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धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) .हिमाचल प्रदेश की बिलिंग घाटी में पुलिस को दो लोगों के शव मिले हैं, जिनकी बर्फ में फिसलने या गिरने से मौत होने की आशंका है। बुधवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक पालतू कुत्ता लगभग दो दिनों से शवों के पास ही बैठा रहा और जंगली जानवरों से उन्हें बचाता रहा। एक महिला समेत दो पर्यटक रविवार को लापता हो गए थे। पुलिस ने बताया कि दोनों की तलाश कर रही बचाव टीम ने मंगलवार को जर्मन शेफर्ड के भौंकने की आवाज सुनी। पुलिस ने कहा कि आवाज का पीछा करते हुए, वे उन शवों तक पहुंचे जो पैराग्लाइडर बिंदु से तीन किलोमीटर नीचे पैदल मार्ग के किनारे पड़े थे। पुलिस के अनुसार, अल्फा नाम का कुत्ता लगभग दो दिनों तक शवों की रक्षा करता रहा। मृतक की पहचान अभिनंदन गुप्ता (30) निवासी पठानकोट और उसकी दोस्त पुणे की रहने वाली प्रणिता (26) के रूप में हुई है।
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नयी दिल्ली. लोकसभा ने बुधवार को वित्त विधेयक, 2024 को मंजूरी प्रदान कर दी और इस तरह वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट को पारित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई। सदन ने विधेयक पर चर्चा और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के जवाब के बाद ‘वित्त विधेयक, 2024' को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान कर दी। चौधरी ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि आयकर की दरों में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग एक करोड़ प्रत्यक्ष करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए 2009-10 की 25,000 रुपये और 2010-11 से 2014-15 तक की 10,000 रुपये की मांग को वापस लिया जाएगा। चौधरी ने कहा कि चुनावी वर्ष होने के बावजूद सरकार ने उपयुक्त प्रावधानों के अतिरिक्त और किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं करते हुए अंतरिम बजट के माध्यम से देश के विकास को प्राथमिकता दी है और 2047 तक ‘विकसित भारत' बनाने की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है। इससे पहले लोकसभा ने आज 2024-25 के लिए 47.66 लाख करोड़ रुपये के अंतरिम बजट को और अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद ध्वनिमत से मंजूरी दी थी। सदन ने संबंधित विनियोग विधेयक को भी पारित किया जिसमें सरकार को अगले वित्त वर्ष के पहले चार महीने के लिए खर्च करने का अधिकार दिया गया है। लोकसभा ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिए 1.8 लाख करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी।
- नयी दिल्ली,। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार पथकर के लिए ‘‘उपग्रह आधारित पथकर प्रणाली'' शुरू करने पर विचार कर रही है जिसके तहत टोल नाके हटा दिए जाएंगे और वाहन चालकों को केवल उतनी ही दूरी का पथकर देना होगा जितनी दूर वह चलेंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार पथकर के लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी ‘‘उपग्रह आधारित पथकर प्रणाली'' लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व आचार संहिता लागू होने से पहले देश में यह व्यवस्था लागू करने का प्रयास है। गडकरी ने कहा ‘‘इस व्यवस्था के तहत टोल नाके हटा दिए जाएंगे। लोगों को कहीं रुकने की जरूरत नहीं होगी। लोगों के वाहन की नंबर प्लेट की फोटो ली जाएगी और जहां से प्रवेश होगा तथा जहां से निकासी होगी, केवल इतनी ही दूरी का पथकर लिया जाएगा और यह राशि वाहन चालक के बैंक खाते से काट ली जाएगी।'' एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि टोल बूथ से हर दिन औसत संग्रह से 49 हजार करोड़ रुपये की आय होती है। उन्होंने कहा ‘‘फास्ट टैग व्यवस्था का 98.5 प्रतिशत लोगों ने उपयोग किया है तथा 8.13 करोड़ फास्ट टैग जारी किए गए हैं। इसके तहत हर दिन औसतन 170 से 200 करोड़ रुपये का पथकर आता है।'' गडकरी ने बीओटी परियोजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में बताया कि जब उन्होंने परिवहन मंत्री का पद संभाला था तब तीन लाख 85 हजार करोड़ रुपये के 406 परियोजनाएं बंद पड़ी थे तथा बैंकों में तीन लाख करोड़ रुपये का एनपीए (गैर निष्पादक आस्तियां) पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्ष में बैंकों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों की बैठक बुला कर समाधान निकाला गया। उन्होंने बताया ‘‘हमने 20 प्रतिशत परियोजनाएं रद्द कर दी। यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमने भारतीय बैंकों को तीन लाख करोड़ के एनपीए से बचाया।'' ‘बनाओ, चलाओ और सौंप दो' (बीओटी) परियोजना आमतौर पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी में उपयोग किया जाने वाला एक मॉडल है। गडकरी ने बताया कि बीओटी के लिए उन्होंने एक नयी व्यवस्था पर विचार किया है। उन्होंने बताया कि पुणे से औरंगाबाद तक एक्सप्रेस हाइवे बनाया जा रहा है जिसे बीओटी के माध्यम से तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए वर्तमान रास्ते में आने वाले चार पथकर बीओटी परिचालक को दे दिए जाएंगे। परिचालक इसके लिए अपने पास से धन राशि लगा कर काम करेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल बीओटी परियोजना के तहत कोई समस्या नहीं है।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अच्छी सड़कें मिलें, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 22 हजार करोड़ रुपये खर्च कर बुद्ध सर्किट बनाया गया और फोर लेन से जोड़ा गया। इसी तरह से 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या सर्किट भी बनाया गया जिसमें राम की वन यात्रा से लेकर नेपाल स्थित सीता की जन्मस्थली को भी जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि सिख धर्म में पांच तख्त हैं जिनमें से तीन पंजाब में, एक बिहार में और एक महाराष्ट्र के नांदेड़ में आता है। लगभग इन सभी पांच तख्तों को चार लेन से जोड़ा गया है। गडकरी के अनुसार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने बताया कि चार धाम का काम अभी आधा ही हुआ है लेकिन बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। ऐसे में 49 प्रतिशत व्यय रोजगार सृजन के लिए होता है। हेमकुंड साहिब तक संपर्क के बारे में गडकरी ने कहा कि वहां रोप वे बनाया जा रहा है और यह उपयोगी भी है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में सड़क बनाना बहुत मुश्किल है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने लोकसभा में बुधवार को बताया कि रेलवे किरायों को युक्तिसंगत बनाने का मामला विचाराधीन है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेलवे किरायों को युक्तिसंगत बनाये जाने का मामला विचाराधीन है। वैष्णव ने पश्चिम बंगाल में एक स्थान पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) से संबंधित पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण और संबंधित कानून-व्यवस्था को बनाये रखने का जिम्मा राज्य सरकार का है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर राज्य सरकारें सहयोग कर रही हैं, लेकिन कुछ राज्य सरकारें सहयोग नहीं कर रही हैं। उनका परोक्ष इशारा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर माना जा रहा है।
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नई दिल्ली। लोकसभा ने वित्त विधेयक 2024 ध्वनि मत से पारित कर दिया है। विधेयक में वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए आयकर की मौजूदा दरों को जारी रखने, कर-दाताओं को कुछ राहत प्रदान करने और कुछ अधिनियमों में संशोधन किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह विधेयक प्रस्तुत किया था। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि आयकर की वर्तमान दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
इससे पहले चर्चा आरंभ करते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले दस वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है, लेकिन ऋण तीन गुना बढ़ गया है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। श्री तिवारी ने बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया।भाजपा नेता सुभाष चंद्र बहेरिया ने ई-मार्केटिंग कार्यालयों के पंजीकरण में देरी का मुद्दा उठाया और सरकार से माल और सेवा कर प्रणाली में सुधार का आग्रह किया। बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर ने 2009-10 की अवधि में 25 हजार रुपये तक के बकाया प्रत्यक्ष कर माफ करने और वित्त वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक विवादित 10 हजार रुपये माफ करने की सरकार की पहल का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि लोगों के हित में यह पहल की गई है, जिससे एक करोड़ लोगों को लाभ होगा। चर्चा में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सीएन अन्नादुरई, भाजपा के राम कृपाल यादव, बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब, बसपा की संगीता आजाद, अन्नाद्रमुक के पी रवींद्रनाथ और जनता दल यूनाईटेड के कौशलेंद्र कुमार ने भाग लिया। -
नई दिल्ली। सरकार ने एयर कंडिशनर और एलईडी लाइट्स के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 64 आवेदकों के 6 हजार 7 सौ 67 करोड़ रुपये के निवेश को स्वीकृति दे दी है।वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वक्तव्य में बताया गया है कि जिन कंपनियों ने 2021-22 के लिए विकल्प चुना था, उन सबने कामकाज शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2023-24 के लिए पात्र कंपनियों के आवेदनों पर विचार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर परियोजना प्रबंधन एजेंसी विचार कर रही है।यह भी बताया गया है कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना में भुगतान में कोई देरी नहीं की गई है और इस वर्ष मार्च तक योजना के अंतर्गत भुगतान कर दिया जाएगा। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग व्हाईट गुड्स यानी घरेलू उपयोग के इलेक्ट्रिकल सामान के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना लागू कर रहा है। यह योजना उत्पादन आधारित प्रोत्साहन की 14 योजनाओं में से एक है। इस योजना से देश में व्हाईट गुड्स के उत्पादन में तेजी आई है और देश आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ा है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए उसने पेट्रोलियम और डीजल पर समय समय पर सीमा शुल्क घटाया है लेकिन अगर राज्य सरकारें करों में कटौती के कदम नहीं उठाती हैं तो निश्चित रूप से आम लोगों को मुश्किल होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: पांच और दस रुपये सीमा शुल्क नवंबर 2021 में घटाया और मई 2022 में क्रमश: आठ और छह रुपये का सीमा शुल्क घटाया। उन्होंने कहा कि इसी तरह रसोई गैस पर सरकार 14 किग्रा के सिलेंडर पर 300 रुपये की राज सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि महंगाई पर लगाम लगे और आम आदमी को राहत मिले। ‘‘लेकिन अगर राज्य सरकारें इस तरह से वह दाम नहीं घटातीं जो वह घटा सकती हैं, तो निश्चित रूप से आम लोगों के लिए मुश्किल होगी।''अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै ने उनसे पूछा था कि तमिलनाडु सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पेट्रोल डीजल पर सीमा शुल्क घटाने का वादा किया था लेकिन अब तक इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किया गया है। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और राज्य सरकारों को परामर्श भी दिया गया है। उन्होंने एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि देश में दालों का उत्पादन अधिक नहीं होता, इन्हें आयात किया जाता है अत: इनकी कीमत में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि तुअर दाल का मुख्यत: मोजांबिक, म्यांमा, तंजानिया, सूडान, मलावी, नाइजीरिया और केन्या से आयात किया जाता है। उन्होंने बताया कि 2023 में 8.79 लाख मीट्रिक टन तुअर दाल का तथा 15.14 लाख मीट्रिक टन मसूर दाल का आयात किया गया। उन्होंने बताया कि तीन फरवरी 2024 तक 3.96 लाख मीट्रिक टन प्याज बाजार में 25 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री के लिए भेजा गया। इसके निर्यात पर भी रोक लगाई गई ताकि देश में यह उत्पाद उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिले।सीतारमण ने कहा कि सरकार ‘‘भारत ब्रांड'' के तहत किफायती दरों में दाल उपलब्ध करा रही है। इस ब्रांड के तहत 2.97 लाख मीट्रिक टन चना 60 रुपये प्रति किलो की दर से 31 जनवरी 2024 तक बेचा जा चुका है। इस ब्रांड के तहत दालें किफायती दामों में ओएनडीसी, ब्लिंकिट, जियोमार्ट आदि पर उपलब्ध हैं।
- -प्रधानमंत्री ने पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा कीनई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के हरदा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया:“मध्य प्रदेश के हरदा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये दिए जायेंगे। घायलों को 50,000 रुपये दिये जायेंगे।”
- बेतुल (गोवा) ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश में विभिन्न ऊर्जा स्रोतों में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्य से अगले पांच से छह वर्ष में इस क्षेत्र में 67 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश होगा।प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत ऊर्जा सप्ताह के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है और देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि 2030 तक देश की अपनी रिफाइनिंग क्षमता 25.4 करोड़ टन वार्षिक से बढ़कर 45 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद है।अपनी सरकार के बुनियादी ढांचे पर जोर का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में बुनियादी ढांचे के लिए जो 11 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, उसका एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा क्षेत्र में जाएगा।उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, वायुमार्ग या आवास आदि के निर्माण में किया जाएगा जिसके लिए ऊर्जा की आवश्यकता होगी, जिससे भारत को अपनी ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के सुधारों की वजह से घरेलू गैस का उत्पादन बढ़ रहा है। देश विभिन्न ऊर्जा स्रोतों में गैस की हिस्सेदारी वर्तमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।’’प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में 7.5 प्रतिशत को पार कर गई।उन्होंने कहा कि वृद्धि की गति वैश्विक अनुमान से अधिक है जिससे भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने भविष्य में इसी तरह के वृद्धि रुझानों के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान का भी जिक्र किया।मोदी ने कहा, ‘‘दुनियाभर के आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।उन्होंने भारत की विकास गाथा में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के दायरे पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग वाली अर्थव्यवस्था और पुन: उपयोग की अवधारणा के भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा होने की बात को रेखांकित करते हुए कहा कि यही बात ऊर्जा क्षेत्र पर भी लागू होती है।उन्होंने कहा कि यह विचार ‘ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस’ का प्रतीक है जो दुनियाभर की सरकारों, संगठनों और उद्योगों को एक मंच पर लाता है।मोदी ने जैव ईंधन क्षेत्र में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की मात्रा पिछले 10 वर्षों में 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई है।उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार ने इसे 2025 तक 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।’’प्रधानमंत्री ने 2070 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को एक बार फिर दोहराया।उन्होंने कहा, ‘‘ आज भारत नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर है। भारत की स्थापित ऊर्जा क्षमता का करीब 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन से आता।’’सौर ऊर्जा में देश की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले दशक में भारत की सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 20 गुना बढ़ी है।’’उन्होंने कहा कि भारत में सौर ऊर्जा से जुड़ने का अभियान जोर पकड़ रहा है ।मोदी ने कहा कि देश में एक करोड़ मकानों में सौर ‘रूफटॉप पैनल’ स्थापित करने के उद्देश्य से एक प्रमुख मिशन की शुरुआत न केवल एक करोड़ परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि इससे उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को सीधे ‘ग्रिड’ में पहुंचाने के लिए तंत्र भी स्थापित करेगी।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत का हरित ऊर्जा क्षेत्र निवेशकों और उद्योगों दोनों को निश्चित विजेता बना सकता है।भारत ऊर्जा सप्ताह कार्यक्रम ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने ओएनजीसी सी सर्वाइवल सेंटर का भी उद्घाटन किया। इस केंद्र में हर साल 10,000 से 15,000 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी गतिविधियों में बच्चों के सीधे शामिल होने के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को सलाह दी है कि वे पोस्टर, प्रचार सामग्री, रैलियों और चुनावी बैठकों सहित किसी भी प्रकार के चुनाव अभियान में बच्चों को शामिल न करें।
आयोग ने इस प्रकार के किसी भी मामले में कतई बर्दाश्त न करने की नीति का स्पष्ट निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि राजनीतिक नेता और उम्मीदवारों को अपनी प्रचार गतिविधियों के लिए बच्चों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसमें बच्चों के हाथ में हथियार देकर, रैली में या वाहन में बच्चों को पकडकर प्रचार नहीं करना भी शामिल है।इसमें कहा गया है कि किसी भी नेता के साथ बच्चे के अपने माता-पिता की उपस्थिति में चुनाव प्रचार गतिविधि में शामिल होने को दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से बाल श्रम निषेध और विनियमन अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसमें कहा गया है कि अपने अधिकार क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा इन प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन पर गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। -
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी लोकसभा चुनाव के बाद तीसरी बार उनकी सरकार बनने का विश्वास जताते हुए सोमवार को कहा कि देश के मिजाज को देखकर लगता है कि आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 370 सीटें और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 400 से अधिक सीटें मिलेंगी।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया और कटाक्ष किया कि विपक्षी दल के सदस्यों के बयानों से उन्हें विश्वास हो गया है कि उसने अर्से तक विपक्ष में बैठने का संकल्प ले लिया है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार का तीसरा कार्यकाल भी बहुत दूर नहीं है। ज्यादा से ज्यादा सौ-सवा सौ दिन रह गए हैं। मैं आमतौर पर आंकड़ों के चक्कर में नहीं पड़ता। लेकिन मैं देश का मिजाज देख रहा हूं। वह राजग को 400 सीटें पार कराके रहेगा। देश भाजपा को 370 सीटें अवश्य देगा।'' इस दौरान प्रधानमंत्री ने जब बोला ‘अबकी बार' तो भाजपा के सदस्य ‘चार सौ पार' का नारा लगाते हुए सुने गए। मोदी ने अपने इस कथन को दोहराया कि ‘‘मैं देश को अगले हजार वर्ष तक समृद्धि और सिद्धि के शीर्ष पर देखना चाहता हूं। हमारा तीसरा कार्यकाल अगले एक हजार वर्षों के लिए मजबतू नींव रखने का काम करेगा। देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य पर मुझे अपार भरोसा है।
प्रधानमंत्री ने अपने करीब पौने दो घंटे के भाषण में कहा, मै विशेष रूप से विपक्ष के संकल्प की सराहना करता हूं, उन्होंने लंबे अर्से तक वहां (विपक्ष दीर्घा में) बैठने का संकल्प ले लिया है। आप कई तक दशक तक जैसे यहां (सत्ता पक्ष की ओर) बैठे थे, वैसे ही कई दशक तक आपके वहां बैठने के संकल्प को जनता जरूर आशीर्वाद देगी। उन्होंने कहा, आप जिस ऊंचाई पर हैं, उससे अधिक ऊंचाई पर पहुंचेंगे। अगले चुनाव के बाद आप दर्शक दीर्घा में दिखेंगे। मोदी ने किसी का नाम लिये बिना कहा, विपक्ष में कई युवा सांसद हैं जिनमें उत्साह और उमंग है लेकिन उनकी छवि से किसी और की छवि न दब जाये, इसलिए उन्हें बोलने नहीं दिया जाता।
प्रधानमंत्री का कहना था कि कांग्रेस विपक्षी दल के रूप में अपना दायित्व निभाने में विफल रही तथा दूसरे विपक्षी दलों को उभरने का मौका नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दस साल का समय मिला लेकिन उसने मजबूत विपक्ष बनने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, विपक्ष ने जो संकल्प लिया है, उसकी सराहना करता हूं, उनके भाषण से यह संकल्प पक्का हो गया है कि उन्हें लंबे समय तक वहीं रहना है।
मोदी ने कहा, आप (विपक्ष) में से बहुत लोग चुनाव लड़ने का हौसला खो चुके हैं, कुछ ने पिछली बार सीट बदली थी और इस बार भी बदलने के प्रयास में हैं।'' उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘(मल्लिकार्जुन) खरगे जी एक सदन से दूसरे सदन में चले गए, गुलाम नबी आजाद पार्टी से ही चले गए...एक ही प्रोडक्ट लॉन्च करने के प्रयास में ‘कांग्रेस की दुकान' को ताला लगने की नौबत आ गई है।'' प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि तीसरी बार उनकी सरकार बनेगी और उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उनका कहना था कि कांग्रेस इस तरह से ‘कैंसल कल्चर' में फंस गई है कि वह देश की सफलताओं को ही ‘कैंसल' (निरस्त) कर रही है। मोदी ने कहा कि आज विपक्ष की जो हालत है उसकी सबसे ज्यादा दोषी कांग्रेस है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाये गये धन्यवाद प्रस्ताव को सदन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बाद ध्वनिमत से स्वीकृति दे दी। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर एक परिवार के बाहर नहीं देखने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश ने जितना परिवारवाद का खामियाजा उठाया है, उसका खामियाजा कांग्रेस ने भी उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार के दस लोग भी अपनी योग्यता से राजनीति में आते हैं तो वह उसका स्वागत करते हैं। मोदी ने कहा, हमने कभी इसे परिवारवाद नहीं कहा। नई पीढ़ी के अच्छे लोग आएं स्वागत योग्य है। हम एक ही पार्टी को परिवार द्वारा चलाये जाने, परिवार के लोगों को प्राथमिकता देने, परिवार के लोगों द्वारा ही सारे निर्णय लिये जाने को परिवारवाद कहते हैं। इसमें परिवार ही पार्टियां चलाते हैं। अध्यक्ष परिवार से ही होगा। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, न राजनाथ जी का कोई राजनीतिक दल है, न अमित शाह की कोई पार्टी है।
प्रधानमंत्री का लगभग एक घंटा 40 मिनट का संबोधन समाप्त होने के बाद कई केंद्रीय मंत्रियों और सत्तापक्ष के सदस्यों ने देर तक मेजें थपथपाईं, तालियां बजाईं और ‘मोदी मोदी' के नारे लगाए। -
अयोध्या (उप्र) .सदियों से अयोध्या के लोग भगवान राम से अपनी भलाई के लिए प्रार्थना करते रहे हैं, लेकिन शहर में एक और ‘श्री राम' भी हैं जो 120 से अधिक वर्षों से गरीबों और बीमारों को राहत और सहायता प्रदान करते आ रहे हैं और उनके जख्मों का उपचार करते हैं। ऐतिहासिक विरासत को समेटे श्री राम अस्पताल का भवन शहर के केंद्र में राम पथ से जुड़े व नवनिर्मित भव्य राम मंदिर से एक किलोमीटर से भी कम की दूरी पर स्थित है। इमारत के मुख्य ब्लॉक में एक दीवार पर लगी पुरानी संगमरमर की पट्टिका पर एक शिलालेख है, जिस पर लिखा है - ‘‘माननीय राय श्री राम बहादुर द्वारा अयोध्या के गरीबों के लिए निर्मित यह अस्पताल पांच नवंबर 1900 को शुरू किया गया था तब इसकी आधारशिला फैजाबाद मंडल के आयुक्त आईसीएस श्री जे हूपर द्वारा रखी गई थी।'' शिलालेख में लिखा है कि इसे ‘‘12 अप्रैल 1902 को आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत के लेफ्टिनेंट गवर्नर एचएच सर जेम्स डिग्स लाटूश, केसीएसआई ने सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला था''। एक अन्य पट्टिका पर हिंदी और उर्दू में वही शिलालेख अंकित है।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी यश प्रकाश सिंह ने यहां बताया, ‘‘यह अस्पताल क्योंकि अयोध्या में और राम जन्मभूमि स्थल के निकट स्थित है इसलिए बहुत बड़ी संख्या में लोग सोचते हैं कि इसका नाम प्रभु श्री राम के नाम पर रखा गया है। इसके संस्थापक श्री राम एक परोपकारी व्यक्ति थे, जिन्होंने इस अस्पताल की स्थापना की थी। अस्पताल में अयोध्या और फैजाबाद के साथ-साथ गोंडा और बस्ती जिलों से भी मरीज आते हैं।'' उन्होंने कहा कि अस्पताल उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है और इलाज मुफ्त है। कई लोग ‘‘यह भी सोचते हैं कि यह एक निजी अस्पताल है''। अस्पताल को अब आधिकारिक तौर पर राजकीय श्री राम अस्पताल कहा जाता है। अपनी स्थापना के बाद से अस्पताल ने गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा की है और राम मंदिर के निर्माण के साथ बदली अयोध्या की रंगत के बाद यह भी नए जोश के साथ चिकित्सा सेवा के जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सेवा कर रहा है। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को हुआ और आम जनता के लिए इसके कपाट 23 जनवरी को खोल दिए गए। तब से अब तक लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। सिंह ने कहा, ‘‘उद्घाटन के पहले दिन एक भक्त जो बेहोश हो गया था। उसे एम्बुलेंस में हमारे अस्पताल में लाया गया और उसे चिकित्सा सहायता दी गई, अन्य श्रद्धालु जिन्हें सांस लेने में समस्या की शिकायत थी, या जो भीड़ में घायल हो गए थे, उनकी भी देखभाल की गई।'' अस्पताल राम मंदिर परिसर की ओर जाने वाले मुख्य सजावटी प्रवेश द्वार से पैदल दूरी पर स्थित है।
120 बिस्तरों वाले श्री राम अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, ‘‘पहले अस्पताल की पुरानी इमारत का रंग गुलाबी था। लेकिन राम पथ के किनारे की इमारतों के समान स्वरूप के अनुरूप इसका रंग हाल में बदलकर पीला कर दिया गया।'' -
शहडोल. मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक व्यक्ति ने तंबाकू नहीं देने पर अपने पांच वर्षीय भतीजे की कथित तौर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी और अपनी भाभी को घायल कर दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात ब्यौहारी पुलिस थाना क्षेत्र के बरकछ गांव में यह घटना हुई और आरोपी रमला कोल (30) को गिरफ्तार कर लिया गया है। ब्यौहारी थाना के प्रभारी मोहन पड़वार ने बताया कि आरोपी कोल ने अपने बड़े भाई की पत्नी सुक्खी बाई (35) से तंबाकू मांगा था, लेकिन बाई ने कहा कि घर में तंबाकू नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी रात करीब 11 बजे उनके घर में घुस गया और अपनी भाभी और भतीजे पर उस वक्त कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जब वे सो रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। अधिकारी ने बताया कि हमले में पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि महिला घायल है और उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दावा किया कि आजादी के बाद सत्ता में रहे लोग पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके और उन्होंने राजनीतिक वजहों से अपनी ही संस्कृति पर शर्मिंदा होने की प्रवृत्ति स्थापित की। गुवाहाटी में 11,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शरुआत करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कोई भी देश अपना इतिहास मिटाकर प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, पिछले 10 साल में स्थिति बदली है।''
मोदी ने कहा कि जिन परियोजनाओं की उन्होंने शुरुआत की उससे न केवल पूर्वोत्तर में बल्कि बाकी के दक्षिण एशिया में संपर्क सुविधा मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में असम में शांति लौटी है और 7,000 से अधिक लोगों ने हथियार छोड़े हैं और मुख्यधारा में लौटे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दशक में क्षेत्र में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए हैं। -
जयपुर. राजस्थान आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या में पिछले चार वर्षों में लगभग 12 गुना वृद्धि हुई है। कोविड-19 महामारी के कारण पर्यटन के क्षेत्र में आई सुस्ती के बाद से विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार 2020 में 1.51 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक राज्य में आये। 2023 में यह संख्या बढ़कर 17.90 करोड़ से अधिक हो गई। विभाग के अनुसार जनवरी 2020 से दिसंबर 2023 तक कुल 32.44 करोड़ घरेलू पर्यटकों ने राजस्थान का दौरा किया। दूसरी ओर इसी अवधि के दौरान 22.20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों ने इसकी ऐतिहासिक विरासत को देखने के लिए राजस्थान का दौरा किया। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक दिलीप सिंह राठौड़ ने कहा, ‘‘राजस्थान पर्यटकों के लिये एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा है। कोरोना वायरस महामारी के बाद बड़ी संख्या में घरेलू पर्यटक राज्य में आने लगे हैं। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है।'' नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का ध्यान राज्य को पर्यटन क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाना है। चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री पेट्र फियाला और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों की राज्य की हालिया यात्राओं ने राजस्थान को विदेशी पर्यटकों के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में अपनी छवि पेश करने में मदद की है। जयपुर के पूर्व शाही परिवार की सदस्य और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी इस उद्देश्य के लिए सक्रिय रूप से विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें कर रही हैं। कुमारी के पास पर्यटन विभाग का प्रभार है। दीया कुमारी ने बताया, ‘‘सरकार राजस्थान को एक प्रमुख पर्यटन स्थल में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग के अधिकारियों को 100 दिन का कार्य एजेंडा दिया गया है। एक व्यापक रणनीति तैयार करने और लागू करने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा कि उनकी योजना में राज्य में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ सहयोग करना शामिल है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा स्थापित करना, आतिथ्य सेवाओं में सुधार करना भी इस उद्देश्य के लिए आवश्यक है। राजस्थान विधानसभा में भाजपा विधायक कालीचरण सराफ के सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने हाल में पर्यटक संख्या का खुलासा किया। उनके जवाब के अनुसार 2023 में करीब 18 करोड़ घरेलू और 17 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए। 2020 में कुल 1.51 करोड़ घरेलू पर्यटक और 4.46 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए। 2021 में 2.19 करोड़ घरेलू और 34,806 विदेशी पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया जबकि 2022 में विभाग ने 10.83 करोड़ घरेलू और 39,684 विदेशी पर्यटकों की मेजबानी की। भाजपा विधायक ने जनवरी 2020 से दिसंबर 2023 तक राज्य में हुए घरेलू और विदेशी पर्यटकों के दौरों का वर्षवार ब्यौरा मांगा था। फ्रांस के राष्ट्रपति की जयपुर यात्रा के बाद से राज्य में होटल एसोसिएशन उत्साहित है क्योंकि उनका मानना है कि इस यात्रा से पर्यटन के क्षेत्र में अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। जयपुर के होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष एम हुसैन ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति की यात्रा के बाद पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर आएंगे क्योंकि महामारी से पहले फ्रांस से बड़ी संख्या में पर्यटक राजस्थान आते थे।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरे का सामना कर रही है और उन्होंने 'पर्यावरणीय न्याय' सुनिश्चित करने और सीमा पार की अन्य कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग का सुझाव दिया। यहां राष्ट्रमंडल के कानून अधिकारियों के एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल अपनी विविधता और विरासत के साथ बाकी दुनिया को सहयोग की भावना से साझा चिंताओं को दूर करने का रास्ता दिखा सकता है। मुर्मू ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की बात करती है।
कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सीएलईए) - कॉमनवेल्थ अटॉर्नी एंड सॉलिसिटर जनरल कॉन्फ्रेंस (सीएएसजीसी) 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, इसलिए, जब हम न्याय वितरण की बात करते हैं, तो हमें सामाजिक न्याय सहित इसके सभी पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में, जैसा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरे का सामना कर रही है, हमें न्याय की अवधारणा के इन विभिन्न पहलुओं में पर्यावरणीय न्याय को भी जोड़ना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘जैसा कि होता है, पर्यावरणीय न्याय के मुद्दे अक्सर सीमा पार की चुनौतियां पैदा करते हैं। वे इस सम्मेलन का प्रमुख क्षेत्र हैं, जिसका नाम है, न्याय वितरण में सीमा पार की चुनौतियां।'' उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार और वाणिज्य का वैश्वीकरण इस अंतर-संबंध का एक और उदाहरण है। इसके अलावा हाल के दशकों में प्रौद्योगिकी ने हमें एक-दूसरे के करीब ला दिया है।'' मुर्मू ने कहा कि सीमा पार की जटिल कानूनी चुनौतियों का समाधान तलाश करते समय अंतर-संबंध, अंतर-निर्भरता और तकनीकी क्रांति को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमेशा उस चीज से निर्देशित होना चाहिए जो हम सभी में समान है - मानवता और मानवतावादी मूल्य।'' राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि राष्ट्रमंडल कानूनी शिक्षा संघ (सीएलईए) ने एक साझा भविष्य के लिए एक रूपरेखा तैयार करने का दायित्व लिया है जो सीमाओं से परे है और समानता और गरिमा पर आधारित प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों को रेखांकित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रमंडल अपनी विविधता और विरासत के साथ, बाकी दुनिया को सहयोग की भावना से साझा चिंताओं को दूर करने का रास्ता दिखा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत वैश्विक विमर्श में एक प्रमुख हितधारक के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि जब न्याय वितरण में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की बात आती है तो भारत के पास देने के लिए बहुत कुछ है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत न केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि इतिहास बताता है कि यह सबसे पुराना लोकतंत्र भी है। उन्होंने कहा कि उस समृद्ध और लंबी लोकतांत्रिक विरासत के साथ, हम आधुनिक समय में न्याय वितरण में अपनी सीख से योगदान कर सकते हैं। मुर्मू ने कहा कि न्याय के लिए निकटतम संस्कृत शब्द ‘न्याय' है, जिसका अर्थ है कि क्या उचित है और क्या सही है। उन्होंने कहा कि ‘न्याय' शास्त्रीय भारतीय दर्शन की छह प्रणालियों में से एक का नाम है, जो मूल रूप से पश्चिम में तर्कशास्त्र के अध्ययन के समान है।
राष्ट्रपति ने कहा, तो जो सही और उचित है वह तार्किक रूप से भी सही है। ये तीन गुण मिलकर किसी समाज की नैतिक व्यवस्था को परिभाषित करते हैं। यही कारण है कि आप, कानूनी पेशे और न्यायपालिका के प्रतिनिधि, वे हैं जो व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करते हैं।'' उन्होंने कहा कि अगर उस व्यवस्था को चुनौती दी जाती है, तो ‘आप ही हैं' जो वकील या न्यायाधीश, कानून के छात्र या शिक्षक के रूप में इसे फिर से सही करने के लिए सबसे अधिक प्रयास करते हैं। मुर्मू ने कहा कि आधुनिक समय में, असाधारण नेताओं की दो या तीन पीढ़ियों ने एक नई राष्ट्रीय जागरूकता को पुनर्जीवित करने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘जो बहुत ध्यान देने योग्य बात थी वह यह है कि उनमें से अधिकांश ने कानून का अध्ययन किया था - और वह भी इंग्लैंड में। मुझे यकीन है कि राष्ट्रमंडल के कई अन्य सदस्यों के पास उन दिनों इस पृष्ठभूमि के नेता थे। यह विरासत ही हमें परिवार के रूप में एक साथ बांधती है। -
देहरादून. उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने रविवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को अपनी मंजूरी दे दी जिससे उसे सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में रखे जाने का रास्ता साफ हो गया । यहां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यूसीसी के मसौदे का प्रस्तुतिकरण किया गया जिसे देखने के बाद उसे विधानसभा के पटल पर विधेयक के रूप में रखे जाने को मंजूरी दे दी गयी। चार खंडों में 740 पृष्ठों के इस मसौदे को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सौंपा था। यूसीसी को पारित कराने के लिए सोमवार से विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। सूत्रों ने बताया कि छह फरवरी को विधानसभा में यूसीसी पर विधेयक पेश किया जाएगा । यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करना 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में से एक था। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचने के बाद भाजपा ने मार्च 2022 में सरकार गठन के तत्काल बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी थी । कानून बनने के बाद उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। गोवा में पुर्तगाली शासन के दिनों से ही यूसीसी लागू है। यूसीसी के तहत प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एकसमान विवाह, तलाक, जमीन, संपत्ति और उत्तराधिकार के कानून लागू होंगे चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों ।
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मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि विपश्यना प्राचीन भारत का एक अनुपम उपहार होने के साथ ही एक आधुनिक विज्ञान भी है, जिसके जरिये युवा और बुजुर्ग लोगों को जीवन के तनाव और परेशानी से निपटने में मदद मिल सकती है। विपश्यना गुरु एस एन गोयनका के जन्म शताब्दी समारोह पर अपने डिजिटल संबोधन में मोदी ने कहा कि ध्यान और विपश्यना को कभी त्याग के माध्यम के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यह व्यावहारिक जीवन में व्यक्तित्व विकास का माध्यम बन गया है। मोदी ने कहा, ‘‘वर्तमान समय में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में तनाव और परेशानी आम है और विपश्यना की शिक्षाएं उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने में मदद कर सकती हैं।'' उन्होंने कहा कि एस एन गोयनका ‘एक जीवन एक मिशन' के आदर्श उदाहरण थे।
मोदी ने कहा कि उनकी शिक्षाएं और समाज कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता एक प्रेरणा स्रोत है, क्योंकि देश विकसित भारत के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘भगवान बुद्ध से प्रेरित होकर, गुरुजी कहते थे कि जब लोग एक साथ ध्यान करते हैं, तो परिणाम बहुत प्रभावी होता है। एकता की ऐसी शक्ति विकसित भारत का महान स्तंभ है।'' गोयनका के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिवंगत विपश्यना शिक्षक शांत और निर्मल गुणों से युक्त थे। मोदी ने कहा, उनका एकमात्र मिशन विपश्यना और अर्जित ज्ञान का सभी तक प्रसार करना था। उनका योगदान मानव जाति के प्रति था। उन्होंने कहा कि विपश्यना प्राचीन भारत का एक अनुपम उपहार और विरासत है, लेकिन इसे भुला दिया गया था।
उन्होंने कहा कि विपश्यना आत्म-अवलोकन से आत्म-परिवर्तन तक की यात्रा है और आज सामने आने वाली सभी चुनौतियों का समाधान है। मोदी ने कहा कि योग को दुनिया भर में स्वीकार किया गया है और ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' अब दुनिया भर में जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सोचते थे कि ध्यान और विपश्यना वैराग्य का माध्यम है और इसे व्यावहारिक जीवन में नहीं लाया जाना चाहिए, लेकिन अब यह व्यक्तित्व विकास का माध्यम है।'' मोदी ने कहा कि विपश्यना प्राचीन भारत की विरासत होने के अलावा एक आधुनिक विज्ञान भी है, जिसे आने वाली पीढ़ियों को प्रदान करने की जरूरत है। गोयनका को प्राचीन विपश्यना ध्यान तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए जाना जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक अशुद्धियों का उन्मूलन और पूर्ण मुक्ति की परिणामी उच्चतम खुशी है। मोदी ने कहा कि विपश्यना आज के चुनौतीपूर्ण समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है जब युवा कार्य-जीवन संतुलन, जीवनशैली और अन्य चीजों से जुड़ी समस्याओं के कारण तनाव का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को विपश्यना को और अधिक स्वीकार्य बनाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाने की जरूरत है।'' विपश्यना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब इसे हजारों साल पहले पेश किया गया था, तो इसकी बहुत प्रासंगिकता थी। उन्होंने कहा, ‘‘विपश्यना आज के जीवन में और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है, क्योंकि इसमें दुनिया की मौजूदा चुनौतियों को हल करने की शक्ति है।'' उन्होंने कहा कि गोयनका के प्रयासों के कारण 80 से अधिक देशों ने ध्यान के महत्व को समझा और इसे अपनाया। उन्होंने कहा कि विपश्यना, ध्यान और धारणा को अक्सर केवल त्याग का विषय माना जाता है, लेकिन लोग इसकी भूमिका भूल गए। विपश्यना के लाभों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने जोर दिया कि यह न केवल युवाओं के लिए बल्कि सूक्ष्म और एकल परिवारों के सदस्यों के लिए भी एक समाधान है जहां बुजुर्ग माता-पिता तनाव में रहते हैं। उन्होंने सभी से बुजुर्गों को ऐसी पहल से जोड़ने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने अपने अभियानों के माध्यम से सभी के जीवन को शांतिपूर्ण, खुशहाल और सामंजस्यपूर्ण बनाने के लिए आचार्य गोयनका के प्रयासों की सराहना की। मोदी ने कहा, ‘‘वह यह भी चाहते थे कि आने वाली पीढ़ियां इन अभियानों का लाभ उठाएं और इस तरह उन्होंने अपने ज्ञान का विस्तार किया। वह यहीं नहीं रुके, बल्कि कुशल शिक्षक भी तैयार किए।'' मोदी ने कहा कि विपश्यना आत्मा की ओर एक यात्रा है और अपने भीतर गहराई से गोता लगाने का एक तरीका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ एक शैली नहीं, बल्कि एक विज्ञान है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम इस विज्ञान के परिणामों से परिचित हैं। अब हमें आधुनिक विज्ञान के मानकों के अनुसार इसके साक्ष्य दुनिया के सामने पेश करने की जरूरत है। इस दिशा में दुनियाभर में पहले ही बहुत कुछ किया जा चुका है, लेकिन भारत को विश्व के अधिक कल्याण के लिए नए शोध का उपयोग करके इसे और अधिक स्वीकार्य बनाने के लिए आगे आने की जरूरत है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि इसरो के "गगनयान" मिशन से पहले महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री "व्योममित्र" अंतरिक्ष में उड़ान भरेगी। गगनयान भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने वाली भारत की पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान होगी। रविवार को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए, श्री सिंह ने कहा कि मानवरहित "व्योममित्र" मिशन इस साल की तीसरी तिमाही के लिए निर्धारित है। उन्होंने कहा कि मानवयुक्त मिशन "गगनयान" 2025 में प्रक्षेपित किया जाएगा। डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि "व्योममित्र" मॉड्यूल की निगरानी करना, अलर्ट जारी करना और लाइफ सपोर्ट ऑपरेशन निष्पादन करने की तकनीकि लैस है। उन्होंने बताया कि "व्योममित्र" अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष वातावरण में मानव कार्यों का अनुकरण करने और जीवन रक्षा प्रणाली को समझने के लिए तैयार किया गया। गगनयान परियोजना का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों के एक दल को 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजना और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विस्तार से पूर्वोत्तर में रोजगार, पर्यटन और खेलों को बढावा मिलेगा।प्रधानमंत्री ने रविवार को गुवाहटी मे जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दस वर्ष के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए हैं। उन्होंने कहा कि एक बार जब कामाख्या परियोजना पूरी हो जाएगी, तो राज्य में पर्यटकों का आना बढ़ जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों के लिए चार करोड से अधिक मकान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा से देश भर में 20 करोड़ से अधिक लोग जुडे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने 11 हजार करोड रूपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने कामाख्या मंदिर गलियारा, चंद्रपुर में नये खेल परिसर, गुवाहटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में नये भवन तथा करीमगंज जिले में रातबारी में नए मेडिकल कॉलेज के भवन का शिलान्यास किया। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न्यायिक प्रणाली को सुलभ, किफायती और उत्तरदायित्वपूर्ण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।श्री शाह ने रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल अधिवक्ता और महाअधिवक्ता सम्मेलन 2024 को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और न्यायपालिका को भी परिवर्तित होना होगा। उन्होंने कहा कि सीमा पार चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी का प्रयोग अपनाना होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने तीनों आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में विस्तार से प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया है।श्री शाह ने कहा कि इन तीनों कानूनों के प्रभावी होने से देश की आपराधिक न्यायिक प्रणाली विश्व में सबसे आधुनिक हो जाएगी।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत विश्व मंच पर महत्वपूर्ण पक्ष के रूप में उभर रहा है और न्याय के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर यह महत्वपूर्ण योगदान करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि अपनी विविधता और विरासत के साथ राष्ट्रमंडल शेष विश्व को सहकारिता की भावना के साथ सामान्य सरोकारों से निपटने का रास्ता दिखा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि जो उचित और न्यायपूर्ण है, उसे तर्कसंगत भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये गुण समाज की नैतिक व्यवस्था को परिभाषित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई न्याय की बात करता है, तो यह ध्यान रखना चाहिए कि सभी पक्षों में सामाजिक न्याय भी शामिल है। - नई दिल्ली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स इस वर्ष 31 मार्च तक सभी ब्लॉक और केन्द्रों में आयुष्मान सुविधा केन्द्र स्थापित करेगा। एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने बताया कि इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देख-रेख योजना के अन्तर्गत आयुष्मान सुविधा केन्द्र इन सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र सुलभ बिन्दुओं पर स्थापित किये जायेंगे। ये केन्द्र मरीजों और उनके सहयोगियों को लाभ प्रदान करने के मुख्य केन्द्र के रूप में काम करेंगे। डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि ये केन्द्र सातों-दिन चौबीसों घण्टे लाभार्थियों के सम्पर्क के एकल सेवा विन्दु के रूप में काम करेंगे। शनिवार को के मामले में
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नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि यातायात कम करने में रोपवे अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शहरों, राजमार्गों और दूरदराज के इलाकों में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए विभिन्न विकल्पों की खोज कर रही है। शनिवार को मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोपवे विकसित किए जाएंगे। उन्होंने काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' शीघ्र तैयार करने का सुझाव भी दिया।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राजमार्ग इंजीनियर अकादमी और महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग ने मुंबई, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, छत्रपति संभाजी नगर और नासिक सहित महाराष्ट्र के छह शहरों में ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल के विकास के लिए इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड और महाराष्ट्र लोक निर्माण विभाग ने राज्य में रोपवे विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। - शिमला। मौसम विभाग ने पूरे हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए भारी बर्फबारी होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बर्फबारी और राज्य की मध्य तथा ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी होने का अनुमान जताया है। इसने निचले इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी जबकि छह फरवरी तक राज्य में बारिश की भविष्यवाणी की राज्य में 31 जनवरी और एक फरवरी को कई हिस्सों में मध्यम से भारी बर्फबारी हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि बर्फबारी के कारण राज्य में चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 485 सड़कें वर्तमान में वाहन यातायात के लिए बंद हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार को कुछ देर के लिए बर्फबारी हुई, जिससे निवासियों और पर्यटकों को खुशी हुई। शहर और इसके आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शिमला में सबसे अधिक 161 सड़कें, लाहौल और स्पीति में 153, कुल्लू में 71 और चंबा जिले में 58 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों से जल्द से जल्द बर्फ हटाने के लिए सफाई का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा 485 ट्रांसफार्मर और 68 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में शीत लहर की स्थिति बनी रही, यहां तक कि न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री की वृद्धि हुई, लेकिन यह सामान्य से नीचे रहा। मौसम शुष्क रहा और पिछले 24 घंटों में राज्य के किसी भी हिस्से से बर्फबारी या बारिश की कोई खबर नहीं है। मौसम विभाग ने कहा कि अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। कुकुमसेरी में तापामान शून्य से 8.1 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जो रात में सबसे ठंडा रहा, जबकि नारकंडा, कल्पा, डलहौजी और मनाली में तापमान क्रमशः शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस, शून्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस, शून्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस और शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहे। शिमला में रात का न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- ठाणे । महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भूमि विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक द्वारा गोली चलाने के बाद शिवसेना के एक नेता को कई गोलियां लगीं और उनकी हालत नाजुक है। इसके बाद विपक्ष ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग की। उपमुख्यमंत्री एवं राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि उन्होंने यह पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं कि विधायक ने किस कारण से और किन परिस्थितियों में गोली चलायी।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय शिंदे ने मीडिया को बताया कि कल्याण से भाजपा के विधायक गणपत गायकवाड़ ने शुक्रवार रात उल्हासनगर इलाके में हिल लाइन पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक के कक्ष के अंदर शिवसेना की कल्याण इकाई के प्रमुख महेश गायकवाड पर गोलियां चलाईं। गणपत गायकवाड ने अपनी गिरफ्तारी से पहले समाचार चैनल ‘जी 24 तास' से फोन पर कहा कि उनके बेटे को पुलिस थाने में पीटा जा रहा था इसलिए उन्होंने गोली चलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र में ‘‘अपराधियों का साम्राज्य'' स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उल्हासनगर कल्याण संसदीय क्षेत्र में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे करते हैं। भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हैं। महेश गायकवाड को पहले एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें ठाणे शहर के एक निजी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया। अस्पताल ने कहा कि महेश गायकवाड की आपातकालीन जीवन रक्षक सर्जरी की गई और वह वेंटिलेटर पर हैं। अस्पताल ने बताया कि महेश गायकवाड की हालत "वर्तमान में नाजुक" है। चिकित्सकों का एक दल उनकी निगरानी कर रहा है।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय शिंदे के मुताबिक, गणपत गायकवाड का बेटा जमीन संबंधी विवाद के सिलसिले में शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने आया था, तभी महेश गायकवाड अपने लोगों के साथ वहां पहुंचे। बाद में गणपत गायकवाड भी थाने पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि विधायक और शिवसेना नेता के बीच झगड़े के दौरान गणपत गायकवाड ने वरिष्ठ निरीक्षक के कक्ष के अंदर महेश गायकवाड पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं, जिससे वह और उनका सहयोगी राहुल पाटिल घायल हो गए। गणपत गायकवाड ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘हां, मैंने खुद (उन्हें) गोली मारी। मुझे कोई पछतावा नहीं है। यदि मेरे बेटे को पुलिस थाने के अंदर पुलिस के सामने पीटा जा रहा है, तो मैं क्या करूंगा।'' भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ‘‘महाराष्ट्र में अपराधियों का साम्राज्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।'' पुलिस ने गणपत गायकवाड के अलावा दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 120बी सहित अन्य धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने अपने कदम को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया ।



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