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- नयी दिल्ली। तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बड़ी जीत की ओर बढ़ने के बीच केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राजस्थान चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने रविवार को कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन करने के साथ ही कांग्रेस के झूठे वादों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि परिणाम दिखाते हैं कि लोगों ने मोदी की ‘गारंटी पूरा करने की गारंटी' को स्वीकारा है और वे यह भी मानते हैं कि कांग्रेस केवल वादे करती है लेकिन उन्हें कभी पूरा नहीं करती। ‘कांग्रेस की गारंटी' के जवाब में भाजपा ने इस बार के विधानसभा चुनाव में ‘मोदी की गारंटी' को मुद्दा बनाया था और इसमें वह सफल भी हुई। यह पूछे जाने पर कि राजस्थान के नए मुख्यमंत्री का नाम कब तय किया जाएगा, जोशी ने कहा कि यह भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और अपने नवनिर्वाचित विधायकों के परामर्श से ‘बहुत जल्द और सुचारू रूप से' होगा। राजस्थान से भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ‘जादू' इस रेगिस्तानी राज्य में काम नहीं आया और लोगों ने ‘मोदी की गारंटी' को अपनाया। मेघवाल ने पार्टी के चुनाव प्रभारी के तौर पर जोशी के चुनाव प्रबंधन के तरीके की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने सभी की बात सुनी और निष्पक्ष भाव से काम किया। उत्तराखंड के बाद यह दूसरा राज्य है जहां कर्नाटक के नेता को विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया गया था। राजस्थान में पार्टी के कई क्षत्रप और मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। तेलंगाना के चुनाव परिणामों पर जोशी ने कहा कि कांग्रेस को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का फायदा मिला। उन्होंने कहा कि दक्षिण के इस राज्य में भाजपा को और भी मेहनत करते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है। जोशी ने कहा कि अगर विपक्ष सोमवार से शुरू हो रहे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र को बाधित करता है तो आने वाले दिनों में उसे इससे भी बदतर परिणाम भुगतने होंगे।
- इंदौर। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को दावा किया कि उनका दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में 400 से ज्यादा सीट जीतेगा। विजयवर्गीय ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा,"मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण चुनाव जीते हैं। हम आने वाले लोकसभा चुनाव में 400 से ज्यादा सीट जीतेंगे।" क्या मध्यप्रदेश में जीत का श्रेय राज्य सरकार की ‘लाडली बहना' योजना को जाता है? इस सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि कुछ "दरबारी पत्रकार" इस बात को स्थापित करने में लगे हैं। क्या विजयवर्गीय मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा,"मैं भाजपा कार्यकर्ता मात्र हूं और किसी दौड़ में शामिल नहीं हूं। मैं काल्पनिक प्रश्नों का जवाब नहीं देता।" उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास "नेता, नीति और अच्छी नीयत" का अभाव है और विधानसभा चुनावों में जनता ने इस पार्टी को आईना दिखा दिया है।"
- भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान मध्यप्रदेश में 14 रैलियों को संबोधित किया और युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाकर उन्हें विभिन्न मोर्चों पर पिछली कांग्रेस सरकारों की विफलताओं की याद दिलाई और सभी वर्गों के विकास पर जोर दिया। मोदी की अपील का मध्यप्रदेश में महिलाओं समेत मतदाताओं पर असर हुआ, जहां सत्तारूढ़ भाजपा ने 43 सीटें जीती हैं और 230 निर्वाचन क्षेत्रों में से 122 पर आगे चल रही है । पिछले महीने मप्र में चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री ने एक रोड शो का भी नेतृत्व किया था।जैसा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश में सत्ता विरोधी लहर को हराने के लिए एक रणनीति तैयार की, जहां वह 2003 से सत्तारूढ़ है (दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक 18 महीनों को छोड़कर) मोदी भगवा पार्टी के पारंपरिक समर्थकों के अलावा महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों समेत मतदाताओं के विभिन्न वर्गों तक पहुंचे। भाजपा के प्रचार नारे "एमपी के मन में मोदी, मोदी के मन में एमपी" को चुनाव प्रचार के दौरान व्यापक स्वीकृति मिली थी। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, मोदी ने तीन चुनावी रैलियों को संबोधित किया और एक रोड शो का नेतृत्व किया।'' मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री और रणनीतिकार अमित शाह भी शामिल हुए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लोग तीन दिसंबर को फिर से दिवाली मनाएंगे जब विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती होगी और 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होगा। सितंबर में, शाह ने चुनाव प्रबंधन और 17 नवंबर के चुनावों के लिए रणनीति बनाने का काम अपने ऊपर ले लिया। शाह ने मध्यप्रदेश का सघन दौरा किया। चुनाव टिकटों के वितरण पर असंतोष को दबाने के लिए, उन्होंने तीन दिनों तक राज्य में डेरा डाला। उन्होंने विद्रोहियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य नेताओं तक पहुंच बनाई। चूंकि भाजपा के शीर्ष नेता आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे थे, मतदाताओं के बीच "मामा" के नाम से लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रमुख लाडली बहना योजना का प्रचार किया, जो महिलाओं के बीच हिट हो गई है। योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये मिलते हैं। राज्य की 2.72 करोड़ महिला मतदाताओं में से लाभार्थी महिलाओं की संख्या चौंका देने वाली 1.31 करोड़ है। चौहान मध्यप्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं।केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश चुनाव के लिए भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक नियुक्त किया गया, जबकि कांग्रेस ने सत्ता में आने पर नारी सम्मान निधि के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया था । चौहान ने महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह प्रदान करके लाडली बहना योजना शुरू की। उन्होंने सहायता को किस्तों में बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा किया और 250 रुपये मासिक बढ़ोतरी लागू की।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यांगों को सशक्त बनाने पर बल दिया है। आज नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करते हुए, उन्होंने कहा कि दुनिया की आबादी में 15 प्रतिशत लोग दिव्यांग हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दिव्यांगजनों का संघर्ष और उनकी उपलब्धियां लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। राष्ट्रपति ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए लोगों, संस्थाओं, संगठनों, राज्य और जिले को कुल 30 पुरस्कार प्रदान किए।इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक करोड़ से अधिक विशिष्ट दिव्यांग पहचान-पत्र बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए रोजगार में चार प्रतिशत की आरक्षण की व्यवस्था की गई है। डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों के समग्र विकास में भारतीय संकेत भाषा संस्थान और दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। -
नई दिल्ली। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर रविवार (3 दिसंबर) को बड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि आज के चुनाव परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि तुष्टीकरण और जाति में बांटने की राजनीति के दिन समाप्त हो चुके हैं.
अमित शाह ने कहा, ''जनता के दिल में सिर्फ और सिर्फ मोदी जी हैं. नया भारत पॉलिटिक्स ऑफ परफॉरमेंस पर वोट देता है. इस अपार समर्थन के लिए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की जनता को नमन करता हूं. बीजेपी की इस भव्य विजय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बहुत-बहुत बधाई.''
- जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जीत की ओर बढ़ने के मद्देनजर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव परिणामों को ‘‘अप्रत्याशित’’ बताते हुए कहा कि वह इसे ‘‘विनम्रतापूर्वक’’ स्वीकार करते हैं। कांग्रेस नेता गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘राजस्थान की जनता द्वारा दिए गए जनादेश को हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं। यह सभी के लिए एक अप्रत्याशित परिणाम है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह हार दिखाती है कि हम अपनी योजनाओं, कानूनों और नवाचारों को जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह कामयाब नहीं रहे।’’गहलोत ने कहा, ‘‘मैं नई सरकार को शुभकामनाएं देता हूं। मेरी उन्हें सलाह है कि हम काम करने के बावजूद कामयाब नहीं हुए, इसका मतलब यह नहीं कि वे सरकार में आने के बाद काम ही ना करें। हमने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), चिरंजीवी सहित जो तमाम योजनाएं शुरू की हैं एवं विकास की जो रफ्तार इन पांच सालों में राजस्थान को दी है वे इसे आगे बढ़ाएं।’’ राजस्थान के विधानसभा चुनाव में भाजपा जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा के उम्मीदवार 53 सीट जीत चुके हैं और 62 सीट पर आगे हैं। कांग्रेस ने अब तक 27 सीट पर जीत दर्ज की है और वह 42 पर आगे है।
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नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रविवार को दावा किया कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अच्छा प्रदर्शन उसकी सफलता से ज्यादा कांग्रेस की ‘विफलता’ है। मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों राज्यों में भाजपा जीत की ओर बढ़ रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में उसने काफी बढ़त हासिल कर ली है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर संदेश में कहा, “इन तीन राज्यों में यह भाजपा की सफलता से ज्यादा कांग्रेस की विफलता है।” कांग्रेस तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) पर जीत हासिल करती हुई दिख रही है। घोष ने दावा किया कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनावों के नतीजे कुछ ही महीने दूर लोकसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण चुनावी घटनाक्रम है, लेकिन इसका आम चुनावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “टीएमसी वह पार्टी है जो देश में भाजपा को हराने की लड़ाई में नेतृत्व प्रदान कर सकती है।” टीएमसी नेता ने दावा किया कि इन राज्यों में चुनाव जीतने के लिए अन्य पार्टियों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कल्याणकारी योजनाओं को आत्मसात किया है। - भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सत्ता में आने जा रही है. शुरुआती रुझानों के मुताबिक पार्टी प्रदेश में बंपर जीत के साथ दोबारा वापसी कर रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जनकल्याणकारी योजनाओं के चलते फिर से सत्ता हासिल करने में सफल रही है. यहां कुछ जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया है कि कैसे ये योजनाएं बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हुई और फिर से बीजेपी के लिए सत्ता का द्वार खुला.लाडली बहना योजनामुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की शुरुआत शिवराज सिंह चौहान ने 5 मार्च 2023 को की थी. इस योजना के तहत राज्य की 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को प्रति माह 1-1 हजार रुपए सहायता दी जा रही है. महिलाओं को इसकी पहली किस्त 10 जून को मिली थी. यह योजना बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हुई और इसके चलते महिला वोटर्स बीजेपी की ओर झुकें.किसानों का कर्ज माफकिसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने शुरू की थी लेकिन साल 2020 में जब कमलनाथ की सरकार गिर गई तो कुछ किसान कर्ज माफी से रह गए थे, जिनपर काफी ब्याज चढ़ गया था. इसके बाद शिवराज सरकार ने कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू की और 11 लाख 19 हजार किसानों का लगभग 2 हजार 123 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया. किसानों का कर्ज माफ सरकार के लिए फायदेमंद रहा और इसने बीजेपी के दोबारा सत्ता में लौटने में मदद की.संविदा कर्मचारी को रिन्यू नहीं कराना होगा अनुबंधमध्य प्रदेश सरकार ने कुछ महीने पहले घोषणा की कि अब राज्य में संविदा पर काम कर रहे कर्मचारी को हर साल अपना अनुबंध रिन्यू नहीं करवाना होगा. इसके साथ ही सरकार ने संविदा कर्मचारियों का अनुबंध समाप्त कर दिया है. इसके अलावा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की तरह उनके लिए भी अच्छे वेतन, भत्ता, अवकाश, बीमा आदि की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की.आंगनबाड़ी सेविकाओं के वेतन में वृद्धिशिवराज सरकार ने राज्य में काम कर रही आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के वेतन में भी बढ़ोतरी की है. सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के वेतन को 3 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 13000 रुपए प्रतिमाह कर दिया. इसके अलावा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के वेतन को बढ़ाकर 750 रुपए से बढ़ाकर 5750 रुपए प्रति महीने कर दिया. इसके अलावा सरकार ने घोषणा की कि रिटायरमेंट के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं को 1 लाख 25 हजार रुपए और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे.मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ का फायदामध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते 4 जुलाई को ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ की शुरुआत की. इस योजना के तहत 29 साल तक के युवाओं को अलग-अलग संस्थाओं में काम का प्रशिक्षण दिया जाएगा. काम सीखने के दौरान युवाओं को 8 हजार से 10 हजार रुपए प्रति महीने भी दिए जा रहे हैं. अभी सरकार ने 12204 संस्थाओं को इसके लिए अनुबंध किया है. इसमें अबतक 4 लाख 64 हजार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.इसके अलावा रोजगार सहायकों को दोगुना वेतन, छात्राओं के लिए ई-स्कूटर, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि और सीएम राइज स्कूल जैसी योजनाओं ने शिवराज सरकार के पक्ष में काम किया.
- भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करिश्मा, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी ‘लाडली बहना योजना’ से भाजपा प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में शानदार जीत की ओर अग्रसर है।यह योजना इस साल 10 जून को लागू की गई जिसके तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये देने से शुरुआत हुई। लाडली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश के 2.72 करोड़ महिला मतदाताओं में से 1.31 करोड़ महिलाओं को वर्तमान में 1,250 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है। चौहान ने सत्ता में वापस आने पर इस योजना के तहत राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर प्रतिमाह 3,000 रुपये करने का वादा किया था। यह योजना भी कांग्रेस के सत्ता में आने के सपनों पर पानी फिरने की बड़ी वजह रही। मध्य प्रदेश में बीजेपी 162 सीट से आगे चल रही है जिसके मद्देनजर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अश्विनी वैष्णव, नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भोपाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की।चुनाव की घोषणा के बाद मोदी ने प्रदेश में 14 जनसभाओं को संबोधित करने के साथ-साथ एक रोड शो भी किया। मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री के करिश्मे पर काफी भरोसा किया है। उनकी रैली में भारी भीड़ उमड़ी।पार्टी के इस चुनाव प्रचार में ‘एमपी के मन में मोदी, मोदी के मन में एमपी’ मुख्य नारा रहा।भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर के मद्देनजर मध्यप्रदेश में सबसे लंबे समय तक सेवारत मुख्यमंत्री चौहान को अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया था। 17 दिसंबर 2018 से 23 मार्च 2020 तक कांग्रेस शासन को छोड़कर भाजपा आठ दिसंबर 2003 से करीब उन्नीस साल से राज्य में सत्ता में है।चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मोदी ने तीन चुनावी रैलियों को संबोधित किया और एक रोड शो का नेतृत्व किया, जबकि शाह ने भी ऐसा ही किया।भाजपा के ‘चाणक्य’ माने जाने वाले शाह ने राज्य का व्यापक दौरा किया। टिकट बंटवारे के बाद असंतोष को दूर करने के लिए वह एक बार तीन दिन तक मध्यप्रदेश में रहे। उन्होंने बागियों को चुनाव मैदान से अपना नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित किया।सितंबर में शाह ने चुनाव प्रबंधन को नियंत्रित करने और रणनीतियों को तैयार करने का कठिन काम अपने ऊपर ले लिया। सत्ता विरोधी लहर को दूर रखने के लिए उन्होंने चौहान को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश नहीं किया।भाजपा के 2003 में सत्ता में आने के बाद यह पहला मौका था जब भाजपा ने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा पेश नहीं किया। चौहान को चुनाव से पहले जनता तक पहुंचने के लिए जन आशीर्वाद यात्रा का नेतृत्व करने के अवसर से भी वंचित कर दिया गया था। इसके बजाय, राज्य के पांच अलग-अलग इलाकों से पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली गईं, जिन्हें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय मंत्रीगण अमित शाह, नितिन गडकरी एवं राजनाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाई। शाह ने मध्य प्रदेश के लिए योजना बनाते समय कई समीकरणों का ध्यान रखा। मध्यप्रदेश में भाजपा 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में मामूली अंतर से कांग्रेस से हार गई थी, जिसके चलते कमलनाथ के नेतृत्व में तब कांग्रेस सरकार बनी थी। लेकिन 15 महीने बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ करीब 22 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गये थे, जिसके चलते कांग्रेस सरकार गिर कर 23 मार्च 2020 में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में फिर भाजपा सत्ता में वापस आई।
- -दिल्ली और पंजाब में अपनी सरकार के साथ आम आदमी पार्टी (आप) राष्ट्रीय दलों में तीसरे स्थान परनई दिल्ली। .चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में से तीन में स्पष्ट जीत की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यदि इन राज्यों में सरकार बना लेती है तो वह अब अपने दम पर 12 राज्यों में सत्ता में होगी, जबकि दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हारने के बाद तीन राज्यों में सिमट जाएगी।दिल्ली और पंजाब में अपनी सरकार के साथ आम आदमी पार्टी (आप) राष्ट्रीय दलों में तीसरे स्थान पर है। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश में सत्ता में है और आज जारी मतगणना के रुझान यदि परिणामों में बदल जाते हैं तो वह मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखेगी तथा राजस्थान और छत्तीसगढ़ को कांग्रेस से छीन लेगी।इसके अलावा, भाजपा चार राज्यों – महाराष्ट्र, मेघालय, नगालैंड और सिक्किम में सत्तारूढ़ गठबंधन का भी हिस्सा है। कांग्रेस अब अपने दम पर तीन राज्यों – कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में सत्ता में होगी। तेलंगाना में कांग्रेस अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को हराकर जीत की राह पर है।कांग्रेस बिहार और झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन का भी हिस्सा है और तमिलनाडु में शासन करने वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की सहयोगी है। हालांकि, वह राज्य सरकार का हिस्सा नहीं है। नतीजों ने एक प्रमुख विपक्षी दल के रूप में आप की स्थिति को मजबूत किया। वह दो राज्यों में सरकार के साथ दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बन गई है, क्योंकि कांग्रेस की हिस्सेदारी में गिरावट आई है।आप नेता जैस्मीन शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज के परिणामों के बाद, आम आदमी पार्टी दो राज्य सरकारों – पंजाब और दिल्ली के साथ उत्तर भारत में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी है।’’ वर्तमान में भारत में छह राष्ट्रीय दल – भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और आप हैं।विधानसभा चुनाव का अगला दौर 2024 में होगा जब सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में चुनाव होंगे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी लंबित हैं। चूंकि इस दौर में कई मौजूदा सांसदों ने विधानसभा चुनाव लड़ा है, इसलिए लोकसभा की उन सीट के खाली होने की उम्मीद है। हालांकि, चूंकि आम चुनाव अगले साल होने हैं, इसलिए विधायक के रूप में चुने जाने पर सांसदों के सीट खाली करने पर भी कोई उपचुनाव नहीं होगा।
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दिल्ली। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान चुनावों में पार्टी की बढ़त के बाद पार्टी मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।
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जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने कहा, "राजस्थान की यह जो शानदार जीत है, यह प्रधानमंत्री मोदी जिनका मंत्र था- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास, यह उसकी जीत है। उनकी दी हुई गारंटी की जीत है, यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति की जीत है और यह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के कुशल नेतृत्व की जीत है...यह जीत जनता की है जिसने कांग्रेस को नकारते हुए भाजपा को अपनाने का काम किया है...। "पूर्व मुख्यमंत्री और झालरापाटन से भाजपा उम्मीदवार, वसुंधरा राजे 53,193 वोटों के अंतर से जीत गईं, उन्हें कुल 1,38,831 वोट मिले।
वसुंधरा राजे ने प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों में उनकी पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया जताते हुए रविवार को कहा कि जनता ने कांग्रेस के कुशासन को नकार दिया है।
राज्य की 200 में से 199 सीट पर मतदान 25 नवंबर को हुआ था। करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है।
- नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी मतगणना के रुझानों में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। इस चुनाव के लिए 30 नवंबर को मतदान हुआ था। राज्य की 119 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में मतों की गिनती रविवार सुबह आठ बजे मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई।दक्षिणी राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को साधारण बहुमत हासिल करेन के लिए कम से कम 60 सीट जीतनी होंगी। के. चन्द्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस 2014 में तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिए जाने के बाद से सत्ता पर काबिज है। इसने 2018 का चुनाव भी जीता था। पार्टी इस बार भी लगातार तीसरी बार जीत की उम्मीद कर रही है।कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार अभियान चलाया था। भाजपा ने भी अपने प्रचार अभियान के दौरान सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ तीखा हमला किया था।तेलंगाना विधानसभा चुनाव में 2,290 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें बीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव, उनके बेटे और सरकार में मंत्री के. टी. रामा राव, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ए. रेवनाथ रेड्डी और भाजपा के लोकसभा सदस्य बंदी संजय कुमार, डी. अरविंद और सोयम बापू राव शामिल हैं।बीआरएस ने राज्य की सभी 119 सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि चुनाव पूर्व समझौते के तहत भाजपा और जनसेना ने क्रमश: 111 और आठ सीट पर चुनाव लड़ा है। वहीं, कांग्रेस ने अपनी सहयोगी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को एक सीट दी। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम नौ विधानसभा सीट पर चुनाव मैदान में थी।
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गंगटोक. सिक्किम के मुख्य सचिव वी.बी. पाठक ने शनिवार को कहा कि राज्य में अचानक आई बाढ़ में लापता हुए 77 लोगों का दो महीने बाद भी पता नहीं चल पाने के कारण अब उन्हें मृत मान लिया गया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनके परिवारों को अनुग्रह राशि सहित विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान किये जाएंगे। इसके तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया के अनुसार ही मामलों का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार अक्टूबर को राज्य में आई अचानक बाढ़ में कुल 77 लोग लापता हो गए। बाद में दो शव बरामद किये गये, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। राज्य सरकार चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान कर रही है, जबकि दो लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रदान किए जा रहे हैं। पाठक ने कहा, ‘‘हमने लापता लोगों के मामले को निपटाने के लिए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के तहत काम करने का फैसला किया है।'' उन्होंने बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही मृतकों के परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इन सभी मामलों को जनवरी तक निपटा लिया जाएगा।
पाठक ने बताया कि परिवारों को पहले पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करानी होगी और फिर प्रक्रिया के अनुसार समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और सरकारी गजट में इसे प्रकाशित करने से पहले विभिन्न स्तरों पर गहन जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर सिक्किम के बाहर का कोई व्यक्ति लापता हुआ था, तो परिवार को अपने राज्य में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी होगी, जिसे जांच के लिए यहां भेज दिया जाएगा। तीस्ता नदी में चार अक्टूबर को आई बाढ़ ने राज्य में कहर बरपाया था, जिसमें कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई, जबकि 77 लोग लापता हो गए थे। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार दिसंबर को महाराष्ट्र की अपनी यात्रा के दौरान सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। एक बयान के अनुसार, वह सिंधुदुर्ग में ‘नौसेना दिवस 2023' समारोह के मौके पर एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और तारकरली समुद्र तट से भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों द्वारा ‘अभियानगत प्रदर्शन' देखेंगे। हर साल चार दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है।
बयान में कहा गया है कि हर साल नौसेना दिवस के मौके पर भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों द्वारा ‘अभियानगत प्रदर्शन' करने की परंपरा है। इसके अनुसार ये प्रदर्शन लोगों को भारतीय नौसेना द्वारा किए गए अभियानों के विभिन्न पहलुओं को देखने का मौका प्रदान करते हैं। बयान में कहा गया है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नौसेना के योगदान को उजागर करता है और साथ ही नागरिकों के बीच समुद्री जागरूकता भी पैदा करता है। -
नयी दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 88 नए मामले सामने आए। देश में अब उपचाराधीन कोविड मरीजों की संख्या 396 है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या 5,33,300 है, जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 4,50,02,103 है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, संक्रमण से उबरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 4,44,68,407 हो गई है। वहीं, देश में संक्रमण से ठीक होने की दर 98.81 प्रतिशत, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वेबसाइट के अनुसार, भारत में अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 220.67 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को उनके 63वें जन्मदिन पर शनिवार को बधाई दी और इसके साथ ही उनके संगठनात्मक कौशल की सराहना की। मोदी ने सेशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने (नड्डा)संगठनात्मक कौशल में मिसाल कायम की है। उनके सरल तथा गर्मजोशी भरे मिजाज ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया है। मैंने पिछले कई दशकों में उन्हें पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करते देखा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने खुद को एक बहुत अच्छे विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में भी प्रतिष्ठित किया है। मैं उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूं।'' नड्डा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में छात्र नेता रहे और फिर भाजपा की युवा शाखा में भी काम किया। दायित्व बढ़ने के साथ ही उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन के एजेंडे पर बने रहने और गुटबाजी से दूरी को प्राथमिकता दी। भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में लाए जाने से पहले वह हिमाचल प्रदेश में विधायक और मंत्री थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नड्डा के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी। शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि नड्डा भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहे हैं तथा अपने संगठनात्मक कौशल एवं कड़ी मेहनत से इसे और मजूबत कर रहे हैं। -
बेंगलुरु. भारत के आदित्य-एल1 उपग्रह में लगे पेलोड ‘आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट' ने काम करना शुरू कर दिया है और यह सामान्य रूप से काम कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को यह जानकारी दी। इसरो ने दो सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया था। इसरो के अनुसार, ‘आदित्य-एल1' सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित लैग्रेंजियन बिंदु ‘एल1' के आसपास एक प्रभामंडल से सूर्य का अध्ययन कर रही है। इसरो ने एक बयान में कहा कि आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (एएसपीईएक्स) में दो अत्याधुनिक उपकरण सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर (एसडब्ल्यूआईएस) और सुप्राथर्मल एंड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर (एसटीईपीएस) शामिल हैं। एसटीईपीएस उपकरण 10 सितंबर, 2023 को शुरू किया गया। एसडब्ल्यूआईएस उपकरण दो नवंबर, 2023 को सक्रिय हुआ था और इसने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसरो के अनुसार उपकरण ने सौर पवन आयन, मुख्य रूप से प्रोटॉन और अल्फा कणों को सफलतापूर्वक मापा है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई में आयोजित सीओपी28 सम्मेलन के इतर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ ली गई एक ‘सेल्फी' पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि ‘‘दोस्तों से मिलना हमेशा सुखद होता है''। मेलोनी ने शुक्रवार को ‘एक्स' पर ‘‘सीओपी28 में अच्छे मित्र'' टिप्पणी के साथ सेल्फी पोस्ट की थी।
इसके बाद सोशल मीडिया पर मोदी और मेलोनी के उपनामों को मिलाते हुए ‘हैशटैग मेलोडी' बना दिया गया।
कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरी तस्वीर वायरल हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र, राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के उच्च स्तरीय सत्र, सीओपी28 में ‘ट्रांसफॉर्मिंग क्लाइमेट फाइनेंस' पर एक सत्र और लीडआईटी (उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व) के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, जॉर्डन के शासक अब्दुल्ला द्वितीय, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ द्विपक्षीय बैठकें की थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा, ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड कैमरन, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, तुर्की के राष्ट्रपति आर टी एर्दोआन, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली, गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली आदि नेताओं से भी मुलाकात की थी। -
जूनागढ़. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने यहां गुजरात के पूर्व मंत्री दिवंगत दिव्यकांत नानावती की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, "सोमनाथ शरणम प्रपद्ये। श्री सोमनाथ मंदिर शाश्वत सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। आज प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव का दर्शन-पूजन कर सभी के कल्याण की प्रार्थना की। महादेव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।" इसके बाद शाह यहां नानावती की जन्मशती के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने उन पर लिखे गए लेखों के संकलन का विमोचन किया। शाह ने 1950 के दशक में जूनागढ़ में एक पार्षद और स्थानीय नगर निकाय के अध्यक्ष के रूप में तथा जूनागढ़ से दो बार-1962 में और फिर 1972 में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य के रूप में नानावती के योगदान के लिए उनकी सराहना की। दिवंगत नानावती कांग्रेस विधायक थे, जो चिमनभाई पटेल के नेतृत्व वाली सरकार में कानून, नगर निकाय, नगर नियोजन और शहरी विकास मामलों के कैबिनेट मंत्री रहे। शाह ने कहा कि नानावती ने न केवल जूनागढ़, बल्कि गुजरात के लिए भी कई योगदान दिए।
गृह मंत्री ने नानावती के बेटे और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता निरुपम नानावती का भी उल्लेख किया, जिन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामले में जेल जाने पर शाह के वकील के रूप में भी काम किया था। शाह ने 2010 की घटना को याद किया, जब उन्हें सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के वकील नानावती कांग्रेस पार्टी से जुड़े होने के बावजूद उनके साथ खड़े रहे और मुकदमा जीतने में उनकी मदद की। शाह ने याद किया कि कुछ अन्य लोगों की तरह, वह नानावती को अपना वकील बनाने को लेकर संशय में थे, लेकिन उन्होंने उनका मुकदमा लड़ा और जीतने में उनकी मदद की। -
भोपाल.मध्यप्रदेश की राजधानी में दो दिसंबर 1984 की सर्द रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव ने न केवल यहां हजारों लोगों की जान ले ली थी, बल्कि त्रासदी के 39 साल बाद भी यह जीवित बचे लोगों को एक भयंकर सपने की तरह याद है। इस हादसे के बाद यह कारखाना बंद किया जा चुका है।
दो और तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को कीटनाशक कारखाने से जहरीली गैस के रिसाव के बाद कम से कम 3,787 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग शारीरिक रूप से प्रभावित हुए। गैस पीड़ित और रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षण अधीक्षक महेंद्रजीत सिंह (79) ने शनिवार को बताया, "हादसे वाली दो दिसंबर की रात को मैं डर से कांप उठा। मैंने उस ठंडी रात में लोगों को मरते हुए देखा था।" उस भयावह रात को याद करते हुए, सिंह ने कहा, ‘‘उस रात लगभग दो बजे मेरा परिवार सो रहा था, जब यूनियन कार्बाइड कारखाने से कुछ ही दूरी पर स्थित रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया। हम घर से बाहर भागे और कारखाने से निकलने वाली गैस से बचने के लिए स्कूटर से और पैदल भागे।" ऑल इंडिया रिटायर रेलवेमेन फेडरेशन वेस्टर्न ज़ोन के अध्यक्ष सिंह ने कहा, उनके परिवार ने उनके घर से चार किमी दूर एक होटल में रात बिताई। कुछ साल बाद, सिंह ने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया जो जहरीली गैस के संपर्क में आए थे।
उन्होंने कहा, ''गैस रिसाव के तीन दिन बाद, मैंने देखा कि हमारे घर के पास एक पीपल के पेड़ की पत्तियां गिर गई थीं और वह मृत और बेजान दिखाई दे रहा था।'' उन्होंने कहा कि शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़-पौधों पर जहरीली गैस का असर देखा गया।
सिंह ने कहा, "त्रासदी के बाद, ऐसी अफवाहें थीं कि फैक्ट्री से बची हुई जहरीली गैस निकलेगी। ऐसी अपुष्ट खबरों को देखते हुए हमने पड़ोसी होशंगाबाद जिले में शरण ली।" पूर्व रेलकर्मी ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी में अपने कई सहयोगियों को खो दिया है और जो बच गए, वे बीमारियों, विशेषकर सांस लेने की समस्याओं के साथ जी रहे हैं। सेवानिवृत्त सहायक स्टेशन मास्टर रामबली प्रसाद वर्मा (83) ने कहा कि वह भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गये। उन्होंने बताया, ''यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की चारदीवारी के पास स्थित रेलवे केबिन में मेरी ड्यूटी 2 दिसंबर की रात 10 बजे खत्म हो गई।'' आधी रात के आसपास, जब फैक्ट्री से गैस लीक हुई, तब वर्मा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में अपने घर पर थे। उन्होंने कहा, "जहरीली गैस से बचने के लिए हम इधर-उधर भागे और हमें कुछ दूर स्थित सेना के वाहन में शरण मिली।" वर्मा और उनका परिवार दिन निकलने पर घर लौट आए, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से अपना घर छोड़ना पड़ा क्योंकि ऐसी अफवाहें थीं कि बची हुई जहरीली गैस तीन दिसंबर को सुबह 11 बजे के आसपास फिर निकाली जायेगी। इसके बाद वर्मा का परिवार इंदौर चला गया और चीजें ठीक होने पर वापस लौटा था। बुजुर्ग ने कहा, "जब मैं उस ठंडी रात के बारे में सोचता हूं, तो मैं कांपने लगता हूं। गैस के संपर्क में आने के कारण मुझे सांस लेने में दिक्कत आती है और दमा हो गया है । - मुरैना । मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को राज्य के मुरैना जिले के शनिश्चरा मंदिर में पूजा-अर्चना की।ग्वालियर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित शनिश्चरा मंदिर में पुजारियों के मंत्रोच्चार के बीच नड्डा ने पूजा-अर्चना की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा नेता भी थे।शनिवार को 63 वर्ष के हुये नड्डा ने शुक्रवार को दतिया जिले में प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ का दौरा किया था और विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की जीत के लिए आयोजित एक विशेष अनुष्ठान में भाग लिया था।समाचार चैनलों द्वारा 30 नवंबर को प्रसारित अधिकतर एग्जिट पोल में मध्यप्रदेश में भाजपा को बढ़त दी गई है।मप्र के 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि नतीजे रविवार को घोषित किए जाएंगे।
- रांची। चीन में रहस्यमय निमोनिया फैलने के मद्देनजर झारखंड सरकार ने अपने अस्पतालों को सतर्कता बरतने और श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों की निगरानी, निवारक उपाय और परीक्षण करने को कहा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने जिला प्रशासन को लिखे पत्र में तैयारी रखने और स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।सिंह ने पत्र में कहा, “हाल के हफ्तों में, विशेष रूप से उत्तरी चीन में बच्चों में, श्वसन संबंधी बीमारियों में हुई वृद्धि को देखते हुए आपको ध्यान दिलाया जाता है कि निरंतर निगरानी रखने, मामलों की प्रवृत्ति की निगरानी करने और किसी भी उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की तत्काल आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि मौजूदा ‘इन्फ्लूएंजा’ को देखते हुए सांस संबंधी बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
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नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा देश को 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का आंदोलन है। श्री शाह ने यह बात कल शाम गुजरात में गिर सोमनाथ जिले में चंदवा में, विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सभी जरूरतमंदों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, ताकि कोई भी गरीब विकास की इस यात्रा में सहभागी बनने से वंचित न रह जाए। श्री शाह ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से सरकार अपने सभी अग्रणी कार्यक्रमों का लाभ देश के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना चाहती है। श्री अमित शाह ने कहा कि केवल औद्योगिक विकास से और गरीबों की अनदेखी कर देश खुशहाल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब गरीब भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हों।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने विकसित भारत का संकल्प लिया। श्री अमित शाह ने लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ भी वितरित किए। -
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि हाल के वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और साथ ही साथ देश का वैश्विक सम्मान तथा विश्वसनीयता कई गुना बढ़ी है। श्री धनखड़ ने आज नई दिल्ली में आकाशवाणी में प्रतिष्ठित डॉ राजेन्द्र प्रसाद स्मारक व्याख्यान देते हुए यह बाद कही। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के देश भारत को सुनना चाहते हैं और उसके विचारों का सम्मान करते हैं और पूरी दुनिया भारत के युवाओं के कौशल और प्रतिभाओं का लोहा मानती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ को जी-20 की सदस्यता मिली जो दुनिया में भारत की बढ़ती विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा का परिणाम है।
उपराष्ट्रपति ने कहा, एक दशक पहले भारतीय अर्थव्यवस्था पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन आज यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की कड़ी मेहनत और कुशल नेतृत्व के कारण देश ने यह उपलब्धि हासिल की है। श्री धनखड़ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी छोर तक पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। उन्होंने यह भी कहा, देश ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, रेडियो के इतिहास में शायद यह पहला कार्यक्रम है, जो इतना नियमित है और 107 कडियों का सफर पूरा कर चुका है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से संवाद के लिए रेडियो को चुना और इसके माध्यम से संचार क्रांति पैदा की। श्री धनखड़ ने यह भी कहा कि मन की बात देश के जन की बात बन गई है और लोगों के दिलों तक पहुंचती है।उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुछ बुनियादी वस्तुओं का उत्पादन आवश्यक है। उन्होंने कहा, बहुत दुख होता है जब भारत मोमबत्तियां, लैंप, बच्चों के खिलौने और पतंग जैसी छोटी-छोटी चीजें आयात करता है। श्री धनखड़ ने कहा, आज, जब भारत आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग देश की जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहें। उन्होंने नागरिकों से देश की छवि खराब करने वाले लोगों के प्रयासों को विफल करने का भी आह्वान किया।श्री धनखड़ ने कहा कि देश के युवा इस अमृतकाल में भारत को शीर्ष पर ले जाने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का विश्व गुरु के रूप में फिर से तभी उभरेगा जब देश का प्रत्येक व्यक्ति इस अवधि को कर्तव्य काल समझकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा। श्री धनखड़ ने कहा कि वर्तमान समय में देश को भ्रष्टाचार और वंशवाद जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल लेक्चर का आयोजन आकाशवाणी द्वारा भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में किया जाता है, जो सादगी के प्रतीक, प्रसिद्ध विद्वान और महान दूरदर्शी थे, और उनके मन में भारत और भारतीयता सर्वोपरि थी। कार्यक्रम में सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी, आकाशवाणी समाचार की प्रधान महानिदेशक डॉ. वसुधा गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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