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- -खुड़िया में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन-बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को किया गया यादरायपुर। आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को स्मृतियों में संजोने के लिए आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम खुड़िया के शासकीय हाई स्कूल मैदान में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के जमुई से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खुड़िया में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल व जमीन को बचाने के लिए जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को हर साल जनजाति गौरव देश के रूप में मनाया जाता है। श्री साव ने कहा कि आज खुड़िया क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ है। इसके साथ ही खुड़िया में 538 आवास स्वीकृत हुआ है। इसके लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने आदिवासियों के उत्थान के लिए अलग से विभाग बनाया। आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह-जगह छात्रावास एवं एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार योजना बनाकर कार्य कर रही है। आदिवासी समाज के भाई-बहनों की तरक्की और वनांचल के विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है और पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। आज आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं। यह सौभाग्य की बात है कि आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। 'हमने बनाया है हम ही संवारेंगे' के मूल मंत्र के साथ आज छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हो रहा है।मुख्य अतिथि श्री साव ने स्टॉलों का किया अवलोकनमुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और शासन द्वारा जनजाति एवं अन्य समुदायों को लाभान्वित करने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। श्री साव ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन कराया और महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित किए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल में हितग्राही को ट्रायसायकल का वितरण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक एवं लाभान्वित करने आदिवासी विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा, श्रम, मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी सहित 20 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय समाज प्रमुखों को मिला सम्मानश्री साव ने कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात की और 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें पूर्व जनपद सदस्य, समाज अध्यक्ष, शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारजनों को किया सम्मानितकार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुंगेली जिले के 15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 6 वीर शहीदों के परिवारजनों का हालचाल जाना और उन्हें शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं शिलान्यासश्री साव ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 5 विकास कार्यों के लोकार्पण और 3 निर्माण कार्यों के शिलान्यास सहित 17 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपए के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग अंतर्गत 9 करोड़ 58 लाख 71 हजार रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख 2 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 2 करोड़ 93 लाख 19 हजार रूपए का लोकार्पण किया गया।
- रायपुर / जल, जंगल, जमीन के रक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 13 से 15 नवम्बर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर द्वारा साइंस कॉलेज मैदान में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय औेर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नगद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।इस चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना है। जब बच्चे ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रकार के विषयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनकी कल्पना और रचनात्मकता को चुनौती देते हैं। नियमों या दिशा-निर्देशों से सीमित न होकर अपनी सोंच को चित्रकला के माध्यम से बच्चे अपनी कलात्मक क्षमताओं को विकसित कर सकते हैं और अपनी अनूठी शैली और अभिव्यक्ति की खोज कर सकते हैं। ड्राइंग प्रतियोगिताएँ बच्चों को अन्य युवा कलाकारों के साथ बातचीत करने, अपने विचार साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करके सामाजिक कौशल को बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएँ समुदाय, टीमवर्क और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है, जो बच्चों को उनके सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद कर सकती है।धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर तीन दिवसीय राज्य स्तर पर आयोजित जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चार वर्ग में विभाजित कर प्रतियोगिता कराई गई। प्रथम वर्ग 12 से 18 वर्ष तक की आयु के प्रतिभागियों के लिए 13 नवंबर को आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कांकेर के श्री डेलियंश पदृदा को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सुकमा के श्री हरीश कुमार को 8 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार गरियाबंद के चन्द्र कुमारी नागेश को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार 14 नवंबर को आयोजित 12 से 18 वर्ष तक की आयु के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार बालोद के दिव्यांशु को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार तृतीय पुरस्कार बीजापुर के श्री डालजीव कोरेटी को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के 18 से 30 वर्ष तक की आयु वर्ग के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार धमतरी के श्री अवध राम कंवर को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार महासमुंद के श्री गुलशन ठाकुर को 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार दंतेवाडा के श्री पंकज कुमार नेताम को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार दुर्ग के हरीय कुमार गोंड को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सरगुजा के श्री भगत राम को 15 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया और तृतीय पुरस्कार महासमुंद के श्री चुम्मन लाल कर्री को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया।इस अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य श्री अरुण सिंह, विधायक सर्व श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास श्री सोनमणि बोरा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में श्री दामेसाय बघेल द्वारा लिखित पुस्तक ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ का विमोचन किया। ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ में जनजातियों की प्राचीन जीवनशैली के संबंध में पुरखों की व्यवस्था, जन्म संस्कार, विवाह संस्कार, मृतक संस्कार का उल्लेख किया गया है। इसी प्रकार देव संस्कार का ताना-बाना, रीति-रिवाज, देवी-देवताओं के मान्यताएं, मौखिक कला साहित्य, संस्कृति, किवदंतियां, महान विभूतियों के योगदान जड़ी-बुटी के जानकार, ऐतिहासिक, पुरातात्विक धरोहर पर लेख को समाहित किया गया है।हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य श्री अरुण सिंह, विधायक सर्व श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार गण उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित शौर्याजंलि कैलेण्डर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारों की मान्यता से सम्बंधित एटलस पुस्तक का भी विमोचन किया।भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों ने अमूल्य योगदान देकर और मां भारती के चरणों में अपना सब कुछ न्यौछावर कर देश को आजाद कराया। आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे सेनानियों को नमन करने के साथ ही उनकी स्मृति अक्षुण्ण रखने के लिए यह कैलेण्डर प्रकाशित कराया है। विभाग द्वारा जनजातीय जननायकों को भगवान बिरसा मुंडा के 150 वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनके जन्म दिवस और बलिदान दिवस को स्मरण करते हुए नमन करने का प्रयास किया है।जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित कैलेण्डर विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य श्री अरुण सिंह, विधायक सर्व श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
- -विभिन्न राज्यों के जनजातीय नर्तक दलों ने शानदार प्रस्तुति से समा बांधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए।मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विभिन्न राज्यों के लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों में उत्साह भर दिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, उत्तराखंड समेत छत्तीसगढ़ के जनजातीय एवं लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दी।त्रिपुरा से आए ब्रू रियांग जनजाति समुदाय के नर्तक दल ने परंपरागत लोकनृत्य होजागिरी की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस नृत्य में ब्रू रियांग जनजाति समुदाय की युवतियों ने सिर के ऊपर बोतल को संभालते हुए अद्भुत सामंजस्य के साथ प्रस्तुति दी। नृत्य के दौरान नर्तकों के कलात्मक प्रदर्शन को भी दर्शकों की खूब सराहना मिली।इसके पूर्व हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों ने मनमोहक कायांग नृत्य की प्रस्तुति दी, जो हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नृत्यों में से एक है। इस नृत्य में नर्तक दल एक दूसरे की भुजाओं को बुनकर माला जैसा पैटर्न बनाया, धीर-धीरे कदमताल करते हुए प्रतीकात्मक रूप से माला की मोती जैसे बिखरते हुए फिर जुड़ते हुए पारंपरिक कपड़े पहने और गहनों से सुसज्जित नृत्य प्रस्तुत किया।इसके बाद मेघालय के गारो नृत्य की प्रस्तुति हुई। गारो समुदाय के लोग इस नृत्य में फसल कटाई के बाद देवता मिसी सालजोंग की आराधना कर उन्हें धन, धान्य के लिए अपनी आस्था और निष्ठा व्यक्त करते हैं। इस नृत्य में लोक वाद्य के प्रयोग से उत्पन्न ध्वनि ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।इसी क्रम में मिजोरम के मिजो और चरमा जनजाति समुदाय ने युद्ध कौशल, शौर्य, पराक्रम और युद्ध विजय के प्रतीक नृत्य मिजो प्रस्तुत किया। इस नृत्य के जरिए समुदाय ने वीर गाथा का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें यह बताया गया कि युद्ध के दौरान किस तरह समुदाय के वीर योद्धा ने गांव की रक्षा, जिसके बाद ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उनका सम्मान किया। इसी तरह उत्तराखंड के जनजाति समुदाय ने हारुल नृत्य का प्रस्तुत किया जोकि हाटी जनजाति का पारंपरिक नृत्य और लोकगीत की एक खास शैली है। हारुल नृत्य जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में किया जाता है। हारुल नृत्य में वीर पांडवों के साहस और वीरता, देवी-देवताओं की कहानियां, देवभूमि के इतिहास और जनजाति की संस्कृति से जुड़ी घटनाओं को बड़े ही रोचक ढंग से पेश किया गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकारों ने भी छत्तीसगढ़ के प्रचलित लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।उल्लेखनीय है कि महोत्सव के पहले दिन सिक्किम लिंबू जनजाति समुदाय द्वारा चाकोस तांगनाम नृत्य, गुजरात के लोक नर्तक दल ने सिद्धि गोमा नृत्य, अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने गेह पदम ए ना न्यी, मध्यप्रदेश डिंडोरी के गोंड जनजाति ने सैला रीना, जम्मू कश्मीर से गुज्जर समुदाय ने गोजरी लोक नृत्य, छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य, उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य, आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई थी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई ।
- -ग्रामीण आवास के प्रभावी कार्यान्वयन और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय सुदृढ़ कार्यशाला का हुआ आयोजन-कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश राज्य के प्रतिनिधियों ने लिया भागरायपुर । भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से रायपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 13 और 14 नवंबर को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण आवास के प्रभावी कार्यान्वयन और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था।कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के ग्रामीण आवास के उप महानिदेशक श्री गया प्रसाद, ग्रामीण आवास निदेशक श्री शक्तिकांत सिंह, एकीकृत वित्त प्रभाग (आईएफ़डी) के निदेशक श्री शैलेश कुमार, संयुक्त निदेशक श्री आशीष शिंदे और आईटी के संयुक्त निदेशक श्री अजय मोरे शामिल थे। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीण आवास परियोजनाओं में नवाचार और सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की।इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस बहु-राज्यीय सहभागिता ने देशभर में ग्रामीण आवास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्यों के बीच ज्ञान-विनिमय और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।13 नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जहां विशेषज्ञों और अधिकारियों ने ग्रामीण आवास में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, समन्वय मॉडलों और तकनीकी समाधानों पर गहन विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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*खुड़िया में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन*
*बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को किया गया याद*
बिलासपुर/आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को स्मृतियों में संजोने के लिए आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम खुड़िया के शासकीय हाई स्कूल मैदान में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के जमुई से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खुड़िया में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल व जमीन को बचाने के लिए जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को हर साल जनजाति गौरव देश के रूप में मनाया जाता है। श्री साव ने कहा कि आज खुड़िया क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ है। इसके साथ ही खुड़िया में 538 आवास स्वीकृत हुआ है। इसके लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने आदिवासियों के उत्थान के लिए अलग से विभाग बनाया। आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह-जगह छात्रावास एवं एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार योजना बनाकर कार्य कर रही है। आदिवासी समाज के भाई-बहनों की तरक्की और वनांचल के विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है और पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। आज आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं। यह सौभाग्य की बात है कि आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। 'हमने बनाया है हम ही संवारेंगे' के मूल मंत्र के साथ आज छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हो रहा है।*मुख्य अतिथि श्री साव ने स्टॉलों का किया अवलोकन*
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और शासन द्वारा जनजाति एवं अन्य समुदायों को लाभान्वित करने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। श्री साव ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन कराया और महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित किए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल में हितग्राही को ट्रायसायकल का वितरण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक एवं लाभान्वित करने आदिवासी विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा, श्रम, मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी सहित 20 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
*उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय समाज प्रमुखों को मिला सम्मान*
श्री साव ने कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात की और 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें पूर्व जनपद सदस्य, समाज अध्यक्ष, शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।
*स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारजनों को किया सम्मानित*
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुंगेली जिले के 15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 6 वीर शहीदों के परिवारजनों का हालचाल जाना और उन्हें शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
*विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं शिलान्यास*
श्री साव ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 5 विकास कार्यों के लोकार्पण और 3 निर्माण कार्यों के शिलान्यास सहित 17 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपए के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग अंतर्गत 9 करोड़ 58 लाख 71 हजार रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख 2 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 2 करोड़ 93 लाख 19 हजार रूपए का लोकार्पण किया गया।
- -मुख्यमंत्री गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाशपर्व में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल प्रांगण में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज इस पवित्र दिन सिख समुदाय के अपने भाइयों-बहनों के बीच आकर मैं बहुत खुशी का अनुभव कर रहा हूँ। गुरु नानक देव जी का जीवन न केवल सिख समुदाय के लिए प्रेरक है अपितु सभी भारतीयों के लिए उनका जीवन प्रेरणादायी है। गुरु नानक जी के वचनों में सामाजिक एकता पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक समतामूलक समाज के निर्माण पर जोर दिया। देश की आज़ादी में सिख समाज का बहुत बड़ा योगदान है। सिख समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली और समृद्ध है। धर्म के प्रति समर्पण और सेवा की भावना सिख समाज की अभिन्न पहचान है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हम गुरु गोविंदसिंह जी का जीवन देखते हैं तो हमें पता चलता है कि उनके पुत्र साहेबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी पर धर्म बदलने का दबाव आया। उन्होंने शहादत कबूल की लेकिन धर्म नहीं बदला। ऐसा इतिहास सिख समाज का रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साहेबजादों के शहादत दिवस 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया और हर साल हम गर्व के साथ यह दिन मनाते हैं।इस अवसर पर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री मनमोहन चावला व गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता है। भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी लोग साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि मीडिया हमारे लोकतंत्र में अपनी भूमिका का सम्यक निर्वहन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
- विकासखंड मुख्यालय डौंडी में किया गया जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजनजनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में योगदानों का किया गया उल्लेखबालोद/ कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि जनजातीय समाज का देश के स्वाधीनता से लेकर राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण में अतुलनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास एवं विरासत अत्यंत वैभवशाली है। श्री नाग आज विकासखंड मुख्यालय डौंडी के पुलिस मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधायक डौंडीलोहारा श्रीमती अनिला भेड़िया, विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद एवं विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा सहित जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री मिथलेश निरोटी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सोमेश सोरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बसंती दुग्गा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता पीमन साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री पुनीत सेन, नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री रूपेश नायक एवं तुलसी राम मरकाम सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस जनजातीय गौरव समारोह के अवसर पर आयोजित समारोह में अतिथि एवं वक्ताओं के द्वारा जनजातीय समाज के विशेषताओं एवं महत्व के संबंध में रोचक तथा ज्ञानवर्धक जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं एवं प्रबुद्धजनों ने जनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में जनजातीय समाज के योगदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों एवं समारोह में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को भी सुना।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री नाग ने कहा कि देश व समाज के सामने जब-जब चुनौतियां आई हंै तब-तब जनजातीय समाज के विभूतियों एवं जनजातीय समाज के लोगों ने उनका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह अकबर के शक्ति के सामने भारत के सभी राजा-महराजा नतमस्तक होकर उनकी अधीनता स्वीकार कर रहे थे। ऐसी विषम परिस्थितियों में गोंडवाना साम्राज्य की शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगलों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। लेकिन मुगलों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय समाज के महानायक वीर सपूत भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर एवं शहीद गेंद सिंह नायक आदि के शौर्य एवं पराक्रम का उल्लेख करते हुए इन विभूतियों को पूरे भारत वर्ष का गौरव बताया। श्रीन नाग ने कहा कि हमारे इन विभूतियों से प्रेरणा लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाये संचालित की जा रही है। श्री नाग ने जनजातीय समाज के उत्कृष्ट जीवन पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हम सबको ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निजात पाना है तो आदिवासियों की जीवन पद्धति को आत्मसात करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासियों की ऐतिहासिक घोटूल प्रथा पर प्रकाश डालते हुए इसे संस्कृति एवं सभ्यता के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बताया। श्री नाग ने आदिवासियों के परम्परागत खानपान एवं उत्पाद मड़िया, कोदो-कुटकी आदि के विशेषताओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए शिक्षित, संगठित एवं जागरूक होने की भी अपील की। श्री नाग ने नशापान को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए समाज के लोगों को इससे सर्वथा दूर रहने की अपील की।इस अवसर पर विधायक डौंडीलोहारा श्रीमती अनिला भेड़िया ने देश व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी समाज के लोगों के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के लोगों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने को कहा। विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद ने आदिवासियों की संस्कृति एवं इतिहास को अत्यंत गौरवशाली एवं समृद्ध बताते हुए सभी के लिए इसे प्रेरणास्त्रोत बताया। विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा ने भगवान बिरसा मुंडा एवं जनजातीय समाज के अन्य महानायकों के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सादर नमन किया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू ने कहा कि पूरे मानव समाज को संस्कृति एवं सभ्यता की शिक्षा आदिवासियों की उत्कृष्ट जीवन पद्धति से मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता की सर्वप्रथम अलख जनजातीय समाज की विभूतियों ने जगाई थी। इस अवसर पर कलेक्टर सिंह चंद्रवाल ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के पावन जयंती के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी धरती के सबसे प्राचीन एवं मूलनिवासी है। श्री चंद्रवाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा आदिवासी समाज के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में भी आदिवासी समाज के चहँुमुखी विकास के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले के अंतिम छोर में स्थित आदिवासी बाहुल्य ग्राम हुच्चेटोला के ग्रामीणों के आय को दुगुना करने समुचित उपाय सुनिश्चित किए गए है। इसके अलावा जिले के सभी आदिवासी ग्रामों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा वहाँ के निवासियों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री कृष्णा साहू ने जनजातीय समाज के गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व एवं योगदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर आदिवासियों के संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम स्थल में आदिवासी के कला एवं संस्कृति पर आधारित स्टाल भी लगाया था। कार्यक्रम में एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मंडले सहित जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- विकासखंड मुख्यालय डौंडी में किया गया जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजनजनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में योगदानों का किया गया उल्लेखबालोद/ कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि जनजातीय समाज का देश के स्वाधीनता से लेकर राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण में अतुलनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास एवं विरासत अत्यंत वैभवशाली है। श्री नाग आज विकासखंड मुख्यालय डौंडी के पुलिस मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधायक डौंडीलोहारा श्रीमती अनिला भेड़िया, विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद एवं विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा सहित जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री मिथलेश निरोटी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सोमेश सोरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बसंती दुग्गा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता पीमन साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री पुनीत सेन, नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री रूपेश नायक एवं तुलसी राम मरकाम सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस जनजातीय गौरव समारोह के अवसर पर आयोजित समारोह में अतिथि एवं वक्ताओं के द्वारा जनजातीय समाज के विशेषताओं एवं महत्व के संबंध में रोचक तथा ज्ञानवर्धक जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं एवं प्रबुद्धजनों ने जनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में जनजातीय समाज के योगदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों एवं समारोह में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को भी सुना।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री नाग ने कहा कि देश व समाज के सामने जब-जब चुनौतियां आई हंै तब-तब जनजातीय समाज के विभूतियों एवं जनजातीय समाज के लोगों ने उनका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह अकबर के शक्ति के सामने भारत के सभी राजा-महराजा नतमस्तक होकर उनकी अधीनता स्वीकार कर रहे थे। ऐसी विषम परिस्थितियों में गोंडवाना साम्राज्य की शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगलों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। लेकिन मुगलों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय समाज के महानायक वीर सपूत भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर एवं शहीद गेंद सिंह नायक आदि के शौर्य एवं पराक्रम का उल्लेख करते हुए इन विभूतियों को पूरे भारत वर्ष का गौरव बताया। श्रीन नाग ने कहा कि हमारे इन विभूतियों से प्रेरणा लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाये संचालित की जा रही है। श्री नाग ने जनजातीय समाज के उत्कृष्ट जीवन पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हम सबको ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निजात पाना है तो आदिवासियों की जीवन पद्धति को आत्मसात करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासियों की ऐतिहासिक घोटूल प्रथा पर प्रकाश डालते हुए इसे संस्कृति एवं सभ्यता के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बताया। श्री नाग ने आदिवासियों के परम्परागत खानपान एवं उत्पाद मड़िया, कोदो-कुटकी आदि के विशेषताओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए शिक्षित, संगठित एवं जागरूक होने की भी अपील की। श्री नाग ने नशापान को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए समाज के लोगों को इससे सर्वथा दूर रहने की अपील की।इस अवसर पर विधायक डौंडीलोहारा श्रीमती अनिला भेड़िया ने देश व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी समाज के लोगों के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के लोगों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने को कहा। विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद ने आदिवासियों की संस्कृति एवं इतिहास को अत्यंत गौरवशाली एवं समृद्ध बताते हुए सभी के लिए इसे प्रेरणास्त्रोत बताया। विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा ने भगवान बिरसा मुंडा एवं जनजातीय समाज के अन्य महानायकों के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सादर नमन किया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू ने कहा कि पूरे मानव समाज को संस्कृति एवं सभ्यता की शिक्षा आदिवासियों की उत्कृष्ट जीवन पद्धति से मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता की सर्वप्रथम अलख जनजातीय समाज की विभूतियों ने जगाई थी। इस अवसर पर कलेक्टर सिंह चंद्रवाल ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के पावन जयंती के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी धरती के सबसे प्राचीन एवं मूलनिवासी है। श्री चंद्रवाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा आदिवासी समाज के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में भी आदिवासी समाज के चहँुमुखी विकास के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले के अंतिम छोर में स्थित आदिवासी बाहुल्य ग्राम हुच्चेटोला के ग्रामीणों के आय को दुगुना करने समुचित उपाय सुनिश्चित किए गए है। इसके अलावा जिले के सभी आदिवासी ग्रामों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा वहाँ के निवासियों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री कृष्णा साहू ने जनजातीय समाज के गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व एवं योगदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर आदिवासियों के संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम स्थल में आदिवासी के कला एवं संस्कृति पर आधारित स्टाल भी लगाया था। कार्यक्रम में एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मंडले सहित जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर अभिभूत हुएकिसान हरिराम और उत्तमबालोद /समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में धान खरीदी के कार्य का विधिवत् शुभारंभ किए जाने पर भाठागांव बी एवं धान खरीदी केन्द्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के कृषक बहुत ही प्रसन्नचित है। धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में संपन्न धान खरीदी के कार्य के शुभारंभ अवसर में शामिल होने का अवसर प्राप्त होने पर इस दौरान मौजूद कृषकों ने इस पल को अपने लिए अविस्मरणीय पल बताते हुए इसका मुक्तकंठ से सराहना की है। इस अवसर पर अपने धान की बिक्री करने हेतु धान खरीदी केन्द्र में पहुँचे ग्राम मोंगरी निवासी कृषक हरिराम साहू एवं ग्राम भाठागांव बी निवासी कृषक उत्तम निषाद मुख्यमंत्री के हाथों से सम्मानित होने पर बहुत ही अभिभूत हुए। इन दोनों किसानों ने इस पल को अपने जीवन का सबसे यादगार और रोमांचकारी क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अपने धान की बिक्री के लिए धान खरीदी केन्द्र में पहुँचने पर राज्य के मुखिया के हाथों से सम्मानित होना निश्चित रूप से हमारे लिए गौरव की बात है। यह क्षण उनके स्मृति पटल पर सदैव अंकित रहेगा।धान खरीदी के पहले दिन धान खरीदी केन्द्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मानित होने से प्रफुल्लित किसान हरिराम साहू ने बताया कि वे एक मध्यमवर्गीय किसान है। श्री साहू ने कहा कि राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना उनके परिवार के लिए एन वक्त पर आर्थिक सहायता का प्रमुख आधार है। उन्होंने बताया कि आज धान खरीदी केन्द्र में सम्मानित होने के पश्चात् कुल 65 क्विंटल 20 किलो पतला धान की बिक्री की है। श्री साहू ने कहा कि आज वे धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे थे। लेकिन उसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रति क्ंिवटल 3100 रुपये की दर पर प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदी का निर्णय लिया गया है, वह बहुत ही सराहनीय एवं किसान हितैषी फैसला है। इससे हम किसानों को संबल मिलने के साथ-साथ हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ा है।इसी तरह धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों धान खरीदी के शुभारंभ अवसर पर धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में सम्मानित होने का अवसर प्राप्त होने पर ग्राम भाठागांव बी के किसान श्री उत्तम निषाद बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। उन्होंने इसे अपने जीवन का खुबसूरत पल बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री निषाद ने कहा कि राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सराहा साबित होता है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मानित होने पर कुल 42 क्ंिवटल पतला धान की बिक्री की है। राज्य सरकार के द्वारा प्रति क्ंिवटल 3100 रुपये की दर पर प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान की खरीदी के निर्णय को किसान पुत्र मुख्यमंत्री का किसान हितैषी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक सच्चे अभिभावक की तरह राज्य की किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए धान खरीदी के दर में जो वृद्धि किया है उससे उनके जैसा अनेक किसान लाभान्वित होंगे। श्री उत्तम निषाद ने कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राज्य के किसान बहुत ही प्रसन्नचित होकर इस योजना की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र में आज किसान गंगोत्री बाई, दशरथ एंव पीताम्बर ने भी अपने धान की बिक्री की है। इन सभी ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में धान खरीदी के शुभारंभ अवसर में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर धान खरीदी के पहले दिन धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे सभी किसानों ने धान खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए छांव, बैठक, शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। इससे सभी किसान आसानी से अपने धान की बिक्री कर पा रहे हैं।
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*प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को राष्ट्रीय मानक में मिले 88.15 % प्रतिशत अंक*
रायपुर/.प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार को लेकर लगातार बेहतर प्रयासों का सिलसिला जारी है। किसी कड़ी में राजधानी रायपुर के सिलियारी स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर के मानक का उच्चतम अंक प्राप्त हुआ है। जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और उपलब्धि प्राप्त हुई है जो स्वास्थ्य की दिशा में सुधार को दर्शाता है। सभी स्वास्थ्य केन्द्रो को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर श्री मिथिलेश चौधरी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष मेजर वार के मार्गदर्शन में, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी में, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक टीम ने दिनांक 25 और 26 अक्टूबर 2024 को भ्रमण जांच किया था. टीम में डॉक्टर श्री भानु कुमार धरावत ,डॉक्टर श्री प्रबल कुमार पवार ने 88.15% राष्ट्रीय स्तर मानक सिलयारी पीएचसी को सर्टिफिकेट प्रदान किया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर श्री विकास तिवारी ,बीपीएम जुबेदा खान पीएचसी सिलियारी के प्रभारी डॉक्टर सोनम नायक ने सभी स्टाफ को बधाई दी एवं सीएमएचओ सर डीपीएम सर वह जिले के NQAS टीम को मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।*क्या है NQAS*: राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा के साथ-साथ वैश्विक सर्वोत्तम अभ्यास के लिए विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है इसकी शुरुआत 2017 में हुई है। NQAS वर्तमान में जिला अस्पतालों, सामुदायिक ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए उपलब्ध है। मानक मुख्य रूप से प्रदाताओं के लिए पूर्व निर्धारित मानकों के माध्यम से सुधार के लिए अपनी स्वयं की गुणवत्ता का आकलन करने और प्रमाणन के लिए अपनी सुविधाओं को लाने के लिए है। - भिलाई /शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक प्रधान मंत्री आवास योजना शहरी 2.0 रैपिड असेसमेंट सर्वे का कार्य का शुभारंभ किया गया। इसी तारतम्य में नगर पालिक निगम भिलाई में इसका शुभारंभ वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा आवास योजना का फार्म भरवा कर, नगर पालिक निगम भिलाई जोन 1 नेहरू नगर में करवाया गया। विधायक ने अपने उद्बोधन में बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री जी बहुत संवेदनशील है हर वर्ग के बारे में सोचते हैं उनके द्वारा यह योजना लाई गई है हर व्यक्ति के सब सुविधा युक्त मकान हो, कोई भी परिवार आवास हीन नहीं रहना चाहिए । हम सब का प्रयास होगा प्रधानमंत्री आवास योजना फेज 2 सब हितग्राही परिवार तक पहुंचे। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने कहा कि सर्वे करवा कर समय अवधि में आवेदन करने वाले हितग्राहियों को मकान की सुविधा प्रदान की जाएगी। जो भी मकान बनेगा वह गुणवत्तापूर्ण समय पर हितग्राहियों मिल जाएगा । इस अवसर एम आई सी प्रभारी अध्यक्ष सीजू एंथोनी, वरिष्ठ पार्षद जिला अध्यक्ष महेश वर्मा नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, एमआईसी सदस्य संदीप निरंकारी, लालचंद वर्मा, चंद्रशेखर गवई, नेहा साहू पार्षद हरिओम तिवारी, रविशंकर कुर्रे संतोष मौर्या, जोन कमिश्नर ऐसा लहरे, सतीश यादव, कुलदीप गुप्ता, नोडल अधिकारी अभियंता डीके वर्मा, अखिलेश चंद्राकर, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, प्रभारी अधिकारी विद्याधर देवांगन के साथ सीएलटीसी और प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी हितग्राही उपस्थित रहे।
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*प्रकृति को सहेजने और संवारने में जनजाति समाज का अहम योगदान-श्री तोखन साहू*
*कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री*
जल, जंगल जमीन के सच्चे रक्षक हैं जनजाति समाज के लोग-विधायक
*विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, स्टॉल लगाकर दी गई योजनाओं की जानकारी*
बिलासपुर/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन कोटा ब्लॉक के बेलगहना शासकीय स्कूल में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार राज्य के जमुई से वर्चुअली जुड़कर लोगों को संबोधित किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान, श्री रामदेव कुमावत, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री गया प्रसाद, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, जनजातीय समाज प्रमुख श्री बुधराम बैगा, जेठू राम बैगा, श्री सुभाष परते सहित अन्य समाज प्रमुख भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जनजातीय समाज के लोग उत्साह से शामिल हुए।
दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और उनकी प्रेरणादायक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बिरसा आज भी हमारे समाज में एक आस्था के प्रतीक बने हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। साथ ही इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उपस्थित सभी लोगों को आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के पावन अवसर की शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज हम यहाँ जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन में एकत्रित हुए हैं, जो हमारे आदिवासी समाज की महान परंपराओं, संस्कृति, और स्वाभिमान का प्रतीक है। भगवान बिरसा मुंडा, हमारे गौरवशाली इतिहास के उस नायक का नाम है, जिन्होंने न केवल अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, बल्कि पूरे देश को स्वतंत्रता के संघर्ष में एक नई दिशा दी। उनके संघर्ष, उनकी वीरता, और उनकी अटूट संकल्पशक्ति ने हमें यह सिखाया कि यदि हमारा संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने जल, जंगल, और जमीन की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया और आदिवासी समाज के लिए एक नई जागरूकता का संदेश दिया। देश की आजादी में भी जनजातीय समाज का विशेष योगदान रहा है। जनजाति समाज के नायकों मांझी राम गोंड, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे अन्य जननायकों पर हमें गर्व है। जनजाति समाज के लोगों ने भारत की भूमि और प्राकृतिक संपदा को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हम एकजुट होकर, उनके आदर्शों पर चलें और हमारे देश को और भी सशक्त, स्वाभिमानी और गौरवशाली बनाएं। आजादी के बाद भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने और उसे नई पहचान देने का जो कार्य हुआ, वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है।
विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी का संघर्ष सिर्फ सामाजिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह अपनी संस्कृति, अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एक महाक्रांति थी। आज हम इस जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनकी प्रेरणादायक शिक्षाओं को याद करते हुए यह संकल्प लें कि हम सभी मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री जनजाति समुदाय से है जिससे हमें गर्व का एहसास होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजाति समाज की उन्नति और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बहुत बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि आप अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दें। कार्यक्रम को विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के लोगों की अहम भूमिका रही है। उनकी विरासत हमें सिखाती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, आत्म-सम्मान के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची प्रगति है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने बताया कि जनमन योजना के तहत पीवीटीजी के सामाजिक और आर्थिक उन्नति का काम किया गया है। अधिकांश योजनाओं सैचुरेशन लेबल हासिल कर लिया गया है। जनजातीय लोगों के लिए धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें 17 विभाग शामिल होंगे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को सामग्री और चेक का वितरण कर लाभान्वित किया गया। एनआरएलएम के तहत समूह की दीदियों को चेक, वनअधिकर पट्टा, किसानों को सब्जियों का मिनी किट, आयुष्मान कार्ड, जाती प्रमाण पत्र, जनमन आवास योजना के तहत आवास की चाबी, सिंचाई पंप का वितरण किया गया। बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने समाज प्रमुखों का सम्मान किया। इससे पूर्व अतिथियों ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभागवार विभागीय गतिविधियों के लिए लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान स्व सहायता समूह के स्टॉल का अवलोकन करते हुए स्व सहायता समूह की दीदियों से चर्चा की और उनके द्वारा तैयार किए गए सामग्रियों की सराहना की। मुख्य अतिथि ने स्कूल शिक्षा, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, वन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास विभाग के स्टॉल का बारी-बारी से अवलोकन किया तथा विभागीय योजनाओं से अवगत होते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री मनोहर राज, श्री लखन पैंकरा, डीएफओ श्री सत्यदेव शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी श्री युगल किशोर उर्वशा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। -
*- अवैध धान बिक्री पर अंकुश लगाने निगरानी समिति गठित*
*- पहले दिन 22 क्विंटल अवैध धान जप्त*
दुर्ग/ खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मागदर्शन में उपार्जन के दौरान अन्य राज्य से धान की आवक कोचियों/बिचौलियों/अन्य अवांछित व्यक्तियों द्वारा किसानों के खाते में धान बेचने के प्रयासों की रोकथाम हेतु जिला एवं विकासखंड स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया है।
कलेक्टर सुश्री चौधरी के निर्देश पर निगरानी सामिति द्वारा 14 नवम्बर 2024 को धान व्यापारी/कोचियों की जांच के दौरान छोटूलाल देवांगन पिता स्व. फिरन लाल देवांगन निवासी पाटन से 10 क्विंटल तथा लाभचंद जैन पिता परसमल जैन निवासी ग्राम सेलूद से 12 क्विंटल धान की जप्ती मंडी अधिनियम 1972 के अंतर्गत की गई है। धान उपार्जन अवधि में धान के अवैध परिवहन एवं विक्रय को रोकने के लिए निगरानी समिति द्वारा उपरोक्तानुसार जांच नियमित रूप से की जाएगी। - -भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का कार्य किया- विधायक श्री रिकेश सेन-’जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बीआईटी कॉलेज में एक दिवसीय कार्यक्रम का हुआ आयोजन- सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ समारोह का आयोजन-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल रूप से जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को किया संबोधित-जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मसूर मिनी किट एवं आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गयादुर्ग, /स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती ’जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज बीआईटी कॉलेज में सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल रूप से जुड़कर प्रदेशवासियों को सम्बोधित किया।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के अदम्य साहस, शौर्य का परिचय कराया, उसके लिए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के शक्ति, साहस और वीरता के कारण आज हमारा देश आजाद हुआ है। उन्होंने ब्रिटिश व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ी। वह मुंडा जनजाति थे। वर्तमान पीढ़ियों को देश के लिए उनके बलिदान के बारे में जागरूक करने के लिए बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप मनाया जा रहा है। आदिवासी समाज के रीति-रिवाज, रहन-सहन, संस्कृति, कला तथा जीवन शैली को आत्मसात करना चाहिए। आदिवासी समाज के लोग प्रकृति को सरंक्षित और सुरक्षित रखने के लिए जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए आंदोलन किया। आदिवासी समाज संगठित रहते हुए हमेशा क्षेत्र में भाईचारा, स्नेह को बढ़ाने का कार्य किया। सांसद श्री विजय बघेल ने बिरसा मुंडा एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।विशिष्ट अतिथि विधायक श्री रिकेश सेन ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को पूरे प्रदेशवासी ’जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मना रहे हैं। यह जयंती पूरे प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। बिरसा मुंडा का 18वीं शताब्दी में हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का कार्य किया। आदिवासीयों को भगवान बिरसा मुंडा के रूप में अपना नायक मिला। आदिवासी समाज आगे बढ़ रहा है चाहे वह कला के क्षेत्र में हो, चाहे वह शिक्षा व खेल के क्षेत्र में कहीं न कहीं अपना प्रेरणा स्त्रोत वह बिरसा मुंडा को मानते हैं। छत्तीसगढ़ का नेतृत्व आदिवासी समाज के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा छत्तीसगढ़ विकास की गाथा लिखी जा रही है। बिरसा मुंडा का आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान है।संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने सभी जिलेवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए बिरसा मुंडा ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं उसे हम जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से आज मना रहे हैं।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि आज हम सभी एकत्र होकर भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती का समारोह मना रहे है, जिन्होंने आजादी के आंदोलन में अहम योगदान दिया है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है।भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और मुंडा जनजाति के लोकनायक थे। उनके संघर्ष व बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी है। भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी गौरव के प्रतीक है, जिन्हे “धरती आबा के रूप में पूजा जाता है। उनके जन्म जंयती को आज सम्पूर्ण देश में “गौरव दिवस“ के रूप में मनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जिले में भी आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत 7 बालक एवं 4 कन्या छात्रावास इस प्रकार कुल 11 अनुसूचित जनजाति के छात्रावास संचालित है जिसमें 220 बालक एवं 227 कन्या कुल 447 विद्यार्थी निवास करते हुए अध्ययनरत है इन छात्रावासों से बहुत से विद्यार्थी महत्वपूर्ण शासकीय पदों पर चयनित हुए है। छत्तीसगढ़ में कुल 15 प्रयास विद्यालय संचालित है जिसमें से सर्वसुविधायुक्त 500-500 सीटर 03 प्रयास विद्यालय दुर्ग जिले के अंतर्गत संचालित है जिसमें कक्षा 9वी, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं में शालेय शिक्षा के साथ-साथ अखिल भारतीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल की कोचिंग की तैयारी करवाई जाती है। प्रयास विद्यालय में वर्तमान समय में कुल 344 अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय से 12वीं उत्तीर्ण पश्चात 3 विद्यार्थी एमबीबीएस, 3 विद्यार्थी आईएलटी, 21 विद्यार्थी एनआईटी, 2 विद्यार्थी आईजेएलटी एवं 139 विद्यार्थियों का बीएएमएस फार्मेसी इंजीनियर संस्थाओं में चयन हुआ है।राज्य में 02 विज्ञान विकास केन्द्र संचालित है जिसमें से 01 विज्ञान विकास केंद्र (कन्या) 500 सीटर हमारे दुर्ग जिले में संचालित है। जिसका उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाओं में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के शिक्षक एवं व्याख्याताओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु योग्य उम्मीद्वार तैयार करना है। वर्तमान में अनुसूचित क्षेत्र के 472 अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राएं अध्ययनरत है। इस संस्था से अध्ययन उपरांत 115 विद्यार्थी व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक के पदों पर चयनित होकर अनुसूचित क्षेत्र में अपनी सवाएं दे रहे है। जवाहर उत्कर्ष योजना अंतर्गत कक्षा 5 वी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु उत्कृष्ट आवासीय व्यवस्था वाले निजी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिलाकर निःशुल्क अध्ययन सुविधा प्रदान की जा रही हैं। वर्तमान में 19 अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके अतिरिक्त सभी विभागों की संचालित योजनाओं में आदिवासियों के हित से संबंधित प्रकरणों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय पर लाभांवित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष जनजातीय गौरव समाज श्री एम.डी.ठाकुर ने बिरसा मुंडा के गौरवशाली जनजातीय इतिहास के बारे में जानकारी दी।इस अवसर पर जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास पूर्णतः प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मसूर मिनी किट, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, एडीएम श्री अरविंद एक्का, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, सीईओ जिला पंचायत श्री बजरंग दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा, एसडीएम श्री हरवंश मिरी, कंडरा समाज अध्यक्ष श्री अशोक कुमार, कंवर समाज अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार, हल्बा समाज श्री मंथीर खलेंद्र, जनजातीय गौरव समाज सलाहकार श्री सीताराम ठाकुर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
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दुर्ग, / प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार आवास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना फेस 2 का शुभारंभ आज जिले के नगर पालिक निगम भिलाई, रिसाली, दुर्ग एवं भिलाई-3 चरोदा सहित सभी निकायों में किया गया। शुभारम्भ के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं निगम के पदाधिकारी/पार्षदगण मौजूद थे। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देश पर निगम कमिश्नरों द्वारा संबंधित नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना/शहरी 2.0 अंतर्गत रेपिड असेसमेंट सर्वे, संभावित पात्र हितग्राहियों का सर्वेक्षण प्रधानमंत्री आवास 2.0 क्रियान्वित किया जाएगा। इस हेतु वार्डों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। उक्त शिविर में नगर निगम शहर क्षेत्र का सर्वे, योजना के माध्यम से मिलने वाले लाभों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। निगम के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा वार्ड के नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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दुर्ग, / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में 16 नवंबर शनिवार एवं 17 नवंबर रविवार को समस्त मतदान केन्द्रों में दावा आपत्ति प्राप्त करने का कार्य किया जायेगा। उक्त दिवस समस्त मतदान केन्द्रों में अभिहित अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निशा से कहा हम तुम्हारा सपना पूरा करेंगे।-छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगाआर्थिक तंगी अब सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगीरायपुर // अलसुबह आज बिलासपुर में रहने वाली निशा यादव के पास एक फोन आया और फोन पर एक सौम्य सी आवाज में किसी ने उससे कहा आपको किलिमंजारो चढ़ना है, आप खर्च की चिंता न करें। निशा चकित हुई और आश्चर्य से पूछा आप कौन हैं, सामने से आवाज आई बेटा मैं विष्णु देव साय बोल रहा हूं। निशा ने आश्चर्यचकित भाव से कहा आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं। उसे यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने पूरी बात बताई और कहा कि आप अपने लक्ष्य पर फोकस करें। छत्तीसगढ़ के हर एक बेटी का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण आश्वासन को सुनकर निशा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निशा को इस बात पर भी यकीन करना पड़ा मुश्किल हो रहा था कि बिना किसी आवेदन या आग्रह के मुख्यमंत्री ने उनका सपना पूरा करने की पहल की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से बात की। निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने आगे बताया कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं और उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है।निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को आगे बताया कि मैं पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था। मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा । आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं।निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। उन्होंने निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी।
- रायपुर। नागपुर से कोलकाता जाने वाली इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी मिलने के बाद विमान को रायपुर में आपात स्थिति में उतारा गया। हालांकि, बाद में यह धमकी झूठी निकली। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि 187 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों को लेकर जा रहे इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी के बाद सुबह नौ बजे के उपरांत विमान को रायपुर हवाई अड्डे पर उतार लिया गया। सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब विमान हवा में था तब यात्रियों में से एक ने विमान के चालक दल के सदस्यों को विमान में बम होने की सूचना दी, जिसके बाद ‘हवाई यातायात नियंत्रण' को इसकी सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद विमान को आपातकालीन कार्रवाई के तहत रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर उतारा गया और अनिवार्य सुरक्षा जांच के लिए उस तुरंत ‘आइसोलेशन-बे' में ले जाया गया। अधिकारी ने बताया कि बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस की एक टीम तुरंत विमान तल पर पहुंची और स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया गया और तकनीकी कर्मचारियों तथा बम निरोधक दस्ते ने विमान की गहन जांच की। सभी यात्रियों के सामान की भी जांच की गई। सिंह ने बताया, "पूरी जांच के बाद बम की धमकी झूठी निकली। बम की सूचना देने वाले यात्री को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। विमान तल के अधिकारियों ने बताया कि विमान दोपहर करीब 12 बजे कोलकाता के लिए रवाना हुआ।इससे पहले 24 अक्टूबर को कोलकाता से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) जाने वाले एलायंस एयर के विमान को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी, जिसके बाद विमान की बिलासपुर हवाई अड्डे पर जांच की गई थी लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।
- -14 से 27 नवंबर तक होगा आयोजनरायपुर / नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का स्टॉल इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां ढोकरा कला, कोसा सिल्क, बस्तर के बांस शिल्प और अन्य पारंपरिक शिल्पों की झलक देखने को मिलती है। इसके साथ ही, राज्य ने अपने औद्योगिक उत्पादों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों और हर्बल उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। इस वर्ष की थीम “विकसित भारत @ 2047” को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ ने अपने स्टॉल को तैयार किया है। राज्य ने हाल के वर्षों में अपने आदिवासी क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन, और औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने एक मजबूत औद्योगिक और सामाजिक आधार तैयार किया है, जिसने देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया है।उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष मेले की थीम “विकसित भारत @ 2047” है, जिसमें देश के सभी राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेश अपनी प्रगति और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ भवन की आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह ने छत्तीसगढ़ के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी। ‘विकसित छत्तीसगढ़@2047' की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, स्वयं सहायता समूह, हैंडलूम, हस्तशिल्प, हर्बल, कृषि विभाग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। 20 नवंबर को राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा जहां लोक कलाकार प्रदेश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
- रायपुर /वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नया रायपुर स्थित नवनिर्मित शासकीय आवास में अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्री श्री कश्यप को उनके नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।गृह प्रवेश समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, रोहित साहू, संपत अग्रवाल, रोहित साहू,रिकेश सेन, इंद्र कुमार साहू, धर्मजीत सिंह, पुरंदर मिश्रा, योगेश्वर राजू सिन्हा और आशाराम नेताम, सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण ने भी वन मंत्री श्री केदार कश्यप को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी।उल्लेखनीय है कि वनमंत्री श्री केदार कश्यप को नवा रायपुर के सेक्टर 24 में मंत्रीगणों के लिए नवनिर्मित आवासों में से आवास क्रमांक एम-10 आबंटित हुआ है।
- -देश भर से आए नर्तक दलों ने बिखेरी आदिवासी लोक नृत्यों की छटारायपुर /राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर सिक्किम, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, नागालैण्ड, उत्तरांचल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दमन दीव, गुजरात और राजस्थान के जनजातीय समूह ने पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।लोक नृत्य महोत्सव में पहली सांस्कृतिक प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य के माध्यम से दी। गौर माड़िया नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में गौर माड़िया जनजाति द्वारा किया जाता है। इस जनजाति का यह नृत्य बहुत ही हर्षाेल्लास से परिपूर्ण, सजीव एवं सशक्त होता है। सिक्किम के लिम्बू जनजाति समुदाय के लोक नर्तक दल ने प्रकृति पूजा, फसल और प्राणियों के संरक्षण में किए जाने वाला नृत्य चासोक तांगनाम नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात से आए लोकनर्तक दल ने सिद्दी गोमा नृत्य और राठवा नृत्य की प्रस्तुति दी। अरुणाचल प्रदेश से आए नर्तक समूह ने गेह पदम ए ना-न्यी की प्रस्तुति दी।इसके उपरांत मध्यप्रदेश के डिंडौरी से आए गोंड जनजाति समूह ने सैला-रीना नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सैला-रीना नृत्य एवं गीत बहु जनजातीय नृत्य है। जम्मू कश्मीर के गुज्जर जनजातीय समुदाय के नर्तक दल ने मनमोहक गोजरी नृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बंटोरी। जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य , आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई।साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन कलाकारों के साथ ही उपस्थित दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह का माहौल था।दर्शकों ने विभिन्न प्रदेशों से आए जनजातीय कलाकारों के नृत्य पर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
- -राज्य के 14567 किसानों ने बेचा धानरायपुर ।प्रदेश में आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ किया। धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। प्रदेश में आज धान खरीदी के पहले दिन 14562 किसानों के द्वारा लगभग 55 हजार टन धान का विक्रय किया गया है। आज धान खरीदी के लिए कुल 24 हजार 748 टोकन जारी किए गए थे। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल है।
















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