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- नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ हमले और तेज करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ये सैन्य कार्रवाई अभी कुछ हफ्तों तक जारी रहेगी और अमेरिका जल्द ही और जोरदार हमले करेगा। देश के नाम संबोधन में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन को बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका और दुनिया को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है। ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य अभियान एक महीने से ज्यादा समय से चल रहा है और अमेरिका ने पहले ही बड़े खतरे को खत्म कर दिया है। उनके अनुसार, “हम इस ऑपरेशन में 32 दिनों से हैं और अब कोई बड़ा खतरा नहीं बचा है।” अभियान की तेजी को दिखाने के लिए ट्रंप ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध और इराक युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन युद्धों के मुकाबले ईरान ऑपरेशन बेहद तेज और प्रभावी रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि लड़ाई के इतिहास में किसी दुश्मन को इतने कम समय में इतना बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह सैन्य ताकत और रणनीतिक स्पष्टता का उदाहरण है।डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उनके बिजली उत्पादन संयंत्रों पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह जंग जरूरी है, हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने पहले संकेत दिया था कि तेहरान की ऐसी मंशा नहीं है। अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने कहा कि यह लड़ाई लगभग खत्म हो चुकी है और अमेरिका अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है।
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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच सरकार ने आज आश्वासन दिया कि देश में सभी प्रकार की फसलों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रमों पर नई दिल्ली में आयोजित अंतरमंत्रालयी बैठक में कृषि और किसान कल्याण विभाग की अपर सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि देश भर में खरीफ फसलों के 185 लाख क्विंटल से अधिक बीज उपलब्ध हैं। अपर सचिव ने कहा कि देश में कृषि रसायनों की भी पर्याप्त उपलब्धता है।
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नई दिल्ली। आज अंतर्राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि पक्षी प्रकृति के संदेशवाहक हैं, जो लोगों को पृथ्वी के नाजुक संतुलन की याद दिलाते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इन अद्भुत पक्षियों का सम्मान करें जो विश्व भर के पारिस्थितिक तंत्रों को जोड़ते हैं। श्री सिंह ने लोगों से पक्षियों के लिए खुले आसमान की रक्षा करने के लिए पर्यावासों का संरक्षण करने, प्लास्टिक कचरा कम करने और स्थानीय हरियाली लगाने का भी आग्रह किया। अंतर्राष्ट्रीय पक्षी दिवस पहली अप्रैल को मनाया जाता है, जब प्रवासी पक्षी सर्दियों के बाद लौटते हैं और प्रकृति जागृत होकर खिलने लगती है।
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नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ समय निकालकर डिब्रूगढ़ स्थित एक चाय बागान पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ समय बागान में काम कर रही महिलाओं के साथ बिताया और उनसे कहा, “आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची है। क्या आपको मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं और बचपन में मैं भी चाय बेचता था।”
पीएम मोदी को अपने बीच पाकर बागान में कार्यरत महिलाएं काफी खुश दिखाई दीं। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी भी ली। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आप लोग तो अब अच्छे फोटोग्राफर भी हैं। पीएम के इस अंदाज पर महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पांच मिनट का वीडियो शेयर किया। पीएम ने लिखा कि बुधवार सुबह डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान में मुझे चाय बागान परिवारों की संस्कृति की झलक देखने को मिली। असम की प्रगति में उनका योगदान बेमिसाल है। प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा कि डिब्रूगढ़ के चाय बागान में महिलाओं ने एक गीत गाया, जो ‘जगत जननी मां’ को नमन करता है। यह सचमुच अद्भुत है कि वे अपनी संस्कृति और अपनी जड़ों से किस कदर जुड़ी हुई हैं। हमें चाय बागान के हर एक परिवार के प्रयासों पर बहुत गर्व है। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने असम का गौरव बढ़ाया है। यहां डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान की कुछ और झलकियां हैं। चाय असम की आत्मा है और यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाई है। बुधवार सुबह डिब्रूगढ़ में मैं एक चाय बागान में गया और वहाँ काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।चाय बागान में पीएम मोदी ने इस दौरान कार्यरत महिलाओं से उनके परिवार का हालचाल भी लिया। पीएम मोदी को महिलाओं ने बताया कि बच्चे स्कूल जाते हैं, एक महिला ने बताया कि उनका बच्चा ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुका है, दूसरी महिला ने कहा कि उनका बच्चा खेलकूद में अपना भविष्य देख रहा है और गांव के मैदान में फुटबॉल खेलता है, इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यह तो बहुत अच्छी बात है।पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा है, इस पर महिलाओं ने दबी आवाज में कहा कि हमें तो आपसे मिलकर काफी घबराहट हो रही थी। पीएम मोदी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि घबराने की क्या जरूरत है, घबराहट तो शुरूआती पांच मिनट के लिए ही होता है। इसके बाद कैसी घबराहट।प्रधानमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से पूछा कि आप लोग बिहू त्योहार के दौरान क्या पकाते हैं। महिलाओं ने इस दौरान बताया कि रीति-रिवाज के अनुसार चीजें बनाई जाती हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस चाय के बागान में एक वक्त में कितनी महिलाएं काम करती हैं। महिलाओं ने जवाब देते हुए कहा कि एक वक्त में कई महिलाएं काम करती हैं, महीने में 24 दिन काम करते हैं और 6 दिन छुट्टी होती है।पीएम मोदी ने जाते हुए सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्या आप लोगों को मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंच गई है। बहुत-बहुत धन्यवाद, आपके साथ मुझे समय बिताकर अच्छा लगा। -
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने आज भारतीय सेना के उप प्रमुख (वीसीओएएस) का पदभार ग्रहण कर लिया। वे खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त किया था। करीब चार दशकों के सैन्य करियर में उन्होंने विभिन्न भू-भागों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवा दी है। इसमें आतंकवाद-रोधी अभियानों का भी व्यापक अनुभव शामिल है, खासकर जम्मू-कश्मीर में। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में बख्तरबंद रेजिमेंट, विकसित क्षेत्र में बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी बल की कमान संभाली है। लेफ्टिनेंट जनरल बनने के बाद उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर का नेतृत्व किया और बाद में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग रहे।
सेना कमांडर के रूप में उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल कमांड की जिम्मेदारी संभालना उनके करियर की विशेष उपलब्धि रही है। लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ पदों पर भी काम किया, जिनमें अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ सेवा और सेना मुख्यालय में अहम जिम्मेदारियां शामिल हैं। उन्होंने क्षमता विकास और आधुनिकीकरण से जुड़े कई प्रमुख पदों पर भी योगदान दिया।उन्होंने भारतीय सेना की दीर्घकालिक रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण रोडमैप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मशीनीकृत बलों और क्षमता विकास से जुड़े कई पदों पर उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने अपने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में सर्वश्रेष्ठ छात्र अधिकारी का सम्मान हासिल किया। इसके अलावा, उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश में फिल्म उद्योग को मजबूत बनाने के लिए कई पहल कर रही है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए NFDC के जरिए काम कर रही है। सरकार की “डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन एंड डिसेमिनेशन ऑफ फिल्मिक कंटेंट (DCDFC)” योजना के तहत फिल्म निर्माण को 100% सरकारी फंडिंग दी जाती है। इस योजना के माध्यम से क्षेत्रीय फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री को भी बढ़ावा मिल रहा है।
नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के जरिए फिल्म निर्माण में सहायता दी जाती है, जिससे देशभर में कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य लोगों को रोजगार मिलता है।सरकार ने मुंबई में “वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES 2025)” का आयोजन भी किया। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक कंटेंट निर्माण का केंद्र बनाना है। इस कार्यक्रम में 100 से ज्यादा देशों के निर्माता, निवेशक और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ शामिल हुए।इसके अलावा, सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे फिल्म निर्माण में निवेश और नई तकनीक को बढ़ावा मिले।सरकार राज्यों के साथ मिलकर फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने में भी सहायता देती है। इन फेस्टिवल में फिल्म प्रदर्शन, वर्कशॉप और मास्टरक्लास का आयोजन किया जाता है। NFDC राज्य फिल्म विकास निगमों के साथ मिलकर तकनीकी सहायता भी प्रदान कर रहा है और स्थानीय फिल्मों को संरक्षित करने का काम कर रहा है। सरकार का कहना है कि इन पहलों से भारत का फिल्म उद्योग मजबूत होगा और वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान और बढ़ेगी। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की पहल पर देश में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए जोनल कॉन्फ्रेंसों की श्रृंखला शुरू होने जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य कृषि नीति, विज्ञान और जमीनी अनुभव को एक मंच पर लाना है।
कॉन्फ्रेंसों की शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पश्चिमी जोन के सम्मेलन से होगी। इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 17 अप्रैल को लखनऊ में उत्तर भारत के राज्यों के लिए सम्मेलन होगा, जबकि 24 अप्रैल को भुवनेश्वर में पूर्वी जोन की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद मई में हैदराबाद और गुवाहाटी में भी सम्मेलन होंगे।इन जोनल कॉन्फ्रेंसों का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। इसमें आत्मनिर्भर दलहन मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, प्राकृतिक खेती मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सम्मेलनों में नीति निर्माताओं के साथ-साथ वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान, किसान संगठन, एफपीओ, स्टार्टअप और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इससे जमीनी अनुभव और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण किया जा सकेगा।बैठकों में विभिन्न राज्यों के सफल कृषि मॉडल—जैसे सिंचाई, उर्वरक वितरण, एग्री-स्टैक और मूल्य श्रृंखला प्रबंधन—को साझा किया जाएगा, ताकि अन्य राज्य भी इन्हें अपनाकर कृषि विकास को गति दे सकें।शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि इन कॉन्फ्रेंसों से कृषि क्षेत्र में नवाचार, निवेश और तकनीक अपनाने की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय, उत्पादकता और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। -
नयी दिल्ली. करीब सात साल के बाद भारत को ईरान से कच्चा तेल जल्द मिलने की संभावना है। ईरानी तेल से लदा एक जहाज गुजरात के वाडिनार बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा है। जहाजों की निगरानी करने वाले आंकड़ों के मुताबिक, 'पिंग शुन' नामक यह जहाज लगभग छह लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत की तरफ बढ़ रहा है। जिंस विश्लेषण फर्म केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया ने कहा कि यह मई, 2019 के बाद भारत को ईरानी तेल की पहली आपूर्ति हो सकती है। उन्होंने बताया कि हाल में 'समुद्र में मौजूद' ईरानी तेल की खरीद के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा 30 दिन की छूट दिए जाने के बाद ही यह आपूर्ति संभव हुई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस जहाज में मौजूद कच्चे तेल का खरीदार कौन है। लेकिन इस जहाज का गंतव्य वाडिनार में स्थित नायरा एनर्जी की रिफाइनरी हो सकती है। वाडिनार बंदरगाह भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बीना रिफाइनरी सहित अन्य इकाइयों के लिए भी आपूर्ति का केंद्र है। पेट्रोलियम मंत्रालय अब तक यह कहता रहा है कि ईरान से तेल खरीद दोबारा शुरू करने का फैसला तकनीकी एवं व्यावसायिक व्यवहार्यता के आधार पर किया जाएगा। भारत ऐतिहासिक तौर पर ईरानी तेल का बड़ा खरीदार रहा है। एक समय भारत के कुल आयात में ईरान की हिस्सेदारी करीब 11.5 प्रतिशत थी। वर्ष 2018 में भारत ने प्रतिदिन करीब 5.18 लाख बैरल ईरानी तेल का आयात किया था, जो मई, 2019 तक घटकर 2.68 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। फिर ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल का आयात पूरी तरह बंद हो गया था। रितोलिया ने कहा, ''मार्च महीने की शुरुआत में 'पिंग शुन' जहाज ने ईरान के खार्ग द्वीप से तेल भरा था। इसके चार अप्रैल को वाडिनार बंदरगाह पर आने पर अनुमान है।'' अमेरिका ने हाल में ईरानी तेल की समुद्र में मौजूद खेप की खरीद पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट दी थी जो 19 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी। यह कदम अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण बढ़ी कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास के तहत उठाया गया। अनुमान है कि समुद्र में मौजूद ईरानी तेल की कुल मात्रा करीब 9.5 करोड़ बैरल है, जिसमें से लगभग 5.1 करोड़ बैरल भारत को बेचा जा सकता है, जबकि बाकी तेल चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के खरीदारों के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। हालांकि, इस तेल खरीद के भुगतान की व्यवस्था अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। दरअसल, ईरान वैश्विक बैंकिंग नेटवर्क 'स्विफ्ट' से बाहर है। पहले भारत ने तुर्किये के एक बैंक के जरिये यूरो में भुगतान किया था, लेकिन अब वह विकल्प भी उपलब्ध नहीं है।
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नयी दिल्ली. साहित्योत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को भारतीय भाषाओं के कुल 24 लेखकों और कवियों को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कमानी सभागार में आयोजित समारोह में पुरस्कार पाने वालों में अंग्रेजी लेखक और पूर्व राजदूत नवतेज सरना शामिल थे, जिन्हें उनके उपन्यास 'क्रिमसन स्प्रिंग' के लिए पुरस्कार मिला और हिंदी लेखिका ममता कालिया को उनके संस्मरण 'जीते जी इलाहाबाद' के लिए पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार विजेताओं को एक पट्टिका, शॉल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।
कवि और साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि योग्य व्यक्तियों को सम्मानित करना समाज का कर्तव्य है, अन्यथा समाज मूल्यों से विरक्त हो जाएगा। तिवारी ने अपने संबोधन में कहा, ''योग्य व्यक्तियों को पुरस्कार देना और सम्मानित करना समाज का दायित्व है। जो समाज योग्य व्यक्तियों का सम्मान नहीं करता, वह धीरे-धीरे मूल्यों से विरक्त हो जाता है और अंततः ढह जाता है। चूंकि समाज स्वयं एक अमूर्त अवधारणा है, इसलिए इसके प्रतिनिधियों पर यह दायित्व आता है।'' उन्होंने कहा कि साहित्य की रचना करने वाले सम्मान के पात्र हैं क्योंकि वे केवल अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज की सेवा करते हैं। अन्य पुरस्कार विजेताओं में प्रसून बंद्योपाध्याय शामिल हैं, जिन्हें बांग्ला में 'श्रेष्ठ कविता' के लिए सम्मानित किया गया। योगेश वैद्य को गुजराती में 'भट्ठखाडकी', अमरेश नुगडोनी को कन्नड़ में 'दादा सीरिसु तंदे' और एन. प्रभाकरण को मलयालम में 'मायामनुष्यर' के लिए पुरस्कार मिला। इसके अलावा, राजू बाविस्कर को मराठी में 'कल्याणील्या रेशा', जिंदर को पंजाबी में 'सेफ्टी किट', जितेंद्र कुमार सोनी को राजस्थानी में 'भरखमा' और सा. तमिलसेलवन को तमिल में 'तमिज सिरुकथैयिन थडंगल' के लिए सम्मानित किया गया। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को संक्रमण से ठीक होने के बाद मंगलवार सुबह सर गंगा राम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने यह जानकारी दी। सोनिया गांधी को बुखार की शिकायत के बाद 24 मार्च की रात करीब 10:20 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, अस्पताल में सात दिन उनका उपचार किया गया। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार सोनिया गांधी (79) का, एक गंभीर संक्रमण के लिए इलाज किया गया और एंटीबायोटिक दवाओं से उन्हें काफी फायदा हुआ। जब रोगाणु रक्तप्रवाह में प्रवेश करते हैं और एक ही स्थान पर रहने के बजाय पूरे शरीर में फैल जाते हैं, तो इसे 'सिस्टमिक इंफेक्शन' कहते हैं। चिकित्सकों ने बताया कि वह अब ठीक हो गई हैं और घर पर ही उनका आगे का इलाज होगा।
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नयी दिल्ली. नए आयकर कानून और अन्य बजटीय प्रावधान एक अप्रैल से लागू होंगे। इन बजटीय प्रावधान में वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) व्यापार पर उच्च प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) और चिकित्सा तथा शिक्षा उद्देश्यों के लिए विदेशी पर्यटन पैकेज एवं एलआरएस प्रेषणों पर कम टीसीएस शामिल हैं। इसके अलावा, भारत में डेटा सेंटर सेवाएं लेने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक 20 वर्ष की कर छूट और सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए 'सेफ हार्बर' प्रावधानों की सीमा बढ़ाने से संबंधित बजट घोषणाएं भी वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ बुधवार से प्रभावी हो जाएंगी। आयकर अधिनियम, 2025 एक अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेगा। नए कानून का उद्देश्य उसी कर नीति को अधिक तार्किक, सुलभ एवं पाठक-अनुकूल प्रारूप में प्रस्तुत करना है। आयकर विभाग ने कहा कि बदलाव अवधि के दौरान उसका ई-फाइलिंग मंच पुराने और नए दोनों आयकर कानूनों के तहत अनुपालन की सुविधा देगा। साथ ही, पिछले वर्षों से संबंधित सभी आकलन, अपील एवं अन्य कार्यवाही अंतिम निपटान तक पुराने कानून के तहत ही जारी रहेंगी। आकलन वर्ष 2026-27 (जो पुराने कानून की अवधि से संबंधित है) के लिए जुलाई 2026 में रिटर्न दाखिल करने वाले करदाता पुराने कानून के तहत निर्धारित प्रपत्रों का ही उपयोग करेंगे। कर वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम कर भुगतान जो जून 2026 से शुरू होगा..उसे नए कानून के अनुसार किया जाएगा। आयकर अधिनियम, 2025 में आकलन वर्ष और पूर्व वर्ष के अंतर को समाप्त कर एकल 'कर वर्ष' व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही, समय सीमा के बाद आयकर रिटर्न दाखिल होने पर भी टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) की वापसी बिना किसी दंड शुल्क के लेने की अनुमति दी गई है। एक अप्रैल से लागू होने वाला एक अन्य बड़ा बदलाव वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) सौदों पर एसटीटी में वृद्धि है। वायदा अनुबंधों पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़कर 0.05 प्रतिशत हो जाएगा। विकल्प प्रीमियम एवं विकल्प के प्रयोग पर एसटीटी क्रमशः 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़कर 0.15 प्रतिशत हो जाएगा। एसटीटी में यह बढ़ोतरी इक्विटी बाजार के एफएंडओ खंड में सट्टेबाजी को सीमित करने और छोटे निवेशकों को भारी नुकसान से बचाने के उद्देश्य से की गई है। इक्विटी डेरिवेटिव (एफएंडओ) खंड में कारोबार करने वाले व्यक्तिगत निवेशकों की संख्या 2024-25 में 1.06 करोड़ थी जो 2025-26 में (30 दिसंबर 2025 तक) घटकर लगभग 75.43 लाख रह गई। सेबी के अध्ययन 'इक्विटी डेरिवेटिव खंड में वृद्धि बनाम नकद बाजार' के अनुसार, 2024-25 में व्यक्तिगत निवेशकों को 1.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध नुकसान हुआ। विदेशी यात्रा पैकेज और उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत चिकित्सा व शिक्षा के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस (स्रोत पर एकत्रित कर) में कमी का उद्देश्य मध्यम वर्ग को राहत देना है। विदेशी यात्रा पैकेज पर टीसीएस 20 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। चिकित्सा और शिक्षा के लिए प्रेषण पर टीसीएस पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत होगा। इसके अलावा, बजट में घोषित 20 वर्ष की कर छूट से घरेलू डेटा सेंटर कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि इससे वे वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं देते समय उनकी विदेशी आय पर भारत में कर लगने के जोखिम से बच सकेंगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में यह प्रावधान किया गया है कि भारत में डेटा सेंटर सेवाएं लेने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक 20 वर्ष की कर छूट मिलेगी, जिससे उनकी वैश्विक आय पर भारतीय कर अधिकारियों द्वारा कर लगाए जाने की आशंकाएं दूर होंगी। चाहे कोई वैश्विक कंपनी भारत में अपना डेटा सेंटर स्थापित करे या किसी भारतीय डेटा सेंटर से सेवाएं ले, दोनों स्थितियों में कर व्यवस्था समान रहेगी जिससे प्रतिस्पर्धा के लिए समान अवसर सुनिश्चित होगा। भारत में प्रभावी कॉरपोरेट कर दर 25.17 प्रतिशत है। इसके साथ ही आईटी सेवाओं के लिए 'सेफ हार्बर' सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे आईटी/आईटीईएस क्षेत्र को अधिक निश्चितता मिलेगी एवं मुकदमेबाजी में कमी आने की उम्मीद है। आईटी सेवाओं के लिए 'सेफ हार्बर' एक कर व्यवस्था है जो ''ट्रांसफर प्राइसिंग'' विवादों को कम करने के लिए बनाई गई है। कोई भारतीय आईटी कंपनी जिस कीमत पर अपनी किसी विदेशी शाखा को सेवाएं बेचती है उसे ''ट्रांसफर प्राइसिंग'' कहते हैं।
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नयी दिल्ली. डॉ. प्रतिभा राय (उड़िया), लख्मी खिलाणी (सिंधी) तथा अब्दुस समद (उर्दू) को साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता प्रदान की जाएगी। साहित्य अकादमी की सामान्य परिषद की 30 मार्च 2026 को हुई बैठक में महत्तर सदस्यता प्रदान करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। साहित्य अकादमी द्वारा मंगलवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।
साहित्य अकादमी महत्तर सदस्यता, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत साहित्य अकादमी द्वारा प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है। यह एक दुर्लभ सम्मान है, जो सामान्यतः भारतीय साहित्य की अमर विभूतियों के लिए आरक्षित है।
विज्ञप्ति में बताया गया कि पद्म भूषण से अलंकृत डॉ. प्रतिभा राय एक विख्यात उड़िया लेखिका, विदुषी हैं। उनके सृजन का भंडार पचास से अधिक कृतियों का विशाल संग्रह है। उनके दीर्घ एवं गौरवपूर्ण साहित्यिक जीवन में उन्हें पद्म भूषण, ज्ञानपीठ पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा सारला पुरस्कार सहित अनेक सम्मान, पुरस्कार एवं अभिनंदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार, लख्मी खिलाणी (लख्मीचंद भीर्योमल खिलाणी) एक प्रतिष्ठित सिंधी कथाकार, नाटककार, अनुवादक, संपादक एवं विद्वान हैं। उनकी प्रकाशित रचनाओं में दो दर्जन से अधिक कृतियाँ तथा असंख्य लेख सम्मिलित हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार सहित अन्य अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। बयान में बताया गया कि अब्दुस समद एक प्रख्यात उर्दू लेखक एवं कवि हैं। उनके सृजन का कोश दो दर्जन से अधिक कृतियों का समृद्ध भंडार है। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, ग़ालिब पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद पुरस्कार तथा उर्दू अकादमी के 'लाइफ़ टाइम अचीवमेंट' पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। साहित्य अकादमी द्वारा इन विभूतियों को यह महत्तर सदस्यता एक विशेष समारोह में बाद में प्रदान की जाएगी। -
नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस मंगलवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। पार्टी पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। पेस ने केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। टेनिस स्टार ने हाल ही में कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी, जिससे उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। पेस वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे और उन्होंने 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी के लिए प्रचार किया था। हालांकि, उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को बिहार के नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ पर शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति मुर्मु के आधिकारिक कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”बिहार के नालंदा में एक मंदिर में हुई भगदड़ में अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं सभी शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं कामना करती हूं।”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के कार्यालय ने नालंदा हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ” बिहार के नालंदा में भगदड़ के कारण हुई जानमाल की दुखद हानि से मैं अत्यंत आहत हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं प्रार्थना करता हूं।”इससे पहले पीएम मोदी ने नालंदा के शीतला माता मंदिर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। वही, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के लिए छह लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की।नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में मां शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान अत्यधिक भीड़ होने के कारण अचानक स्थिति अनियंत्रित हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आठ से दस लोग घायल हो गए।इस बीच इस घटना के बाद कर्तव्यहीनता के आरोप में दीपनगर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद नालंदा जिला पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया। घायलों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को बिहार के नालंदा के शीतला माता मंदिर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इसमें जान गंवाने वाले पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इस भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) ने पीएम मोदी के हवाले से लिखा, ”बिहार के नालंदा जिले में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मैं उन लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ” नालंदा (बिहार) के माता शीतला मंदिर में हुई भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। साथ ही मैं सभी घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में लिखा, ”बिहार के नालंदा के शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ की दुखद घटना में श्रद्धालुओं के निधन और घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।”लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी हादसे पर दुख जताते हुए लिखा, ” नालंदा (बिहार) के माता शीतला मंदिर में हुई भगदड़ की घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। साथ ही मैं सभी घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”नालंदा के मघड़ा मेले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जहां प्रसिद्ध माता शीतला के मंदिर में अचानक भगदड़ मचने की घटना में सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के लिए छह लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है। -
नई दिल्ली। बिहार के नालंदा जिले के प्राचीन शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह भगदड़ मचने से कम से कम आठ महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि भारी भीड़ के कारण यह हादसा हुआ। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई।घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। कुछ लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई, जबकि कुछ ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।बिहारशरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक नूरुल हक ने कहा, “मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ के दौरान कम से कम आठ श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।” उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान की जा रही है।नालंदा के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शुभम कुमार ने कहा कि मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण यह हादसा हुआ होगा। आठ लोगों की मौत हुई है और पांच से अधिक घायल हैं।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दे रही है और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है।उन्होंने ‘एक्स’पोस्ट कर कहा, “नालंदा के शीतला माता मंदिर में हुई घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत उपलब्ध करा रही है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संबल प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”नेता प्रतिपक्ष ने लगाया प्रशासनिक कुप्रबंधन का आरोपवहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे “प्रशासनिक कुप्रबंधन” का परिणाम बताते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच और पीड़ितों के लिए तत्काल सहायता की मांग की। उन्होंने कहा, “प्रशासनिक कुप्रबंधन के कारण हुई इस घटना में श्रद्धालुओं की मौत बेहद दुखद है। दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं प्रार्थना करता हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।” उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने, मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता देने तथा घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। -
नयी दिल्ली. महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को लोगों से जनगणना करने वालों को सही जानकारी देने की अपील करते हुए आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा तथा इसे किसी साक्ष्य या किसी योजना का लाभ लेने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। दिल्ली समेत देश के कुछ राज्यों में अप्रैल में 16वीं जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले नारायण ने यहां संवादाता सम्मेलन में कहा कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत सभी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई तक होगा।
उन्होंने कहा, "जनगणना के दौरान एकत्र किया गया सभी व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहता है। इसे सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संगठन के साथ साझा नहीं किया सकता है। इसे अदालत में साक्ष्य के रूप में उपयोग भी नहीं किया जा सकता है ।" उन्होंने कहा कि सांख्यिकीय डेटा का उपयोग केवल सारणीबद्ध करने के लिए किया जाएगा।जाति को जनगणना में शामिल करने और लोगों द्वारा सही जानकारी नहीं दिए जाने की आशंका के बारे में पूछे जाने पर महापंजीयक और जनगणना आयुक्त ने कहा कि जाति से संबंधित डेटा दूसरे चरण में एकत्र किया जाएगा और इसके प्रश्न व्यापक चर्चा के बाद तय किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "जाति से संबंधित सूचना कैसे एकत्र किये जाएं, इस बारे में कई सुझाव आए हैं। उन सभी पर विचार किया जाएगा और प्रश्नों को अंतिम रूप देने से पहले सबसे अच्छे सुझाव को सामने रखा जाएगा।" महापंजीयक ने कहा, "व्यक्तिगत जानकारी का किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। केवल समग्र सांख्यिकीय जानकारी ही सार्वजनिक की जाती है।" उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत डेटा का उपयोग किसी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है, इसलिए इसके दुरुपयोग की आशंका निराधार है। जाति आधारित अंतिम व्यापक गणना 1881 और 1931 के बीच की गई थी। स्वतंत्रता के बाद से सभी जनगणनाओं से जाति को बाहर रखा गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति ने पिछले साल 30 अप्रैल को आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया था। नारायण ने कहा कि भारतीय एजेंसियों द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप डिजिटल सुरक्षा के लिए कड़े उपाय किए गए हैं । उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान कोई भी दस्तावेज नहीं लिया जायेगा।उन्होंने कहा, "इसमें किसी भी तरह की हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं है। लोगों के पास स्व गणना करने का विकल्प है; स्व गणना पूरी होने के बाद भी उसकी पुष्टि करने के वास्ते एक गणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेगा। हर छह गणक पर एक पर्यवेक्षक होता है, जिससे किसी भी तरह की हेराफेरी को रोकने के लिये यह दोहरी सुरक्षा प्रक्रिया बन जाती है।'' नारायण ने बताया कि जनगणना में पहली बार स्व-गणना की व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे लोगों को आवास सूचीकरण और आवास गणना के पहले चरण से पहले, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अधिसूचित 15 दिनों की अवधि के दौरान डिजिटल रूप से अपनी जानकारी जमा करने की अनुमति मिलेगी। आवास सूचीकरण अभियान (एचएलओ) इस वर्ष एक अप्रैल एवं 30 सितंबर के बीच हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्दिष्ट 30 दिनों की अवधि के दौरान होगा। आवास सूचीकरण अभियान शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में स्व-गणना करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। दिल्ली में, एचएलओ का चरण 30-30 दिनों के दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली छावनी क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगी, जबकि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) क्षेत्र में यह 16 मई से 15 जून तक चलेगी। एनडीएमसी और दिल्ली छावनी क्षेत्रों के लिए स्व-गणना एक अप्रैल से शुरू होगी, जबकि एमसीडी के लिए यह एक मई से 15 मई तक चलेगी। दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अप्रैल में जनगणना का पहला चरण शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी की है, 15 राज्य मई में शुरू करेंगे और 10 राज्य जून या उसके बाद शुरू करेंगे। नारायण ने कहा, "एक बार डेटा का मिलान और प्रमाणीकरण हो जाने पर, प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।"उन्होंने कहा कि स्व गणना करने वाले व्यक्ति को गणकों के दौरे के दौरान किसी भी गलत डेटा को सुधारने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, "पहले डेटा कागज पर एकत्र किया जाता था, जिससे डिजिटलीकरण में काफी समय लगता था। हम अब शुरु से ही डिजिटल डेटा एकत्र करेंगे, इसलिए हम बहुत जल्दी डेटा जारी कर सकेंगे। कई डेटा सेट 2027 में ही प्रकाशित किए जाएंगे।" नारायण ने कहा कि यह सुविधा केवल देश में रहने वाले लोगों के लिए उपलब्ध होगी, विदेश में रहने वालों के लिए नहीं। महापंजीयक और जनगणना आयुक्त ने यह भी बताया कि डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र किया जाएगा, और एक वेब पोर्टल जनगणना और आवास सूचीकरण की विभिन्न गतिविधियों की निगरानी व प्रबंधन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी को अद्यतन किये जाने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है और इसका निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से कोई संबंध नहीं है। नारायण ने कहा कि जनगणना के पहले चरण में आवास की स्थिति से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे और इस चरण में जाति या धर्म सहित कोई भी व्यक्तिगत जानकारी एकत्र नहीं की जाएगी। एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, पहले चरण के दौरान अधिकारी परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, सर्वेक्षण किए जा रहे मकान के स्वामित्व की स्थिति, परिवार के पास विशेष रूप से मौजूद रहने के कमरों की संख्या, और घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या सहित अन्य कई सवालों के बारे में जानकारी एकत्र करेंगे। वर्ष 2021 में होने वाली दशकीय जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।महापंजीयक ने 33 प्रश्नों की सूची जारी की है, जो जनगणना के पहले चरण - परिवार सूचीकरण और आवास गणना - के दौरान नागरिकों से पूछे जाएंगे। -
नयी दिल्ली. नौसेना को सोमवार को सरकारी स्वामित्व वाली गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित तीन नये जहाज प्राप्त हुए। दूनागिरि, संशोधक और अग्रय नाम के इन जहाजों से नौसेना की समग्र युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। दूनागिरि, प्रोजेक्ट 17ए के तहत नीलगिरी श्रेणी का पांचवां जहाज है और इस श्रेणी का दूसरा पोत भी है। प्रोजेक्ट 17ए के अंतर्गत बनाए गए ये जहाज बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें समुद्री क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस जहाज का नाम पुराने आईएनएस दूनागिरि से लिया गया है, जो एक लीएंडर श्रेणी का फ्रिगेट था और 1977 से 2010 तक भारतीय नौसेना के बेड़े का हिस्सा रहा। नौसेना के अनुसार, इस पोत में ब्रह्मोस मिसाइल, रॉकेट और टॉरपीडो जैसे शक्तिशाली हथियारों का समावेश किया गया है। जहाज "संशोधक" एक सर्वेक्षण पोत। यह बंदरगाहों के तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों का पूर्ण स्तर पर हाइड्रोग्राफिक सर्वे करने में सक्षम है। 110 मीटर लंबाई वाले संशोधक में अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरण लगे हैं। इसी श्रेणी के अन्य जहाज़—आईएनएस संधायक, आईएनएस निर्देशक और आईएनएस इक्षाक—को क्रमशः फरवरी 2024, दिसंबर 2024 और नवंबर 2025 में सेवा में शामिल किया गया था। अग्रय आठ अर्नाला श्रेणी के पनडुब्बी रोधी उथले जल पोतों में से चौथा है। इस पोत का नाम पूर्ववर्ती आईएनएस अग्रय से लिया गया है, जो एक गश्ती पोत था और जिसे 2017 में सेवामुक्त कर दिया गया था। नौसेना ने एक बयान में कहा कि यह पोत घरेलू रक्षा विनिर्माण प्रणाली की बढ़ती मजबूती और आयात पर निर्भरता कम करने के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। तीनों पोतों को कोलकाता में नौसेना को सौंप दिया गया।
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इंदौर (मध्यप्रदेश). चिकित्सा जगत के दुर्लभ मामले में इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में 27 वर्षीय महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया है और उच्च जोखिम वाले इस प्रसव के बाद जच्चा व तीनों नवजात शिशु स्वस्थ हैं। अस्पताल के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े अस्पताल में 27 वर्षीय महिला ने दो लड़कियों और एक लड़के को रविवार (29 मार्च) को सामान्य तरीके से जन्म दिया। महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. रुचि जोशी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, " प्रसव से पहले महिला की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में उसके गर्भ में केवल दो बच्चे दिखाई दे रहे थे। उसने पहले दो लड़कियों को जन्म दिया। तभी हमें लगा कि उसके गर्भ में एक बच्चा और है। बाद में उसने एक लड़के को जन्म दिया।" उन्होंने बताया कि प्रसव के तय समय से पहले पैदा हुए तीनों बच्चों का वजन 1.70 किलोग्राम से 1.90 किलोग्राम के बीच है और जन्म के तुरंत बाद से उन्हें विशेष देखभाल प्रदान की जा रही है। डॉ. जोशी ने बताया, "जच्चा और तीनों बच्चे फिलहाल स्वस्थ हैं। उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।" उन्होंने बताया कि इंदौर के पास स्थित पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की रहने वाली महिला दूसरी बार मां बनी है और उसकी एक बेटी पहले से है।
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नई दिल्ली। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जंयती पर आज मंगलवार को देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आज को गुजरात में महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी समेत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सीएम योगी आदित्यनाथ तथा अन्य कई मुख्यमंत्रियों ने भी महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, “भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पवित्र अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को प्रकाशित करती रहती हैं। उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दयालुता पर उनका जोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी की याद दिलाता है।”एक अन्य पोस्ट में लिखा है, “सत्य, सद्भाव, सद्व्यवहार और समानता पर आधारित भगवान महावीर के संदेशों में अद्भुत प्रेरणा है। उनके महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। श्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चैवावधार्यताम्। आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्॥”केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “समस्त देशवासियों को महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। त्याग, सत्य, अहिंसा के प्रतीक भगवान महावीर ने अपनी तपस्या से संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। उनके विचार पीढ़ियों को मार्ग दिखाते रहेंगे।”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की पावन जयंती की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और करुणा के शाश्वत सिद्धांतों से संपूर्ण विश्व को आलोकित करने वाली भगवान महावीर की शिक्षाएं मानवता के लिए अमर पाथेय हैं।”राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “शांति, त्याग और संयम के प्रतीक भगवान महावीर की जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! आइए, हम सब मिलकर उनके ‘अहिंसा परमो धर्म’ और ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को आत्मसात करें और एक बेहतर समाज का निर्माण करें।”मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भगवान महावीर की जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य के सिद्धांत के माध्यम से उन्होंने लोककल्याण की पावन प्रेरणा प्रदान की। उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं।”दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आप सभी को महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ। अहिंसा, सत्य और “जियो और जीने दो” का मार्ग दिखाने वाले भगवान महावीर स्वामी का जीवन शांति और करुणा की प्रेरणा देता है। प्रभु के सिद्धांत मानवता का मार्ग सदैव प्रशस्त करते रहें।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अहिंसा परमो धर्म: अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अहिंसा, करुणा और सत्य के प्रतीक, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की पावन जयंती पर समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान महावीर के दिव्य उपदेश मानवता को अहिंसा, आत्मसंयम, सदाचार और सामाजिक समरसता के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को श्रेष्ठ, अनुशासित एवं सार्थक बनाने की प्रेरणा देते हैं।”उन्होंने आगे लिखा कि उनका तप, त्याग और करुणा से ओत-प्रोत जीवन मानव-कल्याण की आधारशिला है। उनकी अमूल्य शिक्षाएं सदैव मानवता को नैतिकता और संयम का मार्ग दिखाती रहेंगी। -
नई दिल्ली। नीलगिरी श्रेणी (प्रोजेक्ट 17ए) के पांचवें और इस श्रेणी के दूसरे युद्धपोत, दूनागिरी (यार्ड 3023), को 30 मार्च 2026 को कोलकाता स्थित जीआरएसई में भारतीय नौसेना को सौंपा गया। इसका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) में किया गया है। यह युद्धपोत डिजाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट बहुमुखी बहु-मिशन प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें समुद्री क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।
दूनागिरी, पूर्व में भारतीय नौसेना के बेड़े का हिस्सा रहे लिएंडर श्रेणी के फ्रिगेट आईएनएस दूनागिरी का नवीनतम स्वरूप है, जिसने 5 मई 1977 से 10 अक्टूबर 2010 तक 33 वर्षों तक राष्ट्र को गौरवशाली सेवा प्रदान की। यह अत्याधुनिक फ्रिगेट नौसेना डिजाइन, स्टील्थ, मारक क्षमता, स्वचालन और उत्तरजीविता में अभूतपूर्व प्रगति का प्रतीक है और युद्धपोत निर्माण मेंआत्मनिर्भरता का एक प्रशंसनीय उदाहरण है।युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) द्वारा डिजाइन किए गए और युद्धपोत निरीक्षण दल (कोलकाता) द्वारा पर्यवेक्षित पी17ए फ्रिगेट स्वदेशी जहाज डिजाइन, स्टील्थ, उत्तरजीविता और युद्ध क्षमता में एक पीढ़ीगत उपलब्धि का प्रतीक हैं। एकीकृत निर्माण के सिद्धांत से प्रेरित इस युद्धपोत का निर्माण और वितरण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया गया है।पी17ए युद्धपोतों में पी17 (शिवालिक) श्रेणी के युद्धपोतों की तुलना में उन्नत हथियार और सेंसर लगे हैं । ये युद्धपोत संयुक्त डीजल या गैस (सीओडीओजी) प्रणोदन संयंत्रों से लैस हैं, जिनमें एक डीजल इंजन और एक गैस टरबाइन शामिल हैं जो प्रत्येक शाफ्ट पर एक नियंत्रणीय पिच प्रणोदक (सीपीपी) को संचालित करते हैं और अत्याधुनिक एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) से सुसज्जित हैं। शक्तिशाली हथियार और सेंसर में ब्रह्मोस एसएसएम, एमएफस्टार और एमआरएसएएम कॉम्प्लेक्स, 76 मिमी एसआरजीएम, और 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन हथियार प्रणाली का संयोजन, साथ ही पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए रॉकेट और टॉरपीडो शामिल हैं।दूनागिरी पिछले 16 महीनों में भारतीय नौसेना को सौंपे जाने वाला पांचवां पी17ए युद्धपोत है। पहले चार पी17ए युद्धपोतों के निर्माण से प्राप्त अनुभवों के आधार पर दूनागिरी के निर्माण की अवधि को 80 महीनों तक कम किया गया है, जबकि इसी श्रेणी के पहले युद्धपोत (नीलगिरी) के निर्माण में 93 महीने लगे थे।दूनागिरी की सुपुर्दगी देश की डिजाइन, जहाज निर्माण और इंजीनियरिंग क्षमता को प्रदर्शित करती है, और जहाज डिजाइन और जहाज निर्माण दोनों में आत्मनिर्भरता पर नौसेना के अटूट समर्पण को दर्शाती है।75 प्रतिशत स्वदेशीकरण के साथ, इस परियोजना में 200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यम शामिल हैं और इसने प्रत्यक्ष रूप से लगभग 4,000 कर्मियों और अप्रत्यक्ष रूप से 10,000 से अधिक कर्मियों के लिए रोजगार सृजन को सक्षम बनाया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भगवान महावीर की जयंती पर गांधीनगर के कोबा तीर्थ में स्थित सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। इससे पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद, पीएम मोदी ने दीर्घाओं का भ्रमण किया और विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया, जिनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्र, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल थीं।अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय में विशाल हॉल में 2,000 से अधिक दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जो जैन दर्शन और प्रथाओं से जुड़ी सदियों पुरानी धरोहरों और पारंपरिक संग्रहों को संरक्षित करती हैं। गैलरियों में पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ मिलाकर आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव प्रदान किया गया है।अधिकारियों के अनुसार, संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है और इसका उद्देश्य आगंतुकों को समय के साथ धर्म के विकास की गहरी समझ प्रदान करना है। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट संप्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।आपको बता दें, महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खंड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के निधन पर दुख जताया और उनके व्यक्तिगत संबंध और भारत और सूरीनाम के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में संतोखी की भूमिका को याद किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मेरे दोस्त और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति, चंद्रिका प्रसाद संतोखी जी के अचानक निधन से बहुत सदमा लगा है और दुखी हूं। यह न केवल सूरीनाम के लिए बल्कि दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय के लिए भी एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।”
अपनी बातचीत के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे उनके साथ हुई कई मुलाकातें अच्छी तरह याद हैं। सूरीनाम के लिए उनकी बिना थके सेवा और भारत-सूरीनाम के संबंधों को मजबूत करने की उनकी कोशिशें हमारी बातचीत में साफ दिखती थीं। उन्हें भारतीय संस्कृति से खास लगाव था। जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया।”पीएम मोदी ने आगे कहा, “इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ओम शांति।” प्रधानमंत्री ने दिवंगत नेता के साथ अपनी पिछली मुलाकातों की तस्वीरें भी शेयर कीं।सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का 67 साल की उम्र में निधन हो गया है। स्थानीय मीडिया की तरफ से मंगलवार (भारतीय समयानुसार) को इस घटना की जानकारी दी गई। हालांकि, उनकी मौत का कारण नहीं बताया गया। पूर्व राष्ट्रपति संतोखी का भारत के बिहार राज्य के साथ एक खास कनेक्शन भी रहा है।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति का सोमवार को अचानक निधन हो गया। देश की वर्तमान राष्ट्रपति जेनिफर सिमंस ने 67 वर्ष के संतोखी के निधन की पुष्टि की। संतोखी 2020 से 2025 तक राष्ट्रपति के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। वह प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के नेता भी थे और इससे पहले देश में न्यायिक मंत्री का पद संभाल चुके थे।सूरीनाम के वानिका जिले के लेलीडॉर्प में जन्मे संतोखी एक इंडो-सूरीनाम हिंदू परिवार से थे और नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके दादा-दादी 19वीं सदी में बिहार से बंधुआ मजदूर के तौर पर आए थे। उनके पिता पारामारिबो में बंदरगाह पर काम करते थे, जबकि उनकी मां एक दुकान में सहायक के तौर पर काम करती थीं। कानून प्रवर्तन में अपने शुरुआती करियर की वजह से, उन्हें ‘शेरिफ’ निकनेम मिला।संतोखी ने सूरीनाम में व्यापार, ऊर्जा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ संबंध मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सूरीनाम में लगभग 27 फीसदी आबादी की जड़ें भारतीय बंधुआ मजदूरों से जुड़ी हैं। उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान दिया गया था और वे प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि के तौर पर भी शामिल हुए थे।इंडो-सूरीनाम विरासत के संदर्भ में, 2020 में संतोखी का शपथ ग्रहण भारत के साथ मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। दरअसल, संतोखी ने संस्कृत भाषा में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। सूरीनाम के किसी राष्ट्रपति ने पहली बार संस्कृत भाषा में शपथ ली थी। इसके साथ ही यह देश में बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय मूल की आबादी का सम्मान भी है, जो 19वीं सदी के बंधुआ मजदूरों के वंशज हैं।पीएम मोदी ने अपने मासिक महीने के रेडियो कार्यक्रम मन की बात में पूर्व राष्ट्रपति का जिक्र किया था और भारत की जनता को भारतीय भाषा और संस्कृति के साथ उनके जुड़ाव के बारे में बताया। file photo -
नई दिल्ली। भारत में नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देश के डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होने जा रहा है, जो करीब 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा, और इसमें नियमों, शब्दावली और टैक्स व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘फाइनेंशियल ईयर (एफवाई)’ और ‘असेसमेंट ईयर (एवाई)’ की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ होगा। इससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने और लोगों को ज्यादा स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की समय सीमा में भी बदलाव किया गया है। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन वही रहेगी, लेकिन जो लोग ऑडिट के दायरे में नहीं आते (जैसे सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स), उन्हें अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित फैसले के तहत फ्यूचर्स और ऑप्शंस में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ा दिया गया है, जिससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) क्लेम करने के नियम सख्त किए गए हैं। अब कुछ मामलों में मकान मालिक की जानकारी जैसे पैन देना जरूरी होगा। साथ ही, ज्यादा एचआरए छूट वाले शहरों की सूची में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी शामिल किया गया है।सरकार ने कर्मचारियों को कुछ राहत भी दी है। मील (भोजन) से जुड़े टैक्स बेनिफिट बढ़ाए गए हैं और टैक्स-फ्री गिफ्ट की सालाना सीमा भी बढ़ाई गई है। पुराने टैक्स सिस्टम में बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर मिलने वाली छूट भी बढ़ाई गई है।अब शेयर बायबैक पर टैक्स डिविडेंड की जगह कैपिटल गेन के रूप में लगेगा, जिससे निवेशकों पर असर पड़ेगा। वहीं, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट केवल उन्हीं बॉन्ड्स पर मिलेगी जो मूल इश्यू के दौरान खरीदे गए हों। नए नियमों के तहत अब डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर लिए गए कर्ज के ब्याज को टैक्स में छूट के रूप में क्लेम नहीं किया जा सकेगा।अब टैक्सपेयर्स एक ही घोषणा पत्र जमा करके कई इनकम स्रोतों पर टीडीएस से बच सकते हैं। एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर टीडीएस काटने के लिए अब टीएएन की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ पैन से काम हो जाएगा। विदेश यात्रा पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी टीसीएस कम किया गया है।अब टैक्सपेयर्स को रिटर्न में सुधार (रिवाइज) करने के लिए 31 मार्च तक का समय मिलेगा, हालांकि दिसंबर के बाद देरी से करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।इसके अलावा, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे पर प्राप्त ब्याज को पूरी तरह से कर-मुक्त कर दिया गया है।वहीं, सरकार ने आकलन वर्ष 2-26-27 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर-1 से आईटीआर-7 तक) नोटिफाई कर दिए हैं, जिससे व्यक्तियों, पेंशनभोगियों और अन्य करदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने रिटर्न दाखिल करना शुरू करने में मदद मिलेगी।विशेषज्ञों का कहना है कि अपडेट किए गए फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म में दो मकानों से होने वाली आय भी दिखाई जा सकती है, जबकि पहले यह सीमा एक मकान तक ही थी। इससे कई करदाताओं के लिए फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। - जयपुर. राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के नोहर इलाके में सोमवार को एक कार और जीप की आमने-सामने की टक्कर में तीन महिलाओं की मौत हो गई और कई बच्चों समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हादसा भद्रकाली बाईपास रोड पर हुआ।पुलिस के अनुसार, जीप में सवार लोग हरियाणा में एक शोक सभा में शामिल होने के बाद अपने गांव बुधवालिया लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान राजबाला (40), रोशनी (48) और कलावती देवी (40) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गंभीर रूप से घायल लोगों में तीन से छह साल की उम्र के चार बच्चे भी शामिल हैं।
















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