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- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के साणंद में 'सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' इकाई के उद्घाटन का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत के प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने की दिशा में एक और उपलब्धि है। शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह नयी इकाई ''प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नयी छलांग'' का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के साणंद में नयी सीजी सेमी ओसैट इकाई का उद्घाटन, भारत के प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने की यात्रा में एक और उपलब्धि है।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''यह नयी इकाई भारत के विकास इंजन के रूप में गुजरात को और अधिक गति प्रदान करेगी तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगी।''
- कोलकाता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि नारेबाजी, व्यवधान और विधायी गतिरोध से कोई नेता नहीं बनता बल्कि तथ्य, तर्क और रचनात्मक विचार ही प्रभावी नेतृत्व की पहचान हैं। बिरला ने यहां लोकसभा सचिवालय के 'पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज' (प्राइड) और पश्चिम बंगाल विधानसभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि विधानमंडल चर्चा, विचार-विमर्श और समाधान का मंच है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की वास्तविक शक्ति सार्थक संवाद, परस्पर सम्मान और जनकल्याण के प्रति साझा प्रतिबद्धता में निहित है। उन्होंने विधायकों से संवाद की गुणवत्ता को समृद्ध करने और सदन की चर्चाओं को जनहित तथा राज्य के विकास से जोड़ने का आह्वान किया। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को समाज के अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति की आवाज बनना चाहिए और जनता की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं तथा सपनों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही निर्वाचित प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी शक्ति है और उनका दायित्व है कि वे लोगों की समस्याओं, चुनौतियों और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से सदन में उठाएं। बिरला ने कहा कि विधानसभा सदस्य केवल अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विकास और भविष्य के सहभागी भी हैं। उन्होंने उनसे व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और पश्चिम बंगाल को नयी दिशा देने वाली नीतियों तथा विकासोन्मुखी पहल में योगदान देने का आह्वान किया। इस बीच यहां कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में बिरला ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून में संशोधन किया जाए या नहीं, इस पर चर्चा कर निर्णय लेना राजनीतिक दलों का अधिकार है। बिरला ने यह टिप्पणी उस प्रश्न के जवाब में की, जिसमें उनसे दल-बदल विरोधी कानून के तहत विधायकों और सांसदों की अयोग्यता से संबंधित संवैधानिक एवं प्रक्रियात्मक व्यवस्था की समीक्षा के लिए उनके द्वारा गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति के बारे में पूछा गया था। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा करना और उसके संबंध में निर्णय लेना राजनीतिक दलों पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि अतीत में विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। उनकी यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में हाल के दिनों में हुए दल-बदल के घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देते हुए बिरला ने कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं और नेतृत्व दोनों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देते हैं कि समर्पण, चरित्र और समाज के प्रति प्रतिबद्धता से परिवर्तनकारी बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि बंगाल की समृद्ध आध्यात्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत ने सदैव देश का मार्गदर्शन किया है। कार्यक्रम के समापन सत्र में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने समापन उद्बोधन दिया।बिरला ने पत्रकारों से यह भी कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से संबंधित रिपोर्ट मानसून सत्र में लोकसभा में पेश की जायेगी। वर्मा को पद से हटाने के आधार की जांच के लिए तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। यह मामला पिछले साल वर्मा के राष्ट्रीय राजधानी स्थित आवास से नोटों की अधजली गड्डियां मिलने से संबंधित है। इस घटना के समय वह दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे और बाद में उनका तबादला इलाहाबाद उच्च न्यायालय कर दिया गया था। लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले वर्ष 12 अगस्त को वर्मा को पद से हटाने के लिए एक बहुदलीय नोटिस स्वीकार करने के बाद इस समिति का गठन किया था। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा।
- नयी दिल्ली। एयरलाइन कंपनी अकासा एयर ने अपने बेड़े में 40वां विमान शामिल कर लिया है। अकासा एयर अपने नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।कंपनी ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि उसे 40वें विमान के रूप में बोइंग 737 मैक्स 8-200 की डिलीवरी मिल गई है, जिसका पंजीकरण नंबर वीटी-वाईबीक्यू है। बयान के मुताबिक, "इस विमान की डिलीवरी उड़ान का पहला चरण अमेरिका के सिएटल से आइसलैंड के रेकजाविक तक था, जबकि अंतिम चरण मिस्र के काहिरा से बेंगलुरु तक की उड़ान के साथ संपन्न हुआ।" अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि 40वां विमान कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसे लेकर काफी उत्साह है। एयरलाइन ने इस वर्ष अब तक बोइंग 737 मैक्स के नौ नए विमान अपने बेड़े में शामिल किए हैं। अगस्त, 2022 में वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने वाली अकासा एयर फिलहाल देश के 28 घरेलू और सात अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है। कंपनी ने बोइंग 737 मैक्स के 226 विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है।
- सतना.। मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक कुएं में गिरे बैल को बचाने के प्रयास में उसमें उतरे तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की हालत गंभीर है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि यह घटना थाना क्षेत्र के खरमसेड़ा गांव के अहिरान टोला में शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुई। उन्होंने कहा कि रामनिवास कुशवाहा के लगभग 40 फुट गहरे कुएं में एक बैल गिर गया, जिसे निकालने के लिए रस्सी के सहारे एक-एक कर चार ग्रामीण कुएं में उतरे, लेकिन नीचे पहुंचते ही वे अचेत हो गए। परस्ते ने बताया कि बाहर मौजूद ग्रामीणों ने चारों को बाहर निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरपाटन पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने राहुल यादव (36), वीरेन्द्र यादव (40) और कृष्णदत्त यादव (26) को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर स्थिति में रामचंद्र यादव (50) को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस की मौजूदगी के कारण चारों के अचेत होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि कुएं में कम पानी होने के साथ काफी मात्रा में कचरा भी जमा था। परस्ते ने बताया कि तीनों मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे। उन्होंने कहा कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
- शिमला। मानसून के दौरान शिमला में रिमझिम बारिश, धुंध, सुहावना मौसम और बादलों से घिरी पहाड़ियों के आर्कषण से पर्यटकों का आगमन जारी है। पर्यटन उद्योग के अनुसार, इस मौसम में होटल में नियमित बुकिंग जारी है और अभी तक इसे रद्द करने संबंधी कोई बड़े मामले सामने नहीं आए हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि इस पहाड़ी शहर में सप्ताहांत होटलों में कमरों की बुकिंग 40 से 50 प्रतिशत के बीच बनी हुई है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक है। 'शिमला होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन' के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि बुकिंग रद्द होने का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश से जुड़ी कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं होती है, तो उद्योग को इस पर्यटन सत्र के सुचारू रूप से चलने की पूरी उम्मीद है। यात्रा संबंधी उद्योग से जुड़े विजय कुमार ने बताया कि पर्यटक अब मानसून का अनुभव लेने के लिए बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश आ रहे हैं, जबकि पहले के समय में कई लोग बरसात के मौसम में पहाड़ों की यात्रा करने से बचते थे। कानपुर से अपने परिवार के साथ आए बदरुद्दीन ने बताया कि यहां का मौसम बहुत सुहावना है और नजारा बेहद खूबसूरत है। वहीं, लुधियाना के अरविंद सिंह ने कहा कि मैदानी इलाकों में जारी भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए शिमला सबसे बेहतरीन जगह है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि तीजन बाई का जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
पीएम मोदी ने आज रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”राजनाथ सिंह ने एक्स पोस्ट में लिखारक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर दुख जताया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “लोक कलाओं के क्षेत्र में अपनी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली लोकप्रिय पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से मुझे गहरी वेदना की अनुभूति हुई है। छत्तीसगढ़ की कला को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को नई पहचान दिलाईबता दें कि तीजन बाई कुछ समय से बीमार चल रही थीं। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। तीजन बाई का जन्म साल 1956 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के पास स्थित गनियारी गांव में हुआ था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को नई पहचान दिलाई। पंडवानी एक ऐसी लोककला है, जिसमें महाभारत की कहानियों को गायन और अभिनय के जरिए मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 1988 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसके बाद 2003 में पद्म भूषण और 2019 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। इसके अलावा, उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य बड़े सम्मान भी मिले। - नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून के शासन में दोनों देशों का साझा विश्वास एवं उनके लोगों की असीम क्षमता इस मित्रता को दुनिया की भलाई के लिए एक ताकत बनाती है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध रणनीतिक साझेदारी से भी बढ़कर हैं। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''1.4 अरब भारतीयों की ओर से, मैं राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका के लोगों को आपकी (अमेरिका की) स्वतंत्रता की ऐतिहासिक 250वीं वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई देता हूं।'' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून के शासन में भारत और अमेरिका का साझा विश्वास, तथा ''हमारे लोगों की असीम क्षमता हमारी मित्रता को वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत बनाती है'' मोदी ने कहा, ''कामना करता हूं कि आने वाले 250 साल अमेरिका के लिए और भी अधिक समृद्धि, शांति एवं तरक्की लाएं तथा भारत-अमेरिका की साझेदारी को नयी ऊंचाई पर ले जाएं।'' file photo
- लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर से कमल खिलेगा और पार्टी कार्यकर्ता चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। नवीन ने कहा, ''आज पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा दिखाया गया प्यार और स्नेह संकेत देता है कि 2027 में कमल निश्चित रूप से खिलेगा।'' उन्होंने कहा, ''जिस तरह से 'डबल इंजन' सरकार मोदी-योगी की जोड़ी ने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में बदल दिया है, कमल निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में खिलने के लिए तैयार है, जहां काशी विश्वनाथ, अयोध्या और मथुरा हैं। आज हमने लखनऊ और पूरे राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जो उत्साह देखा, उसके आधार पर हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि भाजपा कार्यकर्ता 2027 (विधानसभा चुनाव) के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।'' इससे पहले, नवीन का शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान उनके 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की योजना को कारगर बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ कई बैठकें करने की उम्मीद है। नवीन ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए मोटर चालित रथ पर यात्रा की, जिस पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की तस्वीरें और 'सेवा, सुशासन और जनकल्याण' लिखा हुआ था।
- पचपदरा (बालोतरा)। . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत ने अपनी बेहतर नीतियों, ईंधन आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाकर और मजबूत कूटनीतिक संबंधों के दम पर दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक ऊर्जा संकटों में से एक का सफलतापूर्वक सामना किया तथा इसका बोझ देश के नागरिकों पर बहुत कम पड़ा। मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उपजे ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इस सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े। उन्होंने कहा कि देशवासी इस मुश्किल समय में जिस तरह से देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है। राजस्थान दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी ने बालोतरा के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने एक लाख पांच हजार करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों का ऑनलाइन तरीके से शिलान्यास/उद्घाटन और लोकार्पण किया।इस मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा संकट के दौरान अफवाहें फैलाई गईं, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, ओछी राजनीति की गई लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वे सफल नहीं हो पाए।मोदी ने कहा कि व्यक्ति और देश का स्वाभिमान तभी ऊंचा रह सकता है, जब वह आत्मनिर्भर हो, दूसरों पर कम से कम निर्भर हो। उन्होंने रिफाइनरी के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा, ''आज का दिन साक्षी है कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन-रात एक कर देते हैं।'' रिफाइनरी में दो महीने पहले हुए अग्निकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना भी परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है। मोदी ने कहा, ''आप सभी ने दिखा दिया है कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी और अप्रत्याशित क्यों न हो, नया भारत अपने संकल्पों से न तो पीछे हटता है और न ही अपनी रफ्तार कम करता है।'' पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उपजे ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं। लेकिन 21वीं सदी के इस सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े हैं।'' मोदी ने कहा कि इस संकट के दौरान भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए... संकट का समय रहते सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई और भारत के संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया। उन्होंने कहा, ''भारत की 'डिप्लोमेटिक पावर' का सकारात्मक इस्तेमाल किया गया और तब जाकर भारत सकंट से उबर पाया है।''उन्होंने कहा कि युद्ध के इसी समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई। उन्होंने कहा, ''जब यह संकट शुरू हुआ था, उससे पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था लेकिन संकट के समय भारत की कूटनीति का जलवा दिख गया और दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध इस संकट की घड़ी में बहुत काम आए।''उन्होंने कहा, ''युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है। 'नागरिक देवो भवः' हमारा मंत्र है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक कीमतों में वृद्धि के कारण अप्रैल से जून के बीच तेल कंपनियों को 75,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, लेकिन सरकार ने इसका बोझ खुद उठाया। उन्होंने कहा, ''हमने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की और यह सुनिश्चित किया कि आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।" प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी। उन्होंने कहा, ''बहुत अफवाएं फैलाई गई, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वे सफल नहीं हो पाए।''मोदी ने कहा, ''जो लोग भारत को असफल होते देखना चाह रहे हैं, इसके लिए भविष्यवाणी भी करने लग गए थे। वे आज निराशा की गर्त में पड़े होंगे।'' भारत की बढ़ती ऊर्जा क्षमता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश बन चुका है और इस क्षमता का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने वैश्विक संघर्षों के कारण ईंधन और उर्वरक आपूर्ति में आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की दीर्घकालिक नीतियों के कारण भारत इन व्यवधानों से सफलतापूर्वक उबर सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति या राष्ट्र का स्वाभिमान तभी ऊंचा रह सकता है, जब वह आत्मनिर्भर हो। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से 2023 के दौरान राजस्थान में कांग्रेस सरकार के समय पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का काम लगभग ठप पड़ा रहा। उन्होंने कहा,''कठिन से कठिन लगने वाले संकल्प भी सिद्ध हो जाते हैं अगर नीयत साफ हो। यही बड़ा अंतर भाजपा और कांग्रेस में है। राजस्थान में पानी से जुड़ी समस्या का समाधान इसका उदाहरण है। कांग्रेस की सरकारों ने कभी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया।'' उन्होंने कहा,''भाजपा क्षेत्रवाद और बंटवारे की सियासत नहीं करती। भाजपा राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलती है।'' इससे पहले प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी की मुख्य नियंत्रण इकाई का अवलोकन कर शोधन प्रक्रिया, तकनीकों और उत्पादों की जानकारी ली और युवा कार्मिकों से संवाद किया। उन्होंने श्रमिकों से बातचीत किया और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। प्रधानमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रिफाइनरी परिसर में खेजड़ी का पौधा रोप कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद थे।
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लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों के "निराशा, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के दौर" से बाहर निकल चुके हैं। उत्तर प्रदेश प्रवास के अपने पहले दिन लखनऊ में नवीन ने मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री तथा सांसदों और विधायकों के साथ एक बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का संकेत दिया। भाजपा की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, नितिन नवीन ने कहा कि "भाजपा के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश दोनों ही पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों की घोर निराशा, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के काले दौर से बाहर निकल चुके हैं।" उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे विपक्ष के किसी भी "लोकलुभावन या भ्रामक विमर्श" का शिकार हुए बिना पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरें और विरोधियों के मंसूबों को विफल करें। नवीन ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश और 2005 से पहले का बिहार "अराजकता, चरम भ्रष्टाचार और संकीर्ण जातिवाद" के दौर से गुजर रहे थे, जिसके कारण इन राज्यों की छवि देश-दुनिया में खराब हुई थी और लोगों को अन्य राज्यों में "हीन भावना" का सामना करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में विकास ठप था और कई क्षेत्रों में "क्षेत्रीय क्षत्रप" समानांतर सत्ता चलाते थे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने माफियाओं और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में एक मॉडल के रूप में हो रही है। उन्होंने 2011 की राष्ट्रीय एकता यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने के प्रयास को रोकने की कोशिश की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कश्मीर में पाकिस्तान के झंडे लहराए जाते थे, जबकि भारतीय ध्वज को छिपाकर ले जाना पड़ता था। नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब कश्मीर का लाल चौक तिरंगे से सुसज्जित है और अनुच्छेद 370 हटाने के बाद वहां सकारात्मक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने विपक्ष पर समाज को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय जातिगत समीकरणों को उभारा जाता है, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को "राष्ट्र प्रथम" की विचारधारा से भटकाने की कोशिश की जाती है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं, लेकिन पार्टी को इसे वोट में पूरी तरह बदलने के लिए जनता से और अधिक संवाद बढ़ाना होगा। उन्होंने भाजपा सांसदों और विधायकों से अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर जनता के बीच सक्रिय रहने और विकास कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। नवीन ने विश्वास जताया कि अगले सात-आठ महीनों के प्रयासों से विपक्ष का सफाया तय है और वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
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नयी दिल्ली. हाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरण में आये नाटकीय बदलावों के बीच, संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को यह जानकारी दी। संसद के इस 25 दिवसीय सत्र में 19 बैठकें होगी। यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी खेमे में दरारें गहराती नजर आ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) को अपने अंदर बगावत का सामना करना पड़ रहा है जबकि कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार का हिस्सा बनने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का साथ छोड़कर टीवीके से हाथ मिला लिया है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मजबूती प्रदान की है। संसद का बजट सत्र राजग के लिए निराशाजनक रहा था क्योंकि 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने तथा संसद के निचले सदन में सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। सरकार अब इस विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या समान रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, आबादी के आधार पर सीटों की संख्या में बढ़ोतरी दक्षिणी राज्यों की (क्षेत्रीय) पार्टियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रही है। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) में हुई बगावत का असर भी संसद के मानसून सत्र में देखने को मिलेगा। तृणमूल के 20 तथा शिवसेना (उबाठा) के छह सांसदों को अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। राज्यसभा में नवनिर्वाचित और पुनर्निर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने के बाद, बने राजनीतिक समीकरण ने उच्च सदन में सत्तारूढ़ राजग का संख्या बल बढ़ाया है। तृणमूल के तीन बागी सांसदों ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है और उपचुनावों से भाजपा को उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। मई में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद द्रमुक और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चला आ रहा गठबंधन खत्म हो गया। रीजीजू ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि सरकार की संस्तुति पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र 2026 के लिए संसद के दोनों सदनों को आहूत करने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, ''राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए यह सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा।''
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ओंकारेश्वर. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में शनिवार रात भगवान शिव के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन को लेकर उनका और उनकी पत्नी का वर्ष 2003 में लिया गया संकल्प ओंकारेश्वर के दर्शन के साथ 23 साल बाद पूरा हो गया है। कुमार ने नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद संवाददाताओं से कहा," मेरे और मेरी पत्नी अनुराधा के जीवन का आज एक विशेष दिन है। हमने 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का संकल्प लिया था और महादेव की कृपा से यह संकल्प पूरा हो गया है।" दर्शन के बाद बेहद प्रसन्न नजर आए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि उन्होंने 2003 से लेकर अब तक यानी पिछले 23 साल में सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की सपत्नीक यात्रा पूरी कर ली है। उन्होंने देशवासियों से अपने जीवन में अध्यात्म को महत्व देने, भारतीयता का अनुभव करने और देश की उन्नति के लिए कार्य करने का आह्वान किया। इससे पहले, शनिवार शाम को इंदौर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ संवाद किया। अधिकारियों के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त दो दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे पर हैं। वह रविवार को मशहूर पर्यटक स्थल महेश्वर भी जाएंगे और शाम को इंदौर लौटकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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सरकार स्थिति संभालने के लिए तैयार
भुवनेश्वर. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए पांच जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया। इसके बाद, राज्य सरकार ने संबंधित सभी विभागों को संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न वायु दाब का क्षेत्र बनने के कारण राज्य में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। आईएमडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कालाहांडी, बौध, अंगुल, संबलपुर और सोनपुर जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसके अलावा 21 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' तथा शेष चार जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना निम्न वायु दाब का क्षेत्र अभी भी उसी इलाके में बना हुआ है। इसके अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, ''रेड अलर्ट वाले जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।'' उन्होंने बताया कि ओडिशा में सात जुलाई तक भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।
इस बीच, विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को आईएमडी की चेतावनी के मद्देनजर सतर्क रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना के संबंध में राज्य सरकार को तत्काल सूचना देने को कहा गया है। सरकारी बयान में कहा गया, ''राज्य में व्यापक वर्षा की स्थिति को देखते हुए सरकार मौसम की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है। एसआरसी कार्यालय के अधीन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों (डीईओसी) के समन्वय से चौबीसों घंटे सतर्क है।'' जिला प्रशासन को कच्ची सड़कों, संवेदनशील ढांचों, बागवानी फसलों और खड़ी फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। बयान में कहा गया, ''लोगों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचना पर नजर रखने और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।'' राज्य सरकार ने मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को चार से सात जुलाई तक ओडिशा तट और उससे लगे समुद्री क्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की सलाह दी है। सरकारी बयान में कहा गया, ''फिलहाल राज्य में समग्र स्थिति सामान्य है और मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।'' आईएमडी ने कहा कि निम्न वायु दाब क्षेत्र के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून के और सक्रिय होने की संभावना है। इसके कारण अगले सप्ताह राज्य के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। आईएमडी के अनुसार, निम्न वायु दाब क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा इनके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को सात जुलाई तक ओडिशा तट और उससे लगे समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, पारादीप और धामरा बंदरगाह प्राधिकरणों को स्थानीय चेतावनी संकेत जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। आईएमडी के सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार से अब तक ओडिशा के कम से कम 10 स्थानों पर 105 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इनमें बरगढ़ जिले के सोहेला में सर्वाधिक 202 मिमी तथा गंजाम में 145 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, पांच जुलाई से उत्तर ओडिशा में वर्षा की गतिविधियां और तेज होंगी। सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में आठ जुलाई तक लगातार तीन दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। इस बीच, एक रिपोर्ट के अनुसार मयूरभंज जिले के 35 वर्षीय अनिल नामक व्यक्ति के भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय के पास एक नाले में बह जाने की आशंका है। बताया जा रहा कि वह नाले से प्लास्टिक कचरा एकत्र कर रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह पानी में बह गया। भुवनेश्वर की महापौर सुलोचना दास ने कहा, ''अग्निशमन विभाग की टीम ने तलाश अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन एक घंटे बाद भी व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है।'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और उनका निधन चार जुलाई 1902 को हुआ था।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, '' स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।'' उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रखर बुद्धिमत्ता और प्रेरणादायक विचार आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, '' उनके आध्यात्मिक संदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश को निरंतर नई ऊर्जा और नई प्रेरणा देते रहेंगे।'' स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था और उन्होंने रामकृष्ण मिशन की संस्थापना की थी।
उन्हें वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली थी। इस भाषण में उन्होंने समाजसेवा और मानवता की सेवा को सर्वोच्च आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया था। -
जम्मू। अमरनाथ की वार्षिक यात्रा में शामिल होने के लिए 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था शनिवार को यहां भगवती नगर आधार शिविर से दो अलग-अलग काफिलों में कश्मीर रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस जत्थे में 966 महिलाएं शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से शुरू हुई 57 दिन की वार्षिक यात्रा के पहले दिन 12,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि तीसरे जत्थे में 244 साधु और 157 साध्वियां भी शामिल थीं। यह जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच तड़के तीन बजे से साढ़े तीन बजे के बीच 126 वाहनों में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। कुल 2,771 श्रद्धालु पहलगाम आधार शिविर की ओर रवाना हुए। इनमें 542 महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं। शेष श्रद्धालु बालटाल मार्ग से गए, जिनमें 424 महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं।
इसके साथ ही दो जुलाई से अब तक जम्मू से 13,499 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो जुलाई को पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। -
नई दिल्ली। , भारत के समुद्री और विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित मर्स्क-कॉनकोर अंतर्देशीय कंटेनर डिपो से वैश्विक शिपिंग कंपनी एपी मोलर-मर्स्क के लिए भारत में निर्मित पहले निर्यात-आयात (एक्जिम) शिपिंग कंटेनर को रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘समुद्री अमृत काल विजन-2047’ को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत के बढ़ते कंटेनर विनिर्माण पारितंत्र पर भरोसा जताते हुए मर्स्क ने डीसीएम श्रीराम ग्रुप को भारत में निर्मित 1,000 अतिरिक्त शिपिंग कंटेनरों का ऑर्डर भी दिया। इसे दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारी की शुरुआत माना जा रहा है, जिससे वैश्विक समुद्री आपूर्ति शृंखला में भारत की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एपी मोलर-मर्स्क के पर्यवेक्षी बोर्ड के अध्यक्ष रॉबर्ट मर्स्क उगला के बीच फरवरी 2025 में हुई बैठक के बाद सामने आई है। बैठक में प्रधानमंत्री ने कंपनी को भारत में विश्वस्तरीय कंटेनर विनिर्माण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया था। महज 16 महीनों में भारत में बने पहले एक्जिम शिपिंग कंटेनर की अंतरराष्ट्रीय खरीद शुरू होना सरकार की त्वरित क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्वसनीय वैश्विक विनिर्माण और समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, “हम केवल शिपिंग कंटेनर ही नहीं बना रहे हैं, बल्कि विकसित भारत के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री विनिर्माण पारितंत्र का निर्माण कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित पहला कंटेनर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों, आईएसओ विनिर्देशों और सुरक्षित कंटेनरों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे यह वैश्विक उपयोग के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।सोनोवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट 2026 में 10 हजार करोड़ रुपए की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य आयातित कंटेनरों पर निर्भरता कम करना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पादन प्रणाली विकसित करना है। इसके तहत ग्रीनफील्ड एवं ब्राउनफील्ड संयंत्रों को पूंजीगत सहायता, परिचालन सहायता, अनुसंधान, परीक्षण, कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि कंटेनर निर्माण संवर्धन योजना के तहत भारत की वार्षिक कंटेनर विनिर्माण क्षमता को 10 गुना बढ़ाकर 7.5 लाख टीईयू तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा और देश की आपूर्ति शृंखला अधिक मजबूत बनेगी। सरकार का उद्देश्य भारत को कंटेनर विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले कंटेनरों का वैश्विक निर्यात केंद्र स्थापित करना है।सोनोवाल ने कहा कि सरकार व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए व्यावसायिक जहाजरानी अधिनियम-2025, तटीय नौवहन अधिनियम-2025 और भारतीय पत्तन अधिनियम-2025 जैसे महत्वपूर्ण कानून लागू कर चुकी है। इसके अलावा 70 हजार करोड़ रुपए की जहाज निर्माण वित्तीय सहायता योजना, ‘वन नेशन-वन पोर्ट प्रोसेस’, मैरीटाइम सिंगल विंडो और ई-समुद्र जैसी डिजिटल पहल भी शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत जहाज पुनर्चक्रण के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल हो रहा है। साथ ही देश के तीन बंदरगाह कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (सीपीपीआई) 2025 की वैश्विक शीर्ष-30 सूची में जगह बना चुके हैं। वधावन बंदरगाह, अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, टूना टेकरा कंटेनर टर्मिनल और आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल जैसी प्रमुख परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। ( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संशोधित ‘उड़ान’ योजना भी लॉन्च की, जिसका उद्देश्य देश में विमानन कनेक्टिविटी का विस्तार और विमानन-आधारित विकास को गति देना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नए टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें टर्मिनल की विभिन्न विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।यह परियोजना 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की गई है। 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल भवन हर साल 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। इसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों को अधिक सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित इस टर्मिनल की वास्तुकला में मेहराब और झरोखों जैसे पारंपरिक तत्वों को आधुनिक डिजाइन के साथ समाहित किया गया है। ऊर्जा-कुशल प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय और हरित भवन निर्माण पद्धतियां इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। टर्मिनल को 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए टर्मिनल के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पीएम नरेंद्र मोदी ने संशोधित ‘उड़ान’ योजना भी लॉन्च की। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में विमानन-आधारित विकास को गति देना और देशभर में व्यापक तथा टिकाऊ हवाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।योजना के तहत मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों का उपयोग करते हुए 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय हवाई अड्डों के शुरुआती वर्षों में उनके संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) के लिए 2,500 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी जाएगी। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। (इनपुट: आईएएनएस) -
नई दिल्ली। भारत गणराज्य की सरकार और इजराइल की सरकार के बीच 8 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश समझौता (बीआईए) शनिवार, 4 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया। इस समझौते को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सुरक्षित तथा पूर्वानुमानित निवेश माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। द्विपक्षीय निवेश समझौता निवेशकों और उनके निवेशों को मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही, यह दोनों देशों को अपने वैध सार्वजनिक नीति उद्देश्यों के अनुरूप संप्रभु नीतिगत अधिकार बनाए रखने का पर्याप्त लचीलापन भी देता है। यह समझौता अंतरराष्ट्रीय निवेश कानून के आधुनिक सिद्धांतों और विकसित होते न्यायशास्त्र के अनुरूप तैयार किया गया है। सरकार के अनुसार, इस समझौते से भारत और इजराइल के बीच सीमा पार निवेश में वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय साझेदारी को भी नई मजबूती मिलेगी।
भारत-इजराइल द्विपक्षीय निवेश समझौता (बीआईए) 2026 की पूरी प्रति वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां इच्छुक व्यक्ति इसके प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। -
- अमित शाह बोले- हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार
नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 23 और व्यक्तियों को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत ‘आतंकवादी’ घोषित किया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार भारत और देशवासियों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय नागरिक हैं, जो वर्तमान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) से भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है। ये आतंकवादी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों की मदद, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। मोदी सरकार भारत और देशवासियों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।”गृह मंत्रालय के अनुसार, इन व्यक्तियों को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किए जाने से उनके वित्तीय नेटवर्क, आवाजाही, भर्ती क्षमता और आतंकवाद समर्थित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कदम राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी होगा। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वित कानूनी, जांच और निवारक कार्रवाई को भी मजबूती मिलेगी।केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में यूएपीए में संशोधन के बाद पहली बार व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान लागू किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस ताजा कार्रवाई के बाद अब तक अधिनियम की धारा 35 के तहत कुल 57 व्यक्तियों को यूएपीए की चौथी अनुसूची में ‘आतंकवादी’ के रूप में सूचीबद्ध किया जा चुका है।गृह मंत्रालय द्वारा घोषित 23 आतंकवादियों में अधिकांश का संबंध जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जमात-उद-दावा (जेयूडी), हरकत-उल-मुजाहिद्दीन (एचयूएम), पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों से है। इन पर सीमा पार घुसपैठ, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने, आतंकी फंडिंग, युवाओं की भर्ती, प्रशिक्षण शिविर संचालित करने और भारत में कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने या उन्हें अंजाम देने के आरोप हैं।
23 व्यक्तियों को किया गया आतंकवादी घोषित
गृह मंत्रालय ने जिन 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है, उनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वालीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताईबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार, वसीम नूर जाट और मोहम्मद शहीद फैसल शामिल हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अल-नीनो के कारण देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा और उसके संभावित प्रभावों की समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव सहित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार मानसून की स्थिति और संभावित सूखे पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अमित शाह ने कृषि मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालयों को राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर किसानों को मौसम के अनुरूप फसल बुवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम करें ताकि संभावित चुनौतियों का समय रहते समाधान किया जा सके। गृह मंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय को देश के सभी बड़े और छोटे जलाशयों तथा भूजल की स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के चारे, मिलेट्स और दलहन जैसी कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अलावा ऊर्जा मंत्रालय को देश में बिजली की सुचारू और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि देश में चावल, गेहूं सहित अन्य आवश्यक खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सरकार खाद्यान्न आपूर्ति और मूल्य स्थिति पर भी लगातार नजर रखे हुए है।अमित शाह ने हाल में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित असम और अरुणाचल प्रदेश में नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में बुनियादी ढांचे, कृषि और रिहायशी क्षेत्रों को हुए नुकसान का मौके पर जाकर आकलन किया जाएगा, ताकि आवश्यक सहायता और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, उपभोक्ता विभाग, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), केंद्रीय जल आयोग, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। -
नई दिल्ली। नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों की राष्ट्रीय कार्यशाला में सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के प्रभावी कार्यान्वयन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यों से स्वयं के राजस्व स्रोतों (ओएसआर) के संकलन पर विशेष ध्यान देने और प्रदर्शन-आधारित अनुदानों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करने का आग्रह किया। कार्यशाला में केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल भी मौजूद रहे।
पंचायती राज मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यशाला में 18 राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों ने भाग लिया, जबकि अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व संबंधित पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी समेत मंत्रालय और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यशाला का आयोजन सोलहवें वित्त आयोग (2026-31) की उन सिफारिशों के संदर्भ में किया गया, जिनमें वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को 4,35,236 करोड़ रुपए के वित्तीय हस्तांतरण की अनुशंसा की गई है। साथ ही वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी परिचालन दिशानिर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कार्यान्वयन की रूपरेखा स्थानीय शासन की विविध आवश्यकताओं के अनुरूप हो, ताकि पंचायती राज संस्थाएं अधिक सशक्त और वित्तीय रूप से सक्षम बन सकें।कार्यशाला के दौरान पंचायती राज मंत्रालय की संयुक्त सचिव मुक्ता शेखर ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें पंद्रहवें वित्त आयोग के दौरान हुए प्रदर्शन की समीक्षा, सोलहवें वित्त आयोग की प्रमुख सिफारिशों तथा ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए जारी परिचालन दिशानिर्देशों की जानकारी दी गई। बताया गया कि ये दिशानिर्देश अनुदानों के समयबद्ध निर्गमन, पारदर्शी उपयोग और प्रदर्शन-आधारित वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा देंगे। साथ ही पंचायतों में वित्तीय विकेंद्रीकरण, स्थानीय प्राथमिकताओं पर आधारित योजना निर्माण, स्वयं के राजस्व स्रोतों के संकलन और जवाबदेह शासन को भी मजबूती मिलेगी।सोलहवें वित्त आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को 4,35,236 करोड़ रुपए के कुल वित्तीय हस्तांतरण की अनुशंसा की है। यह पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत 2,36,805 करोड़ रुपए के आवंटन की तुलना में लगभग 84% अधिक है। इसमें 3,48,188 करोड़ रुपए के आधारभूत अनुदान शामिल हैं, जिन्हें स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट और जल प्रबंधन के लिए आबद्ध तथा अनाबद्ध अनुदानों में समान रूप से विभाजित किया गया है। इसके अलावा 87,048 करोड़ रुपए के प्रदर्शन अनुदान का भी प्रावधान किया गया है।ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए प्रति व्यक्ति आवंटन तेरहवें वित्त आयोग के दौरान 176 रुपए से बढ़कर सोलहवें वित्त आयोग में 953 रुपए हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। वहीं, पंद्रहवें वित्त आयोग के दौरान मंत्रालय ने कुल 2,97,555 करोड़ रुपए के आवंटन में से लगभग 95% यानी 2,82,632 करोड़ रुपए जारी किए, जो किसी भी वित्त आयोग के तहत स्थानीय निकायों के लिए अब तक का सबसे अधिक निर्गमन प्रतिशत है।देश में वर्तमान में 2,62,738 पंचायती राज संस्थाएं हैं, जिनमें 2,55,308 ग्राम पंचायतें, 6,756 ब्लॉक पंचायतें और 674 जिला पंचायतें शामिल हैं। पारंपरिक स्थानीय निकायों सहित इनकी कुल संख्या 2,76,901 है। पंचायतों में योजना निर्माण, लेखांकन, लेखापरीक्षा और स्वयं के राजस्व स्रोतों के सृजन को मजबूत करने के लिए ईग्रामस्वराज, ऑडिटऑनलाइन, पीएफएमएस इंटरफेस, समर्थ पोर्टल तथा स्वामित्व संपत्ति आंकड़ों के एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। -
नई दिल्ली। भारत और माली ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहले भारत-माली निर्यात संवर्धन मंच का आयोजन किया। बमाको में आयोजित इस दो दिवसीय मंच के जरिए दोनों देशों ने व्यापार और निवेश सहयोग को संस्थागत स्वरूप देने तथा भविष्य में आर्थिक साझेदारी को नई गति प्रदान करने पर जोर दिया। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 326.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 55% अधिक है।
“व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाना” विषय पर आयोजित इस मंच की अध्यक्षता माली की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री मेजर जनरल अब्दुलाये माइगा ने की। इसका संयुक्त आयोजन माली के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय, बमाको स्थित भारतीय दूतावास तथा माली निर्यात संवर्धन एजेंसी (एपीईएक्स-माली) ने किया। कार्यक्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ भारत के करीब 30 व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव (एफटी-अफ्रीका) अमित कुमार ने किया, जबकि माली में भारत के राजदूत डॉ. एन. नंदकुमार ने भारतीय मिशन का प्रतिनिधित्व किया।वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और माली के बीच द्विपक्षीय व्यापार 326.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 55% अधिक है। माली से भारत को मुख्य रूप से कच्चा कपास, तैयार चमड़ा, काजू, सीसा, गोंद अरबी और तिल का निर्यात होता है। वहीं भारत से माली को औषधियां, सूती वस्त्र, दोपहिया और तिपहिया वाहन तथा साइकिलों का निर्यात किया जाता है। भारत की शुल्क-मुक्त टैरिफ वरीयता (डीएफटीपी) योजना ने दोनों देशों के व्यापार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। माली के लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वैश्विक निर्यात की तुलना में भारतीय बाजार में उसके अप्रयुक्त निर्यात की संभावित क्षमता लगभग 3.96 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।उद्घाटन सत्र के बाद भारतीय और माली प्रदर्शनी स्टॉलों का दौरा किया गया, जहां सोनालिका ट्रैक्टर तथा महिंद्रा और टाटा मोटर्स के वाहनों का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद व्यापार-से-व्यापार (बी2बी), व्यापार-से-सरकार (बी2जी) और सरकार-से-सरकार (जी2जी) स्तर की बैठकों में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि, वस्त्र, ऑटोमोबाइल विनिर्माण और खनन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्देश्य व्यावसायिक अवसरों को व्यापारिक साझेदारियों और समझौता ज्ञापनों में बदलना था।दूसरे दिन भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने माली के उद्योग एवं व्यापार मंत्री मूसा अलासाने डियालो से मुलाकात की। इस दौरान एपीईएक्स-माली ने तत्काल निवेश के लिए “तैयार व्यापार योजनाएं” प्रस्तुत कीं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने माली की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री से भी भेंट की।दोनों देशों ने कपास एवं वस्त्र, खनन एवं ऊर्जा, कृषि-उद्योग एवं शीया प्रसंस्करण, औषधियां तथा स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सामाजिक अवसंरचना को सहयोग के प्राथमिक क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया। माली ने अपने उद्गम प्रमाण पत्र प्रणाली के डिजिटलीकरण में भारत के सहयोग और भारतीय औषधियों के शीघ्र पंजीकरण में रुचि दिखाई। वहीं भारतीय पक्ष ने शीया-नट के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार का आग्रह किया तथा माली में भारतीय नागरिकों और भारतीय निवेशों की सुरक्षा के महत्व को दोहराया।मंच के समापन पर माली ने कारोबारी माहौल को और सुरक्षित बनाने तथा ‘विजन माली 2063’ रोडमैप के तहत स्वयं को पश्चिम अफ्रीका के रणनीतिक निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसी दिशा में माली ने 3-4 दिसंबर 2026 को विशेष निवेश मंच आयोजित करने की घोषणा की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए नई निवेश-योग्य परियोजनियां प्रस्तुत की जाएंगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शनिवार) को राजस्थान और गुजरात का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विमानन, शहरी परिवहन, ऊर्जा और सेमीकंडक्टर सहित कई प्रमुख अवसंरचना और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। राजस्थान में वे लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जबकि जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा गुजरात में भारत के पहले सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्टिंग केंद्रों में से एक का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:45 बजे जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और संशोधित विमानन योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे वे बालोतरा पहुंचेंगे, जहां लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालोतरा जिले के पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) रिफाइनरी के उद्घाटन समारोह के दौरान जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 की आधारशिला रखेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जयपुर के प्रमुख औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा शहरी परिवहन को नई गति मिलेगी।13,037 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत प्रहलादपुरा से तोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इससे सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआईए), जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टोंक रोड, सवाई मानसिंह अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, जयपुर रेलवे स्टेशन, अंबाबारी और विद्याधर नगर सहित कई प्रमुख स्थानों को निर्बाध मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।फेज-2 कॉरिडोर में कुल 36 मेट्रो स्टेशन होंगे। यह आधुनिक जन परिवहन प्रणाली जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों को प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक इलाकों से जोड़ेगी। परियोजना का कार्यान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (आरएमआरसीएल) करेगा, जो केंद्र और राजस्थान सरकार का 50:50 संयुक्त उद्यम है।राजस्थान के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री शाम लगभग 4:30 बजे गुजरात के साणंद पहुंचेंगे। यहां वे सीजी सेमी के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। यह ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत विकसित भारत के पहले सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्टिंग संयंत्रों में से एक है और इसके साथ वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सीजी सेमी ओएसएटी केंद्र 7,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से विकसित किया गया है। यह मिशन के तहत स्वीकृत पहली चार सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में शामिल है। यह केंद्र वेफर सॉर्टिंग, असेंबली, परीक्षण, पैकेज डिजाइन, विफलता विश्लेषण, परीक्षण कार्यक्रम विकास, उत्पाद विशेषताओं के मूल्यांकन और लॉजिस्टिक्स सहायता सहित सेमीकंडक्टर असेंबली एवं परीक्षण सेवाओं की संपूर्ण शृंखला उपलब्ध कराएगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और भारतीय प्रवासी समुदाय को भी संबोधित करेंगे। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। यह उनकी इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। जकार्ता में प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दोनों देशों के बीच साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। वह भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे।भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे तथा ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लेकर दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों और व्यापारिक नेताओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वह मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे।न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जुलाई को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा करेंगे। यह करीब चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और व्यापार, वाणिज्य, रक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों की समीक्षा करेंगे। पिछले दो वर्षों में इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री प्रमुख व्यापारिक और खेल जगत की हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के मजबूत जन-संपर्कों को रेखांकित करते हुए वह भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे। -
मंदसौर (मध्यप्रदेश). मध्यप्रदेश में बृहस्पतिवार को मुंबई-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक महिला ने प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद रेलवे कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित तरीके से एक बच्ची को जन्म दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सूरत से नयी दिल्ली जा रही महिला अपने एक परिजन के साथ ट्रेन संख्या 12925 मुंबई-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थी। उन्होंने बताया कि रतलाम और खाचरोद स्टेशनों के बीच महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक सहयात्री ने ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी तत्काल कोच में पहुंचे और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद महिला और नवजात को सूखे कपड़े तथा कंबल उपलब्ध कराए गए। कुमार ने बताया कि ट्रेन के खाचरोद स्टेशन पहुंचने पर महिला अपने ससुर के साथ रेलवे कर्मचारियों की मदद से उतरी। उन्होंने बताया कि इसके बाद मां और नवजात को आवश्यक चिकित्सा उपचार के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि रतलाम मंडल के कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई, उनकी संवेदनशीलता और सहयात्रियों के सहयोग से बच्चे का सुरक्षित जन्म संभव हो सका।







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