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नयी दिल्ली. प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के तहत तथ्यों की जांच करने वाली इकाई केंद्र सरकार के लिए अधिकृत तथ्य जांच इकाई होगी। यह इकाई सरकार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करेगी, जिससे गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। तथ्यों की जांच करने वाली इकाई को 2021 के आईटी नियमों के तहत अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘केंद्र सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो के तहत तथ्य जांच इकाई को केंद्र सरकार की तथ्य जांच इकाई के रूप में अधिसूचित करती है।'' तथ्य जांच इकाई केंद्र सरकार से संबंधित सभी फर्जी खबरों या गलत सूचनाओं से निपटने या सचेत करने के लिए नोडल एजेंसी होगी। यह अधिसूचना बंबई उच्च न्यायालय द्वारा केंद्र को इकाई को अधिसूचित करने से रोकने से इनकार करने के कुछ दिन बाद आई है। याचिका स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है और इस मामले पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हो सकती है। पिछले साल अप्रैल में मेइटी ने 2023 नियम लागू किए, जिन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में और संशोधन किया। नए नियमों के तहत, यदि तथ्य जांच इकाई को ऐसे किसी पोस्ट के बारे में पता चलता है या सूचित किया जाता है जो ‘फर्जी', ‘गलत' है या जिसमें सरकार के काम से संबंधित भ्रामक तथ्य शामिल हैं, तो यह इसकी जानकारी सोशल मीडिया माध्यमों को देगी। यदि ऑनलाइन माध्यमों को अपने ‘सेफ हार्बर' (तीसरे पक्ष की सामग्री के खिलाफ कानूनी प्रतिरक्षा) को बरकरार रखना है तो उन्हें ऐसी सामग्री को हटाना होगा। पीआईबी के तहत तथ्य जांच इकाई की स्थापना नवंबर, 2019 में फर्जी समाचार और गलत सूचना के प्रसारकों के लिए निवारक के रूप में कार्य करने के घोषित उद्देश्य के साथ की गई थी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 1.25 लाख से अधिक स्टार्टअप और 110 यूनिकॉर्न के साथ भारत दुनिया की तीसरी बड़ी स्टार्टअप पारिस्थितिकी के रूप में उभरा है और सही निर्णयों के साथ एक विकसित राष्ट्र बनने का रोडमैप तैयार कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां 'स्टार्टअप महाकुंभ' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की स्टार्टअप पारिस्थितिकी अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं है, यह अब एक सामाजिक संस्कृति बन चुकी है। इस मौके पर मोदी ने वादा किया कि वह अपने तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप भारत की प्रगति में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, "स्टार्टअप इंडिया पहल ने नवीन विचारों को मंच दिया और उद्यमियों और उद्यमों को वित्त पोषण से जोड़ा।" मोदी ने लोगों की बदलती मानसिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत के युवाओं ने नौकरी की तलाश करने के बजाय नौकरी देने वाला बनने का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि 45 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप की कमान महिलाओं के पास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण कर दिया है, लिहाजा इस क्षेत्र में साधन-संपन्न और वंचित का सिद्धांत काम नहीं कर सकता है। मोदी ने कहा कि अंतरिम बजट में अनुसंधान और नवाचार के लिए घोषित एक लाख करोड़ रुपये के कोष से उदीयमान क्षेत्रों को मदद मिलेगी।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। राष्ट्रपति भवन ने कहा कि पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पारस ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत में अपनी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) को शामिल नहीं करके उसके साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया था। इससे पहले सोमवार को भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने पारस के प्रतिद्वंद्वी, उनके भतीजे चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को पांच सीट देने की घोषणा की थी। राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, ‘‘राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर पशुपति कुमार पारस का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।'' इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर किरेन रीजीजू को उनके मौजूदा विभाग के अतिरिक्त खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का कामकाज भी देखने का निर्देश दिया है।
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शिमला. कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की प्रमुख एवं मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, क्योंकि जमीनी स्थिति ‘‘ठीक नहीं'' है और पार्टी कार्यकर्ता निराश हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की मां प्रतिभा सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने अपना नाम वापस ले लिया है और (पार्टी) आलाकमान को बता दिया है कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगी और उस उम्मीदवार का पूरा समर्थन करूंगी जिसे पार्टी के केंद्रीय नेता उपयुक्त समझेंगे।'' राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के सामने पिछले महीने तब संकट खड़ा हो गया था जब विधानसभा चुनाव में जीत के लगभग 14 महीने बाद इसके छह विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में राज्य से एकमात्र सीट के लिए हुए मतदान में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में वोट डाला था। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी राज्यसभा चुनाव के एक दिन बाद यह दावा करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा की थी कि उन्हें अपमानित करने की कोशिश की गई है। इसके बाद केंद्रीय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मना लिया था। प्रतिभा सिंह ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘मैंने राज्य के हर क्षेत्र का व्यापक दौरा किया है और पाया है कि कोई भी कार्यकर्ता सक्रिय नहीं है और ऐसी स्थिति में सफलता मिलना मुश्किल है...आप सिर्फ सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) योजना निधि बांटकर चुनाव नहीं जीत सकते।'' उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ पहले लगाए गए आरोप को दोहराते हुए कहा कि यदि विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां और महत्व दिया जाता, तो वे जमीनी स्तर पर सक्रिय होते और ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। प्रतिभा सिंह ने कहा, ‘‘कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं और मैंने मीडिया के माध्यम से भी सरकार से बार-बार कहा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं को उचित महत्व देना आवश्यक है।'' उन्होंने कहा कि पार्टी तभी चुनाव लड़ने की स्थिति में होगी जब कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा। कांग्रेस ने लगभग 14 महीने पहले राज्य में विधानसभा चुनाव जीता था।
कांग्रेस के छह विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने के बाद रिक्त हुई इन सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि सरकार के अस्तित्व के लिए उपचुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं और यदि वह मंडी संसदीय क्षेत्र तक ही सीमित रहेंगी तो वह राज्य इकाई अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर पाएंगी और पार्टी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रचार नहीं कर पाएंगी। कांग्रेस के छह विधायकों - राजिंदर राणा (सुजानपुर), इंदर दत्त लखनपाल (बड़सर), चैतन्य शर्मा (गगरेट), और देविंदर कुमार भुट्टो (कुटलैहड़), सुधीर शर्मा (धर्मशाला) और रवि ठाकुर (लाहौल और स्पीति) को कटौती प्रस्तावों और बजट के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए पार्टी व्हिप की अवहेलना करने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। प्रतिभा सिंह ने कहा, ‘‘हमें कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम करना होगा। हम कार्यकर्ताओं की शिकायतों को दूर करने और उन्हें पार्टी के हित में काम करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और एक बार फिर से वहां का राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेता भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा और विस्तारित करने के लिए मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए। रूस के कद्दावर नेता पुतिन ने पिछले दिनों संपन्न हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की और इस पद के लिए पांचवां कार्यकाल हासिल किया। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ बात की और रूसी संघ के राष्ट्रपति के रूप में उनके फिर से चुने जाने पर उन्हें बधाई दी। हम आने वाले वर्षों में भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा और विस्तारित करने के लिए मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए।'' पुतिन दिसंबर 1999 से राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के तौर पर रूस का नेतृत्व कर रहे हैं.
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नई दिल्ली। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव को मस्तिष्क में रक्तस्राव (brain bleed) के कारण दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी सर्जरी की गई, जो सफल रही। ईशा फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि सद्गुरु ठीक हो रहे हैं और उनकी स्थिति उम्मीदों से बेहतर है।
सद्गुरु ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में सर्जरी के बाद अपने अस्पताल के बिस्तर से मजाक करते हुए कहा, “अपोलो अस्पताल के न्यूरोसर्जनों ने मेरी खोपड़ी को काटा और कुछ खोजने की कोशिश की। लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला… पूरी तरह से खाली।” उन्होंने कहा, “…उन्होंने हार मान ली और इसे ठीक कर दिया। यहां मैं दिल्ली में हूं, खोपड़ी पर पैच लगा हुआ है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है।”बयान के अनुसार, सद्गुरु पिछले चार हफ्तों से गंभीर सिरदर्द से परेशान थे। दर्द बहुत तीव्र था, लेकिन उन्होंने अपना कार्यक्रम और गतिविधियां रद्द नहीं कीं। 8 मार्च 2024 को उन्होंने रात भर चलने वाले महाशिवरात्रि समारोह का भी आयोजन किया। 14 मार्च की दोपहर तक जब सद्गुरु दिल्ली पहुंचे, तो उनका सिरदर्द बहुत गंभीर हो गया था। इशा फाउंडेशन ने कहा, “इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉ विनीत सूरी की सलाह पर, सद्गुरु ने तुरंत MRI करवाया। MRI में उनके मस्तिष्क में बड़े पैमाने पर रक्तस्राव (खून बहने) का पता चला।”जांच में लगातार और फ्रेश रक्तस्राव बताया गया। डॉक्टरों ने सद्गुरु को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने अपनी पेंडिंग वर्क कमिटमेंट को पूरा करने के लिए मना कर दिया। 17 मार्च को सद्गुरु की सेहत बिगड़ गई। उन्होंने सिरदर्द, बाएं पैर में कमजोरी और लगातार उल्टी की शिकायत की।रिपोर्ट में आगे बताया गया, आखिरकार वह भर्ती हुए। सीटी स्कैन से पता चला कि उनके मस्तिष्क में सूजन बढ़ गई थी और एक तरफ गंभीर बदलाव था। मस्तिष्क में रक्तस्राव से राहत के लिए कुछ ही घंटों के अंदर उनकी इमरजेंसी मस्तिष्क सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया। -
नयी दिल्ली. प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया के वरिष्ठ फोटो पत्रकार गुरिंदर ओसान को तोक्यो ओलंपिक की कवरेज के लिए मंगलवार को रामनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के छाया संपादक (फोटो एडिटर) ओसान ने उस समय तोक्यो ओलंपिक को कवर किया था जब दुनिया कोविड-19 महामारी से जूझ रही थी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को 2021 और 2022 के लिए रामनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार हर साल 13 श्रेणियों में दिए जाते हैं, जिनमें हिंदी, क्षेत्रीय भाषाएं, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी रिपोर्टिंग, व्यवसाय और आर्थिक पत्रकारिता, खेल पत्रकारिता, क्षेत्रीय भाषाएं, फीचर लेखन, राजनीति और सरकार पर रिपोर्टिंग आदि शामिल हैं। हिंदी पत्रकारिता श्रेणी में बीबीसी न्यूज़ हिंदी की कीर्ति दुबे और जुगल पुरोहित, इंडिया टुडे के आनंद चौधरी, द न्यूज़ लॉन्ड्री के हृदयेश जोशी को पुरस्कार प्रदान किया गया। क्षेत्रीय भाषाओं की श्रेणी में मातृभूमि की शबिता एमके, मीडिया वन टीवी की सोफिया बिंद, कन्नड़ प्रभा के आनंद मधुसूदन और बीबीसी न्यूज़ गुजराती के तेजस वैद्य को पुरस्कार प्रदान किया गया। पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी श्रेणी में, हिंदुस्तान टाइम्स की जयश्री नंदी, ईस्ट मोजो की प्रिंसेस गिरी रशीर, द न्यूज लॉन्ड्री और टीम डाउन टू अर्थ के बसंत कुमार और आयुष तिवारी को यह सम्मान मिला। इसके अलावा अन्य श्रेणियों में अन्य पत्रकारों को भी यह सम्मान प्रदान किया गया।
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सतना. मध्य प्रदेश के मैहर जिले में बाबा तालाब के पास सोमवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में मोटरवाइकिल पर सवार तीन युवकों की मौत हो गई। उन्हें एक तेज रफ्तार ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है लेकिन ड्राइवर फरार हो गया है। मैहर के नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक ने बताया कि मैहर थाने के बाबा तालाब के पास सोमवार को देर रात तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर लगने से मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों की जान चली गई। उन्होंने बताया कि तीनों युवक पन्ना जिले के देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। मृतकों में कृष्ण कुमार कुशवाहा (25) निवासी बेलहा, रोहित कुशवाहा कुशवाहा (24) और अमित कुशवाहा (23) दोनों निवासी कोडनपुरवा थाना देवेंद्र नगर जिला पन्ना शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि रोहित और अमित चचेरे भाई थे जबकि कृष्णकुमार रिश्ते में उनका जीजा था।
उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान ट्रक का टायर भी पंचर हो गया था। उसके बावजूद चालक ने ट्रक लेकर भागने की कोशिश की लेकिन वह ज्यादा दूरी तक नहीं जा सका। लिहाजा रास्ते मे ही वाहन छोड़ कर चालक भाग निकला। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है और ट्रक चालक की तलाश कर रही है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले वी.के. पांडियन ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बीजू जनता दल (बीजद) को एक-दूसरे की जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ चीजें राजनीति से परे होती हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ‘‘बड़े मकसद'' के लिए एक साथ आना चाहते हैं। मंगलवार को नयी दिल्ली में एक मीडिया सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पटनायक और मोदी के बीच बेहद अच्छी मित्रता है। पांडियन ने कहा, ‘‘ कोई गठबंधन में शामिल होना चाहता है क्योंकि वे राजनीतिक नक्शे पर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। यहां एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो राज्य में काफी लोकप्रिय हैं और उन्हें हर बार तीन-चौथाई बहुमत मिलता है। हाल ही पार्टी चिह्नों पर लड़े गए पंचायत चुनावों में उन्हें 90 प्रतिशत सीट मिलीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ पांच फीसदी सीट के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर रही। इसलिए, नवीन पटनायक को लोगों की सेवा के लिए सत्ता में वापसी के खातिर गठबंधन की जरूरत नहीं है। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में भी यही बात कहूंगा।'' बीजद नेता ने कहा, ‘‘ कुछ चीजें राजनीति से परे भी होती हैं। मैं इसे बात इस तरह रखता हूं कि यह महान शासन कला का प्रतीक है। दो महान नेता बड़े मकसद के लिए एक साथ आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री भी ऐसा ही सोचते हैं। बीजद या भाजपा के लिए इसका कोई चुनावी मूल्य नहीं है।'' राज्य की 21 लोकसभा सीट और 147 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव से पहले राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और मुख्य विपक्ष के बीच गठबंधन को लेकर कई हफ्तों से अटकलें लगाई जा रही हैं और इसी बीच पांडियन का यह बयान आया है। भाजपा और बीजद 1998 से 2009 तक गठबंधन में रहे। पिछले दशक से अधिक समय में भाजपा ने राज्य में कांग्रेस को पूरी तरह खत्म कर दिया और मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है।
- नयी दिल्ली. मतदान के दिन की गतिविधियों को ‘कवर' करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत मीडियाकर्मी तथा मेट्रो, रेलवे और स्वास्थ्य देखभाल जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मी लोकसभा और चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में डाक मतपत्रों का उपयोग करके मतदान कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग (ईसी) ने डाक मतपत्रों के माध्यम से मतदान के लिए पहचान किये जाने वाले "आवश्यक सेवा में लगे मतदाताओं" की श्रेणियों के संबंध में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ अपनी अधिसूचना साझा की है। मतदान के दिन ‘कवरेज' में लगे पत्रकार और आवश्यक सेवाओं में शामिल लोग विधानसभा चुनावों के दौरान डाक मतपत्रों का उपयोग कर रहे हैं, यह सुविधा लोकसभा चुनावों के लिए विस्तारित कर दी गई है। डाक मतपत्रों के उपयोग के लिए पहचानी गई विभिन्न श्रेणियों में वे "मीडियाकर्मी शामिल हैं जिन्हें मतदान के दिन की गतिविधियों को ‘कवर' करने के लिए आयोग की मंजूरी से प्राधिकार पत्र जारी किए गए हैं।'' निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में जो मीडियाकर्मी मतदान के दिन ‘कवरेज' के लिए आयोग द्वारा अधिकृत हैं, वे डाक मतपत्रों के माध्यम से अपना वोट डालने के विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्र के संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से फॉर्म 12डी प्राप्त कर सकते हैं जहां वे मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। वे संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट से भी फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।
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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला मुख्यालय के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के बाबा कॉलोनी में मंगलवार देर शाम मामूली विवाद में दो सगे भाइयों की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई जबकि हमले में तीसरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में आज देर शाम एक व्यक्ति ने घर में घुसकर तीन सगे भाइयों आयुष, युवराज और आहान उर्फ हनी पर कुल्हाड़ी से हमला किया जिसमें आयुष (12) और आहान उर्फ हनी (आठ) की मौत हो गयी जबकि गंभीर रूप से घायल अवस्था में युवराज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार थाना सिविल लाइंस के मंडी पुलिस चौकी से चंद कदम दूर यह घटना घटित हुई है। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और बाइक में तोड़फोड़ की, और दुकानें भी तोड़ी गईं। एसएसपी समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद है और भीड़ को संभालने की कोशिश की जा रही है। जिलाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि थाना सिविल लाइंस के बाबा कॉलोनी में आज एक व्यक्ति ने घर में घुसकर तीन सगे भाइयों पर हमला कर दिया, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गयी, जबकि एक बच्चा घायल है l उन्होंने बताया कि घटना के कारणों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। फिलहाल दोनों मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायल बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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नयी दिल्ली। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने मंगलवार को विभिन्न राज्यों के करीब 30 संसदीय क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाई। पार्टी उम्मीदवारों की तीसरी सूची जल्द जारी हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई तथा करीब 30 नामों को मंजूरी दी गई। सूत्रों ने बताया कि सीईसी ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी और मध्य हिस्से में आने वाली सीटों पर चर्चा की और विशेष रूप से वाम दलों के साथ गठबंधन की संभावना के मद्देनजर चर्चा की गई। पार्टी के एक नेता ने कहा, पश्चिम बंगाल में हम इस पर विचार कर रहे हैं कि कौन सीट कांग्रेस के लिए बेहतर है और किन सीट पर वाम दल मजबूत हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता वाली सीईसी की बैठक में पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और सीईसी के कई अन्य सदस्य शामिल हुए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बैठक में मौजूद नहीं थे।
सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने अपने दोनों वर्तमान सांसदों अधीर रंजन चौधरी और अबू हासिम खान चौधरी को फिर से उम्मीदवार बना सकती है। अधीर रंजन बहराम पुर और अबू हासिम खान मालदा दक्षिण से सांसद हैं। कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 82 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। उसने पहली सूची में 39 और दूसरी सूची में 43 उम्मीदवार घोषित किए थे। पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची में राहुल गांधी का नाम भी शामिल था जो केरल की वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह वर्तमान में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। -
गडचिरोली . महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में मंगलवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन नक्सलियों पर 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि पुलिस को सोमवार दोपहर को सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बीच विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के मकसद से प्राणहिता नदी पार कर पड़ोसी तेलंगाना से गडचिरोली में आए हैं। गडचिरोली पुलिस की विशेष लड़ाकू इकाई ‘सी-60' के कई दलों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के त्वरित कार्रवाई दल को इलाके में तलाशी के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब ‘सी-60' इकाई का एक दल रेपनपल्ली के समीप कोलामार्का पहाड़ी क्षेत्र में मंगलवार सुबह तलाशी अभियान चला रहा था तो नक्सलियों ने उस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद इलाके की तलाशी ली गयी और चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि इन चारों नक्सलियों पर 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी ने बताया कि उनके पास से एक एके-47 बंदूक, एक कार्बाइन, दो देसी पिस्तौल, नक्सली साहित्य तथा अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतक नक्सलियों की पहचान वर्गीज, मागतू, कुरसांग राजू और कुदिमेत्ता वेंकटेश के रूप में की गयी है। -
नयी दिल्ली. बिहार का बेगूसराय दुनिया का सबसे प्रदूषित महानगर क्षेत्र बन गया है जबकि दिल्ली को सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले राजधानी शहर के रूप में दर्ज किया गया है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। स्विट्जरलैंड के संगठन ‘आईक्यूएयर' की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2023 के अनुसार, औसतन वार्षिक 54.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा। उससे पहले बांग्लादेश (79.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और पाकिस्तान (73.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) रहे। भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था। पीएम2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर' कहा जाता है। ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले श्वसन तंत्र तक पहुंच जाते हैं। बेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था। दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है। पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं।
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नयी दिल्ली. देश में 1951 में हुए पहले लोकसभा चुनाव से लेकर गत आम चुनाव तक 71 हजार से ज्यादा प्रत्याशी कुल पड़े मतों का कम से कम छठा हिस्सा भी हासिल नहीं करने की वजह से अपनी ज़मानत जब्त करवा चुके हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से यह जानकारी मिली है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 86 प्रतिशत उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हो गई थी।
निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत, जो उम्मीदवार कुल पड़े वैध मतों का छठा हिस्सा हासिल करने में विफल रहते हैं, उनकी ज़मानत राशि को जब्त कर लिया जाता है और राजकोष में जमा करा दिया जाता है। पहले लोकसभा चुनाव से लेकर 2019 के आम चुनाव तक 91,160 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आज़माई थी जिनमें से 71,246 प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हो गई थी। यह आंकड़ा कुल उम्मीदवारों का 75 प्रतिशत है। साल 1951 में ज़मानत राशि सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एससी) उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये थी जो सामान्य श्रेणी और एससी/एसटी वर्ग के प्रत्याशियों के लिए अब बढ़कर क्रमश: 25 हजार और 12,500 रुपये हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि ज़मानत बचा लेना उम्मीदवारों के लिए गर्व की बात होती है, जबकि ज़मानत जब्त होने को अक्सर अपमानजनक माना जाता है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हुई थी। बसपा ने 383 सीट पर प्रत्याशी उतारे थे जिनमें से 345 की ज़मानत जब्त हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस आती है जिसने 421 सीट पर चुनाव लड़ा था और 148 सीट पर उसके उम्मीदवार अपनी ज़मानत गंवा बैठे थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 51 उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हो गई थी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 49 में से 41 उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हुई थी। साल 1951-52 में हुआ प्रथम लोकसभा चुनाव लड़ने वाले करीब 40 फीसदी उम्मीदवार अपनी ज़मानत राशि गंवा बैठे थे। वह चुनाव 1874 प्रत्याशियों ने लड़ा था जिनमें से 745 की ज़मानत जब्त हो गई थी। इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में ज़मानत जब्त कराने वाले उम्मीदवारों की संख्या में इज़ाफा देखने को मिला। 11वीं लोकसभा के लिए 1996 में हुए चुनाव में किस्मत आज़माने वाले 91 प्रतिशत यानी 13,952 में से 12,688 उम्मीदवार अपनी ज़मानत गंवा बैठे थे। इस चुनाव में सबसे अधिक संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। साल 1991-92 के लोकसभा चुनाव में 8749 में से 7539 प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हो गई थी जो 86 फीसदी था। साल 2009 के चुनाव में, 8070 में से 6829 यानी 85 प्रतिशत प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हुई थी। वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में 8251 उम्मीदवारों में से सात हजार की ज़मानत जब्त हो गई थी। यह बताता है कि ज़मानत जब्त होना लोगों की लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा पर प्रतिकूल असर नहीं डालता है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के संस्थापक सदस्य और ट्रस्टी जगदीप एस छोकर ने कहा कि समाज के कुछ वर्गों के लिए अब पैसा कोई अहमियत नहीं रखता है और अमीर तथा गरीब के बीच इतना विभाजन है कि बहुत से लोग बिना किसी ठोस आधार के चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ ज़मानत राशि के जब्त होने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा चुनाव लड़ने का कारण यह है कि लोग इसे वहन कर सकते हैं और ज़मानत गंवाना कोई बड़ी बात नहीं है।” ऐतिहासिक रूप से, राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों ने अपनी ज़मानत राशि बचाने में अच्छा प्रदर्शन किया है। 1951-52 में पहले लोकसभा चुनावों में, राष्ट्रीय दलों के 1,217 उम्मीदवारों में से 28 प्रतिशत या 344 की ज़मानत जब्त हो गई। साल 1957 में हुए अगले चुनावों में इसमें सुधार हुआ जब 919 उम्मीदवारों में से सिर्फ 130 या 14 प्रतिशत उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हुई। वर्ष 1977 के चुनावों में राष्ट्रीय दलों का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला क्योंकि इन दलों के 1,060 उम्मीदवारों में से सिर्फ100 (नौ प्रतिशत) की ज़मानत जब्त हुई थी। साल 2009 का आम चुनाव राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के लिए अच्छा नहीं रहा और इन दलों के करीब करीब हर दूसरे उम्मीदवार की ज़मानत जब्त हो गई। उस साल हुए चुनाव में राष्ट्रीय दलों के 1623 में से 779 उम्मीदवार अपनी ज़मानत राशि गंवा बैठे। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध जीसस एंड मैरी कॉलेज के राजनीतिक विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर सुशीला रामास्वामी ने कहा कि भारत में लोगों को राजनीतिक मुद्दों में खासी रूचि रहती है, इसलिए वे चुनावों में अपनी किस्मत आज़माते हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि यह अन्य उम्मीदवारों के वोट काटने के लिए होता है। वे छद्म, निर्दलीय उम्मीदवार होते हैं जिनका समर्थन अन्य दल करते हैं ताकि जीत के अंतर को कम किया जा सके। -
पालक्कड़ (केरल) .लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा केरल पर विशेष ध्यान दिए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के अपने उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए मंगलवार को यहां एक विशाल रोडशो किया।
फूलों से सजे, खुली छत वाले वाहन में खड़े मोदी ने कोट्टामैदान अंचुविलाक्कु से सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर रोड शो शुरू किया और उनका काफिला शहर में हेड पोस्ट ऑफिस की ओर बढ़ा। प्रधामनंत्री तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे थे।
खुली छत वाले वाहन में मोदी के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और राजग उम्मीदवार सी. कृष्णकुमार तथा निवेदिता सुब्रमण्यम भी मौजूद थे। कृष्णकुमार पालक्कड़ निर्वाचन क्षेत्र और निवेदिता पोन्नानी सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं।
गर्मी के बावजूद भाजपा समर्थकों समेत हजारों लोग फूल, माला, पार्टी के झंडे, मोदी के पोस्टर और पार्टी की टोपियां पहने एक किलोमीटर के रोड शो में मार्ग के दोनों ओर कतारबद्ध खड़े रहे। रोड शो के इस मार्ग से गुजरने पर सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों को ‘मोदी', ‘भारत माता की जय', ‘मोदीजी स्वागतम' और ‘मोदी की जय' के नारे लगाते हुए सुना गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर पुष्प वर्षा भी की। इस दौरान मोदी भगवा रंग की टोपी पहने हुए दिखायी दिए। भीड़ में मौजूद सभी आयु वर्ग के लोग प्रधानमंत्री के आगमन से कई घंटे पहले ही एकत्रित हो गए थे और उन्होंने रोड शो के मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना दिया। अपने परिवारों के साथ यहां आए कई लोगों ने टीवी चैनलों को बताया कि वे प्रधानमंत्री मोदी को देखे बगैर नहीं जाएंगे। करीब आधे घंटे चले रोडशो में एक किलोमीटर का सफर तय किया गया जिसके बाद प्रधानमंत्री तुरंत हेलीपेड लौट गए। पालक्कड़ में रोड शो से पहले मोदी ने 15 मार्च को पत्तनमथिट्टा शहर में एक जनसभा की थी जहां उन्होंने दक्षिण केरल के निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रहे राजग के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाया था। पत्तनमथिट्टा में लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव में ‘‘केरल में कमल खिलेगा।'' उन्होंने सत्तारूढ़ वामपंथी दल और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ पर भी निशाना साधा था। पालक्कड़ में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का मत प्रतिशत बढ़ा था। उस समय उसके उम्मीदवार कृष्णकुमार सी को इस सीट पर पड़े कुल मतों के 21.24 प्रतिशत मत मिले थे। यह तीन महीनों में मोदी का केरल का पांचवां दौरा है। वह जनवरी में दो बार, फरवरी में एक बार और फिर 15 मार्च को राज्य के दौरे पर आए थे। -
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में राधारानी के गांव बरसाना में सोमवार को नंदगांव के हुरियारों और बरसाना की हुरियारिनों ने जमकर लठमार होली खेली और परंपराओं को जीवंत कर दिया। शाम को पांच बजे से दिन छिपने तक करीब एक घंटे चले इस होली युद्ध की समाप्ति तब हुई जब नंदगांव के हुरियार थक कर चूर हो गए और उन्होंने बरसाना की हुरियारिनों की जीत कबूल कर ली। तब हुरियारिनें अगले बरस फिर आने का न्यौता दे यह गाती हुई लौट चलीं कि ‘लला, फिर आइयो खेलन होरी। इसी के साथ वे राधा रानी को जीत की सूचना देने मंदिर की ओर बढ़ चलीं। ज़िलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक मथुरा जिले में राधारानी के गांव बरसाना में सोमवार को द्वापर युग का वह दृश्य पैदा हो गया, जो हजारों वर्ष पूर्व कृष्ण काल में कभी राधा और उनकी सखियों के साथ कन्हैया और उनके ग्वाल—बालों द्वारा होली खेलते समय देखने को मिला होगा। यह मौका था बरसाना में परंपरागत लठमार होली के आयोजन का। सोमवार की दोपहर बरसाना के गोस्वामी समाज के न्यौते पर नंदगांव के हुरियार धोती-कुर्ता पहने और सिर पर साफा बांधे, कमर में फेंटा कसे, हाथों में ढाल और पिचकारियां लिए पूरी तैयारी के साथ बरसाना की पीली पोखर पहुंचे जहां उनका मिष्ठान्न एवं भांग-ठण्डाई के साथ जोरदार स्वागत किया गया। कुछ समय के विश्राम के पश्चात हुरियारों का यह काफिला ‘दरशन दै निकस अटा में ते दरशन दे, श्री राधे वृषभानु दुलारी' पद गाते हुए बरसाना के लाडिलीजी (राधारानी) मंदिर पहुंचा, जहां उन्होंने राधा रानी को नमन कर उनसे होली खेलने की अनुमति मांगी। मंदिर में बरसाना और नंदगांव के हुरियारों ने मिलकर ‘गिरधर के अनुराग सौं रंग बरस रहौ बरसानौं जूं' पद गाते हुए बरसाना के हुरियारों ने पिचकारियों से टेसू के फूलों से निर्मित रंग बरसाना शुरू कर दिया। जिससे नंदगांव के हुरियारे तर—बतर हो गए। मंदिर से होली खेलकर नन्दगांव के हुरियारे रंगीली गली पहुंचे तो वहां उनकी प्रतिक्षा में खड़ी बरसाने की हुरियारिनों ने प्यार भरी गालियां सुनाना प्रारंभ कर दिया। यहां हंसी—ठिठौली के बीच उड़ते रंगों पर प्रेम भरी लाठियां बरसीं। इन लाठियों से नंदगांव के हुरियारे अपनी ढालों की ओट में बचते हुए नजर आए। कुछ ढालों पर गोपियों की लाठियों के वार सहते हुए उछल कूद करते नजर आए। रंगीली गली, फुल गली, सुदामा मार्ग, राधाबाग मार्ग, थाना गली, मुख्य बाजार, बाग मोहल्ला में ढालों पर लाठियों से निकली तड़ातड़ की आवाजें गूंज रहीं थीं। कुल मिलाकर लट्ठमार होली में नारी सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल दिखाई दे रही थी। देश विदेश से आए विभिन्न टीवी चैनल एवं समाचार पत्रों के फोटोग्राफर ही नहीं, आम श्रद्धालु भी इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करने के लिए बेचैन दिख रहे थे। मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा नंदगांव में देखने को मिलेगा, लेकिन वहां नंदगांव के बजाए बरसाना के हुरियार होंगे, और हुरियारिनें नन्दगांव की होंगी।
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नई दिल्ली। दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी शहर की लिस्ट में देश की कैपिटल सिटी दिल्ली ने एक बार फिर टॉप किया है। यह लगातार चौथी बार है जब प्रदूषण का ताज फिर से दिल्ली के सर पर सजा है। हालांकि, बिहार भी बहुत पीछे नहीं है और राज्य का बेगूसराय दुनिया का सबसे प्रदूषित महानगर क्षेत्र बन गया है। केवल इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली ने सबसे खराब वायु क्वालिटी वाले राजधानी शहर के रूप में बाजी मारी है और यह लिस्ट में प्रथम स्थान पर है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
134 देशों की लिस्ट में भारत तीसरे नंबर परस्विट्जरलैंड के संगठन ‘आईक्यूएयर’ की वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2023 के अनुसार, एवरेज सालाना 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की पीएम 2.5 सांद्रता के साथ भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा। उससे पहले बांग्लादेश (79.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और पाकिस्तान (73.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) रहे।भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था। पीएम2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर’ कहा जाता है। ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले रेस्पिरेटरी सिस्टम तक पहुंच जाते हैं।बेगूसराय वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगरबेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था।दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहरदिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा।डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है। पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं। -
कोलकाता. निर्वाचन आयोग (ईसी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल पुलिस से उन लोगों की सूची बनाने को कहा, जिनके खिलाफ पिछले चुनावों के दौरान बूथ कब्जा कर लेने और गलत तरीके से मतदान करने की शिकायतें दर्ज की गई थीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ईसी के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य राज्य में हिंसा मुक्त लोकसभा चुनाव सुनिश्चित करना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताब ने सोमवार को जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने को कहा। एक अधिकारी ने बताया, ''सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई बैठक में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और आदर्श आचार संहिता को लागू किये जाने पर चर्चा हुई। जिन लोगों पर पिछले चुनावों के दौरान कानून तोड़ने के आरोप लगे हैं उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर आयोग अगले 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट चाहता है।'' उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य प्रशासन को अवैध हथियार बरामद करने के लिए अभियान जारी रखने का भी निर्देश दिया। पश्चिम बंगाल में 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को आईएएस अधिकारियों से एक दक्ष और डिजिटल प्रशासन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा एनालिटिक्स जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने का आह्वान किया। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी) में 125वें प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात की। आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे ऐसी स्थिति में हैं जहां वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। मुर्मू ने कहा, ‘‘आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी के रूप में, आपको प्रशासनिक कामकाज और सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों पर एक अखिल भारतीय दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल प्रशासन की बदलती दुनिया को अपनाने और उसके अनुसार अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भी कहा। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आपको एक कुशल और डिजिटल प्रशासन के लिए एआई (कृत्रिम मेधा), ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग करना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘कम समय में वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए संगठनात्मक, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग आवश्यक है। इसी तरह, समृद्ध और विविध अनुभवों के साथ नए विचारों और नई प्रौद्योगिकियों को आत्मसात करना ऐसे प्रभावशाली परिवर्तन ला सकता है जिसकी किसी ने कल्पना भी न की हो।'' राष्ट्रपति ने कहा कि देश 2047 तक ‘विकसित भारत' के सपने को साकार करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। मुर्मू ने कहा, ‘‘आपकी कार्यशैली और आपके द्वारा लिए गए निर्णय देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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अयोध्या. अयोध्या की पुलिस लाइन में आठ मंजिला इमारत से गिरकर एक यातायात पुलिसकर्मी की मौत हो गयी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसके अनुसार रविवार देर रात अयोध्या की पुलिस लाइन में आठ मंजिला इमारत से गिरकर एक यातायात सिपाही की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक इस पुलिसकर्मी की पहचान यातायात सिपाही और आगरा निवासी देवेन्द्र पाल (38) के रूप में हुई है जिन्हें विशेष ड्यूटी पर अयोध्या में तैनात किया गया था । उनकी मूल तैनाती फिरोजाबाद जिले में थी। अयोध्या शहर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस इस घटना के सिलसिले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या देवेंद्र दुर्घटनावश गिरे या आत्महत्या करने के लिए वह कूद गये या किसी ने उन्हें मारने के लिए धक्का दे दिया। उन्होंने बताया कि चूंकि इमारत में कोई सीसीटीवी नहीं लगा है, इसलिए इस इमारत में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक आरक्षी देवेंद्र को 22 जनवरी को राम मंदिर के अभिषेक समारोह के दौरान अयोध्या में ड्यूटी पर तैनात किया गया था और वह रिजर्व पुलिस लाइन में बनी इमारत की आठवीं मंजिल पर रहते थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात परिजन देवेंद्र के मोबाइल पर फोन कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं उठा। जब देवेन्द्र के फोन पर बार-बार कॉल करने पर भी जवाब नहीं मिला तो उनके परिजनों ने पुलिस लाइन के अधिकारी को फोन किया। इसके बाद देवेन्द्र की तलाश शुरू हुई। एसओजी टीम ने पुलिस लाइन से लेकर सिविल लाइन तक सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन सिपाही का कोई पता नहीं चला। तलाशी के दौरान रात करीब 11.45 बजे पुलिसकर्मियों ने बिल्डिंग के पास देवेंद्र का शव देखा तो इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। पुलिस ने अंदेशा जताया है कि सिपाही की मौत आठवीं मंजिल से गिरकर हुई है। घटना की जानकारी परिजनों को फोन पर दे दी गयी।
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नयी दिल्ली. प्रख्यात साहित्यकार प्रभा वर्मा को उनकी मलयाली काव्यकृति ‘रौद्र सात्विकम्' के लिए 2023 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मान प्रदान करने वाली संस्था के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने सोमवार को यह जानकारी दी। फाउंडेशन ने एक विज्ञप्ति में बताया कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए.के. सीकरी की अध्यक्षता वाली 13 सदस्यीय चयन परिषद ने इस सम्मान के लिए ‘रौद्र सात्विकम्' का चयन किया। फाउंडेशन के अनुसार, यह सम्मान प्रतिवर्ष किसी भारतीय नागरिक की ऐसी उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को दिया जाता है, जो भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित किसी भी भारतीय भाषा में सम्मान वर्ष से ठीक पहले की 10 वर्ष की अवधि में प्रकाशित हुई हो। सम्मान के तहत 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ एक प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किया जाता है। फाउंडेशन ने बताया कि पांच क्षेत्रीय भाषा समितियों ने चयन परिषद को पांच साहित्यिक कृतियों के नाम भेजे थे, जिनमें सैयद मोहम्मद अशरफ का उर्दू उपन्यास ‘ आखिरी सवारियां', नगेन साइकिया की असमिया कविता ‘मित भास समग्र', गंगाधर हांसदा का संथाली उपन्यास ‘पोसरा', प्रभा वर्मा की मलयाली काव्यकृति ‘रौद्र सात्विकम्' और हरीश मीनाश्रु की गुजराती कविता ‘बनारस डायरी' शामिल थी। चयन परिषद ने इनमें से ‘रौद्र सात्विकम्' का चयन किया। इस काव्यकृति में राजनीति और सत्ता, व्यक्ति और राज्य, कला और शक्ति के संबंधों में व्याप्त अंतर्विरोधों का एक विशिष्ट शैली में विश्लेषण किया गया है। वर्ष 1991 से दिया जा रहा सरस्वती सम्मान सबसे पहले प्रख्यात साहित्यकार डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन को उनकी कृति ‘दशद्वार से सोपान तक' के लिए दिया गया था। अभी तक यह पुरस्कार जिन प्रमुख भारतीय साहित्यकारों को मिल चुका है, उनमें रमाकांत रथ, विजय तेंदुलकर, शंघघोष, दिलीप कौर टिवाणा, सुनील गंगोपाध्याय, गोविंद मिश्र, पद्मा सचदेव, एम वीरप्पा मोइली, रामदरश मिश्र प्रमुख हैं। प्रभा वर्मा का जन्म 1959 में केरल के तिरुवल नामक कस्बे में हुआ था। इससे पहले उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान समेत विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। वह अंग्रेजी और मलयाली भाषाओं में रचनाएं लिखते हैं। वर्तमान में वह केरल के मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव के रूप में कार्यरत हैं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सरस्वती सम्मान मिलने पर वर्मा को बधाई दी।
खान ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘2023 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान प्राप्त करने के लिए प्रख्यात मलयाली कवि श्री प्रभा वर्मा को हार्दिक शुभकामनाएं। इस पुरस्कार ने कविता के प्रति उनके समर्पण को मान्यता दी है और इससे मलयालय साहित्य को काफी गौरव मिला है। उनका उदात्त कविता कर्म मलयालम एवं भारतीय साहित्य को समृद्ध करता रहे। -
जमशेदपुर. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में सोमवार शाम एक वाहन के पलट जाने से चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कार जमशेदपुर से रांची जा रही थी, तभी यहां से करीब 13 किलोमीटर दूर चांडिल पुलिस थाने के अंतर्गत कांदरबेड़ा के पास यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने बताया कि चालक समेत कार में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जांच के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है।
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कोयंबटूर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां रोड शो किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगातार ‘मोदी, मोदी' के नारे लगाए और पारंपरिक संगीत की धुन बजाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने यहां 1998 के सिलसिलेवार बम विस्फोट में मारे गए 58 लोगों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा कार्यक्रम को अनुमति दिए जाने के कुछ दिनों बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच यह रोड शो हुआ। शुरुआत में पुलिस ने क्षेत्र की ‘‘सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील प्रकृति'' एवं जारी परीक्षा सहित अन्य कारणों का हवाला देते हुए रोड शो के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जैसे ही मोदी ने एक खुले वाहन में अपना रोड शो शुरू किया, सड़क के दोनों ओर जमा हुए लोगों ने उन पर फूल बरसाए और उनके समर्थन में नारे लगाए। रोड शो के दौरान कुछ लोग उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री ने कोयंबटूर में रोड शो किया है।
रोड शो के दौरान भाजपा समर्थकों ने ‘‘एक बार फिर मोदी, हम मोदी को चाहते हैं'' जैसे नारे लगाए। सड़कों पर कतार में खड़े कई लोगों ने मोदी के स्वागत के लिए हाथों में कमल के फूल लिए हुए थे और उन्होंने ‘‘भारत माता की जय'' के नारे लगाए। कोयंबटूर शहर के साईबाबा कॉलोनी से आरएस पुरम तक लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे रास्ते में मोदी का वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा और इस दौरान उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। रोड शो के अंत में, प्रधानमंत्री मोदी ने 1998 में इस शहर को दहलाने वाले बम विस्फोट में मारे गए लोगों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह धमाके 14 फरवरी 1998 को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक चुनावी सभा आयोजित होने से कुछ घंटे पहले हुए थे। इस घटना में 58 लोग मारे गए थे जबकि 100 से अधिक घायल हुए।
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई, कोयंबटूर दक्षिण से विधायक एवं भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन और केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन मोदी के साथ थे। -
नई दिल्ली। विपक्ष के कुछ सांसदों ने निर्वाचन आयोग से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस पत्र को लोगों को व्हाइट्एस अप पर भेजे जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की है जिसमें जनता से ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए समर्थन मांगा गया है। उनका कहना है कि यह चुनाव आचार संहिता घोर उल्लंघन है।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने विदेश में रह रहे लोगों को प्रधानमंत्री का पत्र भेजे जाने पर गोपनीयता का मुद्दा उठाने वाले एक व्यक्ति की पोस्ट को ‘एक्स’ पर टैग किया।उन्होंने कहा, ‘‘क्या निर्वाचन आयोग सत्तारूढ़ दल के पक्षपातपूर्ण राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए सरकारी मशीनरी और सरकारी डेटा के इस तरह के ज़बरदस्त दुरुपयोग पर ध्यान देगा?’’कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी ‘एक्स’ पर वह व्हाट्सएप संदेश पोस्ट किया जिसमें वह पत्र संलग्न था, जो उन्हें उनके फोन पर प्राप्त हुआ था। तिवारी ने कहा, ‘‘यह अनचाहा व्हाट्सएप संदेश कल देर रात 12.09 बजे आया। ऐसा लगता है कि यह इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से आया है।क्या यह आदर्श आचार संहिता और निजता के अधिकार दोनों का खुला उल्लंघन नहीं है।?’’ उन्होंने यह सवाल किया, ‘‘मंत्रालय को मेरा मोबाइल नंबर कहां से मिला? वे अनधिकृत रूप से किस डेटाबेस तक पहुंच रहे हैं?” उसने कहा।तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों में न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से आए लोगों को मोदी और भाजपा को बढ़ावा देने वाला यह ‘विकसित भारत’ व्हाट्सएप संदेश भेजा गया है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।









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