- Home
- देश
- वाराणसी। दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद घोषी से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद अतुल राय पर शनिवार को लंका थाने में गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही एक अन्य आरोपी सुजीत बेलवा पर भी इस अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के अनुसार, सांसद अतुल राय और सुजीत बेलवा पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों पर लगीं गंभीर धाराओं और जनहित को देखते हुए लंका थाने में गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि राय ओर बेलवा दोनों पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही दोनों की आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्तियां जब्त की जाएंगी।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोविड-19 रोधी टीके बनाने वाली सात भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान इन प्रतिनिधियों ने कहा कि महज नौ महीनों में नागरिकों को टीकों की 100 करोड़ खुराक देने के पीछे प्रधानमंत्री का नेतृत्व एक प्रमुख कारक रहा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने इस दौरान टीकों को लेकर शोध सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से इस मुलाकात में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जाइडस कैडिला, बॉयोलॉजिकल ई, जेन्नोवा बायोफार्मा और पैनेसिया बायोटेक के प्रतिनिधि मौजूद थे। इनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती पवार ने भी बैठक में शिरकत की। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक टीकों की 101.30 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। बैठक के बाद सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री की दृष्टि को श्रेय दिया और कहा कि टीका उद्योग को आगे ले जाने, क्षमता लगातार बढ़ाने और भविष्य की महामारियों की तैयारी को लेकर प्रधानमंत्री के साथ बैठक में चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘अब पूरे विश्व में, देश टीकों के उत्पादन में निवेश करने वाले हैं और भारत को इसमें आगे रहने की जरूरत है। इसे सरकार और उद्योग जगत के साथ मिलकर कैसे आगे बढ़ाना है, इस बारे में हमने चर्चा की।'' अदार पूनावाला के पिता साइरस पूनावाला ने कहा कि उनके मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अगर स्वास्थ्य मंत्रालय का नेतृत्व ना किया होता तो आज भारत टीकों की एक सौ करोड़ खुराक नहीं उपलब्ध करा पाता। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह पिछले साल नवंबर में पुणे आए थे तो मैंने उन्हें आश्वस्त किया था कि टीकों के मामले में हम भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे और दुनिया का सबसे सस्ता टीका विकसित करेंगे। आज वह बहुत खुश थे कि उस आश्वासन को हमने पूरा किया है।'' एक वीडियो संदेश में जाइडस कैडिला के पंकज पटेल ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने टीके विकसित किए, उसके लिए सबसे बड़े कारक प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने शुरू से हमें प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि आप करो, सरकार आपके साथ है। आपको जहां भी असुविधा होगी, सरकार आपको सहयोग करेगी। इसी वजह से हम टीके विकसित कर पाए।'' उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में नवोन्मेष का जो नया अध्याय आरंभ हुआ है, वह बहुत तेजी से बढ़ेगा और भारत एक नवोन्मेषी राष्ट्र के रूप में उभरेगा। भारत बायोटेक के कृष्णा इल्ला ने कहा कि 100 करोड़ टीकों की खुराक देने की उपलब्धि आसान नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इसे करने को लेकर प्रतिबद्ध थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी नकारात्मक्ताओं को अवसर में परिवर्तित किया।उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने इसे संभव कर दिखाया। मैं समझता हूं कि कोई नेता अपने देश के लिए क्या कर सकता है, यह उसका उदाहरण है।'' भारत बायोटेक की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा इल्ला ने इस मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और एक ट्वीट में कहा कि यह संवाद विचारोत्तेजक और वैश्विक नवोन्मेष और निर्माण में नेतृत्व देने के लिए भारतीय बायोफार्मा कंपनियों को तैयार करने की अंतरदृष्टि वाला रहा। भारत ने 21 अक्टूबर को महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान के तहत एक अरब खुराक का आंकड़ा पार कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी, जिसके लिए दुनियाभर से देश को बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। देश में टीकाकरण के पात्र वयस्कों में से 75 प्रतिशत से अधिक लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं। नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी पात्र लोगों को टीकों की पहली खुराक दी जा चुकी है।
- केंद्रपाड़ा (ओडिशा)।ओडिशा के कटक जिले में मछली पकड़ने के जाल में फंस गए घडियाल के बच्चे को बचाया गया। वन विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक मछुआरे ने शुक्रवार को छोटी गांव के पास बिरुपा नाले में ताजे पानी में पायी जाने वाली मगरमच्छ की प्रजाति के घड़ियाल को अपने जाल में फंसा पाया। घडियाल को लुप्तप्राय जीवों की श्रेणी में रखा गया है। स्थानीय मछुआरे जाल में इस अप्रत्याशित जीव को फंसा पाकर घबरा गए, लेकिन उन्होंने घड़ियाल को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। उन्होंने इस बारे में वन विभाग को सूचना दी जिन्होंने जाल में फंसे घडियाल को निकाला। अधिकारी ने कहा कि विभाग ने घड़ियाल को अपने कब्जे में ले लिया है जिसे बाद में अंगुल जिले के टिकरपाड़ा वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ दिया जाएगा। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर के अनुसार, घड़ियाल अपने लंबे थूथन के कारण मछली पकड़ने के जाल में फंस जाते हैं। यह दावा किया जाता है कि केंद्रपाड़ा भारत का एकमात्र ऐसा जिला है जहां मगरमच्छ की तीनों प्रजातियां - खारे पानी का मगरमच्छ, घड़ियाल और मगर पाई जाती हैं।
- मुजफ्फरनगर । उत्तर प्रदेश के शामली जिले के धनेना गांव में दो लड़के नहर में डूब गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। उप निरीक्षक कमल किशोर ने बताया, प्रतीत होता है कि लड़के घरीपुक्था थाना क्षेत्र में स्थित नहर में फिसल गए और डूब गए। उन्होंने बताया कि हिमांशु (सात) और राम भरोसे (आठ) दोनों बृहस्पतिवार शाम को अन्य बच्चों के साथ बाहर खेलने गए थे। पीड़ित परिवारों ने बताया कि बच्चे अन्य दोस्तों के साथ नहर के पास गए थे लेकिन दोनों बृहस्पतिवार शाम से घर नहीं लौटे थे। शुक्रवार को तलाश अभियान के दौरान उनके शव नहर में मिले।-file photo
- शाहजहांपुर (उप्र)। गंगा नदी और रामगंगा के तट पर बसे गांवों की करीब 80 महिलाओं का समूह बल्ब और रोशनी वाली लाइटें बनाने का काम सीख रहा है। कभी उत्तर प्रदेश के इस इलाके में डकैतों का आतंक हुआ करता था। आज शाहजहांपुर के भारतीय उद्योग संघ की पहल पर यहां की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।जिला मजिस्ट्रेट विक्रम सिंह ने कहा कि इस पहल का मकसद ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त करना है। इससे यहां कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।सिंह ने इस पहल को असाधारण बताते हुए कहा कि इसके जरिये हमारी चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। ‘‘इससे बेरोजगार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।’’भारतीय उद्योग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि इस पहल की शुरुआत शाहजहांपुर से हुई है और अभी 80 महिलाएं इसका हिस्सा हैं। ये महिलाएं गंगा नदी और रामगंगा क्षेत्रों के गांवों से आती हैं, जहां कभी डकैतों का आतंक होता था। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं को लखनऊ के प्रशिक्षक विवेक सिंह प्रशिक्षण दे रहे हैं। अग्रवाल ने कहा, ‘‘इन महिलाओं को बल्ब, दिवाली पर रोशनी वाली लाइटें बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि इन महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पाद बड़ी कंपनियां सीधे खरीदेंगी। कच्चा माल भी यही कंपनियां उपलब्ध कराएंगी। अग्रवाल ने कहा कि इस पहल को पूरे राज्य में कार्यान्वित किया जाएगा। उसके बाद इसका देश के अन्य राज्यों में विस्तार किया जाएगा।
-
जयपुर। किशनगढ़ के जयपुर-अजमेर हाईवे पर दो ट्रेलर की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक ट्रेलर के ड्राइवर और क्लीनर जिंदा जल गए। वहीं दूसरे ट्रेलर के घायल चालक को यज्ञनारायण अस्पताल में भर्ती कराया है। आग लगने से हाईवे पर यातायात ठप हो गया। दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
सीओ सिटी भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि शॉर्ट कट के कारण जयपुर से अजमेर की तरफ ड्राइव कर एक खाली ट्रेलर हाईवे पर आया। खाली ट्रेलर की भिड़ंत अजमेर से जयपुर की ओर जा रहे दूसरे सीमेंट से भरे ट्रेलर से हो गई। इसमें खाली ट्रेलर के चालक और क्लीनर जिंदा जल गए। भिड़ंत के बाद ट्रेलर ने आग पकड़ ली। गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया गया। बाद में ट्रेलर चालक और खलासी के जले हुए क्षत-विक्षत शवों को पुलिस ने मॉच्र्युरी में रखवाया। सीओ सिटी भूपेंद्र शर्मा भी मौके पर पहुंचे।
गांधी नगर एसएचओ शंभूसिंह ने बताया कि मृतक महेशवास, जोबनेर जयपुर निवासी शंकर लाल जाट (23) एवं अखिराम गुर्जर (25) है। दोनों पड़ोसी है और यज्ञनारायण अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिए गए है। बहरहाल गांधीनगर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। -
मुंबई। महाराष्ट्र में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां कटराज-मुंबई मार्ग पर नावले पुल के पास एक टैंकर ने सात सीटों वाले वाहन को टक्कर मार दी। इसके बाद टैंकर एक खाली कंटेनर में जा घुसा। हादसे में तीन लोगों की मौत होने की खबर है। फिलहाल 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
सिंघड़ रोड पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक देवीदास घेवरे ने कहा कि घटना के वक्त टैंकर मुंबई की ओर जा रहा था। पुलिस के मुताबिक टैंकर ने ओवरटेक करने की कोशिश करते हुए पहले सात सीटर वाहन को टक्कर मारी। इसके बाद वह असंतुलित हो गया और फिर एक खाली कंटेनर से जा टकराया। मृतकों में से दो सात-सीटर वाले वाहन में सवार लोग भी शामिल हैं। तीसरा मृतक पर पुलिस को संदेह है कि वह पास से गुजर रहा कोई युवक हो सकता है। -
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक 40 वर्षीय व्यक्ति की कुएं में उतरने से मौत हो गई। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कंचनपुर गांव में युवक का शव 20 घंटे के बाद कुआं से निकाला गया।
बिंदकी एसओ ने बताया कि सेलावन गांव का रहने वाला जितेंद्र सैनी पास के गांव कंचनपुर गया था। वहां जाकर अपने दोस्तों के साथ नशा किया।कंचनपुर से अपने गांव सेलावन आते समय रास्ते में एक कुएं पर कुछ लोग खड़े थे। दीनू भी अपने दोस्तों के साथ कुआं के नजदीक पहुंच गया। वहां पास खड़े छोटेलाल उत्तम ने बताया कि कुएं में मेरा मोबाइल गिर गया है। कोई नीचे उतरकर मेरा मोबाइल निकाल दे, उसे मैं 150 रुपए दूंगा। अन्य लोगों ने कुएं में उतरने से मना कर दिया। दीनू तैयार हो गया। कुएं में उतर तो गया लेकिन कुआं में दलदल होने की वजह से निकल नहीं पाया और जान गंवा बैठा।
बिंदकी एसओ ने बताया कि गुरुवार की शाम को मोबाइल निकालने के लिए कुएं में नीचे उतरा दीनू सैनी का शव शुक्रवार को निकाला गया। गुरुवार की शाम को फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने शव को कुआं से निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन निकाल नहीं पाए। दूसरे दिन करीब 20 घंटे की मशक्कत के बाद शव को निकालने में कामयाब हुए।
बिंदकी एसओ ने बताया कि फायर ब्रिगेड और गांव वालों की मदद से शव को कुएं से निकाला गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। -
नई दिल्ली। दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। बादली के पास एक कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है। इनमें 3 पुरुष, 3 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। हादसे में एक महिला, एक बच्ची और कार चालक घायल है। मारे गए सभी लोग उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें से एक को छोड़कर अन्य सभी एक ही परिवार के थे और राजस्थान के गोगामेड़ी से वापस घर जा रहे थे। हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुई एक महिला को रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया।
झज्जर के डीसी श्याम लाल पूनिया ने बताया कि उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद जिले के नंगला अनूप गांव के शिव कुमार, उनकी पत्नी मुन्नी देवी, बेटा मनोज, पुत्रवधु स्वीटी, बेटी खुशबू व आरती और आरती की बेटी आंशी, खुशबू का बेटा प्रियांशु व मनोज की डेढ़ साल की बेटी श्री दो दिन पहले राजस्थान के गोगामेड़ी में दर्शन करने के लिए गए थे। ये लोग अपने पड़ोसी बबलू की कार किराए पर ले गए। बबलू भी इनके साथ गया और कार यूपी के करहेटा का अमन चला रहा था। गोगामेड़ी में माथा टेकने के बाद 21 अक्टूबर की रात सभी लोग वापस यूपी के लिए रवाना हुए। शुक्रवार बादली के पास केएमपी एक्सप्रेस-वे पर सड़क किनारे साइड में एक ट्रक खड़ा था। रातभर के सफर की वजह से कुछ लोगों ने टॉयलेट वगैरह जाने की बात कही तो अमन ने अपनी कार साइड में लगाकर उस ट्रक के पीछे रोक दी। उसी समय पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। जोरदार धमाके के साथ पीछे से ट्रक की टक्कर लगने से कार का आधा हिस्सा आगे खड़े ट्रक में जा घुसा। जो हिस्सा बचा, उसके परखच्चे पीछे टक्कर मारने वाले ट्रक ने उड़ा दिए। एक्सीडेंट के बाद हाइवे से गुजर रहे वाहनचालकों ने आरती और अमन को तो बड़ी मुश्किल से बाहर निकाल लिया मगर बाकी लोग कार में ही फंस गए। उधर एक्सीडेंट के बाद दोनों ट्रकों के आरोपी ड्राइवर मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस की मदद से लोगों को कार से निकाला गया।
डीसी श्याम लाल पूनिया ने बताया कि इस एक्सीडेंट में मरने वाले आठ लोगों में से 7 एक ही परिवार के हैं। मरने वालों की पहचान शिवकुमार (60), मुन्नी देवी (55), बेटा मनोज (30), स्वीटी (25), खुशबू, प्रियांशु (8), श्री (डेढ़ साल) और बबलू के रूप में हुई। घायलों में 20 साल की आरती, आरती की 3 साल की बेटी आंशी और कार चालक अमन शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही यूपी के नंगला अनूप गांव में परिवार के रिश्तेदार बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो गए।बादली पुलिस ने फरार ट्रक चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
झज्जर के डीसी श्याम लाल पूनिया ने बादली के एसडीएम विशाल कुमार और दूसरे अधिकारियों के साथ दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। डीसी ने झज्जर के सीएमओ को घायलों के उचित उपचार के भी निर्देश दिए। -
बाड़मेर। बाड़मेर बाइपास पर देर रात हुए एक सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई। दोनों बेटी का एडमिशन करवाकर गांव लौट रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बालोतरा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
पचपदरा थानाधिकारी प्रदीप डांगा ने बताया कि पेमाराम अपनी बेटी का जयपुर कॉलेज में एडमिशन के लिए दोस्त किशनाराम को साथ लेकर गया था। देर रात करीब 3 बजे रात पचपदरा बाईपास पर अज्ञात वाहन ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर मारने वाला ड्राइवर वहां से भाग गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। कार सवार दोनों दोस्त उसमें फंस गए। दोनों को बाहर निकाला। एंबुलेंस से बालोतरा अस्पताल ले जाने के दौरान दोनों की मौत हो गई।
पचपदरा थानाधिकारी प्रदीप डांगा के मुताबिक हादसे में पीपराली गुड़ामालानी निवासी पेमाराम (40), किशनाराम (32) की मौत हो गई। किशनाराम ग्राम रोजगार सहायक पद पर पीपराली ग्राम पंचायत में कार्यरत था। पुलिस जांच कर रही है कि हादसा कैसे हुआ। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। - नयी दिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगाये गये प्रतिबंधों को तुरंत हटाये जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘एयर बबल' व्यवस्था के तहत मौजूदा उड़ानों की संख्या मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले साल मार्च से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन के लिए भारत की 25 से अधिक देशों के साथ ‘एयर बबल' व्यवस्था है। नागर विमानन सचिव राजीव बंसल ने बताया कि ‘एयर बबल' व्यवस्था के तहत उपलब्ध मौजूदा उड़ानों की संख्या मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और अंतरराष्ट्रीय मार्गों की ज्यादा मांग नहीं है क्योंकि वीजा व्यवस्था बहुत ही प्रतिबंधात्मक है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और कनाडा जैसे कुछ देशों में, एयरलाइन कंपनियों के पास दिसंबर 2021 के मध्य के लिए औसत क्षमता उपयोग अनुपात 30 से 40 प्रतिशत हैं। हम कोविड से पहले की मांग के करीब पहुंचने पर निश्चित रूप से उड़ान शुरू करने पर विचार कर सकते हैं।''
- मेदिनीनगर। झारखंड में पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को विशेष अभियान के तहत प्रतिबंधित नक्सली संगठन ‘तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी'को हथियार आपूर्ति करने के एक आरोपी को एके-47 राइफल एवं स्टेनगन की पांच गोलियों के साथ गिरफ्तार किया। पलामू में छत्तरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि नक्सलियों के इस आपूर्तिकर्ता को तब गिरफ्तार किया गया जब वह टीएसपीसी के स्वयंभू शीर्ष कमांडर शशिकांत जी को एके 47 राइफल की 50 गोलियां देकर वापस अपने गांव लौट रहा था। गिरफ्तार जितेन्द्र सिंह (31) का दूसरा साथी भी गोली पहुंचाने जा रहा था, जिसकी खुफिया सूचना पुलिस को पहले मिल गई थी। उन्होंने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले से उन्हें गिरफ्त में लेने के लिए योजना बना रखी थी जिसके तहत एक आपूर्तिकर्ता को आज पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के अन्य सहयोगी पुलिस को देखकर मौके से भागने में सफल रहे। उन्हें पकङने के लिए अभियान शुरू किया गया है। file photo
- शिलांग। मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के मावस्माई गांव में चूना पत्थर की गुफा के भीतर सूक्ष्म घोंघे की एक नई प्रजाति मिली है। इसकी खोज करने वाले वैज्ञानिकों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 'जियोरिसा मावस्माएंसिस' वैज्ञानिक नाम वाले घोंघे आकार में इतने छोटे होते हैं कि एक वयस्क घोंघे की लंबाई दो मिलीमीटर से कम होती है। यह खोज बेंगलुरु स्थित अशोक ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एंड द एनवायरनमेंट (एटीआरईई) के वैज्ञानिक निपु कुमार दास और एनए अरविंद ने की थी। इस बारे में एटीआरईई ने ट्वीट भी किया।दास और अरविंद ने बताया “हमने इस नई प्रजाति का नाम इस चूना पत्थर की गुफा, मावस्माई के नाम पर रखा है। हमने गुफा के प्रवेश द्वार के अंदर 4-5 मीटर नम चूना पत्थर की चट्टानों पर घोंघे एकत्र किए। हालांकि, वर्तमान में हम नहीं जानते कि यह प्रजाति एक सच्ची गुफा प्रजाति है या नहीं।” इसी समूह (जीनस) का एक सदस्य, 'जियोरिसा सरिता', 170 साल पहले इसी क्षेत्र में खोजा गया था।दोनों वैज्ञानिकों ने कहा कि ये प्रजाति जियोरिसा सरिता से थोड़ी अलग है, जिसे 1851 में ब्रिटिश भारत में एक सिविल सेवक और एक शौकिया मैलाकोलॉजिस्ट डब्ल्यूएच बेन्सन द्वारा प्रलेखित किया गया था। नई प्रजाति पहले की तुलना में खोल के आकार में भिन्न है। इसके अलावा, जियोरिसा सरिता में सात की तुलना में खोल के शरीर के झुंडों पर इसकी चार बहुत ही प्रमुख सर्पिल पट्टियां हैं। उन्होंने कहा कि अब तक मेघालय की गुफाओं से घोंघे की पांच प्रजातियां मिली हैं। यहां और भी प्रजातियां हो सकती है। हालांकि, मेघालय अपनी गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन दोनों वैज्ञानिक चिंतित हैं कि पर्यटकों की भीड़ क्षेत्र की पारिस्थितिकी को प्रभावित कर सकती है। दोनों ने कहा, "गुफा में एक बहुत ही अनूठा वातावरण है, जो अद्वितीय जीवों की विविधता को बरकरार रख सकता है। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और दुनिया के अन्य हिस्सों में गुफा जैव विविधता पर कई अध्ययन मौजूद हैं, जिसमें घोंघे सहित विभिन्न जानवरों की सूचना दी गई है, लेकिन भारतीय गुफाओं से बहुत कम अध्ययन हुए हैं। file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय विद्युत सचिव आलोक कुमार ने गुरुवार को विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी की पृष्ठभूमि में कम से कम एक महीने के लिए देश को आपूर्ति संकट से बचाने की खातिर रणनीतिक ईंधन भंडार के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित दक्षिण एशिया विद्युत सम्मेलन 'मूविंग टुवर्ड्स सस्टेनेबल एनर्जी सिक्योरिटी' में कुमार ने कहा कि देश में कोयले के इस संकट का मुख्य कारण कोयले, विशेष रूप से आयातित कोयले की ऊंची कीमत है। देश में विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी को देखते हुए ये टिप्पणियां महत्व रखती हैं।कुमार ने कहा, "हम खबरों में कोयले की बहुत अधिक कीमतों के कारण (विद्युत) आपूर्ति में व्यवधान के बारे में पढ़ रहे हैं ... मैं कोयले, गैस और तेल की बहुत अधिक कीमत और आपूर्ति में व्यवधान के बारे में बात कर रहा था जो कि चीन, सिंगापुर, यूके, यूरोप हर जगह हो सकता है।" उन्होंने कहा कि कम से कम दस वर्षों या उससे अधिक समय तक सभी देश, विशेष रूप से प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं, बेस लोड और ग्रिड संतुलन के लिए जीवाश्म ईंधन की आपूर्ति पर निर्भर होंगी। सचिव कहा, "हम आयातित ईंधन के इन आपूर्ति झटकों से खुद को कभी भी अलग नहीं कर पाएंगे। हमारे पास आयातित कोयले पर आधारित 17,000 मेगावाट क्षमता है और अगर आयातित कोयले की कीमतें अधिक हो जाती हैं ... वह क्षमता समाप्त हो जाती है। भारत में 24,000 मेगावाट क्षमता के गैस संचालित विद्युत संयंत्र हैं। वे भी व्यावहारिक रूप से बाहर हैं। इसलिए, ऊंची कीमतें ऊर्जा सुरक्षा को बहुत चुनौतीपूर्ण बना देंगी, इसलिए हमें एक सुविचारित रणनीति का निर्माण करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "आइए, हम इन ईंधनों (कोयला, गैस, तेल) के रणनीतिक भंडार को बनाए रखने के बारे में सोचना शुरू करें ताकि अर्थव्यवस्थाएं लगभग एक या दो महीने के लिए आपूर्ति की कमी को समायोजित कर सकें और उनसे पार पा सकें।"
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक दी गई खुराक की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंचने पर गुरुवार को कहा कि भारत ने इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री ने टीकाकरण की इस उपलब्धि को भारतीय विज्ञान, उद्यम और 130 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना की जीत करार दिया। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत ने इतिहास रच दिया। यह भारतीय विज्ञान, उद्यम और 130 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना की जीत है। भारत में टीकों की 100 करेाड़ खुराक दिए जाने पर बधाई। हमारे चिकित्सकों, नर्सों और यह उपलब्धि हासिल करने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार ।'' मोदी देश के यह उपलब्धि हासिल करने के मौके पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी पहुंचे। उन्होंने वहां अस्पताल के अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी उनके साथ मौजूद थे। प्रधानमंत्री, टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए लगातार स्वास्थ्य कर्मियों की तारीफ करते रहे हैं।देश में टीकाकरण मुहिम की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी और इसके पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए गए थे। इसके बाद दो फरवरी से अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का टीकाकरण आरंभ हुआ था। टीकाकरण मुहिम का अगला चरण एक मार्च से आरंभ हुआ, जिसमें 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाने शुरू किए गए। देश में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण एक अप्रैल से आरंभ हुआ था और 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू हुआ। कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक दी गई खुराक की संख्या गुरुवार को 100 करोड़ के पार पहुंच गई।
- कोटा (राजस्थान)। राजस्थान के उदयपुर निवासी हितेंद्र गरासिया की कथित तौर पर इस साल जुलाई में रूस में मौत होने के 90 दिन बाद भी उसके परिजनों को उसका शव नहीं मिला है। उदयपुर के गोड़वा गांव का 46 वर्षीय निवासी गरासिया इस साल अप्रैल में एक ट्रेवेल एजेंट के जरिये रोजगार के सिलसिले में रूस गया था। हितेंद्र के भाई नटवर ने बुधवार को यह जानकारी दी। कथित तौर पर रूस में हितेंद्र की मौत हो गई और 17 जुलाई को उसका शव बरामद किया गया। मृतक के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए बूंदी के एक कांग्रेसी नेता चर्मेश शर्मा ने गत शनिवार को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय ने राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा की निगरानी में गरासिया का शव वापस लाने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है।
- मुजफ्फरनग। शामली और मुजफ्फरनगर में अलग-अलग तीन घटनाओं में बिजली के तार की चपेट में आने से दो नाबालिग समेत तीन लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति झुलस गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला 18 वर्षीय विद्यार्थी सत्यम और उसका सहपाठी विजय बुधवार को एक बस से यात्रा कर रहे थे। तभी वे बिजली के तार के संपर्क में आ गए। यह घटना शामली जिले के कैराना पुलिस थाना क्षेत्र में कंडेला गांव में हुई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने सत्यम को मृत घोषित कर दिया जबकि विजय का इलाज चल रहा है। एक अन्य घटना में बुधवार शाम को खतोली इलाके में ‘वाल्मीकि शोभायात्रा' के मौके पर नाच रहा आठ साल का एक बच्चा दुर्घटनावश जेनरेटर के तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना मुजफ्फरनगर के जिल्ला गांव में हुई। 10 वर्षीय सुहाना अपनी छत पर खेल रही थी तभी वह बिजली के तार की संपर्क में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।-file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को बहुस्तरीय संपर्क प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को मंजूरी दी, जिसमें कार्यान्वयन, निगरानी और समर्थन तंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर को ‘लॉजिस्टिक' लागत को कम करने और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 100 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लॉजिस्टिक लागत में कटौती, कार्गो प्रबंधन क्षमता में वृद्धि और माल उतारने या लादने में लगने वाले समय को कम करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना के तहत कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में 18 मंत्रालयों के सचिवों को सदस्य के रूप में शामिल करके सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) का गठन भी किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने फैसले के बारे में मीडिया को बताया विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के नेटवर्क योजना प्रभाग के प्रमुखों को शामिल कर एक बहुस्तरीय नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) का गठन किया जाएगा। एनपीजी को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के लॉजिस्टिक प्रभाग में स्थित एक तकनीकी सहायता इकाई (टीएसयू) से मदद मिलेगी। टीएसयू में विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों, जैसे विमानन, सामुद्रिक, सार्वजनिक परिवहन, रेल, सड़क और राजमार्ग, बंदरगाह, बिजली, पाइपलाइन, जीआईएस, आईसीटी, वित्त / बाजार पीपीपी, लॉजिस्टिक, डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे। ईजीओएस पीएम गतिशक्ति एनएमपी के कार्यान्वयन की समीक्षा और निगरानी करेगा।-file photo
- बहराइच (उत्तरप्रदेश)। बहराइच जिले के कैसरगंज क्षेत्र में तालाब में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने गुरुवार को बताया कि बुधवार शाम नंदोलिया गांव निवासी आरिफ की पत्नी सायरा बानो अपने चार बच्चों को साथ लेकर गांव के तालाब किनारे मवेशी चराने गयी थी। बड़ा बेटा कैफ मछलियां देखते-देखते तालाब में उतर गया और डूबने लगा। बच्चे की चीख सुनकर सायरा अपनी सात माह की बच्ची को गोद में लिए हुए तालाब में उतर गयी। मां को तालाब में जाते देख उसके दो अन्य बच्चे बेटी कैसरुन तथा बेटा मोहम्मद फैज भी पीछे-पीछे तालाब में उतर गये। उन्होंने बताया कि सायरा ने कैफ को तो बचा लिया लेकिन बाकी तीनों बच्चे तालाब में डूब गये। तीनों बच्चों के शव तालाब से बाहर निकाल कर उनका पोस्टमार्टम कराया गया है।-file photo
- ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कुछ दिन पहले खाड़ी(क्रीक) में तैरने गए दो किशोर लापता हो गए। दोनों की उम्र 13 व 14 वर्ष है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक मुम्ब्रा इलाके के चार लड़के सोमवार शाम को रेतीबंदर क्रीक में तैरने गए थे। उन्होंने बताया कि इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि बाद में दो ही लड़के बाहर आए। ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (आरडीएमसी) के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि सोमवार देर रात मुम्ब्रा पुलिस थाने को दो लड़कों के लापता होने की शिकायत मिली। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस, दमकल कर्मी, आरडीएमसी और ठाणे आपदा प्रबंधन बल ने क्रीक में तलाशी अभियान चलाया लेकिन अबतक लापता लड़कों का पता नहीं लगा है।
- नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 टीके की अब तक दी गई खुराकों की संख्या के 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाने के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को एक गीत और एक फिल्म जारी की, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े कोविड टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत के पीछे के प्रयासों को दर्शाया गया है। मांडविया ने लाल किले पर गीत और फिल्म जारी की। लाल किले पर देश का सबसे बड़ा खादी तिरंगा प्रदर्शित किया गया है, जिसका वजन करीब 1,400 किलोग्राम है। इस तिरंगे की लंबाई 225 फुट और चौड़ाई 150 फुट है। यही तिरंगा दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर लेह में फहराया गया था। मांडविया ने इस अवसर पर आयोजित समारोह में कहा, ‘‘भारत ने आज इतिहास रच दिया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प की कहानी है। टीकों की 100 करोड़ खुराक लगाया जाना आत्मनिर्भर भारत की कहानी है।'' तीन मिनट लंबी अवधि के इस गीत को कैलाश खेर ने गाया है।इस मौके पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोगों ने भारत के टीकाकरण गीत 'शत कोटि गर्व अहसास है, ये एक नया इतिहास है' गाया। दृश्य-श्रव्य फिल्म में दिखाया गया है कि टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया कैसे शुरू हुई और कितनी मेहनत एवं प्रयासों के कारण दुनिया का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हुआ। इस फिल्म के माध्यम से टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले चिकित्सकों, नर्सों और अन्य लोगों को धन्यवाद भी दिया गया है। राष्ट्रीय ध्वज को लाल किले की प्राचीर के ठीक सामने लॉन में एक मंच पर प्रदर्शित किया गया था।इस दौरान लोगों को विशाल तिरंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टरों के साथ सेल्फी लेते देखा गया। तिरंगे के साथ सेल्फी ले रहे चांदनी चौक निवासी निमिष जैन ने कहा, '' मैंने इतना विशाल तिरंगा पहले कभी नहीं देखा। जब इसे लेह में फहराया गया था तब मैंने इसे टीवी पर देखा था। केवल नौ महीने में टीके की 100 करोड़ खुराक देना प्रशंसनीय है।'' नए गीत को जारी करने और दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को दर्शाने वाली फिल्म के लिए एक बड़ा मंच, एक बड़ी स्क्रीन और कई लाउडस्पीकर लगाए गए थे। विशाल स्क्रीन पर 16 जनवरी, 2021 से लेकर 21 अक्टूबर तक का आंकड़ा प्रदर्शित किया गया।प्रतापगढ़ के निवासी नीरज कुमार साहू ने कहा, '' यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि हमारे देश ने टीके की 100 करोड़ से अधिक खुराक देने का लक्ष्य प्राप्त किया है। अब दुनिया, चिकित्सा और शोध क्षेत्र में हमारी क्षमताओं पर संदेह नहीं करेगी।'' बागपत से आए विनोद कुमार ने कहा कि ये सभी देशवासियों के लिए गर्व का पल है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, देश में टीकाकरण के पात्र वयस्कों में से करीब 75 प्रतिशत लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं।-
- नयी दिल्ली। दिल्ली के नजदीक गुड़गांव में स्थित एक निजी अस्पताल ने 25 वर्षीय एक व्यक्ति के सीने की सर्जरी कर करीब 14 किग्रा वजन का दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूमर निकालने का दावा किया है। एक बयान में यह जानकारी दी गई। उपलब्ध मेडिकल कागजात और प्रकाशित दस्तावेजों के मुताबिक 13.85 किग्रा का ट्यूमर निकाले जाने के इस मामले से पहले अब तक निकाला गया सबसे बड़ा ट्यूमर 9.5 किग्रा का था। यह गुजरात में निकाला गया था। बयान के मुताबिक, मरीज हरियाणा के गुड़गांव स्थित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में भर्ती किया गया था। इसमें कहा गया है कि मरीज को सांस लेने में दिक्कत और काफी बेचैनी महसूस हो रही थी और पिछले ढाई महीनों से बिस्तर पर सीधा लेट कर सो भी नहीं पा रहा था। सर्जरी के बारे में अस्पताल के निदेशक व प्रमुख, सीटीवीएस, डॉ उदगीथ धीर ने बताया , सर्जरी चार घंटे तक चली, जिसमें सीने के दोनों सिरों को खोलना पड़ा और इसके बीच स्थित सीने की हड्डी काटनी पड़ी।
- ग्रेटर नोएडा (उप्र)। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ‘वन मैप ग्रेटर नोएडा' एप के जरिए 100 से अधिक लापता भूखंड ढूंढ़ निकाले हैं, जिनकी कीमत करीब 400 करोड़ रुपये से है। इन भूखंडों के आवंटन से 1500 करोड़ रुपये के निवेश और 4000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलने का अनुमान है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहला प्राधिकरण है, जिसने वन मैप तैयार कराया है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की तर्ज पर बने इस वन मैप में ग्रेटर नोएडा से जुड़ी हर एक जानकारी दी गई है। उनके अनुसार प्राधिकरण ने परीक्षण के रूप में इसका बीटा वर्जन शुरू कर दिया है, ताकि आम जन का फीडबैक मिल सके। भूषण ने बताया कि इसका औपचारिक शुभारंभ बाद में मुख्यमंत्री के हाथों होना है, लेकिन ट्रायल में ही इसके खुशनुमा परिणाम आने लगे हैं। उन्होंने कहा वन मैप के जरिए प्राधिकरण को सेक्टर ईटोकेट छह एवं 11 में 108 औद्योगिक लापता भूखंड मिले हैं, जिनकी कीमत 400 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इसकी निगरानी वह खुद कर रहे हैं तथा उन्होंने उद्योगों के साथ ही संस्थागत, आईटी, रिहायशी और वाणिज्यिक विभागों को वन मैप के जरिए भूखंडों की छानबीन करने के निर्देश दिए हैं। ‘वन मैप ग्रेटर नोएडा' के जरिए जिन लापता भूखंडों का पता चला है, माना जा रहा है कि ये वे भूखंड हैं, जो किसी योजना में शामिल किए गए होंगे, लेकिन वे उस योजना से आवंटित नहीं हुए। वे प्लॉट बच गए। ऐसे प्लॉटों को किसी दूसरी स्कीम में शामिल किया जाना चाहिए था, लेकिन संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के तबादला पर चले जाने से ये भूखंड छूट गए। अब वन मैप के जरिए प्राधिकरण को ये प्लॉट मिल रहे है। सीईओ ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से जुड़ी हर जानकारी को आम जनता तक पहुंचाने के लिए वन मैप तैयार कराने का निर्णय लिया गया। उनके अनुसार इसकी शुरुआत करीब डेढ़ साल पहले हुई थी, इसे प्राधिकरण की टीम और एनआईसी ने तैयार किया है। उन्होंने बताया कि इसे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट ग्रेटरनोएडा ऑथोरिटी डॉट इन से लिंक किया गया है तथा उस पर क्लिक करते ही सारी जानकारी आपके सामने आ जाएगी। मसलन, सिटीजन कॉलम पर क्लिक करने से ग्रेटर नोएडा में स्थित बस स्टॉप और पुलिस स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, सार्वजनिक शौचालय कहां हैं, यह सब पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि आवासीय, इंडस्ट्री, संस्थागत, वाणिज्यिक, आईटी आदि के कितने भूखंड खाली हैं, इसे भी आप यहां देख सकते हैं और अपनी जरूरत के हिसाब से स्कीम के जरिए आवेदन कर प्लॉट भी पा सकते हैं।
- नयी दिल्ली। मंत्रिमंडल ने गुरुवार को केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते और राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी। इससे 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि यह वृद्धि एक जुलाई 2021 से होगी। इस वृद्धि के बाद महंगाई भत्ता और राहत बढ़कर 31 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष एक जुलाई को सरकार ने कर्मचारियों की तीन बकाया किस्तों की बहाली का अनुमोदन किया था तथा कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों को देय महंगाई भत्ते/राहत को बेसिक वेतन/पेंशन के 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने का निर्णय किया था । ठाकुर ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों को देय महंगाई भत्ते/राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि करने को मंजूरी दी गई । उन्होंने कहा कि इस निर्णय से केंद्र सरकार के 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा । सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि इस पर प्रति वर्ष 9,488 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा।
- खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के मुंदी कस्बे में तीन साल के एक बच्चे की उसके जन्मदिन पर ही कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि घटना बुधवार को जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर मुंदी कस्बे के वार्ड संख्या-8 में हुई। मृतक बालक का बुधवार को ही जन्मदिन था और वह दोपहर में घर के बाहर ही खेल रहा था। उन्होंने कहा कि जब काफी देर बाद तक बच्चा घर नहीं लौटा तो उसके परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा कि काफी देर तलाश करने के बाद रात को परिवार को अपने घर से करीब 100 मीटर दूर एक सुनसान मकान में एक बोरी पड़ी मिली और उसमें बच्चे का शव देखकर वे स्तब्ध रह गए। खंडवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि पुलिस ने बच्चे के का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपी की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए आगे की जांच कर रही है।

















.jpg)








.jpg)
