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अयोध्या. अयोध्या में राम मंदिर के शिखर का निर्माण कार्य बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि 161 फुट ऊंचे राम मंदिर के शिखर का निर्माण अगले चार महीने में पूरा होने की उम्मीद है। मिश्र ने एक बयान में कहा कि मंदिर के शिखर के निर्माण की शुरुआत के साथ ही परिसर में सात ऋषियों को समर्पित सात मंदिरों के निर्माण में भी तेजी आई है और इनके भी अगले चार महीने में बनकर तैयार हो जाने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में तेजी लाने के लिए बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय समीक्षा बैठक की योजना बनाई गई है जिसमें मजदूरों की कमी होने पर उनकी संख्या बढ़ाने के तरीकों और जरूरत पड़ने पर तकनीकी टीम को विस्तार देने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को की गयी थी।
नवंबर 2019 में उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने अयोध्या की विवादित जमीन को राम जन्मभूमि मंदिर बनाने के लिए एक ट्रस्ट को सौंपने का आदेश दिया था। वहीं, शीर्ष अदालत ने सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए किसी अन्य स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने का भी निर्देश दिया था। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को यहां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हरित बदलाव, भू-आर्थिक विखंडन और विकास के निहितार्थ, और प्रतिरोध क्षमता बनाए रखने के लिए नीतिगत कार्रवाई के सिद्धांतों जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा। पीएमओ ने कहा कि भारत के साथ ही दुनिया भर के विद्वान भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं के सामने आने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ‘ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का आयोजन वित्त मंत्रालय के साथ साझेदारी में आर्थिक विकास संस्थान द्वारा किया जा रहा है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को नवरात्रि के आरंभ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कामना की कि शक्ति-वंदना को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए शुभकारी सिद्ध हो। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, समस्त देशवासियों को नवरात्रि की असीम शुभकामनाएं। शक्ति-वंदना को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए शुभकारी सिद्ध हो, यही कामना है। जय माता दी।'' उन्होंने कहा कि देवी शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्रि का आरंभ हो रहा है।
उन्होंने कहा, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की करबद्ध प्रार्थना! उनकी कृपा से हर किसी का कल्याण हो।'' प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही मां शैलपुत्री को समर्पित एक गीत का वीडियो भी साझा किया।
इस बार नवरात्र तीन से लेकर 11 अक्टूबर तक है। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिन अलग-अलग पूजा होती है। नवरात्रि पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। इसके बाद दशहरे का त्योहार आता है। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले साल आयोजित होने वाले महाकुंभ को भव्य बनाने के लिए सरकार जल्द डिजिटल कुंभ संग्रहालय बनाएगी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि पर्यटन विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विचार के अनुरूप प्रयागराज में ‘डिजिटल कुंभ संग्रहालय' बनाने की तैयारी कर रहा है। यहां श्रद्धालु डिजिटल माध्यमों से समुद्र मंथन देख सकेंगे। इसके अलावा, कुंभ, महाकुंभ सहित अन्य धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल कुंभ संग्रहालय के लिए 21.38 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से छह करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। लगभग 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस संग्रहालय में एक साथ 2000 से 2500 लोग भ्रमण कर सकेंगे। सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत डिजिटल संग्रहालय में समुद्र मंथन की 14 रत्नों वाली गैलरी बनाई जाएगी। डिजिटल माध्यम से समुद्र मंथन के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। डिजिटल स्क्रीन सहित अन्य माध्यमों से प्रयागराज महाकुंभ-कुंभ, हरिद्वार, नासिक, उज्जैन कुंभ आदि के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके अलावा, लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। टिकट काउंटर भी बनाया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने बताया कि श्रद्धालु अगर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के वनवास के समय उनके प्रवास स्थल यानी चित्रकूट के दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए ‘चित्रकूट टूरिज्म ऐप' तैयार किया गया है। इस मोबाइल ऐप्लीकेशन पर दर्शनीय स्थलों का नाम, महत्व, दर्शन के समय समेत समग्र जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐप्लीकेशन में ‘फेस्टिवल और इवेंट' पर क्लिक करने पर महाकुंभ, चित्रकूट महोत्सव, रामनवमी, राष्ट्रीय रामायण मेला आदि की विस्तार से जानकारी मिलेगी। साथ ही, महाकुंभ में विशेष स्नान की तिथियां, महत्व आदि के बारे सूचना दी गई है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 155वीं जयंती पर बुधवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सत्य, सद्भाव तथा समानता पर आधारित उनका जीवन देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। मोदी ने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सभी देशवासियों की ओर से पूज्य बापू को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। सत्य, सद्भाव और समानता पर आधारित उनका जीवन और आदर्श देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।'' बाद में प्रधानमंत्री राजधानी के राजघाट स्थित बापू के समाधि स्थल भी गए और उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘देश के जवान, किसान और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।'' प्रधानमंत्री ने शास्त्री के समाधि स्थल विजय घाट जाकर उन्हें भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में दो अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके जन्मदिन को गांधी जयंती के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजाद कराने की लड़ाई का नेतृत्व किया था। अहिंसक विरोध का उनका सिखाया सबक आज भी पूरी दुनिया में सम्मान के साथ याद किया जाता है। वहीं, शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे। उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ‘जय जवान जय किसान' का नारा दिया था। -
पुणे/ महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार सुबह एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने और उसमें आग लग जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली स्थित एक निजी विमानन कंपनी के हेलीकॉप्टर ने यहां ऑक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स हेलीपैड से उड़ा भरी और वह मुंबई के जुहू जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो पायलट और एक इंजीनियर की मौत हुई है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह पौने सात बजे ऑक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स के नजदीक बावधन क्षेत्र के एक पहाड़ी इलाके के पास हुई। पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने कहा, ‘‘हेलीकॉप्टर दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है। अग्निशमन विभाग के वाहनों के साथ हमारी टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है।'' पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई। उन्होंने बताया कि दुर्घटना की वजह का अभी पता नहीं चला है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा किए गए स्वच्छता के आह्वान को पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘जन आंदोलन'' में बदल दिया है। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और सांसद बांसुरी स्वराज सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ नड्डा ने राष्ट्रीय राजधानी के लोधी कॉलोनी इलाके में ‘स्वच्छता अभियान' में हिस्सा लिया। नड्डा ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा का ‘सेवा पखवाड़ा' 17 सितंबर से शुरू हुआ था और यह आज गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान के साथ संपन्न हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने स्वच्छता को अपनाया और यह एक जन आंदोलन बन गया। हम जानते हैं कि स्वच्छता का आह्वान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने किया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक जन आंदोलन में बदल दिया है।'' नड्डा ने कहा कि लोगों में व्यक्तिगत स्वच्छता की भावना बनाए रखने और कूड़ा-कचरा फैलाने से बचने के लिए जागरूकता पैदा करने तथा समाज को स्वच्छता के प्रति प्रोत्साहित करने का यह जन आंदोलन मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों से जारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा भविष्य में इस अभियान में तेजी लाने की दिशा में सक्रिय रूप से शामिल रहेगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक दिन का मामला नहीं है बल्कि इसे पूरे वर्ष प्रतिदिन बनाए रखना चाहिए। नड्डा ने देश की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जब भी संभव हो, इस अभियान में शामिल हों। उन्होंने कहा कि भाजपा हर साल गांधी जयंती पर लोगों को स्वच्छता अभियान में शामिल करते हुए ‘सेवा पखवाड़ा' मनाती है।
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सहारनपुर. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नानौता क्षेत्र के रहने वाले वायु सेना के एक जवान का शव 56 साल बाद सियाचिन ग्लेशियर के पास से बरामद होने के बाद बृहस्पतिवार को उनके गांव पहुंचेगा। परिवार के सदस्य इस तसल्ली के साथ उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं कि कम से कम अब वे उनका पूरे रीति—रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कर सकेंगे और दिवंगत आत्मा को 'सच्ची मुक्ति' मिलेगी। अपर पुलिस अधीक्षक (देहात क्षेत्र) सागर जैन ने बुधवार को बताया कि नानौता थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के निवासी मलखान सिंह वायु सेना में थे। वह सात फरवरी 1968 को हिमाचल प्रदेश के सियाचिन ग्लेशियर के पास सेना के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना में शहीद हो गये थे। इस हादसे में 100 से अधिक जवान शहीद हुए थे। उन्होंने बताया कि बर्फीले पहाड़ होने के कारण घटना के फौरन बाद शवों की बरामदगी भी नहीं हो पाई थी। वर्ष 2019 तक पांच ही शव मिले थे और अभी हाल में चार शव और बरामद हुए थे। इन्हीं में एक जवान की पहचान मलखान सिंह के रूप मे हुई है। बर्फ में दबे होने के कारण उनका शव अभी तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है। मलखान का शव बृहस्पतिवार को उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। मलखान के छोटे भाई ईसम सिंह ने बताया कि मलखान 20 साल की उम्र में वायुसेना में चयनित हुए थे और 23 साल की आयु में शहीद हो गये थे। उनके परिवार में पत्नी शीला देवी और डेढ़ साल का बेटा राम प्रसाद थे। जब मलखान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा तो उनकी पत्नी और बेटा दोनों ही उन्हें अंतिम बार देखने के लिए वहां नहीं होंगे क्योंकि दोनों ही अब इस दुनिया में नहीं हैं। हालांकि अंतिम संस्कार करने के लिए उनके पौत्र मौजूद रहेंगे। छोटे भाई ने बताया कि मलखान की पत्नी शीला का दूसरा विवाह मलखान की मृत्यु के बाद उनके छोटे भाई चंद्रपाल से कर दिया गया था और उनसे उनके दो बेटे सतीश, सोमप्रसाद और एक बेटी शर्मिला है। ईसम ने कहा, ''गांव के बुजुर्ग मलखान के बारे में किस्से और कहानियाँ सुनाते थे लेकिन अब वे उसे अंतिम श्रद्धांजलि देने का इंतज़ार कर रहे हैं। यह भगवान का आशीर्वाद है कि हमें पितृ पक्ष में उनका शव बरामद होने की जानकारी मिली। पितृ पक्ष में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अनुष्ठान किए जाते हैं। अब जब हम अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए उनका अंतिम संस्कार कर रहे हैं, तो उन्हें आखिरकार सच्ची मुक्ति मिलेगी।'' अपने बड़े भाई मलखान को याद करते हुए ईसम की आंखें नम हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर मलखान जीवित होते तो अब 79 वर्ष के होते। ईसम ने बताया कि मलखान के भाई सुल्तान सिंह और चंद्रपाल की भी मौत हो चुकी है। अब इस पीढ़ी में वह खुद और उनकी बहन चंद्रपाली जीवित हैं। उन्होंने बताया कि शहीद मलखान सिंह का अंतिम संस्कार परिवार द्वारा ही किया जाएगा। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। पूरा परिवार, रिश्तेदार और उनके बच्चे जो अपने दादा-परदादाओं से मलखान की शहादत की कहानियां सुनते थे, उन्हें अब आखिरकार शहीद के दर्शन करने का मौका मिलेगा। हिमाचल प्रदेश के रोहतांग क्षेत्र में बर्फ से ढके पहाड़ों पर 1968 में विमान दुर्घटना में लापता हुए मलखान सिंह का शव भारतीय सेना के डोगरा स्काउट्स और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू के कर्मियों की एक संयुक्त टीम ने हाल ही में बरामद किया है। एएन-12 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के लगभग 56 साल बाद चार जवानों के पार्थिव अवशेष बरामद किए गए। यह 102 लोगों को ले जा रहा ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप परिवहन विमान सात फरवरी 1968 को चंडीगढ़ से लेह के लिए उड़ान भरते समय लापता हो गया था। एक अधिकारी ने बताया, ''जवानों के शव और विमान का मलबा दशकों तक बर्फीले इलाके में दबा रहा। वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के पर्वतारोहियों ने मलबे की खोज की। इसके बाद भारतीय सेना, विशेष रूप से डोगरा स्काउट्स द्वारा कई वर्षों तक कई अभियान चलाए गए। खतरनाक परिस्थितियों और दुर्गम इलाका होने की वजह से साल 2019 तक केवल पांच शव ही बरामद किए गए थे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान को इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनआंदोलन करार दिया और कहा कि ‘विकसित भारत' की यात्रा में हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता' के मंत्र को मजबूत करेगा। स्वच्छ भारत अभियान आरंभ होने के 10 साल पूरे होने के अवसर पर यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छता और सफाई से संबंधित 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आज से एक हजार साल बाद भी जब 21वीं सदी के भारत का अध्ययन होगा तो उसमें स्वच्छ भारत अभियान को जरूर याद किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनभागीदारी, जन नेतृत्व वाला जन आंदोलन है। इस मिशन ने मुझे ईश्वररूपी जनता-जनार्दन की साक्षात ऊर्जा के भी दर्शन कराए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत की यात्रा में हमारा हर प्रयास 'स्वच्छता से संपन्नता' के मंत्र को मजबूत करेगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता की प्रतिष्ठा बढ़ने से देश में एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक परिवर्तन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले साफ-सफाई के काम से जुड़े लोगों को किस नजर से देखा जाता था, यह पूरा देश जानता है लेकिन स्वच्छ भारत अभियान ने इस सोच को भी बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘साफ-सफाई करने वालों को आज जब मान-सम्मान मिला तो उनको भी गर्व हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान लाखों भारतीयों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है और पिछले 10 वर्षों में अनगिनत नागरिकों ने इसे अपनाया है और अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आजीवन प्रतिज्ञा है, न कि एक बार किया गया कोई वादा। हमें स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘गंदगी के प्रति नफरत ही हमे स्वच्छता के लिए मजबूर कर सकती है और मजबूत भी कर सकती है।'' प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जल संरक्षण, जल शोधन और नदियों की सफाई के महत्व को भी रेखांकित किया और इसे प्राप्त करने के लिए लगातार नई तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पर्यटन पर स्वच्छता के महत्वपूर्ण प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देशवासियों को पर्यटन स्थलों, पवित्र तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की स्वच्छता और साफ-सफाई को बनाए रखना चाहिए। मोदी ने इस अवसर पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान न देने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने आजादी मिलने के बाद महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चलने का दावा किया, उनके नाम पर सत्ता हासिल की लेकिन स्वच्छता को लेकर बापू के दृष्टिकोण की उपेक्षा की। उन्होंने कहा, ‘‘वर्षों तक उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए गांधी जी की विरासत का दोहन किया लेकिन स्वच्छता पर उनके जोर को आसानी से भुला दिया।'' मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने गंदगी को ही जिंदगी मान लिया...इसके परिणामस्वरूप लोग गंदगी में रहने के आदी हो गए, गंदगी और नकारात्मकता उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई। साथ ही समाज में स्वच्छता को लेकर होने वाली चर्चाएं भी।'' उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस मुद्दे को उठाया था लेकिन उनका मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि शौचालय के बारे में बात करना प्रधानमंत्री का काम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘... लेकिन मैं नहीं रुकूंगा... भारत के प्रधानमंत्री के रूप में मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता मेरे साथी नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है!'' प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से देश के आम जन के जीवन पर अनमोल प्रभाव पड़ा है।
हाल ही में आए एक प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय जनरल के शोध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से हर वर्ष 60 से 70 हजार बच्चों का जीवन बच रहा है और लाखों स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय बनने से स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई है। यूनिसेफ के एक शोध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के कारण गांव के परिवार के हर साल औसतन 50 हजार रुपये बच रहे हैं। मोदी ने कहा कि आज के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर स्वच्छता से जुड़ी करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं की भी शुरुआत हुई है और इसमें मिशन अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत देश के अनेक शहरों में जल और कचरा शोधन संयंत्र बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘नमामि गंगे से जुड़ा काम हो या फिर कचरे से बायोगैस पैदा करने वाले गोबरधन प्लांट, ये काम स्वच्छ भारत मिशन को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन जितना सफल होगा, उतना ही हमारा देश ज्यादा चमकेगा।'' कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया उनमें मिशन अमृत और अमृत 2.0 के तहत शहरी जल और गंदे नाले की व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा बेसिन क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार पर केंद्रित 1550 करोड़ रुपये से अधिक की 10 परियोजनाएं और गोबरधन योजना के तहत 1332 करोड़ रुपये से अधिक की 15 संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र परियोजनाएं शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को शिगेरू इशिबा को जापान के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने पर बधाई दी। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा को हार्दिक बधाई। मैं भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने और साथ ही भारत-प्रशांत और उससे परे शांति व समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं। जापान की संसद ने सत्तारूढ़ ‘लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी' के प्रमुख शिगेरु इशिबा को पिछले दिनों औपचारिक रूप से देश का नया प्रधानमंत्री चुना। इससे पहले उन्हें शुक्रवार को ‘लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी' का नेता चुना गया था ताकि वह फुमियो किशिदा की जगह ले सकें। फुमियो किशिदा के उनकी सरकार के घोटालों से घिरने के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था ताकि उनकी पार्टी को नया नेता मिल सके।
- ठाणे. अमेरिका से भारत लौटे एक व्यक्ति ने 4.74 लाख रुपये मूल्य के अमेरिकी डॉलर और अन्य सामान से भरा बैग लोकल ट्रेन में ही छोड़ दिया। पुलिस ने उस बैग का पता लगा कर उसे इस व्यक्ति को लौटा दिया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एंथनी डिकोस्टा 29 सितंबर को भारत पहुंचे थे। उनका परिवार महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के नेरल में रहता है। वह अपने तीन बैग के साथ लोकल ट्रेन में यात्रा कर रहे थे।नेरल में उतरते समय वह दो बैग अपने साथ ले गए, लेकिन तीसरा बैग गलती से वहीं छूट गया। उस बैग में तीन पासपोर्ट, 4,900 अमेरिकी डॉलर और एक आईफोन सहित अन्य सामान था। जैसे ही डिकोस्टा को बैग छूटने का एहसास हुआ उन्होंने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके मामले की सूचना दी। कल्याण, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के वरिष्ठ निरीक्षक पंधारी कांडे ने बताया कि फोन से सूचना मिलने से पहले ट्रेन कर्जत (रायगढ़) पहुंच चुकी थी और वापस मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) की ओर जा रही थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद ठाणे के बदलापुर में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तुरंत ट्रेन में चढ़कर डिब्बों की तलाशी ली और 29 सितंबर को अंबरनाथ (ठाणे) की यात्रा के दौरान बैग बरामद कर लिया। अपना सामान सुरक्षित वापस पाने के बाद डिकोस्टा ने कल्याण जीआरपी कर्मियों का आभार जताया।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जमैका की विकास यात्रा में भारत एक ‘भरोसेमंद साझेदार' रहा है और वह इस कैरेबियाई देश के साथ डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, जैव ईंधन, नवाचार और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता साझा करने के लिए तैयार है। मोदी ने जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ व्यापक बातचीत के बाद यह टिप्पणी की।मीडिया को जारी बयान में मोदी ने कहा कि उन्होंने और होलनेस ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की और इस बात पर सहमति जताई कि सभी तनावों और विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष वैश्विक शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक साथ काम करना जारी रखेंगे। मोदी ने कहा कि भारत और जमैका इस बात पर एकमत हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित सभी वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत जमैका की विकास यात्रा में एक ‘विश्वसनीय और प्रतिबद्ध' विकास भागीदार रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, जैव ईंधन, नवाचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्रों में जमैका के साथ अपने अनुभव को साझा करने के लिए तैयार हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा क्षेत्र में, हम जमैका के सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर आगे बढ़ेंगे।'' प्रधानमंत्री ने संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद को दोनों देशों के सामने साझा चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि भारत-जमैका संबंध साझा इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों से लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं। होलनेस सोमवार को भारत पहुंचे। यह जमैका के किसी प्रधानमंत्री की भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सबसे निचले स्तर पर सफाईकर्मी और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के रूप में कार्यरत 217 कर्मियों को पहली बार पदोन्नति देकर उन्हें नया पद दिया गया है। सोमवार को दिल्ली स्थित मुख्यालय सहित बल के विभिन्न कार्यालयों में ‘रैंक पाइपिंग' समारोह आयोजित किये गए। यह कदम तब उठाया गया है जब केंद्र सरकार ने इस वर्ष के प्रारंभ में सफाईकर्मियों, रसोइयों और जलवाहकों के तौर पर कार्यरत 2,600 कर्मियों को पदोन्नति देने को हरी झंडी दी थी। अर्धसैनिक बल में ये सबसे निचले स्तर के कांस्टेबल हैं जो सीआरपीएफ की आवश्यक रीढ़ हैं। देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल के 85 साल के इतिहास में ऐसा कदम पहली बार उठाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) ए डी सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बल मुख्यालय में समारोह में शामिल हुए। उन्होंने जवानों के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में उन्हें बधाई दी। उन्होंने बताया कि 217 कर्मियों को कांस्टेबल के पद से हेड कांस्टेबल के अगले उच्च पद पर पदोन्नत किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पहले इन कर्मियों को कभी पदोन्नत नहीं किया जाता था तथा वे औसतन लगभग 30-35 वर्षों तक सेवा देने के बाद उसी पद पर सेवानिवृत्त हो जाते थे, जिस पर उन्हें भर्ती किया जाता था।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य में बंद पड़े सिनेमाघरों को पुनः संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। यहां मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। विज्ञप्ति के मुताबिक सरकार ने इसके साथ ही मल्टीप्लेक्स विहीन जिलों में जल्द से जल्द मल्टीप्लेक्स निर्माण को प्रोत्साहित करने, एकल स्क्रीन सिनेमाघरों के निर्माण को प्रोत्साहित करने एवं संचालित सिनेमाघरों के उच्चीकरण हेतु समेकित प्रोत्साहन योजना को भी मंजूरी दी है। लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राज्य में बंद पड़े एक स्क्रीन वाले सिनेमाघर और चालू सिनेमाघर के पुनर्निर्माण/रीमॉडलिंग और मल्टीप्लेक्स विहीन जिलों में मल्टीप्लेक्स के निर्माण और सिनेमाघर के उच्चीकरण के वास्ते एक एकीकृत प्रोत्साहन योजना लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अनुदान सिनेमाघर/मल्टीप्लेक्स द्वारा राजकोष में जमा किए गए एसजीएसटी से दिया जाएगा, ताकि राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त व्यय भार न पड़े। मंत्रिमंडल ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं (आईटीईएस)को उद्योग का दर्जा देने का भी फैसला किया। खन्ना ने कहा कि राज्य को आईटी/आईटीईएस (आईटी सक्षम सेवाएं) क्षेत्र को तेजी से विकसित करने में मदद करने के लिए परिवर्तनकारी सुधारों को लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य आईटी और आईटीएस क्षेत्र को ‘‘उद्योग'' का दर्जा देना है। इससे आवासीय विकास प्राधिकरणों और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में औद्योगिक श्रेणी के तहत वर्गीकृत भूमि को आईटी/आईटीईएस क्षेत्र की इकाइयों को औद्योगिक दरों पर आवंटित करने की सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी और आईटी/आईटीईएस इकाइयों को भूमि की उपलब्धता में सुविधा होगी।
- भोपाल. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि नक्सलवाद मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के दो या तीन जिलों तक सीमित है और यह वामपंथी उग्रवाद अगले डेढ़ साल में इतिहास बन जाएगा। माओवादी विरोधी अभियानों में शामिल सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) अमित कुमार ने कहा कि नक्सल आंदोलन अपने अंतिम चरण में है। एडीजी कुमार ने एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, "नक्सली आंदोलन अपने अंतिम चरण से गुजर रहा है। राष्ट्रीय परिदृश्य में छत्तीसगढ़ के दो या तीन जिलों को छोड़कर, अन्य सभी क्षेत्रों में यह पूरी तरह नियंत्रण में है।" एडीजी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 400 किलोमीटर दूर नीमच शहर में सीआरपीएफ के भर्ती प्रशिक्षण केंद्र में उप-निरीक्षकों के एक नए बैच की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और केरल जैसे कुछ अन्य राज्य जो पहले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे, अब नक्सल मुक्त हो गए हैं। एडीजी कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दो से तीन जिलों के अलावा झारखंड के एक जिले के हिस्से में एक नक्सली समूह सक्रिय है। सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा कि एक समय था जब देश भर में 120 जिले सशस्त्र माओवादी आंदोलन से प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि अब नक्सलवाद के निशान कुछ ही जिलों तक सीमित रह गए हैं और वह भी इन जिलों के कुछ हिस्सों तक ही सीमित हैं। कुमार ने कहा, "यह (नक्सलवाद) एक से डेढ़ साल में इतिहास का हिस्सा बन जाएगा।"
- उडुपी . कर्नाटक में उडुपी के पजेगुड्डे में सोमवार को राज्य राजमार्ग पर एक दोपहिया वाहन और ट्रक के बीच भिडंत हो जाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, परिवार के सभी सदस्य करकला से वेनूर जा रहे थे, उसी दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- ठाणे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच अक्टूबर को महाराष्ट्र के ठाणे में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना और महिला सशक्तिकरण मिशन से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। जिले के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। जिला प्रशासन ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अधिकारियों ने दिन में कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें बारिश होने पर व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था शामिल है। लाडकी बहन योजना एकनाथ शिंदे सरकार की प्रमुख योजना है, जिसके तहत 2.5 लाख रुपये से कम वार्षिक पारिवारिक आय वाली महिलाओं को सहायता के रूप में 1500 रुपये प्रति माह दिये जाते हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर में शिंदे सरकार द्वारा शुरू किए गए महिला सशक्तिकरण मिशन का उद्देश्य महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित राज्य और केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को एक मंच पर लाना है।
- नयी दिल्ली. भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव ने सोमवार को कहा कि संघ एक ‘न्यूनतम साझा कार्यक्रम' तैयार करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्यक्तिगत और राष्ट्रीय कोच के बीच कोई विवाद नहीं हो। पेरिस ओलंपिक से पहले व्यक्तिगत बनाम राष्ट्रीय कोच बड़ा मुद्दा बन गया था जिसमें एनआरएआई ने व्यक्तिगत कोच के लिए क्या करें और क्या ना करें की एक लंबी सूची बना दी थी जिससे कुछ कटुता पैदा हुई थी लेकिन संघ ने अंततः इस मुद्दे को सुलझा लिया। कलिकेश ने कहा, ‘‘विचार यह सुनिश्चित करना है कि व्यक्तिगत कोच और राष्ट्रीय कार्यक्रम... राष्ट्रीय कोच साथ-साथ काम करें क्योंकि 70 प्रतिशत समय खिलाड़ी व्यक्तिगत कोच के साथ रहेगा। वे टीम में आते-जाते रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए व्यक्तिगत कोच पर निर्भरता है। और मुझे नहीं लगता कि हम इसे पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा काम है कि हम अपने सभी खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम साझा कार्य योजना लेकर आएं।'' उन्होंने कहा कि पेरिस खेलों की तैयारियों के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत और राष्ट्रीय कोच के बीच कोई अनबन नहीं हो यह सुनिश्चित करने की कोशिश की। कलिकेश ने कहा, ‘‘ओलंपिक की तैयारियों के प्रयासों का एक बड़ा हिस्सा यह सुनिश्चित करना था कि व्यक्तिगत कोच और राष्ट्रीय कोच के बीच पारिस्थितिकी तंत्र सुचारू हो। यह पहले की तुलना में बेहतर था।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य रूप से जब मैं कार्यवाहक अध्यक्ष बना (मई 2023 में) तो मैंने जो पहली कुछ चीजें कीं उनमें से एक एनआरएआई प्रणाली में व्यक्तिगत कोच के लिए एक जगह बनाना था जहां खिलाड़ी वास्तव में अपने व्यक्तिगत कोच के लिए मान्यता मांग सकते हैं।'' ओलंपिक खेलों के लिए चयन नीति में लगातार होने वाले बदलाव निशानेबाजों और महासंघ के बीच विवाद का कारण रहा और कलिकेश ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेंगे कि अगले ओलंपिक चक्र में संशोधनों के जरिए भारी बदलाव नहीं किए जाएं। उन्होंने कहा, ‘‘ओलंपिक नीति अकेले मेरे द्वारा तय नहीं की जाती है। यह चयन समिति और तकनीकी समिति द्वारा तय की जाती है। इस नीति को खेल के मौजूदा हालात के अनुसार तैयार करने की जरूरत है। लेकिन कुल मिलाकर हम नीति में कोई भी भारी बदलाव करने से परहेज करते हैं।'' एनआरएआई प्रमुख ने कहा कि यह समय विदेशी कोच को पूरी तरह से हटाने और देश के ओलंपिक पदक विजेताओं से उनकी भूमिका संभालने के लिए कहने का नहीं है लेकिन महासंघ धीरे-धीरे इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही कुछ विदेशी कोच से (अगले ओलंपिक चक्र के लिए) बात कर रहे हैं। इस समय मुझे नहीं लगता कि आप विदेशी कोच को पूरी तरह से हटा सकते हैं। इस समय हम सर्वश्रेष्ठ कोच को जोड़ना चाहते हैं, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी।'' कलिकेश ने कहा, ‘‘इसलिए यह कोच की राष्ट्रीयता नहीं है बल्कि उनकी योग्यता और टीम के साथ काम करने की उनकी क्षमता है। लेकिन लंबे समय में, हां। हमें विदेशी कोच को खोजने की कोशिश करने की अपनी निर्भरता से बाहर निकलने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास कुछ बहुत अच्छे निशानेबाज हैं जो अच्छे कोच हैं, जो अच्छे कोच बन रहे हैं और जो पहले से ही पारिस्थितिकी तंत्र में अच्छे कोच हैं।'' एनआरएआई प्रमुख ने कहा, ‘‘ हम केवल सर्वश्रेष्ठ का चयन करेंगे, चाहे वे किसी भी देश से हों।''कलिकेश ने कहा कि एनआरएआई अगले महीने यहां कर्णी सिंह रेंज में होने वाले एलीट आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल का पूरा खर्च वहन करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘एनआरएआई यहां निशानेबाजों के लिए डेढ़ करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार सहित पूरी प्रतियोगिता का खर्च वहन करने जा रहा है।''
- अहमदाबाद. गुजरात में करीब 18 से 20 लाख पक्षी निवास करते हैं और अकेले देवभूमि द्वारका जिले में 400 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं। राज्य वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। सोमवार को जारी ‘पक्षी विविधता रिपोर्ट 2023-24' के अनुसार, कच्छ जिले में 161 प्रजातियों के 4.56 लाख पक्षियां रहती हैं, जो राज्य में सबसे अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, विविधता के मामले में देवभूमि द्वारका जिले में सबसे अधिक 456 प्रजातियां निवास करती हैं। यह रिपोर्ट, वन विभाग द्वारा ‘ईबर्ड' एप्लीकेशन का उपयोग कर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है।सर्वेक्षण के दौरान, विभाग ने पक्षियों की 300 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया, जिनमें 13 संकट के कगार पर, चार संवेदनशील, सात लुप्तप्राय और एक गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजाति शामिल हैं। राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री मुलुभाई बेरा ने कहा कि गुजरात देश में पक्षियों के लिए ‘स्वर्ग' के रूप में उभरा है, जिनकी आबादी लगभग 18 से 20 लाख है। कच्छ के बाद जामनगर में 221 प्रजातियों के 4.11 लाख से अधिक पक्षी निवास करते हैं जबकि अहमदाबाद में 256 प्रजातियों के 3.65 लाख से अधिक पक्षी अपना घर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बनासकांठा और मेहसाणा में भी एक-एक लाख से अधिक पक्षी निवास करते हैं।रिपोर्ट में बताया गया कि नर्मदा क्षेत्र में 44 प्रजातियों के केवल 556 पक्षी रहते हैं जबकि आनंद, बोटाद और सूरत जिलों में 2,000 से भी कम पक्षी पाए गए।
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) से पूर्वोत्तर क्षेत्र में सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं के तहत ऋण वितरण बढ़ाने को कहा। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन देने में आरआरबी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि, बागवानी, सूअर पालन, बकरी पालन, रेशम पालन, मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण देने पर ध्यान देना चाहिए। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सीतारमण ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) को पूर्वोत्तर क्षेत्र में एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को बढ़ावा देने का भी निर्देश दिया।
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नयी दिल्ली. पृथ्वी पर 2020 में हुआ कोविड-19 लॉकडाउन का असर चंद्रमा तक पहुंच सकता है, क्योंकि अप्रैल-मई 2020 के दौरान चंद्रमा के तापमान में असामान्य रूप से गिरावट पाई गई है। एक अध्ययन में यह बात कही गई है। इस अवधि में पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह पर अधिकतम तापमान में गिरावट आई, जबकि रातें लगभग 8-10 डिग्री सेल्सियस तक ठंडी होने का पता चला। अहमदाबाद में स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी के शोधकर्ता के. दुर्गा प्रसाद और जी. एम्बिली ने 'मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी: लेटर्स' नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा है कि पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए चंद्रमा संभवतः एक 'आधार' के रूप में काम कर सकता है। कोविड-19 रोग के प्रसार को रोकने के लिए, सबसे पहले मार्च 2020 में चीन और इटली में लॉकडाउन लागू किया गया था। अन्य देशों ने भी इन उपायों को तुरंत अपना लिया गया और इसके अगले महीने तक, दुनिया की लगभग आधी आबादी को किसी न किसी रूप में लॉकडाउन के तहत रहना पड़ा। लॉकडाउन के कारण औद्योगिक प्रदूषण, परिवहन और जीवाश्म ईंधन के उपयोग जैसी मानवीय गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि मानवीय गतिविधियों में कमी के कारण ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन एवं प्रदूषक स्तर कम हुआ है, और इसलिए रात के समय पृथ्वी की सतह से कम ताप उत्सर्जित हुआ। इस गर्मी का एक हिस्सा रात के समय चंद्रमा के पृथ्वी की ओर वाले हिस्से तक पहुंचता है और चंद्र सतह को गर्म करता है। इसलिए, लॉकडाउन से जुड़े प्रभावों को देखने के लिए, शोधकर्ताओं ने 2017-2023 तक चंद्रमा के पृथ्वी की ओर वाले हिस्से पर छह स्थानों पर दर्ज रात के समय के सतही तापमान का विश्लेषण किया। अप्रैल-मई 2020 के दौरान, चंद्रमा तक पहुंचने वाली गर्मी काफी कम हो गई थी, और इसलिए, इसका कारण कोविड-19 लॉकडाउन को माना गया। लेखकों ने लिखा, “अप्रैल 2020 से मई 2020 की वैश्विक लॉकडाउन अवधि के दौरान सभी स्थानों पर अधिकतम तापमान में कमी देखी गई । हमने रात के समय तापमान में लगभग 8-10 केल्विन का परिवर्तन देखा है।” उन्होंने कहा कि चंद्रमा के अवलोकन, जैसे कि रात के समय का तापमान, जलवायु परिवर्तन के अध्ययन के लिए चल रहे प्रयासों में संभवतः सहायता कर सकते हैं।
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चंडीगढ़. पंजाब के बटाला इलाके में सोमवार को एक निजी बस के सड़क किनारे बने प्रतीक्षालय से टकराने की घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि 15 से अधिक यात्री घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बटाला-कादियां रोड पर शाहबाद गांव के पास उस समय हुयी, जब बस चालक ने एक दोपहिया वाहन को बचाने के लिए बस को अचानक मोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है और छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अमृतसर के एक अस्पताल में स्थानातंरित किया गया है। उन्होंने बताया कि दस से बारह अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्हें बस दुर्घटना की खबर मिली है। मान ने एक पोस्ट में कहा, “मैंने प्रशासन से बात की है और अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं।
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मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने देसी गायों को औपचारिक रुप से से राज्य माता का दर्जा दिया है। गाय को राज्य माता का दर्जा देने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य है। मंत्रिमंडल की बैठक में सोमवार को सरकार ने यह फैसला लिया और इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई।गाय को राज्य माता का दर्जा देने की हिन्दू संगठन लम्बे समय से मांग कर रहे थे। दरअसल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का ऐलान जल्द होने वाला है। ऐसे में महायुति सरकार जनता को लुभाने की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सरकार ने इस फैसले से हिन्दू संगठनों को खुश करने की कोशिश की है।सरकार का तर्क है कि यह फैसला किसानों को देसी गायों को पालने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिनका उपयोग पंचगव्य, पारंपरिक कृषि और आयुर्वेद में किया जाता है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि स्वदेशी गायें हमारे किसानों के लिए वरदान हैं। इसलिए हमने इन्हें राज्य माता का दर्जा देने का फैसला लिया है। इसके साथ ही हम गोशालाओं में स्वदेशी गायों के पालन-पोषण के 50 रुपए प्रतिदिन की सब्सिडी योजना लागू करने जा रहे हैं।गोशालाएं अपनी कम आय के चलते यह खर्च नहीं उठा सकती थीं, इसलिए यह फैसला लिया गया है। सरकार के फैसले पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देसी गायें हमारे किसानों के लिए वरदान हैं । इसलिए हमने इन गायों को राज्य मात’ दर्जा देने का फैसला किया है। हमने गोशालाओं में देसी गायों के पालन-पोषण के लिए भी आर्थिक मदद देने का फैसला किया है ।सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि वैदिक काल से भारतीय संस्कृति में देशी गाय के महत्व, मानव आहार में देशी गाय के दूध की उपयोगिता, आयुर्वेद चिकित्सा, पंचगव्य उपचार पद्धति और जैविक कृषि प्रणालियों में देशी गाय के गोबर और गोमूत्र के अहम स्थान को देखते हुए देशी गाय को राज्य माता घोषित करने की मंजूरी दी गई है।सरकार का मानना है कि इससे गोकशी और तस्करी पर लगाम लगेगी। देसी गाय का दूध मानव आहार के लिए बहुत पौष्टिक होता है। आयुर्वेद में भी गाय के दूध और गोमूत्र से कई तरह की दवाइयां बनाई जाती हैं। इस फैसले से राज्य में गाय की सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, ऐसा सरकार का मानना है। - नयी दिल्ली। रेल मंत्रालय कुंभ मेले के लिए व्यापक व्यवस्था करने पर काम कर रहा है और जनवरी में प्रयागराज में आयोजित होने वाले इस विशाल धार्मिक समागम के लिए 992 विशेष रेलगाड़ियां चलाने की योजना बना रहा है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, विशेष रेलगाड़ियां चलाने के अलावा मंत्रालय ने यात्रियों के लिए विभिन्न बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के निर्माण और उन्नयन के लिए 933 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसके अलावा प्रयागराज मंडल और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की सुचारू आवाजाही के लिए 3,700 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे पटरियों का दोहरीकरण तेजी से किया जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और दो रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और वी सोमन्ना ने 12 जनवरी से शुरू होने वाले कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए शनिवार को बैठकें कीं। अधिकारी ने कहा, “वे तैयारी गतिविधियों का जायजा लेने के लिए उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर पूर्वी रेलवे जैसे संबंधित जोन के महाप्रबंधकों सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ नियमित रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस भी करते हैं।” अधिकारी के अनुसार, प्रयागराज, वाराणसी, दीन दयाल उपाध्याय और लखनऊ जैसे संबंधित रेलवे मंडलों के मंडल प्रबंधक भी विभिन्न विकास कार्यों पर नियमित अपडेट प्रदान करने के लिए इन बैठकों में भाग लेते हैं। इस आयोजन में 30 से 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसलिए रेल मंत्रालय ने प्रयागराज के लिए विभिन्न शहरों से 6,580 नियमित ट्रेनों के अलावा 992 विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।
- नयी दिल्ली। भारत का ‘चंद्रयान-3' संभवतः चंद्रमा के सबसे पुराने ‘क्रेटर' में से एक पर उतरा था। मिशन और उपग्रहों से प्राप्त चित्रों का विश्लेषण करने वाले वैज्ञानिकों ने यह संभावना जताई है। किसी भी ग्रह, उपग्रह या अन्य खगोलीय वस्तु पर गड्ढे को ‘क्रेटर' कहा जाता है। ये ‘क्रेटर' ज्वालामुखी विस्फोट से बनते हैं। इसके अलावा किसी उल्का पिंड के किसी अन्य पिंड से टकराने से भी ‘क्रेटर' बनते हैं। भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के शोधकर्ताओं ने बताया कि चंद्रमा जिस ‘क्रेटर' पर उतरा है वह ‘नेक्टरियन काल' के दौरान बना था। ‘नेक्टरियन काल' 3.85 अरब वर्ष पहले का समय है और यह चंद्रमा की सबसे पुरानी समयावधियों में से एक है।भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के ग्रह विज्ञान प्रभाग में ‘एसोसिएट प्रोफेसर' एस. विजयन ने कहा, ‘‘चंद्रयान-3 जिस स्थल पर उतरा है वह एक अद्वितीय भूगर्भीय स्थान है, जहां कोई अन्य मिशन नहीं पहुंचा है। मिशन के रोवर से प्राप्त चित्र चंद्रमा की ऐसी पहली तस्वीर हैं जो इस अक्षांश पर मौजूद रोवर ने ली हैं। इनसे पता चलता है कि समय के साथ चंद्रमा कैसे विकसित हुआ।'' जब कोई तारा किसी ग्रह या चंद्रमा जैसे बड़े पिंड की सतह से टकराता है तो गड्ढा बनता है तथा इससे विस्थापित पदार्थ को ‘इजेक्टा' कहा जाता है। ‘ इकारस' पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के लेखक विजयन ने बताया कि ‘‘जब आप रेत पर गेंद फेंकते हैं तो रेत का कुछ हिस्सा विस्थापित हो जाता है या बाहर की ओर उछलकर एक छोटे ढेर में तब्दील हो जाता है'', ‘इजेक्टा' भी इसी तरह बनता है। चंद्रयान-3 एक ऐसे ‘क्रेटर' पर उतरा था - जिसका व्यास लगभग 160 किलोमीटर है और तस्वीरों से इसके लगभग अर्ध-वृत्ताकार संरचना होने का पता चलता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि यह संभवतः क्रेटर का आधा भाग है और दूसरा आधा भाग दक्षिणी ध्रुव-‘ऐटकेन बेसिन' से निकले ‘इजेक्टा' के नीचे दब गया होगा। प्रज्ञान को चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम ने चंद्रमा की सतह पर उतारा था।इसरो द्वारा प्रक्षेपित इस चंद्रयान ने 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास ‘सॉफ्ट लैंडिंग' की थी। चंद्रयान जिस स्थल पर उतरा था उसका 26 अगस्त 2023 को ‘शिव शक्ति पॉइंट' नाम रखा गया था।
























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