- Home
- देश
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी दुर्गा का स्मरण करते हुए एक संस्कृत श्लोक साझा किया। उन्होंने भक्तों को संकटों से मुक्ति और उन्नति की कामना करते हुए मां सिद्धिदात्री की स्तुति की।पीएम मोदी का शेयर किया श्लोकप्रधानमंत्री ने लिखा –“यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं तेषां वृद्धिः प्रजायते।ये त्वां स्मरन्ति देवेशि रक्षसे तान्न संशयः।”इसका भावार्थ है कि जो भक्त भक्तिपूर्वक देवी का स्मरण करते हैं, उनकी निश्चित रूप से उन्नति होती है। हे देवेश्वरी! जो आपका चिंतन करते हैं, आप उनकी संकटों से रक्षा करती हैं। इसमें कोई संदेह नहीं। यह श्लोक श्रीदेवीकवचम् (दुर्गा कवच) का आठवां श्लोक है, जिसमें देवी की महिमा और उनके स्मरण से मिलने वाली सुरक्षा का वर्णन है।मां सिद्धिदात्री का महत्वनवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। ‘सिद्धि’ का अर्थ है पूर्णता या सामर्थ्य और ‘दात्री’ का अर्थ है देने वाली। यह स्वरूप भक्तों को अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशत्व और वशित्व जैसी आठ सिद्धियां प्रदान करती हैं। मां का वाहन सिंह है। उनकी चार भुजाओं में गदा, चक्र, कमल और शंख सुशोभित हैं। यह स्वरूप शक्ति, सिद्धि और दिव्य ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।पौराणिक मान्यतामान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से अनेक सिद्धियां प्राप्त की थीं। देवी की अनुकंपा से ही शिव का आधा स्वरूप शक्ति के रूप में अभिव्यक्त हुआ और वे अर्धनारीश्वर कहलाए। यह स्वरूप शिवशक्ति की एकता और स्त्री-पुरुष ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक है।पूजा विधि और भोगमां सिद्धिदात्री को खीर, हलवा, पूरी, काले चने और मौसमी फल अत्यंत प्रिय हैं। लाल या नीले रंग के फूल, विशेषकर कमल अर्पित किए जाते हैं। महानवमी के दिन कन्या पूजन और प्रसाद अर्पण का विशेष महत्व होता है।
- नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी दी है कि महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थानों और बाजार के बुनियादी ढांचे पर साइबर हमले जरूरी सेवाओं को बाधित कर सकते हैं तथा बाजार का भरोसा डगमगा सकते हैं। IMF ने साइबर खतरों को बढ़ता हुआ सिस्टमिक रिस्क करार दिया है।रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय सेवाओं के तेजी से डिजिटल और एक-दूसरे से जुड़ने के कारण साइबर हमलों का असर पहले से कहीं अधिक गंभीर हो सकता है। बड़े बैंकों, भुगतान प्रणालियों या अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर सफल हमला तुरंत नुकसान पहुंचा सकता है और पूरे वित्तीय सिस्टम में अविश्वास पैदा कर सकता है।IMF ने फ्रंटियर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल की बढ़ती भूमिका पर विशेष ध्यान दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये मॉडल साइबर हमलों को और शक्तिशाली बनाने के साथ-साथ बचाव की क्षमताओं को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। सरकारी समर्थन वाले समूहों, रैनसमवेयर गिरोहों और अंदरूनी लोगों के पास अब पहले से कहीं अधिक उन्नत उपकरण मौजूद हैं।तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण ने वित्तीय संस्थानों के हमले के दायरे को बढ़ा दिया है। क्लाउड सेवाओं, बाहरी सेवा प्रदाताओं और रियल-टाइम भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता के कारण ‘कॉमन पॉइंट ऑफ फेलियर’ का खतरा बढ़ गया है। चुनिंदा टेक्नोलॉजी प्रदाताओं पर अत्यधिक निर्भरता पूरे सिस्टम को कमजोर बना सकती है।IMF ने साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने, घटनाओं की बेहतर रिपोर्टिंग, थर्ड-पार्टी जोखिमों की कड़ी निगरानी और परिचालन संबंधी लचीलापन बढ़ाने का आह्वान किया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ये जोखिम अकेले वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा न हों, लेकिन मौजूदा कमजोरियों के साथ मिलकर गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। IMF ने साइबर जोखिमों को उन तीन प्रमुख खतरों में शामिल किया है जो वित्तीय स्थितियों को सख्त बना सकते हैं और बाजार में उथल-पुथल पैदा कर सकते हैं।
-
चंडीगढ़। पंजाब के संगरूर जिले में लहरागागा-जाखल मार्ग पर रविवार को एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से आठ मजदूरों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की और कहा कि आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने में काफी देरी होने के आरोप भी लगे हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि बार-बार फोन करने के बावजूद दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं।
यह घटना अलीशेर गांव के पास उस समय हुई जब 'विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण' (वीबी-जी राम जी) के तहत पंजीकृत 20 से अधिक मजदूरों का समूह कुछ काम में लगा हुआ था। इनमें से कई महिलाएं भी थीं और कुछ मजदूर सड़क के किनारे बैठे हुए थे। पुलिस ने बताया कि मजदूरों का एक समूह जाखल की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) पलविंदर सिंह ने बताया कि इसके बाद कार चालक अपना वाहन वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। संगरूर की उपायुक्त (जिलाधिकारी) पूनमदीप कौर ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस हादसे में आठ मजदूरों की जान गई है, जबकि 12 घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पीड़ितों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने सहित सभी जरूरी कदम उठा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने में देरी होने के आरोप लगे। पास की एक फैक्टरी में काम करने वाले और हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचे एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। उसने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर उसने देखा कि एक कार ने कई मजदूरों को कुचल दिया था। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। उसने कहा कि सड़क किनारे कम से कम पांच शव पड़े थे। आरोपी चालक उस समय भी घटनास्थल पर मौजूद था, लेकिन पुलिस को आते देखकर वहां से फरार हो गया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस के एक अधिकारी द्वारा एंबुलेंस बुलाए जाने के बावजूद आपातकालीन सेवाओं को घटनास्थल पर पहुंचने में एक घंटे का समय लग गया। उसने आरोप लगाया, ''समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के कारण मजदूरों की मौत हुई।'' उसने कहा कि सभी मजदूर गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते थे। उसने कहा कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद एंबुलेंस के पहुंचने में अत्यधिक देरी हुई, जिसके कारण कई घायलों को कैंटर वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। उसने आरोप लगाया, ''एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचीं, इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है।'' -
कोलकाता/उत्तर कोलकाता में दुर्गा पूजा के एक पंडाल में शनिवार को भगदड़ में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गयी और 25 अन्य लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घायलों में से एक की हालत गंभीर है। घटना के बाद कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे अधिकारी ने कहा, ''17 लोगों को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 25 अन्य घायल हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि उत्तर कोलकाता में चित्तरंजन एवेन्यू के पास चोरबागान में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों की एक घोषणा के बाद श्रद्धालुओं में अचानक आगे बढ़ने की होड़ मच गई, जिससे यह ''दुखद घटना'' हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैसे ही बारिश शुरू हुई, चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर प्रतीक्षा कर रही भीड़ आगे की ओर भागी, जिससे कुछ लोग सड़क पर गिर गए और भगदड़ मच गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री सरदवत मुखर्जी और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर आपदा प्रबंधन कर्मियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कोलकाता में भगदड़ के कारण लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कोलकाता में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है और उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
-
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को छाती में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अस्पताल के बयान के अनुसार, आडवाणी (98) का इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में उपचार किया जा रहा है। वह न्यूरोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में हैं। बयान में कहा गया कि उनकी हालत स्थिर है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आडवाणी को शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे जसोला विहार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। आडवाणी कई बार भाजपा के अध्यक्ष रहे और उन्होंने 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री के रूप में सेवाएं दीं। पार्टी को एक प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक ताकत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। -
जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत 24 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के जबलपुर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले युवा स्वयंसेवकों के शिविर को संबोधित करेंगे। आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख विनोद कुमार ने शनिवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि भागवत 25 अक्टूबर को 'जेन-जी' स्वयंसेवकों के शिविर को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, वह स्थानीय पदाधिकारियों और प्रांत की कार्यकारी टीमों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आरएसएस के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महाकौशल प्रांत में 38 राजस्व जिले शामिल हैं। इसके संभागीय मुख्यालय जबलपुर, सागर और रीवा में स्थित हैं। कुमार ने बताया कि भागवत 24 अक्टूबर को स्थानीय प्रमुख पदाधिकारियों, मुख्य शिक्षकों और शहर स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। इस दौरान संगठन के आंतरिक मामलों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि भागवत का दौरा 26 अक्टूबर को महाकौशल प्रांत की कार्यकारी समिति और संभागीय टीमों के सदस्यों के साथ बैठक के बाद समाप्त होगा। बैठक में संगठन के कामकाज, गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आरएसएस ने पिछले कुछ महीनों में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शनों के बाद युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास तेज किए हैं।
-
प्रधानमंत्री मोदी का ओडिशा दौरा 25 अक्टूबर को
राष्ट्रपति मुर्मू 28 अक्टूबर से दो दिवसीय दौरे पर
भुवनेश्वर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने के अंतिम सप्ताह में ओडिशा का दौरा कर सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 25 अक्टूबर को खुर्दा जिले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए डेटा सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने के लिए ओडिशा जाएंगे। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू 28 अक्टूबर से राज्य के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। दोनों के दौरे और कार्यक्रमों की तैयारियों की योजना बनाने के लिए यहां मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैठक की जा रही है। राष्ट्रपति मुर्मू के संभावित कार्यक्रम के अनुसार, वह 28 अक्टूबर को ओडिशा पहुंचेंगी। मुर्मू इसके बाद रायरंगपुर से बहलदा स्थित मां कीचकश्वरी मंदिर जाएंगी। उनके महुलडीहा स्थित लक्ष्मी मंडप और रायरंगपुर में अपने आवास पर भी जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति, दोनों के दौरों के दौरान कई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शनिवार को मां कालरात्रि को नमन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी स्तुति से जुड़े एक भजन को शेयर किया गया। पीएम मोदी ने यह भजन एक यूट्यूब लिंक के माध्यम से साझा किया।प्रधानमंत्री ने अपने इस पोस्ट में लिखा, “नवरात्र में आज मां कालरात्रि की विशेष उपासना का दिन है। उनके आशीर्वाद से सभी का जीवन नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास से आलोकित हो। देवी मां की दिव्य कृपा से सबकी समृद्धि हो, यही प्रार्थना है।”
उन्होंने एक्स पोस्ट में ओडिया भजन साझा किया। उन्होंने ज्योतिर्मयी नायक और अंतरा चक्रवर्ती के गाए भजन ‘दुर्गा पूजा स्पेशल’ का यूट्यूब लिंक साझा किया। इस भजन में देवी की महिमा का बखान किया गया है। इस भजन में देवी दुर्गा के सभी स्वरूपों की स्तुति की गई है।शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन आज आदि शक्ति के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है। मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत दिव्य है। उनका वर्ण श्याम है, केश खुले हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली मुंडमाला सुशोभित है। मां के तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह गोल व प्रकाशमान हैं, जिनसे निरंतर अग्नि की ज्वालाएं निकलती रहती हैं। उनके श्वास छोड़ने से भी अग्नि की भयंकर लपटें उत्सर्जित होती हैं।चतुर्भुजी मां कालरात्रि बाएं हाथों में खड्ग और वरमुद्रा होता है, तथा दाहिना हाथ हमेशा अभय मुद्रा (भय दूर करने वाली) और वरद मुद्रा (वरदान देने वाली) में रहता है। गर्दभ (गधा) मां कालरात्रि का वाहन है। यद्यपि मां का यह स्वरूप अत्यंत रौद्र और भयानक है, परंतु वे अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं; यही कारण है कि उन्हें ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है। मां कालरात्रि को गुड़ अत्यंत प्रिय है। गुड़ का भोग लगाने से वे प्रसन्न होती हैं और भक्तों के सभी संकट को दूर करती हैं। तांत्रिकों, योगियों और साधकों के लिए यह रात बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। मां कालरात्रि की उपासना से भक्तों के अंदर अटूट साहस, शक्ति और मानसिक शांति का संचार होता है। -
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान की एक दशक की उपलब्धियों और मरीजों को प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवाओं पर आधारित रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 के बीच संस्थान के मुख्य परिसर और विभिन्न संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों में कुल 37,74,524 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। यह उपलब्धि आयुर्वेद आधारित चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और व्यापक स्तर पर मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के संस्थान के प्रयासों को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित एआईआईए के मुख्य परिसर में इस अवधि के दौरान 30,37,077 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। संस्थान में प्रतिदिन लगभग 3,000 मरीजों को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता है। इसके अलावा, 200 बिस्तरों वाला आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों की जरूरतों को पूरा करता है। यह बुनियादी ढांचा संस्थान की विस्तारित चिकित्सकीय सेवाओं और मरीजों की देखभाल करने की क्षमता को दर्शाता है।मुख्य परिसर के अतिरिक्त, एआईआईए ने गोवा स्थित सैटेलाइट सेंटर और विभिन्न संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों के माध्यम से अपने स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क का विस्तार किया है। इनमें सफदरजंग अस्पताल, यूपीएससी भवन, झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, मसूरी स्थित आईएएस प्रशिक्षण केंद्र और केवड़िया, एकता नगर स्थित केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.37 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं, जिससे संस्थान की पहुंच और व्यापक हुई।एआईआईए के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि और स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि इस अवधि में संस्थान में मरीजों की संख्या चार गुना से अधिक बढ़ी। वर्ष 2020 में लगभग 1.23 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई थीं, जबकि सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5.40 लाख से अधिक हो गई। यह वृद्धि संस्थान की चिकित्सकीय सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेद आधारित परामर्श एवं उपचार के लिए आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को रेखांकित करती है।स्थापना दिवस के अवसर पर दशकभर की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट जारी करना और KAUMARACON-2026 का आयोजन संस्थान की दो प्रमुख प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इनमें व्यापक जनसमुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्थागत सहयोग के माध्यम से आयुर्वेद की चिकित्सकीय उपयोगिता को सुदृढ़ करना शामिल है।अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना तथा भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को वायु सेना के लिए एक समर्पित संचार उपग्रह प्रणाली और नौसेना के वास्ते भारी वजन वाले टॉरपीडो की खरीद को लेकर करीब 4,106 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इनसे दोनों सेनाओं की युद्धक क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये दोनों अनुबंध सरकार के आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' के दृष्टिकोण के अनुरूप घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के विकास को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मंत्रालय ने इस उद्देश्य से बेंगलुरु की 'न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड' के साथ 2,563 करोड़ रुपये की लागत वाले समर्पित संचार उपग्रह जीसैट-7सी के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''स्वदेश में विकसित और निर्मित यह उपग्रह भारतीय वायु सेना के संसाधनों के लिए सुरक्षित, मजबूत और निर्बाध संचार क्षमताओं को बढ़ाएगा जिससे उसकी परिचालन प्रभावशीलता और मजबूत होगी।'' इसके अलावा, 1,543 करोड़ रुपये की 'वरुणास्त्र' टॉरपीडो की खरीद के लिए दूसरा अनुबंध हैदराबाद की 'भारत डायनामिक्स लिमिटेड' के साथ किया गया। 'वरुणास्त्र' नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला द्वारा विकसित स्वदेशी पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो है जिसे पोत से प्रक्षेपित किया जा सकता है। मंत्रालय ने बताया कि कुशलतापूर्वक अपनी दिशा और अपनी स्थिति बदलने में माहिर यह टॉरपीडो लंबी दूरी से ही दुश्मन की पनडुब्बियों को निशाना बनाने में सक्षम है। इससे भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता मजबूत होगी। नयी दिल्ली में रक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (अधिग्रहण), ए. अनबारासु की मौजूदगी में इन अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए।
-
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित 'नमो डिजिटल मंदिर' की बृहस्पतिवार को लखनऊ में शुरुआत की गई। इस अवसर पर गाजियाबाद के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने मोदी के मंदिर के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये का चेक दान किया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में 'नमो डिजिटल मंदिर' का शिलान्यास करने वाले डॉक्टर राजन सिंह बिहार सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही किन्नर समुदाय को लाभ मिला है और बिहार में पहली बार इस समुदाय के लोग पुलिस उप निरीक्षक तथा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती हुए हैं इसलिए वह मोदी को भगवान के समान मानते हैं। सिंह ने बताया कि बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड में इसी साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी का एक मंदिर बनाने का प्रस्ताव पारित किया था और उसके लिए जमीन की उपलब्धता से संबंधित एक प्रस्ताव बिहार सरकार को दिया गया है। उन्होंने बताया कि जब बिहार सरकार जमीन उपलब्ध करा देगी तब उस पर मोदी का मंदिर स्थापित किया जाएगा लेकिन फिलहाल मोदी के मंदिर को डिजिटल स्वरूप में पेश किया गया है और कोई भी व्यक्ति उस पर जाकर मोदी के दर्शन कर सकता है। सिंह ने बताया कि इस डिजिटल मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी के अब तक के कार्यकाल में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर आधारित 'चालीसा' भी अपलोड की गई है जिसे कोई भी पढ़ सकता है। सिंह ने बताया कि प्रस्तावित 'नमो डिजिटल मंदिर' को डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों को जोड़ने और आस्था एवं सेवा के संगम के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। कार्यक्रम में नमह नामक भाजपा नेता ने मोदी के मंदिर के निर्माण के लिए 11 लाख रुपए दिये।
उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित उद्यमी योजना से हुई आमदनी का पहला अंश प्रस्तावित मंदिर के निर्माण के लिए समर्पित कर रहे हैं। - नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और राज्य पुलिस को बृहस्पतिवार को बधाई दी। शाह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मादक पदार्थ नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार! असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा जी और असम पुलिस को इस निरंतर कार्रवाई के लिए बधाई, जिसके परिणामस्वरूप 945 गिरफ्तारियां, 547 मामले और 182 करोड़ रू से अधिक मूल्य के मादक पदार्थों की जब्ती हुई है, साथ ही 703 'हॉटस्पॉट्स' के खिलाफ कार्रवाई और लगभग 31 करोड़ रू मूल्य की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया जारी है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के दृष्टिकोण के तहत मादक पदार्थ नियंत्रण संबंधी दृष्टि-पत्र 2026-29 में मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने, उनके वित्तीय आधार पर प्रहार करने और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी सरकार के संकल्प को दोहराया गया है। शाह ने कहा, ''मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अटूट संकल्प के साथ जारी रहेगी।''
-
लेह। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि लद्दाख के युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, नयी प्रौद्योगिकी सीखने के अवसर प्राप्त हों और उन्हें इसके लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। मोदी ने लद्दाख में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और सामरिक सड़क संपर्क से जुड़ी लगभग 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करते हुए कहा कि जम्मू स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के परिसर स्थापित करने के प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन शैक्षणिक केंद्रों के माध्यम से लद्दाख के युवा उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नए कौशल सीखने के बेहतर अवसरों का लाभ अपने ही क्षेत्र में उठा सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारा विशेष ध्यान लद्दाख की नयी पीढ़ी पर है। युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले, नयी प्रौद्योगिकी सीखने का मौका मिले और उन्हें अन्य शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। यही कारण है कि लेह में एक प्रमुख उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि आज लद्दाख की प्रगति और विकास में एक और अध्याय जुड़ रहा है तथा उन्हें इस अवसर का हिस्सा बनने की बेहद खुशी है। मोदी ने कहा, ''आज कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है।
ये परियोजनाएं लद्दाख के लोगों के लिए सफर आसान बनाएंगी, कुछ इलाकों में बिजली की सुविधाओं में सुधार करेंगी, कुछ में पानी की उपलब्धता बढ़ाएंगी और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को मजबूत करेंगी।'' अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं में लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये की लागत से बना नया यात्री टर्मिनल भवन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि 23,800 वर्ग मीटर में फैले इस आधुनिक टर्मिनल को प्रति वर्ष 35 लाख यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए भूतापीय ऊर्जा का उपयोग करते हुए यह टर्मिनल भवन लद्दाख में पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील वातावरण में टिकाऊ बुनियादी ढांचे के महत्व को दर्शाता है। मोदी ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क, नौ मेगावाट की हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवाट की डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने लेह में सिंधु घाट में भारत के पहले शैलचित्र संरक्षण पार्क और हिम सरोवर परियोजना के तहत 40 गांवों में विकसित किए गए 40 जलाशयों का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, ''मैं इन परियोजनाओं के लिए लद्दाख के सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं। मैं इन परियोजनाओं में शामिल रहे सभी इंजीनियरों, श्रमिकों और स्थानीय सहयोगियों को भी बधाई देता हूं। मैं बीआरओ के सहयोगियों की विशेष रूप से सराहना करता हूं।'' मोदी ने कहा कि लद्दाख में खेलों की अपार संभावनाएं हैं और केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं ने 'आइस हॉकी', शीतकालीन खेलों और पर्वतारोहण जैसे क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि लद्दाख में नयी खेल नीति के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करें।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी थी और यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, ''यह भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा टर्मिनल है जो भूतापीय ऊर्जा सुविधाओं से लैस है। हमारा प्रयास पर्यावरण का पूरा ध्यान रखते हुए लद्दाख में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करना है।'' मोदी ने कहा कि यह टर्मिनल लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र को भी नयी ऊर्जा प्रदान करेगा। मोदी ने सड़क परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस यात्रा में पहले लगभग 12 घंटे लगते थे, वह अब केवल तीन घंटे में पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा, ''इससे न केवल यात्रा के समय की बचत होगी, बल्कि इस मार्ग पर व्यापार और वाणिज्य को भी बड़ा लाभ होगा।'' -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार नक्सलवाद के शेष निशानों को खत्म करने और बस्तर को एक शांतिपूर्ण तथा समृद्ध क्षेत्र के रूप में बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां कांग्रेस के शासनकाल में दशकों तक लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाई थीं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार द्वारा बस्तर के पुनर्निर्माण और वामपंथी उग्रवाद के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पांच दशकों में इसके कारण लोगों को जो पीड़ा झेलनी पड़ी है, उसे दूर करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इसका सबसे अधिक असर क्षेत्र के गरीब आदिवासी समुदायों पर पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत, दिव्यांगजनों (जिनमें नक्सली हिंसा से प्रभावित लोग भी शामिल हैं) के लिए सहायक उपकरणों के वितरण समारोह को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केवल नक्सलवाद के खत्म होने से "पांच दशकों की पीड़ा" नहीं मिटेगी। शाह ने कहा कि पांच से सात अक्टूबर तक जगदलपुर में आयोजित दिव्यांग सहायता कार्यक्रम से 3,600 से अधिक लोग लाभान्वित हुए, जिनमें अकेले बस्तर के करीब 1,570 लोग शामिल हैं। इस पहल के तहत नक्सलवाद से प्रभावित लोगों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, तिपहिया साइकिल, सुनने में मदद करने वाले उपकरण और छड़ियों सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने बस्तर के गरीब आदिवासी समुदायों को बहुत अधिक पीड़ा पहुंचाई है।
मंत्री ने कहा कि अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए निर्दोष नागरिकों को दिव्यांग बनाने के वास्ते आईईडी का इस्तेमाल करना मानवाधिकारों का सबसे गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा, "हमें इस पीड़ा से मिले घावों को भरना होगा, पीड़ितों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करनी होगी, और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे गरिमा और सम्मान के साथ जी सकें।" शाह ने कहा कि 'नियाद नेल्लनार' योजना के तहत बस्तर में बुनियादी ढांचे के विस्तार और जरूरी सेवाएं पहुंचाने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं; जबकि कांग्रेस सरकारों के दौरान पांच दशकों तक बस्तर इन सुविधाओं से वंचित रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार "नक्सलवाद के शेष निशानों" को खत्म करने और बस्तर को एक शांतिपूर्ण एवं समृद्ध क्षेत्र के रूप में बहाल करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। शाह ने कहा कि इन प्रयासों में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर दिव्यांग व्यक्ति और हर पीड़ित को पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "बस्तर क्षेत्र के पारंपरिक आदिवासी नेतृत्व ने भी इसमें बड़ा योगदान दिया है।"
शाह ने कहा कि 'बस्तर ओलंपिक' ने उन जगहों पर लोगों को खेलों के लिए एक साथ जोड़ा है, जहां कभी गोलीबारी और बम धमाकों से डर का माहौल हुआ करता था। उन्होंने बताया कि 'बस्तर पांडुम' के जरिए सरकार आदिवासी कला और संस्कृति को पुनर्जीवित करना चाहती है, जबकि 'नियाद नेल्लनार' योजना से दूर-दराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। शाह ने कहा कि जिस इलाके में कभी गोलियों और बम धमाकों की आवाजें गूंजती थीं और हर तरफ डर का माहौल था, वहां अब हजारों युवा खेलों में हिस्सा ले रहे हैं तथा अपनी परंपराओं को जिंदा रखे हुए हैं। नक्सलियों के पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि 7,328 ऐसे लोगों के बैंक खाते खुलवाए गए जिनके पास खाते नहीं थे जबकि 1,620 लोगों को इनाम की राशि दी गई। उन्होंने कहा कि 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि दी गई, 455 लोगों को रोजगार मिला और 129 लोगों को जमीन आवंटित की गई। गृह मंत्री ने कहा, "इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4014 लाभार्थियों को घर मिले हैं, और 2308 से अधिक आदिवासी लोगों ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया है।" शाह ने बताया कि 6,763 नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं, 2,808 परिवारों को मुफ्त बिजली दी गई है, और 372 नयी सड़क परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, "670 छोटे पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है, 48,526 लोगों को आधार कार्ड जारी किए गए हैं, और 44 ग्राम पंचायतों को 'इलवाड पंचायत पुरस्कार' के तहत मान्यता दी गई है।
गृह मंत्री ने बताया कि 500 से अधिक सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 200 से ज्यादा शिविरों को 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' में बदल दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जिन स्थानों पर कभी हमारे सुरक्षाकर्मी आपकी रक्षा के लिए बैठते थे, अब वहीं भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी विकसित बस्तर की नींव रखेंगे। ये सार्वजनिक सेवा केंद्र सरकार को विकसित बस्तर के अपने दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करेंगे।" उन्होंने कहा कि इन केंद्रों से बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी जरूरतों, युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों तथा आदिवासी समुदायों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है । इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष और महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों ने अपने हस्ताक्षर वाली जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की । प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, ''इतने सारे पदकवीर से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण है कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। '' प्रधानमंत्री मोदी ने महिला हॉकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, ''महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। '' उन्होंने कहा, ''संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत आपने सफलता हासिल की है।'' उन्होंने कहा,'' बीते दस बारह वर्षों में देश ने लगन और निष्ठा से लगातार प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और इसकी वजह से वह देश के लिए क्या करके दिखाता है, आप सभी इसके उत्तम उदाहरण हैं । '' भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया ।
-
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' (एसएसआर) किया जाएगा। इनमें वैसे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा सहित इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे एक पत्र में आयोग ने बताया कि एक जनवरी 2027 ''पात्रता तिथि'' मानी जाएगी। इस एसएसआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को मतदाता सूची में शामिल करना, इसकी प्रविष्टियों में सुधार करना और इसमें संशोधन को और बेहतर बनाना है। जहां 403-सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है, वहीं 60-सदस्यीय मणिपुर, 40-सदस्यीय गोवा, 117-सदस्यीय पंजाब और 70-सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा। 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' के तहत निर्वाचन आयोग को यह अधिकार है कि वह कार्यकाल समाप्त होने से ''छह महीने पहले'' चुनाव करा सकता है।
-
नई दिल्ली।‘ नवरात्रि के पांचवें दिन आज गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुभाषित साझा किया। उन्होंने संस्कृत श्लोक साझा कर स्कंदमाता को नमन किया।
प्रधानमंत्री की ओर से संस्कृत श्लोक, “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः” साझा किया गया, जिसका हिंदी भावार्थ है कि जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विद्यमान हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार है। यह संस्कृत श्लोक दुर्गा सप्तशती (देवी महात्म्य) के अध्याय पांच से लिया गया है। जब देवी ने विभिन्न रूपों में प्रकट होकर संसार की रक्षा की, तब सभी देवताओं ने उनकी शक्ति और विभिन्न रूपों को नमन करते हुए इस स्तोत्र का गान किया।देवताओं ने देवी से कहा, ”हे देवी! आप इस संपूर्ण सृष्टि के सभी जीव-जंतुओं और प्राणियों के भीतर ऊर्जा, सामर्थ्य और शक्ति के रूप में विराजमान हैं। आपको मेरा बार-बार प्रणाम है।”आज नवरात्रि का पांचवां दिन है, इस दिन स्कंदमाता की आराधना की जाती है। देवी को भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। मां का वाहन शेर है। देवी स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मां की चार भुजाएं हैं। गोद में भगवान स्कंद (बाल रूप में कार्तिकेय) बैठे होते हैं। मां के दो हाथों में कमल का पुष्प है, एक हाथ में वरमुद्रा या अभयमुद्रा है।स्कंदमाता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। मां भोग में केले का प्रसाद और पीले फूल अर्पित करने से प्रसन्न होती हैं। स्कंदमाता देवी की आराधना से विशुद्ध चक्र जाग्रत होता है। स्कंदमाता देवी की उपासना करने से सुख, शांति, संतान सुख, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव की पत्नी के रूप में देवी ने कार्तिकेय को जन्म दिया था। कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है, इसलिए देवी को स्कंदमाता कहा जाता है। -
नयी दिल्ली. भारत ने सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों की बुधवार को निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के हमले ''पूरी तरह अस्वीकार्य'' हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। साथ ही, भारत ने यह भी कहा कि वह विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के कल्याण और उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने को प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो सप्ताह में एक बार होने वाली अपनी नियमित प्रेस वार्ता में यह भी बताया कि रियाद हवाई अड्डे पर हमले में घायल भारतीय नागरिक की हमले के एक दिन बाद 11 अक्टूबर को मौत हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार उनके परिवार की इच्छा के अनुसार सऊदी अरब की राजधानी में किया गया, जिसमें वहां स्थित भारतीय दूतावास ने मदद की। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले शनिवार को हुआ हमला बीते एक सप्ताह में इस हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों में नवीनतम था। इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और घायलों में 11 भारतीय भी शामिल थे।
जायसवाल ने कहा, ''घायल 11 भारतीयों में से तीन को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है जबकि आठ अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से चार गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में हैं। हमारे दूतावास के अधिकारी नियमित रूप से घायलों से मिलने जाते हैं। वे उनके परिवारों के संपर्क में भी हैं। हम विदेशों में अपने नागरिकों के कल्याण और उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने को प्रतिबद्ध हैं।'' रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया था कि रियाद में हुए हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। जायसवाल ने कहा, ''सऊदी अरब में लगातार कई हमले हुए हैं, जिनकी हमने निंदा की है। कल अरामको के मुख्यालय पर हमला किया गया। हम सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे पर ऐसे सभी हमलों की निंदा करते हैं। इन हमलों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। ये पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।'' उन्होंने कहा, ''हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सऊदी अरब की जनता और सरकार के साथ एकजुटता से खड़े हैं। हमें उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।''
सऊदी अरब के हवाई अड्डे और तेल प्रतिष्ठान सहित बुनियादी ढांचों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों में नए सिरे से तेजी आने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने ये टिप्पणियां कीं। इस महीने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आभा हवाई अड्डे सहित सऊदी अरब के कई हवाई अड्डों को हूती हमलों में बार-बार निशाना बनाया गया है। इससे उड़ानें प्रभावित हुई हैं और लोगों की जान गई है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि देश के पूर्वी प्रांत में अरामको के एक प्रतिष्ठान पर हमले के बाद वहां स्थित एक प्रशासनिक इमारत में मामूली आग लग गई। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह घटना मंगलवार रात हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच हमलों के आदान-प्रदान के दौरान हुई। इससे पश्चिम एशिया में लगातार गहराते संकट के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। जायसवाल से सऊदी अरब में हमलों से प्रभावित भारतीयों की संख्या और उनकी सहायता के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''वहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। सऊदी अरब में हमारा दूतावास उनके कल्याण के लिए समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में है। दूतावास ने परामर्श भी जारी किए हैं।'' जायसवाल ने कहा, ''बड़ी संख्या में भारतीय सऊदी अरब और भारत के बीच यात्रा करते हैं। वहां के हवाई अड्डों पर हमलों के बाद उड़ानों के कार्यक्रम में आए व्यवधान से उनमें से कुछ लोग प्रभावित हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि उड़ानों में व्यवधान का असर भारतीय विमानन कंपनियों पर भी पड़ा है, हालांकि सऊदी अरब की विमानन कंपनियां अब कई उड़ानों का संचालन कर रही हैं। जायसवाल ने कहा, ''जिन उड़ानों पर असर पड़ा है उनमें रियाद, दम्माम और मदीना से आने-जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। जेद्दा सहित एक-दो अन्य हवाई अड्डों से संबंधित उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। भारतीय दूतावास वहां फंसे यात्रियों को अद्यतन जानकारी उपलब्ध करा रहा है। -
मेरठ (उप्र)/ मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या और 'नीला ड्रम' कांड के तौर पर चर्चित हुए मामले की दोषी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा भले ही बुधवार को सुनाई गई, लेकिन दोनों फैसला सुनाये जाने से दो दिन पहले से ही खासे बेचैन थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान और साहिल परेशान तथा बेचैन नजर आ रहे थे और दोनों ने मंगलवार की रात और बुधवार सुबह बहुत कम खाना खाया और पिछले कुछ दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे।
शर्मा ने बताया कि मुस्कान पिछले तीन-चार दिनों से अपनी बड़ी बेटी से मिलने की गुजारिश कर रही है। उन्होंने बताया कि करीब सात साल की बच्ची को अभी मुस्कान से मिलवाने के लिए जेल नहीं लाया गया है। उन्होंने बताया कि जेल के नियमों के तहत छह साल की उम्र तक ही संतान अपनी मां के साथ रह सकती है। शर्मा ने यह भी बताया कि मुस्कान अपने साथ जेल में ही रह रही अपनी 10 महीने की बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है और वह इस बारे में सवाल भी करती रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि साहिल जेल में खेतीबाड़ी का काम करता था लेकिन उसने पिछले कुछ दिनों से यह कहते हुए वह काम छोड़ दिया था कि सजा सुनाए जाने के बाद वह फिर काम करेगा। सौरभ राजपूत की हत्या तीन मार्च 2025 की रात को कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ को कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे और पुलिस ने उन्हें 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए और करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था। -
मेरठ (उप्र). मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में दोषी करार दी गयी उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को एक स्थानीय अदालत ने फांसी की सजा सुनायी है। जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने बताया कि जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई के बाद दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनायी गयी। उन्होंने बताया कि गत 30 सितंबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में दोषी करार दिये गये साहिल और मुस्कान जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालत के समक्ष पेश हुए, जिसके बाद सजा पर बहस और दोषियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए सुनवाई हुई। चौबे ने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान और साहिल को अलग-अलग पेश किया गया और दोनों ने अपना पक्ष रखा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सुनवाई संक्षिप्त रही। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों से विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए, जिनमें फॉरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े सवाल भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने सवालों का विस्तृत ब्योरा साझा करने से इनकार किया। अभियोजन के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या मार्च 2025 में की गई थी। आरोप था कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में डालकर उसे सीमेंट से सील कर दिया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए और करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था।
-
अमेठी (उप्र) . अमेठी के गौरीगंज से विधायक समेत समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक बुधवार को केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए। गौरीगंज में आयोजित भाजपा के सदस्यता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस निर्वाचन आयोग को निशाना बनाकर देश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है और लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने 'युवराज' को 'शहंशाह' बनाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कई विपक्षी दलों को एकजुट कर ले, तब भी उसे सफलता नहीं मिलेगी। इस कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के बागी विधायकों राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज), अभय सिंह (गौसाईगंज) और विनोद चतुर्वेदी (कालपी) ने अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। चौधरी ने दावा किया कि भाजपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अमेठी और रायबरेली ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में निर्णायक जीत हासिल करेगी और लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। ईरानी ने कहा कि 1989 से कांग्रेस की सरकार उत्तर प्रदेश में नहीं है और वे लगातार नौ चुनाव हारे हैं।
अमेठी की पूर्व सांसद ईरानी ने कहा, ''गांधी परिवार के अंदर इतना साहस नहीं है कि अमेठी से अकेले चुनाव लड़ सके। अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस को सपा की साइकिल का सहारा लेना पड़ता है।'' उन्होंने आरोप लगाया, ''आज दिल्ली में कांग्रेस निर्वाचन आयोग को मोहरा बनाकर भारत के लोकतंत्र को कुचलना चाहती है, लेकिन उसके इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।'' सदस्यता ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी ने कहा, ''भारत किसी की जागीर नहीं है। देश की जनता जाग चुकी है, जाति और परिवारवादी राजनीति का खात्मा शुरू हो गया है। देश की जनता सपा और कांग्रेस को रसातल में भेजने का काम करेगी।'' -
नई दिल्ली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुई भीषण नाव दुर्घटना में 13 बच्चों की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने जानकारी दी कि हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि वैशाली में नाव पलटने की घटना में हुई मौतें बेहद दुखद और पीड़ादायक हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रहा है।इससे पहले बिहार सरकार मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान कर चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासन को राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार देर शाम वैशाली के राघोपुर थाना क्षेत्र में एक छोटी नाव पर 15 से 20 बच्चे भोज में शामिल होने जा रहे थे। अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई और बच्चे गंगा नदी में डूब गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की संयुक्त मदद से चलाए गए बचाव अभियान में अब तक 13 बच्चों के शव बरामद हो चुके हैं। मृतकों की पहचान मीरा कुमारी, निशु कुमारी, अनिशा कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, मोहन कुमार, अमृता कुमारी, अंकिता कुमारी, पिंकी कुमारी, नमन कुमार, सिकी कुमारी, भोनू कुमारी और सोनम कुमारी के रूप में की गई है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छाया हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। (
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्माण्डा की पूजा की और सभी के जीवन में नई उम्मीद, खुशी, समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नवरात्रि के अवसर पर, आज देवी माता के चौथे स्वरूप, मां कूष्माण्डा की पूजा का दिन है। उनकी असीम ऊर्जा हमारे सभी देशवासियों के जीवन में नई उम्मीद, खुशी, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लाए।”
पीएम मोदी ने ‘विजयवाडाल्लो वेलिसिना दुर्गाम्मा, दुर्गा देवी डिवोशनल सॉन्ग्स तेलंगाना फोक्स’ का यूट्यूब लिंक भी साझा किया, जिसमें देवी को समर्पित भक्ति गीत हैं। इसके साथ उन्होंने देवी मां को समर्पित एक भक्तिपूर्ण प्रार्थना भी पोस्ट की। प्रार्थना में कहा गया है, “हे मां नारायणी! आप सभी शुभ चीजों में सबसे शुभ हैं। आप दैवीय कृपा और परोपकार का स्वरूप हैं, और सभी नेक इच्छाओं और प्रिय कामनाओं को पूरा करने वाली हैं। आप शरण में आने वालों की रक्षक हैं, त्रिनेत्रधारी देवी हैं और गोरे रंग वाली मां गौरी हैं; हे ब्रह्मांड की दिव्य माता, मैं आपको सादर नमन करता हूं।”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन शुभकामनाएं दीं। एक्स पर उन्होंने लिखा, “मां भगवती के चौथे स्वरूप, मां कूष्माण्डा के चरणों में बार-बार नमन। मां की कृपा सभी भक्तों के जीवन में स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि, ऊर्जा और सकारात्मकता लाए—यही प्रार्थना है। जय मां कूष्माण्डा।”दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मां कूष्माण्डा को ब्रह्मांड की आदि सृजन शक्ति बताते हुए कहा, “नवरात्रि के पवित्र चौथे दिन, ब्रह्मांड की आदि सृजन शक्ति, दिव्य मां कूष्माण्डा के चरण-कमलों में सादर नमन। जिनकी सौम्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना हुई और जिनकी दिव्य आभा से संपूर्ण सजीव और निर्जीव जगत प्रकाशित है, वे मां कूष्माण्डा ही समस्त सृष्टि में जीवन, ऊर्जा और चेतना का आधार हैं। जगत-जननी माँ की कृपा से सर्वत्र मंगल हो और सभी का कल्याण हो।” शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन भक्त देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्माण्डा की पूजा करते हैं। वे सृजनात्मक ऊर्जा, ऊष्मा और नई शुरुआत की प्रतीक मानी जाती हैं। हिंदू परंपरा के अनुसार, मां कूष्माण्डा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की और उसमें प्रकाश तथा ऊर्जा का संचार किया। भक्त अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि, शक्ति और सुख का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी आराधना करते हैं। शारदीय नवरात्रि का नौ दिवसीय उत्सव देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है। हर दिन का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। इस पर्व का समापन विजयादशमी यानी दशहरा के साथ होता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। -
नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक सुदृढ़ता राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का अभिन्न अंग है और भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी कारकों से उत्पन्न व्यवधानों को झेलने की अपनी क्षमता बार-बार साबित की है। उन्होंने यहां राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी) के 66वें पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैन्य क्षमताओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नवाचार को व्यावहारिक समाधान में बदलने के वास्ते वैज्ञानिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच करीबी सहयोग जरूरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के संघर्षों ने ऐसी किफायती प्रौद्योगिकियों के महत्व को रेखांकित किया है, जो उन्नत रक्षा प्रणालियों की पूरक हों और उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध मजबूत करने में सरकारी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने स्वदेशी अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की अनुसंधान, विकास एवं नवाचार योजना का उल्लेख किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह योजना न केवल अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी (डीप-टेक) से जुड़े स्टार्टअप को समर्थन देती है, बल्कि रणनीतिक जरूरतों, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के विकास में भी मदद करती है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''आर्थिक सुदृढ़ता राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का अभिन्न अंग है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी कारकों से उत्पन्न व्यवधानों को झेलने की अपनी क्षमता बार-बार साबित की है। भारत ने ऐसा अपनी रणनीतिक निर्णय लेने की स्वतंत्रता से समझौता किए बिना किया है।'' राष्ट्रपति ने कहा कि प्राचीन भारत के कई ग्रंथों में सुरक्षा संबंधी प्रतिक्रिया तंत्र और उन कर्तव्यों का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिनसे एक शासक को अवगत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि रामायण और महाभारत में राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासक द्वारा उठाए जाने वाले विभिन्न कदमों का विस्तार से वर्णन किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इसी तरह, महाभारत के शांति पर्व में युधिष्ठिर ने भीष्म पितामह से पूछा है कि एक शासक को शासन कैसे करना चाहिए। इसके विस्तृत उत्तर में भीष्म ने राज्य संचालन के विभिन्न पहलुओं तथा योग्य शासक के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा, ''भीष्म राज्य की रक्षा और शत्रुओं को परास्त करने की रणनीतियों के बारे में बताते हैं, जिनमें गुप्तचरों के नेटवर्क का प्रबंधन भी शामिल है। भीष्म की सीख सुरक्षा से आगे जाती है। वह सामाजिक एकजुटता के साथ सुरक्षा पर जोर देते हैं।
धर्मसम्मत शासन की अपनी अवधारणा में भीष्म आर्थिक संसाधनों, कूटनीति, रक्षा और आंतरिक शांति को इसके अभिन्न अंग बताते हैं।'' मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के संकाय सदस्यों और पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सहित कई देशों ने माना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के भविष्य का परिदृश्य क्वांटम प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बीच तालमेल पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, ''अंतरिक्ष आधारित क्षमताएं भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो गई हैं। विज्ञान, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों के विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। यह प्रौद्योगिकी रणनीतिक निर्णय लेने में लगातार अधिक मददगार साबित होने वाली है।'' भारतीय सशस्त्र बलों, नागरिक सेवाओं और मित्र देशों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, जिससे नयी और जटिल चुनौतियां सामने आ रही हैं। -
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी के बीच उप निर्वाचन आयुक्तों के नेतृत्व में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन राज्यों में तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। आयोग की एक टीम फिलहाल उत्तराखंड के दौरे पर है। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में अधिकारी मणिपुर और पंजाब का दौरा करेंगे। गोवा का दौरा भी प्रस्तावित था, लेकिन अब यात्रा की तारीखों में बदलाव किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के दौरे को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटों पर चुनाव होना है। आमतौर पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों वाली 'पूर्ण आयोग' की टीम चुनाव वाले राज्यों का दौरा करती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है, जबकि 60 सदस्यीय मणिपुर, 40 सदस्यीय गोवा, 117 सदस्यीय पंजाब और 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधान निर्वाचन आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने से पहले भी चुनाव कराने की अनुमति देते हैं। चुनाव की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश और गोवा ने मतदान में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वीवीपैट मशीनों की 'प्रथम स्तर की जांच' (एफएलसी) शुरू कर दी है। एफएलसी के दौरान इन दोनों उपकरणों में तकनीकी खामियों की जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के इंजीनियर करते हैं। ये दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां इन उपकरणों का निर्माण करती हैं। खराब मशीनों को मरम्मत या बदलने के लिए निर्माताओं के पास वापस भेज दिया जाता है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों मशीनों की जांच के लिए 'मॉक पोल' भी कराया जाता है। चुनाव की तैयारियों में एफएलसी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग एक कैलेंडर जारी करता है, जिसका राज्यों को पालन करना होता है। मशीनों की ये जांच भी उसी कार्यक्रम का हिस्सा है। एफएलसी के दौरान कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट में पिछले चुनावों से जुड़ा कोई भी डेटा पूरी तरह मिटा दिया जाता है। सभी जांचों में सफल होने वाली यूनिट पर 'एफएलसी ओके' का निशान लगाया जाता है और चुनाव की तैयारियों के अगले चरणों से पहले अनधिकृत पहुंच रोकने के लिए उसे विशेष गुलाबी कागजी सील से सील कर दिया जाता है। एक ईवीएम में कम से कम एक बैलेट यूनिट, एक कंट्रोल यूनिट और एक वीवीपैट मशीन होती है।










.jpeg)
.jpeg)










.jpg)




.jpg)