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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि नारायण को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी एन.एस.ई. के कर्मचारियों की गैरकानूनी फोन टैपिंग और जासूसी से जुड़े धनशोधन मामले में की गई है। रवि नारायण अप्रैल, 1994 से लेकर 31 मार्च, 2013 तक एन.एस.ई. के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। इसके बाद वे एक अप्रैल, 2013 से एक जून, 2017 तक कंपनी के बोर्ड में उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी चित्रा रामकृष्ण को को-लोकेशन घोटाले में इस वर्ष छह मार्च को गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें फोन टैपिंग मामले में 14 जुलाई को हिरासत में लिया।
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नई दिल्ली। भारत बायोटेक की नाक से दी जाने वाली पहली कोविड रोधी औषधि को आपात स्थिति में सीमित उपयोग की मंजूरी मिल गई है। इसका उपयोग 18 वर्ष से अधिक के लोगों के लिए किया जा सकेगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे कोविड के खिलाफ संघर्ष में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इस औषधि को अनुमोदित किया है।कोविड कार्यबल के अध्यक्ष डॉ. एन. के. अरोड़ा ने बताया कि यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली में कल आपसी साझेदारी की समीक्षा करने और संबंधों को सुदृढ बनाने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं के नेतृत्व में भारत-बांग्लादेश प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई। बैठक में सम्पर्क, ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार और निवेश, सीमा प्रबंधन और सुरक्षा, विकास साझेदारी, क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने मैत्री सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की पहली इकाई का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। परियोजना का निर्माण भारत रियायती वित्त पोषण योजना के अन्तर्गत किया जा रहा है।
दोनों देशों के बीच जल संसाधन, रेलवे, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के संबंध में सात समझौते हुए। इनमें प्रसार भारती और बांग्लादेश टेलीविजन के बीच प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का समझौता शामिल है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुशियारा नदी जल बंटवारे पर एक महत्वपूर्ण समझौता होने की घोषणा की।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ सहयोग देने पर भी जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश ने सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढाने का फैसला किया है, जो युवा पीढी के हित में है।बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत को बांग्लादेश का मित्र बताते हुए बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भारत के योगदान को याद किया।सुश्री हसीना ने उम्मीद जताई कि आपसी बातचीत से आर्थिक विकास और लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और उपक्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता हुआ। उन्होंने प्रसार भारती और बांग्लादेश टेलीविजन के बीच प्रसारण क्षेत्र में सहयोग बढाने पर हुए समझौते के बारे में विस्तार से बताया। - नई दिल्ली। कार में पिछली सीट पर बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट पहनने को लेकर सरकार सख्त हो गई है। ऐसे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट पहनना पहले से ही अनिवार्य है लेकिन अब इसे सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है। कार में पिछली सीट पर बैठे यात्रियों के लिए जल्दी ही सीटबेल्ट अलर्ट की व्यवस्था शुरू की जा सकती है। रोड सेफ्टी को बढ़ाने के लिए यह उपाय किया जा रहा है।ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्टर नितिन गडकरी ने मंगलवार को यह बात कही। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की रविवार को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। यह हादसा महाराष्ट्र के पालघर जिले में नेशनल हाइवे पर हुआ था। इसके बाद ही सरकार ने पिछली सीट पर बैठे लोगों के लिए सीटबेल्ट अलर्ट की व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है। श्री गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि साइरस के एक्सीडेंट के कारण सरकार ने पीछे बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट अलर्ट शुरू करने का फैसला किया है। अगर पीछे बैठे यात्रियों ने सीट बेल्ट नहीं पहनी तो अलर्ट की आवाज आएगी। ड्राइवर और अगली सीट पर बैठे व्यक्ति ने सीट बेल्ट नहीं लगाई तो इसके लिए फाइन का प्रावधान है। लेकिन पीछे बैठे यात्रियों को भी सीट बेल्ट नहीं लगाने पर फाइन देना होगा। यह सभी कारों के लिए लागू होगा। गडकरी ने कहा कि इस बारे में तीन दिन में नोटिफिकेशन जारी होगा। कार में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य होगा।गौरतलब है कि ड्राइवर और अगली सीट पर बैठे यात्री के लिए सीट बेल्ट लगाना 1993 में ही अनिवार्य कर दिया गया था। सरकार ने अक्टूबर 2002 को पिछली सीट पर बैठे यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य कर दिया था। लेकिन इसका सही से पालन नहीं होता है। 2019 में सरकार ने सीट बेल्ट नहीं लगाने पर जुर्माना बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया था लेकिन इससे भी स्थिति नहीं सुधरी।
- मुंबई। मुंबई के उपनगर सांताक्रूज़ में 19 वर्षीय एक युवक ने अपने घर पर वीडियो कॉल के दौरान अपनी प्रेमिका से झगड़ा करते हुए खुद को आग लगा ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।वकोला थाने के एक अधिकारी ने कहा कि पीडि़त सागर परशुराम जाधव 30 फीसदी तक जल गया है और उसका एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, जाधव का गणपति के एक पंडाल में जाने के बाद सोमवार रात को अपनी महिला मित्र के किसी खास सड़क से जाने को लेकर फोन पर झगड़ा हो गया था। अधिकारी ने कहा कि गुस्से में उसने खुद को आग लगाने की धमकी दी और इसी दौरान उसकी कमीज़ के कॉलर में आग लग गई। उन्होंने कहा कि जाधव के परिवार के सदस्य घर पर थे, उन्होंने आग बुझाई और उसे अस्पताल ले गए।अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने युवक का बयान दर्ज कर लिया है और उसने कहा है कि उसके इस कदम के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मामले की आगे की जांच जारी है।(प्रतीकात्मक फोटो)
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औरैया । औरैया सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतपुर जमालीपुर में करंट की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जैतपुर जमालीपुर के रहने वाले विजय सिंह (55) पुत्र शोवरन सिंह सोमवार की दोपहर में अपनी बकरी का उपचार कराए जाने के लिए औरैया जाने की बात कहकर घर से निकला था। जब देर शाम तक वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी। इस पर परिजनों ने मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर अधेड़ की गुमशुदगी दर्ज करते हुए तलाश किए जाने का आश्वासन दिया। वहीं मंगलवार की सुबह जब ग्रामीण रोज की तरह गुजर रहे थे तो उन्होंने पिंटू के खेत के पास एक बाइक खड़ी देखी। आसपास तलाश करने पर पिंटू के खेत से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित नलकूप के लिए बनाए गए कुएं में एक शव पड़ा हुआ देखा। - उमरिया। मध्य प्रदेश के एक गांव की 25 वर्षीय महिला जान की परवाह किए बिना बाघ से भिड़ गई और उसने अपने 15 माह के बच्चे को उसके कब्जे से मुक्त करा लिया। यह घटना रविवार सुबह उमरिया जिले में बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य के माला बीट के तहत रोहनिया गांव में हुई। जिला अधिकारियों ने बताया कि बाघ का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। घटना के अनुसार अर्चना चौधरी नामक महिला अपने बेटे रविराज को शौच कराने के लिए खेत में ले गई थी,तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया और बच्चे को जबड़े से पकड़ लिया,इस पर महिला ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की तो बाघ ने उस पर भी हमला कर दिया। महिला ने बताया कि वह अपने बच्चे को बचाने के लिए लगातार प्रयास करती रही। इस दौरान उसने शोर मचाया तो कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने जब बाघ का पीछा किया तो वह बच्चे को छोड़कर जंगल में भाग गया। महिला के पति भोला प्रसाद ने कहा कि उनकी पत्नी को कमर, हाथ और पीठ पर चोटें आई हैं वहीं बेटे के सिर और पीठ में चोट लगी है। वनरक्षक राम सिंह मार्को ने कहा कि महिला और उसके बेटे को तुरंत मानपुर के स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उमरिया के जिला अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि वन विभाग का एक दल बाघ का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।उमरिया के जिलाधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल में महिला और उसके बेटे से मुलाकात की। दोनों को उपचार के लिए जबलपुर के एक अस्पताल में रेफर किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से साथ बैठक की जाएगी।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कुछ सड़क दुर्घटनाओं के लिए त्रुटिपूर्ण परियोजना रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कंपनियों को राजमार्गों एवं अन्य सड़कों के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के वास्ते उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि सरकार नयी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।खुलकर विचार व्यक्त करने के लिए विख्यात गडकरी ने कहा, ‘‘कंपनियों द्वारा तैयार की गईं कुछ डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) अत्यधिक खराब हैं और सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।" उन्होंने डीपीआर तैयार करने वाली कंपनियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। गडकरी ने कहा, "शुरुआत वहां (डीपीआर) से करो। अगर वो (कंपनी) नहीं सुधरेंगी, तो पूरा तुम्हारा सत्यानाश हो जाएगा।'' उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर कोई अनाड़ी चालक हो तो नयी मर्सिडीज कार भी समस्या खड़ी कर सकती है। गडकरी ने सड़क परियोजनाओं में देरी के कारणों की पहचान करने पर जोर दिया क्योंकि देरी के कारण निर्माण की बढ़ती लागत भी एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की रविवार को एक सड़क दुर्घटना में तब मौत हो गई जब उनकी कार महाराष्ट्र के पालघर जिले में डिवाइडर से टकरा गई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। इस तरह औसतन रोजाना 426 या हर घंटे में 18 लोगों की मौत हुई जो अब तक किसी भी कैलेंडर वर्ष में दर्ज सर्वाधिक मौत का आंकड़ा है।
- बेंगलुरू। भारत की योजना वैश्विक बाजार के लिए ऐसा रॉकेट डिजाइन करने और निर्माण करने की है जिसका एक से अधिक बार उपयोग किया जा सके। ऐसा होने पर अंतरिक्ष यानों के प्रक्षेपण पर होने वाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।अंतरिक्ष विभाग के सचिव और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा, "... हम सभी चाहते हैं कि प्रक्षेपण वर्तमान व्यय की तुलना में बहुत सस्ता हो।" उन्होंने सातवें 'बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2022' को संबोधित करते हुए और बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान में एक किलोग्राम वजन के यान को कक्षा में स्थापित करने में करीब 10,000 अमेरिकी डॉलर से 15,000 अमेरिकी डॉलर का व्यय आता है। सोमनाथ ने कहा, "हमें यह व्यय कम कर 5,000 अमेरिकी डॉलर या 1,000 डॉलर प्रति एक किलोग्राम वजन तक लाना होगा। इसके लिए एकमात्र तरीका रॉकेट को पुन: उपयोग लायक बनाना है। आज भारत में हमारे पास प्रक्षेपण यानों (रॉकेट) के लिए पुन: उपयोग संबंधी प्रौद्योगिकी नहीं है।" उन्होंने कहा, "इसलिए, विचार है कि जीएसएलवी एमके 3 के बाद तैयार होने वाले अगले रॉकेट को हम पुन: उपयोग लायक बनाएं।'' सोमनाथ ने कहा कि इसरो विभिन्न तकनीकों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम ऐसा रॉकेट देखना चाहते हैं, जो पर्याप्त रूप से प्रतिस्पर्धी हो, किफायती और उत्पादन-अनुकूल हो, उसे भारत में बनाया जाएगा लेकिन अंतरिक्ष क्षेत्र की सेवाओं के लिए विश्व स्तर पर संचालित होगा। अगले कुछ वर्षों में ऐसा होना चाहिए ताकि हम उन सभी प्रक्षेपण यानों (भारत में) को उचित समय पर सेवानिवृत्त कर सकें।"
- नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर सोमवार को पांच फेलोशिप एवं अनुदान योजनाओं की शुरूआत की जिसमें एकल बालिका संतान के लिए ‘सावित्री ज्योतिराव फुले फेलोशिप' सहित कार्यरत शिक्षकों एवं सेवानिवृत शिक्षकों के लिए योजनाएं शामिल हैं। यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि देश में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई शोध अनुदान एवं फेलोशिप पहले से दिये जा रहे थे । कुछ समय पूर्व इन फेलोशिप की समीक्षा करने के लिये एक समिति गठित की गई थी ताकि सुस्पष्ट योजना पेश की जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप हम पांच फेलोशिप एवं अनुदान योजना पेश कर रहे हैं जिसका सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को फायदा मिलेगा।''यूजीसी द्वारा शुरू की गई पांच फेलोशिप योजनाओं में एकल बालिका संतान के लिए ‘सावित्री बाई ज्योतिराव फुले फेलोशिप‘, ‘डॉ. राधाकृष्णन यूजीसी पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप', ‘सेवानिवृत्त शिक्षक फेलोशिप', ‘सेवारत शिक्षक अनुसंधान अनुदान' तथा भर्ती किये गये नये शिक्षकों के लिए ‘डॉक्टर डी एस कोठारी अनुसंधान' अनुदान शामिल हैं। ‘सेवानिवृत शिक्षक फेलोशिप' सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को शोध के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की जा रही है। इसके तहत 100 सीट हैं और फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 50 हजार रुपये तथा सालाना 50,000 रुपये आकस्मिक निधि के रूप में दिये जाएंगे। ‘सेवारत शिक्षक अनुसंधान अनुदान' में नियमित नियुक्त शिक्षकों को शोध के मौके दिये जाएंगे। इसमें 200 चयनित उम्मीदवारों को दो वषर् के लिए 10-10 लाख रुपये दिये जाएंगे। नवनियुक्त शिक्षकों से जुड़े ‘डॉ. डी एस कोठारी शोध अनुदान' नियमित रूप से नियुक्त शिक्षकों के लिए है। इसके तहत 132 चयनित उम्मीदवारों को दो वर्ष के लिए 10-10 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया जाएगा। ‘डॉ. राधाकृष्णन यूजीसी पोस्ट डॉक्टरल फेलोशिप' के तहत भारतीय विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में भाषाओं समेत विज्ञान, अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी, मानविकी और समाज विज्ञान में उच्च अध्ययन एवं शोध के लिए एक मौका प्रदान किया जाएगा। इसमें 900 सीट हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। चयनित उम्मीदवारों को 50,000 रुपये प्रतिमाह फेलोशिप तथा 50000 रुपये वार्षिक आकस्मिक राशि दी जाएगी। यूजीसी के अध्यक्ष ने कहा कि इन फेलोशिप और अनुदान योजना का लाभ उठाने के लिये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है । इन आवेदनों की जांच विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ करेंगे और उनके मूल्यांकन के आधार फेलोशिप या अनुदान प्रदान किया जायेगा । कुमार ने बताया कि आयोग ने ई-समाधान पोर्टल की भी शुरूआत की है । ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि छात्रों, कर्मचारियों, आम लोगों सहित विभिन्न पक्षकारों की अनेक शिकायतें रहीं हैं, उनकी चुनौतियां भी रहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में 24 घंटे काम करने वाला पोर्टल शुरू किया गया है।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में जांच जारी है और किसी भी आरोपी को क्लीनचिट नहीं दी गई है। सी.बी.आई. ने एक बयान में कहा कि इस मामले में एक आरोपी दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का भ्रामक बयान जांच से ध्यान हटाने की कोशिश है। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मनीष सिसोदिया के इस आरोप का सख्ती से खण्डन किया कि सीबीआई के प्रभारी कानूनी उप-सलाहकर जितेन्द्र कुमार ने उनके खिलाफ बेबुनियाद मामला दायर कराने के दवाब के कारण आत्महत्या की। जांच एजेंसी ने कहा कि श्री सिसोदिया का आरोप द्वेषपूर्ण और गुमराह करने वाला है। सी.बी.आई. ने स्पष्ट किया कि जितेन्द्र कुमार आबकारी मामले की जांच से जुड़े नहीं थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जितेन्द्र कुमार ने अपने सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है।दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आम आदमी पार्टी और इसके पांच नेताओं को उनके निराधार, अपमानजनक और द्वेषपूर्ण आरोपों को लेकर कानूनी नोटिस भेजा है। ये नेता हैं- आतिशी, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और जैस्मीन शाह। इन लोगों ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग से जुड़े वर्ष 2016 के एक मामले में उपराज्यपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन नेताओं को 48 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है। - लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में चार मंजिला एक होटल में सोमवार आग लगने से दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गयी जबकि कम से कम दस लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। आग लगाने की यह घटना हजरतगंज के मदन मोहन मालवीय मार्ग पर स्थित लेवाना सूट होटल में हुई। अधिकारियों ने कहा कि बचाव दल यह देखने के लिये होटल परिसर की तलाशी ले रहे हैं कि कहीं कोई और फंसा न हो। शुरुआत में 10 लोगों को श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल लाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि जिनमें से दो की मौत हो गयी, वहीं सात लोगों का सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है। एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। अधिकारियों ने बताया कि बाद में दो और लोगों को सिविल अस्पताल लाया गया जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया और मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई। पुलिस के संयुक्त आयुक्त (कानून-व्यवस्था) पीयूष मोर्डिया ने बताया, ‘‘होटल में कमरों की ली जा रही तलाशी के दौरान गंभीर अवस्था में मिले दो और लोगों को सिविल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत लाया गया घोषित कर दिया।'' घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायलों की हालत के बारे में जानकारी ली तथा अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्त रोशन जैकब और पुलिस आयुक्त एसबी शिरोडकर को आग लगने की घटना की जांच का काम सौंपा है। उन्होंने घायलों को निशुल्क व उचित उपचार उपलब्ध कराने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया।
- भोपाल। चीता पुनरुत्पादन योजना के तहत चीतों को दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में लाने के लिए कुनो में कम से कम सात हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। हेलीपैड का निर्माण इस संकेत के बीच किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी योजना के उद्घाटन के लिए कुनो पहुंच सकते हैं। चीतों को दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से यहां लाया जाएगा। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि केएनपी के अंदर तीन हेलीपैड बनाए जा रहे हैं, जबकि चार उद्यान के बाहर वीवीआईपी आवाजाही के लिए बनाए जा रहे हैं।श्योपुर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता संकल्प गोल्या ने पुष्टि की कि हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जे एस चौहान ने बताया, "हमें कोई लिखित आधिकारिक सूचना नहीं मिली है कि चीते 17 सितंबर को आ रहे हैं। हमें इस बारे में भी कोई लिखित आधिकारिक सूचना नहीं मिली है कि प्रधानमंत्री उस तारीख को आ रहे थे।" उन्होंने कहा , ‘‘पूरी संभावना है कि चीते इसी माह केएनपी पहुंचेंगे, लेकिन मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता कि वे 17 सितंबर को आएंगे।'' इस बीच, एक वन अधिकारी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका का एक दल वर्तमान में राजस्थान के रणथंभौर टाइगर अभयारण्य में है और मंगलवार को केएनपी पहुंचने वाला है। दक्षिण अफ्रीका ने वहां से चीतों लाने के लिए अभी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जाहिर है कि चीतों को भेजने से पहले कुछ मुद्दों को दूर करने के लिए दल केएनपी आ रहा है।एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान के डीन और वरिष्ठ प्रोफेसर यादवेंद्रदेव विक्रम सिंह झाला, जो कि चीता स्थानांतरण योजना में अहम भूमिका निभा रहे हैं, का भी मंगलवार को केएनपी पहुंचने का कार्यक्रम है। अधिकारियों के अनुसार, नामीबिया में चीतों को पृथक रखा गया है और वे भारत आने के लिए तैयार हैं। पिछले माह वहां से चीतों के आने की उम्मीद थी, लेकिन यह नहीं हो सका। अधिकारियों ने बताया कि वहां से चीतों को यहां जंगल में छोड़ने से पहले दो से तीन माह तक बाड़े में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि चार से पांच मादा जानवर समेत 12 चीतों को टीकाकरण कर पृथक रखा गया है ताकि उन्हें भारत लाया जा सके। वन्यजीव विशेषज्ञ एवं ‘प्रयत्न' के संस्थापक सचिव अजय दुबे ने कहा, ‘‘चीतों के व्यापक शिकार के कारण वे विलुप्त हो गए। अंतिम तीन चीतों को कोरिया के राजा ने जंगलों में मार दिया जो कि अब घासीदास राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्र है।'' कोरिया जिला वर्तमान में छत्तीसगढ़ में है। इस जिले में देश के अंतिम चीते की मौत 1947 में हुई थी। चीते और इसकी प्रजातियों को 1952 में विलुप्त घोषित किया गया था। महत्वाकांक्षी स्थानान्तरण परियोजना के तहत चीतों के दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से केएनपी आने की उम्मीद है, हालांकि उनके आगमन की सटीक तिथि तय नहीं है। वर्ष 1952 में चीते भारत से विलुप्त हो गए थे। ‘अफ्रीकन चीता इंट्रोडक्शन प्रोजेक्ट इन इंडिया' 2009 से चल रहा है, जिसने हाल के कुछ साल में गति पकड़ी है। भारत ने चीतों को लाने के लिए नामीबिया सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना की घोषणा की। इसके तहत देश भर में 14,500 स्कूलों को विकसित व उन्नत किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-श्री स्कूलों में शिक्षा प्रदान करने का एक आधुनिक, परिवर्तनकारी और समग्र तरीका होगा और इसमें नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षा, खेल और आधुनिक अवसंरचना पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने एक के बाद एक ट्वीट कर यह घोषणा की।उन्होंने कहा, ‘‘आज, शिक्षक दिवस पर मैं एक नयी पहल की घोषणा कर रहा हूं। प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) के तहत देश भर में 14,500 स्कूलों को विकसित व उन्नत किया जाएगा। ये सभी मॉडल स्कूल बनेंगे और इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पूरी भावना समाहित होगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-श्री स्कूलों में शिक्षा प्रदान करने का एक आधुनिक, परिवर्तन लाने वाला और समग्र तरीका होगा तथा इनमें खोज उन्मुख और सीखने को केंद्र में रखकर शिक्षा प्रदान करने के तरीके पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षा, खेल और आधुनिक अवसंरचना पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम-श्री स्कूल देश भर के लाखों छात्रों को फायदा पहुंचाएंगे। केंद्र प्रायोजित इस योजना का क्रियान्वयन केंद्र सरकार, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और स्थानीय निकाय के मौजूदा स्कूलों को विकसित करके किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘पीएम-श्री स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी घटकों की झलक दिखेगी और ये अनुकरणीय स्कूलों की तरह काम करेंगे तथा आसपास के अन्य स्कूलों का मार्गदर्शन भी करेंगे।'' पीएमओ ने कहा, ‘‘इन स्कूलों का उद्देश्य सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अध्ययन और संज्ञानात्मक विकास होगा बल्कि 21वीं सदी के कौशल की जरूरतों के अनुरुप समग्र और पूर्ण विकसित नागरिकों का निर्माण करना भी है।'' केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पहल की यह कहते हुए सराहना की कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और भारत को एक जीवंत ज्ञान समाज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक प्रयोगशाला, जिसमें 14,500 अनुकरणीय स्कूल अपने अनूठे अनुभवात्मक, समग्र, पूछताछ-संचालित और शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षाशास्त्र के साथ मानवतावादी दृष्टिकोण वाले अच्छे व्यक्तियों का निर्माण होगा जो 21 वीं सदी के कौशल के अनुरुप होगा।'' प्रधान ने कहा, ‘‘पीएम-श्री स्कूल क्षेत्र के अन्य स्कूलों को भी नेतृत्व प्रदान करेंगे ताकि अध्ययन का एक माहौल बने और शैक्षणिक नतीजों में सुधार हो।'
- नयी दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि अगर विज्ञान, साहित्य और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई मातृ भाषा में करायी जाए तो इन क्षेत्रों में प्रतिभाएं और निखर कर सामने आएंगी।वह राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं, जहां उन्होंने अपने स्कूली शिक्षकों के योगदान के याद किया जिनकी वजह से वह कॉलेज जाने वाली अपने गांव की पहली लड़की बनी थीं।उन्होंने कहा, ‘‘अगर विज्ञान, साहित्य और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई मातृ भाषा में करायी जाए तो इन क्षेत्रों में प्रतिभाएं और निखर कर सामने आएंगी।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि भारत की स्कूली शिक्षा दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में से एक है।उन्होंने 46 चुनिंदा शिक्षकों को स्कूली शिक्षा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, 2022 से सम्मानित किया।शिक्षा मंत्रालय देश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर विज्ञान भवन में एक समारोह का आयोजन करता है। इन शिक्षकों को कड़ी पारदर्शी और तीन स्तरीय ऑनलाइन चयन प्रक्रिया के जरिए चुना जाता है।हिमाचल प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और तेलंगाना के तीन-तीन शिक्षकों को पुरस्कार दिया गया है। इन चारों राज्यों से जिन शिक्षकों को पुरस्कार दिया गया है, उनमें हिमाचल प्रदेश से युद्धवीर, वीरेंद्र कुमार और अमित कुमार, पंजाब से हरप्रीत सिंह, अरुण कुमार गर्ग और वंदना शाही, महाराष्ट्र से शशिकांत संभाजीराव कुल्ठे, सोमनाथ वमन वाल्के तथा कविता सांघवी और तेलंगाना से कंदला रमैया, टी एन श्रीधर तथा सुनीता राव शामिल हैं।शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार देने का उद्देश्य देश में शिक्षकों के विशिष्ट योगदान को रेखांकित करना और उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता के दम पर न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया बल्कि अपने छात्रों का जीवन भी समृद्ध बनाया है।’’उत्तराखंड से प्रदीप नेगी और कौस्तुभ चंद्र जोशी, राजस्थान से सुनीता और दुर्गा राम मुवाल, मध्य प्रदेश से नीरज सक्सेना और ओम प्रकाश पाटीदार, बिहार से सौरभ सुमन और निशि कुमारी, कर्नाटक से जी. पोनसंकरी और उमेश टीपी, सिक्किम से माला जिग्दाल दोरजी तथा सिद्धार्थ योनजोन को पुरस्कृत किया गया है।राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित अन्य शिक्षकों में अंजू दहिया (हरियाणा), रजनी शर्मा (दिल्ली), सीमा रानी (चंडीगढ़), मारिया मुरेना मिरांडा (गोवा), उमेश भारतभाई वाला (गुजरात), ममता अहार (छत्तीसगढ़), ईश्वर चंद्र नायक (ओडिशा), बुद्धदेव दत्त (पश्चिम बंगाल), मिमी योशी (नगालैंड), नोंगमैथम गौतम सिंह (मणिपुर), रंजन कुमार बिस्वास (अंडमान और निकोबार) शामिल हैं।पुरस्कृत शिक्षकों में से एक भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) से, दो केंद्रीय विद्यालय से, दो शिक्षक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से तथा एक-एक शिक्षक जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य आवासीय स्कूल से हैं।
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नई दिल्ली। टिकटॉक स्टार और सोशल मीडिया सेंसेशन तान्या परदाजी का निधन हो गया है। 21 साल की उम्र में तान्या परदाजी दुनिया को अलविदा कह गईं। स्काई डाइविंग के दौरान हुई दुर्घटना में उनकी जान चली गई। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार सोलो स्काईडाइविंग के दौरान उनका पैराशूट नहीं खुला जिसकी वजह से गिरकर उनकी मौत हो गई।
तान्या को स्काइडाइविंग का बहुत शौक था। 27 अगस्त को वह सोलो स्काइडाइविंग के लिए गई थीं लेकिन इस उनके लिए खतरनाक साबित हुआ। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनका पैराशूट नहीं खुला और वह सीधे जमीन पर जा टकराईं। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तान्या परदाजी की सोशल मीडिया पर अच्छी खासी फैन फॉलोइंग थी। वह मिस कनाडा के सेमीफाइनल तक भी पहुंच चुकी थीं। टिक टॉक पर उनके लगभग एक लाख फॉलोअर्स थे। तान्या परदाजी कनाडा की एक टिकटॉकर और ब्यूटी क्वीन थीं। उनके टिक टॉक प्रोफाइल में मौजूदा समय में 2 मिलियन से अधिक लाइक्स के साथ 95.4्य फॉलोअर्स हैं। वह टोरंटो विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र की छात्रा थीं और यूनिवर्सिटी की चीयरलीडिंग टीम का भी हिस्सा थीं। उनके असामयिक निधन के बाद यूनिवर्सिटी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
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भोपाल. मध्य प्रदेश के भोपाल में एक निजी कोचिंग क्लास में शिक्षक और साथियों द्वारा एक छात्र की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन पुलिस ने रविवार को कहा कि इस मामले में कोई भी तहरीर देने को तैयार नहीं है। इस हफ्ते की शुरुआत में वीडियो सामने आने के बाद, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस से घटना की जांच करने और कार्रवाई करने को कहा था। इस संबंध में एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा पूछने पर एमपी नगर थाने के प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि निजी कोचिंग सेंटर में छात्र की शिक्षक एवं कुछेक छात्रों द्वारा पिटाई के मामले में दोनों छात्रों के परिवार के लोग थाने में बयान देने आये थे। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों का कहना है कि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी है। अरजरिया ने कहा कि इसलिए अब तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।
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भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि प्रदेश के स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शासकीय शालाओं के साथ शासकीय मान्यता प्राप्त सभी अशासकीय और अनुदान प्राप्त शालाओं में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएँ बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि साथ ही इन शालाओं में आंतरिक मूल्यांकन भी नियमित रूप से सुनिश्चित कराया जाएगा।
चौहान ने बीएचईएल दशहरा मैदान में स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 15,000 नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। हालांकि, उन्होंने इन परीक्षाओं के पैटर्न के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
चौहान ने कहा, ‘‘बच्चों का भविष्य गढ़ने का दायित्व शिक्षकों पर है। शिक्षक बच्चों को जैसा गढ़ेगें, देश और प्रदेश का निर्माण वैसा ही होगा। भारत के भाग्यविधाता विद्यार्थी हैं और विद्यार्थियों के निर्माता शिक्षक हैं। शिक्षकों के सम्मान और उन्हें प्रणाम करने के उद्देश्य से ही आज का यह कार्यक्रम किया गया है।'' उन्होंने कहा कि राज्य शासन शिक्षकों का मान-सम्मान बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों की प्रतिभा के सम्पूर्ण प्रकटीकरण का दायित्व शिक्षकों पर है। शिक्षक नौकर नहीं, बच्चों का भविष्य गढ़ने वाले गुरू हैं। उनके मार्गदर्शन और उनके द्वारा दी गई शिक्षा का ही परिणाम होता है कि व्यक्ति, समाज के पथ प्रदर्शन में सक्षम हो पाता है।'' चौहान ने कहा कि ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना शिक्षा के मुख्य उद्देश्य हैं और विद्यार्थियों को नागरिकता के संस्कार देना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक यह प्रण लें कि उनके विद्यार्थी, देश भक्त, चरित्रवान, ईमानदार, कर्त्तव्य परायण, दूसरों की चिंता करने वाले, बालिकाओं और महिलाओं के प्रति सम्मान रखने वाले, माता-पिता का आदर करने वाले और असहाय की सहायता करने वाले बनेंगे। चौहान ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों को उनकी भाषा में शिक्षा देना आवश्यक है। इससे उनकी स्वाभाविक प्रतिभा प्रकट होती है। अपनी भाषा के गौरव को स्थापित करना आवश्यक है। हमें बच्चों को अंग्रेजी के भय से मुक्त करने की दिशा में भी कार्य करना है। -
नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने कहा है कि आयोग शिक्षक दिवस के अवसर पर एकल बालिका संतान और सेवानिवृत्त शिक्षकों समेत विभिन्न लोगों के लिए पांच फेलोशिप एवं शोध अनुदान की शुरुआत करेगा। सोमवार को जो पांच योजनाएं शुरू की जाएंगी, वे हैं- एकल बालिका संतान के लिए ‘सावित्री ज्योतिराव फुले फेलोशिप‘, ‘डॉ. राधाकृष्णन यूजीसी पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप', ‘सेवानिवृत्त शिक्षक फेलोशिप', ‘सेवारत शिक्षक अनुसंधान अनुदान' तथा भर्ती किये गये नये शिक्षकों के लिए ‘डॉक्टर डी एस कोठारी अनुसंधान' अनुदान हैं। कुमार ने कहा, ‘‘शिक्षक दिवस पर यूजीसी कई शोध योजनाओं की घोषणाएं कर रहा है, जिससे देशभर में उच्च शिक्षण संस्थान लाभान्वित होंगे।'' ‘सेवानिवृत शिक्षक फेलोशिप' सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को शोध के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 100 स्थान हैं और फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 50000 रुपये तथा सालाना 50000 रुपये आकस्मिक निधि के रूप में दिये जाएंगे। ‘सेवारत शिक्षक अनुसंधान अनुदान' में नियमित नियुक्त शिक्षकों को शोध के मौके दिये जाएंगे। इसमें 200 चयनित उम्मीदवारों को दो साल के लिए 10-10 लाख रुपये दिये जाएंगे। नवनियुक्त शिक्षकों से जुड़े ‘डॉ. डी एस कोठारी शोध अनुदान' नियमित रूप से नियुक्त शिक्षकों के लिए है। इसके तहत 132 चयनित उम्मीदवारों को दो साल के लिए 10-10 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया जाएगा। ‘डॉ. राधाकृष्णन यूजीसी पोस्ट डॉक्टरल फेलोशिप' के तहत भारतीय विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में भाषाओं समेत विज्ञान, अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी, मानविकी और समाज विज्ञान में उच्च अध्ययन एवं शोधन के लिए एक मौका प्रदान किया जाएगा। इसमें 900 सीट हैं, जिनमें से 30 फीसद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। चयनित उम्मीदवारों को 50,000 रुपये प्रतिमाह फेलोशिप तथा 50000 रुपये सलाना आकस्मिक राशि दी जाएगी।
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ललितपुर (उत्तर प्रदेश). जिले के नाराहट थाना क्षेत्र के पारोली गांव स्थित प्राचीन जैन मंदिर से 16 मूर्तियां और मूर्तियों के चार छत्र चोरी होने के संबंध में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। ललितपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) निखिल पाठक ने रविवार को बताया कि नाराहट थाना क्षेत्र में पारोली गांव में स्थित प्राचीन जैन मंदिर से शनिवार की रात अज्ञात चोरों ने 16 मूर्तियां और मूर्तियों के चार छत्र चोरी कर ली। इस घटना के संदर्भ में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है। एसपी ने बताया कि नाराहट थाना पुलिस के अलावा एसओजी और सर्विलांस टीम भी मामले की जांच कर रही है। जब एसपी से पूछा गया कि चोरी गई मूर्तियों की कीमत क्या होगी तो उन्होंने इस संबंध में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। -
चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से उन धान उत्पादकों के लिए 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की, जिनकी फसल बौने रोग से प्रभावित हुई है। एक बयान में पूर्व मंत्री और अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के कई जिलों में बौना रोग 20 से 25 प्रतिशत खेतों में फैल गया है। उन्होंने बताया कि इससे धान की पैदावार में कम से कम 10 क्विंटल प्रति एकड़ की गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने कहा, “सरकार को इस बारे में विचार करना चाहिए और किसानों को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।”
चीमा ने कहा, “धान की फसल को ‘बौने' वायरस से कितना नुकसान हुआ है, इसका पता लगाने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण भी किया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, मोहाली, होशियारपुर, पठानकोट और गुरदासपुर जिले बौने रोग से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के एक हालिया सर्वेक्षण में विशेष रूप से राज्य में धान के खेतों में बौना रोग के कारण कम लंबाई वाले पौधे पाए गए थे। पीएयू ने राज्य के कई हिस्सों में धान के पौधों के बौनेपन के पीछे “सदर्न राइस ब्लैक-स्ट्रीक्ड ड्वार्फ वायरस” (एसआरबीएसडीवी) नामक विषाणु जनित रोग को कारण बताया है। चीमा ने कहा, “बौना रोग के कारण होने वाला भारी नुकसान उन किसानों के लिए एक तबाही के समान होगा जो इस साल मार्च में तापमान बढ़ने के कारण गेहूं की पैदावार के नुकसान के अलावा 'मूंग' की फसल की बुवाई में होने वाले नुकसान को झेल रहे थे, जिसकी खरीद मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वादों के बावजूद नहीं की गई।” चीमा ने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप करने और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे के पैकेज की घोषणा करने को कहा है। -
जयपुर. जयपुर के सेज थाना क्षेत्र में शनिवार शाम नेवटा बांध में नाव पलटने से पानी में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। थाना प्रभारी सतपाल सिंह ने रविवार को बताया कि शनिवार शाम नेवटा बांध में नाव के पलटने से नाव चालक और सुरेश गुर्जर, सक्षम तांबी, गौरव सहित चार लोग पानी में डूब गये। नाव चालक और गौरव तैर कर बाहर आ गये जबकि सुरेश गुर्जर और सक्षम तांबी की पानी में डूबने से मौत हो गईं। उन्होंने बताया कि पानी के बीच में सेल्फी लेने के चक्कर में नाव पलट गई, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि सुरेश गुर्जर (25) का शव रविवार को बांध से निकाल लिया गया, जबकि सक्षम तांबी के शव की तलाश रविवार को भी जारी है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -
नयी दिल्ली. देश में 2021 के दौरान आत्महत्या के कारण 1.64 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई और औसतन लगभग 450 लोगों की मौत प्रतिदिन या 18 लोगों की मौत हर घंटे हुई। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। किसी भी कैलेंडर वर्ष के लिए यह अब तक का सबसे उच्चतम आंकड़ा है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया - 2021' रिपोर्ट के आंकड़े के अनुसार आत्महत्या करने वाले लोगों में लगभग 1.19 लाख पुरुष, 45,026 महिलाएं और 28 ट्रांसजेंडर शामिल थे। आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 महामारी से पहले के वर्षों की तुलना में 2020 और 2021 में आत्महत्या के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में देशभर में 1.53 लाख लोगों ने आत्महत्या की। रिपोर्ट से पता चला है कि 2019 में आत्महत्या करने वालों की संख्या 1.39 लाख थी, 2018 में यह 1.34 लाख, 2017 में 1.29 लाख जबकि 2020 और 2021 में यह संख्या 1.50 लाख से अधिक थी। एनसीआरबी के अनुसार, वह 1967 से आत्महत्या के मामलों के आंकड़ों का संकलन कर रहा है । उस कैलेंडर वर्ष में इस तरह की मौत के 38,829 मामले दर्ज किये गये थे। इसी समयावधि के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1984 में देश में आत्महत्या के मामलों की संख्या पहली बार 50,000 के आंकड़े को पार कर गई थी और 1991 में यह 75,000 से ज्यादा हो गई थी। आंकड़ों के अनुसार 1998 में आत्महत्या के मामलों की संख्या एक लाख के आंकड़े को पार कर गई थी।
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फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) .जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा गांव में एक व्यक्ति ने शनिवार की रात कुल्हाड़ी से काट कर कथित रूप से अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। नगर क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) वीर सिंह ने रविवार को बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा गांव के रहने वाले आरोपी रामविशाल (52) ने घर के बाहर चारपाई पर सो रही अपनी पत्नी जमुना देवी (50) के सिर पर कुल्हाड़ी से कई वार किया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपी पति को गिरफ्तार कर अपराध में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिएभेज कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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जैसलमेर (राजस्थान). जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को एक ट्रक और बाइक की टक्कर में दुपहिया सवार सैनिक की मौत हो गई। पुलिस के जांच अधिकारी उमंग सिंह ने बताया कि जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर होटल ट्यूलिप के सामने तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में बाइक सवार सेना के नायब सूबेदार सुशील दत्त (42) की मौत हो गई, एक अन्य नायब सूबेदार एम साहू घायल हो गये। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस संबंध में ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश की जा रही है। ट्रक को जब्त कर लिया गया है।








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