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- जयपुर। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर को व्यवस्थाओं में सुधार और भीड़ प्रबंधन के बेहतर उपाय करने के वास्ते फिलहाल आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर के पट रविवार रात 10 बजे से अगले आदेश तक दर्शन के लिए बंद कर दिए गए हैं।श्री श्याम मंदिर समिति के अध्यक्ष शंभू सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की सुगम व्यवस्था करने के वास्ते मंदिर को 13 नवंबर की रात 10 बजे से अगले आदेश तक दर्शन हेतु पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अगले आदेश के बाद ही दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने की अपील की।गौरतलब है कि आठ अगस्त को मंदिर के बाहर मची भगदड़ में तीन महिलाओं की मौत हो गई थी।हाल ही में भीड़ प्रबंधन के उपायों को मजबूत करने के लिए खाटू कस्बे में सुविधाओं के सुधार व विस्तार को लेकर सीकर के जिला कलेक्टर अमित यादव, पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप व मंदिर समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार मंदिर को जनता के लिए बंद कर दिया गया है। अब मेला मैदान को शेड से ढकने, मैदान में स्थायी कतार व्यवस्था बनाने और मंदिर में प्रवेश व निकास के बेहतर इंतजाम करने जैसे कार्य किए जाएंगे। खाटू श्यामजी मंदिर की देशभर में बड़ी मान्यता है। आम दिनों में लगभग 20 से 25 हजार श्रद्धालु खाटू श्यामजी मंदिर पहुंते हैं, जबकि छुट्टियों और एकादशी जैसे अवसरों पर यह संख्या एक लाख से अधिक हो जाती है। फागुन में खाटू श्यामजी मंदिर में वार्षिक मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों भक्त पहुंचते हैं।
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नयी दिल्ली। कोविड-19 महामारी से उपजी बाधाओं के कारण 2020 में भारत समेत 45 देशों में एक अनुमान के मुताबिक 15 लाख से ज्यादा लोग या तो तपेदिक का उपचार नहीं करा पाए या उपचार में विलंब हुआ। एक अध्ययन में यह बात सामने आई। पत्रिका ‘बीएमसी मेडिसिन' में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि विश्लेषण किए गए आधे से अधिक देशों में बच्चे असमान रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग दो तिहाई से अधिक देशों में प्रभावित हुए, लगभग आधे देशों में सेक्स जोखिम का कारक है। ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (एलएसएचटीएम) के शोधकर्ताओं सहित अध्ययन करने वाले ने कहा कि तपेदिक (टीबी) पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के प्रयासों में दुनिया भर में उच्च बोझ वाले देशों में कमजोर आबादी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एलएसएचटीएम से अध्ययन के संयुक्त मुख्य लेखक फिन मैकक्यूएड ने कहा, “हमारे नतीजे बताते हैं कि कई देशों में जिन लोगों को पहले से ही टीबी निदान और देखभाल प्राप्त करने में सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा है, उन्हें महामारी के परिणामस्वरूप बिगड़ते हालत का सामना करना पड़ा है।” मैकक्यूएड ने कहा, “जब हम टीबी वाले लोगों पर कोविड-19 के प्रभाव को कम करना चाहते हैं, यह महत्वपूर्ण है कि हम सबसे अधिक जरूरतमंदों पर ध्यान केंद्रित करें, न केवल इन असमानताओं को दूर करने के कर्तव्य के लिए, बल्कि टीबी को समाप्त करने की आशा रखने के लिए।” उन्होंने कहा कि 2020 में कोविड-19 व्यवधानों के परिणामस्वरूप कम से कम 195,449 (लगभग दो लाख) 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 11,26,133 (11.2 लाख से अधिक) 15 से 64 वर्ष की आयु के लोग और 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के 235,402 (2.3 लाख) वृद्ध व्यक्ति तपेदिक का उपचार कराने में चूक गए या उपचार कराने में उन्हें देरी का सामना करना पड़ा। इसमें 5,11,546 (5.1 लाख) महिलाएं और 8,63,916 (8.6 लाख) पुरुष शामिल हैं।
- मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को जानना चाहा कि क्या ऐसा कोई प्रावधान है जो महाराष्ट्र के नासिक जिले के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर में अति विशिष्ट व्यक्तियों के प्रवेश पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की अनुमति नहीं देता है। न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति एस जी दिगे की खंडपीठ सामाजिक कार्यकर्ता ललिता शिंदे की ओर से दायर की गयी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रस्ट द्वारा मंदिर में अति विशिष्ट व्यक्ति (वीआईपी) प्रवेश के लिए 200 रुपये के शुल्क को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता के वकील रामेश्वर गीते ने तर्क दिया कि वीआईपी प्रवेश के लिए शुल्क का भुगतान लोगों के बीच अंतर पैदा करता है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर एक संरक्षित स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा इसका प्रबंधन किया जाता है, इसलिए मंदिर ट्रस्ट इस तरह के शुल्क नहीं लगा सकता है। हालांकि, उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि मंदिर में प्रवेश के लिए प्राथमिकता देने की मांग की गई है।उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा, ‘‘ यदि कोई व्यक्ति कुछ वरीयता मांगता है, तो अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। उन लोगों के लिए व्यवस्था की गई है। आप एक प्रावधान दिखाते हैं जो कहता है कि इसकी अनुमति नहीं है। '' न्यायालय ने कहा, ‘‘ आप (याचिकाकर्ता) सामाजिक कार्य बेहतर तरीके से कर सकते हैं। हम आपको कुछ समय देंगे। हम आपके तर्कों से आश्वस्त नहीं हैं। '' उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को तय की है।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि मंदिर को प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम (एएमपीए) के तहत एक 'प्राचीन स्मारक' घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह एक संरक्षित संरचना थी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में उच्चतम न्यायालय ने मंदिर के प्रबंधन के लिए नौ सदस्यीय समिति के गठन का आदेश दिया था।
- श्रीनगर। श्रीनगर की प्रख्यात डल झील पिछले कुछ हफ्तों से बड़ी संख्या में पर्यटकों को शिकारे की सवारी के लिए आकर्षित कर रही है, जबकि नक्काशीदार हाउसबोट पर रोशनी फिर से चमक रही है । इसकी वजह यह है कि कश्मीर घाटी में आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डल झील के किनारे ऐतिहासिक बौलवार्ड रोड और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्थित होटल, दिल्ली और सूरत और कोलकाता जैसे शहरों से आने वाले पर्यटकों से लगभग भरे हुए हैं। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा समाप्त हो गया जिससे यहां अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद कोरोना वायरस महामारी के दो कठिन वर्षों ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन की कमर तोड़ दी। लेकिन क्षेत्र में कोविड-19 टीकाकरण के बाद महामारी के हालात बदले। कश्मीर अब फिर से दर्शकों का खुले दिल से स्वागत कर रहा है।श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाली उड़ानें देश के सभी हिस्सों से पर्यटकों को ला रही हैं, और होटल व्यवसायी, हाउसबोट मालिक, टैक्सी और शिकारा संचालक, और रेस्तरां व्यवसायी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखकर प्रसन्न हैं क्योंकि इससे उनके राजस्व में वृद्धि हुई है। सूरत के व्यवसायी सुरेश हेमनानी ने हाल ही में परिवार के 15 अन्य सदस्यों के साथ पहली बार कश्मीर की यात्रा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले से उड़ान टिकट खरीदे थे और कई महीने पहले होटल बुक किया था। उन्होंने कहा ‘‘लोग बड़ी संख्या में घूमने के लिए कश्मीर आ रहे हैं । कुछ समय पहले ऐसा नहीं था। कोविड प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, और टीकाकरण ने यात्रियों और अन्य लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।'' उन्होंने कहा, “खुशी है कि हमने सब कुछ पहले ही बुक कर लिया था क्योंकि श्रीनगर में होटल का कमरा मिलना अब बहुत मुश्किल है। हम श्रीनगर, पहलगाम, सोनमार्ग देखेंगे और गुलमार्ग में बर्फ देखने और गोंडोला की सवारी करने को लेकर भी हम उत्साहित हैं।” कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों और अन्य राज्यों के पर्यटकों की भीड़ भी ‘धरती का स्वर्ग' कहलाने वाली घाटी की यात्रा कर रही है । कश्मीर को उसकी अलौकिक सुंदरता और जीवंत सांस्कृतिक विरासत के लिए दिया गया यह नाम यहां सामान्य स्थिति के लौटने के एक प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। कश्मीर में सेना के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि फरवरी 2021 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर बनी सहमति सहित विभिन्न कारण घाटी में हालात सामान्य हो रहे हैं। बौलवार्ड रोड पर स्थित करीब 50 साल पुराने ‘‘होटेल पैराडाइज'' के प्रबंधक समीर अहमद ने कहा ‘‘अगले सप्ताह तक हमारे यहां कोई कमरा खाली नहीं है। सर्दियों से पहले श्रीनगर में पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग बर्फबारी देखने खास तौर पर आ रहे हैं। गुलमर्ग में रिजार्ट पूरी तरह भरे हुए हैं। पहले से बुकिंग नहीं होने पर कमरे मिलना मुश्किल है।'''
- इंदौर (मध्यप्रदेश)। इंदौर में 25 वर्षीय महिला ने अपनी दो साल की बेटी के साथ पानी की टंकी में कथित तौर पर कूदकर जान दे दी। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक मृतक महिला दो बेटियों की मां थी और उसके मायके वालों का आरोप है कि बेटा न होने के कारण उसका पति उसे आए दिन ताने मारता था जिससे वह परेशान चल रही थी। विजय नगर पुलिस थाने के एक उप निरीक्षक ने बताया कि रानी राजपूत (25) और उनकी दो साल की बेटी रिया के शव रविवार को पानी की एक टंकी में मिले और पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। उप निरीक्षक ने बताया कि मां-बेटी के शवों का सोमवार को पोस्टमॉर्टम कराया गया और महिला के मायके के लोगों के आरोपों की जांच के बाद उचित कदम उठाया जाएगा। (प्रतीकात्मक फोटो)
- नयी दिल्ली । भारतीय राजस्व सेवा के फरार अधिकारी संतोष करनानी के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जल्दी ही एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा करेगी । एक बिल्डर से 30 लाख रुपये के कथित रिश्वत मांगने के मामले में वह चार अक्टूबर से फरार है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी । अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने विशेष अदालत का रुख किया है और आरोपी अधिकारी के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की है । इससे पहले एजेंसी की ओर से चार बार नोटिस जारी किये जाने के बावजूद आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ । अहमदाबाद में अतिरिक्त आयकर आयुक्त श्रेणी एक के पद पर तैनात अधिकारी ने एक बिल्डर से तीन अक्टूबर को कथित रूप से 30 लाख रुपये के रिश्वत की मांग की थी । उन्होंने बताया कि बिल्डर ने अहमदाबाद पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से संपर्क किया, जिसने चार अक्टूबर को पकड़ने के लिये एक अभियान चलाया, लेकिन आरोपी अधिकारी उन लोगों को चकमा देने में कामयाब हो गया ।आरोपी करनानी का इस अभियान के करीब एक सप्ताह बाद तबादला गुवाहाटी कर दिया गया लेकिन उसने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की और अनधिकृत रूप से अवकाश पर चला गया । गुजरात सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी, जिसने आरोपी अधिकारी को चार बार नोटिस जारी किया लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ । सीबीआई ने इसके बाद 2005 बैच के आरोपी अधिकारी के खिलाफ लूक आउट सर्कुलर जारी किया ताकि उसे देश से भागने से रोका जा सके और जयपुर स्थित उसके पैतृक घर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की । उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान यह बात निकल कर सामने आयी कि अधिकारी को बड़े पैमाने पर रिश्वत मांगने की आदत थी ।
- नयी दिल्ली। भारत और किर्गिजिस्तान ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों की समीक्षा की तथा डिजिटल पहल में भारत के अनुभवों को साझा करने, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावना तलाशने और कारोबार एवं निवेश बढ़ाने पर चर्चा की । विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत और किर्गिजिस्तान ने 14 नवंबर को बिश्केक में 12वें दौर की विदेश कार्यालय स्तर के विचार विमर्श की बैठक की । इस बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा ने किया जबकि किर्गिजिस्तान के शिष्टमंडल का नेतृत्व वहां के विदेश मामलों के उप मंत्री एबेक मुहतारोविच अर्तिकबाऐव ने किया । मंत्रालय ने कहा कि विचार विमर्श के दौरान दोनों पक्षों ने राजनीतिक, आर्थिक, वाणिज्यिक, रक्षा, विकास गठजोड़, क्षमता निर्माण, शिक्षा, राजनयिक मामला, सांस्कृतिक सहयोग एवं सम्पर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों की समग्र समीक्षा की । विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने 27 जनवरी 2022 को आयोजित प्रथम भारत मध्य एशिया शिखर सम्मेलन में लिये गए फैसलों को लागू करने पर विचार किया । दोनों पक्षों ने कारोबार एवं निवेश बढ़ाने के विषय पर भी चर्चा की । मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विचारों का आदान प्रदान किया तथा संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य बहुस्तरीय मंचों पर सहयोग को मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की । विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) ने किर्गिजिस्तान की डिजिटल विकास उप मंत्री इंदिरा शार्सेनोवा के साथ चर्चा की । इस दौरान दोनों पक्षों ने डिजिटल पहल में भारत के अनुभवों को साझा करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावना तलाशने पर भी चर्चा की । बयान के अनुसार, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) ने आपसी सहूलियत के अनुरूप तय किसी तिथि पर अगले दौर की विदेश कार्यालय स्तर की वार्ता के लिये वहां के विदेश उप मंत्री मुहतारोविच अर्तिकबाऐव को भारत आने का न्यौता दिया ।
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नयी दिल्ली. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गौरव द्विवेदी को सोमवार को सरकारी प्रसारक प्रसार भारती का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया। छत्तीसगढ़ संवर्ग के 1995 बैच के अधिकारी द्विवेदी जिस दिन नया पदभार संभालेंगे, उस दिन उनका पांच साल का कार्यकाल होगा। इससे पहले द्विवेदी सरकार के नागरिकों से संबंधित संवाद मंच माई गवर्नमेंट इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। शशि शेखर वेमपति 2017 से 2022 तक प्रसार भारत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। वेमपति का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद इस साल जून में दूरदर्शन के महाप्रबंधक मयंक अग्रवाल को प्रसार भारत का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में एक वीभत्स घटना में एक व्यक्ति ने अपनी सहजीवन साथी (लिव-इन पार्टनर) की गला घोंटकर कथित रूप से हत्या कर दी, उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक फ्रिज में रखा एवं एक के बाद एक कर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में फेंक दिया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त- प्रथम( दक्षिण जिला) अंकित चौहान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की गिरफ्तारी के बाद यह नृशंसा घटना छह माह बाद सामने आयी। चौहान के अनुसार महिला के शव के कटे हुए कुछ हिस्से मिले हैं तथा पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार तलाश रही है। चौहान ने बताया कि आरोपी ने शव के कटे हुए हिस्सों को रखने के लिए 300 लीटर वाला एक फ्रिज खरीदा तथा शव से आने वाली बदबू को दबाने के लिए अगरबत्तियों एवं रूम फ्रेशनर का उपयोग किया। चौहान ने बताया कि मुंबई में एक कॉल सेंटर में काम करने के दौरान आरोपी पूनावाला और श्रद्धा वालकर को एक दूसरे से प्यार हुआ लेकिन जब उनके परिवारों ने दोनों के अलग-अलग धर्म होने के कारण इस रिश्ते का विरोध किया तब यह युगल इस साल के प्रारंभ में दक्षिण दिल्ली के महरौली आ गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-प्रथम (दक्षिण जिला) अंकित चौहान ने बताया, ‘‘ मध्य मई में शादी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई जो तेज हो गयी तथा आरोपी पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या कर दी। '' उन्होंने कहा, ‘‘ फिर, आरोपी ने शव के 35 से अधिक टुकड़े किये। उसने शव के इन टुकड़ों को रखने के लिए फ्रिज खरीदा तथा ढेर सारी अगरबत्तियां एवं रूम फ्रेशनर खरीदा। वह कई दिनों के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में इन टुकड़ों को फेंकता रहा। वह शव के इन टुकड़ों को फेंकने के लिए आधी रात को निकला करता था।'' चौहान ने बताया कि आरोपी पूनावाला के साथ अपने रिश्ते को लेकर मतभेद के चलते श्रद्धा की अपने परिवारवालों से ठीक से बातचीत भी नहीं होती थी। मुंबई में श्रद्धा के पिता द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत के अनुसार सितंबर में उसके एक दोस्त ने बताया कि दो महीने से उसका फोन लग नहीं रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी पूनावाला श्रद्धा के साथ मारपीट करता था और उसने पहले यह बात अपने परिवार को बतायी थी। चौहान ने कहा, ‘‘ महिला के पिता ने आरोपी को फोन किया तब उन्हें बताया गया कि दोनों कुछ समय पहले अलग हो गये। अपनी बेटी से संपर्क नहीं कर पाने पर उन्होंने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी।'' पुलिस के अनुसार आरोपी को पांच दिनों के लिए हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया, रूह कँपाने वाले एक मामले में दिल्ली में एक लड़की को उसके आरोपी पुरुष मित्र ने जान से मार दिया और उसके शव के 35 टुकड़े कर फ्रिज में रखे। उसके शव के टुकड़ों को उसने शहर के अलग अलग इलाक़ों में फेंका। समाज में कैसे कैसे दरिंदे पल रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार किया है। दरिंदे को कड़ी सजा होनी चाहिए। -
श्रीनगर. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के लिए तैयार है लेकिन इसपर राज्यों के सहमत होने की संभावना कम है। पुरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए राज्यों की सहमति जरूरी है और अगर राज्य इस दिशा में पहल करते हैं तो केंद्र भी इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही इसके लिए तैयार रहे हैं। यह मेरी समझ है। हालांकि, दूसरा मुद्दा इसे लागू करने के तरीके का है। उस सवाल को वित्त मंत्री के समक्ष उठाया जाना चाहिए।'' पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की लंबे समय से उठ रही मांग के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने इस बात की आशंका जताई कि राज्यों के बीच इसपर सहमति बनने की संभावना कम ही है। उन्होंने कहा कि राज्यों के राजस्व का प्रमुख स्रोत शराब एवं पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाला कर ही होता है। पुरी ने कहा, ‘‘यह समझना अधिक मुश्किल नहीं है कि राज्यों को इनसे राजस्व मिलता है। राजस्व पाने वाला आखिर उसे क्यों छोड़ना चाहेगा? सिर्फ केंद्र सरकार ही मुद्रास्फीति और अन्य बातों को लेकर फिक्रमंद रहती है।'' उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले को जीएसटी परिषद में उठाने का सुझाव दिया गया था लेकिन राज्यों के वित्त मंत्री इस पर तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक जीएसटी का सवाल है तो हमारी या आपकी इच्छाएं अपनी जगह हैं, हम एक सहकारी संघीय व्यवस्था का हिस्सा हैं।'' पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में गिरावट की संभावना के बारे में पूछे जाने पर पुरी ने कहा, ‘‘मैं आपके सवाल से अचंभित हूं। पिछले एक साल में इनकी कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी शायद भारत में ही हुई है। मॉर्गन स्टेनली भी कह रहा है कि भारत दुनियाभर में एक सबसे बेहतर स्थिति में रहा है।'' उन्होंने कहा कि भारत ने उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम उठाकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से खुद को बचाये रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं काल्पनिक सवालों के जवाब नहीं देता लेकिन केंद्र सरकार की कोशिश यही होगी कि कीमतें स्थिर बनी रहें।
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नोएडा. उत्तर प्रदेश में गौतबुद्धनगर पुलिस और प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने संयुक्त अभियान के तहत शनिवार शाम को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। उसके पास से पुलिस ने 170 किलोग्राम से ज्यादा गांजा बरामद किया है। अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि सूचना के आधार पर थाना सेक्टर 24 पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी अज्जू नामक शख्स को पकड़ा जो गांजे को कार से कथित रूप से ले जा रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से पुलिस ने 173 किलोग्राम गांजा बरामद किया है जिसकी बाजार में कीमत करीब 50 लाख रुपये है। द्विवेदी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी गांजा तस्करों के अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य है।
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नागपुर .महाराष्ट्र के नागपुर में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को अपनी बेटी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने अपने रिश्तेदारों को फंसाने के लिए पहले अपनी बेटी से सुसाइड नोट लिखवाए, फिर उससे खुदकुशी करने का नाटक करने को कहा और इसी दौरान उसकी हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि 16 वर्षीय लड़की छह नवंबर को नागपुर के कलमना इलाके में अपने घर में फंदे से लटकी मिली थी। कलमना थाने के एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने किशोरी के कमरे में मिले पांच सुसाइड नोट के आधार पर उसकी सौतेली मां और कुछ अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि छानबीन के दौरान उसके पिता के मोबाइल की जांच करने पर पूरी साजिश से पर्दा उठ गया।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “मोबाइल फोन में एक फोटो मिला जिसमें लड़की खुदकुशी करने की कोशिश करती दिखी। यह सामने आया कि उसने अपनी बेटी से इस तरह का नाटक करने को कहा था। जैसे ही लड़की ने फंदा लगाने का नाटक किया तो उसने उसका फोटो खींच लिया था। वह अपने रिश्तेदारों को सबक सिखाना चाहता था।” अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने अपनी बेटी से पांच सुसाइड नोट लिखवाए जिनमें संबंधित रिश्तेदारों के नाम लिखवाए और उसके कहने पर जब लड़की फंदा लगाने का नाटक करने के लिए स्टूल पर खड़ी थी तो उसने फोटो खींचा तथा स्टूल को ठोकर मारकर गिरा दिया जिससे किशोरी की अपने पिता और 12 वर्षीय बहन के सामने मौत हो गई। -
भिंड. मध्यप्रदेश के भिंड रेलवे स्टेशन के पास रविवार को चलती ट्रेन के सामने खड़े होकर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जबकि उसके 19 वर्षीय बेटे की उसे बचाने की कोशिश में मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि रेलवे स्टेशन के पास रहने वाला हरि सिंह नरवरिया (55) अपने परिवार में हुए झगड़े के बाद आत्महत्या करने के लिए रेल की पटरी की ओर भागा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के निरीक्षक अजय कुमार मीणा ने बताया कि जब उनके बेटे मुन्नेश ने अपने पिता को पटरी के बीच खड़े देखा तो वह उसे बचाने के लिए दौड़ कर वहां गया और इसी बीच वहां ट्रेन आ गई, जिससे ट्रेन की चपेट में आने से पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है।
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पोर्ट ब्लेयर. आपदा प्रबंधन निदेशालय ने 15-16 नवंबर को अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय तटरक्षक (आईसीजी), नौसेना की सभी इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग ने कहा कि रविवार से अगले पांच दिनों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन 15 और 16 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर, कैंपबेल बे, कमोर्टा और डिगलीपुर सहित द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान है। आपदा प्रबंधन निदेशालय के एक बयान में कहा गया, ‘‘खराब मौसम के कारण, अंडमान सागर के ऊपर 45 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से हवा चलने का अनुमान है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे आने वाले कुछ दिनों में समुद्र की तरफ ना जाएं।'' इस बीच, पर्यटकों को घरों के अंदर रहने और कोर्बिन कोव, स्वराज, एलीफेंटा, कॉलिनपुर समुद्र तटों, शहीद द्वीप और वंदूर में समुद्र की तरफ नहीं जाने को कहा गया। बयान में कहा गया है कि खराब मौसम के कारण कोलकाता, दिल्ली, विशाखापत्तनम और चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की व्यवस्था करने से पहले जानकारी जुटा लें।
- नयी दिल्ली ।यहां स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दिमागी रूप से मृत घोषित 18 माह की बच्ची के परिवार ने उसके अंग दान करके दो मरीजों को नयी जिंदगी दी है।हरियाणा के मेवात की मूल निवासी माहिरा गत छह नवंबर को अपने घर की बालकनी से गिर गई थी और उसे बेहोशी की हालत में एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था, जिसमें पाया गया की उसके मस्तिष्क को गहरी क्षति पहुंची है। एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि 11 नवंबर की सुबह माहिरा को दिमागी रूप से मृत घोषित किया गया।उन्होंने कहा कि उसके यकृत को छह महीने के बच्चे में गुर्दा और पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) में प्रत्यारोपित किया गया है, जबकि एम्स में एक 17 वर्षीय लड़के में उसके दोनों गुर्दे सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किए गए हैं।गुप्ता ने कहा कि उसके कॉर्निया और हृदय के वाल्व को बाद में उपयोग के लिए संरक्षित किया गया है।16 महीने के रिशांत के बाद माहिरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में दूसरी सबसे छोटी बच्ची है, जिसके अंग परिवार द्वारा दान किए गए।माहिरा पिछले छह महीनों में एम्स ट्रॉमा सेंटर में अपने अंग दान करने वाली तीसरी बच्ची है।डॉ. गुप्ता ने कहा कि रोली पहला बच्चा था जिसके बाद 16 महीने का रिशांत था, जिसके अंगों को उसके परिवार ने अगस्त में दान किया था। काउंसलिंग के दौरान माहिरा के माता-पिता को रोली की कहानी के बारे में बताया गया जिसके बाद उन्हें दिमागी रूप से मृत घोषित होने की अवधारणा और दूसरों की जान बचाने के लिए अंग दान की आवश्यकता समझ में आई।इसके बाद वे माहिरा के अंगों को दान करने के लिए तैयार हो गए।छह वर्षीय रोली के माता-पिता ने इस साल अप्रैल में उसके महत्वपूर्ण अंगों - हृदय, यकृत, गुर्दे और कॉर्निया - को दान कर दिया था। जिसे बंदूक की गोली लगने के बाद दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया गया था।प्रोफेसर ने कहा कि ऊंचाई से गिरना भारत में बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा है और सुझाव दिया कि बालकनी की ऊंचाई हर घर में बच्चों की ऊंचाई से दोगुनी होनी चाहिए।उन्होंने ताया कि बच्चे अक्सर असुरक्षित रूप से बालकनियों की रेलिंग पर चढ़ जाते हैं और गिर जाते हैं। इससे कई बच्चों की मौत हो जाती है या उनके सिर में गंभीर चोट आती है।इस तरह की मौतों और चोटों को पूरी तरह से रोका जा सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंगदान के बारे में जागरूकता पर्याप्त नहीं है और ज्यादातर इनकार वरिष्ठ सदस्यों (दादा-दादी/बुजुर्गों) से आते हैं जिन्होंने अंगदान की अवधारणा के बारे में नहीं सुना है।डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि हमारे देश में कानून को ‘ऑप्ट इन लॉ’ (वर्तमान में मौजूदा कानून जहां परिवार की सहमति की आवश्यकता है) के बजाय ‘ऑप्ट आउट लॉ’ (हर कोई जो दुर्घटना से मिलता है उसे अंग दाता माना जाता है) में बदलने की जरूरत है। अधिकांश परिवार अज्ञानता या अंतिम चरण की बीमारियों से पीड़ित लोगों के जीवन को बचाने के लिए अंगों की तत्काल आवश्यकता को समझने में असमर्थता के कारण अंगदान से इनकार करते हैं।उन्होंने कहा कि भारत में प्रति दस लाख जनसंख्या पर अंगदान की दर 0.4 (दुनिया में सबसे कम) है। अमेरिका और स्पेन में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 50 लोग अंग दान करते हैं। भारत में औसतन 700 अंगदाता दिमागी रूप से मृत घोषित होने के बाद अंगदान करते हैं।संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में इस साल सितंबर में दस करोड़ अंग दान पूरे किए। गुप्ता ने कहा कि इस साल दिल्ली स्थित एम्स में 14 अंगदान हुए हैं, जो 1994 के बाद से अब तक इस अवधि की सबसे बड़ी संख्या है। एम्स दिल्ली ने हाल के दिनों में नए नेतृत्व में अंग खरीद गतिविधियों में बदलाव किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले छह महीनों में अंग दान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- नयी दिल्ली । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में 24 घंटे से भी कम समय में दूसरा मामला सामने आया है जिसमें एक परिवार ने ‘ब्रेन डेड' घोषित आठ वर्षीय बच्ची के अंग दान कर दो बच्चों को नया जीवन दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, ‘ब्रेन डेड' घोषित 18 महीने की बच्ची के परिवार के सदस्यों ने उसके अंगों को दान कर दिया, जिससे दो को नया जीवन मिला और दो अन्य बच्चों को दृष्टि मिली। एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ दीपक गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा की मानसी दो नवंबर को अपने घर में किसी ऊंची जगह से नीचे गिर गई थी। आठ वर्षीय बच्ची के मस्तिष्क को गंभीर क्षति हुई और 11 नवंबर को उसे ‘ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया था। बच्ची के माता-पिता की सहमति से, उसके यकृत और एक गुर्दे को पांच साल के बच्चे में प्रतिरोपण किया गया, जिसका यहां यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान में उपचार किया जा रहा था। मानसी के कॉर्निया और हृदय के वाल्व को अन्य बच्चों में इस्तेमाल करने के लिए संरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘काउंसलिंग के दौरान मानसी के माता-पिता को रोली के अंगदान की कहानी के बारे में बताया गया, जिसके बाद उन्हें ‘ब्रेन डेड' की अवधारणा और अंगदान की जरूरत समझ में आई।'' छह वर्षीय रोली प्रजापति को बंदूक की गोली से घायल होने के बाद ‘ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया था। उसके माता-पिता ने इस साल अप्रैल में उसके महत्वपूर्ण अंग-हृदय, यकृत, गुर्दे और कॉर्निया दान कर दिए थे। मानसी के मामले में, जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर और अंग पुन: स्थापन बैंकिंग संस्था, एम्स तथा राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) से एक टीम अंग प्राप्त करने और प्रतिरोपण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए एक साथ आई। डॉ गुप्ता ने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र, एम्स आने वाले हफ्तों में कॉर्निया का प्रतिरोपण करेगा। उन्होंने कहा कि भारत में अंगदान को लेकर जागरूकता का अभाव है। डॉ गुप्ता ने कहा कि अक्सर परिवार के लोग अंगदान से मना कर देते हैं क्योंकि उन्हें इस बारे में पता ही नहीं होता। उन्होंने अंगदान के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील की। भारत में प्रति दस लाख आबादी पर अंगदान दर 0.4 (दुनिया में सबसे कम) है। अमेरिका और स्पेन में वर्तमान में प्रति दस लाख जनसंख्या पर अंग दान दर 50 है। डॉ गुप्ता ने कहा कि नए नेतृत्व में, एम्स दिल्ली ने हाल के दिनों में अंग जुटाने की गतिविधियों में बदलाव किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले छह महीनों में अंग दान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- नागपुर (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एक सुदूर गांव में बचपन में एक समय के भोजन के लिए संघर्ष करने से लेकर अमेरिका में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक बनने तक, भास्कर हलामी का जीवन इस बात का एक उदाहरण है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। कुरखेड़ा तहसील के चिरचडी गांव में एक आदिवासी समुदाय में पले-बढ़े हलामी अब अमेरिका के मेरीलैंड में बायोफार्मास्युटिकल कंपनी सिरनामिक्स इंक के अनुसंधान और विकास खंड में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। कंपनी आनुवंशिक दवाओं में अनुसंधान करती है और हलामी आरएनए निर्माण और संश्लेषण का काम देखते हैं।हलामी की एक सफल वैज्ञानिक बनने की यात्रा बाधाओं से भरी रही है और उन्होंने कई जगह पहला स्थान हासिल किया है। वह विज्ञान स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्री और पीएचडी करने वाले चिरचडी गांव के पहले व्यक्ति हैं। हलामी ने अपने बचपन के शुरुआती दिनों को याद किया कि किस तरह उनका परिवार बहुत थोड़े में गुजारा करता था। 44 वर्षीय वैज्ञानिक ने कहा, ‘‘हमें एक वक्त के भोजन के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता था। मेरे माता-पिता हाल तक सोचते थे कि जब भोजन या काम नहीं था तो परिवार ने उस समय कैसे गुजारा किया।'' उन्होंने कहा कि वर्ष में कुछ महीने विशेष रूप से मानसून, अविश्वसनीय रूप से कठिन रहता था क्योंकि परिवार के पास जो छोटा खेत था उसमें कोई फसल नहीं होती थी और कोई काम नहीं होता था। हलामी ने कहा, ‘‘हम महुआ के फूल को पकाकर खाते थे, जो खाने और पचाने में आसान नहीं होते थे। हम परसोद (जंगली चावल) इकट्ठा करते थे और पेट भरने के लिए इस चावल के आटे को पानी में पकाते थे। यह सिर्फ हमारी बात नहीं थी, बल्कि गांव के 90 प्रतिशत लोगों के लिए जीने का यही जरिया होता था।'' चिरचडी 400 से 500 परिवारों का गांव है। हलामी के माता-पिता गांव में घरेलू सहायक के रूप में काम करते थे, क्योंकि उनके छोटे से खेत से होने वाली उपज परिवार का भरण पोषण करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। हालात तब बेहतर हुए जब सातवीं कक्षा तक पढ़ चुके हलामी के पिता को करीब 100 किलोमीटर दूर कसनसुर तहसील के एक स्कूल में नौकरी मिल गई। हलामी ने कक्षा एक से चार तक की स्कूली शिक्षा कसनसुर के एक आश्रम स्कूल में की और छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने यवतमाल के सरकारी विद्यानिकेतन केलापुर में कक्षा 10 तक पढ़ाई की। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता शिक्षा के मूल्य को समझते थे और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मैं और मेरे भाई-बहन अपनी पढ़ाई पूरी करें।'' गढ़चिरौली के एक कॉलेज से विज्ञान स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद हलामी ने नागपुर में विज्ञान संस्थान से रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। 2003 में हलामी को नागपुर में प्रतिष्ठित लक्ष्मीनारायण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एलआईटी) में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षा पास की, लेकिन हलामी का ध्यान अनुसंधान पर बना रहा और उन्होंने अमेरिका में पीएचडी की पढ़ाई की तथा डीएनए और आरएनए में बड़ी संभावना को देखते हुए उन्होंने अपने अनुसंधान के लिए इसी विषय को चुना। हलामी ने मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। हलामी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं, जिन्होंने उनकी शिक्षा के लिए कड़ी मेहनत की। हलामी ने चिरचडी में अपने परिवार के लिए एक घर बनाया है, जहां उनके माता-पिता रहना चाहते थे। कुछ साल पहले हलामी के पिता का निधन हो गया।
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शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश),। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की रहने वाली स्नातक की छात्रा सोमवार को संसद भवन में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भाषण देगी। यह छात्रा वहां उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली अकेली छात्रा होगी। शहर के जी एफ कॉलेज में स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा कल्याण कारिणी पांडे (20) शहर के ही महमंद जलाल नगर की रहने वाली है और उन्हें 14 नवंबर को दिल्ली स्थित देश के संसद भवन में भाषण देने का मौका मिला है। जी एफ कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर मोहम्मद तारिक ने बताया कि उनके ही विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा कल्याण कारिणी पांडे का चयन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में गत सात नवंबर को आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से हुआ है। उन्होंने बताया कि पांडे 14 नवंबर को लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज द्वारा संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए भूतपूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भाषण देंगी। छात्रा को भेजे गए निमंत्रण में कहा गया है कि यह कार्यक्रम हमारे राष्ट्रीय नेताओं को उनके जन्मदिन पर संसद भवन में श्रद्धांजलि देने के काम में देश के युवाओं की सहभागिता के लिए आयोजित किया गया है इस सिलसिले के तीसरे कार्यक्रम के तहत 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। तारिक ने बताया कि आयोजकों द्वारा जो सूची जारी की गई है उसके मुताबिक 10 प्रदेशों से एक-एक छात्र/छात्रा को बुलाया गया है। उत्तर प्रदेश से कल्याण कारिणी पांडे को ही चुना गया है। स्नातक छात्रा पांडे ने बताया कि वह अपनी बात को लोकसभा अध्यक्ष तथा अतिथियों के सामने रखेगीं और वह अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जीवन, उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का जिक्र करेंगी। इसके अलावा उन्हें संसद भवन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और राजघाट का भ्रमण भी कराया जाएगा। कल्याण कारिणी पांडे की मां नीता पांडे तथा पिता मनोज कुमार डॉक्टर हैं। उनकी एक बड़ी बहन तथा एक छोटा भाई है। वे दोनों पढ़ाई कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। कुछ राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा के बीच अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इसके लिये वित्तीय संसाधनों का उपयोग करना एक ‘बड़ी भूल' होगी और इससे औसत आर्थिक वृद्धि दर घटकर छह प्रतिशत पर आने के साथ अन्य विकास कार्यों पर भी असर पड़ेगा। अर्थशास्त्रियों का यह भी कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) लागू होने से सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों को ही लाभ होगा जो आबादी का एक सीमित हिस्सा ही है। वहीं निजी क्षेत्र में बड़ी संख्या में काम करने वाले कामगारों समेत तमाम लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने ओपीएस से नई नौकरियों के सृजन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई है।पिछले कुछ महीनों में राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और पंजाब ने सरकारी कर्मचारियों के लिये ओपीएस को लागू करने की घोषणा की है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात में जारी विधानसभा चुनावों के दौरान कहा है कि इन राज्यों में सत्ता में आने पर वह ओपीएस लागू करेगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव में भी यह मुद्दा जोरशोर से उठा था। जाने-माने अर्थशास्त्री और वर्तमान में बेंगलुरु स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी के कुलपति एन आर भानुमूर्ति ने कहा, ‘‘नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) विभिन्न स्तरों पर काफी सोच-विचारकर लागू की गयी है और यह स्वतंत्र भारत में सबसे बड़ा राजकोषीय सुधार है। इससे सरकार का वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है और राज्य सरकारों की राजकोषीय स्थिति भी बेहतर हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर ओपीएस पूरे देश में लागू कर दी गयी तो इसका वित्तीय असर काफी व्यापक होगा। सार्वजनिक कर्ज का स्तर प्रबंधन-योग्य स्तर से ऊपर पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं, औसत जीडीपी वृद्धि दर पर भी असर पड़ेगा और सात प्रतिशत से अधिक वृद्धि की संभावना घटकर छह प्रतिशत पर आ सकती है।'' आर्थिक शोध संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में प्रोफेसर लेखा चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए ओपीएस लागू करना आर्थिक नजरिये से नुकसानदायक है क्योंकि इसमें वित्तीय जोखिम है। इस घोषणा का समय भी विशेष रूप से महामारी के बाद के राजकोषीय जोखिम और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए अनुचित है। राजकोषीय बाधाओं को देखते हुए ओपीएस के क्रियान्वयन की गुंजाइश नहीं है...।'' उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि सार्वजनिक वित्त और राजकाज का 'कल्याणकारी मॉडल' मजबूत करने के नाम पर ओपीएस लागू करने की बात की जाती है, लेकिन इसके वित्तपोषण के लिये वित्तीय संसाधनों का उपयोग करना एक भारी गलती होगी।'' एक जनवरी, 2004 से लागू नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) अंशदान पर आधारित पेंशन योजना है। इसमें कर्मचारी के साथ-साथ सरकार भी अंशदान देती है। पेंशन कोष विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) कानून, 2013 के तहत संचालित एनपीएस के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत अंशदान देना होता है। इतना ही अंशदान सरकार करती थी। वर्ष 2019 में संशोधन के जरिये सरकार के अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया। पीएफआरडीए की देखरेख में कोष प्रबंधक जमा राशि का निवेश करते हैं। सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी समूचे कोष का 60 प्रतिशत निकाल सकते हैं, जबकि कम-से-कम 40 प्रतिशत राशि का उपयोग पंजीकृत बीमा कंपनी से पेंशन उत्पाद खरीदने में करना जरूरी होता है। उसके आधार पर कर्मचारियों को मासिक आधार पर पेंशन मिलती है। वहीं पुरानी पेंशन व्यवस्था में कर्मचारियों की पेंशन सेवानिवृत्ति से पहले लिये गये अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत होती है और यह पूरी राशि सरकार की तरफ से दी जाती थी।
- नयी दिल्ली | पश्चिमी मोर्च पर पाकिस्तान से लगी सीमा के पार से ड्रोन भेजे जाने के मामलों में भारी वृद्धि हुई है और साल 2022 में ड्रोन के जरिए मादक पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद भेजे जाने के मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बल ने दिल्ली में एक शिविर में ड्रोन का अध्ययन करने के लिए हाल ही में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की है और इसके परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से ड्रोन उड़ाने के रास्तों और इस अवैध गतिविधि में शामिल लोगों के ठिकानों पर भी नजर रख सकती हैं। उन्होंने कहा, “बीएसएफ काफी समय से ड्रोन खतरे का सामना कर रहा है ...नापाक मंसूबों वाले लोग नए-नए तरीके से ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। अलग-अलग तरह के ड्रोन के इस्तेमाल से हमारे लिए समस्याएं पैदा हो रही हैं, क्योंकि इनके बारे में कम जानकारी उपलब्ध है और ये तेजी से उड़ान भरते हुए सीमा को पार कर जाते हैं।” डीजी ने यह बात केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को जानकारी देते हुए कही, जो एक वेबिनार सत्र के माध्यम से फोरेंसिक लैब का उद्घाटन करने के लिए एक कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। ड्रोन के खतरे के बारे में बताते हुए डीजी ने कहा कि बीएसएफ ने 2020 में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन उड़ाए जाने की 79 घटनाओं के बारे में पता लगाया था। पिछले साल इनकी तादाद 109 रही और इस साल यह दोगुनी से अधिक रफ्तार से बढ़कर 266 हो गई। सिंह ने कहा, “ड्रोन के उड़ान भरने के सबसे अधिक 215 मामले पंजाब में सामने आए हैं...जम्मू में करीब 22 मामले सामने आए।” उन्होंने कहा, “समस्या गंभीर है। हमारे पास अभी तक कोई पुख्ता समाधान नहीं है। वे (ड्रोन) मादक पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद, जाली मुद्रा आदि लाते हैं।
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रांची. झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना में बस और ट्रक में हुई भीषण टक्कर में शुक्रवार को दो यात्रियों की मौत हो गयी जबकि 30 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक निजी बस रांची से खूंटी के तपकारा जा रही थी और इसी दौरान तुपुदाना में इसकी एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गयी जिसमें दो लोगों की मौत हो गयी जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गये। उनके मुताबिक कुछ घायलों की हालत गंभीर है जिन्हें रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया है। रांची देहात के पुलिस अधीक्षक नौशाद आलम ने कहा, “ एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।” तुपुदाना थाने के प्रभारी मीरा सिंह ने बताया कि हादसे के बाद बस चालक फरार हो गया, जबकि ट्रक चालक का इलाज किया जा रहा है।
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रामागुंडम (तेलंगाना). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने पिछले आठ वर्षों के दौरान लगभग 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि देश के किसानों पर उर्वरकों की ऊंची वैश्विक कीमतों का बोझ न पड़े। मोदी ने रामागुंडम में 9,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करने के बाद कहा कि केंद्र सरकार किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए इस साल 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में वर्षों से बंद पड़े पांच बड़े उर्वरक संयंत्रों को यूरिया के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए फिर से शुरू किया जा रहा है। मोदी ने कहा कि यूरिया भविष्य में एक ही ब्रांड ‘भारत यूरिया' के तहत उपलब्ध कराया जाएगा, क्योंकि किसानों को पहले कई तरह के उर्वरकों के मौजूद होने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया के नाजुक दौर से गुजरने के बावजूद भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। मोदी ने यहां पर रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (आरएफसीएल) के उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया जिसे 6,338 करोड़ रुपये की लागत से चालू किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने 990 करोड़ रुपये की बजट लागत से निर्मित भद्राचलम रोड से सत्तुपल्ली तक 54.1 किलोमीटर रेलवे लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 1990 के बाद यानी पिछले तीन दशकों में देश ने जो विकास देखा है, वो पिछले आठ वर्षों के दौरान हुए बदलावों के कारण कुछ ही वर्षों में होगा। उन्होंने कहा, "पिछले दो-तीन साल से दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है। दूसरी ओर संघर्ष हो रहे हैं, सैन्य कार्रवाइयां हो रही हैं और उसका असर देश और दुनिया पर भी पड़ रहा है।" मोदी ने कहा, "इन विकट परिस्थितियों में भी दुनिया भर में एक और बात सुनने को मिल रही है। दुनिया भर के जानकारों का कहना है कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और उस दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में शासन, विचार प्रक्रिया और दृष्टिकोण में भी बदलाव आया है। मोदी ने कहा कि चाहे बुनियादी ढांचा हो, सरकारी प्रक्रियाएं हों या व्यापार करने में आसानी हो.....ये सभी बदलाव भारत के 'आकांक्षी समाज' को प्रेरित कर रहे हैं।
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जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर के एक इलाके में कथित तौर पर महिलाओं को मुक्का मारकर अपनी मोटरसाइकिल से भाग जाने वाले 16 वर्षीय लड़के को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी । अधिकारी ने बताया कि यह लड़का संजीवनी नगर इलाके में पिछले कुछ दिनों से महिलाओं को निशाना बना रहा था। उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल सवार आरोपी कथित तौर पर वाहन से उतरता था और फिर महिलाओं की पीठ पर मुक्का मारता था और उसके बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर तेजी से वहां से भाग जाता था। उन्होंने कहा कि इलाके की महिलायें हमलों से बचने के लिए अपने साथ लाठी-डंडे लेकर चलने लगी थीं।
संजीवनी नगर पुलिस थाना प्रभारी शोभना मिश्रा ने बताया कि महिलाओं, खासकर घरेलू सहायिकाओं को मुक्का मारने वाले 16 वर्षीय लड़के को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में लड़के ने खुलासा किया कि वह मौज-मस्ती के लिए महिलाओं को मुक्का मारता था और इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि इलाके के निवासियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर इस लड़के की पहचान की। -
लुधियाना. पंजाब में समराला के पास लुधियाना-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो कारों की टक्कर होने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई तथा चार अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटनास्थल यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर है। मामले के जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक परमजीत सिंह ने कहा कि मृतकों की पहचान सरबजीत सिंह (44), उनकी पत्नी रमनदीप कौर (40) और उनके परिवार की अन्य सदस्य चरणजीत कौर के तौर पर हुई है। वे नजदीकी शहर माछीवाड़ा के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, वे सफेद रंग की गाड़ी से जा रहे थे, तभी शनिवार रात को यह घटना हो गई। दूसरी कार में बैठे चार लोग जख्मी हुए हैं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। वे कोटकपुर शहर के रहने वाले हैं।
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नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से नई दिल्ली में शुरू हो रहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मेले का उद्घाटन करेंगे। यह मेला 27 नवम्बर तक चलेगा। इस बार मेले का मुख्य विषय वोकल फॉर लोकल - लोकल टू ग्लोबल है। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान आयोजित होने की वजह से इसका खास महत्व है। व्यापार मेले में 29 राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें बिहार, झारखण्ड और महाराष्ट्र सहयोगी राज्य के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं जबकि उत्तर प्रदेश और केरल पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया है। मेले में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अलावा कई सार्वजनिक उपक्रम भी अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगे। अफगानिस्तान, बांग्लादेश, बहरीन, बेलारूस, ईरान, नेपाल, थाईलैंड, तुर्की, संयुक्त अरब अमारात और ब्रिटेन सहित 12 देश भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।


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