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- मुंबई । आईएनएस वागीर को भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है। प्रोजेक्ट 75 के तहत कलवारी क्लास की यह पांचवी सबमरीन है, जिसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। मुंबई के नेवल डॉकयार्ड पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार की मौजूदगी में आईएनएस वागीर को नौसेना में कमीशन किया गया।आईएनएस वागीर पूरी तरह से भारत में बनी है। इसे फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है। इस सबमरीन की खासियत ये है कि इस सबमरीन को एंटी सबमरीन युद्ध, खूफिया सूचना जुटाने, समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने और सर्विलांस के काम में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सबमरीन को समुद्र के तट पर और मध्य समुद्र दोनों जगह तैनात किया जा सकता है। इस सबमरीन के ट्रायल हो चुके हैं।डीजल इलेक्ट्रिक क्लास की सबमरीन आईएनएस वागीर समुद्र में 37 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकती है। यह सबमरीन समुद्र की सतह पर एक बार में 12 हजार किलोमीटर का सफर तय कर सकती है तो समुद्र के भीतर यह एक बार में एक हजार किलोमीटर की दूरी तय सकती है। आईएनएस वागीर समुद्र में अधिकतर 350 मीटर की गहराई तक जा सकती है और लगातार 50 दिन तक समुद्र के भीतर रह सकती है।आईएनएस वागीर की खास बात ये है कि यह बेहद खामोशी से अपने मिशन को अंजाम देती है, यही वजह है कि इसे साइलेंट किलर कहा जा रहा है। यह सबमरीन स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिसके चलते रडार भी आसानी से इसे नहीं पकड़ पाते। इस सबमरीन में 533 एमएम के 8 टारपीडो ट्यूब हैं, जिनमें मिसाइलें लोड की जा सकती हैं। यह सबमरीन समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने का भी काम कर सकती है, जिसकी वजह से यह दुश्मन को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। इसकी खूबियों को देखते हुए इसे सैंड शार्क का नाम दिया गया है। हिंद महासागर में बढ़ती चीन की चुनौती से निपटने में यह सबमरीन अहम साबित हो सकती है।
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अहमदाबाद। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रविवार को कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर बीएसएफ ने गुजरात के कच्छ जिले और राजस्थान के बाड़मेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘ऑपरेशन अलर्ट' अभ्यास शुरू किया है। ‘बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर' ने एक विज्ञप्ति में कहा कि शनिवार से शुरू हुई यह कवायद गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ‘‘राष्ट्रविरोधी तत्वों के किसी भी बुरे मंसूबे को विफल करने'' के लिए की जा रही है।
इसमें कहा गया है कि ‘ऑपरेशन अलर्ट' अभ्यास 21 जनवरी को शुरू हुआ था और 28 जनवरी तक सर क्रीक (दलदली क्षेत्र) से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ गुजरात में कच्छ के रण और राजस्थान के बाड़मेर जिले तक जारी रहेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीएसएफ इस कवायद के तहत अग्रिम और गहराई वाले क्षेत्रों के साथ-साथ खाड़ियों और ‘हरामी नाला' में विशेष अभियान चलाएगा।
गुजरात में कच्छ के साथ भारत-पाकिस्तान सीमा संवेदनशील है क्योंकि कई पाकिस्तानी नागरिक अतीत में मछली पकड़ने के लिए भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद नावों के साथ पकड़े गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीएसएफ ने 2022 में गुजरात के इस क्षेत्र से 22 पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा था। इसके अनुसार बीएसएफ ने मछली पकड़ने की 79 नाव और 250 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन और 2.49 करोड़ रुपये मूल्य की चरस जब्त की थी। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को विजेता के भाव रूपी विरासत को संभालने का मंत्र देते हुए कहा कि ‘आज मोदी है तो मुमकिन है' केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि वैश्विक मंत्र बन गया है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए योगी ने भारत की जी-20 अध्यक्षता और उत्तर प्रदेश के चार शहरों में होने वाली समूह की बैठकों का जिक्र करते हुए कहा, “हम सब विजेता के भाव से आगे बढ़ें, हमारे पास अनेक संभावनाएं आएंगी।” उन्होंने 10 से 12 फरवरी को आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की चर्चा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कर कमलों से इसे आगे बढ़ाएंगे। उत्तर प्रदेश नए निवेश के गंतव्य के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता को अपनी टीम के साथ आगे आने की आवश्यकता है।” योगी ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “दुनिया में जहां भी संकट खड़ा हो रहा है, वहां का हर व्यक्ति उम्मीद से प्रधानमंत्री मोदी की ओर देख रहा है। जो नारा 2019 में लगा था कि ‘मोदी है तो मुमकिन है', वह आज केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि वैश्विक मंत्र बन गया है। जी-20 की अध्यक्षता इसका उदाहरण है।” उन्होंने कहा, “मोदी जी ने जी-20 के साथ प्रत्येक भारतवासी को जोड़ने का कार्य किया है। आगरा, लखनऊ, वाराणसी और गौतमबुद्धनगर में जी-20 से संबंधित 11 सम्मेलन होने हैं।” भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की विरासत का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा, “कल आपने प्रयागराज में मौनी अमावस्या का स्नान देखा होगा। दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। अगर इस सामर्थ्य को पिछली सरकारों ने समझने का प्रयास किया होता और इसे सम्मान देने का कार्य किया होता तो उन्हें दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।” उन्होंने कहा कि विरासत को जो भी सम्मान देगा, समृद्धि उसके लिए द्वार खोलेगी और जो भी उसे अपमानित करेगा, उसे दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी। प्रदेश में सात महीने बाद हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “यह हम सबके उत्साह और उमंग का क्षण है। आज से सात महीने पहले जब हम मई 2022 में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के अवसर पर मिले थे, तो उस समय हम लोग प्रदेश में नयी सरकार के गठन के एक नए उत्साह के साथ एकत्र हुए थे और नए संकल्प के साथ आगे बढ़े थे।” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पहली बार कोई सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आई है। यह भाजपा जैसे दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के उत्साह और उमंग का परिणाम था।” योगी ने कहा कि विजेता के रूप में काम कैसे होना चाहिए, यह भाजपा बहुत अच्छी तरीके से जानती है और करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो उपचुनाव आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा क्षेत्र में संपन्न हुए और विधानसभा चुनाव की तर्ज पर तमाम विश्लेषकों के पूर्वानुमानों को ध्वस्त करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम और मोदी जी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में पार्टी ने दोनों उपचुनावों में जीत हासिल कर विजेता की अपनी भूमिका को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज जब हम सात महीने बाद फिर से एकत्र हुए हैं, तो देश के प्रमुख राज्य गुजरात में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और वहां सातवीं बार पार्टी की सरकार बनना, हमें एक नए उत्साह, एक नए उमंग के साथ प्रेरित कर रहा है। विजेता के रूप में कैसे काम करना चाहिए, यह उत्साह व उमंग हम सबके सामने है।” नगरीय निकाय चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को सजग करते हुए योगी ने कहा, “762 नगर निकायों में चुनाव होने हैं। ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आयोग की रिपोर्ट आते ही चुनाव की घोषणा हो जाएगी। 2014, 2017, 2019, 2022 की तरह ही नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा का परचम लहराता हुआ नजर आना चाहिए।” योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश को हमने कर्म साधना के रूप में चुना है। हमारा सौभाग्य है कि संसद में प्रधानमंत्री मोदी व रक्षा मंत्री उप्र (क्रमश: वाराणसी और लखनऊ) से प्रतिनिधित्व करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘उप्र का सामर्थ्य व असीम संभावनाएं हमारी उपलब्धि है। आजादी का अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संकल्प दिलाया था कि जब देश आजादी का शताब्दी महोत्सव मनाएगा तब तक की व्यापक कार्य योजना बनाकर कार्य करेंगे।'' उन्होंने पंच प्रण की याद दिलाई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है, जिसके लिए पहले देश, फिर दल हित है। 'मेरा हित' सबसे पीछे की भावना है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘1998 से गोरखपुर में सांसद के रूप में सेवा का अवसर मिला। 1999 में गोरखपुर व आसपास दिमागी बुखार से मौत की बात सामने आई। काम करने पर पता चला कि 38 जनपदों में यह बीमारी फैली है। 40 साल में 50 हजार बच्चों की मौत हुई।'' योगी ने कहा कि जापान ने 1905 में दिमागी बुखार का वैक्सीन खोज निकाला और इसे नियंत्रित किया, लेकिन भारत में दिमागी बुखार का वैक्सीन आने में 100 साल लगा। कांग्रेस का बिना नाम लिए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 55 साल तक शासन करने वालों को उत्तर प्रदेश के वह मासूम बच्चे नहीं दिखे, क्योंकि उनके एजेंडे में गरीब, किसान, मजदूर, युवा, जिनके मासूम दम तोड़ रहे थे, वह मां नहीं थी, उनके एजेंडे में जाति, मजहब था। योगी ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली 90 फीसदी मौतें अल्पसंख्यक व अनुसूचित समाज से होती थी। अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने कहा कि अब इंसेफेलाइटिस से 95 फीसदी मौत पर भी नियंत्रित करने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें विरासत पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। राम मंदिर आंदोलन के समय आपमें से भी अधिकांश युवा रहे होंगे। अपनी जवानी इस आंदोलन के लिए समर्पित की। सभी के मन में यही भाव था कि प्रभु राम के मंदिर निर्माण के लिए खुद को समर्पित कर रहा हूं। कोई चाह नहीं थी कि सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बनूंगा, एक ही भाव था विजेता का। विजयी होने के भाव का परिणाम हमें मिल गया।'' योगी ने कहा कि हमने पलायन का रास्ता नहीं अपनाया, भौतिक ताकत नहीं थी, लेकिन आत्मिक ताकत थी कि मातृभूमि व प्रभु राम के लिए लड़ेंगे। इससे पहले, अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश की सभी 80 सीटों को जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री जनरल वी. के. सिंह, पंकज चौधरी, संजीव बालियान, कौशल किशोर, साध्वी निरंजन ज्योति, भानु प्रताप वर्मा और प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारी समेत 700 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को क्षमताओं का पूरा लाभ उठाते हुए राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया और प्रौद्योगिकी समाधान अपनाने के साथ-साथ पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिस तंत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 57वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अप्रचलित आपराधिक कानूनों को निरस्त करने, राज्यों में पुलिस संगठनों के लिए मानकों के निर्माण का सुझाव दिया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री ने क्षमताओं का लाभ उठाने और सर्वोत्तम तरीकों को साझा करने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।'' बयान के मुताबिक, उन्होंने उन्होंने अधिकारियों द्वारा लगातार दौरे कर सीमा के साथ-साथ तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने पुलिस बल को अधिक संवेदनशील बनाने और उन्हें उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया और एजेंसियों में डाटा विनिमय को सुचारू बनाने के लिए ‘राष्ट्रीय डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क' के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां पुलिस बल को बायोमेट्रिक्स आदि जैसे तकनीकी समाधानों का और अधिक लाभ उठाना चाहिए, वहीं पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिस तंत्र को और मजबूत करने की भी आवश्यकता है। मोदी ने जेल प्रबंधन में सुधार के लिए जेल सुधारों का भी समर्थन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने और अपनी टीम के बीच सर्वोत्तम तरीकों को विकसित करने के लिए राज्य और जिला स्तरों पर डीजीपी/आईजीपी सम्मेलनों के मॉडल को दोहराने का आह्वान किया। सम्मेलन में पुलिस तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें आतंकवाद रोधी, जवाबी कार्रवाई और साइबर सुरक्षा शामिल हैं। तीन दिवसीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित अन्य ने हिस्सा लिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हाइब्रिड मोड में विभिन्न स्तरों के लगभग 600 और अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में पहले कहा गया था, ‘‘2014 से मोदी ने डीजीपी के सम्मेलन में गहरी दिलचस्पी ली है। पहले के प्रधानमंत्रियों की प्रतीकात्मक उपस्थिति के विपरीत, वह सम्मेलन के सभी प्रमुख सत्रों में हिस्सा लेते हैं।'' बयान में यह भी कहा गया था कि प्रधानमंत्री न केवल सभी सूचनाओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं, बल्कि स्वतंत्र और अनौपचारिक चर्चा को भी प्रोत्साहित करते हैं ताकि नए विचार सामने आ सकें। बयान में कहा गया था कि यह देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को प्रधानमंत्री को प्रमुख पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर सीधे जानकारी देने और खुली और स्पष्ट सिफारिशें देने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करता है। एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर सम्मेलन में पुलिसिंग और सुरक्षा में भविष्य के विषयों पर चर्चा शुरू हुई। तीन दिवसीय बैठक में नेपाल और म्यांमा के साथ भूमि सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों, भारत में लंबे समय तक रहने वाले विदेशियों की पहचान करने की रणनीति और माओवादी गढ़ों को लक्षित करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। मोदी ने विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक भी वितरित किए। वार्षिक बैठक 2013 तक नयी दिल्ली में आयोजित की गई थी। अगले साल जब मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई तो राष्ट्रीय राजधानी के बाहर गृह मंत्रालय और खुफिया ब्यूरो के कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस बार सम्मेलन का आयोजन दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में किया गया। इससे पहले, राष्ट्रीय राजधानी में बैठक का स्थान विज्ञान भवन हुआ करता था। -
उन्नाव . जिले के अचलगंज क्षेत्र में रविवार देर शाम तेज रफ्तार डंपर ने एक कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि रविवार देर शाम करीब सात बजे अचलगंज थाना क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आजाद मार्ग चौराहे के नजदीक एक तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी और कार को खींचता हुआ खाई में जा गिरा। उन्होंने बताया कि इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई है। उनमें से पांच की शिनाख्त छोटेलाल (32), शिवांग (30), विमलेश (60), रामप्यारी (45) और शिवानी (13) के रूप में हुई है जबकि एक मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। मीणा ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि कार में सवार दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी जबकि चार अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क रास्ता जाम कर दिया जिसकी वजह से लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने रास्ता जाम कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित रूप से पुलिस पर पथराव कर दिया। बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। पुलिस ने हादसे में मारे गए लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से किए गए ट्वीट में कहा गया "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद उन्नाव में सड़क हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।" एक अन्य ट्वीट में कहा गया "मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनका समुचित उपचार कराने तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर राहत कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। -
ठाणे. प्रसिद्ध हिंदुस्तानी गायिका डॉ. प्रभा अत्रे को रविवार को पंडित हरिप्रसाद चौरसिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने यहां राम गणेश गडकरी रंगायतन सभागार में आयोजित एक समारोह में डॉ. अत्रे को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया। शिंदे ने इस कार्यक्रम में डॉ. प्रभा अत्रे को एक प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये प्रदान किए। इस दौरान उनके 90वें जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए 90 बांसुरीवादकों ने बांसुरी वादन कर एक विशेष प्रस्तुति भी दी। शिंदे ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार कला को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और शास्त्रीय संगीत को भी बढ़ावा देगी। -
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने रविवार को पिछले उपचुनावों में मिली हार-जीत की चर्चा के साथ ही कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 80 सीटें जीतकर नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाना है।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए चौधरी ने कहा, “बिना रुके, बिना थके परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले भाजपा के देवतुल्य कार्यकर्ताओं ने जहां प्रदेश में हुए उपचुनावों (आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव, गोला गोकर्णनाथ और रामपुर विधानसभा उपचुनाव) में भाजपा को जिताने का काम किया, वहीं खतौली और मैनपुरी में मिली असफलताओं ने उन्हें यह संदेश भी दिया कि हमें मिलकर अभी ‘‘और परिश्रम, और ज्यादा परिश्रम'' करने की जरूरत है।”
चौधरी ने कहा, “2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की बाकी सीटों को जीतकर मिशन-2024 के 80 सीटों पर जीत के लक्ष्य को हासिल करते हुए प्रचंड बहुमत के साथ नरेंद्र भाई मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने की प्रतिबद्धता पूर्ण करनी है।” उन्होंने कहा, “यह लक्ष्य हम सब मिलकर पूरा करेंगे। आने वाले सभी चुनावों में हम भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से निश्चित रूप से विजयी होंगे।”
चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नगर निकायों के चुनाव अब तक संपन्न हो चुके होते, लेकिन विपक्षी दलों ने जिस तरह हथकंडे अपनाकर अड़ंगा लगाने का कुत्सित प्रयास किया, उससे आज निकाय प्रशासन तंत्र के अधीन चला गया है, लेकिन मुझे विश्वास है कि समाज के सभी वर्गों के हितों की चिंता करने वाली हमारी सरकार न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए जल्द निकाय चुनाव कराएगी।
उन्होंने दावा किया कि अदालत की अनुमति के बाद जिस दिन निकाय चुनाव होंगे, भाजपा चुनाव को बाधित करने वाले दलों को जरूर पराजित करेगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “संसदीय उपचुनावों में कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से हमने विपक्ष को आधारहीन किया और विधानसभा उपचुनाव तक में विपक्ष को यह बता दिया कि अब उनके लिए दिल्ली बहुत दूर है।”
उन्होंने कहा, “हालांकि, तमाम सफलताओं के बीच हमने असफलता भी देखी है, लेकिन हम सभी जानते हैं कि पराजय का डर हमारे अंदर आता ही नहीं है, क्योंकि हमारी यात्रा के हर पड़ाव ने हम सभी को दोगुनी शक्ति हर बार दी है। हमारा विश्वास तो इस बात से बढ़ता है कि......क्या हार में क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत हम, कर्तव्य पथ पर जो मिले यह भी सही, वह भी सही।” उन्होंने कहा कि इस सूत्र को लेकर हम सब अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर गतिमान हैं और इसीलिये हमारा संगठन भी सतत प्रवाहमान है।
चौधरी ने कहा, “भारत को मिली जी-20 समूह और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठनों की अध्यक्षता ने देश में इतिहास के एक नए अध्याय का सूत्रपात किया है। वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बड़े प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए तीसरा सम्मेलन करने को तैयार है।”
बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़ों के नाम पर राजनीति करके सत्ता प्राप्त करने वाले दलों के नेताओं ने अब तक सिर्फ अपने परिवार और अपने कुछ चहेतों का ही भला किया है, लेकिन जातियों की राजनीति करने वाले परिवारवादी दल ये भूल चुके हैं कि उत्तर प्रदेश की जनता अब चुनाव में जाति और भाई-भतीजावाद की राजनीति को नकार चुकी है। चौधरी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सराहना करते हुए कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी नयी ऊंचाई छू रही है। -
जयपुर। राजस्थान सरकार उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव में मदद के लिए राज्य के निम्न आय वर्ग के किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराएगी। ये ड्रोन किसानों को कम समय और सीमित लागत में बड़े कृषि क्षेत्र में रसायनों का छिड़काव करने के साथ ही फसलों की निगरानी करने की सुविधा भी प्रदान करेंगे। राज्य सरकार अगले दो साल में ‘कस्टम हायरिंग सेंटर' पर करीब 1,500 ड्रोन उपलब्ध कराएगी।
‘कस्टम हायरिंग सेंटर' पर आधुनिक कृषि उपयोगी मशीनें किराये पर दी जाती हैं। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख सचिव दिनेश कुमार ने कहा, “कृषि संबंधी कार्यों के लिए दुनियाभर में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। राजस्थान में भी सरकार प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है, ताकि किसान अपनी आय और उपज बढ़ा सकें।” उन्होंने कहा, “राज्य के प्रगतिशील किसानों ने खेती में ड्रोन का इस्तेमाल पहले ही शुरू कर दिया है।
आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में ड्रोन की मांग और उपयोगिता में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए सरकार ने उन किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराने का फैसला किया है, जिनकी आय सीमित है और जो उन्नत एवं महंगे ड्रोन नहीं खरीद सकते हैं।” मालूम हो कि पारंपरिक कृषि पद्धतियों में या तो हाथों से या फिर ट्रैक्टर पर लगे ‘स्प्रेयर' की मदद से कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। ‘स्प्रेयर' में अधिक मात्रा में कीटनाशक और पानी की जरूरत पड़ती है। यही नहीं, छिड़काव के दौरान ‘स्प्रे' (पानी में घुले कीटनाशक) का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है।
हालांकि, बेहतर अनुप्रयोग और जैव-दक्षता के कारण ड्रोन-आधारित स्प्रे में कम मात्रा में पानी और कीटनाशकों की आवश्यकता पड़ती है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पारंपरिक छिड़काव की तुलना में ड्रोन से छिड़काव कर 70 से 80 प्रतिशत पानी बचाया जा सकता है। कृषि आयुक्त कानाराम ने कहा, “ड्रोन के जरिये खड़ी फसल में पोषक तत्वों की कमी का आसानी से पता लगाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि सिंचाई निगरानी, फसल स्वास्थ्य निगरानी, कीट विश्लेषण, फसल क्षति आकलन, टिड्डी नियंत्रण, रासायनिक छिड़काव ऐसे कार्य हैं, जिन्हें ड्रोन के जरिये बेहतर तरीके से किया जा सकता है। कृषि विभाग द्वारा खेती में ड्रोन की उपयोगिता को दर्शाने के लिए पिछले बुधवार को जोबनेर के जोशीवास गांव में राज्य स्तरीय ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया भी मौजूद थे। कृषि विशेषज्ञ शिवपाल सिंह राजावत ने कहा कि पैदावार बढ़ाने के लिए वर्तमान कृषि पद्धतियों को अद्यतन करना महत्वपूर्ण और आवश्यक है।
जयपुर के किसान हेमराज शर्मा कहते हैं, “पारंपरिक रूप से मानव निगरानी के जरिये फसलों पर नजर रखी जाती है। वहीं, कीटनाशकों का छिड़काव या तो हाथों या फिर ट्रैक्टर पर लगे स्प्रेयर से किया जाता है। ड्रोन के इस्तेमाल से ये दोनों ही काम कम समय में ज्यादा प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। ड्रोन की उपयोगिता को देखते हुए मैं भी अपने खेत में इनका इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा हूं।”फाइल फोटो
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त्रिशूर। केरल के त्रिशूर जिले में प्रसिद्ध गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर ने घोषणा की है कि उसके पास खजाने में 260 किलोग्राम से अधिक सोना है। हाल में मंदिर ने 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि होने का खुलासा किया था।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जवाब में, मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि मंदिर के पास 263.63 किलोग्राम सोना है जिसमें कीमती आभूषण और सिक्के हैं तथा लगभग 20,000 सोने के लॉकेट हैं। मंदिर के प्रबंधन ने पूर्व में सुरक्षा कारणों से ब्योरा देने से इनकार कर दिया था।
आरटीआई के तहत एक अपील के बाद प्रदान किए गए दस्तावेज से पता चला है कि मंदिर के पास 6,605 किलोग्राम चांदी, सोने के 19,981 लॉकेट और चांदी के 5,359 लॉकेट हैं। हालांकि, जवाब में सोने और चांदी के कुल मूल्य का खुलासा नहीं किया गया है। पिछले साल दिसंबर में, आरटीआई जवाब में खुलासा किया गया था कि बैंक जमा राशि 1,737.04 करोड़ रुपये और 271.05 एकड़ की भूमि है, जिसके मूल्य का आकलन किया जाना बाकी है।
सदियों पुराने गुरुवायुर मंदिर में हर साल देश भर से हजारों लोगों आते हैं। गुरुवायुर के एम के हरिदास और प्रॉपर चैनल नामक संस्था के अध्यक्ष के आरटीआई आवेदन के बाद संपत्ति का ब्योरा दिया गया। हरिदास ने आरोप लगाया कि मंदिर के विकास और इसके भक्तों के कल्याण के संबंध में मंदिर देवस्वओम की उपेक्षा और निष्क्रियता ने उन्हें आरटीआई के माध्यम से विवरण मांगने के लिए प्रेरित किया। -
वाराणासी। वाराणसी में गंगा तट के आसपास शोर और वायु प्रदूषण को कम करने की रणनीति के तहत अब नौकाएं पर्यावरण-अनुकूल सीएनजी पर चलने लगी हैं। अभी तक 583 नौकाओं को सीएनजी-चालित नौकाओं में बदला जा चुका है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वाराणसी में गंगा पर चलने वाली नावों के पूरे बेड़े को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन से बदलने की योजना है। इन नावों को सीएनजी की आपूर्ति नमो घाट पर गेल की तरफ से स्थापित देश के पहले तैरते हुए सीएनजी स्टेशन से की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, 'पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र गंगा पर सीएनजी वाली नौकाएं चलाने की इच्छा जताई थी।
500 नावों के लक्ष्य के मुकाबले 583 नावों को पहले ही सीएनजी में बदला जा चुका है। हम 2,000 नावों को सीएनजी-चालित बनाने के लिए काम कर रहे हैं।' सीएनजी ईंधन को बढ़ावा देने के लिए इस पवित्र शहर के तट पर सीएनजी से चलने वाली नावों का लक्ष्य रखा गया है। पुरी ने कहा कि डीजल इंजन की तुलना में सीएनजी इंजन कम प्रदूषणकारी होता है और ये सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी नहीं करते हैं।
इसके अतिरिक्त सीएनजी इंजन काफी शांत भी होते हैं, जिससे जलीय जीवन और घाटों के साथ स्थित ऐतिहासिक धरोहरों पर डीजल इंजनों के तेज शोर के प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सकता है। पुरी ने कहा, ''हमारे लिए यह बेहद महत्वपूर्ण कदम है। वाराणसी दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक है जहां परंपरा आधुनिकता के साथ मिलती है।'' उन्होंने कहा कि सीएनजी इंजन से न केवल प्रदूषण में कमी आती है बल्कि नाविकों के लिए प्रति वर्ष 25,000 रुपये से 30,000 रुपये बचाने में भी मदद मिलेगी।फाइल फोटो
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नयी दिल्ली. दक्षिणी दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में 18 वर्षीय एक युवक की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में दो किशोरों को पकड़ा गया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि शनिवार अपराह्न दो बजकर 23 मिनट पर टेलीफोन मोहल्ले में राधा कृष्ण मंदिर के पास एक शव पड़ा होने की सूचना मिली। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मृतक के शरीर पर चाकू के वार के कई निशान थे। मृतक की पहचान भाटी माइंस स्थित संजय कॉलोनी निवासी हर्ष के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में मैदान गढ़ी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की और दो आरोपी किशोरों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग ने हर्ष का मोबाइल फोन छीन लिया था जिसका विरोध करने पर नाबालिग आरोपियों ने उस पर चाकू से कई वार किए और उसका गला रेत दिया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से मृतक का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया गया है। -
बलिया (उत्तर प्रदेश)। जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के पटपर गांव के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, खेजुरी थाना क्षेत्र के पटपर गांव के समीप बलिया - सिकंदरपुर मार्ग पर शनिवार की रात एक अज्ञात वाहन की टक्कर से अक्षय खरवार उर्फ सोनू (28) , विपिन खरवार (42) व सुनील खरवार (30) गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने अक्षय और विपिन को मृत घोषित कर दिया। खेजुरी के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) बीपी पांडेय ने बताया कि सुनील खरवार की स्थिति गंभीर होने के कारण वाराणसी रेफर किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में मृत विपिन खरवार के पिता शंभू खरवार की तहरीर पर रविवार को अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की सुसंगत धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। -
सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के लहरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को अविवाहित जोड़े ने एक पेड़ से फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, लहरपुर थाना क्षेत्र के दारापुर गांव में अविवाहित प्रेमी जोड़े ने परिजनों से विवाह की मंजूरी नहीं मिलने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजीव दीक्षित ने बताया कि अंकुर (20) और उसके पड़ोस में रहने वाली कांति (20) ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि आज घटना की सूचना मिली और प्रारंभिक छानबीन में पता चला कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन अपने-अपने परिवारों के विरोध के कारण उन्होंने यह घातक कदम उठाया। दीक्षित ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन की जा रही है। -
देहरादून. उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना के कारण 'असुरक्षित' इमारतों को गिराने का काम शनिवार को मौसम में सुधार के साथ शुरू हो गया। अधिकारियों ने बताया कि दरार वाली इमारतों की संख्या बढ़कर 863 हो गयी है। उन्होंने बताया कि यहां जेपी कॉलोनी के निकट जल प्रवाह को घटाकर 136 एलपीएम कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन के सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘वहां (जेपी कॉलोनी) पानी का प्रवाह शुरू में 540 एलपीएम था। इसमें पर्याप्त कमी एक सकारात्मक संकेत है।'' दो जनवरी से कॉलोनी के पास एक जगह से पानी बह रहा है।
उन्होंने कहा, अब तक अंतरिम राहत के रूप में 242 प्रभावित परिवारों को 3.62 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।'' उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को हुई बर्फबारी और बारिश के कारण ठंड बढ़ गयी है, जिससे अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे जोशीमठ के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा था, ‘‘जोशीमठ में असुरक्षित होटलों और घरों को खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।'' सिन्हा के अनुसार, जोशीमठ में भूमि धंसने के बाद 863 घरों में दरारें आ गई हैं और 269 परिवारों को अस्थायी राहत केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है। शनिवार सुबह मौसम साफ होने के साथ ही होटलों- मलारी इन और माउंट व्यू- तथा पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण बंगले को ध्वस्त करने में ड्रिलिंग मशीन और बुलडोजर लगा दिये गये। यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘जोशीमठ में प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करना वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शीर्ष प्राथमिकताओं में है।बयान में कहा गया है कि प्रभावित लोगों को ठंड से बचाने के लिए अस्थाई राहत केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, 76 परिवारों को हीटर और ब्लोअर, 110 लोगों को गर्म पोशाकें, 175 को गर्म पानी की बोतलें, 516 को ऊनी टोपी, 280 को गर्म मोजे और 196 लोगों को शॉल की आपूर्ति की गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 771 लोगों को खाद्यान्न, 601 को कंबल और 114 को दैनिक इस्तेमाल की चीजों की आपूर्ति की गई है। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों तथा अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग के लिए मशहूर औली के लिए प्रवेश द्वार कहलाने वाला जोशीमठ इमारतों, सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं में दिखाई देने वाली दरारों के कारण संकट में दिखाई दे रहा है। भीषण सर्दी में प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने को लेकर राज्य सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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शिमला. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हिमाचल प्रदेश के मध्यम और ऊंचे पहाड़ों के लिए 24 जनवरी को भारी बारिश और बर्फबारी तथा मैदानी और निचले पर्वतों के लिए गरज के साथ छीटें पड़ने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने कहा कि चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में भारी बारिश और हिमपात की संभावना है। इसने 25 जनवरी तक निचली पहाड़ियों में हल्की से मध्यम बारिश और मध्यम और ऊंची पहाड़ियों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का भी पूर्वानुमान जताया है। इस बीच, मनाली में शनिवार को 12 सेंटीमीटर (सेमी), गोंडला में 11 सेमी, डलहौजी में आठ सेमी, कल्पा में सात सेमी, तिस्सा, पूह और हंसा में पांच-पांच सेमी बर्फबारी दर्ज की गई। अधिकारियों ने कहा कि बर्फबारी के कारण कम से कम 328 सड़कों को बंद किया गया है जिनमें लाहौल-स्पीति जिले की 182, कुल्लू की 55, शिमला की 32, किन्नौर की 29, मंडी की 17, चंबा की 11 और कांगड़ा जिले की दो सड़कें शामिल हैं। ‘टूरिज़्म इंडस्ट्री स्टेकहॉल्डर्स एसोसिएशन' के प्रमुख एम.के. सेठी ने बताया कि सप्ताहांत पर बर्फबारी के बाद राजधानी शिमला के होटलों में 70 फीसदी तक कमरे बुक हो गए हैं।
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नयी दिल्ली. भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ नए सिरे से बढ़े तनाव के मद्देनजर अपनी युद्ध तैयारियों को परखने के लिए अगले महीने के शुरुआत में पूर्वोत्तर क्षेत्र में युद्धाभ्यास करेगी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने शनिवार को बताया कि ‘पूर्वी आकाश' नाम से होने वाले इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के राफेल और सुखोई-30एमकेआई सहित अग्रणी लड़ाकू विमानों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि वायुसेना का शिलॉन्ग मुख्यालय वाला पूर्वी वायु कमान यह युद्धाभ्यास करेगा। वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया,‘‘पूर्वी वायु कमान फरवरी के पहले हफ्ते में कमान स्तर का वार्षिक युद्धाभ्यास करेगा।'' कोविड-19 महामारी की वजह से यह युद्धाभ्यास दो साल के अंतराल के बाद होने वाला है।
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सागर . मध्य प्रदेश के सरकारी सागर जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखे दो शवों की एक-एक आंख संभवत: चूहों ने कुतर दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि पिछले 15 दिनों में हुई दो घटनाओं के बाद, सागर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन और तीन डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ममता तिमोरी ने बताया कि चार जनवरी और 19 जनवरी को दोनों शवों में से प्रत्येक की एक-एक आंख गायब मिली है। उन्होंने कहा कि चार जनवरी को डीप फ्रीजर के काम नहीं करने के कारण 32 वर्षीय व्यक्ति का शव अस्पताल के मुर्दाघर के टेबल पर रख दिया गया था। इस शव की आंख कुतरी हुई पाई गयी।
सीएमएचओ ने कहा, 19 जनवरी को एक अन्य मृतक, 25 वर्षीय व्यक्ति की आंख भी क्षतिग्रस्त पाई गई , हालांकि उसके शरीर को डीप फ्रीजर (मोर्चरी में) में रखा गया था।" उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के बाद शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर सिविल सर्जन समेत चार डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तिमोरी ने कहा कि चार जनवरी की घटना के बाद सिविल सर्जन को नोटिस दिया गया था, लेकिन फिर से ऐसी ही घटना हो गई। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन व अन्य से जवाब मिलने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शवों की आंखें चूहों ने कुतर लीं लेकिन तथ्यों की पुष्टि होनी अभी बाकी है।
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गढ़वा (झारखंड) .जिले में तीन बच्चों को अपना शिकार बना चुके आदमखोर तेंदुए को पकड़ने का पिछले 20 दिनों से जारी प्रयास अभी तक कारगर सिद्ध नहीं हुआ है। वहीं आदमखोर जानवर को पकड़ने के लिए विशेष रूप से हैदराबाद से बुलाये गये शिकारी नवाब शफत अली खान का दावा है कि उनकी टीम के शिकारियों के दबाव में आदमखोर तेंदुआ मानवीय बस्ती से दूर घने जंगलों में दुबक गया है जिसके चलते उसे अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। वन विभाग ने अब तक तीन बच्चों एवं कई पालतू पशुओं का शिकार कर चुके इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए हैदराबाद से खान और उनकी टीम को बुलाया है, जो 20 दिनों ये उसे पकड़ने का प्रयास कर रही है। खान ने बताया कि उनकी टीम पिछले बीस दिनों से लगातार आदमखोर तेंदुए का पीछा कर रही है जिसके दबाव के चलते ही वह करीब तीन सप्ताह से किसी इंसान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि जब से उनकी टीम इलाके में आयी है उसने कम से कम आधा दर्जन बार इस आदमखोर तेंदुए को देखा है लेकिन वह कभी भी अस्सी मीटर से कम दूरी पर उनकी टीम के पास नहीं फटका और एक तेंदुए को बेहोश करने के लिए आदर्श दूरी तीस मीटर की ही होती है।
विशेषज्ञ शिकारी खान ने बताया, ‘‘मेरे पास वन विभाग का आदमखोर तेंदुए को पकड़ने का आदेश है। यदि उसे पकड़ने के दौरान जान का खतरा पैदा होता है, तभी उसे गोली मार सकते हैं। ऐसे में उसका टीम के निकट (बेहोश करने के दायरे) आना आवश्यक है। लेकिन उनकी टीम के पीछा करने और ग्रामीणों के शोरशराबे के चलते तेंदुआ पिछले कई दिनों से घने जंगल में चला गया है और उनकी टीम को नजर नहीं आ रहा है।'' नयी परिस्थितियों में वन विभाग ने इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए अब आदमखोर तेंदुआ को पकड़ने के लिए मध्यप्रदेश के संजय टाइगर रिजर्व से मदद मांगी है, जिसकी टीम अगले 48 घंटों में यहां पहुंचेगी। संजय टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सिंगरौली, सिद्धि और ओरिया सीमा से लगा हुआ है।
तेंदुए ने जिस इलाके में लोगों को शिकार बनाया है उस इलाके के निकटवर्ती पलामू टाइगर रिजर्व के निदेशक सह क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) कुमार आशुतोष ने बताया, ‘‘संजय टाइगर रिजर्व की टीम ने हाल में ही अपने यहां तीन तेंदुओं को बचाया है। वहां के फिल्ड डायरेक्टर से इस संबंध में बात हुई है। उन्होंने टीम उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।'' उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर के बाद से तेंदुए के हमले में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। 14 दिसंबर को भंडरिया प्रखंड के रोदो और 19 दिसंबर को सेवाडीह में बच्चों को तेंदुए ने अपना निशाना बनाया था।
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भोपाल. जीवाश्म विज्ञानियों ने मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी में डायनासोर के मांद और शाकाहारी टाइटनोसॉरस के 256 अंडों की दुर्लभ खोज की सूचना दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय और मोहनपुर-कोलकाता एवं भोपाल में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने भी मध्य प्रदेश के धार जिले के बाग और कुक्षी क्षेत्रों में ‘ओवम-इन-ओवो या मल्टी-शेल अंडे' की खोज की सूचना दी है। हर्ष धीमान, विशाल वर्मा, और गुंटुपल्ली प्रसाद सहित अन्य द्वारा की गई इस खोज को इस सप्ताह ‘पीएलओएस वन' शोध पत्रिका में जगह दी गई है। मांदों और अंडों के एक अध्ययन से करीब 6.6 करोड़ वर्ष पहले यहां से पलायन कर चुके लंबी गर्दन वाले सौरोपोड के जीवन के बारे में जानकारी मिली। धार जिला के बांकेर में एक उच्च माध्यमिक स्कूल में कार्यरत वर्मा ने ‘ कहा, ‘‘अंडे उस मुहाने से मिले जहां टेथिस सागर का नर्मदा नदी में विलय हुआ था, जब सेशेल्स भारतीय प्लेट से अलग हो गया था। सेशेल्स के अलग होने के कारण नर्मदा घाटी में 400 किलोमीटर अंदर टेथिस सागर घुस आया था।'' टेथीस सागर गोंडवाना लैंड और लौरेशिया के मध्य स्थित एक सागर के रूप में कल्पित किया जाता है जो एक छिछला और संकरा सागर था और इसी में जमे अवसादों के प्लेट संरचना के परिणामस्वरूप अफ्रीकी और भारतीय प्लेटों के यूरेशियन प्लेट से टकराने के कारण हिमालय और आल्प्स जैसे पहाड़ों की रचना हुई। उन्होंने कहा कि नर्मदा घाटी में पाए गए मांद एक-दूसरे के करीब थे। आम तौर पर ये मांद एक दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित होते हैं। वर्मा को नर्मदा में डायनासोर के जीवाश्मों की एक श्रृंखला की खोज के पीछे प्रेरक शक्ति माना जाता है। अंडे का व्यास 15 सेंटीमीटर और 17 सेंटीमीटर के बीच हैं, जो संभवतः कई टाइटनोसॉर प्रजातियों के हैं। प्रत्येक मांद में अंडों की संख्या एक से लेकर 20 तक होती है।
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कोयंबटूर (तमिलनाडु) । केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) कुछ पृष्ठों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि इसमें छात्रों के लाभ के लिए कई नयी विशेषताएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्यों की समवर्ती सूची का हिस्सा है, लेकिन केंद्र को उम्मीद है कि तमिलनाडु एनईपी को स्वीकार करेगा। कोयंबटूर में ‘अविनाशीलिंगम इंस्टीट्यूट फॉर होम साइंस एंड हायर एजुकेशन फॉर वीमेन' के 34वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि एनईपी की बात करें तो केंद्र सरकार नए विचारों और तरीकों का खुले तौर पर स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सभी को मातृभाषा सीखनी चाहिए और एनईपी इन बुनियादी वर्षों में मातृभाषा में सीखने, पढ़ने और लिखने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से इस शैक्षणिक वर्ष से सभी भारतीय भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित करने के बारे में कहा है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में पढ़ाई करने से बच्चों का समग्र विकास बेहतर होगा और भारत की शिक्षा रोजगार, सशक्तिकरण और ज्ञान पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, ‘‘इंटरनेट और स्मार्ट फोन बुनियादी आवश्यकताएं हैं और हम एंड्रॉइड या आईओएस जैसी विदेशी तकनीकों पर निर्भर हैं। हालांकि, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने कुछ दिन पहले स्वदेशी 5जी के लिए तकनीक विकसित की है।'' कोविड-19 रोधी टीकों का उल्लेख करते हुए प्रधान ने कहा, ‘‘भारतीयों ने टीकाकरण कराया है, लेकिन दुनिया में किसी को भी हमारे देश की तरह इसे लेने के बाद कुछ सेकंड के भीतर प्रमाण पत्र नहीं मिलता। यह इस प्रकार की तकनीक है जिसे हम भारत में विकसित कर रहे हैं।'' महिला सशक्तीकरण के बारे में प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘तमिलनाडु देश के बाकी हिस्सों से बहुत आगे है और राज्य में देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। भारत लोकतंत्र की जननी है और तमिलनाडु इसका केंद्र है।'' इस साल भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान, ‘‘मुझे उम्मीद है कि विश्वविद्यालय में इसके बारे में चर्चा और विचार-विमर्श होगा।'' बाद में एनईपी के लिए बजट आवंटन में कमी पर एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह गलत सूचना है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार और वित्त मंत्रालय नयी शिक्षा नीति को पूरा समर्थन दे रहे हैं और अगले बजट में और धनराशि आवंटित की जाएगी।''
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बलिया (उत्तर प्रदेश) । जिले के बैरिया शिक्षा क्षेत्र के दुर्जनपुर कम्पोजिट विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना की धनराशि खाते में नहीं आने से आक्रोशित छात्रों ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया। घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद विभागीय जांच शुरू की गयी है। बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। बैरिया के खंड शिक्षा अधिकारी पंकज मिश्रा ने शनिवार को बताया कि दुर्जनपुर कम्पोजिट विद्यालय का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें छात्रों द्वारा विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया गया है। छात्रों ने बाद में सभी को छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वीडियो में एक छात्र को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कोविड काल का मध्याह्न भोजन का पैसा अभी तक किसी भी छात्र को नहीं मिला है। इस मामले की शिकायत कई बार प्रधानाध्यापक से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण शुक्रवार को प्रधानाध्यापक के साथ अन्य शिक्षकों को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया है। वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापक जयप्रकाश यादव को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि चौथे चरण का बच्चों का पैसा नहीं मिलने के कारण सभी अध्यापकों को ताले में बंद कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें शनिवार को हुई और वह स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड काल के चौथे चरण के मध्याह्न भोजन योजना की धनराशि खाते में अंतरित नहीं होने का मामला गंभीर है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। जयप्रकाश यादव ने शनिवार को एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा की'' , ‘‘पहले छात्रों द्वारा सभी को बंधक बनाया गया, फिर मनुहार करने पर छात्रों ने ताला खोलकर उन्हें जाने दिया।'' उन्होंने बताया कि उनके द्वारा इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है।
बैरिया के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आत्रेय मिश्र ने घटना से अनभिज्ञता जताई तथा कहा कि वह इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेंगे। रेवती थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) हरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें विद्यालय की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एसएचओ ने कहा कि मीडिया के माध्यम से मामला जरूर उनके संज्ञान में आया है।
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नयी दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शनिवार को कहा कि सिंगापुर की स्कूट एयरलाइन ने 18 जनवरी को अमृतसर-सिंगापुर उड़ान के दौरान कई यात्रियों के छूट जाने के मामले में तेजी से कार्रवाई की थी। नियामक के अनुसार अमृतसर हवाईअड्डे पर धुंध की स्थिति को देखते हुए उड़ान के समय में बदलाव किया गया था। अमृतसर-सिंगापुर उड़ान का समय बदले जाने से कई यात्री अपनी उड़ान को पकड़ ही नहीं पाए और पीछे छूट गए थे। यह उड़ान स्कूट एयरलाइन की थी जो सिंगापुर एयरलाइंस की कम लागत वाली सहायक इकाई है। डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि उसने 18 जनवरी की इस घटना के संबंध में स्कूट से एक रिपोर्ट मांगी थी। इससे पता चला कि उड़ान के समय में बदलाव से 17 यात्री प्रभावित हुए थे, क्योंकि उन्हें उनके ट्रैवल एजेंट ने समय में हुए बदलाव के बारे में नहीं बताया था। नियामक ने प्रभावित यात्रियों को एयरलाइन द्वारा दिए गए विकल्पों का हवाला देते हुए कहा कि यात्रियों का पूरा ख्याल रखा गया और उसने एयरलाइन की तीव्र प्रतिक्रिया की सराहना भी की। बयान में कहा गया कि उड़ान नहीं पकड़ पाए यात्रियों को 14 दिनों के भीतर दूसरी उड़ान में मुफ्त में टिकट लेने का विकल्प स्कूट की तरफ से दिया गया। इसके अलावा वाउचर के रूप में 120 फीसदी रिफंड या नकद भुगतान के रूप में 100 फीसदी रिफंड लेने का विकल्प भी यात्रियों को दिया गया।
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मथुरा. अमृतसर से कोरबा जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन को शनिवार को पहिए जाम हो जाने के कारण मथुरा जंकशन से करीब 45 किमी दूर कोसीकलां स्टेशन पर रोक दिया गया। इस कारण दिल्ली से आगरा की ओर जाने वाली अन्य कई ट्रेनें विलंब से रवाना हुई।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, हॉट एक्सल वाले कोच (बी—4) को बदलकर उसके यात्रियों को दूसरे डिब्बे में भेजे जाने के बाद ट्रेन को बिलासपुर की ओर रवाना कर दिया गया। इस बीच ट्रेन करीब तीन घंटे कोसीकलां स्टेशन पर रुकी रही। उत्तर रेलवे के आगरा मण्डल की जन सम्पर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सुबह आठ बजे 18238 अमृतसर—कोरबा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच (बी—4) के नीचे से धुआं उठने की जानकारी मिलने पर मथुरा से 45 किमी पूर्व कोसीकलां स्टेशन पर रोक दी गई। ट्रेन के हॉट एक्सल की जानकारी मिलने पर रेलवे के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंच गये और बी—4 कोच को ट्रेन से अलग कर यात्रियों को अन्य डिब्बो में भेजा गया। इसके बाद आगरा छावनी पहुंचने पर एक नया डिब्बा लगाने के बाद करीब 11 बजे ट्रेन अपने तय मार्ग के अनुसार बिलासपुर जंकशन के लिए रवाना कर दी गई। रेल प्रशासन द्वारा बताया गया है कि इस दौरान मथुरा जंकशन, राजा की मण्डी, आगरा छावनी आदि स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को लगातार स्थिति की जानकारी दी जाती रही तथा आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर, ट्राली की सुविधा देकर नए कोच में बिठाने और उनका सामान चढ़ाने में सहयोग किया गया। -
अमरावती. आंध्र प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल के पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने वालों में कम से कम 10 पीएचडी डिग्री धारक और 930 एमटेक डिग्री धारक अभ्यर्थी शामिल हैं। इस पद पर भर्ती के लिए रविवार को लिखित परीक्षा होगी।
राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड (एपीएसएलपीआरबी) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कांस्टेबल पद के लिए आवश्यक योग्यता 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करना है। अभ्यर्थियों की सूची में 5,284 एमबीए, 4,365 एमएससी और 94 एलएलबी डिग्री धारक शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, कांस्टेबल के 6,400 पदों की भर्ती परीक्षा के 5,03,486 अभ्यर्थियों में कुल 13,961 स्नातकोत्तर और 1,55,537 स्नातक अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें से 3,95,415 पुरुष और 1,08,071 महिलाएं हैं। लिखित परीक्षा के माध्यम के लिए 3.64 लाख से अधिक आवेदकों ने तेलुगु, जबकि 1.39 लाख से अधिक ने अंग्रेजी और 227 ने उर्दू माध्यम को चुना है। -
नयी दिल्ली. जी-20 के सदस्य देशों के अलावा अन्य देशों के कई विद्यार्थियों ने भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने के उपलक्ष्य में यहां एक मार्च निकालकर जश्न मनाया। राजघाट स्थित गांधी दर्शन से लेकर लाल किला स्थित चरती लाल गोयल हेरिटेज पार्क तक यह जी-20 ‘विश्व शांति मार्च' निकाला गया जिसमें विद्यालयों के विद्यार्थी अपने हाथों में तिरंगे और गुब्बारे लिये हुए थे। इस मार्च में लगभग 120 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया जिनका फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता विजय गोयल की ओर से किया गया था। मॉरीशस निवासी एसएसआर मेडिकल कॉलेज की छात्रा प्रेरणा ने कहा, ‘‘मार्च में शामिल होना और शानदार प्रस्तुति को देखना शानदार था। मुझे एसएसआर कॉलेज के जरिये आमंत्रित किया गया था। मुझे लगता है कि जी-20 के जरिये बहुत सारे मुद्दों को उठाने की आवश्यकता है।



























