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गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम जिले में निर्माणाधीन दीवार के ढह जाने से सात मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना सोमवार शाम गुरुग्राम के सिधरावली इलाके में स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में हुई। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे दीवार ढहने से 12 से 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। उन्हें भिवाड़ी के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनमें से सात को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मृतकों में से छह की पहचान सतीश, भागीरथ, मिलन, शिव शंकर, मंगल और परमेश्वर के रूप में हुई है, जबकि चार अन्य - छोटेलाल, दीनदयाल, शिवकांत और इंद्रजीत की हालत गंभीर है।
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नयी दिल्ली. राज्यसभा में मंगलवार को शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया और सदन से बहिर्गमन कर गए, जिसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है और उसका यह आचरण निंदनीय है। उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद जब शून्यकाल शुरू करने के लिए कहा, तभी तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। आसन की अनुमति मिलने पर उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा की मांग सदस्य लगातार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल सदन के नेता ने कहा था कि चुनाव सुधार पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा ''लेकिन एसआईआर पर चर्चा की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।'' इस बीच, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष एवं सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि एसआईआर बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यह एक राज्य के बाद दूसरे राज्य में.... हर जगह हो रहा है और लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं। हंगामे के बीच ही सभापति ने कहा कि चुनाव सुधार के मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है और आज वह कामकाज होने देना चाहिए जो आज की कार्य सूची में तय है। उन्होंने कहा ''आप हर दिन सदन की कार्यवाही बाधित करते हैं और वे मुद्दे उठाते हैं जिनके बारे में स्पष्ट व्यवस्था दी जा चुकी है।'' इस पर असंतोष जताते हुए विपक्षी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।
सदन के नेता एवं केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कहा ''मैंने कल भी यह बात कही थी और आज भी कह रहा हूं कि विपक्ष की मंशा कभी भी, किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने की नहीं होती। वे गंभीर मुद्दों पर भी गंभीरता नहीं दिखाते।'' उन्होंने कहा ''आज ये लोग एसआईआर का मुद्दा लेकर आए। चुनाव सुधार पर करीब 15 घंटे चर्चा हो चुकी है जिसमें एसआईआर पर भी सबने अपनी अपनी बात रखी थी। लेकिन मंत्री के के जवाब से पहले ही ये लोग सदन से बहिर्गमन कर गए।'' नड्डा ने विपक्ष पर संसदीय परंपराओं को बाधित करने तथा चर्चा में व्यवधान डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा ''ये इनका रवैया है। इनको प्रजातांत्रिक व्यवस्था में और लोकतांत्रिक परंपराओं-मानकों में विश्वास नहीं है। ये हमेशा अवरोध पैदा करते हैं, और यह आचरण निंदनीय है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।'' -
शाहजहांपुर (उप्र). उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक पालतू पिल्ले के कब्रिस्तान में घुसने पर उसे कथित रूप से पीट-पीटकर मार देने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने बताया कि थाना सदर बाजार क्षेत्र के लाल तेली बजरिया निवासी करन का पालतू पिल्ला कब्रिस्तान में चला गया था और वहां मौजूद पांच लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। पड़ोस की छत पर जाकर करन ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
द्विवेदी ने बताया कि पिल्ला बचने के लिए चारपाई के नीचे छिप गया, लेकिन आरोपी उसे वहां से खींचकर फिर पीटते रहे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी पिल्ले को बोरी में डालकर ले गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना सात मार्च की है, लेकिन पुलिस में शिकायत सोमवार को जीव सहयोग फाउंडेशन के एक अधिकारी ने दर्ज कराई। पुलिस ने पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -
कटनी (मप्र) . मध्यप्रदेश के कटनी जिले में एक तेज रफ्तार कार की मोटरसाइकिल से टक्कर होने के कारण चार युवकों की मौत हो गई तथा पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह घटना सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे जगतपुर-उमरिया मार्ग पर हुई।
बड़वारा थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि चार युवक मोटरसाइकिल पर सवार थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए। हादसे के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मोटरसाइकिल सवार चारों युवकों को बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान धीरेंद्र सिंह (18), रामकिशोर सिंह (26), रामदास सिंह (18) और इंद्रभान सिंह (25) के रूप में हुई है। वे उमरिया जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी थे। परिजनों के अनुसार रामकिशोर, रामदास और इंद्रभान मजदूरी का काम करते थे और सोमवार को महाराष्ट्र से लौटे थे। उन्होंने बताया कि धीरेंद्र उन्हें लेने मोटरसाइकिल से कटनी रेलवे स्टेशन गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। हादसे में कार में सवार पांच लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार शवों को पोस्टमार्टम के लिए बड़वारा के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के स्थापना दिवस पर सुरक्षा बल के सभी कर्मियों को बधाई दी और कहा कि सीआईएसएफ देश भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मोदी ने कहा कि सीआईएसएफ कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा भारत की सुरक्षा और प्रगति में बहुत बड़ा योगदान देती है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के सभी कर्मियों को सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। सीआईएसएफ अपने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और समर्पण के लिए जाना जाता है जो देश भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।'' संसद के एक अधिनियम के तहत 1968 में गठित सीआईएसएफ एक बहुआयामी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। महज 3,129 कर्मियों से शुरू हुआ यह सुरक्षा बल अब 22 लाख कर्मियों की एक मजबूत ताकत बन गया है जो लगभग सभी राज्यों में तैनात है। सीआईएसएफ वर्तमान में 70 हवाई अड्डों सहित 361 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा किसी भी सुरक्षा आपात स्थिति से निपटने के लिए इसके पास 12 आरक्षित बटालियन हैं और यह देश भर में आठ अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित करता है जो सीआईएसएफ को निरंतर निखारते और मजबूत बनाते हैं।
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नई दिल्ली। भारतीय दूतावास ने कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कतर एयरवेज और सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रखा है। 10 मार्च को लगभग एक हजार यात्री अपने वतन लौट आए। इसके लिए भारतीय दूतावास ने कतर एयरवेज का धन्यवाद किया।
भारतीय दूतावास की ओर से जानकारी दी गई कि 10 मार्च को लगभग एक हजार भारतीय यात्रियों ने कतर एयरवेज की फ्लाइट्स से नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि की यात्रा की। 11 मार्च को नई दिल्ली के लिए कतर एयरवेज की एक उड़ान निर्धारित की गई है। भारतीय दूतावास ने बताया कि 96 घंटे की वैधता वाले अस्थायी ट्रांजिट वीजा पर भारतीय नागरिकों की सऊदी अरब के सलवा सीमा के माध्यम से यात्रा की सुविधा दी जा रही है।दूतावास ने बताया कि भारत की बास्केटबॉल टीम, जो कतर में फंसी हुई थी, सऊदी अरब से उड़ानों के माध्यम से भारत पहुंच गई है। हम सऊदी अरब और कतर के अधिकारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद करते हैं।दूतावास का 24X7 कंट्रोल रूम और भारतीय समुदाय के हेल्पडेस्क लगातार सक्रिय है।इसके अलावा मंगलवार को ही दूतावास की ओर से अपडेट एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया कि वे भारतीय नागरिक जो वर्तमान में कतर में पर्यटक/कम अवधि के आगंतुक के रूप में फंसे हुए हैं (हाया A1 वीजा धारक) और 28 फरवरी 2026 से कतर से उड़ानों के रद्द होने के कारण वापस नहीं जा पा रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि इंडियन एम्बेसी कतर की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी जानकारी भरें। भारतीय दूतावास की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह केवल कतर में फंसे उन भारतीय नागरिकों की संख्या और विवरण जानने के लिए है, जो कतर के निवासी नहीं हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन लोगों ने पहले वाले लिंक के माध्यम से अपनी जानकारी पहले ही जमा कर दी है, उन्हें दोबारा भरने की आवश्यकता नहीं है। -
नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत के युवाओं की आकांक्षाएं देश की ''सबसे बड़ी पूंजी'' हैं और उनके नवाचार एवं योगदान की इच्छा राष्ट्र के भविष्य के लिए एक प्रमुख ताकत है। दिव्यांगजन कौशल योजना पर बजट के बाद एक वेबिनार में मोदी ने कहा कि इस तरह के परामर्श की नयी परंपरा जन भागीदारी के शक्तिशाली उदाहरण को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय बजट के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए व्यावहारिक विचार पेश करने को लेकर विशेषज्ञों, हितधारकों और लाभार्थियों को एक साथ लाते हैं। मोदी ने कहा, आज भारत की सबसे बड़ी ताकत गांवों, कस्बों और शहरों के युवाओं की आकांक्षाओं में निहित है, जो देश के भविष्य के लिए कुछ नया करना और सार्थक योगदान देना चाहते हैं।'' एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत एक नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, देश को इस क्षमता का फायदा उठाने के लिए अपनी शिक्षा प्रणाली को लगातार आधुनिक बनाना होगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट में दिव्यांगजन कौशल योजना की घोषणा का उद्देश्य दिव्यांग लोगों के लिए रोजगार से जुड़े कौशल विकास को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार, उद्योग और नागरिक समाज के बीच साझेदारी महत्वपूर्ण होगी। वेबिनार में विशेषज्ञों ने जोर दिया कि दिव्यांगजन के लिए बाजार-आधारित कौशल ऐसे हों, जो समुदाय की आकांक्षाओं को उद्योग की मांग के साथ जोड़े और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा, एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) अध्ययन और रोजगार प्रणाली में समाहित करे। चर्चा में समावेशी नियुक्ति, सुलभ प्रशिक्षण उपकरण, उद्यमिता, डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई-सक्षम दूरस्थ कार्य अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। -
तिरुवनंतपुरम. प्रख्यात इतिहासकार एवं शिक्षाविद के.एन. पणिक्कर का सोमवार को यहां एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 90 वर्ष के थे। इतिहास के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व रहे पणिक्कर इतिहास लेखन में अपने मार्क्सवादी दृष्टिकोण और क्षेत्र में धर्मनिरपेक्ष एवं वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। उनकी पहचान साम्प्रदायिकता के आलोचक के रूप में भी थी। इस वरिष्ठ इतिहासकार ने आधुनिक भारतीय इतिहास के अध्ययन में प्रगतिशील दृष्टिकोण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद पणिक्कर ने राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में इतिहास विभाग के शिक्षक के रूप में कार्य शुरू किया, जहां बाद में उन्होंने विभागाध्यक्ष के रूप में भी सेवा दी। पणिक्कर ने राज्य के कलाडी स्थित श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी सेवा दी। वह केरल ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के संस्थापक अध्यक्ष भी थे और 2001 से 2017 तक इस संस्था का नेतृत्व किया। पणिक्कर की दो पुत्रियां हैं। उनकी पत्नी राजस्थान की मूल निवासी और उनकी पूर्व सहपाठी थीं। उनका निधन पहले ही हो चुका है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन, सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवणकुट्टी और कई अन्य लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। विजयन ने एक विस्तृत संदेश में पणिक्कर को एक सांस्कृतिक व्यक्तित्व के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने इतिहास की वैज्ञानिक और वस्तुनिष्ठ समझ की दृढ़ता से रक्षा की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सांस्कृतिक क्षेत्र में धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में उनका योगदान महत्वपूर्ण था।
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नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को जानकारी दी कि नामीबियाई चीता ‘ज्वाला’ ने जो तीसरी बार सफलतापूर्वक मां बनी है, कुनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मंत्री ने कहा कि इस जन्म के साथ, भारत में जन्मे स्वस्थ शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जो भारतीय धरती पर चीतों के 10वें सफल प्रजनन का प्रतीक है और भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण सफलता है।
केंद्रीय मंत्री ने इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह उपलब्धि पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ और इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों के समर्पित प्रयासों, कौशल और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो लगातार जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन शावकों के आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है।इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक और हृदयस्पर्शी क्षण बताते हुए मंत्री ने आशा व्यक्त की कि ‘ज्वाला’ और उसके शावक स्वस्थ होकर आगे बढ़ेंगे और भारत की चीता गाथा को और ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने आगे कहा, “वाइल्डलाइफ संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक और दिल को छू लेने वाला पल। ज्वाला और उसके शावक मजबूत बनें और आगे बढ़ें, भारत की चीता कहानी को और भी ऊंचाइयों तक ले जाएं।” हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की चीता ‘गामिनी’ दूसरी बार मां बनी और उसने चार शावकों को जन्म दिया। इसके अलावा, 28 फरवरी को केंद्रीय मंत्री ने बोत्सवाना से प्राप्त 9 चीतों, 6 मादा और 3 नर, को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में बने क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा। ये चीते वर्तमान में बड़े वन क्षेत्र में क्रमिक रूप से छोड़े जाने से पहले अनुकूलन और स्वास्थ्य निगरानी के चरण से गुजर रहे हैं। -
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप में मिली खिताबी जीत पर सोमवार को राज्यसभा में भारतीय टीम को बधाई दी गई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा सदस्यों की तरफ से विजेता भारतीय टीम को बधाई देते हुए जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि भारतीय टीम ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया है।
भारतीय क्रिकेट टीम ने अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। यह तीसरी बार है जब भारत ने टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया है। दिलचस्प बात है कि लगातार दूसरी बार टीम ने ऐसा किया है क्योंकि भारत ने इससे पहले संस्करण में भी ट्रॉफी अपने नाम की थी।राधाकृष्णन ने कहा कि यह जीत इसलिए भी विशेष है क्योंकि भारत पहला देश है जो अपनी मेजबानी में टी20 विश्व कप का विजेता बना है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम के शानदार प्रदर्शन ने देशभर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को अपार खुशी और गर्व का अनुभव कराया है। सदन की ओर से भारतीय टीम के खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और भारतीय क्रिकेट से जुड़े सभी लोगों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई। यह सदन उनकी आने वाले वर्षों में निरंतर सफलता की कामना करता है। -
नयी दिल्ली. भारत में होम्योपैथी का क्षेत्र काफी व्यापक स्तर पर फैला हुआ है और अब हमारा देश वैश्विक स्तर पर दुनिया में इसका नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत में होम्योपैथी का क्षेत्र मजबूत नैदानिक विशेषज्ञता, व्यापक चिकित्सक नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त गुणवत्ता प्रमाणपत्रों और मानकों द्वारा संचालित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कारकों के चलते भारत आने वाले समय में वैश्विक होम्योपैथी उद्योग में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है और इस क्षेत्र में नयी संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। आयुष विशेषज्ञों का कहना है कि दशकों से, जर्मनी के होम्योपैथी ब्रांडों ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक उत्कृष्ट प्रतिष्ठा कायम रखी है और अक्सर उन्हें गुणवत्ता, निरंतरता और अनुसंधान-समर्थित विनिर्माण क्षेत्र में स्वर्ण मानक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल उनके बराबर पहुंचने की राह पर है, बल्कि दो शक्तिशाली गुणवत्ता ढांचों - आयुष प्रीमियम मार्क और एनएबीएल मान्यता के चलते उनसे आगे निकलने की राह पर भी है। होम्योपैथी क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत की रिपोर्टों के अनुसार, देश में 25 लाख से अधिक पंजीकृत होम्योपैथी चिकित्सक और लगभग 300 शिक्षण संस्थान हैं। इसके अलावा देश में लाखों मरीज होम्योपैथी को अपनी प्राथमिक या पूरक चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनाते हैं। वैश्विक होम्योपैथी बाजार का मूल्य आठ से 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जिसमें यूरोप की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है और इस पर ऐतिहासिक रूप से जर्मनी का वर्चस्व रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्ता के बल पर स्थापित भारतीय ब्रांड अब इस प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) के निदेशक डॉ. प्रदीप प्रजापति ने कहा, ''मुख्य अंतर प्रमाणित गुणवत्ता और वैज्ञानिक सत्यापन में निहित है।'' उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया आयुष प्रीमियम मार्क, आयुष उत्पादों के निर्माण, सुरक्षा और गुणवत्ता प्रबंधन में वैश्विक स्तर के अनुपालन का प्रतिनिधित्व करता है। डॉ. प्रजापति ने बताया कि एनएबीएल (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज) प्रमाणन परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित सटीकता, विश्वसनीयता और पुनरुत्पादकता सुनिश्चित करता है। आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ प्रतिनिधि राजेश्वर तिवारी ने कहा कि होम्योपैथी में भारत के पास अद्वितीय नैदानिक डेटा, चिकित्सकों की संख्या और रोगियों की विविधता मौजूद है। राजेश्वर तिवारी ने कहा, '' जब इस अनुभवजन्य लाभ को आयुष प्रीमियम और एनएबीएल जैसे प्रमाणित गुणवत्ता मानकों का समर्थन प्राप्त होता है, तो भारतीय होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर तुलनीय वैज्ञानिक विश्वसनीयता प्राप्त होती है। अनुसंधान, विनियमन और विनिर्माण उत्कृष्टता का यह एकीकरण स्थापित यूरोपीय ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक है।'' इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण एडवेन बायोटेक है, जो आयुष प्रीमियम मार्क और एनएबीएल प्रमाणन दोनों प्राप्त करने वाली भारत की पहली होम्योपैथी कंपनी बन गई है।
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नयी दिल्ली/ कैमरून के याउंडे में होने वाली विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की चार दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक में 166 देशों के व्यापार मंत्री डब्ल्यूटीओ सुधारों, कृषि संबंधी मामलों, विवाद निपटान और ई-कॉमर्स कर स्थगन जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मत्स्य पालन सब्सिडी, चीन के नेतृत्व वाला 'विकास के लिए निवेश सुविधा' (आईएफडी) समझौता, ई-कॉमर्स कार्य से जुड़ा कार्यक्रम और कर स्थगन, विकास एवं एसएंडडीटी (विशेष और विभेदक व्यवहार), और समान अवसर जैसे मुद्दे भी संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान चर्चा में शामिल हो सकते हैं। चौदहवां डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) 26 से 29 मार्च, 2026 तक कैमरून के याउंडे में आयोजित किया जाएगा। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जिसकी बैठक हर दो साल में होती है। अधिकारी ने बताया कि भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे।
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक व्यापार पहले अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापक शुल्क और अब पश्चिम एशिया संकट के कारण बाधित हुआ है, जिससे पोत परिवहन मार्ग और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत सार्वजनिक स्टॉक होल्डिंग (पीएसएच) के मुद्दों पर स्थायी समाधान की मांग कर रहा है, जो एक दशक से अधिक समय से लंबित है। भारत ने बार-बार पीएसएच और विशेष सुरक्षा तंत्र (एसएसएम) पर निर्णय में तेजी लाने का आग्रह किया है। एसएसएम विकासशील और अल्पविकसित देशों (एलडीसी) की पुरानी मांग है, जो उन्हें आयात में अचानक उछाल या कीमतों में गिरावट से निपटने के लिए अस्थायी रूप से शुल्क बढ़ाने की अनुमति देता है। ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे 'केर्न्स समूह' के देशों का दावा है कि पीएसएच बाजार को विकृत करता है और कोई निर्यात प्रतिबंध नहीं होने चाहिए। जबकि अमेरिका अपने कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच चाहता है और यूरोपीय संघ सब्सिडी में कटौती का पक्षधर है। अमेरिका डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान प्रणाली में सुधार की मांग कर रहा है। वर्तमान में इसकी अपीलीय संस्था (एबी) दिसंबर 2019 से निष्क्रिय है क्योंकि अमेरिका ने सदस्यों की नियुक्ति को रोक रखा है। डब्ल्यूटीओ इस प्रणाली में सुधार पर चर्चा कर रहा है, जिसे संगठन का "क्राउन ज्वेल" कहा जाता है। विवाद निपटान निकाय (डीएसबी) इस वैश्विक व्यापार पर नजर रखने वाले निकाय के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। विवादों को सुलझाने के दो मुख्य तरीके हैं, आपसी सहमति से समाधान या न्यायिक निर्णय। न्यायिक निर्णय के तहत पैनल का फैसला आता है, जिसे अपीलीय संस्था में चुनौती दी जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका इस द्वि-स्तरीय प्रणाली को कमजोर करना चाहता है और अपीलीय संस्था को बहाल करने का इच्छुक नहीं है। इसके विपरीत, विकासशील देश इसे तंत्र के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य मानते हैं। भारत ने डिजिटल विभाजन और अवसंरचना की कमी पर चिंता जताई है, जो विकासशील देशों की ई-कॉमर्स में भागीदारी को रोकता है। भारत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली आपूर्ति पर सीमा शुल्क नहीं लगाने के स्थगन (मोरटोरियम) को लेकर भी लगातार विरोध दर्ज करा रहा है। दिसंबर 2025 की बैठक में भारत ने स्पष्ट किया था कि वह इस स्थगन को आगे बढ़ाने का समर्थन नहीं करता है, क्योंकि यह घरेलू औद्योगीकरण की राह में बाधा है। इस स्थगन के कारण विकासशील देशों को सालाना लगभग 10 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होता है, जिसमें भारत का हिस्सा 50 करोड़ डॉलर से अधिक हो सकता है। विश्व व्यापार संगठन के सदस्य 1998 से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली आपूर्ति पर सीमा शुल्क नहीं लगाने पर सहमत हुए हैं और तब से हर मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में इस कर स्थगन को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। भारत ने अबू धाबी में 13वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान चीन के नेतृत्व वाले निवेश सुविधा प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। चीन समर्थित 128 देशों का यह समूह आईएफडी को केवल हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों के लिए बाध्यकारी बनाने पर जोर दे रहा है। इस प्रस्ताव पर सदस्यों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। एसएंडडीटी प्रावधान गरीब और विकासशील देशों को समझौतों को लागू करने के लिए अधिक समय और व्यापारिक लाभ देते हैं। विकसित देशों का कहना है कि 'स्व-घोषणा' के आधार पर विकासशील दर्जा हासिल करना नियमों को दरकिनार करने जैसा है, जबकि भारत जैसे देश इसे अपना अधिकार मानते हैं। विकसित देश प्रस्तावित समझौते के तहत मत्स्य सब्सिडी को खत्म करने का दबाव बना रहे हैं। भारत का रुख है कि जो विकसित देश गैर-विशिष्ट ईंधन सब्सिडी देते हैं, उन्हें पहले कड़े अनुशासन के दायरे में लाया जाना चाहिए। -
नयी दिल्ली. वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले वीर चक्र से सम्मानित लांस हवलदार के.जी. जॉर्ज (सेवानिवृत्त) का 95 वर्ष की आयु में केरल में निधन हो गया। उनके परिवार ने रविवार को यह जानकारी दी। के.जी. जॉर्ज (सेवानिवृत्त) के पोते रेमो जॉन ने कहा, ''मेरे दादाजी का शनिवार की सुबह निधन हो गया। उनका जन्म फरवरी 1931 में हुआ था और उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया था। '' जॉन (21) ने बताया कि जॉर्ज का जन्म केरल में हुआ था और वह वृद्धावस्था के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से पीड़ित थे। उन्होंने कोट्टयम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। जॉर्ज ने भारतीय सेना के सिग्नल कोर में सेवा की थी, जो 1911 में स्थापित एक महत्वपूर्ण इकाई है।
जॉर्ज को मिले वीर चक्र के प्रशस्ति पत्र में 1965 के युद्ध के दौरान उनके वीरतापूर्ण कार्य का वर्णन किया गया है और इसमें लिखा है कि उन्होंने ''उच्च कोटि का साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया।'' जॉर्ज को मिले वीर चक्र के प्रशस्ति पत्र के मुताबिक, '' छह से 10 सितंबर 1965 की अवधि के दौरान, दुश्मन की लगातार गोलाबारी और हवाई हमलों के बीच, लांस हवलदार (लाइनमैन फील्ड) के.जी. जॉर्ज ने पाकिस्तान के वाघा सेक्टर में बाधित संचार व्यवस्था को बहाल करने के लिए अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करना जारी रखा। आठ और नौ सितंबर, 1965 की रात को अपनी जान को खतरे में डालकर भी, उन्होंने दुश्मन के हमले के दौरान ब्रिगेड मुख्यालय से अग्रिम बटालियनों तक संचार की एक लाइन स्थापित की। ऐसा करके लांस हवलदार के. जी. जॉर्ज ने उच्च कोटि का साहस और कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित की और उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। -
नयी दिल्ली. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)अधिनियम (वीबी - जी राम जी) के लिए 'लोगो' डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की गई है। मंत्रालय ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह प्रतियोगिता सरकार के नागरिक सहभागिता मंच 'मायजीओवी' पर शुरू हो चुकी है, और लोगों को ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दृष्टि को दर्शाने वाले रचनात्मक डिजाइन प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि वह कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में जनभागीदारी को बढ़ावा देना चाहता है।
मंत्रालय के मुताबिक, प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च है, और विजेता को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। मंत्रालय ने कहा कि 'लोगो' डिजाइन में विकसित भारत की परिकल्पना झलकनी चाहिए। -
नयी दिल्ली. संसद के बजट सत्र के सोमवार से शुरू होने वाले दूसरे चरण के हंगामेदार रहने की संभावना है। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष द्वारा प्रायोजित उस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग की गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा सकता है, क्योंकि विपक्ष पहले से ही ईरान के प्रति सरकार के रुख, भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई "छूट" और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है। इसके अलावा, चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के परिणाम, जिसके कारण लगभग 60 लाख नाम हटा दिए गए, का भी संसदीय कार्यवाही पर असर पड़ने की आशंका है। बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कई विपक्षी नेताओं द्वारा लाया गया है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में "स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण" तरीके से काम किया। उन्होंने अध्यक्ष पर लोकसभा में कुछ "अप्रत्याशित कार्रवाई" की बात करते हुए कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ कुछ झूठे दावे कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में न आने का अनुरोध करने का भी आरोप लगाया था। बिरला ने नोटिस प्रस्तुत किए जाने की तारीख से सदन की कार्यवाही से खुद को अलग कर लिया था, लोकसभा सचिवालय ने कहा था कि वह एजेंडा के निपटारे के बाद ही लौटेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को बिरला का समर्थन करते हुए कहा कि वह सभी सांसदों को साथ लेकर चले हैं और संविधान व संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिये प्रतिबद्ध हैं। अविश्वास प्रस्ताव के अलावा, ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, जिसके कारण कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान और कीमतों में वृद्धि हुई है, पर भी सत्र के दौरान चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष द्वारा इस मामले पर सरकार की नीति पर सवाल उठाने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सदन में एसआईआर मामले को उठाने के लिए तैयार हैं, जबकि भाजपा शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान "प्रोटोकॉल उल्लंघन" के मुद्दे को उठा सकती है। बजट सत्र के शेष भाग में सरकार द्वारा विद्युत संशोधन विधेयक को भी पेश किए जाने की उम्मीद है, साथ ही सत्र के पहले भाग से लंबित अन्य विधायी कार्यों पर भी विचार किया जाएगा। सोमवार की कार्य सूची के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव ही लोकसभा के दिन की कार्यसूची में सूचीबद्ध एकमात्र विषय है। सत्ताधारी भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। आंकड़े सरकार के पक्ष में हैं, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रस्ताव खारिज हो जाएगा। कांग्रेस ने 118 सांसदों द्वारा दिए गए नोटिस पर बहस का आह्वान किया है। तृणमूल कांग्रेस ने भी कहा है कि वह बिरला के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेगी।
संभव है सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच लोकसभा में प्रश्नकाल न हो, क्योंकि कार्यवाही को शिलांग से वर्तमान सदस्य रिकी सिंग्कॉन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए स्थगित किया जा सकता है, जिनका 19 फरवरी को निधन हो गया था। तीन लोकसभा अध्यक्षों - जी.वी. मावलंकर (1954), हुकम सिंह (1966) और बलराम जाखड़ (1987) - को अतीत में अविश्वास प्रस्तावों का सामना करना पड़ा था, जिन्हें खारिज कर दिया गया था। - नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी और कहा कि इस सामूहिक जीत के लिए टीम का हर खिलाड़ी, पूरा प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ तारीफ का हकदार है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय टीम को तीन बार टी20 विश्व कप जीतने वाला एकमात्र देश बनने का गौरव प्राप्त हुआ और भारत लगातार दो खिताब जीतने वाली भी एकमात्र टीम है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा, ''इससे हमारे क्रिकेट के प्रति जुनूनी देशवासियों को अपार खुशी और गर्व की अनुभूति हुई है। यह हमारे युवाओं में विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद समृद्ध प्रतिभा का भी प्रमाण है। '' राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''टी20 विश्व कप जीतकर टीम इंडिया ने इतिहास की कई ऊंचाइयां छुई हैं। टीम के हर खिलाड़ी, पूरे प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ को इस सामूहिक जीत के लिए प्रशंसा मिलनी चाहिए। मैं हमारी क्रिकेट टीम के भविष्य में भी निरंतर गौरव हासिल करने की कामना करती हूं। ''
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को टी20 विश्व कप में शानदार जीत दर्ज करने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और कहा कि इस जीत ने ''हर भारतीय को गौरवान्वित किया है।'' गृहमंत्री शाह ने 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा, "क्या शानदार जीत है! विश्व चैंपियन टीम इंडिया को सलाम।'' उन्होंने कहा, ''पूरे टूर्नामेंट में आपके असाधारण प्रदर्शन और जुझारू जज्बे ने देश का गौरव और सम्मान बढ़ाया है। हर भारतीय को गर्व का अनुभव कराने के लिए पूरी टीम को बधाई।''वहीं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और इसे दृढ़ संकल्प, अनुशासन और उत्कृष्ट 'टीम वर्क' पर आधारित "शानदार" जीत बताया। नवीन ने कहा कि यह जीत उस जुझारूपन और जीतने की भावना को दर्शाती है जो देशभर में लाखों लोगों को प्रेरित करती है। भाजपा अध्यक्ष नवीन ने पोस्ट किया, ''टी20 विश्व कप चैंपियन बनने पर टीम इंडिया को बधाई...। पूरा देश इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न आपके साथ मना रहा है। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और उत्कृष्ट 'टीम वर्क' पर आधारित एक शानदार जीत। खिलाड़ियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।" भारत ने अहमदाबाद में हुए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की जो उसका तीसरा टी20 विश्व कप खिताब है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लगातार दूसरा आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई दी। भारत ने अहमदाबाद में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की जो उसका तीसरा टी20 विश्व कप खिताब है। मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, ''चैंपियंस! आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई। '' उन्होंने लिखा, ''यह शानदार जीत उनके असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीमवर्क को दर्शाती है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने बेहतरीन जज्बा दिखाया। '' उन्होंने लिखा, ''इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है। शाबास, टीम इंडिया। ''
- नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल में केरल में छात्राओं से बातचीत के दौरान कहा कि वह एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं जहां महिलाएं ही प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाएं आम तौर पर पुरुषों से अधिक बुद्धिमान होती हैं। राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने यूट्यूब चैनल पर छात्राओं के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो रविवार को पोस्ट किया और बताया कि कुछ दिन पहले केरल में दोपहर के भोजन के दौरान उनकी कुछ छात्राओं से मुलाकात हुई और उनसे बहुत ही रोचक बातचीत हुई।लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ''मैं प्रत्येक छात्रा के सपनों, जिज्ञासा और आत्मविश्वास से बहुत प्रभावित हुआ। ऐसी बातचीत हमें याद दिलाती है कि जब महिलाएं अपनी क्षमता को पहचानती हैं और खुले दिमाग से आगे बढ़ती हैं, तो वे असाधारण बदलाव ला सकती हैं।'' राहुल ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ''हर महिला अद्वितीय है। उनकी संवेदनशीलता, समझ और भावनात्मक बुद्धिमत्ता समाज को संतुलन व दिशा प्रदान करती है। महिलाएं धैर्य, दूरदर्शिता और सहानुभूति के साथ अपने अनूठे तरीकों से शक्ति का प्रयोग करती हैं।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए, उन्हें समाज के प्रतिबंधात्मक मानदंडों से बंधे रहने के बजाय अपनी पहचान, व्यक्तित्व और आकांक्षाओं के अनुसार आगे बढ़ने का पूरा अधिकार होना चाहिए।'' राहुल ने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी शक्ति, साहस और सपने समाज को एक सकारात्मक भविष्य की ओर आगे बढ़ाते रहें।'' उन्होंने कहा कि केरल की कुछ छात्राओं से बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''उनका (छात्राओं का) आत्मविश्वास और अपने सपनों पर विश्वास यह दर्शाता है कि महिलाएं ही बदलाव की असली ताकत हैं।'' राहुल वीडियो में छात्राओं के साथ बेबाक बातचीत करते नजर आ रहे हैं। राहुल ने छात्राओं से कहा, ''मैं ऐसे परिवार में पला-बढ़ा हूं जहां महिलाएं ही घर की प्रमुख थीं। मेरे परिवार की मुखिया मेरी दादी थीं और मेरे परिवार में, जैसे इस मेज की तरह हमेशा महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है।'' उन्होंने कहा, ''महिलाएं आमतौर पर पुरुषों से ज्यादा बुद्धिमान होती हैं। पुरुष जल्दबाजी में रहते हैं और छोटी-छोटी बातों में उलझ जाते हैं। महिलाएं दूरगामी सोच रखती हैं, वे प्रत्यक्ष शक्ति का प्रयोग नहीं करतीं बल्कि अप्रत्यक्ष शक्ति का प्रयोग करती हैं, जो अधिक प्रभावी होती है।'' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर बी.आर. आंबेडकर का लैंगिक समानता पर एक कथन साझा किया, ''आप दुख सहने के लिए पैदा नहीं हुई हैं।आपने उत्थान के लिए जन्म लिया है।'' खरगे ने कहा, ''महिलाएं केवल विकास में भागीदार नहीं हैं। वे इसकी प्रेरक शक्ति हैं। अपनी बुद्धिमत्ता, करुणा और दृढ़ संकल्प के माध्यम से महिलाएं समुदायों को सशक्त बनाती हैं और मजबूत राष्ट्रों का निर्माण करती हैं।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम विश्व भर की महिलाओं के साहस, नेतृत्व और अनगिनत योगदानों का सम्मान करते हैं। सच्ची प्रगति तब आएगी जब समानता एक आकांक्षा नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला के लिए एक जीती-जागती वास्तविकता होगी।'' कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 'एक्स' पर कहा, ''इस महिला दिवस पर, हर महिला अपनी ताकत, अपने अधिकारों और भविष्य को आकार देने की अपनी क्षमता को पहचाने। आप मायने रखती हैं। आपकी आवाज मायने रखती है। आपके सपने मायने रखते हैं।''
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक साल पहले भाजपा सरकार के गठन के बाद से दिल्ली में चौतरफा विकास की गति तेज हुई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी सरकार (आप) के शासनकाल में बहानेबाजी के कारण काम रुका रहा और परियोजनाएं ''फाइलों में ही दम तोड़ती रहीं''। दो नये मेट्रो कॉरिडोर समेत 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उद्घाटन और शुरुआत करने के बाद बुराड़ी मैदान में एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि दिल्ली न केवल देश की राजधानी है, बल्कि भारत की पहचान और उसकी ऊर्जा का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब दिल्ली की अक्षम परिवहन व्यवस्था के लिए अक्सर आलोचना की जाती थी।उन्होंने कहा, ''शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक आने-जाने में घंटों लग जाते थे और महिलाओं को अक्सर बस या ऑटो-रिक्शा पकड़ने की उम्मीद में लंबे समय तक बस स्टॉप पर इंतजार करना पड़ता था। हालांकि, दिल्ली में स्थिति तेजी से बदल रही है।'' मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले, शहर को 'नमो भारत' ट्रेन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ा गया था, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा काफी आसान हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेट्रो के चौथे चरण की शुरुआत के साथ, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का विस्तार अब 375 किलोमीटर से अधिक हो गया है, जिससे निवासियों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधा में और सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, ''जब भी दुनिया में, कोई भारत के बारे में सोचता है, तो अक्सर दिल्ली की छवि दिमाग में आती है... दिल्ली न केवल भारत की राजधानी है, बल्कि यह भारत की पहचान और उसकी ऊर्जा का प्रतीक भी है।'' उन्होंने कहा कि दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की छवि से जुड़ा हुआ है। मोदी ने कहा, ''एक साल पहले जिस नयी उम्मीद और दृढ़ संकल्प के साथ आपने दिल्ली में भाजपा सरकार का गठन किया था, उसका परिणाम आज यहां दिखाई दे रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को विकास की इस निरंतर धारा के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।'' प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्व सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ''आपदा सरकार'' ने दिल्ली में 10 वर्षों तक सभी विकास कार्यों को रोक दिया था। उन्होंने कहा, ''उनका तरीका था कम काम करना और ज्यादा बहाने बनाना। आज दिल्ली में विकास का एक आदर्श मॉडल है - बहानेबाजी बंद हो गई है और काम शुरू हो गया है।'' उन्होंने कहा, ''पहले परियोजनाएं फाइलों में दम तोड़ती थीं। आज परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं।''प्रधानमंत्री मोदी ने सामान्य पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के तहत 15,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मोदी ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ सरोजिनी नगर स्थित जीपीआरए टाइप-5 क्वार्टर का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को चाबियां सौंपीं। उन्होंने कुछ महिला श्रमिकों से भी बातचीत की। मोदी ने पिंक लाइन के 12.3 किलोमीटर लंबे मजलिस पार्क-मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर और मैजेंटा लाइन के 9.9 किलोमीटर लंबे दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इन कॉरिडोर से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने विस्तार योजना के चरण 5-ए के तहत तीन नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी जिनकी कुल लंबाई लगभग 16.1 किलोमीटर होगी। इसमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी-इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल हैं, जिनसे मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नोएडा और हवाई अड्डे के बीच संपर्क सुविधा में सुधार होगा।मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं का दायरा व्यापक है, जिसमें मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसरों की स्थापना तक शामिल है। उन्होंने कहा, ''दिल्ली की जनता ने नयी उम्मीद और नए संकल्प के साथ एक साल पहले यहां 'डबल इंजन' सरकार का गठन किया था, और इसका परिणाम आज इन विकास कार्यों में दिखाई दे रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'डबल-इंजन' शासन मॉडल के तहत, राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्येक परिवहन सुविधा को व्यवस्थित रूप से उन्नत किया जा रहा है ताकि प्रतिदिन बस सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लाखों नागरिकों के लिए स्वच्छ, आरामदायक और आधुनिक यात्रा सुनिश्चित की जा सके। मोदी ने कहा, ''केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई चार हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बस पहले से ही परिचालन में हैं, वहीं पिछले एक वर्ष में ही 1,800 नयी बस लाई गई हैं, जिनमें दिल्ली की कॉलोनियों और मोहल्लों में संपर्क को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई सैकड़ों 'देवी बसें' शामिल हैं।
- नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को उन महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके जीवन और सफर को संवारा है। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता की नींव उन मूल्यों और समर्थन पर टिकी है, जो उन्हें अपने परिवार से मिला।लिंक्डइन पर लिखे एक लेख में अदाणी ने अपनी मां शांताबेन अदाणी के प्रभाव को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे बचपन में मां द्वारा सुनाई गई रामायण जैसे महाकाव्यों की कहानियों ने उनमें साहस, त्याग और कर्तव्य के मूल्यों को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि उन सीखों की गहराई उन्हें तब समझ आई, जब 16 साल की उम्र में उन्होंने अपना करियर बनाने के लिए मुंबई जाने के लिए घर छोड़ा था। अदाणी ने उस मानसिक शक्ति को याद किया जो उनकी मां ने उन्हें एक अनिश्चित भविष्य की ओर कदम बढ़ाने की अनुमति देते समय दिखाई होगी। अदाणी ने अपनी पत्नी प्रीति अदाणी की भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने दंत चिकित्सा का करियर छोड़कर 'अदाणी फाउंडेशन' का नेतृत्व संभाला।उन्होंने बताया कि 'अदानी फाउंडेशन' आज देश के 22 राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है और अब तक एक करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुका है। अदाणी ने अपनी बहुओं, परिधि अदाणी (करण अदाणी की पत्नी) और दीवा अदाणी (जीत अदाणी की पत्नी) की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे परिवार में "नया दृष्टिकोण और नयी ऊर्जा" लेकर आई हैं। साथ ही उन्होंने अपनी पोतियों से मिलने वाली खुशी का भी उल्लेख किया। अपनी व्यावसायिक यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही उद्यमी बड़ी कंपनियों और संपत्तियों के निर्माण में दशकों लगा देते हैं, लेकिन इसका अंतिम उद्देश्य अगली पीढ़ी के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना होता है। अदाणी ने कहा, "मैं हमेशा दो दुनिया... काम और परिवार के बीच रहा हूं। मैंने अपनी पहली दुनिया में जो कुछ भी बनाया है, वह मुझे दूसरी दुनिया से मिलने वाली ताकत के कारण ही संभव हो पाया है।" उन्होंने कहा कि जीवन की सबसे मजबूत नींव कंक्रीट या स्टील से नहीं, बल्कि उन लोगों से बनती है जो हमें एक व्यक्तित्व प्रदान करते हैं। अदाणी ने अपनी मां को संस्कार देने के लिए, पत्नी प्रीति को उनका पथ-प्रदर्शक (विवेक) बनने के लिए, अपनी दोनों बहुओं परिधि और दीवा को परिवार में शक्ति, प्रतिभा और नया दृष्टिकोण लाने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने अपनी पोतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे हर दिन यह याद दिलाती हैं कि हमारा भविष्य अगली पीढ़ी के योग्य होना चाहिए।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर देश की नारी शक्ति को अपनी शुभकामनाएं दीं और भारत की प्रगति को दिशा देने में उनकी बढ़ती भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मैं देश की ‘नारी शक्ति’ को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।”उन्होंने लिखा, “महिला सशक्तिकरण हमारी अलग-अलग योजनाओं और पहलों के केंद्र में है। हम ऐसे अवसर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनसे हर महिला अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और भारत की विकास यात्रा में योगदान दे सके।”एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गर्व का विषय हैं और राष्ट्र निर्माण में बदलाव लाने वाली भूमिका की एक मजबूत याद दिलाती हैं। जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, महिलाओं की उम्मीदें और योगदान एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की ओर हमारी सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे।”प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में किस प्रकार परिवर्तन आया है। उन्होंने देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों के प्रभाव का भी जिक्र किया।वहीं ‘माईगव’ इंडिया से किए गए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा है, “कभी समाज की धारणाएं भारतीय महिलाओं की भूमिका तय करती थीं, लेकिन आज वही महिलाएं विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता, रक्षा और जनसेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण अब केवल सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि महिला-नेतृत्व विकास के माध्यम से भारत की विकास यात्रा में महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”पोस्ट में बताया गया कि 10.5 करोड़ से अधिक ‘उज्ज्वला’ कनेक्शन्स ने धुएं से भरे रसोईघर की मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य और हर दिन लगभग 3 घंटे का अतिरिक्त समय देकर उनके जीवन को आसान बनाया है। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत बने 12 करोड़ से अधिक शौचालयों ने लाखों महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, स्वच्छता और गरिमा की नई शुरुआत सुनिश्चित की है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के 72 प्रतिशत घर महिलाओं के एकल या संयुक्त स्वामित्व में, जो उन्हें सुरक्षित आवास के साथ आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव दे रहे हैं।‘माईगव’ इंडिया के अनुसार, 28 करोड़ से अधिक जन धन खातों के माध्यम से महिलाएं औपचारिक बैंकिंग से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। ‘जीईएम’ के माध्यम से 2 लाख महिला-नेतृत्व वाले एमएसई 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऑर्डर प्राप्त कर उद्यमिता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत कर रहे हैं। 3 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदी’ अपने परिवारों को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को नई ताकत दे रही हैं।इसके अलावा, पंचायती राज संस्थाओं में 14.5 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि, कुल प्रतिनिधियों का लगभग 46 प्रतिशत, निर्णय-निर्माण में महिलाओं की मजबूत भागीदारी और सशक्त लोकतंत्र की मिसाल हैं। file photo
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नई दिल्ली। चाहे वह वोट का अधिकार हो या नारी को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी देवी का स्वरूप मानना, भारत में महिलाओं के अधिकार और सम्मान हमेशा से सर्वोपरि रहे हैं। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आज रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो भी वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से नारी को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है।
‘मोदी आर्काइव’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी का पुराना वीडियो शेयर किया है। यह 2003 की एक सभा का है, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “दुनिया की कुछ सबसे पुरानी डेमोक्रेसी (अमेरिका) को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने में एक सदी से ज्यादा लग गया, जबकि भारत ने 1947 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था।”पोस्ट में लिखा, “यह उस कानून, राष्ट्रीय मिशन, नीतिगत ढांचे और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से पहले की बात थी, जिसने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं। बीस साल पहले, एक मुख्यमंत्री पहले ही सवाल कर रहे थे कि महिलाओं की शक्ति सिर्फ परिवार तक क्यों सीमित रहे? क्यों न यह ग्राम सभा, जिला या हर उस कमरे तक पहुंचे, जहां निर्णय लिए जाते हैं?”एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “2003 में नरेंद्र मोदी ने एक सभ्यता का नजरिया पेश किया, जिसमें कहा गया कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी परंपरा ने स्त्री को भगवान का रूप नहीं दिया है।”‘मोदी आर्काइव’ के पोस्ट में आगे लिखा गया है, “महिला को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में दिखाया गया है, हर एक को भगवान का रूप माना जाता है। समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में आज की बहस से सदियों पहले, भारत ने यह नियम बना लिया था कि नारी शक्ति, या स्त्री शक्ति का आदर और सम्मान किया जाना चाहिए।”इससे पहले, आज रविवार को पीएम मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ को लेकर कहा, “हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।” -
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत मुंबई मेट्रो लाइन-3, जिसे एक्वा लाइन के नाम से जाना जाता है, इसमें दो प्रमुख स्टेशनों मरोल नाका और सीएसएमटी मेट्रो स्टेशन का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
एमएमआरसी के अनुसार, इन दोनों स्टेशनों पर कुल 85 महिला कर्मचारी विभिन्न शिफ्टों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ये कर्मचारी स्टेशन कंट्रोल, टिकटिंग, यात्री सहायता, सुरक्षा, मेंटेनेंस सपोर्ट और हाउसकीपिंग जैसे कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कार्यों को संभाल रही हैं। स्टेशन के रोजमर्रा के संचालन से लेकर यात्रियों को सहायता प्रदान करने तक सभी कार्य महिलाओं के हाथों में हैं, जो उनकी दक्षता और पेशेवर क्षमता को दर्शाता है।बता दें कि महिलाएं केवल स्टेशन संचालन ही नहीं, बल्कि ट्रेन संचालन में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका देखने को मिल रही है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में इस समय 27 महिला ट्रेन ऑपरेटर कार्यरत हैं, जो एक्वा लाइन पर मेट्रो ट्रेनों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं तकनीकी और जिम्मेदारी भरे क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभा सकती हैं।एमएमआरसी में वर्तमान समय में कुल 1,388 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें प्रशासनिक और ऑफिस स्टाफ के अलावा ऑपरेशन, टिकटिंग, हाउसकीपिंग और सुरक्षा सेवाओं में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में समान अवसर दिए जा रहे हैं।मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को खास बनाना है, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं और उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए। इस तरह की पहल से जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा मिलेगा और शहरी परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। महिलाओं को सशक्त होना चाहिए।एमएमआरसी की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सरोजनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कॉलोनियों का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को टाइप-5 के नए घरों की चाबियां सौंपी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रमजीवी महिलाओं के साथ संवाद भी किया।
सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों पर जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाएं, कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों तथा प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।जीपीआरए प्लान के तहत 15,200 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं का पुनर्विकास एक नवोन्मेषी आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के माध्यम से किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्विकास सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना किया जाए। इस मॉडल के तहत सरकार परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय स्थान के लिए विकसित और मुद्रीकृत कर रही है, ताकि पूरी परियोजना का वित्तपोषण किया जा सके। इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल आधुनिक सरकारी आवास, संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्विकास के लिए किया जा रहा है।पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और मुद्रीकरण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।रविवार को दिल्ली में पीएम मोदी लगभग 18,300 करोड़ रुपए के दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे।
















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