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- गुवाहाटी. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के जहाज एमवी लाल बहादुर शास्त्री ने रविवार को बिहार के पटना से बांग्लादेश होते हुए गुवाहाटी के पांडु बंदरगाह तक की पायलट यात्रा पूरी की। जहाज के जरिये अनाज की ढुलाई की गई। यात्रा के अंत में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, गुवाहाटी से लोकसभा सांसद क्वीन ओजा और आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय ने जहाज का स्वागत किया। एमवी लाल बहादुर शास्त्री एक स्व-चालित जहाज है जिसने भारतीय खाद्य निगम के लिए 200 मैट्रिक टन खाद्यान्न की खेप पहुंचाने का काम किया। जहाज ने पांच फरवरी को पटना से राष्ट्रीय जलमार्ग-एक (गंगा नदी) के रास्ते अपनी यात्रा शुरू की और 2,350 किलोमीटर की दूरी तय की। एक अन्य पोत एमवी राम प्रसाद बिस्मिल ने 17 फरवरी को हल्दिया से पांडु के लिए यात्रा शुरू की लेकिन अभी रास्ते में है। लेकिन यह पोत पहले ही धुबरी (असम) में बांग्लादेश सीमा पर पहुंच चुका है। इस मौके पर सोनोवाल ने कहा, ‘‘असम के लिए आज का दिन अंतर्देशीय जल परिवहन के लिहाज से नए युग की शुरुआत है। यह कारोबारी समुदाय को एक व्यावहारिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकल्प प्रदान करेगा।'' मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (आईबीआरपी) पर जहाजों के संचालन से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के नए युग की शुरुआत होगी।
- नागपुर (महाराष्ट्र) . नागपुर पुलिस ने एक रिक्शा चालक और एक दिव्यांग यात्री को वाहन में मिले 1.50 लाख रुपये नकदी से भरा बैग लौटाने पर उन्हें सम्मानित किया। एक अधिकारी ने बताया कि रिक्शा चालक सुशील पुंडलिक लहुतारे (50) और यात्री दिनेश आनंद थावरे (45) ने शनिवार को महबूब हसन नामक एक व्यक्ति द्वारा वाहन में छोड़ा गया बैग लौटा दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘थावरे रिक्शा में सवार हुए और लहुतारे को बैग के बारे में बताया। दोनों पचपौली थाने आए और वहां बैग जमा कर दिया। हम बैग के अंदर मिले कुछ दस्तावेजों की मदद से इसे हसन को वापस करने में कामयाब रहे।'' उन्होंने कहा कि दोनों को डीसीपी गजानन राजमाने ने सम्मानित किया।
- नयी दिल्ली. रामल्ला में भारत के प्रतिनिधि मुकुल आर्य का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह जानकारी दी। जयशंकर ने ट्वीट किया, ''रामल्ला में भारत के प्रतिनिधि मुकुल आर्य के निधन के बारे में जानकर स्तब्ध हूं।'' उन्होंने कहा, ''वह प्रतिभावान अधिकारी थे। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।'' आर्य के निधन के कारणों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।वर्ष 2008 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी मौर्य काबुल और मॉस्को के भारतीय दूतावास में भी तैनात रहे थे। वह पेरिस में यूनेस्को के लिए भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल में भी सेवाएं दे चुके थे। आर्य ने नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में भी कार्य किया था।
- नयी दिल्ली. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के समारोह के तौर पर सुदूर सीमावर्ती स्थानों समेत देशभर में रविवार को जन जागरूकता एवं नागरिक कल्याण कार्यक्रमों की शुरुआत की। ‘आजादी का अमृत महोत्सव: देश की हिफाजत-देश की सुरक्षा' के तहत 13 मार्च तक (आठ दिनों) तक कार्यक्रम होंगे। बल के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस श्रृंखला के तहत आईटीबीपी के कर्मी सुरक्षा के मानवीय रूप, अपनी जान कुर्बान करने वाले कर्मियों के परिवारों के प्रति सम्मान, पत्नी कल्याण एसोसिएशन के माध्यम से सहायता जैसे विषयों पर कार्यकम आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आईटीबीपी सीमावर्ती क्षेत्रों एवं नक्सल प्रभावित इलाकों में मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाएगा एवं स्कूली बच्चों के बीच स्टेशनरी एवं खेलकूद की चीजें वितरित करेगा। हमारी इकाइयों के तैनाती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों पर बैंड प्रदर्शनी की जाएगी।'' अधिकारी ने कहा कि ये कार्यक्रम गृह मंत्रालय की ओर से उसके अंतर्गत आने वाले सभी अर्द्धसैनिक बलों एवं अन्य एजेंसियों को भेजे गये दिशानिर्देशों के तहत आयोजित किये जाएंगे। प्राथमिक रूप से आईटीबीपी पर चीन के साथ लगती 3488 किलोमीटर वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा है।
- नयी दिल्ली. राज्य निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के तीन नगर निगमों के चुनाव में उतरने वाले उम्मीदवारों के लिए व्यय की सीमा 5.75 लाख रूपये से बढ़ाकर आठ लाख रूपये कर दी है। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के 272 वार्ड के लिए अप्रैल में चुनाव होने हैं। आयोग द्वारा अभी उसका कार्यक्रम घोषित किया जाना बाकी है। दिल्ली निर्वाचन आयोग के आयुक्त एस के श्रीवास्तव की ओर से शुक्रवार को जारी किये गये एक आदेश में कहा गया कि शहर के तीनों नगर निगमों जैसे उत्तरी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली एवं पूर्वी दिल्ली के चुनाव में किसी भी उम्मीदवार के व्यय की अधिकतम सीमा आठ लाख रूपये तय की जाती है। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि 2017 के पिछले चुनाव में अधिकतम व्यय सीमा 5.75 लाख रूपये थी। वर्ष 2004 के निगम चुनाव में अधिकतम व्यय सीमा चार लाख रूपये थी जिसे बढ़ाकर 2012 में पांच लाख रूपये तक किया गया। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने रविवार को ब् एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, ‘‘ वर्ष 2017 में उसमें 75000 रूपये की और वृद्धि की गयी। इस बार यह आठ लाख रूपये होगी।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट 2022-23 में वृद्धि को गति देने के तरीकों पर मंगलवार को आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करेंगे। वित्त मंत्रालय ने रविवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ‘वृद्धि को वित्तपोषण और आकांक्षावान अर्थव्यवस्था' विषय पर आयोजित इस वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इसमें केंद्र सरकार के 16 मंत्रालयों के अलावा नीति आयोग, क्षमता निर्माण आयोग और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। यह वेबिनार वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में की गई घोषणाओं पर आयोजित किए जा रहे विभिन्न आयोजनों का एक हिस्सा है। इस वेबिनार के जरिये विभिन्न क्षेत्रों के लिए घोषित कदमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कारगर रणनीति की पहचान और बजट घोषणाओं पर सार्वजनिक-निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
- पुणे . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन गंगा' की सफलता का श्रेय वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दिया है। सिम्बायसिस विश्वविद्यालय और उसके आरोग्य धाम की स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन समारोह में मोदी ने कहा, ‘‘हम ऑपरेशन गंगा के तहत युद्ध ग्रस्त क्षेत्र में फंसे हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के बढ़ते प्रभाव का असर है कि हम यूक्रेन के युद्ध ग्रस्त इलाकों से हजारों छात्रों को घर लाने में सफल रहे हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़े-बड़े देशों को भी अपने लोगों को वहां से निकालने में दिक्कत हो रही है। भारत सरकार द्वारा शनिवार को जारी बयान के अनुसार, यूक्रेन में बढ़ते संकट के मद्देनजर, भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन गंगा' के तहत युद्ध ग्रस्त देश में फंसे 13,700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यह अभियान पिछले सप्ताह शुरू हुआ था। पुणे में रविवार को छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पीढ़ी भाग्यवान है कि उसे ‘बचाव और परतंत्रता के मनोविज्ञान' की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर देश यह बदलाव देख रहा है तो इसका पूरा श्रेय युवाओं को जाता है। उन्होंने कहा कि देश पहले जिन क्षेत्रों में अपने कदम बढ़ाने की भी नहीं सोच सकता था आज उनमें दुनिया में अग्रणी है। प्रधानमंत्री ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण तथा रक्षा क्षेत्र का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा के क्षेत्र में, हम यह मानने लगे थे कि लोग हमें जो देंगे हम सिर्फ उसी के आधार पर कुछ कर सकते हैं। लेकिन आज चीजें बदल गयी हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि दो रक्षा गलियारे बन रहे हैं जहां आधुनिक हथियारों का निर्माण होगा और वह देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत दूसरे स्थान पर है। सात साल पहले, देश में मोबाइल बनाने वाली सिर्फ दो कंपनियां थीं। आज इस क्षेत्र में 200 से ज्यादा विनिर्माण इकाइयां हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सॉफ्टवेयर उद्योग से लेकर स्वास्थ्य के क्षेत्र तक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहनों तक तमाम नये क्षेत्र खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के क्षेत्र में सुधार हो रहा है, ड्रोन से लेकर सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीजें बेहतर हो रही हैं। इन सुधारों से युवाओं के लिए नये अवसर पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सरकार को युवाओं की क्षमता पर पूरा विश्वास है और इसलिए ज्यादातर सेक्टरों का उदारीकरण किया गया है।
- नयी दिल्ली. रेलवे देश भर के उन जिलों की ‘मैपिंग' कर रही है जहां खनन होता है ताकि उन्हें रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके और माल ढुलाई में बड़ा हिस्सा प्राप्त किया जा सके। अधिकारियों ने एक न्यूज़ एजेंसी को यह जानकारी दी। रेलवे ने अपनी ‘मिशन हंग्री फॉर कार्गो' पहल के तहत माल ढुलाई में 45 प्रतिशत हिस्सा पाने का लक्ष्य रखा है जो वर्तमान में 27 प्रतिशत है। इसके अंतर्गत मंडलों को जिलों की पहचान करने और वहां की खदानों के कुल उत्पाद के सर्वेक्षण का निर्देश दिया गया है। इसके अनुसार इन जिलों के आसपास रेल मार्ग की ‘मैपिंग' का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय ने अब तक देश भर में खदानों के सौ मीट्रिक टन उत्पादन क्षमता के सर्वेक्षण को मंजूरी दी है। अब तक 52 जिलों की पहचान की गई है। इनमें तिनसुकिया, रायगंज, कोरबा और दंतेवाड़ा शामिल हैं। उत्पादों में कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट चूना पत्थर शामिल है जिनका रेलवे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर परिवहन करना चाहती है।
- नयी दिल्ली। टीवी के 'ब्लैक एंड व्हाइट' दौर से अपने कॅरिअर की शुरुआत करने वाली टीवी एंकर सलमा सुल्तान के लिए 31 अक्टूबर, 1984 उनके करियर का सबसे मुश्किल दिन था, जब उन्हें देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की खबर पढऩी पड़ी थी। दूरदर्शन पर प्राइम टाइम में प्रसारित होने वाले समाचार की महत्वपूर्ण एंकर सुल्तान का कहना है कि खबर मिलने पर वह बेहद भावुक हो गयी थीं, लेकिन अपने पेशे का मान रखते हुए उन्होंने बेहद सलीके से अनुशासन के साथ समाचार पढ़ा। सुल्तान इस महीने 75 साल की हो जाएंगी।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पहले आयोजित कार्यक्रम 'वीमेन पावर' में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने सुल्तान को सम्मानित किया। करीब चार दशक पुराने समाचार को याद करते हुए सुल्तान ने कहा, ''दफ्तर में हम सभी सदमे में थे, सभी दुखी थे। लेकिन, न्यूजरूम में, हमें अनुशासन में रहते हुए बिना किसी पक्षपात के समाचार पढऩा था और मैंने उन हालात में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास किया।'' तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नयी दिल्ली के 1, सफदरजंग रोड स्थित उनके सरकारी आवास पर 31 अक्टूबर, 1984 की सुबह उन्हें गोली मारी गयी थी। इंदिरा को तत्काल एम्स, दिल्ली ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, 'आयरन लेडी' की मौत हो गई।एक साक्षात्कार में सुल्तान ने कहा कि अब वह समाचार नहीं देखती/सुनती हैं। तेजी से आती खबरों और लगभग हर दूसरे मिनट डिस्प्ले होने वाले ब्रेकिंग न्यूज के दौर में, समाचार प्रस्तुत करने के आज के तौर-तरीकों के संबंध में सवाल करने पर सुल्तान ने कहा, ''वर्तमान में भी एंकर बहुत मेहनत करते हैं। वे वही कर रहे हैं, जो उनसे करने को कहा जाता है। वे सिर्फ एक बड़े तंत्र का हिस्सा हैं।'' उन्होंने याद किया, ''हमारे दिनों में सभी डीडी पर आना चाहते थे, वह बेहद अनोखा संगठन था। वहां के लोगों ने हमें सिखाया, हम बहुत सुरक्षित थे, सभ्य लोगों से घिरे हुए थे।'' देश को आजादी मिलने से कुछ ही महीनों पहले भोपाल में जन्मीं सुल्तान और कुछ अन्य समाचार प्रस्तोता करीब तीन दशकों तक देश में लोगों तक खबरें पहुंचाने के लिए लोकप्रिय चेहरा रहीं। हालांकि, सुल्तान का भी मानना है कि आज की पत्रकारिता में सनसनी का बोलबाला हो गया है।
- नयी दिल्ली। भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकार की एक विशेषज्ञ समिति ने वयस्कों में बूस्टर खुराक के रूप में कोविड-19 रोधी टीके कोवोवैक्स के चरण-3 के क्लीनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की है। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 28 दिसंबर को वयस्कों में आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए कोवोवैक्स को स्वीकृति दी थी। इसे अभी देश के टीकाकरण अभियान में शामिल नहीं किया गया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को बूस्टर खुराक के रूप में एकल-खुराक कोविड-19 रोधी टीके स्पुतनिक लाइट के चरण -3 के क्लीनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की थी। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एसआईआई) में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने फरवरी में डीसीजीआई को एक अर्जी दी थी जिसमें कोवोवैक्स की सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मकता का मूल्यांकन करने के लिए उन लोगों को बूस्टर खुराक देकर इसके चरण-3 के नियंत्रित अध्ययन के लिए मंजूरी मांगी थी, जिन्होंने कम से कम तीन महीने पहले कोवीशील्ड या कोवैक्सीन का टीका लगाया हो। सिंह ने कहा है कि कई देश कोविड-19 महामारी की अनिश्चितताओं को देखते हुए पहले से ही अपने नागरिकों को बूस्टर खुराक दे रहे हैं। सिंह ने अर्जी में कहा, ‘‘हमें यकीन है कि इस क्लीनिकल परीक्षण के संचालन के लिए आपकी मंजूरी हमारे प्रधानमंत्री के 'मेकिंग इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' के दृष्टिकोण के अनुरूप हमारे देश के साथ-साथ दुनिया के लोगों के लिए बूस्टर खुराक के उपयोग के लिए कोवोवैक्स की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कंपनी हमारे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार सी पूनावाला के दूरदर्शी नेतृत्व में एक किफायती मूल्य पर विश्व स्तरीय जीवन रक्षक टीके उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमें भारतीय वयस्कों पर कोवोवैक्स की बूस्टर खुराक के लिए चरण-3 के क्लीनिकल परीक्षण की अनुमति दें।'
- शहडोल (मप्र)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में शनिवार रात छत्तीसगढ़ से उत्तरप्रदेश जा रही एक यात्री बस के पलट जाने से एक नाबालिग लड़की समेत तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।सिंहपुर के थाना प्रभारी रामेश्वर उइके ने बताया कि यात्री बस कवर्धा (छत्तीसगढ़) से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) जा रही थी तभी जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर पथखाई घाट पर शनिवार रात करीब 11.30 बजे वह अनियंत्रित हो गयी और पलट गई। उइके ने बताया कि हादसे में मरने वालों की पहचान मुंगेली (छत्तीसगढ़) निवासी महिमा (12), शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी नादिर खान और करीब 55 साल के एक व्यक्ति के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद बस चालक व परिचालक मौके से फरार हो गए। चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि 36 घायल यात्रियों में से 26 को शहडोल के मेडिकल कॉलेज और 10 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनमें से आठ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
- लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 54 विधानसभा सीट पर चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत सोमवार को मतदान होगा। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने रविवार को बताया कि सातवें चरण में वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और जौनपुर जिलों के 54 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लखनऊ में शुक्ल ने बताया कि चंदौली जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चकिया और सोनभद्र जिले के सामान्य निर्वाचन क्षेत्र राबर्ट्सगंज और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित दुद्धी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान सुबह सात बजे से शुरू होकर सायं चार बजे तक चलेगा। शेष 51 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे शाम छह बजे तक चलेगा। उन्होंने बताया कि सातवें चरण में 2.06 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और इनमें 1.09 करोड़ पुरुष, 97.08 लाख महिला तथा 1027 तृतीय श्रेणी (ट्रांसजेंडर) के मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि इस चरण के निर्वाचन में कुल 54 विधानसभा क्षेत्रों में 613 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 75 महिला प्रत्याशी हैं। सातवें चरण की 54 सीटों में से 11 अनुसूचित जाति के लिए और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पूर्ववर्ती छह चरणों में 349 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका है। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को हुआ था और 10 मार्च को मतगणना होगी। शुक्ल ने बताया कि चुनाव में कुल 23,614 मतदेय स्थल तथा 12,210 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। इस चरण में कई मंत्रियों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा। इनमें पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी (वाराणसी दक्षिण), अनिल राजभर (शिवपुर-वाराणसी), रविंद्र जायसवाल (वाराणसी उत्तर), गिरीश यादव (जौनपुर) और रमाशंकर पटेल (मड़िहान-मिर्जापुर) शामिल हैं। इसके अलावा विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भाजपा छोड़कर सपा में गए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान (घोसी-मऊ) और भाजपा का साथ छोड़कर इस बार सपा से गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे सुभासपा अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर (जहूराबाद-गाजीपुर), गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (मऊ सदर) तथा बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (मल्हनी-जौनपुर) की उम्मीदवारी वाली सीट पर भी सातवें चरण में ही वोट डाले जाएंगे। सातवें चरण के चुनाव के लिए प्रचार का कार्य शनिवार शाम समाप्त हो गया। भाजपा ने प्रचार के दौरान सत्ता विरोधी माहौल को समाप्त करने के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान कथित गुंडाराज, माफिया राज, अवैध वसूली, मुजफ्फरनगर दंगों जैसे मुद्दों को उठाया। भाजपा के विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसान आंदोलन, लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसानों की मौत, आवारा पशुओं की समस्या, गुंडा राज और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों के साथ मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार के तहत आखिरी जनसभा को वाराणसी में संबोधित किया। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव करहल के बाद जौनपुर जिले की मल्हनी में सभा को संबोधित करने आए। मल्हनी सीट से पार्टी के उम्मीदवार लकी यादव हैं, जो मुलायम सिंह के लंबे समय तक सहयोगी रहे दिवंगत पारसनाथ यादव के बेटे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वाराणसी में सपा गठबंधन के उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी वाराणसी में कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। इस दौरान बसपा प्रमुख मायावती ने भी वाराणसी समेत आस-पास के जिलों में चुनाव प्रचार किया।
- गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश). गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को एक ऐसे हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल के विकास की वकालत की, जिसके तहत सीआईएसएफ निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षित एवं प्रमाणित कर सके, ताकि वे देश की विभिन्न औद्योगिक और विनिर्माण इकाइयों की हिफाजत की जिम्मेदारी प्रभावी रूप से संभाल पाएं। उन्होंने कहा कि भारत जब 25 अरब डॉलर की मजबूत अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ा, तब 1969 में गठित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देश में औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने के लिए एक मूक ‘कर्मयोगी' की तरह काम किया और निजी विनिर्माण इकाइयों की रक्षा की। गृहमंत्री ने कहा कि 25 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था से 50 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा में विनिर्माण क्षेत्र में कई इकाइयां स्थापित की जाएंगी और सीआईएसएफ को नए परिदृश्यों का सामना करना पड़ेगा। कोई ब्योरा दिए बिना शाह ने कहा कि लगभग 1.64 लाख सुरक्षाकर्मियों से लैस सीआईएसएफ की भूमिका जल्द बढ़ सकती है। गृहमंत्री यहां सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया, “निजी सुरक्षा एजेंसियों का काम तेजी से बढ़ रहा है। हम उनकी कार्य प्रणाली निर्धारित करने के लिए नियम-कायदे लेकर आए हैं। क्या सीआईएसएफ निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी ले सकती है?” शाह ने कहा, “क्या हम ऐसी निजी विनिर्माण इकाइयों के लिए कोई सुरक्षा मॉडल तैयार कर सकते हैं, जिनमें 1,000 से 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं? हमें निजी सुरक्षा एजेंसियों की दक्षता बढ़ानी होगी, क्योंकि देश की सभी औद्योगिक और विनिर्माण इकाइयों की सुरक्षा का दायित्व अकेले सीआईएसएफ नहीं पूरा कर सकती है।” गृहमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि औद्योगिक सुरक्षा में शामिल सभी एजेंसियां इस क्षेत्र की हिफाजत में उसके जितनी कुशल हों, यह सुनिश्चित करना सीआईएसएफ की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल विकसित किया जा सकता है, जिसमें सीआईएसएफ रणनीति तैयार करेगी और जहां निजी एजेंसियों और सीआईएसएफ, दोनों के सुरक्षाकर्मी साथ काम कर पाएंगे, ताकि अर्धसैनिक बल इस जिम्मेदारी से धीरे-धीरे बाहर आकर अपने कार्यों को निजी सुरक्षा एजेंसियों को सौंप सके। सीआईएसएफ मौजूदा समय में तेल, बिजली, सूचना प्रौद्योगिकी, नागरिक उड्डयन, दिल्ली मेट्रो, एयरोस्पेस और परमाणु ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के कुल 354 सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही है। शाह ने अर्धसैनिक बल को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर अपने दृष्टिकोण को ‘आक्रामक रूप से' बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ फिलहाल 11 निजी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रही है और यह संख्या काफी कम है। मौजूदा समय में मैसूर, बेंगलुरु और पुणे में इंफोसिस परिसर, हरिद्वार में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क तथा गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी उन निजी प्रतिष्ठानों में शामिल है, जो सीआईएसएफ की सुरक्षा निगरानी के दायरे में आते हैं। उन्होंने सीआईएसएफ को 25 साल का खाका भी तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि भारत जब अपनी आजादी के 100वें वर्ष में प्रवेश करे, तब तक यह एक ‘परिणाम-उन्मुख' सुरक्षा एजेंसी के रूप में उभर सके। सीमाओं और बंदरगाहों के पास स्थित औद्योगिक इकाइयों पर ड्रोन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर गृहमंत्री ने सीआईएसएफ से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर इसके खिलाफ एक प्रभावी प्रौद्योगिकी तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न हवाईअड्डों पर तैनात सीआईएसएफ जवान भी ‘ऑपरेशन गंगा' का हिस्सा हैं, जिसके तहत भारतीयों को विशेष उड़ानों के जरिये युद्ध प्रभावित यूक्रेन से निकाला जा रहा है। शाह ने कहा, “मैं सीआईएसएफ कर्मियों को बहुत विनम्र और अच्छे व्यवहार के साथ भारतीयों की अगवानी करते हुए देखता हूं।” उन्होंने सीआईएसएफ से ऐसे उपाय तलाशने का भी आग्रह किया, जिससे बल में महिला कर्मियों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके। कार्यक्रम में सीआईएसएफ के महानिदेशक शील वर्धन सिंह ने कहा कि सीआईएसएफ भारत में निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण और प्रमाणन में बेहद अहम भूमिका निभा सकता है, जो फिलहाल असंगठित तरीके से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ हवाई अड्डों और बंदरगाहों के अलावा ड्रोन विरोधी अभियान और समुद्री एवं त्वरित परिवहन प्रणाली में एक ‘विशेष एवं एकीकृत' सुरक्षा एजेंसी की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। लगभग 1.64 लाख सुरक्षाकर्मियों से लैस सीआईएसएफ मौजूदा समय में देश के 65 नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की हिफाजत की जिम्मेदारी भी उस पर है। सीआईएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है।
- पुणे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जब कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण को समर्पित 'आर्ट गैलरी' सह संग्रहालय का उद्घाटन किया तो उनके परिवार का तो जैसे सपना ही पूरा हो गया। बालेवाड़ी में स्थित आर्ट गैलरी का मुख्य आकर्षण मालगुड़ी गांव पर आधारित छोटा सा मॉडल है जो 'ऑडियो-विजुअल इफेक्ट्स' की मदद से सजीव हो उठा है। आर्ट गैलरी में लक्ष्मण द्वारा बनाए गए 30,000 से ज्यादा चित्र रखे गए हैं। लक्ष्मण अपनी कार्टून रचना ‘द कॉमन मैन' के लिए प्रसिद्ध हैं। ये चित्र डिजिटल और सामान्य दोनों ही रूपों में उपलब्ध हैं। मालगुड़ी दक्षिण भारत का एक ‘काल्पनिक गांव' है जिसे आर. के. लक्ष्मण के भाई आर. के. नारायण ने अपनी लघु कहानियों के संग्रह ‘मालगुड़ी डेज' के लिए बनाया है। गैलरी का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं उषा लक्ष्मण (आर. के. लक्ष्मण की पुत्रवधू) को बधाई देना चाहता हूं। आज आर. के. लक्ष्मण को समर्पित आधुनिक आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया गया... मैं उषाजी और उनके परिवार को उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ इस परियोजना को पूरा करने के लिए बधाई देता हूं।'' इस अवसर पर उषा लक्ष्मण ने कहा कि इस परियोजना की शुरूआत 26 जनवरी, 2015 को हुई थी, जब लक्ष्मण का निधन हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी पुणे में हुए आर. के. लक्ष्मण के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। हालांकि, उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को इस संग्रहालय की घोषणा करने का निर्देश दिया था।''
- भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को कहा कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन में फंसे प्रदेश के कुल 454 लोगों में से 421 अब तक वहां से सुरक्षित वापस आ चुके हैं। प्रदेश के गृह मंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पत्रकारों से कहा कि मध्य प्रदेश के कुछ मूल निवासी यूक्रेन के रास्ते में हैं, जबकि अन्य जल्द ही यूक्रेन छोड़ देंगे। मिश्रा ने कहा कि यूक्रेन में फंसे मध्य प्रदेश के कुल 454 लोगों में से 421 लोग सुरक्षित अपने गृह राज्य लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ लोग अभी रास्ते में हैं, जबकि अन्य घर लौटने के लिए यूक्रेन छोड़ने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के ऐसे सभी मूल निवासी जिनमें छात्र भी शामिल हैं, प्रदेश सरकार के संपर्क में है। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही दिल्ली लौटने वाले छात्रों को मुफ्त भोजन, आवास और उसके बाद उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। मध्य प्रदेश की मंत्रिपरिषद ने बृहस्पतिवार को ऑपरेशन गंगा शुरू करके यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया था। मालूम हो कि 24 फरवरी से यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है। इसलिए भारत, रोमानिया, हंगरी और पोलैंड जैसे यूक्रेन के पड़ोसी देशों से विशेष उड़ानें संचालित करके भारत अपने नागरिकों को निकाल रहा है।
- नयी दिल्ली. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर बेंगलुरु में 7-8 मार्च को होने वाले इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान चंद्रशेखर 30 यूनिकॉर्न कंपनियों के संस्थापकों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वह स्टार्टअप परिदृश्य में सुधार से जुड़े मसलों पर चर्चा करेंगे। मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, आईजीएफ बेंगलुरु में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल होंगी। मंत्री इस मंच पर ‘न्यू इंडिया इंक' विषय पर आयोजित होने वाले सत्र को संबोधित करेंगे। पहली बार आईजीएफ का आयोजन बेंगलुरु में किया जा रहा है।
- पुणे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन गंगा' की सफलता का श्रेय वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दिया है। सिम्बायसिस विश्वविद्यालय और उसके आरोग्य धाम की स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन समारोह में मोदी ने कहा, ‘‘हम ऑपरेशन गंगा के तहत युद्ध ग्रस्त क्षेत्र में फंसे हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के बढ़ते प्रभाव का असर है कि हम यूक्रेन के युद्ध ग्रस्त इलाकों से हजारों छात्रों को घर लाने में सफल रहे हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़े-बड़े देशों को भी अपने लोगों को वहां से निकालने में दिक्कत हो रही है। भारत सरकार द्वारा शनिवार को जारी बयान के अनुसार, यूक्रेन में बढ़ते संकट के मद्देनजर, भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन गंगा' के तहत युद्ध ग्रस्त देश में फंसे 13,700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यह अभियान पिछले सप्ताह शुरू हुआ था। पुणे में रविवार को छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पीढ़ी भाग्यवान है कि उसे ‘बचाव और परतंत्रता के मनोविज्ञान' की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर देश यह बदलाव देख रहा है तो इसका पूरा श्रेय युवाओं को जाता है। उन्होंने कहा कि देश पहले जिन क्षेत्रों में अपने कदम बढ़ाने की भी नहीं सोच सकता था आज उनमें दुनिया में अग्रणी है। प्रधानमंत्री ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण तथा रक्षा क्षेत्र का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा के क्षेत्र में, हम यह मानने लगे थे कि लोग हमें जो देंगे हम सिर्फ उसी के आधार पर कुछ कर सकते हैं। लेकिन आज चीजें बदल गयी हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि दो रक्षा गलियारे बन रहे हैं जहां आधुनिक हथियारों का निर्माण होगा और वह देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत दूसरे स्थान पर है। सात साल पहले, देश में मोबाइल बनाने वाली सिर्फ दो कंपनियां थीं। आज इस क्षेत्र में 200 से ज्यादा विनिर्माण इकाइयां हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सॉफ्टवेयर उद्योग से लेकर स्वास्थ्य के क्षेत्र तक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहनों तक तमाम नये क्षेत्र खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के क्षेत्र में सुधार हो रहा है, ड्रोन से लेकर सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीजें बेहतर हो रही हैं। इन सुधारों से युवाओं के लिए नये अवसर पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सरकार को युवाओं की क्षमता पर पूरा विश्वास है और इसलिए ज्यादातर सेक्टरों का उदारीकरण किया गया है।
- बीड .महाराष्ट्र के बीड जिले में शनिवार देर रात एक कार फिसल कर एक पेड़ से टकरा गई जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह घटना गेवराई तालुका के रक्षाभुवन रोड पर देर रात करीब दो बजे हुई और मृतक की पहचान नितिन जाधव के रूप में की गई है। जाधव जिले में मंडल अधिकारी थे जो एक अन्य कर्मी के साथ जिला मुख्यालय वापस आ रहे थे। अधिकारी ने कहा, “वाहन चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया जिससे वह सड़क से फिसल कर पेड़ से टकरा गई। एक मामला दर्ज किया गया है और आगे जांच की जा जारी है।
- नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आखिरी चरण के मतदान के दिन सात मार्च को निर्वाचन आयोग विदेशी चुनाव प्रबंधन निकायों के लिए आभासी माध्यम से अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) का आयोजन करेगा। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय पहुंच और चुनाव प्रबंधन निकायों को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की चुनावी व्यवस्था और प्रक्रिया से परिचित करवाने की पहल के तहत यह आयोजन एक अहम घटक है। बयान में कहा गया कि आईईवीपी-2022 निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी बेहतरीन परिपाटियों और अनुभवों को साझा करने का भी अवसर प्रदान करेगा। इसके मुताबिक, निर्वाचन आयोग के पास यह भी साझा करने का अवसर होगा कि उसने कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किस तरह के कदम उठाये। गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव में कुल 18.34 करोड़ मतदाता हैं। गोवा, उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर में मतदान खत्म हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण का मतदान सोमवार को होगा। दुनियाभर के 26 से अधिक देशों के 135 से अधिक प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, बहामास, भूटान, क्रोएशिया, इथियोपिया, फिजी, जॉर्जिया, गिनी, गुयाना, केन्या, लाइबेरिया, मालदीव, मॉरीशस, माल्दोवा, मंगोलिया, म्यांमार, फिलीपींस, रोमानिया आदि शामिल हैं। इस कार्यक्रम में चार अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय आईडिया, अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रणाली संघ (आईएफईएस) और विश्व चुनाव निकाय संघ (ए-वेब) शामिल हैं। बयान में कहा गया कि 20 देशों के भारत में स्थित राजदूतों, उच्चायुक्तों और राजनयिक हलकों के अन्य सदस्यों को भी आभासी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
- सहारनपुर. उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में थाना फतेहपुर के अन्तर्गत एक रेस्तरां के पास शामली निवासी एक चिकित्सक ने अपनी पत्नी के सामने ही कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।सहारनपुर के एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि शामली निवासी डॉ. आर. पी. सिंह अपनी पत्नी डॉ. अलका सिंह के साथ शनिवार रात को अपनी कार से देहरादून जा रहे थे और रास्ते में दोनों रात साढे आठ बजे फतेहपुर थाना क्षेत्र में एक रेस्तरां पर रुके, जहां उनकी पत्नी शौचालय गई। तोमर ने बताया, ‘‘चिकित्सक दम्पती वहां लगभग डेढ घण्टे रुके और इस दौरान वे कभी कार में बैठते तो कभी इससे उतर जाते। इसी क्रम में चिकित्सक डॉ. आर. पी. सिंह कार से उतरे और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी कनपटी पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चिकित्सक की पत्नी जल्दी से उतरकर अपने पति के पास दौड़ी तो उनके पति खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़े थे।'' तोमर ने बताया कि मृतक की पत्नी डॉ. अलका ने बताया कि उनके पति कुछ परेशान थे और उनका (डॉ. सिंह का) कहना था कि उनसे गाड़ी नहीं चल पा रही है। एसएसपी के अनुसार, मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतक चिकित्सक का एक घर देहरादून में भी है और अक्सर वे सप्ताहांत पर शामली से देहरादून चले जाते थे तथा कल रात भी पति-पत्नी देहरादून ही जा रहे थे। तोमर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- फिरोजाबाद (उप्र). जिले के टूंडला क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा के पास कारखाने से मजदूरी कर लौट रहे दो सगे भाइयों की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। टूंडला के पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि नगला सिंघी थाना क्षेत्र के नगला शिवलाल निवासी शैलेंद्र (25) और उसका भाई योगेश (21) फिरोजाबाद स्थित एक कांच फैक्टरी में मजदूरी कर आज सुबह मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहे थे कि रास्ते में टोल प्लाजा के पास दोनों भाइयों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई जिनके शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
- जयपुर . राजस्थान के बाड़मेर और जयपुर जिलों में दो अलग अलग हादसों में पानी में डूबने से दो महिलाओं और उनके दो बेटों की रविवार को मौत हो गई। चौहटन थाने के प्रभारी भूटाराम बिश्नोई ने बताया कि केरनाड़ा गांव स्थित एक घर में बने पानी के टांके में रविवार सुबह तीन वर्षीय कृष्ण कुमार गिर गया जिसे बचाने के लिए उसकी मां चतरू प्रतापत (25) टांके में कूद गई जिससे मां-बेटे दोनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये स्थानीय अस्पताल भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। थार रेगिस्तान (राजस्थान) में बारिश के पानी को इकठ्ठा करने के लिए पारम्परिक तकनीक से एक बड़ा गड्ढा बनाया जाता है। इसे टांका कहा जाता है। राजधानी जयपुर के चाकसू थाना क्षेत्र के शक्कर खावदां गांव में एक महिला खेत में बने कुएं से पानी निकालते समय उसमें गिर गई और उसकी आवाज सुनकर खेत में काम कर रहा उसका बेटा उसे बचाने के लिए कुएं में कूदा लेकिन दोनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। थानाधिकारी यशवंत सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान सोना देवी (50) और उसके बेटे गिर्राज (25) के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मृग दर्ज कर जांच की जा रही है।
- पुणे . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे मेट्रो रेल परियोजना का रविवार को उद्घाटन किया और एक काउंटर से स्वयं टिकट खरीदकर ट्रेन में यात्रा की। मोदी ने कुल 32.2 किलोमीटर लंबी परियोजना के 12 किलोमीटर के हिस्से का गरवारे मेट्रो स्टेशन पर उद्घाटन किया और इस स्टेशन से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित आनंदनगर स्टेशन तक मेट्रो की यात्रा की। मोदी ने 10 मिनट की इस यात्रा के दौरान मेट्रो के डिब्बे में मौजूद दृष्टिहीन लोगों समेत दिव्यांगजनों से बातचीत की। गरवारे स्टेशन से मेट्रो ट्रेन में सवार होने से पहले मोदी ने वहां लगाई गई परियोजना की एक प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया। मेट्रो परियोजना के 12 किलोमीटर लंबे मार्ग में दो मेट्रो लाइन पर गरवारे कॉलेज से वनाज (पांच किमी) तक और पिंपरी चिंचवाड़ नगर निकाय से फुगेवाड़ी (सात किमी) तक प्राथमिकता वाले दो खंड शामिल हैं। पुणे मेट्रो परियोजना की कुल लागत 11,400 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री ने 24 दिसंबर, 2016 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह के तहत फिटनेस और अच्छे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए रविवार को यहां राष्ट्रपति भवन में एक दौड़ का आयोजन किया। ‘आजादी का अमृत महोत्सव' आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है। राष्ट्रपति कार्यालय ने बयान में कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद ने दौड़ को हरी झंडी दिखाई। पांच किलोमीटर की दौड़ राष्ट्रपति भवन के प्रांगण से शुरू हुई और राष्ट्रपति भवन खेल परिसर जाकर समाप्त हुई। इसने कहा कि राष्ट्रपति के साथ राष्ट्रपति सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने दौड़ में भाग लिया।
- अमृतसर। पंजाब के सीमावर्ती शहर अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शिविर में एक कर्मी ने रविवार को कथित रूप से गोलीबारी कर दी, जिसमें बीएसएफ के पांच कर्मियों की मौत हो गई तथा एक अन्य घायल हो गया। इस दौरान गोलीबारी करने वाले कर्मी की भी मौत हो गई। IG बीएसएफ अमृतसर, आसिफ जलाल ने जानकारी दी कि ये घटना सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास हुई है, एक कांस्टेबल ने गोली चलाई है जिसमें BSF के पांच जवानों की मृत्यु हो गई है और एक व्यक्ति घायल है।इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न साढ़े नौ से पौने 10 बजे के बीच उस समय हुई, जब कांस्टेबल सातेप्पा एस. के. ने अपनी सर्विस राइफल से अपने पांच कर्मियों पर कथित रूप से गोलीबारी कर दी और इस दौरान आरोपी सातेप्पा की भी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह घटना भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अटारी-वाघा सीमा चौकी से करीब 12-13 किलोमीटर दूर खासा इलाके में 144वीं बटालियन के परिसर में हुई।बहरहाल, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी ने स्वयं को गोली मारी या वह किसी अन्य की गोलीबारी में मारा गया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी अपने काम के घंटों को लेकर स्पष्ट रूप से गुस्से में थे और उसने परिसर में खड़े कमांडिंग ऑफिसर के वाहन पर भी गोलियां चलाईं।बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमृतसर में बल के एक शिविर पर एक जवान की गोलीबारी में पांच बीएसएफ कर्मियों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।गोलीबारी में घायल हुए छठे जवान की स्थिति गंभीर है और वह अस्पताल में भर्ती है। गोलीबारी की चपेट में आने वालों में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल रैंक के कर्मी शामिल हैं।प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश दिया गया है ।



























