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- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ वास्तविक समय में ''फ्रॉड इंटेलिजेंस'' और अन्य जानकारी साझा करने के मकसद से ''इंडिया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन'' (आईडीपीआईसी) बनाया है। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए यह नयी संस्था रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ सलाह-मशविरा कर बनाई गई है। उन्होंने कहा, ''साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए, सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ मिलकर 'इंडिया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन' बनाया है। यह संस्था कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके बैंकों और वित्तीय संस्थानों को धोखाधड़ी 'इंटेलिजेंस' और अन्य जानकारी देगी।'' उन्होंने कहा कि बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए सरकार वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के मकसद से वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के साथ मिलकर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
- नयी दिल्ली.। सरकार ने मंगलवार को बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 44.73 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, तथा योजना के तहत अस्पतालों में 12.69 लोगों के इलाज पर 1.92 लाख करोड़ रुपये का खर्च आया। राज्यसभा को एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि 22 जुलाई, 2026 तक एबी-पीएमजेएवाई के तहत कुल 44.73 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके थे। उन्होंने लिखित जवाब में कहा कि 30 जून, 2026 तक इस योजना के तहत अस्पताल में 12.69 करोड़ लोगों का इलाज किया गया जिन पर 1.92 लाख करोड़ रुपये का खर्च आया। इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नकदी रहित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जाधव ने बताया कि मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी-2022) के तहत 27 चिकित्सा विशेषज्ञताओं में 1,961 उपचार पैकेजों के माध्यम से नकदी रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन पैकेजों में विभिन्न प्रकार की द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इनमें कैंसर, हृदय संबंधी रोग, गुर्दे की पुरानी बीमारी, मधुमेह से जुड़ी जटिलताएं, स्ट्रोक, लंबे समय तक चलने वाली श्वसन संबंधी बीमारियां, तंत्रिका संबंधी विकार और यकृत रोग जैसी गैर-संचारी बीमारियों का इलाज भी शामिल है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार देशभर में स्थापित करीब 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। ये केंद्र नागरिकों के लिए प्राथमिक संपर्क बिंदु के रूप में काम करते हैं और प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच कड़ी का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य ढांचे का भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है।
- नयी दिल्ली। नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले पर हालिया विवाद के बाद भाजपा ने डिजिटल माध्यम से युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। इस दौरान 'इंस्टाग्राम' राजनीतिक संदेश देने का प्रमुख मंच बनकर उभरा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई केंद्रीय मंत्री तथा पार्टी नेता भाजपा के अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं। मोदी ने कुछ दिन पहले अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि वे इंस्टाग्राम रील्स के जरिए युवाओं से जुड़ाव मजबूत करें। राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद भाजपा ने 'इंस्टाग्राम' पर विशेष ध्यान देना शुरू किया, क्योंकि इन प्रदर्शनों ने दिखाया कि युवाओं के बीच राजनीतिक चर्चा के लिए सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, की भूमिका काफी बढ़ गई है। छात्रों के इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की शुरुआत इसी साल मई में एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में हुई थी। अब तक इंस्टाग्राम पर इसके 2.6 करोड़ से अधिक 'फॉलोअर' हो चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में इंस्टाग्राम पर कई वीडियो साझा किए, जिनमें उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दों पर युवाओं की प्रतिक्रिया और सुझावों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मोदी 2014 से इंस्टाग्राम का उपयोग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान आधी रात को पोस्ट किए गए उनके एक वीडियो के बाद उनके करीब 10 लाख फॉलोअर बढ़े और कुल फॉलोअर्स की संख्या लगभग 10.5 करोड़ हो गई। भाजपा के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 95 लाख फॉलोअर्स हैं और वह इस मंच पर सबसे अधिक फॉलोवर वाली राजनीतिक पार्टी है। हाल के दिनों में इस अकाउंट पर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से जुड़ी कई वीडियो डाली गई हैं, जिनमें खास तौर पर पंजाब में कथित प्रश्नपत्र लीक के मामलों का उल्लेख किया गया है। पार्टी की हालिया पोस्ट में संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक पेश किए जाने से जुड़े वीडियो भी शामिल हैं। इनमें विपक्ष पर आरोप लगाया गया है कि उसने विधेयक पर चर्चा में बाधा डाली, जबकि सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक रोकना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है। हाल ही में नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इंस्टाग्राम के माध्यम से नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद पर सरकार की कार्रवाई के बारे में प्रमुखता से जानकारी दी। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, "हमने सख्त लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया है, जिसमें परीक्षा माफिया के लिए 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।" उन्होंने कहा, "हम व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करना चाहते हैं और संसद में तथ्यों पर आधारित सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अखिलेश यादव और कांग्रेस के कई सांसद भी कह चुके हैं कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। दुर्भाग्य से एक व्यक्ति के अहंकार के कारण चर्चा नहीं हो पा रही।" उन्होंने सभी से राजनीति से ऊपर उठकर परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चर्चा में शामिल होने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो सभी मंत्रियों ने अपने-अपने इंस्टाग्राम खातों पर साझा किए, जबकि एक सप्ताह पहले तक कई मंत्रियों के खातों पर इस तरह की पोस्ट बहुत कम दिखाई देती थीं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने नीट मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रवक्ताओं के साथ हुई बैठकों से जुड़े वीडियो साझा किए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रश्नपत्र लीक विरोधी कानून में संशोधन वाले विधेयक की प्रस्तुति से जुड़े वीडियो पोस्ट किए हैं। उन्होंने छात्रों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान भी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी। जितेंद्र सिंह के अकाउंट पर पिछले एक सप्ताह से हर दिन कई पोस्ट डाली जा रही हैं, जबकि इससे पहले वह सप्ताह में औसतन चार-पांच पोस्ट ही करते थे। नड्डा भी अब हर दिन कई वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जबकि पहले उनकी गतिविधि बहुत कम थी। प्रधानमंत्री की अपील से पहले उन्होंने आखिरी पोस्ट चार जुलाई को और उससे पहले 27 जून को की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विधेयक और प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर कई वीडियो साझा किए हैं। इनमें संसद में दिए गए उनके भाषणों के अंश शामिल हैं, जिनमें उन्होंने राजनीतिक दलों से विधेयक पर चर्चा और समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को दलगत राजनीति का विषय मानने के बजाय"गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा" बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी एक वीडियो साझा किया, जिसमें सरकार की इस प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है कि युवाओं को न्याय मिलेगा और प्रश्नपत्र लीक के दोषियों के खिलाफ त्वरित अदालतों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए सरकार के प्रयासों, त्वरित अदालतों के प्रावधान और विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने तथा संसद में चर्चा में भाग लेने की अपील वाले वीडियो साझा किए।
- - आर बी सिंह बोले - शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो, एक समान शिक्षा लागू होभोपाल । अपना दल (एस) मध्य प्रदेश द्वारा सोमवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने की। वहीं राजनीतिक रणनीतिकार डॉ अतुल मलिकराम ने लक्ष्य निर्धारित कर आगामी दिनों की कार्ययोजना पर प्रेजेंटेशन साझा की। इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना तथा नए दायित्व प्राप्त पदाधिकारियों को आगामी कार्ययोजना से अवगत कराना रहा।इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और एकसमान शिक्षा लागू करने की बात करते हुए कहा कि "संगठन की वास्तविक शक्ति उसके सक्रिय कार्यकर्ता और मजबूत जिला संगठन होते हैं। सभी जिला अध्यक्ष निर्धारित समय-सीमा में संगठन का विस्तार करें और जनता के बीच पार्टी की विचारधारा एवं जनहित के मुद्दों को मजबूती से लेकर जाएं।" उन्होंने शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और एकसमान शिक्षा लागू करने के विषय को भी पुख्ता करने पर जोर दिया।पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं आईटी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गंगवार ने सोशल मीडिया के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम जनता तक पार्टी की नीतियों और जनहित के कार्यों को पहुंचाने का सबसे प्रभावी साधन है, इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी को सोशल मीडिया का सकारात्मक और तथ्यात्मक उपयोग करना चाहिए।“प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने कहा कि, "यह प्रशिक्षण केवल जिम्मेदारियों की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठनात्मक कार्यशैली को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास है। प्रत्येक जिला अध्यक्ष अपने जिले में मजबूत टीम बनाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करें।"राजनीतिक रणनीतिकार, डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "सफल संगठन वही होता है जो लक्ष्य तय करके समयबद्ध तरीके से कार्य करे। अगले 30 दिनों में प्रत्येक जिला अध्यक्ष को संगठन विस्तार, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता दिखाते हुए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित करनी होगी।" उन्होंने संगठन विस्तार, जनसंपर्क, स्थानीय मुद्दों की पहचान, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और प्रभावी संवाद जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया।बैठक में विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। इनमें सिंगरौली से त्रिलोकी सिंह, भोपाल से सुरेंद्र नाहर, सिवनी से चैतराम प्रजापति, इंदौर से टीकमचंद्र शर्मा, मऊगंज से अजय बिहारी पटेल, सतना से राजमणि सिंह पटेल, रीवा से अशोक पटेल, ग्वालियर से राहुल सिंह, मैहर से मनोज पटेल, उमरिया से रमेश पटेल, जबलपुर से कमलेश पटेल तथा सागर से मनीष सरवैया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों को 15 अगस्त से पूर्व जिला कार्यकारिणी एवं विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने तथा संगठन को प्रत्येक बूथ तक सक्रिय बनाने का आह्वान किया गया।
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नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पेपर लीक, संगठित परीक्षा घोटालों और अन्य अनुचित गतिविधियों पर पहले से अधिक प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि 2024 का कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन अब उसे और मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद सरकार यह संशोधन लेकर आई है ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही हैं। अलग-अलग राज्यों और अलग-अलग परीक्षाओं में पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, हालांकि पहले इस तरह की सख्त कार्रवाई नहीं होती थी जैसी अब की जा रही है।
वहीं, कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि 2009 के रेलवे भर्ती परीक्षा पेपर लीक से लेकर 2012 के एम्स प्रवेश परीक्षा पेपर लीक तक कई बड़े मामले कांग्रेस सरकार के समय सामने आए। उन्होंने कहा कि इन्हीं घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार ने एक लीकप्रूफ परीक्षा प्रणाली तैयार करने का फैसला किया।जितेंद्र सिंह ने बताया कि 1992 में कांग्रेस सरकार के दौरान एक समिति ने केंद्रीय परीक्षा समिति बनाने की सिफारिश की थी। इसके बाद 2010 में भी एक समिति ने यही सुझाव दिया, लेकिन कांग्रेस और यूपीए सरकारों ने इन सिफारिशों को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) का गठन किया और 2024 में पहली बार इस विषय पर व्यापक कानून बनाया, जिसे जून 2024 में लागू किया गया।केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इस संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था है। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट में तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया जाएगा। यानी घटना होने से लेकर फैसले तक अधिकतम पांच महीने का समय लगेगा।उन्होंने बताया कि यदि कोई पक्ष फैसले के खिलाफ अपील करना चाहता है तो उसे 30 दिनों के भीतर अपील करनी होगी। साथ ही यह भी प्रावधान किया गया है कि ऐसे मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में डबल बेंच से नहीं होगी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विधेयक पेश होने के साथ ही कानून मंत्रालय ने स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।उन्होंने यह भी बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इसके अलावा राधाकृष्णन समिति की कुल 46 सिफारिशों में से 35 सिफारिशें सरकार पहले ही लागू कर चुकी है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह ईमानदार है और यह संशोधन भी उसी सोच के तहत लाया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विधेयक के प्रावधानों पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी। क्योंकि यह कानून लाखों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए लाया गया है। - नयी दिल्ली. डाक विभाग ने पहली बार 'दस्तावेज' की परिभाषा अधिसूचित की है जिसमें पत्र, मुद्रित सामग्री और ऐसी पूरक वस्तुएं शामिल होंगी जिनका कोई पुनर्विक्रय मूल्य नहीं है। ऐसी सामग्रियों पर कम डाक शुल्क लगेगा, जबकि अन्य सभी वस्तुएं पार्सल श्रेणी में आएंगी। इसके साथ विभाग ने खुदरा और थोक ग्राहकों के लिए 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट सेवाओं की दरें भी अधिसूचित की हैं। ये सेवाएं क्रमश: 24 घंटे और 48 घंटे में सामान पहुंचाने का वादा करती हैं। अधिसूचना के मुताबिक, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र से जुड़े उत्पाद- वेलकम किट, पत्र, पासबुक, चेक बुक, बैंक विवरण, प्लास्टिक कार्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड को दस्तावेज श्रेणी में रखा जाएगा।इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी दस्तावेज भी इसी श्रेणी में शामिल होंगे। राखी के लिफाफे या पैकेट और ग्रीटिंग कार्ड जैसे 500 ग्राम तक के गैर-व्यावसायिक पैकेट भी दस्तावेज माने जाएंगे। अधिसूचना के मुताबिक, नोट-1 में बताए गए सामान को छोड़कर अन्य सभी वस्तुओं को पार्सल श्रेणी के तहत भेजा जाएगा। खुदरा ग्राहकों के लिए मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन दस्तावेज श्रेणी में थोक बुकिंग के लिए नई दरें अधिसूचित की गई हैं। एक अगस्त से 24 स्पीड पोस्ट के तहत खुदरा ग्राहकों के लिए शुल्क वजन और दूरी के आधार पर 38 रुपये से 186 रुपये प्रति पैकेट होगा।वहीं, 50 ग्राम से कम वजन वाले पैकेट के लिए स्थानीय डाक शुल्क 38 रुपये और देशभर में 94 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) होगा। अधिसूचना के मुताबिक, 51-250 ग्राम के लिए डाक शुल्क 118-154 रुपये और 251-500 ग्राम के लिए 140-186 रुपये प्रति पैकेट तय किया गया है। वहीं, थोक ग्राहकों के लिए 24 घंटे वाली स्पीड पोस्ट सेवा का शुल्क 38 से 100 रुपये और 48 घंटे वाली सेवा का शुल्क 48 से 72 रुपये के बीच रहेगा। डाक विभाग ने कहा कि 48 स्पीड पोस्ट सेवा के तहत खुदरा ग्राहकों को वजन और गंतव्य के आधार पर 61 से 121 रुपये प्रति पैकेट देना होगा। फिलहाल 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट सेवाएं देश के केवल छह शहरों- दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में ही उपलब्ध हैं।
- पुरी. भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र तथा देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा का समापन सोमवार को 'नीलाद्रि बीजे' अनुष्ठान के साथ हो गया। वे 12 दिन बाहर बिताने के बाद 12वीं सदी के मंदिर में वापस लौट आए। 'नीलाद्रि बीजे' अनुष्ठान वार्षिक रथ यात्रा का अंतिम चरण माना जाता है। रथ यात्रा 16 जुलाई को शुरू हुई थी, जब भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ रथों पर सवार होकर मुख्य मंदिर से 2.6 किलोमीटर दूर स्थित अपने जन्मस्थान श्रीगुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए थे। चौबीस जुलाई को बहुडा यात्रा या वापसी रथ यात्रा के बाद से ही अपने-अपने रथों पर विराजमान विग्रहों को एक-एक करके एक औपचारिक शोभायात्रा के साथ मंदिर के गर्भगृह में ले जाया गया और मंदिर के भीतर स्थापित किया गया। सबसे पहले भगवान जगन्नाथ के चक्र स्वरूप शस्त्र श्रीसुदर्शन को मंदिर में प्रवेश कराया गया।इसके बाद भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को ले जाया गया। अंत में 'हरिबोल' और 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच भगवान जगन्नाथ के विग्रह को मंदिर में प्रवेश कराया गया। इस वर्ष रथ यात्रा पूरी तरह दुर्घटनारहित नहीं रही। गर्मी और उमस भरे मौसम के कारण दम घुटने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। 16 जुलाई को रथ यात्रा के दिन दो लोगों की जान गई। गर्मी, उमस और भारी भीड़ के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत भी बिगड़ गई। समुद्र तटीय इस तीर्थ नगरी में 10 दिनों के दौरान देश-विदेश से 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महाप्रभु की कृपा और सभी के सहयोग से इस वर्ष श्रीक्षेत्र में श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के बीच महाप्रभु के दिव्य दर्शन कर रहे हैं।"
- जलपाईगुड़ी. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि 'राष्ट्र विरोधी गिरोह' एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और देश को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने "राष्ट्रवादी ताकतों" से ऐसी कोशिशों का एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान किया। जलपाईगुड़ी जिले के जलपेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारी ने यह टिप्पणी की। जलपेश शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने धर्मनिरपेक्ष और मार्क्सवादी राजनीति पर कटाक्ष करते हुए "सेकू" और "माकू" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि "राष्ट्रविरोधी 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह" एक बार फिर देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "राष्ट्रविरोधी टुकड़े-टुकड़े गिरोह, सेकू और माकू फिर जाग गए हैं।" उन्होंने राष्ट्रवादी ताकतों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
- नयी दिल्ली. कृत्रिम मेधा (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग, बड़े पैमाने पर क्लाउड अवसंरचना में निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था के दम पर भारत की डेटा सेंटर क्षमता वर्ष 2025 के 2.2 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 12 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। परामर्श कंपनी वुड मैकेंजी की रिपोर्ट के अनुसार, एआई के लिए समर्पित डेटा सेंटर क्षमता वर्ष 2025 के 275 मेगावाट से बढ़कर 2030 तक 6,546 मेगावाट होने का अनुमान है। वहीं, डेटा सेंटर की बिजली मांग 2025 के 10 टेरावाट-घंटे (टीडब्ल्यूएच) से बढ़कर 2040 तक 191 टेरावाट-घंटे होने का अनुमान है। वुड मैकेंजी के शोध सहयोगी सौहार्द पाल ने कहा, ''भारत का डेटा सेंटर बाजार दीर्घकालिक निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में उभर रहा है।बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश, एआई आधारित कार्यभार में वृद्धि और पिछले एक दशक के नीतिगत समर्थन ने भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख बाजारों की बराबरी करने की स्थिति में ला खड़ा किया है। अब डेवलपर्स और निवेशकों के लिए सवाल यह नहीं रह गया है कि भारत में निवेश किया जाए या नहीं, बल्कि यह है कि निवेश कहां और किस प्रकार किया जाए।'' रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 32 लाख करोड़ रुपये मूल्य वाली और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था डेटा सेंटर अवसंरचना की मांग को बढ़ा रही है। देश में 103 करोड़ से अधिक सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं और हर महीने करीब 2,200 करोड़ यूपीआई लेनदेन किए जाते हैं। भारत का घरेलू एआई बाजार वर्ष 2032 तक 11.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।रिपोर्ट में कहा गया कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु वर्तमान में देश के कुल स्थापित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) भार का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। हालांकि, भविष्य में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में निवेश बढ़ने की संभावना है। ये उभरते बाजार वैश्विक स्तर की बड़ी क्लाउड सेवा कंपनियों से महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित कर रहे हैं। इनमें अमेजन वेब सर्विसेज और गूगल के अलावा घरेलू कंपनी अदाणीकॉननेक्स भी शामिल है, जिसने 2.6 गीगावाट क्षमता की विकास परियोजनाओं की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार, विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली की उपलब्धता अब डेटा सेंटर उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
- नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अबतक चार करोड़ आयकर रिटर्न भरे गये हैं। विभाग ने करदाताओं से 31 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले अपना रिटर्न दाखिल करने की अपील की है। विभाग ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर करदाताओं से 31 जुलाई से पहले आयकर रिटर्न एक (सहज) और दो भरने को कहा है। आईटीआर-1 (सहज) एक सरल फॉर्म है, जिसे छोटे और मध्यम आय वर्ग के बड़ी संख्या में करदाताओं के लिए तैयार किया गया है। यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय वेतन, एक आवासीय संपत्ति तथा कृषि से सालाना 5,000 रुपये तक होती है। वहीं, आईटीआर-2 उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं होती, लेकिन उन्हें पूंजीगत लाभ से आय प्राप्त होती है।
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अयोध्या. राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले के सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत एक स्थानीय विशेष अदालत ने सोमवार को 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। बचाव पक्ष के वकील ने यह जानकारी दी। बचाव पक्ष के वकील कुल शेखर सिंह ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निरोधक) रजत वर्मा ने आरोपियों को जिला जेल से वस्तुतः अदालत में पेश किए जाने के बाद उनकी न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी। ये आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू हैं। पुलिस जांच के तहत उनसे पुलिस हिरासत के दौरान पूछताछ कर चुकी है। यह मामला अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाये गये चढ़ावे के कथित गबन से संबंधित है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने के वास्ते इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल के गठन की घोषणा की है। कार्यबल के छह सदस्यों का ब्यौरा इस प्रकार है:
1. नंदन नीलेकणि
इंफोसिस के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन नीलेकणि को भारत के 'आधार' डिजिटल पहचान कार्यक्रम- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंतर-संचालनीय भुगतान प्रणाली के माध्यम से भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को आकार देने में योगदान दिया। वर्ष 1981 में नीलेकणि ने पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स की नौकरी छोड़ने के बाद एन आर नारायण मूर्ति और पांच अन्य लोगों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की। कार्यबल में भूमिका: परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल संबंधी कार्यबल की सिफारिशों का नेतृत्व करना।
2. एस. सोमनाथ
प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक सोमनाथ ने बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में आईआईटी मद्रास से पीएचडी की। उन्होंने वर्ष 2022 से 2025 तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में सेवाएं दीं। कार्यबल में भूमिका: परीक्षा प्रणाली से जुड़े पैनल में बड़े पैमाने की प्रौद्योगिकी प्रणालियों से संबंधित विशेषज्ञता उपलब्ध कराना.
3. तपन डेका
हिमाचल प्रदेश कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी डेका ने जून 2022 से जून 2026 तक खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक के रूप में कार्य किया। अनुभवी खुफिया अधिकारी डेका ने आतंकवाद रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें 26/11 मुंबई हमले, इंडियन मुजाहिदीन के खिलाफ कार्रवाई और जम्मू-कश्मीर एवं पूर्वोत्तर में सुरक्षा अभियान शामिल हैं। कार्यबल में भूमिका: सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर अभ्यर्थियों के सत्यापन एवं परिणाम प्रक्रिया तक परीक्षा के हर चरण को सुरक्षित बनाने वाले डिजिटल समाधानों की समीक्षा में मदद करना।
4. अनीता करवल
वर्ष 1988 बैच की आईएएस अधिकारी करवल के पास लोक प्रशासन, विशेषकर स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में 36 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 2017 से 2021 तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और बाद में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीबीएसई अध्यक्ष रहते हुए 2018 में बोर्ड परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद उन्हें छात्रों के विरोध प्रदर्शन का सामना भी करना पड़ा था। कार्यबल में भूमिका: शिक्षा नीति संबंधी विशेषज्ञता उपलब्ध कराना।
5. वी कामकोटि
कामकोटि वर्ष 2022 से आईआईटी मद्रास के निदेशक हैं और भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर 'शक्ति' विकसित करने वाली शोध टीम का नेतृत्व करने के लिए जाने जाते हैं। आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र कामकोटि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कार्यबल के अध्यक्ष भी हैं। वह स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर विकास से जुड़े कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रहे हैं। कार्यबल में भूमिका: शैक्षणिक और तकनीकी सुझाव उपलब्ध कराना।
6. अमृत लाल मीणा
बिहार कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी मीणा के पास 36 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है, जिसमें बिहार सरकार के साथ 25 वर्ष और केंद्र सरकार के साथ 11 वर्ष शामिल है। वह इससे पहले बिहार के मुख्य सचिव और कोयला मंत्रालय के सचिव रह चुके हैं। उन्होंने उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था। कार्यबल में भूमिका: लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ के रूप में योगदान देना। -
जम्मू. अमरनाथ मंदिर के दर्शन के लिए सोमवार को 3,800 से अधिक श्रद्धालुओं का 12वां जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही अब तक 1,27,326 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से रवाना हो चुके हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच 3,823 तीर्थयात्री 140 वाहनों में बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुए और इस दौरान श्रद्धालुओं ने 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारे लगाए। इस जत्थे में 2,966 पुरुष, 855 महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। मरम्मत कार्य के कारण पहलगाम मार्ग पर यात्रा स्थगित है। दो जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 4.15 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। गुफा मंदिर की 57 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा का समापन रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को होगा।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को 10 और 20 रुपए के एक-एक अरब (100 करोड़) प्लास्टिक नोट (पॉलिमर बैंकनोट) फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दे दी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने लिखित जवाब में बताया कि RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें 10 और 20 रुपए के 100-100 करोड़ रुपए प्लास्टिक नोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने और ट्रायल सफल रहने पर इन मूल्यवर्ग के प्लास्टिक नोटों को नियमित रूप से जारी करने की मंजूरी मांगी गई थी। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक नोट मौजूदा कागज (पेपर सब्सट्रेट) वाले नोटों के साथ-साथ जारी किए जाएंगे। फिलहाल कागज के नोटों को पूरी तरह प्लास्टिक नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।पंकज चौधरी ने कहा कि RBI के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से पता चलता है कि प्लास्टिक नोटों की उपयोग अवधि (लाइफ स्पैन) कागज के नोटों की तुलना में काफी अधिक होती है।उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक नोटों की शुरुआत अभी शुरुआती चरण में है। इनके नियमित रूप से जारी होने के बाद ही यह आकलन किया जा सकेगा कि इनका डिजिटल भुगतान पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। उन्होंने कहा कि नकद और डिजिटल भुगतान दोनों एक-दूसरे के पूरक भुगतान माध्यम हैं।भारत ने पहली बार 2012 में प्लास्टिक नोट लाने की कोशिश की थी, ताकि नोट अधिक समय तक चल सकें। हालांकि, उस समय तकनीकी चुनौतियों के कारण इस परियोजना को रोक दिया गया था। वर्तमान में दुनिया के करीब 60 देशों में प्लास्टिक नोट प्रचलन में हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 1988 में सबसे पहले 10 डॉलर का प्लास्टिक नोट जारी किया था। इसके बाद सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया, रोमानिया और कनाडा सहित कई देशों ने भी प्लास्टिक नोटों को अपनाया। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसद के चल रहे मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए कल 28 जुलाई को ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित कर रहा है। एनडीए संसदीय दल की यह बैठक मंगलवार सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी। भाजपा संसदीय कार्यालय की ओर से सभी लोकसभा और राज्यसभा के एनडीए सांसदों को निमंत्रण भेज दिया गया है।
बैठक का मकसदमंगल मिलन’ वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का नया रूप है। इसमें सदन के कामकाज, विपक्ष के हमलों का मुकाबला और गठबंधन दलों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा होगी। बैठक ऐसे वक्त हो रही है जब:– सरकार नकल-रोधी कानून (पब्लिक एग्जामिनेशन बिल) को पास कराने की कोशिश कर रही है।– विपक्ष NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है।प्रमुख मुद्देएनडीए की इस बैठक में मानसून सत्र के बचे हुए दिनों की रणनीति के अलावा पांच महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनमें शामिल हैं:– इनकम टैक्स (संशोधन) बिल, 2026– सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल, 2026– जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026– राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026– सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026बैठक में शिवसेना, टीडीपी, जेडीयू, एलजेपी समेत सभी सहयोगी दलों के सांसद शामिल होंगे, ताकि सदन में समन्वय और प्रभावी भूमिका तय की जा सके। यह बैठक एनडीए के लिए मानसून सत्र के बाकी हिस्से को मजबूती से संचालित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारोत्तोलन में भारत के लिए एक और पदक जीतने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 65 किलोग्राम स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर राजा मुथुपंडी को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारोत्तोलन में भारत के लिए एक और पदक! ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 65 किलोग्राम स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर राजा मुथुपंडी को बधाई। उनकी सफलता से हर भारतीय प्रसन्न और गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनके आने वाले प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। #CWG2026”
ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ऋषिकांत सिंह चनंबम के रजत और मीराबाई चानू के स्वर्ण के बाद सोमवार को राजा मुथुपंडी ने रजत पदक जीता। मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किग्रा इवेंट में रजत पदक जीता।राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किग्रा कॉम्पिटिशन में कुल 286 किग्रा वजन उठाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। तमिलनाडु के इस लिफ्टर ने स्नैच में 126 किग्रा उठाया और क्लीन एंड जर्क में 160 किग्रा उठाया। मलेशिया के अजनील बिदिन ने स्वर्ण पदक जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स के बिदिन ने रिकॉर्ड कुल 299 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक जीता।राजा के पोडियम फिनिश ने रविवार को भारत की वेटलिफ्टिंग टीम के लिए एक यादगार प्रदर्शन पूरा किया, जो गेम्स के चौथे दिन की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में से एक बनकर उभरा। इससे पहले दिन में, ऋषिकांत सिंह चनंबम ने पुरुषों की 60 किग्रा कैटेगरी में रजत और मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, युवा एवं विद्यार्थीं हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी को दर्शाता है। उनकी यह टिप्पणी नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर बढ़ते विरोध के बीच शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद आई। शाह ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के खिलाफ आवश्यक सुधार लागू करने के लिए कटिबद्ध है।'' उन्होंने कहा, ''भाजपा के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारे युवा और विद्यार्थी हैं।''
शाह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए फैसले सराहनीय हैं। गृह मंत्री ने कहा, ''मुझे पूरा विश्वास है कि इन कदमों से नीट परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा।'' शाह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए। उन्होंने कहा, ''परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में उनके प्रयास भी उल्लेखनीय रहे हैं। उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। -
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हिंदू पुजारियों (अर्चकों) के प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए एक स्थायी संस्थान स्थापित करने का फैसला किया है। ट्रस्ट का कहना है कि इसका उद्देश्य भारत ही नहीं, विदेशों में भी प्रशिक्षित पुजारियों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। यह कदम न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी हिंदू समुदायों में योग्य 'अर्चक' (पुजारियों) की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में उठाया गया है। अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक के बाद 22 जुलाई को लिए गए इस निर्णय के तहत यहां एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा, जहां हिंदू धार्मिक परंपराओं, संस्कारों और पूजा-पद्धतियों का औपचारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही पुजारियों को ट्रस्ट का प्रमाणपत्र मिलेगा। इसी बैठक में मंदिर के धार्मिक मामलों की निगरानी के लिए नौ सदस्यीय संत समिति गठित करने का भी फैसला किया गया। राम वल्लभ कुंज के महंत राजकुमार दास ने कहा कि देशभर के मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित अर्चकों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ट्रस्ट का यह संस्थान इस कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, "ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा है कि प्रशिक्षण केंद्र लगातार स्थायी रूप से काम करेंगे। देश भर के मंदिरों, मठों और प्रमुख धार्मिक संस्थानों में व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित अर्चकों की ज़रूरत है, चाहे वे देवी भगवती, भगवान राम या भगवान कृष्ण के मंदिर हों।" उन्होंने कहा, "अगर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के तहत ऐसा कोई ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाता है, तो यह ज़रूरत पूरी करने में बहुत मददगार साबित होगा। कोशिश यह होगी कि देश के हर हिस्से तक काबिल पुजारी और आचार्य पहुंच सकें।" विदेशों में बसे भारतीयों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। न्यूयॉर्क में रहने वाले भारतीय मूल के यशू यादव ने कहा कि अमेरिका समेत कई देशों में हिंदू समुदाय तेजी से बढ़ रहा है और धार्मिक अनुष्ठानों, गृह प्रवेश, नामकरण व अन्य संस्कारों के लिए प्रशिक्षित पुजारियों की मांग लगातार बढ़ रही है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में रहने वाले हर्षित जोशी ने कहा कि वहां हिंदू आबादी बढ़ने के बावजूद प्रशिक्षित पुजारियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, अयोध्या ट्रस्ट की पहल भविष्य में विदेशों में भी योग्य पुजारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगी। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब कई शिक्षण संस्थान भी कर्मकांड और पुरोहित प्रशिक्षण से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू कर चुके हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय और कानपुर देहात का श्री राम जानकी संस्कृत महाविद्यालय पहले से इस दिशा में प्रशिक्षण दे रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार, प्रस्तावित संस्थान का लक्ष्य प्रशिक्षित और प्रमाणित पुजारियों का ऐसा समूह तैयार करना है, जो भारत और विदेशों में मंदिरों तथा श्रद्धालुओं की धार्मिक आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इससे अयोध्या की पहचान धार्मिक शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में भी मजबूत होगी।
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जम्मू. जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन का मलबा हटाए जाने के बाद वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए शनिवार देर रात जम्मू आधार शिविर से 4,474 तीर्थयात्रियों का नया जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह अमरनाथ यात्रियों का 19वां जत्था है, जो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार देर रात दो बजकर 40 मिनट पर 166 वाहनों के काफिले के साथ गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि हाल में हुई बारिश से पारंपरिक पहलगाम मार्ग को हुए नुकसान के कारण वहां मरम्मत और रखरखाव का काम जारी है, जिसकी वजह से जम्मू से अनंतनाग जिले के पहलगाम आधार शिविर के लिए तीर्थयात्रियों की आवाजाही नहीं हुई। कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने शनिवार को कहा था, ''हाल में हुई बारिश के कारण श्री अमरनाथ जी यात्रा के पहलगाम मार्ग पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यात्रा बालटाल मार्ग से जारी रहेगी, जिसके लिए सुचारू और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के वास्ते पर्याप्त व्यवस्था की गई है।'' अधिकारियों ने बताया कि 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी है। तीन जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक चार लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा। इससे पहले शनिवार शाम को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिले में रामसू इलाके के गांगरू में बड़ा भूस्खलन हुआ था। यह राजमार्ग कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी मार्ग है। यह घटना राजमार्ग को यातायात के लिए फिर से खोले जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई। लगातार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन और मलबा जमा होने से यह मार्ग तीन दिनों तक बंद रहा था।
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द्रास/ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह दिखाया है कि आतंकवाद के जरिए भारत को धमकाने की कोशिश करने वालों का क्या हश्र होगा। सिंह ने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान की हर दुस्साहसपूर्ण हरकत का ऐसे तरीके से जवाब देने में सक्षम है जो उसकी ''कल्पना से भी परे'' है। सिंह ने यहां कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि उसने आतंकवाद को ''अपनी सरकारी नीति का हिस्सा'' बना लिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी, जो कि ''भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।'' रक्षा मंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत को ''भारत माता के मुकुट में जड़ा हीरा'' बताया। उन्होंने 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में मई 2025 में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के आकाओं और उनके समर्थकों को करारा झटका दिया। सिंह ने कहा, ''ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि आतंकवाद के जरिए भारत को धमकाने की कोशिश करने वालों का क्या हश्र होगा।'' उन्होंने कहा कि भारत और उसकी सशस्त्र सेनाएं पाकिस्तान की हर दुस्साहसपूर्ण हरकत का ऐसे तरीके से जवाब देने में सक्षम हैं जो उसकी ''कल्पना से भी परे'' है। उन्होंने कहा, ''भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ उठाया गया कोई भी दुर्भावनापूर्ण कदम उसी अंजाम तक पहुंचेगा।'' रक्षा मंत्री ने कहा कि जब भारत जहाजों का डिजाइन तैयार करने में जुटा है, तब पाकिस्तान आतंकवाद की रूपरेखा बनाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा, ''जहां हम नवोन्मेष के नए-नए रास्ते तलाश रहे हैं, वहीं पाकिस्तान घुसपैठ के नए तरीके खोजने में लगा है।'' कारगिल विजय दिवस भारत के 'ऑपरेशन विजय' की सफलता की स्मृति में मनाया जाता है। यह वह सैन्य अभियान था, जिसे पाकिस्तान की घुसपैठ के बाद कारगिल की रणनीतिक चोटियों पर दोबारा नियंत्रण लेने के लिए चलाया गया था और जिसका सफल समापन 1999 में आज के दिन हुआ था।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। प्रधानमंत्री ने पुरुष भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह को भी रजत पदक जीतने पर शुभकामनाएं दीं। मीराबाई ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय भारोत्तोलन में उनका दबदबा बरकरार है। ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई ने स्नैच में राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड तोड़े, जबकि क्लीन एंव जर्क और कुल वजन में भी नए खेल रिकॉर्ड स्थापित कर भारतीय भारोत्तोलन की महानतम खिलाड़ियों में अपनी पहचान और मजबूत कर ली।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में एक और गौरवशाली अध्याय!'' उन्होंने लिखा, ''प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। लगातार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और कुल मिलाकर चौथा राष्ट्रमंडल पदक जीतने वाली मीराबाई देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा हैं। उन्हें हार्दिक बधाई। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं। ''वहीं घुटने की चोट से जूझने के बावजूद 28 वर्षीय ऋषिकांता ने इतिहास रचते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले मणिपुर के पहले पुरुष भारोत्तोलक बनने का गौरव हासिल किया। उन्हें बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऋषिकांता के जज्बे और दृढ़ संकल्प ने पूरे देश को गर्व और खुशी का अवसर दिया है। उन्होंने लिखा, ''भारतीय भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह चानाम्बम पर हमें बेहद गर्व है। उन्होंने रजत पदक जीतने के साथ अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया है। उनका दृढ़ संकल्प और शानदार प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। वह आगे भी नई ऊंचाइयों को छूते रहें और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते रहें। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। '' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मीराबाई को बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक स्वर्ण वर्षों की अथक मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतने पर मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई। उनका अटूट संकल्प और उत्कृष्टता हासिल करने का निरंतर प्रयास देश के लिए गौरव का विषय है। '' उन्होंने कहा, ''यह शानदार उपलब्धि धैर्य, समर्पण और कठिन परिश्रम की उस भावना को दर्शाती है जो देश के लाखों युवाओं को प्रेरित करती है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य और आने वाले वर्षों में और अधिक सफलताओं की कामना करता हूं। ''केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी मीराबाई की लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि की सराहना की। मीराबाई ने इससे पहले 2018, 2022 और अब 2026 में भी स्वर्ण पदक जीतकर दुर्लभ स्वर्णिम हैट्रिक पूरी की है। मांडविया ने 'एक्स' पर लिखा, ''स्वर्ण पदकों की हैट्रिक। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई। आपका अटूट समर्पण, अद्भुत निरंतरता और असाधारण ताकत भारत को वैश्विक मंच पर लगातार गौरवान्वित कर रही है। ''
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल के गठन की रविवार को घोषणा की। मोदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि सरकार कार्यबल के सुझावों को लागू करेगी, जिससे यह पक्का होगा कि परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद हो और प्रौद्योगिकी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करके उसमें पारदर्शिता लाई जा सके। इस कार्यबल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक समूह शामिल होगा।नीलेकणि के अलावा कार्यबल के अन्य सदस्यों में इसरो के पूर्व निदेशक एस. सोमनाथ, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। नीलेकणि 'आधार' के निर्माता थे और भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्रणाली को लाने वाले मुख्य व्यक्ति थे। प्रधानमंत्री की यह घोषणा 36 दिनों तक चले उस आंदोलन के समाप्त होने के एक दिन बाद आई, जिसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने किया था। यह आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ था। मोदी ने कहा, ''परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यबल का गठन किया गया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार त्रुटिरहित और पूरी तरह सुरक्षित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए कार्यबल के सुझावों पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यबल विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के दृष्टिकोण से एनटीए की परीक्षाओं को नया स्वरूप देने और परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार लाने में मदद करेगा। मोदी ने कहा कि छात्रों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कई तरह के कदम उठा रही है।उन्होंने कहा कि ''जिन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया'', उन्हें जेल भेज दिया गया है और सरकार सोमवार को संसद में परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ़ कड़ा कानून लाने के लिए एक नया विधेयक पेश करने जा रही है। मोदी ने कहा, ''लेकिन हमें भविष्य के बारे में सोचना होगा। यह पक्का करने के लिए कि हमारी परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद और पारदर्शी हो और टेक्नोलॉजी का सही तरीके से इस्तेमाल हो, हमने दुनिया के जाने-माने प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाने का फ़ैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्यबल का गठन किया गया है।उन्होंने कहा, ''यह परीक्षा सुधारों पर केंद्रित होगा। जैसे ही हमें रिपोर्ट मिलेगी, हम भविष्य की परीक्षाओं को विश्वसनीय बनाने के लिए इसके सुझावों को लागू करेंगे।'
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लोगों से वर्षा जल का संरक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज बारिश की बचाई गई हर बूंद आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय के 'कैच द रेन' अभियान में जनता की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।'कैच द रेन' जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के लिए भारत सरकार का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा कि चार जुलाई से जारी इस अभियान में गांवों, शहरों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के लोगों की भारी भागीदारी देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई है। मोदी ने कहा कि 'मन की बात' के पिछले संस्करण में उन्होंने 'कैच द रेन' अभियान की चर्चा की थी और लोगों से इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा, '' 'कैच द रेन' का संदेश बहुत सरल है-जहां और जब भी बारिश हो, वहीं वर्षा जल का संरक्षण करें। इस पहल के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जलाशयों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नयी गति दी जा रही है। मुझे बहुत खुशी है कि गांव हों या शहर, पंचायतें हों या सामाजिक संस्थाएं हर जगह लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है।'' देशभर में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कहीं पुराने तालाबों से गाद निकाली जा रही है, तो कहीं कुओं और बावड़ियों को फिर से जीवन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो बोरवेल अब उपयोग में नहीं हैं, उनका भूजल पुनर्भरण के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ''मध्यप्रदेश के सीधी जिले में लगभग डेढ़ हजार तालाब बनाए गए हैं। नरसिंहपुर में 'अमृत सरोवरों' को संवारा गया है। महाराष्ट्र के नासिक में बड़ी मात्रा में पानी सहेजने की क्षमता विकसित हुई है।'' मोदी ने कहा, ''आंध्र-प्रदेश के नंद्याल में सभी ग्राम पंचायतें इस अभियान से जुड़ी हैं और पुराने तालाबों को फिर से उपयोगी बनाया गया है। हमारे शहर भी पीछे नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा, ओडिशा के भुवनेश्वर और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''आइए, हम भी अपने आसपास किसी एक तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लें - पानी की हर बूंद बचाएं। आज बचाई गई हर बूंद, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।'' भाषा देवेंद्र नेत्रपाल
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात” 136वें एपिसोड में कश्मीर की पारंपरिक चटाई वगू पर चर्चा की। इसके साथ ही इस चटाई बनाने की परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी की तारीफ की। जब हुनर भी हो और कुछ करने का जज्बा भी हो, तो हर राह आसान हो जाती है। कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ को लेकर आज जो प्रयास हो रहे हैं, उसमें इसी की झलक मिलती है। इसे सरकंडे और धान के पुआल, घास से से तैयार किया जाता है। इस चटाई को बनाने की परंपरा बरसों पुरानी है। इसके लिए कश्मीर के दलदली इलाकों की घास और सरकंडे की कटाई की जाती है। धूप में सुखाने के बाद छंटाई होती है और फिर शुरू होता है हाथों से बुनाई का काम। दो कारीगरों को एक चटाई बनाने में करीब 4 दिन लगते हैं। यह चटाई अनूठी भी है और इकोफ्रेंडली भी है। एक बड़ी खासियत यह है कि आपको गर्मियों में इससे ठंडक और सर्दियों में गर्माहट मिलेगी।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “पहले वगू चटाई हर घर में दिखती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसका उपयोग कम होने लगा था। श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला ने एक संकल्प लिया। दोनों ‘वगू’ क्राफ्ट की परंपरा को एक नया जीवन देने में जुट गए। गुलाम हुसैन बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं, उनको इस काम में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन वगु के सरंक्षण का उनका संकल्प अडिग था। देखते-देखते ही उनके इस प्रयास से बहुत सारे लोग जुड़ते चले गए।” प्रधानमंत्री ने कहा, “गुलाम हुसैन ने इस कौशल को खूभ बढ़ाया। अपने मिशन में स्थानीय स्तर पर सरकारी सहयोग भी मिला। आज तेजी से लोकप्रिय हो रहा वगु देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंच रहा है। मुझे इस प्रयास से जुड़े सभी लोगों पर गर्व है। आज सभी का वोकल फॉर लोकल पर जोर है। हम लोकल फॉर वोकल के मंत्र को लेकर चल रहे हैं। ऐसे में कश्मीर का वगु भी आपके घर का हिस्सा बने, इस पर एक बार जरूर सोचिएगा।”
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में विक्रम-1 के सफल लॉन्च के बारे में बात की। उन्होंने कहा विक्रम-1 लॉन्च से हर देशवासी गौरवान्वित हुआ। हम सभी भारतीय स्पेस सेक्टर के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। पीएम मोदी ने कहा कि ये प्राइवेट सेक्टर द्वारा विकसित भारत का पहला रॉकेट है। उन्होंने कहा कि देश के युवा इनोवेटर्स ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना तक मुश्किल थी। पीएम मोदी ने युवाओं के कौशल, जुनून और धैर्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हमारा स्पेस सेक्टर निजी क्षेत्र के लिए बंद रहा था। इस सेक्टर में रुचि रखने वाले काफी युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पा रहा था। युवा हित को देखते हुए हमने स्पेस सेक्टर को को निजी क्षेत्र के लिए खोला। आज इसका परिणाम दुनिया देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे युवा साथी विज्ञान में भी भारत का मस्तक ऊंचा कर रहे हैं। विज्ञान ओलंपियाड (Science Olympiads) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगितायों में से एक हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं। मन की बात में उन्होंने आगे कहा कि इसी महीने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित का ओलंपियाड हुआ। इन प्रतियोगिताओं में भारतीय दल शानदार प्रदर्शन कर रहा है। फिजिक्स ओलंपियाड में हमारे सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीता और भारत ने पहली रैंक हासिल की। पिछले एक दशक में हर फिजिक्स ओलंपियाड में हमारे देश के छात्रों ने गोल्ड या सिल्वर मेडल जरूर जीते हैं। केमिस्ट्री ओलंपियाड में भी हमारे सभी छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते। ये अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस रही है। पीएम मोदी ने बताया कि बायोलॉजी ओलंपियाड में भी हमारे सभी छात्रों ने मेडल जीते, इनमें एक गोल्ड मेडल भी शामिल है। वहीं, गणित ओलंपियाड में हमारे छात्रों ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक अपने नाम किये। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है। यह देखकर खुशी होती है कि भारत में ओलंपियाड और हैकथॉन की संस्कृति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा की मुझे विश्वास है कि देश के बारे में अधिक से अधिक युवा ऐसे मंचों पर अपनी रुचि दिखाएंगे और भारत का परचम भी लहराएंगे।

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