- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपीलीय न्यायाधिकरणों से कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जिन लोगों का नाम जोड़ने के लिए तत्काल सुनवाई का मामला बनता है, उनकी याचिकाओं पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। सुनवाई की शुरुआत में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी मतदान पर खुशी जताई। पश्चिम बंगाल में 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए हुए पहले चरण के चुनाव में रिकॉर्ड 92.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सीजेआई ने कहा, ''भारत के एक नागरिक के रूप में, मैं मतदान प्रतिशत देखकर बहुत खुश हूं। जब लोग मतदान के अधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।'' न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली भी पीठ में शामिल हैं। पीठ राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी भारी मतदान प्रतिशत की सराहना की और राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में केंद्रीय बलों की भूमिका की प्रशंसा की। पश्चिम बंगाल में चुनावों में हिंसा का इतिहास रहा है। शीर्ष अदालत ने मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों से कहा कि वे लंबित मुद्दों के निस्तारण के लिए अदालत द्वारा नियुक्त 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों का रुख करें, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले भी शामिल हैं। न्यायालय ने अपीलीय न्यायाधिकरणों से कहा कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए तत्काल सुनवाई का मामला बनता है, उन्हें प्राथमिकता देकर सुनवाई की जाए। मतदाता सूचियों में शामिल किए जाने या न किए जाने के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश ने पीड़ित व्यक्तियों को प्रशासनिक और न्यायिक दोनों पक्षों से शिकायतों के निवारण के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क करने की छूट भी प्रदान की। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ''हमारे 13 अप्रैल के आदेश में अधिकांश मुद्दों का व्यापक रूप से जवाब दिया जा चुका है। हालांकि हम समझ सकते हैं कि कुछ समस्याएं रोज़ाना के आधार पर उत्पन्न होती रहेंगी, जिन पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या अपीलीय न्यायाधिकरण का ध्यान आवश्यक हो सकता है। लंबित मामलों के निपटारे के लिए प्रशासनिक पक्ष पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी जाती है।'' इससे पहले शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि जिन लोगों की याचिकाएं अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा 21 अप्रैल या 27 अप्रैल से पहले स्वीकार कर ली गई थीं, उन्हें क्रमशः चुनाव के पहले या दूसरे चरण में मतदान करने की अनुमति दी जाए। हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल अपील लंबित होने मात्र से किसी को मतदान का अधिकार नहीं मिल जाएगा। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए थे, उनके लगभग 60 लाख दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल तथा पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के करीब 700 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या बाहर किए जाने के खिलाफ अपीलों के निपटारे के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की अध्यक्षता में 19 न्यायाधिकरण गठित किए हैं। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि मतदाता सूची में बने रहने के अधिक महत्वपूर्ण अधिकार पर पीठ बाद में विचार करेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता और तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने भी विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान की सराहना की और कहा कि लोग देश के हर कोने से वोट डालने आए क्योंकि उन्हें डर था कि यदि इस बार मतदान नहीं किया तो उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के केवल 139 दावों या अपीलों पर ही अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा अब तक निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे 27 लाख लोग सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।
-
नयी दिल्ली। विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के संदर्भ में शुक्रवार को राज्यसभा को नया नोटिस सौंपा। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''राज्यसभा के 73 विपक्षी सदस्यों ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 15 मार्च, 2026 को और उसके बाद किए गए कृत्यों और चूक के आधार पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 (5) के साथ पठित अनुच्छेद 124 (4), धारा 11 (2) तथा मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत पद से हटाने की प्रार्थना करते हुए प्रस्ताव का नोटिस राज्यसभा महासचिव को सौंपा है।'' उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता । रमेश ने दावा किया, ''सीईसी संविधान पर हमला जारी रखे हुए हैं। यह अत्यंत अपमानजनक है कि वह व्यक्ति प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आदेशों का पालन करने के लिए पद पर बने हुए हैं।'' इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर दिया था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर ''कार्यपालिका के इशारे पर काम करने'' का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को ''बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने'' का भी आरोप लगाया था।
-
पटना. बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों को अब कुल आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत चार लाख रुपये बीमा कंपनी की ओर से दिए जाएंगे, जबकि शेष चार लाख रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि पहले दी जाने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों के बाद प्रभावित परिवारों को अक्सर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और नई व्यवस्था लागू होने के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी परिवारों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार ने संबंधित विभागों को प्रक्रिया सरल और त्वरित बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को समय पर सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय राहत देने के साथ-साथ सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
-
नई दिल्ली। खान मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की सफलता के बाद, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) में खनन क्षेत्र सुधारों पर 5,000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ एक प्रोत्साहन तंत्र को शामिल किया गया है। मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, योजना के इस घटक के लिए परिचालन दिशानिर्देश हाल ही में मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं और राज्यों में खनन क्षेत्र में सुधार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एसएएससीआई योजना के इस घटक का उद्देश्य खदानों के संचालन को सुगम और त्वरित बनाना, खनिज उत्पादन बढ़ाना, खनन क्षेत्र से राज्यों द्वारा राजस्व संग्रह में वृद्धि करना और खनन क्षेत्र के समग्र शासन में सुधार करना है। योजना के तहत प्रोत्साहन राशि तीन सुधार क्षेत्रों के अंतर्गत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (विधानसभा वाले) को प्रदान की जाएगी।पहले चरण में खानों के संचालन हेतु राज्य का खान मंत्रालय के एकीकृत खनन पोर्टल के साथ एकीकरण, भूमि निर्धारण संबंधी मुद्दों के सक्रिय समाधान हेतु एक पूर्व-नीलामी समिति का गठन, खानों के संचालन की नियमित निगरानी हेतु राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन, प्रमुख खनिजों के लिए वार्षिक नीलामी कैलेंडर का निर्धारण और यथासंभव उसका अनुपालन, तथा खनिज अयस्क के श्रेणीगत वर्गीकरण में त्रुटियों को रोकने या उनका पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उपायों को अपनाना शामिल है। किसी भी राज्य को उपरोक्त सभी पांच सुधारात्मक कार्य 15 दिसंबर, 2026 तक करने होंगे, जिसके बाद वह 100 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन के लिए पात्र होगा।दूसरी योजना के तहत, वित्त वर्ष 2026-27 में 31 दिसंबर, 2026 तक पूर्व-निर्धारित स्वीकृतियों (जैसे वन, पर्यावरण, भूमि आदि) के साथ प्रमुख खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी के लिए राज्यों को प्रोत्साहन देकर खदानों का संचालन शुरू किया जाएगा (प्रति ब्लॉक 20 करोड़ रुपए, प्रति राज्य अधिकतम सीमा 200 करोड़ रुपए)। साथ ही, वित्त वर्ष 2026-27 (31 दिसंबर, 2026 तक) के दौरान 31 मार्च, 2026 तक सफलतापूर्वक नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉकों में से कम से कम 10 प्रतिशत का संचालन (अर्थात उत्पादन और प्रेषण की शुरुआत) सुनिश्चित किया जाएगा (प्रति राज्य 250 करोड़ रुपए)।तीसरे चरण में एसएमआरआई-आधारित सुधार शामिल हैं, जिसमें खान मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले राज्य खनन तत्परता सूचकांक (एसएमआरआई) 2026-27 के तहत तीन श्रेणियों ए, बी और सी में से प्रत्येक में शीर्ष तीन राज्यों को पुरस्कृत करना शामिल है (प्रत्येक श्रेणी में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए क्रमशः 100 करोड़ रुपए, 75 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए)। -
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफे के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। शुक्रवार को वह भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से हुई। इस दौरान अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी उनके साथ मौजूद रहे। नितिन नबीन ने मिठाई खिलाकर सभी नेताओं का स्वागत किया।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय कर लिया है। उन्होंने बताया कि सात सांसदों ने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर उन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है।इस घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार देते हुए आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में नेताओं को तोड़ा गया है।आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए भाजपा पंजाब की भगवंत मान सरकार को अस्थिर करना चाहती है। उन्होंने इसे पंजाब और वहां की जनता के साथ धोखा बताया और कहा कि लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे।राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में आप के कुल 10 सांसद हैं और उनमें से दो-तिहाई से अधिक इस पहल के साथ हैं। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी दस्तावेज, जिनमें हस्ताक्षरित पत्र और अन्य औपचारिक कागजात शामिल हैं, सभापति को सौंप दिए गए हैं और जल्द ही पूरी सूची सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे अन्य नेता भी शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. हवाई मार्ग से होकर फ्रांस से गुजरने वाले भारतीयों को अब पारगमन वीजा की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि फ्रांसीसी सरकार ने इस आवश्यकता को समाप्त करने के लिए एक समझौते को लागू कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह घोषणा करते हुए कहा कि भारत इस कदम का स्वागत करता है। बाद में विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फ्रांस के यूरोपीय क्षेत्र से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन की व्यवस्था अब फ्रांसीसी सरकार द्वारा लागू कर दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जायसवाल ने कहा कि यह निर्णय भारत और फ्रांस के बीच स्थायी साझेदारी को दर्शाता है, जिसे राष्ट्रपति मैक्रों की हालिया भारत यात्रा के दौरान 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया था, साथ ही लोगों की सुगम आवाजाही को और सुविधाजनक बनाने और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भी है। जायसवाल ने कहा, "फ्रांस सरकार ने अब इस समझौते को लागू कर दिया है, और 10 अप्रैल, 2026 से भूमि पारगमन फ्रांस से केवल हवाई मार्ग से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों को अब मुख्य वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।" उन्होंने कहा, "हम फ्रांसीसी हवाई अड्डों से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन के संचालन की घोषणा का स्वागत करते हैं। जैसा कि आपको याद होगा, इस साल फरवरी में मुंबई में हुई प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों की बैठक के दौरान भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए पारगमन वीजा की आवश्यकता को समाप्त करने पर सहमति बनी थी।"
-
नयी दिल्ली. भारत ने अपने हवाई क्षेत्र में पाकिस्तानी विमानों पर लगाए गए प्रतिबंध को मंगलवार को 24 मई तक के लिए बढ़ा दिया। प्रतिबंध में इस नवीनतम विस्तार के साथ, पाकिस्तान के विमानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र बंद रहने की अवधि अब एक वर्ष से अधिक हो जाएगी। यह फैसला 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद पहली बार लागू किया गया था। बुधवार को जारी 'नोटिस टू एयरमेन' (नोटम) में कहा गया है कि भारतीय हवाई क्षेत्र पाकिस्तान में पंजीकृत विमानों और पाकिस्तानी एयरलाइंस या ऑपरेटर द्वारा संचालित या स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए विमानों, सैन्य विमानों के लिए उपलब्ध नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए विभिन्न कदमों के तहत लगाया गया यह प्रतिबंध शुरू में 24 मई, 2025 तक था और बाद में इसे हर महीने बढ़ाया गया। आम तौर पर, 'नोटम' ऐसा नोटिस होता है जिसमें उड़ान संचालन से जुड़े कर्मियों के लिए आवश्यक जानकारी शामिल होती है। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण अब भारतीय विमानन कंपनियां विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबे मार्ग अपना रही हैं।
-
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं के लिए अगले दशक को स्वर्णिम युग बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। माझी ने यहां 'बिजनेस एमिनेंस अवार्ड्स 2026' में अपने संबोधन में कहा, "दो साल पूरे होने से पहले ही हमारी सरकार को 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इस अवधि के दौरान 2.80 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, जिनसे दो लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित होगा।" उन्होंने कहा कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने ओडिशा में निवेश करना शुरू कर दिया है क्योंकि 'वे यहां अवसर और स्थिरता देखती हैं एवं उन्हें स्वच्छ शासन पर भरोसा है।' माझी ने बताया कि सेमी-कंडक्टर क्षेत्र के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा, डेटा सेंटर, आधुनिक विनिर्माण और नए बुनियादी ढांचे में भी भारी निवेश हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है – ऐसा निवेश वातावरण बनाना जहां उद्योग का विकास हो, लोगों को लाभ मिले और युवाओं को रोजगार प्राप्त हो।" माझी ने कहा कि उनकी सरकार का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य युवाओं को सशक्त बनाना और उनके लिए पर्याप्त अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा न केवल नौकरी चाहने वाले होंगे, बल्कि नौकरी देने वाले भी होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अगले 10 साल का समय हमारे युवाओं के लिए स्वर्णिम युग होगा। हम इसी लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।" -
नयी दिल्ली. तंजानिया में खोपड़ी की एक दुर्लभ विकृति के साथ पैदा हुए पांच महीने के बच्चे की राष्ट्रीय राजधानी के एक अस्पताल में जटिल सर्जरी की गई जिसमें उसकी खोपड़ी का पुनर्निर्माण किया गया। डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के एक बयान के अनुसार बच्चे में 'क्रैनियोसिनोस्टोसिस' नाम की बीमारी पाई गई, जिसमें खोपड़ी की हड्डियां समय से पहले जुड़ जाती हैं। इससे सिर का आकार असामान्य हो जाता है और मस्तिष्क के विकास में रुकावट आ सकती है। इस मामले में विकृति के कारण 'स्कैफोसेफली' हो गई थी, जिससे सिर असामान्य रूप से लंबा और पतला दिखाई देता है। बच्चे को ऑपरेशन के तीसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह परिवार विशेष उपचार की तलाश में तंजानिया से आया था। बयान के मुताबिक, बच्चे की उच्च जोखिम वाली सर्जरी की गई, जिसे 'क्रेनियल वॉल्ट रिमॉडलिंग (मॉडिफाइड पाई-प्लास्टी)' कहा जाता है और इसमें खोपड़ी को दोबारा बनाकर सही आकार दिया जाता है।
-
मुंबई. अदाणी समूह के स्वामित्व वाले नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (एनएमआईए) से इस वर्ष के अंत तक प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्रियों के आने-जाने की उम्मीद है। इसके साथ यहां करीब 380 उड़ान परिचालन (एटीएम) प्रतिदिन होने का अनुमान है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, हवाईअड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें गर्मियों के मौसम से शुरू होने की योजना थी, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण इन्हें फिलहाल टाल दिया गया है। यह नया हवाईअड्डा पिछले वर्ष 25 दिसंबर को घरेलू उड़ानों के साथ शुरू हुआ था। अभी यहां रोजाना लगभग 20,000 यात्री आते-जाते हैं और करीब 150 उड़ानें संचालित होती हैं। सूत्रों ने बताया, "हवाईअड्डा अभी रोजाना 20,000 यात्रियों को संभाल रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह संख्या बढ़कर करीब 50,000 हो जाएगी और उड़ानों की संख्या भी बढ़कर लगभग 380 तक पहुंच सकती है। जिस तरह से यात्री बढ़ रहे हैं, उससे और भी ज्यादा वृद्धि की संभावना है।" सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो एयरलाइन इस हवाईअड्डे की सबसे बड़ी भागीदार है और यहां की कुल उड़ानों में इसकी हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है, जो आगे बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत तक हो सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत को लेकर इंडिगो की ओर से भी तैयारी दिखाई दे रही है और शुरुआत में करीब 16 आगमन और 16 प्रस्थान वाली उड़ानें चलाने की योजना थी। हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय सेवाओं की शुरुआत फिलहाल टाल दी गई है। कुछ एयरलाइंस लंबी दूरी की उड़ानों के लिए भी संपर्क कर रही हैं, लेकिन अभी कोई अंतिम समयसीमा तय नहीं की गई है।
-
नयी टिहरी. उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र में एक मैक्स वाहन के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर नैल गांव के पास अपराह्न करीब सवा दो बजे यह हादसा हुआ जब वाहन अचानक अनियंत्रित होकर 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के समय वाहन में कुल 10 लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि हादसे का शिकार हुए सभी यात्री घनसाली क्षेत्र के निवासी थे और संपत लाल (65) के शव का हरिद्वार में अंतिम संस्कार करने के बाद वापस लौट रहे थे। जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंची और बचाव एवं राहत कार्य चलाया। मृतकों में संपत लाल का पुत्र प्रेम लाल (36) और वाहन चालक शिव सिंह (35) भी शामिल हैं। अन्य पांच मृतकों की पहचान आशा लाल (40), विजय लाल (36), महावीर (60), सेहत लाल (65) और लक्ष्मण (33) के रूप में की गयी है जबकि एक मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पायी है। हादसे में घायल हुए दो व्यक्तियों को टिहरी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमित राय ने बताया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। धामी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ईश्वर से प्रार्थना है कि दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
-
देहरादून. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह बंद रहने के बाद बृहस्पतिवार को फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पूर्व निर्धारित मुहूर्त के अनुसार, सुबह सवा छह बजे चमोली जिले में स्थित मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा अर्चना के साथ खोल दिए गए। इस दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद थे। कपाट खुलने के दौरान पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों व सेना के बैंड की मधुर धुनों और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं के 'जय बदरी विशाल' के जयकारों से भक्तिरस से सराबोर हो उठा। मंदिर को इस अवसर पर रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने नर और नारायण पर्वत के बीच स्थित मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। मान्यताओं के अनुसार, वर्ष में छह महीने (ग्रीष्मकाल में) श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, जबकि बाकी के छह महीने (शीतकाल में) यहां देवता स्वयं भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, जिसमें मुख्य पुजारी देवर्षि नारद होते हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस साल की चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गयी है। उत्तराखंड के चार धामों में शामिल तीन अन्य धाम-गंगोत्री, यमुनोत्री तथा केदारनाथ के कपाट पहले ही खुल चुके हैं।
-
पश्चिम बंगाल में 91.78 प्रतिशत और तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत मतदान
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल में 91.78 प्रतिशत और तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद से विधानसभा चुनावों में इन दोनों राज्यों में अब तक का सबसे उच्चतम मतदान प्रतिशत है। तमिलनाडु में जहां एक ही चरण में चुनाव हुए, वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। नौ अप्रैल को असम और पुडुचेरी ने क्रमशः 85.38 प्रतिशत और 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज करके, इन दोनों राज्यों में अब तक की सबसे अधिक चुनावी भागीदारी का रिकॉर्ड तोड़ा था।
निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, इससे पहले तमिलनाडु में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत 78.29 प्रतिशत (2011 के विधानसभा चुनाव) और पश्चिम बंगाल में 84.72 प्रतिशत (2011) था। दोनों राज्यों में, पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं ने अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। तमिलनाडु में महिलाओं की भागीदारी 85.76 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि पुरुषों की भागीदारी 83.57 प्रतिशत थी। पश्चिम बंगाल में 92.69 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 90.92 रहा। मतदान में हुई प्रभावशाली भागीदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा, "स्वतंत्रता के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक के सबसे अधिक मतदान प्रतिशत के लिए, निर्वाचन आयोग दोनों राज्यों के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है। - नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर इसे वैश्विक शांति के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार भारत में गौतम बुद्ध के पवित्र अवशेष, जो अपने मूल स्थानों पर संरक्षित हैं, सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लाए जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी अहिंसा, करुणा और आत्मजागरूकता के संदेश को वैश्विक स्तर पर फैलाने का माध्यम बनेगी। संस्कृति मंत्रालय, लद्दाख प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से यह प्रदर्शनी 1 से 15 मई 2026 तक लद्दाख में आयोजित की जाएगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट अतिथियों की भागीदारी की उम्मीद है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह आयोजन लद्दाख को बौद्ध विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।इस दौरान पवित्र अवशेषों के दर्शन, भव्य जुलूस, पारंपरिक समारोह, ध्यान सत्र, योग शिविर, स्वास्थ्य पहल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और हिमालयी बौद्ध धर्म पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।प्रदर्शनी के प्रमुख स्थल महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र, धर्म केंद्र, लेह पैलेस और सीआईबीएस होंगे। 11-12 मई को यह कार्यक्रम जांस्कर तक भी विस्तारित किया जाएगा, जबकि 14 मई को लेह में समापन समारोह होगा। इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के महानिदेशक अभिजीत हल्दर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।यह पहल भारत की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने और आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
-
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों में आज यानी गुरुवार को मतदान होने हैं। मतदान के लिए चुनाव आयोग ने अपनी तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी। पश्चिम बंगाल में पिछली बार 2021 में 82.30 फीसदी मतदान हुआ था। आयोग की कोशिश है कि इस बार इससे भी अधिक वोटिंग हो।
हालांकि, वोटिंग का कुल प्रतिशत पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण की होने वाली वोटिंग के बाद ही सामने आएगा। लेकिन, पहले चरण के मतदान में भी आयोग कोशिश कर रहा है कि अधिक से अधिक मतदाता अपने अधिकारों का इस्तेमाल करें। -
नयी दिल्ली. भारत ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों को सुरक्षित पार कराने के लिए उसने ईरान को नकद या क्रिप्टोकरेंसी में कोई भुगतान किया है। यह स्पष्टीकरण उस घटना के बाद आया है, जिसमें 18 अप्रैल को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी बलों ने गोलीबारी की थी, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि 'सनमार हेराल्ड' जहाज को सुरक्षित मार्ग देने के लिए ईरान को भुगतान किए जाने के बारे में चलाई जा रही खबरें 'फर्जी' हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "ऐसी खबरें फैल रही हैं कि सनमार हेराल्ड जहाज के कप्तान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना इकाई से जुड़े लोगों को भुगतान किया, जो कि पूरी तरह गलत है। जहाज के मालिक से बात करने पर उन्होंने कोई भुगतान न किए जाने की पुष्टि की।" इससे पहले, सोशल मीडिया पर सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में 'सनमार हेराल्ड' के कप्तान को यह कहते सुना गया कि उन्हें पहले जलमार्ग पार करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में उन पर गोलीबारी शुरू कर दी गई। कुछ रिपोर्ट में इस घटना को कथित 'क्रिप्टो ठगी' से जोड़ते हुए दावा किया गया था कि फर्जी लोग जहाज मालिकों से सुरक्षित मार्ग दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन दावों को भी खारिज कर दिया। चेन्नई स्थित पोत परिवहन कंपनी सनमार शिपिंग ने भी एक बयान में अपने जहाज की सुरक्षित निकासी के लिए किसी तरह के भुगतान से इनकार किया। उसने कहा कि वह संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर जहाज की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रही है। पोत परिवहन मंत्रालय ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर स्थिति का आकलन करता है और उसी के आधार पर फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने की सलाह दी जाती है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है।
-
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 28 अप्रैल को वाराणसी के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर तैयारियां तेज कर दी गयी हैं। वाराणसी, मोदी का संसदीय क्षेत्र है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि पार्टी की जिला और शहर इकाइयों ने प्रस्तावित महिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बूथ-स्तर पर जनसंपर्क अभियान की योजना बनायी है। पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री 28 अप्रैल की दोपहर वाराणसी पहुंचेंगे, जहां वह 'बनारस लोकोमोटिव वर्क्स' में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद विशाल महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि रात्रि विश्राम के बाद मोदी 29 अप्रैल की सुबह 'सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर तिब्बतन स्टडीज' के रिनपोछे सांगपा अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे और बाद में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई रवाना हो जाएंगे। पटेल ने महिलाओं से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह सम्मेलन पूरे देश में महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत संदेश देगा। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं की भीड़ जुटाने के लिये जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पटेल ने बताया कि मंडल स्तर पर बैठकें पूरी हो चुकी हैं और अब महिला मोर्चा की टीमें बूथ स्तर पर घर-घर जाकर महिलाओं को सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करेंगी। -
नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर बुधवार को श्रीकेदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम हर-हर महादेव और जय श्री केदार के उद्घोष से गूंज उठा। सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुन के बीच कपाट उद्घाटन का यह दिव्य क्षण और भी अलौकिक बन गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपस्थित रहे।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस पावन क्षण में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नाम से बाबा केदार की प्रथम पूजा-अर्चना की तथा विधि-विधान से अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।मुख्यमंत्री ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम न केवल सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस वर्ष भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक होगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में श्री केदारनाथ धाम का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्व भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।इस दौरान सीएम धामी ने बातचीत करते हुए कहा कि अब तक श्रद्धालुओं की ओर से रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण हुए हैं, और बाबा की कृपा से यह संख्या हर साल बढ़ रही है। सभी श्रद्धालु आएं, देवभूमि सभी के लिए तैयार है। साथ ही, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। यात्रा के दौरान जो नियम हैं, यहां सभी नियमों का पालन करें। किसी भी जगह पर गंदगी न होने दें।उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है। बाबा के कपाट सभी श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। पूरे देश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को बाबा के दर्शन सुलभ हों। दर्शन बिना किसी बाधा या असुविधा के सुचारू रूप से संपन्न हों। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने इस वर्ष बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं।बता दें कि कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री केदारनाथ धाम को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। -
नई दिल्ली। OpenAI ने अपने प्लेटफॉर्म ChatGPT में नया इमेज जनरेशन मॉडल ‘Images 2.0’ लॉन्च किया है, जो पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक, रियलिस्टिक और स्मार्ट विजुअल तैयार करने में सक्षम है।
कंपनी के अनुसार, यह नया मॉडल अब डिटेल्ड निर्देशों को बेहतर तरीके से समझता है, ऑब्जेक्ट्स को सही जगह पर रखता है और जटिल एलिमेंट्स जैसे टेक्स्ट, यूजर इंटरफेस और मल्टीलिंगुअल कंटेंट को अधिक सटीकता से तैयार कर सकता है।इस अपडेट की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘thinking capability’ फीचर है। इसके जरिए मॉडल जरूरत पड़ने पर वेब सर्च का उपयोग कर सकता है, एक ही प्रॉम्प्ट से कई अलग-अलग इमेज बना सकता है और आउटपुट की सटीकता को वेरिफाई भी कर सकता है।नई तकनीक के साथ यूजर्स अब सोशल मीडिया ग्राफिक्स, प्रेजेंटेशन, इन्फोग्राफिक्स, UI डिजाइन, कॉमिक्स और सिनेमैटिक विजुअल्स जैसे कई फॉर्मेट में आसानी से इमेज तैयार कर सकते हैं।कंपनी ने बताया कि यह मॉडल हिंदी, जापानी, चीनी, कोरियन और बंगाली जैसी भाषाओं में भी बेहतर परफॉर्म करता है, जिससे यह वैश्विक यूजर्स के लिए अधिक उपयोगी बनता है।विजुअल क्वालिटी की बात करें तो Images 2.0 में लाइटिंग, टेक्सचर और फाइन डिटेल्स को ज्यादा बेहतर तरीके से रेंडर किया जाता है, जिससे इमेज ज्यादा रियल लगती हैं।डेवलपर्स के लिए यह मॉडल ‘gpt-image-2’ API के जरिए उपलब्ध होगा, जिससे इसे डिजाइन, मार्केटिंग, एजुकेशन और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में इंटीग्रेट किया जा सकेगा।हालांकि, कंपनी ने माना कि अभी भी कुछ सीमाएं हैं, जैसे बेहद जटिल डिजाइन या बहुत ज्यादा डिटेल वाले पैटर्न में सुधार की जरूरत है। साथ ही, OpenAI ने सेफ्टी के लिए कई स्तरों पर जांच, मेटाडेटा टैगिंग और वॉटरमार्किंग जैसे उपाय भी लागू किए हैं, ताकि गलत या भ्रामक कंटेंट को रोका जा सके। -
नई दिल्ली। भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। योजना ने 9 करोड़ अभिदाताओं के कुल सकल नामांकन का आंकड़ा अप्रैल 21, 2026 तारीख को पार कर लिया है।
वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान सकल नामांकन 1.35 करोड़ अभिदाताओं से अधिक हो गया है, जो कि योजना की शुरुआत से अब तक किसी एक वित्त वर्ष में दर्ज किया गया सर्वाधिक नामांकन है जो कि योजना की बढ़ती पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।सभी भारतीयों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से दिनांक 9 मई, 2015 को प्रारंभ की गई एपीवाई एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जो विशेष रूप से गरीब, वंचित तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित है। पिछले एक दशक में, इस योजना ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जो बैंकों (पीएसबी/आरआरबी/निजी बैंक/एसएफबी/सहकारी बैंक), राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी)/केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति (यूटीएलबीसी)/लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम), डाक विभाग (डीओपी) के निरंतर प्रयासों तथा भारत सरकार के सतत सहयोग का परिणाम है। पीएफआरडीए ने भी जन-जागरूकता अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बहुभाषी सामग्री, मीडिया प्रचार और नियमित समीक्षाओं के माध्यम से देश के सभी राज्यों और जिलों में योजना के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई है।अटल पेंशन योजना को ‘सम्पूर्ण सुरक्षा कवच’ प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित त्रिस्तरीय लाभ सुनिश्चित किए जाते हैं :-प्रथम, 60 वर्ष की आयु के पश्चात ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन सुनिश्चित की जाती है ;द्वितीय, अभिदाता की मृत्यु के पश्चात उसके पति/पत्नी को समान पेंशन राशि मिलना जारी रहती हैतृतीय,दोनों के निधन के बाद 60 वर्ष की आयु तक संचित कोष नामित व्यक्ति को लौटा दिया जाता है।यह योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है, बशर्ते वे आयकरदाता न हों या पूर्व में आयकरदाता न रहे हों। - नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ बुधवार को सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपकी यात्राओं को शुभ करें। पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से 5 संकल्प अपनाने की अपील भी की।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “केदारनाथ धाम और चार धाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं। इस वर्ष चार धाम यात्रा के आरंभ उत्सव पर, उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मैंने एक पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। मेरी कामना है कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपकी यात्राओं को शुभ करें।”देशवासियों के नाम अपने एक संदेश में पीएम मोदी ने लिखा, “देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल चुके हैं और आज से केदारनाथ धाम की यात्रा प्रारंभ हो रही है। 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। बाबा केदार के दर्शन समेत चारों धामों की यह पावन यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का एक भव्य उत्सव है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्राओं से भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा दी थी। जगद्गुरु रामानुजाचार्य और जगतगुरु मध्वाचार्य ने भी अपने धर्म विचारों को समृद्ध करने के लिए बद्रीनाथ की यात्रा की थी।”उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “आज भी हिमालय की गोद में विराजमान ये चारों धाम हमारी शाश्वत आस्था और विश्वास के दिव्य केंद्र हैं। हर वर्ष विविध भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोग यहां पहुंचते हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के भाव को और अधिक सशक्त करते हैं। इस वर्ष की यात्रा भी इसी परंपरा का विस्तार है।”पीएम मोदी ने लिखा, “हमारे शास्त्रों में कहा गया है, ‘अग्निष्टोमादिभिर्यज्ञैरिष्ट्वा विपुलदक्षिणैः। न तत्फलमवाप्नोति तीर्थाभिगमनेन यत्॥’ भाव ये है कि बड़े-बड़े यज्ञों और दान आदि से हमें अपार पुण्य प्राप्त होते हैं। और इन अनुष्ठानों से भी कहीं अधिक पुण्य, हमें तीर्थ यात्राओं से प्राप्त होता है।”देशवासियों के नाम संदेश में पीएम मोदी ने लिखा, “विकसित भारत के संकल्प में विकसित उत्तराखंड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुछ वर्ष पहले, बाबा केदार के द्वार पर मैंने कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। आज उत्तराखंड की प्रगति इस विश्वास को साकार कर रही है। उत्तराखंड आज पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक प्रगति, तीनों क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों से उत्तराखंड में विकास का जो महायज्ञ चल रहा है, उसने चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और दिव्य बनाया है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं, संतजनों और पर्यटकों को बहुत सुविधा हो रही है। इन सारे कामों में उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का ध्यान रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।”प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले हर अतिथि से अनुरोध किया कि वे इस नए अनुभव का आनंद जरूर लें। उन्होंने कहा, “सभी यात्रीगण अपनी यात्रा के दौरान डिजिटल उपवास रखने और उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को जीने का प्रयास भी करें। इससे आपको एक अलग संतुष्टि भी मिलेगी।” इस दौरान, पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “चार धाम की हर यात्रा में हम एक संकल्प लेकर अपने मूल स्थान से देवभूमि के लिए आते रहे हैं। इसी क्रम में, मैं भी आपसे पांच संकल्पों का आग्रह करना चाहता हूं।”पीएम मोदी ने ‘स्वच्छता सर्वोपरि’ को पहला संकल्प बताया। उन्होंने कहा, “धाम और उसके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। नदियों को साफ रखने के लिए अपना योगदान दें। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त यात्रा का संकल्प लें और इस पावन धरा की गरिमा को बनाए रखें।” दूसरे संकल्प में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का उल्लेख किया गया। पीएम मोदी ने कहा, “हिमालय की इस दिव्य धरा के प्रति संवेदनशील रहे। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हुए, ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।”सेवा, सहयोग और एकता पर बल के रूप में तीसरे संकल्प की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पुरातन काल से हमारी तीर्थ यात्राएं सर्वजन की सेवा और सामाजिक समरसता को स्थापित करने का माध्यम रही हैं। आज भी लोग इसी सेवाभाव से तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं। मैं चारधाम आने वाले हर तीर्थयात्री से भी आग्रह करता हूं कि वे अपनी यात्रा के हर दिन, किसी ना किसी रूप में, लोगों की सेवा का एक काम अवश्य करें। सहयात्रियों की सहायता करें और देश की विभिन्न जगहों से आए लोगों से जुड़ें। उनकी परंपराओं का सहभागी बनकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को इस यात्रा के माध्यम से सशक्त करें।”अपने चौथे संकल्प में पीएम मोदी ने कहा, “अपने मूल स्थान से चलकर यात्रा से घर लौटने तक अपने कुल खर्च का पांच प्रतिशत हिस्सा लोकल उत्पादों को खरीदने पर जरूर खर्च करें। अगर किसी स्थानीय चीज की जरूरत इस मौसम में नहीं भी है, तो भी उसे भविष्य के इस्तेमाल के भाव से ही खरीदने का प्रयास करें।”वहीं, पांचवें और आखिरी संकल्प की बात करते हुए उन्होंने लिखा, “यात्रा के नियमों और यातायात निर्देशों का पालन करें। एक जिम्मेदार और सजग नागरिक के रूप में इस तीर्थ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाएं। हम ये प्रयास करें कि हमारी यात्रा से, इस यात्रा के आयोजन और प्रबंधन में जितने भी लोग लगे हुए हैं, उन्हें कोई असुविधा ना हो।”प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में हमारे क्रिएटर्स, इंफ्लूएंसर्स चारधाम दर्शन के लिए जाने लगे हैं। मैं सभी से ये आग्रह करूंगा कि वो उत्तराखंड की स्थानीय कहानियों और यहां की छोटी-छोटी परंपराओं को भी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करें। मुझे विश्वास है कि इन संकल्पों के साथ आपकी यह यात्रा एक अनुपम अनुभव से जुड़ेगी। चारधाम यात्रा का हर पड़ाव आपको प्रकृति की पवित्रता, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से और अधिक जोड़ेगा।उन्होंने अपने संदेश के आखिर में फिर से दोहराते हुए लिखा, “बाबा केदार के साथ ही चारों धामों का आशीर्वाद आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नए संकल्पों का संचार करे। मेरी यही कामना है। आप सभी को एक सफल, सुरक्षित, दिव्य और आत्मीय यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”
- नई दिल्ली। तमिलनाडु में कल गुरुवार को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा की व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। लोकतंत्र के इस बड़े त्योहार में 5.73 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इस चुनाव में राजनीतिक दलों और निर्दलीयों सहित कुल 4,618 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रचार अभियान मंगलवार शाम 6 बजे समाप्त चुका है। पूरे तमिलनाडु में लगभग 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 3,022 स्थानों पर स्थित 5,938 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है।इन केंद्रों पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हथियारबंद अर्धसैनिक बलों और तमिलनाडु विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है। मतदान के दिन राज्य भर में पुलिस, अर्धसैनिक बल, अग्निशमन विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, होमगार्ड और सेवानिवृत्त सैनिकों सहित लगभग 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्रीय सुरक्षा बलों की लगभग 295 कंपनियों से करीब 23,000 अर्धसैनिक जवान तमिलनाडु पहुंचे हैं। इसमें 26,203 इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, विशेष सब-इंस्पेक्टर और 94,598 हेड कांस्टेबल व पुलिसकर्मी शामिल हैं।इसी तरह, विशेष कमांडो/अतिरिक्त बल के 12,150 जवान भी सुरक्षा ड्यूटी में लगे हैं। राजधानी चेन्नई जिले में अवडी और तांबरम शहर पुलिस को छोड़कर 38 जिलों और 7 महानगरीय पुलिस क्षेत्रों में 1.17 लाख पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। इसके अलावा, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के अलावा लगभग 20,000 सेवानिवृत्त सैनिक, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और सेवानिवृत्त वन रक्षक भी चुनाव ड्यूटी के लिए लगाए गए हैं।मतदान के दिन 514 वाहनों में विशेष बल के जवान पूरे राज्य में गश्त करेंगे। यदि किसी मतदान केंद्र पर कोई समस्या होती है, तो ये तुरंत वहां पहुंचकर कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे। इसके अलावा, डीएसपी, एडीएसपी, एसपी, डीआईजी, आईजी और पुलिस आयुक्तों के नेतृत्व में 1,100 वाहनों में त्वरित प्रतिक्रिया दल भी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।--
- नई दिल्ली। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी की रक्षा करना मात्र एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा पवित्र संकल्प है, जिसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाना चाहिए।इसे लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पृथ्वी हमारी माता है और इसके संरक्षण में मानवता का कल्याण निहित है। इसकी रक्षा करना हम सबका केवल दायित्व नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा पवित्र संकल्प भी है। यस्यां वृक्षा वानस्पत्या ध्रुवास्तिष्ठन्ति विश्वहा। पृथिवीं धेनुं प्रदुहां न उदिच्छन्तु नमोऽस्तु पृथिव्यै॥”केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी विश्व पृथ्वी दिवस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस दिवस की याद दिलाती है कि हमारे आज के कार्य ही हमारे ग्रह के भविष्य को निर्धारित करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे कार्यक्रमों की सराहना की, जो लोगों को स्वच्छ और हरित भविष्य निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों को विश्व पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “सनातन संस्कृति में धरती को मां के रूप में पूजा जाता है, जो समस्त चराचर जगत का नि:स्वार्थ भाव से पोषण करती है। विश्व पृथ्वी दिवस के इस पावन अवसर पर आइए, हम सभी प्राणदायिनी धरा को प्रदूषण मुक्त और वृक्षों से हरी-भरी बनाने का संकल्प लें।”वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मौके पर शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर पोस्ट कर कहा, “ समस्त प्रदेशवासियों को विश्व पृथ्वी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यह दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों की याद दिलाता है। आइए, हम सभी पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सजग रहने और सक्रिय योगदान देने का संकल्प करें।”
- नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि देश में गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases – NCDs) से निपटना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, क्योंकि ये कुल मौतों का लगभग 60 प्रतिशत कारण बन रहे हैं।18वें सिविल सेवा दिवस के दौरान आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने NCDs से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें रोकथाम (preventive), उपचार (curative), जागरूकता (promotive) और पुनर्वास (rehabilitative) जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।उन्होंने कहा कि 2017 में लाई गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को समग्र रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही, संक्रामक रोगों में देश ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन NCDs के मामलों में लंबे समय तक परिणाम आने और जागरूकता की कमी के कारण अधिक ध्यान देने की जरूरत है।सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, शुरुआती जांच (early detection), बीमारी प्रबंधन और समय पर रेफरल पर विशेष फोकस किया जा रहा है।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले छह वर्षों में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जो देश की बड़ी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का पहला संपर्क बिंदु बन चुके हैं।उन्होंने यह भी कहा कि स्क्रीनिंग अभियान के तहत बड़े स्तर पर जांच की जा रही है:41.5 करोड़ लोगों की हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) के लिए जांच, जिनमें 7.1 करोड़ मरीज पाए गए41.3 करोड़ लोगों की डायबिटीज के लिए स्क्रीनिंग, जिनमें 4.7 करोड़ मरीज मिले35.3 करोड़ लोगों की ओरल कैंसर के लिए जांच, जिनमें 2.3 लाख मामलों की पहचान हुई16.5 करोड़ से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंगइसके अलावा, देश में 107 जिला स्तर के NCD क्लीनिक और 233 कार्डियक केयर यूनिट्स स्थापित किए गए हैं। सरकार ने हर जिले में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की है।नड्डा ने जोर देकर कहा कि शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से ही इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और भारत को स्वस्थ बनाया जा सकता है।--
- नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नोटिस पर एक मई से विशेष क्यूआर कोड होगा, जिससे लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित चैटबॉट 'अभय' के माध्यम से उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि कर सकेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। साइबर अपराधियों के जाल में लोगों को फंसने से बचाने के लिए किसी भी एजेंसी द्वारा यह अपनी तरह की पहली पहल है। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सोमवार को यहां 22वें डी पी कोहली स्मृति व्याख्यान में चैटबॉट की शुरुआत करते हुए इसे एक ''महत्वपूर्ण पहल'' बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन ठगों के खिलाफ एक 'प्रभावी सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगी, जो खुद को सीबीआई के अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देते हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा तंत्र उन ठगों के खिलाफ एक प्रभावी सुरक्षा उपाय बन सकता है, जो खुद को सीबीआई के अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देते हैं और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी नोटिस भेजते हैं। ये ठग अक्सर तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर अनजान लोगों को धमकाते हैं। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्यूआर कोड में नोटिस की समाप्ति तिथि भी शामिल होगी।किसी व्यक्ति को कथित नोटिस प्राप्त होने पर वह सीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध 'अभय' ऐप पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकता है। इससे एजेंसी के डेटाबेस में तुरंत जांच हो जाएगी कि दस्तावेज़ असली है या जाली। साइबर अपराधी इस तरह के नोटिस का इस्तेमाल सीबीआई अधिकारियों के रूप में लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी में फंसाने और उनसे पैसे वसूलने के लिए करते हैं।

























.jpg)

