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- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र का दीक्षांत समारोह सम्पन्नरायपुर । इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली का मंगलवार को 37वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र रायपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे। डॉ. चंदेल ने इग्नू के क्षेत्रीय केन्द्र से विभिन्न पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले 1545 विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट प्रदान किये। इस अवसर पर डॉ. चंदेल ने विद्यर्थियों से आव्हान किया कि वे अपनी प्रतिभा एवं सामर्थ्य का उपयोग राष्ट्र के निर्माण हेतु करें। दीक्षांत समरोह में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र रायपुर की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हेलन संगीता मांझी, सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बिजय कुमार साहू तथा सहायक कुलसचिव श्री पी.के. दास भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मूक्त विश्वविद्यालय की स्थापना 1985 में की गई थी जहां से प्रति वर्ष हजारो विद्यार्थी मुक्त/दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं।
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स्मार्ट मीटर से मोबाइल पर जान सकेंगे हर पल की बिजली खपतरायपुर, । प्रदेश के उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 60 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। पहले चरण में शासकीय विभागों में स्मार्ट मीटर लगाने की शुरूआत मंगलवार को पॉवर कंपनी के डंगनिया स्थित मुख्यालय में की गई। स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता अपने घर में हो रही बिजली खपत की जानकारी हर पल मोबाइल एप के जरिये जान करेंगे, जिससे वे अधिक खपत दिखने पर अनावश्यक उपकरण बंद करके बिजली की बचत कर सकेंगे। स्मार्ट मीटर की स्थापना के लिए उपभोक्ताओं से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्यालय में आयोजित समारोह में पहले चरण में तीन स्मार्ट मीटर लगाए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (संचारण-संधारण) श्री भीमसिंह कंवर ने कहा कि केंद्र सरकार की आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के तहत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। रायपुर ग्रामीण व रायपुर शहर परिक्षेत्र में टाटा पॉवर को स्मार्ट मीटर लगाने व 10 साल तक उनके संधारण का कार्य दिया गया है।इस मौके पर आरईसी के सीपीएम श्री प्रदीप फैलोज, टाटा पॉवर के डॉयरेक्टर सुरणजीत मिश्रा, सीईओ संदीप धमीजा सहित पॉवर कंपनी के मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) श्री राजेंद्र प्रसाद सहित वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता को मीटर रीडिंग तथा बिलिंग संबंधी शिकायतों से निजात मिलेगी। उन्हें वास्तविक उपयोग के आधार पर सटीक व समय पर बिलिंग की सुविधा प्राप्त होगी। वे घर बैठे मोबाइल एप के माध्यम से अपनी खपत रीयल टाइम निगरानी कर सकेंगे, जिससे वे बिजली की बचत कर पाएंगे। वर्तमान मीटर में उपभोक्ता को महीने के अंत में अपनी खपत तथा बिल प्राप्त होता है, स्मार्ट मीटर लगने उन्हें प्रति दिन इसका आकलन हो सकेगा।पहले चरण में शासकीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, दूसरे चरण में घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर की स्थापना की जाएगी। योजना के आरंभ में उपभोक्ताओं को पहले से रिचार्ज नहीं कराना होगा, जब स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब उपभोक्ताओं को घर बैठे रिचार्ज की सुविधा प्रदान की जाएगी। उपभोक्ता अपनी जरूरत के मुताबिक मोबाइल की तरह बिजली के लिए प्री-पैड रिचार्ज करा सकेंगे। पॉवर कंपनी को स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी, लाइन लॉस का सही आकलन हो सकेगा, जिससे इस पर रोक लगाई जा सकेगी। स्मार्ट मीटर होने से बिजली सब-स्टेशन में इस बात का भी संकेत मिल सकेगा कि किस क्षेत्र में फाल्ट आ गया है, उसे सुधारने त्वरित गति से अमला भेजा जा सकेगा।अधिकारियों ने बताया कि तीन स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। पहला स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के पुराने मीटर को बदल कर लगाया गया। दूसरा मीटर उसके ट्रांसफार्मर में और तीसरा मीटर उस क्षेत्र के फीडर में लगाया गया। इस तरह तीन स्तर पर में बिजली की खपत की जानकारी होगी, जिससे उस क्षेत्र के वास्तविक लोड एवं पीक डिमांड का सही आकलन किया जा सकेगा। इससे विद्युत प्रबंधन में सुविधा होगी।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक सर्वश्री वीके साय, संजय पटेल, आरए पाठक, जेएस नेताम, अशोक कुमार वर्मा, आरके शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीस ने किया। - -श्री साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिन के अवसर पर किया गया आयोजन-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देश पर सामुदायिक भागीदारी से भोजन को अधिक पोषक बनाने की पहल-भोजन पश्चात् बच्चों ने विधायक को दिया धन्यवादरायपुर / ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने मंगलवार को अपने विधानसभा क्षेत्र ग्राम पंचायत टेमरी स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के बच्चों संग न्योता भोज दिया विधायक श्री साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिन के एक दिन पूर्व आज स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज कर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की अग्रिम शुभकामना प्रेषित किया। गौरतलब है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कल 21 फरवरी को जन्म दिवस है। विधायक श्री साहू ने बच्चों को स्वयं भोजन परोसा एवं उनके बीच चटाई पर बैठकर भोजन भी किया । भोजन के दौरान विधायक ने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए बच्चों को पौष्टिक भोजन के लाभ और शिक्षा ग्रहण के महत्व पर बात करते दिखे। स्कूली बच्चे अपने बीच अपने विधायक को भोजन परोसते और भोजन ग्रहण करते देख काफ़ी उत्साहित रहें।इस अवसर पर श्री साहू ने विद्यालयीन विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि तथा सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है।विधायक श्री मोतीलाल ने आगे कहा कि अगर बच्चे पौष्टिक भोजन करेंगे तो उनके शारीरिक एवं बौद्धिक विकास में सकारात्मक गति मिलेगी और शरीक तथा मानसिक रूप से मज़बूत बच्चे शिक्षा में अग्रणी रहेंगे हमारे बच्चे शिक्षा में अग्रणी रहेंगे तब प्रदेश एयर देश का भविष्य भी अग्रणी रहेगा। न्योता भोजन की अवधारणा सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन, स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं अथवा अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकेंगे।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देश से यहाँ प्रत्येक स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को सामुदायिक भागीदारी की बदौलत और अधिक पोषक बनाने की पहल प्रारंभ हो गई है।
- -धान की सीधी बुआई तकनीक पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं कृषक सम्मान समारोह सम्पन्नरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, फिलिपींस एवं बायर क्रॉप साइंस लिमिटेड के सहयोग से मंगलवार को यहां धान की सीधी बुवाई तकनीक पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं कृषक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कृषि महाविद्यालय रायपुर के संगोष्ठी कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कृषकों तक धान की सीधी बुवाई हेतु उन्नत तकनीकी जैसे नई मशीनों से बुवाई, खरपतवार प्रबंधन की नवीन विधियां, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समुचित जल प्रबंधन के माध्यम से संसाधनों का सही उपयोग करते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया कि धान की सीधी बुआई तकनीक से लगभग 25 प्रतिशत सिंचाई जल की बचत होती है, प्रति हेक्टेयर लागत में लगभग 6 हजार रूपये की कमी आती है और यह तकनीक पर्यावरण अनुकूल होने के साथ ही मृदा संरक्षण को बढ़ावा देती है।इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान फिलीपींस के वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार समन्वयक उड़ीसा डी.एस.आर. इरी प्रोजेक्ट, ने अपने संबोधन में डी.एस.आर. की सक्सेस स्टोरी एवं उड़ीसा में उसके सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बारे में बताया साथ ही बायर क्रॉपसाइंस के वैज्ञानिक एवं अधिकारियों ने भी अपने उद्बोधन में धान की सीधी बुवाई में नए प्रयोग एवं भविष्य में आने वाले नए उत्पाद एवं प्रजातियां जो कि अधिक किसानोपयोगी है के बारे में विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा एवं निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा उपस्थित थे। डॉ. विवेक त्रिपाठी संचालक अनुसंधान सेवाएं ने अपने उद्बोधन में कृषकों को सीधी बुआई तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर इसके अंतर्गत रकबा बढ़ाकर उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. वर्मा एवं डॉ. टुटेजा ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे।तकनीकी सत्र में पांच विषय विशेषज्ञों द्वारा उद्बोधन दिया गया जिसमें डॉ. अशोक कुमार, डॉ. एस. बी. वेरुलकर, डॉ. आरके नायक, डॉ. सुधांशु मिश्रा एवं डॉ. संजय द्विवेदी ने डीएसआर के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एस. चितले ने भी अपने विचार रखे। उपरोक्त कार्यक्रम में 10 कृषकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। कृषकों ने खेती से संबंधित अपनी समस्याओं से भी अवगत कराया तथा इसका निदान वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजय द्विवेदी आयोजन सचिव द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजन डॉ. जी. के. श्रीवास्तव विभागाध्यक्ष, सस्यविज्ञान सहित बड़ी संखया में कृषि वैज्ञानिक तथा प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे। कार्यशाला के पश्चात कृषकों द्वारा प्रक्षेत्र भ्रमण किया गया जिसमें उन्हें विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी दी गयी।
- रायपुर / रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य की महिलाओं को दी गई गारंटी को पूरा करने में जुट गए हैं। इसी के परिणाम है कि महतारी वंदन योजना के फॉर्म भरने के अंतिम दिन जिले के सभी केंद्रों में महिलाओं की भारी भीड़ रही और उत्साह के साथ सभी ने अपना फॉर्म जमा किया। महिलाओं ने बताया कि हर महीने उन्हें योजना के तहत एक हजार रूपए उनके खाते में दिए जाएंगे, इसी प्रकार एक वर्ष में उन्हें 12 हजार रूपए मिलने वाले है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी बताया कि वह कैसे इस योजना के माध्यम सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनने वाली है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के तहत् आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 की शाम 6 बजे तक निर्धारित की गई। फॉर्म जमा करने की आखिरी तिथि पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।शास्त्री बाजार में रहने वाली श्रीमती अनुराधा समुंद्रे ने बताया कि हर महीने एक हजार रुपए देने वाली राज्य सरकार की यह योजना सराहनीय है। इससे महिलाओं को बल मिलेगा और वह आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। उनकी एक छोटी सी दुकान है और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से वह अपनी दुकान में ज्यादा से ज्यादा समान रख सकेंगी, जिससे कि उनके व्यवसाय को बढ़त मिलेगी। उनके पति श्री करन समुंद्रे ने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के लिए हितकारी बताया और कहा कि इस योजना से लाभान्वित होने वाली महिलाओं के जीवन में बहुत ही सकारात्मक बदलाव आएगा। इस राशि से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकेंगी।नेहरू नगर, चांदनी चौक निवासी कु. डॉली देवांगन बताती है कि वह अपनी पड़ोस में रहने वाली अफसाना परवीन का फॉर्म जमा करने आई है। अफसाना परवीन चलने में असमर्थ है जिसके चलते उनकी पड़ोसी डॉली उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने सहायता कर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली यह राशि से उन्हें सहायता मिलेगी और उनके परिवार के पालन पोषण में सहायक साबित होगी।राजीव आवास में रहने वाली कु. त्रिशला बघेल ने बताया कि वह अपनी बड़ी मां श्रीमती रश्मि सेंद्रे के लिए महतारी वंदन योजना का फॉर्म भरने आई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना उनके लिए मददगार साबित होगी क्योंकि वह इस राशि से सिलाई मशीन खरीदेंगी और अपनी आमदनी बढ़ाएंगी।
- हाईवा, जेसीबी जप्त कर 3.34 लाख से अधिक का जुर्मानाबिलासपुर /खनिज अमला द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। विभिन्न माध्यमों से शिकायत अथवा सूचना प्राप्त होने पर 17 फरवरी से 20 फरवरी तक खनिजों के अवैध उत्खनन/भण्डारण/परिवहन के कुल 03 मामलों पर कार्रवाई की गई।लछनपुर कछार एवं मस्तुरी क्षेत्रों में जांच के दौरान अवैध रेत भण्डारण के चार प्रकरणों पर 2 फरवरी को नोटिस जारी किया गया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए 03 प्रकरणों में अर्थदण्ड/समझौता राशि रू. 2 लाख 54 हजार जमा कराया गया है तथा 01 प्रकरण में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सरपंच, ग्राम पंचायत रहंगी को शासकीय निर्माण कार्य में खनिज मुरूम के उपयोग हेतु अनुमति दी गई थी, किन्तु उनके द्वारा मुरूम अन्यत्र बिक्री करते हुए पाये जाने पर अवैध मुरूम उत्खनन का प्रकरण दर्ज करते हुए 02 हाईवा जप्त कर थाना चकरभाठा में सुरक्षार्थ रखा गया है तथा अर्थदण्ड/ समझौता राशि अस्सी हजार दो सौ रूपये जमा कराया गया है।इसके अतिरिक्त ग्राम बेलमुण्डी क्षेत्र में जांच के दौरान अवैध मुरूम उत्खनन के प्रकरण दर्ज करते हुए 01 हाईवा एवं 01 जेसीबी जप्त कर थाना सकरी में सुरक्षार्थ रखा गया है तथा ग्राम गनियारी क्षेत्र में अवैध मुरूम परिवहन के प्रकरण दर्ज करते हुए 01 हाईवा जप्त कर थाना संकरी में सुरक्षार्थ रखा गया है।जप्त खनिजमय वाहनों पर खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। खनिज अमला द्वारा रेत उत्खनन हेतु प्रतिबंधित क्षेत्रों का भी सतत निरीक्षण किया जा रहा है। उक्त क्षेत्र से यदि अवैध रेत उत्खनन/ परिवहन के मामले दर्ज होने पर पुनः एफआईआर अथवा न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया जावेगा।
- दुर्ग /शालेय, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में परीक्षा कार्यक्रम को दृष्टिगत रखते हुए रात्रि 10ः00 बजे से प्रातः 6ः00 बजे के मध्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु ध्वनि प्रदुषण विनिमय एवं नियंत्रण नियम के अनुसार यह आदेश जारी किया है। रात्रि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों तथा किसी भी स्त्रोत से निकाली गई इस प्रकार की ध्वनि प्रदूषण जो अध्ययन एवं अन्य कार्य में विध्न डालती है या जिससे ऐसा विध्न पड़ने की संभावना है। इसे 30 जून तक के लिए संपूर्ण जिले में प्रतिबंधित किया गया है। इस अवधि में किसी भी परिस्थिति में रात्रि 10ः00 बजे से प्रातः 6ः00 बजे के मध्य इन यंत्रों के उपयोग के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। इस अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रतिबंधित समय पर उपयोग किए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने बालोद जिले में टीबी के मरीजों की सहायता के लिए बनाए गए निक्षय मित्रों के सहयोग से जिले में टीबी से ग्रसित मरीजों का समुचित ईलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे की बालोद जिले के शत प्रतिशत टीबी रोगियों को ठीक कर बालोद जिले से टीबी बीमारी का उन्मूलन किया जा सके। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष मेें आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने जिले में निक्षय मित्रों के द्वारा टीबी के मरीजों की स्थिति में सुधार लाने हेतु किए जा रहे उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में टीबी के मरीजों की समुचित उपचार एवं देखभाल तथा इसकी रोकथाम हेतु किए गए उपायों के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने जिला मुख्यालय बालोद में स्थित कला केंद्र एवं जिला ग्रंथालय के गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इसके सफल संचालन हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने कृष्ण कुंज परिसर बालोद में स्थित चैपाटी को जरूरी सुविधाओं से युक्त कराने हेतु किए जा रहे निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को चैपाटी में चल रहे निर्माण कार्योंं को शीघ्र पूरा कर चैपाटी को आम लोगों के लिए तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने दल्लीराजहरा में 100 बिस्तर वाले शासकीय अस्पताल प्रारंभ करने के कार्य की प्रगति के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल प्रारंभ करने हेतु जरूरी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक मंे कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए इसका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में आज कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चन्द्राकर, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, गन्ना फैक्ट्री के प्रबंध संचालक श्री आरके राठिया एवं मछली पालन विभाग के सहायक संचालक के द्वारा विभागीय योजनाओं को हासिल करने के लिए उनके विभाग के द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य एवं उपलब्धि के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चन्द्राकर ने जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सुकड़ीगुहान में निवासरत् विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोगों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने कमार जनजाति के महिलाओं का महतारी वंदन योजना के अंतर्गत भराए गए कुल फाॅर्म, मतदाता पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र बनाने आदि कार्य के संबंध में जानकारी दी। इसी तरह शक्कर कारखाना करकाभाट के प्रबंध संचालक श्री आरके राठिया ने शक्कर कारखाना में गन्ने की समुचित आपूर्ति हेतु गन्ना किसानों के क्षेत्र विस्तार आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसी तरह मछली पालन विभाग के सहायक संचालक के द्वारा जिले के कुल पंजीकृत मछुआरों के कल्याण हेतु राज्य पोषित योजना आदि के संबंध में जानकारी दी गई। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के द्वारा अपने विभाग विभिन्न गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गई।
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रायपुर. सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवेन्द्र प्रताप सिंह मंगलवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गये। राज्य विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा ने बताया कि नामांकन वापस लेने की समय सीमा आज दोपहर समाप्त हो गई और एकमात्र रिक्त पद के लिए भाजपा उम्मीदवार को निर्विरोध चुना गया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और पार्टी विधायकों की उपस्थिति में सिंह ने शर्मा से अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ के पांच राज्यसभा सदस्यों में से भाजपा की वरिष्ठ नेता सरोज पांडे का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। चार अन्य राज्यसभा सदस्य कांग्रेस के केटीएस तुलसी, फूलोदेवी नेताम, रंजीत राजन और राजीव शुक्ला हैं। सिंह पूर्ववर्ती गोंड आदिवासी शाही परिवार के वंशज हैं। वह रायगढ़ जिले के लैलूंगा से जिला पंचायत सदस्य हैं।
पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि सिंह रेल मंत्रालय की रेलवे हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं। सिंह शास्त्रीय नृत्य और संगीत के संरक्षक दिवंगत राजा चक्रधर सिंह के परपोते हैं। राज्य विधानसभा में सत्ताधारी भाजपा के 54 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 35 विधायक हैं। विधानसभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक सदस्य है। राज्यसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। - बालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नोजे ने सोमवार 19 फरवरी को जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाआंे के अंतर्गत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हांेने जिले के ग्राम पंचायत हर्राठेमा, मुल्लेगुड़ा, कमरौद एवं मालगांव मंे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत चल रहे निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ आवासों का निरीक्षण किया। इस दौरान डाॅ. कन्नोजे ने अप्रारंभ आवासो को यथाशीघ्र प्रारंभ करने तथा निर्माणाधीन आवासों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने वहाँ जलजीवन मिशन अंतर्गत नल-जल कनेक्शन एवं महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के आॅनलाईन एण्ट्री एवं सत्यापन के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों से भी चर्चा की।
- -आवेदनों के सत्यापन के बाद दावा आपत्ति ली जाएगी-दावा आपत्ति के बाद अंतिम सूची होगी जारी-प्रथम चरण के बाद अगले चरण में आवेदन करने का फिर मिलेगा अवसररायपुर / महतारी वंदन योजना के प्रथम चरण में 20 फरवरी को शाम 6 बजे के बाद आवेदन लेने का सिलसिला थम जाएगा। आवेदनों के सत्यापन के उपरांत जल्द ही अनंतिम सूची जारी की जाएगी। अनंतिम सूची जारी करने के बाद दावा आपत्ति भी ली जाएगी। दावा आपत्ति के निराकरण के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। पहले चरण में जितने भी आवेदन आएंगे, उनके सत्यापन के बाद प्रथम बार डीबीटी के माध्यम से आधार लिंक बैंक खातों में मार्च माह की राशि, मार्च माह में ही अंतरित की जाएगी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की छत्तीसगढ़ की जनता को दी गई गारंटी पूरी करने जा रही है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ की पात्र विवाहित महिलाओं के खाते में प्रति माह एक हजार रूपए, इस प्रकार साल में 12 हजार रूपए अंतरित किए जाएंगे।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक 70 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके है। महतारी वंदन योजना के प्रथम चरण में आवेदनों के प्राप्त होने के साथ-साथ सत्यापन की कार्यवाही भी की जा रही है। प्रथम चरण के बाद फिर से अगले चरण में पात्र हितग्राहियों को आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह प्रक्रिया सतत् चलती रहेगी। file photo
- रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने साझा की निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी जानकारीरायपुर / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि निर्वाचन की सफलता रिटर्निंग अधिकारियों की समन्वय क्षमता पर निर्भर करती है। निर्वाचन कार्य को पूरा करने के लिए विभिन्न स्तर पर टीम काम करती है और इन टीमों के बीच बेहतर समन्वय ही सफलता का आधार है। उन्होंने लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के लिए रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी.एस. ध्रुव सहित सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी आज प्रशिक्षण में शामिल हुए।निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के पाँच दिवसीय सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन आज निर्वाचन के दौरान एआरओ के दायित्वों तथा उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आदर्श आचरण संहिता, अभ्यर्थियों की योग्यता एवं अयोग्यता, नामांकन की प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जाँच, आपराधिक रिकार्ड की जानकारी, पोस्टल बैलेट, व्यय निगरानी, पेड न्यूज, मीडिया की शिकायतें, मीडिया निगरानी समिति जैसे सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) द्वारा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के सर्टिफिकेशन कार्यक्रम में आज सूचना प्रौद्योगिकी के निर्वाचन प्रक्रिया में बढ़ते उपयोग तथा निर्वाचन के दौरान इस्तेमाल में आने वाले विभिन्न एप्लीकेशनों की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को मोबाइल एप्लीकेशन निर्वाचन कार्य को किस प्रकार सुगम और अधिक पारदर्शी बना रहे हैं, इसके बारे में बताया गया।नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर श्री के.आर.आर. सिंह, श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री उज्जवल पोरवाल, श्री श्रीकांत वर्मा, श्री प्रणव सिंह, श्री पुलक भट्टाचार्य और श्रीमती गीता दीवान सहित उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनय अग्रवाल एवं श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो तथा सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रूपेश वर्मा द्वारा निर्धारित विषयों पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को निर्वाचन की बारीकियों के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें सर्विस वोटर पोर्टल, ऑब्जर्वर पोर्टल, ईएमएस जैसे कई पोर्टल्स के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
- -पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित है मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर-सीएचसी उदयपुर से ड्रोन से ब्लड सैम्पल एवं ओटी कल्चर जांच के लिए पहुंचाया गया मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर-आपातकालीन स्थिति में मरीजों को मिलेगी तत्काल सहायतारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में ड्रोन के माध्यम से दवाओं एवं ब्लड सेम्पल के परिवहन का अभिनव प्रयोग शुरू कर दिया गया है। 19 फरवरी सोमवार को ड्रोन के जरिए ब्लड सेम्पल एवं ओटी कल्चर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर से जांच के लिए ड्रोन के माध्यम से सफलता पूर्वक अंबिकापुर स्थित राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचाया गया।गौरतलब है कि भारत सरकार के पायलेट प्रोजेक्ट यूज ऑफ ड्रोन टेक्नॉलॉजी इन हेल्थ सर्विस डिलीवरी से देश की दूरदराज के इलाकों में लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके लिए स्वास्थ्य केन्द्र चिन्हित किए गए है। इस पायलेट प्रोजेक्ट में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भी चयन हुआ है।चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर द्वारा इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत 19 फरवरी ड्रोन के माध्यम से ब्लड सेम्पल और ओटी कल्चर के परिवहन का पहला सफल ट्रायल किया गया। मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से 40 किलोमीटर दूर स्थित उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से ड्रोन के माध्यम से जाँच हेतु ब्लड सैम्पल एवं ओटी कल्चर हेतु सैंपल ड्रोन से महाविद्यालय मंगाये गये।छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा एवं बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित कई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों ऐसे है जहां की लैब में कई प्रकार की जांच की सुविधा नही है। जांच के लिए सेम्पल निकटतम रेफरल सेंटर्स में भेजना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ड्रोन सुविधा मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है। ट्रायल परीक्षण में ड्रोन को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर से उदयपुर पहुचने मे 30 मिनट का समय लगा, जहां उदयपुर के झिरमिटी स्टेडियम ग्राउंड मे उसका सफल लैडिंग कराया गया। इनके द्वारा 15 मिनट के अंदर ब्लड सैपल जिसका वजन लगभग 600 ग्राम था, ड्रोन मे लोड किया गया व वापस ड्रोन को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर भेज दिया गया।इस प्रोजेक्ट हेतु दो स्व-सहायता समूह की ड्रोन दीदीयों को, ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग हेतु दिल्ली भेजा गया था। जिसमें से सैंपल लोडिंग एवं अनलोडिंग के कार्य हेतु एक ड्रोन दीदी को उदयपुर एवं एक ड्रोन दीदी अम्बिकापुर के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर राज्य के समस्त जिलों में इसे लागू किया जायेगा। दूरस्थ इलाके से भर्ती मरीज को तत्काल जांच एवं सैपल रिपार्टिग की जानकारी वायु परिवहन के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराना सरगुजा जिले के लिए एक वरदान साबित हो सकती है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को राहत देने बड़ा निर्णय लिया है। हितग्राहियों को लीज वाले स्थलों से छोटी गाड़ी में अपने पीएम आवास के निर्माण में इस्तेमाल हेतु रेत ले जाने की छूट प्रदान की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रेत लीज वाले स्थलों से छोटी गाड़ी में अपने आवास के निर्माण हेतु रेत ले जाने पर किसी तरह की रायल्टी नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री के निर्णय की घोषणा विधानसभा में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि बीते पांच सालों में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास नहीं बने। अब 18 लाख आवास बन रहे हैं। हितग्राही अपने मकान का काम जल्द पूरा कर सकें। इसके लिए हितग्राही प्रधानमंत्री आवास हेतु रेत लीज वाले स्थलों से छोटी गाड़ी से रेत ले जा सकेंगे।उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर में 18 लाख से अधिक आवास मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने स्वीकृत किये हैं। इनका निर्माण कार्य आरंभ हो गया है। निर्माण कार्यों में किसी तरह की असुविधा हितग्राहियों को न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने यह बड़ा निर्णय लिया है।
- -अनुशासन से ही लक्ष्यों की होगी प्राप्तिरायपुर / विद्यार्थी जीवन में अनुशासन जरूरी है। अनुशासन से ही हमें ज़िंदगी में सफलता की राह मिलती है। जब हम लक्ष्य तय करते हैं, तो अनुशासन ही हमें उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन ने आज शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में कहीं ।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अनुशासन हमें अपने समय का सदुपयोग करने में मदद करता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम अपना समय ज़रूरी कामों में लगाते हैं और व्यर्थ की गतिविधियों में समय बर्बाद नहीं करते हैं।अनुशासन हमारी एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और आसानी से विचलित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं। अनुशासन हमें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में मदद करता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, स्वस्थ भोजन करते हैं और पर्याप्त नींद लेते हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि याद रखें, अनुशासन एक आदत है, इसे बनाने में समय लगता है। यह एक ऐसी आदत है जो आपको ज़िंदगी में सफलता प्राप्त करने में मदद करेगी। कॉलेज के दिन आपके जीवन के सबसे यादगार दिनों में होंगे। अनुशासन के साथ, आप इन दिनों का भरपूर आनंद ले सकते हैं और ज़िंदगी में सफलता भी प्राप्त कर सकते है।उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ एथिक्स, संस्कार, संस्कृति, अध्यात्म योग प्राणायाम के साथ ही गीत संगीत और खेल कूद भी शामिल करना चाहिए, यह विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने रुचि के अनुसार कैरियर का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का सपना देखा है, जिसको पूरा करने के लिए हमको पढ़ाई के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में भी आगे आना होगा। उच्च शिक्षा शोध और नवाचार आदि से जुड़ी होनी चाहिए। सभी क्षेत्रों में हमको नंबर वन बनना होगा।इस अवसर पर श्री ज्ञानेश शर्मा, अलुमनई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, प्राचार्य डॉ पीसी चौबे, श्री एनबी सिंह, श्रीमती रेणु माहेश्वरी समेत कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
- -अब पूरे प्रदेश में लागू होगी डायल 112 की सेवा-प्रदेश के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों में बनाया जाएगा ‘महिला सदन‘ एवं ‘अमृत सरोवर‘-देश का चौथा साईंस सेंटर खुलेगा रायपुर मेंरायपुर, / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की अनुदान मांगे पारित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अनुदान मांगों की चर्चा में कहा कि पिछले पांच वर्षाें में पुलिस विभाग का मनोबल गिरा हुआ था, हमारी सरकार ने पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को बढ़ाने की पहल की। साथ ही अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करने की दिशा में भी काम किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस मौके पर पूरे प्रदेश में डायल 112 की सेवाएं शुरू करने, प्रदेश के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों को महिला सदन और अमृत सरोवर (तालाब) निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बालोद जिले के ग्राम चीचा के मृतक श्री तोरण साहू के परिजन को 5 लाख रूपए देने के साथ ही बिलासपुर में नये फायर स्टेशन की स्थापना की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नई पीढ़ी को मजबूत करने से ही समाज मजबूत होगा। पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण युवाओं और समाज में नशा का कारोबार बढ़ा था। हमारी सरकार नशे के विरूद्ध प्रबलता के साथ कार्रवाई कर रही है। नशे के चैनल को तोड़ने के लिए दिल्ली, मुम्बई तक जाकर नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की गई है। उन्होंने गृह एवं जेल विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा करते कहा कि हमारी सरकार ने बजट में ऐसा प्रावधान किया है कि जेल सिर्फ बंदी गृह ना रहे बल्कि सुधार गृह के रूप में आगे बढ़े। इसीलिए कैदियों को उनके रूचि के अनुरूप विभिन्न ट्रेडों में कौशल उन्नयन किया जा रहा है। ताकि वे जब जेल से बाहर निकलने तो उनके हाथ में कुछ पैसे हो, उनके पास हुनर हो और स्व-रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके। इससे जेल से निकलने के बाद कैदी सभ्य समाज में अच्छी जिंदगी जी सकेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सदन में माओवादी आंतकवाद की समस्या पर कहा कि हमारे जवान विषम परिस्थितियों में भी बहादुरी से माओवादी-आतंक का सामना कर रहे है। इस समस्या के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार द्वारा ऑपरेशन में जाने वाले राज्य पुलिस बल के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त रेडी-टू-ईट फूड प्रदाय करने के लिए 01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवादी द्वारा जंगलों में लगाए गए स्पाईक एवं आईईडी से हमारे जवानों को पिछले कई वर्षाें से नुकसान हो रहा है। इसके निजात के लिए जवानों के गश्त के दौरान स्पाईक रेजिस्टेंस बूट उपलब्ध कराने के लिए 02 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही विशेष अधोसंरचना योजना के लिए 60 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अधोसंरचना निर्माण के साथ-साथ नवीन हथियार गोला-बारूद उपकरण, ड्रोन एवं अन्य हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर क्रय किया जा सके। इसी तरह प्रतिपूर्ति योग्य सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 321 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सर्चिंग के दौरान पुलिस पार्टी घने जंगलों में गश्त करती है, जहां सामान्य रूप से उपलब्ध संचार के उपकरण कार्य नहीं करते इसको ध्यान में रखते हुए जवानों के लिए आईसेट फोन खरीदी हेतु 01 करोड़ 52 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। महिला संबंधी अपराधों के प्रति गंभीरता को देखते हुए अपराधों को देखते हुए राजनांदगांव, कबीरधाम, रायगढ़, जशपुर और जगदलपुर जिलों में नवीन महिला थाना स्थापना के लिए 300 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। नवीन महिला थाना निर्माण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही आगामी वर्षाें में सभी जिलों में कम से कम एक-एक महिला थाना खोलने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि डायल 112 की सेवाओं को आम जनता को काफी सराहा जा रहा है। वर्तमानमें डायल 112, 16 जिलों मंे संचालित है। हमारी सरकार डायल 112 की सेवा का विस्तार पूरे राज्य में करने का प्रावधान किया है। इसके लिए 147.01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिसकर्मियों केे कल्याण हेतु सरकार कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। पुलिस कर्मियों के आवास की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के लिए आवास निर्माण हेतु 140.97 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सायबर क्राईम वर्तमान में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ अपराध है। यह न केवल राज्य में बल्कि पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है। हमारी सरकार ने सायबर क्राईम की रोकथाम के लिए इस वित्तीय वर्ष में 4 नवीन सायबर नवीन पुलिस थाना के लिए 96 पदों का सृजन करते हुए सायबर क्राईम की रोकथाम के लिए 4.08 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कई इकाईयां ऐसी है जहां पर्याप्त बल स्वीकृत नहीं है, इस वित्तीय वर्ष में 1889 पदों का प्रावधान किया गया है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुदान मांगों के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं सहित सभी वर्गाें के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार में आते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के गारंटियों को पूरा करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत स्व-सहायता समूह एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लाखों में महिलाएं समूह गठित कर पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ी है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में स्थापित किए गए 300 रीपा की स्थापना में हुए व्यय की जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन करके जांच की जाएगी, लेकिन रीपा से जुड़े स्व सहायता समूह का लंबित भुगतान नहीं रोका जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के 18 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में 8,369 करोड़ रूपए की बजट के साथ कुल 12,206 करोड़ रूपए का प्रावधान अब तक किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत 14 हजार 818 आवासों की स्वीकृति प्रदान करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि 52.66 करोड़ रूपए जारी किया जा चुका है।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए इस वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। व्यक्तिगत शौचालय हेतु 120 करोड़ रूपए, सामुदायिक शौचालय हेतु 60.75 करोड़, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 109.13 करोड़ रूपए, तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 52.35 करोड़ रूपए, गोबरधन योजना के लिए 3.29 करोड़ रूपए, 142 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए 37.67 करोड़ और बस्तर जिले में प्लास्टिक मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना केे लिए 16.80 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग महात्मा गांधी नरेगा के तहत 2788.33 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जो कि वर्ष की तुलना में 46.60 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1,491 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री सड़क योजना एवं गौरव पथ के लिए 144 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की चर्चा करते हुए कहा कि देश में तीन साईंस सेंटर है, चौथा साईंस सिटी छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में बनाया जाएगा। इसके लिए 34 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जहां से कर्क रेखा गुजरती है वहां एस्ट्रोपार्क की स्थापना करने के लिए 02 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बड़े निर्माण कार्याें में सेटेलाईट फोटो खिचने की व्यवस्था की गई है। सेटेलाईट व्यवस्था के तहत 5 दिन के अंदर बड़े निर्माण कार्याें की प्रगति की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इसके साथ ही बजट में यह भी प्रावधान किया गया है कि ऐसे कोई व्यक्ति या विद्यार्थी अपने उत्पाद अथवा प्रक्रिया को पेटेंट कराना चाहते हैं तो सीजी रिजनल साईंस सेंटर में सम्पर्क कर सकते हैं, इसके लिए पृथक से मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा।तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभागउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में 310 आईटीआई संचालित हैं। इसमें 197 शासकीय आईटीआई है, इन शासकीय आईटीआई केन्द्रों के उन्नयन हेतु 52.59 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार 105 आईटीआई जो एससीव्हीटी स्तर के है, उसे एनसीव्हीटी के रूप में उन्नयन करने का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश के प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने सदन में बताया कि हमारी सरकार वर्तमान में रोजगार एवं बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 10 नवीन ट्रेड प्रारंभ किए हैं, ड्रोन टेक्निशियन, एडीटिव मैन्युफेक्चरिंग टेक्निशियन (उडी प्रिंटिंग), असिस्टेंट टेक्निशियन (ड्राई वाल एण्ड फाल्स सिलिंग), मैन्युफेक्चरिंग प्रोसेस कन्ट्रोल एण्ड ऑटोमेशन, मेकेनिक ऑटो बॉडी पेंटिंग, मेकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, फूट एण्ड वेजीटेबल प्रोसेसिंग, मैकेनिक कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक अप्पलायंसेस, बैम्बू वर्क्स, 5जी नेटवर्क टेक्निशियन, नवीन ट्रेड नारायणपुर, अंबिकापुर, कुनकुरी, कांसाबेल, बस्तर सहित 13 संस्थाओं में प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में छत्तीसगढ़ रोजगार एप्प निर्माण के लिए भी प्रावधान किया है। इस एप्प के माध्यम से पंजीयन कराने पर एसएमएस अथवा टेलीफोन के माध्यम से ऑनलाईन सूचना प्राप्त हो सकेगी।
- -PM-USHA के तहत छत्तीसगढ़ को मिली सौगात-बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड़, रविवि रायपुर और अ.बि.वि.वि. बिलासपुर को 20-20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृतरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जानकारी दी कि, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने PM USHA के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात दी है। योजना के तहत राज्य के बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड रुपए, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को 20 करोड़ और अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर को 20 करोड़ के साथ दो कॉलेजों को पांच-पांच करोड़ रुपए दिए हैं। उन्होंने कहा कि, विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए उच्च शिक्षा को विश्व स्तर का बनाना अति आवश्यक है। इसीलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लाया गया है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्यों को उच्च शिक्षा हेतु संचालित महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूर्व संचालित रूसा योजना के स्थान पर प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) योजना प्रारंभ की गई है। माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से (PM-USHA) योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का डिजिटल लॉन्च किया गया। इस योजना के अंतर्गत राजकीय विश्वविद्यालयों एवं शासकीय तथा अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में समानता, पहुंच एवं उत्कृष्टता के लक्ष्य को पाने के लिए राज्य सरकारों को सहायता दी जाती है। (PM-USHA) योजना के कुल 05 घटक है। राज्य द्वारा उक्त सभी घटकों में भारत सरकार को 08 विश्वविद्यालयों एवं 69 महाविद्यालयों हेतु कुल 895 करोड का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रथम चरण में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों हेतु लागू 02 घटकों में राज्य के जिन विश्वविद्यालयों को अनुदान स्वीकृत किया गया हैउनमें शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में Multi-Disciplinary Education and Research Universities (MERU) component में 100 करोड़ रुपए शामिल है।वहीं Grants to Strengthen Universities (GSU) component में अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर को 20-20 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।बस्तर विश्वविद्यालय के लिए स्वीकृत उपरोक्त 100 करोड़ की राशि से नवीन संकाय, प्रयोगशाला कक्ष, स्मार्ट क्लास रूम इत्यादि नवीन निर्माण कार्य, पूर्व से उपलब्ध प्रयोगशाला, लाईब्रेरी, क्लास रूम, विद्यार्थियों के लिए अन्य सुविधाओं का सुसज्जिकरण किया जायेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के काम-काज का कंप्यूटराईजेशन अध्ययन-अध्यापन में सूचना प्रौद्योगिकी के नवीन तकनीकों का उपयोग उच्च स्तरीय हाईटेक लाईब्रेरी तथा उच्च स्तरीय शोध को प्रोमोट करने वाले संसाधनों का विकास किया जायेगा।उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा की उपलब्धता हेतु वर्ष 2024-25 के राज्य बजट से 20 नवीन शिक्षण विभाग में 33 नवीन स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का भी प्रावधान किया गया है। ये सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मापदण्डों के अनुरूप प्रारंभ किये जायेंगे। इसके लिए बजट में 365 पदों का अतिरिक्त सेटअप का भी प्रावधान किया गया है। बस्तर विश्वविद्यालय के वार्षिक अनुदान की राशि 04 करोड़ से बढ़ाकर इस वर्ष के बजट में 10 करोड प्रस्तावित किया गया है।(PM-USHA) योजना अंतर्गत स्वीकृत राशि से रायपुर एवं बिलासपुर विश्वविद्यालयो में विभिन्न नये निर्माण कार्य एवं पूराने कार्यों का नवीनीकरण किया जायेगा। उपकरण मद की राशि से प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब तथा लाईब्रेरी को अपग्रेड करने का काम किया जायेगा। साल 2024-25 के राज्य बजट में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में वाणिज्य अध्ययन शाला एवं फोरेंसिक साइंस के नवीन विषय प्रारंभ करने की भी स्वीकृति दी गई है। राज्य शासन ने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के वार्षिक अनुदान बजट की राशि 39 करोड़ से बढ़ाकर 54 करोड कर दिया गया है। इसी प्रकार बिलासपुर विश्वविद्यालय के लिए वार्षिक अनुदान की राशि 02 करोड़ 27 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दी गई है।
- -छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के साहित्यकारों की उपस्थिति में संपन्न हुआ विमोचनरायपुर /राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज यहां राजभवन में डॉ. भगवान जयसिंह द्वारा संपादित पुस्तक ‘‘द बर्डस् इन द स्टार्म‘‘ (The Birds in The Storm) का विमोचन किया। डॉ जयसिंह ओड़िया भाषा के प्रसिद्ध कवि एवं अनुवादक हैं। इस पुस्तक में अनेक विख्यात ओड़िया कवियों की लगभग 80 कविताओं का संकलन किया गया है। कार्यक्रम में श्री माधव कौशिक, अध्यक्ष केन्द्रीय साहित्य अकादमी सहित छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के अनेक साहित्यकार एवं लेखक उपस्थित थे।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने डॉ. जयसिंह को उनके उत्कृष्ट लेखन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि डॉ. जयसिंह एक बहुत अच्छे अनुवादक हैं। डॉ. जयसिंह ने राज्यपाल की आत्मकथा ‘‘बैटल नॉट यट ओवर‘‘ का ओड़िया से अंग्रेजी में उत्कृष्ट श्रेणी का अनुवाद किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के साहित्यकारों का अभिवादन किया और कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति पर खुशी व्यक्त की। डॉ. जयसिंह ने पुस्तक के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर डॉ. माधव कौशिक ने कहा कि यह हम सब के लिए सौभाग्य की बात है कि राज्यपाल श्री हरिचंदन कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ ही प्रख्यात लेखक, नाटककार, स्तंभकार भी हैं, जो साहित्य जगत के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वे राजनीति और साहित्य के मध्य सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने डॉ. जयसिंह के संबंध में कहा कि अनुवादक साहित्य जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अनुवाद के माध्यम से ही दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई है। अनुवादक वास्तव में मिशनरी की तरह कार्य करते हैं। ‘‘द बर्डस् इन द स्टार्म‘‘ पुस्तक की समीक्षा डॉ. चितरंजन कर ने प्रस्तुत की।कार्यक्रम में श्रीमती शकुंतला कौशिक, प्रो. रामेन्द्रनाथ मिश्र, श्री चितरंजन कुमार शिक्षाविद्, श्री बलदेव भाई शर्मा कुलपति, श्री त्रिलोक चंद्र महावर, श्री संजीव बख्शी सहित अन्य साहित्यकार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री बिजयानंद सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री सुशीर कुमार स्वाइन ने किया।उल्लेखनीय है कि डॉ जयसिंह एक कवि, आलोचक, संपादक, अनुवादक ने साहित्यिक जीवन में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनके ओडिया में कविता के नौ संग्रह, अंग्रेजी और अंग्रेजी अनुवाद में आठ, एक यात्रा वृतांत के अलावा अंग्रेजी में आलोचना की दो किताबें शामिल हैं।उनकी कविता की पुस्तकों में शामिल हैं: निरबासनरे पक्षी (निर्वासन में पक्षी), मायाघेरारे कालिदास (माया के घेरने वाले जाल में कालिदास), फेरंती घर (होमबाउंड ट्रैवलर)। अमेरिका स्थित प्रकाशक ने अंग्रेजी में कविताओं का एक संग्रह द डैपल्स ऑफ डार्कनेस प्रकाशित किया है। डॉ. जयासिंह को ओडिशा साहित्य अकादमी पुरस्कार, विष्णु "झंकार" पुरस्कार, उत्कल साहित्य समाज पुरस्कार के अलावा हाल ही में पंडित गोदाबरीश मिश्र सम्मान (सरला साहित्य संसद, कटक) पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
- रायपुर,। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज शाम रायपुर के एमएमआई अस्पताल पहुंचकर वहां उपचार के लिए भर्ती विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री कवासी लखमा से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा उनसे मिलने तत्काल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से विधायक श्री कवासी लखमा के इलाज की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने श्री लखमा को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दी।
- -क्षेत्रीय सरस मेला में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से 133 महिला स्व-सहायता समूह अपने उत्पादों के साथ मेले में हैं शामिल-देश भर के विभिन्न उत्पादों के 212 स्टाल्स के जरिए मिल रही है उत्पादों की जानकारीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के साइंस कालेज ग्राउंड में आज क्षेत्रीय सरस मेला का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मेले का आयोजन 28 फरवरी तक किया जायेगा। सरस मेले में छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों से कुल 133 महिला स्व-सहायता समूह शामिल हुए हैं। इसके साथ ही असम, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, झारखण्ड तथा बिहार से आए हुए महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा भी अपने उत्पादों के स्टाल लगाये गए हैं। मेले में आए लोगों को राज्य और अन्य प्रदेशों द्वारा मिलाकर सरस मेले में कुल 212 स्टाल्स के जरिए उत्पादों की जानकारी मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरस मेला को संबोधित करते हुए कहा की आज यहां उपस्थित सभी बहनों ने मुझे न सिर्फ जन्मदिन की अग्रिम बधाई दी बल्कि मुझे अपने उत्पाद भी उपहार स्वरूप दिए जिससे आज मेरा यहां आना सार्थक हो गया । उन्होंने कहा की ऐसे मेलों से बहुत लाभ होता है जिसे न सिर्फ लोग घूमने की नजर से आते हैं बल्कि इससे व्यापार में भी बढ़ावा होता है। इससे दुसरे लोगों को भी संबल मिलता है । उन्होंने कहा की देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी की वजह से आज देश विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में है। विकसित भारत बनाना है तो हमे विकसित छत्तीसगढ़ भी बनाना होगा और इसमें हमारी माताओं और बहनों का बड़ा योगदान रहने वाला है।श्री साय ने कहा की छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए राज्य में महतारी वंदन योजना की शुरुवात की गई है। उन्होंने कहा की यह बड़ी बात है की राज्य के 28 लाख परिवारों की बहने बिहान योजना से जुड़ी हैं जो प्रदेश और देश को एक नई दिशा दिखाने में अपना योगदान दे रही हैं।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की योजना के अंतर्गत रियायती दर पर आम लोगों को भारत दाल और भारत आटा उपलब्ध कराने हेतु दो चलित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।मुख्यमंत्री ने कहा की स्व सहायता समूह की महिलाएं लघु वनोपजों का वैल्यू एडिशन कर उन्हें बाजार में उपलब्ध करा रही है जो इस बात का स्पष्ट इशारा करता है की छत्तीसगढ़ विकसित राज्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सरस मेला को संबोधित करते हुए कहा की ऐसे आयोजनों से बहुत सारे उत्पाद एक स्थान पर मिल जाते हैं, इससे समूहों को व्यापार मिलता है और दूसरे लोगों को को भी प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा की पहले के समय में गांव उत्पादन केंद्र और शहर व्यापार का केंद्र थे, आज इसी की आवश्यकता है जो बिहान के माध्यम से पूरी होकर भारत की अर्थव्यवस्था को बेहतर बना सकते हैं। ऐसे ही आयोजनों से समूहों को जोड़कर बड़ा काम किया जा सकते हैं। आज के ये समूह कल बड़ा रूप ले लेंगे और मोदी जी की लखपति दीदी की संकल्पना को साकार करेंगे।सरस मेला में छत्तीसगढ़ के महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा विभिन्न फूड, हैण्डीक्राफ्ट तथा हैण्डलूम प्रोडक्ट्स के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इन फूड प्रोडक्ट्स में कोदो, कुटकी, रागी कुकीज, मसाले, अचार, बड़ी, पापड़, तिल लड्डू, महुआ लड्डू, जीरा फुल चावल, सुगंधित चावल, ब्लैक राईस, इमली चपाती, मशरूम, काजू के प्रोडक्ट्स, शहद, चिक्की, नमकीन, मिलेट्स प्रोडक्ट, मिक्चर, छत्तीसगढ़ी व्यंजन इत्यादि उत्पाद लाये गए हैं।हैण्डीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स में बेलमेटल उत्पाद, रॉट आयरन उत्पाद, बांस के उत्पाद, विभिन्न प्रकार के साबुन (चारकोल, रोज, एलोविरा इत्यादि), मिट्टी के उत्पाद, एल.ई.डी. बल्ब, कास्ट मूर्तियाँ, अगरबत्ती, आर्टिफीशियल ज्वेलरी, टेराकोटा उत्पाद, पैरा आर्ट इत्यादि शामिल हैं।इसी तरह से हैण्डलूम प्रोडक्ट्स में कोसा प्रोडक्ट्स (साड़ी, सूट, शॉल, जैकेट, ड्रेस मटेरियल आदि), गोदना साड़ी एवं रूमाल, कालीन, सिल्क के प्रोडक्ट्स, काटन प्रोडक्ट्स इत्यादि उत्पाद लाए गए हैं।अन्य प्रदेशों से आए हुए स्व-सहायता समूहों द्वारा लाए गए प्रोडक्ट्स में कैन बैम्बू प्रोडक्ट्स, हैण्डलूम प्रोडक्ट्स (साड़ी, सूट, शाल, चादर, ड्रेस मटेरियल आदि), जूट प्रोडक्ट्स, ब्लाक प्रिंट साड़ियाँ, हैण्डीक्राफ्ट ब्रेसलेट, आँवला उत्पाद, अलसी, आचार, पापड़ इत्यादि प्रोडक्ट्स शामिल हैं।इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह समेत अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि गण के साथ स्व सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।
- बिलासपुर /शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझगांव में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए सत्रांत एवं आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। साथ ही कक्षा ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने अपने वरिष्ठ सहपाठियों को गमगीन माहौल में भावभीनी विदाई दी।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से शुरू हुआ। कुमारी पायल यादव एवं रोशनी यादव ने सरस्वती वंदना ‘हे शारदे मां‘ की प्रस्तुति दी। कक्षा ग्यारहवीं के छात्र प्रशांत जायसवाल ने प्राचार्य श्री पांडेय का एवं कुमारी दीप्ति ने वरिष्ठ व्याख्याता श्री शोभाराम पालके का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। स्वागत गीत कुमारी गायत्री यादव एवं साथी ने प्रस्तुत किया। विदाई भाषण प्रांजल जायसवाल एवम अंतिम मिश्रा कक्षा ग्यारहवीं ने दिया। छात्र-छात्राओं से कुमारी साधना जायसवाल एवं शाला नायक तोलाराम यादव ने स्कूल के अपने अनुभवों एवं विचारों को सबके साथ साझा किया। मुस्कान मिश्रा ने कविता ‘स्कूल में खूब मस्ती करते थे‘ के माध्यम से अपने उद्गार व्यक्त किये। वरिष्ठ छात्रों को मनोरंजन की दृष्टि से कुछ टास्क भी दिया गया जैसे कि चुटकुला, शायरी, गीत, रोने की आवाज एवं डांस आदि। वरिष्ठ व्याख्याता श्री पालके ने छात्रों से आह्वान किया कि जीवन का आयु वर्ग 14 से 18 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसी नीव पर आगे का अध्ययन का मार्ग सुगम होता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य शैलेश कुमार पांडेय ने छात्रों को स्कूल की परीक्षा के साथ-साथ जिंदगी की परीक्षा में भी हमेशा सफल होने की शुभकामनाएं दी एवं छात्रों के अनुशासित आचरण की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन कुमारी रोमा मरावी ने तथा आभार प्रदर्शन कुणाल खुसरो ने किया। अंत मे सभी के लिए स्वल्पाहार रखा गया। इस अवसर पर शाला के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं छात्रगण उपस्थित थे ।
- -हर घर नल से जल के लिए छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान-राज्य के 75 प्रतिशत घरों में पहुंच रहा शुद्ध पेयजलरायपुर / बस्तर से लेकर सरगुजा अंचल तक की महिलाओं को अब अपने घरेलू उपयोग के लिए पनघट में जाकर पानी भरने की जरूरत नहीं होगी और न ही झिरिया के पानी पीने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हर घर नल से जल पहुंचाने की गारंटी दी है। इस पर तेजी से काम हो रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।हर घर तक स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी के नेतृत्व में देश भर में जल जीवन मिशन शुरू किया गया है। इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार के उनकी दैनिक जरूरत के लिए 55 लीटर जल नल से उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को तेजी से पूरा किया जा रहा है। राज्य के 49.98 लाख घरों तक नल से जल पहुंच रहा है। इस मिशन के अंतर्गत 75 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने का काम सफलता पूर्वक किया जा रहा है। शेष 25 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए तेजी से काम हो रहा है।जल जीवन मिशन विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए एक क्रांतिकारी अभियान है। इस मिशन के जरिए बच्चो के स्वास्थ्य को सुरक्षा मिलेगी। बच्चों और बड़ो में होने वाली जलजनित बीमारियों से निजात मिलेगी। वहीं महिलाओं को भी उनके घरेलू कामकाज के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा। इस वक्त का उपयोग महिलाएं अपने आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेगी।शुद्ध पानी मिलना हुआ आसानबस्तर और सरगुजा अंचल के कई गांवों में शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जशपुर निवासी श्री मनोहर टोप्पो ने बयाता कि पहले इस गांव में पानी की बहुत बड़ी समस्या थी। यहां के लोगों को पानी लाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था अपने घर से दूर लगे हैंडपंप कुएं से पानी लाना पड़ता था। कई बार हैंडपंप के खराब होने पर व कुएं में पानी नहीं होने पर तो कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। लेकिन आज जल जीवन मिशन योजना के तहत शुध्द पेयजल लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है। श्री टोप्पो ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।महिलाएं हैं सबसे ज्यादा प्रसन्नबस्तर जिले के ग्राम पंचायत सौतपुर के ग्रामीण खासकर महिलाएं अब खुश हैं कि उनके गांव के हर घर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इस बारे में ग्राम पंचायत सौतपुर के युवा सरपंच सुश्री मैना कश्यप बताती हैं कि गांव के प्रत्येक मोहल्ले में सभी को पानी मिल रहा है जिससे पूरे गांव में खुशहाली का माहौल है।
- -कोण्डागांव जिले के 377 गांवों में लगाया गया शिविर-9041 नए किसानों का बना केसीसी कार्ड, 8670 किसानों का पीएम किसान सम्मान निधि योजना में हुआ पंजीयनरायपुर / किसान कल्याण और आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम के निर्देश पर राज्य के दूरस्थ आदिवासी अंचलों में किसानों के शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि मंत्री श्री नेताम ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दूरस्थ वनांचलों में निवासरत किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाकर सभी किसानों का केसीसी कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिला प्रशासन द्वारा जिले के 377 गांवों में शिविर लगाकर 9041 नये किसानों का क्रेडिट कार्ड बनाया गया है। वहीं 8670 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए भी पंजीयन किया गया है।कोण्डागांव जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के 377 ग्रामों में शिविर लगाकर किसानों का पंजीयन करने का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के तहत केसीसी कार्ड के साथ पीएम किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन भी किया जा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान जिले में अब तक केसीसी निर्माण हेतु कुल 9227 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 9041 को आवेदन को पात्र पाए जाने पर उनके लिए किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 9356 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 8670 पात्र हितग्राहियों का योजनांतर्गत पंजीयन किया गया।अधिकारियों ने बताया कि केसीसी योजना अंतर्गत कोण्डगांव विकासखण्ड में आयोजित 105 शिविरों के माध्यम से 2163, फरसगांव विकासखण्ड में आयोजित 69 शिविरों के माध्यम से 770, माकड़ी विकासखण्ड में आयोजित 77 शिविरों के माध्यम से 731, केशकाल विकासखण्ड में आयोजित 74 शिविरों के माध्यम से 1067, बड़ेराजपुर विकासखण्ड में आयोजित 52 शिविरों के माध्यम से 4496 पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी।
- -राज्य के आदिवासी बाहुल इलाकों में नये केन्द्रीय और नवोदय विद्यालय प्रारंभ करने सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा*रायपुर / भारत सरकार के शिक्षा सचिव श्री संजय कुमार और अतिरिक्त सचिव स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार श्री बिपिन कुमार ने आज रायपुर में शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में नए केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय खोलने की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 फीसदी आबादी आदिवासी है। राज्य का करीब 50 फीसदी भू-भाग जंगल है। ऐसे में यहां पर शिक्षा क्षेत्र में खास ध्यान देने की जरूरत है। जिसके लिए अंबिकापुर, सरगुजा, जशपुर, बस्तर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा आदि आदिवासी इलाकों में शिक्षा सुविधाएं बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से बड़ा है और माओवादी आंतक के कारण यहां के बच्चे ज्यादा दूर स्कूल नहीं जा सकते है। ऐसे में 9वीं तक की सभी वर्गों की लड़कियों को साईकिल देने की कार्य योजना पर चर्चा की। उन्होंने स्कूल को इंटरनेट के माध्यम से स्मार्ट क्लास, आईसीटी की जरूरत को बताते हुए वहां डिजिटल लर्निंग एंड डिजिटल लाइब्रेरी बनाने भी कहा, इसके लिए फाइबर या सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए जरूरी सहयोग प्रदान करने को कहा।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में मिड डे मील के साथ ही स्कूल में बच्चों को सुबह पौष्टिक नाश्ता देने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं में केंद्र से मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर केंद्र सरकार राशि बढ़ती है तो राज्य सरकार अपने मद की राशि समय पर जारी कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र से स्कूल यूनिफॉर्म की दर बढ़ाने की मांग की अभी जो राशि दी जाती है वह साल 2011 में तय दर के अनुसार है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 10000 स्कूल इमारतें जर्जर हो चुकी हैं जिनके जीर्णाेधार और पुनर्निर्माण करना अतिआवश्यक है। इसके लिए केंद्र से अतिरिक्त राशि आवंटन की मांग की।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में समग्र और विद्या समीक्षा केंद्र को बेहतर बनाने के लिए राज्य के अधिकारियों को केंद्र के साथ मिलकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 12वीं तक के बच्चों को मुफ्त किताबें देने पर भी चर्चा की और कहा कि अगले 5 सालों में 25 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम का निर्माण किया जायेगा इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और निजी कंपनियों से सीएसआर मद से सहयोग किया जाएगा।इस अवसर पर शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, एमडी समग्र शिक्षा श्री संजीव झा, संयुक्त सचिव शिक्षा श्रीमती फरिया आलम सिद्दकी, संचालक लोक शिक्षण श्रीमती दिव्या मिश्रा, प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम श्री कुलदीप शर्मा, संचालक एससीईआरटी श्री राजेंद्र कटारा भी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 20 फरवरी को करेंगे मेले का शुभारंभसाइंस कॉलेज मैदान में करें भारतीय कलाओं का आकर्षण अनुभवरायपुर। साइंस कॉलेज मैदान, जीई रोड के खेल परिसर में क्षेत्रीय सरस मेला 2024 का 19 से 28 फरवरी तक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 20 फरवरी को शाम 7 बजे मेले का शुभारंभ करेंगे। उनके साथ मंत्रिमंडल उपस्थित रहेंगे। मेले में महिला स्व सहायता समूह एवं कलाकारों उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। मेला सुबह 10 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक चलेगा, जिसमें आप भारतीय कलाओं का अनुभव कर सकते हैं।क्षेत्रीय सरस मेला 2024 में मध्यप्रदेश, झारखंड, पंजाब, कश्मीर समेत 11 राज्य की महिलाएं शामिल होंगी। मेले में 200 से ज्यादा स्टालों में देशभर से समूहों के सदस्य अपने हथकरघा उत्पादों को विक्रय के लिए प्रदर्शित करेंगे। सरस मेले का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य आजीविका मिशन 'बिहान' की ओर से किया जा रहा है।क्षेत्रीय सरस मेले का आयोजन महिलाओं के सशक्तीकरण तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार देने के उद्देश्य से किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित सरस मेला 28 फरवरी तक चलेगा।







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