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नई दिल्ली। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की पुख्ता सुरक्षा के लिए चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर की सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य होगी। उन्होंने बताया कि चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मंदिर की निगरानी और सुरक्षा के लिए इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर के चारों ओर चार निगरानी टावर भी बनाए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 80 से 90 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण का जिम्मा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को दिया गया है।
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नई दिल्ली। असम में आज सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केन्द्र राज्य के मोरी गांव जिले में 50 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटके आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए। अब तक जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। भूटान, नेपाल और बंगलादेश जैसे पड़ोसी देशों में भी झटके महसूस हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि भूकंप का केंद्र मध्य असम में 26.37 उत्तरी अक्षांश और 92.29 पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
इन इलाकों में महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके कामरूप महानगर, नगांव, पूर्वी कार्बी आंगलोंग, पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण शालमारा-मानकाचर और ग्वालपाड़ा जिलों में भी महसूस किए गए। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर दर्रांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर में भी झटके महसूस किए गए।
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नई दिल्ली। भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सबसे बड़ा धान उत्पादक देश बनने का गौरव हासिल किया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में धान उत्पादन 15 करोड़ एक लाख अस्सी हजार टन हो गया है, जबकि चीन में यह 14 करोड़ 52 लाख 80 हजार टन रहा। श्री चौहान ने कहा कि भारत अब विदेशी बाजारों में भी चावल की आपूर्ति कर रहा है।
कृषि मंत्री ने कल दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से विकसित 25 फसलों की 184 उन्नत किस्में प्रदर्शित कीं। श्री चौहान ने कहा कि अधिक उपज वाली फसलों के विकास में देश को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये नई प्रजातियां जल्दी जल्दी से किसानों तक पहुंचे। कृषि मंत्री ने कहा कि इनसे किसानों को अधिक उपज और बेहतर गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता के बीज सभी किसानों को उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने देश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों से दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देने को कहा।केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक उपज वाली और जलवायु अनुकूल बीजों की मदद से देश कृषि क्रांति के दौर में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की समन्वित परियोजनाओं, राज्य और केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयों तथा निजी बीज़ कंपनियों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई है। - -राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा 33.26 करोड़ रु. के लाभांश का चेक केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को भेंट-वर्ष 1969 से अब तक 7205 फसल किस्मों को मंजूरी, वहीं मोदी सरकार के 11 साल में 3236 नई उच्च उत्पादक किस्में- कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान-किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी छलांग, भारत बनेगा विश्व का ‘फूड बास्केट’- श्री शिवराज सिंह चौहान-आईसीएआर और कृषि विश्वविद्यालयों के शोध से बीज क्रांति, विशेष गुणों वाली उच्च उत्पादक किस्में सूखा‑लवणीयता जैसी चुनौतियों से निपटने में कारगर- श्री शिवराज सिंह चौहान-देश ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़कर 150.18 मिलियन टन उत्पादन के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया- केंद्रीय कृषि मंत्रीनई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स स्थित ए.पी. शिंदे ऑडिटोरियम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 फील्ड फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें वैज्ञानिकों, वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने सहभागिता की।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने उच्च उत्पादक बीजों के विकास में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वर्ष 1969 में शुरू हुई गजट अधिसूचना प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 7205 फसल प्रजातियों को अधिसूचित किया जा चुका है जिनमें धान, गेहूं, ज्वार, मक्का, दलहन, तिलहन, रेशेदार और अन्य फसलें शामिल हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11–12 वर्षों में नई किस्मों के विकास की गति और तेज हुई है, अकेले इस अवधि में 3236 उच्च उत्पादक प्रजातियों को मंजूरी मिली है, जबकि 1969 से 2014 तक 3969 प्रजातियों को अधिसूचित किया गया था। अब अधिसूचित 184 उन्नत किस्मों का लोकार्पण किया गया है, जो देश के किसानों को अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और जलवायु सहनशीलता जैसे लाभ देंगी।
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नई दिल्ली। भारत में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारियों के तहत, राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन 6 जनवरी, 2026 को जयपुर में किया जाएगा। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां यह पता लगाया जाएगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार शासन सुधार, आर्थिक विकास, नवाचार और समावेशी विकास को गति प्रदान कर सकती है।
इस सम्मेलन में भारत सरकार और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता भाग लेंगे, जिनमें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी एवं वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राजवर्धन राठौर सहित अन्य शामिल हैं।राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में राज्य के एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एआई को तेजी से अपनाने में के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणाएं और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।सम्मेलन के एजेंडे में सार्वजनिक सेवा वितरण और शासन के लिए एआई, नैतिक और उत्तर दायित्वपूर्ण एआई, एआई और रोजगार एवं कौशल का भविष्य, तथा राजस्थान के एआई स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के उद्भव पर उच्च स्तरीय सत्र शामिल होंगे। चर्चाओं में डिजिटल ट्विन्स और एआई-आधारित अवसंरचना नियोजन जैसे उन्नत अनुप्रयोगों और इस बात से संबंधित रणनीतिक प्रश्नों पर भी विचार किया जाएगा कि क्या एआई भारत को आउटसोर्सिंग-आधारित मॉडल से विश्व स्तरीय बौद्धिक संपदा सृजन की ओर छलांग लगाने में सक्षम बना सकता है।इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञ वैश्विक एआई, राष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई रणनीतियों पर अपने विचार साझा करेंगे, जिसमें आईआईटी जोधपुर द्वारा लाया गया एक समर्पित अकादमिक और अनुसंधान दृष्टिकोण शामिल होगा, जो स्थानीय स्तर पर आधारित लेकिन वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक एआई समाधानों को आकार देने में संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालेगा।राजस्थान डिजीफेस्ट × टीआईई ग्लोबल समिट 2026 के साथ आयोजित यह सम्मेलन, डिजिटल नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के केंद्र के रूप में राजस्थान की बढ़ती महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है। क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित है, जो क्षेत्रीय नवाचार, व्यावहारिक कार्यान्वयन और असल दुनिया पर प्रभाव के माध्यम से वैश्विक एआई नेतृत्व को मजबूत करने के भारत के दृष्टिकोण को बल देता है। -
नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महीने के अंत में असम का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, दोनों नेताओं के प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने जनवरी माह में दोनों केंद्रीय नेताओं को असम आने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 17 और 18 जनवरी को असम आने के लिए आमंत्रित किया है। इसी तरह, गृह मंत्री अमित शाह को 29 जनवरी को राज्य आने का निमंत्रण दिया गया है। केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलने पर दोनों दौरे इसी महीने होने की संभावना है।”मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पूर्वोत्तर क्षेत्र में राजनीतिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं को आकार देने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। प्रस्तावित दौरों के दौरान प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं और शासन से जुड़ी पहलों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिसंबर को असम का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने डिब्रूगढ़ जिले में 10,601 करोड़ रुपए की लागत वाले ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्र की आधारशिला रखी थी। यह परियोजना उर्वरक उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और असम सहित आसपास के राज्यों में कृषि सहायता को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 दिसंबर को असम का दौरा किया था। उन्होंने गुवाहाटी में ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर का उद्घाटन किया, जिसे पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा सभागार माना जाता है। यह कला, संस्कृति और सार्वजनिक आयोजनों के लिए क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी में प्रस्तावित दौरों से जुड़ी विस्तृत जानकारी कार्यक्रमों को आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद साझा की जाएगी। - नई दिल्ली। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को लेकर दुनिया दो खेमे में बंटी हुई नजर आ रही है। एक तरफ कई देश ऐसे हैं, जो अमेरिका की ओर से की गई कार्रवाई की घोर आलोचना कर रहे हैं, तो वहीं एक पक्ष ऐसा है, जो इसका समर्थन कर रहा है। आइए जानते हैं कि दुनिया के कौन-कौन से देश अमेरिका के साथ खड़े हैं और कौन से देश उसके खिलाफ।रूस, चीन, ईरान, क्यूबा, ब्राजील, मेक्सिको, कोलंबिया, चिली, बेलारूस, उरुग्वे, स्लोवाकिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, श्रीलंका, उत्तर कोरिया, घाना और सिंगापुर जैसे देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। इन देशों ने अमेरिका की कार्रवाई को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। आपको बता दें कि दूसरे देशों के अलावा अमेरिका में भी ट्रंप सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना हो रही है।इसके अलावा अर्जेंटीना, इजरायल, पेरू, अल साल्वाडोर, इक्वाडोर, अल्बानिया, फ्रांस और ब्रिटेन ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है।अगर भारत की बात करें तो विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी कर दोनों देशों से इस मामले को शांति से हल करने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “वेनेजुएला में हाल की घटनाएं गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम सभी संबंधित लोगों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांति से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहे। काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में है और हर मुमकिन मदद देता रहेगा।”इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, “मैंने वेनेजुएला में हो रहे डेवलपमेंट पर शुरुआती बदलावों से ही नजर रखी है। इटली ने अपने मुख्य अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर मादुरो की खुद से कही गई चुनावी जीत को कभी मान्यता नहीं दी, सरकार के दमनकारी कार्यों की निंदा की और हमेशा वेनेजुएला के लोगों की लोकतांत्रिक बदलाव की उम्मीद का समर्थन किया है।”उन्होंने आगे कहा, “इटली की पुरानी स्थिति के हिसाब से सरकार का मानना है कि तानाशाही शासन को खत्म करने के लिए बाहरी सैन्य कार्रवाई सही रास्ता नहीं है, लेकिन सरकार अपनी सुरक्षा पर हाइब्रिड हमलों के खिलाफ बचाव के तौर पर दखल को सही मानती है, जैसा कि उन सरकारी संस्थाओं के मामले में होता है जो नशीली दवाओं की तस्करी को बढ़ावा देती हैं और उसका समर्थन करती हैं। हम वेनेजुएला में इटालियन समुदाय की स्थिति पर खास ध्यान दे रहे हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या हल करने की अपील करते हुए कहा, “ऑस्ट्रेलियाई सरकार वेनेजुएला में हो रहे डेवलपमेंट पर नजर रख रही है। हम सभी पार्टियों से अपील करते हैं कि वे इलाके में स्थिरता बनाए रखने और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी का साथ दें। ऑस्ट्रेलिया को लंबे समय से वेनेजुएला के हालात को लेकर चिंता है, जिसमें लोकतांत्रिक सिद्धांतों, मानवाधिकारों और बुनियादी आजादी का सम्मान करने की जरूरत भी शामिल है।”उन्होंने आगे कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक बदलाव का समर्थन करते रहेंगे, जो वेनेजुएला के लोगों की इच्छा को दिखाता है। वेनेजुएला में जिन ऑस्ट्रेलियाई लोगों को मदद चाहिए, वे दुनिया में कहीं से भी +61262613305 पर या ऑस्ट्रेलिया के अंदर से 1300555135 पर 24/7 इमरजेंसी कॉन्सुलर असिस्टेंस टीम से संपर्क कर सकते हैं।
- पणजी ।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को गोवा में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के पोत ‘समुद्र प्रताप' का जलावतरण करेंगे। यह प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्मित दो पोतों में से एक है। यह पोत तेल रिसाव का पता लगाने के लिए उन्नत प्रणालियों से लैस है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के भीतर और उसके बाहर व्यापक प्रदूषण-रोधी अभियान चलाने में मदद मिलेगी। भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, ‘‘यह उच्च सटीकता वाले अभियानों के संचालन, चिपचिपे तेल से प्रदूषकों को पुन: प्राप्त करने एवं दूषित पदार्थों का विश्लेषण कर सकता है और दूषित पानी से तेल को अलग करने में सक्षम है।'' आईसीजी ने बताया कि रक्षा मंत्री सिंह दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में पोत ‘समुद्र प्रताप' का जलावतरण करेंगे। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। आईसीजी के अनुसार, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस जहाज में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। 114.5 मीटर लंबा और 4,200 टन वजनी यह पोत 22 नॉट (समुद्री मील प्रति घंटा) से अधिक की गति और 6,000 समुद्री मील की परिचालन क्षमता से लैस है जिससे आईसीजी की प्रदूषण-रोधी प्रतिक्रिया, अग्निशमन तथा समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आईसीजी के मुताबिक, यह जहाज अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें 30 मिलीमीटर सीआरएन-91 गन, दो 12.7 मिलीमीटर स्थिरीकृत रिमोट-नियंत्रित गन (एकीकृत अग्निशमन प्रणाली के साथ), स्वदेशी एकीकृत ब्रिज सिस्टम, एकीकृत मंच प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली और उच्च क्षमता वाला बाहरी अग्निशमन तंत्र शामिल है। यह पोत आईसीजी के कोच्चि बेस पर तैनात रहेगा।
- चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को फसल उत्सव ‘पोंगल' के अवसर पर चावल श्रेणी के राशन कार्ड धारकों और श्रीलंकाई तमिलों के पुनर्वास शिविरों में रहने वाले सभी परिवारों को 3,000 रुपये का नकद उपहार देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पोंगल से पहले, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को एक उपहार का पैकेट वितरित किया जाएगा, जिसमें एक किलो चावल, एक किलो चीनी और एक गन्ना, 3000 रुपये नकद (प्रत्येक परिवार को जिसके पास चावल कार्ड है), एक धोती और एक साड़ी शामिल होगी। कुछ दिन पहले राज्य सरकार ने कहा था कि पोंगल से पहले उपहार वितरण से 2.22 करोड़ से अधिक चावल कार्ड धारकों और श्रीलंकाई तमिलों के पुनर्वास शिविरों में रहने वाले लोगों को लाभ होगा।
- तिरुपति। चंद्र ग्रहण के कारण भगवान वेंकटेश्वर का तिरुमला मंदिर तीन मार्च को सुबह नौ बजे से शाम साढ़े सात बजे तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। मंदिर प्रशासन ने रविवार को यह जानकारी दी। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘ग्रहण के बाद 'शुद्धि' अनुष्ठान पूरे होने के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया जायेगा और श्रद्धालु रात साढ़े आठ बजे फिर से दर्शन कर पायेंगे।'' इसमें कहा गया है, ‘‘मंदिर 10 घंटे से ज़्यादा समय तक बंद रहेगा और शुद्धिकरण अनुष्ठान पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।'' चंद्र ग्रहण लगभग साढ़े तीन घंटे तक रहने की उम्मीद है, जो अपराह्न 3.20 बजे से शाम 6.47 बजे तक रहेगा। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने श्रद्धालुओं से चंद्र ग्रहण के मद्देनजर की गई व्यवस्थाओं में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘डीप टेक' स्टार्टअप के लिए वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) से वित्तीय सहायता हासिल करने के मानदंडों में ढील देने की रविवार को घोषणा की। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने डीएसआईआर के 42वें स्थापना दिवस समारोह में विभाग के औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम (आईआरडीपीपी) के तहत एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता हासिल करने के लिए ‘डीप-टेक' स्टार्टअप पर लागू तीन साल के व्यवहार्यता मानदंड को समाप्त करने का एलान किया। डीएसआईआर अपने आईआरडीपीपी के तहत स्टार्टअप को एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता तभी प्रदान करता है, जब वे कम से कम तीन वर्षों की अवधि के लिए टिकाऊ और व्यवहार्य साबित हों। सिंह ने इस कदम को स्टार्टअप को गति देने और उनका अस्तित्व बनाए रखने की दिशा में अहम बताया।उन्होंने कहा, “तीन साल तक अस्तित्व में होने की आवश्यकता को हटाना डीप-टेक स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ने में मदद के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है, यहां तक कि उनके पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने से पहले ही।” हालांकि, सिंह ने कहा कि स्टार्टअप को तकनीकी क्षमता से जुड़े उचित मूल्यांकन मानकों को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से परियोजनाओं के साथ-साथ होनहार नवोन्मेषकों और उद्यमियों को शुरुआती प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
- गंगासागर (पश्चिम बंगाल) ।गंगासागर मेला इस साल 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ अब तक के सबसे बड़े आयोजन का गवाह बन सकता है। यह जानकारी मुख्य पुजारी स्वामी ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने रविवार को दी। दास ने मंदिर परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण, गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित कपिल मुनि मंदिर में आने वाले सनातनी हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। दास ने मंदिर में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि इस साल 1.5 करोड़ से अधिक लोग तीर्थयात्रा के लिए आएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सरकार को मंदिर के सामने तटरेखा कटाव के खतरे को लेकर कदम उठाने चाहिए, क्योंकि ज्वार के दौरान पानी से मंदिर की दूरी केवल लगभग 500 मीटर रह जाती है। दास ने कहा, ‘‘मंदिर को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार को तट कटाव के मुद्दे का गंभीरता से समाधान करना चाहिए।'' उन्होंने बताया कि सदियों में दो मंदिर पहले ही बढ़ते समुद्र की लहरों के कारण समुंदर में चले गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कपिल मुनि मंदिर इसी स्थान पर बनी तीसरी इमारत है। दास ने कटाव रोकने के उपाय करने के लिए ममता बनर्जी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि मंदिर प्रशासन इस मुद्दे पर सहयोग करेगा और मिलकर काम करेगा। दास ने कहा कि प्रस्तावित मुरिगंगा नदी पर बन रहा पुल तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बहुत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि यह पुल सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ता है और जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री सोमवार को करेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत अच्छी परियोजना है।''दास ने आगे कहा, ‘‘भगवान राम ने रामेश्वरम को लंका से जोड़ने के लिए रामसेतु बनाया था; दीदी (ममता बनर्जी) इस पुल का निर्माण गंगासागर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कर रही हैं।'' पुजारी ने बताया कि इस साल मकर संक्रांति के लिए पवित्र स्नान का समय 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक है। उन्होंने कहा, ‘‘तीर्थयात्री 15 जनवरी के पूरे दिन पवित्र स्नान कर सकते हैं, क्योंकि शुभ समय का प्रभाव अपराह्न 1:19 बजे के बाद भी आठ घंटे तक रहेगा।'' गंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है, जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
- पुडुकोट्टई (तमिलनाडु)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे देश की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया, जहां ‘20 प्रतिशत कमीशन' का नियम प्रचलित है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विजयी होगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन द्वारा शुरू की गई पदयात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए शाह ने 2024 से भाजपा-राजग की विजय उपलब्धियों का ब्योरा दिया, जिसमें हरियाणा में लगातार तीसरी जीत और दिल्ली एवं बिहार में मिली जीतें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की बारी है।उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक, भाजपा और अन्य दलों के मजबूत गठबंधन से राजग विजयी होगा। शाह ने द्रमुक सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। भाजपा की यह भव्य जनसभा नागेंद्रन की राज्यव्यापी यात्रा ‘तमिलगम थलैनीमिरा तमिलानिन पयानम' (तमिलनाडु के उत्थान के लिए एक तमिल की यात्रा) के समापन का प्रतीक है, जो 12 अक्टूबर, 2025 को मदुरै से शुरू हुई थी। शाह ने कथित भ्रष्टाचार को लेकर सत्ताधारी द्रमुक की जमकर आलोचना की और उसे भ्रष्टाचार का पर्याय बताया। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य ‘भ्रष्ट मंत्रियों की फौज' के साथ प्रगति कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘नौकरी के बदले रिश्वत घोटाले में एक द्रमुक नेता का नाम सामने आया है, वहीं दूसरे नेता का नाम धनशोधन मामले में आया है।'' उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि एक अन्य नेता का नाम ‘कोयला घोटाले' में आया है। शाह ने आरोप लगाया, ‘‘क्या तमिलनाडु की प्रगति भ्रष्ट मंत्रियों की ऐसी फौज के साथ हो सकती है? बीस प्रतिशत ‘कट मनी' (कमीशन) भ्रष्टाचार का हिस्सा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कर्ज और शराब की बिक्री के आधार पर चल रही है।'' शाह ने कहा कि द्रमुक सरकार का एकमात्र मकसद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना है, लेकिन परिवारवाद को कायम रखने का उनका सपना पूरा नहीं होगा। शाह ने कहा कि तमिलनाडु में परिवारवाद की राजनीति को खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि द्रमुक के दिवंगत अध्यक्ष के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके बेटे एम.के. स्टालिन भी मुख्यमंत्री बने थे और उदयनिधि को भी मुख्यमंत्री बनाने की योजना है। उन्होंने सत्ताधारी दल पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने सत्ताधारी दल की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘तमिलनाडु में महिलाओं की कोई सुरक्षा नहीं है।'' उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राजग अप्रैल 2026 तक तमिलनाडु में सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा-अन्नाद्रमुक का गठबंधन स्वाभाविक था और दोनों ने 1998 और 2019 के संसदीय चुनावों के अलावा 2021 का विधानसभा चुनाव भी मिलकर लड़ा था। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर स्टालिन सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं की पूजा पद्धतियों का ‘अपमान' किया जा रहा है, और दावा किया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान तमिलनाडु में ‘अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया था'। शाह ने कहा, ‘‘उनके वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदुओं की शोभा यात्रा और विसर्जन यात्रा (हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन) पर रोक है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं, आपने हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार करके संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।'' जनसभा में मौजूद अन्य नेताओं में भाजपा नेता पीयूष गोयल, एल मुरुगन, तमिलिसाई सौंदरराजन और पी. राधाकृष्णन शामिल थे।
- अहमदाबाद। गांधीनगर शहर में टाइफॉयड के लगभग 100 संदिग्ध मामले सामने आने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करने के रविवार को निर्देश दिए। यह जानकारी गुजरात सरकार ने दी। राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति में बताया कि पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण टाइफॉयड के संदिग्ध मामले कुछ दिन पहले गांधीनगर शहर के सेक्टर 24, 28 और आदिवाडा इलाके में सामने आए थे। टाइफॉयड एक जलजनित बीमारी है। विज्ञप्ति के अनुसार, अमित शाह ने पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए हैं।राज्य की राजधानी में अब तक टाइफॉयड के 113 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं।विज्ञप्ति के अनुसार, इनमें से 19 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर छुट्टी पा चुके हैं, जबकि 94 मरीज वर्तमान में गांधीनगर सिविल अस्पताल और सेक्टर 24 व 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज करा रहे हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है। विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रभावित इलाकों में 24 घंटे ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) शुरू कर दी गई हैं और सिविल अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। विज्ञप्ति में बताया गया कि गांधीनगर से लोकसभा सदस्य अमित शाह लगातार उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के संपर्क में हैं ताकि वर्तमान स्थिति की जानकारी मिलती रहे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया है।रविवार को शाह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से टेलीफोन पर बातचीत की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि टाइफॉयड से प्रभावित बच्चों और नागरिकों को शीघ्र और उचित उपचार मिले। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने अधिकारियों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन के रिसाव की तत्काल मरम्मत और गहन निरीक्षण का आदेश दिया ताकि बीमारी को और फैलने से रोका जा सके। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कि टाइफॉयड के संदिग्ध मामलों को देखते हुए गांधीनगर शहर में 75 स्वास्थ्य टीम द्वारा गहन स्वास्थ्य प्रबंधन और सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। गांधीनगर नगर निगम के सर्वेक्षण दलों ने अब तक 20,800 से अधिक घरों का निरीक्षण किया है और इसके तहत 90,000 से अधिक लोगों को कवर किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एहतियात के तौर पर 30,000 क्लोरीन की गोलियां और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। सर्वेक्षण टीम घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करके जागरूकता पत्रक वितरित कर रही हैं और उनसे पानी उबालने, बाहर का खाना ना खाने और अपने हाथों को स्वच्छ रखने का आग्रह कर रही हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन में पाई गई कुछ लीकेज को तत्काल आधार पर ठीक कर दिया गया है।
- डिब्रूगढ़ (असम। असम के डिब्रूगढ़ जिले में रविवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के काफिले का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से चार पुलिसकर्मियों सहित कम से कम छह लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डिब्रूगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव अभिजीत दिलीप ने बताया कि यह दुर्घटना चाबुआ थाना क्षेत्र के हाटियाली के पास उस समय हुई, जब सोनोवाल के काफिले के एक एस्कॉर्ट वाहन की टक्कर एक नागरिक के वाहन से हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘हादसे में चार पुलिसकर्मियों समेत छह लोग घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।'' एसएसपी ने बताया कि सभी घायल असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब सोनोवाल चाबुआ के बिन्धकाटा स्थित अपने पैतृक घर जा रहे थे।दुर्घटना के समय राज्यसभा सदस्य रामेश्वर तेली भी सोनोवाल के साथ थे। हालांकि, किसी भी सांसद को कोई चोट नहीं आई और वे अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
- नई दिल्ली। वेनेजुएला में अमेरिका के हमले के बाद से देश में अस्थिरता का माहौल है। वेनेजुएला में हालात को लेकर भारत ने जताई चिंता और बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की अपील की है।विदेश मंत्रालय ने आज रविवार को प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा, “वेनेजुएला में हाल की घटनाएं गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध। हम सभी संबंधित लोगों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांति से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहे।”मंत्रालय ने आगे लिखा कि काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में है और हर मुमकिन मदद देता रहेगा। वहीं, विदेश मंत्रालय की ओर से वेनेजुएला में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई।मंत्रालय का यह बयान कल शनिवार को वेनेजुएला में अमेरिकी डेल्टा फोर्स के एक सैन्य बेस पर हमला करने के बाद आया है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में अलग-अलग जगहों पर हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ पकड़ लिया।अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को एक वॉरशिप पर बिठाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां फेडरल कोर्ट में “नार्को-टेररिज्म” के चार्ज फाइल किए गए हैं।अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने वेनेजुएला के नेता के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र को सार्वजनिक किया। ये आरोप पत्र न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के जिला कोर्ट में फाइल किया गया था। अभियोजक ने आरोप लगाया है कि मादुरो ने दो दशक से ज्यादा समय तक पावर का इस्तेमाल करके भारी मात्रा में कोकीन अमेरिका की ओर भेजी। उन पर नार्को-टेररिज्म की साजिश, कोकीन इम्पोर्ट करने की साजिश, फायरआर्म्स अपराध आदि में शामिल होने का आरोप है।दूसरी ओर, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को वहां की अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पकड़े जाने के बाद, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ऑफ जस्टिस ने शनिवार देर रात वहां की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपने का आदेश दिया।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के पारंपरिक शॉल उद्योग ने यहां आयोजित ‘लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) फेस्ट' में एक ही छत के नीचे 4,000 से अधिक हस्तनिर्मित शॉल प्रदर्शित कर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया। रिज मैदान में आयोजित तीन-दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन करते हुए सुक्खू ने कहा कि इस उपलब्धि से राज्य के हथकरघा उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों और अन्य उद्यमियों ने इन शॉलों को बनाया है। खादी के सभी शॉल हस्तनिर्मित हैं और प्रत्येक प्रदर्शित शॉल को हथकरघा प्रमाणन और भौगोलिक संकेतक (जीआई) मिला हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये शॉल कुल्लू, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर सहित लगभग हर जिले के बुनकरों की कारीगरी हैं, जो जटिल डिजाइन और बहुरंगी पैटर्न की सैकड़ों वर्षों पुरानी विरासत को संजोए हुए हैं। किन्नौर में तो एक शॉल तैयार करने में सात से आठ महीने तक का समय लग जाता है।”
- नयी दिल्ली/प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है तथा बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल अवशेष नहीं हैं, बल्कि भारत की वंदनीय विरासत का एक अटूट हिस्सा हैं। साल 1898 में मिले पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध सभी के हैं और सभी लोगों को एकजुट करते हैं। उन्होंने बौद्ध विद्वानों, राजनयिकों और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में कहा, “भारत के लिए, बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल अवशेष नहीं हैं, बल्कि हमारी वंदनीय विरासत व सभ्यता का एक अटूट हिस्सा हैं।” मोदी ने कहा कि 125 वर्ष प्रतीक्षा करने के बाद, भारत की विरासत लौट आई है।उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है। मोदी ने बुद्ध के अवशेषों की उनकी मातृभूमि पर वापसी सुनिश्चित करने के लिए गोदरेज समूह का आभार व्यक्त किया। पिपरहवा अवशेषों का बौद्ध धर्म के आरंभिक पुरातात्विक अध्ययन में एक खास स्थान है।
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नयी दिल्ली. भारत ने शनिवार रात अपने नागरिकों को वेनेजुएला की स्थिति को देखते हुए वहां गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। मंत्रालय ने यह परामर्श वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने से जुड़े घटनाक्रम के मद्देनजर जारी किया। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से भी अत्यधिक सावधानी बरतने और अपनी आवाजाही सीमित रखने को कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि कराकस में बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमलों के दौरान मादुरो को पकड़ लिया गया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सख्ती से सलाह दी जाती है।” बयान में कहा गया, “जो भारतीय किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी गतिविधियां सीमित रखने और कराकस स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।” वेनेजुएला में लगभग 50 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और 30 भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। रूस और चीन सहित कई प्रमुख देशों ने मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिये जाने की कार्रवाई के लिए वॉशिंगटन की आलोचना की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े गिरोहों को समर्थन देने के आरोपों में मुकदमे का सामना करना होगा। -
भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज का आंतरिक हिस्सा है और इसे मजबूत करने के लिए निरंतर संवाद तथा सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। वह यहां कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित कर रहे थे।
संघ की ओर से जारी बयान में भागवत के हवाले से कहा गया कि आदिवासी और अन्य समुदायों के बीच भ्रम फैलाकर विभाजन पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि हजारों वर्षों से इस उपमहाद्वीप में रहने वाले लोगों का ‘डीएनए' एक ही है। आरएसएस प्रमुख ने निरंतर जुड़ाव और आपसी समझ की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत वर्गों को कमजोर वर्गों का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून समाज को नियंत्रित कर सकते हैं, लेकिन सद्भावना ही समाज को वास्तव में जोड़ती है और बनाए रखती है। भागवत ने कहा कि ‘विविधता में एकता' भारत की मूल पहचान है और सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज का स्वाभाविक गुण है। बयान के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘हम बाहरी रूप से भिन्न दिखाई दे सकते हैं, लेकिन राष्ट्र, संस्कृति और आध्यात्मिक स्वभाव के स्तर पर हम एक हैं।'' उन्होंने हिंदू समाज को विविधता में एकता को आत्मसात करने वाला समाज बताया।बैठक में आरएसएस के मध्य भारत क्षेत्र के 16 प्रशासनिक जिलों से विभिन्न सामाजिक समूहों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। पहले सत्र में आध्यात्मिक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सामाजिक समूह अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्र के प्रति अपने योगदान पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आलोचना के बावजूद संघ संयम के साथ राष्ट्रीय हित में कार्य करता रहता है। मिश्रा ने धर्मांतरण के खिलाफ चेतावनी देते हुए इसे एक ‘‘गंभीर साजिश'' बताया और कहा कि इसका प्रभाव न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। इससे पहले विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, आर्थिक सहायता और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी पहलों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। बयान में कहा गया कि बैठक का समापन इस प्रस्ताव के साथ हुआ कि समाज सरकारी हस्तक्षेप की प्रतीक्षा किए बिना सामूहिक प्रयासों से स्थानीय समस्याओं का समाधान करेगा। वक्ताओं ने पूरे समाज को मजबूत बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया। -
प्रयागराज. पौष पूर्णिमा स्नान के साथ शनिवार से संगम की रेती पर माघ मेला प्रारंभ हो गया। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सुबह से ही गंगा और संगम की ओर जाते दिखाई दिए। शाम छह बजे तक लगभग 23 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि माघ मेले के प्रथम स्नान पौष पूर्णिमा पर शनिवार शाम छह बजे तक 23 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इस स्नान पर्व के साथ एक माह का कल्पवास भी आज से शुरू हो गया। त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब पांच लाख कल्पवासियों का आज से कल्पवास प्रारंभ हो जाएगा जिसके तहत वे दिन में दो बार गंगा स्नान और एक पहर भोजन लेते हैं और बाकी समय अपने आराध्य देवता का ध्यान, पूजन आदि करते हैं। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण सुबह स्नानार्थियों की भीड़ थोड़ी कम थी, लेकिन दिन निकलने के साथ उनकी संख्या तेजी से बढ़ी। पौष पूर्णिमा स्नान के लिए दिनभर लोग आते रहे। मेला प्रशासन के मुताबिक सुबह 10 बजे तक नौ लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया था। प्रयाग धाम संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि सुबह से ही कोहरा होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन यदि कल्पवासियों की संख्या को जोड़ दें तो शाम तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पौष पूर्णिमा का स्नान किया। उन्होंने बताया कि आज शाम चार बजे तक पौष पूर्णिमा स्नान मुहूर्त था। वहीं, कल्पवासियों ने आज स्नान करने के बाद अपने पुरोहित से एक माह के कल्पवास का संकल्प लिया और उसी के अनुसार वे यहां मेले में प्रवास करेंगे। मेले में लाउडस्पीकर पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे का जयकारा लगाते हुए कड़ाके की ठंड में संगम में डुबकी लगाई। इन्हीं श्रद्धालुओं के बीच कंबल ओढ़े साधु संत भी दिखाई दिए। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डिजिटल माध्यम से माघ मेला के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, सुविधा और कुशल व्यवहार पर जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के अधिकारियों को घाटों और मंदिरों में साफ सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति, भीड़ प्रबंधन, महिलाओं के वस्त्र बदलने के कक्ष और मेला क्षेत्र में सुगम प्रवेश एवं निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने पौष पूर्णिमा पर 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माघ मेले में 10,000 फुट क्षेत्र के 10 स्नान घाट बनाए गए हैं और नौ पांटून पुल बनाए गए हैं। कोलकाता से सपरिवार स्नान करने आईं पूजा झा ने कहा कि माघ मेला में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। स्नान का पहला दिन होने के कारण भीड़ थोड़ी कम है। हालांकि भीड़ कम होने से लोग आराम से स्नान कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के रीवा से लड्डू गोपाल को लेकर आईं शिवानी मिश्रा ने कहा कि वह महाकुंभ में तीन बार स्नान करने आई थीं और माघ मेले में भीड़ कम होने से अच्छे से स्नान हुआ। एडीएम (माघ मेला) दयानंद प्रसाद ने बताया कि पहली बार माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के लिए एक अलग से नगर बसाया गया है। 950 बीघे में बसाए गए इस नगर को प्रयागवाल नाम दिया गया है। नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार इसे बसाया गया है। माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्वों में पौष पूर्णिमा (तीन जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी), माघी पूर्णिमा (एक फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी) शामिल हैं।
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श्री विजयपुरम. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह अगले 10 वर्षों में देश के राजस्व में एक प्रमुख योगदानकर्ता बन जाएगा। उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि दो वर्षों में भारत वर्तमान में चौथे स्थान से आगे बढ़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। शाह अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 373 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री ने द्वीपसमूह में अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई परियोजना, तेल अन्वेषण परीक्षण और अन्य विकासात्मक परियोजनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि द्वीपों के इस समूह को कभी देश के राजस्व पर बोझ माना जाता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी की दूरदृष्टि के तहत, मुझे विश्वास है कि अगले 10 वर्षों के बाद, यह द्वीपसमूह देश के राजस्व में एक प्रमुख योगदानकर्ता होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और मुझे विश्वास है कि दो वर्षों में यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।'' शाह ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान को मुक्त कराया था और उनकी इच्छा के अनुरूप प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सम्मान में अंडमान एवं निकोबार के दो द्वीपों का नाम क्रमशः ‘शहीद' और ‘स्वराज' रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए यह भूमि एक तीर्थस्थल है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, सेनानियों पर हुए अत्याचार और उनकी आवाज दुनिया तक नहीं पहुंच सकी।'' केंद्रीय गृह मंत्री ने यहां नेताजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब वीर सावरकर का स्मारक और सेलुलर जेल में जलती मशाल दुनिया को बता रही है कि कई शहीदों ने यहां अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने 2023 में प्रधानमंत्री द्वारा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के 21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी ने द्वीपों का नामकरण वीर योद्धाओं के नाम पर करने का कार्य अपने हाथ में लिया है।'' शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों को समझने के वास्ते लोगों को ब्रिटिश कानूनों को समाप्त करने के लिए लागू की गईं न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी अवश्य देखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज के समय में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता, समुद्री शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का केंद्रबिंदु बन गया है।'' शाह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थिति के कारण, इन द्वीपों में समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएं और पर्यटन के लिए व्यापक क्षमता है, तथा केंद्र इसकी विरासत को संरक्षित करते हुए पूरे द्वीपसमूह को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘विकसित भारत' अभियान के बारे में कहा, ‘‘2047 में, भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी समारोह के दौरान, जब हमारा देश हर क्षेत्र में नंबर एक होगा, तब आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर देना बहुत महत्वपूर्ण होगा।'' शाह ने ग्रेट निकोबार ब्लॉक में ‘जीरो पॉइंट' से ‘ईस्ट वेस्ट रोड' तक एक सड़क परियोजना, उपभोक्ता आयोग भवन, 155 बिस्तरों वाले अस्पताल के पहले चरण, 50 बिस्तरों वाली गहन चिकित्सा इकाई, एकीकृत नियंत्रण और कमान सेंटर केंद्र, तथा डीएनए और साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।
- नई दिल्ली। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की शनिवार को जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों के लिए सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर हम उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं जिन्होंने सेवा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने ज्ञान और अध्ययन के जरिए जिंदगी में परिवर्तन लाने पर जोर दिया। जरूरतमंदों के लिए उनका काम भी सराहनीय है।”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा, “सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण में सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।”केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “नारी शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, श्रद्धेय माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। शोषितों-वंचितों और नारी उत्थान के लिए आपने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं, वे सदैव समाज के नवनिर्माण के लिए हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
- वाराणसी । पवित्र माघ महीने की शुरुआत शनिवार से हो गई है। पौष पूर्णिमा और माघ मेले की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालु भारी संख्या में पवित्र नदियों में स्नान करने पहुंच रहे हैं। कड़कड़ाती सर्दी में भी सुबह से ही वाराणसी और हरिद्वार में श्रद्धालु अपने पितृ पक्ष की शांति के लिए घाटों पर पूजा-पाठ भी कर रहे हैं।वाराणसी में आज सुबह से मौसम कई रंग दिखा रहा है। सर्द हवा के साथ कोहरे और हल्की बूंदों की वजह से सर्दी का सितम बढ़ गया है, लेकिन इससे श्रद्धालुओं की आस्था पर कमी देखने को नहीं मिल रही है। 11 डिग्री के तापमान और हल्की बारिश में भी घाटों पर भक्त स्नान कर रहे हैं और अपने पितरों की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान भी करा रहे हैं।एक श्रद्धालु ने बताया कि मौसम सुबह से ही खराब है, लेकिन फिर भी भक्तों की संख्या में कमी नहीं है। प्रशासन की तरफ से भी कैम्प लगाए गए हैं और कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम और जगह-जगह अलाव की व्यवस्था भी की गई है।एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि आज पौष पूर्णिमा का पवित्र स्नान है। मान्यता के अनुसार, यह पवित्र स्नान कई वर्षों में एक बार होता है। गंगा में स्नान करने से माता गंगा की कृपा प्राप्त होती है और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद हमारे साथ बना रहता है। स्नान के लिए घाटों पर लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।वहीं हरिद्वार में भी आस्था का सैलाब देखा जा रहा है। सुबह से ही भक्त देश के अलग-अलग राज्यों से गंगा नदी में स्नान करने पहुंच रहे हैं। घाटों पर विशेष पूजा-पाठ और दान-दक्षिणा भी की जा रही है। हरिद्वार का मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था पर भारी नहीं पड़ा है, बल्कि श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ ठंडे पानी में हर-हर महादेव का नाम लेकर डुबकी लगा रहे हैं। पौष पूर्णिमा को आध्यात्म की दृष्टि से शुभ दिन माना जाता है। माना जाता है कि आज के दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है।
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नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' को कड़ा नोटिस जारी करते हुए मंच से सभी एआई-जनित अश्लील एवं गैरकानूनी सामग्रियों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कहा कि खासकर 'एक्स' के कृत्रिम मेधा (एआई) ऐप ‘ग्रोक' के जरिए तैयार की गई सामग्री को तत्काल हटाना होगा। ऐसा नहीं करने पर सोशल मीडिया कंपनी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने भारत में एक्स के मुख्य अनुपालन अधिकारी को भेजे नोटिस में कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत निर्धारित वैधानिक ‘जांच-पड़ताल' दायित्वों का पालन न करने का आरोप है। आदेश के मुताबिक, “एक्स को निर्देश दिया जाता है कि वह लागू कानूनों का उल्लंघन कर पहले से तैयार या प्रसारित की गई सभी सामग्री को बिना किसी देरी के हटाए या उसकी पहुंच को निष्क्रिय करे। यह कार्रवाई आईटी नियम, 2021 में निर्धारित समयसीमा के भीतर सख्ती से सुनिश्चित की जाए, ताकि साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ न हो।मंत्रालय ने एक्स से तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है। नोटिस में खासकर ‘ग्रोक' के दुरुपयोग से तैयार अश्लील, नग्न, आपत्तिजनक एवं यौन गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाली सामग्री के होस्टिंग, निर्माण, प्रकाशन, प्रसारण, साझा करने या अपलोड करने पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का पालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसा होने पर मंच, उसके जिम्मेदार अधिकारियों तथा कानून का उल्लंघन करने वाले उपयोगकर्ताओं के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, आईटी नियमों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और अन्य लागू कानूनों के तहत की जाएगी।


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