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नई दिल्ली। पालतू कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे पिटबुल टेरियर, अमेरिकन बुलडॉग, रॉटवीलर और मास्टिफ़्स सहित 23 नस्लों के कुत्तों की बिक्री और ब्रीडिंग पर प्रतिबंध लगाएं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देश लोगों को पालतू जानवरों के रूप में इन 23 नस्लों के कुत्तों को रखने से रोकते हैं।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि जिन लोगों के पास पहले से ही इन 23 नस्लों के कुत्ते हैं, उन्हें आगे प्रजनन को रोकने के लिए उनकी नसबंदी करानी चाहिए।पशुपालन और डेयरी विभाग को नागरिकों, नागरिक मंचों और पशु कल्याण संगठनों से इस संबंध में प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है। इन प्रतिनिधित्व में कुत्तों की कुछ नस्लों को पालतू जानवर के रूप में रखने और अन्य उद्देश्यों के लिए प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।विशेषज्ञों की एक समिति ने कुत्तों की 23 नस्लों को क्रूर और मानव जीवन के लिए खतरनाक माना है। इन नस्लों में मिश्रित और क्रॉस नस्लें भी शामिल हैं। इन नस्लों में पिटबुल टेरियर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोअरबोएल कांगल, मध्य एशियाई शेफर्ड डॉग और कोकेशियान शेफर्ड डॉग शामिल हैं।अन्य नस्लों में दक्षिण रूसी शेफर्ड डॉग, टॉर्नजैक, सरप्लानिनैक, जापानी टोसा और अकिता, मास्टिफ, टेरियर्स, रोडेशियन रिजबैक, वुल्फ डॉग, कैनारियो, अकबाश डॉग, मॉस्को गार्ड डॉग, केन कोर्सो और बैंडोग शामिल हैं।लेटर में विशेषज्ञ पैनल की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि विशेषज्ञ पैनल की सिफारिशों के अनुसार, कुत्तों की कुछ नस्लों (क्रॉसब्रीड सहित) को भारत में आयात, प्रजनन, पालतू जानवरों के रूप में बेचने और अन्य उद्देश्यों के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना और तटरक्षक बल के लिए उन्नत किस्म के 34 हल्के हेलीकॉप्टर (एएचएल) और संबंधित उपकरणों के अधिग्रहण के लिए बुधवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 8073 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय के अनुसार 34 ध्रुव एमके-तृतीय हेलीकॉप्टर में से सेना को 25 और तटरक्षक बल को नौ हेलीकॉप्टर मिलेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) ने पिछले सप्ताह दो खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दे दी थी। मंत्रालय ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की मंजूरी के बाद 13 मार्च को उन्नत किस्म के 34 हल्के हेलीकॉप्टर के अधिग्रहण के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 8073.17 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय सेना (25 एएलएच) और भारतीय तटरक्षक बल (नौ एएलएच) के लिए ध्रुव एमके-तृतीय रक्षा विनिर्माण में स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' भारतीय सेना के लिए तैयार किया गया एएलएच ध्रुव एमके-तृतीय यूटी (यूटिलिटी) संस्करण राहत एवं बचाव, सैन्य परिवहन, आंतरिक कार्गो, रेकी / आपदा में फंसे लोगों को बाहर निकालने आदि के लिए डिजाइन किया गया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एएलएच ध्रुव एमके-तृतीय यूटी ने सियाचिन ग्लेशियर और लद्दाख जैसे अधिकतम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को साबित किया है। एएलएच एमके-तृतीय एमआर (समुद्री भूमिका) संस्करण को समुद्री निगरानी, तलाशी व बचाव, कार्गो एवं कार्मिक परिवहन आदि के लिए तैयार किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि इस हेलीकॉप्टर ने समुद्र और जमीन पर प्रतिकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों में भी अपनी क्षमता साबित की है। इसने कहा, ‘‘ यह परियोजना अपनी अवधि के दौरान अनुमानित 190 लाख मानव-घंटे का रोजगार पैदा करेगी। इसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम से उपकरणों की आपूर्ति भी शामिल होगी और 70 स्थानीय विक्रेता स्वदेशीकरण की प्रक्रिया में शामिल होंगे।'' इसके साथ ही, रक्षा मंत्रालय ने इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल बीएमपी-द्वितीय से बीएमपी2एम के 693 आयुध उन्नयन की खरीद के लिए आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल) के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। एवीएनएल ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), चेन्नई-विकसित साइट और एफसीएस के एकीकरण के आधार पर मौजूदा बीएमपी 2/2के को रात के समय लड़ाई में सक्षम क्षमताओं और एफसीएस प्रदान करने के लिए एक स्वदेशी समाधान विकसित किया है। मंत्रालय के अनुसार, ‘‘एवीएनएल स्वदेशी निर्माताओं से प्राप्त उपकरणों और उप-प्रणालियों के साथ आयुध उन्नयन का उत्पादन करेगा। इससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम और मजबूत होगा तथा इस क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का लाभ मिलेगा।''
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पटना. बिहार के रोहतास और मुजफ्फरपुर जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन घटनाओं पर दुख प्रकट किया। रोहतास जिले के गुप्ताधाम में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन दुर्गावती जलाशय में गिर गई जिससे चार महिलाओं की मौत हो गई। सासाराम अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) दिलीप कुमार ने बताया कि दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि पिकअप वैन के चालक समेत 26 लोगों को खाई से सुरक्षित निकाल लिया गया और उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी में भर्ती कराया गया जहां से चिकित्सकों ने उन्हें रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम स्थित अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य घटना में, मुजफ्फरपुर के रामपुर हरि थाना क्षेत्र में बुधवार को बारात से लौट रही एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) और ट्रक की आमने-सामने से भिड़ंत हो गई, जिससे पांच बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मुजफ्फरपुर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) पुलिस चौकी प्रभारी ललन कुमार ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने दुख प्रकट करते हुए कहा, ‘‘ ये घटनाएं अत्यंत दुखद हैं। मैं इससे मर्माहत हूं। ईश्वर मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे।'' मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल लोगों के समुचित इलाज कराने का निर्देश दिया, साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने राज्यों को पिटबुल टेरियर, अमेरिकन बुलडॉग, रॉटवाइलर और मास्टिफ्स सहित 23 नस्लों के आक्रामक कुत्तों की बिक्री और प्रजनन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह निर्देश ऐसे समय में दिया है जब देश में पालतू कुत्तों के हमलों में लोगों की मौत की घटनाओं में वृद्धि हुई है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देश के मुताबिक लोगों को पालतू जानवरों के रूप में 23 नस्लों के कुत्तों को रखने की मनाही होगी। केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने 12 मार्च को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में यह भी कहा कि कुत्तों की इन नस्लों, जिन्हें पहले से ही पालतू जानवर के रूप में रखा गया है, उनका आगे प्रजनन नहीं हो ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए। केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने अभ्यावेदन के मद्देनजर विभिन्न हितधारक संगठनों के सदस्यों और विशेषज्ञों के साथ पशुपालन आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस समिति ने मिश्रित और क्रॉस नस्लों सहित कुत्तों की 23 नस्लों को क्रूर और मानव जीवन के लिए खतरनाक माना है। समिति के मुताबिक पिटबुल टेरियर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टेफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोअरबोएल कांगल, मध्य एशियाई शेफर्ड डॉग और कोकेशियन शेफर्ड डॉग कुत्तों की उन नस्लों में से हैं जिन्हें केंद्र द्वारा प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा दक्षिण रूसी शेफर्ड डॉग, टॉर्नजैक, सरप्लानिनैक, जापानी टोसा और अकिता, मास्टिफ, टेरियर्स, रोडेशियन रिजबैक, वुल्फ डॉग, कैनारियो, अकबाश डॉग, मॉस्को गार्ड डॉग, केन कोर्सो और बैंडोग नस्ल के कुत्तों पर भी प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है।
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धोलेरा/गुवाहाटी . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारत में 1.25 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले तीन सेमीकंडक्टर केंद्रों की आधारशिला रखी, जिनमें असम के मोरीगांव में 27 हजार करोड़ रुपये के खर्च पर बनने वाला केंद्र भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश इस क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति बन जाएगा।
गुजरात और असम में तीन सेमीकंडक्टर केंद्रों की ऑनलाइन माध्यम से आधारशिला रखने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों पर देश की क्षमता, प्राथमिकताओं और भविष्य की जरूरतों को नहीं समझने तथा भारत के सेमीकंडक्टर सपनों को वास्तविकता में बदलने में विफल रहने का आरोप लगाया। इन तीन सेमीकंडक्टर केंद्रों में दो गुजरात में और एक असम में है। मोदी ने देश को सेमीकंडक्टर विनिर्माण का केंद्र बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भारत वादा करता है, तो उसे पूरा भी करता है। उन्होंने कहा कि चिप विनिर्माण असीम संभावनाओं के साथ विकास का द्वार खोलता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “दो साल पहले, हमने एक सेमीकंडक्टर मिशन का ऐलान किया था और घोषणा की थी कि हम पहल करेंगे। कुछ ही महीनों में हमने ‘एमओयू' पर हस्ताक्षर किए और आज हम तीन परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं। भारत वादा करता है, तो उसे भी पूरा करता है...।'' उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण में पहले ही दशकों पीछे है, लेकिन अब एक भी पल नहीं गंवाएगा। मोदी ने आरोप लगाया कि भारत के सेमीकंडक्टर को लेकर पहली बार 1960 के दशक में सपने देखे गए थे, लेकिन संकल्पों को उपलब्धियों में बदलने की इच्छाशक्ति और प्रयासों की कमी के कारण तत्कालीन सरकारें उन पर कार्रवाई करने में विफल रहीं। उन्होंने कहा, “भारत ने पहली बार 1960 के दशक में सेमीकंडक्टर निर्माण का सपना देखा था। लेकिन इसके बाद भी तत्कालीन सरकारों ने उन अवसरों का लाभ नहीं उठाया। इसके पीछे सबसे बड़े कारण थे इच्छाशक्ति की कमी, संकल्प को उपलब्धि में बदलने के लिए प्रयास की कमी और देश के लिए दूरदर्शी निर्णय लेने की क्षमता का अभाव।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से भारत का सेमीकंडक्टर बनाने का सपना सपना ही रह गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो लोग उन सरकारों में थे, उन्होंने कहा कि जल्दबाजी की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि यह भविष्य की जरूरत है। वे भारत की गरीबी के पीछे छिपकर आधुनिक जरूरतों के ऐसे तमाम निवेशों को नजरअंदाज करते रहे। वे हजारों करोड़ के घोटाले कर लेते थे लेकिन सेमीकंडक्टर विनिर्माण में निवेश नहीं कर पाए।” उन्होंने कहा कि ऐसी सोच से कोई भी देश विकास नहीं कर सकता।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए हमारी सरकार दूरदर्शी सोच और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। आज हम सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विकसित देशों से प्रतिस्पर्धा करने की महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” मोदी ने कहा, “दुनिया में केवल कुछ ही देश सेमीकंडक्टर का निर्माण कर रहे हैं और कोविड-19 ने हमें एक विश्वसनीय और लचीली आपूर्ति शृंखला बनाने का सबक सिखाया है। भारत इस दिशा में बहुत बड़ी भूमिका निभाने को उत्सुक है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आने वाले समय में हम सेमीकंडक्टर उत्पादों का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करेंगे। वह दिन दूर नहीं जब भारत इस क्षेत्र में भी वैश्विक शक्ति बन जाएगा।” उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी प्रौद्योगिकी की शताब्दी है और हम इलेक्ट्रॉनिक चिप के बिना इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। ‘मेड इन इंडिया' और ‘डिजाइन इन इंडिया' चिप भारत को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने की बड़ी क्षमता पैदा करेंगी...।'' मोदी ने कहा कि भारत को उनकी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और नीतियों से रणनीतिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने 40 हजार नियमों को हटाकर कारोबार में आसानी को बढ़ावा दिया है और रक्षा, बीमा तथा दूरसंचार क्षेत्र में एफडीआई नीतियों को उदार बनाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के दिनों में पीएलआई (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना) के जरिए इलेक्ट्रॉनिक और हार्डवेयर विनिर्माण में अपनी स्थिति और मजबूत की है। उन्होंने कहा, “आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माता बनकर उभरा है। यह नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन को प्रोत्साहित करने के लिए भी काम कर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग के सबसे बड़े लाभार्थी देश के युवा होंगे। उन्होंने कहा कि चिप निर्माण सिर्फ एक उद्योग नहीं है, बल्कि यह विकास का द्वार खोलता है जो असीम संभावनाओं से भरा है। मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र न केवल भारत के लिए नौकरियां पैदा करेगा, बल्कि प्रौद्योगिकी भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत इतने कम समय में ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ‘‘स्टार्ट-अप इकोसिस्टम'' बन चुका है और “इस कार्यक्रम के बाद, सेमीकंडक्टर क्षेत्र हमारी स्टार्ट-अप प्रणाली के लिए नए अवसर पैदा करेगा।” प्रधानमंत्री ने गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र और साणंद में ‘आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' केंद्र (ओएसएटी) की आधारशिला रखी। इसके अलावा उन्होंने असम के मोरीगांव में ओएसएटी परियोजना का भी ऑनलाइन तरीके से शिलान्यास किया।
धोलेरा में शिलान्यास समारोह में रेलवे, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और टाटा संस समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने भाग लिया। वहीं, असम के जगीरोड में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि आज असम और पूर्वोत्तर के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। इस अवसर पर शर्मा ने कहा “यह पहली बार है कि राज्य में इतनी बड़ी राशि (27,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया जा रहा है, जो असम व पूर्वोत्तर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर जगह दिलाएगा। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहल के चलते ही संभव हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह असम के लोगों के लिए एक ‘भावनात्मक दिन' है क्योंकि यह केंद्र हिंदुस्तान पेपर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के स्थल पर स्थापित किया जा रहा है, जिसे राज्य में बंद करना पड़ा था। शर्मा ने कहा, “लोग एचपीसीएल के बंद होने से बहुत दुखी थे। हालांकि, मैंने संभावनाओं की तलाश की और अब विकास का एक नया युग आ गया है।” -
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए बनी समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल नहीं किए जाने को चुनौती देने वाली एक गैर सरकारी संगठन की याचिका पर 15 मार्च को सुनवाई करने पर सहमत हो गया। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अगुवाई वाली पीठ ने एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर गौर किया और शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। भूषण ने याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हुए दलील पेश की थीं। न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, ‘‘मुझे अभी प्रधान न्यायाधीश से संदेश मिला है कि इसे शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जाए।''' एनजीओ ने ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023' के एक प्रावधान की वैधता को चुनौती दी है। नए कानून के अनुसार चयन समिति में प्रधानमंत्री अध्यक्ष होंगे और इसमें दो सदस्य होंगे जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। हाल में निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल के पद से इस्तीफे के बाद एनजीओ ने शीर्ष अदालत का रुख किया है।
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नयी दिल्ली/ईटानगर। भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को सभी 60 सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जिनमें 16 नए चेहरे शामिल हैं। कांग्रेस का दामन छोड़ हाल ही में भाजपा में शामिल हुए तीन विधायकों को भी उम्मीदवारों की सूची में जगह मिली है। पार्टी ने चार महिलाओं को भी उम्मीदवार बनाया है जिनमें से एक पहली बार चुनाव मैदान में किस्मत आजमाएंगी। मौजूदा सरकार में गृहमंत्री बमांग फेलिक्स (न्यापिन सीट), उद्योग मंत्री तुमके बागरा (आलो पश्चिम) और कृषि मंत्री तागे ताकी (जीरो-हापोली) को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। पार्टी ने शेरिंग लामू को लूमला, न्याबी जिनी दिरची को बसार, दासांग्लू पुल को हायूलियांग और चकत अबोह को खोंसा पश्चिम सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा ने पिछले हफ्ते केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू और तापिर गाओ को क्रमशः अरुणाचल पश्चिम और अरुणाचल पूर्व लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी। अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे।
भाजपा ने मौजूदा विधायक लाइसम सिमाई (नामपोंग), केंटो रीना (नारी-कोयू), त्सेरिंग ताशी (तवांग) और लोकम तसर (कोलोरियांग) को इस बार टिकट नहीं दिया है। पार्टी ने मौजूदा महिला विधायकों गम तायेंग (दंबुक) और जुमम एते देवरी (लेकांग) का टिकट भी काट दिया है। हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए तीन विधायकों को भी उम्मीदवार बनाया गया है। निनॉन्ग एरिंग को पासीघाट पश्चिम से, लोम्बो तायेंग को मेबो से और वांग्लिंग लोवांगडोंग को बोरदुरिया-बोगापानी से चुनावी मैदान में उतारा गया है। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा सीट में भाजपा को 41 पर जीत मिली थी। जनता दल (यूनाइटेड) को सात, नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) को पांच, कांग्रेस को चार, पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) को एक और निर्दलीयों को दो सीट मिली थी। जद(यू) के सभी सात विधायक और पीपीए विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए 72 और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी और अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, त्रिवेंद्र सिंह रावत और बसवराज बोम्मई के नाम शामिल हैं। गड़करी एक बार फिर नागपुर से चुनाव लड़ेंगे जबकि गोयल मुंबई (उत्तर) से पहली बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरेंगे। खट्टर को हरियाणा के करनाल से, बोम्मई को हावेरी से और रावत को पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक' की जगह हरिद्वार से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ठाकुर एक बार फिर हमीरपुर से, प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से, भगवंत खूबा महाराष्ट्र के बीदर और भारती प्रवीण पवार डिंडोरी से मैदान में होंगे। भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के दामाद सी एन मंजूनाथ को बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है जहां उनका मुकाबला कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के भाई डी के सुरेश से होगा। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने पूर्वी दिल्ली से हर्ष मल्होत्रा और उत्तर पश्चिम दिल्ली से योगेंद्र चंदौलिया को मैदान में उतारा है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र शिमोगा से चुनाव लड़ेंगे जबकि भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रमुख तेजस्वी सूर्या बेंगलुरु दक्षिण से फिर से चुनाव लड़ेंगे। पूर्ववर्ती मैसूर शाही परिवार के यदुवीर कृष्णदत्त वाडियार मैसूर सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में प्रताप सिम्हा की जगह लेंगे। सिम्हा ही वह सांसद थे जिनकी अनुशंसा पर बने पास के जरिए दो युवा लोकसभा के दर्शक दीर्घा पहुंचे थे और सदन की कार्यवाही के दौरान कक्ष में कूद गए थे। पार्टी ने पूर्वी दिल्ली से गौतम गंभीर की जगह मल्होत्रा और उत्तर पश्चिम दिल्ली से हंसराज हंस की जगह चंदौलिया को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने इससे पहले, दिल्ली की पांच में से चार सीट पर मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए थे और सिर्फ मनोज तिवारी को दोबारा उत्तर पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार बनाया था। इस महीने की शुरुआत में भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। इस प्रकार लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही भाजपा ने कुल 267 उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी है।
- चेंगलपट्टू . तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले में मंगलवार को एक ‘कंटेनर लॉरी' (एक प्रकार का मालवाहक वाहन) और एक बस की टक्कर में चार विद्यार्थियों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना के समय विद्यार्थी बस के पायदान पर यात्रा कर रहे थे।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने विद्यार्थियों की मौत पर दुख व्यक्त किया और उनके परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। पुलिस ने बताया कि मृत विद्यार्थियों की उम्र 19 से 21 वर्ष के बीच थी और सभी कॉलेज में पढ़ते थे।उसके अनुसार चेन्नई -तिरूचिराप्पल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मदुरन्थकम के समीप यह हादसा हुआ। आगे निकलने की कोशिश के दौरान बस ‘कंटेनर लॉरी' से टकरा गई। एक सरकारी बयान के अनुसार तीन विद्यार्थियों की मौके पर ही मौत हो गयी और चौथे विद्यार्थी ने एक सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
- नयी दिल्ली. हिंदी उपन्यासकार संजीव और अंग्रेजी लेखिका नीलम शरण गौड़ सहित 24 लेखकों को मंगलवार को यहां साहित्य अकादमी पुरस्कार (2023) से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार समारोह साहित्य अकादमी की 70वीं वर्षगांठ के जश्न 'साहित्योत्सव' के साथ आयोजित किया गया।साहित्य अकादमी पुरस्कार जिन कृतियों के लिए दिए गए उनमें कविता की नौ पुस्तकें, छह उपन्यासों के साथ ही लघु कथाओं की पांच किताबें भी शामिल हैं। जानेमाने लेखक संजीव को उनके उपन्यास ‘मुझे पहचानो' और नीलम शरण गौड़ को उनके उपन्यास ‘रेक्युम इन रागा जानकी' के लिए सम्मानित किया गया। उर्दू में सादिका नवाब सहर को उनकी किताब ‘राजदेव की अमराई' के लिए पुरस्कृत किया गया है।इसके अलावा जिन रचनाकारों को पुरस्कृत किया गया है उनमें विजय वर्मा (डोगरी), विनोद जोशी (गुजराती), मंशूर बनिहाली (कश्मीरी), एस गंभिनी (मणिपुरी), आशुतोष परीडा (उड़िया), गजेसिंह राजपुरोहित (राजस्थानी), अरुण रंजन मिश्र (संस्कृत), विनोद आसुदानी (सिंधी) शामिल हैं। इसके अलावा स्वपनमय चक्रवर्ती (बांग्ला), कृष्णात खोत (मराठी) और राजशेखरन (तमिल), प्रणवज्योति डेका (असमिया), नंदेश्वर दैमारि (बोडो), प्रकाश एस. पर्येंकार (कोंकणी), टी. पतंजलि शास्त्री (तेलुगु) और तारासीन बासकी (संताली) को भी प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाज़ा गया। पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए प्रख्यात लेखिका प्रतिभा राय ने कहा कि "भाषा की प्रगति के बिना, कोई भी संस्कृति बहुत समय तक जीवित नहीं रह सकती।'' उन्होंने कहा, "साहित्य सभी को जोड़ता है और यह कभी विभाजन नहीं करता है। लेखन हमेशा सार्वभौमिक होता है और विभिन्न बदलाव के समय भी अपनी चमक नहीं खोता है।'' इस कार्यक्रम में साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक, उपाध्यक्ष कुमुद शर्मा और सचिव के श्रीनिवासराव भी उपस्थित थे।
- पोखरण. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आजादी के बाद दशकों तक देश पर ‘‘शासन'' करने वाले भारत की रक्षा के मामले में ‘‘गंभीर नहीं'' थे और सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से भी ‘‘डरते'' थे। राजस्थान के पोखरण में आयोजित भारत शक्ति अभ्यास में अपने संबोधन में मोदी ने बगैर किसी का नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा। मोदी ने कहा, ‘‘आजादी के बाद दुर्भाग्य रहा कि जिन्होंने दशकों तक देश पर शासन किया, वे देश की रक्षा के मामले में गंभीर नहीं थे।'' उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी थी कि आजादी के बाद देश में सेना के लिए खरीद के बीच ‘‘पहला बड़ा घोटाला'' हुआ। मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 2014 में पहली बार उनके नेतृत्व वाली सरकार में बदलाव आया और सशस्त्र बलों के कर्मियों के परिवारों को महसूस हुआ कि ‘‘मोदी की गारंटी'' का क्या मतलब है। उन्होंने ‘वन रैंक वन पेंशन' (ओआरओपी) के मामले का हवाला देते हुए कहा कि ‘‘चार दशकों तक सेना के जवानों के परिवारों से झूठ बोला गया'', लेकिन मोदी ने इस योजना को लागू करने की गारंटी दी और इसे दृढ़ता से पूरा किया। प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘उन्होंने भारत को रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रखा।'' उन्होंने भारत शक्ति अभ्यास का जिक्र करते हुए कहा कि पोखरण भारत की आत्मनिर्भरता, विश्वास और आत्म-गौरव का गवाह बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पोखरण है, जिसने भारत की परमाणु शक्ति देखी है और आज यहां हम स्वदेशीकरण से सशक्तीकरण की ताकत भी देख रहे हैं।'' इस अभ्यास के दौरान स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का करीब 50 मिनट तक समन्वित प्रदर्शन किया गया। ‘भारत शक्ति' के दौरान, देश को आत्मनिर्भर बनाने की पहल के तहत स्वदेश में विकसित हथियार प्रणालियों की एक शृंखला प्रदर्शित की जा रही है। एलसीए तेजस, एएलएच एमके-चार, एलसीएच प्रचंड, धनुष, के9 वज्र समेत अन्य रक्षा उपकरणों का पोखरण में प्रदर्शन किया जा रहा है। देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के अलावा, दर्शकों में विभिन्न देशों के सैन्य अताशे, स्थानीय नागरिक और रक्षा कर्मी और क्षेत्र के कुछ सांसद-विधायक भी शामिल थे। मोदी ने लोगों से यह याद करने को कहा कि 2014 से पहले चर्चा के विषय क्या थे। उन्होंने कहा कि तब चर्चा ‘‘रक्षा सौदों में घोटाले'' और ‘‘दशकों से लंबित रक्षा सौदों'' के बारे में होती थी। उन्होंने कहा कि सैन्य उपकरणों, हथियारों का आकार कम करना एक मुद्दा हुआ करता था। उन्होंने कहा, ‘‘दशकों तक वे हमारे बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के लिए स्मारक नहीं बना सके, यह कर्तव्य भी हमारी सरकार ने निभाया। पहले की सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से डरती थी। लेकिन, आज, कई आधुनिक सड़कें देखी जा सकती हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सुरंग बनाई जा रही हैं।
- नयी दिल्ली. लोकसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से पहले, निर्वाचन आयोग ने पार्टी चिह्नों के आवंटन से संबंधित एक प्रमुख नियम में संशोधन किया है ताकि इसे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में लागू किया जा सके। निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 संशोधित समझा जाए और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। जब तक जम्मू कश्मीर एक ‘राज्य' था, इसका जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 का अपना प्रारूप था और देश में अन्य स्थानों पर लागू होने वाला कानून वहां लागू नहीं होता था। बाद में, केंद्र ने 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। तब, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम,1951 जम्मू कश्मीर में लागू हुआ। अब, लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले, निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश में संशोधन किया है ताकि इसे केंद्र शासित प्रदेश में लागू किया जा सके। पूर्व के आदेश में कहा गया था कि इसे पूरे भारत में विस्तारित किया गया है, और जम्मू कश्मीर राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अलावा सभी संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में चुनावों पर लागू होता है। संशोधित प्रारूप के अनुसार, यह पूरे भारत में और सभी संसदीय एवं विधानसभा क्षेत्रों पर लागू होता है।पूर्व के आदेश में कहा गया था कि ‘‘राज्य'' में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं। संशोधित आदेश में कहा गया है कि ‘‘राज्य'' में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर शामिल हैं।
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 10 नयी वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत करने के साथ 85,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने यहां ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (समर्पित माल ढुलाई गलियारा यानी डीएफसी) परिचालन नियंत्रण केंद्र' का दौरा करने के बाद गुजरात में अहमदाबाद के साबरमती क्षेत्र से परियोजनाओं की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने रेलवे कार्यशालाओं, लोको शेड, पिट लाइन/कोचिंग डिपो, फलटण - बारामती नयी लाइन और इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली उन्नयन कार्य की आधारशिला रखी तथा पूर्वी डीएफसी के न्यू खुर्जा से साहनेवाल (401 मार्ग किमी) खंड और पश्चिमी डीएफसी के न्यू मकरपुरा से न्यू घोलवड खंड (244 मार्ग किमी) के बीच समर्पित माल गलियारे के दो नए खंड राष्ट्र को समर्पित किए। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद-मुंबई मध्य, सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम, मैसूरु-डॉ एमजीआर मध्य (चेन्नई), पटना-लखनऊ, न्यू जलपाईगुड़ी-पटना, पुरी-विशाखापत्तनम, लखनऊ-देहरादून, कलबुर्गी - सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु, रांची-वाराणसी और खजुराहो- दिल्ली (निजामुद्दीन) के बीच 10 नयी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने चार वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार की भी शुरुआत की।
अहमदाबाद-जामनगर वंदे भारत के मार्ग का द्वारका तक, अजमेर- दिल्ली सराय रोहिल्ला वंदे भारत का चंडीगढ़ तक, गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत का प्रयागराज तक और तिरुवनंतपुरम- कासरगोड वंदे भारत का मंगलुरु तक विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने आसनसोल और हटिया तथा तिरूपति और कोल्लम स्टेशन के बीच भी दो नयी यात्री ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। मोदी ने न्यू खुर्जा जंक्शन, साहनेवाल, न्यू रेवाड़ी, न्यू किशनगढ़, न्यू घोलवड और न्यू मकरपुरा से ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर' पर मालगाड़ियों की भी शुरुआत की। उन्होंने विभिन्न रेलवे स्टेशन पर 50 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए। ये जन औषधि केंद्र लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री ने 51 ‘गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल' भी राष्ट्र को समर्पित किए। ये टर्मिनल परिवहन के विभिन्न तरीकों के बीच सामान की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देंगे। -
चेन्नई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रामको सीमेंट्स की गति शक्ति टर्मिनल परियोजना का मंगलवार को उद्घाटन किया। परियोजना पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में स्थित है। यह परियोजना सीमेंट उद्योग में अपनी तरह की पहली परियोजना है। रामको सीमेंट्स पर्यावरण-अनुकूल तरीके से इलेक्ट्रिक इंजन का उपयोग कर रेलवे वैगन के माध्यम से टुकड़े में बदले चूना पत्थर का परिवहन करेगी। रामको सीमेंट्स ने बयान में कहा कि गति शक्ति कार्गो टर्मिनल परियोजना आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के जयंतीपुरम में स्थित है। टुकड़े वाले चूना पत्थर को बुदावाड़ा में रामको सीमेंट्स की खदानों से जयंतीपुरम स्थित कंपनी की एकीकृत सीमेंट सुविधा तक ले जाया जाएगा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वंचित वर्गों को ऋण सहायता प्रदान करने के लिए बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भाग लेंगे। प्रधानमंत्री इस दौरान सामाजिक उत्थान एवं रोजगार आधारित जनकल्याण (पीएम-सुराज) राष्ट्रीय पोर्टल की शुरुआत करेंगे तथा वंचित वर्गों के एक लाख उद्यमियों को ऋण सहायता मंजूर करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। उसके मुताबिक प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और स्वच्छता कार्यकर्ताओं सहित वंचित समूहों के लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। वह इस अवसर पर एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
पीएमओ ने कहा, "पीएम-सुराज राष्ट्रीय पोर्टल वंचितों को प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" उसने कहा, "यह एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे हाशिए वाले वर्गों का उत्थान करना है। देश भर में पात्र व्यक्तियों को ऋण सहायता प्रदान की जाएगी। बैंकों, एनबीएफसी-एमएफआई और अन्य संगठनों के माध्यम से यह सुविधा प्रदान की जाएगी।" कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम' (नमस्ते) के तहत सफाई मित्रों (सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों) को आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड और पीपीई किट भी वितरित करेंगे। पीएमओ ने कहा कि यह पहल चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवा करने वाले अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुरक्षा की दिशा में एक और कदम का प्रतिनिधित्व करती है।" इस कार्यक्रम में वंचित समूहों के लगभग तीन लाख लाभार्थी विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रतिभागी होंगे, जो देश भर के 500 से अधिक जिलों से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। -
महोबा . उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मंगलवार को खनन कर रहे मजदूरों के ऊपर पहाड़ी का एक हिस्सा गिर गया, जिससे उसमें दब कर चार श्रमिकों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। महोबा के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सत्यम ने बताया कि जिले के कबरई में खनन के दौरान एक पहाड़ गिर जाने से चार मजदूरों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य घायल हो गया। एएसपी ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रेमचंद्र कुशवाहा (19), रामफूल (32), राममिलन कुशवाहा (35) और कुलदीप रैकवार (20) के रूप में हुई है। घायल को उपचार के लिए महोबा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। इसके पहले कबरई के थाना प्रभारी वीरेंद्र प्रताप ने बताया था, ‘‘महोबा में एक पहाड़ी पर खनन कर रहे दो मजदूरों पर पहाड़ी का एक हिस्सा गिरने से मौत हो गई।''
- -छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान आदान सहायता राशि किसानों के खाते में अंतरण करने से चारों तरफ छाई खुशहालीरायपुर / किसानों की उन्नति और खुशहाली के लिए आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश में कृषक उन्नति योजना का शुभारंभ हुआ। बालोद में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर प्रदेश के किसानों के खाते में 13000 करोड़ रुपए से अधिक राशि हस्तांतरित की। धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर मिलने से प्रदेश के किसान बेहद खुश नजर आ रहे हैं। चारों तरफ खुशहाली छा गई है। इस योजना से खेती किसानी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही कृषक परिवार में खुशियों की दिवाली मनेगी।स्टेडियम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों को धान आदान सहायता राशि का प्रमाण पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों प्रमाण पत्र पाकर किसान खुशी से प्रफुल्लित हो उठे। कलंगपुर निवासी किसान श्रीमती चंद्रकुमारी को धान आदान सहायता के रूप में 6 लाख 47 हजार रुपए मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की इस जन हितैषी योजना से किसानों के पास पैसे की कमी नहीं होगी। किसानों को पैसों के लिए दूसरो के सामने हाथ फ़ैलाने की ज़रूरत नही होगी। उन्होंने बताया कि उनके 3 पुत्र हैं जो घर की खेती किसानी के कामों में हाथ बंटाते है। लगभग 45 एकड़ में खेती करने वाली किसान श्रीमती चंद्रकुमारी ने कहा कि मोदी जी ने जो गारंटी बताई थी वह आज पूरी हो गई है। जिससे प्रदेश के किसान निश्चित रूप से काफी खुश है।
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को लोक सभा चुनाव के लिए अपने 43 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की जिसमें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ के नाम शामिल हैं। कांग्रेस लोक सभा चुनाव के लिए अब तक 82 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इस सूची में असम से 12, गुजरात से 7, मध्य प्रदेश से 10, राजस्थान से 10, उत्तराखंड से तीन और दमन एवं दीव से एक उम्मीदवार का नाम शामिल है।
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने लोक सभा चुनाव के मद्देनजर पांच राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के लिए सोमवार को 60 से अधिक उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की थी जिनमें 43 पर मुहर लगाई थी। वैभव गहलोत को राजस्थान के जालोर लोक सभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है।राजस्थान किक्रेट संघ के पूर्व अध्यक्ष वैभव गहलोत पिछले लोक सभा चुनाव में जोधपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार थे, हालांकि उन्हें केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गजेंद्र सिंह शेखावत से हार का सामना करना पड़ा था।नकुल नाथ को मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट से एक बार फिर उम्मीदवार बनाया गया है। वह 2019 में इसी सीट से पहली बार निर्वाचित हुए थे।लोक सभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई असम के जोरहाट से चुनाव लड़ेंगे। वह वर्तमान में कलियाबोर लोक सभा क्षेत्र के प्रतिनिधि हैं। असम में परिसीमन के चलते उन्हें नए क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है।असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता प्रद्युत बारदोलोई को नागांव से उम्मीदवार बनाया गया है। असम की बारपेटा लोक सभा सीट से कांग्रेस के वर्तमान प्रतिनिधि अब्दुल खालिक को टिकट नहीं मिला है। उनके स्थान पर कांग्रेस ने दीप बायान को उम्मीदवार बनाया है।कांग्रेस ने असम की ढुबरी लोक सभा सीट पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन को उम्मीदवार घोषित किया है।राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए राहुल कस्वां को उनके मौजूदा संसदीय क्षेत्र चुरू से उम्मीदवार बनाया गया है। राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र से हरीश मीणा, झुंझनू से बृजेंद्र ओला, अलवर से ललित यादव और बीकानेर से गोविंदराम मेघवाल कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित किए गए हैं।कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य कमलेश्वर पटेल को मध्य प्रदेश की सीधी सीट से उम्मीदवार बनाया गया। कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग के पूर्व प्रमुख रोहन गुप्ता को गुजरात में अहमदाबाद पूर्व लोक सभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया है।उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियल को गढ़वाल और प्रदीप टम्टा को अल्मोड़ा से टिकट दिया गया है। कांग्रेस की पहली सूची में 15 उम्मीदवार सामान्य वर्ग और 24 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के थे। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली के पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 'सशक्त नारी-विकसित भारत' कार्यक्रम में भाग लिया और ‘नमो ड्रोन दीदियों' की ओर से कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग का प्रदर्शन देखा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 1,000 से अधिक ‘नमो ड्रोन दीदियों' को ड्रोन भी सौंपे।
इस आयोजन के समय देशभर में 11 अलग-अलग जगहों से भी ‘नमो ड्रोन दीदियों' ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन ‘लखपति दीदियों' को सम्मानित भी किया, जिन्होंने दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से सफलता प्राप्त की है और वे अन्य स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के उत्थान के लिए मददगार बन रही हैं तथा उन्हें प्रेरित कर रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को रियायती ब्याज दरों पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये का ऋण भी प्रदान किया। ये ऋण बैंकों की ओर से प्रत्येक जिले में बनाए गए बैंक संपर्क शिविरों के माध्यम से दिए जा रहे हैं। इससे पहले, एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘नमो ड्रोन दीदी' और ‘लखपति दीदी' कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनमें वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण भाग हैं। - रायसेन .मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानपुर शहर में सोमवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने कई बारातियों को टक्कर मार दी जिससे पांच लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। रायसेन के कलेक्टर अरविंद दुबे ने बताया कि यह घटना तब हुई जब होशंगाबाद जिले के आंचलखेड़ा से सुल्तानपुर के खमरिया गांव पहुंचे बारातियों को सड़क पर गलत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। दुबे ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।उन्होंने बताया कि घायलों में पांच की हालत गंभीर है और उन्हें भोपाल रेफर किया गया है।कलेक्टर ने कहा कि रात करीब 10 बजे हुई दुर्घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंच गए।उन्होंने बताया कि पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के लिए बाहरी उम्मीदवारों को उतारने के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के फैसले का बचाव करते हुए पार्टी के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को कहा कि राज्य में असली लड़ाई 'मोदी की गारंटी' और 'दीदी की गारंटी' के बीच है। टीएमसी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, जिसके तुरंत बाद भाजपा ने राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी की सूची उस चीज से 'भरी हुई' है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'बाहरी' कहती हैं। रॉय ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि 'बाहरी' वे लोग हैं, जो बंगाल का अपमान करते हैं।
टीएमसी ने पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान को बहरामपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। बहरामपुर, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख और पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी का गढ़ है। वहीं 2022 में आसनसोल सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी के टिकट पर जीत हासिल करने वाले अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी ने फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं पूर्व क्रिकेटर और पार्टी नेता कीर्ति आजाद को बर्धमान-दुर्गापुर से उम्मीदवार घोषित किया गया है। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। रॉय ने सोमवार को एक वीडियो बयान जारी करके लोकसभा चुनावों के लिए टीएमसी के उम्मीदवारों के चयन को उचित ठहराया और भाजपा व कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। पार्टी के राज्यसभा सदस्य ने कहा, ''कल (रविवार को) टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की। यह अपने आप में अनोखा है क्योंकि देश में कोई भी अन्य राजनीतिक दल किसी भी राज्य के उम्मीदवारों की पूरी सूची की घोषणा नहीं कर पाया है।'' रॉय ने कहा, ''कृष्णा मेनन और बी आर आंबेडकर, दोनों ने बंगाल से चुनाव लड़ा था। हमने उन्हें कभी बाहरी नहीं माना। बाहरी वे हैं, जो बंगाल का अपमान करते हैं। - भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा योजना' के प्रस्ताव के साथ-साथ हर जिला अस्पताल में एक शव वाहन तैनात करने की योजना को मंजूरी दे दी। एक अधिकारी ने कहा कि 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा योजना' राज्य के लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कार्यान्वित और संचालित की जाएगी। अधिकारी ने कहा, "यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। यह सेवा राज्य में कहीं भी चिकित्सा आपातकाल के मामले में या विशेष प्रकार की चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता होने पर उपलब्ध होगी।" उन्होंने कहा, ‘‘ मंत्रिपरिषद ने सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त में शव ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान मृत्यु या सड़क दुर्घटना या आपदा के कारण मृत्यु होने पर शव को सम्मान पूर्वक शव वाहन से गंतव्य तक ले जाया जाएगा।'' अधिकारी ने बताया कि शव वाहन के संचालन की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की होगी, जबकि वर्तमान में यह शहरी विकास एवं आवास विभाग के पास है। अधिकारी ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में विभागाध्यक्ष, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के निदेशक और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के निदेशक का कार्यालय भोपाल से उज्जैन स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने 2028 सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी।
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नयी दिल्ली.केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को अधिसूचित नियमों के अनुसार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए)-2019 के तहत भारतीय नागरिकता पाने के इच्छुक लोगों को आवेदन करने की तारीख से पहले देश में कम से कम 12 महीने तक रहना अनिवार्य है। इसके बाद ही वे आवेदन करने के लिए पात्र होंगे। नियमों में कहा गया है कि इन 12 महीनों से ठीक पहले के आठ वर्षों के दौरान भी आवेदकों द्वारा देश में कम से कम छह साल बिताया गया हो, तभी उन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए पात्र माना जाएगा। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम- 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर,2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों - हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करता है। नियमों के अनुसार, आवेदकों को यह घोषणापत्र भी देना होगा कि वे मौजूदा नागरिकता को ‘अपरिवर्तनीय रूप से' त्याग रहे हैं और वे ‘भारत को स्थायी घर' बनाना चाहते हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘आवेदक द्वारा उप-नियम (1) के तहत किए गए प्रत्येक आवेदन में इस आशय की घोषणा होगी कि उसका आवेदन स्वीकृत होने की स्थिति में उसके देश की उसकी नागरिकता अपरिवर्तनीय रूप से त्याग दी जाएगी और वह भविष्य में इस पर कोई दावा नहीं करेगा।'' नियम इन उप-श्रेणियों के लिए अलग-अलग आवेदन पत्र प्रदान करते हैं जो इस प्रकार हैं- भारतीय मूल का व्यक्ति, भारतीय नागरिक से विवाहित व्यक्ति, भारतीय नागरिक की नाबालिग संतान, भारतीय माता-पिता वाला व्यक्ति, ऐसा व्यक्ति जो खुद या उसके माता-पिता में से कोई एक स्वतंत्र भारत का नागरिक था, एक व्यक्ति जो भारत के प्रवासी नागरिक कार्डधारक के रूप में पंजीकृत है और एक व्यक्ति जो देशीयकरण द्वारा नागरिकता चाहता है। देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने की योग्यता में से एक यह है कि व्यक्ति आवेदन करने से पहले एक निश्चित समयावधि से भारत में रह रहा हो या कम-से-कम 11 वर्ष का समय उसने भारत में बिताया हो। देशीयकरण द्वारा नागरिकता चाहने वालों को आवेदन में दिए गए बयानों की सत्यता की पुष्टि करने वाला एक हलफनामा जमा करना होगा, साथ ही आवेदक के चरित्र की गवाही देने वाले एक भारतीय नागरिक का हलफनामा भी जमा करना होगा। ऐसे आवेदक को एक घोषणा पत्र भी प्रस्तुत करना होगा कि उसे संविधान की आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट भाषाओं में से एक का पर्याप्त ज्ञान है। नियम में कहा गया है कि सभी स्वीकृत आवेदकों को निष्ठा की शपथ लेनी होगी कि वे भारत के एक नागरिक के रूप में कानून द्वारा स्थापित ‘भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखेंगे' और वे ‘ईमानदारी से भारत के कानूनों का पालन करेंगे‘ और अपने कर्तव्यों को ‘पूरा' करेंगे। आवेदक को उससे संबंधित मामलों के अनुरूप अपने वैध या समाप्त हो चुके विदेशी पासपोर्ट, आवासीय परमिट, पति या पत्नी की भारतीय राष्ट्रीयता का प्रमाण - भारतीय पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र की प्रति - या विवाह रजिस्ट्रार द्वारा जारी विवाह प्रमाण पत्र की एक प्रति पेश करनी होगी। हालांकि, इन दस्तावेजों को जमा करना अनिवार्य नहीं है और लेकिन ‘यदि उपलब्ध हो' तो इन्हें पेश करना आवश्यक है। पंजीकरण या देशीयकरण के लिए आवेदन आवेदक द्वारा ‘इलेक्ट्रॉनिक रूप' में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित जिला स्तरीय समिति के माध्यम से अधिकार प्राप्त समिति को प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को नामित अधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा सत्यापित किया जाएगा, जिसका विवरण बाद में निर्दिष्ट किया जाएगा। नामित अधिकारी आवेदक को निष्ठा की शपथ भी दिलाएगा और उसके बाद शपथ पर हस्ताक्षर करेगा और उसे ‘इलेक्ट्रॉनिक रूप' में सशक्त समिति को दस्तावेजों के सत्यापन के संबंध में पुष्टि के साथ अग्रेषित करेगा। यदि आवेदक उचित अवसर देने के बावजूद निष्ठा की शपथ लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में विफल रहता है, तो जिला स्तरीय समिति ऐसे आवेदन को इनकार करने पर विचार के लिए अधिकार प्राप्त समिति को अग्रेषित करेगी। कोई पंजीकृत होने या देशीयकृत होने के लिए एक उपयुक्त और उचित व्यक्ति है या नहीं, इसकी जांच से संतुष्ट होने के बाद अधिकार प्राप्त समिति आवेदक को भारत की नागरिकता प्रदान कर सकती है। नियम में कहा गया है कि अधिकार प्राप्त समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद, नए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम- 2019 नियमों के तहत भारत के नागरिक के रूप में पंजीकृत होने वाले आवेदकों को एक ‘डिजिटल प्रमाणपत्र' मिलेगा और आवेदक द्वारा अनुरोध किए जाने के बाद एक ‘हार्ड कॉपी' प्रदान की जाएगी। प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होगा या अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित होगा। देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों को समिति द्वारा देशीयकरण का एक डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
- कोलकाता. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अंतर्कलह की वजह से बेहद हताश हो चुकी है और पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीट पर उम्मीदवारों की उसकी पसंद से यह स्पष्ट है। टीएमसी ने रविवार को कोलकाता में एक बड़ी रैली में राज्य की सभी 42 लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसके साथ ही उसने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सहयोगियों के लिए कोई सीट नहीं छोड़ी। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ''आंतरिक कलह की वजह से टीएमसी की स्थिति दयनीय हो गयी है।'' तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के 'दिशाहीन' होने का दावा करते हुए चौधरी ने कहा कि टीएमसी को जनसभा के माध्यम से अपनी ताकत दिखानी पड़ रही है, जो एक राजनीतिक कार्यक्रम की अपेक्षा एक 'कॉर्पोरेट शो' की तरह लग रहा है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने कहा, ''टीएमसी की खराब हालात उसके उम्मीदवारों के चयन से दिखाई दे रही है।'' विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम मोर्चा और टीएमसी घटक हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल द्वारा सभी 42 लोकसभा सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने से गठबंधन की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को बहरामपुर से चुनाव मैदान में उतारे जाने के सवाल पर चौधरी ने कहा कि कोई भी नागरिक देश के किसी भी हिस्से से चुनाव लड़ सकता है, जो उसका अधिकार है। पठान गुजरात के रहने वाले हैं, जिन्हें टीएमसी ने बहरामपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। चौधरी 1999 से इस सीट का प्रतिनिधत्व कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी संवेदनाएं और योजनाएं जमीन से जुड़े अनुभवों से निकली हैं जो नारी शक्ति के जीवन को आसान बना रही हैं और उनका तीसरा कार्यकाल नारी शक्ति के उत्कर्ष का नया अध्याय लिखेगा। प्रधानमंत्री ने राजधानी दिल्ली के पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 'सशक्त नारी-विकसित भारत' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि जब भी वह महिलाओं के कल्याण की बात करते हैं, विपक्षी दल उसे उन्हें गाली देने के अवसर के रूप में उपयोग करता है। इस अवसर पर उन्होंने ‘नमो ड्रोन दीदियों' की ओर से कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग का प्रदर्शन देखा और 1,000 से अधिक ‘नमो ड्रोन दीदियों' को ड्रोन सौंपे। कार्यक्रम के दौरान कुछ ‘ड्रोन दीदियों' से संवाद करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मोदी की संवेदनाएं और मोदी की योजनाएं जमीन से जुड़े जीवन के अनुभवों से निकली हैं। बचपन में जो अपने घर में देखा, अपने आस-पड़ोस में देखा, फिर देश के गांव-गांव में अनेक परिवारों के साथ रहकर जो अनुभव किया, वही आज मोदी की संवेदनाओं और योजनाओं में झलकता है।'' उन्होंने कहा कि इसलिए ये योजनाएं नारी शक्ति के जीवन को आसान बनाती हैं और उनकी मुश्किलें कम करती हैं। उन्होंने कहा कि देश में एक करोड़ से ज्यादा बहनें पिछले दिनों अलग-अलग योजनाओं और प्रयासों के कारण ‘लखपति दीदी' बन चुकी हैं। मोदी ने कहा कि यह आंकड़ा छोटा नहीं है और उनका लक्ष्य अब तीन करोड़ ‘लखपति दीदी' के आंकड़े को पार करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा तीसरा कार्यकाल नारी शक्ति के उत्कर्ष का नया अध्याय लिखेगा।''इस आयोजन के समय देशभर में 11 अलग-अलग जगहों से भी ‘नमो ड्रोन दीदियों' ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन ‘लखपति दीदियों' को सम्मानित भी किया, जिन्होंने दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से सफलता प्राप्त की है और वे अन्य स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के उत्थान के लिए मददगार बन रही हैं तथा उन्हें प्रेरित कर रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को रियायती ब्याज दरों पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये का ऋण भी प्रदान किया। ये ऋण बैंकों की ओर से प्रत्येक जिले में बनाए गए बैंक संपर्क शिविरों के माध्यम से दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हर बार जब मैं आपके कल्याण की बात करता हूं, कांग्रेस इसे मुझे गाली देने के अवसर के रूप में उपयोग करती है। परिवारवादी पार्टियां कभी भी आपके संघर्षों से जुड़ नहीं सकतीं।'' मोदी ने कहा कि 2014 से उन्होंने ऐसी योजनाएं बनाने की कोशिश की है जो महिलाओं के जीवन के हर पड़ाव में उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा, ‘‘प्रसव पूर्व देखभाल से लेकर वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच बनाने तक, हमने महिलाओं की सभी जरूरतों का ध्यान रखा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज देश की हर महिला, हर बहन, हर बेटी को ये बताना चाहता हूं। जब-जब मैनें लाल किले से आपके सशक्तीकरण की बात की तो दुर्भाग्य से कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों ने मेरा मजाक उड़ाया, मेरा अपमान किया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश या कोई भी समाज नारी शक्ति की गरिमा बढ़ाते हुए और उनके लिए नए अवसर बनाते हुए ही आगे बढ़ सकता है। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दुर्भाग्य से देश में पहले जो सरकारें रहीं, उनके लिए आप सभी महिलाओं का जीवन, आपकी मुश्किलें कभी प्राथमिकता नहीं रहीं और आपको आपके नसीब पर छोड़ दिया गया था।'' अपने अनुभवों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि अगर महिलाओं को थोड़ा अवसर और थोड़ा सहारा मिल जाए तो फिर उनको सहारे की जरूरत नहीं रहती है, वे खुद लोगों का सहारा बन जाती हैं। इससे पहले, एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘नमो ड्रोन दीदी' और ‘लखपति दीदी' कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनमें वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण भाग हैं।

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