कार्यों का विस्तार तो कर ही रहा है, साथ ही पुराने कार्यों को भी अपग्रेड करते हुए उसे विस्तार भी दे रहा है।इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, साधु राम साहू, केके पाठक, नंदकिशोर अग्रवाल, गोपाल प्रसाद अग्रवाल, अलका पटवा, लखनलाल साहू, डा. ओसी बिसेन, चित्रा बल्की, डा. कमल वर्मा, डा. ओपी बिसेन, श्यामल जोशी, सुशील कुमार श्रीवास्तव, मदन तोपखानेवाले, विवेक राहटगांवकर, रमेश कुमार शर्मा, नीलिमा साठे, कुमुद लाड, मालती मिश्रा, नमिता शेष, रेखा जोशी, अजीत शर्मा, विमला मिश्रा, मोहन एंटी, सरिता नासरे, शैल दुलारी, संध्या खंगन, श्याम दलाल, ओपी कटारिया, मुकुंद सगवई, रामराव सेंदरे, अनिल पांडे, हेमंत मार्डीकर, सुधा शर्मा, ज्योत्सना श्रवणे, दीपांजलि भालेराव, पद्मजा तिवारी, जेएस उरकुरकर प्रमुख वरिष्ठ जन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- दुर्ग. इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग द्वारा जिला चिकित्सालय में संचालित ब्लड बैंक में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित रक्तदान शिविरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे कला मंदिर, सिविक सेंटर, भिलाई में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री अभिजीत सिंह करेंगे। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस एवं अर्धसैनिक बल, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संघ, औद्योगिक संस्थानों, राजनीतिक दलों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, दुर्ग भिलाई प्रेस क्लब के समस्त सदस्य को आमंत्रित किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थाओं एवं नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह ने गुरुवार को निगम के विभिन्न विकास, निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निगम मुख्य कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यालय सहित सभी जोन कार्यालयों के अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने बैठक में निगम के कार्यों को गति देने के साथ-साथ नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य निर्धारित समय.सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।समीक्षा बैठक में आयुक्त ने सबसे पहले निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शत प्रतिशत नस्तियों को डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए, ताकि शासकीय कार्यों में तेजी आए और फाइलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो। आयुक्त ने सभी जोन आयुक्त एवं संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने तथा क्षेत्र में पाई जाने वाली समस्याओं और कमियों की तत्काल जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान कार्यालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने तथा शिकायतों के लंबित रहने की स्थिति को गंभीरता से लेने के निर्देश भी दिए गए।आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की उपस्थिति में नंदिनी रोड से अवंति बाई चौक तक लगभग 5 किलोमीटर सड़क निर्माण के सम्बन्ध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। इसके साथ ही मुख्य मार्गों की सड़कों पर हुए गड्ढों को तत्काल भरने और आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए मकानविहीन परिवारों को योजना का लाभ समय पर दिलाने के लिए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ जल्द से जल्द मिलना चाहिए और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। शहर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर आयुक्त ने अधिकारियों को प्रमुख मार्गों पर बंद स्ट्रीट लाइटों का तत्काल संधारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एलईडी लाइट की सप्लाई एवं रिपेयरिंग का कार्य व्यवस्थित रूप से कराने तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर हाईमास्ट लाइट लगाने की दिशा में कार्यवाही करने को कहा, जिससे रात्रि के समय शहर में अंधेरा समाप्त हो और नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।बैठक में डॉग हाउस एवं एमआरएफ प्लांट से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण कर प्रारंभ कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं अनुष्ठा रेसिडेंसी क्षेत्र में सड़क एवं नाली निर्माण के लिए उपलब्ध आवास शुल्क का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए। शासन द्वारा सौंपे गए पट्टा सर्वे कार्य की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य पूर्ण होने से पात्र नागरिकों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। आयुक्त ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए शहर में अधिक से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराने के लिए नागरिकों एवं व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाजल का संरक्षण भविष्य की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। निगम क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ भवन एवं भूमि मालिकों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित किया जाए।नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुक्त ने बोरवेल का परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। शहर के उद्यानों की सुरक्षा एवं बेहतर रखरखाव के लिए आवश्यकतानुसार बाउंड्रीवाल निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही नागरिकों को पेंशन भुगतान से संबंधित कार्यों का पोर्टल के माध्यम से समय पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पात्र हितग्राहियों को पेंशन का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र दोहरे, मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, अधीक्षण अभियंता वेशराम सिन्हा, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, लेखाधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, राजस्व अधिकारी, उप अभियंता सहित निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस, वेतन कटौती की होगी कार्रवाईबिलासपुर. संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर श्री ए.के. भारद्वाज ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं अनुशासित बनाने के उद्देश्य से विकासखंड तखतपुर के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमसेना, शासकीय हाई स्कूल कुरेली, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखासार तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शिक्षकों की नियमितता का जायजा लिया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमसेना में परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए तथा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।।शासकीय हाई स्कूल कुरेली एवं शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखासार के निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक एवं कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार अनुपस्थित अवधि का वेतन काटने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मॉनिटरिंग में कमी पाए जाने पर संस्था प्रमुख को भी कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।संयुक्त संचालक ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तखतपुर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सेवा पुस्तिकाओं के संधारण, लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण, मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन, बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित निराकरण की समीक्षा की गई। आवश्यक अभिलेखों के संधारण एवं कार्यों में कमियां पाए जाने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान सभी संस्था प्रमुखों को विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने, पाठ्यक्रम समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने, शिक्षा की गुणवत्ता में सतत सुधार लाने तथा विद्यार्थियों के हितों से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश का वितरण शेष है, उसे शीघ्र पूर्ण करने तथा शासकीय हाई स्कूल कुरेली में साइकिल वितरण तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। संयुक्त संचालक श्री भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण का उद्देश्य शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
- रायपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली से मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने बुधवार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर का दौरा किया। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर डॉ. मनोज दयाल से भेंट कर मानवाधिकार संरक्षण, पत्रकारों के हितों, उनके उत्थान एवं कल्याण तथा मानवाधिकार शिक्षा को सुदृढ़ करने अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है। इसलिए पत्रकारिता का मानवाधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।कांफ्रेंस रुम में प्राध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारियों से बैठक में मानवाधिकार, लैंगिक समानता और पत्रकारिता के विभिन्न आयामों पर प्रो. त्रिपाठी ने विस्तार से बात की। उन्होंने विश्वविद्यालय में पत्रकारिता और मानवाधिकार विषय पर नवीन पाठ्यक्रम, मानवाधिकार प्रकोष्ठ के गठन, विद्यार्थियों के लिए ह्यूमन राइट्स क्लब की स्थापना और जनसंचार एवं मानवाधिकार विषयक द्विभाषी शोध पत्रिका के प्रकाशन का प्रस्ताव दिया तथा केटीयू को मानवाधिकार जागरूकता, शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का केंद्र बनाने सुझाव दिए।विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने अध्ययन संकाय, प्रशासनिक प्रभाग सहित परिसर का निरीक्षण किया। प्रो. त्रिपाठी ने सुझाव दिया कि पुस्तकालय के आधुनिकीकरण हो एवं ऑनलाइन डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो। टेलीविजन स्टूडियो और सामुदायिक रेडियो स्टेशन- रेडियों संवाद 90.8 एफएम में प्रो. त्रिपाठी ने विशेष भेंटवार्ता प्रोग्राम रिकार्डिंग की।लैंगिक समानता एवं संवेदनशीलता के लिए नियमित प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद तथा निःशुल्क चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए विशेषज्ञ पैनल के गठन की अनुशंसा की गई। कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने उनके सुझावों पर शासन से समन्वय कर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
- 0- मेधावी छात्रा तनुजा वर्मा को मिली 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशिरायपुर. श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत सिलतरा, रायपुर निवासी पंजीकृत निर्माण श्रमिक श्री सुनील वर्मा की पुत्री तनुजा वर्मा को कक्षा 10वीं की छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में 8वां स्थान प्राप्त करने पर कुल 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।श्री सुनील वर्मा ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पंजीकृत सदस्य हैं तथा मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण पुत्री की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करना उनके लिए कठिन था। ऐसे समय में श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना उनके परिवार के लिए बड़ी सहायता साबित हुई।उन्होंने बताया कि दिनांक 5 जून 2026 को आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में माननीय मुख्यमंत्री के करकमलों से उनकी पुत्री को योजना के अंतर्गत 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु 1 लाख रुपये प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उनकी पुत्री की उच्च शिक्षा में किया जाएगा।श्री वर्मा ने कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस सहयोग के लिए श्रम विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना वर्ष 2012 से संचालित है। योजना का उद्देश्य पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा की प्रदेश स्तरीय प्रावीण्य सूची में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं पात्र होते हैं।
- 0- निःशुल्क मरम्मत सेवा से फिर सुचारू हुआ बैटरी चालित ट्रायसिकलरायपुर. समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित संबल केंद्र, रायपुर द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरणों की मरम्मत की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में सोंडोंगरी निवासी दिव्यांग हितग्राही श्री रमेश निर्मलकर को संबल केंद्र की सहायता से उनके बैटरी चालित ट्रायसिकल की मरम्मत कर पुनः उपयोग योग्य बनाया गया है।श्री निर्मलकर अपने दैनिक आवागमन एवं आवश्यक कार्यों के लिए बैटरी चालित ट्रायसिकल का उपयोग करते हैं। ट्रायसिकल का चार्जर खराब हो जाने के कारण उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। समस्या की जानकारी प्राप्त होने पर उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र बुलाया गया।संबल केंद्र के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा ट्रायसिकल का परीक्षण किया गया, जिसमें चार्जर में खराबी पाई गई। आवश्यक मरम्मत कार्य के बाद चार्जर को ठीक कर ट्रायसिकल को पुनः सुचारू रूप से संचालित करने योग्य बना दिया गया। ट्रायसिकल के पुनः चालू होने से श्री निर्मलकर को आवागमन संबंधी समस्याओं से राहत मिली है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग एवं संबल केंद्र द्वारा प्रदान की गई निःशुल्क मरम्मत सुविधा के लिए आभार व्यक्त किया।
- 0- BRICS 2026 में रायपुर के. जी. उमाठे विद्यालय का स्कूल जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट शोकेस के लिए हुआ चयन0- छत्तीसगढ़ से एकमात्र विद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया नवाचारपूर्ण जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट0- कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने दी शुभकामनाएँरायपुर। रायपुर जिले के लिए गर्व की बात है कि पी. जी. उमाठे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय, शांति नगर का चयन प्रतिष्ठित BRICS 2026 School Geospatial Project Showcase के लिए किया गया है। छत्तीसगढ़ से चयनित यह एकमात्र विद्यालय है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जियोस्पेशियल परियोजना का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी ।डॉ सिंह ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार एवं जियोस्पेशियल शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन 22 जुलाई 2026 को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), तिरुपति में आयोजित किया गया, जिसमें ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष विद्यार्थियों द्वारा तैयार जियोस्पेशियल परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया जिसकी उपस्थित प्रबुद्ध तथा आमजनों ने सराहना की।पी.जी. उमाठे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षिका श्रीमती रीता मंडल के मार्गदर्शन में "Building Sponge City Together" विषय पर अपनी परियोजना प्रस्तुत कर जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया।यह कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च (BVIEER), पुणे के सहयोग से आयोजित किया गया।विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती रीता मंडल को परियोजना मार्गदर्शक के रूप में चयनित किया गया। वहीं विद्यालय की छात्रा वार्तिका पाटिल (कक्षा 8) एवं छात्रा उमेश्वरी साहू (कक्षा 7) ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने नवाचारपूर्ण जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया।विद्यार्थियों ने भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), सैटेलाइट इमेजरी, मोबाइल मैपिंग एवं अन्य आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों का उपयोग करते हुए सतत विकास लक्ष्य (SDG-6) "सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता" विषय पर उत्कृष्ट कार्य किया। उनके अभिनव प्रयासों के आधार पर विद्यालय को यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी कृषकों को शीघ्र पंजीयन करने की अपील कीबालोद. भारत सरकार के द्वारा किसानों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन कार्य के अंतर्गत बालोद जिले के 02 लाख 62 हजार 126 खाता धारकों किसानों में 23 जुलाई 2026 तक कुल 01 लाख 51 हजार 535 खाताधारक किसानों का एग्रीस्टैक किसान पंजीयन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकृत सभी कृषकों के खसरों की एंट्री कार्य भी पूरा कर लिया गया है। संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए जिले के 01 लाख 10 हजार 591 सह खाताधारक किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कार्य पूर्ण करने हेतु किसानों को सहकारी समितियों एवं लोक सेवा केन्द्र में बुलाकर उनका पंजीयन कार्य पूरा किया जा रहा है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कार्य को अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने बालोद जिले के सभी किसानों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु निर्धारित समयावधि में अपने प्रत्येक खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की है। जिससे कि उन्हें धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री एवं शासन के विभिन्न किसान हितैषी योजना का लाभ लेने हेतु किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो सके।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल एक डिजिटल कृषि मंच है। इसके तहत किसानों को विशिष्ट 11 अंकों की फार्मर आईडी दी जाती है। जो उनके आधार कार्ड एवं भूमि रिकार्ड से जुड़ी होती है। एग्रीस्टैक पोर्टल का मुख्य उद्देश्य किसानों और कृषि से जुड़ी जानकारियों का केन्द्रीयकृत डाटाबेस तैयार करना है। उन्होंने इसके लाभ के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के सभी खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हो जाने से प्रधानमंत्री किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि अनुदानों का लाभ सीधे पात्र किसानों को पारदर्शी तरीके से मिलता है। इसके अलावा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हो जाने से किसानों को खाद, बीज या सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार पटवारी के चक्कर नही लगाने पड़ते और बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नही पड़ती।शासन के मंशानुरूप किसानों को शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त करने हेतु भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों को अपने प्रत्येक खातों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना आवश्यक है। इसके अभाव में किसानों को अपने धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री के अलावा राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है।उल्लेखनीय है कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में जिले के सभी किसानों एवं संयुक्त खाताधारकों के लिए आवश्यक सूचना जारी की गई है। जिससे वे समय रहते अपना पंजीयन सुनिश्चित करा सकें। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए सूचना में बताया गया है कि यदि किसी एक ऋण पुस्तिका या खाते में 2, 3 या 4 लोगों के नाम दर्ज हैं, तो उन सभी संयुक्त खाताधारकों का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसके अलावा जिन किसानों के नाम एक ही खाते में अलग-अलग खसरा नंबर दर्ज हैं, उन सभी संबंधित खाताधारकों को उन्हीं खसरा नंबरों पर अपना पंजीयन कराना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत, पटवारी, कृषि विभाग, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं।
- बालोद. जिले के गुंडरदेही विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अचैद में शासन की महत्वाकांक्षी योजना ’सरस्वती साइकिल योजना’ के अंतर्गत निःशुल्क साइकिल वितरण प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया गया। इस योजना से विद्यालय की 32 छात्राएं लाभान्वित हुईं। इस गरिमामयी कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों, प्राचार्य, विद्यालय के स्टाफ एवं अभिभावकों की उपस्थिति में बालिकाओं को साइकिल वितरण किया गया। सरस्वती साइकिल योजना का सकारात्मक प्रभाव अब धरातल पर दिखने लगा है। सुलभ आवागमन और समय की बचत से बालिकाओं में स्कूल आने की ललक साफ झलकती है। अचैद के विद्यालय में पास के गांवों, जैसे खुटेरी, फुंडा, बोरगहन, रजोली के विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। साइकिल मिलने से बालिकाओं का सफर सुरक्षित, सुगम और समय की बचत करने वाला हो गया है, जिसके कारण बालिकाएं नियमित विद्यालय आती हैं।इस योजना के कारण लम्बी दूरी के कारण होने वाली थकान अब बालिकाओं की उपस्थिति के आड़े नहीं आती है, जिसके फलस्वरूप उनकी दैनिक उपस्थिति में स्पष्ट सुधार परिलक्षित हो रहा है। अब वे पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ समय पर स्कूल आती हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के लिए एक संबल के समान है। पालकों को बच्चों के आवागमन के साधन जुटाने के लिए किसी आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है। विद्यालय में वितरित की गई ये 32 साइकिलें केवल भौतिक सामग्री नहीं हैं, बल्कि इन बालिकाओं के ऊँचे सपनों और उज्ज्वल भविष्य की ओर मजबूत कदम हैं।
- 0- प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने हेतु प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देशबालोद. मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में हर घर नल (जल जीवन मिशन) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाओं का समय बचेगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित वर्चुअल बैठक के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय बालोद के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे प्रत्येक माह जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करें। बैठक में मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर समयबद्ध तरीके से रनिंग बिलों के भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करें, जिससे निर्माण कार्य बाधित नही हो। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वीबी-जी राम जी एवं स्थानीय संसाधनों, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर एवं अन्य उपलब्ध स्रोतों से आवश्यक वित्तीय व्यवस्था कर योजनाओं को पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले को जलस्रोतों का आकलन कर नए स्रोतों की पहचान करने, जलस्रोत संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने तथा प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता। बैठक में सोलर आधारित नल जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना-वार विश्लेषण कर स्वीकृत राशि एवं व्यय का समुचित मिलान किया जाए।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रत्येक जिले को हर घर जल के लिए नया लक्ष्य निर्धारित करने एवं गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत नल जल कवरेज सुनिश्चित करने तथा जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके।
- भिलाईनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना के मोर मकान-मोर आस घटक अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में झुग्गी बस्ती एवं गैर स्लम क्षेत्रों में किरायेदार के रूप में निवासरत परिवारों से आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लगातार आवेदन आमंत्रित किए जा रहे है। योजना के तहत परिवारों द्वारा वर्तमान में कुल 348 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं।प्राप्त आवेदन पत्रों की पात्रता संबंधी जांच एवं दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान 340 आवेदन पूर्ण एवं पात्र पाए गए, जबकि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में 08 आवेदन अपूर्ण (अपात्र) पाए गए हैं। पूर्ण एवं अपूर्ण दस्तावेजों सहित जमा किए गए समस्त आवेदन पत्रों को पात्रता की जांच एवं परीक्षण के लिए निकाय स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। इसी क्रम में गुरूवार को नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार कक्ष में निकाय स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के उपस्थित सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के मोर मकान-मोर आस घटक के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों का बारीकी से परीक्षण किया गया। समिति द्वारा आवेदकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों एवं पात्रता संबंधी आवश्यक मापदंडों का अवलोकन करते हुए आवेदन पत्रों की जांच की गई। बेघर परिवारों को लगातार आवास हेतु आवेदन वितरण किया जा रहा है, जिसे आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर जमा भी कराया जा रहा है। नगर निगम के आवास शाखा द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों को समिति के समक्ष प्रस्तुत कर परीक्षण उपरांत पात्र हितग्राहियों को सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर 10 प्रतिशत राशि जमा कराकर लाटरी के माध्यम से आवास आबंटन की कार्यवाही किया जा रहा है।नगर निगम द्वारा योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा सके। समिति द्वारा आवेदन पत्रों की जांच के पश्चात पात्र एवं अपात्र आवेदनों का नियमानुसार निर्धारण किया जाएगा। निगम प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को शासन की आवासीय योजना का लाभ पारदर्शी एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जा सके। दस्तावेज परीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी दिनेश कोसरिया, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, राजस्व अधिकारी जे.पी.तिवारी, उप अभियंता दीपक देवांगन, आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, नम्रता ठाकुर उपस्थित रहे।
- 0- संवाद, सौहार्द एवं आपसी सहमति से विवादों के समाधान का दिया गया संदेशदुर्ग. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी "Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India" स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायालयीन वादों की संख्या में कमी लाते हुए स्थानीय स्तर पर आपसी संवाद एवं सहमति के माध्यम से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।जिसके संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग एवं जिला प्रशासन, दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आज ग्राम कुथरेल में सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम के अंतर्गत एक भव्य एवं प्रभावी विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विभिन्न विभागों के समन्वित सहयोग एवं जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।उक्त कार्यक्रम का आयोजन राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय एवं सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला दुर्ग स्थित भारती लॉ कॉलेज के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थीगण की गरिमामयी एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता भी रही, जिन्होंने सामुदायिक मध्यस्थता एवं विधिक जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को और अधिक सार्थक एवं प्रभावी बनाया। विधि के विद्यार्थियों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि न्याय एवं सामाजिक समरसता के मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों के मध्य इस महत्वपूर्ण जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था कि किसी भी प्रकार के छोटे-बड़े सामाजिक, पारिवारिक अथवा सामुदायिक विवादों का समाधान केवल न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव नहीं है, बल्कि उन्हें आपसी संवाद, समझ, सहमति एवं सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से भी सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक ढंग से सुलझाया जा सकता है। सामुदायिक मध्यस्थता ऐसी प्रभावी प्रक्रिया है, जिसमें किसी भी पक्ष की हार अथवा जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की भावनाओं, आवश्यकताओं एवं हितों का सम्मान करते हुए ऐसा समाधान खोजा जाता है, जिसे सभी पक्ष स्वेच्छा एवं संतोषपूर्वक स्वीकार कर सकें।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्रदान करते हुए ग्रामीणजनों को विधिक अधिकारों, सामाजिक उत्तरदायित्वों एवं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जागरूक किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के मध्य समन्वित कार्यप्रणाली एवं जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।उक्त कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बी.एम.ओ. देवेन्द्र बेलचंदन, महिला एवं बाल विकास विभाग से सुपरवाइजर ममता साहू, जनपद पंचायत से परियोजना अधिकारी (पी.ओ.) गौरव मिश्रा, राजस्व विभाग से पटवारी सतीश दीवान, पशु चिकित्सा विभाग से प्रेमलता देवांगन तथा भारती लॉ कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर संपदा बैस एवं सरिता गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर का विशेष योगदान रहा, जिनके समन्वय एवं मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के मध्य प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उनके द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता एवं विधिक जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किए गए प्रयासों ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक एवं जनोपयोगी बनाया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग एवं जिला प्रशासन, दुर्ग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विभिन्न विभागों के समन्वित सहयोग, शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता एवं जनसहभागिता के माध्यम से सामाजिक सौहार्द, विधिक जागरूकता एवं वैकल्पिक विवाद समाधान की संस्कृति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय पहल सिद्ध हुआ। सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से समाज में संवाद, सहयोग एवं आपसी विश्वास की भावना को सशक्त बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से न्याय सुलभता के लक्ष्य को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- 0- कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर कार्य करने के दिए निर्देश0- बाढ़ आपदा के संबंध में मदद हेतु जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 07749-223950 सार्वजनिक की गईबालोद. छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में दैवीय विपत्ति एवं प्राकृतिक आपदा की घटनाओं से बचाव एवं राहत कार्यों के सुचारू संचालन हेतु बालोद जिले में जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। राज्य शासन के निर्देशानुसार इस दौरान उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने हेतु संयुक्त जिला कार्यालय में स्थापित जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अलावा अनुविभाग स्तर पर स्थापित किए गए नियंत्रण कक्ष को 24 घण्टा क्रियाशील रखा गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला एवं अनुविभाग स्तरीय नोडल अधिकारियों के अलावा सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय में मुस्तैद रहकर बाढ़ आपदा के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति में आम जनता को तत्काल मदद उपलब्ध कराने हेतु त्वरि कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अलावा अनुविभाग स्तरीय नियंत्रण कक्ष में अधिकारी-कर्मचारियों की अलग-अलग पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने या प्राप्त करने हेतु जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 07749-223950 पर संपर्क की जा सकती है। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हेतु अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकड़ा (मोबाइल नंबर 9425252314) को नोडल अधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री के.एल. नेताम (मोबाइल नंबर 789837994) को बाढ़ नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, इसके अंतर्गत अनुविभाग बालोद के लिए अनुविभागीय अधिकारी श्री नूतन कुमार कंवर (मोबाइल नंबर 7974926756), गुरूर के लिए श्री रामकुमार सोनकर (मोबाइल नंबर 9179675044), गुंडरदेही के लिए श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा (मोबाइल नंबर 8770911099), डौंडीलोहारा के लिए श्री शिवनाथ बघेल (मोबाइल नंबर 6267842188) और डौंडी के लिए श्री सुरेश साहू (मोबाइल नंबर 7587030552) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह तहसील स्तर पर बालोद के लिए तहसीलदार सुश्री संध्या नामदेव (मोबाइल नंबर 6264897027), गुरूर तहसील के लिए तहसीलदार श्री हेमंत कुमार पैकरा (मोबाइल नंबर 9755003989), गुंडरदेही तहसील के लिए तहसीलदार श्री हनुमंत सिंह श्याम (मोबाइल नंबर 9685561564), डौंडीलोहारा तहसील के लिए तहसीलदार श्री हिंसा राम नायक (मोबाइल नंबर 9407750314), डौंडी तहसील के लिए तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम (मोबाइल नंबर 9407704570), अर्जुन्दा तहसील के लिए तहसीलदार श्री चन्द्रशेखर चन्द्राकर (मोबाइल नंबर 9406253971) तथा मार्री बंगला देवरी के लिए श्री प्रीतम कुमार साहू (मोबाइल नंबर 9907419970) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- 0- विद्यार्थियों को पाॅक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन, साइबर क्राइम, गुड टच बैड टच के बारे में दी गई जानकारीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा के मार्गदर्शन तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू के नेतृत्व में आज शासकीय स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लाटाबोड़ में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम तथा बाल अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही किसी भी प्रकार के शोषण या संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया से बच्चों को अवगत कराया गया। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य श्री फतेराम कोसरिया, व्याख्यातागणों सहित जिला बाल संरक्षण इकाई, मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं मिशन शक्ति के समन्वयक, परामर्शदाता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आउटरीच वर्कर उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री चमन लाल सिन्हा द्वारा किया गया। इस जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
- -आकाशीय बिजली से मृतक की पत्नी को मिला मुआवजा, परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार..जशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए राहत का माध्यम बना।सीएम कैंप कार्यालय में की गई गुहार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी को 4 लाख रूपये की मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी गई। राहत राशि मिलने के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल से समय पर न्याय और आर्थिक सहायता मिल सकी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम झरन (मसरिघाट), पोस्ट घुमरा, तहसील तपकरा निवासी मुनिका बाई विश्वकर्मा के पति की आकाशीय बिजली गिरने से असामयिक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद लंबे समय तक मुआवजा राशि नहीं मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर सहायता की गुहार लगाई थी।आवेदन प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने प्रकरण का शीघ्र निराकरण करते हुए प्रक्रिया करते हुए आवेदिका के बैंक खाते में मुआवजा राशि का भुगतान करा दिया।मुआवजा राशि मिलने पर आवेदिका एवं उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे संकट की घड़ी में परिवार को बड़ी राहत मिली।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त होने वाले आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है, जिससे जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को समयबद्ध राहत मिल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है।
- -एमसीबी के किसान राय सिंह बोले - गांव के किसानों की सफलता से मिली प्रेरणा-कम लागत और बेहतर उत्पादन की उम्मीदरायपुर। छत्तीसगढ़ में खेती अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसका ताजा उदाहरण एमसीबी जिले के ग्राम केल्हारी के किसान राय सिंह हैं, जिन्होंने इस खरीफ सीजन में पहली बार अपनी फसल के लिए नैनो डीएपी का उपयोग शुरू किया है। पिछले वर्ष गांव और आसपास के किसानों को मिले बेहतर परिणामों से प्रेरित होकर उन्होंने भी इस नई तकनीक को अपनाया है।राय सिंह ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से नैनो डीएपी प्राप्त करते हुए बताया कि खेती में नई तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है तो किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष गांव के कई किसानों ने नैनो डीएपी का उपयोग किया था, जिससे उनकी फसलों की बढ़वार बेहतर रही और उत्पादन में भी वृद्धि हुई। इन्हीं सकारात्मक अनुभवों को देखकर उन्होंने इस वर्ष स्वयं भी इसका उपयोग करने का निर्णय लिया।राय सिंह के अनुसार पहले पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियां ढोनी पड़ती थीं, जबकि नैनो डीएपी की छोटी बोतल को आसानी से बैग में रखकर घर लाया जा सकता है। इससे समय, श्रम और परिवहन की परेशानी कम होती है। उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिक खेती ही भविष्य की जरूरत है और इससे खेती अधिक लाभकारी बनाई जा सकती है।कृषि विभाग भी किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग, वैज्ञानिक खेती और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के संबंध में लगातार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दे रहा है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि करना है।
- -अब पानी लाने में नहीं होता घंटों का संघर्ष-स्वच्छ पानी से सुधरा स्वास्थ्य, बच्चों की पढ़ाई को मिला नया संबलरायगढ़ । विकासखंड घरघोड़ा के ग्राम पंचायत छर्राटांगर अंतर्गत ग्राम डोकरबुड़ा आज जल जीवन मिशन की सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। 176 परिवारों और 772 की आबादी वाले इस गांव में अब प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल नियमित रूप से पहुंच रहा है। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करने वाले ग्रामीण आज घर बैठे स्वच्छ पेयजल की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। इस परिवर्तन ने न केवल लोगों की दिनचर्या को आसान बनाया है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को भी नई दिशा दी है।डोकरबुड़ा की श्रीमती कुंतीमा राठिया बताती हैं कि पहले उन्हें प्रतिदिन कई बार लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था। घर की जिम्मेदारियों के साथ पानी की व्यवस्था का पूरा दायित्व उनके कंधों पर था, जिससे दिन का बड़ा हिस्सा इसी कार्य में बीत जाता था। कई बार बच्चों को भी पढ़ाई छोड़कर पानी लाने में सहयोग करना पड़ता था। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत घर तक नल कनेक्शन मिलने के बाद अब यह परेशानी पूरी तरह समाप्त हो गई है। समय की बचत होने से वे परिवार की बेहतर देखभाल करने के साथ अन्य घरेलू एवं आयवर्धक कार्यों पर भी ध्यान दे पा रही हैं।जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक परिवार तक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद स्वच्छ पेयजल की नियमित उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई है। चिकित्सा पर होने वाला खर्च घटा है और परिवारों का जीवन पहले की तुलना में अधिक स्वस्थ एवं सुरक्षित हुआ है। वहीं अब बच्चों को पानी लाने की जिम्मेदारी नहीं निभानी पड़ती, जिससे वे नियमित रूप से विद्यालय जाकर अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।जल जीवन मिशन ने डोकरबुड़ा में केवल नल से पानी पहुंचाने का कार्य नहीं किया, बल्कि पूरे गांव के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। ग्रामीण अब जल संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के महत्व को समझते हुए जिम्मेदारी के साथ इसका उपयोग कर रहे हैं। हितग्राही श्रीमती कुंतीमा राठिया कहती हैं, जल जीवन मिशन ने हमारे घर तक केवल नल से पानी ही नहीं पहुंचाया, बल्कि समय की बचत, बेहतर स्वास्थ्य, महिलाओं को सम्मान और परिवार के लिए एक सुरक्षित एवं खुशहाल भविष्य की नई उम्मीद भी दी है। आज हर घर जल से हमारा जीवन पहले से कहीं अधिक आसान और सुखद हो गया है। आज ग्राम डोकरबुड़ा इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचता है तो केवल प्यास ही नहीं बुझती, बल्कि पूरे गांव के विकास को नई गति मिलती है।


























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