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नयी दिल्ली. नियामक इरडा ने शुक्रवार को बीमा कंपनियों को बिना किसी पूर्व-अनुमति के नए उत्पाद पेश करने की मंजूरी दे दी। इसके लिये अधिकतर जीवन बीमा उत्पादों के मामले में 'उपयोग और फाइल' प्रक्रिया का विस्तार किया गया है। यह प्रावधान भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की तरफ से स्वास्थ्य बीमा उत्पादों के साथ साधारण बीमा उत्पादों में भी इसी तरह की छूट देने के कुछ दिनों बाद जीवन बीमा के लिए भी लागू किया गया है। इरडा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पूरी तरह से बीमाकृत भारत बनाने की दिशा में उठाए गए सुधारात्मक कदमों के तहत उसने अधिकतर जीवन बीमा उत्पादों के लिए 'उपयोग और फाइल' प्रक्रिया को बढ़ा दिया है। नियामक ने कहा, 'इसका मतलब है कि अब जीवन बीमा कंपनियां बिना इरडा की अनुमति के भी इन उत्पादों को बाजार में उतार सकती हैं।" इससे पहले बीमा उद्योग के शुरुआती दौर में बीमा कंपनियों के लिए किसी भी जीवन बीमा उत्पाद को लाने से पहले पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होता था। हालांकि समय के साथ इस उद्योग में आई परिपक्वता को देखते हुए यह परिकल्पना की गई है कि आवश्यक छूट की अनुमति दी जा सकती है। यह कदम जीवन बीमाकर्ताओं को बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार समय पर ढंग से अधिकांश उत्पादों (व्यक्तिगत बचत, व्यक्तिगत पेंशन और वार्षिकी को छोड़कर) को पेश करने में सक्षम करेगा। इरडा के मुताबिक, इस छूट से बीमा कंपनियों के लिए व्यापार करने में आसानी होगी और पॉलिसीधारकों के लिए उपलब्ध विकल्पों का विस्तार भी होगा। इरडा ने कहा कि जीवन बीमा कंपनियों के पास बोर्ड द्वारा अनुमोदित उत्पाद प्रबंधन और मूल्य निर्धारण नीति होने की उम्मीद है। -
नयी दिल्ली. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने क्षेत्रीय भाषाओं में डिप्लोमा एवं इंजीनियरिंग की पुस्तकें तैयार करने का प्रथम चरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया है और अब इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के लिये 12 भाषाओं में 88 पुस्तकों पर काम शुरू कर दिया है। एआईसीटीई इसके लिये आईआईटी से जुड़े लेखकों एवं राज्य तकनीकी संस्थानों के शिक्षकों एवं अनुवादकों की सेवाएं ले रहा है । इन पुस्तकों में हर पाठ के साथ छात्रों की सुविधा के लिये क्यूआर कोड जोड़ा गया है। परिषद के अध्यक्ष अनिल सह्रस्त्रबुद्धे ने बताया, ‘‘ नौ क्षेत्रीय भाषाओं में डिप्लोमा व इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की पुस्तकें तैयार हो गई है और अब द्वितीय वर्ष की पुस्तकें तैयार करने का काम शुरू हो गया है । '' उन्होंने बताया कि इसके तहत तीसरे और चौथे सेमेस्टर के कुछ हिस्सों पर काम चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि नयी शिक्षा नीति के अनुरूप पहले इन तकनीकी पुस्तकों का परिष्कृत स्वरूप अंग्रेजी में तैयार किया जाता है और फिर इनका क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इंजीनियरिंग, डिप्लोमा द्वितीय वर्ष के लिये क्षेत्रीय भाषाओं में 88 पुस्तकों पर काम शुरू किया गया है । इसमें 42 पुस्तकें इंजीनियरिंग की और 46 पुस्तकें डिप्लोमा की हैं । एआईसीटीई ने इसके लिये लेखकों की पहचान कर ली है जिनमें अंग्रेजी के लिये करीब 90 प्रतिशत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से हैं । इनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रूड़की, आईआईटी कानपुर, आईआईटी मुम्बई, आईआईटी मद्रास आदि शामिल है। पुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये विशेष तौर पर समीक्षकों की सेवाएं ली गई हैं ।
अधिकारियों ने बताया कि इसे इस वर्ष अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है । अंग्रेजी में पूरी पुस्तक तैयार होने का इंतजार नहीं किया जायेगा बल्कि एक यूनिट पूरा होने के बाद ही इन्हें अनुवाद के लिये भेज दिया जायेगा । उन्होंने बताया कि इस संबंध में बेहतर समन्वय के लिये एक साफ्टवेयर तैयार किया गया है।
एआईसीटीई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद के लिये विभिन्न राज्यों के राज्य तकनीकी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं अनुवादकों की सेवाओं ली जा रही हैं । मसलन, उत्तर प्रदेश में ए पी जे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय, अनंतपुर स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद स्थित मौलाना अबुल कलाम आजाद उर्दू विश्वविद्यालय, पंजाब प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आदि शामिल है। इन पुस्तकों में छात्रों के लिये स्व मूल्यांकन का खंड रखा गया है, साथ ही हर पाठ के साथ क्यूआर कोड दिया गया । क्याआर कोड के माध्यम से छात्र प्रयोग आदि का वीडियो भी देख सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि अगले दो वर्षो में तकनीकी पुस्तकों का क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद करने के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एआईसीटीई के अनुसार, नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुझावों के अनुरूप क्षेत्रीय भाषाओं में डिप्लोमा एवं इंजीनियरिंग की पुस्तकें तैयार करने का कार्यक्रम पिछले वर्ष शुरू किया गया था । इस कार्यक्रम में प्रथम वर्ष डिप्लोमा व इंजीनियरिंग के लिये 24 पुस्तकों पर काम शुरू किया गया था । ये पुस्तकें भौतिकी, रसायन, गणित, कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, पर्यावरण विज्ञान, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे विषयों में हैं । इसमें 2 पुस्तकें अंग्रेजी में तथा शेष 22 पुस्तकें क्षेत्रीय भाषाओं में थी । प्रारंभ में इसे 9 भाषाओं (हिन्दी, ओडिया, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, पंजाबी, गुजराती) में शुरू किया गया और बाद में तीन अन्य भाषा (उर्दू, मलयाली, असमिया) को जोड़ा गया । प्रथम वर्ष के लिये 9 क्षेत्रीय भाषाओं में पुस्तकें तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है और उर्दू, मलयाली, असमिया में काम तेजी से चल रहा है। -
नयी दिल्ली. कपड़ा सचिव यूपी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि तकनीकी वस्त्र देश में तेजी से बढ़ता क्षेत्र है और इसे और बढ़ावा देने के लिए उद्योग के लिए आवश्यक मानकों को अपनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार को घरेलू उद्योग के साथ विचार-विमर्श करके क्षेत्र के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के बारे में विचार करना होगा। तकनीकी वस्त्र के लिए मानकों पर आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस क्षेत्र के लिये हमने कोई गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किए हैं लेकिन आगे जाकर हमें ऐसा करना पड़ेगा।'' तकनीकी वस्त्रों का उपयोग कृषि, चिकित्सा, राजमार्ग निर्माण, खेल, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा परिधान जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। मानक होने पर या गुणवत्ता नियम होने पर उद्योग को वैश्विक बाजारों में पैठ बनाने और अपने उत्पादों के लिए अच्छी कीमत पाने में मदद मिलती है। भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक (मानकीकरण) राजीव शर्मा ने इस कार्यक्रम में कहा कि भारत के कुल कपड़ा और परिधान उद्योग में तकनीकी वस्त्र की हिस्सेदारी करीब 19 फीसदी है। तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के वैश्विक कारोबार में भारत की हिस्सेदारी करीब छह फीसदी है, क्षेत्र में भारत की पैठ का स्तर करीब पांच से दस फीसदी है। शर्मा ने कहा, ‘‘लेकिन विविधता और टिकाऊपन के कारण भारत में इन उत्पादों की खपत बढ़ रही है।''
कार्यक्रम में सीमा सड़क संगठन में महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि सड़क निर्माण में तकनीकी वस्त्र का उपयोग किया जा रहा है। -
भुवनेश्वर. भारत और दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम के खिलाड़ी 12 जून को बाराबती स्टेडियम में होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिये कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को ओडिशा पहुंच गये। दोनों टीम दोपहर करीब दो बजे भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंची और सैकड़ों क्रिकेट प्रशंसक उनके स्वागत के लिये वहां मौजूद थे। क्रिकेट प्रेमी हवाईअड्डे, उनके होटल के बाहर और दोनों जगह के रास्ते में सड़क के दोनों ओर अपने क्रिकेट सितारों की एक झलक पाने के लिये बेताब थे। ओडिशा क्रिकेट संघ (ओसीए) के सदस्यों ने हवाईअड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष बसों में होटल ले जाया गया। रविवार को होने वाले मैच से पहले ओडिशा पुलिस के महानिदेशक एस के बसंल ने पुलिस के सीनियर अधिकारियों के साथ और जिला प्रशासन ने बाराबती स्टेडियम के इंतजाम का जायजा लिया। बसंल ने पत्रकारों से कहा, खिलाड़ियों को ‘फूलप्रूफ' सुरक्षा प्रदान करने, रविवार को मैच के सुचारू आयोजन के लिये सभी इंतजाम किये जा चुके हैं। -
बेंगलुरू. बेंगलुरू शहर के सरक्की इलाके में शुक्रवार की सुबह विवाह का प्रस्ताव ठुकराये जाने से खफा एक प्रेमी ने कथित रूप से महिला के ऊपर तेजाब फेंक दिया । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि 32 वर्षीय महिला को तेजाब से दाहिनी आंख में चोट पहुंची है और एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है । उन्होंने बताया कि तलाकशुदा महिला तीन बच्चों की मां है । उन्होंने बताया कि पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों एक ही फैक्टरी में काम करते थे और एक दूसरे को पिछले तीन साल से जानते थे और दोनों एक ही समुदाय से हैं । पुलिस के मुताबिक आरोपी अहमद पिछले कई हफ्तों से महिला को शादी करने के लिए परेशान कर रहा था। उन्होंने बताया कि महिला ने बार-बार उसके प्रणय प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसके बाद उसने शुक्रवार को जेपी नगर के पास सरक्की रोड जंक्शन पर उस पर कथित रूप से तेजाब फेंक दिया।
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नवसारी (गुजरात) .प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गत आठ साल में उनकी सरकार ने आधुनिक चिकित्सा सेवा के अलावा पोषक आहार और स्वच्छता को महत्व देकर देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को सुधारने के लिए सर्वांगीण तरीके से प्रयास किया है। वह ए एम नाइक हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स और निराली मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अस्पताल का निर्माण लार्सन टुब्रो के अध्यक्ष ए एम नाइक की अध्यक्षता वाले न्यास ने कराया है। मोदी ने कहा, ‘‘हमने देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का प्रयास किया है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के अतिरिक्त हम पोषक आहार, बेहतर स्वच्छता और निवारक स्वास्थ्य देखरेख से संबंधित व्यवहार को भी महत्व दे रहे हैं।'' गौरतलब है कि मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने 30 मई को सत्ता के आठ साल पूरे किए।
गरीबों के लिए उनके द्वारा गुजरात में शुरू स्वास्थ्य योजना का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘(गुजरात के) मुख्यमंत्री के तौर पर मेरे अनुभव ने मुझे देश के लिए स्वास्थ्य सेवा नीति बनाने में मदद की। मैंने मुख्यमंत्री अमृतम योजना की शुरुआत की थी जिसके तहत राज्य के गरीब लोगों को चिकित्सा पर होने वाले व्यय के लिए दो लाख रुपये तक की मदद मिलती थी। इसके बाद केंद्र के स्तर पर आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की गई जिसके तहत देश के गरीब लोगों को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की मदद मिलती है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 40 लाख लोगों ने इस केंद्रीय योजना का लाभ गुजरात में प्राप्त किया है जिनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने गत 20 साल में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नयी ऊंचाई प्राप्त की है। मोदी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित गुजरात कैंसर और अनुसंधान संस्थान की बिस्तर क्षमता 450 से बढ़कर एक हजार हो गई है जबकि गुर्दा संस्थान में बिस्तरों की क्षमता निकट भविष्य में दोगुनी हो जाएगी। -
नयी दिल्ली. हर बच्चे पर ध्यान देना, सहभागिता आधारित शिक्षण और बच्चों तथा उनके माता-पिता के साथ शिक्षकों का अच्छा तालमेल आदि कुछ विशेषताएं हैं, जो दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एसडीएमसी प्राइमरी विद्यालय को सबसे अलग करती हैं। इस विद्यालय ने हाल ही में दुनियाभर से चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों की फेहरिस्त में जगह बनाई है। प्रधानाचार्य निवास तिवारी ने कहा कि उनके विद्यालय की ताकत विविधता है, जहां फिलहाल 583 बच्चे पढ़ते हैं और 12 स्थायी शिक्षक पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सभी वर्गों और जाति के बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि सभी विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं मिलें और यह अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के लिए बच्चों के माता-पिता के साथ मिलकर काम करते हैं। तिवारी ने कहा, ‘‘हमारे यहां रिक्शा चलाने वालों, दिहाड़ी मजदूरों और झोंपड़ी में रहने वाले लोगों के बच्चे हैं। हम भेदभाव नहीं करते हैं। हर बच्चे का ख्याल रखा जाता है।'' समाज की प्रगति में स्कूलों के महत्वपूर्ण योगदान पर समारोह मनाने के लिए ब्रिटेन में शुरू की गई 2,50,000 अमेरिकी डॉलर राशि के पुरस्कार के लिए विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों का विभिन्न श्रेणियों के तहत चयन किया गया। विभिन्न वर्गों में दुनिया के शीर्ष 10 विद्यालयों की सूची में भारत के पांच प्रेरणादायी विद्यालयों को बृहस्पतिवार को शामिल किया गया। मुंबई स्थित एसवीकेएम के सीएनएम स्कूल और दिल्ली के लाजपत नगर-3 स्थित एसडीएमसी प्राइमरी स्कूल को नवोन्मेष वर्ग में 10 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों की सूची में जगह दी गई है। तिवारी ने आगे अपने स्कूल की सफलता का श्रेय कर्मचारियों और छात्रों के बीच समन्वय और संचार को दिया। तिवारी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाता है कि विद्यार्थी विद्यालय में घर जैसा महसूस करें। उन्होंने कहा कि हम किसी भी तरह की शारीरिक सजा नहीं देते, लेकिन फिर भी विद्यार्थी अनुशासित हैं। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि कोई भी बच्चा सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण पीछे न रहे। तिवारी ने बताया कि बच्चे शिक्षकों से डरे नहीं, इसके लिए शिक्षक उनके साथ भेजन करते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के बीच महीने में एक बार चर्चा होती है। इसके अलावा माता-पिता के साथ अक्सर ‘चाय पे चर्चा' का आयोजन किया जाता है। ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार' के विजेताओं की घोषणा इस साल अक्टूबर में विश्व शिक्षा सप्ताह में की जाएगी। इस दौरान 2,50,000 अमेरिकी डॉलर के पुरस्कार को पांच विजेताओं के बीच समान रूप से वितरित किया जाएगा। हर विजेता स्कूल को 50,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार प्राप्त होगा। -
गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में 34 वर्षीय एक व्यापारी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि नरसिंहपुर गांव में रहने वाले अर्जुन सिंह उर्फ अनूप को ट्रांसपोर्ट के कारोबार में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने बृहस्पतिवार को अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलने पर सेक्टर 37 थाने के प्रभारी सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया, “ खुदकुशी का कारण साफ नहीं है और परिवार के सदस्य भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है।
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नयी दिल्ली। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने यात्रियों की संख्या बढ़ाने और यात्रा के समय को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली-काठमांडू मैत्री बस सेवा के समय और मार्ग में बदलाव करने का फैसला किया है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के उप मुख्य महाप्रबंधक संजय सक्सेना ने बताया, ‘‘फिलहाल काठमांडू के लिए बस सुबह 10 बजे डॉ. आंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल, दिल्ली गेट से आगरा-कानपुर-लखनऊ राजमार्ग होते हुए जाती है।'' उन्होंने एक बयान में कहा कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के अनुसार यात्रियों की संख्या बढ़ाने और दिल्ली से काठमांडू के लिए बस सेवा के यात्रा समय को कम करने के निर्णय लिए गए हैं। सक्सेना ने कहा, ‘‘बस को लखनऊ एक्सप्रेस हाईवे होकर नए मार्ग पर संचालित किया जाएगा, जिससे डीटीसी की प्रति यात्रा लगभग 49 किमी और लगभग 2,774 रुपये की बचत होगी।'' बयान में कहा गया कि दिल्ली में मजनूं का टीला काठमांडू के यात्रियों का केंद्र है। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए बस को सुबह पांच बजे मजनूं का टीला भेजा जाएगा और वहां से बस सुबह छह बजे दिल्ली गेट टर्मिनल के लिए रवाना होगी। इसके बाद, बस सुबह 10 बजे के मौजूदा समय के बजाय दिल्ली गेट टर्मिनल से सुबह सात बजे प्रस्थान करेगी ताकि यात्रियों को सीमा पर चार से पांच घंटे के इंतजार के समय से राहत मिल सके। सक्सेना ने कहा कि अगर बस सुबह सात बजे रवाना होती है, तो वह उसी रात सीमा पार कर सकती है और यात्री अन्य मार्गों की तुलना में कम समय में काठमांडू पहुंचेंगे। अधिकारी ने कहा कि इससे प्रति ट्रिप लगभग सात से आठ घंटे कम हो जाएंगे क्योंकि यात्रा का समय वर्तमान 32-34 घंटों की तुलना में 25-26 घंटे होगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अतिरिक्त यात्रा समय बचाने के लिए बस के तीन पड़ाव होंगे। भारत में दो पड़ाव सुबह 10 बजे फूडिंग प्लाजा, आगरा टोल पर और दोपहर 2 बजे फूड किंग प्लाजा, लखनऊ में होगा। सक्सेना ने कहा कि बस रात में साढ़े दस बजे नेपाल में रुकेगी ताकि यात्री रात्रि भोजन कर सकें। मजनूं का टीला में सुबह 6 बजे टिकट बुकिंग और यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक डीटीसी अधिकारी को तैनात किया जाएगा। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली-काठमांडू बस सेवा प्रायोगिक आधार पर 13 जून से एक महीने के लिए बदले हुए समय और मार्ग के अनुसार संचालित की जाएगी। उन्होंने कहा कि काठमांडू से दिल्ली बस सेवा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बस सेवा दिल्ली और काठमांडू के बीच 1,167 किमी की दूरी तय करती है। वर्तमान में यह बस उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और फैजाबाद तथा मुगलिंग (नेपाल) में रूकती है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा का किराया करीब 2800 रुपये है। बस सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना होती है। काठमांडू से दिल्ली के लिए बस मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को रवाना होती है। नवंबर 2014 में बस सेवा शुरू की गई थी। कोविड-19 महामारी की पहली लहर के कारण 23 मार्च, 2020 को परिचालन बंद कर दिया गया था। इसे पिछले साल दिसंबर में फिर से शुरू किया गया था।
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जौनपुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) बदलापुर, शुभम तोदी ने बताया कि खुटहन थाना क्षेत्र के सम्मनपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश चंद्र तिवारी (65) अपने पुत्र रामकृष्ण तिवारी (45) के साथ बाइक से बदलापुर की तरफ से घर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे देवरामपुर गांव स्थित तालाब के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टककर मार दी। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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नयी दिल्ली। राज्यसभा की 57 सीटों के लिए शुक्रवार को संपन्न हुए द्विवार्षिक चुनावों के बाद संसद के उच्च सदन में महिला सदस्यों की संख्या अब 32 हो जाएगी। इनके शपथ लेने के साथ ही राज्यसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का एक नया रिकार्ड भी बन जाएगा। राज्यसभा में इससे पहले 2014 में महिला सदस्यों की सर्वाधिक संख्या 31 थी। उच्च सदन के सेवानिवृत्त हो रहे 57 सदस्यों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी सहित पांच महिला सदस्य शामिल हैं। इन दोनों के अलावा सेवानिवृत्त हो रही महिला सदस्यों में छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की छाया वर्मा, मध्य प्रदेश से भाजपा की सम्पतिया उइके और बिहार से राष्ट्रीय जनता दल की मीसा भारती हैं। इन पांच महिला नेत्रियों में सीतारमण और मीसा भारती ही ऐसी हैं, जिनकी फिर से उच्च सदन में वापसी हो गई है। सीतारमण कर्नाटक से तो भारती बिहार से फिर से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं। छाया वर्मा, उइके और सोनी को उनकी पार्टियों की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक सेवानिवृत्त हो रही पांच महिला सदस्यों को मिलाकर वर्तमान में राज्यसभा के कुल 232 सदस्यों में महिला सदस्यों की कुल संख्या 27 है। इनमें 10 महिला सदस्य भाजपा की हैं। वर्तमान में राज्यसभा में सात मनोनीत सदस्यों सहित सहित कुल 13 रिक्तियां हैं। इस बार के चुनाव में सीतारमण और भारती सहित 10 महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इनमें से आठ महिलाएं पहली बार राज्यसभा पहुंची हैं। इस प्रकार राज्यसभा में महिला सदस्यों की कुल संख्या में पांच का इजाफा हुआ है और इसके साथ ही उनकी संख्या 32 हो गई है। चुनाव जीतकर पहली बार राज्यसभा पहुंचने वाली महिला सदस्यों में उत्तर प्रदेश से भाजपा की संगीता यादव और दर्शना सिंह, झारखंड से झारखंड मुक्ति मोर्चा व राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष महुआ मांझी, छत्तीसगढ़ से रंजीत रंजन, ओड़िशा से बीजू जनता दल की सुलता देव, मध्य प्रदेश से भाजपा की सुमित्रा वाल्मिकी और कविता पाटीदार तथा उत्तराखंड से कल्पना सैनी शामिल हैं। राज्यसभा के उपसभापति एम वेंकैया नायडू ने 17 नवंबर 2019 को उच्च सदन के ऐतिहासिक 250वें सत्र के पहले हुई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि राज्यसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 1952 में 15 (6.94 प्रतिशत) से बढ़कर 2014 में 31 (12.76 प्रतिशत) और 2019 में 26 (10.83 प्रतिशत) हो गया है। निर्वाचन आयोग ने हाल ही में 57 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की थी। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब, तेलंगाना, झारखंड और उत्तराखंड में सभी 41 उम्मीदवारों को पिछले शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था। इन उम्मीदवारों में सीतारमण को छोड़कर उपरोक्त नौ महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। चार राज्यों में शेष 16 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ, जिनमें महाराष्ट्र की छह, कर्नाटक तथा राजस्थान की चार-चार और हरियाणा की दो सीटें थीं। इन सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या संबंधित राज्यों में सीटों की संख्या से अधिक थी। लिहाजा, मतदान की नौबत आई। इनमें एकमात्र महिला उम्मीदवार सीतारमण ही थीं और उन्होंने भी जीत दर्ज की।
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नयी दिल्ली। उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में जारी लू से शुक्रवार को कुछ राहत मिली और अगले सप्ताह अधिकत तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट होने की संभावना है । भारत मौसम विभाग ने इसकी जानकारी दी । हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के दौरान लू की स्थिति बनी रही और उत्तर प्रदेश में बांदा देश में सबसे गर्म स्थान रहा जहां का अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन राज्यों के 25 शहरों और कस्बों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया । हालांकि, ऐसे शहरों की संख्या बुधवार और गुरुवार को क्रमश : 42 और 32 थी । पछुआ हवा के शुष्क और गर्म होने के कारण पश्चिमोत्तर और मध्य भारत दो जून से लू की जबरदस्त चपेट में है । भारत मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर के जेनामनि ने बताया, ‘‘अप्रैल के आखिर और मई के मुकाबले लू की तीव्रता कुछ कम है, लेकिन प्रभाव का क्षेत्र लगभग बराबर है । विभाग ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में अधिकतम तापमान सप्ताहांत में कुछ डिग्री कम हो जाएगा, लेकिन 15 जून तक कोई बड़ी राहत की संभावना नहीं है। विभाग ने कहा कि नमी युक्त पूर्वा हवाएं 16 जून से भीषण गर्मी से काफी राहत दिलाएंगी।
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नवसारी (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के नवसारी में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने अपने हाल के गुजरात दौरे के दौरान तीसरी बार विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की है। राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि शुक्रवार की बातचीत के दौरान, मोदी ने विभिन्न योजनाओं से लोगों को कैसे लाभ हुआ है, इस बारे में उनकी प्रतिक्रिया मांगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि लोगों ने स्टैंड-अप इंडिया, वन बंधु योजना और पीएम-आवास योजना सहित अन्य योजनाओं से कैसे लाभान्वित हुए, इस बारे में अपनी व्यक्तिगत कहानियां साझा कीं। विज्ञप्ति के मुताबिक एक महिला उद्यमी ने कहा कि उन्हें स्वयं सहायता समूहों के कारण लाभ हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि अब वे अपनी उपज के लिए एक बड़े बाजार तक पहुंचने में सक्षम हैं और प्रति वर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये कमाती हैं। एक अन्य महिला लाभार्थी ने पीएम-आवास योजना के माध्यम से अपने घर में रहने के सपने को साकार करने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। विज्ञप्ति में प्रधानमंत्री के हवाले से कहा गया है कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि समाज भी लाभान्वित हो।
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देहरादून। प्राचीन और समृद्ध हस्तकला ‘कुम्हारी कला' को बढावा देने की जरुरत पर बत देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय में मिट्टी से बने कुल्हाड़ों में चाय दी जाएगी। 'कुम्हारी कला' को पुनर्जीवित करने को लेकर यहां एक बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अनेक परिवार इस कला से जुड़े हैं और केंद्र की ‘कुम्हार सशक्तिकरण योजना' का उद्देश्य कुम्हारी कला को पुनर्जीवित करना एवं समाज के सबसे कमजोर वर्गों में से एक कुम्हार समुदाय को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त कर विकास की मुख्यधारा में लाना है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुम्हार हस्तकला को राज्य में बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री आवास एवं सचिवालय में मिट्टी से बने गिलासों (कुल्हाड़ों) में चाय देने की शुरुआत की जाए। इसे व्यापक स्तर पर प्रदेश भर में बढ़ावा दिया जाए।'' मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों ने सचिवालय में मिट्टी के कुल्हाड़ों में चाय पीकर इसकी शुरुआत भी की।
धामी ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि कुम्हारों को उन्नत किस्म का मिट्टी का सामान बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में मिट्टी उपलब्ध हो और उन्हें आवश्यकतानुसार एवं मानकों के हिसाब से निःशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि तीन महीने में कुम्हारी कला की अगली बैठक आयोजित की जायेगी जिसमें इसे बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्हारी हस्तकला के लिए एक पोर्टल बनाया जाए जिसमें इस कला से जुड़े लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए उन्हें हर सम्भव मदद दी जाए और देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुनर हाटों में उन्हें भेजा जाए। कुम्हारी कला को पारिस्थितिकीय तंत्र के लिए भी अच्छा बताते हुए धामी ने इससे जुड़े लोगों के लिए उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था एवं उसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में भी जोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि दीवाली पर कुम्हारों द्वारा निर्मित दीए एवं अन्य उत्पादों की खरीद के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाए। -
नयी दिल्ली. दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए शुक्रवार को कहा कि दूरसंचार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश के तहत भरोसेमंद दूरसंचार पोर्टल के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति नहीं करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के तहत दूरसंचार सेवा प्रदाता केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित विश्वसनीय स्रोत से ही उपकरण लगा सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने कहा कि उसने इस बारे में 30 मार्च, 2021 और 16 जून, 2021 को निर्देश जारी करने के अलावा 13 दिसंबर, 2021 को एक स्मरण-पत्र भी जारी किया है। विभाग के ताजा नोटिस में कहा गया है कि सभी दूरसंचार लाइसेंसधारकों ने अभी भी विश्वसनीय दूरसंचार पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है। पोर्टल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए 15 जून तक का समय दिया गया है। अगर दूरसंचार सेवा प्रदाता इस नोडल अधिकारी की नियुक्ति के बारे में जानकारी नहीं दे पाए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संचार नेटवर्क की सुरक्षा कड़ी करने के लिए 16 दिसंबर, 2020 को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति ने दूरसंचार क्षेत्र पर राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश को मंजूरी दी थी। इसमें सेवा प्रदाताओं को विश्वसनीय स्रोतों से ही उपकरण खरीदने की अनिवार्यता रखी गई है। -
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों में राज्यसभा की 16 सीटों में से आठ सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने कड़े मुकाबले में पांच सीटों पर कब्जा किया है। महाराष्ट्र में छह, कर्नाटक और राजस्थान में चार-चार तथा हरियाणा में दो सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव कल सम्पन्न हुए थे। सभी चारों राज्यों के परिणाम आज सुबह तक घोषित कर दिए गए।
हरियाणा और महाराष्ट्र में क्रॉस वोटिंग और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बीच आठ घंटे तक मतगणना रुकी रही।महाराष्ट्र में मतगणना में सबसे अधिक देरी हुई। शिवसेना, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के सत्तारुढ गठबंधन ने छह सीटों में से तीन पर जीत हासिल की, जबकि भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटें मिलीं। भाजपा के विजेताओं में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व राज्य मंत्री अनिल बोंडे और पार्टी के नेता धनंजय महादिक शामिल हैं।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी और शिवसेना के संजय राउत भी महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुन लिए गए। भाजपा और शिवसेना महाराष्ट्र में क्रॉस वोटिंग और मतों की अयोग्यता को लेकर निर्वाचन आयोग गए थे।हरियाणा में भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार और भाजपा तथा इसकी सहयोगी जे.जे.पी. समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा राज्यसभा की दो सीटों पर विजयी हुए हैं।कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी को तीन और कांग्रेस को एक सीट मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन, अभिनेता और राजनेता जग्गेश और विधान परिषद सदस्य लहर सिंह सिरोया भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। बाकी एक सीट पर कांग्रेस के जयराम रमेश विजयी हुए हैं। कांग्रेस के मंसूर अली खान और जनता दल सेक्युलर के उम्मीदवार कुपेन्द्र रेड्डी पर्याप्त मत न मिलने के कारण जीत नहीं पाए।राजस्थान में कांग्रेस को राज्यसभा की चार सीटों में से तीन पर जीत मिली है। एक सीट पर भाजपा उम्मीदवार विजयी हुआ है। कांग्रेस के रणदीप सिंह सूरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी तथा भारतीय जनता पार्टी के घनश्याम तिवाड़ी राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए राज्यसभा के चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। पन्द्रह राज्यों में राज्यसभा की 57 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराए गए थे। इनमें से विभिन्न राज्यों में कई दलों के 41 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए।नवनिर्वाचित सदस्यों में उत्तर प्रदेश से ग्यारह, तमिलनाडु से छह, बिहार से पांच, आंध्र प्रदेश से चार, मध्य प्रदेश और ओडिसा से तीन-तीन तथा छत्तीसगढ़, पंजाब, तेलंगाना और झारखण्ड से दो-दो तथा उत्तराखण्ड से एक सदस्य शामिल है। 41 सीटों में से भाजपा को 14 सीटें मिली हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश से आठ, बिहार और मध्य प्रदेश से दो-दो तथा झारखण्ड और उत्तराखण्ड से एक-एक सीट मिली है। - जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने शुक्रवार को सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने के प्रयासों को विफल करने के लिए डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया, जबकि भद्रवाह व किश्तवाड़ शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद जितेंद्र सिंह ने बुजुर्गों और समुदाय के प्रमुखों से इस मुद्दे को सुलझाने तथा सद्भाव बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार शाम भद्रवाह इलाके में तनाव फैल गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लोगों को आगाह किया है कि कानून अपने हाथ में न लें।जम्मू क्षेत्र के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने कहा, ‘‘स्थिति अभी शांतिपूर्ण है। हालांकि, एहतियाती तौर पर डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है।’’अधिकारियों के मुताबिक, अफवाह फैलने से रोकने के लिए भद्रवाह और किश्तवाड़ में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।उन्होंने बताया कि इससे पहले सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर एहतियाती तौर पर भद्रवाह में गुरुवार रात कर्फ्यू लगा दिया गया था पुलिस ने आगाह किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।’’केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह भद्रवाह में अप्रिय स्थिति से बेहद दुखी हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मैं दोनों समुदायों के बुजुर्गों और प्रमुखों से विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं कि वे पारंपरिक सद्भाव बनाए रखने को एक साथ आएं, जिसके लिए खूबसूरत शहर भद्रवाह को हमेशा से जाना जाता है।’’सिंह ने कहा, ‘‘मैं लगातार डोडा के उपायुक्त (डीसी) विकास शर्मा और जम्मू के मंडलायुक्त (एसएसपी) रमेश कुमार के संपर्क में हूं। दोनों अभी भद्रवाह में मौजूद हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।’’इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘उम्मीद करता हूं कि लोग संयम से काम लेंगे। जम्मू-कश्मीर में भद्रवाह और उसके आसपास फैले सांप्रदायिक तनाव के अलावा पहले से ही कई समस्याएं हैं। मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। मैं अपने पार्टी सहयोगियों से स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने में मदद देने का आग्रह करता हूं। ’’
- अहमदाबाद,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विपक्षी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जो लोग लंबे समय तक देश की सत्ता में रहे, उन्होंने कभी आदिवासी इलाकों के विकास में रुचि नहीं दिखाई क्योंकि इसके लिए कठिन परिश्रम की जरूरत होती है। मोदी ने कहा कि उन्होंने विकास कार्यों की शुरुआत वोट हासिल करने या चुनाव जीतने के लिए नहीं की है, बल्कि वह लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार चाहते हैं।नवसारी जिले के अदिवासी बहुत इलाके खुदवेल में 3,050 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के बाद ‘गुजरात गौरव अभियान रैली’ को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘जिन्होंने लंबे समय तक देश पर शासन किया, उन्होंने कभी आदिवासी इलाकों के विकास में रुचि नहीं ली क्योंकि इसके लिए कठिन परिश्रम की जरूरत होती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘पहले टीकाकरण जैसे अभियानों के वन क्षेत्रों में, जहां आदिवासी रहते हैं, पहुंचने में महीनों लग जाते थे। लेकिन अब उनके इलाकों में भी शहरी इलाकों के साथ-साथ ये लागू होते हैं।’’प्रधानमंत्री मोदी ने रैली में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीके की खुराक मुफ्त में मिली है या नहीं?इस पर लोगों ने ‘हां’ में जवाब दिया। मोदी ने कहा कि गत दो दशक में गुजरात का तेजी से हुआ विकास राज्य के लिए गर्व की बात है।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र तथा भारतीय नर्सिंग परिषद को अकादमिक वर्ष 2021-22 के लिए दिल्ली में नर्सिंग पाठ्यक्रमों की खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए अतिरिक्त ‘मॉप अप राउंड’ कराने का निर्देश देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली के नर्सिंग संस्थानों में करीब 110 सीटें खाली होने का हवाला देते हुए वर्ष 2021-22 के लिए नर्सिंग पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग और एंजेला बीजू की याचिकाओं को खारिज कर दिया है।दिल्ली में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की प्रक्रिया अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए 31 मार्च 2022 को खत्म होनी थी। याचिकाओं में आरोप लगाया कि दो सरकारी नर्सिंग कॉलेजों के लिए समय सूची 31 मार्च से बढ़ाकर 15 मई तक कर दी गयी और अत: सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग को भी ऐसी राहत दी जा सकती है। पीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दाखिला प्रक्रिया अनंत काल तक नहीं चल सकती है।
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नई दिल्ली। चार राज्यों की 16 राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए आज मतदान होगा। चुनाव परिणाम भी आज ही घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र की छह, राजस्थान और कर्नाटक की चार-चार तथा हरियाणा की दो राज्यसभा सीट सहित कुल 16 सीटों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इससे पहले विभिन्न राज्यों की 41 राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद सम्बंधित राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों ने 41 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। उत्तर प्रदेश से ग्यारह, तमिलनाडु से छह, बिहार से पांच, आंध्र प्रदेश से चार, मध्य प्रदेश और ओडीसा से तीन-तीन, छत्तीसगढ़, पंजाब, तेलंगाना और झारखंड से दो-दो तथा उत्तराखंड से एक उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं।भारतीय जनता पार्टी ने 14 सीटों पर जीत हासिल की है। इनमें उत्तर प्रदेश से आठ, बिहार और मध्य प्रदेश से दो-दो तथा झारखंड और उत्तराखंड से एक-एक सीट शामिल हैं। छत्तीसगढ की दो और तमिलनाडु तथा मध्य प्रदेश की एक-एक-एक राज्यसभा सीट सहित कुल चार सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी रहे। आंध्र प्रदेश की चार सीटों पर वाई एस आर कांग्रेस के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। तमिलनाडु की तीन सीटों पर डीएमके और दो सीटों पर ऑल इंडिया अन्ना डीएमके पार्टी के उम्मीदवार निर्वाचित हुए। ओडीसा में तीन सीटों पर बीजू जनता दल के उम्मीदवार विजयी रहे। तेलंगाना की दो सीटें तेलंगाना राष्ट्र समिति के खाते में गई जबकि पंजाब की दो सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार निर्वाचित घोषित हुए। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल को दो सीटें मिली जबकि जनता दल सेक्यूलर को एक सीट पर सफलता मिली। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और झारखंड में, झारखंड मुक्ति मोर्चा एक-एक सीट प्राप्त करने में सफल रहे। पूर्व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी समाजवादी पार्टी के समर्थन से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए। -
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को देश के 16वें राष्ट्रपति के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने नई दिल्ली में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि मतदान 18 जुलाई को होगा। मतगणना 21 जुलाई को होगी। चुनाव की अधिसूचना 15 जून को जारी होगी। 29 जून तक नामांकन पत्र भरे जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 30 जून को की जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। श्री कुमार ने कहा कि राष्ट्रंपति का चुनाव संविधान के अनुसार आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार गुप्त मतदान द्वारा होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग स्वतंत्र और निष्प्क्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहा है। लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों का निर्वाचक मंडल राष्ट्रपति का चुनाव करता है। निर्वाचक मंडल में दिल्ली और पुद्दुचेरी विधानसभा के सदस्य भी शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राज्यसभा के महासचिव राष्ट्रपति चुनाव के पीठासीन अधिकारी होंगे। 776 संसद सदस्यों और विधानसभाओं के चार हजार 4033 सदस्यों सहित 4809 निर्वाचक राष्ट्र्पति का चुनाव करेंगे। श्री कुमार ने कहा कि मतदान और मतगणना के दिन सभी कोविड दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।
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लंदन। ब्रिटेन में पहली बार दिए जा रहे ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल’ (विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल) पुरस्कारों की बृहस्पतिवार को जारी शीर्ष 10 की सूची में पांच भारतीय स्कूलों को शामिल किया गया है। समाज की प्रगति के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए ब्रिटेन में ढाई लाख डॉलर के इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
मुंबई स्थित एसकेवीएम के सीएनएम स्कूल और नयी दिल्ली के लाजपत नगर-3 के एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल को ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज फॉर इनोवेशन’ श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची के लिए चयनित किया गया है।इसके अलावा ‘कम्युनिटी कोलैबोरेशन’ (सामुदायिक सहयोग) श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची में मुंबई के खोज स्कूल और पुणे के बोपखेल में स्थित पीसीएमसी इंग्लिश मीडियम स्कूल को शामिल किया गया है।हावड़ा के समारितन मिशन स्कूल (हाई) को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की सूची में ‘ओवरकमिंग एडवर्सिटी’ श्रेणी की सूची में जगह मिली है। टी4 एजुकेशन और ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल’ पुरस्कार के संस्थापक विकास पोटा ने कहा, ‘‘कोविड के कारण स्कूल और विश्वविद्यालयों के बंद होने से डेढ़ अरब से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। संयुक्त राष्ट्र ने महामारी से पहले ही चेतावनी दी थी कि वैश्विक शिक्षा संकट गहरा सकता है क्योंकि 2030 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में पहले से ही विलंब हो रहा था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने व्यवस्थागत बदलाव लाने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर समाधान निकालने के लिए वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल पुरस्कारों की शुरुआत की है। छात्रों के जीवन में परिवर्तन लाने और प्रेरणा देने वाले स्कूलों की कहानी बताकर शिक्षा में बदलाव लाया जा सकता है।’’ब्रिटेन स्थित डिजिटल मीडिया मंच टी4 एजुकेशन द्वारा वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल पुरस्कारों की शुरुआत की गई है। संबंधित श्रेणियों में अंतिम विजेताओं की घोषणा इस साल अक्टूबर में की जाएगी। पांच पुरस्कार विजेताओं के बीच ढाई लाख डॉलर का पुरस्कार बराबर बांटा जाएगा और प्रत्येक विजेता को 50 हजार डॉलर का पुरस्कार मिलेगा। -
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था पिछले आठ वर्षों में आठ गुना बढ़ी है और यह 10 अरब डॉलर से बढ़कर 80 अरब डॉलर हो गई है। आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो-2022 का उद्घाटन करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत बायोटेक के वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र में शीर्ष 10 देशों के समूह में पहुंचने से बहुत दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दशक भारत का टेकेड कहलायेगा। उन्होंने कहा कि आज जब भारत स्वतंत्रता के 75 वर्ष मना रहा है, बायोटेक क्षेत्र अगले 25 वर्षों के लिए विकास की पहल को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्री मोदी ने कहा कि जनसंख्या में विविधता, जलवायु, प्रतिभाशाली मानव संसाधन, व्यापार में सुगमता, जैव उत्पादों की बढ़ती मांग और भारत के बायोटेक क्षेत्र की सफलता तथा ट्रैक रिकॉर्ड ने देश की शक्ति को कई गुना मजबूत किया है।उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी अब विभिन्न क्षेत्रों में विकास का केंद्र बिन्दु बना हुआ है। श्री मोदी ने कहा कि भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सरकार के अभूतपूर्व निवेश ने बायोटेक क्षेत्र को गति प्रदान की है। दो दिन तक चलने वाला बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो-2022 का आयोजन जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद की स्थापना के दस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया है।प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत ने पेट्रोल में दस प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है और 2030 से पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को भी पांच साल कम कर दिया है। श्री मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास मंत्र विभिन्न क्षेत्रों पर लागू है और अब सभी क्षेत्रों को पूरे सरकारी तंत्र में बढ़ावा दिया जा रहा है।इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार स्थायी स्टार्टअप के लिए काम कर रही है। एक्सपो उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, जैव-इनक्यूबेटरों, निर्माताओं, नियामकों, सरकारी अधिकारियों आदि को जोड़ने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। एक्सपो में लगभग तीन सौ स्टाल लगाए गए हैं। -
तिरुवनंतपुरम। केरल के वरकला में 15 वर्षीय एक लड़की की ‘स्क्रब टाइफस’ से मौत हो गई। इस बीमारी को स्थानीय भाषा में ‘‘चेल्लू पनी’’ कहते हैं।पंचायत पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि मृतक लड़की का नाम अश्वथी है, जो 10वीं कक्षा की परीक्षा के नतीजे का इंतजार कर रही थी। उन्होंने बताया कि मृतका यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर चेरुन्नीयूर की रहने वाली थी और कल शाम उसकी अस्पताल में मौत हो गई।लड़की की मौत के बाद केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने विशेष चिकित्सा टीम को मृतका के गांव और उस अस्पताल में जाने का निर्देश दिया जहां उसकी मौत हुई थी। मंत्री ने यहां जारी बयान में कहा कि चेरुन्नीयूर के ग्राम अधिकारी पहले ही उस स्थान का दौरा कर वहां इस संबंध में प्राथमिक जानकारी एकत्र कर चुके हैं।उन्होंने कहा, ‘‘जिला चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम चेरुन्नीयूर और परीपल्ली चिकित्सा महाविद्यालय का दौरा करेगी।’’ जॉर्ज ने बताया कि इलाके की निगरानी के लिए कदम उठाए जाएंगे। गौरतलब है कि ‘स्क्रब टाइफस’ एक प्रकार की संक्रामक बीमारी है।
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नयी दिल्ली। भारत दिन में दो बार देश भर में कम से कम 55 स्थानों से मौसम गुब्बारों के माध्यम से सेंसर भेजकर वायुमंडलीय आंकड़ें एकत्र करता है लेकिन अब जल्द ही ड्रोन इन मौसम गुब्बारों की जगह ले सकते हैं। मौसम के गुब्बारे द्वारा ले जाया जाने वाला टेलीमेट्री उपकरण रेडियोसॉन्ड में लगे सेंसर वायुमंडलीय दबाव, तापमान, हवा की दिशा और गति को दर्ज करता है। हाइड्रोजन युक्त मौसम गुब्बारा 12 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकता है और रेडियो सिग्नल के जरिए जमीनी रिसीवर को डाटा भेजता है। हालांकि, मौसम गुब्बारे और रेडियोसॉन्ड को प्राप्त नहीं किया जा सकता क्योंकि वे उन मौसम केंद्रों से दूर चले जाते हैं जो उन्हें वातावरण में छोड़ते हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने बताया, ‘‘हम अब इन वायुमंडलीय आंकड़ों को इकट्ठा करने के लिए ड्रोन का उपयोग करने की संभावना तलाश रहे हैं जो मौसम की भविष्यवाणी के लिए महत्वपूर्ण है।'' विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि मौसम संबंधी आंकड़ें एकत्र करने के लिए सेंसर से लैस विशेष ड्रोन पारंपरिक मौसम गुब्बारों के स्थान पर बेहतर साबित हो सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) मौसम केंद्रों के माध्यम से देश भर में 550 स्थानों से मौसम के आंकड़े एकत्र करता है और रेडियोसॉन्ड का अध्ययन करता है, जिनका इस्तेमाल मौसम पूर्वानुमान जारी करने में किया जाता है। मौसम गुब्बारों की तुलना में ड्रोन का सबसे अधिक लाभ यह है कि उन्हें नियंत्रित किया जा सकता है, कम या ज्यादा ऊंचाई पर उड़ने के लिए निर्देशित किया जा सकता है। आईएमडी की योजना पांच किलोमीटर की ऊंचाई तक के डेटा को इकट्ठा करने के लिए ड्रोन का उपयोग करने और पारंपरिक मौसम गुब्बारों का उपयोग करके एकत्र किए गए डाटा के साथ तुलना करने की है। आईएमडी ने मौसम के आंकडें एकत्र करने के लिए ड्रोन प्रौद्योगिकी की क्षमता को परखने के लिए शिक्षाविदों और अन्य को आमंत्रित किया है। मौसम के गुब्बारे की उड़ान आमतौर पर दो घंटे तक चलती है, जबकि आईएमडी को ड्रोन का उपयोग करके 40 मिनट की उड़ान से डाटा एकत्र करने की उम्मीद है। यदि आईएमडी को इसमें सफलता मिलती है, तो एक महत्वपूर्ण लाभ यह होगा कि इससे रेडियोसॉन्ड के नुकसान को कम किया जा सकेगा क्योंकि आईएमडी हर दिन 100 से अधिक ऐसे उपकरणों को खो देता है क्योंकि मौसम के गुब्बारों को उनकी उड़ान के बाद पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

















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