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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम का 130वां एपिसोड था। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने समाज, खेती, सेहत और तकनीक जैसे अहम विषयों पर बात की और लोगों के प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने मिलेट्स यानी श्रीअन्न को लेकर देश में बढ़ते उत्साह को प्रेरणादायक बताया और इसे भारत की सांस्कृतिक और पोषण परंपरा से जोड़ा।
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”मैं आप सभी की मिलेट्स के लिए सराहना करना चाहता हूं। 2023 को हमने ‘मिलेट वर्ष’ घोषित किया था, लेकिन आज तीन साल बाद भी इसे लेकर देश और दुनिया में जो पैशन है, वो उत्साहित करने वाला है। आज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रीअन्न के प्रति लगाव लगातार बढ़ रहा है और यह सेहत के साथ-साथ किसानों की आमदनी के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है।”अपने संबोधन में पीएम मोदी ने तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ”यहां महिला किसानों का एक समूह पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। ‘पेरियापलायम मिलेट’ एफपीसी से करीब 800 महिला किसान जुड़ी हुई हैं। मिलेट की बढ़ती मांग को देखते हुए इन महिलाओं ने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की। अब ये महिलाएं मिलेट से बने उत्पादों को खुद तैयार कर सीधे बाजार तक पहुंचा रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनी हैं।”पीएम मोदी ने राजस्थान के रामसर क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”यहां एक कंपनी से 900 से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं, जो बाजरे की खेती करते हैं। ये किसान बाजरे से लड्डू तैयार करते हैं, जिनकी बाजार में काफी मांग है।”प्रधानमंत्री ने बताया, ”कई मंदिर ऐसे भी हैं, जहां प्रसाद के रूप में केवल मिलेट से बने उत्पादों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रीअन्न परंपरा, सेहत और रोजगार को एक साथ जोड़ रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”मिलेट्स से जहां किसानों की आय बढ़ रही है, वहीं आम लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल रहा है। सर्दियों के दिनों में हमें श्रीअन्न का सेवन जरूर करना चाहिए।”अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आने वाले कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फरवरी महीने में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से विशेषज्ञ भारत आएंगे। पीएम मोदी ने इस समिट में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत किया और कहा कि अगले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। आखिर में उन्होंने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भजन और कीर्तन हमारी संस्कृति की आत्मा हैं। हम सभी ने बचपन में मंदिरों में भजन सुने हैं, कथाएं सुनी हैं और हर पीढ़ी ने भक्ति को अपने अंदाज में अपनाया है। अब नई पीढ़ी ने इसे और भी खास अंदाज में अपने जीवन और अनुभवों के साथ जोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने भक्ति को एक नई शैली दी है और इसके चलते एक नया चलन सामने आया है जिसे ‘भजन क्लबिंग’ कहा जा रहा है। यह जेन जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने कहा कि आप सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो जरूर देखते होंगे। बड़े शहरों में युवा इकट्ठा होते हैं, मंच सजता है, रोशनी होती है, संगीत बजता है और माहौल किसी बड़े कॉन्सर्ट से कम नहीं लगता। लेकिन यहां जो गाया जाता है, वो भजन होता है और वो भी पूरे मन से, पूरी लगन से और पूरी तन्मयता के साथ।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस नए चलन में भजन की गरिमा और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है। भक्ति को हल्के में नहीं लिया जाता, शब्दों और भाव दोनों की मर्यादा बनी रहती है। मंच चाहे आधुनिक हो, संगीत की प्रस्तुति अलग हो, लेकिन भावना वही रहती है। वहां एक तरह का आध्यात्मिक प्रवाह महसूस होता है, जो हर किसी को भीतर तक छू जाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि भजन क्लबिंग सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि संस्कृति और भक्ति का एक नया रूप पेश कर रहा है। युवाओं की इस कोशिश से साफ लगता है कि हमारी परंपराएं अब भी जीवित हैं और उन्हें नई पीढ़ी अपनी समझ और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भजन क्लबिंग जेन जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह न केवल संगीत और भक्ति का संगम है, बल्कि युवा संस्कृति का भी हिस्सा बनता जा रहा है। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के युवाओं की प्रशंसा की है। ‘स्टार्टअप इंडिया’ के 10 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम’ बन चुका है।‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दस साल पहले जनवरी 2016 में हमने एक महत्वपूर्ण सफर शुरू किया। तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो, लेकिन ये युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है। यह ‘स्टार्टअप इंडिया’ की यात्रा है और इस अद्भुत यात्रा के ‘हीरो’ हमारे युवा साथी हैं।”उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हो चुका है। यह इकोसिस्टम पारंपरिक सोच से अलग है और ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनकी दस वर्ष पहले तक कल्पना भी कठिन थी। आज भारतीय स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सेल्यूट करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों, खासकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से आग्रह करते हुए कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत पर दुनिया की नजरें हैं। ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है। वह जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की। इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।”उन्होंने आगे कहा, “हम सबका एक ही मंत्र हो, ‘गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता।’ हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें। हमारे टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स, यहां तक कि पैकेजिंग भी, भारतीय उत्पाद का मतलब ‘उच्च गुणवत्ता’ होना चाहिए।”
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के युवाओं की प्रशंसा की है। ‘स्टार्टअप इंडिया’ के 10 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम’ बन चुका है।
‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दस साल पहले जनवरी 2016 में हमने एक महत्वपूर्ण सफर शुरू किया। तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो, लेकिन ये युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है। यह ‘स्टार्टअप इंडिया’ की यात्रा है और इस अद्भुत यात्रा के ‘हीरो’ हमारे युवा साथी हैं।”उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हो चुका है। यह इकोसिस्टम पारंपरिक सोच से अलग है और ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनकी दस वर्ष पहले तक कल्पना भी कठिन थी। आज भारतीय स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सेल्यूट करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों, खासकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से आग्रह करते हुए कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत पर दुनिया की नजरें हैं। ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है। वह जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की। इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।”उन्होंने आगे कहा, “हम सबका एक ही मंत्र हो, ‘गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता।’ हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें। हमारे टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स, यहां तक कि पैकेजिंग भी, भारतीय उत्पाद का मतलब ‘उच्च गुणवत्ता’ होना चाहिए। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को देश के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई दी।\
प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में पुरस्कार विजेताओं की उत्कृष्टता, समर्पण और सेवा समाज की संरचना को समृद्ध बनाती है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि यह सम्मान उस वचनबद्धता और उत्कृष्टता की भावना को दर्शाता है जो आने वाली पीढ़ियों को निरन्तर प्रेरित करती रहती है।पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा करने वाली एक एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री मोदी ने कहा;“हमारे देश के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई। विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उत्कृष्टता, समर्पण और सेवा हमारे समाज की संरचना को समृद्ध बनाती है। यह सम्मान उस वचनबद्धता और उत्कृष्टता की भावना को दर्शाता है जो आने वाली पीढ़ियों को निरन्तर प्रेरित करती रहती है।” -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योग जगत एवं स्टार्टअप से गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने तथा विनिर्माण में उत्कृष्टता को एक मानदंड बनाने का संकल्प लेने का रविवार को आग्रह किया। मोदी ने रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा कि भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के पर्याय होने चाहिए। उन्होंने उद्योग जगत से ऐसे उत्पादों का निर्माण करने का आग्रह किया जिनमें किसी प्रकार की कमी नहीं हो। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 130वें 'मन की बात' संबोधन में कहा, ''हम जो कुछ भी निर्मित करते हैं, आइए, उसकी गुणवत्ता में सुधार करने का संकल्प लें। चाहे वह हमारे वस्त्र हों, प्रौद्योगिकी हो, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हों या पैकेजिंग, हर भारतीय उत्पाद 'सर्वोत्तम गुणवत्ता' का पर्याय होना चाहिए।'' उन्होंने उन युवाओं के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने 10 साल पहले 2016 में शुरू हुई भारत की स्टार्टअप यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मोदी ने कहा, ''आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेशी तंत्र बन गया है। ये स्टार्टअप ढर्रे से हटकर काम कर रहे हैं; ये उन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं जिनकी कल्पना भी 10 साल पहले तक नहीं की जा सकती थी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप कंपनियां एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, परिवहन एवं आवागमन, हरित हाइड्रोजन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, ''आप किसी भी क्षेत्र का नाम लीजिए और आपको उस क्षेत्र में काम करने वाला कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप मिल जाएगा। मैं अपने उन सभी युवा मित्रों को सलाम करता हूं जो किसी न किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।'' प्रधानमंत्री ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस की भी शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि ''भारत पर दुनिया की नजरें हैं और ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है। वो जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की। होती है, चलती है, चल जाएगा, वो युग चला गया। आइए इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें। हम सबका एक ही मंत्र हो गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता! कल से आज बेहतर गुणवत्ता! हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें।'' उन्होंने कहा, ''मैंने तो लालकिले से कहा था 'जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट'। ऐसा करके ही हम विकसित भारत की यात्रा को तेजी से आगे ले जा पाएंगे।'' 'जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट' पहल का उद्देश्य उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना और विनिर्माण प्रक्रिया को टिकाऊ बनाना है। -
नयी दिल्ली. वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध लेखक मार्क टली का रविवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके एक करीबी दोस्त ने यह जानकारी दी। वह 90 वर्ष के थे। कई पुरस्कारों से सम्मानित मार्क टली कुछ समय से बीमार थे और पिछले एक सप्ताह से साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल के एक सूत्र ने बताया, ''टली को 21 जनवरी को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था और आज उनका निधन हो गया। वह अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख की निगरानी में थे।'' वरिष्ठ पत्रकार और टली के करीबी दोस्त सतीश जैकब ने बताया, ''मार्क का दोपहर में मैक्स अस्पताल, साकेत में निधन हो गया।'' उनका जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ था। टली 22 वर्षों तक 'बीबीसी' के नयी दिल्ली ब्यूरो के प्रमुख रहे। भारत पर उन्होंने कई किताबें लिखी थीं। प्रख्यात लेखक होने के साथ-साथ, टली बीबीसी रेडियो-4 के कार्यक्रम 'समथिंग अंडरस्टूड' के प्रस्तोता भी थे। वह भारत और ब्रिटिश राज से लेकर भारतीय रेलवे तक के विषयों पर बनी कई वृत्तचित्रों का हिस्सा थे।
टली को 2002 में 'नाइट' की उपाधि से सम्मानित किया गया और 2005 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से नवाजा गया। टली ने भारत पर कई किताबें लिखी हैं, जिनमें 'नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया', 'इंडिया इन स्लो मोशन' और 'द हार्ट ऑफ इंडिया' शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय लोग अपने विवेक के आधार पर और प्रलोभन, पूर्वाग्रह तथा गलत सूचनाओं से दूर रहकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिससे देश की चुनावी प्रणाली मजबूत होगी। उन्होंने चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए आगे आने वाली महिलाओं की भी सराहना की।
दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी अनिवार्य है कि सभी नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए इसका इस्तेमाल करें। निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस को पिछले 16 वर्षों से राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को जब भारतीय संविधान को अपनाया तो इसके 16 अनुच्छेद तुरंत प्रभाव से लागू हो गए। इनमें से एक अनुच्छेद निर्वाचन आयोग के गठन से संबंधित था। भारत के गणतंत्र बनने से एक दिन पहले 25 जनवरी 1950 को निर्वाचन आयोग अस्तित्व में आया। संविधान का शेष भाग 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। -
नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल के टॉलीगंज में 1930 के दशक के अंत में अमीर ब्रिटिश माता-पिता के बच्चे के रूप में मार्क टली को स्थानीय लोगों के साथ घुलने-मिलने की अनुमति नहीं थी। अपने माता-पिता की प्राथमिकताओं के विपरीत टली ने जीवन भर भारत में पत्रकार और पर्यवेक्षक के रूप में काम किया, लोगों के बीच घुलमिल कर उनकी कहानियां सुनाईं और देश के घटनापूर्ण अतीत के कुछ सबसे उल्लेखनीय अध्यायों को भी उजागर किया। प्रसिद्ध पत्रकार, लेखक और भारत से गहरा जुड़ाव रखने वाले टली का रविवार को यहां एक निजी अस्पताल में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे और पिछले एक सप्ताह से साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। टॉलीगंज में 1935 में जन्मे टली ने अपने जीवन का पहला दशक भारत में बिताया, जहां उन्होंने दार्जिलिंग के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की, जिसके बाद उन्हें आगे की शिक्षा के लिए इंग्लैंड भेज दिया गया। वर्ष 2001 में 'नाइटहुड' सम्मान के लिए चुने जाने के बाद 'बीबीसी' के साथ एक साक्षात्कार में टली ने इंग्लैंड को याद करते हुए कहा कि वह "बहुत ही नीरस, अंधेरी जगह थी… जहां भारत का उज्ज्वल आसमान नहीं था।'' कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में धर्मशास्त्र का पाठ्यक्रम करने के बाद, इस युवा ब्रिटिश नागरिक का झुकाव पादरी बनने की ओर था और उन्होंने लिंकन थियोलॉजिकल कॉलेज में दाखिला लिया। लेकिन नियति के पास उनके लिए कुछ और ही योजना थी। वर्ष 2020 में यूनेस्को कूरियर को दिए एक साक्षात्कार में टली ने अपने "विद्रोही स्वभाव" को याद करते हुए बताया कि वह सेमिनरी में केवल दो सत्र ही टिक पाए थे। उन्होंने कहा, "मुझे लगता था कि शायद मुझे पादरी बनने की प्रेरणा मिली है। मैं हमेशा से थोड़ा विद्रोही स्वभाव का था, और मुझे सेमिनरी का अनुशासन पसंद नहीं था। साथ ही, मैं बीयर का भी शौकीन था।'' बीबीसी ने अपने लेख में लिखा, "वह काफी शराब पीते थे: अपने 21वें जन्मदिन पर, उन्होंने एक पब में 21 पाइंट बियर खरीदने के लिए 21 शिलिंग का भुगतान किया, और उन्होंने वह सारी बियर पी डाली।" टली का भारत से पुनः परिचय तब हुआ जब बीबीसी ने उन्हें 1964 में नयी दिल्ली में अपना संवाददाता बनाकर भेजा जो अगले 30 वर्षों तक अंग्रेजी प्रसारक के साथ उनके करियर की शुरुआत थी। 35 वर्षीय टली को 1969 में लंदन वापस भेज दिया गया, क्योंकि भारत सरकार ने बीबीसी को भारत में प्रसारण करने से रोक दिया था। यह तब हुआ जब बीबीसी ने ''फैंटम इंडिया'' नामक एक फ्रेंच वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया था जिसमें देश की आलोचना की गई थी। वर्ष 1971 में दिल्ली लौटने के बाद अगले ही वर्ष उन्हें ब्यूरो प्रमुख बना दिया गया और उन्हें दक्षिण एशिया क्षेत्र को कवर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे भारत में उनके पत्रकारिता करियर का एक और चरण शुरू हुआ। बीबीसी के साथ उनके काम में स्वतंत्रता के बाद के भारतीय इतिहास की ऐतिहासिक घटनाओं का कवरेज प्रमुखता से शामिल है। वर्ष 1971 के बांग्लादेश युद्ध से लेकर 1975-77 के आपातकाल, 1979 में पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो की फांसी, ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या, 1984 के सिख विरोधी दंगे, 1991 में राजीव गांधी की हत्या और 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस तक की घटनाएं इनमें शामिल हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार और पंजाब की समस्या, पत्रकार सतीश जैकब के साथ लिखी गई टली की पहली पुस्तक, "अमृतसर: मिसेज गांधीज लास्ट बैटल" (1985) के विषय थे। भारत में बिताए अपने वर्षों पर टली की पहली प्रमुख पुस्तक 1988 में "नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया" के रूप में सामने आई, जिसमें देश में उनके दो दशकों से अधिक के काम को 10 निबंधों के संग्रह में समेटा गया था। इसमें ऑपरेशन ब्लू स्टार, रूप कंवर सती मामला, रामानंद सागर की "रामायण" और 1977 के कुंभ मेले सहित कुछ प्रमुख समाचार घटनाओं को शामिल किया गया था। उन्होंने पुस्तक की प्रस्तावना में लिखा, ''इस किताब में बताई गई कहानियां यह दिखाने में मदद करेंगी कि पश्चिमी सोच ने भारतीय जीवन को कैसे प्रभावित किया है और आज भी कर रही है। वे कहानियां भारत की गरीबी का हल नहीं देतीं, लेकिन यह सुझाव देती हैं कि समाधान खोजने की शुरुआत हमें भारत के भीतर करनी चाहिए।" टली को 1992 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया, ब्रिटिश सरकार ने न्यू ईयर ऑनर्स 2002 में उन्हें 'नाइट' की उपाधि से नवाजा और 2005 में उन्हें पद्म भूषण प्राप्त हुआ। वर्ष 1994 में एक ऐसी घटना के बाद बीबीसी के साथ उनका जुड़ाव आंशिक रूप से समाप्त हो गया, जिसे उनकी पत्रकारिता की ईमानदारी का प्रतिबिंब माना जा सकता है। बर्मिंघम में रेडियो अकादमी को दिए गए एक व्याख्यान में टली ने कहा कि जॉन बर्ट के नेतृत्व में बीबीसी के कर्मचारियों में "वास्तविक रूप से भय का माहौल" है। इसके जवाब में, बर्ट ने मार्क टली के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह "पुराने सैनिक हैं जो अपने मस्कट बंदूकों से हम पर निशाना साध रहे हैं।" टली ने जुलाई 1994 में बीबीसी से इस्तीफा दे दिया, लेकिन अप्रैल 2019 में बंद होने तक, बीबीसी के रेडियो 4 पर आध्यात्मिकता पर आधारित कार्यक्रम "समथिंग अंडरस्टुड" को प्रस्तुत करते रहे। किसी भी समाचार मीडिया में प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत न होते हुए भी टली दिल्ली में एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में सक्रिय रहे और भारत की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के गहन पर्यवेक्षक बने रहे। वर्ष 2002 में प्रकाशित उनकी एक और उल्लेखनीय कृति "इंडिया इन स्लो मोशन" में टली ने हिंदू अतिवाद से लेकर बाल श्रम, सूफी रहस्यवाद से लेकर कृषि संकट, राजनीतिक भ्रष्टाचार की निरंतरता और कश्मीर की समस्या तक, विविध विषयों को शामिल किया है। इस किताब को उन्होंने अपनी साथी जिलियन राइट के साथ मिलकर लिखा था। कुल 10 किताबों में, गल्प और कथेतर दोनों में, टली का भारत लगातार पसंदीदा विषय बना रहा। "इंडियाज अनएंडिंग जर्नी" (2008) में टली भारत की विविधता का विश्लेषण करते हैं, जबकि "इंडिया: द रोड अहेड" भारत के भविष्य का एक चिंतनशील और जमीनी आकलन है। उनकी दो गल्प रचनाएं, "द हार्ट ऑफ इंडिया" (1995) और "अपकंट्री टेल्स: वन्स अपॉन अ टाइम इन द हार्ट ऑफ इंडिया" (2017), भारतीयता से परिपूर्ण कहानियों का संग्रह हैं। चौबीस अक्टूबर को टली के 90वें जन्मदिन पर, उनके बेटे सैम टली ने 'लिंक्डइन' पर पत्रकारिता में अपने पिता के लंबे योगदान को याद किया। सैम ने लिखा, ''मुझे लगता है कि मेरे पिता की उपलब्धियां ब्रिटेन-भारत संबंधों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि दोनों देशों के प्रति उनका अटूट लगाव और स्नेह है। हालांकि वह भारत में रहते हैं, लेकिन ब्रिटेन से भी उनके गहरे संबंध हैं। 'दिल है हिंदुस्तानी, मगर थोड़ा अंग्रेज़ी भी!' पोस्ट पर प्रतिक्रिया में कई लोगों ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस पर टली को सुनने की अपनी यादों को ताजा किया और बताया कि कैसे उन्हें किसी खबर की सत्यता पर भरोसा हुआ और उन्हें "सत्य की आवाज" कहा गया। संजय दिघे ने लिखा, ''1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान, मेरा परिवार पाकिस्तान सीमा के पास रहता था। हम दोनों तरफ से प्रसारण सुनते थे। लेकिन जब तक हम मार्क टली को वर्ल्ड सर्विस पर सुन नहीं लेते, तब तक हमें किसी बात पर यकीन नहीं होता था! न सिर्फ युद्धकाल में, बल्कि जब भी वह प्रसारण करते थे, हम उन पर सरकारी प्रसारक से भी ज़्यादा भरोसा करते थे। वह सत्य की आवाज़ थे।" बीबीसी के पूर्व पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी ने टली के साथ काम करने के अपने दिनों को याद किया, खासकर अयोध्या विवाद के दौरान। उन्होंने लिखा, ''मुझे अयोध्या विवाद और चुनावों सहित कई खबरों पर उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला। मुझे लगता है कि वही एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें मेरे घर में रोजाना अपनी बीयर पीने की छूट है, क्योंकि मैं शराब नहीं पीता। हनुमान जी से प्रार्थना करें कि वह उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करें।"
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मथुरा (उप्र). भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल देश को आगे बढ़ाया है, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भी चिंता की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद पहली बार भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा पहुंचे नितिन नवीन ने कहा, "आज जब मैं यहां आ रहा था तो देखकर लगा कि पहले विदेशों में जैसी सड़कें होती थीं, उससे बेहतर सड़कें अब उत्तर प्रदेश में हैं।" उन्होंने कहा, "यह इस बात का प्रमाण है कि देश कैसे बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल इस देश को आगे बढ़ाया है, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भी चिंता की है।" नवीन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर विकास की चिंता करते हैं। नितिन नवीन रविवार को यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली से मथुरा पहुंचे, जहां मांट क्षेत्र के बाजना कट पर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा, "आज हम यहां आए हैं। मैं मांट विधानसभा के लोगों से मिलने आया हूं। ऊपर वाले का आशीर्वाद है कि मेरा पहला कार्यक्रम भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में लगा है।" भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "मैं सभी से आग्रह करूंगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भारत को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। आइए, इस राज्य और देश के विकास में अपना योगदान दें।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री जी हमेशा कहते हैं कि यदि मैं एक कदम आगे बढ़ता हूं और मेरे साथ देश की 140 करोड़ जनता चलती है, तो देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।" नवीन ने कहा, "लोगों ने देखा है कि पहले जब विश्व की राजनीतिक हस्तियों के सामने देश का प्रधानमंत्री खड़ा होता था, तो वह आंख मिलाकर बात नहीं कर पाता था, लेकिन अब वह दौर खत्म हो चुका है। आज नरेन्द्र मोदी पूरे विश्व में भारत का नेतृत्व कर रहे हैं और देश का सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है।" तय कार्यक्रम के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वृन्दावन मार्ग पर स्थित बेंगलुरु इस्कॉन के श्री वृन्दावन चंद्रोदय के दर्शन करेंगे। इसके बाद वह वहीं सुबह 11 बजे से एक घंटे तक प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण सुनेंगे। तत्पश्चात, मुख्यमंत्री के साथ ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन भी करेंगे।
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नयी दिल्ली. गणतंत्र दिवस 2026 के उपलक्ष्य में पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस (एचजीएंडसीडी) तथा 'करेक्शनल सर्विसेज' (सुधारात्मक सेवा) के कुल 982 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, इन सम्मानों में 125 वीरता पदक शामिल हैं।
वीरता पुरस्कारों में से अधिकांश में 45 कर्मियों को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से, 35 कर्मियों को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों से, पांच कर्मियों को पूर्वोत्तर से और 40 कर्मियों को अन्य क्षेत्रों से उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। बयान के अनुसार, वीरता पदक प्राप्त करने वालों में चार अग्निशमन सेवा के बचावकर्मी भी शामिल हैं।
आधिकारिक विवरण के मुताबिक, राज्यों में जम्मू कश्मीर पुलिस को सर्वाधिक 33 वीरता पदक मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) एकमात्र ऐसा बल है, जिसे 12 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं। बयान के अनुसार, विशिष्ट सेवा के लिए कुल 101 राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) में से, 89 पुलिस सेवा को, पांच अग्निशमन सेवा को, तीन सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड सेवा को और चार 'करेक्शनल सर्विसेज' को प्रदान किए गए हैं। इसमें कहा गया कि इसी प्रकार, सराहनीय सेवा के लिए कुल 756 पदक (एमएसएम) में से, 664 पुलिस सेवा को, 34 अग्निशमन सेवा को, 33 होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस सेवा को और 25 'करेक्शनल सर्विसेज' को प्रदान किए गए हैं। परिभाषा के अनुसार, वीरता पदक असाधारण बहादुरी और विशिष्ट वीरतापूर्ण कार्य के आधार पर जीवन और संपत्ति बचाने या अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। इसमें उठाए गए जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। बयान के अनुसार, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम), सेवा में विशेष रूप से विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया जाता है और सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम) कर्तव्य के प्रति निष्ठा की विशेषता वाली मूल्यवान सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने का आग्रह करते हुए रविवार को कहा कि मतदाता होना केवल संवैधानिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक ऐसा महत्वपूर्ण कर्तव्य है जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपना मत रखने का अधिकार देता है। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं। यह हमारे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारे विश्वास को और गहरा करने का दिन है।'' उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रयासों के लिए भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा, ''मतदाता होना केवल संवैधानिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है, जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपना मत रखने का अधिकार देता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''आइए, हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेकर अपने लोकतंत्र की भावना का सम्मान करें और इस तरह विकसित भारत की नींव को मजबूत करें।'' भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर वर्ष 25 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर मनाया जाता है।
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नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की सेवा में उत्कृष्ट, साहसिक और अनुकरणीय योगदान के लिए सशस्त्र बलों एवं बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड (बीआरडीबी) के कुल 98 कर्मियों को ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ प्रदान करने की स्वीकृति दी है।
इनमें पांच सम्मान मरणोपरांत दिए गए हैं। इन 98 सम्मानों में भारतीय सेना के 81 कर्मी, भारतीय नौसेना के 15 कर्मी, और बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के दो कर्मी (दोनों मरणोपरांत) शामिल हैं।गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए कर्नल अमित कुमार यादव और कर्नल विनय कुमार पांडेय को सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति ने इसके अलावा 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है। सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों को 301 सैन्य अलंकरण देने की भी स्वीकृति दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 56 अति विशिष्ट सेवा मेडल, 9 युद्ध सेवा मेडल, 2 बार टू सेना मेडल, 43 सेना मेडल, 8 नौसेना मेडल, 14 वायु सेना मेडल व 135 विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं।भारतीय सेना के कर्मियों को विभिन्न ऑपरेशनों और विशेष कार्यों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया है। मरणोपरांत सम्मानित किए जाने वाले वीरों में हवलदार याकूब मसीह, नायक नवीन पौडेल, अग्निवीर अजीत सिंह राजपूत, बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के सीपी स्किल्ड गणेश सिंह और सीपी मेट ढुन्ना टुडू शामिल हैं।‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ सम्मान प्राप्त करने वाले सेना कर्मियों में से 2 सैन्य कर्मी ऑपरेशन सिंदूर से, 17 कर्मी ऑपरेशन रक्षक, 11 कर्मी ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, 11 कर्मी ऑपरेशन हिफाजज, 5 कर्मी ऑपरेशन ऑर्किड, 2 कर्मी ऑपरेशन मेघदूत, 1 कर्मी ऑपरेशन राइनो, 3 रेस्क्यू ऑपरेशन, 4 ऑपरेशन कैजुअल्टी एवैकुएशन, 1 ऑपरेशन सॉफेन, और 24 विविध ऑपरेशनों (3 मरणोपरांत) से हैं।इन विभिन्न अभियानों में आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा संचालन, उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में तैनाती, विशेष बलों के ऑपरेशन, आपदा राहत, चिकित्सा एवं हवाई निकासी जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य शामिल रहे।भारतीय नौसेना के 15 अधिकारियों एवं नाविकों को समुद्री सुरक्षा, परिचालन तत्परता, तकनीकी दक्षता तथा राष्ट्रहित में किए गए विशिष्ट योगदान के लिए ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ से सम्मानित किया गया है। बीआरडीबी के दो कर्मियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया गया है। इन कर्मियों ने दुर्गम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में राष्ट्र के सामरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण एवं रखरखाव में सर्वोच्च बलिदान दिया।‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ उन कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस, निष्ठा औ -
लखनऊ. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश को देश की "आत्मा" बताते हुए शनिवार को कहा कि 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक यह राज्य विकसित भारत के इंजन के रूप में उभरेगा। शाह ने उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित सभा में गैर-भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश को दशकों तक पिछड़ा रखा और इसे 'बीमारू' राज्य के रूप में प्रचारित किया, जबकि भाजपा सरकार ने इसे "सफल राज्य" में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि लोग जातिवाद से ऊपर उठकर भाजपा को वंशवादी पार्टियों पर प्राथमिकता दें।
शाह ने कहा, परिवारवादी (वंशवादी) पार्टियां, चाहे वह कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी (सपा) हो या बहुजन समाज पार्टी (बसपा) हो, उत्तर प्रदेश की भलाई और विकास नहीं कर सकतीं; केवल भाजपा ही यह कर सकती ह। उन्होंने कहा, "केंद्र में नरेन्द्र मोदी और राज्य में योगी आदित्यनाथ होने से उत्तर प्रदेश के विकास की हर संभावना खुल गई है। राज्य की भलाई के लिए ईमानदारी से प्रयास किए गए हैं।" भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, "उत्तर प्रदेश को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 'बीमारू' राज्य बना दिया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे 'सफल राज्य' में बदल दिया और हर गांव और घर में विकास हुआ।" उन्होंने यह भी कहा कि बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को 1980 के दशक में 'बीमारू' माना जाता था, क्योंकि इन राज्यों के आर्थिक व जनसांख्यिकीय संकेतक बहुत खराब थे। शाह ने यह भी कहा कि राज्य देश की प्रगति में एक केंद्रीय स्थान रखता है और 2047 तक इसे पूरी तरह से विकसित कर दिया जाएगा। उन्होंने राज्य के स्थापना दिवस पर कहा, "उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन है, और दूसरे शब्दों में कहें तो उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा भी है। मुझे पूरी तरह से विश्वास है कि उत्तर प्रदेश भारत के विकास का इंजन बनेगा, एक विकसित भारत का इंजन।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से विकसित राष्ट्र और विकसित राज्य के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने एक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी डबल-इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को भी एक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है।" केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "हम सभी आज इस संकल्प को दोहराते हैं कि जब 15 अगस्त 2047 को स्वतंत्रता की शताब्दी मनाई जाएगी, तब उत्तर प्रदेश एक पूरी तरह से विकसित राज्य होगा और एक विकसित भारत का महत्वपूर्ण राज्य बनेगा।" शाह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के तहत कानून-व्यवस्था की स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है, जिससे निवेश आकर्षित हुआ और विकास में तेजी आई। शाह ने मतदाताओं से अपील करते हुए लोगों से जातिगत विचारों से ऊपर उठकर 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का समर्थन करने की अपील की। गृह मंत्री ने कहा, "आगामी साल चुनावी साल है। आज मैं उत्तर प्रदेश के लोगों से यह अपील करने आया हूं कि वे राज्य के विकास, युवाओं के भविष्य और देश की सुरक्षा के लिए भारतीय जनता पार्टी को बहुमत से विजय दिलाएं।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई अड्डों का एक व्यापक नेटवर्क प्रदान किया है और ब्रह्मोस मिसाइल भी अब उत्तर प्रदेश में बन रही है। शाह ने कहा कि यह बदलाव इसलिए संभव हो सका क्योंकि योगी आदित्यनाथ सरकार ने संकल्प के साथ भ्रष्टाचार को खत्म किया, गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं, और यह सुनिश्चित किया कि हर गांव में कम से कम 20 घंटे बिजली आपूर्ति हो। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "आगामी चुनावों में, मैं उत्तर प्रदेश के हर मतदाता से अपील करता हूं कि वे जातिवाद से ऊपर उठें, इन वंशवादी पार्टियों को नकारें, और एक बार फिर भाजपा का कमल (पार्टी चुनाव चिन्ह) खिलाएं।" शाह ने भाजपा सरकार के तहत हुए शहरी परिवर्तन को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 65 एकड़ का कूड़ाघर अब राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रूप में एक स्वच्छ और उपयोगी सार्वजनिक स्थान में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा कि सफाई पहलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया, जिससे राज्य भर में नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार को प्रदर्शित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने रोजगार और आजीविका पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को पांच लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त और कुछ गिरवी रखकर मिलने वाले ऋणों का लाभ मिला है, जिसके लिए अब तक 5,322 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना युवाओं और महिलाओं के लिए आजीविका का एक प्रमुख स्रोत बन चुकी है, साथ ही यह उत्तर प्रदेश के पारंपरिक खाद्य पदार्थों व उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में मदद कर रही है। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, यह भारत का खाद्य कटोरा बन गया है, एथेनॉल उत्पादन में पहले स्थान पर है, और कृषि, विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है, साथ ही 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को लागू किया जा रहा है। शाह ने शासन और सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के तहत कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है, और डकैती और चोरी के मामलों में भारी गिरावट आई है, सीमा सुरक्षा में सुधार हुआ है और परिवहन बेहतर हुआ है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन का भी उल्लेख किया और कहा कि ये आयोजन भारत की सांस्कृतिक स्थिति को वैश्विक स्तर पर मजबूती दे रहे हैं। शाह ने राज्य की धरोहर की सराहना करते हुए कहा, "यह वही भूमि है जहां कई ऐतिहासिक व्यक्तित्व जैसे भगवान राम, भगवान कृष्ण, बाबा विश्वनाथ, भगवान महावीर और भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था।" लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल में तीन महान व्यक्तियों श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह आने वाले दिनों में राष्ट्रीय जागरण का केंद्र बनेंगी और देश को एक नयी दिशा देंगी। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में 77वीं गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर प्रस्तुति देने वाले लगभग 2,500 कलाकारों ने शनिवार को 'फुल ड्रेस रिहर्सल' किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। औपचारिक परेड का पूर्वाभ्यास शुक्रवार को आयोजित किया गया था, लेकिन खराब मौसम के कारण फ्लाईपास्ट और सांस्कृतिक प्रदर्शन के कुछ हिस्से आयोजित नहीं किए जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''कलाकारों का एक समूह परेड की अगुवाई करेगा, जिसका पूर्वाभ्यास शुक्रवार को हुआ था। हालांकि, भारत के विभिन्न नृत्य रूपों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 2,500 कलाकारों के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका। इसलिए, उस भाग का 'फुल ड्रेस रिहर्सल' शनिवार को किया गया, क्योंकि यह 26 जनवरी को एक प्रमुख आकर्षण होगा।'' शुक्रवार को सशस्त्र बलों के जवानों और कलाकारों ने 'फुल ड्रेस रिहर्सल' किया और सुबह की बारिश के बीच कर्तव्य पथ पर परेड निकाली। बारिश के कारण समारोह स्थल पर कार्यक्रम में थोड़ी देर के लिए रुकावट आई। परेड का मुख्य विषय 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' होगा।
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य से 78 वर्षीय उस सेवानिवृत्त बैंकर द्वारा दायर याचिका पर जवाब मांगा है जिसे कथित तौर पर लगभग एक महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर करीब 23 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने नरेश मल्होत्रा द्वारा दायर याचिका पर भारत सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और अन्य को नोटिस जारी किया है। याचिका में संबंधित बैंकों को याचिकाकर्ता के खातों में ठगी गई 22.92 करोड़ रुपये की राशि जमा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। मल्होत्रा ने कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, सिटी यूनियन बैंक और येस बैंक को मामले में पक्षकार बनाया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई के अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करने वाले साइबर अपराधियों ने दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके के एक सेवानिवृत्त बैंकर को लगभग एक महीने तक कथित तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 23 करोड़ रुपये की ठगी की। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित को बताया कि उसके आधार कार्ड का संबंध नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद के वित्तपोषण और पुलवामा आतंकी हमले से है। इसके बाद आरोपियों ने जांच के बहाने उसे उसके फ्लैट में ही 'डिजिटल अरेस्ट' की स्थिति में रखा। पुलिस ने कहा, ''धोखाधड़ी करने वालों ने उसे घर से बाहर न निकलने का निर्देश दिया और एक महीने की अवधि में उसकी बचत को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया।'' अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर मल्होत्रा ने पिछले साल 19 सितंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला 'इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस' (आईएफएसओ) इकाई को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और धोखाधड़ी से प्राप्त 12.11 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े विभिन्न बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी करके यह जानकारी दी। शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि यह संबोधन शाम सात बजे से आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारित होगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और फिर अंग्रेजी में प्रसारित किया जाएगा। संबोधन के दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में प्रसारण के बाद, दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका प्रसारण होगा। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि आकाशवाणी अपने संबंधित क्षेत्रीय चैनलों पर सुबह 9:30 बजे से क्षेत्रीय भाषाओं में संबोधन प्रसारित करेगा।
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हरिद्वार. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्व की समस्याओं का समाधान भारतीय परंपराओं में निहित है। शाह ने यहां अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए कहा,‘‘जो भारत और उसकी संस्कृति को समझता है, वह जानता है कि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय परंपराओं में निहित है।'' उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि विशेषकर सप्तर्षि भूमि हरिद्वार में आकर हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। शांतिकुंज के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि भारत उनके उपकारों से कभी ऋणमुक्त नहीं हो सकता क्योंकि उन्होंने गायत्री मंत्र को जन-जन तक सर्वसुलभ बनाया, वैश्विक मानवतावाद की अवधारणा को सुदृढ़ किया और वैज्ञानिक अध्यात्मवाद को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। गृह मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा का सरल सूत्र “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” राष्ट्र परिवर्तन की कुंजी है और गायत्री महामंत्र केवल संस्कृत का मंत्र नहीं, बल्कि जप करने वाले साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला जीवन मंत्र है। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। गृहमंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। शाह ने आचार्य के संदेशों को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है तथा आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है तथा सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुंचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान, प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक भी मौजूद रहे । -
चाईबासा. झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शीर्ष नेता अनल दा समेत 15 माओवादी मारे गए। अनल दा पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई के लगभग 1,500 जवान सारंडा जंगल के कुमडी में किरीबुरु थाना क्षेत्र में अभियान में शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने माओवादियों के शीर्ष नेता पतिराम माझी उर्फ अनल दा समेत 15 माओवादियों के शव बरामद किए हैं। भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। सुबह छह बजे शुरू हुई मुठभेड़ अभी जारी है।” उन्होंने बताया कि सारंडा के जंगल में मंगलवार से ही माओवादी विरोधी अभियान चल रहा है, लेकिन गोलीबारी बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई। पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने बताया कि पुलिस को सारंडा जंगल में अनल दा और अन्य माओवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया। गिरिडीह जिले का पिरतांड निवासी अनल दा 1987 से सक्रिय था। पुलिस वर्षों से उसकी तलाश कर रही है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के मुख्यालय चाईबासा का दौरा किया था। झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, रांची और पारसनाथ में उनकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से सीमित कर दिया है। -
प्रयागराज (उप्र) . माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए जाते समय दो-तीन महिलाओं ने एक महिला न्यायाधीश की लॉकेट समेत ढाई तोले की सोने की चेन पर कथित तौर पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश के दतिया जिले की वरिष्ठ न्यायाधीश (व्यवहार) दीक्षा तनेजा ने दारागंज थाने में तहरीर दी कि वह मौनी अमावस्या पर माघ मेले में कल्पवास कर रहे अपने सास ससुर के पास आई थीं तथा स्नान के लिए जाते समय दो-तीन महिलाएं भीड़ में उन्हें धक्का दे रही थीं। शिकायतकर्ता ने तहरीर में आरोप लगाया कि शक होने पर जब उन्होंने अपने गले की ओर देखा तो उन्होंने चेन और उसमें लगा लॉकेट गायब पाया तथा गले पर हल्के कटे का निशान भी महसूस हुआ। उन्होंने तहरीर में बताया कि शादी में ससुराल से मिली सोने की इस चेन का वजन दो तोला (20 ग्राम) और लॉकेट का वजन (पांच ग्राम) था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दारागंज पुलिस ने बुधवार को दो-तीन अज्ञात महिलाओं के खिलाफ बीएनएस की धारा 303 (2) (चोरी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है और घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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भद्रवाह/जम्मू. सैनिकों को आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए ले जा रहा सेना का एक बख्तरबंद वाहन बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार 10 जवानों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर लगभग 9,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित खन्नी टॉप पर उस समय हुआ, जब सेना के बुलेटप्रूफ वाहन ‘कैस्पर' के चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और यह 200 फुट गहरी खाई में जा गिरा। ‘कैस्पर' एक ‘माइन-रेजिस्टेंट एंबुश प्रोटेक्टेड (एमआरएपी)' वाहन है, जिसे सैनिकों को उन संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित रूप से गुजरने की सुविधा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जहां बारूदी सुरंगें बिछाए जाने या आईईडी (संवर्द्धित विस्फोटक उपकरण) लगाए जाने की आशंका अधिक होती है। सेना के जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और कहा कि खराब मौसम में दुर्गम इलाके से गुजरते समय वाहन सड़क से फिसल गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद सेना और पुलिस ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया, हालांकि तब तक चार सैनिकों की जान जा चुकी थी और 17 अन्य घायल अवस्था में पाए गए। उन्होंने बताया कि बचाव दल को सेना का वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान बाद में, चोटों के चलते छह और सैनिकों की मौत हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, घायल जवानों में से एक की हालत “स्थिर” बताई जा रही है और उसे भद्रवाह उप-जिला अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, जबकि 10 अन्य को विशेष उपचार के लिए हवाई मार्ग से उधमपुर कमान अस्पताल ले जाया गया। भद्रवाह के अतिरिक्त उपायुक्त सुमित कुमार भुटयाल ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, “सेना का एक वाहन हादसे का शिकार हो गया, जिससे हमने 10 जवान खो दिए और 11 अन्य घायल हो गए।” व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, डोडा में खराब मौसम के बीच दुर्गम इलाके से गुजर रहा सेना का एक वाहन सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरा। इस वाहन में आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए जा रहे सैनिक सवार थे। हादसे में कई जवान हताहत हुए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने हादसे पर गहरा दुख जताया। राजनाथ ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “मैं डोडा में हुए सड़क हादसे से बेहद व्यथित हूं, जिसमें हमने भारतीय सेना के 10 बहादुर जवानों को खो दिया। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।” उन्होंने लिखा कि घायल जवानों को चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा रही है और सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उमर ने हादसे में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने बचाव अभियान की भी सराहना की। उपराज्यपाल ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, “मैं डोडा में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 बहादुर जवानों की जान जाने से बहुत दुखी हूं। हम अपने बहादुर सैनिकों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे।” सिन्हा ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “दुख की इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। घायल सैनिकों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को उनका सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” वहीं, खरगे ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की अपील की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। पूरा देश शोक की इस घड़ी में एकजुट है और हमारी संवेदनाएं एवं प्रार्थनाएं घायलों के साथ हैं, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” उन्होंने कहा, “पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे दिल दहला देने वाले हादसों को रोकने के लिए सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, दुर्गम इलाकों में आवागमन को बेहतर बनाने और सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने की तत्काल आवश्यकता है।” डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष आजाद ने कहा, “शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” सेना के उत्तरी कमांडर ने कहा कि जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और कमान के सभी रैंक के जवान वीरों को सलाम करते हैं और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में जान गंवाने वाले सैनिकों के असामयिक निधन पर हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, “उत्तरी कमान के सभी सदस्य शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और हादसे में घायल हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ भाषा का प्रयोग करने वाले भाषण को पढ़ने से इनकार करने के बाद कर्नाटक में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज सुबह 11 बजे विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने, भाषण में केंद्र-विरोधी कठोर शब्दों पर आपत्ति जताते हुए भाषण देने से असहमति जताई।
राज्यपाल का क्या है कहना?राज्यपाल का कहना है कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ कानून के विरोध में इस्तेमाल की गई भाषा अतिरंजित है और उससे द्वेष की भावना झलकती है। उन्होंने सरकार द्वारा तैयार लगभग 100 अनुच्छेदों वाले भाषण में से 11 अनुच्छेदों को आपत्तिजनक बताया है और स्पष्ट किया है कि इन्हें हटाए जाने पर ही वे भाषण देंगे। इस संबंध में राज्य सरकार को संदेश भी भेजा गया है।यह विवाद अब बना एक संवैधानिक टकरावहालांकि, राज्य सरकार ने राज्यपाल की आपत्तियों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में अनुच्छेदों को हटाया नहीं जाएगा और राज्यपाल को सरकार द्वारा तैयार किया गया भाषण ही पढ़ना होगा। इस घटनाक्रम के चलते संयुक्त सत्र में राज्यपाल की उपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में गहरी उत्सुकता बनी हुई है। राज्य में यह विवाद अब एक संवैधानिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी सहायता को मंजूरी दे दी है। यह 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग द्वारा सिडबी में तीन चरणों में निवेश की जाएगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2025–26 में 3,000 करोड़ रुपए का निवेश 31.03.2025 के बुक वैल्यू पर प्रति शेयर 568.65 रुपए किया जाएगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026–27 और 2027–28 में क्रमशः 1,000 करोड़ रुपए, 1,000 करोड़ रुपए की राशि संबंधित पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की 31 मार्च की बुक वैल्यू पर निवेश की जाएगी।
इसकी जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि आज मंत्रिमंडल द्वारा लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (एसआईडीबीआई) को इक्विटी सहायता प्रदान करने से संबंधित निर्णय से अनगिनत लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ होगा और इस प्रकार एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान मिलेगा।5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एमएसएमई की संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 102 लाख (अर्थात लगभग 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थी जोड़े जाएंगे) होने की उम्मीद है। एमएसएमई मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों (30.09.2025 तक) के अनुसार, 6.90 करोड़ एमएसएमई (अर्थात प्रति एमएसएमई औसतन 4.37 व्यक्तियों का रोजगार सृजन) द्वारा कुल 30.16 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है।इस औसत को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2027–28 के अंत तक अनुमानित 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थियों के जुड़ने से लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार के सृजन का अनुमान है।निर्देशित ऋण पर विशेष ध्यान तथा आगामी पांच वर्षों में पोर्टफोलियो में अपेक्षित वृद्धि के कारण, सिडबी की बैलेंस शीट पर जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इस वृद्धि के चलते पूंजी-जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) के समान स्तर को बनाए रखने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।इसके अतिरिक्त, ऋण प्रवाह को बढ़ाने के उद्देश्य से सिडबी द्वारा विकसित किए जा रहे डिजिटल एवं डिजिटल रूप से सक्षम, संपार्श्विक-मुक्त वाले ऋण उत्पाद तथा स्टार्ट-अप्स को प्रदान किया जा रहा उद्यम ऋण भी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि करेगा, जिसके परिणामस्वरूप स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने के लिए और अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।अधिदेशित (निर्धारित) स्तर से काफी ऊपर स्वस्थ सीआरएआर को बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त शेयर पूंजी के निवेश से स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने में सिडबी को लाभ होगा। इस अतिरिक्त पूंजी निवेश से सिडबी को उचित ब्याज दरों पर संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रतिस्पर्धी लागत पर ऋण प्रवाह में वृद्धि हो सकेगी।प्रस्तावित इक्विटी पूंजी का चरणबद्ध अथवा क्रमिक निवेश अगले तीन वर्षों में उच्च दबाव परिदृश्य के अंतर्गत सीआरएआर को 10.50 प्रतिशत से ऊपर तथा पिलर-1 और पिलर-2 के अंतर्गत 14.50 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने में सिडबी को सक्षम बनाएगा। - नयी दिल्ली ।”भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को दावा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को क्रमशः पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हराकर पहली बार अपनी सरकार बनाएगी। एक बयान में पार्टी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी की राज्य इकाइयों द्वारा प्रस्तुत जमीनी रिपोर्टों के आधार पर, उसे आगामी चुनावों में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार और तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन सरकार को सत्ता से बेदखल करने का पूरा भरोसा है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि बैठक में नवीन ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भाजपा की अब तक की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इन सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाजपा अध्यक्ष के समक्ष अपनी-अपनी “तैयारी रिपोर्ट” प्रस्तुत की। सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया।”उन्होंने कहा, “प्रदेश भाजपा अध्यक्षों और राज्य प्रभारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर, यह विश्वासपूर्वक कहा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी जनता के आशीर्वाद से पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।” सिंह ने कहा कि बैठक में राज्य इकाइयों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर, भाजपा असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में भी इस बार भाजपा-राजग सरकार बनेगी।”भाजपा नेता ने कहा, “पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सत्ता में वापसी की पूरी संभावना है, वहीं केरल में भी आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के बहुत मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।” राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन ने नयी जिम्मेदारियां संभालने के एक दिन बाद बुधवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली रणनीति बैठक की और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की।
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पुरी/ ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर को बम हमले की धमकी एक सोशल मीडिया पोस्ट से मिलने के बाद मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस ऑनलाइन पोस्ट के संबंध में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को सामने आए फेसबुक संदेश में बीजू जनता दल (बीजद) के राज्यसभा सदस्य सुभाषीश खुंटिया और तीर्थ नगरी पुरी के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर हमले की धमकी भी दी गई थी। अधिकारी के अनुसार, जिस महिला के अकाउंट से यह पोस्ट की गई थी, उसने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और दावा किया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके नाम से फर्जी यूजर आईडी बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश की होगी। महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए पकड़ा है।
पुरी के साइबर पुलिस थाने में इस संबंध में एक मामला दर्ज करके आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच, सांसद खुंटिया ने कहा कि उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर पुरी के पुलिस अधीक्षक से बात की है। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से धमकी वाली एक कॉल आयी थी।





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