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नयी दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सर्वाधिक अवधि तक सेवा देने के लिए बुधवार को नरेन्द्र मोदी को बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन की निरंतर सेवा का यह ऐतिहासिक पड़ाव भारतीय लोकतंत्र की सुदृढ़ता एवं जनविश्वास का प्रतीक है। बिरला ने बधाई संदेश में कहा, ''आज माननीय प्रधानमंत्री एवं लोकसभा में सदन के नेता नरेन्द्र मोदी जी ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सर्वाधिक अवधि तक निरंतर सेवा का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन की निरंतर सेवा का यह ऐतिहासिक पड़ाव भारतीय लोकतंत्र की सुदृढ़ता एवं जनविश्वास का प्रतीक है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ''इस अवधि में संवैधानिक मूल्यों, संसदीय लोकतंत्र तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को स्वस्थ संसदीय प्रक्रियाओं एवं परंपराओं के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ता प्राप्त हुई है।'' बिरला ने कहा, ''माननीय प्रधानमंत्री जी को इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। राष्ट्र की निरंतर प्रगति, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु उनके नेतृत्व को मेरी मंगलकामनाएं।'' मोदी ने 10 जून को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे कर लिए और वह निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिन के रिकॉर्ड से आगे निकल गए।
- पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) . । आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा शुरू होने के महज 40 दिनों के भीतर कुल 37,818 'इनर लाइन परमिट' (विशेष अनुमति पत्र) जारी किए जा चुके हैं। यह संख्या पिछले साल जारी किए गए परमिट की कुल संख्या से भी अधिक है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। चीन और नेपाल की सीमा से सटे इस संवेदनशील क्षेत्र में जाने के लिए प्रशासन द्वारा यह विशेष अनुमति पत्र जारी किया जाता है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल जारी किए गए कुल 36,526 परमिट का रिकॉर्ड सोमवार (8 जून) को ही टूट गया था। इस दिन देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्रियों को 1,194 परमिट जारी किए गए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 36,776 पहुंच गई। इसके बाद नौ जून को भी श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा और उस दिन 1,042 परमिट जारी किए गए जबकि पिछले साल इसी तारीख को महज 618 परमिट दिए गए थे। यह वार्षिक यात्रा एक मई से शुरू हुई थी और नवंबर तक छह महीने से अधिक समय तक चलती है। हालांकि जुलाई और अगस्त के दौरान (मानसून के कारण) इसे स्थगित रखा जाता है। धारचूला में कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) बेस कैंप के प्रभारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि इस साल तीर्थयात्रियों की कुल संख्या एक लाख के पार जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में आने वाले लोगों में बड़ी संख्या छुट्टियां मनाने वालों की दिख रही है, जबकि पारंपरिक तीर्थयात्रियों का आना जून के मध्य के बाद नियमित होने की संभावना है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने श्रद्धालुओं की इस भारी संख्या का श्रेय होमस्टे सुविधाओं में सुधार को दिया जिसने इस ऊंचाई वाले क्षेत्र की यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की इस बढ़ी संख्या से परिवहन सेवाओं, होमस्टे (स्थानीय लोगों के घरों में ठहरने की व्यवस्था), स्व-रोजगार और स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री के जरिए लोगों को आजीविका मिल रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। भटगांई ने बताया कि इससे मार्ग में पड़ने वाले सीमावर्ती गांवों के परिवारों को अपने पैतृक घरों में ही टिके रहने का जरिया मिला है। उन्होंने कहा कि इन सीमांत इलाकों में साल भर लोगों की मौजूदगी रहने से भारत, चीन और नेपाल की त्रिकोणीय सीमा पर स्थानीय नागरिकों की 'दूसरी रक्षा पंक्ति' मजबूत होती है यानी संकट या घुसपैठ के समय ये नागरिक सेना के लिए आंख-कान का काम करते हैं और देश की सुरक्षा को मजबूती देते हैं।
- नयी दिल्ली।. केंद्र की प्रमुख मातृ स्वास्थ्य पहल 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा देशभर में मृत्यु दर से जुड़े संकेतकों में तेज गिरावट लाने में इस अभियान की भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौ जून, 2016 को पीएमएसएमए की शुरुआत की थी। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक माह की नौ तारीख को विशेषज्ञ चिकित्सकों के जरिये मुफ्त, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। नड्डा ने 'पीएमएसएमए के 10 वर्ष-देखभाल का एक दशक' विषय के तहत देशव्यापी समारोहों की शुरुआत करते हुए कहा कि यह उपलब्धि ''पूरे देश के लिए गर्व और संतोष का क्षण'' है। उन्होंने कहा, ''पिछले एक दशक में पीएमएसएमए का सफल क्रियान्वयन देश के प्रत्येक परिवार के लिए सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ नवजात सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'' मंत्री ने कहा कि पीएमएसएमए ने न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है, बल्कि एक स्वस्थ और अधिक सक्षम भारत की नींव भी रखी है। नड्डा ने कहा, ''माताओं का स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करना स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण और स्वस्थ भारत के दृष्टिकोण को साकार करने का आधार है।'' उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत सरकार के साथ भागीदारी करने वाले निजी अस्पतालों और चिकित्सा विशेषज्ञों के योगदान की सराहना की। मंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु आकलन अंतर-एजेंसी समूह की नवीनतम रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर 48 प्रतिशत की औसत गिरावट की तुलना में भारत ने 1990 से मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की कमी हासिल की है। उन्होंने कहा कि 1990 से 2024 के बीच पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 79 प्रतिशत और नवजात मृत्यु दर में 70 प्रतिशत की कमी आई है।
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा का सुचारु और त्रुटिरहित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील भी की। प्रधान ने कहा कि सरकार इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उन्हें परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने तक, हर पहलू पर अतिरिक्त सावधान बरत रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के मुख्यालय में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की तैयारियों का जायजा लेने के बाद प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में बैठकें आयोजित की गई हैं और सभी राज्यों से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, "एनटीए 21 जून को नीट-यूजी पुन: परीक्षा कराएगी। हमने इसकी तैयारियों की कई बार समीक्षा की है। मैंने तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज एनटीए मुख्यालय का दौरा किया।" प्रधान ने कहा, "हमने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर समय पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने तक, हर पहलू पर इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती है।" एनटीए ने मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के चलते 12 मई को रद्द कर दी थी। पुन: परीक्षा 21 जून के लिए निर्धारित की गई है।प्रधान ने कहा, "मैंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर सहयोग का अनुरोध किया है। पहले भी उनका समर्थन मिला था। मैंने उनसे इस बार और भी अधिक ध्यान देने का अनुरोध किया है।" उन्होंने कहा कि कई राज्यों में पहले ही मुख्य सचिवों, महानिदेशकों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को शामिल करते हुए समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें एनटीए के महानिदेशक ने भी हिस्सा लिया। प्रधान ने बिहार और महाराष्ट्र में हुई बैठकों का हवाला दिया, जिनमें से एक की अध्यक्षता देवेंद्र फडणवीस ने की थी। मंत्री ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी इस मुद्दे पर चर्चा की। प्रधान ने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव के भी आने वाले दिनों में एक समीक्षा बैठक आयोजित करने की उम्मीद है और सभी संबंधित एजेंसियां अपनी सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रही हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र ने पिछले महीने संयुक्त सचिव, निदेशक और उप निदेशक स्तर पर नये अधिकारियों को शामिल करके एनटीए को मजबूत किया है। प्रधान ने कहा, "अनुभवी और नवनियुक्त दोनों अधिकारियों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ रसद का प्रबंधन कर रहे हैं, कुछ छपाई की निगरानी कर रहे हैं, कुछ वायु सेना के साथ समन्वय कर रहे हैं, कुछ बैंकों के साथ, कुछ राज्यों के साथ, जबकि अन्य सॉफ्टवेयर सुरक्षा का सत्यापन कर रहे हैं।" सूत्रों के मुताबिक, एनटीए 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा के प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना की मदद लेने की योजना बना रही है, क्योंकि प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रधान ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय और सीईआरटी-इन, आई4सी, आसूचना ब्यूरो (आईबी) तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियां साइबर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, "इन सभी साइबर सुरक्षा एजेंसियों को एक साथ लाया गया है और काम पर लगाया गया है।"तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि प्रधान ने कहा कि पुनर्परीक्षा 551 शहरों में 5,435 केंद्रों के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिनमें भारत के बाहर के 14 केंद्र भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। हमने इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया है। एनटीए पुन: परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराएगी।" प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अभ्यर्थी अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें और परीक्षा के संचालन के बारे में चिंता न करें। उन्होंने कहा, "हमने पहले ही छात्रों को आश्वस्त किया था कि हम त्रुटिरहित परीक्षा आयोजित करेंगे और मैं उन्हें एक बार फिर आश्वस्त करना चाहता हूं। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि परिणाम समय पर घोषित किए जाएं, ताकि छात्रों का बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।" प्रधान ने कहा, "मैं अभ्यर्थियों से कहना चाहता हूं कि अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। हम नीट-यूजी पुनः परीक्षा सुचारु रूप से और बिना किसी त्रुटि के आयोजित करेंगे। कृपया हमारे साथ सहयोग करें।" वायु सेना के संभावित इस्तेमाल सहित सुरक्षा व्यवस्थाओं के सिलसिले में प्रधान ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार के शीर्ष स्तर पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, "चुनौतियां पहले भी थीं और अभी भी मौजूद हैं। लेकिन इस बार सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।" प्रधान ने कहा, "मैंने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मुद्दे पर चर्चा की है। मैं आज शाम स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलूंगा। वित्त मंत्रालय भी इस मामले पर नजर रख रहा है। मुझे विश्वास है कि हम अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे।" उन्होंने कहा कि राज्यों से स्थानीय मौसम की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। तीन मई को आयोजित नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं पर प्रधान ने कहा कि सीबीआई मामले की जांच कर रही है।उन्होंने कहा, "सीबीआई इस बात की तह तक पहुंच रही है कि क्या गलत हुआ और कहां हुआ। मुझे सीबीआई पर पूरा भरोसा है।" प्रधान ने कहा, "हमने जांच एजेंसी से अनुरोध किया है कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी आपराधिक जवाबदेही तय की जानी चाहिए, उनके खिलाफ मामले दर्ज होने चाहिए और उन्हें त्वरित अदालतों में जल्द सुनवाई का सामना करना चाहिए।" उन्होंने कहा, "दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"प्रधान ने कहा कि एनटीए को संविदात्मक दायित्वों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कानूनी उपायों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, "कुछ पक्षों ने हमारे साथ समझौते किए थे और प्रतिबद्धताएं जताई थीं, लेकिन उन्होंने उनका उल्लंघन किया और हमारा भरोसा तोड़ा। हमने एनटीए को कानूनी पहलुओं का पता लगाने और यह आंकने का निर्देश दिया है कि क्या उनके खिलाफ नागरिक दायित्व के मामले दर्ज किए जा सकते हैं। इस मामले पर कानूनी सलाह ली जा रही है।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नजर रखने संबंधी खबरों का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा, "जब सरकार के इतने सारे वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होते हैं, तो इसका मतलब यह है कि प्रधानमंत्री खुद इस मामले को लेकर चिंतित हैं।" शिक्षा मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री इन प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से छात्रों को आश्वस्त करना चाहते हैं। छात्रों और अभिभावकों का भरोसा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।" उन्होंने भरोसा दिलाया, "पहले हुई गलतियां दोहराई नहीं जाएंगी। हम पुन: परीक्षा सुचारु रूप से आयोजित करेंगे।"
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून को कृत्रिम मेधा (एआई) के उभरने से बहुत पहले बनाया गया था और बदलते तकनीकी परिदृश्य से निपटने के लिए अब नए कानूनी ढांचे की आवश्यकता पड़ सकती है। वैष्णव ने कहा कि उद्योग जगत के साथ बातचीत की जा रही है और सरकार नवाचार तथा विनियमन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत एआई के लिए एक प्रतिबद्ध कानून पर विचार करेगा या दुनिया भर के देशों में एआई सुरक्षा पर जारी बहस के बीच आईटी अधिनियम में संशोधन के माध्यम से इस मुद्दे का समाधान करेगा, वैष्णव ने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है। उन्होंने कहा, ''यह एक बहुत ही जटिल विषय है। आईटी अधिनियम के ढांचे के तहत कुछ चीजें की गई हैं, लेकिन मुझे लगता है कि एक नए कानून की आवश्यकता है क्योंकि एआई की दुनिया 2000 में आईटी अधिनियम लागू किए जाने वाली दुनिया से बहुत अलग है।'' मंत्री ने कहा, ''हम उद्योग जगत के साथ चर्चा कर रहे हैं...हमेशा की तरह, हमारा उद्देश्य और दृष्टिकोण नवाचार तथा विनियमन को इस तरह से संतुलित करना होगा कि नवाचार जारी रहे, साथ ही हमारे नागरिक सुरक्षित रहें।'' यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि दुनिया भर के नीति निर्माता एआई द्वारा उत्पन्न चुनौतियों से जूझ रहे हैं, जिनमें गलत सूचना और ऑनलाइन नुकसान शामिल हैं।
- नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के तरीकों का पता लगाने और तात्कालिक वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए 13 जून को फ्रांस और स्लोवाकिया की हफ्ते भर लंबी यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उसने बताया कि यात्रा के पहले चरण में मोदी 13-14 जून को फ्रांस के नीस शहर का दौरा करेंगे, जबकि 16 से 19 जून के बीच वह एवियन और पेरिस की यात्रा पर रहेंगे। मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री 14 जून को फ्रांस से स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होंगे और 16 जून को फिर से फ्रांस जाएंगे। उसने कहा, "यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 14 जून को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस जाएंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करेंगे, जिन्हें इस वर्ष की शुरुआत में एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था।" मंत्रालय के अनुसार, नीस में मोदी और मैक्रों 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष नवाचार स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड को एक साथ लाएगा। मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के दूसरे चरण में मोदी स्लोवाकिया का राजकीय दौरा करेंगे। यह 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की देश की पहली यात्रा होगी। मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी। मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के तीसरे चरण में मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उसने कहा, "शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी जी7 नेताओं और आमंत्रित भागीदार देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, जो नये सहयोग स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण करने; सभी के लिए संतुलित, साझा एवं टिकाऊ आर्थिक विकास सुनिश्चित करने; और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का सुरक्षित, तीव्र तथा कुशल इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर केंद्रित सत्रों में हिस्सा लेंगे।" मंत्रालय ने बताया कि शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। उसने बताया कि यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को आगे की द्विपक्षीय बैठकों और यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कार्यक्रम 'विवाटेक शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेने के लिए पेरिस का दौरा करेंगे। मंत्रालय के मुताबिक, "प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा से फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 देशों के साथ भारत की साझेदारी और गहरी होगी।" उसने कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन में मोदी की मौजूदगी 'ग्लोबल साउथ' की एक अग्रणी आवाज और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक प्रमुख भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाएगी। 'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है, जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित या अविकसित के रूप में जाना जाता है। ये देश मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। मंत्रालय ने कहा, "भारत इनोवेट्स और विवाटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भागीदारी भारत को नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और उद्यमिता के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश करेगी और इससे भारतीय, ड्रेंच और यूरोपीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के बीच नयी साझेदारियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।" उसने कहा कि यह यात्रा यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करेगी।
- नयी दिल्ली. फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के वृद्धि दर अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया। अमेरिका-ईरान संघर्ष और इससे जुड़े तेल संकट के प्रभावों की वजह से यह कटौती की गई है। रेटिंग एजेंसी फिच ने जून महीने की अपनी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर धीमी रह सकती है लेकिन घरेलू मांग और निवेश से कुछ समर्थन मिलेगा। फिच रेटिंग्स ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.4 प्रतिशत रह जाएगी, जो मार्च के अनुमान से 0.3 प्रतिशत अंक कम है। घरेलू मांग वृद्धि का मुख्य आधार बनी रहेगी और वास्तविक संदर्भ में आयात कम होने से शुद्ध बाहरी मांग इस वृद्धि में सकारात्मक योगदान देगी।" रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च मुद्रास्फीति और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वास्तविक आय पर दबाव बढ़ेगा, जिससे उपभोक्ता खर्च प्रभावित होगा।यह प्रभाव विशेष रूप से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी एवं तीसरी तिमाही में अधिक दिखाई देगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है और इसका असर भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। फिच ने ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत के अनुमान को बढ़ाकर 87 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है, जो पहले 70 डॉलर प्रति बैरल था। इसके साथ ही पश्चिम एशिया संघर्ष की वजह से 14 सप्ताह से बंद होर्मुज जलडमरूमध्य के जुलाई तक बंद रहने का ही अनुमान लगाया गया है। फिच रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रायन कोल्टन ने कहा, "तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर दबाव पड़ रहा है और जोखिम बढ़ रहे हैं। लेकिन दुनिया भर में आईटी पर खर्च तेजी से बढ़ रहा है, जो निकट अवधि में आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर को कुछ हद तक कम कर रहा है।" हालांकि यह रिपोर्ट कहती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर 1970 के दशक जैसे गंभीर तेल संकट की तुलना में कम होगा, क्योंकि आज ऊर्जा की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी कम हो गई है।रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इस संकट के बावजूद भारत में मुद्रास्फीति अभी अधिक नहीं बढ़ी है, लेकिन इस पर दबाव बढ़ रहा है। अप्रैल में थोक मुद्रास्फीति 8.3 प्रतिशत और खुदरा मुद्रास्फीति 3.5 प्रतिशत रही। फिच ने अनुमान जताया कि साल के अंत तक मुद्रास्फीति बढ़कर 5.3 प्रतिशत तक जा सकती है। इसका कारण ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, आधार प्रभाव और संभावित कमजोर मानसून है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भले ही रेपो रेट को फिलहाल 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है लेकिन बढ़ते महंगाई दबाव के चलते इस साल ब्याज दरों में एक बार बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत किया जा सकता है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पर फिच ने कहा कि रुपये में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित है और यह चालू वित्त वर्ष में औसतन 97.50 प्रति डॉलर के स्तर पर रह सकता है।
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नई दिल्ली। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सोमवार, 8 जून को नमो भारत ट्रेनों में एक दिन के भीतर लगभग 1 लाख 25 हजार 500 यात्रियों ने यात्रा की, जो इस कॉरिडोर की अब तक की सर्वाधिक दैनिक राइडरशिप है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोग तेजी से नमो भारत को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।
एनसीआरटीसी के मुताबिक, सामान्य दिनों में इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन करीब एक लाख यात्री सफर करते हैं, लेकिन हालिया रिकॉर्ड ने नमो भारत की बढ़ती लोकप्रियता को और मजबूत किया है। यात्रियों का कहना है कि नमो भारत द्वारा यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने के साथ-साथ इसकी विश्वसनीय और समयबद्ध सेवाएं उन्हें आकर्षित कर रही हैं।नमो भारत ट्रेनों का संचालन लगभग 99 प्रतिशत समयबद्धता के साथ किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचने में मदद मिल रही है। विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और नियमित यात्री इस सेवा का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं। इससे सड़क यातायात के दबाव में भी कमी आ रही है और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल रही है।दिल्ली के सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार तथा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और बेगमपुल स्टेशन सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल हैं। ये स्टेशन मेट्रो, भारतीय रेलवे, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं से जुड़े होने के कारण यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं। कुल राइडरशिप में इन स्टेशनों का योगदान 40 प्रतिशत से अधिक बताया गया है।वहीं, मेरठ में इसी कॉरिडोर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित मेरठ मेट्रो सेवाओं ने शहर के भीतर आवागमन को और आसान बना दिया है। यात्रियों को एक ही नेटवर्क पर क्षेत्रीय और स्थानीय दोनों प्रकार की यात्रा सुविधा मिल रही है, जो इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पूरी तरह वातानुकूलित नमो भारत ट्रेनें यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी दे रही हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों के दौर में यह सेवा किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में उभर रही है।यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एनसीआरटीसी ने हाल ही में पीक आवर्स के दौरान 18 अतिरिक्त नमो भारत ट्रेन ट्रिप्स शुरू की हैं। सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक और शाम 5 बजे से 8:30 बजे तक सराय काले खां से मेरठ साउथ के बीच अतिरिक्त सेवाएं संचालित की जा रही हैं। लगातार बढ़ती राइडरशिप यह संकेत दे रही है कि नमो भारत अब केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि लाखों लोगों के दैनिक जीवन का भरोसेमंद हिस्सा बन चुकी है। -
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे हालात और सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कुवैत में रह रहे “भारतीयों की हर संभव मदद पहुंचाने और उन पर व्यक्तिगत ध्यान देने के लिए” आभार जताया।बातचीत में क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई। बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हुए हमलों की सख्त शब्दों में निंदा की।बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कुवैत के अमीर, महामहिम शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बदल रही सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की बहाली के लिए तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।” इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कुवैत में रह रहे भारतीयों की हर संभव मदद करने के लिए भी उनका आभार जताया।हाल ही में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हवाई हमले में एक भारतीय की जान चली गई थी और कई घायल हो गए थे। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की थी। 3 जून को विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि नागरिक आबादी और नागरिक बुनियादी ढांचे को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी और कहा था कि भारतीय दूतावास घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया था कि क्षेत्र में स्थित भारत के सभी दूतावास और मिशन पूरी तरह सतर्क हैं तथा मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारतीय समुदाय को सक्रिय रूप से सहायता और सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
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नयी दिल्ली. नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के मंगलवार को 12 साल पूरे होने पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश ने पहली बार गरीब कल्याण और अभूतपूर्व विकास को एक साथ साकार होते देखा है। शाह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अथक परिश्रम से इन 12 वर्षों में एक भी दिन अवकाश लिए बिना देश और देशवासियों की सेवा की है। उन्होंने कहा, ''मोदी जी के नेतृत्व में इन 12 वर्षों में देश ने पहली बार गरीब कल्याण और अभूतपूर्व विकास को समांतर रूप से चरितार्थ होते देखा है।'' गृह मंत्री ने 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन, 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्का घर, 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा, 10 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन प्रदान करने का उल्लेख किया। उन्होंने देशभर में 90 से अधिक हवाई अड्डे और 140 से अधिक वंदे भारत ट्रेन शुरू किये जाने के अलावा 1.45 लाख किलोमीटर सड़कें और 3,000 किमी आधुनिक एक्सप्रेसवे के निर्माण का भी उल्लेख किया। भारत की आर्थिक वृद्धि का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। गृह मंत्री ने कहा, ''मोदी जी ने अपने अथक परिश्रम से इन 12 वर्षों में एक भी दिन अवकाश लिए बिना देश और देशवासियों की सेवा की है।'' उन्होंने कहा कि ऐसा परिवर्तन तभी संभव होता है, जब नेतृत्व की नीयत साफ हो, लक्ष्य राष्ट्रहित हो और पूर्ण समर्पण हो। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में एक और निर्णायक जीत के बाद, मोदी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनका दूसरा कार्यकाल 30 मई 2019 को शुरू हुआ था।
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा मंत्रालय की करीब 850 एकड़ खाली जमीन पर 250 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र को स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को इस परियोजना को नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और रक्षा क्षेत्र की खाली पड़ी जमीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' करार दिया। मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह अपनी तरह की पहली परियोजना है, जिसमें रक्षा भूमि पर एकीकृत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) के साथ बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र का विकास किया जाएगा। एक बयान में कहा गया कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, स्थिरता और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसमें कहा गया, ''रक्षा बलों के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा, इस परियोजना से रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए पारंपरिक ग्रिड से बिजली की खरीद पर होने वाले खर्च में काफी कमी आने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना के पूरे समय में सरकारी खजाने को महत्वपूर्ण बचत होगी।'' बयान में कहा गया कि एनटीपीसी लिमिटेड रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए सबसे अनुकूल ऊर्जा मूल्य निर्धारण और बचत हासिल करने के लिए एक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना को लागू कर रही है। बयान के मुताबिक यह परियोजना रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय और रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) के समन्वय में कार्यान्वित की जाएगी। इसमें कहा गया, '' यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता के संगम का प्रतिनिधित्व करती है, जो रणनीतिक हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के समर्थन में अपनी संपत्तियों का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
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भोपाल. मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने ' एक न्यूज़ एजेंसी' को बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग अधिकारी) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने जानबूझकर अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया। निर्वाचन अधिकारी का यह फैसला ऐसे दिन आया जब 'क्रॉस वोटिंग' से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने 35 विधायकों का पहला जत्था एक विशेष विमान से पार्टी शासित कर्नाटक के लिए रवाना कर दिया था जबकि दूसरे जत्थे को मंगलवार शाम को बेंगलुरु जाना था। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को चुनाव होना है। सोमवार को नामांकन की आखिरी तारीख थी जबकि आज नामांकन पत्रों की जांच की गई। भाजपा प्रत्याशी महेश केवट के अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तेलंगाना की एक अदालत में नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है और शपथपत्र में इसका उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक शपथपत्र में सभी आपराधिक मामलों का उल्लेख किया जाना जरूरी है लेकिन नटराजन ने जानबूझकर इसे छुपाया। गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने इसी आधार पर नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया है।राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि भाजपा ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। गुप्ता ने बताया कि नटराजन ने इस आपराधिक मामले में अदालत में अपना जवाब भी दाखिल किया है लेकिन शपथ पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा, ''इस जानकारी को जानबूझकर छुपाया गया है। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक शपथ पत्र में आपको यह जानकारी देनी होती है।" कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने नटराजन के नामांकन को निरस्त किए जाने पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अब 'वोट चोरी' का मामला नहीं रहा, बल्कि 'सीट चोरी' का मामला बन गया है। राज्यसभा सदस्य तन्खा ने कहा कि उन्होंने स्वयं नामांकन पत्रों की जांच की है और उसमें ऐसी कोई भी जानकारी छिपाई नहीं गई थी, जिसे घोषित किया जाना आवश्यक हो। उन्होंने कहा, ''उनके (नटराजन) खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं थी। केवल दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 223 के तहत एक नोटिस था, जिसमें एक आवेदक ने दावा किया था कि उन्हें और अन्य लोगों को 10 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। मीनाक्षी नटराजन ने उस नोटिस पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा था कि यह नोटिस उन्हें भेजा ही नहीं जा सकता, क्योंकि उनका उस मामले से कोई संबंध नहीं है।'' तन्खा ने कहा, ''न कोई अपराध दर्ज था, न कोई प्राथमिकी थी और न ही कोई विधिक प्रकरण लंबित था। ऐसे में वे आखिर कौन-सी बात एफआईआर या न्यायिक प्रकरण के रूप में घोषित किया गया, केवल किसी अदालत द्वारा नोटिस जारी कर देना अपने आप में कोई मामला या अपराध सिद्ध नहीं करता।'' कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बिना किसी विधिक प्रकरण के एक ऐसी असामान्य स्थिति बना दी गई, जिसके आधार पर भोपाल के निर्वाचन अधिकारी ने एक राष्ट्रीय पार्टी के विजयी उम्मीदवार को पराजित कर दिया। उन्होंने कहा, ''यह अत्यंत दुखद है। यह लोकतंत्र की हत्या है।''
तन्खा ने कहा कि मौजूदा परिस्थिति में चुनाव याचिका दायर की जा सकती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में पार्टी को सीधे उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। उन्होंने ने कहा, ''इस पूरे मामले को बेनकाब करना चाहिए और जिम्मेदार लोगों को उजागर करना चाहिए। यदि लोकतंत्र में इस प्रकार नामांकन पत्रों को निरस्त करने का सिलसिला शुरू हो गया, तो इस देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा। यह लोकतंत्र के अंत की शुरुआत होगी।'' राज्य में राज्यसभा की खाली हुई जिन तीन सीट पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत तय मानी जा रही है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है। भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 है। इनमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं जबकि एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है। दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द हो चुकी है, जिस वजह से एक सीट रिक्त है। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर उच्च न्यायालय की रोक है।
राज्यसभा की तीन सीट पर मतदान होने की स्थिति में प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के 12 साल पूरे होने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे लंबे समय तक भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री होने की उपलब्धि हासिल करने के उपलक्ष्य में बुधवार को राजग की बैठक आयोजित की जाएगी। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी घटक दलों के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले व्यक्ति बन गए हैं और उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार, राजग सहयोगियों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित होने की संभावना है। नेहरू के 1952 के आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को मोदी 10 जून को पीछे छोड़ देंगे। नेहरू का कार्यकाल 1947 से 1952 तक एक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में था क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यकाल 14 वर्ष का था, जो मोदी के कार्यकाल से अधिक है, लेकिन उनका प्रधानमंत्री पद निर्बाध नहीं था। सूत्रों के अनुसार, नेहरू के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़कर मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद मोदी ने 26 मई, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। वर्ष 2019 में उन्हें और अधिक जनादेश के साथ से पुनः चुना गया और उनका दूसरा कार्यकाल उसी वर्ष 30 मई को शुरू हुआ। उनका तीसरा कार्यकाल नौ जून, 2024 को शुरू हुआ। भारत मंडपम में होने वाली राजग की बैठक में राजग शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, साथ ही गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता शामिल होंगे। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। राजग के घटक दलों के केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू (तेदेपा), राजीव रंजन सिंह (जदयू), एच. डी. कुमारस्वामी (जद-एस) और अनुप्रिया पटेल (अपना दल-सोनेलाल) के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, राजग के नेताओं और केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच 'जीवन की सुगमता' और 'व्यापार की सुगमता' को बढ़ावा देने से संबंधित दृष्टिकोणों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा और 2047 तक 'विकसित भारत' के साझा सपने को साकार करने के लिए आगे सुधार लाने के तरीकों पर चर्चा होगी।
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नयी दिल्ली. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लोगों के साथ की गई "बर्बरता" के लिए भारत ने मंगलवार को इस्लामाबाद की कड़ी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे उसके "अत्याचारों" के लिए जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। पीओके के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर 20 से ज़्यादा लोगों की मौत के बाद भारत की प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने अपनी "नाकामियों" को छिपाने और मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन से ध्यान भटकाने की "हताशा भरी" कोशिशें की हैं। उन्होंने कहा, "इस संदर्भ में, हम पाकिस्तान से आने वाली फेक न्यूज और वीडियो का एक चलन लगातार देख रहे हैं। यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक हताशा भरी कोशिश है।" जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलिस की भारी बर्बरता की खबरें हैं, जिसमें कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।" वह प्रेस वार्ता में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
भारत की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के मानवाधिकार निकाय के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उसने पीओके में हिंसक झड़पों के दौरान जारी हिंसा पर "गहरी चिंता" जताई है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने तथाकथित क्षेत्रीय सरकार के उस फ़ैसले पर भी गंभीर चिंता जताई है, जिसके तहत आतंकवाद-रोधी क़ानून के तहत 'ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' (जेएएसी) पर प्रतिबंध लगाया गया है। जेएएसी लंबे समय से पीओके की तथाकथित विधानसभा में 12 "शरणार्थी सीट" को खत्म करने की मांग कर रहा है। ये सीट कश्मीर के उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो 1947 के बाद पाकिस्तान में बस गए थे। जेएएसी का आरोप है कि पाकिस्तान की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां अक्सर मुजफ्फराबाद में सरकार गठन की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए इन सीट का इस्तेमाल करती थीं। भारत ने हाल में हुए चुनाव को लेकर पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और कहा है कि पीओके पर पाकिस्तान ने "गैर-कानूनी और जबरन" कब्जा कर रखा है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे लंबे समय तक भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री होने की उपलब्धि हासिल करने पर दुनिया भर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विश्व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के ''परिवर्तनकारी शासन'', 'ग्लोबल साउथ' को उनके समर्थन तथा एक समावेशी और आर्थिक रूप से आगे बढ़ रहे भारत के लिए उनके दृष्टिकोण की सराहना की। 'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित या अविकसित के रूप में जाना जाता है, ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका ने एक पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका सरकार और अपने देश के लोगों की ओर से हार्दिक बधाई दी।
दिसानायका ने कहा, ''यह उपलब्धि न केवल आपके वर्षों के कार्यकाल का प्रमाण है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता द्वारा आपके नेतृत्व पर बार-बार जताए गए विश्वास और भरोसे का भी प्रमाण है।'' श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण ने श्रीलंका सहित भारत की सीमाओं से परे भी कई लोगों को प्रेरित किया है। पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को ''एक आदर्श और नेतृत्व का उदाहरण'' बताया। उन्होंने कहा, ''20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर जीवन की ओर ले जाना एक अद्भुत उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की हार्दिक मित्रता और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मामलों पर एक अग्रणी आवाज के रूप में उभरा है। उन्होंने मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकालों में 1.4 अरब लोगों के राष्ट्र का नेतृत्व करने तक की यात्रा को रेखांकित किया तथा विदेश नीति, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया। मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनका दूसरा कार्यकाल 30 मई 2019 को शुरू हुआ था। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में एक और निर्णायक जीत के बाद, मोदी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों के उन कर्मियों को सोमवार को सात कीर्ति चक्र प्रदान किए जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और असाधारण पराक्रम दिखाया। इनमें से दो कर्मियों को पदक मरणोपरांत दिए गए। भारतीय वायुसेना के पायलट और गगनयात्री एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर भी शांतिकाल में दिए जाने जाने वाले भारत के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र पाने वालों में शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के प्रथम चरण के तहत मुर्मू ने रक्षा बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को सात कीर्ति चक्र (जिनमें दो मरणोपरांत शामिल हैं), 15 वीर चक्र (जिनमें तीन मरणोपरांत शामिल हैं) और 29 शौर्य चक्र (जिनमें एक मरणोपरांत शामिल है) प्रदान किए। नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिल्ना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. शौर्य चक्र पाने वालों में शामिल हैं। राष्ट्रपति ने उन्हें 'नाविका सागर परिक्रमा-दो' में असाधारण धैर्य, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए यह वीरता पुरस्कार प्रदान किया। लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. ने लेफ्टिनेंट कमांडर दिल्ना के. के साथ मिलकर हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और दक्षिणी महासागर से होते हुए 25,600 समुद्री मील से अधिक की यात्रा की। राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक 'पोस्ट' में प्रशस्ति पत्र के हवाले से कहा, ''तूफानी परिस्थितियों में खतरनाक 'ड्रेक पैसेज' से गुजरते समय नौका बुरी तरह झुक गई थी। उस पर फिर से नियंत्रण पाने के लिए असाधारण कौशल और अत्यंत साहस की जरूरत थी। अभियान के दौरान वे नौका से 'प्वाइंट नेमो' यानी महासागर के सबसे दुर्गम बिंदु तक पहुंचने वाली पहली भारतीय भी बनीं।'' सरकार द्वारा साझा की गई पुरस्कार विजेताओं की सूची के अनुसार, राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम, पैरा (विशेष बल) के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, असम राइफल्स के मेजर अर्शदीप सिंह और पैरा (विशेष बल) के कैप्टन लालरीनावमा सैलो को भी कीर्ति चक्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय राइफल्स की महार रेजिमेंट के सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और सिक्किम स्काउट्स के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन ने 'एक्स' पर कई पोस्ट में समारोह की कुछ तस्वीरें और प्रशस्ति पत्र भी साझा किए।
राष्ट्रपति भवन ने कहा, ''राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान वीरता प्रदर्शित करने के लिए जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, 32 असम राइफल्स के मेजर अंशुल बाल्टू को शौर्य चक्र प्रदान किया। अप्रैल 2025 में दक्षिण असम के दीमा हसाओ में तलाशी अभियान के दौरान उन्होंने नजदीक से एक सशस्त्र उग्रवादी का सामना किया और अकेले ही उसे मार गिराया। अभियान में तीन सशस्त्र उग्रवादी मारे गए और हथियार एवं युद्ध जैसी सामग्री बरामद हुई।'' एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति ने 11 पैरा (विशेष बल) के मेजर लीशंगथेम दीपक सिंह को उनके असाधारण साहस के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया। इसमें कहा गया, ''दो निर्दोष नागरिकों के अपहरण से जुड़ी खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने बेहद नजदीक से एक आतंकवादी को मार गिराया और अपने शरीर को ढाल बनाकर अपहृत नागरिक को सुरक्षित रखा। इस अभियान में दो कट्टर उग्रवादी मारे गए और एक निर्दोष नागरिक को बचाया गया।'' राष्ट्रपति भवन ने पोस्ट में कहा, ''राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 19वीं बटालियन, सिख रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला को अपने किसी नुकसान के बिना सटीक अभियान की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया। आतंकवादियों के एक समूह की घुसपैठ के बारे में विशिष्ट सूचना मिलने पर लेफ्टिनेंट कर्नल शुक्ला ने जुलाई 2024 में नियंत्रण रेखा के पास घात लगाई। इस अभियान में भारी हथियारों से लैस तीन विदेशी आतंकवादी मारे गए।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी समारोह में शामिल हुए।उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हमें उनके असाधारण साहस, उनकी प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा पर गर्व है।'' -
विशाखापत्तनम. विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के नाम से जाने जाने वाले राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड में सोमवार को अचानक हुए ''भीषण'' विस्फोट में आठ श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य श्रमिक घायल हो गए। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की एक विज्ञप्ति के अनुसार, विस्फोट इस्पात संयंत्र की 'स्टील मेल्ट शॉप-1' में शाम करीब सवा चार बजे हुआ। विज्ञप्ति में कहा गया, ''लैडल में रखे गर्म कच्चे इस्पात को टंडिश में डालने के लिए स्लाइड गेट खोलने से पहले अचानक भीषण विस्फोट हुआ। इस इस्पात को आगे 'कास्टर' में ले जाया जाना था। गंभीर रूप से घायल होने के कारण आठ लोगों ने दम तोड़ दिया। छह अन्य लोग घायल हुए हैं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' विस्फोट के बाद आग का भीषण गोला छत तक उठा और ऊपर लगी क्रेन में आग लग गई।
विज्ञप्ति में कहा गया, ''आरआईएनएल (राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड) दुर्घटना की जांच कर रहा है। इसके अलावा, बोकारो के निदेशक प्रभारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय बाहरी जांच समिति को भी दुर्घटना की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।'' राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस हादसे में लोगों की मौत होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुए हादसे में श्रमिकों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।'' आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इस्पात संयंत्र में हुए हादसे से वह बेहद स्तब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मुझे यह जानकर दुख हुआ कि इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मौत हो गई है। मैंने संबंधित अधिकारियों से बात की है और उन्हें सभी सरकारी विभागों के साथ समन्वय कर राहत उपाय करने का निर्देश दिया है।'' विशाखापत्तनम के जिलाधिकारी एम. अभिषिक्त किशोर के अनुसार, छह घायलों में से दो की हालत गंभीर है जबकि शेष खतरे से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि घायल श्रमिकों को बंदरगाह शहर के दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।किशोर ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और प्रभावित इकाई में अन्य कामकाज रोक दिया गया है, जिससे ''आगे किसी और दुर्घटना की गुंजाइश नहीं है।'' पुलिस के अनुसार, पिघला हुआ लोहा श्रमिकों पर गिर गया।पुलिस ने कहा कि पिघले हुए लोहे का तापमान करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस था।इस्पात राज्य मंत्री बी. श्रीनिवास वर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी आधी रात तक यहां पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, ''विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में आज की दुर्घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम एक-दो दिन में इन कारणों का पता लगाने की कोशिश करेंगे कि विस्फोट कैसे हुआ या क्या लैडल टूट गया था।'' उन्होंने कहा कि वह भी बंदरगाह शहर जाएंगे।उन्होंने कहा कि फिलहाल दुर्घटनास्थल पर जाना निषिद्ध है। उन्होंने कहा कि वह संयंत्र की स्थिति की समीक्षा करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करने की कोशिश करेंगे। इस बीच, इस्पात संयंत्र के श्रमिकों के एक प्रतिनिधि ने एक क्षेत्रीय टेलीविजन चैनल को बताया कि 'ब्लास्ट फर्नेस' से लाया गया पिघला हुआ लोहा सामान्य तौर पर अत्यधिक उच्च तापमान पर फिर गर्म किया जाता है और फिर उसे प्रसंस्करण के लिए लैडल में दूसरी इकाई तक ले जाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान लैडल से पिघला हुआ इस्पात गिर गया, जिससे भीषण आग लग गई और आसपास मौजूद श्रमिकों को भागना पड़ा। उन्होंने कहा, ''तीन श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई और कुछ घायलों ने अस्पताल ले जाए जाते समय दम तोड़ दिया।'' दुर्घटना पाली बदलने के समय हुई, जिससे घटना के समय क्षेत्र में मौजूद कर्मियों की सही संख्या का तुरंत पता लगाना मुश्किल हो गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री नायडू ने इस्पात संयंत्र हादसे के कारण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) गठबंधन सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को तिरुपति में होने वाली जनसभा स्थगित कर दी। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 जून को नागरिक अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में अभिनेताओं ममूटी और आर माधवन सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा और उनके परिजन यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। राष्ट्रपति ने इस वर्ष 131 पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाने को मंजूरी दी है, जिनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। उन्होंने 25 मई को हुए समारोह में दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 58 पद्म श्री प्रदान किए थे। शेष पुरस्कार 23 जून को राष्ट्रपति भवन में समारोह के दूसरे चरण में प्रदान किए जाएंगे।
मलयालम फिल्मों के दिग्गज अभिनेता ममूटी को समारोह में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने 50 वर्ष के अपने करियर में विभिन्न भाषाओं की 400 फिल्मों में विविध भूमिकाएं निभाईं और अपने परोपकारी कार्यों के लिए भी सम्मान अर्जित किया। 'मैडी' के नाम से लोकप्रिय माधवन को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने तमिल, हिंदी और अन्य भाषाओं में कई टीवी धारावाहिकों और 75 फिल्मों में अभिनय किया है। देश के पहले हास्य धारावाहिक माने जाने वाले 'ये जो है जिंदगी' तथा अनेक फिल्मों और रंगमंच प्रस्तुतियों से लोकप्रियता हासिल करने वाले सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उनके निकट संबंधी ग्रहण करेंगे। तेलुगु अभिनेता गद्दे बाबू राजेंद्र प्रसाद भी समारोह में राष्ट्रपति से पद्म श्री प्राप्त करेंगे। प्रसाद ने चार दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान छह भाषाओं की 286 फिल्मों में काम किया। -
नयी दिल्ली. भाजपा ने सोमवार को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता द्वारा "पूरी तरह से निष्क्रिय" कर दिए गए लोग किसी न किसी तरह सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी 'इंडिया' के नेताओं पर "पाखंड" का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग हाल तक एक-दूसरे पर हमला और आलोचना कर रहे थे, वे अब "गठबंधन की बैठक का नाटक" कर रहे हैं। भाजपा सांसद ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, "लोग सब कुछ देख रहे हैं। इंडी गठबंधन चाहे कितनी भी बैठकें कर ले, उनसे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। ऐसी बैठकों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।" पात्रा ने कहा, "इनमें से किसी भी राजनीतिक दल की जमीनी स्तर पर कोई उपस्थिति नहीं है... जनता ने इन्हें पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है, फिर भी ये किसी न किसी तरह सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं।" विपक्षी 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के नेताओं ने सोमवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मुलाकात की और "लोकतांत्रिक मूल्यों" की रक्षा के लिए अपने घटक दलों के बीच एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। 'इंडिया' ने सोमवार को एकजुटता प्रदर्शित करते हुए ''लाखों युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात करने'' के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और कहा कि वह ''वोट लूट'' को लेकर जल्द ही प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखेगा। बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा विपक्षी दलों की मांग है कि, ''वर्तमान गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।'' विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने कहा, "पहले (इंडिया की) ऐसी बैठकें स्टेडियम में होती थीं। उन्हें बेंगलुरु के एक स्टेडियम में एक-दूसरे का हाथ पकड़े देखा गया था। अब उनकी बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के एक कमरे में स्थानांतरित हो गई है।" भाजपा नेता ने कहा, "चुनाव के दौरान, (पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने कहा था कि कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है। राहुल गांधी ने कहा कि बनर्जी की पार्टी की खराब गतिविधियों के कारण भाजपा पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर पाई है। और आज वे साथ बैठी थे। सोनिया गांधी और ममता बनर्जी एक-दूसरे को ऐसे गले लगा रही थीं मानो कुंभ मेले में बिछड़ी बहनें हों।" 'इंडिया' के घटक दलों के बीच मतभेदों को रेखांकित करने के उद्देश्य से, पात्रा ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम के अनुरोध और तमिलनाडु में सरकार गठन में टीवीके को समर्थन देने के लिए कांग्रेस की आलोचना करने वाले द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, "वे एक ही ड्राइंग रूम में बैठक करते हैं, लेकिन उनके चुनावी मोर्चे अलग-अलग हैं। उस ड्राइंग रूम से बाहर निकलते ही वे अपने-अपने अलग राजनीतिक मैदान में चले जाते हैं, जहां वे एक-दूसरे को कोसते हैं।" पात्रा ने दावा किया कि 'इंडिया' की बैठक में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को हटाने के अलावा न तो कोई एजेंडा था और न ही कोई रणनीति। भाजपा नेता ने आरोप लगाते हुए कहा, "इंडी गठबंधन की बैठक का एकमात्र एजेंडा (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी को हटाना था।" उन्होंने आगे पूछा, "मुझे बताइए, महत्वपूर्ण क्या है? किसी को बचाना या हटाना? देश को आगे ले जाना या किसी को नीचा दिखाना?" पात्रा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर खरगे की टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा "पाखंड की पराकाष्ठा" बताया। उन्होंने कहा, "तमिलनाडु और केरल में भी एसआईआर का संचालन हुआ था। लेकिन आप वहां इसकी निंदा नहीं कर रहे हैं। आपने द्रमुक को छोड़कर तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिये तुरंत एक अन्य पार्टी (टीवीके) के साथ गठबंधन कर लिया। और केरल में, आपने (कांग्रेस) सरकार बनाई।" भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में पूरी तरह से 'बिखराव' की स्थिति है और कांग्रेस तथा द्रमुक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) एवं वामपंथी दलों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने भी क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन के पीछे कांग्रेस के इरादों पर सवाल उठाए हैं। पूनावाला ने कहा, ''कोई 'इंडी' गठबंधन नहीं है। यह केवल कल्पना की उपज है। दिखावटी बैठकें होती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती।'' विपक्षी गठबंधन में साझा उद्देश्य की कमी का दावा करते हुए पूनावाला ने कहा कि इसमें कोई 'मिशन' नहीं, कोई 'विजन' (दृष्टि) नहीं, केवल 'डिवीजन' (विभाजन) है। एक वीडियो बयान में उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय दलों का कांग्रेस पर भरोसा नहीं है, क्योंकि वह ''उन्हें इस्तेमाल करके छोड़ देती है।'' उन्होंने कहा, '' द्रमुक ने कहा है कि कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी है और वह उसके साथ बैठना नहीं चाहती। झारखंड में दूसरी राज्यसभा सीट को लेकर झामुमो का कांग्रेस से विवाद है, उसका कहना है कि कांग्रेस ने उससे पूछा तक नहीं।'' भाजपा नेता ने कहा कि '' राजद, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) और अन्य दलों का भी मानना है कि कांग्रेस उन्हें इस्तेमाल करके छोड़ देती है।'' उन्होंने कहा, ''इंडी गठबंधन केवल कागजों, सुर्खियों और दिखावटी कार्रवाइयों में ही है, हकीकत में नहीं है।''
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इंदौर (मध्यप्रदेश). ब्रिक्स के कृषि कार्य समूह की बैठक से पहले इसके सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को इंदौर की एक मशहूर चाट-चौपाटी में पारंपरिक जायकों का लुत्फ उठाया। भारत के सबसे स्वच्छ शहर की 56 दुकान चाट-चौपाटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विदेशी मेहमानों ने मालवा अंचल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और देश के शास्त्रीय संगीत का आनंद भी उठाया। अधिकारियों ने बताया कि ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से '56 दुकान' पहुंचे मेहमानों ने पोहा, भुट्टे का कीस, दही बड़ा, कचौरी, पेटिस, साबूदाने की खिचड़ी और शिकंजी जैसे शाकाहारी व्यंजनों का लुत्फ लिया। विदेशी मेहमानों के आगमन के मद्देनजर 56 दुकान को खासतौर पर सजाया गया था।
भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक (एफएसएसएआई) ने तय पैमानों पर खरा उतरने के कारण '56 दुकान' चाट-चौपाटी को 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' का दर्जा दे रखा है। इस चाट-चौपाटी में स्वाद के शौकीनों और पर्यटकों का हमेशा जमावड़ा लगा रहता है। भारत की अध्यक्षता वाले ब्रिक्स के कृषि कार्य समूह की बैठक इंदौर में नौ से 11 जून तक होगी। इसके बाद शहर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक 12 से 13 जून तक होगी। ब्रिक्स एक प्रमुख अंतर-सरकारी संगठन है। इसके सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। -
भुवनेश्वर. ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (ओजेईई)-2026 के परिणाम सोमवार को घोषित किए गए। ओजेईई का आयोजन राज्य के विभिन्न सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में 16 तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया गया था। बी.फार्मा पाठ्यक्रम के लिए आयोजित परीक्षा में शुभ्रांशु सुतार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एम.टेक में स्वागत कुमार बेहरा, एमबीए में त्रिविक्रम प्रधान, एमसीए/एमएससी (कंप्यूटर साइंस) में नरेन पात्रा, इंटीग्रेटेड एमबीए में श्रीमयी पाणिग्राही, एम.फार्मा में श्यामसुंदर बेहरा, एम.आर्क में साई आर्या अनुष्का नायक और एम.प्लान में सागरिका आचार्य ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में ओजेईई में सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और कहा, "यह उपलब्धि आपकी लंबे समय से चली आ रही लगन, एकाग्रता और कड़ी मेहनत का वास्तविक प्रतिबिंब है। यह आपके परिवार और शिक्षकों के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।"
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में उठाए गए विभिन्न कल्याणकारी कदमों पर सोमवार को प्रकाश डाला और कहा कि भारत ने कई परिवर्तन देखे हैं और इन परिवर्तनों का मूल गरीबों का कल्याण है। अपने तीसरे कार्यकाल का दूसरा वर्ष पूरा होने पर, मोदी ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी पहलों का उल्लेख किया और कहा कि ये सभी कदम लोगों को गरिमा और अवसर दिलाने के सरल उद्देश्य से प्रेरित हैं। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पिछले 12 वर्षों में भारत ने कई परिवर्तन देखे हैं और इन परिवर्तनों के मूल में गरीबों और वंचितों का कल्याण है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा 'अंत्योदय' से प्रेरित रही है और उसका प्रयास हमेशा यह सुनिश्चित करना रहा है कि विकास का लाभ उन लोगों तक पहुंचे जो दशकों से पीछे छूटे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ''यह खुशी की बात है कि गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा, ''इससे खामियों में कमी आई है, कार्यकुशलता में सुधार हुआ है और शासन में विश्वास मजबूत हुआ है। इसी तरह 'गरीब कल्याण' को आगे बढ़ाने की यह यात्रा मानव सशक्तीकरण और विकसित भारत के हमारे सपने को साकार करने की दिशा में एक सामूहिक आंदोलन बन गई है।'' मोदी ने नौ जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उनका दूसरा कार्यकाल 30 मई 2019 को शुरू हुआ।
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नयी दिल्ली. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने कुआलालंपुर से आने वाले यात्रियों द्वारा लाए गए दो गीजरों के अंदर छिपाकर रखे गए लगभग 5.38 करोड़ रुपये मूल्य के 15.38 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक गांजे को जब्त किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। हाइड्रोपोनिक गांजा, गांजे की एक उच्च क्षमता वाली किस्म है जिसे मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरपूर पानी में उगाया जाता है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर सात जून को ग्रीन चैनल पार करने के बाद दोनों यात्रियों को रोका गया। बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान, सीमा शुल्क अधिकारियों ने देखा कि यात्री अपने चेक-इन बैगेज के अलावा दो बिल्कुल नए गीजर भी ले जा रहे थे। इसके बाद आगे की जांच हुई। इसमें कहा गया है कि यात्रियों से लगातार पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की जांच से उपकरणों के बारे में संदेह और गहरा गया। इसके बाद गीजरों की एक्स-रे जांच की गई, जिससे पता चला कि उनमें भीतर कुछ छिपा हुआ है।
इसके बाद गीजरों की विस्तृत जांच हुई और सीमा शुल्क अधिकारियों ने उपकरणों के अंदर भरे हुए 145 वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद किए। पैकेटों में हरे पत्तेदार पदार्थ पाए गए, जिनके हाइड्रोपोनिक खरपतवार (गांजा) होने का संदेह है।
बयान में कहा गया है, "बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 15.38 किलोग्राम पाया गया। जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 5.38 करोड़ रुपये है।" स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत संदिग्ध मादक पदार्थ को जब्त कर दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि खेप के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के लिए आगे की जांच जारी है कि क्या आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी के किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के हेलीकॉप्टर को सोमवार शाम खराब मौसम के कारण पुरी में आपात स्थिति में उतारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। माझी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग के साथ मयूरभंज जिले के बारीपाड़ा में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भुवनेश्वर लौट रहे थे कि तभी मौसम अचानक बिगड़ गया। पुरी के जिलाधिकारी दिब्या ज्योति परिदा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। वे कुछ देर बाद भुवनेश्वर के लिए रवाना होंगे।" अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने पुरी के समांग स्थित अस्थायी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में उतार दिया। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं और उत्तर-पश्चिमी तूफान के कारण एहतियात के तौर पर हेलीकॉप्टर को उतारना पड़ा। एक अधिकारी ने बताया कि अगर मौसम में सुधार नहीं होता है तो माझी और अन्य लोग सड़क मार्ग से भुवनेश्वर लौट सकते हैं।
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नयी दिल्ली. भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर सोमवार को ''अत्यधिक चिंता'' व्यक्त की तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए जारी वार्ता शीघ्र संपन्न करने की अपील की। भारत ने तनाव तत्काल घटाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। ईरान द्वारा उत्तरी इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद इजराइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान में हवाई हमले किये हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''पश्चिम एशिया में हुए ताजा हमलों पर भारत गहरी चिंता व्यक्त करता है। ये घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत चिंता का विषय हैं।'' मंत्रालय ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, विशेषकर ऊर्जा आपूर्ति पर इस संघर्ष के प्रभावों का भी उल्लेख किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''यह संघर्ष 100 दिनों से अधिक समय से चल रहा है और इससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है।'' मंत्रालय ने कहा, ''हम सभी पक्षों से तत्काल तनाव घटाने, यह सुनिश्चित करने की अपील करते हैं कि नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी बातचीत संपन्न की जाए ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट सके।'' अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद, पहली बार तनाव अत्यधिक बढ़ने के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजराइल से एक-दूसरे पर हमला बंद करने का आग्रह किया है।


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