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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। कोण्डागांव जिले में इसका एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है, जहां एक नागरिक को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के मात्र 24 घंटे के भीतर विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।
कोण्डागांव जिले के बड़ेराजपुर तहसील अंतर्गत ग्राम खालारी निवासी श्री जितेन्द्र कुमार मरकाम एवं ग्राम आमगांव निवासी श्रीमती सरिता मरकाम का विवाह 27 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ था। विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर उन्होंने संबंधित प्रक्रिया पूर्ण की, किंतु प्रमाण पत्र प्राप्त होने में विलंब होने के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही जनपद पंचायत बड़ेराजपुर द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर 24 घंटे के भीतर विवाह प्रमाण पत्र जारी कर हितग्राहियों को उपलब्ध करा दिया गया। विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर श्री जितेन्द्र कुमार मरकाम एवं श्रीमती सरिता मरकाम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनकल्याण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ अब सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है, जिससे शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ, 29-30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन-अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देशरायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री वीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी श्री रामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला, सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाओं की अनमोल धरोहर से रूबरू कराता है रामगढ़-सरगुजा की गौरवशाली विरासत का जीवंत उत्सवरायपुर। छत्तीसगढ़ का सरगुजा अंचल प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत के लिए भी विशेष पहचान रखता है। इसी विरासत का सबसे अनमोल अध्याय है सरगुजा जिले में उदयपुर विकासखंड स्थित रामगढ़, जहां हर वर्ष आयोजित होने वाला ’’रामगढ़ महोत्सव’’ प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत स्वरूप प्रदान करता है। यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि हजारों वर्षों के इतिहास, कला, पुरातत्व और आस्था से जुड़ने का अद्भुत अवसर है।रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित ’’सीताबेंगरा’’ और ’’जोगीमारा’’ गुफाएं भारतीय इतिहास की अनुपम धरोहर हैं। इन गुफाओं का उल्लेख देश के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में किया जाता है। यहां की शिल्पकला, स्थापत्य, शिलालेख और प्राचीन चित्र भारतीय सभ्यता के उत्कर्ष की कहानी कहते हैं। यही कारण है कि यह स्थल वर्षों से इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।रामगढ़ क्षेत्र का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने वनवास के दौरान यहां कुछ समय व्यतीत किया था। माना जाता है कि जिस गुफा में माता सीता ने निवास किया, वही आज सीताबेंगरा के नाम से प्रसिद्ध है। इस धार्मिक आस्था के कारण रामगढ़ केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि श्रद्धा का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।सीताबेंगरा गुफा को भारतीय रंगमंच के इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। इसकी अनूठी संरचना, बैठने की व्यवस्था और मंच जैसी आकृति के कारण अनेक विद्वान इसे विश्व की सबसे प्राचीन अथवा भारत की प्राचीनतम नाट्यशालाओं में से एक मानते हैं। लगभग 45 फीट गहरी इस गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच आज भी प्राचीन भारतीय कला और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।सीताबेंगरा के समीप स्थित जोगीमारा गुफा भारतीय चित्रकला की आरंभिक परंपरा की अमूल्य धरोहर मानी जाती है। यहां तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के भित्तिचित्रों के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिनमें मानव आकृतियां, नृत्य, संगीत, पशु-पक्षी और सामाजिक जीवन के दृश्य अंकित थे। लाल, पीले और काले रंगों से निर्मित ये चित्र भारतीय कला के विकासक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं।रामगढ़ की एक और विशेष पहचान ’’हाथीपोल’’ है। लगभग 180 फीट लंबी प्राकृतिक सुरंग अपनी अनोखी संरचना के कारण पर्यटकों को रोमांचित करती है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप बना। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं इस पूरे क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बनाती हैं।रामगढ़ क्षेत्र में अनेक प्राचीन मंदिरों और मूर्तियों के अवशेष भी आज इतिहास की अमिट गवाही देते हैं। भगवान विष्णु, श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और देवी की प्राचीन प्रतिमाएं, नक्काशीदार स्तंभ, मंदिरों के द्वार और स्थापत्य कला तत्कालीन शिल्पकारों की अद्भुत प्रतिभा को दर्शाते हैं। इतिहासकारों के अनुसार यह क्षेत्र प्रारंभिक कलचुरी शासनकाल के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल रहा है।आज रामगढ़ इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। देश-विदेश से आने वाले शोधकर्ता, विद्यार्थी और पर्यटक यहां की धरोहरों का अध्ययन करने पहुंचते हैं। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ’’रामगढ़ महोत्सव’’ इस ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।रामगढ़ केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सरगुजा की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। सीताबेंगरा की पौराणिक मान्यताएं, जोगीमारा की प्राचीन चित्रकला, हाथीपोल की अद्भुत प्राकृतिक संरचना और यहां बिखरे पुरातात्विक अवशेष मिलकर यह संदेश देते हैं कि सरगुजा का इतिहास जितना प्राचीन है, उतना ही समृद्ध और प्रेरणादायी भी। यही कारण है कि रामगढ़ महोत्सव आज इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
- -वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दिखाई हरी झंडी, अब तक 52 महिलाओं को मिला ई-ऑटो-महिलाएं हुई आत्मनिर्भर, हो रही 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह आयरायपुर । ई-आटो परिवहन सेवा प्रोजेक्ट ‘पिंक ऑटो’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ गुरुवार को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी एवं मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं बैठक संवारी की।प्रथम फेस में 20 हजार प्रतिमाह से अधिक आय अर्जित करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया जिसमें ग्राम राखी निवासी श्रीमती चंद्रिका साहू, कोटरा भाटा निवासी श्रीमती शीतू कोशले, ग्राम बेंद्री निवासी श्रीमती रेशम साहू, ग्राम तूता निवासी श्रीमती ज्ञानी बैस शामिल हैं। प्रथम चरण में 14 ग्राम व 16 ग्राम संगठन की 40 महिलाएं एवं द्वितीय चरण में 23 ग्राम व 25 ग्राम संगठन की 52 महिलाओं को ई ऑटो प्रदान किया गया है।कार्यक्रम में 52 महिलाओं को आत्मनिर्भरता की चाबी सौंपते हुए पिंक ई-ऑटो प्रदान किए गए। प्रथम चरण में 40 ई-ऑटो प्रदान किए गए थे, जिसके बाद नवा रायपुर क्षेत्र की महिलाएं प्रति माह 25 से 30 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि पिंक ऑटो योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने एवं उनके पिंक ऑटो के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- राजनांदगांव । आधार पंजीयन एवं अद्यतन कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से जिले के आधार संचालकों का वृहत प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के प्रतिनिधि श्री शुभान जी द्वारा आधार संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान आधार संचालकों की शंकाओं एवं व्यावहारिक समस्याओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। साथ ही आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्यों में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने की जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने आधार सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, सहायक प्रबंधक श्री आशीष स्वर्णकार, जिला समन्वयक आधार श्री अंकित सिंह सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं आधार संचालक उपस्थित थे।
- रायपुर। आदिवासी बहुल और वनांचल क्षेत्रों में जब कोई महिला अपने जज्बे से तकदीर बदलती है, तो उसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। नारायणपुर जिले के छोटे से गाँव एड़का की रहने वाली श्रीमती रुक्मणी नाग की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज वे सिर्फ एक किसान नहीं हैं, बल्कि पूरे इलाके के लिए आत्मनिर्भरता और आधुनिक खेती की एक नई मिसाल बन चुकी हैं।कुछ समय पहले तक रुक्मणी की जिंदगी भी गांव के आम किसानों जैसी ही थी। पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे ढर्रे पर वे हर साल अपने खेतों में धान बोती थीं। सुबह से शाम तक पसीना बहाने के बाद भी जब फसल कटकर घर आती, तो हाथ में इतनी रकम भी नहीं बचती थी कि अगली फसल की लागत आसानी से निकल सके। बढ़ती महंगाई, खाद-बीज के ऊंचे दाम और मौसम के बदलते मिजाज ने धान की खेती को घाटे का सौदा बना दिया था। रुक्मणी इस बात से परेशान थीं कि मेहनत के बावजूद परिवार की आर्थिक स्थिति जस की तस बनी हुई थी। वे इस ढर्रे को तोड़ना चाहती थीं, पर रास्ता नहीं सूझ रहा था।रुक्मणी के जीवन में नया मोड़ तब आया, जब उनकी मुलाकात उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से हुई। अधिकारियों ने उनकी समस्या को समझा और उन्हें एक नया नजरिया दिया फसल विविधीकरण। विभाग ने उन्हें सलाह दी कि वे केवल धान के भरोसे न रहें, बल्कि अपने खेत के एक हिस्से में नकदी फसलें यानी सब्जियां उगाना शुरू करें। शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, क्योंकि नई पद्धति से खेती करने का कोई पुराना अनुभव नहीं था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और अधिकारियों के भरोसे ने रुक्मणी के भीतर एक नया साहस फूंक दिया।विभागीय सलाह को अमली जामा पहनाते हुए रुक्मणी ने अपने खेत में वैज्ञानिक पद्धति से टमाटर, करेला और मिर्च की बुवाई कर दी। इस नई शुरुआत में उन्होंने तकरीबन 15 हजार रुपये की पूंजी लगाई। इसके बाद शुरू हुआ उनकी कड़ी मेहनत और विभाग की देखरेख का दौर। वे रोज सुबह अपने सपनों को खेतों में फलते-फूलते देखतीं।जल्द ही उनकी यह मेहनत रंग लाई। खेतों में लाल टमाटर और हरे-भरे करेले लहलहाने लगे। जब वे इस उपज को लेकर स्थानीय बाजार में पहुंचीं, तो उन्हें अपनी उम्मीद से कहीं बेहतर दाम मिले। महज कुछ महीनों की इस फसल से रुक्मणी को 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी हुई। यानी लागत निकालने के बाद भी मुनाफा दोगुने से ज्यादा था।इस मुनाफे ने न केवल रुक्मणी की जेब को मजबूती दी, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। परिवार की आर्थिक तंगी दूर हो गई और घर में खुशहाली ने दस्तक दी। रुक्मणी की इस चमत्कारी सफलता की महक धीरे-धीरे पूरे एड़का गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई। जो किसान पहले सब्जियों की खेती को जोखिम भरा मानते थे, वे अब रुक्मणी के पास आकर उन्नत खेती के गुर सीख रहे हैं। वे आसपास के गांवों के लिए एक श्रोल मॉडलश् बन चुकी हैं।अपनी इस कामयाबी पर चेहरे पर एक संतोषजनक मुस्कान लिए रुक्मणी नाग कहती हैं कि धान की पारंपरिक खेती से हमारी लागत भी नहीं निकल पा रही थी। लेकिन जब से मैंने उद्यानिकी फसलों को अपनाया, मेरी जिंदगी बदल गई। मैं किसानों के हित में सोचने वाली हमारी सरकार और किसान हितैषी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दिल से आभार मानती हूँ, जिनकी योजनाओं और विभागीय सहयोग के कारण मुझ जैसी एक आम महिला आज अपने पैरों पर खड़ी हो सकी है। मेरा तो यही मानना है कि अगर हम अपनी सोच बदलें और नई तकनीक अपनाएं, तो हमारी धरती वाकई सोना उगल सकती है।उद्यानिकी विभाग की इस मुहिम और रुक्मणी के अटूट जज्बे ने यह साबित कर दिया है कि बस्तर का किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि नए दौर का आत्मनिर्भर और प्रगतिशील व्यवसाई भी बन रहा है।
- -लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को मुख्यमंत्री का नमन: संविधान हत्या दिवस पर साझा किया विशेष वीडियो-कांग्रेस सरकार ने बंद की थी सम्मान निधि, हमारी सरकार ने बहाल कर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को दी नई गरिमा - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। वीडियो में आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर हुए प्रतिबंध, बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियों, प्रेस सेंसरशिप, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष तथा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संदेश को प्रमुखता से दर्शाया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचलते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया था। आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार हुआ। MISA जैसे दमनकारी कानूनों के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोकतंत्र के रक्षकों का साहस और संकल्प अडिग रहा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" घोषित किया जाना उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे नई पीढ़ी भारतीय लोकतंत्र के उस काले अध्याय को जान सकेगी और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अधिक जागरूक होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भी लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई सम्मान निधि को पुनः प्रारंभ करते हुए बकाया राशि का भुगतान किया गया तथा लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 पारित कर उनके सम्मान को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
- -भूपेश के पास कोई मुद्दा नहीं, किसानों को फसल परिवर्तन के लिए प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये दे रही साय सरकार-स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस को बोलने का नैतिक अधिकार नहींरायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।आपातकाल और लोकतंत्र के मुद्दे पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेशर्म वह पार्टी है, जो इतिहास की सच्चाई स्वीकार नहीं कर पाती। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है, इसलिए देश की नई पीढ़ी को यह जानना भी आवश्यक है कि इसी देश में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटते हुए आपातकाल थोपा था। उस दौर में लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वाले हजारों लोगों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डालकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र के संघर्ष, उसके महत्व और उसकी रक्षा के दायित्व को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक जीवन में उतारना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत दलहन और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सरकार इन फसलों की खरीद की भी प्रभावी व्यवस्था कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि उनके शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था घोटालों और अव्यवस्थाओं का प्रतीक रही। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, घोटालों और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का रहा है। इसके विपरीत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, किसानों के कल्याण और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। जनता अब तथ्यों और काम के आधार पर निर्णय ले रही है, इसलिए कांग्रेस के निराधार आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला।
- -'सत्ता के अहंकार में किया गया था लोकतंत्र का कत्ल, कांग्रेस की तानाशाही और अमानवीय क्रूरता का प्रतीकरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल को स्वाधीन भारत के इतिहास का सबसे कलंकित और काला अध्याय बताया है। श्री देव ने कहा कि आज से ठीक 51 वर्ष पहले, आज ही के दिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी सत्ता बचाने और अहंकार की तुष्टि के लिए देश के लोकतंत्र का गला घोंट दिया था।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि 25 जून की वह काली रात कोई भी भूल नहीं सकता, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश को एक विशाल कारागार में तब्दील कर दिया था। सत्ता के मद में चूर कांग्रेस ने रातो-रात देश के नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए। न्यायपालिका के पर कतर दिए गए और अभिव्यक्ति की आजादी को पूरी तरह कुचलकर मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी गई। कांग्रेस की तानाशाही का विरोध करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों, जनसंघ व विपक्ष के नेताओं सहित देश के लाखों राष्ट्रभक्तों को 'मीसा' और 'डीआईआर' जैसे काले कानूनों के तहत जेलों में ठूंस दिया गया। श्री देव ने कहा कि प्रतिपक्ष के दिग्गज नेताओं सहित लाखों निर्दोष नागरिकों को महीनों तक जेल की काल कोठरियों में बंद रखकर अमानवीय यातनाएँ दी गईं। परिवारों को तबाह कर दिया गया, लेकिन मां भारती के सच्चे सपूतों ने घुटने नहीं टेके।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कांग्रेस आज राजनीतिक ढोंग रचते हुए संविधान बचाने की दुहाई देती है, वास्तव में संविधान की आत्मा की हत्या करने का असली पाप उसी कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस का इतिहास सदैव बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बनाए संविधान को कमजोर करने और तानाशाही थोपने का रहा है। श्री देव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के उन सभी प्रहरियों और सेनानियों को कोटि-कोटि नमन करती है, जिन्होंने अमानवीय यातनाएँ सहकर भी देश में लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
- -परिवहन सचिव ने ली बस संचालको एवं अधिकृत वेंडरों की बैठकरायपुर / छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- -लखनपुर में शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत-मंत्री राजेश अग्रवाल ने साझा किए विद्यार्थी जीवन के अनुभव, लक्ष्य तय कर मन लगाकर पढ़ाई करने की दी प्रेरणारायपुर । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल आज लखनपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्प एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें अध्ययन सामग्री प्रदान कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया।अपने संबोधन में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बनकर देश एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यही तीनों किसी भी विद्यार्थी की सफलता का मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने तथा निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का भी विकास करें, जबकि अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है।मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन कर अपने विद्यालय, परिवार, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, शिक्षकगण, अभिभावक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नवप्रवेशी विद्यार्थियों के सम्मान और सामूहिक सहभागिता ने शाला प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण बना दिया।
- -गांधी स्टेडियम में जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चैम्पियनशिप का हुआ समापन- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को किया सम्मानित, खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साहरायपुर । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चैम्पियनशिप -2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संघर्ष करने का जज्बा भी सिखाते हैं। खेलों से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को पूरे समर्पण, ईमानदारी और खेल भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का वास्तविक उद्देश्य प्रतिभा को निखारना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने और प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।समापन समारोह में फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। बालिका वर्ग के फाइनल में सरगुजा बॉयलर्स ने सरगुजा फाइटर्स को पराजित कर खिताब अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग के फाइनल में सरगुजा लायंस ने सरगुजा ब्लैक पैंथर्स को हराकर चौम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया।जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का आयोजन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव उपलब्ध कराने और जिले में बास्केटबॉल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच श्री राजेश प्रताप सिंह, पूर्व खिलाड़ी एवं समाजसेवी श्री संजय अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री निशांत सिंह गोयल सहित खेल प्रेमी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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रायपुर। : छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा (बैच 2004) को बस्तर रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया है। उनकी नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं।जारी आदेश के अनुसार, बद्रीनारायण मीणा अब बस्तर रेंज में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
उनकी नियुक्ति को बस्तर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले IPS बद्रीनारायण मीणा दुर्ग रेंज के आईजी और एसएसपी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2004 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने बिलासपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के रूप में भी सेवाएं दी हैं। - -पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक-यूनेस्को विश्व विरासत सूची, लाइट एंड साउंड शो, बांस राफ्टिंग, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और सिरपुर महोत्सव को लेकर लिए गए कई अहम निर्णयरायपुर । छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए।यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।बैठक में श्री विवेक आचार्य, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, श्री धम्मशील गणवीर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार वनमंडल, श्री मयंक पाण्डेय वनमंडलाधिकारी, वनमंडल महासमुंद, श्री हेमंत रमेश नंदनवार, मुख्य कायर्पालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद, श्री रविकुमार साहू अपर कलेक्टर जिला महासमुंद, डॉ. एम. कालिमूथू, अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, रायपुर सर्कल, छ.ग., श्रीमती पूनम शर्मा, उपमहाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, श्री प्रमील कुमार वर्मा, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, पर्यटन विभाग, श्री सी. एल. देवांगन, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, जल संसाधन विभाग, श्री प्रभात सिंह, पुरातत्त्वविद, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर एवं श्री विजय परमार, पर्यटन अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे नवीन लोगो का विमोचन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे प्रेस वार्ता को संबोधितरायपुर /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है।उपहार वितरण समारोह में लक्की ड्रॉ के चयनित विजेताओं को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मंडल द्वारा आयोजित नवीन लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहेंगे ।कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी दोपहर 3:00 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। मंडल ने सभी लक्की ड्रॉ विजेताओं, हितग्राहियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित किया है।
- बिलासपुर/ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ 6 लाख रुपए की आपात निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर संचालनालय ने सभी निकायों को राशि हस्तांतरित कर दी है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही अप्रैल से जून के लिए यह राशि जारी की गई है।नगरीय प्रशासन विभाग ने मरम्मत-संधारण आपात निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 13 करोड़ 76 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 56 नगर पालिकाओं के लिए कुल 5 करोड़ 18 लाख रुपए जारी किए गए हैं। विभाग ने 124 नगर पंचायतों के लिए भी कुल 3 करोड़ 66 लाख रुपए जारी किए हैं।
- रायपुर। प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुधवार प्रधानमंत्री जी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर नवगठित प्रदेश स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई।जिसमें कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु दिशा निर्देश दिए गए व आगामी 28 जून को 135वाँ एपिसोड सभी बूथों में श्रवण करे उस पर दिशा निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मन की बात कार्यक्रम के प्रभारी प्रीतेश गांधी एवं प्रदेश सदस्य सुश्री मनीभास्कर गुप्ता, राजू महंत, भूपेंद्र नाग, अंकित जायसवाल, प्रखर मिश्रा, नितेश मिश्रा, राजू महंत प्रदेश उपस्थित रहे।
- पुराने 80 एमएलडी फिल्टर प्लांट क्षेत्र अंतर्गत पाईप लाईन लीकेज मरम्मत कार्य के कारण राजेन्द्र नगर, तेलीबांधा, श्यामनगर, शंकरनगर, खमतराई, भनपुरी, पुराना जलागार डंगनिया, गंज, गुढियारी जलागारो में आज 25 जून को संध्याकालीन जलप्रदाय व्यवस्था आंशिक प्रभावित रहेगीरायपुर/ भाठागांव रोड में दतरेंगा मोड पर 750 एमएम पाईप लाईन में लीकेज की जानकारी मिलते ही नगर निगम जलविभाग की टीम द्वारा संबंधित स्थल पर तत्काल पहुंचकर पाईप लाईन लीकेज मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया गया और स्थल पर शीघ्र पूर्ण कर लिया गया। इसके पूर्व आज सुबह 10 बजे रावणभाठा फिल्टरप्लांट 80 एमएलडी पुराने प्लांट से जलापूर्ति रोककर पाईप लाईन लीकेज मरम्मत का कार्य प्रारंभ करवाया गया।पाईप लाईन लीकेज मरम्मत कार्य के दौरान 80 एमएलडी पुराने फिल्टर प्लांट से संबंधित राजेन्द्र नगर, तेलीबांधा, श्यामानगर, शंकरनगर, खमतराई, भनपुरी, पुराना डंगनिया, गंज और गुढियारी जलागारो से संबंधित क्षेत्र में आज दिनांक 25 जून को संध्याकालीन जलापूर्ति आंशिक प्रभावित रहेगी। पाईप लाईन लीकेज का कार्य पूर्ण होते ही दिनांक 26 जून से प्रातःकालीन जलापूर्ति सामान्य रूप से प्रारंभ कर दी जायेगी।
- 0- ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि मैकमिलन साहू ने एमआईसी सदस्य खेम कुमार सेन, पार्षद श्रीमती सावित्री धीवर सहित नगर निगम जोन 9 के वार्ड 8 में भिन्न 7 स्थानों में लगभग 52 लाख रूपये की लागत से रोड, नाली, पाईप लाईन, गार्डन मरम्मत के विविध नए विकास कार्यों को शीघ्र करने किया भूमिपूजनरायपुर. रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन 9 अंतर्गत महात्मा गाँधी वार्ड क्रमांक 8 अंतर्गत विभिन्न 7 स्थानों में लगभग 52 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन विविध विकास कार्यों का भूमिपूजन रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू के निर्देश पर रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू ने नगर निगम एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, वार्ड पार्षद श्रीमती सावित्री धीवर, वार्ड के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, महिलाओं, रहवासी आमजनों और नगर निगम जोन 9 अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर किया.रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू ने जोन 9 के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृति अनुसार तत्काल नए विकास कार्य प्रारम्भ करवाते हुए सभी विकास कार्यों को सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरिके से पूर्ण करवाना जनहित में जनसुविधा विस्तार की दृष्टि से सुनिश्चित किया जाये.--
- 0- अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के लिए 3 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदनरायपुर. छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण एवं गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करने के उद्देश्य से “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” संचालित की जा रही है। योजना के तहत जिले के श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश शुल्क, शैक्षणिक शुल्क, गणवेश, पुस्तक-कॉपी, छात्रावास, भोजन एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर होने वाले समस्त व्यय का वहन मंडल द्वारा किया जाएगा। इस योजना का लाभ पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के उन बच्चों को मिलेगा जिन्होंने कक्षा 5वीं उत्तीर्ण कर ली है। विद्यार्थियों का चयन प्राप्त आवेदनों के आधार पर जिला स्तर पर मेरिट सूची के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।सहायक श्रमायुक्त श्री देवेन्द्र देवांगन ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा योजना का लाभ लेने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है तथा 3 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने निकटतम लोक सेवा केंद्र अथवा चॉइस सेंटर में भी आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।आवेदन के लिए निर्माण श्रमिक का जीवित पंजीयन कार्ड, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र, छात्र/छात्रा का आधार कार्ड, पूर्व कक्षा की उत्तीर्ण अंकसूची, वर्तमान कक्षा में अध्ययनरत होने संबंधी प्रमाण-पत्र तथा स्वघोषणा प्रमाण-पत्र आवश्यक हैं।अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए इच्छुक आवेदक जिला श्रम कार्यालय अथवा अपने निकटतम सीएससी/चॉइस सेंटर से संपर्क कर सकते हैं।
- 0- श्रीमती कमला मिश्रा का नहीं बना था राशन कार्ड, 06 घण्टे में ही बना कार्ड, पुत्र श्री आनंद मिश्रा ने दिया मुख्यमंत्री को धन्यवादरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में जनता की समस्याओं का एक कॉल में समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर संपर्क कर रहे हैं और उनका जल्द निराकरण भी हो रहा है। रायपुर जिले की ग्राम मांढर निवासी श्रीमती कमला मिश्रा का राशन कार्ड कॉल करने के मात्र 6 घण्टे के भीतर ही बनकर मिल गया। उन्हें संबंधित विभाग ने स्वयं संपर्क कर उनके घर राशन कार्ड प्रदान किया।श्रीमती कमला मिश्रा के पुत्र श्री आनंद मिश्रा ने बताया कि उन्होंने राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन किया था मगर नहीं बन पाया था। तभी उन्होंने मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैण्डल के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी 09 जून को मिली। जिसके अगले दिन श्री मिश्रा ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर अपने माता जी के राशन कार्ड नहीं बनने की समस्या बताई, जिसके बाद उन्हें यूनीक टोकन नंबर प्राप्त हुआ। कॉल करने के करीब 6 घण्टे के भीतर उन्हें विभाग के अधिकारियों ने राशन कार्ड बनने की जानकारी दी और कार्ड प्रदान किया ।श्री मिश्रा कहते हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 हमारी समस्या के समाधान के लिए उपयुक्त माध्यम है। इससे हमारी छोटी समस्याओं का समाधान हो रहा है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया।
- 0- निःशुल्क मरम्मत सेवा से फिर सुचारू हुआ बैटरी चालित ट्रायसिकलरायपुर. समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित संबल केंद्र, रायपुर द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरणों की मरम्मत की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में भाठागांव निवासी दिव्यांग हितग्राही श्रीमती सुरेखा रगेनकर को संबल केंद्र की सहायता से उनके बैटरी चालित ट्रायसिकल की मरम्मत कर पुनः उपयोग योग्य बनाया गया है।श्रीमती रगेनकर अपने दैनिक आवागमन एवं आवश्यक कार्यों के लिए बैटरी चालित ट्रायसिकल का उपयोग करती हैं। साथ ही वे जिला न्यायलय रायपुर परिसर में संचालित "दिव्यांग टी एक्सप्रेस" में कार्यरत हैं इस कार्य से उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है जिससे वे अपने परिवार के भरण - पोषण में योगदान भी दे रही हैं | ट्रायसिकल खराब हो जाने के कारण उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। जानकारी मिलने पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र से संपर्क किया।संबल केंद्र के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा ट्रायसिकल का परीक्षण कर उसमें आई तकनीकी खराबियों की पहचान की गई। आवश्यक मरम्मत कार्य करते हुए चार्जिंग सॉकेट, ब्रेक एवं वायरिंग संबंधी समस्याओं को दूर किया गया, जिसके बाद ट्रायसिकल को पुनः सुचारू रूप से संचालित करने योग्य बना दिया गया।ट्रायसिकल के पुनः चालू होने से श्रीमती रगेनकर को आवागमन संबंधी समस्याओं से राहत मिली है। उन्होंने बताया कि अब वे अपने दैनिक कार्य स्वतंत्र रूप से कर पा रही हैं। उन्होंने निःशुल्क मरम्मत सुविधा के लिए समाज कल्याण विभाग एवं संबल केंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया।
- बिलासपुर. राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी के जीवनदीप समिति की बैठक संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में 3 जुलाई को दोपहर 12 बजे से राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी के सभाकक्ष में होगी। बैठक में संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
- 0- शिकायत के दूसरे ही दिन मिला खाद, किसान ने कहा अब सुनी जाती है हमारी बातबिलासपुर. कभी-कभी एक छोटी सी पहल किसी व्यक्ति की बड़ी समस्या का समाधान बन जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना ने ग्राम घुटकू के किसान परिवार के लिए ऐसा ही भरोसा जगाया है। समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान किसान की समस्या का समाधान महज एक दिन में हुआ और उसके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।ग्राम घुटकू निवासी नरेंद्र कौशिक अपने चाचा दिलीप कौशिक के साथ कई दिनों से घुटकू सेवा सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे थे। दिलीप कौशिक एक छोटे किसान हैं और खरीफ सीजन की तैयारी के लिए उन्हें यूरिया खाद की आवश्यकता थी। लेकिन हर बार सोसायटी पहुंचने पर उन्हें आज नहीं, कल आना कहकर लौटा दिया जाता था। लगातार चक्कर लगाने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही थी। खेत की तैयारी प्रभावित हो रही थी और परिवार चिंता में था। इसी दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा (1076) शुरू हुई। योजना के प्रति जागरूक नरेंद्र कौशिक ने 10 जून को खाद नहीं मिलने की शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत दर्ज होते ही प्रशासन और कृषि विभाग सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और अगले ही दिन दिलीप कौशिक को सोसायटी से 6 बोरी यूरिया खाद उपलब्ध करा दी गई।समस्या का त्वरित समाधान होने से किसान परिवार बेहद खुश है। नरेंद्र कौशिक बताते हैं कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी शिकायत पर इतनी जल्दी कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों की समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी पूरे मामले में सक्रिय सहयोग प्रदान किया और यह सुनिश्चित किया कि किसान को समय पर आवश्यक खाद मिल सके। इस बीच कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्वयं किसान नरेंद्र कौशिक से दूरभाष पर चर्चा कर उनकी समस्या के समाधान की जानकारी ली। उन्होंने नरेंद्र की सराहना करते हुए कहा कि हेल्पलाइन में अपनी बात रखना एक जागरूक नागरिक होने का परिचायक है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है जब आम नागरिक अपनी समस्याओं को सामने रखें और प्रशासन उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना की यह कहानी दर्शाती है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और नागरिक जागरूक हों, तब समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। यह पहल न केवल शिकायतों के निराकरण का माध्यम बन रही है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास की नई डोर भी मजबूत कर रही है।
- 0- सीएमएचओ ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशबिलासपुर. आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर जिले में संक्रामक रोगों के प्रकोप और मौसमी बीमारियों से आम जनता को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। सीएमएचओ ने पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। वर्षा ऋतु में उल्टी-दस्त, आंत्रशोथ, पीलिया और वेक्टर जनित बीमारियों (जैसे मलेरिया) के फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है। जिसे रोकने के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महामारी नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के प्रभारी व जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी (मोबाइल नं. 87706-64365) और डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट श्री पंकज सिंह (मोबाइल नं. 75870-38622) के नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके साथ ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए गठित रैपिड रिस्पांस टीम को पुनः सक्रिय कर वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।दवाइयों के प्रबंधन को लेकर सीएमएचओ ने निर्देश दिया है कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, ओ.आर.एस. पैकेट, एंटीबायोटिक्स, मेट्रानिडाजोल, एंटी एमेटिक्स, एंटी मलेरियल्स, आई.वी. फ्लूइड्स के साथ-साथ एंटी स्नेक वीनम (सांप काटने की दवा) और एंटी रेबीज सीरम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओ.आर.एस. कॉर्नर बनाए जाएंगे। जल जनित संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों की पहचान और मानचित्रीकरण कर नियमित जलशुद्धिकरण के निर्देश दिए गए हैं। कुओं में आम दिनों में सप्ताह में एक बार और प्रकोप की स्थिति में प्रतिदिन ब्लीचिंग पाउडर डाला जाएगा। इसके अतिरिक्त पीएचई विभाग के सहयोग से खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराकर उनमें क्लोरीन की गोली या लिक्विड डाला जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी नगरीय निकायों के माध्यम से पेयजल की पाइप लाइनों का निरीक्षण कर टूट-फूट को तत्काल सुधारा जाएगा ताकि गंदे पानी से प्रदूषण न हो। बीमारी के फैलने के कारणों को खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आम जनता को जागरूक किया जाएगा कि वे सड़ी-गली सब्जियां, कटे हुए फल, बासी मांस या मछली का सेवन न करें। बाजार में ऐसी दूषित सामग्रियों की बिक्री पाए जाने पर उन्हें तत्काल नष्ट कराया जाएगा और दुकानदारों को खाद्य सामग्रियों को अनिवार्य रूप से ढककर बेचने की हिदायत दी गई है।संक्रामक रोगों की त्वरित सूचना के लिए आईएचआईपी, आईडीएसपी मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिससे ग्रामीण स्तर पर बीमारी फैलते ही तुरंत इवेंट अलर्ट जारी हो सके। इसके लिए सभी आर.एच.ओ. और ए.एन.एम. को इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट एवं मोबाइल दिए गए हैं। बीमारी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थापित स्टेट रेफरल लेबोरेटरी में सैंपल भेजकर जांच कराई जाएगी। जिला एवं विकासखंड स्तर पर संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के गांवों का सतत भ्रमण कर पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।


























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